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रायपुर / शौर्यपथ / प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना गोधन न्याय योजना के लाभ को देखते हुए गांवों में उत्साह का वातावरण बना है। इसके जरिए ग्रामीणों, पशुपालकों और महिला समूहों को होने वाली अतिरिक्त आमदनी के चलते पशुओं के संरक्षण और संवर्धन का एक अच्छा वातावरण तैयार होने लगा है। पशुओं के चारापानी और उनके देखभाल का बेहतर प्रबंध पशुपालक करने लगे हैं। छत्तीसगढ़ सरकार की सुराजी योजना नरवा, गरूवा, घुरवा, बाड़ी से गोधन न्याय योजना को जोड़ देने से यह योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए एक मजबूत कड़ी बन गई है। गौठानों के संचालन में जुड़े समूह अब गोधन न्याय योजना के माध्यम से गोबर खरीद कर बड़ी मात्रा में वर्मी कम्पोस्ट खाद तैयार करने लगे हैं, जिससे उन्हें रोजगार मिलने के साथ ही अतिरिक्त आमदनी भी होने लगी है। ऐसे गौठान जहां वर्मी खाद का निर्माण नहीं हो रहा था, गोधन न्याय योजना शुरू होते ही वहां भी वर्मी खाद तैयार करने में महिला समूह पूरे उत्साह से जुट गए हैं।
गोधन न्याय योजना का लाभ उठाते हुए जशपुर जिले के मनोरा विकासखंड के ग्राम पंचायत रेमने के गेड़ई गौठान की गांधी स्वसहायता समूह की महिलाएं अब जैविक खाद तैयार करने में जुट गई हैं। गोधन न्याय योजना शुरू होते हुए गांधी महिला समूह की महिलाओं ने गौठान में वर्मी कम्पोस्ट बनाने की तैयारी शुरू कर दी। गेड़ई गौठान में 32.86 क्ंिवटल गोबर की खरीदी पशुपालको से की गई है, जिसका भुगतान जिला प्रशासन के द्वारा किया जा रहा है। पहले गांव के पशुपालक गोबर को अपने बाड़ी में फेंक दिया करते थे, परंतु इस योजना का लाभ उठाकर हर पशुपालक गोबर को गौठान में बेचने लगे हैं। गांधी स्वसहायता समूह की महिलाओं को कृषि विभाग द्वारा जैविक खाद निर्माण के संबंध में प्रशिक्षण भी दिया गया है। गोबर से जैविक खाद बनाने की प्रक्रिया समूह द्वारा शुरू कर दी गई है।
रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ की संस्कृति और सुख-समृद्धि के प्रतीक का त्यौहार तीजा-पोरा आज मुख्यमंत्री निवास में परम्परागत रूप से मनाया गया। मुख्यमंत्री ने विशाल शिवलिंग की पूजा कर प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना की। उन्होंने नांदिया-बैला, चुकिया, पोरा, जांता की पूजा की और छत्तीसगढ़ के विशिष्ट व्यंजन चीला का भोग लगाया। उन्होंने कहा कि हमें कोरोना संक्रमण से बचते हुए तीजा मनाना है। गांवों में ग्रामीण व्यवस्था के तहत कोरोना से सुरक्षा के लिए मुनादी कराया गया होगा। हम ग्रामीण व्यवस्था का सम्मान करते हैं। उन्होंने कहा कि इस संबंध में शासन द्वारा कोई निर्देश नहीं दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में राम वन गमन पथ के प्रचार-प्रसार के लिए आज तीजा-पोरा के शुभ अवसर पर पांचों संभागों के लिए प्रचार रथ रवाना किए हैं। ये रथ सभी जिलों, विकासखण्ड़ों और गांवों में जाकर राम वन गमन पर्यटन परिपथ के बारे में एलईडी प्रर्दशनी के माध्यम से लोगों को बताएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनभागीदारी के लिए राम वन गमन पर्यटन परिपथ विकास कोष का गठन किया गया है। इस कोष में एकत्रित राशि को देवालयों-देवगुडी के विकास में भी लगाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गोधन न्याय योजना के तहत की जा रही गोबर खरीदी की चर्चा दुनिया में हो रही हैं। यह योजना ग्रामीण समृद्धि के लिए है। अब गोबर कीमती हो गया है। लोग सायकल, मोटर-सायकल और कार में गोबर लेकर बेचने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री राजीव गांधी की जयंती पर आगामी 20 अगस्त को किसान न्याय योजना के तहत दूसरे किश्त की राशि के साथ ही गोबर खरीदी के भुगतान राशि और तेन्दूपत्ता बोनस की राशि एक साथ हितग्राहियों के खाते में डालेंगे। मुख्यमंत्री ने तीजा-पोरा मनाने प्रदेश भर से आयी महिलाओं को बधाई दी। उन्होंने कोरोना संक्रमण से बढ़ते आंकड़े पर चिन्ता व्यक्त करते हुए कहा कि बचाव ही सुरक्षा है इसलिए सभी मास्क लगाएं और बार-बार सेनेटाईजर का उपयोग करें।
कार्यक्रम में गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने कहा कि छत्तीसगढ़ के परम्परिक तीज त्यौहारों और यहां के रहन-सहन, आचार-विचार को जागृत करने का काम मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने किया है। मुख्यमंत्री ने 150 साल पहले से मनाए जा रहे राजिम माघी पुन्नी मेला को फिर से शुरू किया है। उन्होंने छत्तीसगढ़ की संस्कृति की रक्षा के लिए विधानसभा में विधेयक भी पास कराया है। इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अनिला भेंड़िया में कहा कि हम सभी तीजा-पोरा मनाने के लिए इकट्ठा हुए हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना से बचाव का पालन करते हुए परम्परा के अनुरूप तीजा तिहार मनाना है। विधायक मोहन मरकाम ने कहा कि मुख्यमंत्री बघेल हमारे पुरखों का सपना पूरा कर रहे हैं और छत्तीसगढ़ की गौरवशाली परम्परा को आगे बढ़ा रहे हैं।
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के रायपुर निवास में आज लगातार दूसरे साल परंपरागत पोरा-तीजा का तिहार छत्तीसगढ़ी संगीतमय वातावरण में हर्षाेल्लास के साथ मनाया गया। मुख्यमंत्री बघेल ने अपनी धर्मपत्नी श्रीमती मुक्तेश्वरी बघेल के साथ कार्यक्रम में शामिल होकर भगवान शिव, नांदिया बैला और चुकियां-पोरा की पूजा अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। उन्होंने इस अवसर पर सभी माताओं और बहनों को त्यौहार की बधाई और शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री निवास में पोरा-तीजा तिहार के लिए विशेष इंतजाम किये गये। मुख्यमंत्री निवास परिसर को छत्तीसगढ़ की परम्परा और रीति-रिवाज के अनुसार सजाया गया था। निवास पूरी तरह छत्तीसगढ़िया रंग में रंगा नजर आया। छत्तीसगढ़ी लोक संगीत, नृत्य, ठेठरी, खुरमी, चीला, मालपूआ जैसे पारंपरिक पकवान के इंतजाम किए गए थे। जिसे लेकर महिलाओं में बहुत उत्साह देखा गया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने राम वन गमन पथ पर आधारित रथ को भी रवाना किया। इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अनिला भेंड़िया, गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू, संसदीय सचिव श्रीमती रश्मि आशीष सिंह और सुश्री शकंुतला साहू, राज्य सभा सांसद श्रीमती छाया वर्मा, श्रीमती फूलोदेवी नेताम, विधायक मोहन मरकाम, श्रीमती अनिता योगेन्द्र शर्मा, राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती किरणमयी नायक, पूर्व सांसद श्रीमती करूणा शुक्ला सहित जनप्रतिनिधि और माताएं-बहनें उपस्थित थीं। कोविड -19 के प्रकोप को देखते हुए आयोजन में सीमित संख्या में लोगों को आमंत्रित किया गया था।
मुख्यमंत्री बघेल ने सभी माताओं-बहनों और प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से मुख्यमंत्री निवास पहुंची महिलाओं को तीजा-पोरा की बधाई देते हुए कहा कि पिछले साल रस्सा-खीच, जलेबी दौड़, मटका फोड़ जैसे कई आयोजन किये गए थे लेकिन कोरोना संक्रमण को देखते हुए आयोजन को सीमित रखा गया है। उन्होंने कहा कि त्योहार हमारी संस्कृति से जुड़े होते हैं, इसे मनाते हुए ‘जान है तो जहान है‘ इस बात का ध्यान भी रखना होगा। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि तीजा में बहू-बेटियों को मायके न जाने संबंधी कोई संदेश शासन से जारी नहीं किया गया है। सुरक्षा की दृष्टि से गांवों में ग्रामीणों ने इस तरह की व्यवस्था की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए गांवों में जिस तरह की व्यवस्था पहले देखी गई है, वैसी शहरों में भी नहीं हुई। संक्रमण से बचाव के लिए ग्रामीण अपनी परिस्थतियों के अनुरूप व्यवस्था कर सकते हैं। हम उनकी व्यवस्था का सम्मान करते हैं।

मुख्यमंत्री ने तीजा-पोरा के अवसर पर राम वन गमन पथ पर आधारित रथ को भी रवाना किया। यह रथ प्रदेश के सभी संभागों में गांव-गांव जाकर लोगों को डिजिटल वीडियो के माध्यम से प्राचीन धरोहर, मंदिरों और रामवनगमन पथ से संबंधित जानकारी देगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि देवालयों के विकास के लिए ‘राम वन गमन कोष‘ बनाया जाएगा। यह कोष जनभागीदारी समिति के माध्यम से संचालित होगा, जिसमें अशासकीय लोग होंगे। कोष की धनराशि से प्रदेश में राम वन गमन पथ में आने वाले मंदिर, देवालय, आदिवासियों के गुड़ी का विकास और पुनरोद्धार किया जाएगा और खाने-रहने की व्यवस्था भी की जाएगी। उन्होंने लोगों से कोष में दान देने की भी अपील की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज दुनिया भर में छत्तीसगढ़ सरकार की गोबर खरीदी की चर्चा है। इससे गोबर कीमती हो गया है। हमारी योजनाएं गांव, गरीब, किसानों के लिए हैं। हमने गोबर की ही व्यवस्था नहीं की है बल्कि गौठानों में महिलाएं आटा मिल, तीखुर के छोटे प्लान्ट जैसे कई रोजगार का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि तीजा के एक दिन पहले करू-भात के दिन 20 अगस्त को हम किसानों को राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत राशि, तेंदूपत्ता संग्राहकों को प्रोत्साहन पारिश्रमिक और गोधन योजना के तहत ग्रामीणों को गोबर विक्रय का भुगतान करेंगे, जिससे बहनों को किसी तरह की कमी न हो। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कोविड-19 के प्रकोप को दखते हुए लोगों से कहा कि बचाव में ही सुरक्षा है इसलिए कड़ाई से नियमों का पालन करें।
महिला बाल विकास मंत्री श्रीमती अनिला भेंडिया ने बहु-बेटियों हेतु इस आयोजन के लिए मुख्यमंत्री को बधाई दी। उन्होंने कहा कि तीजा में बहू-बेटियों को मायके जाने की मनाही नहीं है,लेकिन संक्रमण को देखते हुए बहुओं को भी बेटियोें की तरह तीजा मनवाएं। इस अवसर पर गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू ने कहा कि मुख्यमंत्री की विशेषता है कि आज मुख्यमंत्री निवास में भी हमें घर-परिवार सा माहौल लगता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की पहल पर छत्तीसगढ़ी संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण और संवर्धन का काम शुरू हुआ है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ी बोली को सहेजने के लिए भी प्रतियोगिता होनी चाहिए।

कार्यक्रम स्थल में पारंपरिक वेशभूषा और गहनों से सजी महिलाओं के कटआउट और नांदियां बैला के सेल्फी जोन बनाए गए थे। महिलाएं भी इन पारंपरिक कटआउट के साथ सेल्फी लेने के लिए खासी उत्साहित दिखीं। इसके साथ ही नांदिया बैला और चुकी-पोरा से सजाए स्टॉल के साथ भी महिलाओं ने सेल्फी ली। कार्यक्रम स्थल में लगे रइचुली झूला और चकरी झूला का भी महिलाओं ने आनंद लिया। पारंपरिक छत्तीसगढ़ी लोक गीतों और नृत्यों ने मुख्यमंत्री निवास में लोगों का उत्साह और बढ़ा दिया।
रायपुर / शौर्यपथ / राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके ने प्रसिद्ध शास्त्रीय गायक पद्म विभूषण पण्डित जसराज के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। राज्यपाल ने अपने शोक संदेश में कहा है कि पंडित जसराज के निधन से कला जगत को अपूरणीय क्षति पहुंची है। उन्होंने अपनी वाणी के माध्यम से शास्त्रीय संगीत में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। राज्यपाल ने उनकी आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की है और उनके शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है।
रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ शासन के जल संसाधन विभाग, मंत्रालय द्वारा बिलासपुर जिले में अरपा नदी पर दो बैराजों के निर्माण के लिए 98 करोड़ 10 लाख 77 हजार रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति मुख्य अभियंता हसदेव कछार बिलासपुर को प्रदान की गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार अरपा नदी पर शिव घाट के पास बैराज निर्माण के लिए 49 करोड़ 13 लाख 24 हजार रूपए तथा पचरीघाट के पास बैराज निर्माण के लिए 48 करोड़ 97 लाख 53 हजार रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज तीजा-पोरा तिहार पर छत्तीसगढ़ी लोक कलाकारों के साथ थिरके और छत्तीसगढ़ी जसगीत की लय पर ढोलक पर थाप भी दी।
मुख्यमंत्री निवास में आज तीजा-पोरा त्यौहार पर आयोजित कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ी गीतों की आकर्षक प्रस्तुति दिलीप षडं़ग़ी और साथियों ने दी। कार्यक्रम में महिलाओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। मुख्यमंत्री भी अपने आपको इस खुशी के मौके पर रोक नहीं पाए। उन्होंने कलाकारों का हौसला बढ़ाने के लिए उनके साथ जसगीत की लय पर ढोलक पर थाप दी और गीत की लय पर कलाकारों के साथ थिरके। इस अवसर पर उनका साथ महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अनिला भेंडिय़ा, विधायक मोहन मरकाम, छत्तीसगढ़ राज्य खनिज विकास निगम के अध्यक्ष गिरीश देवांगन, महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती किरणमयी नायक, रायपुर नगर निगम के महापौर ऐजाज ढेबर ने भी दिया।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री निवास में विगत वर्ष से छत्तीसगढ़ी पर्वों को मनाने की शुरूआत की गई है। मुख्यमंत्री निवास में प्रदेश के विभिन्न स्थानों से बहनों को तीजा-पोरा पर्व के लिए आमंत्रित किया गया था। उनके लिए मुख्यमंत्री निवास में विशेष व्यवस्था की गई थी। महिलाओं को मुख्यमंत्री की ओर से लुगरा और छत्तीसगढ़ी व्यंजनों का उपहार दिया गया।

दुर्ग / शौर्यपथ / प्रदेश में 8 हजार प्राईवेट स्कूलों में 15 लाख बच्चे अध्ययनरत है जिसमें से शिक्षा का अधिकार कानून के अंतर्गत प्रदेश के 6500 प्राईवेट स्कूलों में 2.85 लाख बच्चे अध्ययनरत् है। इन बच्चों को एक समान शिक्षा और सुविधा प्रदान किया जा रहा है, लेकिन फीस में भारी भिन्नता है, जिसको लेकर छत्तीसगढ़ पैरेंट्स एसोसियेशन विगत छह माह से लगातार सरकार और जिम्मेदार अधिकारियों से यह मांग कर रही है कि फीस मे एकरूपता लाया जाना चाहिए।
निर्धारित शुल्क
नर्सरी से लेकर कक्षा पांचवी तक 7000 रूपये प्रति छात्र प्रति वर्ष
कक्षा छटवीं से लेकर आठवीं तक 11,400 रूपये प्रति छात्र प्रति वर्ष
कक्षा नवमीं से लेकर बारहवीं तक 15,000 रूपये प्रति छात्र प्रति वर्ष
राज्य सरकार, स्कूल शिक्षा विभाग के द्वारा आरटीई के अंतर्गत प्रवेशित 2.85 लाख बच्चों के लिए क्षण शुल्क, प्रतिपूर्ति राशि प्रदेश के 6500 प्राईवेट स्कूलों को दिया जाता है।
पैरेट्स एसोसियेशन का कहना है कि राज्य सरकार, स्कूल शिक्षा विभाग के द्वारा सभी प्राईवेट स्कूलों चाहे छोटे हो या बड़े सभी स्कूलों के लिए एक समान शिक्षण शुल्क निर्धारित किया गया, इससे यह प्रमाणित होता है कि राज्य सरकार, स्कूल शिक्षा विभाग यह स्वीकार कर रही है कि जो शिक्षण शुल्क राज्य सरकार, स्कूल शिक्षा विभाग ने निर्धारित किया है वह जस्टिफाईड है।
छत्तीसगढ़ पैरेंट्स एसोसियेशन के प्रदेश अध्यक्ष क्रिष्टोफर पॉल ने सरकार और जिम्मेदार अधिकारियों से यह मांग किया गया है कि जो शिक्षण शुल्क राज्य सरकार, स्कूल शिक्षा विभाग ने आरटीई के बच्चों के लिए प्राईवेट स्कूलों में निर्धारित किया है और जो जस्टिफाईड है, वही शिक्षण शुल्क प्राईवेट स्कूलों में अन्य बच्चों से भी लिया जाना चाहिए।
चरोदा / शौर्यपथ / नगर पालिक निगम भिलाई-चरौदा के मेयर इन काऊंसिल की बैठक महापौर कक्ष में सम्पन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता श्रीमति चन्द्रकान्ता माण्डले ने की। बैठक में प्रभारी सदस्य चन्द्रप्रकाश पाण्डेय, आशा यादव, तुलसी मरकाम, अपर्णा दास सुब्रोतो, नन्दिनी जांगड़े, किशोर साहू सहित आयुक्त किर्तीमान सिंह राठौर, कार्यपालन अभियंता, आरके चन्द्राकर, सहा स्वास्थ्य अधिकारी अश्वनी चन्द्राकर, सहा अभियंता विमल कुमार शर्मा, प्रभारी सहा अभियंता डीके पाण्डेय, जनसंपर्क प्रभारी राजू वर्मा, लिंगेश्वर राव, मुकेश यादव उपस्थित थे। निकाय क्षेत्रान्तर्गत अधोसंरचना मद अन्तर्गत ग्राम देवबलौदा करसा तालाब विकास कार्यए वार्ड क्र 40 गनियारी में सीमेन्टीकरण कार्यए वार्ड क्र? 14 सिरसा रेल्वे गेट से गैलेक्सी चैक तक बीटी रोड निर्माण कार्य सप्लाई ऑफ मैन पॉवर ;कम्प्यूटर ऑपरेटर, भृत्य, सफाई कर्मी, कार्य की स्वीकृति, टीके देव सहाकय अभियंता का स्वैच्छित सेवानिवृत्त की स्वीकृति शासन को पुष्टि हेतु प्रेषित किए जाने का अनुमोदन किया गया।
विश्व बैंक आवासीय योजना अन्तर्गत अद्र्धनिर्मित भवनों की आम नीलामी से प्राप्त उच्चतम राशि को शासन को भेजे जाने की स्वीकृति, प्लेसमेन्ट एजेन्सी के माध्यम से सफाई व्यवस्था एवं मूलभूत सुविधाओं के सम्पादन हेतु सफाई कामगार तथा श्रमिक की आपूर्ति हेतु स्वीकृति, छग गृह निर्माण मण्डल आवासीय कॉलोनी चरौदा, पदुमनगर एवं उमदा के हस्तान्तरण की स्वीकृति, मुख्यमंत्री सुगम योजनान्तर्गत शासकीय भवनों तक पहुँच मार्गों का प्रस्ताव शासन को भेजे जाने की स्वीकृति एवं वार्ड 31-32 में आरसीसी नाली निर्माण, कान्क्रीट सीमेन्टीकरणए बीटी रोड निर्माण कार्य, कान्क्रीट कॉपिंग कार्य व सीसी रोड निर्माण कार्य की स्वीकृति सर्वसम्मति से दी गई है।
दुर्ग / शौर्यपथ / नया रायपुर मंत्रालय में सोमवार को हुई सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में समिति के सदस्य दुर्ग विधायक व भंडारगृह निगम के चेयर मैन अरुण वोरा ने राज्य में ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार एवं दुर्घटनाओं में कमी लाने हेतु अपने सुझाव रखे। उन्होंने मुख्य मार्गों में बिना मार्किंग के ब्रेकर से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने समय समय पर लगातार रोड मार्किंग करवाने, ब्लैक स्पॉट का चिन्हांकन करने के बाद तुरंत कार्यवाही कर कैट आई, मार्किंग, बेरिकेटिंग एवं रेडियम पेंट करवाने । रोड मार्किंग, पेड़ों में पुताई व आकस्मिक रोड सेफ्टी कार्यों के लिए प्रति वर्ष जिलेवार राशि का प्रावधान रखने।
स्कूल कॉलेज के बसों की नियमित फिटनेस जांच एवं शहरी क्षेत्र के प्रमुख चौक चौराहों में सीसी टीवी कैमरा लगाने का सुझाव देने के साथ ही अपने विधानसभा क्षेत्र के लिए अलग से 3.5 करोड़ का फण्ड जारी करने की भी मांग की। जिनमें सभी चौराहों पर हाईमास्ट लाइट हेतु राशि 80 लाख रु। रोड मार्किंग एवं पेड़ों की पुताई हेतु राशि 50 लाख रु। ट्रैफिक सिग्नल अपग्रेडेशन एवं इंस्टालेशन हेतु राशि 50 लाख। प्रमुख चौराहों में सीसी कैमरा लगाने व कंट्रोल रूम स्थापित करने हेतु राशि 1 करोड़ रु एवं मार्ग विभाजक मरम्मत एवं संधारण हेतु राशि 50 लाख शामिल हैं।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
