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निःशुल्क वितरित किए जा रहे ब्रोशर, पाॅम्पलेट एवं पुस्तक में दी गई जानकारी को बताया काफी उपयोगी , छायाचित्र प्रदर्शनी का अवलोकन कर वनांचल के ग्रामीणों ने की इसकी भूरि-भूरि प्रशंसा
धमतरी / शौर्यपथ / प्रदेश सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने पर जनसम्पर्क विभाग द्वारा छायाचित्र प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है। नगरी विकासखण्ड के वनांचल ग्राम पंचायत केरेगांव में आज आयोजित विकासखण्ड स्तरीय छायाचित्र प्रदर्शनी का अवलोकन कर सरपंच श्रीमती दुखिया ध्रुव ने इसकी भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि छायाचित्र प्रदर्शनी में शासन की योजनाओं और उपलब्धियों को बेहतरीन तरीके से प्रदर्शित किया गया है। श्री ध्रुव ने कहा कि समय-समय पर जिला मुख्यालय से दूर इस वनांचल में इस तरह के आयोजन करते रहना चाहिए। इससे ना केवल लोगांे को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिलता है, बल्कि यहां निःशुल्क वितरित किए जा रहे ब्रोशर, पाॅम्पलेट और पुस्तक इत्यादि के जरिए बहुत उपयोगी जानकारी भी मिलती है।
उन्होंने कहा कि चूंकि यह छायाचित्र प्रदर्शनी साप्ताहिक बाजार में लगाई गई है, इससे बाजार पहुंचने वाले केरेगांव सहित आसपास के गांव लीलर, गट्टासिल्ली, खाड़ादाह, अंजोरा, हर्राकोठी, नवागांव, डोकाल, कर्रा, झीपाटोला, रायपारा, जामनाला, हितली के ग्रामीण भी इसका भरपूर लाभ उठा रहे हैं। उन्होंने इस तरह के आयोजन के लिए प्रदेश सरकार और जनसम्पर्क विभाग का धन्यवाद ज्ञापित किया।
छायाचित्र प्रदर्शनी में पहुंचे पंच संतोष नेताम ने कहा कि आदिवासी अंचल में छायाचित्र प्रदर्शनी काफी फायदेमंद साबित हो रही है। आत्माराम सिन्हा ने जनसम्पर्क विभाग द्वारा शासन की दो वर्षीय उपलब्धियों सम्बन्धी ब्रोशर, पाॅम्पलेट, पुस्तिका निःशुल्क वितरित करने को सराहनीय कार्य बताते हुए इसे अपने परिवार में बच्चों को जरूर पढ़वाउंगा कहा। गट्टासिल्ली निवासी रामकौशल ने छायाचित्र प्रदर्शनी की सराहना करते हुए इसे प्रदेश सरकार की दो वर्ष की उपलब्धियों को करीब से समझने का जरिए बताया। छायाचित्र प्रदर्शनी का अवलोकन करने के बाद उप सरपंच अशोक सोरी, पंच श्री कमल सोरी, श्रीमती प्रमिला बाई और श्रीमती कुंती बाई नेताम ने भी अपने विचार व्यक्त किए। इस मौके पर छबिलाल यादव, चन्द्रहास नागवंशी, ईश्वर देवांगन, मोहम्मद शब्बीर, रतनलाल साहू, युवराज साहू, योगेश कुमार साहू, कुलेश्वर देवांगन, हेमलाल सूर्यवंशी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
ज्ञात हो कि इस छायाचित्र प्रदर्शनी के माध्यम से प्रदेश सरकार की दो वर्षों की उपलब्धियों को दर्शाया गया है। इसमें राम वन गमन परिपथ, छत्तीसगढ़ी गढ़कलेवा, मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य, सुपोषण अभियान, राजीव युवा मितान, आदिवासियों के लिए संचालित योजनाओं में दो वर्ष की प्रगति, एन.जी.जी.बी., पेयजल आपूर्ति के लिए प्रयास और योजनाएं, वनोपज संग्रहण संबंधी प्रगति, डॉ.खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना, सार्वभौम पी.डी.एस., 23 नए तहसीलों के उदय इत्यादि संबंधी छायाचित्र आकर्षक तरीके से लगाया गया है। इसी तरह प्रदर्शनी स्थल पर निःशुल्क ब्रोशर, पाॅम्पलेट एवं पुस्तक भी वितरित किए गए।
भिलाईनगर/ शौर्यपथ / गोधन न्याय योजना अंतर्गत गोबर खरीदी कर वर्मी कम्पोष्ट तैयार कर विक्रय किया जा रहा है। परन्तु वर्मी कम्पोष्ट निर्माण में सबसे अहम भूमिका केचुआं की होती है, जो गोबर को वर्मी कम्पोष्ट बनाने के लिये महत्वपूर्ण कड़ी का काम करती है। जोन 01 नेहरूनगर में नई उड़ान महिला समूह की अध्यक्ष रेखा बघेल ने बताया कि योजना के प्रारंभ में कुछ किलोग्राम केचुआं बाहर से खरीदकर वर्मी कम्पोष्ट निर्माण की शुरूआत की गई थी। वर्मी कम्पोष्ट निर्माण में केचुआं की महत्ती आवश्यकता को देखते हुये आयुक्त ऋतुराज रघुवंशी के निर्देश पर केचुआं पालन गोबर खरीदी केन्द्र में ही प्रारंभ किया गया। कुछ ही महीनों में केचुआं की तादाद बढ़ने लगी। इसमें से कुछ केचुआं को वर्मी कम्पोष्ट निर्माण के लिये अन्य टंकियों में छोड़ा गया।
इधर 1 टंकी में केचुआं पालन का कार्य निरंतर जारी रहा। जब समस्त टंकियों में वर्मी कम्पोष्ट के लिये केचुआं पर्याप्त मात्रा में पूर्ण हो गया तब केचुआं को मांग अनुरूप इसका विक्रय किया गया। 50 किलोग्राम केचुआं 300 रू. प्रति किलोग्राम के दर से विक्रय कर 15000रू. की आमदनी केचुआं बेचकर महिलाओं ने हासिल की है। अन्य स्थानों से केचुआं खरीदना न पड़े इसके लिये सभी जोन के गोधन न्याय योजना के गोबर खरीदी केन्द्र में केचुआं का पालन किया जा रहा है। महापौर एवं भिलाई नगर विधायक श्री देवेंद्र यादव ने गोधन न्याय योजना के बेहतर क्रियान्वयन के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं! उपायुक्त एवं नोडल अधिकारी गोधन न्याय योजना अशोक द्विवेदी गोबर खरीदी केन्द्रों में जाकर निरीक्षण कर फीडबैक लेकर और बेहतर कार्य के लिये अधिकारियों को निर्देशित कर रहे हैं। खरीदी केन्द्रों में केचुआं की गुणवत्ता अच्छी रहे इसका ध्यान भी रखा जा रहा है।
केचुआं पालन के लिए अनुकुल माहौल होने देने का विशेष बंदोबस्त किया गया है। अब इसके पालन से केचुआं खरीदने में होने वाले व्यय की भारी बचत हो रही है। इसी तरह सभी जोन क्षेत्रों में केचुआं पालन का कार्य किया जा रहा है! इधर वर्मी कंपोस्ट निर्माण एवं विक्रय में भी बढ़ोतरी हो रही है! 2280 किलोग्राम वर्मी कंपोस्ट खाद विक्रय किया जा चुका है! वर्मी कंपोस्ट की क्वालिटी को देखकर इसकी बिक्री अच्छी हो रही है! वर्मी कंपोस्ट के क्वालिटी परीक्षण के उपरांत सभी मानकों में यह खरा उतर रहा है!
जांजगीर-चांपा / शौर्यपथ / कोरोना संक्रमण से हो रही मौतों को कम करने के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी मुस्तैदी से काम कर रहा है। लेकिन लोगों द्वारा लापरवाही बरतने के कारण मृत्यु के आंकड़े बढ़ रहे हैं। राज्य स्तरीय डेथ आडिट में यह जानकारी सामने आई कि 11 से 17 दिसंबर के मध्य अस्पताल में भर्ती होने के 24 घंटे के अंदर ही उस सप्ताह हुई कुल मृत्यु की 28 प्रतिशत मृत्यु हुईं क्योंकि लक्षण नजर आने के बाद भी लोग कोरोना की जांच नही करवा रहे और स्थित बिगड़ने पर ही अस्पताल पहुंचते हैं।
इस दौरान 12 प्रतिशत मृत्यु 48 घंटों के अंदर एवं 6 प्रतिशत 2-3 दिनों के अंदर हुई।उम्रवार आंकडों के अनुसार 60 वर्ष से अधिक उम्र के मरीजों में केस फेटलिटी रेट 4.45 था जबकि 45-59 उम्र मे यह 0.92 था। इसीलिए डाक्टर बार-बार समझाइश दे रहे हैं कि बुजुर्गाें का अत्यधिक ख्याल रखा जाए और सर्दी,बुखार, थकान ,उल्टी- दस्त,भूख न लगने आदि के लक्षण दिखने पर तुरंत जांच कराएं। दवाई दुकान से स्वयं दवाई लेकर न खाएं।
राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम के तहत जिले के 1 लाख 57 हजार 368 हितग्राहियों को मिल रहा पेंशन का लाभ
जांजगीर-चांपा / शौर्यपथ / राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (एनएसएपी) केन्द्रीय प्रायोजित योजना है। जिसमें सामाजिक पेंशन के रूप में वरिष्ठ नागरिक, विधवा और दिब्यांग व्यक्तियों को वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। किसी भी व्यक्ति की आय के अपने स्रोत से या पारिवारिक सदस्यों या अन्य स्रोतों से वित्तीय सहायता के माध्यम से निर्वाह का कोई नियमित साधन नहीं है, उन्हें सामाजिक सहायता कार्यक्रम के तहत पेंशन प्रदान किया जाता है।
उप संचालक कल्याण भावे ने बताया कि राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम के माध्यम से जिले के 1 लाख 57 हजार 368 हितग्राहियों को पेंशन का भुगतान किया जा रहा है। इन योजनाओं में समाजिक सुरक्षा पेंशन, सुखद सहारा पेंशन, मुख्यमंत्री पेंशन योजना, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धा वस्था पेंशन, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन और इंदिरा गांधी राष्ट्रीय निःशक्तजन पेंशन के तहत पात्र हितग्रहियों को पेंशन का लाभ मिल रहा है। पेंशन राशि का भुगतान हितग्राहियों के बैंक अकाउण्ट में किया जा रहा है। जिले में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत 48,252 हितग्राहियों, सुखद सहारा योजना के तहत 17,449, मुख्यमंत्री पेंशन योजना के तहत 36,537, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना के तहत 53,827, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना के तहत 8,927 तथा इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिब्यांग पेंशन योजना के तहत 2,376 हितग्रहियों को योजना के अनुसार पेंशन राशि का भुगतान किया जा रहा है। इसके अलावा राष्ट्रीय परिवार सहायता योजना के तहत 211 महिलाओं को सहायता राशि प्रदान की गई है।
*धमतरी/दैनिक शौर्यपथ /राजशेखर नायर*
भारतीय जनता पार्टी कुकरेल मंडल में कांकेर लोकसभा के सांसद मोहन मंडावी ,भाजपा के जिला मंत्री मंडल के प्रभारी एवं दुरसंचार निगम के सदस्य राजेन्द्र गोलछा ने भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मन की बात को सुना इस अवसर पर कार्यकर्ताओं ने सांसद मोहन मंडावी का भव्य स्वागत किया गया।
इस अवसर पर मंडल अध्यक्ष टेलेश्वर ठाकुर,महामंत्री वामन साहू,पूर्व जिलापंचायत उपाध्यक्ष राजाराम मंडावी,पूर्व जिला पंचायत सदस्य फत्तेलाल ध्रुव,मंडल उापाध्यक्ष चन्द्रकला साहू,जनपद सदस्य शैलेन्द्र साहू,सरपंच प्रेमसिंह सलाम,उत्तम साहू,नारायण साहू,सलोनी सरपंच नरेश नेताम,भाजयुमो मंडल उपाध्यक्ष संजय शांडिल्य,भीषम साहू,भारत साहू,शुभम यदु सहित कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
अभी 200 करोड़ रूपए के 2 हजार 148 कार्य प्रगति पर
रायपुर / शौर्यपथ / प्रदेश में वन विभाग द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के अंतर्गत वानिकी कार्य तेजी से कराए जा रहे हैं। वन मंत्री मोहम्मद अकबर ने आज यहां बताया कि इनमें वानिकी तथा वन क्षेत्रों में भू-जल संवर्धन के अधिक से अधिक कार्य शामिल किए गए हैं। राज्य में इसके तहत वर्तमान में चालू वर्ष 2020 के दौरान स्वीकृत 194 करोड़ 32 लाख रूपए की राशि के 2 हजार 148 कार्य प्रगति पर है।
वन मंत्री अकबर ने बताया कि इनमें मुख्य रूप से आवर्ती चराई, पौधा तैयारी, पथ रोपण, पुलिया निर्माण, स्टाप डेम निर्माण, चारागाह विकास, गौठानों में रोपण, भू-जल संरक्षण कार्य, निःशुल्क वितरण के लिए पौधा तैयारी, बांस रोपण, नदी तट रोपण, वर्मी कम्पोस्ट निर्माण आदि कार्यों को प्राथमिकता से शामिल किया गया है। इसके तहत वन वृत्त बिलासपुर के अंतर्गत लगभग 80 करोड़ रूपए की राशि के 756 कार्य प्रगतिरत है। इसी तरह वन वृत्तवार दुर्ग में 30 करोड़ रूपए की राशि के 372 कार्य, जगदलपुर में 41 करोड़ रूपए के 272 कार्य तथा सरगुजा में 7 करोड़ 38 लाख रूपए की राशि के 116 कार्य प्रगति पर है। इसके अलावा वन वृत्तवार रायपुर में 14 करोड़ रूपए की राशि के 138 कार्य और कांकेर में 27 करोड़ रूपए की राशि के 494 कार्य प्रगति पर है।
इस संबंध में प्रधान मुख्य वन संरक्षक तथा वन बल प्रमुख राकेश चतुर्वेदी ने बताया कि इनमें बिलासपुर वन वृत्त के अंतर्गत बिलासपुर वन मंडल में 5 करोड़ रूपए के 30 कार्य तथा अनुसंधान एवं विस्तार में 30 लाख रूपए के 3 कार्य शामिल है। इसी तरत मरवाही वन मंडल में 10 करोड़ रूपए के 77 कार्य, कोरबा वन मंडल में 22 लाख रूपए के 13 कार्य तथा कटघोरा वन मंडल में 13 करोड़ रूपए के 42 कार्य शामिल है। इसके अलावा रायगढ़ वन मंडल में 23 करोड़ रूपए के 164 कार्य, धरमजयगढ़ वन मंडल में 14 करोड़ रूपए के 113 कार्य, जांजगीर-चांपा वन मंडल में 7 करोड़ रूपए के 268 कार्य तथा मुंगेली वन मंडल में 7 करोड़ रूपए के 46 कार्य शामिल है।
इसी तरह दुर्ग वन वृत्त केन्द्र के अंतर्गत दुर्ग वन मंडल में 2 करोड़ 43 लाख रूपए के 9 कार्य, राजनांदगांव वन मंडल में 12 करोड़ रूपए के 204 कार्य, खैरागढ़ वन मंडल में 7 करोड़ 50 लाख रूपए के 67 कार्य, कवर्धा वन मंडल में 2 करोड़ 30 लाख रूपए के 51 कार्य तथा बालोद वन मंडल में 80 करोड़ रूपए के 41 कार्य शामिल हैं। जगदलपुर वन वृत्त के अंतर्गत बस्तर वन मंडल में 5 करोड़ 46 लाख रूपए के 74 कार्य तथा अनुसंधान एवं विस्तार के अंतर्गत 13 लाख रूपए के एक कार्य, दंतेवाड़ा वन मंडल में 9 करोड़ 36 लाख रूपए के 83 कार्य, सुकमा वन मंडल में 18 करोड़ रूपए के 59 कार्य और बीजापुर वन मंडल में 8 करोड़ रूपए के 51 कार्य शामिल हैं।
सरगुजा वन वृत्त के अंतर्गत सरगुजा वन मंडल में एक करोड़ 83 लाख रूपए के 25 कार्य, सूरजपुर वन मंडल में 5 करोड़ रूपए के 27 कार्य, मनेन्द्रगढ़ वन मंडल में 12 लाख रूपए के 60 कार्य तथा जशपुर वन मंडल में 40 लाख रूपए के 4 कार्य शामिल हैं। रायपुर वन वृत्त के अंतर्गत धमतरी वन मंडल में 6 करोड़ रूपए के 61 कार्य, रायपुर वन मंडल में 2 करोड़ रूपए के 12 कार्य, बलोदाबाजार वन मंडल में 3 करोड़ 44 लाख रूपए के 22 कार्य, अनुसंधान एवं विस्तार रायपुर में 23 लाख रूपए के 3 कार्य, गरियाबंद वन मंडल में एक करोड़ रूपए के 23 कार्य तथा महासमुंद वन मंडल में 99 लाख रूपए की राशि के 17 कार्य शामिल हैं।
इसी तरह कांकेर वन वृत्त के अंतर्गत कांकेर वन मंडल में एक करोड़ रूपए के 33 कार्य, पूर्व भानुप्रतापपुर वन मंडल में 5 करोड़ रूपए के 74 कार्य तथा पश्चिम भानुप्रतापपुर वन मंडल में 2 करोड़ 68 लाख रूपए के 46 कार्य शामिल हैं। इसके अलावा नारायणपुर वन मंडल में एक करोड़ 28 लाख रूपए के 19 कार्य, केशकाल वन मंडल में 4 करोड़ रूपए के 86 कार्य तथा दक्षिण कोण्डागांव वन मंडल में 12 करोड़ 51 लाख रूपए की राशि के 236 कार्य शामिल हैं।
रायपुर / शौर्यपथ / पंडित जवाहर लाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय, रायपुर में कोविड-19 की पहचान के लिए अब तक दो लाख से अधिक सैंपलों की आरटीपीसीआर जांच की जा चुकी है। स्वास्थ्य विभाग के आयुक्त एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के विशेष सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना ने बताया कि 25 दिसम्बर तक रायपुर मेडिकल कॉलेज में दो लाख एक हजार 979 सैंपलों की जांच की गई है। उन्होंने बताया कि कोरोना संक्रमण की पुष्टि के लिए आरटीपीसीआर सबसे विश्वसनीय और सटीक जांच है। राज्य में भी इसकी पहचान के लिए अधिक से अधिक सैंपलों की आरटीपीसीआर जांच पर जोर दिया जा रहा है। रायपुर मेडिकल कॉलेज के वायरोलॉजी लैब में इस साल 14 अप्रैल से 22 सैंपलों के साथ आरटीपीसीआर जांच की शुरूआत हुई थी। लॉक-डाउन के उस दौर में कन्ज्युमेबल्स (Consumable) एवं अन्य संसाधनों की दिक्कतों के बीच राज्य शासन ने इस लैब को शुरू किया था। इसे शुरू करने स्वास्थ्य मंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव के मार्गदर्शन में भारत सरकार, आईसीएमआर और विभिन्न राज्यों से मदद और समन्वय के लिए अलग-अलग मोर्चे पर करीब 20 अधिकारी-कर्मचारी दिन रात काम कर कर रहे थे। सैंपलों की जांच के दौरान लैब में कार्यरत साइंटिस्ट, लैब टेक्नीशियन और माइक्रोबायोलॉजिस्ट सहित कुल आठ लोग संक्रमित भी हो चुके हैं। इसके बावजूद यहां की टीम पूरी तत्परता और समर्पण से सैंपलों की जांच में लगी हुई है। मात्र 22 सैंपलों की जांच से शुरू रायपुर मेडिकल कॉलेज के इस लैब में अभी रोजाना 1500 सैंपलों की जांच हो रही है। अभी यहां रायपुर, धमतरी, बलौदाबाजार और गरियाबंद से प्राप्त सैंपलों की आरटीपीसीआर जांच की जा रही है।
श्रमिकों का पंजीयन कराने तथा अपंजीकृत कारखानों पर नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्देश
रायपुर / शौर्यपथ / श्रम कल्याण मंडल की आज हुई बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। श्रम कल्याण मंडल अध्यक्ष शफी अहमद ने मंडल के कार्यो की समीक्षा की। उन्होंने श्रमिकों की सुविधाओं के लिए सभी जिलों में श्रम भवन और ज्यादा फैक्ट्रियांे वाले जिलों में श्रमिक डोरमेट्री बनाने के निदेएगा.सूरजपुर में दाल भात और सिलाई सेंटर खोले जाएंगे.
श्रम कल्याण मण्डल की समीक्षा बैठक में अध्यक्ष श्री अहमद ने अभिदाय वसूली की धीमी गति और जिलेवार फैक्ट्रियों तथा श्रमिकों का पंजीयन की जानकारी संतोषजनक नही होने से नाराजगी व्यक्त की। श्री अहमद ने श्रम कल्याण निरीक्षकों को 10 जनवरी तक जानकारी आवश्यक प्रगति न होने पर कड़ी कार्यवाही की चेतावनी दी है। श्री अहमद ने बताया अब तक श्रम कल्याण मंडल के पास स्वयं का भवन नहीं था। बजट में रायपुर के मुख्य कार्यालय भवन के लिए एक करोड़ 30 लाख और सभी जिलों में श्रम भवन एवं ज्यादा श्रमिक संख्या वाले जिलों में डोरमेट्री के लिए 10 करोड़ का प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि श्रम कल्याण निरीक्षकों को सभी फैक्ट्रियों का निरीक्षण कर अभिदाय वसूली तेज करने, वास्तविक संख्या में श्रमिकों का पंजीयन कराने तथा अपंजीकृत कारखानों पर नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है। इस दौरान कार्य की प्रगति चेक करने जांच कमेटी बनाकर रेंडम जांच की जाएगी और लापरवाह निरीक्षकों पर सेवा से पृथक करने की कार्रवाई होगी। उन्होंने बताया कि सभी संभाग मुख्यालय में श्रम कल्याण मंडल का उप कार्यालय राज्य शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। शीघ्र ही श्रमिक बस्तियों में श्रमिकों के साथ बैठक कर योजनाओं की जानकारी दी जाएगी और उनकी समस्याओं का निराकरण किया जाएगा। साथ ही सुझाव भी लिए जाएंगे। श्री शफी अहमद ने बताया कि कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की जा रही है। बैठक में श्रम कल्याण निरीक्षकों सहित श्रम कल्याण मंडल के सभी कर्मचारी अधिकारी उपस्थित थे।
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज वरिष्ठ विधायकगणों खेलसाय सिंह और रामपुकार सिंह के राजधानी रायपुर स्थित निवास पहुंचकर उनसे सौजन्य मुलाकात की और उनका कुशलक्षेम पूछा। मुख्यमंत्री बघेल पहले वरिष्ठ विधायक और सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष खेलसाय सिंह के आनन्द नगर स्थित निवास पहुंचे। उन्होंने खेलसाय सिंह से मिलकर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली और उन्हें शीघ्र स्वास्थ्य लाभ के लिए शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम भी उपस्थित थे। इसके बाद मुख्यमंत्री बघेल वरिष्ठ विधायक रामपुकार सिंह के विधायक कॉलोनी स्थित निवास पहंुचे, जहां उन्होंने श्री सिंह से मुलाकात की और उनके स्वास्थ्य का हालचाल पूछा और उन्हें शीघ्र स्वास्थ्य लाभ के लिए शुभकामनाएं दीं। इस दौरान मुख्यमंत्री के सलाहकार द्वय रुचिर गर्ग और विनोद वर्मा भी उपस्थित थे।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
