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दुर्ग / शौर्यपथ /
राजीव गांधी किसान न्याय योजना के अंतर्गत धान के अतिरिक्त दूसरी फसलों को प्रोत्साहित करने की योजना अंतर्गत ग्राम माटरा के किसानों ने अपने खेतों में सुगंधित धान उपजाया। इस निर्णय के दूरगामी असर हुए हैं। उनके चेहरे पर नवाचार की खुशी है। फसल के बेहतर दाम मिलने का आनंद है और सबसे अधिक संतोष की बात यह है कि उनकी मिट्टी की ऊर्वरता वापस आ गई है। माटरा के किसानों ने दो तरह से प्रयोग किये। पहला प्रयोग उन्होंने जैविक खेती के रूप में किया। इसके लिए हरित खाद का इस्तेमाल उन्होंने किया। बारिश के ठीक पहले सन बीज खेतों में फैला दिये। बारिश होने पर इनकी तेजी से वृद्धि हुई और महीने भर में ही मताई कर दी गई जिससे बेहतरीन जैविक ऊर्वरक तैयार हो गया। फिर सुगंधित धान की फसल ली गई। रासायनिक खाद का अधिक इस्तेमाल होने पर फसल की प्रतिरोधक क्षमता भी खराब होती है और कीटनाशकों का प्रयोग करना पड़ता है। जैविक खाद की वजह से इस परेशानी से किसान बचे रहे। फसल आई और इतनी लहलहाकर फसल हुई कि खुशी का ठिकाना नहीं रहा। सामान्य धान का उत्पादन 15 से 18 क्विंटल तक होता है। विशिष्ट स्थिति में 18 क्विंटल तक उत्पादन होता है। किसान नारायण प्रसाद साहू ने बताया कि सुगंधित धान का उत्पादन लाभ का सौदा साबित हुआ। पहली फसल के बाद दूसरी फसल के लिए मिट्टी की ऊर्वरता वापस आ गई थी और मुझे खाद डालने की जरूरत ही नहीं पड़ी। 2500 रुपए प्रति क्विंटल में इसके लिए बाजार भी मिल गया। साथ ही स्थानीय रूप से 50 रुपए प्रति किलोग्राम में ग्राहक मिल गये। हम लोगों ने स्वयं के उपभोग के लिए भी सुगंधित धान रखा है। श्री साहू ने बताया कि जैविक खाद के इस्तेमाल का अनुभव अद्भुत है। हम सबको इसे करना चाहिए। बाजार में जैविक की डिमांड भी अच्छी है। इस संबंध में जानकारी देते हुए स्थानीय ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी श्री दीपांकर मंडल ने बताया कि विभाग की ओर से इन्हें सन बीज दिया गया। वर्मी कंपोस्ट भी इन्होंने सोसायटी से लिया। रासायनिक खाद द्वारा उत्पादन करने की तुलना में दो क्विंटल अतिरिक्त सुगंधित धान मिला। उन्होंने बताया कि इस प्रयोग से किसान काफी उत्साहित हैं और आगे भी यह कार्य करना चाहते हैं। वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी एनपी अहिरवाल ने बताया कि सरकार के प्रोत्साहन से किसान नवाचार अपना रहे हैं और इनसे मिल रहे लाभ स्वयं महसूस कर रहे हैं। इससे तेजी से दूसरी फसलों का रकबा और जैविक खेती को प्रोत्साहन मिलेगा।
मिट्टी की दीर्घकालीन जरूरतों के लिए जैविक कंपोनेंट जरूरी- अच्छी फसल के लिए मिट्टी की सेहत बेहद जरूरी है। मिट्टी में आर्गेनिक कंपोनेंट यदि 3 प्रतिशत से 6 प्रतिशत हों तो मिट्टी का प्रदर्शन अच्छा रहता है। रासायनिक खाद के तेजी से प्रयोग के बाद मिट्टी में आर्गेनिक कंपोनेंट तेजी से घटा है। इससे दीर्घकाल में मिट्टी की ऊपजाऊ क्षमता पूरी तरह से बेअसर हो जाने की आशंका भी है। एक रिसर्च के मुताबिक एक शताब्दी पहले किसी पौधे में उगे संतरे की तुलना आज के संतरे से करें तो इसमें जैविक गुण दस फीसदी के आसपास रह गये हैं। यह इसलिए हुआ है कि मिट्टी में संतरे को देने के लिए ज्यादा कुछ बचा नहीं है। छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल द्वारा जैविक खाद को प्रोत्साहित किये जाने के निर्णय से न केवल मिट्टी की सेहत वापस मिलेगी अपितु दीर्घकालीन दृष्टिकोण से भी किसानों की अगली पीढिय़ों के लिए खाद्य सुरक्षा बनी रहेगी। देश भर में तेजी से उत्पन्न हो रहे रासायनिक खाद के संकट को देखते हुए यह और भी प्रासंगिक हो गया है।
सारंगढ़ /शौर्यपथ/
पंजाब में शानदार प्रदर्शन के बाद आम आदमी पार्टी अब कई अन्य राज्यों में अपना दांव पेज का सिलसिला शुरू कर दिया है लगातार अपनी टीम का विस्तार करने के लिए लगे हुए है वहीं आम आदमी पार्टी अब छत्तीसगढ़ पर है अपनी टीम को आगे सक्रिय करते हुए रणनीति बना रहा है इस बार अब छत्तीसगढ़ मे अपने पुरे दम खम के साथ पुरे 90 विधानसभा में चुनाव लड़ाने का ऐलान कर चुके हैं, और छत्तीसगढ़ में आम आदमी पार्टी की संगठन को मजबूत बनाने में लग चुके हैं उसी तारतम्य में नवीन जिले सारंगढ़ जिला का अध्यक्ष श्री अजय कुर्रे जी को चुना गया वैसे तो छत्तीसगढ़ में जनताओ के पास सिर्फ दो है विकल्प के साथ वोट देने की सोचते है और सरकार बनता है लेकिन इस बार छत्तीसगढ़ मे आप की टीम कदम को मजबूर कर रहा है वहीं इस पार्टी के नेतृत्व करने वाले केजरीवाल राजनीति की दुनिया में अपना एक अलग ही जीत की जमीन पर कदम बढ़ा रहे है पंजाब की जीत के बाद तो अब शायद छत्तीसगढ़ की प्रमुख पार्टियों को झटका लग सकता है हालाकि की सरकार बनाने की बात को पुष्टि के साथ नहीं कहा जा सकता लेकिन इतना जरूर है कि अगर कुछ सीट हासिल कर लेता है तो अन्य पार्टियों को नुक़सान के कटघरे में खड़ा होना पड़ सकता है वहीं अजय कुर्रे जी ने आप के प्रदेश अध्यक्ष कोमल हुपेन्डी जी, प्रदेश सचिव श्री उत्तम जायसवाल जी , प्रदेश संगठन मंत्री भानु प्रकाश चन्द्रा जी, प्रदेश सह संगठन मंत्री सिरिल धृतलहरे जी एवं श्री जे.पी. तिवारी जी का आभार जताया कि उन्होंने एक अहम जिम्मेदारी मुझे सौंपा है जिसका मुझे अपने कर्मो कर्तव्यों के साथ पालन करूंगा और टीम के साथ कदम से कदम मिलाकर हर जिम्मेदारियों का निर्वाहन करूंगा.
रायपुर/ शौर्यपथ /
केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल द्वारा दिये गये किसान विरोधी बयान 2500 रू. धान समर्थन मूल्य दिये जाने से राज्य दिवालिया हो जायेगा के विरोध में कांग्रेस ने प्रदेश के सभी जिला और प्रदेश मुख्यालयों में प्रहलाद पटेल का विरोध किया। प्रदेश भर में 342 स्थानों जिला और ब्लाक मुख्यालयों संगठन में पुतला दहन कर जनाक्रोश की अभिव्यक्ति किया। भाजपा नेता के बयान से छत्तीसगढ़ के किसान आहत और आक्रोशित है। कांग्रेस ने पुतला जला कर लोगों की भावनाओं की अभिव्यक्ति किया।
केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल द्वारा 2500 में धान खरीदा राज्य दिवालिया हो जाने संबंधी बयान को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने भाजपा के मानसिक दिवालियेपन का उदाहरण बताया है। प्रहलाद पटेल के बयान के लिये भाजपा छत्तीसगढ़ के किसानों से माफी मांगे। प्रहलाद पटेल ने यह बयान समाचार चैनलों के सवाल के जवाब में दिया है। प्रहलाद पटेल का यह बयान भाजपा के किसान विरोधी चरित्र को दर्शाता है। भाजपा कभी नहीं चाहती किसानों को उनकी ऊपज की पूरी कीमत मिले। जब छत्तीसगढ़ में भाजपा की सरकार थी तब भाजपा ने किसानों से धोखा किया, हर चुनाव में बोनस का वायदा किया, चुनाव के बाद कभी बोनस नहीं दिया। किसानों को धान की कीमत 2100 देने का वायदा किया था, उसको भी नहीं दिया। मोदी ने 2022 तक किसानों की आय दुगुनी करने की बात कही थी अब मोदी के मंत्री को किसानों को पूरी कीमत मिलने पर आर्थिक दिवालिया होने का खतरा नजर आने लगा है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि भाजपा इस बात का षडय़ंत्र शुरू से करती रही है कि छत्तीसगढ़ के किसानों के धान की खरीदी बंद हो जाये। मोदी सरकार ने छत्तीसगढ़ को हर बार समर्थन मूल्य से अधिक कीमत देने पर धमकी दिया है, केंद्रीय पुल के चावल को नहीं लेने का भी ऐलान किया। भाजपा के किसान विरोधी रवैये के कारण ही कांग्रेस सरकार ने राजीव गांधी किसान न्याय योजना लागू किया। प्रहलाद पटेल का बयान भी धान खरीदी बंद करवाने का भाजपाई षडय़ंत्र है। भाजपा बतायें किसानों की फसल की पूरी कीमत मिलने पर कैसे आर्थिक दिवालियापन आयेगा? जब उद्योगों के उत्पादों की पूरी कीमत मिलने पर तरक्की आती है तो किसान के ऊपज की कीमत पर भाजपा को क्यों आपत्ति है। उद्योपतियों के हजारों करोड़ रू. कर्जा माफ करने वाली भाजपा को किसानों की पूरी कीमत देने पर पीड़ा हो रही है।
राजनांदगांव / शौर्यपथ /
शिक्षा का अधिकार कानून के अंतर्गत गरीब बच्चों को प्रायवेट स्कूलों में पढ़ाने का मामला अब तूल पकड़ते जा रहा है। जिले में लगभग 4 हजार गरीब बच्चों को अन्यत्र स्कूलों में प्रवेश दिलाया जाना है और प्रतिदिन डीईओ नए-नए आदेश जारी कर नोडल अधिकारियों को दिग्भ्रमित कर रहे है और पीडि़त पालक अपने बच्चों को प्रवेश दिलाने विभाग और नोडलों के चक्कर काट रहे है।
कोरोना काल में लगभग 40 प्रायवेट स्कूल बंद हो गए और इसमें लगभग 1500 आरटीई के गरीब बच्चों को शिक्षा विभाग ने प्रवेश दिलाया था। इन बच्चों को कक्षा बारहवीं तक पढ़ाने की पूरी जिम्मेदारी जिला शिक्षा अधिकारी की है, लेकिन इन 1500 गरीब बच्चों को किन-किन स्कूलों में प्रवेश दिलाया गया है, इसकी झूठी जानकारी आरटीई नोडल ऑफिसर ने विधानसभा में दी है, इसकी लिखित नामजद शिकायतें भी हुई, लेकिन आज तक दोषी आरटीई नोडल ऑफिसर के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की गई।जिले में लगभग 108 प्रायवेट स्कूल ऐसे है, जहां सिर्फ कक्षा आठवीं तक ही कक्षाएं संचालित है और लगभग 60 ऐसे प्रायवेट स्कूल है जहां सिर्फ कक्षा दसवीं तक ही कक्षाएं संचालित है और लगभग 125 ऐसे प्रायवेट स्कूल है जहां सिर्फ कक्षा पांचवीं तक ही कक्षाएं संचालित है, इन स्कूलों में लगभग 4 हजार आरटीई के गरीब बच्चे पढ़ रहे थे, जिन्हें इस वर्ष अन्यत्र स्कूलों में प्रवेश दिलाया जाना है, क्योंकि ज्यादातर बच्चे इंग्लिश माध्यम प्रायवेट स्कूलों में पढ़ रहे थे, अब उन्हें इंग्लिश माध्यमों के स्कूलों में प्रवेश दिलाया जाना है।
जिला शिक्षा अधिकारी ने सिर्फ कक्षा आठवीं उत्तीर्ण कर कक्षा नवमीं गए आरटीई के बच्चों को प्रवेश दिलाने नोडल अधिकारियों को पत्र लिखा गया है और नोडल अधिकारियों को उनके नोडल क्षेत्र के प्रायवेट स्कूलों में आरटीई की रिक्त सीटों के अनुपात ही प्रवेश दिलाए जाने का निर्देश दिया गया है। प्रायवेट स्कूलों में रिक्त नहीं होने की स्थिति में आरटीई के बच्चों को सरकारी स्कूलों में प्रवेश दिलाने का फरमान जारी किया गया है, जिससे पालक आक्रोशित है, क्योंकि सरकार के पास शहर में सिर्फ एक ही अंग्रेजी माध्यम स्कूल है, जो कक्षा बारहवीं तक संचालित है और उनमें भी नवमीं की सीटे फुल है, यानि जो कक्षा नर्सरी से लेकर आठवीं तक अंग्रेजी माध्यम से स्कूलों में अध्ययन किया है, अब वह कक्षा नवमीं में सरकारी हिन्दी माध्यमों के स्कूल में प्रवेश पाएगा।
छत्तीसगढ़ पैरेंट्स एसोसियेशन के प्रदेश अध्यक्ष क्रिष्टोफर पॉल का कहना है कि जो बच्चा कक्षा नर्सरी से लेकर आठवीं तक अंग्रेजी माध्यम से स्कूलों में पढ़ा है, वह कैसे कक्षा नवमीं से हिन्दी माध्यम के स्कूलों में पढ़ाई कर सकता है। जिला शिक्षा अधिकारी का यह आदेश न्यायसंगत और तर्कसंगत नहीं है। जिला शिक्षा अधिकारी के द्वारा जानबूझकर सुनियोजित ढंग से गरीब बच्चों के जीवन व भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का षड्यंत्र किया जा रहा है, जो उचित नहीं है। श्री पॉल का कहना है कि नवपदस्थ जिला शिक्षा अधिकारी को शिक्षा का अधिकार कानून की जानकारी नहीं है और हजारों गरीब बच्चों के जीवन व भविष्य के साथ बार-बार खिलवाड़ होने नहीं दिया जाएगा, इसलिए हमने प्रमुख सचिव आलोक शुक्ला को पत्र लिखकर नवपदस्थ जिला शिक्षा अधिकारी को तत्काल हटाने की मांग किया गया है।
कांकेर /शौर्यपथ/
केन्द्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल द्वारा छत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल की सरकार के द्वारा किसानों से 2500 रू. प्रति क्वि. में धान खरीदने पर प्रदेश के आर्थिक दिवालिया होने वाले बयान का विरोध करते हुये कांग्रेस द्वारा प्रदेश कांग्रेस के आह्वान पर गुरुवार को शाम 05.00 बजे पुराने बस स्टैंड में केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल का पुतला फूंक जमकर नारेबाजी की। इस दौरान कांग्रेसनेताओं ने कहा कि केंद्रीय मंत्री पटेल के किसान विरोधी बयान के लिये भाजपा को छत्तीसगढ़ के किसानों से माफी मांगनी चाहिए।
जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष सुभद्रा सलाम ने केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल के किसानों को धान की कीमत 2500 रु. देने पर छत्तीसगढ़ आर्थिक दिवालिया होने वाले बयान की निंदा करते हुए कहा कि केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल ने मोदी सरकार और भाजपा के किसान विरोधी नीति और चरित्र को ही खैरागढ़ की जनता के सामने रखा है। भाजपा आदतन किसान और मजदूरों विरोधी है। भाजपा को छत्तीसगढ़ के किसानों के चेहरे की खुशहाली आर्थिक समृद्धि बर्दाश्त नहीं हो रही है। मोदी भाजपा की सरकार ने किसानों से किये वादा को पूरा नही किया और तीन काले कृषि कानून लाकर देश भर के किसानों को गुलाम बनाने की साजिश की गई जिसके खिलाफ किसानों ने सालभर आंदोलन किया 700 किसानों की शहादत हुई तब जाकर तीनो काले कानून को वापस लिया गया । ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष द्वय रोमनाथ जैन एवं मनोज जैन ने संयुक्त रूप से कहा कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अन्नदाता और श्रमिकों के जेब में पैसा डालने का काम किया है जिससे प्रदेश में खुशहाली आई है। केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल को बयानबाजी करने से पहले छत्तीसगढ़ मॉडल का अध्ययन कर लेना चाहिए।
जिला कांग्रेस कमेटी के महामंत्री सुनील गोस्वामी ने कहा कि केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल के बयान से स्पष्ट समझ में आ गया है कि केंद्र में बैठे भाजपा सरकार की नीति चंद पूंजीपतियों को पूरे देश की बागडोर देना और किसानों को आर्थिक तंगहाली की ओर धकेलना है छत्तीसगढ़ में पिछले 15 वर्षों तक रमन सरकार ने अपने कार्यकाल के दौरान भी किसानों से किए वादे को नहीं निभाया लेकिन प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनते ही किसानों से किये वादे को निभाने में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जो ऐतिहासिक फैसला लिया उससे किसानों का एक बड़े वर्ग को लाभ मिला जिसे देखकर भाजपा नेताओं के पेट में दर्द को रहा है और उनके द्वारा उल - जुलूल बयान बाजी किया जा रहा है।
केंद्रीय मंत्री के पुतला दहन के दौरान प्रमुख रूप से जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुभद्रा सलाम, नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष जितेंद्र सिंह ठाकुर, याशीन करानी,पुरुषोत्तम पाटिल, रोमनाथ जैन, मनोज जैन,मतीन खान, सुनील गोस्वामी,विजय यादव, दिलीप नाग,अजय भासवानी,शिवांकित श्रीवास्तव,अमन गायकवाड़, तुकेश्वर साहू, सोमेश सोनी, सुमीत रॉय,राघवेंद्र राजपूत, खोमेंद्र उईके,लतीफ मेमन, मुकेश तिवारी,दिलीप नाग ,समीर मिश्रा,अमित साहू, सुरेश नेताम,राहुल ठाकुर, सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसजन प्रदर्शन में शामिल हुए।
रायपुर / शौर्यपथ /
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के मंशा के अनुरूप गौठानों को ग्रामीणों को आजीविका के केन्द्र के रूप में विकसित करने को लेकर वहां कई तरह की आयमूलक गतिविधियों को विस्तार किया जा रहा है। गौठानों में अब स्थानीय कृषि एवं वनोत्पाद के प्रसंस्करण के लिए इकाईयों की स्थापना तेजी से की जा रही है, ताकि इसके जरिए उत्पादक कृषकों को बेहतर मूल्य तथा स्थानीय मांग की पूर्ति के साथ-साथ रोजगार के अवसर सुलभ हो सके।
सुराजी गांव योजना के तहत गांवों में अब तक स्थापित 8 हजार 366 गौठानों में से लगभग 350 गौठानों ने तेल मिल एवं दाल मिल की इकाईयां स्थापित किए जाने की कार्ययोजना को मूर्तरूप दिया जा रहा है। अब तक 37 गौठानों ने तेल मिल एवं 65 गौठानों में दाल मिल की इकाईयां स्थापित हो चुकी है। शेष प्रसंस्करण इकाईयों की स्थापना तेजी से कराई जा रही है। यहां यह उल्लेखनीय है कि गौठानों से 11 हजार 693 महिला स्व-सहायता समूह जुड़े हैं, जिनकी सदस्य संख्या 78 हजार 298 है। इसमें से 5 हजार से अधिक समूह वर्मी खाद का उत्पादन, 1700 से अधिक समूह सामुदायिक सब्जी-बाड़ी, 400 से अधिक समूह मशरूम उत्पादन, 651 समूह मछली पालन, 476 समूह बकरी पालन, 527 समूह मुर्गी पालन, 85 समूह पशु पालन, 325 समूह हर्बल उत्पाद तथा 2100 से अधिक समूह अन्य गतिविधियों से जुड़े हुए हैं। महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा गौठानों में तेल और दाल मिल का संचालन भी शुरू किया गया है। गौठानों से जुड़े महिला समूह अपनी आयमूलक गतिविधियों के माध्यम से 58 करोड़ 44 लाख रूपए की आय कर चुके हैं, जिसमें सर्वाधिक 32 करोड़ 63 लाख रूपए की आय वर्मी खाद उत्पादन से हुई है।
स्वास्थ्य मंत्री टी एस सिंहदेव का कबीधाम दौरा, विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर जिला अस्पताल का निरीक्षण, पौधा रोपण कर प्रसूताओं को बांटे महतारी-लइका किट
कवर्धा / शौर्यपथ /
विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर आज स्वास्थ्य मंत्री टी एस सिंहदेव द्वारा जिला अस्पताल पहुचकर स्वास्थ्य विभाग कबीरधाम द्वारा चलाये जा रहे " अप्रैल फूल नही अप्रैल कूल " अभियान के तहत वृक्षारोपण किया गया। इसके पश्चात उन्होंने अस्पताल निरीक्षण किया। उनके द्वारा प्रसूताओं से चर्चा कर व्यवस्थाओं की जानकारी ली गई व महतारी-लइका किट वितरण किया गया। उन्होंने ओपीडी विजिट कर मरीजों व उनके परिजनों से बातचीत की व सेवाओं के स्मन्ध में बातचीत की।
उन्होंने मीडिया बयान के दौरान जिला अस्पताल की सफाई से लेकर सुव्यस्थाओं की तारीफ करते हुए कहा कि जिला अस्पताल कबीरधाम राज्य के लिए बेहतर उदाहरण है, जिसको देखकर अन्य जिलों के अस्पतालों को सुधारा जा सकता है। उन्होंने सीएमएचओ डॉ सुजॉय मुखर्जी से स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी ली व उनके कार्यों की सराहना की। डॉ मुखर्जी ने बताया कि जिले में संस्थागत प्रसव बढाने , राष्ट्रीय कार्यक्रमों के सत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्ति व शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रमों पर विशेष फोकस कर कार्य किया जा रहा है। मंत्री जी ने सिविल सर्जन डॉ पी सी प्रभाकर को जिला अस्पताल को इसी बेहतरी से संचालित करने के लिए शुभकामनाएं भी उन्होंने दी। उन्होंने पूरे स्वास्थ्य स्टाफ को टीम वर्क के लिए बधाई व शुभकामनाएं दी व कोविड काल में उत्कृठ कार्यों के लिए सराहना भी की।
नारायणपुर वासियों को मुख्यमंत्री बघेल देंगे 127.83 करोड़ रूपए के विकास कार्यों की सौगात
नव सर्वेक्षित गांव के 500 किसानों को मसाहती खसरा का करेंगे वितरण
सामूहिक विवाह कार्यक्रम में 251 जोड़े बंधेंगें दाम्पत्य जीवन में
विभिन्न कार्यों का करेंगे लोकार्पण एवं भूमिपूजन
रायपुर / शौर्यपथ /
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल शुक्रवार 8 अप्रैल को नारायणपुर प्रवास के दौरान नारायणपुर वासियों को 127 करोड़ 83 लाख रूपये लागत के 101 विकास कार्यों की सौगात देेंगें। इनमें 72 करोड़ 8 लाख 25 हजार रूपए की लागत के 46 विकास कार्यों का लोकार्पण और 55 करोड़ 75 लाख रूपये की लागत के 55 विकासकार्यों का भूमिपूजन शामिल है। इसके अलावा मुख्यमंत्री श्री बघेल सामूहिक कन्या विवाह योजना में शामिल होने सहित विभिन्न शासकीय योजनाओं से लाभान्वित हितग्राहियों को चेक एवं उनकी जरूरत के समानों का वितरण करेंगें।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल नारायणपुर जिले के 251 जोड़ों का सामूहिक कन्या विवाह योजनांर्तगत विवाह समारोह में शामिल होंगें एवं नवविवाहित जोड़ों को आर्शीवाद प्रदान करेंगें। इसके अलावा मुख्यमंत्री बघेल बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय खेल मैदान में आयोजित कार्यक्रम में अबूझमाड़ क्षेत्र के 500 किसानों को मसाहती पट्टे वितरित करेंगें। बघेल समाज कल्याण विभाग के 36 हितग्राहियों को श्रवण यंत्र, ट्रायसिकल, बैटरी चलित ट्रायसिकल, दिव्यांगजन विशिष्ट पहचान कार्ड, राष्ट्रीय परिवार सहायता योजनातर्गत राशि प्रदाय, रेशम विभाग के हितग्राहियों को 100 नग टसर बुनियादी रीलिंग मशीन, महिला रेशम कृमिपालन समूह को चेक वितरण, कृषि विभाग के हितग्राहियों को उड़द बीज, स्पेयर पंप, स्प्रिंकलर, श्रम विभाग के हितग्राहियों को भागिनी प्रसूति सहायता योजना, मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना, मुख्यमंत्री सिलाई मशीन सहायता योजना, मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांगजन सहायता योजना एवं 26 हितग्राहियों को वनाधिकार पत्र का वितरण करेंगें।
मुख्यमंत्री बघेल नारायणपुर जिले जिन विकास कार्यों का लोकार्पण करेंगें, उनमें ब्रेहबेड़ा से मेटाडोंगरी वृहद पुल निर्माण लागत 7 करोड़ 67 लाख रूपए, जिला नारायणपुर में सर्किट हाउस का निर्माण कार्य लागत 5 करोड़ 89 लाख रूपए, सुलेंगा से तिरकानार 5 करोड़ 50 लाख रूपए, नारायणपुर में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान प्रशासनिक एकेडमिक भवन निर्माण लागत 5 करोड़ 55 लाख रूपए, प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण अंतर्गत ग्राम महिमागवाड़ी से ताडोनार तक सड़क निर्माण लागत 3 करोड़ 20 लाख रूपए, स्कूलपारा से कोहकापारा लागत 3 करोड़ 33 लाख रूपए, नयापारा कुकड़ाझोर से खासपारा के लिए लागत 3 करोड़ 35 लाख रूपए सहित अन्य विकास कार्य शामिल है।
इसी तरह मुख्यमंत्री भूपेश बघेल नारायणुर जिले में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अंतर्गत 24 करोड़ 72 लाख रूपए की लागत से स्थापित होने वाली 36 सोलर आधारित नल-जल योजना, खोडगांव से चिचाडीपारा लागत 6 करोड़ 22 लाख रूपए, जल जीवन मिशन अंतर्गत सोलर ड्यूल पंपों की स्थापना कार्य लागत 5 करोड़ रूपए, मढोनार से कावानार लागत 3 करोड़ 82 लाख रूपए, 37 नवीन आंगनबाड़ी भवनों का निर्माण कार्य लागत 2 करोड़ 5 लाख रूपए सहित अन्य विकास कार्यों का भूमिपूजन करेंगें।
दुर्ग/ शौर्यपथ /
नगर पालिक निगम सीमान्तर्गत पुलगांव गोकुल नगर स्थित गौठान पहुच दिवस कार्यक्रम में कलेक्टर डॉ सर्वेश्वर नरेंद्र भूरे आयुक्त हरेश मंडावी, नोडल अधिकारी व जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी अश्वनी देवांगन गौठान पहुँच कार्यक्रम के तहत गुरुवार को गोकुल नगर पहुंचे। इस दौरान स्वास्थ्य अधिकारी गिरीश दिवान,विनोद मांझी,पंकज साहू, नोडल अधिकारी जावेद अली के साथ उन्होंने सम्पूर्ण गौठान का भ्रमण कर सभी उत्पादों का बारिकी से अवलोकन किया।उन्होंने गोबर से बनने वाले वर्मी खाद की प्रक्रिया, पीट की संख्या, गोबर खरीदी की मात्र की जानकारी ली। इस मौके पर कलेक्टर ने सुझाव दिया कि खाद उत्पाद के लिए तैयार गोबर की छनाई में सुधार कर खाद की गुणवत्ता बढ़ावें ।
उन्होने महिला स्व सहायता समूह द्वारा गौठान में तैयार किये जा रहे अगरबत्ती ,मशरूम उत्पादन आदि की जानकारी ली। कलेक्टर डॉ भूरे ने गोबर से बनाने वाले अन्य उत्पाद की जानकारी ली तथा आय-व्यय पंजी का भी अवलोकन किया। उन्होने मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के मंशा के अनुरूप गौठान को संचालित करने तथा गौठान के हर क्षेत्र का अच्छे से उपयोग कर मुर्गी पालन, बतख पालन,दूध उत्पादन जैसे कार्य भी किये जा रहे है। गौठान में कार्यरत कल्याणी महिला स्व सहायता समूह को घरेलू उत्पाद को बढ़ावा देने लगातार विभिन्न कार्य किए जा रहे है।नोडल अधिकारी ने गौठान के संबंध में स्व सहायता समूह श्रीमती सुनीता घोष, गायत्री धोटे सदस्यो से चर्चा कर जानकारी ली।
रायपुर / शौर्यपथ /
पेट्रोल- डीजल रसोई गैस के बढ़ती कीमतों को मोदी सरकार की मुनाफाखोरी करार देते हुए प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड आयल के दाम में बढ़ोतरी होती है तब देश में पेट्रोल डीजल के दामों में बढ़ोतरी कर दी जाती है लेकिन जब क्रूड आयल के कीमतों में गिरावट आती है तब पेट्रोल डीजल के दाम कम करने के बजाय मोदी सरकार अपनी मुनाफाखोरी को बढ़ाने में लग जाती है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में 7 मार्च को क्रूड आयल के कीमत लगभग 139 डॉलर के करीब था जो 7 अप्रैल को घटकर 103 डॉलर हो गया लेकिन फिर जनता को महंगाई से राहत नही मिला। 22 मार्च के बाद 14 दिनों में पेट्रोल डीजल के दाम लगभग 10 रु प्रति लीटर की वृद्धि हुई है।कमर्शियल सिलेंडरों की कीमत में 9 महीने में 750 रु की वृद्धि हुई मार्च महीने में 250 रु की कीमत बढ़ी वही घरेलू गैस के दाम भी आसमान छूने लगें । मनमोहन सरकार के दौरान जो रसोई गैस 410 रु प्रति सिलेंडर मिलता था मोदी सरकार उसे 1021 रु के दर पर गरीब जनता को बेच रही है मनमोहन सरकार के दौरान सिलेंडरों मिलने वाले सब्सिडी को खत्म कर दिया गया है उज्जवला योजना के नाम से मोदी भाजपा की सरकार देश की गरीब जनता के साथ भद्दा मजाक की है।उज्जवला योजना के नाम से चंद पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए काम किया गया जबकि गैस सिलेंडर के महंगे दामों के चलते उज्जवला योजना के हितग्राही सिलेंडरों के रिफलिंग कराने में असमर्थ नजर आ रही है और कनेक्शन को कबाड़ीओं के पास बेच रहे या गैस की खाली टंकी और चूल्हा को बगल में रखकर ईट से चूल्हा बना कर कंडा, लकड़ी ,रद्दी पेपरों से खाना बनाने मजबूर है।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि मोदी भाजपा की सरकार देश की जनता पर महंगाई थोप रही है और अपने नाकामियों से बचने के लिए कभी पूर्ववर्ती सरकार को तो अभी वर्तमान में रूस और यूक्रेन के युद्ध को जिम्मेदार ठहरा रही है असल मायने में केंद्र में बैठी सरकार की नीति में गरीब मजदूर किसान युवा महिलाओं के बेहतरी की योजना नहीं है बल्कि इनके नाम से योजना बनाकर चंद पूंजीपतियों को लाभ हानि करने की नीति है जिस गति से देश में महंगाई बढ़ रही है खाने-पीने के सामान के दामों में 30 प्रतिशत की वृद्धि हो गई है डीजल के दाम कांग्रेस शासन काल के तुलना में 50 प्रतिशत वृद्धि हो गई है रसोई गैस के दाम मनमोहन सरकार के दौरान के कीमत से 200 प्रतिशत वृद्धि हो गई है जूता चप्पल पर 5 प्रतिशत से बढ़ाकर 12 प्रतिशत जीएसटी,कॉपी पुस्तक पेन किलर सहित 800 प्रकार के दवाइयों की कीमतों मे 30 प्रतिशत की इजाफा हुआ है मोटर पाट्र्स टायर ट्यूब ऑयल ग्रीस फर्नीचर इलेक्ट्रॉनिक सामान, होजियारी, कृषि यंत्र, खाद बीज, कीटनाशक, पौस्टिक आहार, सौंदर्य प्रसाधन, दूध, सब्जी के दामों में बेतहाशा वृद्धि हुई है टोल टैक्स 10 रूपये से 65 रूपये तक बढ़ा दिया गया ट्रांसपोर्टिंग चार्ज और यात्री किराए में भी वृद्धि की गई है।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि मोदी की मुनाफाखोरी के नीति कर दुष्परिणाम सीधा सीधा नुकसान गरीब आम जनता को हो रहा है एक ओर मोदी सरकार के गलत नीतियों के चलते देश जहां आर्थिक मंदी के बुरे दौर से गुजर रहे हैं बेरोजगारी विकराल समस्या बंद कर उभरी है सरकारी कंपनियों का धड़ाधड़ निजीकरण किया जा रहा है ऐसे समय में जब देश के 83 प्रतिशत आबादी की आय कम हो गई है 15 करोड़ हाथों से रोजगार छीना जा चुका है 60,000 से अधिक सेमी सेक्टर बंद हो चुके हैं जहां देश को महंगाई से राहत देने के लिए मोदी सरकार को उदारवादी नीति अपनाना चाहिए था पेट्रोल डीजल पर लगने वाले बेतहाशा एक्साईटेक को घटाकर मनमोहन सरकार के दौरान के एक्साइज टैक्स के दायरे में लाना था जीएसटी को शिथिल करते हुए राहत देना था उल्टा मोदी सरकार आम जनता पर टैक्स के ऊपर टैक्स लग रही है और अपने नाकामी को छुपाने के लिए दूसरों के सिर ठीकरा फोड़ रही है।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
