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रायपुर /शौर्यपथ/
छत्तीसगढ़ शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास तथा श्रम मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया ने आज यहां रायपुर में अपने निवास में अंत्यावसायी वित्त एवं विकास निगम की योजनाओं के हितग्राहियों को चेक प्रदान किया एवं ट्रैक्टर की चाबी सौंपी।
डॉ. डहरिया ने अनुसूचित जाति विकास ट्रैक्टर ट्राली योजना के तहत रायपुर जिले के आरंग विकासखण्ड के ग्राम कुलीपोटा के सुजीत कुमार नवरंगे को ट्रैक्टर की चाबी प्रदान की। योजना इकाई लागत 8 लाख 71 हजार रूपए है। इसी तरह से अनुसूचित जाति लघु व्यवसाय इकाई योजना के तहत आरंग विकासखण्ड के ग्राम कोड़ापार के मनोज कुमार जोशी को व्यवसाय शुरू करने के लिए एक लाख रूपए का चेक प्रदान किया।
भारत में जनजातीय संक्रमण: मुद्दे, चुनौतियां और आगे की राह‘ विषय पर राष्ट्रीय सम्मेलन को सम्बोधित किया वन मंत्री ने
छत्तीसगढ़ सरकार जनजातीय समुदायों के समग्र विकास के लिए निरंतर प्रयासरत: डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम
रायपुर /शौर्यपथ/
छत्तीसगढ़ के वन एवं विधि विधायी मंत्री मोहम्मद अकबर ने कहा है कि आदिवासियों, किसानों और वंचितों का कल्याण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। राज्य सरकार द्वारा आदिवासियों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ते हुए उनके जीवन स्तर को ऊंचा उठाने और उनकी सांस्कृतिक, ऐतिहासिक धरोहरों को सहेजने के हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। श्री अकबर ने आज ‘भारत में जनजातीय संक्रमण: मुद्दे, चुनौतियां और आगे की राह‘ (‘ट्रायबल ट्रांजिशन इन इंडिया: इश्यूज, चैलेंजेस एण्ड रोड अहेड‘) विषय पर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को सम्बोधित करते हुए इस आशय के विचार प्रकट किए।
इस राष्ट्रीय सम्मेलन के मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल थे, लेकिन उनकी व्यस्तता के कारण वन मंत्री अकबर ने इस राष्ट्रीय सम्मेलन को मुख्यमंत्री श्री बघेल के प्रतिनिधि के रूप में मुख्यमंत्री निवास से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सम्बोधित किया। वन मंत्री ने इस अवसर पर सभी लोगों को संविधान दिवस की शुभकामनाएं दीं।
इस राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन हिदायतुल्ला राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय रायपुर द्वारा छत्तीसगढ़ के जनजातीय अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान (ट्रायबल रिसर्च एण्ड ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट) और ठाकुर प्यारेलाल राज्य पंचायत एवं ग्रामीण विकास संस्थान के सहयोग से वर्चुअल मोड में किया गया। सम्मेलन में छत्तीसगढ़ के आदिमजाति कल्याण मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम, राज्यसभा सांसद श्री विवेक कृष्ण तन्खा, छत्तीसगढ़ के महाधिवक्ता सतीश चन्द्र वर्मा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे। कार्यक्रम में एचएनएलयू रायपुर के कुलपति प्रोफेसर डॉ. वी.सी. विवेकानंदन और रजिस्ट्रार प्रोफेसर डॉ. उदय शंकर भी उपस्थित थे।
वन मंत्री अकबर ने सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए आदिवासियों के संवैधानिक अधिकारों के संरक्षण, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार सहित उनकी संस्कृति और परम्पराओं को सहेजने के लिए राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि पिछले तीन वर्षों के दौरान राज्य सरकार ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज के सपने साकार करने के लक्ष्य को लेकर अनेक नीतियों और योजनाएं प्रारंभ की हैं। सुराजी गांव योजना, नरवा, गरवा, घुरूवा, बाड़ी कार्यक्रम, गोधन न्याय योजना जैसी योजनाओं से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है और आदिवासियों का जीवन स्तर ऊंचा उठा है। श्री अकबर ने कहा कि छत्तीसगढ़ में वन अधिकार कानून को प्रभावी रूप से क्रियान्वित करते हुए व्यक्तिगत और सामुदायिक वन अधिकार पट्टों के साथ ग्राम सभाओं को वन संसाधन के अधिकार भी दिए गए हैं। लघु वनोपजों के समर्थन मूल्य में वृद्धि के साथ खरीदी जाने वाली लघु वनोपजों की संख्या 7 से बढ़ाकर 52 की गई है। साथ ही लघु वनोपजों के वेल्यू एडिशन के कार्य में हजारों की संख्या से आदिवासियों और वनवासियों को रोजगार से जोड़ा गया है।
अकबर ने कहा कि आदिवासियों के संरक्षण के लिए नई औद्योगिक नीति में बड़े उद्योगों की जगह छोटे उद्योगों, वन और कृषि आधारित गैर प्रदूषणकारी उद्योगों को प्राथमिकता दी गई है। औद्योगिक नीति में यह प्रावधान भी रखा गया है कि उद्योगों की स्थापना प्राथमिकता के आधार पर शासकीय भूमि पर की जाए। अकबर ने आदिवासी क्षेत्रों में स्वास्थ्य से संबंधित संचालित की जा रही योजनाओं मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लिनिक योजना, मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान, मलेरिया उन्मूलन अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि इन योजनाओं से इन क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाएं सुदृढ़ करने में मदद मिली है। शिक्षा के क्षेत्र में लागू की गई योजनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि आदिवासी क्षेत्रों में वर्षों से बंद पड़े स्कूलों को फिर से शुरू किया गया। हर विकासखंड में स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूलों की स्थापना की गई। राज्य सरकार द्वारा विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए निःशुल्क कोचिंग और स्कॉलरशिप की सुविधा दी जा रही है। अकबर ने इस राष्ट्रीय सम्मेलन के आयोजकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस कॉफ्रेंस के माध्यम से आदिवासियों से जुड़े मुद्दों एवं कठिनाईयों के समाधान के लिए नए रास्ते निकलेंगे।
छत्तीसगढ़ के आदिमजाति कल्याण मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार राज्य के जनजातीय समुदायों के समग्र विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है, जिसके परिणाम स्वरुप आदिवासी समाज के लोग आज शिक्षा, रोजगार सहित विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ रहे हैं। उनमें अपने अधिकारों के प्रति जागरूकता भी आ रही है, लेकिन अभी भी उनके लिए काफी कुछ किया जाना शेष है। डॉ.टेकाम ने आदिवासियों के हित में राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यो का उल्लेख करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में उद्योगों के लिए आदिवासियों से ली गई जमीन उन्हें वापस की गई। वन अधिकार अधिनियम 2006 के तहत 4 लाख 45 हजार से अधिक व्यक्तिगत वन अधिकार पत्र, 45 हजार 432 सामुदायिक वन अधिकार पत्र तथा 3113 सामुदायिक वन संसाधन अधिकार मान्यता पत्र वितरित किए गए हैं। तेंदूपत्ता संग्रहण पारिश्रमिक की दर 2500 रूपए से बढ़ाकर 4000 रूपए प्रति मानक बोरा की गई है। अकेले तेंदूपत्ता संग्रहण से वनवासियों को 700 करोड़ रूपए तथा लघु वनोपजों के संग्रहण से 200 करोड़ रूपए की आमदनी हुई है।
आदिमजाति कल्याण मंत्री ने कहा कि प्रदेश में पेसा अधिनियम के प्रावधानों के क्रियान्वयन के लिए नियम बनाने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के अनुसूचित क्षेत्र की 5632 पंचायतें तथा 9977 ग्राम पेसा अधिनियम के अंतर्गत आते हैं। आदिवासी विकास की योजनाओं के संबंध में उन्हांेने बताया कि प्रदेश में 71 एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, नक्सल प्रभावित जिलों सहित अनुसूचित क्षेत्रों में प्रयास आवासीय विद्यालय, नक्सल प्रभावित बच्चों के लिए आस्था गुरूकुल दंतेवाड़ा का संचालन किया जा रहा है। इसके साथ ही साथ 3278 छात्रावासों का संचालन भी किया जा रहा है। अनुसूचित क्षेत्रों के विकास में स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए बस्तर और सरगुजा आदिवासी क्षेत्र विकास प्राधिकरण तथा मध्य क्षेत्र विकास प्राधिकरण का गठन किया गया है। बस्तर में आदिवासी संस्कृति के संरक्षण के लिए देवगुड़ी और घोटुल का निर्माण किया जा रहा है। आदिवासी क्षेत्रों में बच्चों को उनकी भाषा में प्राथमिक शिक्षा दी जा रही है।
राज्यसभा सांसद विवेक कृष्ण तन्खा ने मुख्य वक्ता के रूप में सम्मेलन को सम्बोधित किया। छत्तीसगढ़ के महाधिवक्ता सतीश चन्द्र वर्मा और एचएनएलयू रायपुर के कुलपति प्रोफेसर डॉ. वी.सी. विवेकानंदन ने भी इस अवसर पर अपने विचार प्रकट किए। स्वागत भाषण प्रोफेसर डॉ.योगेन्द्र कुमार श्रीवास्तव ने दिया। एचएनएलयू के रजिस्ट्रार प्रोफेसर डॉ. उदय शंकर ने आभार प्रदर्शन किया।
रायपुर /शौर्यपथ/
राज्यपाल अनुसुईया उइके से राजभवन में संचालनालय सैनिक कल्याण छत्तीसगढ़ के संचालक ब्रिगेडियर विवेक शर्मा ने मुलाकात कर उन्हेें सैनिक कल्याण बोर्ड द्वारा सैनिकों के कल्याण के लिए की जा रही गतिविधियों की जानकारी दी। राज्यपाल उइके ने सैनिक कल्याण बोर्ड के कार्यालय की चारदीवारी में भारतीय सेना के शौर्य की गाथा उकेरने के निर्देश दिए। उन्होंने भूतपूर्व सैनिकों के कल्याण के लिए और अधिक कार्यक्रम संचालित करने को कहा।
रायपुर /शौर्यपथ/
राजीव गांधी किसान न्याय योजना से किसानों के जीवन में आयी समृद्धि एवं खुशहाली
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्योत्सव के अवसर पर 1 नवम्बर को छत्तीसगढ़ के 21 लाख ग्रामीण किसान भाईयों के खाते में राजीव गांधी किसान न्याय योजना की तीसरी किश्त की राशि 1500 करोड़ रूपए ऑन लाइन जमा कराई गई थी। किसानों को त्यौहारों के अवसर पर राजीव गांधी किसान न्याय योजना की राशि मिलने से किसानों के परिवारों में खुशियां आई।
राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर बिलासपुर जिले के एक लाख 1 हजार 986 किसानों के खाते में खरीफ सीजन 2020-21 के लिए राजीव गांधी किसान न्याय योजना की तीसरी किश्त 73 करोड़ 49 लाख 11 हजार रूपए राशि अंतरित की गयी। यह राशि मिलने से जिले के किसानों में हर्ष व्याप्त है। तखतपुर विकासखंड के ग्राम तुर्काडीह निवासी श्री भागाीरथी पटेल भी तीसरी किश्त की राशि मिलने से बहुत खुश हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें तीसरी किश्त के रूप में उनके खाते में 19 हजार 500 रूपए अंतरित हुआ है। उनके पास 8 एकड़ कृषि भूमि है। परिवार में 11 लोग हैं। परिवार का गुजर -बसर खेती किसानी से होता है। वे कहते हैं कि खेती- बाड़ी में समय-समय पर राशि की जरूरत पड़ती है। राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत किश्तों में राशि मिलने से इससे बहुत मदद मिलती है। वे कहते हैं कि इस योजना से हर किसान को फायदा हो रहा है। ग्राम कुरेली निवासी रामचंद्र कौशिक को तीसरी किश्त के रूप में 29 हजार 500 रूपए की राशि मिली है। उनके पास 14 एकड़ खेत है। कौशिक बताते हैं कि इस राशि से वे अपने घर का मरम्म्त करवाएंगे। वे कहते हैं कि इस योजना से हम लोगों को बहुत मदद मिली है। उल्लेखनीय है कि खरीफ वर्ष 2020-21 के लिए किसानों को 270 करोड़ 68 लाख 54 हजार से अधिक राशि का भुगतान योजना के तहत किया जाएगा।
रायपुर/शौर्यपथ/
जल संसाधन विभाग मंत्रालय द्वारा कबीरधाम जिले के पण्डरिया विकासखण्ड के अंतर्गत चिल्फी जलाशय के शीर्ष कार्य एवं नहर लाईनिंग के लिए एक करोड़ 35 लाख 16 हजार रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति मुख्य अभियंता महानदी गोदावरी कछार रायपुर को दी गई है। इस कार्य को पूरा कराए जाने के 130 हेक्टेयर में जलापूर्ति के लिए हो रही कमी को पूरा करने के साथ कुल 213 हेक्टेयर में सिंचाई के लिए जलापूर्ति हो सकेगी।
पेंड्रा नगरवासियों को मिली 70.72 लाख रूपए के विकास कार्याे की सौगात
जिले के प्रभारी मंत्री अग्रवाल ने किया लोकार्पण और भूमि पूजन
रायपुर /शौर्यपथ/
जिले के प्रभारी मंत्री अग्रवाल ने किया लोकार्पण और भूमि पूजन
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री श्री जयसिंह अग्रवाल ने आज गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले की नगर पंचायत पेण्ड्रा के बजरंग चौक में आयोजित लोकार्पण एवं भूमि पूजन सामारोेह में पेंड्रा नगरवासियों को 70 लाख 72 हजार रूपए के विकास कार्याे की सौगात दी। उन्होने कहा की नव गठित जिला गौरेला पेंड्रा मरवाही मे विकास कार्य तेजी से हो रहे है। खास कर सड़कोें के निर्माण में तेजी आई है उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में प्रदेश मे विकास कार्य द्रुत गति से जारी है। छत्तीसगढ़ में हर क्षेत्रों में विकास के साथ ही समाज के सभी तबकों केे उत्थान के लिए विकास की गंगा बह रही है। उन्होंने कहा की प्रदेश में दस हजार करोड़ रूपए के सड़कों के कार्य स्वीकृत हुए है। उन्होने कहा की जिले में लगातार विकास कार्य क्षेत्रीय विधायक और जनप्रतिनिधियों के सहयोग से होता रहेगा और अधूरे कार्याे को भी शीघ्र पूरा किया जाएगा।
राजस्व मंत्री अग्रवाल ने पेंड्रा नगर पंचायत में 23 लाख 36 हजार रूपए की लागत के स्वीमिंग पुल फिल्ट्रेशन यूनिट और 23 लाख 36 हजार रूपए की लागत के ई-रिक्शा प्रदाय तथा 21 लाख रूपए की लागत के ट्रेक्टर एवं ट्राली के साथ नाला क्लीनिंग मशीन का लोकार्पण किया। उन्होने 3 लाख रूपए की लागत के स्वर्गीय बिसाहू दास महंत की प्रतिमा तथा मिनी गार्डन का भूमि पूजन किया। अग्रवाल ने स्वीमिंग पुल का भी अवलोकन भी किया। लोकार्पण एवं भूमि पूजन समारोह में विधायक डॉ के. के. ध्रुव कलेक्टर नम्रता गांधी, प्रभारी पुलिस अधिक्षक के. एल. धु्रव, पेेंड्रा नगर पंचायत के अध्यक्ष राकेश जालान, गौरेला नगर पंचायत की अध्यक्ष गंगोत्री राठौर सहित अनेक जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
रायपुर /शौर्यपथ/
कृषि उत्पादन आयुक्त डॉ कमलप्रीत सिंह ने नरवा, गरूवा, घुरवा एवं बाड़ी योजनातंर्गत निर्मित गोठानों में नियमित रूप से आजीविका मूलक गतिविधियों का संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं, जिससे कि गोठान, पशुधन की सुरक्षा, संरक्षण एवं संवर्धन के साथ-साथ ग्रामीणों के आय सृजन का केंद्र बन सके। कृषि उत्पादन आयुक्त डॉ कमलप्रीत सिंह आज कलेक्ट्रोरेट जगदलपुर के प्रेरणा कक्ष में आयोजित कृषि एवं सम्बद्ध विभागों की समीक्षा बैठक में उपस्थित अधिकारियों को उक्ताशय के निर्देश दिए हैं। बैठक में उन्होंने कृषि एवं सम्बद्ध विभाग के कार्यों की जिलेवार समीक्षा की। इस अवसर पर संभाग आयुक्त बस्तर जीआर चुरेंद्र, विशेष सचिव कृषि एवं सुराजी योजना के नोडल अधिकारी डॉ. एस भारती दासन, संचालक कृषि यशवंत कुमार, कलेक्टर रजत बंसल, संचालक उद्यानिकी माथेश्वरन व्ही सहित जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ऋचा प्रकाश चौधरी, अपर कलेक्टर अरविंद एक्का तथा कृषि एवं संबद्ध विभागों के संभाग व जिला स्तरीय अधिकारीगण उपस्थित थे।
बैठक में कृषि उत्पादन आयुक्त ने गोठानों में नियमित रूप से आजीविका मूलक गतिविधियों के संचालन के लिए जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों के मार्गदर्शन में योजना बनाने के भी निर्देश अधिकारियों को दिए। डॉ कमलप्रीत ने गोठानों में वर्मी कम्पोस्ट के उत्पादन एवं बिक्री की स्थिति की भी जिलेवार समीक्षा की। उन्होंने निर्धारित लक्ष्य के अनुसार गोठानों में निर्मित वर्मी कम्पोस्ट की बिक्री सुनिश्चित कराने के निर्देश भी दिए। बैठक में उन्होंने रबी वर्ष 2021-22 में बीज मांग, उपलब्धता, भंडारण एवं वितरण की समीक्षा के साथ-साथ रबी फसलों के क्षेत्राच्छादन, फसल स्थिति, अंतरवर्तीय फसलों का क्षेत्राच्छादन की स्थिति की भी समीक्षा की। इसके अलावा उन्होंने गोठानों में बीज उत्पादन, प्रदर्शन, मिनिकिट वितरण, चारा उत्पादन की प्रगति एवं पैरादान की जिलेवार समीक्षा की।
बैठक में डॉ. सिंह ने धान के बदले दलहन, तिलहन, लघु धान्य फसल एवं अन्य वैकल्पिक फसलों की जानकारी के साथ-साथ राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत पंजीयन एवं सत्यापन की जानकारी एवं ग्रीष्मकालीन धान के बदले अन्य लाभकारी फसल रागी लगाने एवं उतेरा फसलों की प्रगति की समीक्षा की।बैठक में कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, मछली पालन विभाग की प्रमुख विभागीय फ्लैगशिप योजनाओं तथा कृषि उत्पादन संगठन की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक में कृषि उत्पादन आयुक्त ने एकीकृत जलग्रहण क्षेत्र प्रबंधन कार्यक्रम के लंबित कार्याे तथा अन्य विभागीय गतिविधियों की भी विस्तृत समीक्षा की। इस अवसर पर संभागायुक्त जीआर चुरेंद्र ने बैठक में उपस्थित को संभाग एवं जिला स्तरीय अधिकारियों को बैठक में दिए गए निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने केके निर्देश दिए।
रायपुर /शौर्यपथ/
नगरीय प्रशासन, विकास एवं श्रम मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया के द्वारा आरंग विकासखंड क्षेत्र के लिए 3 करोड़ 32 लाख रूपए के विकास कार्य की अनुशंसा की गई है, जिसमें मुख्यमंत्री सुगम सड़क योजनांतर्गत लगभग 54 लाख 43 हजार रुपए के विकास कार्यों की स्वीकृति मिली है तथा 1 करोड़ 65 लाख 12 हजार रुपये स्वीकृति हेतु प्राक्कलन तैयार कर भेजा गया है। जिसमें ग्राम देवदा में प्राथमिक शाला, आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक 01 एवं 02 और मिडिल स्कूल देवदा में सीसी पहुंच मार्ग ने निर्माण हेतु 19 लाख 13 हजार रुपये, ग्राम प्राथमिक शाला हायर सेकेंडरी स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र एवं पंचायत भवन में सीसी पहुंच मार्ग हेतु 16 लाख 80 हजार रुपये, ग्राम गनोद में प्राथमिक शाला एवं आंगनबाड़ी केंद्र सोनपैरी में सीसी पहुंच मार्ग हेतु 18 लाख 50 हजार रुपये की स्वीकृति दी गई है।
ग्राम खपरी में प्राथमिक विद्यालय तक पहुंच मार्ग निर्माण कार्य हेतु 23 लाख 70 हजार रुपये स्वीकृत किए गए है। इसी तरह से ग्राम कोटराभाठा में नवीन ग्राम पंचायत एवं शासकीय उचित मूल्य की दुकान तक पहुंच मार्ग निर्माण हेतु 13 लाख 97 हजार रुपये, ग्राम कोटराभाठा में शास. विद्यालय भवन तक पहुँच मार्ग हेतु 59 लाख 89 हजार रुपये, ग्राम कुटेला में पंचायत एवं प्राथमिक शाला भवन तक पहुंच मार्ग हेतु 17 लाख 81 हजार रुपये, तथा ग्राम नवागांव में प्राथमिक एवं माध्यमिक शाला भवन तक पहुँच मार्ग निर्माण कार्य हेतु 49 लाख 75 हजार रुपये प्राक्कलन स्वीकृति हेतु भेजा गया है।
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजनांतर्गत आरंग विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत 01 करोड़ 12 लाख, 09 हजार रुपये की स्वीकृति की गयी है, जिसमें ग्राम बाना में ठाकुर देव बांधा गहरीकरण उत्तर दिशा हेतु 09 लाख 97 हजार रुपये, ग्राम अछोली में नया तालाब गहरीकरण एवं पचरीकरण कार्य हेतु 09 लाख 92 हजार, ग्राम नरियरा में मेन रोड से खल्लारी रोड तक मिट्टी सड़क निर्माण एवं 02 नग पाइप पुलिया निर्माण कार्य हेतु 09 लाख 12 हजार रुपये, ग्राम बरभाठा मेन रोड छपका पुलिया तक मिट्टी सड़क एवं 02 नग पुलिया निर्माण कार्य हेतु 09 लाख 55 हजार रुपये, ग्राम बरभाठा में मुंडा फल से पक्की सड़क तक 01 पाइप पुलिया निर्माण कार्य हेतु 09 लाख 07 हजार रुपये, ग्राम अछोली में शमशान घाट तालाब गहरीकरण एवं पचरीकरण कार्य हेतु 09 लाख 92 हजार रुपये, ग्राम मजीठा में नाला सफाई कार्य हेतु 09 लाख 70 हजार रुपये, ग्राम अछोली में पंखटटी तालाब गहरीकरण एवं पचरीकरण कार्य हेतु 09 लाख 91 हजार रुपये, ग्राम नारा में नया तालाब डीघारी परिया से कॉलेज तक मिट्टी सड़क एवं 02 नग पुलिया हेतु 09 लाख 83 हजार रुपये तथा ग्राम सोनपैरी में मुक्तिधाम में वृक्षारोपण कार्य हेतु 10 लाख 65 हजार रुपये की स्वीकृति की गई है। इन विकास कार्यों की क्षेत्र के जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीणों द्वारा मांग की गई थी। जिस पर मंत्री डॉ. डहरिया ने विभिन्न विभागों को अनुशंसित कर प्रेषित किया और इन कार्यों को विभागों की स्वीकृति मिली। उक्त विकास कार्यों की स्वीकृति मिलने में पर क्षेत्र के ग्रामीणजन और जनप्रतिनिधियों ने हर्ष व्यक्त किया है।
रायपुर /शौर्यपथ/
छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड के अध्यक्ष एवं विधाय
छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड के अध्यक्ष एवं विधायक चंदन कश्यप ने आज नारायणपुर प्रवास के दौरान जिले 14 करोड़ से अधिक लागत वाले विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन किया, जिसमें 11 करोड़ 9 लाख और नारायणपुर बस स्टैंड से नया रेल्वे लाईन पहुंच मार्ग जिसकी लागत 3 करोड़ 9 लाख की लागत वाले बखरूपारा से नया बस स्टैंड मुख्य मार्ग चौड़ीकरण पुल-पुलिया सहित आदि निर्माण कार्य शामिल हैं।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रदेश के मुखिया मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा प्रदेश में विकास के अनेकों काम किये जा रहे हैं। जिले की जनआकांक्षाओं के अनुरूप आज इस कार्यक्रम के दौरान इन सड़कों का चौड़ीकरण कार्य का भूमिपूजन किया गया है। उन्होंने सभी कार्यों को गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश अधिकारीयों के दिए। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्यामबती नेताम, जिला पंचायत उपाध्यक्ष देवनाथ उसेण्डी, नगर पालिका अध्यक्ष सुनीता मांझी, नगर पालिका उपाध्यक्ष प्रमोद नेलवाल के अलावा कार्यपालन अभियंता लोक निर्माण विभाग शाक्या के अलावा लोक निर्माण विभाग के अन्य अधिकारी कर्मचारी एवं क्षेत्र के जनप्रतिनिधी उपस्थित थे।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
