August 01, 2026
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    धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
    क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।

    कोरोना वारियर्स और पीड़ितों के प्रति नजरिए में बदलाव लाने चलाया जा रहा जागरूकता अभियान

      जांजगीर-चांपा / शौर्यपथ / जिला पंचायत सभाकक्ष में गुरूवार को जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती यनिता यशवंत चंद्रा, जिला पंचायत उपाध्यक्ष एवं जिपं सदस्य सहित जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी तीर्थराज अग्रवाल की मौजूदगी में ‘बदलकर अपना व्यवहार, करें कोरोना पर वार’ के चार वीडियो प्रोजेक्टर के माध्यम से दिखाए गए। इन वीडियो के माध्यम से वैश्विक महामारी कोविड-19 से लड़ने वाले कोरोना वारियर्स एवं इस बीमारी से पीड़ितों व उनके परिजनों के प्रति नजरिए में अपनत्व की भावना लाने के बारे में बताया गया है।
    जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती यनिता चंद्रा का कहना था कि वीडियो से बहुत सी जानकारी मिली है। इस तरह के वीडियो से लोगों को जागरूक करना आसान होता है। लोगों में कोरोना से बचने और पीड़ितों के प्रति नजरिया बदलता है। जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी तीर्थराज अग्रवाल ने बताया कि राज्य शासन के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा दिशा-निर्देश दिए गए हैं कि मैदानी अधिकारियों और पंचायत प्रतिनिधियों को ‘बदलकर अपना व्यवहार, करें कोरोना पर वार’ अभियान के तहत भारत सरकार द्वारा तैयार किए गए वीडियो का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। इसी तारतम्य में वैश्विक महामारी कोविड-19 के प्रसार की रोकथाम के लिए जनप्रतिनिधियों, अधिकारी, कर्मचारियों में जागरूकता बढ़ाने, कोरोना वारियर्स एवं इस बीमारी से पीड़ितों व उनके परिजनों के प्रति नजरिए में अपनत्व की भावना लाने तथा इससे बचाव के लिए सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए आजीविका की ओर अग्रसर होने की अपील की गई है। जिपं सीईओ ने बताया कि ‘बदलकर अपना व्यवहार, करें कोरोना पर वार’ के वीडियो का प्रचार-प्रसार जनपद पंचायत स्तर पर करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही जनपद पंचायत स्तर पर बनाए गए सोशल मीडिया ग्रुप में भी भेजने कहा गया है। इन वीडियो को केन्द्रीय ग्रामीण विकास विभाग द्वारा ‘बदलकर अपना व्यवहार, करें कोरोना पर वार’ को यू-ट्यूब चैनल पर भी देखा जा सकता है।  इस दौरान जिला पंचायत उपाध्यक्ष राघवेन्द्र प्रताप सिंह, सदस्य रामकुमार साहू, गणेशराम साहू, श्रीमती कुसुम साव, श्रीमती जयकांता राठौर, निर्मल सिन्हा, श्रीमती शिवकुमारी रात्रे, श्रीमती विद्या सिदार, धरमलाल भारद्वाज सहित विभागीय अधिकारी, कर्मचारी मौजूद रहे।

    मुंगेली / शौर्यपथ / कलेक्टर एल्मा द्वारा लगातार दौरा कर जिले मे संचालित विकास और निर्माण कार्यो का जायजा लिया जा रहा है और ग्रामीणो से रूबरू होकर शासन द्वारा संचालित योजनाओ की जानकारी प्राप्त कर रहे है। इसी कड़ी मे कलेक्टर  एल्मा कल 24 जून को विकास खण्ड लोरमी क्षेत्र के दुरस्थ वनांचल क्षेत्र स्थित ग्राम छपरवा एवं लमनी का भ्रमण किया। भ्रमण के दौरान उन्होने ग्राम छपरवा के ग्रामीणो से रूबरू होते हुए खेती किसानी, खाद बीज और पेयजल की उपलब्धता के साथ-साथ अभ्यारण शिक्षण समिति द्वारा संचालित स्कूलो के संबंध मे जानकारी प्राप्त की । तत्पश्चात् कलेक्टर  ने ग्राम लमनी पहुॅचे और वहां  व्यवस्थापन के संबंध मे ग्रामीणो से चर्चा की । इस अवसर पर लोरमी अनुभाग के अनुविभागीय अधिकारी राजस्व और वन विभाग के अधिकारीगण उपस्थित थे।    

    मुंगेली / शौर्यपथ / कलेक्टर पी.एस.एल्मा ने अपने भ्रमण के दौरान कल 24 जून को जिले के विकास खण्ड मुख्यालय लोरमी पहुॅचे और वहां स्थानीय  विश्राम भवन मे अचानकमार अभ्यारण और राजस्व विभाग के अधिकारियो की संयुक्त बैठक ली। बैठक मे उन्होने अचानकमार अभ्यारण क्षेत्र के लोगो के व्यवस्थापन के संबंध मे जानकारी प्राप्त की और संबंधितो को आवश्यक निर्देश दिये । इस अवसर पर लोरमी अनुभाग के अनुविभागीय अधिकारी राजस्व और वन विभाग के अधिकारीगण उपस्थित थे।  

    महापौर धीरज बाकलीवाल ने कलेक्टर डाक्टर सर्वेश्वर नरेंद्र भूरे से की चर्चा
    कलेक्टर ने कहा कि दुर्ग नगर के सौंदर्यीकरण और बुनियादी सुविधाओं को बढ़ावा देने पर रहेगा पूरा जोर

       दुर्ग / शौर्यपथ / दुर्ग निगम के महापौर धीरज बाकलीवाल अपने प्रभारी मंत्रियो के साथ कलेक्टर डाक्टर सर्वेश्वर नरेंद्र भूरे से चर्चा कर दुर्ग शहर के विकास के लिए रूपरेखा खींची। बैठक में निर्णय लिया गया कि दुर्ग में भी भिलाई की तरह ही खेलों का इंफ्रास्ट्रक्चर बेहतर करने के संबंध में प्रयास किए जाएंगे। वार्डों में चिन्हांकित स्थलों पर इंडोर स्टेडियम बनाए जाएंगे। ये मल्टीएक्टिविटी सेंटर होंगे। यहां बैडमिंटन, बास्केटबाल कोर्ट के साथ ही मल्टी एक्टिविटी के लिए जगह होगी। महापौर एवं कलेक्टर ने कहा कि ये एक तरह से रिफ्रेशिंग सेंटर की तरह होंगे।
    बता दे कि महापौर बाकलीवाल के द्वारा चुनाव में भी ये वादा जनता से किया गया था कि दुर्ग निगम क्षेत्र को भी खेल की दिशा में आगे बढाने का प्रयास करेंगे . महापौर निर्वाचित होते ही बाकलीवाल ने अपनी टीम को इस दिशा में कार्य करने का निर्देश दे दिया था जिसके लिए महापौर की टीम ने महापौर के निर्देश पर एक रुपरेखा तैयार की .
    महापौर ने कहा कि दुर्ग शहर हाकी के कद्रदानों का शहर रहा है। इस लिहाज से हाकी की परंपरा आगे बढ़ाये इसके लिए एस्ट्रो टर्फ जैसे मैदान की दिशा में कार्य किया जा सकता है। इसके अलावा बैठक में ओपन जिम पर सहमति भी बनी। बैठक में सभापति राजेश यादव एमआईसी सदस्य ऋषभ जैन, श्री दीपक साहू, मनदीप सिंह भाटिया, संजय कोहले तथा अन्य जनप्रतिनिधि एवं नगर निगम कमिश्नर इंद्रजीत बर्मन उपस्थित थे।
    बैठक में सभी ने कहा कि शहर के भीतर जमीन सीमित है। इसके लिए पांच हजार स्क्वायर फीट में भी बेहतर अधोसंरचना खड़ी की जा सकती है। इस दिशा में कार्य किया जाएगा। बैठक में तालाबों के सौंदर्यीकरण का भी मुद्दा रहा। तालाबों को प्रदूषण मुक्त करने , इनके किनारे सौंदर्यीकरण का कार्य करने का निर्णय लिया गया। इसके साथ ही सघन पौधरोपण का निर्णय भी लिया गया। इसके लिए कलेक्टर ने कहा कि ट्री गार्ड उपलब्ध कराया जाएगा। निगम के पदाधिकारियों ने प्रस्ताव रखा कि पीडब्ल्यूडी की काफी जमीने शहर में हैं। राजेंद्र चैाक से ग्रीन चौक तक, उधर पटेल चैाक तक , पुलगांव चैाक नदी रोड से नयापारा चौक तक, उतई टेम्पो स्टैंड से पोटिया चैाक होते हुए महाराजा चैाक तक , यह अगर निगम को उपलब्ध हो जाए तो निगम इनके लिए प्लानिंग कर सकता है। निगम पदाधिकारियों ने मानस भवन के सामने के बरामदे को स्वामित्व में देने का प्रस्ताव रखा ताकि उसमें भवन बना सके। इससे निगम की आय भी बढ़ सकेगी और शहरवासियों को भी सुविधा मिल सकेगी। निगम पदाधिकारियों ने मल्टी स्टोरी हेतु इंदिरा मार्केट की जमीन के आवंटन की माँग भी रखी। एक अच्छे स्वीमिंग पुल की मांग भी रखी। ट्रांसपोर्ट नगर की स्थापना हेतु 30 एकड़ जमीन के चिन्हांकन का प्रस्ताव भी उन्होंने रखा। प्रत्येक वार्ड में वार्ड कार्यालय के लिए नजूल भूमि की आवश्यकता भी उन्होंने जताई। शहर के किसी निगम स्कूल में इंग्लिश मीडियम आरंभ करने की बात भी कही।
    बैठक में महापौर बाकलीवाल ने कहा कि निगम बुनियादी सुविधाओं को सुनिश्चित करने के साथ ही दुर्ग में ऐसे ठोस काम करना चाहता है जिससे आने वाली पूरी पीढ़ी को लाभ हो सके। शहर में स्पोट्र्स फैसिलिटी, आडिटोरियम आदि की व्यवस्था होने से नागरिक समुदाय को मनोरंजन एवं सांस्कृतिक विकास के अवसर भी उपलब्ध होंगे। कलेक्टर ने कहा कि दुर्ग नगर के सौंदर्यीकरण एवं बुनियादी सुविधाओं के विकास पर पूरा जोर रहेगा। अभी यह देखा गया है कि मुख्य सड़क के इस ओर तो सौंदर्यीकरण का काफी कार्य हुआ है लेकिन अपेक्षाकृत सड़क का दूसरा छोर इस मामले में पीछे है। शहर के सौंदर्यीकरण में इस संबंध में भी प्लान किया जाएगा।

    जांजगीर-चांपा / शौर्यपथ / जिला पंचायत सभाकक्ष में गुरूवार को जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती यनिता यशवंत चंद्रा की अध्यक्षता में सामान्य प्रशासन समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी तीर्थराज अग्रवाल मौजूद रहे।
    बैठक में जिला पंचायत के सदस्यों के प्रशिक्षण को लेकर चर्चा की गई। सदस्यों को जानकारी दी गई कि कोरोना महामारी के चलते प्रशिक्षण को स्थगित किया गया था, इसलिए जैसे ही नई तारीख आएगी सदस्यों को प्रशिक्षण की जानकारी दी जाएगी। इसके बाद सदस्यों को जिला पंचायत में आय-व्यय के अनुमोदन एवं जिला पंचायत में संचालित विभिन्न योजनाओं के खातों के आय-व्यय के संबंध में चर्चा हुई। सदस्यों को जिला पंचायत के आय-व्यय की जानकारी से अवगत कराया गया। इसके अलावा प्रधानमंत्री आवास योजना, राष्ट्रीय आजीविका मिशन, महात्मा गांधी नरेगा, स्वच्छ भारत मिशन, गौण खनिज, 14 वें वित्त, मूलभूत योजना, मुख्यमंत्री ग्रामीण आंतरिक विद्युतीकरण, मुख्यमंत्री कौशल विकास प्राधिकरण आदि योजनाओं के आय-व्यय की जानकारी दी गईं। जिला पंचायत के तहत कार्यरत कर्मचारियों की सेवा के संबंध में जानकारी दी गई। महिला एवं बाल विकास विभाग के तहत संचालित विभिन्न योजनाओं एवं आंगनबाड़ी केन्द्रों द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। सदस्यों को महिला बाल विकास विभाग अधिकारी ने परियोजनावार जानकारी दी। इस दौरान सदस्यों ने रेडी टू ईट पर चर्चा करते हुए कहा कि उन समूह का ही चयन किया जाए जो नियमों के तहत कार्य कर रहे हैं। इसके साथ ही रेडी टू ईट में विशेष निरीक्षण समिति गठित करने की बात सदस्यों ने कही। इसके अलावा आंगनबाड़ी केन्द्रों में दी जाने वाली सेवाओं के बारे में सदस्यों को बताया गया। न्यायालयीन प्रकरणों के अंतर्गत शिक्षक (एलबी), शिक्षक पंचायत संवर्ग संबंध में नियुक्ति, पदोन्नित, न्यायालीन प्रकरण, संविलियिन, नियमितीकरण एवं एरियर्स के भुगतान पर चर्चा की गई। जिला पंचायत उपाध्यक्ष राघवेन्द्र प्रताप सिंह, सदस्य रामकुमार साहू, गणेशराम साहू, श्रीमती कुसुम साव, श्रीमती जयकांता राठौर, निर्मल सिन्हा, श्रीमती शिवकुमारी रात्रे, श्रीमती विद्या सिदार, धरमलाल भारद्वाज सहित विभागीय अधिकारी, कर्मचारी मौजूद रहे।

    भिलाई / शौर्यपथ / भिलाईनगर विधायक व महापौर देवेंद्र यादव ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार लगातार किसान के हित के लिए काम कर रही है। इसी कड़ी में प्रदेश के किसान और गोपालकों के हित और विकास के लिए  मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार ने एक और अहम फैसला लिया है। प्रदेश सरकार 21 जुलाई को हरेली त्योहार के दिन गोधन न्याय योजना की शुरूआत करने वाली है। सरकार की यह योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में मील का पत्थर साबित होगी। गो पालकों और किसानों को आत्मनिर्भर बनाने उनके हित और विकास के साथ ही जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए सीएम श्री भूपेश बघेल जी ने यह योजना बनाई है।
        इसके लिए भिलाई नगर विधायक व महापौर देवेंद्र यादव ने सीएम बघेल का दिल से आभार जताया है। विधायक व महापौर देवेंद्र यादव ने प्रदेश सरकार का दिल से आभार जताते हुए आगे कहा कि प्रदेश सरकार जिस तेजी से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए जिस तरह से काम कर रही है। उससे आने वाले समय पर किसानों को बड़ा लाभ मिलेगा। किसान और गोपालक गोबर बेच कर अच्छी आय कमा पाएंगे साथ ही सीएम जैविक खेती की ओर किसानों को अग्रसर कर रहे हैं। मुख्यमंत्री बघेल की दूरदर्शिता,बेहतर प्लानिंग किसानों और गोपालाकों को आत्मनिर्भर बनाएंगी।
    गोधन न्याय योजना के तहत सरकार अब गोपालकों से गोबर खरीदेगी। इसका इस्तेमाल एक ओर जहां सड़क पर आवारा घूम रहे पशुओं को रोकने में होगा, वहीं गोबर से वर्मी कंपोस्ट खाद बनाई जाएगी। इसे बाद में किसानों, वन विभाग और उद्यानिकी विभाग को दिया जाएगा। गोबर खरीदी की शुरुआत गोधन न्याय योजना के तहत सरकार 21 जुलाई को हरेली त्योहार के दिन से करेगी। छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य होगा जो गोबर की खरीद करेगा। जब सरकार खुद गोबर की खरीदी करेगी तो किसान गो पालन की ओर अग्रसर होंगे। किसान पशुपालन करने लगेंगे तो जाहिर सी बात ही है कि दूध, दही, धी का उत्पादन बढ़ेगा। इससे भी किसानों का आय बढ़ेगा। जैविक खेती से किसान कम खर्च में गाय के गोबर से ही खाद बनाकर उपयोग करेंगे। इससे रसायनिक खाद का उपयोग घटेगा औैर खेती का खर्च भी कम होगा। साथ ही उत्पादन बढऩे के साथ ही बिना रसायिक खाद वाले पौष्टिक धान , सब्जी आदि का उत्पान होगा। जिससे स्वास्थ्य भी बेहतर होगा।

    दुर्ग / शौर्यपथ / जिले में संचालित किशोर न्याय बालको की देखरेख व संरक्षण अधिनियम 2015 की धारा 41 के अंतर्गत पंजीकृत बाल संस्थाओं में निवासरत देखरेख और संरक्षण की आवश्यकता वाले बालकों को किशोर न्याय, बालकों की देखरेख और संरक्षण अधिनियम 2015 की धारा 44 तथा मॉडल गाइड लाइन फॉर फॉस्टर केयर 2016 के प्रावधानानुसार अस्थाई संरक्षण में दिए जाने हेतु फॉस्टर केयर में भारतीय दम्पत्तियों से आवेदन आमंत्रित हैै।
    फॉस्टर केयर परिवार का दायित्व होगा कि वह बालक को समुचित भोजन, वस्त्र, आश्रय, शिक्षा-उच्च शिक्षाए देखभाल एवं संरक्षणए आवश्यकतानुसार सभी प्रकार की चिकित्सा, उपचार, आयु एवं रूचि अनुसार व्यवसायिक प्रशिक्षण, बालक की विकास संबंधी आवश्यकताओं की पूर्तिए बालक की शोषण, दुव्र्यवहार, हानिए, उपेक्षा से सुरक्षा तथा बालक एवं उसके जैविक परिवार की निजता का सम्मान करें। इसके साथ ही फॉस्टर केयर मार्गदर्शिका 2016 में उल्लेखित सभी दायित्व एवं शर्तों तथा बालक कल्याण समिति एवं जिला बाल संरक्षण ईकाई के निर्देशों का पालन अनिवार्य होगा। ऐसे भारतीय दंपत्ति जो देखरेख और संरक्षण की आवश्यकता वाले बालकों को अस्थाई रूप से संरक्षण में लेना चाहते है, वे कार्यालय जिला कार्यक्रम अधिकारी जिला बाल संरक्षण अधिकारी, महिला एवं विभागए पांच बिल्डिंग परिसर, जिला दुर्ग फोन नं 0788.2213363 में संपर्क कर निर्धारित प्रपत्र में कार्यालयीन समय में आवेदन कर सकते है। आवेदन के पश्चात् उक्त अधिनियम एवं गाइड लाइन के प्रकाश में गृह अध्ययन प्रतिवेदन तथा स्पान्सरशिप एवं फास्टर केयर अनुमोदन समिति की अनुशंसा के आधार पर जिले की बाल कल्याण समिति द्वारा देखरेख एवं संरक्षण हेतु बालकए संबंधित दंपत्ति को फॉस्टर केयर में दिया जा सकेगा।

    कलेक्टर ने खनिज , पर्यावरण राजस्व और वन विभाग के अधिकारियों की ली बैठक ,कहा अवैध उत्खनन व परिवहन पर रखे नजर

    दुर्ग / शौर्यपथ / कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर भूरे ने अवैध उत्खनन व परिवहन पर लगातार नजर रखने तथा ऐसी स्थिति में तत्काल प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने आज खनिज ,राजस्व पुलिसवन और पर्यावरण विभाग की बैठक लेकर ठोस कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस व आरटीओ का सहयोग लें तथा वन चैकियों पर भी वाहनों की जांच हो। उन्होंने कहा कि अभी रेत खनन पर पूर्णत: प्रतिबंध है।केवल लाइसेंस धारी जिन्होंने रेत का पूर्व में भंडारण किया है रेत का परिवहन और विक्रय कर सकते हैं।जिसके लिए पृथक से पास जारी होगा।उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भी इस विषय को लेकर काफी गंभीर हैं। अत: सभी संबंधित विभागों के अधिकारी टीम बनाकर कार्य करें। उन्होंने ईंट निर्माण के लाइसेंस एक्सपायर होने के बाद भी ईंट निर्माण कार्य करने वालों के विरूद्ध कार्रवाई के निर्देश भी दिए हैं। बैठक में खनिज अधिकारी गोलघाटे ने बताया कि 2019-20 में अवैध उत्खनन के 9 प्रकरणों पर कार्रवाई कर 2 लाख 60 हजार व अवैध परिवहन के 292 मामलों पर कार्रवाई कर 50 लाख 90 हजार का जुर्माना वसूला गया। वहीं चालू वित्तीय वर्ष में अब तक अवैध उत्खनन के 2 मामलों में 92 हजार व परिवहन के 81 मामलों में 15 लाख 33 हजार का जुर्माना वसूला गया।
    बैठक में डीएफओ के आर बढ़ाई ,एसडीएम दुर्ग खेमलाल वर्मा, डीएसपी शौकत अली ,आरटीओ से अतुल विश्वकर्मा तथा सी ई सी बी से डॉ अनिता सावंत व केमिस्ट शिवप्रसाद मौजूद थे। बैठक में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से पाटन और धमधा में अनुविभागीय अधिकारी भी शामिल हुए।

         रायपुर / शौर्यपथ / भाजपा नेता सरोज पांडे ने झीरम मामले में बयान पर दुख और पीड़ा व्यक्त करते हुये प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि महिलायें तो ममता की मूर्ति होती है, सरोज पांडे एक महिला होने के बावजूद कभी झीरम के शहीदों के परिवारजनों की पीड़ा को क्यों नहीं समझा? सरोज पांडे जी के केन्द्र सरकार में बड़े पदों में बैठे लोगों से अच्छे संबंध है। सरोज पांडे ने छत्तीसगढ़ की बड़ी नेता होने के बावजूद कभी भी झीरम के आपराधिक राजनैतिक षडय़ंत्र की जांच के लिये प्रयास क्यों नहीं किया? झीरम पर बयान देने के बाद सरोज पांडेय जी को पूरी जिम्मेदारी से बताना चाहिये कि आत्मसमर्पित माओवादी नेता गुंडाधुर से एनआईए ने झीरम की साजिश पर पूछताछ क्यों नहीं की? एनआईए ने झीरम के आपराधिक राजनैतिक षडय़ंत्र की जांच क्यों नहीं की? रमन्ना और गणपति के नाम एनआईए की पहली चार्जशीट में थे, फाइनल चार्जशीट में क्यों और किसके कहने पर हटा दिये गये? देश के सबसे बड़े और घातक नक्सली हमले में नक्सलियों के शीर्ष नेताओं को बरी कर दिया गया और दंडकारण्य अंचल के नक्सली नेताओं को ही आरोपी बनाया गया जबकि कोई भी साजिश शीर्ष नेताओं की सहमति, अनुमति और भागीदारी के बिना संभव ही नहीं होती। साजिश करने वालों की जांच, गिरफ्तारी और पूछताछ के बजाय उनके नाम हटाकर केन्द्र सरकार की एजेंसी एनआईए ने क्या संदेश दिया है। गूढ़ राजनीति को समझने वाली और करने वाली सरोज पांडे जी इन बातों को नहीं समझती, ऐसी बात नहीं है।
          प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि क्या सरोज पांडे झीरम की साजिश के सबूत एनआईए को इसलिये सौपवाना चाहती है कि इन सबूतों को भी रमन्ना और गणपति के खिलाफ पहले मिले सबूतों की ही तरह खत्म किया जा सके। 2013 में कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा और भाजपा की विकास यात्रा को धमकी देने वाली माओवादी विज्ञप्ति गुड़सा उसेन्डी ने ही जारी की थी। शीर्ष नक्सली नेताओं में एक गुंडाधुर के आत्मसमर्पण के बाद से एनआईए ने कभी भी गुंडाधुर से झीरम की साजिश के बारे में पूछताछ क्यों नहीं की? छत्तीसगढ़ विधानसभा में झीरम मामले की सीबीआई जांच की घोषणा के केन्द्र सरकार ने सीबीआई जांच नहीं कराने की सूचना राज्य सरकार को पत्र लिखकर 3 दिसंबर 2016 को दे दी थी। इसके बाद रमन सिंह सरकार दो साल तक दिसंबर 2018 तक सत्ता में रही लेकिन केन्द्र सरकार द्वारा सीबीआई जांच नहीं कराने का फैसला और दूसरी सूचना देने वाले पत्र को झीरम के शहीदों के परिजनों, छत्तीसगढ़ की आम जनता और मीडिया तक से क्यों छुपाकर रखा? यहां तक कि जिसकी मांग पर जांच की घोषणा रमन सिंह सरकार ने विधानसभा के पटल में की थी, उस विपक्षी दल कांग्रेस से भी इस जानकारी को क्यों छिपाया गया?

    शौर्यपथ। जांजगीर चांपा इन दिनों श्रम विभाग कार्यालय में श्रमिक पंजीयन कराने का कार्य शासन के निर्देश पर किया जा रहा है। आज जो स्थिति सुबह से कार्यालय के बाहर देखने को मिली वह कोविड- 19 जैसे वैश्विक महामारी के प्रति किसी बड़ी लापरवाही से कम नहीं है। बाहर से आये प्रवासी मजदूर ना तो सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर रहे है और न ही किसी ने मास्क ही लगाया है। और श्रम विभाग के द्वारा श्रमिको के हाथ धोने के लिये हैंड वॉश, सेनीटाइजर, पीने का पानी, टेंट जैसे उचित प्रबंध भी नहीं किया गया है। इसको देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि प्रवासी श्रमिक तथा श्रमविभाग के अधिकारी कर्मचारी कोरोना वायरस महामारी से बचने के लिये कितना गंभीर हैं। 'इस संबंध में श्रमपदाधिकारी के.के. सिंग को जब दूरभाष पर जानकारी दी गई तो लापरवाह अंदाज में बात को टालते नजर आये, जबकि स्वयं अधिकारी कार्यालय के अंदर मौजूद हैं चाहते तो मजदूरों को कम से कम सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने व गमछा को मुंह में बांधने की हिदायत के साथ फार्म जमा करने के निर्देश दे सकते थे। वहीं बाहर उपस्थित हमारे संवाददाता को सेनेटाईजर और हैण्डवास जैसी कोई भी सुविधा मजदूरों के लिए रखी गई हो देखने को नहीं मिला। मजदूरों से चर्चा की गई तो उनका मानना है कि हम 14 दिन कोरटिंन सेंटर में रहकर आये हैं अब हमेे कुछ नहीं होगा।' मजदूर हो या आम आदमी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा और विभाग को सेनेटाईजर, हैण्डवास जैसे हाथ धोने के लिए व्यवस्था करनी होगी, यदि इस तरह की लापरवाही बरती जा रही है यह गंभीर है। मैं अभी तुरंत पुलिस भेजकर मामले को देखती हूं। श्रीमती मेनका प्रधान एसडीएम, जांजगीर चांपा

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