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दुर्ग / शौर्यपथ / दुर्ग निगम क्षेत्र में इन दिनों कई वार्ड ऐसे है जहा पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है और सत्ता पक्ष पूर्ववर्ती भाजपा सरकार पर आरोप लगा रही है वही विपक्ष द्वारा सत्ता पक्ष कांग्रेस पर अनुभवहीनता का आरोप लगा कर मामले को राजनीती रंग देने की कोशिश कर रही है . जबकि इन सबके बीच में जिम्मेदार अधिकारी मौज में है , अमृत मिशन के अधिकारी मौन है और हो भी क्यों ना क्योकि असली जिम्मेदार अधिकारी सत्ता और विपक्ष की राजनीती में अपनी नाकामी छुपाने में सफल हो रहे है .
किसी भी जनप्रतिनिधि का कार्य ये नहीं होता कि विभाग के संसाधनों को दुरुस्त करे आपत्ति पर आपातकाल व्यवस्था करे , शहर की व्यवस्थाओ का जमीनी स्तर पर निरिक्षण करे . जनप्रतिनिधि जब आम जनता को कोई परेशानी होती है तो उस बात को संज्ञान में लेकर विभागीय अधिकारियो को अवगत कराये और व्यवस्था को सुचारू रूप से निर्वहन करने के लिए निर्देश दे किन्तु दुर्ग निगम के जल विभाग के अधिकारी हो या अमृत मिशन के अधिकारी जिनकी लापरवाही का नतीजा अज पुरे दुर्ग की जनता भुगत रही है और जनप्रतिनिधि एक दुसरे पर आरोप लगा रहे है जबकि इस अव्यवस्था की सारी जिम्मेदारी विभागीय अधिकारियो के ऊपर है किन्तु राजनितिक वर पलटवार का पूरा मजा अधिकारियो द्वारा उठाया जा रहा है और अव्यवस्था के असली जिम्मेदार विभागीय अधिकारी इस राजनीतिक समीकरण का पूरा लाभ उठाकर अपनी नाकामी छुपाने में सफल भी हो रहे है .
वैसे निगम के हर कार्य में वर्तमान में शहर के विधायक की मंशा और अनुशंषा ही कार्य कर रही है किन्तु जिस तरह वर्तमान में शहर के विधायक द्वारा कई बार निगम की कार्य पद्दति पर सवाल भी खड़े किये किन्तु इसे जनप्रतिनिधि के निर्देशों की अवहेलना कहे या अधिकारियो द्वारा वर्तमान के जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों के निर्देश को हलके में लेने की प्रक्रिया क्योकि जिस तरह सत्ता में रहने के बाद भी जनप्रतिनिधि अपनी ही सरकार पर आरोप लगा रहे है कार्य में लापरवाही की उससे यही प्रतीत होता है कि निगम के अधिकारियों को न तो शहर की आम जनता की सुविधाओ का ख्याल है और ना ही किसी प्रशासनिक दबाव से फर्क पड़ रहा है .
भिलाई नगर / शौर्यपथ / वार्ड-28 छावनी स्थित दर्री तालाब की रौनक फिर लौटेगी। इस दिशा में नगर पालिक निगम प्रशासन कार्य कर रही है और दर्री तालाब में साफ पानी भरने और उनके किनारे को हरियाली को बढ़ाने के लिए चारो तरफ रिटेनिंग वाॅल का निर्माण कराया जा रहा है। इन कार्यों के पूरा होते ही क्षेत्र के रहवासियों को निस्तारी के लिए पहले की तरह तालाब में साफ पानी मिलेगा। तालाब में पाथवे और रिटेनिंग वाॅल पर बनाई जाने वाली बस्तर कलाकृतियां लोगों के लिए मनोरंजन का केन्द्र साबित होगी।
40 लाख की लागत निर्माणाधीन हैं कार्य
महापौर व भिलाई नगर विधायक देवेन्द्र यादव के निर्देशानुसार निगम प्रशासन ने दर्री तालाब के सौंदर्यीकरण के साथ महिलाओं की सुविधाओं का विशेष ख्याल रखा गया है। अधोसंरचना मद से प्रस्तावित 40 लाख रूपए की लागत से निर्माणाधीन विकास कार्य में महिलाओं के लिए निर्मला घाट और चेंजिंग रूम बनाया जाएगा। तालाब में मवेशियों के प्रवेश पर रोक लगाने के लिए चारो तरफ कांक्रीट से बाउंडीवाल बनाई गई है। हरियाली को बढ़ावा देने के लिए किनारे से लोहे की रेलिंग से ट्रू वाॅल बनाया जा रहा है। जहां पर फूल पौधे के साथ फलदार और पत्तीदार पौधे रोपे जाएंगे। कारपेट ग्रास लगाया जाएगा। तटबंध (पार) पर पेवर ब्लाॅक लगाने के साथ चैनलिंग फेसिंग किया गया है। प्रकाश व्यवस्था के लिए चारो तरफ ट्यूबलर पोल लगाई गई हैै।
ऐसे रखा जाएगा पानी को स्वच्छ तालाब का पानी स्वच्छ रहे इसके लिए निगम प्रशासन ने तालाब के बाजू में अलग से एक पैठू (छोटा तालाब) बनाई है। जहां पशुपालक अपने मवेशियों को नहला सकेंगे। वहीं तालाब में बारिश के पानी को भरने के लिए इन लेट और तालाब का पानी गंदा होने की स्थिति में निकासी के लिए आउट लेट नाली बनाई गई है। इस तरह की व्यवस्था से जल संरक्षण के साथ क्षेत्र में हरियाली को बढ़ावा दिया जाएगा।
मुुफ्त में हो गया गहरीकरण
आयुक्त रघुवंशी के निर्देशानुसार सौंदर्यीकरण का काम चल रहा है। जोन-4 के आयुक्त अमिताभ शर्मा ने बताया कि निगम प्रशासन ने तालाब के गहरीकरण पर राशि खर्च नहीं किया है। पीपीपी माॅडल पर तालाब की सफाई और गहरीकरण कराया गया। सौंदर्यीकरण का लगभग 65 फीसद कार्य पूर्ण हो चुका है।
राजनांदगांव / शौर्यपथ / गर्भवती महिलाओं व शिशुओं के बेहतर स्वास्थ्य के लिए जिले के लगभग 3,000 आंगनबाड़ी केंद्रों में लगातार कई कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में मंगलवार को अंबागढ़ चौकी क्षेत्र में गर्भवती महिलाओं की गोदभराई की रस्म और शिशुओं का अन्नप्राशन कराया गया। इस कार्यक्रम को आयोजित करने का मुख्य उद्देश्य सही पोषण की जानकारी देना है, जिससे मां व बच्चा दोनों सुरक्षित व स्वस्थ रहे।
गोदभराई और अन्नप्राशन के अवसर पर महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी रेणु प्रकाश ने अंबागढ़ चौकी में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा वितरित टेक होम राशन एवं सूखा राशन के संबंध में भी निरीक्षण किया और लाभार्थियों से जानकारी ली। इस दौरान लाभार्थियों ने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा नियमित रूप से टेक होम राशन एवं सूखा राशन दिया जा रहा है। उन्होंने सभी सीडीपीओ को जमीनी स्तर पर इसके संबंध में निरीक्षण करने के निर्देश दिए। जिला कार्यक्रम अधिकारी रेणु प्रकाश ने तुलसी मां बम्लेश्वरी स्व सहायता समूह कोडूटोला सेंटर, सामग्री मिक्सिंग एवं पैकेजिंग कार्य का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि समूह की महिलाएं सक्रियता से कार्य कर रही हैं और विशेषकर कोरोना संक्रमण के दौर में मॉस्क का उपयोग कर रही हैं। उन्होंने सभी को एप्रन एवं ग्लब्स का उपयोग सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खाद्य सामग्री को और भी सुव्यवस्थित तरीके से रखा जा सकता है। उन्होंने समूह की महिलाओं द्वारा सामग्री को भुनने एवं पीसने के नवाचार की सराहना की।
इस दौरान आंगनबाड़ी केंद्र की कार्यकर्ता व वार्ड पार्षद ने गर्भवती महिलाओं को पोषण से संबंधित जानकारी दी। इस अवसर पर गर्भवती महिलाओं को लाल चुनरी ओढ़ाकर व तिलक लगाकर उनका स्वागत किया गया। पौष्टिक पदार्थ भी भेंट किए गए। साथ ही हरी पत्तेदार सब्जी भी भेंट की। महिलाओं ने मंगल गीत गाकर गोदभराई रस्म को पूरा किया। सभी गर्भवती महिलाओं को खानपान के बारे में जानकारी दी गई। गर्भवती महिलाओं को हरी पत्तेदार सब्जियों में सहजन का पत्ता, धनिया का पत्ता तथा पालक की साग का सेवन करने की सलाह दी गई। साथ ही धात्री महिलाओं को आयरन की गोलियां दी गई।
इस अवसर पर कार्यक्रम अधिकारी रेणु प्रकाश ने कहा स्वच्छता एवं साफ-सफाई को पोषण अभियान के पांच सूत्रों में शामिल किया गया है। सफाई ही बीमारियों से लड़ने का पहला हथियार होता है। बीमारियों के संक्रमण से बचने का सबसे अच्छा तरीका सफाई का पहला चरण खाने से पहले और शौच के बाद विधिवत रूप से हाथ धोने से होता है। हर व्यक्ति को स्वास्थ्य के प्रति इन छोटी-छोटी बातों के प्रति सजग होना चाहिए, ताकि हम एक स्वस्थ समाज का निर्माण कर सकें। उन्होंने बताया कि गोद भराई एक परंपरागत सामुदायिक गतिविधि है जिसे उत्सवी माहौल में माता व गर्भ में पल रहे शिशु के पोषण को सुदृढ़ व समृद्ध बनाने हेतु किया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य शिशु व माता की जांच सुनिश्चित करते हुए शिशु की दो वर्ष की अवस्था तक पोषण एवं वृद्धि की सतत निगरानी हेतु समुदाय को प्रेरित करना है। कार्यक्रम के दौरान सात माह के दो शिशुओं को अन्नप्राशन कराया गया।
कार्यक्रम अधिकारी रेणु प्रकाश ने इस अवसर पर कहा कि महिलाओं को अपने दैनिक जीवन में स्वस्थ रहने के लिए पौष्टिक आहार की जरूरत होती है। पोषण की कमी होने से महिलाओं में खून की कमी हो जाती है। जिससे होने वाले बच्चे कुपोषण के शिकार हो जाते हैं। उन्होंने लड़कों एवं लड़कियों में भेदभाव को कम करने के लिए भी जागरूक किया। कार्यक्रम में आसपास की महिलाएं भी शामिल हुई। लाभार्थी सरिता ठाकुर ने कहा कि इस कार्यक्रम से हमें पता चला कि स्वच्छता नियमों का पालन करने से कई बीमारियों से खुद व अपने बच्चे को बचाया जा सकता है।
दुर्ग / शौर्यपथ / दुर्ग निगम क्षेत्र में इन दिनों कई वार्ड ऐसे है जहा पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है और सत्ता पक्ष पूर्ववर्ती भाजपा सरकार पर आरोप लगा रही है वही विपक्ष द्वारा सत्ता पक्ष कांग्रेस पर अनुभवहीनता का आरोप लगा कर मामले को राजनीती रंग देने की कोशिश कर रही है . जबकि इन सबके बीच में जिम्मेदार अधिकारी मौज में है , अमृत मिशन के अधिकारी मौन है और हो भी क्यों ना क्योकि असली जिम्मेदार अधिकारी सत्ता और विपक्ष की राजनीती में अपनी नाकामी छुपाने में सफल हो रहे है .
किसी भी जनप्रतिनिधि का कार्य ये नहीं होता कि विभाग के संसाधनों को दुरुस्त करे आपत्ति पर आपातकाल व्यवस्था करे , शहर की व्यवस्थाओ का जमीनी स्तर पर निरिक्षण करे . जनप्रतिनिधि जब आम जनता को कोई परेशानी होती है तो उस बात को संज्ञान में लेकर विभागीय अधिकारियो को अवगत कराये और व्यवस्था को सुचारू रूप से निर्वहन करने के लिए निर्देश दे किन्तु दुर्ग निगम के जल विभाग के अधिकारी हो या अमृत मिशन के अधिकारी जिनकी लापरवाही का नतीजा अज पुरे दुर्ग की जनता भुगत रही है और जनप्रतिनिधि एक दुसरे पर आरोप लगा रहे है जबकि इस अव्यवस्था की सारी जिम्मेदारी विभागीय अधिकारियो के ऊपर है किन्तु राजनितिक वर पलटवार का पूरा मजा अधिकारियो द्वारा उठाया जा रहा है और अव्यवस्था के असली जिम्मेदार विभागीय अधिकारी इस राजनीतिक समीकरण का पूरा लाभ उठाकर अपनी नाकामी छुपाने में सफल भी हो रहे है .
वैसे निगम के हर कार्य में वर्तमान में शहर के विधायक की मंशा और अनुशंषा ही कार्य कर रही है किन्तु जिस तरह वर्तमान में शहर के विधायक द्वारा कई बार निगम की कार्य पद्दति पर सवाल भी खड़े किये किन्तु इसे जनप्रतिनिधि के निर्देशों की अवहेलना कहे या अधिकारियो द्वारा वर्तमान के जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों के निर्देश को हलके में लेने की प्रक्रिया क्योकि जिस तरह सत्ता में रहने के बाद भी जनप्रतिनिधि अपनी ही सरकार पर आरोप लगा रहे है कार्य में लापरवाही की उससे यही प्रतीत होता है कि निगम के अधिकारियों को न तो शहर की आम जनता की सुविधाओ का ख्याल है और ना ही किसी प्रशासनिक दबाव से फर्क पड़ रहा है .
राजनांदगांव एवं कबीरधाम जिलें के आठ 33 के.व्ही. उपकेन्द्रों के पाॅवर ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि तथा सड़क चिरचारी उपकेन्द्र में 3.15 एम.व्ही.ए. का अतिरिक्त पाॅवर ट्रांसफार्मर की मिली स्वीकृति, कुल लागत 3.09 करोड़ रूपये
राजनांदगांव / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ स्टेट पाॅवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड, राजनांदगांव क्षेत्र के अंतर्गत राजनांदगांव जिले के चार 33 के.व्ही. उपकेन्द्रों भैंसातरा, मंडला, बघेरा, पैलीमेटा तथा कबीरधाम जिले के चार 33 के.व्ही. उपकेन्द्रों कोलेगांव, मोहगांव, बाजारचारभांटा एवं गोपालभावना में पाॅवर टांसफार्मरों की क्षमतावृद्धि के साथ सड़कचिरचारी में 3.15 एम.व्ही.ए. का अतिरिक्त पाॅवर ट्रांसफार्मर की स्वीकृति मिली है। विद्युत विकास के कार्याे के लिए कंपनी प्रबंधन द्वारा 3 करोड़ 9 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। विद्युत विकास के लिए स्वीकृत कार्यो का लाभ क्षेत्र के अनेक गांवों के किसानों तथा उपभोक्ताओं को मिलेगा। राजनांदगांव क्षेत्र के मुख्य अभिंयता श्री टी.के. मेश्राम ने बताया कि कबीरधाम जिले के अंतर्गत कोलेगांव, मोहगांव, बाजारचारभांटा एवं गोपालभावना में स्थापित 3.15 एम.व्ही.ए. पाॅवर ट्रांसफार्मरों की क्षमता में वृद्धि करते हुए 5 एम.व्ही.ए. किया जाएगा।
इसी प्रकार राजनांदगांव जिले के अंतर्गत भैंसातरा, मंडला, बघेरा, एवं पैलीमेटा उपकेन्द्रों में स्थापित 3.15 एम.व्ही.ए. पाॅवर ट्रांसफार्मरों की क्षमता में वृद्धि करते हुए 5 एम.व्ही.ए. के साथ ही सड़क चिरचारी में 3.15 एम.व्ही.ए. का अतिरिक्त पाॅवर ट्रांसफार्मर लगाया जाएगा।
दुर्ग । शौर्यपथ । जब जनप्रतिनिधि ही दोहरा मापदंड अपनाने लगे तो अधिकारियों की बल्ले बल्ले ही होगी और आम जनता परेशान कुछ ऐसा ही हाल दुर्ग निगम में चल रहा है । जो कार्य वार्ड प्रतिनिधि को साल भर पहले जो कार्य गलत लग रहा था वही कार्य अब जनहित का लगने लगा और सारे नियम ताक पर रख दिया गया और निगम के जल विभाग के इंजीनियर भी इस कार्य मे सहभागी बन रहे है वैसे भी निगम के इंजीनियर जनहित की कम स्वहित के कार्यो में ज्यादा ध्यान देते है ऐसा प्रतीत होता है जनहित के कार्य मे ध्यान देते तो जो निर्माण अब हुआ वह पहले हो जाता । मामला है इंदिरा मार्केट स्थित वाटर एटीएम का जिसका निर्माण कार्य पिछले साल हुआ था किंतु तब विपक्ष में रही कॉन्ग्रेस के पार्षद द्वारा कार्य को रुकवा दिया गया थ किन्तु साल भर बाद उसी स्थान पर वाटर एटीएम बन गया और अधिकारियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार अब सत्ता में रही कांग्रेस और पार्षद की सहमति बन गयी ऐसा क्या हुआ कि एक साल पहले जो निर्माण गलत था अब जनहित का हो गया । वैसे भी व्यस्तम मार्केट में जनहित के कार्य मे कई तरह की खामियां है किंतु निगम प्रशासन की यह खामियां उसके स्वयम के लिए ठीक है । अगर आम जनता नाली के ऊपर को निर्माण कर तो निगम के ईमानदार इंजीनियर तोड़ फोड़ करने पहुंच जाते है किंतु स्वयम निर्माण करे तो तो यह विधि सम्मत हो जाता है । क्या निगम प्रशासन अपने बनाये नियम पर कभी चलेगा ? क्या जनप्रतिनिधि अपनी राय पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के कारण राय बदलते रहेंगे । क्या ऐसे ही धारणा वाले जनप्रतिनिधि को जनता चुनती रहेगी ? क्या ऐसे ही सुशासन की बात करती है कांग्रेस ?
रिसाली / शौर्यपथ / रिसाली निगम क्षेत्र की सफाई व्यवस्था देखने अपर कलेक्टर व निगम आयुक्त प्रकाश कुमार सर्वे अल सुबह रिसाली क्षेत्रांतर्गत वार्डो में पहुंचे। कामगारों, सुपर वाइजर और अधिकारियों की मैदानी उपस्थिति देखने आयुक्त 10 किलोमिटर से भी अधिक साइकिलिंग की। इस दौरान कई स्थानों पर अपनी उपस्थिति में सफाई कराया।
इस दौरान निगम आयुक्त सर्वे सुबह-सुबह साइकिलिंग करते हुए घर से सीधे रिसाली क्षेत्र के कृष्णा टाकिज रोड पहुंचे और सफाई कार्य का अवलोकन करने लगे। लगभग दो घंटे से अधिक समय तक आयुक्त ने रिसाली बस्ती, आशीष नगर पूर्व, आजाद मार्केट, कृष्णा टाकिज रोड होते प्रगति नगर का भ्रमण किया। निरीक्षण के दौरान प्रभारी स्वच्छता निरीक्षक बृजेन्द्र परिहार, सफाई सुपरवाइजर सतीश देवांगन, वीरेन्द्र देशमुख उपस्थित थे।
सफाई कामगारों को दी समझाईश
निरीक्षण के दौरान आयुक्त डोर टू डोर कचरा कलेक्शन कार्य देखा। नागरिकों से समय पर कचरा कलेक्शन गाड़ी न पहुंचने की शिकायतों के बारे में मातहतों से जानकारी ली एवं उचित दिशा निर्देश दिए। इस दौरान आयुक्त ने गीला व सूखा कचरा को अलग-अलग रखने को कहां। कचरा कलेक्शन करने वाले कामगारों को भी निर्देश दिए कि गीला व सूखा कचरा अलग-अलग रखे।
हड़बड़ाए सफाई कामगार
आयुक्त के अचानक दबिश से निगम के अधिकारी व कर्मचारी हड़बड़ा गए थे। शुरूवात में कामगार टी शर्ट बरमूड़ा में अपने अधिकारी को नही पहंचान पाए। बाद में कामगारों की नजर निगम आयुक्त पर पड़ते ही हड़बड़ा गए। बाजार में आयुक्त ने अपनी उपस्थिति में सफाई कार्य को पूरा कराया।
संडे लॉकडाउन का किया अवलोकन
दुर्ग कलेक्टर डॅा. सर्वेश्वर नरेन्द्र भूरे ने रविवार को लॉकडाउन अनिवार्य किया है। फुटकर व्यवसाय से लेकर छोटी बड़ी दुकानों को बंद रखने और अन्य दिनों में व्यवसाय संचालित करने समय सीमा निर्धारित किया है। निगम आयुक्त ने इस दौरान व्यापारिक केन्द्र का निरीक्षण किया। क्षेत्र के व्यापारी संघ अध्यक्ष विपीन सिंह से चर्चा की। हालांकि सुबह 10 बजे के बाद कुछ दुकान खुले पाए गए जिस पर राजस्व निरीक्षक अनिल मेश्राम की टीम ने दिलीप कुंडू सायकल दुकान मोहारी मरोदा से 1000 व श्रीकांत जायसवाल कबाड़ी दुकान से 2000, संजीव देवांगन पोल्ट्री सेंटर नेवई से 1000, राजू वर्मा साई ट्रेडर्स नेवई बस्ती से 1500, लीलेश्वर सेन लक्ष्मी नगर रिसाली से मास्क नही पहनने व अनावश्यक रूप से घुमते पाए जाने पर 500 रू. दाण्डिक शुल्क वसूल किया गया। इसके अलावा मास्क नही लगाने पर टंकी मरोदा निवासी भूपेश कश्यप व दिनेश से 200-200 अर्थदण्ड वसूला। उडऩदस्ता टीम द्वारा कुल मिलाकर 6400रूपये की दाण्डिक शुल्क वसूल किया गया।
- अब ज्यादा सतर्कता के साथ कोविड नियमों का पालन करने स्वास्थ्य विशेषज्ञों की अपील
- कोरोना का प्रभाव गंभीर बीमारी से ग्रसित लोगों पर ज्यादा
रायपुर / शौर्यपथ / प्रदेश में कोरोनावायरस के मामलों को देखते हुए चिकित्सा विशेषज्ञों ने लोगों से और भी ज्यादा सतर्क रहने और नियमों का सख्ती से पालन करने की अपील की है। पहले से बीमार या फिर गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीजों को कोविड-19 का खतरा कई गुना ज्यादा हो सकता है, इसलिए स्वास्थ्य विशेषज्ञ लोगों से जागरूक होने और ऐसे व्यक्तियों का विशेष ध्यान रखने पर जोर दे रहे हैं।
अम्बेडकर अस्पताल के चिकित्सा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि व्यक्ति पहले से किसी गंभीर बीमारी से ग्रसित हैं तो उनपर वायरस का खतरा ज्यादा हो सकता है। चेस्ट एक्सपर्ट डॉ. आर.के. पंडा और हार्ट विशेषज्ञ डॉ. स्मित श्रीवास्तव का कहना है अगर मरीज पहले से ही बीमार है, उन्हें टीबी, मधुमेह (डायबिटीज) हाइपरटेंशन, दिल की बीमारी या फिर लीवर व किडनी की समस्या है तो, सामान्य लोगों की तुलना में इनमें कोविड का खतरा अधिक संभव है। इसलिए ऐसे मरीजों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत होती है।
ना करें देर, कराएं जांच- अम्बेडकर अस्पताल के डॉ. आर.के. पंडा का कहना है कोविड-19 संक्रमण से सजग रहकर बचा जा सकता है। यदि किसी व्यक्ति को लगे की वह संदिग्ध व्यक्ति के संपर्क में आए हैं तो उन्हें जांच कराने में देर नहीं करनी चाहिए । उन्हें नजदीकी कोविड जांच केन्द्र में जाकर जांच करानी चाहिए। जब तक रिपोर्ट नहीं आ जाती है तब तक खुद को एकांत में रखें, डॉक्टर से संपर्क कर विटामिन सी, मल्टीविटामिन, जिंक दवा तथा स्टीम लेना चाहिए। इन उपायों से काफी हद तक संक्रमण के खतरे को कम किया जा सकता है।
ऐसे रखें ध्यान - स्वास्थ्य विशेषज्ञों का सुझाव है कि थोड़ी सावधानी रखकर कोविड-19 के संक्रमण से बीमार व्यक्तियों को बचाया जा सकता है। ऐसे व्यक्ति जहां तक संभव हो घर से बाहर नहीं निकलें, घर से बाहर निकलने पर मास्क का उपयोग करें, नियमित रूप से भाप लें, जरूरी होने पर ही घर से निकलें, गर्म पानी पीएं, विटामिन सी, जिंक एवं मल्टीविटामिन युक्त फल, सब्जियां खाएं या दवा लें और गर्म पानी से गरारा भी करें। पहले से चल रही बीमारियों की दवा को बंद ना करें, उन्हें नियमित रूप से लेते रहें।
वचनों का पालन कर कोरोना संक्रमण की करें रोकथाम- सतर्कता कोरोना से बचाव का बेहतर उपाय है। इसके लिए विशेष सावधानी एवं सतर्कता जरुरी है जैसे- मास्क लगाने व 2 गज की शारीरिक दूरी बनाए रखें, बल, सार्वजनिक स्थल हो, किसी ऑफिस के कमरे में अन्य व्यक्तियों के साथ हों या फिर सर्दी, जुकाम हो तो बाहर निकलने से पहले मास्क जरूर लगाएं, छींकते या खांसने समय रूमाल या टिश्यू पेपर का इस्तेमाल करें, बहुत अधिक इस्तेमाल होने वाली सतहों दरवाजे के हैंडल, या ऐसी जगहों का नियमित सफाई जरूरी है, सार्वजनिक या खुले स्थानों पर नहीं थूकें, ऐसा करना दंडनीय अपराध है, बहुत जरूरी हो तभी यात्रा करें, कोवि़ड- 19 संक्रमित या उसके परिवार वालों से भेदभाव नहीं करें सहानुभूति से पेश आएं, अपने स्वास्थ्य की मॉनिटरिंग करने के लिए आरोग्य सेतु ऐप का इस्तेमाल करें, कोविड-19 को लेकर होने वाली चिंताएं या मानसिक दबाव के लिए 08046110007 फ्री हेल्पलाइन नंबर पर बात कर मनोचिकित्सक से सलाह आवश्यक लें।
बालोद / शौर्यपथ / दुर्ग संभाग के कमिश्नर टी.सी.महावर आज कलेक्टर जनमेजय महोबे के साथ गुरूर विकासखण्ड के ग्रामों का भ्रमण कर गौठानों में विभिन्न गतिविधियों का निरीक्षण कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उन्होंने ग्राम चिटौद के गौठान का निरीक्षण किया। उन्होंने मवेशियों को हरा चारा खिलाया। कमिश्नर ने वहाॅ गोधन न्याय योजना के तहत् खरीदे गए गोबर की जानकारी ली। उन्होंने स्वसहायता समूहों से चर्चा कर उनके द्वारा तैयार किए जा रहे वर्मी कम्पोस्ट का अवलोकन किया। स्वसहायता समूहों की सदस्यों ने बताया कि उनके द्वारा अब तक छह क्विंटल वर्मी कम्पोस्ट का विक्रय कर लिया गया है। कमिश्नर ने तैयार वर्मी कम्पोस्ट का अवलोकन कर गुणवत्तापूर्ण वर्मी कम्पोस्ट निर्माण के लिए स्वसहायता समूहों की सराहना की। उन्होंने वहाॅ स्वसहायता समूह से वर्मी कम्पोस्ट खरीदा।
कमिश्नर महावर ने ग्राम चिटौद के गौठान परिसर के चारागाह में लगाए गए नेपीयर घास का अवलोकन किया। चारागाह परिसर में ही स्वसहायता समूहों द्वारा लगाए गए फलदार और सब्जीदार पौधों का अवलोकन किया। उन्होंने वहाॅ गौठान समिति के सदस्यों से भी चर्चा किया। कमिश्नर ने गुरूर विकासखण्ड के ग्राम भोथली के गौठान का निरीक्षण किया। उन्होंने वहाॅ गोबर विक्रेताओं से चर्चा की। गोबर विक्रेताओं ने बताया कि उन्हें गोधन न्याय योजना के तहत बेचे गए गोबर का दो बार भुगतान प्राप्त हो चुका है। कमिश्नर महावर ने गौठान में पानी रूकने नहीं देने तथा पानी निकासी की व्यवस्था के निर्देश दिए। उन्होंने वहाॅ चारागाह का भी अवलोकन किया। इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी लोकेश कुमार चन्द्राकर, एस.डी.एम. श्रीमती सिल्ली थाॅमस, जनपद सीईओ राजेन्द्र कुमार पडौति सहित संबंधित अधिकारी मौजूद थे।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
