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रायपुर / शौर्यपथ / कोरोना का कहर प्रदेश सहित देश में लगातार विकराल रूप ले रहा है क्या आम क्या खास हर किसी तक इस बिमारी की पहुँच हो गयी . लगातार एतिहात बरतने के बावजूद जनप्रतिनिधियों को भी बिमारी अपने आगोश में ले रही है अब प्रदेश के मुखिया के ओएसडी व पीएसओ की कोरोना रिपोर्ट पोजिटिव आई जिसकी जानकारी प्रदेश के मुखिया ने अपने ट्वीट के जरिये दी और स्वयं सुरक्षा की दृष्टी से आइसोलेट हो गए है .
राजधानी रायपुर के मुख्यमंत्री निवास से इस वक्त एक बड़ी खबर निकलकर सामने आई है. सीएम भूपेश बघेल के ओएसडी और पीएसओ कोरोना पॉजिटिव मिले है. संक्रमित पाए जाने के बाद बघेल क्वारंटाइन हो गए है. मुख्यमंत्री ने खुद ट्वीट कर यह जानकारी दी है.
कोरोना छत्तीसगढ़ में अब बेकाबू हो गया है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के आसपास भी अब कोरोना पहुंच गया है। कुछ दिन पहले मुख्यमंत्री के सलाहकार राजेश तिवारी और उनके पूरे परिवार की कोरोना रिपोर्ट पॉजेटिव आयी थी, अब मुख्यमंत्री के OSD की कोरोना रिपोर्ट पॉजेटिव आ गयी है। OSD के साथ-साथ मुख्यमंत्री के PSO की भी कोरोना रिपोर्ट पॉजेटिव आयी है।
मुख्यमंत्री के करीबियों के पॉजेटिव होने के बाद प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है। इधर मुख्यमंत्री ने अब खुद को क्वारंटीन कर लिया है। खुद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ट्वीट कर इस बात की जानकारी दी है कि वो चार दिन के लिए खुद को आइसोलेट कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर बताया है कि उनके ओएसडी और पीएसओ की रिपोर्ट कोरोना पॉजेटिव आयी है। हालांकि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की रिपोर्ट कोरोना निगेटिव है। लेकिन एहितियातन उन्होंने खुद को आइसोलेट कर लिया है।
दुर्ग / शौर्यपथ / नगर पालिक निगम दुर्ग के वार्ड क्रं0 07 किल्ला मंदिर वार्ड में स्थित नगर निगम क्वाटर शिक्षक नगर में रहने वाले चार निवासियों द्वारा अपने निजी शौचालय का मल, मूत्र सार्वजनिक नाली में बहाये जाने के कारण आयुक्त इ्रदजीत बर्मन के निर्देशानुसार स्वास्थ्य विभाग द्वारा सिटी कोतवाली थाना में प्राथमिकी दर्ज कर कार्यवाही करने पत्र प्रेषित किया गया।
उल्लेखनीय है कि किसी भी व्यक्ति द्वारा अपने निजी शौचालय का गंदा पानी, मल, मूत्र आदि र्साजनिक नालियों में बहाया जाना छ0ग0 नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 की धारा 216 (अ), (आ) के तहत् पूर्णत: प्रतिबंधित है। स्वास्थ्य विभाग अमला द्वारा निरीक्षण के दौरान क्षेत्र के सार्वजनिक नाली में शिक्षक नगर के सतीश चैधरी, देशभक्त अग्रवाल, कौशल किशोर यादव, सिद्धांत शर्मा द्वारा अपने निजी शौचालय का गंदा पानी, व मल मूत्र पाइप के माध्यम से सीधे बहाया जा रहा है। चारों निवासियों के विरुद्ध कार्यवाही करने सिटी कोतवाली में स्वास्थ विभाग की ओर से प्राथमिकी दर्ज करने पत्र पे्रषित किया गया है।
दुर्ग / शौर्यपथ / लगातार हो रही बारिश के बाद भी निगम का स्वास्थ्य अमला शहर की निरंतर सफाई में लगा हुआ है। चार दिनों से हुई बारिश में शंकर नगर के दुर्गा चैक को छोड़ कर शहर के किसी भी हिस्से में नाली जाम की स्थिति निर्मित नहीं हुई । महापौर धीरज बाकलीवाल एवं आयुक्त इंद्रजीत बर्मन के निर्देश पर आज निगम स्वास्थ्य विभाग अमला ने शहर के तालाबों से कचरा निकाल कर सफाई की गई। वार्डो में नालियों से कचरा निकालकर कचरा उठाया गया। ब्लीचिंग और दवाई का छिड़काव भी वार्डो में किया गया।
उल्लेखनीय है कि शहर स्वच्छता की दृष्टि से महापौर एवं आयुक्त के निर्देशानुसार मिनाक्षी नगर, बोरसी, आदित्य नगर, राजीव नगर, कातुलबोर्ड, करहीडीह वार्ड 15, पुलगांव वार्ड, नयापारा, रामदेवमंदिर वार्ड, पोटियाकला वार्ड, न्यू पुलिस लाईन क्षेत्र, नया गंजमंडी, पोलसायतालाब रोड, गवलीपारा पीछे भैंस खटाल, सिकाकेला बस्ती, रायपुर नाका क्षेत्र, केलाबाड़ी अपोलो स्कुल के पीछे, विद्युत नगर बोरसी, कसारीडीह वार्ड 43, में नालियों के किनारे से गाजर घांस व झाडिय़ॉ काटी गई तथा नालियों से कचरा निकालकर सफाई किया गया। इसके अलावा उपरोक्त वार्डो में ब्लीचिंग और सेनेटाईजर दवाई का छिड़काव भी किया गया। इसके साथ ही निस्तारी तालाबों कचहरी तालाब, शक्ति नगर तालाब, लुचकी तालाब, शंकर नाला पुलिया, शीतला तालाब विसर्जन कुण्ड, कैलाश नगर तालाब में बारिश के कारण एकत्र हुये कचरों को निकालकर तालाब की सफाई की गई।
रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस के संचार विभाग के प्रमुख शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह, नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक, भाजपा के सारे सांसद और विधायक कोरोना संकट के समय छत्तीसगढ़ की जनता के साथ नहीं खड़े हुये और सिर्फ़ अपने आकाओं की हां में हां मिलाने में लगे हुए हैं. भाजपा नेताओं के मन में ज़रा सा भी दर्द है तो वे छत्तीसगढ़ की जनता के पक्ष में खड़े होकर करोना संकट को देखते।
उन्होंने कहा है कि यह बेहद दुखद है भाजपा नेताओं की वफादारी मोदी के प्रति तो दिखती है लेकिन छत्तीसगढ़ और छत्तीसगढ़ की जनता के हितों और हकों के प्रति नहीं। मोदी के प्रति वफादारी साबित करने के लिए इनने छत्तीसगढ़ की जनता की जरूरतों दुख दर्द और तकलीफ की अनदेखी की हैं.
उन्होंने कहा कि राज्य की जनता भाजपा नेताओं के चाल और चरित्र दोनों को देख रही है और यह समझ भी रही है कि भाजपा नेताओं को छत्तीसगढ़ में कोरोना के नाम पर राजनीति करनी है लेकिन छत्तीसगढ़ के लोगों की किसी तरह की सहायता करने या करवाने में उनकी कोई दिलचस्पी नहीं है.
कोरोना पर छत्तीसगढ़ को संसाधन मुहैया करवाने का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने कहा है कि पहले तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पीएम-केयर्स नाम की एक संस्था बनवा ली और फिर राज्य के सभी सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों से भारी भरकम राशि उसके खाते में जमा करवा ली.
उन्होंने कहा है कि सच यह है कि भिलाई इस्पात संयंत्र, एसईसीएल, एनटीपीसी, बाल्को जैसे उपक्रम छत्तीसगढ़ से ही कमाई करते हैं लेकिन कोरोना से लड़ने के लिए इन उपक्रमों द्वारा राज्य को दी गई राशि नगण्य है. राज्य से चुने गए भाजपा के नौ लोकसभा और दो राज्यसभा सांसदों ने एमपी-लैड की राशि भी छत्तीसगढ़ को देने की बजाय पीएम-केयर्स में दे दी. शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि पीएम-केयर्स में छत्तीसगढ़ से जो राशि जमा हुई है अगर उसकी आधी राशि भी छत्तीसगढ़ को वापस दे दी जाती तो छत्तीसगढ़ सरकार और ज़्यादा प्रभावी ढंग से कोरोना के संकटकाल में प्रबंधन कर पाती.
उन्होंने कहा है कि केंद्र सरकार को नियमानुसार जीएसटी की राशि राज्य को देनी है लेकिन पिछले चार महीनों से एक फूटी कौड़ी भी नहीं दी गई है और अब केंद्र की मोदी सरकार जीएसटी के पैसे न देने का बहाना बना रही है. राज्य के भाजपा नेता इस बात पर भी चुप्पी साधे हुए हैं. केंद्र सरकार कह रही है कि राज्य जीएसटी क्षतिपूर्ति की राशि लेने की बजाय रिज़र्व बैंक से कर्ज़ ले लें और भाजपा के नेता छाती पीट रहे हैं कि राज्यसरकार कर्ज़ लेती जा रही है. अगर छत्तीसगढ़ के भाजपा नेताओं को राज्य की जनता की चिंता है तो वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर कहते कि राज्य पर कर्ज़ का बोझ न लादा जाए.
संचार विभाग के प्रमुख ने कहा है कि मनरेगा में कार्य दिवसों को 100 से बढ़ाकर 150 किए जाने के मामले में, धान के लिए किसानों को 25 सौ रुपए प्रति क्विंटल देने पर छत्तीसगढ़ के किसानों के धान से बना चावल उपार्जित नहीं करने के केंद्र सरकार के आदेश पर छत्तीसगढ़ के भाजपा नेताओं का यही छत्तीसगढ़ विरोधी रवैया सामने आ चुका है. उन्होंने कहा है कि छत्तीसगढ़ को गरीब कल्याण योजना से बाहर रखे जाने पर भी एक भी भाजपा नेता का स्वर छत्तीसगढ़ के 7.30 लाख से अधिक प्रवासी मजदूरों को इस योजना का लाभ दिए जाने की जरूरत पर नहीं फूटा.
प्रदेश के मुखिया का गृह निवास भिलाई तीन में तथा गृह मंत्री का निवास दुर्ग में है ऐसे में रायपुर जाने के लिए इन्हें भी जर्जर और घटिया सडको से गुजरना पड़ता है . ये अलग बात है कि प्रोटोकाल की वजह से इन्हें ट्राफिक जाम का सामना नहीं करना पड़ता किन्तु जर्जर सडक से रूबरू जरुर होते है .
दुर्ग / शौर्यपथ / घटिया निर्माण सिर्फ चाँद दिनों का ही होता है परदेश में कई स्थानों पर घटिया निर्माण की आये दिन बात खुलती रहती है फिर भी कोई ऐसा मामला सामने नहीं आया जिसमे घटिया निर्माण के जिम्मेदार एजेंसी व प्रभारी अभियंता पर कोई कार्यवाही हुई हो और इसी का परिणाम एक बार फिर सामने है . मामला अब कुम्हारी से गुज्रने वाली सड़क के निर्माण का है जो वर्तमान में आम जनता के लिए परेशानी का सबब तो है ही गंभीर दुर्घटना की आशंका को भी नहीं नकारा जा सकता .
रायपुर और दुर्ग के बीच आवाजाही करने वालों के लिए कुम्हारी का स्टेशन चौक परेशानी का सबब बना हुआ है। शाम ढलने के साथ ही यहां पर दोनों ओर वाहनों का लंबा जाम लग जाता है। यह स्थिति रात के 9 बजे तक बनी रहती है। लोगों को आधा से एक घंटा इंतजार करने के बाद ही आगे निकल पाने में कामयाबी मिल पा रही है। यह स्थिति बीमार मरीजों को ले जाने वाली एंबुलेंस के लिए बेहद ही विकट बन रही है। शाम 5 बजे के बाद जब यातायात में तेजी आ जाती है तो जाम की वजह से रायपुर छोर में वाहनों की कतार खारून टोल प्लाजा को पार करके टाटीबंध तक लग जाना किसी आश्चर्य से कम नहीं है। दुर्ग की ओर जंजगिरी मोड़ तक वाहनों की लंबी कतार लग जाने से रायपुर से भिलाई अथवा दुर्ग का सफर दो से तीन घंटे में तय हो रहा है।
कुम्हारी के स्टेशन चौक के दोनों ओर फोरलेन सड़क पर जाम की समस्या बढ़ गई है। लॉकडाउन में बनी सड़क बारिश की इस पहली झड़ी में फिर से जर्जर हो जाने से वाहनों का लग रहा जाम एक तरह से जी का जंजाल साबित हो रहा है। यातायात की बिगड़ी हुई दशा यहां बन रहे फ्लाई ओव्हर का कार्य प्रगति पर होने के साथ बरकरार है।
जाम की इस स्थिति के लिए काफी हद तक स्टेशन चौक के आसपास की सड़क का जर्जर हो जाने को जिम्मेदार माना जा रहा है। यहां पर फ्लाई ओव्हर का निर्माण चल रहा है जिसके लिए फोरलेन के मेन कैरिज-वे को कब्जे में लेकर दोनों ओर के पुराने सर्विसलेन की चौड़ाई को बढ़ाकर दोनों दिशा में यातायात बहाल रखा गया है। एक ही सड़क पर सभी तरह के वाहनों का दबाव बने रहने से उसकी दशा और दिशा पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। कुछ दिन पूर्व लॉकडाउन के दौरान कृष्णा हास्पिटल के आसपास की सड़क को बनाया गया था। जिससे शाम को लगने वाली जाम से आंशिक मुक्ति मिली थी। लेकिन अभी लगी बारिश की अनवरत झड़ी के चलते लॉकडाउन में बनी सड़क फिर से जर्जर हो गई है। इसके साथ ही वाहनों की रफ्तार कम हो जाने से फिर एक बार जाम की समस्या बढऩे लगी है। जाम की यह समस्या फ्लाई ओव्हर निर्माण कार्य शुरू होने के साथ ही बनी हुई है। इससे दुर्घटना होने की संभावना से भी इंकार नहीं किया जा रहा है।
हो चुकी है कई जानलेवा दुर्घटना
फ्लाई ओव्हर निर्माण के साथ ही सड़क के सिमटकर आधी हो जाने के चलते स्टेशन चौक के आसपास लगातार दुर्घटनाएं पेश आ रही है। इन दुर्घटनाओं में अनेक लोगों को जान तक गंवानी पड़ी है। जिस तरह की स्थिति यहां पर शाम के वक्त बन रही है उससे जानलेवा दुर्घटना होने की संभावना बनी हुई है। शाम को जाम की सबसे भयावह स्थिति रायपुर से दुर्घ की दिशा में देखी जा रही है। इससे राहत के लिए ट्रेफिक पुलिस के द्वारा दुर्ग से रायपुर की दिशा में जा रहे वाहनों को कृष्णा हास्पिटल से पहले आधे-आधे घंटे के अंतराल में रोककर रायपुर से दुर्ग की ओर गुजरने वाले वाहनों को दोनों दिशा की सड़क से गुजारते हैं। इससे स्थानीय वाहन चालकों के दुर्घटनाग्रस्त होने का खतरा बना हुआ है।
बेमेतरा। शौर्यपथ । नवागढ़ में विदेशी शराब दुकानदार मनमाने दामों पर शराब बेचकर अपनी जेब भरने में जुटे हैं। मनमाने दामों की वजह से शराब के शौकीनों की जेब ढीली हो रही हैं। खुलेआम ग्राहकों को धमकी दी जा रही है। कहा जा रहा है कि लेना है तो लो वरना यहां से भग जाओ। इसके बाद भी आबकारी विभाग द्वारा किसी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। ठेकेदार भी कमा रहे मुनाफा (Bemetara)शहर में दुकानें शासकीय कर्मचारियों के भरोसे चल रही हैं। यहां पर हालात यह है कि अंदर शासन द्वारा चलाई जा रही दुकानों में ठेकेदार के कर्मचारी ही काम कर रहे हैं। वो लोग अपने हिसाब से रेट तय कर शराब बेच रहे हैं। ठेकेदार द्वारा चलाई जा रही शराब दुकानों पर एमआरपी से भी अधिक रुपए लिए जा रहे हैं। जबकि नियम के मुताबिक एमआरपी से अधिक में शराब नहीं बेची जा सकती है। सोशल डिसटेसींग का पालन नहीं (Bemetara)शराब दुकान में करोना नियम का खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है। सामाजिक दूरी सिर्फ और सिर्फ कागजों पर ही दिखाई देता है। महामारी के बढ़ते संक्रमण के बीच भी कोई पालन करना नहीं चाहते। कीचड़ से भरे हुए हैं रास्ते हो सकता है कोई अप्रिय घटना आबकारी विभाग से लाखों रुपए किराये मिलने के बाद भी दुकान मालिक ने शराब दुकान आने जाने के लिए रास्ते पर मुरुम डलवाना जरूरी नहीं समझ रहे हैं। जिससे बरसात का पानी भर जाने के कारण बहुत परेशानी का सामना करना पड़ता हैं। मदिरा प्रेमियों को कीचड़ में फिसल कर गिरने से कोई अप्रिय घटना घट सकता हैं। जिसकी जिम्मेदारी कौन लेगा।
भिलाई / शौर्यपथ / भिलाई-चरोदा नगर निगम क्षेत्र में वैध कालोनी में सुमार श्याम नगर के रहवासी नारकीय जीवन जीने को मजबूर है। इस नवविकसित कालोनी में लगभग 80 प्रतिशत की बसाहट होने के बाद भी सड़क व नाली जैसी मूलभूत सुविधा के लिए लोग तरस रहे हैं। बारिश के दिनों में कीचड़ भरी सड़कों के चलते लोगों को भारी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।
निगम कार्यालय से चंद फर्लांग दूर पर श्याम नगर कालोनी बसी है। क्षेत्र के चुनिंदा वैध कालोनियों में शामिल श्याम नगर का दुर्भाग्य है कि यहां अब तक पक्की सड़क व नाली का अभाव बना हुआ है। निगम के द्वारा इसी कालोनी के पास अटल आवास का निर्माण कराया गया है। अटल आवास में तो सड़क व नाली बनी हुई है, लेकिन श्याम नगर में ऐसी सुविधा नहीं होने से लोगों को कीचड़ भरे रास्ते से होकर आवाजाही करनी पड़ रही है। बारिश के इस मौसम में खासकर चारपहिया वाहन रखने वालों को कीचड़ भरी सड़क बेहद हलाकान कर रही है अनेक लोग तो बारिश के मौसम में अपने निजी वाहनों को कहीं और रहने वाले परिचित अथवा रिश्तेदार के घर पर खड़ी करने में अपनी भलाई समझते हैं।
यहां पर यह बताना भी लाजिमी होगा कि श्याम नगर कालोनी में निगम द्वारा भवन अनुज्ञा प्रदान किया जाता है। विधिवत भवन अनुज्ञा प्राप्त करने पर मकान बनाने वालों से निगम को अच्छा खासा राजस्व भी मिलता है। बावजूद इसके सड़क नाली और बिजली जैसी मूलभूत सुविधा नहीं मिलने से रहवासियों में न केवल निगम के अधिकारी बल्कि चुने गए जनप्रतिनिधियों के खिलाफ भी जमकर आक्रोश देखा जा रहा है।
गौरतलब रहे कि साडा काल में सिंधी कालोनी के रूप में पुराने पूनम टाकीज के पास आवासीय भूखंड बेचे गए थे। नियमानुसार इस कालोनी के वैध श्रेणी में होने से अनेक लोगों ने यहां पर आवासीय भूखंड खरीदा और अपनी सुविधा के अनुसार मकानों का निर्माण कराया। कुछ बरस पहले इसका नाम सिंधी कालोनी से श्याम नगर किया गया। निगम कार्यालय, सिविल कोर्ट, तहसील, महिला एवं बाल विकास परियोजना कार्यालय सहित अनेक सामाजिक भवनों के आसपास होने के चलते यह कालोनी तेजी के साथ आबाद होने लगी है। आज की स्थिति में लगभग 80 प्रतिशत भूखंड में मकान बन चुके हैं। लेकिन सड़क व नाली के अभाव में रहवासियों को भारी दिक्कतो का सामना करना पड़ रहा है।
भिलाई नगर / शौर्यपथ / वन होम वन ट्री अभियान के अंतर्गत शहर में हरियाली के दायरे को बढ़ाने को लेकर की गई नगर पालिक निगम प्रशासन का प्रयास सफल होती नजर आ रही है। हरियाली लाने के लिए निगम प्रशासन ने जहां सड़कों के किनारे और गली मोहल्ले की खाली जगहों पर पौधे रोपने का कार्य किया है। पिछले दो महीने में 5412 पौधे रोपे हैं। वहीं व्यापारी, सामाजिक संगठन और लोगों ने 22754 पौधे निगम से लेकर अपने घर और आसपास की खाली जगहों पर लगाए हैं। इस तरह से अब तक निगम क्षेत्र में कुल 28166 पौधे रोपे जा चुके हैं।
इस कार्य के लिए महापौर व भिलाई नगर विधायक देवेन्द्र यादव और निगम आयुक्त ऋतुराज रघुवंशी ने आभार भी जताया है। अपने घरों के आसपास के पौधों की देखभाल कर बड़ा करने का आग्रह भी किया है।
सड़कों के किनारे रोपे गए हैं पौधे
इस वर्ष निगम ने प्रमुख सड़कों के किनारे और वार्डों के गली मोहल्ले की खाली जगहों पर नीम, कदंब, गुलमोहर, करंज, बादाम, स्टोपीडिया, तपेदिया रोजा सहित अन्य प्रजाति के 3738 पौधे रोपे हैं। नेहरू नगर से डबरापारा खुर्सीपार तक नेशनल हाइवे के किनारे गुलमोहर, कंदब, स्टोपीडिया, तपेदिया रोजा, कपोप के लगाए गए हैं। बांस से बनाई गई ट्री गार्ड से सुरक्षा व्यवस्था की गई है। इसी प्रकार जुनवानी से कोहका रोड किनारे, राधिका नगर स्लाटर हाउस, लिम्हा तालाब कोहका, मुक्तिधाम खम्हरिया, भिलाई नगर रेलवे स्टेशन स्थित गोठान में पौधे रोपे गए हैं। इसके अलावा जोन-1 विभिन्न क्षेत्रों में पौधे रोपे गए हैं। पौधों की सुरक्षा के लिए टी गार्ड और कांटा तार से घेरा भी किया गया है
डिवाइडर्स में रोपे पौधे
निगम प्रशासन ने शहर के प्रमुख सड़कों के डिवाइडर पर पौधे लगवाए हैं। सुपेला चौक से डाॅ राजेन्द्र प्रसाद चौक पहुंच मार्ग के डिवाइडर में कनेर, चंपा और मालश्री के पौधे लगाए गए हैं। इसी प्रकार नंदनी रोड पावर हाउस से एसीसी चौक तक डिवाइडर पर, छावनी से हथखोज रोड के डिवाइडर में और नेहरू नगर चौक से डबरा तक नेशनल हाइवे के डिवाइडर में पौधे रोपे गए हैं।
निगम के ने बांटे 22754 पौधे
नगर पालिक निगम के उद्यान विभाग ने इस वर्ष जोन कार्यालयों के माध्यम से लोगों को 22,754 पौधे लोगों को मुफ्त में दिए हैं। नेहरू नगर स्थित कुसुम कानन उद्यान की नर्सरी में नीम, कदंब, पुत्रजीवा, करंज, गुलमोहर, आम, पीपल, बरगद, अमलतास, मौलश्री, जामुन, सीताफल, बादाम, अमरूद, अशोक सहित अन्य प्रजाति के पौधे तैयार किए हैं। जिसे जोन के माध्यम से वितरित की गई है।
व्यापारियों ने ली पौधों की सुरक्षा की जिम्मेदारी
सुपेला के व्यापारी अब्दुल, नेशनल हाइवे के रोड के किनारे के व्यापारी सौरभ सिंह, मोहम्मद शमसाद, मनीष सिंह सहित चेंबर आफ काॅमर्स के सदस्यों ने रोड किनारे अपने दुकानों के सामने रोपे गए पौधों की देखभाल करने का संकल्प लिया है। व्यापारियों ने आम लोगों से भी अपने घरों के आसपास के पौधों की देखभाल करने का आग्रह किया है।
भिलाई / शौर्यपथ / बुधवार शाम से हो रही बारिश की वजह से जलभराव की स्थिति न आए इसके लिए निगम का स्वास्थ्य अमला नाली सफाई में जुटा रहा। रूक-रूककर हो रही बारिश को देखते हुए सभी वार्डों के छोटे बड़े नालियां जहां कचरा फंसा हुआ था। उसकी सफाई में निगम का अमला सुबह से ही जुटा हुआ है। जोन आयुक्तों के निर्देशानुसार फील्ड में कार्य करने वाले कर्मचारियों ने वार्डों का निरीक्षण कर नाला, नालियों और पुलिया का जायजा लिया। वहीं कई स्थानों पर सफाई कराने के साथ ही कच्चा नाली बनाकर पानी की निकासी की व्यवस्था की गई। साथ ही कचरे का उठाव भी किए।
निगम आयुक्त ऋतुराज रघुवंशी ने समस्त जोन आयुक्त और बाढ़ राहत आपदा टीम को बारिश के दौरान अलर्ट रहने के साथ ही वार्डों का निरीक्षण कर जल जमाव और निकासी की समस्या का त्वरित निराकरण के करने निर्देश दिए हैं। आयुक्त के निर्देशानुसार जोन और निगम मुख्यालय के स्वास्थ्य विभाग की टीम ने वार्डों का निरीक्षण कर नाला-नालियों की सफाई किया। जोन-4 के स्वच्छता निरीक्षक महेश पाण्डेय ने बताया कि सफाई कर्मी सुबह से ही वार्डों की निकासी व्यवस्था का निरीक्षण के साथ ही नालियों में फंसे पालीथिन, थर्माकोल, प्लास्टिक के कचरे को निकालने का कार्य किया। इससे कहीं पर भी जाम की स्थिति नहीं बनी। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने वार्ड 29-30 सिगड़ी मोहल्ला पुलिया, प्रगति मार्केट पुलिया, वार्ड-31 बड़े नाला पुलिया, वार्ड 38 के तेलहा नाला पुलिया, आरएसएस मार्केट, छावनी शंकर नगर, मंगल बाजार बापूनगर पुलिया, वार्ड-33 में बैक लाइन की सफाई और वार्ड 32 सरदार मोहल्ला सहित निचली बस्तियों का निरीक्षण का निरीक्षण किया। इन इलाकों में कहीं पर भी जलभराव की स्थिति निर्मित नहीं हुई है।
जोन-1 की टीम ने आकाश गंगा, दक्षिण गंगोत्री सुपेला, सुपेला थाना के सामने बैंक लाईन, सुधीर एक्सरे से टाटा मोटर्स तक, निजामी चौक से लक्ष्मी मार्केट पुलिया, राजीव नगर से रमन मोहल्ला, पीली मिट्टी चौक, संजय नगर नाला, कुम्हार पारा से टाटा मोटर्स, अग्रसेन सेन चौक से केपीएस स्कूल तक, सिरसा रोड से रानी अवंती बाई चौक से नाला और जुनवानी रोड रानी अवंती बाई चैक से सूर्या रेसीडेंट के किनारा तक बड़े नाला से कचरा निकालने का कार्य किया।
जोन-2 के सहायक स्वच्छता अधिकारी अनिल मिश्रा की टीम ने इंदू आईटी नाला, नकटा तालाब, शांतिनगर बड़े नाला, कुरूद बाजार, गोल मार्केट, घासीदास नगर मार्केट की नालियों में फंसे पालीथिन, प्लास्टिक और कचरे की सफाई कर निकासी व्यवस्था बनाई। जोन-3 की टीम ने चंद्रा मौर्या अंडरब्रिज, संतोषी पारा नाला, तेलहा नाला, कर्मा काॅलोनी, श्याम नगर तालाब के किनारे नाला का जायजा लिया। जहां बिना किसी अवरोध के बारिश का पानी बहाव हो रहा था। कहीं भी जाम की स्थिति नहीं बनीं।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
