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March 13, 2026
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पैरादान के तहत जिले के 157 गौठानों में अब तक 1041 टन पैरा संग्रहित
धमतरी / शौर्यपथ / शासन की महत्वाकांक्षी योजना सुराजी गांव योजना (नरवा, गरवा, घुरवा, बाड़ी) के तहत जिले के किसान फसल कटाई के बाद खेतों में छोड़े गए पैरा का दान गौठानों में कर रहे हैं जिससे सूखा चारा का संग्रहण हो रहा है। जिले के 157 गौठानों में अब तक 1041.52 टन पैरा का संग्रहण किया जा चुका है तथा किसान लगातार पैरादान करने आगे आ रहे हैं।
जिले के गौठानों में किसान इन दिनों पैरादान में जुट गए हैं। ग्रीष्म ऋतु में जब हरा चारा उपलब्ध नहीं रहता तब सूखा चारा ही पशुओं का मुख्य भोजन होता है। चारे की तलाश में मवेशियों को यत्र-तत्र भटकना न पड़े, इसलिए गौठानों में सूखा चारा की उपलब्धता सुनिश्चित करने जिला प्रशासन द्वारा किसानों को पैरादान के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, साथ ही कृषि विभाग के मैदानी अमलों के द्वारा इसके लिए समझाइश दी जा रही है। उप संचालक कृषि ने बताया कि जिले में कुल 280 गौठान स्वीकृत हैं जिनमें चारा भण्डारण के लिए पैरादान करने पंचायत प्रतिनिधि, विभागीय अमलों, पंचायत सचिव, ग्रीन आर्मी, स्वसहायता समूहों की महिलाओं के माध्यम से किसानों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। परिणामस्वरूप जिले के 157 गौठानों में पैरादान पूर्ण हो चुका है तथा इसका भण्डारण किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि अब तक विकासखण्ड नगरी में 495 टन, मगरलोड में 491 टन, धमतरी में 41.44 टन तथा कुरूद विकासखण्ड में 14.08 टन पैरादान के तहत प्राप्त हुआ है, जिसे खेत अथवा खलिहान से गौठानों में ट्रैक्टर के माध्यम से परिवहन कर लाया गया है। कृषि विभाग द्वारा बेलर मशीन से दान में प्राप्त पैरा की बंडलिंग कर गौठानों में सुरक्षित एवं व्यवस्थित ढंग से रखाया जा रहा है। धमतरी विकासखण्ड के गौठान में ग्राम बोड़रा (संबलपुर) के किसान श्री तीरथराम यादव ने चार टन पैरादान किया। इसी तरह ग्राम बलियारा (बोड़रा) के किसान श्री चेतनलाल ने 5 टन, जय अम्बे मां स्वसहायता समूह खरतुली के द्वारा पांच टन, नवज्योति महिला समूह परसतराई के द्वारा चार टन पैरादान किया गया। इसी तरह नगरी विकासखण्ड के जय भुखर्रादेव गौठान टांगापानी में गांव के कृषक श्री गणेशराम, श्रीराम, मन्नूराम, घसियाराम के द्वारा 22 टन पैरा दानस्वरूप दिया गया है। इसके अलावा ग्राम सरईटोला, के किसान श्री हीराराम, अमृतलाल, मानकलाल, घासीराम, कोमल सिंह के द्वारा 40 टन पैरादान किया गया।
इन किसानों ने बताया कि हारवेस्टर से फसल कटाई किए जाने से पैरा खेतों में ही रह जाता है, जिसे मवेशी खाते नहीं हैं। इन पैरों को कुट्टी से काटकर बेहतर चारा के रूप में तब्दील किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि पैरादान से उनके ही गाय-बैलों को भरपूर चारा गर्मी के मौसम में मिलेगा व इससे और भी फायदे हैं। खेतों में फसल अवशेष जलाए जाने की दुष्प्रवृत्ति पर भी काफी हद तक रोक लगेगी। इन किसानों ने मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की नरवा, गरूवा, घुरवा, बाड़ी योजना की सराहना करते हुए कहा कि शासन की उक्त योजना काफी सफल रही है जिसके दूरगामी व सकारात्मक परिणाम शीघ्र ही मिलेंगे।

राजनांदगांव / शौर्यपथ / वार्ड नं. 44 कौरिनभाठा सतनामी पारा में मुख्यमंत्री घोषण अंतर्गत 6.45 लाख रूपये की लागत से निर्मित आंगनबाडी भवन एवं आशीर्वाद कालोनी में अधोसंरचना मद अंतर्गत 7 लाख रूपये की लागत से निर्मित महिला भवन का लोकार्पण कार्यक्रम महापौर श्रीमती हेमा सुदेश देशमुख के मुख्य आतिथ्य में आयोजित किया गया। इस अवसर पर महापौर परिषद के प्रभारी सदस्यगण मधुकर वंजारी, सतीश मसीह, गणेश पवार, वार्ड की पार्षद श्रीमती टुलेश्वरी उके, पार्षद ऋषि शास्त्री व श्रीमती पूर्णिमा नागदेवे, पूर्व पार्षद श्रीमती विक्रमा नेताम, पार्षद प्रतिनिधि सेवक उके, अरूण दामले, सचिन टुरहाटे विषेश रूप से उपस्थित थे।
कार्यक्रम के प्रारंभ में महिला बाल विकास अधिकारी श्रीती रिना ठाकुर, सुपरवाईजर सुनीता सोनपीपरे, आगनबाडी कार्यकर्ता पुष्पा देवांगन, माया मेश्राम, उषा डेकाडे, संगीता यादव, ममता हरिहारनो, दिपीका ठाकुर, मितानीन चंद्रशीला व रेशम गायकवाड द्वारा आतिथियों को पुष्पगुच्छ भेट किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुये महापौर श्रीमती देशमुख ने कहा कि सतनामी पारा वासियों की सुविधा के लिये आंगनबाडी भवन का निर्माण किया गया है, जिसका आज लोकापर्ण किया जा रहा है। आंगनबाडी में बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा के साथ-साथ उनके पोषण आहार तथा वार्ड की गर्भवती महिलाओं को पोषण आहार व टीका आदि के लिये सुविधा होगी। इसी प्रकार आर्शीवाद कालोनी में कालोनी की महिलाओं की मांग पर महिला सामुदायिक भवन का निर्माण किया गया है। भवन के बन जाने से कालोनी की महिलाओं को विभिन्न कार्यक्रम करने में सुविधा होगी। इसी प्रकार विकास कार्य प्राथमिकता के आधार पर कराये जायेंगे। इस अवसर पर सहायक अभियंता संजय ठाकुर, उप अभियंता दीपक महला के अलावा वार्ड के जीत चतुर्वेदी, प्रणय सोनी, सुरेश यादव, राकेश साहू सहित वार्डवासी उपस्थित थे।

नवागढ़ / शौर्यपथ / नवागढ़ के समाज सेवियों एवं सोनकर समाज ने संयुक्त रूप से मुख्यमंत्री भूपेश बघेल  के गृह ग्राम के निकट ग्राम खुड़मुड़ा में सोनकर परिवार के  चार सदस्यों के हत्या कांड के आरोपी को पकड़ने सीबीआई जांच के लिए राज्यपाल के नाम अनुविभागीय अधिकारी नवागढ़ को ज्ञापन सौंपा। नवागढ़ राज सोनकर समाज अध्यक्ष शिव सोनकर ने कहा कि उक्त हत्याकांड के आरोपी जो आज तक पकड़ से बाहर है। राज्य सरकार आरोपियों का स्केच बदलकर समय पास कर रही है, उन्होंने मांग किया कि इस हत्याकांड की सीबीआई  जाँच के लिए राज्यपाल हस्तक्षेप करें, जिससे गरीब परिवार को न्याय मिल सके। इस दौरान पुर्व जनपद उपाध्यक्ष देवादास चतुर्वेदी,मण्डल अध्यक्ष चन्द्रपाल साहू,महामंत्री मिन्टू बिसेन, दिलीप नवरंग,टीकम पूरी गोस्वामी, रामनारायण श्रीवास,दिव्यम शुक्ला,तोरण निषाद, दारा मिश्रा, मनमोहन बघेल, पुरषोत्तम साहू, जित्तू सोनकर आदि उपस्थित रहे।

जांजगीर-चांपा / शौर्यपथ / कोरोना महामारी के दौरान जिस तरह से महात्मा गांधी नरेगा से श्रमिकों को जोड़कर गांव में ही रोजगार मुहैया कराया गया था, उसी तरह से ही लगातार गांव में स्वीकृत कार्यों को शुरू करते हुए रोजगार उपलब्ध कराना है, ताकि मनरेगा से जुड़े परिवारों को शत-प्रतिशत रोजगार मिल सके। यह बात मंगलवार को जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री तीर्थराज अग्रवाल ने जनपद पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी, मनरेगा कार्यक्रम अधिकारी, सहायक प्रोग्रामर एवं तकनीकी सहायकों की समीक्षा बैठक लेते हुए कही। इस दौरान उन्होंने कहा कि
निर्माण कार्यो को पूर्ण गुणवत्ता के साथ किया जाए, किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। समीक्षा बैठक से अनुपस्थित तकनीकी सहायकों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए।
उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी नरेगा के माध्यम से नया तालाब निर्माण, तालाब गहरीकरण, कच्ची नाली, निजी डबरी जैसे कार्यों में अधिक से अधिक श्रमिकों को रोजगार मिलता है, इसलिए जरूरी है कि इन कार्यों को शुरू करते हुए रोजगार दिया जाए। उन्होंने कहा कि मनरेगा से स्वीकृत कच्ची नाली से खेतों तक बनाने से किसानों को रवि की फसल के लिए को पानी मिल सकेगा।
उन्होंने कहा कि लक्ष्य के मुताबिक सभी ग्राम पंचायतों में मजदूरी मूलक कार्यों को शुरू करते हुए कार्यों को सतत निरीक्षण किया जाए। समीक्षा बैठक में चारागाह विकास, धान संग्रहण चबूतरा, पंचायत भवन, आंगनबाड़ी भवन निर्माण, स्वच्छ भारत मिशन के तहत बनाए जा रहे सामुदायिक शौचालय, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मनरेगा मजदूरों को 90 दिवस की मजदूरी की समीक्षा की गई।
गोठान से बनाना आत्मनिर्भर
जिपं सीईओ ने बैठक में कहा कि राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना नरवा, गरवा, घुरवा, बाड़ी योजना के तहत जिले नरवा विकास के तहत जिले में 87 नालों का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने नाला निर्माण की धीमी गति पर तकनीकी सहायकों को फटकार भी लगाई। संबंधित तकनीकी सहायकों को सख्त निर्देश देते हुए मौके पर जाकर कार्यों को पूर्ण करने कहा। इस दौरान उन्होंने गोठान की समीक्षा करते हुए कहा कि गोठान बनाने के पीछे मुख्य उद्देश्य है कि ग्रामीण, स्व सहायता समूह की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना। गोठान में सभी की सहभागिता से विभिन्न गतिविधियों का संचालन किया जाए, ताकि सतत रूप से आजीविका का संचालन हो सके। गोठान में बन रहे वर्मी कम्पोस्ट को पूर्ण करने के निर्देश दिए। जिपं सीईओ ने कहा कि गोठानों में गोबर की खरीदी नियमित रूप से की जानी है, ताकि स्व सहायता समूह की महिलाएं वर्मी कम्पोस्ट के माध्यम से जैविक खाद तैयार कर सकें। इसके अलावा प्रत्येक जनपद पंचायत में पांच-पांच मॉडल गोठान का निर्माण किये जाने की भी उन्होंने समीक्षा की। उन्होंने गोठानों में पैरा को सुरक्षित तरीके से रखने के निर्देश बैठक में दिए।

रोजगार के साधनों का विकास, सड़क परिवहन भी होगें विकसित , शिवरीनारायण 36 करोड़ रुपये के कार्य प्रस्तावित
जांजगीर-चांपा / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए विशेष कार्य योजना के तहत राम वनगमन पर्यटन परिपथ का विकास किया जा रहा है। जांजगीर-चाम्पा जिले के शिवरीनारायण में राम वन - गमन पर्यटन परिपथ के अंतर्गत लगभग 36 करोड़ रुपये के कार्य प्रस्तावित किए गए है। जिसका कार्य प्रारंभ हो गया है। राम वन गमन पर्यटन परपिथ के अंतर्गत जांजगीर चांपा जिले में शिवरीनारायण, बलौदा बाजार में तुरतुरिया, रायपुर में चंदखुरी और गरियाबंद के राजिम में परिपथ के विकास कार्यों की शुरूआत हो चुकी है। इस योजना से लोगों की आस्था के अनुरूप राम की यादों को पौराणिक धार्मिक कथाओं से सुनते आ रहे लोग इन पौराणिक महत्व के स्थल को देख सकेगें। छत्तीसगढ़ की पावन भूमि पर्यटन तीर्थ स्थल के रूप में विकसित होने के साथ यहां रोजगार के साधनों का विकास होगा। अंदरूनी दुर्गम वन क्षेत्रों में सड़क परिवहन भी विकसित होगा जिससे कई आर्थिक गतिविधियों का स्वयं संचालित होने लगेंगी। देश और दुनिया के आस्थावान लोग रामायण सर्किट की धार्मिक तीर्थ यात्रा पर निकलेंगे तो भगवान राम के ननिहाल के दर्शन करेंगे।
राम वन गमन पथ में प्रमुख स्थल के रूप में विकसित होगा शिवरीनारायण-
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ की पावन धरा पौराणिक काल से दुनियां को अपनी ओर आकर्षित करती रही है। मर्यादा पुरूषोत्तम राम का ननिहाल छत्तीसगढ़ में है। राम छत्तीसगढ़ियों की जीवन-शैली और दिनचर्या का अंग हैं। पुरातन काल से छत्तीसगढ़ में राम लोगों के मानसपटल पर भावनात्मक रूप से जुड़े हैं। वहीं पर भगवान राम ने 14 वर्ष वनवास के दौरान लम्बा समय छत्तीसगढ़ की धरा पर गुजारा था। वनवास के दौरान श्रीराम शिवरीनारायण सहित छत्तीसगढ़ के जिन स्थानों से गुजरे थे उसे राम वन गमन पथ के रूप में विकसित करने कार्य योजना बनाई गई।
शबरी के जूठे बेर खिलाने का प्रसंग उद्धरित होगा घाट एरिया में-
प्रस्तावित कार्ययोजना के अनुसार राम वन - गमन पर्यटन परिपथ के महत्वपूर्ण पड़ाव और महानदी, शिवनाथ और जोंक नदी के संगम पर स्थित शिवरीनारायण में रामायण की थीम के अनुरूप विभिन्न विकास कार्य आकार ले रहे हैं। इनमें प्रमुख रूप से महानदी मोड़ पर 44 फीट ऊंचा विशाल प्रवेश द्वार और इसके समीप 32 फीट ऊंची भगवान श्रीराम सहित लक्ष्मण और माता शबरी की मूर्ति का निर्माण किया जायेगा। शिवरीनारायण में माता शबरी की भक्ति एवं वात्सल्य के प्रतीक जूठे बेर खिलाने के प्रसंग को उद्धरित करते हुए नदीतट घाट एरिया का सुंदरीकरण के अंतर्गत 14 व्यू पॉइंट का निर्माण, आरती पूजन जन सुविधा के रूप में, फूड प्लाजा, मेला ग्राउंड के पास कैफेटेरिया, पर्यटन सूचना केंद्र, पार्किंग एरिया का निर्माण, थ्री डी मॉडल, वाक थ्रू का निर्माण प्रस्तावित है।
शिवरीनारायण सहित 9 स्थलों का विकास प्रथम चरण में -
राम वनगमन पर्यटन परिपथ राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है। पर्यटन परिपथ में कोरिया से लेकर सुकमा तक लगभग 1440 किलोमीटर के पथ में 75 स्थलों का चिन्हांकन किया गया है। इनमें से प्रथम चरण में 9 स्थलों के विकास का बीड़ा राज्य सरकार ने उठाया है। इनमें सीतामणी हरचैका, रामगढ़, शिवरीनारायण, तुरतुरिया, चंदखुरी, राजिम, सिहावा, जगदलपुर और रामाराम ( सुकमा) शामिल हैं।

नेहरू नगर चौक में संत शिरोमणि सेन जी महाराज की मूर्ति स्थापना कार्यक्रम में हुए मंत्री साहू शामिल

भिलाई / शौर्यपथ / नेहरू नगर ओव्हरब्रिज के नीचे सेन सवा समिति द्वारा आयोजित संत शिरोमणि सेन जी महाराज के मूर्ति स्थापना और भूमिपूजन कार्यक्रम में पहुंचे प्रदेश के गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू एवं समाज के प्रमुखों के बीच आज भूमिपूजन कार्यक्रम आज संपन्न हुआ। नेहरू नगर में संत शिरोमणि सेन जी महाराज की मूर्ति स्थापना के साथ ही यहां जनसेवा के लिए लोगों को पानी पिलाने के लिए प्याऊ घर खोला जायेगा। इसके अलावा संजय नगर तालाब में भी सेन जी महाराज की मूर्ति लगाई जायेगी।
इस दौरान लोगों को संबोधित करते हुए गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने कहा कि संत शिरोमणि सेन जी महाराज सेन समाज के संत और उनके पुरोधा है, लोगों को सेन जी महाराज के आदर्शों को आत्मसात करना चाहिए। कुछ वर्ष पहले लिटिया में मेरे द्वारा इनकी मूर्ति लगवाई गई थी, किसी भी व्यक्ति को राजनीति के साथ साथ सामाजिक क्षेत्र में भी अपनी पकड़ मजबूत रखना चाहिए।राजनीति में व्यक्ति यदि अच्छा कार्य करता है तो लोग उसे अच्छा और गलत कहने वाले को यदि सुनना है तो मुक्तिधाम जाकर चुपचाप बैठ जाईये और सुनते रहिये कि कौन क्या कह रहा है, और कैसा है तथा कैसा था? श्री साहू ने आगे कहा कि मैं वर्ष 1990 से साहू समाज और अन्य समाज के लोगों को साथ लेकर चल रहा हूं, राजनीति के साथ साथ समाजिक क्षेत्र में काम करना मुझे काफी अच्छा लगता है, मैं चार बार विधायक, और सांसद रहा तथा आज मैं मंत्री हूं लेकिन पद में रहो तो सबलोग जिंदाबाद कहते हैं, वही जब पद से हट जाओं तो यदि आपने आदमी और व्यवहार कमाया है तो जो आपके पीठ पीछे जो आपकी तारीफ करे, तो समझों कि आने अच्छा काम किया है।
उन्होंने आगे कहा कि समाज में हमें ज्यादा काम करना चाहिए। सभी सामाजिक संगठनों के लिए उनके समाज प्रमुखों से अपील करता हूं कि वे उसे मजबूत करें। उन्होंने कार्यक्रम में पहुंचे महापौर और विधायक देवेन्द्र यादव की भी जमकर तारीफकी। कहा कि देवेन्द्र अपने निगम को तो भरपूर चमका रहा हैं, लेकिन मेरे रिसाली निगम को भी देवेन्द्र विकास कार्य कराये, वह अक्सर ये कहता हैं कि आपके पुत्र जितेन्द्र साहू को साथ लेकर क्षेत्र का दौरा कर विकास कार्य कराऊंगा। देवेन्द्र जब तक मेरे रिसाली निगम को आगे नही बढायेंगे तब तक मैं उसे छेलूंगा।
कार्यक्रम के अंत में प्रदेश के गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने मीडिया से चर्चा करते हुए खुड़मुड़ा में गत रविवार सोमवार की दरम्यिानी रात हुआ घटना बेहद ही दुखदायक है, चार लोगों की जो मौत हुई है। इस मामले की जांच पुलिस तेजी से कर रही है, भले ही समय लग रहा है, लेकिन अपराधी कोई भी हो शीघ्र ही पुलिस की पकड़में होगी। किसी भी बिल्डर्स या किसी भी व्यक्ति को पुलिस बचाने का कार्य नही कर रही है। विपक्ष द्वारा विधानसभा में उठाये गये प्रश्र कि छग में तेजी से अपराध बढ रहा है का जवाब देते हुए कहा कि भाजपा के शासन काल के पन्द्रह सालों में तेजी से अपराध बढे है, हम उसे रि-कवर करने का कार्य कर रहे हैं। छग में अपराध में बढोत्तरी नही बल्कि कमी आई है। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों में रिकेश सेन, लक्की सेन, विद्यासेन, भूपेन्द्र सेन, डॉ. प्रतीक उमरे, संजीव सेन, आशा उमरे, अनिल सेन, मदन सेन, घनश्याम, राजा श्रीवास, अरूण श्रीवास केअलावा महेश जायसवाल, राजेश शर्मा, अतुलचंद साहू, जितेन्द्र साहू, सुभद्रा सिंह, सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग एवं कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद थे।

बीजापुर / शौर्यपथ / प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशानुरुप जिले में अनुसूचित जनजाति और अन्य परम्परागत वनवासी वन अधिकार अधिनियम के तहत् बीते दो वर्षों के दौरान 1308 हितग्राहियों को वनाधिकार पट्टे प्रदाय किये गये हैं। जिससे वन भूमि पर काबिज काश्त करने वाले इन हितग्राहियों को अपनी जमीन से बेदखली के भय से मुक्ति मिल गई है। और ये सभी अब उन्नत खेती-किसानी कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ सरकार के इस संवेदनशील पहल की प्रशंसा करते हुए वनांचल के वनाधिकार पट्टेधारी हितग्राही खुशहाल जीवन व्यतीत कर रहे हैं। ऐसे ही एक हितग्राही भैरमगढ़ ब्लॉक के बरदेला निवासी लच्छन पोयम कहते हैं शासन ने मुझे वन भूमि में काबिज काश्त जमीन का मालिक बना दिया। मुझे सिर्फ जमीन का पट्टा ही नहीं बल्कि सरकार से और भी मदद मिला है, जिसके तहत् मनरेगा से खेत में डबरी निर्माण कराया, कृषि विभाग के जरिये दो एकड़ रकबा मंे फंेसिंग कराया। वहीं सोलर पंप लगाने के फलस्वरुप अब साल भर साग-सब्जी की खेती कर रहा हूँ। इसके साथ ही खेत में फलदार पौध रोपण किया हूँ।
इसी तरह बीजापुर ब्लाक के जैतालूर निवासी वनाधिकार पट्टेधारी हितग्राही सीताराम मांझी बताते हैं कि वन भूमि मंे काबिज होने का पट्टा मिलने अब परिवार में खुशहाली आयी है। करीब दो एकड़ वन भूमि के पट्टे वाली जमीन को मनरेगा से समतलीकरण करवा कर धान की खेती सहित उड़द-कुल्थी जैसे दलहन फसल भी ले रहे हैं। यहीं नहीं अभी हाल ही में कृषि विभाग की सहायता से खेत में नलकूप खनन कर सोलर सिंचाई पंप स्थापित किये हैं, जिससे रबी में साग-सब्जी और मक्का की खेती करने की तैयारी कर रहे हैं। सीताराम मांझी की तरह जैतालूर निवासी वनाधिकार पट्टेधारी हितग्राही लालैया ककेम, नैमेड़ के समल कुडियम, कुयेनार निवासी धनाजी नेताम भी वनाधिकार पट्टा मिलने को किसी बड़े सपने का साकार होना रेखांकित करते हुए बताते हैं कि अब खेती-किसानी के लिए शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ आसानी से मिल रहा है।
वनाधिकार पट्टे के फलस्वरुप किसान क्रेडिट मिल गया और फसल ऋण लेने में सहूलियत हो रही है, वहीं समर्थन मूल्य पर धान विक्रय करने भी सुविधा मिल गयी है। यह सब हम निर्धन किसानों के लिए एक बड़ी सौगात है। ज्ञातव्य है कि छत्तीसगढ़ सरकार की इस महत्वाकांक्षी पहल के जरिये जिले में 2 वर्षों में 1308 हितग्राहियों को वनाधिकार मान्यता पत्र वितरित किया गया है। इसके साथ ही सामुदायिक प्रयोजन के लिए 1501 सामुदायिक वनाधिकार मान्यता पत्र प्रदाय किया गया है। वहीं पहली बार 216 सामुदायिक वन संसाधन अधिकार पत्र प्रदान किया गया है, जिससे वनांचल के ग्रामीणों को तेन्दूपत्ता संग्रहण सहित लघु वनोपज संग्रहण और अन्य वन संसाधनों के समुचित दोहन का अधिकार मिल गया है।

कोरिया / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में प्रदेश में औद्योगिक विकास को गति देने के लिए पिछले दो वर्ष के दौरान अनेक दूरदर्शिता पूर्ण निर्णय लिए गए हैं। औद्योगिक विकास को गति देने के लिए राज्य में नवीन औद्योगिक नीति भी लागू की गई है। जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र के महाप्रबंधक ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2018 से 2020 के मध्य कोरिया जिले में कुल 17 उद्योगों की स्थापना की गई जिसके माध्यम से 17 करोड़ 72 लाख 77 हजार रू. पूंजी निवेश किया गया है तथा नियोजित रोजगार की कुल संख्या 149 है।
जिले में लोगों को रोजगार से जोड़ने विभिन्न योजनाओं को संचालन किया जा रहा है। हितग्राही मूलक योजनाओं की प्रगति की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि इस क्रम में प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत कुल 2 करोड 35 लाख 11 हजार रूपये का मार्जिन मनी 117 युनिट को वितरित की गई है। इसी तरह मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के तहत कुल 7 लाख 41 हजार रूपये का मार्जिन मनी 13 युनिट को वितरित की गई है। छत्तीसगढ़ सरकार ने उद्योगों को बिजली दर में रियायत, अनुदान, सहायता, विभिन्न स्वीकृतियां प्रदान करने की सुविधाजनक व्यवस्था के लिए एकल विण्डो प्रणाली के साथ ही स्थानीय उद्योगों के उत्पादों को प्राथमिकता देने सहित अनेक फैसलों से उद्योग जगत को काफी राहत मिली है।

बालोद / शौर्यपथ / कलेक्टर जनमेजय महोबे ने आज संयुक्त जिला कार्यालय के सभाकक्ष में रेडक्रास के श्रेष्ठ वालिंटियर्स को सम्मानित किया। सम्मानित होने वाले वालिंटियर्स में श्रीमती मधुमाला कौशल, श्रीमती कमला वर्मा, श्रीमती मीना भारद्वाज, नरेन्द्र यादव और संजय बंजारे शामिल हैं। इस अवसर पर अपर कलेक्टर ए.के.बाजपेयी, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी लोकेश कुमार चन्द्राकर, डिप्टी कलेक्टर अभिषेक दीवान आदि उपस्थित थे। जिला शिक्षा अधिकारी आर.एल.ठाकुर ने बताया कि कोविड-19 कोरोना काल में उत्कृष्ट कार्य करने एवं रेडक्रास की गतिविधियों को जन-जन तक पहुॅचाने हेतु 17 दिसम्बर 2020 को राजभवन रायपुर में श्रेष्ठ जिला का तृतीय पुरस्कार बालोद जिले को प्राप्त हुआ था।

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