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May 25, 2026
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नगरी।राजशेखर नायर

छग के किसानों की समस्याओं को लेकर भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने बजरंग चौक नगरी में धरना प्रदर्शन किया

1 नवम्बर से धान खरीदी, धान का रकबा घटाने के विरुद्ध, प्रति एकड़ 20 क्विन्टल खरीदी की मांग, पिछले वर्ष की अंतर की राशि, पुराना 2 वर्ष का बकाया भुगतान गर्मी फसल हेतु नहर पानी की मांग सहित तमाम मुद्दों पर कांग्रेस की भूपेश सरकार को नींद से जगाने धरना प्रदर्शन किया

रायपुर । शौर्यपथ । बच्चों में बेहतर स्वास्थ्य और सुपोषण की अलख जगाने के उद्देश्य से दिव्यांग साक्षी ने कृमिनाशक टेबलेट एल्बेंडाजोल खाने के लिए घर घर जाकर बच्चों को जागरूक कर रही है और पेट के कृमि से होने वाले नुकसान और खतरे के बारे में भी बता रही है ।ज़िले में 1 से 9 अक्टूबर तक राष्ट्रीय कृमिनाशकदिवस (एनडीडी (नेशनल डीवार्मिंग डे) का आयोजन किया जा रहा है । साक्षी कहती है,महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा राष्ट्रीय पोषण माह का आयोजन 1 से 30 सितंबर तक किया गया था । जिसमें उसने “गढ़बो सुपोषित छत्तीसगढ़” की रंगोली बनाकर और सुपोषित सतरंगी और तिरंगा थाली सजाकर पोषण के महत्व की जानकारी वीडियो बना कर दी थी । साक्षी कहती है बच्चों में स्वास्थ्य और सुपोषण की अलख को जगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा कृमिनाशक एल्बेंडाजोल टेबलेट खाने के लिए अभियान चलाया जा रहा है इसमें वह अपने हमउम्र साथियों को एल्बेंडाजोल टेबलेट खाने के लिये प्रेरित कर रही है साथ ही पेट के कृमि से होने वाले नुकसान और खतरे के बारे में भी लोगों को घर घर जाकर बता रही है।पेट में कृमि होने पर बच्चों को भूख नही लगती है एवं वे कमज़ोर हो जाते है ।साथ ही छोटे बच्चे इससे कुपोषित भी हो जाते है । शरीर में ये कीड़े किसी दूसरे व्यक्ति से, संक्रमित मिट्टी में नंगे पैर चलने से, दूषित पानी में खेलने से या फिर अशुद्ध भोजन खाने सेहोजाते हैं।खाने से पहले और शौचालय के इस्तेमाल के बाद अपने हाथ साबुन से अवश्य धोएं।बच्चे नाखून छोटे और साफ रखें।फल और सब्जियों को साफ पानी में अच्छे से धोएं। ज़िला टीकाकरण अधिकारी डॉ. विकास तिवारी ने बतायाएनडीडी (नेशनल डीवार्मिंग डे) हर साल स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाया जाता है। इसके तहत बच्चों के शरीर से कृमि खत्म करने के लिए उन्हें एल्बेंडाजॉल की दवा तीन रूप में खिलाई जाती है। इसमें 1-2 वर्ष के बच्चों को आधी गोली पीसकर2-3 वर्ष के बच्चों को एक गोली पीसकर और 4-19 वर्ष के बच्चों को चबाकर खाने के लिए एक गोली दी जाती है। यह कार्यक्रम रायपुर के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में एएनएम के मार्गदर्शन में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व मितानिनों के माध्यम से चलाया जा रहा है। डॉ. तिवारी और सीएमएचओ डॉ. मीरा बघेल ने बताया की राज्य से ज़िले के 8 लाख 20 हजार 680 बच्चों को एल्बेंडाजॉल की दवा खिलाने का लक्ष्य दिया है। इसके तहत घर-घर जाकर और फिर केंद्र में दवा खिलाने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा यह कृमि नाशक दवा मुख्यमंत्री की महत्वकांक्षी योजना सुपोषण को भी साकार करती है। इस दवा को खाने से बच्चों के पेट में पैदा होने वाले कृमि मर जाते हैं और शरीर को सही तरीके से पोषण मिलता है जिससे पूर्ण विकास होता है। उन्होंने सभी लोगों से अपील की है कि वह अपने-अपने बच्चों को यह दवा जरूर खिलाएं। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग की मितानिन और आंगनबाडी अंबेडकरनगर केंद्र की आंगनवाडी कार्यकर्ता मौजूद रहीं ।

धमतरी।राजशेखर नायर

‘सीख‘ कार्यक्रम के तहत कलेक्टर श्री जयप्रकाश मौर्य ने आज विद्यार्थियों को शैक्षणिक एवं गैर शैक्षणिक गतिविधियों को संचालित करने वाले वाॅलिंटियर्स का सम्मान सीख-पिटारा वितरित कर किया। आज सुबह धमतरी विकासखण्ड की ग्राम पंचायत अर्जुनी में आयोजित संक्षिप्त कार्यक्रम में कलेक्टर ने शिरकत कर शिक्षक, विद्यार्थी तथा वाॅलिंटियर्स को संबोधित करते हुए कहा कि कोविड-19 वायरस के संक्रमण के चलते पारम्परिक शिक्षण कार्य बाधित हुआ है, जिसे अनवरत बनाए रखने के लिए सीख कार्यक्रम चलाया जा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि सही मायने में शिक्षा से विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास होता है और भावी पीढ़ी को बेहतर ढंग से तैयार करने के लिए शिक्षक रोल माॅडल के तौर पर अपना दायित्व निभाएं।
कलेक्टर श्री मौर्य ने अपने उद्बोधन में आगे कहा कि शिक्षा सिर्फ रोजगार अथवा व्यवसाय हासिल करने का जरिया मात्र नहीं है। शिक्षा से बुद्धि और ज्ञान का भी विकास होता है इसलिए सभी विद्यार्थियों को एक साथ लेकर शिक्षक उन्हें आगे बढ़ाने में अपनी सकारात्मक भूमिका निभाएं। लोकतंत्र में शिक्षा का महत्व और बढ़ जाता है, जब मनुष्य जागरूक होकर हर क्षेत्र में अपनी समझ विकसित करता है। उन्होंने आगे कहा कि शिक्षा सिर्फ नौकरी हासिल करने का जरिया मात्र नहीं है, इसलिए विद्यार्थियों की गुणवत्ता का आंकलन कभी अंकों से ना करें। यह जरूरी नहीं कि कम अंक पाने वाला छात्र किसी भी क्षेत्र में आगे नहीं बढ़ सकता। जरूरत है उसकी वास्तविक प्रतिभा को परखकर उसे सही दिशा देने की। इस दौरान कलेक्टर ने ग्रामीणों को समझाइश देते हुए कहा कि कोरोना से भयभीत होने की आवश्यकता नहीं है, बल्कि उन्हें सावधानी व सतर्कता के साथ जीने की है। जिले में इस दौरान 42 मरीजों की मृत्यु हुई है, जिनमें से सिर्फ 04 की मृत्यु कोरोना से हुई, शेष 38 अन्य मरीज अन्य गम्भीर बीमारियों से पीड़ित थे। इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी श्रीमती रजनी नेल्सन ने सीख कार्यक्रम के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि राज्य के 4-5 जिलों में यह चल रहा है, जिसमें सर्वाधिक बेहतर कार्य धमतरी जिले में हो रहे हैं, जिसके अंतर्गत बच्चों को आॅनलाइन एवं आॅफलाइन शिक्षा तथा अन्य रोचकपूर्ण गतिविधि, क्रियाकलाप कराया जा रहा है, जो काफी हद तक सफल रहा है। इसके पहले, कलेक्टर श्री मौर्य ने देमार संकुल के ग्राम भानपुरी, अर्जुनी, खपरी, पीपरछेड़ी, देमार, तेलिनसत्ती, उसलापुर के वाॅलिंटियर्स को सीख पिटारा (शिक्षण सामग्री किट) प्रदान किए। इस अवसर पर शिक्षा विभाग के अधिकारीगण, वाॅलिंटियर्स, विद्यार्थीगण तथा ग्रामीणजन उपस्थित थे।

धमतरी ।राजशेखर नायर

जिला स्तरीय जल उपयोगिता समिति की बैठक आज दोपहर को सिहावा विधायक डाॅ. लक्ष्मी ध्रुव तथा धमतरी विधायक श्रीमती रंजना साहू की उपस्थिति में कलेक्टर श्री जयप्रकाश मौर्य ने ली, जिसमें आगामी रबी फसल एवं निस्तारी के लिए जिले के जलाशयों से पानी छोड़े जाने के संबंध में चर्चा कर अनुमोदन किया गया। इस दौरान कार्यपालन अभियंता जलप्रबंध संभाग रूद्री ने बताया कि आगामी रबी फसल के लिए जिले के सभी जलाशयों में पर्याप्त मात्रा में जल का भण्डारण है तथा गत वर्ष की तुलना में इस साल लगभग तीन हजार हेक्टेयर अधिक रकबे में सिंचाई के जरिए पानी छोडे जाने का लक्ष्य रखा गया है।
जल संसाधन विभाग कोड-38 के कार्यपालन अभियंता श्री रामटेककर ने कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित बैठक में बताया कि एक अक्टूबर की स्थिति में जिले के वृहद् जलाशयों में 1364.43 मिलियन घनमीटर के विरूद्ध कुल 1134.03 मिलियन घनमीटर पानी उपलब्ध है जिनमें रविशंकर सागर जलाशय में 707, मुरूमसिल्ली जलाशय में 146.28 तथा दुधावा जलाशय में 280.26 घनमीटर उपयोगी जल है। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि इस साल रबी फसल के लिए सोंढूर जलाशय की प्रदायक नहर में जीर्णोद्धार एवं संरचनाओं के निर्माण कार्य प्रगतिरत होने के कारण उक्त जलाशय से पानी छोड़ा जाना संभव नहीं है, अलबत्ता तालाबों में निस्तारी के लिए पानी जरूर प्रदाय किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि विभिन्न प्रयोजनों के लिए 448 मिलियन घनमीटर पानी आरक्षित रखा गया है, जिनमें भिलाई इस्पात संयंत्र एवं पाॅवर प्लांट, भिलाई पाॅवर प्लांट, भिलाई नगर निगम पेयजल के लिए 108 घनमीटर, निस्तारी के लिए 85 घन मीटर नगर निगम रायपुर में पेयजल हेतु 61 सहित अलग-अलग प्रयोजनों के लिए पानी आरक्षित रखा गया है।
बैठक में यह जानकारी दी गई कि ग्रीष्मकालीन धान के लिए कुल 26 हजार 773 हेक्टेयर क्षेत्र में पानी प्रदाय किए जाने का लक्ष्य निर्धारित है, जो गत वर्ष की तुलना में लगभग तीन हजार हेक्टेयर अधिक है। इसमें धमतरी जिले के 15 हजार 340 हेक्टेयर, बालोद जिले के 5 हजार 180 हेक्टेयर, रायपुर जिले के तीन हजार हेक्टेयर सहित धमतरी जिले में पैरी परियोजना से तीन हजार हेक्टेयर तथा माइनर टैंकों से 248 हेक्टेयर रकबे में पानी दिए जाने का प्रस्ताव है। जिला स्तर की समिति के अनुमोदन के उपरांत उक्त प्रस्ताव को संभाग स्तरीय जल उपयोगिता समिति में रखा जाएगा, जहां अंतिम निर्णय लिया जाएगा। बैठक में सिहावा विधायक तथा धमतरी विधायक द्वारा सिंचाई एवं निस्तारी जल को लेकर सुझाव दिए गए, जिस पर कलेक्टर ने तदनुसार प्रस्ताव में शामिल करने की बात कही। इस अवसर पर जल संसाधन विभाग कोड-90 के कार्यपालन अभियंता श्री अनिल कुमार पालड़िया, कोड-02 श्री के.के. मिश्रा सहित अनुविभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

धमतरी। राजशेखर नायर

ग्राम सभा गंगरेल को दिया गया सामुदायिक वन अधिकार प्रमाण पत्र को आज जिला स्तरीय वन अधिकार समिति की बैठक में तकनीकी तौर पर त्रुटि होने की वजह से निरस्त करने का सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया। कलेक्टर श्री जय प्रकाश मौर्य की अध्यक्षता में दोपहर 12 बजे से कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आहूत इस बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि अब चूंकि वन अधिकार प्रमाण पत्र निरस्त किया गया है, अतः कोई भी नवीन संरचना का निर्माण वहां नहीं किया जाएगा ना ही अतिक्रमण किया जाएगा।
कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्री मौर्य ने अनुविभागीय अधिकारी राजस्व धमतरी को गंगरेल में कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने और इस पर निगाह रखने के लिए नियंत्रण गकी जिम्मेदारी सौंपी है। बैठक में बताया गया कि चूंकि गंगरेल बांध बनने के वक्त वन विभाग द्वारा भू प्रवेश के लिए जल संसाधन विभाग को भूमि अस्थाई रूप से हस्तांतरित की गई थी। अतः तकनीकी तौर पर उस भूमि में वन अधिकार प्रमाण पत्र ग्राम सभा को जारी नहीं किया जा सकता। इसके अलावा वन अधिकार प्रमाण पत्र के लिए स्थल सत्यापन संरक्षित और आरक्षित वन के क्षेत्र क्रमांक 191 का किया गया, किन्तु सामुदायिक वन अधिकार पत्र क्षेत्र क्रमांक 190 को जारी किया गया। दूसरी महत्वपूर्ण बात यह है कि जब ग्राम सभा की बैठक इस संबंध में आहूत की गई उस बैठक की कार्रवाई में 1/3 ग्राम सभा के सदस्यों की उपस्थिति नहीं थी।
इसके मद्देनजर आज की बैठक में ग्राम सभा गंगरेल को जारी सामुदायिक वन अधिकार पत्र को निरस्त करने का निर्णय सर्वसम्मति से लिया गया। इस मौके पर कलेक्टर ने निर्देशित किया कि जब भी भविष्य में जलसंसाधन विभाग द्वारा वन विभाग को भूमि हस्तांतरित की जाएगी, तब उस पर पुनः सामुदायिक वन अधिकार प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया जा सकता है। बैठक में समिति के सदस्य के रूप में जिला पंचायत सदस्य श्री मनोज साक्षी, श्रीमती कुसुम लता साहू, वनमण्डलाधिकारी श्री अमिताभ बाजपेई, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व धमतरी श्री मनीष मिश्र, सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास विभाग डॉ.रेशमा खान सहित अन्य सदस्य एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

जशपुर। शौर्यपथ । जिले के दुलदुला थाने से एक चौंका देने वाली घटना प्रकाश में आई है। पूर्व केबिनेट मंत्री प्रेम प्रकाश पाण्डेय के कथित भतीजे प्रमोद पाण्डेय ने छात्रवास अधीक्षक में दो युवती को नौकरी लगाने के नाम पर ठगी को अंजाम दिया, पीड़ित युवती का पति संजीत राम मुंडा भाजपा कार्यालय रायपुर में कुक काम करता था। इसी दौरान उसकी प्रमोद पाण्डेय से जान पहचान हुई थी, वह अक्सर भाजपा कार्यालय आता था, और खुद को तत्कालीन उच्च शिक्षा मंत्री का भतीजा बताकर ऊपर तक पहुंच होने का दावा कर नौकरी लगवाने का झांसा देकर लाखों रूपए एठ लिए है। दुलदुला थाना प्रभारी एल. आर चौहान ने बताया कि भाजपा कार्यलय में कुक का काम करने वाले संजीत राम मुंडा की पत्नी ने अपने सहेली के साथ आकर शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने शिकायत में कहा कि प्रमोद पाण्डेय जो खुद को पूर्व मंत्री प्रेम प्रकाश पाण्डेय का भतीजा बता कर दोनों से कुल 4 लाख 8 हज़ार की ठगी को अंजाम दिया है। वह उन्हें छात्रवास अधीक्षक के रूप में नियुक्त करने के नाम पर 2016 से घुमा रहा था, जिसके बाद अंततः उन्होंने तंग आकर इसकी शिकायत पुलिस से की है। दुलदुला प्रभारी चौहान ने बताया कि इस मामले की शिकायत केबाद आरोपी के खिलाफ धारा 420 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर लिया है। मामले की विवेचना कर जल्द आरोपी प्रमोद पाण्डेय की गिरफ़्तारी की जाएगी। बता दें कि भाजपा नेता प्रेम प्रकाश पाण्डेय 2003 से 2008 तक छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष रहे हैं और 2013 से 2018 तक प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री रहे है। मुख्यमंत्री छ.ग. शासन रायपुर के जन चौपाल में श्रीमति सरिता मुण्डा पति संजीत राम मुण्डा उम्र 26 वर्ष निवासी ग्राम ठुँठीआम्बा चौकी आरा थाना जशपुर ने जनदर्शन रायपुर में शिकायत पत्र दी थी। आवेदन की जाँच की गई, जाँच पर पाया गया कि प्रमोद पाण्डेय निवासी 133/रोज तालपुरी कालोनी भिलाई जिला दुर्ग ने प्रार्थीया सरिता मुण्डा एवं प्रतिमा भगत को शिक्षा विभाग में नौकरी दिलानें के नाम पर झाँसा देकर एटीएम के माध्यम से एवं नगद कुल 4,8000/- रूपया ठग कर ले लिया। जो प्रथम दृश्टया धारा 420 भा.द.वि. का अपराध घटित करना पाए जानें से अपराध दर्ज किया गया है। पुलिस ने बताया की आरोपी प्रमोद पाण्डेय नौकरी लगाने के नाम पर ठगी करने के लिए और प्राथिया को भरोसा दिलाने के लिए खुद को पूर्व केबिनेट प्रेमप्रकाश पाण्डेय का भतीजा बताया और पूर्व मंत्री प्रेमप्रकाश पाण्डेय के साथ खिंचा हुआ फोटो भी दिखाया। शिक्षा विभाग में छात्रावास अधीक्षक का पद पर नौकरी लगाने 6,00,000 रूपये की मांग की। तब पीड़िता के पति स्टेट बैंक आफ इंडिया बैंक खाते में 1,60,000 रूपये डाल दिया। प्रमोद पाण्डेय ने इस बीच बचे रकम को नगद माँगा। आरोपी ने बैंक खाते से रूपया लेना ठीक नहीं है कह कर बांकि रुपए नगद मांगे तब पीड़िता ने अपना खेत बेंच कर नगद 4,50,000रूपय प्रमोद के हाथ में दिए। लगभग एक साल बाद भी जब नोकरी नहीं लगा तब प्रमोद पाण्डेय से पैसा वापस लेना चाहा लेकिन प्रमोद पाण्डेय हमेशा यह कहकर टाल देता है कि मंत्री जी हमारे घर के हैं । आपको किसी भी विभाग में लगा देंगे कहकर गुमराह करते रहे। यही नहीं आरोपी पीड़ित पक्ष को किसी भी केस में फँसा देनें की धमकी भी दिया है। पीड़त महिलाओं से अश्लील गालियाँ देते हुए हमें आदिवासी,जँगली कहकर उन्हें अपमानित और जलिल किया। यही नहीं पुलिस ने अपने एफआईआर में यह भी लिखा है कि आरोपी प्रमोद ने महिलाओं को जान से मरवाने की भी धमकी दी है।

दुर्ग । शौर्यपथ । अवैध भूमि पर कब्जे के नित नए मामले उजागर होते है जो विवाद का कारण बनते है इसमे जितना दोष अवैध कब्जा करने वालो का होता है उतना ही दोष क्षेत्र के निगम की कार्यप्रणाली का भी है । दुर्ग निगम में अवैध कब्जेधारियों के हौसले बुलंदी पर है कारण अधिकारियों की लापरवाही का है । एक तरफ तो आयुक्त अपील करते है कि ऐसी किसी तरह की शिकायत मिलने पर तुरंत कार्यवाही की जाएगी वही दूसरी तरफ जानकारी होने के बाद भी निगम प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारी मौन रहते है जिससे ये तो स्पष्ट है कि निगम की अपील पूरी तरह दिखावा मात्र है । ऐसे कई मामले है जिनकी जानकारी विभाग को है किंतु कार्यवाही के नाम पर शून्य । निगम अधिकारी इतने लापरवाह है कि शासन के आदेशों को भी लगता है रद्दी की टोकरी पर डाल देते है । शौर्यपथ समाचार पत्र द्वारा ऐसे कई अवैध निर्माण की सूचना के बार अधिकारियों को दी गई किन्तु आश्वासन के अलावा अधिकारी कुछ नही करते और ऐसे ही कारणों से अवैध कब्जाधारियों के हौसले बुलंद पर है चाहे मामला आदर्श नगर में नाले की जमीन पर घर बनाने का हो या सड़क के ऊपर से एक बिल्डिंग से दूसरी बिल्डिंग तक रोपवे बनाने वाले गंगोत्री हॉस्पिटल का हो या sdm दुर्ग के आदेश पर शासन की जमीन को सुरक्षित करने के लिए घेरा बनाने का हो ऐसे कई मामलों की जानकारी के बाद भी निगम के भवन अधिकारियों द्वारा लापरवाही पूर्वक कार्य दो पक्षो के विवाद का कारण बनता जा रहा है । ऐसे ही एक मामला हाल ही में आया है जिसमे करोड़ो की जमीन पर अवैधानिक रूप से निर्माण कार्य प्रगति पर है और निगम प्रशासन मौन है । मामला है बाफना मंगलम से लगी हुई जमीन का करोड़ो की इस जमीन पर जिसका प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन होने के बावजूद भी रसूखदारों द्वारा क्रय किया गया और अब फैसला एक पक्ष ऋषिकेश गुप्ता के पक्ष में आ गया । किन्तु सारी जानकारी के बाद भी कौड़ियों के दाम खरीदने वाले रसूखदारों द्वारा कोर्ट के आदेश की अवहेलना करते हुए निगम के नियमो की धज्जी उड़ाते हुए निर्माण चालू कर दिया गया जिस तेजी से निर्माण कार्य हो रहा ऐसा प्रतीत होता है कि माह दो माह में बिल्डिंग खड़ी हो जायेगी । इस मामले में ऋषिकेश गुप्ता द्वारा निर्माण करने वालो को , पटवारी को व सम्बंधित विभाग को सूचना व शिकायत की गई किन्तु कोई भी शासन के आदेश कोर्ट के फैसले को गंभीरता से नही ले रहा । दुर्ग निगम क्षेत्र में होने के कारण बिना अनुमति निर्माण पर कार्यवाही की जिम्मेदारी निगम प्रशासन की बनती है किंतु निगम प्रशासन भी मौन है ऐसे में भविष्य में इस जमीन के मालिक और अवैध निर्माण करने वालो के बीच कोई विवाद हो तो कौन इसका जिम्मेदार होगा जब शक्तियां प्राप्त प्रशासन मौन है तो कैसे कह सकते है कि दुर्ग में सुशासन है । जब अवैध रूप से निर्माण करने वाले खुले आम शासन के सामने बेख़ौफ़ निर्माण कर रहे है तो कैसे कहा जा सकता है कि शासन कार्य के प्रति जिम्मेदार है अधिकारी कार्य के प्रति गंभीर है ये हाल उस जिला मुख्यालय का है जहां प्रदेज़ह के मुख्यमंत्री का , गृह मंत्री का , पीएचई मंत्री का निवास है प्रदेश के हाई प्रोफाइल जिले में ये हाल है तो सोंचिये दुरस्त इलाके का क्या हाल होगा । शेषण के इस धृतराष्ट्र रूपी रवैये से अवैध कब्जाधारियों के हौसले बुलंद है और पीड़ितों की परेशानी दुगनी हो गई । क्या दुर्ग निगम आयुक्त मामले को संज्ञान लेकर त्वरित कार्यवाही करेंगे या फिर मौन रहेंगे क्योकि गुप्ता द्वारा सम्पूर्ण जानकारी और शिकायत निगम प्रशासन में कर दी गई है अब देखना यह है कि निगम किस ओर अपना रुख रखता है पीड़ित की ओर या अवैध निर्माण करने वालो की तरफ ?

रायपुर। शौर्यपथ । छत्तीसगढ़, खासकर बस्तर में हाल ही में नक्सल हिंसा की वारदात तेज होने पर राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उईके भी चिंतित हैं। राजभवन के सूत्रों के अनुसार उन्होंने प्रदेश के गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू को पत्र लिखकर अपनी चिंता से अवगत कराया है, इसके साथ ही उन्होंने राज्य में नक्सली घटनाएं बढ़ने के मामले को लेकर एक समीक्षा बैठक भी बुलाई है। इस बैठक में गृह विभाग के उच्चाधिकारी भी शामिल होंगे। इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह सहित कुछ अन्य लोगों ने राज्यपाल को पत्र लिखकर बढ़ती नक्सल घटनाओं पर चिंता व्यक्त की थी। 138 लोगों की गई हैं जान राज्य में कांग्रेस सरकार के शासन काल में वर्ष 2019 से लेकर 2020 में अब तक नक्सलियों के हाथों 53 सुरक्षा कर्मियों की जानें गई हैं। इसी तरह नक्सलियों ने इसी अवधि में अब तक 85 ग्रामीणों की हत्याएं की हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार ज्यादातर घटनाएं अलग-अलग हुई हैं। लेकिन बड़ी संख्या में ग्रामीणों की नक्सल हत्याओं से पूरे बस्तर में दहशत का वातावरण बनता जा रहा है। समीक्षा बैठक जल्द राजभवन से पिछले दिनों गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू को पत्र जारी किया है। इस पत्र में कहा गया है कि नक्सल घटनाओं को लेकर इसी माह समीक्षा बैठक आयोजित की जानी है। इस बैठक के लिए अभी तारीख तय नहीं है। माना जा रहा है कि गृहमंत्री द्वारा पत्र के जवाब के साथ बैठक की तारीख सामने आएगी। कई बिंदुओं पर होगी समीक्षा बताया गया है कि गृहमंत्री को लिखे पत्र में राज्यपाल ने राज्य में हो रही नक्सल घटनाओं के संबंध में कुछ बिंदुओं के आधार पर चर्चा व समीक्षा की बात कही है। इसमें यह बात शामिल है कि प्रदेश में नक्सली घटनाएं क्यों बढ़ रही है, इन घटनाओं की रोकथाम के लिए क्या किया जा सकता है, बढ़ती घटनाओं को रोकने के लिए अब तक क्या कदम उठाए गए है, इन घटनाओं को रोकने के लिए कौने से कदम उठाए जा सकते हैं? रमन ने भी लिखा था राज्यपाल को पत्र पूर्व मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह ने प्रदेश में नक्सल घटनाओं में बढ़ोत्तरी को लेकर तीन दिन पहले ही राज्यपाल को पत्र लिखा था। इस पत्र में उन्होंने कहा था कि प्रदेश में बीते कुछ महीनों में नक्सलवादी बस्तर संभाग में दहशत और आतंक का माहौल बनाने में सफल हुए हैं। पिछले कुछ महीनों में ही बस्तर संभाग में ही नक्सलियों ने 76 लोगों की हत्याएं की हैं इनमें ग्रामीण तथा पुलिस कर्मी शामिल हैं। उन्होंने ये भी लिखा था कि पूर्व में भाजपा सरकार ने नक्सलियों की कमर तोड़ना का प्रयास कर बस्तर को मुख्यधारा में जोड़ने के लिए विकास किया था,वह अब रुक गया है। बताया गया है कि डॉ.रमन के अलावा कई अन्य लोगों ने भी पत्र लिखकर नक्सल घटनाओं पर चिंता जताते हुए राज्यपाल से कार्रवाई का आग्रह किया था।

धमतरी । राजशेखर नायर

जिला शिक्षा विभाग एवं यूनीसेफ के संयुक्त तत्वावधान में जिले के चारों विकासखण्डों धमतरी, कुरूद, मगरलोड एवं नगरी में ’सीख’ कार्यक्रम का संचालन किया जा रहा है। इसके तहत शिक्षक एवं वाॅलेन्टियर्स द्वारा प्राथमिक स्कूलों के विद्यार्थियों को-’क्रियाविधि आधारित शिक्षा’ दी जा रही है। कोरोना काल में यूनीसेफ द्वारा डिजाइन किए गए आॅफलाइन शैक्षणिक गतिविधियों के जरिए पढ़ाई कराई जा रही है। इसी कड़ी में ’पढ़ई तुंहर पारा’ की अवधारणा को एक स्तर ऊपर ले जाते हुए ’सीख पिटारा’ का वितरण जिले में सात अक्टूबर से व्यापक रूप से किया जा रहा है। इसके तहत वाॅलेन्टियर्स को पिटारा के तौर पर बैग तथा पाठ्य सामग्री की फोटोकाॅपी (मासिक) उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे बच्चे अधिक प्रभावी तरीके से सीखने की दिशा में आगे बढ़ेंगे।
जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि 07 अक्टूबर को कलेक्टर श्री जय प्रकाश मौर्य द्वारा धमतरी विकासखण्ड तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्रीमती नम्रता गांधी द्वारा नगरी विकासखण्ड में वाॅलेन्टियर और शिक्षकों को प्रतीकात्मक तौर पर ’सीख पिटारा’ का वितरण किया जाएगा। जिला स्तर पर आयोजित कार्यक्रम में यूनीसेफ रायपुर के नोडल अधिकारी श्री शेषागिरी भी उपस्थित रहेंगे। गौरतलब है कि जिले में वाॅलेन्टियर्स तथा शिक्षकों द्वारा प्राथमिक स्कूलों के लगभग 45 हजार विद्यार्थियों को शिक्षित किया जा रहा है।

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