August 07, 2026
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    PANKAJ CHANDRAKAR

    PANKAJ CHANDRAKAR

    धमतरी /शौर्यपथ/

    जलजीवन मिशन के तहत जिला जल एवं स्वच्छता समिति की 28वीं बैठक आज सुबह दस बजे जिला पंचायत की सी.ई.ओ.  प्रियंका महोबिया की अध्यक्षता में आहूत की गई, जिसमें विभिन्न कार्यों का अनुमोदन किया गया। बैठक में सिंगल विलेज योजना के तहत तकनीकी स्वीकृति प्राप्त 11 कार्यों की प्रशासकीय स्वीकृति का अनुमोदन किया गया। इसी तरह प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त तीन योजनाओं में प्राप्त न्यूनतम दर की समिति से स्वीकृति का अनुमोदन किया गया। इसके अलावा जनपद पंचायतों द्वारा रनिंग वॉटर के पूर्ण कार्यों के लिए मिशन से राशि की मांग का भी प्रस्ताव बैठक में रखा गया। इसमें  जिले की 130 शालाओ, 96 आंगनबाड़ी केन्द्रों, 19 पंचायत भवनों, 02 सामुदायिक भवनों तथा आठ स्वास्थ्य केन्द्रों यानी कुल 255 जगहों में 221.90 लाख रूपए के रनिंग वॉटर कार्य की राशि की मांग इस दौरान की गई। इस अवसर पर रेट्रोफिटिंग, सिंगल विलेज तथा सोलर आधार जलप्रदाय योजनाओं की बैठक विकासखण्डवार की गई। बैठक में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी सहित संबंधित विभाग के अधिकारीगण उपस्थित थे।

    महासमुंद /शौर्यपथ/

    महासमुन्द जिले के नवागत कलेक्टर (आई.ए.एस.)  निलेशकुमार क्षीरसागर ने आज मंगलवार को विधिवत् पदभार ग्रहण किया। उन्होंने जिला अधिकारियों की मौजूदगी में कामकाज संभाला। इस मौके पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत  एस. आलोक, एसडीएम महासमुन्द भागवत जायसवाल, डिप्टी कलेक्टर एस.केे. टंडन, डॉ. नेहा कपूर, नेहा भेड़िया, सहित जनसम्पर्क अधिकारी शशिरत्न पाराशर एवं  हेमनाथ सिदार, कोषालय अधिकारी  डी.पी. वर्मा उपस्थित थे।  क्षीरसागर इससे पहले जिला गरियाबंद के कलेक्टर थे।

    दिल्ली के मुख्यंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को दिल्ली परिवहन निगम की पहली इलेक्ट्रिक बस को रवाना किया. परिवहन विभाग जल्द ही शहर में 300 ऐसी और बसें शीघ्र ही जोड़ने के प्रयास कर रहा है.

    नई दिल्ली /शौर्यपथ/

    दिल्ली में अब सार्वजनिक परिवहन के माध्यम बसों का एक नया और बेहतर संस्करण सड़क पर उतर चुका है. दिल्ली की सार्वजनिक बसों की फ्लीट में पहली इलेक्ट्रिक बस  जुड़ गई है. जल्द ही बड़ी संख्या में और भी बसों को लोगों के लिए उतार दिया जाएगा. बता दें कि दिल्ली के मुख्यंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को दिल्ली परिवहन निगम की पहली इलेक्ट्रिक बस को रवाना किया. परिवहन विभाग जल्द ही शहर में 300 ऐसी और बसें शीघ्र ही जोड़ने के प्रयास कर रहा है.

    इस उद्घाटन को राष्ट्रीय राजधानी में पर्यावरण अनुकूल सार्वजनिक परिवहन प्रणाली की शुरुआत करार देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले सालों में 2000 इलेक्ट्रिक बसें सरकार द्वारा खरीदी जाएंगी. उन्होंने इंद्रपस्थ डिपो में इस कार्यक्रम के अवसर पर कहा कि 2011 से दिल्ली परिवहन द्वारा एक भी नयी बस नहीं खरीदी गयी है.

    दिल्ली सीएम ने बताया कि जब पुरानी बसें सेवा से हटायी जाएंगी तो नयी इलेक्ट्रिक बसें बेडे़ में शामिल की जाएंगी. अप्रैल तक दिल्ली की सड़कों 300 ऐसी और बसें दौड़ते हुए देखी जा सकती हैं.

    जानकारी है कि ये ई-बस किसी भी फास्ट चार्जर पर डेढ घंटे में चार्ज की जा सकती है और वह एक बार चार्ज होने पर न्यूनतम 120 किलोमीटर तक का सफर कर सकती है जिसके लिए डिपो में चार्जिंग स्टेशन लगाये जा रहे हैं.

    आइए जान लेते हैं इन नई बसों की खासियतें और इससे जुड़ी जरूरी जानकारियां

    ये इलेक्ट्रिक बसें जीरो-एमिशन बसें होंगी, इनसे शोर भी पैदा नहीं होगा. इन ई-बसों को एक से डेढ़ घंटे में चार्ज किया जा सकेगा. सिंगल चार्ज में यह न्यूनतम 120 किलोमीटर तक का सफर कर सकेगी.

    - सरकार हर बस डिपो पर चार्जिंग पॉइंट्स लगवाएगी, ताकि बसों को जहां जरूरत हो वहां चार्जिंग की सुविधा मिल पाए.

    - अच्छी बात ये है कि लोग दिल्ली सरकार के One Delhi ऐप से इन बसों के लिए टिकट बुक कर पाएंगे. इन ई-बसों के लिए भी ऐप पर टिकट बुकिंग सुविधा उपलब्ध होगी.

     - जानकारी है कि जब 300 इलेक्ट्रिक बसें चलने लगेंगी, तो इनमें से 100 मंडला कलां के बस डिपो से चलेंगी, 50 बसें राजघाट से ऑपरेट करेंगी, वहीं, 150 बसों को रोहिणी सेक्टर-37 से चलाया जाएगा.

    - सोमवार को जो पहली ई-बस लॉन्च हुई है, वो रूट नंबर E-44 पर चलेगी, जो डीटीसी के इंद्रप्रस्थ डीपो वाया ITO, AGCR, तिलक मार्ग, मंडी हाउस, बारखंबा रोड, कनॉट प्लेस, जनपथ, राजेश पायलट मार्ग, पृथ्वी राज रोड, ऑरोबिंदो मार्ग, एम्स, रिंग रोड, साउथ एक्सटेंशन, आश्रम, जंगपुरा, इंडिया गेट, हाईकोर्ट और प्रगति मैदान होते हुए फिर इंद्रप्रस्थ डिपो पर लौट जाएगी.

     

     

     

     

    अन्य खबर /शौर्यपथ/

    कथक के पर्याय बिरजू महाराज का रविवार देर रात निधन हो गया। अब दैनिक भास्कर से खास बातचीत में शास्त्रीय गायक पंडित साजन मिश्र ने बताया, "पंडित बिरजू महाराज दुनिया की इकलौती हस्ती थे, जो शास्त्रीय संगीत की तीनों विधाओं- गायन, वादन और नृत्य के लीजेंड रहे हैं। अगर आज कोई कथक का नाम ही ले लें तो मन में सिर्फ एक नाम उभरेगा- पंडित बिरजू महाराज। इसके पीछे एक लंबी तपस्या है। वे मेरे ससुर थे, इसलिए मैं उन्हें सिर्फ प्रोफेशनली नहीं जानता हूं। उनकी जिंदगी के तमाम पहलू देख चुका हूं।"

    दिल का दौरा पड़ा, पोती की गोद में प्राण त्याग दिए

    'महाराज जी' के नाम से मशहूर बिरजू महाराज का अगले महीने 85वां जन्मदिन होता। वे पोतियों रागिनी-यशस्विनी और दो शिष्यों के साथ अंत्याक्षरी खेल रहे थे। अचानक दिल का दौरा पड़ा, उन्होंने नजरें ऊपर कीं, पोती की गोद में सिर रखा और प्राण त्याग दिए। देश के दूसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म विभूषण से अलंकृत बिरजू महाराज का जन्म 4 फरवरी, 1938 को हुआ था। लोधी कॉलोनी शमशान स्थल पर जब उनकी चिता सजी तो शिष्यों ने उनकी बंदिश पर हथेलियों से ताल देकर श्रद्धांजलि दी।

    2 जगह नाचकर पैसे जुटाए, तब उनके पिता का श्राद्ध हो सका था

    पंडित साजन मिश्र ने आगे बताया, "बचपन में उनका नाम था- ब्रजमोहन मिश्र, जो पहले बिरजू और बाद में समय के साथ-साथ पं. बिरजू महाराज हो गया। उनके दादा लखनऊ के नवाब वाजिद अली के यहां राजनर्तक थे। घर में संगीत का माहौल था। लेकिन, माली हालत खराब थी। बचपन में उन्हें पतंग उड़ाने का शौक था। पैसे नहीं होते थे तो वे पतंगवाले बब्बन मियां को नाच दिखाते, तो कुछ पतंगें मिल जातीं। 9 साल के ही थे कि पिता चल बसे। पिता के दसकर्म के लिए भी दो जगह नाचकर पैसे जुटाए, तब जाकर श्राद्धकर्म हो सका था।"

    'देवदास' और 'बाजीराव मस्तानी' तक कई फिल्मों में नृत्य निर्देशन किया

    साजन मिश्र ने कहा, "कुछ बड़े हुए तो कपिला वात्स्यायन उन्हें दिल्ली ले आईं और एक डांस स्कूल में भर्ती कर दिया। वहां 13 की उम्र में ही वे नृत्य सिखाने लगे। चाचा लच्छू महाराज ने कई बार फिल्मों में काम करने का न्योता दिया, लेकिन तब उनकी अम्मा कहा करती थीं कि फिल्मों में काम करोगे तो पुरखों की परंपरा टूट जाएगी। इसलिए फिल्मों में काम नहीं किया। फिर जब सत्यजीत रे ने 'शतरंज के खिलाड़ी' के लिए गीत में मौका दिया तो उन्होंने स्वीकार कर लिया। इसके बाद 'दिल तो पागल है', 'देवदास' और 'बाजीराव मस्तानी' तक कई फिल्मों में नृत्य निर्देशन किया।

    पंडित साजन मिश्र ने आगे कहा, "वे आखिरी वक्त तक खुद को बिंदादीन की ड्योढ़ी (पुश्तैनी घर) का शागिर्द बताते रहे। उनमें पुरखों के प्रति कितना समर्पण था, इसका अंदाजा इसी बात से लगा सकते हैं कि अभी एक हफ्ते पहले ही उन्होंने कहा था कि जब मेरा अंतिम संस्कार हो तो मेरी राख का कुछ हिस्सा बिंदादीन की ड्योढ़ी तक जरूर पहुंचाना, कुछ गोमती और कुछ बनारस में बहा देना।"

    दुर्ग /शौर्यपथ /

    फिश फार्मिंग कराने का झांसा देकर 3 सौ किसानों से 2.65 करोड़ की ठगी करने वाले फिश फॉर्चून प्रोड्यूसर कंपनी के सीएमडी विजेंद्र कश्यप और सीईओ विनय शर्मा को दुर्ग लेकर आने की पुलिस ने फार्मेल्टी पूरी कर ली है। पुलिस को कोर्ट से दोनों आरोपियों को प्रोडक्शन वारंट पर लाने की अनुमति मिल गई है।

    दोनों को पुलिस 23 जनवरी को भोपाल जेल से दुर्ग लेकर आएगी। इसके बाद दोनों की मोहन नगर थाने में दर्ज प्रकरण मेंं अधिकृत गिरफ्तारी लेकर पूछताछ की जाएगी। मोहननगर पुलिस के मुताबिक कंपनी और उसके डायरेक्टर के खिलाफ पुलिस ने 10 दिसंबर को धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया था। इसके बाद पता चला कि कंपनी ने एमपी, राजस्थान, यूपी, बिहार समेत छत्तीसगढ़ में करीब 250 करोड़़ की ठगी की है। कंपनी के दोनों आरोपियों को भोपाल की कोहेफिजा पुलिस ने 13 से 15 दिसंबर के बीच गिरफ्तार कर लिया है।

    नई दिल्ली /शौर्यपथ/

    भारत और चीन के मध्य लंबे समय से तनाव जारी है. बावजूद इसके चीन अपनी नापाक हरकतों से बाज आता हुआ नजर नहीं आ रहा है. चीन पैंगोंग झील पर एक पुल बना रहा है, जिसकी लंबाई अब 400 मीटर से ज्यादा हो गई है. पुल का निर्माण पूरा होने पर चीन को उस क्षेत्र में अहम सैन्य बढ़त हासिल हो जाएगी, जो पूर्वी लद्दाख में भारत और चीन के बीच एक महत्वपूर्ण बिंदु रहा है.

    यह पुल (Bridge) 8 मीटर चौड़ा है. यह पुल पैंगोंग के उत्तरी तट पर चीनी सेना के फील्ड बेस के ठीक दक्षिण में स्थित है, जहां साल 2020 में भारत और चीन के बीच गतिरोध के दौरान चीनी सेना के अस्पताल और सैनिकों की रहने की व्यवस्था की गई थी.

    16 जनवरी की सैटेलाइट तस्वीरों से संकेत मिलता है कि निर्माण में जुटे चीनी श्रमिक पुल के खंभों को एक भारी क्रेन की मदद से कंक्रीट स्लैब से जोड़ने का काम रहे हैं, जिस पर डामर (tarmac) बिछाया जाएगा. निर्माण की तेजी को देखते हुए कहा जा सकता है कि पुल कुछ महीनों में पूरा हो सकता है. हालांकि, इस क्षेत्र में चीन के मुख्य सैन्य हब रुतोग तक सड़क से पहुंच सुनिश्चित करने में अभी लंबा समय लगेगा.

     

     

     

    दिनों-दिन बढ़ रहा ‘छत्तीसगढ़ हर्बल्स’ की बिक्री का आंकड़ा: वर्ष 2021-22 के प्रथम
    9 माह में ही 4.34 करोड़ के उत्पादों की बिक्री

    30 संजीवनी केंद्रों सहित धन्वन्तरी जेनेरिक मेडिकल स्टोर्स में भी हर्बल उत्पादों की उपलब्धता

    राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ 150 से अधिक मूल्य वर्धित उत्पादों का कर रहा है उत्पादन

    रायपुर /शौर्यपथ/

    मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में प्रदेश के वनवासियों को लघु वनोपजों और वन औषधियों के संग्रहण, प्रसंस्करण और मार्केटिंग के जरिए रोजगार और आय के साधन उपलब्ध कराने के काम में अच्छी सफलता मिल रही है। छत्तीसगढ़ हर्बल्स ब्रांड नेम से बेचे जाने वाले उत्पादों के व्यापार में हर साल दिन दूनी रात चौगुनी वृद्धि दर्ज की जा रही है। राज्य में वर्ष 2019-20 के बीच में जहां सवा करोड़ रुपए मूल्य के छत्तीसगढ़ हर्बल उत्पादों का व्यापार हुआ था, वहीं वर्ष 2020-21 में दो करोड़ 15 लाख रुपए का और चालू वित्त वर्ष 2021-22 के प्रथम 9 माह में 4 करोड़ 34 लाख रुपए मूल्य के हर्बल उत्पादों की राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मार्केट में बिक्री हो चुकी है। इस तरह छत्तीसगढ़ हर्बल्स का व्यापार अन्तर्राष्ट्रीय स्तर तक पहुंच चुका है।

    मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व और वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री मोहम्मद अकबर के मार्गदर्शन में राज्य में लघु वनोपजों के संग्रहण और छत्तीसगढ़ हर्बल के उत्पाद की बिक्री का आंकड़ा दिनों-दिन बढ़ रहा है। छत्तीसगढ़ के आदिवासियों महिला स्व सहायता समूह और वनवासियों द्वारा तैयार किए जाने वाले हर्बल उत्पादों को अच्छा बाजार उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार द्वारा सुनियोजित प्रयास किए गए प्रदेश के सभी जिलों में 30 संजीवनी केंद्र प्रारंभ किए गए है।

    छत्तीसगढ़ हर्बल्स, छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज (व्यापार और विकास) सहकारी संघ की एक इकाई हैंस राज्य के प्रचुर मात्रा में प्राकृतिक संसाधन जंगलो में और उसके आसपास रहने वाले व्यक्तियों, विशेषकर आदिवासियों की वित्तीय जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ 52 लघु वनोपज खरीदता है और 150 से अधिक मूल्य वर्धित उत्पादों का उत्पादन कर रहा है। संघ ने उत्पादों की खुदरा बिक्री के लिए राज्य के सभी प्रमुख जिलों में 30 संजीवनी केंद्र स्थापित किए हैं। वर्ष 2021-2022 के दौरान, छत्तीसगढ़ हर्बल्स के उत्पादों की बिक्री को बढ़ावा देने के लिए नई रणनीतियों को अपनाया और नई बिक्री तकनीकों को लागू किया गया। हर्बल उत्पादों के वितरण नेटवर्क के प्रबंधन के लिए एक निजी फर्म को काम पर रखने से नए क्षेत्र खुले हैं। अवनि आयुर्वेद प्राइवेट लिमिटेड को मार्च 2021 में छत्तीसगढ़ हर्बल्स के अधिकृत वितरक के रूप में नियुक्त किया गया था। संजीवनी आउटलेट के प्रभावी प्रबंधन और उत्पादों की मजबूत आपूर्ति श्रृंखला ने उत्पाद की उपलब्धता सुनिश्चित की। उत्पादों के संरचित विज्ञापन और प्रचार से संजीवनी केन्द्रो और उत्पादों की दृश्यता बढ़ी स प्रचार के लिए विभिन्न विपणन सामग्रियों का उपयोग किया गया। समाचार पत्र, होर्डिंग्स, सूचना पत्रक वितरण आदि समय-समय पर किए गए डीलर, सब-डीलर और रिटेलर्स के माध्यम से ओपन रिटेल मार्केट नेटवर्क में छत्तीसगढ़ हर्बल्स के प्रवेश से उत्पादों को बाजार और ग्राहकों तक पहुंचना आसान हो गया। धीरे-धीरे छत्तीसगढ़ के सभी प्रमुख जिलों में डीलरों की नियुक्ति की गई है। वितरक द्वारा 9 माह में 15 डीलर नियुक्त किए गए।

    विभिन्न अंतर्राष्ट्रीय, राष्ट्रीय और अंतर्राज्यीय स्तर की प्रदर्शनियों में छत्तीसगढ़ हर्बल्स की उपस्थिति ने विश्व स्तर पर उत्पादों की पहुंच का विस्तार किया। छत्तीसगढ़ हर्बल्स ने दुबई में अंतर्राष्ट्रीय गल्फ फूड फेस्टिवल, दिल्ली में इंटरनेशनल इंडसफूड इवेंट, दिल्ली में ट्राइबल फेस्टिवल, भोपाल में इंटरनेशनल हर्बल फेयर, छत्तीसगढ़ दिवाली हाट मेला, राज्योत्सव और मॉल में प्रदर्शनियों में भाग लिया। सरकारी और निजी संगठनों द्वारा आयोजित विभिन्न महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में समय पर प्रदर्शनियां लगाई जाती हैं।

    अमेजन और फ्लिपकार्ट जैसे ऑनलाइन सेल प्लेटफॉर्म में छत्तीसगढ़ हर्बल्स के प्रवेश ने देश भर में उत्पादों की उपलब्धता सुनिश्चित की। देश के लगभग हर राज्य से ऑर्डर मिल रहे हैं। इस कदम से छत्तीसगढ़ हर्बल्स के सेल्स को बढ़ावा मिला। ग्रामीण ई-स्टोर के सीएससी नेटवर्क के साथ समझौते ने ग्रामीण बाजार में भी छत्तीसगढ़ हर्बल ने प्रवेश की शुरुआत की। छत्तीसगढ़ के अपने जेनेरिक मेडिकल स्टोर्स -धन्वन्तरि में भी छत्तीसगढ़ हर्बल्स की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। उत्पादों की बेहतर पैकेजिंग ने इसे ग्राहकों के लिए आकर्षक बना दिया है। संजीवनी आउटलेट के नवीनीकरण ने ग्राहकों को आकर्षित किया और ग्राहकों की संख्या में वृद्धि की। छत्तीसगढ़ हर्बल्स में अनाज, मसाले, कुकीज, पर्सनल केयर आइटम आदि जैसी नई उत्पाद श्रृंखला के जुड़ने से ग्राहकों को खरीदारी करने के लिए व्यापक रेंज मिली। ग्राहकों की सुविधा के लिए गिफ्ट हैंपर्स की प्रीमियम श्रृंखला बनायीं गयी और स्टोर्स में इनकी उपलब्धता सुनिश्चित कराई गयी। ग्राहकों ने इन गिफ्ट हैंपर्स को हाथों-हाथ अपनाया।

    अल्लू अर्जुन की फिल्म 'पुष्पा: द राइज' बॉक्स ऑफिस पर रंग जमा चुकी है. ओटीटी प्लेटफॉर्म अमेजन प्राइम वीडियो पर भी इसे जोरदार रिस्पॉन्स मिला है. अब इसका बीटीएस वीडियो वायरल हो रहा है.

    नई दिल्ली /शौर्यपथ/

    अल्लू अर्जुन की फिल्म 'पुष्पा: द राइज' बॉक्स ऑफिस पर रंग जमा चुकी है. ओटीटी प्लेटफॉर्म अमेजन प्राइम वीडियो पर भी इसे जोरदार रिस्पॉन्स मिला है. फिल्म तेलुगू, तमिल, कन्नड़, मलयालम और हिंदी में रिलीज हुई है. फिल्म की बिहाइंड द सीन्स वीडियो भी खूब वायरल हो रहे हैं और ऐसा ही एक वीडियो सोशल मीडिया पर आया है जिसमें कोरियोग्राफर गणेश आचार्य अल्लू अर्जुन और सामंथा रुथ प्रभु को 'ऊ अंटावा ऊ ऊ अंटावा' के डांस स्टेप्स सिखाते नजर आ रहे हैं. इस वीडियो को गणेश आचार्य ने अपने इंस्टाग्राम एकाऊंट पर शेयर किया है.

     गणेश आचार्य ने सामंथा रुथ प्रभु और अल्लू अर्जुन के 'पुष्पा' के सॉन्ग 'ऊ अंटावा ऊ ऊ अंटावा' के बीटीएस वीडियो को शेयर किया है. इसमें लिखा है, 'मेरे फेवरिट अल्लू अर्जुन और सामंथा रुथ प्रभु के साथ एक और हिट दोनों के साथ सेट पर बहुत ही मजेदार समय गुजारा.' इस वीडियो पर जमकर कमेंट आ रहे हैं और फैन्स गणेश आचार्य के डांस स्टेप्स की जमकर तारीफ कर रहे हैं.

    अल्लू अर्जुन, फाहद फासिल और रश्मिका मंदाना की 'पुष्पा: द राइज' को सुकुमार ने डायरेक्ट किया है. फिल्म का पहला पार्ट अभी रिलीज हुआ है, और इसका दूसरा पार्ट आना है. फिल्म गाने, कहानी और एक्शन को फैन्स ने खूब पसंद किया है. फिल्म के सॉन्ग 'सामी सामी' को भी जमकर पसंद किया गया है और इसमें रश्मिका मंदाना के डांस और अंदाज को पसंद किया गया है. उसी तरह 'पुष्पा' का स्पेशल सॉन्ग 'ऊ अंटावा ऊ ऊ अंटावा' भी फैन्स का दिल जीतने में कामयाब रहा है.

     

     

     

     

    रायपुर /शौर्यपथ/ 

     

    IPS और निलंबित चल रहे ADG जीपी सिंह को रायपुर की अदालत में पेश किया जाएगा। कुछ ही देर में ACB की टीम उन्हें लेकर अदालत पहुंचेगी। दूसरी तरफ जीपी सिंह के वकील जमानत की अर्जी लगाने की तैयारी में हैं। अब केस की स्थिति को देखकर जज पर निर्भर है कि वो जीपी सिंह को रिमांड पर जेल भेजेंगे या बेल मिलेगी।

    आय से अधिक संपत्ति मामले में जीपी सिंह को पुलिस ने गुुरुग्राम से पिछले सप्ताह पकड़ा था। तब से जीपी सिंह ACB के रायपुर स्थित दफ्तर में पुलिस रिमांड पर थे। शुरुआती दिनों में जीपी सिंह ने अफसरों की पूछताछ में कोई जवाब नहीं दिए। मंगलवार दोपहर के वक्त जीपी सिंह की पुलिस रिमांड खत्म हो रही है, आगे का फैसला आज अदालत में होना है।

    परिजन दे रहे खराब स्वास्थ्य की दलील
    जीपी सिंह के परिजन और वकीलों का दावा है कि जीपी सिंह जांच में पूरी तरह सहयोग कर रहे हैं। पुलिस के प्रेशर की वजह से उनकी तबीयत का स्तर गिर रहा है। ब्लड प्रेशर की समस्या की वजह से जीपी सिंह का स्वास्थ्य ठीक नहीं है।

    जीपी सिंह के बयान से बवाल
    पिछली बार कोर्ट कैम्पस में जीपी सिंह ने कहा था कि, ये पॉलिटिकल विक्टमाइजेशन का केस है, मैं शुरू से कह रहा हूं। नागरिक आपूर्ति निगम की जांच कर रहा था तब गवाहों को हॉस्टाइल करने कहा गया, इस मामले में रमन सिंह और वीणा सिंह को फंसाने कहा गया था। जीपी सिंह कह चुके हैं कि जो FIR उनके खिलाफ दर्ज की गई है वो पूरी तरह से गलत है। जो संपत्ति उनके नाम बताई जा रही है वो उनकी नहीं है और ना ही उनका उससे कोई लेना-देना है। उन्होंने तब कहा था कि ये पूरा केस फैब्रीकेटेड (रचा हुआ) है।

    जीपी सिंह के मामले में अब तक क्या-क्या हुआ

    • 1 जुलाई की सुबह 6 बजे ACB-EOW की टीमों ने रायपुर, राजनांदगांव और ओडिशा में एक साथ छापा मारा था।
    • जीपी सिंह पर FIR दर्ज की गई। दूसरे दिन शुक्रवार को दिन भर की जांच के बाद 5 करोड़ की चल-अचल संपत्ति का खुलासा हुआ। 10 करोड़ की संपत्ति मिलने और इसके बढ़ने की
    • आधिकारिक जानकारी दी गई।
    • रायपुर में एक युवक से मारपीट, भिलाई में सरेंडर करने वाले नक्सल कमांडर से रुपयों का लेन-देन, रायपुर में एक केस में आरोपी की मदद का इल्जाम भी जीपी सिंह पर लगा है।
    • इन पुराने केस की फिर से जांच की जा रही है।
    • इन तमाम मामलों के बीच 5 जुलाई को राज्य सरकार ने ADG जीपी सिंह को एक आदेश पत्र में यह लिखते हुए निलंबित कर दिया कि एक अफसर से ऐसी अपेक्षा नहीं थी।
    • जुलाई के महीने से ही जीपी की लीगल टीम पुलिसिया कार्रवाई को रोकने की दलीलें हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में पेश कर रहे थे। मगर राहत नहीं मिली।
    • जनवरी में उन्हें अब गुरुग्राम से पकड़कर रायपुर पुलिस छत्तीसगढ़ लेकर आई, तब से अब तक पुलिस की कस्टडी में ही जीपी सिंह रह रहे हैं।
    • जीपी सिंह खुद ACB के चीफ रह चुके हैं, इस दौरान उन पर कई लोगों को धमकाने और वसूली करने के आरोप लगे।
    • जीपी के बंगले के छापे में एक डायरी भी मिली जिसमें कुछ नेताओं और अफसरों के खिलाफ बातें लिखीं थीं, इस मामले में उनपर राजद्रोह का केस भी दर्ज है।

    फिटनेस /शौर्यपथ/

    आज की सुविधाओ-भरी जीवनशैली में कमर दर्द की शिक़ायत होना आम है। घर पर ही कुछ व्यायाम अपनाकर इस दर्द से छुटकारा पा सकते हैं।

    पीठ के बल लेट जाएं और दोनों पैरों के घुटनों को मोड़ लें। अब तस्वीर में दिखाए अनुसार अपने दाएं पैर को बाएं पैर के घुटने के ऊपर (जांघ पर) टिकाएं, जैसे बैठने की अवस्था में रखते हैं। अब अपने हाथों को अपनी बाईं जांघ के पीछे रखें और सीने की ओर तब तक खींचें जब तक आपको खिंचाव महसूस ना हो। इस स्थिति में 30 सेकंड से 1 मिनट तक रहें। सुविधानुसार समय बढ़ा सकते हैं। अब यही प्रक्रिया दूसरी ओर से करें। शुरुआत में 5-5 के सेट करें।

    ज़मीन पर पेट के बल लेट जाएं और दोनों हाथों को सामने की ओर फैलाएं। अब पैरों को तस्वीर के अनुसार फैलाकर ज़मीन पर सपाट रखें। दोनों हाथों और पैरों को उठाएं और उनके और फ़र्श के बीच लगभग 6 इंच का अंतर बनाने का प्रयास करें। गर्दन दर्द से बचने के लिए सिर को सीधा रखें और फ़र्श को देखें। जहां तक हो सके हाथों और पैरों को बाहर की ओर फैलाएं। इसी स्थिति में 2-3 सेकंड तक रुकें और फिर सामान्य अवस्था में आ जाएं। शुरुआत में 8-10 बार इस प्रक्रिया को दोहराएं।

    किसी स्टूल या कुर्सी पर बैठ जाएं। पंजों को फ़र्श पर सपाट रखते हुए ही बैठें। अब हाथों को सिर के पीछे रखें और रीढ़ को एकदम सीधा रखते हुए धीरे-धीरे दाईं ओर मुड़ें। इसी स्थिति में 10 सेकंड तक रुकें, ताकि खिंचाव महसूस हो। दूसरी ओर से फिर यही प्रक्रिया दोहराएं। शुरुआत में दिन में 3-4 बार करें फिर धीरे-धीरे समय बढ़ाते जाएं। इस व्यायाम को दफ़्तर में या कहीं भी बैठकर कर सकते हैं।

    पीठ के बल सीधे लेट जाएं और दोनों पैरों को भी सीधा रखें। अब दाहिने घुटने को मोड़ते हुए सीने की ओर लाएं। घुटने को सहारा देने के लिए हाथों को अपनी जांघ के पीछे या पिंडली के शीर्ष पर पकड़ें, ताकि घुटना सीने को छू सके। ध्यान रहे कि कमर के निचले हिस्से को सीधा रखना है, उठने नहीं देना है। इस मुद्रा में 30 सेकंड से 1 मिनट तक रहें। दूसरी ओर से भी यही क्रिया दोहराएं। इस व्यायाम के दौरान गहरी सांस लें। शुरुआत में सुविधानुसार 3-4 सेट करें फिर समय बढ़ा लें।

     

     

     

     

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