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० जिन्दगी से जरूरी कुछ भी नहीं, जीवन की सुरक्षा के लिए मास्क लगाएं, आदत एवं व्यवहार बदलें
० मास्क को सुरक्षा कवच के रूप में उपयोग करें
० बुजुर्गो, बच्चों एवं महिलाओं को संक्रमण से सुरक्षा के लिए युवा लगाएं मास्क
राजनांदगांव / शौर्यपथ / कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी टोपेश्वर वर्मा ने जिले के नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि कोरोना जैसी घातक महामारी हमारे सामने खड़ी है। हमारे देश में रोजाना लाखों लोग लापरवाही और असावधानी के कारण कोरोना से संक्रमित हो रहे हैं। हम सभी जानते हैं कि कोरोना के उपचार हेतु अभी तक कोई वैक्सीन नहीं आई है। यह भी तय नहीं है कि कब तक यह कठिन दौर खत्म होगा। अभी जितने भी लोग कोरोना से बचे हुए हैं उसकी मुख्य वजह यह है कि उन्होंने आपस में शारीरिक दूरी बनाये रखने और समय-समय पर हाथों को सेनिटाईज करते रहने व ठीक तरीके से मास्क पहनने को अपनी आदत में शामिल कर लिया है। हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि वैक्सीन आने तक हमारे पास जो संसाधन हैं, उन्हें ही सुरक्षा कवच के रूप में हमें उपयोग करना होगा।
याद रखें कि अभी कोरोना से बचाव के लिए मास्क ही वैक्सीन है। जब तक कोरोना की दवाई उपलब्ध नहीं हो जाती है, तब तक हम लोगों को वैक्सीन मानकर मास्क को ही पहनना होगा। शोध बताते हैं कि ठीक तरीके से मास्क पहनना कोरोना महामारी को 98 प्रतिशत तक रोके रखता है। मास्क पहनने से हम खुद सुरक्षित रहेंगे और दूसरों को भी सुरक्षित रखेंगे। दरअसल कोरोना से बचने के तीन ही उपाय हैं। एक मास्क, दूसरा शारीरिक दूरी और तीसरा हाथों को साबुन से धोकर या सेनिटाईज कर साफ रखना। अगर हम सभी ने ये तीनों उपाय का अच्छे से पालन किया तो निश्चित रूप से हम सभी कोरोना संक्रमण से बचे रहेंगे।
सामान्यतः यह देखने में आ रहा है कि नगर सहित जिले के अन्य स्थानों में मास्क को लेकर घोर लापरवाही हो रही है। बाजार में लोग बेधड़क अपनी सुरक्षा को ताक में रखकर बगैर मास्क पहने और शारीरिक दूरी बनाये बेधड़क घूम रहे हैं। यह बेहद दुखद है कि आज इस कठिन दौर में हमारे युवा साथी घर से निकलते समय मास्क नहीं पहनते हैं और शारीरिक दूरी बनाये रखने और हाथों को सेनिटाईज करने के नियमों का पालन नहीं करते हैं। जिससे वे कोरोना से संक्रमित हो जाते है। युवाओें में बीमारियों से लड़ने की शारीरिक-मानसिक क्षमता मजबूत होती है, इसलिए वे खुद तो बचे रहते हैं किन्तु वे घर वापस आकर अपने परिवार के बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को संक्रमित कर रहें है। घर में ही रहने वाले बड़े बुजुर्गों के संक्रमित होने का यह सबसे बड़ा कारण है। जो हमें असमय ही अपने बड़े बुजुर्गों को जोखिम में डाल रहा है। अतः हम सभी को घर से बाहर निकलते समय यह ध्यान रखना चाहिए की कोराना संक्रमण अभी मिटा नहीं है। मास्क पहनेंगे तो संक्रमण से बचे रहेंगे। इसलिए स्वयं की और अपने परिवार की सुरक्षा के लिए मास्क जरूर पहनें और जो नहीं पहन रहे हैं, उन्हें मास्क पहनने प्रेरित करें।
प्रायः यह भी देखने को मिल रहा है कि फैक्ट्री, कारखानों और दुकानों के व्यवसायी बंधु और वहां काम करने वाले लोग बगैर मास्क पहने अपना व्यापार चलाते हैं जिससे भी बड़ी संख्या में लोगों के कोरोना संक्रमित होने की आशंका बढ़ती है। व्यापारी वर्ग को भी नो मास्क, नो एन्ट्री की बात को कड़ाई से पालन कराना चाहिए।
किसी भी व्यक्ति को जीवन को खतरे में डालने से पहले एक बार हम सभी को अपने परिवार के बारे में जरूर सोचना चाहिए। लापरवाही करने पर हम खुद तो संक्रमित होते ही हैं, बल्कि हमारे द्वारा अन्य रिश्तेदारों व मित्रों को भी जाने-अनजाने में यह बीमारी दे दी जाती है। अतः अब हर व्यक्ति को अब अपनी सामाजिक जवाबदारी समझते हुए काम करना पड़ेगा। मेरा मास्क आपको बचाएगा और आपका मास्क मुझे बचाएगा अब इसी भावना को आत्मसात कर हमें अपना व्यवहार बदलना होगा। बगैर मास्क पहने घर से निकलने से पहले एक बार जरूर सोचें कि ऐसी क्या मजबूरी है, जो जिंदगी से ज्यादा जरूरी है।
आईये अब हम कोरोना से डरकर नहीं, डट कर मुकाबला करें। हम सभी अपने वर्तमान जीवन में दो गज की दूरी, मास्क जरूरी के संदेश को अपने जीवन का उद्देश्य बनाये। जिले में कोरोना के संक्रमण एवं बचाव तथा रोकथाम के लिए 16 अक्टूबर से 22 अक्टूबर 2020 तक कोरोना सुरक्षा सप्ताह मनाया जाना है। जिसके लिए जिले में प्रत्येक दिवस सामाजिक भागीदारी से विशेष गतिविधियां की जाएंगी।
नवागढ़ / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के द्वारा संसदीय सचिव एवं नवागढ़ विधायक गुरुदयाल सिंह बंजारे पर बहुत ही विश्वास जताते हुए प्रदेश के सबसे चर्चित हाइप्रोफाइल विधानसभा मरवाही के उपचुनाव में जोगीसार सेक्टर का प्रभारी बनाते हुए बड़ी जवाबदारी दिया गया है।
ज्ञात हो कि मरवाही उपचुनाव प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री अजीत जोगी के मई में निधन के बाद रिक्त होने के कारण हो रहा है।
मरवाही के अंतर्गत जोगीसार गांव स्व अजीत जोगी का गृहग्राम है,और जोगीसर के साथ पुरे मरवाही विधानसभा क्षेत्र में जोगी परिवार का वर्चस्व और दबदबा रहता है,यहाँ से स्व अजीत जोगी 4 बार और उनके सुपुत्र अमित जोगी 1 बार इस विधानसभा का नेतृत्व कर चुके है,और इस बार के उपचुनाव में भी अमित जोगी या उनकी धर्मपत्नी श्रीमती ऋचा अमित जोगी चुनाव मैदान में उतर सकते है।
ज्ञात हो की मरवाही में नामांकन जमा करने की अंतिम तिथि 16 अक्टूबर,मतदान 3 नवम्बर और परिणाम 10 नवम्बर को है।
इस उपचुनाव के लिए प्रदेश के तीनो प्रमुख दल सत्ताधारी कांग्रेस,बीजेपी और वर्तमान कब्जाधारी जोगी कांग्रेस ने अपनी अपनी पुरी ताकत झोंक दी है इस उपचुनाव को जीतने के लिए,इस उपचुनाव के लिए कांग्रेस इस चुनाव को जीतने के लिए कितना गंभीर है इसका पता इसी बात से चलता है की उन्होंने मन्त्रीमण्डल के समस्त सदस्यों के साथ विधानसभा के अपने पुरे विधायको को अलग अलग बूथ और सेक्टर का प्रभारी बना कर जिताने की जवाबदारी सौंपी है।
बिलासपुर / शौर्यपथ / मरवाही विधानसभा क्षेत्र में कुल 237 मतदान केन्द्र है, और मतदाताओं की संख्या एक लाख 90 हजार 254 के लगभग है। जिसमें से महिलाओं मतदाताओं की संख्या 96 हजार और पुरूष मतदाता 93 हजार के लगभग है। इन मतदाताओं को संभालने के लिए कांग्रेस ने अपने 48 विधायकों को सैक्टरवाईज़ जिम्मेदारी दी है। चार मंत्रियों को ही उतार दिया है। छत्तीसगढ़ एक ऐास प्रदेश है जिसने दो बरा उपचुनाव में मुख्यमंत्री को चुनाव लड़ते देखा। पहली बार विभाजित मध्यप्रदेश के वक्त अर्जुन सिंह ने खरसियां जिला रायगढ़ से चुनाव लड़ा और दुसरी बार छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद 2001 में अजीत जोगी ने मरवाही विधानसभा से उपचुनाव लड़ा। दोनो चुनाव के बीच लंबा अंतराल था, और दो बड़े अंतर थे अर्जुन सिंह के चुनाव में कांग्रेस के विधायक लक्ष्मी पटेल ने इस्तिफा देकर सीट खाली की थी जबकि मरवाही में भाजपा के रामदयाल उईके ने अपनी सीट छोड़ दी थी।
खरसियां का उपचुनाव राजनैतिक इतिहास में हमेशा याद किया जाता है। क्योंकि यहां पर अर्जन सिंह जैसे दिग्गज राजनेता को जीत के लिए एड़ीचोटी का जोड़ लगाना पड़ा। वे मात्र 8 हजार वोट से जीत पाए थे और हारने के बावजूद पराजीत प्रत्याशी दिलीप सिंह जुदैव का जुलूस आज भी खरसियां की जनता को याद है। इससे उल्ट कहानी मरवाही की थी। 2001 में मरवाही ने अजीत जोगी ने जीत की जो इमारत खड़ी की वह 2018 तक बढ़ती ही चली गई। फिर चाहे चुनाव अजीत जोगी लड़ रहे हो या अमित जोगी। कभी भी कैसी भी परिस्थिति में जीत का आकड़ा 40 हजार से नीचे नहीं गया। वर्ष 2018 के चुनाव में अजीत जोगी को मात्र एक मतदान के लिए कटरा में हार मिली और वहां भी वे प्रत्याशी से नही नोटा से हारे। 2018 के चुनाव में मरवाही में नोटा को 4 हजार 501 वोट मिला। कटरा में नोटा 89, जोगी 78, कांग्रेस गुलाब सिंह राज 64 और भाजपा अर्चना पोर्ते 58 मत पाएं थे।
मरवाही जैसे आदिवासी बहुल्य क्षेत्र में नोटा को प्राप्त होने वाला वोट राजनैतिक पंडितों को आश्र्चय में डालता है। 4 सेक्टरों में कांग्रेस ने जिन लोगों को जिम्मेदारी दी है। उसमें सासंद, संसदीय सचिव और विधायक शामिल है। उत्तर क्षेत्र में के प्रभारी उत्तम वासुदेव और मंत्री गुरू रूद्र कुमार है। दक्षिण क्षेत्र में विधायक शैलेष पांडेय और मंत्री डाॅक्टर प्रेम साय सिंह। गौरेला क्षेत्र अर्जुन तिवारी और मोहम्मद अकबर, पेंड्रा क्षेत्र में मोहित केरकेटा और मंत्री कवासी लखमा को जिम्मेदारी मिलीं 4 मंत्री 48 विधायक आकड़ा थोड़ा छोटा है। असल में प्रदेश के मुखिया ने मरवाही में अपने मंत्री मंडल को उतार दिया है। प्रत्याशी भले ही केके धु्रव किन्तु चुनाव में सीधे मुख्यमंत्री की प्रतिष्ठा जुड़ी है। इस कथा का पुरा सार नामाकंन जांच के बाद पढ़ने मिलेगा।
धमतरी / शौर्यपथ / जिले के मगरलोड थाना क्षेत्रान्तर्गत ग्राम मड़ेली में आज तड़के आबकारी अमले को बड़ी सफलता मिली है। विभाग की टीम के द्वारा दबिश देकर चार अलग-अलग प्रकरणों में मदिरा का अवैध विक्रय, परिवहन तथा भण्डारण के मामले में चार आरोपियों से कुल 40 लीटर कच्ची शराब जब्त की गई तथा आरोपियों को न्यायिक हिरासत में लेकर उन्हें जेल भेजा गया।
जिला आबकारी अधिकारी से प्राप्त जानकारी के अनुसार मगरलोड विकासखण्ड के ग्राम मड़ेली निवासी श्रीमती मुन्नी बाई पति रतनूराम कमार कच्ची महुआ शराब बेचते पाई गई तथा उसके आधिपत्य से 3 लीटर महुआ शराब बरामद कर उनके विरुद्ध धारा 34(1)(क), (ख) आबकारी एक्ट के तहत कार्रवाई की गई। इसी ग्राम में तलाशी के दौरान दशमत पति द्वारिका कमार से 23 लीटर महुआ शराब, लक्ष्मी पति रामलाल कमार से 8 लीटर महुआ शराब तथा पुरूषोत्तम पिता लखमन कमार से 6 लीटर महुआ शराब बरामद कर धारा 34(1) (क), 34(2), 59(क) आबकारी एक्ट के तहत गैरजमानती अपराध पंजीबद्ध कर तीनों आरोपियों को न्यायिक रिमाण्ड पर जेल दाखिल कराया गया।
आबकारी अधिकारी ने बताया कि जिले के नगरी विकासखण्ड में आदिवासियों को उनके सामाजिक तथा धार्मिक उत्सवों पर प्रति परिवार अधिकतम 5 लीटर हाथ भट्ठी महुआ शराब के आधिपत्य की छूट है। परम्परागत छूट की आड़ में नगरी विकासखण्ड के सरहदी मगरलोड क्षेत्र में बड़े पैमाने पर कच्ची शराब के अवैध कारोबार की लगातार शिकायतें मिल थीं। महुआ शराब का अमानक विनिर्माण जन स्वास्थ्य हेतु हानिकर सिद्ध हो सकता है। किसी प्रकार की जनहानि की आशंका के मद्देनजर आबकारी राजस्व हित में आबकारी टीम धमतरी द्वारा उक्त कार्रवाई की गई। उन्होंने बताया कि शराब के अवैध विनिर्माण, धारण, परिवहन तथा विक्रय से संबंधित शिकायत विभाग के टोल फ्री नम्बर 14405 पर अथवा आबकारी नियंत्रण कक्ष धमतरी के दूरभाष नम्बर 07722-232723 पर सूचित किया जा सकता है।
रायपुर / शौर्यपथ / राज्य शासन द्वारा भारतीय प्रशासनिक सेवा के तीन वरिष्ठ आई.ए.एस. अधिकारियों के प्रभार में फेरबदल किया गया है। सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय महानदी भवन द्वारा जारी आदेश के तहत सोनमणि वोरा को सचिव राज्यपाल के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त किया गया है। उनके पास अब केवल संसदीय कार्य विभाग का प्रभार रहेगा।
आयुक्त बस्तर संभाग जगदलपुर अमृत कुमार खलखो को अस्थायी रूप से आगामी आदेश पर्यन्त सचिव, कृषि विभाग के पद पर पदस्थ करते हुए उन्हें सचिव राज्यपाल का अतिरिक्त प्रभार सौपा गया है। के.डी.कुजांम, संयुक्त सचिव सामान्य प्रशासन विभाग तथा अतिरिक्त प्रभार संयुक्त सचिव, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग, नियंत्रक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन को उनके वर्तमान कर्तव्यों के साथ-साथ संयुक्त सचिव, राजभवन सचिवालय का अतिरिक्त प्रभार सौपा गया है।
रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देशन में प्रदेश के हजारों निम्न और मध्यम वर्ग के लोगों को बड़ी राहत मिली है। प्रदेश में बड़े पैमाने पर अब छोटे तबके के लोग जिनके जमीन के छोटे भूखण्ड हैं, वे अब इनकी खरीद बिक्री आसानी से कर पा रहे हैं। राज्य शासन ने जमीन के छोटे भूखण्डों की खरीद बिक्री पर लगा प्रतिबंध हटाया गया था, फलस्वरूप प्रदेश के छोटे तबकों के जरूरतमंद 5 डिसमिल से छोटे भूखण्डों का क्रय विक्रय संभव हो सका है। नतीजन अब तक करीब एक लाख 49 हजार 755 छोटे भूखण्डों का क्रय-विक्रय हुआ है।
राज्य शासन के राजस्व विभाग द्वारा छोटे भूखण्डों के पंजीयन एवं नामांतरण की कार्यवाही तथा छत्तीसगढ़ नामांतरण एवं अन्य भू-अभिलेख को तैयार करने बावत नियम 1965 में संशोधन किया जाकर 25 अक्टूबर 2019 से राज्य के सभी जिलों में जमीन के छोटे भूखण्डों के नामांतरण की कार्यवाही की जा रही है। जिसके फलस्वरूप बड़े पैमाने पर 5 डिसमिल से छोट भूखण्डों की क्रय-विक्रय हो सका है।
जांजगीर-चांपा / शौर्यपथ / विधानसभा अध्यक्ष डॉ चरणदास महंत, सांसद गुहाराम अजगल्ले और जिले के विधायकों ने विधानसभा निर्वाचन विकास योजना एवं स्थानीय क्षेत्र विकास योजना के तहत कोविड उपचार के लिए कुल 95.5 लाख रूपये की अनुशंसा की है।
जिला योजना एवं सांख्यिकी अधिकारी से जारी प्रेस नोट के अनुसार विधानसभा अध्यक्ष डॉ महंत ने विधानसभा निर्वाचन विकास योजना के तहत टाटा एंबुलेंस, पोर्टेबल एक्सरे मशीन, ऑक्सीजन कंसंट्रेटर के लिए कुल 30 लाख रूपये की अनुशंसा की है। इसी प्रकार जांजगीर-चांपा लोकसभा क्षेत्र के सांसद श्री अजगल्ले ने स्थानीय क्षेत्र विकास योजना के तहत पीपीई कीट, एन 95 मास्क, ट्रिपल लेयर मास्क, सैनिटाइजर के लिए कुल 5 लाख रूपये की स्वीकृति दी है।
पामगढ़ विधायक श्रीमती इंदू बंजारे ने एंबुलेंस के लिए 18.5 लाख रुपए की अनुशंसा की है। चंद्रपुर विधायक श्री राम कुमार यादव ने एंबुलेंस, ऑक्सीजन कंसंट्रेटर के लिए 10 लाख रुपए, जांजगीर-चांपा विधायक श्री नारायण प्रसाद चंदेल ने पीपीई कीट व्हीटीएम कीट, स्ट्रेराईल स्वाब सहित सर्जिकल मास्क, सैनिटाइजर, थर्मल स्कैनर एवं सर्जिकल ग्लब्स के लिए 11 लाख रूपये, अकलतरा विधायक श्री सौरभ सिंह ने पीपीई कीट, एड 95 मास्क, ट्रिपल लेयर मास्क, पल्स ऑक्सीमीटर और थर्मल स्कैनर के लिए 11 लाख रूपये, जैजैपुर विधायक श्री केशव प्रसाद चन्द्रा ने ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, स्ट्रेचर, ट्राली, ऑक्सीजन सिलेंडर, नेबुलाइजर, नेबुलाइजर मास्क, आईव्ही स्टैंड, ऑक्सीजन ट्रॉली, फ्लो मीटर और ऑक्सीजन मास्क के लिए कुल 10 लाख रूपये की अनुशंसा की है। जनप्रतिनिधियों द्वारा राशि की अनुसंशा से जिले में कोरोना संक्रमित लोगों के बेहतर उपचार में सहायता मिलेगी।
दंतेवाड़ा / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ राज्य राज्य की माननीया राज्यपाल सुश्री अनुसुइया उइके ने ट्विटर के माध्यम से कहा कि जिले के आदिवासी बहुल क्षेत्र के जिला प्रशासन की यह पहल सराहनीय है इस तरह वे पर्यावरण को प्रदूषित होने से बचा रहे हैं तथा लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षा भी कर रहे हैं ऐसे कार्यों को बढ़ावा देने के लिए वह जिला प्रशासन तथा किसानों को शुभकामनाएं दे रही हैं इन से प्रेरणा लेते हुए जिले के अन्य किसानों द्वारा जैविक खेती से अधिक से अधिक उपयोग को बढ़ावा देना चाहिए। जिले के किसानों के द्वारा रसायनिक खाद का उपयोग किए बगैर जैविक पद्धति से खेती की जा रही है। जिसके फलस्वरूप अब दंतेवाड़ा जिले में कृषि करने के लिए जैविक फसलों का उत्पादन हो रहा है। अब रासायनिक खादों जहरीले कीटनाशकों के उपयोग के स्थान पर जैविक खादों एवं दवाइयों का उपयोग कर अधिक से अधिक उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं। दन्तेवाड़ा के कलेक्टर श्री दीपक सोनी के द्वारा जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए कार्य योजना बनायी गयी है। जिसे क्रियान्वित कर यहां कि जैविक फसलों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी। जिससे भूमि जल एवं वातावरण शुद्ध रहेगा और मनुष्य एवं प्रत्येक जीवधारी स्वस्थ रहेंगे जिले के किसानों ने जैविक खाद का उपयोग कर तरह-तरह के सब्जियों की खेती कर रहे हैं जिससे उनकी अर्थव्यवस्था सुधरने लगी है वर्मी कंपोस्ट खाद का उपयोग करके किसानों ने पैदावार अधिक से अधिक करके अपनी रोजमर्रा के जीवन को एक नया आयाम दिया है संपूर्ण विश्व में बढ़ती हुई जनसंख्या एक गंभीर समस्या है बढ़ती हुई जनसंख्या के साथ भोजन की आपूर्ति के लिए मानव द्वारा खाद की होड़ में अधिक से अधिक उत्पादन प्राप्त करने के लिए तरह-तरह की रासायनिक खादों, जहरीले कीटनाशकों का उपयोग, प्रकृति के जैविक और अजैविक पदार्थों के बीच आदान-प्रदान के चक्र को( इकोलॉजी सिस्टम) प्रभावित करता है। जिससे भूमि की उर्वरा शक्ति खराब हो जाती है साथ ही वातावरण प्रदूषित होता है तथा मनुष्य के स्वास्थ्य में गिरावट आती है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार कृषि है और कृषकों की आय का साधन खेती है।
दंतेवाड़ा / शौर्यपथ / दंतेवाड़ा के स्थानीय निवासी के द्वारा जे.एम.डी.गरम मसाला एवं मिर्च में मिलावट तथा खराब गुणवत्ता की शिकायत की गई थी। जिस पर खाद्य सुरक्षा अधिकारी सुष्मित देवांगन ने त्वरित कार्यवाही की। शिकायत में कहा गया है कि मैंने बस स्टैंड दंतेवाड़ा की दुकान से जे.एम.डी. ब्रांड का मिर्च और गरम मसाला खरीदा था जिसमें मिर्च का रंग सामान्य मिर्च से फीका था और डल्ला बना हुआ था और गरम मसाला का स्वाद भी अलग आ रहा था और सफेद दाने भी दिख रहे थे। जिसकी शिकायत दुकान से करने पर बोला कि वह कंपनी की गलती है हम नहीं बनाते। इस शिकायत के आधार पर दंतेवाड़ा नगर के विभिन्न किराना दुकानों में निरीक्षण एवं नमूना संकलन की कार्यवाही की गई इस दौरान सभी किराना दुकानों से पुराने जे.एम.डी. गरम मसाला तथा मिर्च में पुराने स्टॉक की संबंध में जानकारी दी गई बिल वाउचर की जांच के उपरांत पुराने स्टॉक के संबंध में जानकारी ली गई, बिल वाउचर के जांच के उपरांत पुराने स्टाफ को सीज कर उनसे लैब टेस्ट हेतु नमूना का संकलन भी कराया गयाद्य कार्यवाही के दौरान पुराने स्टॉक को सीलबंद कर व्यापारियों को निर्देश दिया गया है कि सैंपल कि रिपोर्ट आने तक सील बंद स्टॉक से छेड़छाड़ ना करें एवं सीलबंद स्टॉक को व्यापारियों की अभिरक्षा में में छोड़ा गया है। इस दौरान सभी किराना दुकानों में लगभग एक लाख मूल्य के गरम मसालों और मिर्च को सील बंद कर व्यापारियों की अभिरक्षा मैं उनके पास यह सैंपल रिपोर्ट आने तक छोड़ा गया है। रिपोर्ट के आधार पर यदि सैंपल फेल होता है तो नियमानुसार वैधानिक कार्यवाही की जावेगी।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
