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सूरजपुर / शौर्यपथ / कलेक्टर रणबीर शर्मा के निर्देशन में अपर कलेक्टर एस.एन. मोटवानी से प्राप्त जानकारी अनुसार सर्प दंश से मृत हुए 13 व्यक्यिों के परिजनों व निकटतम वारिशों को राहत राशि करीब 52 लाख रूपये की स्वीकृती दी गई है। जिसमें तहसील रामानुजनगर से मृतिका लक्ष्मी आ. जयकरन निवासी रामपुर के परिजन उसके पिता जयकरन को, तहसील प्रतापपुर से मृतिका विफईया आ. स्व. अमृत निवासी सकलपुर के माता मलहारो को, निवासी बरबसपुर मृतिका स्व. कलेश्वरी के पति मुन्ना को, मृतिका स्व. मनमेत निवासी बरबसपुर के पुत्र रामेश्वर प्रसाद को, मृतक स्व. सीमाराम निवासी बड़वार के भाई रामलखन को, मृतिका स्व. किसमतिया निवासी धुमाडांड के पिता अर्जून प्रसाद को, मृतक स्व. समयलाल निवासी डाड़करवां के पत्नी रोशनी को, तहसील ओड़गी से मृतिका स्व. निराशो निवासी मसनकी के पिता पतराज को, मृतक स्व. दीपक निवासी पुतकी के पिता रामरतन को, तहसील भैयाथान से मृतक स्व. चमरूराम निवासी सुदामानगर के पत्नी फुलेश्वरी को, मृतिका स्व.सीमा पैकरा निवासी सोनपुर के पति पवन पैकरा को, तहसील प्रेमनगर से मृतक स्व. बालक राम निवासी महेशपुर के पत्नी बसंती बाई को, मृतक स्व. अभिशेक बंजारा निवासी बकिरमा के पिता ठाकुर सिंह बंजारा को चार-चार लाख रूपये आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत किया गया है। यह राशि आबंटन की प्रत्याशा में मांग संख्या 58 शीर्श 2245 प्राकृतिक आपदा राहत के अन्तर्गत वित्तीय वर्श 2019-20 में विकलनीय होगा।
रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ शासन द्वारा विगत वर्ष की भांति इस वर्ष भी पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री राजीव गांधी के जन्मदिवस 20 अगस्त को सद्भावना दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया है। सद्भावना दिवस पर प्रदेश के सभी शासकीय कार्यालयों में कोरोना संक्रमण के सुरक्षात्मक तरीके अपनाते हुए अधिकारी-कर्मचारी सद्भावना दिवस की शपथ लेंगे।
राज्य शासन के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा इस संबंध में सभी विभागों के सचिवों, अध्यक्ष राजस्व मंडल, समस्त विभागाध्यक्ष, संभागायुक्त और कलेक्टरों को निर्देश जारी किए है कि वर्तमान में कोविड-19 महामारी के संक्रमण को दृष्टिगत रखते हुए भारत सरकार स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा सुझाए गए विभिन्न दिशा-निर्देशों (सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क पहनना इत्यादि सुरक्षात्मक उपाय) को अपनाकर और पब्लिक गैदरिंग से बचते हुए सद्भावना संबंधी शपथ अपने कार्यालय में ली जाए। निर्देश में यह भी कहा गया है कि सद्भावना दिवस मनाए जाने का उद्देश्य सभी धर्मों, भाषाओं और क्षेत्रों के लोगों के बीच राष्ट्रीय एकीकरण की भावना जागृत करना और हिंसा के विचार को छोड़ते हुए लोगों के बीच सद्भाव को बढ़ावा देना है।
रायपुर / शौर्यपथ / गोधन न्याय योजना ग्रामीणों के लिए आजीविका का साधन बनते जा रहा है। राज्य के विभिन्न गौठानों में स्व सहायता समूह की महिलाएं वर्मी खाद बनाकर अच्छी आय अर्जित कर रही हैं। वनांचल की महिलाएं भी इस योजना से लाभ ले रहीं है। सुकमा जिले की गांव दुब्बाटोटा गौठान की कमल स्व-सहायता समूह की 13 महिलाओं द्वारा गोबर में केंचुआ डालकर वर्मी खाद तैयार किया जा रहा है। समूह की महिलाएं बताती है कि गोबर से बने खाद से उन्हें आर्थिक लाभ मिलेगा। साथ ही जैविक खाद से किसानों को अच्छी फसल मिलेगी। महिलाओं ने बताया कि कृषि विभाग द्वारा उन्हें जैविक खाद बनाने का प्रशिक्षण भी दिया गया है।
छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी गोेधन न्याय योजना का क्रियान्वयन सुकमा जिले में सार्थक रूप से किया जा रहा है। योजना के तहत गौठान समितियों द्वारा गोबर क्रय किया जा रहा है। गोबर विक्रय करने वाले हितग्राहियों को सीधा उनके बैंक खातांे में भुगतान किया जा रहा है। खरीदे गए गोबर से वर्मी खाद तैयार करने की जिम्मेदारी महिला स्व सहायता समूहों को सौंपी गई हैं। सुकमा जिले में अब तक 13 हजार से भी अधिक पशुपालकों का पंजीयन गौठानो में किया जा चुका है। गौठान समितियों द्वारा 3 हजार 918 क्विंटल से भी अधिक गोबर क्रय किया गया है। जिले के कोंटा विकासखंड के ग्रामपंचायत दुब्बाटोटा गौठान में 250 क्विंटल से अधिक की गोबर खरीदी की गई ह,ै जिसमें विश्वास स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने 45 क्विंटल गोबर बेचकर 9000 रुपए की आमदनी प्राप्त की है। अतिरिक्त आय कमाकर महिलाओं में खुशी है। उनका कहना है कि इस योजना से अब उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त होने में सहायता मिल रही है। पहले गोबर का उपयोग केवल घर लीपने और छेना बनाने में करते थे, योजना के फलस्वरूप अब गोबर से भी आय कमा रहे हैं।
गौरतलब है कि गोधन न्याय योजना का शुभारंभ हरेली पर्व 20 जुलाई 2020 को पूरे प्रदेश में किया गया था। शुभारंभ के बाद से ही पशुपालक गोबर का विक्रय करने गौठानों में पहुच रहे हैं, जिससे उन्हें अतिरिक्त आर्थिक लाभ मिल रहा है। साथ ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है। गोधन न्याय योजना के अंतर्गत गोबर विक्रय करने वाले हितग्राहियों को महीने में दो बार बैंक खातों के माध्यम से भुगतान किया जाना है। शासन की गोधन न्याय योजना ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों, स्व-सहायता समूह की महिलाओं के लिए कल्याणकारी कदम साबित हो रहा है। गौठानों से जुड़कर ग्रामीण अंचल के लोग भी आत्मनिर्भर बन रहे है।
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री चलित संयंत्र पेयजल योजना के अंतर्गत रायपुर, बिलासपुर एवं बस्तर संभाग में मोबाइल वाटर प्यूरीफायर संयंत्र के माध्यम से शुद्ध पेयजल प्रदाय हेतु 3 नग ट्रक मोबाइल वाटर ट्रीटमेंट यूनिट के लिए 6 करोड़ 29 लाख 13 हजार रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग मंत्रालय द्वारा प्रदान की गई है।
राजीव गांधी किसान योजना के 19 लाख किसानों को 1500 करोड़ रूपए की दूसरी किश्त
11.46 लाख तेंदूपत्ता संग्राहकों को मिलेगा 232.81 करोड़ रूपए का प्रोत्साहन पारिश्रमिक
गोधन न्याय योजना: गोबर विक्रेताओं को मिलेगी 4 करोड़ 50 लाख रूपए का दूसरा भुगतान
श्रीमती सोनिया गांधी और राहुल गांधी वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के जरिए होंगे शामिल
रायपुर / शौर्यपथ / पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय राजीव गांधी की जयंती 20 अगस्त पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल प्रदेश के किसानों, तेंदूपत्ता संग्राहकों और गोबर विक्रेताओं के खाते में 1737.50 करोड़ रुपए की राशि का सीधे अंतरण करेंगे। मुख्यमंत्री इस राशि में से धान, गन्ना और मक्का उत्पादक 19 लाख किसानों को ‘राजीव गांधी किसान न्याय योजना’ के तहत 1500 करोड़ रूपए की दूसरी किश्त की राशि का आॅनलाईन अंतरण करेंगे। इसके अलावा गोधन न्याय योजना के तहत गोबर विक्रेताओं को 4 करोड़ 50 लाख रूपए की राशि और तेंदूपत्ता संग्राहकों को वर्ष 2018 के प्रोत्साहन पारिश्रमिक के रूप में 232.81 करोड़ की राशि उनके खातों में अंतरित करेंगे। मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में दोपहर 12.30 बजे आयोजित कार्यक्रम से सांसद श्रीमती सोनिया गांधी और राहुल गांधी वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल होंगे। मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ मंत्रीमंडल के सदस्य उपस्थित रहेंगे।
छत्तीसगढ़ सरकार की राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत प्रदेश के 19 लाख किसानों को 5750 करोड़ की आदान सहायता राशि दी जा रही है। जिसमें प्रथम किश्त के रूप में 1500 करोड़ की राशि राजीव गांधी जी के शहादत दिवस 21 मई को प्रदान की गई थी वहीं इस योजना के तहत दूसरी किश्त के रूप में 1500 करोड़ की राशि 20 अगस्त को प्रदान की जा रही है। इस योजना से प्रदेश के धान, गन्ना और मक्का उत्पादक किसान लाभान्वित हो रहे हैं। राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में गोधन न्याय योजना के तहत दो रूपए प्रति किलो की दर से गोबर की खरीदी की जा रही है। इस योजना में 20 जुलाई से 15 अगस्त तक 6 करोड़ 17 लाख रूपए मूल्य का 3 लाख क्विंटल से ज्यादा गोबर खरीदा जा चुका है। गोधन न्याय योजना का पहला भुगतान 5 अगस्त को एक करोड़ 65 लाख रूपए का किया जा चुका है। इस योजना के तहत 2 अगस्त से 15 अगस्त तक खरीदे गए सवा दो लाख क्विंटल गोबर की राशि 4 करोड़ 50 लाख रूपए का भुगतान विक्रेताओं को उनके खातों में किया जाएगा। प्रदेश के 4377 गौठानों में से 3205 क्रियाशील गौठान हैं, जहां गोबर खरीदी हो रही है। राज्य में 1 लाख 1919 पशुपालकों का पंजीयन किया गया है, इनमें से 63 हजार 942 पशुपालक योजना से लाभान्वित हो रहे हैं। खरीदे गए गोबर से गौठानों में वर्मी कम्पोस्ट तैयार की जा रही है, जिसकी बिक्री 8 रुपए प्रति किलो की दर पर सहकारी समिति के माध्यम से की जाएगी।
इस अवसर पर प्रदेश के 114 विकासखण्डों के अंतर्गत तेंदूपत्ता संग्रहण वर्ष 2018 सीजन में 728 समितियों के 11 लाख 46 हजार 626 तेंदूपत्ता संग्राहकों को 232 करोड़ 81 लाख रूपए की प्रोत्साहन पारिश्रमिक की राशि वितरित की जाएगी। मुख्यमंत्री बघेल यह राशि सीधे तेंदूपत्ता संग्राहकों के खाते में आर.टी.जी.एस. के जरिए अंतरित करेंगे। तेंदूपत्ता संग्राहकों को प्रोत्साहन पारिश्रमिक वितरित करने के लिए संबंधित जिलों में जिला स्तर पर और 114 विकासखण्डों में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। विकाखण्ड स्तर पर आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रमों में अधिकतम प्रोत्साहन पारिश्रमिक की राशि प्राप्त करने वाले 10 संग्राहक सदस्यों को सम्मानित किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि तेंदूपत्ता संग्रहण वर्ष 2018 सीजन में प्रदेश की 880 प्राथमिक वन समितियों द्वारा कुल 14.85 लाख मानक बोरा तेंदूपत्ता का संग्रहण किया गया था। संग्रहण पारिश्रमिक की दर वर्ष 2018 में 2500 रूपए प्रति मानक बोरा थी। वर्ष 2018 में 11 लाख 98 हजार 673 तेंदूपत्ता संग्राहकों को 371.15 करोड़ रूपए की राशि संग्रहण पारिश्रमिक के रूप में वितरित की गई थी। इन 880 समितियों में से 854 समितियों के तेंदूपत्ता का निर्वर्तन निविदा के माध्यम से किया गया है। इनमें से 728 समितियां लाभ की स्थिति में रहीं। तेंदूपत्ता व्यापार से शुद्ध लाभ की 80 प्रतिशत राशि प्रोत्साहन पारिश्रमिक के रूप में तेंदूपत्ता संग्राहकों को वितरण करने का प्रावधान राज्य शासन की नीति में है।
लाभ की स्थिति वाले 728 समितियों के 11 लाख 46 हजार 626 तेंदूपत्ता संग्राहकों को कुल 232.81 करोड़ रूपए की राशि प्रोत्साहन पारिश्रमिक के रूप में वितरित की जाएगी। ये समितियां प्रदेश के 114 विकासखण्डों के अंतर्गत स्थित है। जिन संग्राहकों के बैंक खातों का विवरण प्राप्त हो गया है, उनके खाते में यह राशि सीधे एक्सिस बैंक के माध्यम से आर.टी.जी.एस से भेजी जाएगी। प्रदेश में तेंदूपत्ता का संग्रहण पारिश्रमिक 2500 रुपए से बढ़ाकर 4000 रुपए प्रति मानक बोरा किया गया है, इसी प्रकार पर 7 के स्थान पर 31 लघु वनोपजों को समर्थन मूल्य पर खरीदने की व्यवस्था की गयी है।
दुर्ग। शौर्यपथ । नेहरू नगर चौक से मिनीमाता चौक तक होने जा रहे 64 करोड़ के मार्ग चौड़ीकरण एवं सौंदर्यीकरण के कार्य के साथ ही लंबे समय के इंतेज़ार के बाद आखिरकार विधायक अरुण वोरा के लगातार प्रयासों से बोरसी रुआबांधा के निवासियों को भी सड़क निर्माण की सौगात मिलने जा रही है। दुर्ग शहरी क्षेत्र के कई वार्डों को बोरसी - ओल्ड बोरसी होते हुए सीधे भिलाई से जोड़ने वाला 2.4 किमी लंबा बोरसी-रुआबाँधा मार्ग वर्षों से जर्जर था जिसके लिए विपक्ष में रहते हुए विधायक वोरा ने कई जनआंदोलन किए थे। अब जा कर उनके प्रयासों को सफलता मिली व राशि की स्वीकृति प्राप्त हुई है। लोनिवि द्वारा 9.95 करोड़ की लागत से मार्ग का चौड़ीकरण कर पुनर्निर्माण करवाया जाएगा। विधायक वोरा ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल एवं लोक निर्माण मंत्री ताम्रध्वज साहू का आभार जताया व लोनिवि अधिकारियों से कहा कि जनभावनाओं के अनुरूप शीघ्रता से निविदा प्रक्रिया पूर्ण कर कार्य प्रारम्भ करवाया जाए। राशि की स्वीकृति मिलने के बाद जनहितैषी कार्यों में देरी नहीं होनी चाहिए। दुर्ग शहर में मूलभूत आवश्यकताओं सड़क, नाली, पेयजल, बिजली की कहीं समस्या नहीं आने दी जाएगी। बोरसी वासियों ने भी विधायक को धन्यवाद ज्ञापित किया है। अधिकांश हिस्सों में गुम हो चुकी जर्जर सड़क को देखने पहुंचे विधायक के साथ वार्ड 50 के पार्षद ज्ञानदास बंजारे, देवलाल ठाकुर एवं अंशुल पाण्डेय मौजूद थे।
राजनांदगांव । शौर्यपथ । मोहला वनांचल के ग्राम मुनगाडीह में स्वतत्रंता दिवस के मौके पर आयोजित एक सादकी पूर्ण कार्यक्रम में शाला प्रबंधन समिति और माध्यमिक शाला, प्राथमिक शाला के शिक्षकों की उपस्थिति में शिक्षा सारथियों का सम्मान किया गया। गोटाटोला जोन के मीडिया प्रभारी शेख अफजल ने बताया की इस कोरोना काल मे जब स्कूल बंद है तब बच्चो को पढ़ाई से जोड़ने स्कूल शिक्षा विभाग पढ़ई तुंहर दुआर योजना ले के आई। इस योजना के माध्यम से बच्चो को ऑनलाइन वर्चुअल क्लास के माध्यम से बच्चो को पढ़ाई से जोड़ा जाना है लेकिन मोबाइल और नेटवर्क की समस्या के कारण कुछ बच्चे ऑनलाइन क्लास से जुड़ नही पा रहे हैं। ऐसे ही बच्चो को पढ़ाई से जोड़ने के लिए मोहल्ला क्लास की शुरुआत की गई। इस योजना के माध्यम से बच्चो को उनके घरों के आसपास पढ़े लिखे युवाओ के माध्यम से सुरक्षित और कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करते हुए पढ़ाई करवाना है। मोहला विकासखंड के ग्राम मुनगाडीह में भी मोहल्ला क्लास का संचालन किया किया जा रहा है। मोहल्ला क्लास में शिक्षक सारथी के रूप में पिल्ले राम कुंजाम, मंजू सलाम, दामिनी कोवाची अपनी सहभागिता दे रहे है। ग्राम मुनगाडीह में आयोजित इस कार्यक्रम में शासकीय प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक शाला मुनगाडीह संकुल डुमरटोला की टीम, विकासखंड मोहला से श्रीमति सरोज सिंह, टीकम सिंह नायक, मुन्ना लाल मोंगरे, मोहन लाल कमरो, जितेंद्र कुमार सिन्हा के अलावा विशेष रूप से श्रीमती बेलास बाई कोरेटी (आंगनबाड़ी कार्यकर्ता), धनेश कुमार कोवाची, रामसाय देशमुख, उत्तम कुमार और ग्राम के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। शिक्षा सारथियों के सम्मानित होने पर विकासखंड शिक्षा अधिकारी रोहित कुमार अम्बादे, सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी राजेन्द्र कुमार देवांगन, बीआरसीसी खोमलाल वर्मा ने सभी शिक्षकों और शिक्षा सारथियों को बधाई देते हुए इसमें निहित उद्देश्य के बारे में बताया है कि शिक्षा सारथियों के सम्मान से निश्चित तौर पर उनका मनोबल बढ़ेगा और वे लगन से अपने कार्य को बेहतर रूप से करेंगे क्योंकि इस कोरोना महामारी के दौर में शिक्षा सारथी ही बच्चो और पढ़ाई के बीच मे सेतु की तरह कार्य कर रहे है।
बिलासपुर / शौर्यपथ / बिलासपुर जिले में गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच विशेषज्ञ डाक्टरों द्वारा नियमित रूप से की जा रही है । जांच से पूर्व स्वास्थ्य विभाग के द्वारा सभी गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण किया जाता है। पंजीयन उपरांत गर्भवती महिलाओं की समय-समय पर प्रसव पूर्व जांच कर टिटनेस का टीका दिया जाता है साथ ही जांच के लिए फालोअप भी किया जाता है। इस कार्य में एएनएम और मितानिन का कार्य काफी सराहनीय है। जब प्रसव हो जाता है तब मितानिन द्वारा प्रसव पश्चात जांच के तहत जच्चा बच्चा का 42 दिनों तक नियमित ख्याल रखा जाता है। स्वास्थ्य विभाग हर साल इसके लिए एक लक्ष्य निर्धारित करता है। इस बार लक्ष्य के सापेक्ष स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना काल में अच्छा कार्य किया है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रमोद महाजन ने बताया कि साल 2020-21 में विभाग को 49,761 गर्भवतियों के पंजीयन का लक्ष्य दिया गया था। इसमें विभाग ने माह अप्रैल से जून तक मात्र तीन महीने में 95.93 प्रतिशत लक्ष्य की प्राप्ति की है।
उन्होंने बताया कि तीन माह की प्रगति को देखें तो विभाग ने 12,440 गर्भवती पंजीयन के अनुपातिक लक्ष्य के सापेक्ष 11,934 पंजीयन करके अच्छी सफलता हासिल की है। जि़ले में प्रसव पूर्व जांच (एएनसी) के लिए 12,440 गर्भवती महिलाओं का पंजीयन किया गया है जिसमें शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्र की गर्भवती महिलाएं शामिल हैं। उन्होंने बताया कि समय से गर्भवती महिलाओं के पंजीयन और प्रसव पूर्व जांच होने से जोखिम की संभावनाएं काफी कम हो जाती हैं ।
नियमित रूप से गुणवत्तापूर्ण एएनसी जांच से समय से जटिलताओं की पहचान की जाती है और आवश्यक उपचार प्रदान किया जाता है जो कि मातृ मृत्यु और शिशु मृत्यु दर को कम करने में बहुत हद तक सहायक है । समय से पंजीयन से गर्भवती महिलाओं और नवजातों को सरकार द्वारा दी गयी सुविधायें भी आसानी से मिल जाती हैं।
गर्भवती की प्रसव पूर्व चार जांचें हैं बेहद जरूरी !
प्रथम चरण में गर्भधारण के तुरंत बाद या गर्भावस्था के पहले 3 महीने के अंदर जांच होती है। द्वितीय चरण में गर्भधारण के चौथे या छठे महीने में। तृतीय चरण में गर्भधारण के सातवें या आठवें महीने में तथा चतुर्थ चरण में गर्भधारण के नौवें महीने में जरूरी जांचे की जाती हैं। इसमें प्रत्येक गर्भवती के हीमोग्लोबिन की मात्रा अनुसार आईएफए, कैल्शियम के साथ साथ टीकाकरण, उच्च रक्तचाप एवं मधुमेह की स्क्रीनिंग की जाती है।
रायगढ़ / शौर्यपथ / कलेक्टर भीम सिंह ने कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिये रायगढ़ जिले के किरोड़ीमल नगर पंचायत संपूर्ण क्षेत्र को 19 से 25 अगस्त 2020 तक संपूर्ण सार्वजनिक सभी गतिविधियां प्रतिबंधित किया है।
कलेक्टर ने छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 24 की उपधारा (1)के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए 19 से 25 अगस्त 2020 तक रायगढ़ जिले के किरोड़ीमल नगर पंचायत संपूर्ण क्षेत्र में संचालित देशी/विदेशी मदिरा दुकानों से मदिरा की बिक्री को काउन्टर से बंद रखते हुये ऑनलाईन होम डिलीवरी के माध्यम से किये जाने हेतु आदेश जारी किया है।
नगर पंचायत किरोड़ीमल नगर पंचायत अंतर्गत देशी मदिरा दुकान-कोकड़ीतराई एवं विदेशी मदिरा दुकान-कोकड़ीतराई शामिल है। यहां ऑनलाईन होम डिलीवरी यथावत चालू रहेगी। जिले की शेष मदिरा दुकानों के खुलने एवं बंद होने का समय यथावत रहेगा। सोशल डिस्टेंसिंग एवं फिजीकल डिस्टेंसिंग का पालन करना अनिवार्य होगा।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
