August 30, 2026
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    दुर्ग

    दुर्ग (5022)

    रिसाली / शौर्यपथ / गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू के विस क्षेत्र को स्वच्छ रखने आयुक्त प्रकाश कुमार सर्वे की कवायद रंग लाई। रिसाली नगर पालिक निगम स्वच्छता सर्वेक्षण में खरा उतरा है। दिल्ली से आई टीम ने रिसाली को ओडीएफ डबल प्लस की श्रेणी में रखा है। 3 दिनों तक चले सर्वेक्षण में अधिकारियों ने 33 से भी अधिक स्थानों का अध्ययन किया। खास बात यह है कि भिलाई से अलग कर बनाया गया रिसाली नगर पालिक निगम को स्वच्छता सर्वेक्षण में पहली बार शामिल किया गया। दिल्ली से मिले लोकेशन के आधार पर अधिकारियों ने 20 से अधिक वार्डों के 33 स्थानों का निरीक्षण कराया। स्वास्थ्य विभाग के प्रभारी जगरनाथ कुशवाहा व प्रभारी निरीक्षक बृजेन्द्र परिहार ने बताया कि सर्वेक्षण में 20 से अधिक पैरामीटर था। पैरामीटर में खरा उतरने पर ही निगम क्षेत्र को खुले में शौच मुक्त और सैप्टिक टैंक से निकले गंदगी को निष्पादन सही तरीके से किए जाने पर सूची में शामिल किया गया।
    इन क्षेत्रों में था फोकस
    अधिकारियों ने बताया कि सर्वेक्षण दल ने ट्रांसपोर्ट हब, बस स्टैण्ड, कमर्शियल एरिया, रिहायशी क्षेत्र और स्लम बस्ती तक पहुंचे थे। यहां पर उन्होंने स्वच्छता और ओडीएफ को देखा। साथ ही सैप्टिक टैंक की सफाई के बाद गंदगी के निष्पादन किस तरह किए जाने का अध्ययन किया। इसके अलावा रेलवे स्टेशन, मार्केट व सार्वजनिक स्थानों के मूत्रालय की व्यवस्था को भी देखा।
    हर संडे चलेगा जागरूकता अभियान
    स्वास्थ्य विभाग प्रभारी ने बताया कि प्रत्येक रविवार को स्वच्छता संकल्प देश का हर रविवार विशेष-सा कार्यक्रम चलाया जाएगा। जिसमें जनभागीदारी से अनेक गतिविधियां संचालित होगी। इसका मुख्य उद्देश्य लोगों को स्वच्छता के लिए जागरूक करना है। इसकी शुरूआत रिसाली नगर पालिक निगम के आयुक्त प्रकाश कुमार सर्वे ने अधिकारियों व कर्मचारियों को शपथ दिलाकर की। इसके बाद सार्वजनिक स्थानों की सफााई की गई। आगामी रविवार को क्रमश: स्लम क्षेत्र में नुक्कड़ नाटक, सरकारी व सार्वजनिक स्थानों में पौध रोपण कर अलग-अलग क्षेत्र के नागरिकों को शपथ दिलया जाएगा। वहीं मुहल्ले में कचरा पृथक्कीकरण वर्कशाप के अलावा घरेलू हानिकारक कचरे के निपटान की विधि, बाजार में सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग पर प्रतिबंध लगाने कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा। साथ ही प्रचार प्रसार भी किया जाएगा।

    एएसपी ने कहा-प्रार्थी ने धर्मांतरण से संबंधित कोई शिकायत नहीं की
    दुर्ग / शौर्यपथ /
    नगर में धर्मांतरण को लेकर बजरंग दल के लोगों और विश्व हिन्दू परिषद के कार्यकर्ताओं ने मिशनरी के लोगों पर एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर सुपेला थाने का घेराव कर दिया और देखत-देखते प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रीय राजमार्ग को भी जाम कर दिया। जिसके कारण लगभग 20 मिनट तक आवागमन बाधित रहा।
    विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने कहा कि चिन्हित क्षेत्र में बड़ी संख्या में विशेष धर्म के लोग सक्रिय होकर आदिवासियों को प्रताडि़त कर रहे हैं। तीन अगस्त को डेरा मोहल्ला के कई परिवारों को आदिवासी समाज के सामने जबरन धर्म परिवर्तन करा दिया गया जिसकी शिकायत करने के बाद भी पुलिस के द्वारा उचित कार्रवाई नहीं की गई। इसलिए आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए थाने का घेराव किया गया। एक घंटे बाद भी जब पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज नहीं की तो प्रदर्शनकारियों ने नेशनल हाइवे 53 को जाम कर दिया। सड़क जाम होने के बाद पुलिस सक्रिय हुई और आंदोलनकारियों को काबू में कराने के लिए अतिरिक्त बल बुलाना पड़ा। कई बार पुलिस और प्रदर्शकारियों के बीच धक्कामुक्की भी हुई। करीब दो घंटे के प्रदर्शन के बाद पुलिस ने इस मामले में उचित कार्रवाई का आश्वासन प्रदर्शनकारियों को दिया। तब जाकर मामला शांत हुआ।
    इस दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया और बाद में उन्हें छोड़ दिया।
    धर्मांतरण संबंधित प्राथी ने कोई बात नही बताई-एएसपी
    वहीं एएसपी संजय ध्रुव ने बताया कि प्रार्थी ने धर्मांतरण से संबंधित कोई बात नहीं बताई थी लेकिन बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने चक्काजाम किया, इस लिए सभी के खिलाफ कार्रवाई की गई है।

    दुर्ग / शौर्यपथ / लोगोंं की जिंदगी बचाने के लिए दुर्ग की यूएस में इकोनोमिक्स एवं फायनेंस की पढाई कर रही मात्र बीस साल की उम्र की बेटी जसलीन कौर भाटिया बेहतरीन कार्य कर रही है। जिस उम्र में बच्चों के खेलने व मस्ती करने की उम्र होती है उस उम्र में ही वह लोगों को अपनों के खोने का दर्द समझ कर ऐसा कार्य कर रही है ताकि किसी की जान न जाये और उसके प्रयास से लोगों की जिंदगी बच सके। इसके लिए वह लोगों को ब्लड डोनेट के लिए जागरूक कर रही है ताकि लोग अधिक से अधिक ब्लड डोनेट कर सके जिससे सिकलिन,थैलेसेमिया जैसे बिमारी में बराबर ब्लड की आवश्यकता होती है और ब्लड नही मिलने के कारण कई बच्चे सहित बड़े भी दम तोड़ देते है, इसके अलावा सड़क एक्सिडेंट एवं अन्य कई प्रकार की बिमारियों में लोगों को ब्लड की बहुत ही आवश्यकता होती है और ब्लड नही मिलने के कारण लोगों की जान चली जाती है।
    इसलिए जसलीन ने बकायदा जसलीन केयर नाम से एक संस्था बनाकर वह लोगों को ब्लड डोनेट करने के लिए वह लोगों को जागरूक करने का कार्य कर रही है ताकि ब्लड देकर लोग स्वस्थ्य रहे और स्वयं की कई बिमारी से बचने के अलावा लोगों की जान भी बचाकर रियल हिरो बन सके। एक सवाल का जवाब देते हुए जसलीन ने कहा कि मेरे पापा का तबियत बहुत ही अधिक खराब था जिसे मुंबई में उनका इलाज हो रहा था और उनको 180 यूनिट की जरूरत पड़ी और वह इसके कारण परेशान हो गई थी कि इतनी मात्रा में वह ब्लड कहां से लायेगी लेकिन इसकी जानकारी होन पर इंडियन रेडक्रास सोसायटी ने बिना डोनेटर मांगे 180 यूनिट ब्लड दिया जिसके कारण इनके पापा हरविंदर सिंह भाटिया जो एक बिजनेस मैन है की जान बच सकी।
    उसी से प्रेरणा लेते हुए उन्होंने ऐसा कार्य करने की ठानी और लोगों को ब्लड डोनेट करने लिए जागरूक करने और रक्तदान शिविर लगाने के लिए इंडियन रेडक्रास सोसायटी के राज्य सलाहकार इंडियन रेडक्रास सोसायटी के सुदीप श्रीवास्तव से मिली और उनके मार्गदर्शन में इंडियान रेडकास सोसायटी और जसलीन केयर के तत्वाधान में आगामी 12 अगस्त को स्वामी स्वरूपानंद महाविद्यालय कैम्पस में सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किये है। जसलीन ने लोगों से अपील की है कि इस शिविर में आप अपने परिचित, दोस्त, परिवार एवं अन्य लोगों को ग्रुप में प्रेरित करें ताकि लोग ब्लड डोनेट करें ताकि उनके द्वारा दिये गये ब्लड से लोगों की जान बचाई जा सके।
    बैनर पोस्टर, सोशल साईटस में लगातार हम लोगों को जागरूक कर इस रक्तदान शिविर में पहुंचने की अपील कर रहे हैं। चूंकि भिलाई दुर्ग एक एजूकेशन हब है, यहां का युवा सदैव लोगों की मदद के लिए हमेशा आगे रहा है। मुझे उम्मीद है कि सौ से अधिक युवा हमारे इस रक्तदान शिविर में पहुंचकर स्वैच्छिक रक्तदान शिविर को सफल बनायेंगे। पत्रकारवार्ता में उनके साथ इंडियन रेडक्रास सोसायटी के राज्य सलाहकार सुदीप श्रीवास्तव, भाई कबीर भाटिया, पिता हरविंदर सिंह भाटिया भी मौजूद थे।
    अमेरिकी लोगों से भारतीय भी ले सीख,
    यूएस में पढाई कर रही जसलीन ने बताया कि यूएस में बिना बोले लोग इसको रूटीन में शामिल कर हर साल लोग ब्लड डोनेट करते है, यहां तक कि बडे तो बड़े मात्र 16 साल के युवा भी अपनी स्वेच्छा से माता पिता की अनुमति लेकर रक्तदान करते है। भारत में अधिकांश लोग रक्तदान करने से डरते है। भारत में मात्र 1 प्रतिशत लोग ही रक्तदान करते है, जबकि यूएस में 10 प्रतिशत लोग स्वेच्छा से रक्तदान करते है। भारत में रक्त की कमी के कारण जब भी लोगों को रक्त की आवश्यकता होती है तो ब्लड डोनेटर मांगा जाता है, जब भारतीय भी बढचढ कर रक्तदान करेेंगे और ब्लड बैंक में जब रक्त की कमी नही रहेगी तो बिना डोनेटर के ही यहां भी लोगों को आवश्यकता पडने पर ब्लड बैंक द्वारा ब्लड मिल सकेगा।

    दुर्ग / शौर्यपथ / कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने आज नरवा, गरूवा, घुरूवा, बाड़ी योजना तथा गोधन न्याय योजना के क्रियान्वयन की समीक्षा की। समीक्षा में उन्होंने 31 मार्च तक विक्रय किये गये गोबर के ट्रीटमेंट और इस पर बनाये खाद के विक्रय की समीक्षा की। समीक्षा में पाया गया कि 31 मार्च तक लगभग ढाई लाख क्विंटल गोबर की खरीदी की गई। इसमें 4 करोड़ 89 लाख रुपए हितग्राहियों को भुगतान किया गया। इससे कंपोस्ट खाद, सुपर कंपोस्ट और अन्य उत्पाद बनाये गये। लगभग 65 हजार क्विंटल वर्मी कंपोस्ट और सुपर कंपोस्ट तैयार किया गया। इसका 74 फीसदी बेचा जा चुका है। लगभग साढ़े चार करोड़ रुपए की राशि प्राप्त हो चुकी है और पचास लाख रुपए की राशि बैंकों में ट्रांसफर की जा चुकी है। इस प्रकार गोधन न्याय योजना के माध्यम से 4 करोड़ 99 लाख रुपए अर्थात लगभग पांच करोड़ रुपए का खाद बेचा जा चुका है। अभी 25 फीसदी खाद बेचना शेष है जिसके लिए निर्देश जारी कर दिये गये हैं। जल्द ही इनका विक्रय कर लिया जाएगा। इस तरह मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप गोधन न्याय योजना के माध्यम से स्वावलंबी गौठान की नींव रखे जाने की प्रक्रिया मजबूती से बढ़ रही है। कलेक्टर ने आज समीक्षा बैठक में अच्छा कार्य कर रहे निकायों की प्रशंसा की और अपेक्षानुरूप प्रगति न लाने वाले निकायों को मानिटरिंग तेज करने को कहा तथा सर्वोच्च प्राथमिकता से गोधन न्याय योजना के लिए कार्य करने के लिए निर्देशित किया। कलेक्टर ने बैठक में अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि गोबर खरीदी की मानिटरिंग करते रहें। हितग्राहियों को गोबर बेचने में किसी तरह की दिक्कत नहीं होनी चाहिए। गोबर की आवक के हिसाब से पिट आदि की व्यवस्था करें। कलेक्टर ने कहा कि गोधन न्याय योजना ऐसी योजना है जिसमें स्थायी रूप से स्वावलंबन का मार्ग तैयार होता है। गोबर खरीदी से लेकर कंपोस्ट खाद निर्माण और इसके विक्रय की व्यवस्था करें। ग्रामीण क्षेत्रों में सोसायटियों के माध्यम से और सीधे किसानों को तथा शहरी क्षेत्रों में कंपोस्ट खाद की जरूरत वाले उपभोक्ताओं से संपर्क कर खाद की बिक्री सुनिश्चित करें। कलेक्टर ने कहा कि हर गौठान के साथ ही चारागाह होना चाहिए। गौठानों में पानी और चारा जैसी बुनियादी सुविधाएं होनी चाहिए। गोबर खरीदी नियमित रूप से जारी रहनी चाहिए। इसके साथ ही पशुओं की जांच के लिए शेड्यूल के मुताबिक कार्य होना चाहिए। गौठानों में समतलीकरण का कार्य होना चाहिए। किसी तरह का कीचड़ यहां नहीं होना चाहिए, इसके लिए भी पुख्ता व्यवस्था करें। उन्होंने गौठानों में आजीविकामूलक गतिविधियों को भी बढ़ावा देने के निर्देश दिये। बैठक में भिलाई नगर निगम आयुक्त श्री ऋतुराज रघुवंशी, अपर कलेक्टर सुश्री नूपुर राशि पन्ना, जिला पंचायत सीईओ श्री सच्चिदानंद आलोक, सहायक कलेक्टर श्री हेमंत नंदनवार, रिसाली कमिश्नर श्री प्रकाश सर्वे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
    जो कृषि विस्तार अधिकारी नियमित गौठान का निरीक्षण नहीं कर रहे, उन पर होगी कार्रवाई- कलेक्टर ने बैठक में कहा कि गौठानों में व्यवस्था सुचारू रूप से बनाये रखने के लिए इनका नियमित निरीक्षण और तकनीकी मार्गदर्शन जरूरी है। इस संबंध में आप लोगों ने एआरईओ के कार्यों की मानिटरिंग की होगी। जिन लोगों ने इस अहम कार्य में गंभीर लापरवाही बरती है उन पर प्रस्ताव आने पर विचार उपरांत निलंबन जैसी सख्त कार्रवाई की जाएगी। गौठान समितियों के माध्यम से काफी अच्छे कार्य गौठान में किये गये हैं। गौठान समितियों को इसके लिए राशि भी उपलब्ध कराई जाती है। इसका किस तरह से बेहतर उपयोग हो रहा है इसकी समीक्षा भी करने के निर्देश कलेक्टर ने दिये। उन्होंने शहरी क्षेत्रो में आयुक्तों को एवं नगर पालिका अधिकारियों को हर दिन गोबर खरीदी की समीक्षा के निर्देश दिये।

    दुर्ग / शौर्यपथ / किसानों को अपने उत्पादों का उचित मूल्य मिल सके, इसके लिए मंडी व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में राज्य सरकार ठोस कार्य कर रही है। मंडियों में नवाचारों के माध्यम से उपलब्ध अधोसंरचना का शानदार उपयोग किया जा सकता है। दुर्ग की मंडी काफी बड़ी है और यहाँ पर बेहतर कार्य करने के लिए अधोसंरचना में काफी गुंजाइश है। यह बातें मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जिला मंडी बोर्ड के अध्यक्ष के रूप में श्री अश्विनी साहू के पदभार ग्रहण के अवसर पर आयोजित वर्चुअल कार्यक्रम में कही। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि हमारी सरकार खेती-किसानी पर केंद्रित है। हम किसानों के लिए एक ऐसी बाजार व्यवस्था का निर्माण करना चाहते हैं जिसमें जोखिम न्यूनतम हो और मोलभाव करने की अधिकतम शक्ति किसानों को मिले।
    राजीव गांधी किसान न्याय योजना के माध्यम से धान के इतर दूसरी फसलों को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। इनके विपणन की व्यवस्था करना और किसानों के लिए मंडियों में अधिक उत्साहक माहौल पैदा करने की जिम्मेदारी मंडी की है। मंत्री साहू ने दुर्ग जिले में पदभार संभाला है। वे किसान परिवार से हैं। तीन बार पतोरा के सरपंच रह चुके हैं। खेती-किसानी की गहरी समझ रखते हैं। अपनी कर्मठता और अपने सुदीर्घ अनुभव से श्री साहू मंडी में बेहतर व्यवस्था करेंगे। अभी सरकार को अनेक नवाचार मंडी के माध्यम से कार्यान्वित करने हैं। अच्छे नेतृत्व से इन कार्यों का संपादन बेहतर रूप में हो सकेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने प्रदेश भर में 4000 चबूतरे बनाये, इससे लाखों टन खराब होने से बचाया जा सका। अब इनके शेड निर्माण का कार्य भी मंडी बोर्ड को करना है।
    कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कृषि मंत्री श्री रविंद्र चौबे ने कहा कि दुर्ग की मंडी ऐतिहासिक रही है। यहाँ स्वर्गीय वासुदेव चंद्राकर जैसे दिग्गज नेताओं ने कार्य किया है। खेती किसानी की यह पवित्र जगह है। श्री साहू यहाँ बेहतर कार्य कर मंडी के विकास को तेजी से बढ़ावा देंगे। गृह मंत्री श्री ताम्रध्वज साहू ने कहा मंडी बोर्ड के संचालन का दायित्व काफी बड़ा दायित्व होता है। किसानों के लिए मंडी में बेहतर सुविधाएं, उन्हें अपने उत्पादों के लिए उचित मूल्य दिलाने का यह सबसे बड़ा माध्यम है। आशा है कि श्री अश्विनी हम सबके विश्वास पर खरा उतरेंगे। इस मौके पर प्रभारी मंत्री श्री मोहम्मद अकबर ने कहा कि मंडी की व्यवस्था को उन्होंने काफी नजदीकी से देखा है।
    यहाँ पर किसानों के लिए बेहतर कार्य करने की काफी गुंजाइश होती है। इस मौके पर विधायक श्री अरुण वोरा ने अपने संबोधन में श्री साहू को बधाई दी और मंडी के उत्तर दायित्वों में सफल होने के लिए शुभकामनाएं अर्पित की। इस मौके पर दुर्ग महापौर श्री धीरज बाकलीवाल, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शालिनी यादव, पूर्व विधायक श्रीमती प्रतिमा चन्द्राकर, श्रीमती तुलसी साहु, श्री निर्मल कोसरे, मुख्यमंत्री के ओएसडी श्री आशीश वर्मा, श्री चैतन्य बघेल सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। इस मौके पर कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे, अपर कलेक्टर श्री बीबी पंचभाई एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
    मैं 55 का हूँ मंडी भी मेरी आयु की ही है, साथ में चलूँगा- अपने संबोधन में जिला मंडी बोर्ड के नये अध्यक्ष ने कहा कि मेरी आयु 55 वर्ष की होने जा रही है। मंडी भी 1967 में स्थापित हुई है। शासन के मार्गदर्शन में मंडी में नवाचारों को बढ़ावा देंगे। मंडी में किसानों के हितों में करने के लिए काफी गुंजाइश है। विशेष रूप से शासन के नवाचारों को आगे बढ़ाने के लिए भी मंडी की बड़ी भूमिका हो सकती है इसके लिए भी कार्य करेंगे।

    दुर्ग / शौर्यपथ / जिले में मक्का प्रोसेसिंग प्लांट की स्थापना की दिशा में कार्य किया जा रहा है। इससे मक्का की फसल लेने वाले किसानों को काफी राहत मिलेगी। मक्का की फसल के लिए किकिरमेटा से कुम्हारी तक के बेल्ट में किसानों को प्रोत्साहित करने की दिशा में कार्य किया जाएगा। इस संबंध में कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने कृषि अधिकारियों की बैठक में विस्तृत रणनीति पर चर्चा की। कलेक्टर ने कहा कि मक्का प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित होने से क्षेत्र में मक्का लेने वाले किसानों की आर्थिक आय बढ़ेगी। इसके लिए कृषि विभाग का अमला किसानों से संपर्क करें तथा उन्हें मक्का से होने वाले लाभों के बारे में जानकारी दें। इसके बाद तैयार होने वाले किसानों का आकलन कर रकबा निकालकर इसके मुताबिक बीज की व्यवस्था करें। कलेक्टर ने आज समीक्षा बैठक में कृषि अधिकारियों को खाद-बीज की व्यवस्था पर लगातार नजर रखने को कहा।
    उन्होंने कहा कि खाद-बीज मानकों के मुताबिक हों, इसकी नियमित मानिटरिंग करें। अमानक खाद-बीज की शिकायत पर कार्रवाई करें। कृषि अधिकारी ने बताया कि इस संबंध में दुकानों की जाँच की गई थी। इसकी नियमित रूप से मानिटरिंग की जा रही है। कृषि अधिकारी ने बताया कि इस बार अरहर की फसल में भी काफी किसानों ने रुचि दिखाई है और मेड़ों के अलावा खेतों में भी किसान अरहर की फसल ले रहे हैं। कलेक्टर ने बोनी एवं रोपाई की प्रगति की जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि शतप्रतिशत बोनी हो चुकी है और रोपाई में भी काफी प्रगति हो चुकी है। बैठक में सहायक कलेक्टर श्री हेमंत नंदनवार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
    डीएमएफ से प्याज उत्पादन को दिया जा रहा बढ़ावा
    कलेक्टर ने उद्यानिकी की गतिविधियों की समीक्षा भी की। उन्होंने कहा कि सामुदायिक बाडिय़ों को बढ़ावा दें ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में खेती के साथ ही उद्यानिकी फसलों को भी बढ़ावा मिले। फसल बीमा योजना से ज्यादा से ज्यादा किसानों को पंजीकृत कराएं ताकि किसी भी तरह की क्षति होने की दशा में किसानों को क्लेम मिल सके। कलेक्टर ने कहा कि बाड़ी योजना में सामूहिक बाड़ी के साथ ही हर घर में बाड़ी भी स्थापित करने के लक्ष्य को लेकर कार्य करना है। मुख्यमंत्री की मंशा है कि ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर में बाड़ी हो। गाँवों में परंपरागत रूप से घर के पीछे बाड़ी होती थी, धीरे-धीरे यह परंपरा घटती गई जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में भी शहर से सब्जी आने लगी। ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर में बाड़ी को उत्साहित करेंगे तो न केवल अपने उपयोग की सब्जी उत्पादित कर पाएंगे अपितु व्यावसायिक संभावनाओं की ओर भी बढ़ सकेंगे। उद्यानिकी अधिकारी ने बताया कि इस बार डीएमएफ से प्याज के उत्पादन को बढ़ावा दे रहे हैं। साथ ही ड्रैगन फ्रूट जैसे फलों के उत्पादन की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि राजपुर स्थित सीडलिंग यूनिट से सब्जी के पौधों की काफी माँग आ रही है और शासन की मंशा के अनुरूप किसानों को बड़ा लाभ यहाँ से हो रहा है।
    कृत्रिम गर्भाधान के लिए अधिकाधिक कार्य करें-
    कलेक्टर ने कहा कि किसानों की आय में वृद्धि के लिए पशुपालन सेक्टर का मजबूत होना बेहद जरूरी है। इसके लिए बेहद जरूरी है कि कृत्रिम गर्भाधान के लिए अधिकाधिक कोशिश की जाए। नस्ल वृद्धि से इस लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। साथ ही चारागाहों में नैपियर जैसे घास के उत्पादन को बढ़ावा देकर पशुओं के लिए पौष्टिक चारा भी उत्पादित करना जरूरी है। इन दोनों लक्ष्यों पर नजर रखकर बेहतर कार्य किया जा सकता है। कलेक्टर ने बैठक में मत्स्यपालन को बढ़ावा देने के लिए किये जा रहे उपायों की जानकारी भी ली।

    श्रीराम जन्मोत्सव समिति के साथ मिलकर सेक्टर दो चौक में लोगों ने दिया धरना
    बीएसपी का पानी पीने से हो रहे बीमार तो मजबूरी में खरीद कर पी रहे हैं पानी
    तीस हजार मकानों में रहने वाले डेढ लाख से अधिक लोग है परेशान

    भिलाई / शौर्यपथ / भिलाई इस्पात संयंत्र के टाउनशिप में पिछले तीन महिने से गंदा और मटमैला पानी सप्लाई हो रहा है। इस मामले में विधायक और कलेक्टर द्वारा कई बार बीएसपी अधिकारियों की बैठक लेने के और युवक कांग्रेस द्वारा कई बार प्रदर्शन करने के बाद भी आज तीन महिने हो गये लेकिन इसमें बीएसपी प्रबंधन की लापरवाही के कारण इस मामले में आज तक कोई सुधार नही होने पर फिर लोग आक्रोशित होने लगे है। इसी का नतीजा है कि आज लोगों की मांग पर श्रीराम जन्मोत्सव समिति द्वारा बीएसपी और राज्य सरकार के खिलाफ आज सेक्टर दो गणेश पंडाल में एकत्रित होकर एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान सैकड़ों लोग सेक्टर दो के प्रमुख चौक पर जमा हुए और उन्होंने वहां गंदा पानी सप्लाई का जमकर विरोध किया।
    गंदे पानी की सप्लाई से बढ़ रही बीमारी
    पॅूरे टाउनशिप क्षेत्र में गंदा पानी की सप्लाई को लेकर भिलाई में पूर्व मंत्री प्रेम प्रकाश पांडेय के पुत्र व श्रीराम जन्मोत्सव समिति के युवा विंग अध्यक्ष मनीष पाण्डेय के नेतृत्व में एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया गया। उन्होंने बताया कि जनता वैसे ही कोरोना के दर्द से उबर नहीं पाई है और यहां के जिम्मेदारों की लापरवाही ने एक बार फिर लोगों को समस्या में डाल दिया है। लोग पहले ही मानसिक रूप से काफी परेशान थे। लेकिन अब उनके स्वास्थ्य पर जहां खतरा मंडराने लगा है। वहीं आर्थिक बोझ बढ़ गया है। तीन माह से गंदा पानी पीने की वजह से भिलाई में पीलिया, टायफाइड और डायरिया जैसी बीमारियों के मामलों में बढ़ोतरी हुई है। इतना ही नहीं लोगों को अब पानी खरीदकर पीना पड़ रहा है। जिससे उन पर आर्थिक बोझ भी बढ़ गया है।
    भिलाई सेक्टर-2 में टाउनशिप में आ रहे गंदे पानी को लेकर चौराहे पर रविवार 8 अगस्त को प्रदर्शन किया गया। मनीष पाण्डेय ने कहा कि प्रबंधन और स्थानीय विधायक की कई बार मीटिंग हुई है लेकिन पानी की कोई समस्या का समाधान अब तक टाउनशिप में रहने वाले रहवासियों को नहीं मिला है। बीएसपी प्रबंधन का रवैया इसी प्रकार रहा तो हम आगे उग्र से उग्र प्रदर्शन करेंगे।
    शुद्ध पानी सप्लाई हेतु विधायक देवेन्द्र विफल-जे श्रीनिवास
    सेक्टर 2 के निवृतमान भाजपा के पार्षद जे श्रीनिवास राव ने इस दौरान कहा कि बीएसपी टाउनशिप में डेढ़ लाख से ज्यादा आबादी इस एरिया में रहती है। 33 हजार से ज्यादा मकान हैं, जहां गंदे पानी की सप्लाई हो रही है। जिसमें से 4 हजार लाइसेंसी मकान टाउनशिप में है। 3 हजार के आसपास थर्ड पार्टी वाले लोग रहते हैं। जो जो बीएसपी से सप्लाई ये गंदा पानी पी रहे है, वे बीमार पड़ रहे है। इसलिए लोग मजबूरी में पानी खरीदकर पी रहे है। भिलाई के कांग्रेसी विधायक बीएसपी से शुद्ध पानी सप्लाई करवाने के मामले में पूरी तरह विफल साबित हो रहे है। आज धरना में आये लोगों ने कहा कि यदि इस समय प्रेमप्रकाश पाण्डेय विधायक रहते तो कबका ये समस्या हल हो गया रहता और लोगों को शुद्ध पानी मिलता।
    गंदे पानी का मुद्दा विधानसभा में भी चुका है गूंज
    बीएसपी टाउनशिप में गंदे पानी की समस्या का मुद्दा छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में भी गूंज चुका है। इस मुद्दे को कांग्रेस विधायक देवेन्द्र यादव ने सदन में उठाया था। हर स्तर पर शासन और प्रशासन से अवगत कराया गया, लेकिन किसी प्रकार से कोई हल निकलता दिख नहीं रहा है। और समस्या जस की तस बनी हुई है।

    दुर्ग / शौर्यपथ / प्रदेश के गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू के जन्मदिन के अवसर पर रिसाली निगम के सौगात देने के बाद उनका रिसाली के आजाद मार्केट में भव्य रूप से ओपन स्टेज में रिसाली के जनता के बीच में जन्मदिन मनाया व आयोजक के द्वारा लड्डू से तौला गया। आयोजकों का खूब सराहना किया गया। आयोजक के रूप में प्रतिशत हेमन्त बंजारे पूर्व जिला अध्यक्ष, राकेश मिश्रा पूर्व कोषा अध्यक्ष, ज़ाहिर अब्बास जिला सचिव, सनीर साहू अध्यक्ष विधानसभा युवा कांग्रेस दुर्ग ग्रामीण, प्रेम चंद साहू विधायक प्रतिनिधि, अमनदीप सोढ़ी, सुरेंद्र बाघमारे अध्यक्ष एनएसयूआई शामिल रहे।
    कार्यकम में मुख्य रूप से प्रदेश कांग्रेस महामंत्री जीतेन्द्र साहू, प्रदेश साहू संघ के अध्यक्ष अर्जुन हिरवानी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शालिनी रिवेन्द्र यादव, जनपद अध्यक्ष देवेंद्र देशमुख, अरुण सिंह सिसोदिया, इरफ़ान खान, मुकुंद भाऊ, जानकी रामय्या, अमृतपाल टीटू, इमरान अंसारी, विनोद गुप्ता, मोहित वर्मा, समीर उमरे, अभिषेक बंछोर, हेमिन चतुर्वेदी आदि उपस्थित थे।

    दुर्ग / शौर्यपथ / महापौर धीरज बाकलीवाल ने कहा है कि विधायक अरुण वोरा के साथ पूर्व पार्षद दिनेश देवांगन द्वारा अमर्यादित ढंग से बातचीत करना दुर्भाग्यजनक है। महापौर ने कहा कि पदेन सदस्य होने के नाते विधायक अरुण वोरा सामान्य सभा की बैठक में शामिल हुए। भोजन अवकाश की घोषणा होने पर वे बाहर निकले तब दिनेश देवांगन ने उनके पास जाकर अशिष्ट तरीके से निरर्थक बातें शुरू कर दी। इस घटनाक्रम के बाद पूर्व महापौर द्वारा इस मामले में वोरा के खिलाफ बयान जारी किया गया है। महापौर जैसे पद पर रहने के बाद इस तरह का बयान ओछी मानसिकता का प्रतीक है।
    बाकलीवाल ने कहा कि न केवल दुर्ग शहर बल्कि समूचे छत्तीसगढ़ के लोग जानते हैं कि न सिर्फ विधायक अरुण वोरा बल्कि वोरा परिवार ने हमेशा शालीनता का परिचय दिया है। विधायक वोरा ने अपने विरोधियों के साथ भी शालीनता और सम्मान से बातचीत की है। पूरे प्रदेश ही नहीं बल्कि दिल्ली के राजनीतिक गलियारों में अरुण वोरा को सहजता और सरलता के लिये जाना जाता है। ऐसे सीधे सरल व्यक्ति के लिये मर्यादा को ताक पर रखकर भाजपा के पूर्व महापौर और पूर्व पार्षद द्वारा बयानबाजी करना दुर्भाग्यजनक है।
    महापौर धीरज बाकलीवाल ने कहा कि जातपांत की राजनीति कर समाज को बांटने वाले भाजपा के पार्षदों ने उसी सामान्य सभा में देवांगन समाज के एक एल्डरमैन का विरोध किया। एल्डरमैन कृष्णा देवांगन को पद से हटाने या सामान्य सभा से बाहर करने की मांग को लेकर भाजपा पार्षदों ने करीब दो घंटे तक सभा नहीं चलने दी। यह स्पष्ट हो गया है कि देवांगन समाज के एल्डरमैन कृष्णा देवांगन को हटाने की मांग करने वाले भाजपा नेता देवांगन समाज के हितैषी नहीं है।
    महापौर ने कहा कि पूर्व महापौर समेत सभी भाजपा नेता जातपात की बात करने की बजाय कुछ काम करें। पिछले 20 साल तक दुर्ग नगर निगम की सत्ता में भाजपा के काबिज होने के बावजू शहर की दुर्गति हो गई। डेढ़ साल से कोरोना के वैश्विक संकटकाल में भाजपा संगठन नेताओं ने कुछ नहीं किया। पूरी तरह मुद्दाविहीन हो चुके भाजपा नेता वोरा जैसी राजनीतिक शख्सियत के साथ झूठ प्रपंच की राजनीति करने का प्रयास कर रहे हैं। भाजपा अच्छी तरह समझ लें कि दुर्ग सहित पूरे छत्तीसगढ़ की जनता वोरा परिवार के संस्कार और सद्व्यवहार से परिचित है। भाजपा नेताओं की झांसेबाजी का दांव दुर्ग शहर की जनता के बीच नहीं चलेगा।

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