August 08, 2026
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    PANKAJ CHANDRAKAR

    PANKAJ CHANDRAKAR

    फूलोदेवी नेताम ने कहा जीएसटी क्षतिपूर्ति जारी रखी जाए
    छत्तीसगढ़ का देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान
    छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री कर रहे हैं केंद्र से लगातार अनुरोध

      रायपुर / शौर्यपथ /  राज्यसभा सांसद श्रीमती फूलोदेवी नेताम ने सदन में शून्यकाल के माध्यम से जीएसटी की क्षतिपूर्ति को आगामी 10 वर्षों तक जारी रखने की मांग की।
    श्रीमती नेताम ने कहा कि जीएसटी व्यवस्था लागू होने के बाद टैक्स नीति पर राज्यों की स्वतंत्रता बहुत कम हो गई है और राजस्व बढ़ाने के विकल्प नहीं बचे हैं। केन्द्र सरकार ने निर्णय लिया है कि जून, 2022 के बाद राज्यों को दी जाने वाली जीएसटी की क्षतिपूर्ति बंद कर दी जाएगी।
    श्रीमती नेताम ने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ वि-निर्माण राज्य है और देश की अर्थव्यवस्था के विकास में छत्तीसगढ़ राज्य का योगदान अन्य राज्यों की तुलना में बहुत अधिक है। जीएसटी क्षतिपूर्ति नहीं मिलने से वर्तमान में चल रहे जनहित के कार्यों और विकास कार्यों पर बुरा प्रभाव पडेगा। केन्द्र के इस निर्णय से आगामी वित्तीय वर्ष में अकेले छत्तीसगढ़ को लगभग 5 हजार करोड़ रुपए का नुकसान होने की संभावना है। यह समस्या अकेले छत्तीसगढ़ की नहीं बल्कि सभी राज्यों की है।
    श्रीमती नेताम ने बताया कि इस संबंध में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री द्वारा केन्द्र सरकार को पत्र भी भेजे गए हैं।
    श्रीमती नेताम ने केन्द्र से मांग की है कि अर्थव्यवस्था पर कोविड-19 के दुष्प्रभाव से उबरने के लिए और राज्यों को जीएसटी का यथोचित लाभ मिलने तक कम से कम अगले 10 वर्षों के लिए जीएसटी की क्षतिपूर्ति को जारी रखा जाए।

    रायपुर /शौर्यपथ/

    छत्तीसगढ़ राज्य सूचना आयोग के राज्य सूचना आयुक्त धनवेन्द्र जायसवाल ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सूचना का अधिकार अधिनियम का पालन नहीं करने और समय पर जानकारी उपलब्ध नहीं कराने वाले चार जनसूचना अधिकारी पर पच्चीस हजार रूपए का अर्थदंड अधिरोपित किया है। संचालक पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को निर्देश दिए हैं कि अर्थदंड की राशि संबंधित से वसूली कर शासकीय कोष में जमा कराएं और तत्कालीन मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत कोरबा के विरूद्ध सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 की धारा 20(2) के तहत अनुशासनात्मक कार्यवाही के निर्देश दिये हैं।

    सूचना का अधिकार अधिनियम सरकार और अधिकारियों के कामकाज में सुधार लाने और पारदर्शिता लाने का एक सार्थक प्रयास है। सूचना का अधिकार देश में भ्रष्टाचार को नियंत्रित करने और अधिकारियों में लालफीताशाही को नियंत्रित करने के लिए एक ऐतिहासिक कदम होगा। स्वस्थ लोकतंत्र के लिए पदाधिकारियों का पदों के प्रति जवाबदेह होना जरूरी है। इस अधिनियम के माध्यम से ऐसी व्यवस्था की गई है, जिसके अंतर्गत कोई भी नागरिक लोक प्राधिकारी के कार्यकलापों के संबंध में सूचना प्राप्त कर सके। यदि लोक सूचना अधिकारी द्वारा संबंधित को समय पर सूचना उपलब्ध नहीं कराई जाती है तो ऐसे अधिकारियों को, राज्य सरकार द्वारा गठित राज्य सूचना आयोग द्वारा दण्डित किया जा सकता है।

    सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत शरद देवांगन, श्रीराम कालोनी बेलादुला रायगढ़ ने अपने आवेदन दिनांक 25 जनवरी 2018 में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत कोरबा (जन सूचना अधिकारी) से जिला कोरबा में पदस्थ सहायक शिक्षक (पंचायत), शिक्षक(पंचायत) की सूची की सत्यापित छायाप्रति की मांग की। किन्तु वांछित जानकारी समय पर प्राप्त नहीं होने पर प्रथम अपीलीय अधिकारी को 28 फरवरी 2018 को आवेदन किया। प्रथम अपीललीय अधिकारी ने इस प्रक्ररण में कोई निर्णय नहीं दिया, जिससे क्षुब्ध होकर छत्तीसगढ़ राज्य सूचना आयोग में द्वितीय अपील की।

    राज्य सूचना आयुक्त धनवेन्द्र जायसवाल ने आवेदन का अवलोकन कर अधिनियम के तहत अपीलार्थी और जनसूचना अधिकारी को सुनने के पश्चात अपीलार्थी को समय सीमा में जानकारी नहीं प्रदाय करने एवं आयोग में कोई जबाब प्रस्तुत नहीं करने के साथ ही आयोग के पत्रों का कोई जवाब नहीं देने पर को गंभीरता से लेते हुए मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत कोरबा (तत्कालीन जनसूचना अधिकारी) जी आर बंजारे के विरूद्ध धारा 20(1) के तहत 25 हजार रूपए का अर्थदण्ड के साथ ही सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 की धारा 20(2) के तहत कलेक्टर कोरबा और मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत कोरबा को निर्देशित किया गया है कि तत्कालीन मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत कोरबा (वर्तमान जनसूचना अधिकारी) जी.आर. बंजारे के वेतन/पेंशन से राशि की वसूली कर शासकीय कोष में जमा कराकर आयेग को सूचित करें। संचालक पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 की धारा 20(2) के तहत प्रथम अपीलीय अधिकारी (मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत) पर अनुशासनात्मक कार्यवाही के निर्देश दिये हैं।

    कोरिया /शौर्यपथ/

    राजस्व मामलों के निराकरण और लोकहित से जुड़ी मांगों और समस्याओं को सुनकर उनके समाधान के लिए जिला प्रशासन पंचायत स्तर पर समाधान तुंहर दुआर शिविर के माध्यम से आम जन तक पहुंच रहा है। कलेक्टर कुलदीप शर्मा के मार्गदर्शन में नगरीय निकायों में भी शिविर का आयोजन किया जा रहा है। मंगलवार को साप्ताहिक समय सीमा की बैठक में कलेक्टर ने पंचायतों से शिविर में मिले आवेदनों के संधारण के लिए तैयार पंजी मंगाकर अवलोकन किया और निराकरण की समीक्षा की। इस दौरान कलेक्टर शर्मा ने हितग्राहियों को रैंडम कॉल किये और उनसे आवेदन के निराकरण और शिविर पर फीडबैक लिया।

    कलेक्टर ने बैठक में ही ग्राम पंचायत केशगवां के धर्मजीत सिंह से फोन के ज़रिए बात की और पेंशन प्रकरण के आवेदन की स्वीकृति की जानकारी ली। कलेक्टर ने कहा कि आवेदनों के निराकरण अथवा आवश्यक कार्यवाही और प्रक्रिया की जानकारी हितग्राही को ज़रूर दें जिससे उनमें आवेदन के निराकरण को लेकर किसी तरह का संशय ना रहे। इसके बाद कलेक्टर ने हितग्राही मंगलसाय से पेंशन प्रकरण के स्वीकृति पर कॉल पर बात की। इसी तरह कलेक्टर ने ग्राम पंचायत खोडरी के एक हितग्राही से सीमांकन के आवेदन के निराकरण पर बात की। हितग्राही ने बताया कि सीमांकन का कार्य राजस्व अमले के द्वारा पूर्ण कर लिया गया है। उल्लेखनीय है कि अब तक शिविर में पेंशन के 753 आवेदन मिले जिनमें से 431 प्रकरण स्वीकृत किया जा चुके हैं। शेष पर परीक्षण कर पात्र-अपात्र की कार्यवाही जारी है।

    कलेक्टर ने बैठक में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग से पेयजल की व्यवस्था हेतु हैंडपम्प सुधार के कार्य की प्रगति की जानकारी ली। ईई पीएचई ने बताया कि बीते 1 सप्ताह में 268 हैंडपम्प सुधारे गए हैं। ग्राम पंचायत छिंदिया में हैंडपम्प सुधार कार्य की पूर्णता की कलेक्टर ने स्वयं कॉल पर सचिव से पुष्टि की। कलेक्टर ने 15 अप्रैल की समयसीमा के भीतर सभी हैंडपम्प सुधार पूरा करने के कड़े निर्देश सीईओ जनपद पंचायत एवं पीएचई विभाग को दिए। उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा से पेयजल आपूर्ति में भी सुव्यवस्था सुनिश्चित करें।
    कलेक्टर शर्मा ने कहा कि समाधान तुंहर दुआर में प्राप्त हर आवेदन के निराकरण की जानकारी ली जाएगी। हितग्राहियों से बात कर फीडबैक लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पेयजल, विद्युत व्यवस्था के सुचारू संचालन और ऑनलाइन मॉनिटरिंग के लिए गूगल शीट तैयार की गई है जहां सीईओ जनपद समस्या दर्ज करेंगे और विभाग निराकरण करेंगे। उन्होंने स्वयं मॉनिटरिंग किये जाने की बात भी कही। उन्होंने स्कूलों में मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता और मेनू के पालन पर भी चर्चा की और सख्त निर्देश देते हुए कहा कि मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता और मेनू के पालन अनिवार्य है। लापरवाही पाए जाने पर बीईओ, बीआरसी, सीएसी पर कार्यवाही की जाएगी।

     

    गौरेला पेंड्रा मरवाही /शौर्यपथ/

    मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना नगर पंचायत गौरेला में शुरू हो गया है। नगर पंचायत अध्यक्ष गंगोत्री राठौर तथा अन्य जनप्रतिनिधियों ने मोबाइल मेडिकल यूनिट को हरी झंड़ी दिखाकर रवाना किया।

    मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से अब स्लम इलाकों में रहने वाले नागरिकों को मेडिकल जांच, दवाई आदि की सुविधा निःशुल्क उपलब्ध कराई जा सकेगी। मेडिकल यूनिट द्वारा वार्ड क्रमांक एक पतेराटोला, डॉ राजेन्द्र प्रसाद वार्ड सिंगलटोला और मंगली बाजार में चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध कराई गई। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना की उपलब्धि को देखते हुए इसका विस्तार करते हुए 31 मार्च 2022 को राज्य के नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों में जन सामान्य को चौखट तक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 60 मोबाइल मेडिकल यूनिट का हरी झंड़ी दिखाकर शुभारंभ किया गया था। गौरेला में शुभारंभ अवसर पर एल्डरमेन मों. नफीस, एल्डरमेन ठाकुर घनश्याम सिंह, पार्षदगण, मुख्य नगर पालिका अधिकारी गौरेला विष्णु यादव, इंजीनियर ढ़ालेंद्र ठाकुर सहित अन्य नागरिक उपस्थित थे।

    रायपुर /शौर्यपथ/ 

    मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल के निर्देश के बाद प्रदेश में आईपीएल सट्टा खिलाने वालों पर पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। रायपुर पुलिस ने कुछ दिनों पहले ही आईपीएल का सट्टा खिलाते हुए 13 सटोरियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने इनसे 69 मोबाइल और 7 लैपटाप जब्त किए थे। इन सटोरियों से पुलिस ने लाखों रूपए की सट्टापट्टी जब्त की थी। प्रदेश में आईपीएल पर सट्टा खिलाने की लगातार शिकायतों के बीच मुख्यमंत्री  बघेल के निर्देश पर सभी पुलिस अधीक्षकों को सटोरियों के खिलाफ कार्रवाई तेज करने को कहा गया है। मुख्यमंत्री श्री बघेल के निर्देश पर अमल करते हुए प्रदेश में आईपीएल पर सट्टा खिलाने को लेकर पुलिस सभी जिलों में सटोरियों पर नजर रखे हुए है और शिकायत मिलते ही तत्काल कार्रवाई भी की जा रही है।  
    विगत दिनों आईपीएल टूर्नांमेंट प्रारंभ होते ही प्रदेश के विभिन्न जिलों में आनलाइन एवं आफलाइन क्रिकेट सट्टे के अवैध कारोबार में सटोरियों के सक्रिय होने की शिकायत मिल रही थी। मुख्यमंत्री बघेल के निर्देश पर पुलिस द्वारा सूचना एकत्र कर एक साथ पूरे प्रदेश में  संगठित रूप से सट्टे के इस अवैध कारोबार के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। पिछले 48 घंटे में ही क्रिकेट के आफलाइन/आनलाइन सट्टे में पुलिस द्वारा रायपुर रेंज में 15 प्रकरणों में 17 सटोरियों, दुर्ग रेंज में 08 प्रकरणों में 15 सटोरियों, बिलासपुर रेंज में 28 प्रकरणों में 38 सटोरियों, सरगुजा रेंज में 05 प्रकरणों में 05 सटोरियों एवं  बस्तर रेंज में 13 प्रकरणों में 21 सटोरियों के विरूद्ध कार्रवाई की गयी है। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद विगत 48 घंटे में प्रदेश में आईपीएल के सट्टे में सक्रिय कुल 96 सटोरियों को गिरफ्तार कर 10 लाख रूपए से अधिक राशि एवं सट्टे मे प्रयुक्त कंप्यूटर, मोबाइल इत्यादि जब्त किए गए हैं।

    रायपुर /शौर्यपथ/

    पैकेजिंग इकाई से बढ़ रही महिलाओं की आमदनीछत्तीसगढ़ में स्थानीय उत्पादों के प्रसंस्करण के लिए खुल रही इकाईयां महिलाओं की आर्थिक समृद्धि के नए द्वार खोल रही हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की पहल पर वनांचलों और दूरस्थ क्षेत्रों में भी स्थानीय उपज का लाभ वहां के लोगों को देने के लिए कई इकाईयां स्थापित की गई हैं। नक्सल प्रभावित नारायणपुर जिले के ग्राम पालकी में कोदो-कुटकी प्रसंस्करण कार्य से जुड़कर मॉं दन्तेश्वरी महिला स्व-सहायता समूह की महिलाओं की आमदनी में भी इजाफा हुआ है। विगत दो वर्षों में समूह की महिलाओं द्वारा 4 लाख 50 हजार रूपए की कोदो कुटकी का विक्रय कर शुद्व 2 लाख 50 हजार रूपए की आय प्राप्त की है। समूह के सदस्यों को प्रतिमाह 8 से 10 हजार रूपये की आय हो जाती हैं।

    महिलाओं ने बताया कि उनके समूह में 10 महिलायें हैं। कृषि विज्ञान केंद्र के माघ्यम से उन्हें प्रशिक्षण देने के साथ कोदो, कुटकी रागी प्रसंस्करण एवं पैकेजिंग इकाई प्रदाय किया गया। कोदो, कुटकी रागी प्रसंस्करण कार्य प्रारंभ करने के लिए राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका योजना बिहान से बैंक लिंकेज 5 लाख और चक्रिय निधि 15 हजार रूपए दिये गए, जिससे उन्हें बड़ा आर्थिक सहयोग मिला। उन्होंने बताया कि समूह के 3 सदस्य गांव-गांव जा कर किसानों से कोदो, कुटकी रागी खरीदते है। इसके बाद कोदो-कुटकी का प्रसंस्करण और पैकेजिंग कर स्थानीय बाजार, दुकान और बाहरी बाजार में थोक एवं चिल्लर विक्रय करते है।

    समूह की महिलाओं ने बताया कि समूह में जुड़ने के पहले वे रोजी-मजदूरी का काम करती थी, जिसमें उन्हें 120 से 150 प्रतिदिन के हिसाब से मजदूरी मिलती थी, जो जीवन यापन के लिए पर्याप्त नहीं था। घर के आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए वें गांव में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना में भी काम करती थीं। प्रसंस्करण का काम शुरू होने के बाद धीरे-धीरे समूह को अच्छी आमदनी होने लगी। पहले की अपेक्षा अब उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है। बच्चें अब अच्छे स्कूल में पढ़ाई कर रहे हैं और जीवन स्तर में बदलाव आ रहा है। इससे महिलाएं काफी खुश हैं

    रायपुर /शौर्यपथ/

    समाज कल्याण विभाग की निगरानी में चलेगालोगों को व्यसन के दुष्प्रभाव से जागरूक करने और व्यसन की प्रवृत्ति को रोकने के लिए पूरे छत्तीसगढ़ में नशा मुक्ति के लिए व्यापक स्तर पर अभियान की शुरुआत हो गई है। नशा की प्रवृत्ति पर रोक लगाने के लिए जिम्मा श्भारत माता वाहिनीश् को सौंपा गया है। यह पूरा अभियान राज्य सरकार के समाज कल्याण विभाग की निगरानी में संचालित किया जा रहा है।

    छत्तीसगढ़ में चलेगा नशा मुक्ति अभियान
    गौरतलब है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यू.एच.ओ.) की रिपोर्ट के अनुसार शराब सेवन से ही पूरे विश्व में हर साल करीब 20 लाख लोगों की मौत हो जाती है। वहीं नशा कई अन्य गंभीर बीमारियों की भी वजह बनता है। ऐसे में प्रदेश के संवेदनशील मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने व्यसन मुक्ति अभियान को लेकर विशेष तौर पर निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री के निर्देश पर समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत भारत माता वाहिनी योजना का संचालन कर नशामुक्ति के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाने की तैयारी है। नशामुक्ति का यह अभियान पूरे छत्तीसगढ़ में ग्राम स्तर पर चलाया जा रहा है। इसके लिए ग्राम स्तर से लेकर जिला एवं राज्य स्तर पर समितियों का गठन किया जा रहा है। समाज कल्याण विभाग द्वारा योजना की प्रगति की हर तीन महीने समीक्षा की जाएगी। वहीं जिला कार्यालय की ओर से एक निश्चित अंतराल में कार्यों एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन संबंधी पालन प्रतिवेदन संचालक समाज कल्याण संचालनालय को प्रस्तुत किया जाएगा।

    नशा मुक्ति अभियान

    नशामुक्ति अभियान का ऐसा होगा स्वरूप
    छत्तीसगढ़ में व्यसन मुक्ति अभियान और भारत माता वाहिनी योजना के संचालन के लिए बीते 23 फरवरी को समाज कल्याण विभाग की ओर से नोडल अधिकारियों की राज्यस्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया था। इस कार्यशाला के दौरान अभियान के स्वरूप को लेकर विस्तार से चर्चा की गई और अभियान के बिंदु तय किए गए। इसके अंतर्गत ग्राम पंचायतों में महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा नशामुक्ति के पक्ष में रैली, प्रभात फेरी, व्यसन से होने वाले दुष्परिणामों का प्रचार-प्रसार, नारे, दीवार लेखन, पोस्टर, पाम्पलेट, नुक्कड़ नाटक के माध्यम से जनसामान्य में नशामुक्ति के लिए जागरूकता विकसित करने का कार्य किया जाएगा। साथ ही ग्राम पंचायत स्तर पर नशा पीड़ितों के सर्वेक्षण, नशामुक्ति की प्रेरणा और उपचार के लिए विभाग अंतर्गत संचालित नशामुक्ति केन्द्रों में भर्ती कराने की कार्यवाही की जाएगी। नशामुक्ति अभियान के परीक्षण, निरीक्षण और अनुश्रवण की समुचित व्यवस्था की जाएगी। दूसरी ओर ग्राम पंचायतों में सुरक्षित, भयमुक्त वातावरण का निर्माण करते हुए संवेदनशील समाज के संकल्प को पूर्ण करने की दिशा में काम होगा।

    इन अवसरों पर विशेष रैली -

    नशामुक्ति अभियान के अंतर्गत जागरूकता के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर 26 जनवरी, 30 जनवरी, 31 मई, 26 जून, 15 अगस्त, 02 अक्टूबर, 18 दिसम्बर को नशापान विरोध प्रभात फेरी, रैली व समारोह का आयोजन किया जाना है।

    ग्राम पंचायत स्तर पर होगा भारत माता वाहिनी का गठन -

    योजना के अनुसार ग्राम पंचायत स्तर पर भारत माता वाहिनी का गठन किया जा रहा है। इस समिति में महिला अध्यक्ष होंगी और समूह में अधिकतम तीन पुरुष सदस्य शामिल हो सकेंगे। सदस्यों के चयन में दिव्यांग, विधवा, परित्यक्त महिला, तृतीय लिंग के व्यक्ति, बौने व्यक्ति, नशामुक्त हो चुके व्यक्ति को प्राथमिकता दी जाएगी। भारत माता समूह को अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव, कोषाध्यक्ष एवं सदस्यों का नाम ग्राम सभा से अनुमोदन के बाद संयुक्त/उप संचालक जिला कार्यालय समाज कल्याण में पंजीयन के लिए आवेदन करना होगा। इसके अलावा जिला एवं राज्य स्तर पर भी भारत माता वाहिनी समिति का गठन की प्रक्रिया चल रही है।

    नशापान से ये भी दुष्प्रभाव -

    चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार नशापान (व्यसन) करने से कैंसर, अस्थमा, हृदयाघात, उच्च रक्तचाप, अल्सर, मधुमेह, नपुंसकता, पागलपन, उदर रोग, नेत्रों में खराबी, क्षय रोग जैसी व्याधियां और गंभीर बीमारी होने की आशंका बढ़ जाती है।

    नशा पीड़ितों के लिए होगा पुनर्वास केन्द्र -

    छत्तीसगढ़ शराब व्यसन मुक्ति अभियान (भारत माता वाहिनी योजना) से प्रेरित नशा पीड़ितों के लिए 15 बिस्तर का एक नशामुक्ति केन्द्र का संचालन प्रत्येक जिला मुख्यालय में यथासंभव स्वैच्छिक संस्थाओं के माध्यम से किया जाएगा।

    कांकेर /शौर्यपथ/

      मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने रावघाट खनन मुद्दे पर नारायणपुर में जिलाधीश कार्यालय पर प्रदर्शन कर रहे आदिवासियों पर बर्बर लाठी चार्ज किये जाने की तीखी निंदा की है तथा इसके लिए जिम्मेदार जिलाधीश और पुलिस अधिकारियों को निलंबित करने की नांग की है। पार्टी ने कहा है कि प्रशासन और सरकार के रूख से ऐसा लगता है कि वे आदिवासी हितों के लिए नहींए बल्कि कॉर्पाेरेट सेवा के लिए नियुक्त हैं।

    आज यहां जारी एक बयान में माकपा के नजीब कुरैशी ने कहा है कि सरकार और प्रशासन का दुष्प्रचार है कि आंदोलनकारी आदिवासी खनन परियोजना के खिलाफ है। जबकि उनकी मांगों से स्पष्ट है कि वे पेसा कानून के तहत ग्राम सभा की स्वीकृति के साथ सरकारी कंपनियों द्वारा स्थानीय निवासियों को 100 प्रतिशत रोजगार की गारंटी के साथ खनन के पक्ष में है। वे चाहते है कि खनन परियोजना को क्रियान्वित किये जाने से पहले उनके वनाधिकारों की स्थापना की जाए। ये ऐसी मांगें हैं, जो न तो संविधानविरोधी हैं और न ही कानून के दायरे से बाहर। इन मांगों पर बात न करने के लिए जिलाधीश के पास यदि समय नही हैं, तो उसकी कॉर्पाेरेटपरस्ती बहुत साफ है और कांग्रेस सरकार को इसका संज्ञान लेना चाहिए। मीडिया के लिए पुलिस लाठी चार्ज की वीडियो जारी करते हुए माकपा नेता ने कहा कि जल.जंगल.जमीन.खनिज और अन्य प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा के लिए बस्तर में आदिवासियों का सरकार और प्रशासन के साथ टकराव तेज हो रहा है। इस टकराव का एकमात्र और सर्वमान्य हल यही है कि राज्य सरकार आदिवासियों के संविधानसम्मत अधिकारों, विशेषकर 5वीं अनुसूची के प्रावधानों का सम्मान करें तथा उनके कानूनी अधिकारों, खास तौर से पेसा और आदिवासी वनाधिकार कानून को मान्यता देते हुए विकास परियोजनाओं को क्रियान्वित करें। यदि इसका उल्लंघन सरकार और प्रशासन के स्तर पर होगाए तो आदिवासियों के साथ उसका टकराव और बढ़ेगा। उन्होंने मांग की है कि रावघाट में अवैध खनन व परिवहन पर सरकार तुरंत रोक लगाएं।

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    उत्तर बस्तर कांकेर /शौर्यपथ/
     
      जिले में गोधन न्याय योजना का बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए गौठान पहुंच कार्यक्रम चलाया जायेगा, जिसमें सभी जिला स्तरीय अधिकारियों के अलावा विकासखण्ड स्तरीय अधिकारियों की भी ड्यूटी लगाई जायेगी। कलेक्टर श्री चन्दन कुमार ने सोमवार को आयोजित समय-सीमा की बैठक में इस आशय के निर्देश दिये। उन्होंने कामकाजी महिलाओं के लिए भी जिला मुख्यालय कांकेर में हॉस्टल की व्यवस्था करने हेतु महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देशित किया है। प्रत्येक विकासखण्ड में तीन-तीन ठोस अपशिष्ट प्रबंधन का चयन करने तथा प्रत्येक ग्राम पंचायतों में एक आदर्श शौचालय का निर्माण करने के लिए सभी जनपद सीईओ को निर्देश दिये हैं। स्कूल, आंगनबाड़ी एवं छात्रावासों में रनिंग वॉटर की जानकारी फोटोग्राफ्स सहित उपलब्ध कराने के लिए संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। 
     
            कलेक्टर  चन्दन कुमार ने समय-सीमा की बैठक में अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि लगातार फील्ड भ्रमण कर योजनाओं के क्रियान्वयन की मॉनिटरिंग एवं जनसमस्याओं का निराकरण किया जावे। रोजगार मिशन का डेटा ऑनलाईन करने के निर्देश भी उनके द्वारा अधिकारियों को दिये गये। आश्रम-छात्रावास भवनों की मरम्मत के लिए प्राक्कलन प्रस्तुत करने हेतु ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के कार्यपालन अभियंता को निर्देशित किया गया। धान के बदले अन्य लाभकारी फसलों की खेती के लिए किसानों को प्रोत्साहित करने तथा टिकरा-भांठा भूमि में कोदो-कुटकी की फसल लेने के लिए प्रेरित करने हेतु कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि बीज की उपलब्धता भी सुनिश्चित किया जावे। गोधन न्याय योजनांतर्गत गोबर की खरीदी एवं उसका भुगतान तथा वर्मी कम्पोस्ट के निर्माण और उसका उठाव के संबंध में विस्तृत समीक्षा करते हुए सहकारी समितियों के माध्यम से वर्मी कम्पोस्ट के उठाव में तेजी लाने हेतु उप पंजीयक सहकारी संस्था को निर्देश दिये। चारामा-कोरर मार्ग के निर्माण में तेजी लाने तथा बिगड़े हैण्डपंपों की तत्काल मरम्मत कराने के लिए संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। 
                     कलेक्टर  चन्दन कुमार द्वारा राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना के क्रियान्वयन की भी समीक्षा किया गया, जिसमें बताया गया कि जिले में 07 हजार 174 हितग्राही इस योजनांतर्गत पात्र पाये गये हैं, जिन्हें छत्तीसगढ़ शासन द्वारा प्रतिवर्ष 07 हजार रूपये की सहायता राशि प्रदान की जायेगी। उनके द्वारा शहरी क्षेत्रों में अतिक्रमित शासकीय भूमि का व्यवस्थापन सहित डायवर्सन, नामांतरण, सीमांकन, बंटवारा इत्यादि प्रकरणों के निराकरण की समीक्षा किया गया एवं इसमें तेजी लाने के निर्देश भी दिये गये। पोषण पुनर्वास केन्द्रों में पूरी क्षमता के अनुरूप कुपोषित बच्चों को दाखिला कराने तथा जाति प्रमाण-पत्र बनाने के कार्य में तेजी लाने के लिए संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिये गये। बैठक में जल जीवन मिशन के कार्यों की समीक्षा भी की गई। इस अवसर पर डीएफओ कांकेर आलोक वाजपेयी, अपर कलेक्टर एस.पी. वैद्य सहित सभी जिला अधिकारी, एसडीएम, तहसीलदार एवं जनपद सीईओ उपस्थित थे।
     
    उत्तर बस्तर कांकेर /शौर्यपथ/
     
      जिला कार्यालय में आयोजित जन चैपाल में आज सोमवार को कलेक्टर  चन्दन कुमार को जिले के विभिन्न गांवों से पहुंचे 19 नागरिकों द्वारा अपनी समस्या व शिकायत से संबंधी आवेदन प्रस्तुत कर निराकरण कराने गुहार लगाये हैं। कलेक्टर ने ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और उनके निराकरण के लिए आश्वस्त किया।
                  कलेक्टर जनचैपाल में चारामा विकासखण्ड के तारसगांव निवासी कांशीराम, दरगहन के अमोती जैन, कानापोड़ के अमेरिकाबाई, चांवड़ी के अनिल सुकदेवे, पिपरौद के धनंजय साहू, सम्भूराम यादव, कुबेरसिंह गजेन्द्र, सिन्हा फर्निचर मार्ट, आशाबाई, नरहरपुर विकासखण्ड के ग्राम देंवरीबालाजी निवासी रैनसिंह शोरी, कांकेर विकासखण्ड के विष्णुराम नाविक, जनकपुरवार्ड से अनिल सरकार, पाण्डवाही घसियाराम जैन, रजेसिंह हुपेण्डी, गौरगांव निवासी रजमोतिनबाई निषाद, अंतागढ़ के मन्हाकाल निवासी मेहरसिंह नेताम, भानुप्रतापपुर विकासखण्ड के भैसाकन्हार डू हाई स्कूल के अंशकालीन कर्मचारी जगानंद कुमार, लालराम कोरेटी ने अपनी समस्याओं के निराकरण के लिए आवेदन प्रस्तुत किये। कलेक्टर  चन्दन कुमार द्वारा संबंधित विभागीय अधिकारियों को निराकरण के लिए निर्देशित किये है।
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