August 26, 2026
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    भिलाई / शौर्यपथ / वार्ड पांच लक्ष्मी नगर सुपेला निवासी व चन्द्रा फाईन आर्टस के संचालक चंद्रशेखर गंवई जिनके द्वारा पॉवर हाउस बाबा साहेब अंबेडकर चौक का सौन्दर्यीकरण कार्य 18 जून 2010 को स्वीकृति राशि 968707 के तहत स्वीकृत हुआ जिसमें से अब तक 1 लाख 88 हजार रूपये ही काम का मिला है और 7 लाख 80 हजार 707 रूपये बकाया है। आज दस साल बीत जाने के बाद भी उक्त कलाकार एवं कांग्रेस नेता चंन्द्र्रशेखर गंवई अपना पेमेंट को लेकर मुख्यमंत्री के दरवाजे तक दस्तक दे चुके है, लेकिन अब तक कोई कार्यवाही नही हुई है। इससे दुखी कलाकार चंद्रशेखर गंवई ने कहा कि जब मेरे द्वारा निगम अधिकारियों से बार बार मिल कर बिल भुगतान करने का अनुरोध किया गया तो निगम के अधिकारियो ने बताया कि आपकी फाईल गुम हो गई है, जिसकी प्राथमिकी सहायक ग्रेड 2 के सुनिल कुमार तिवारी द्वारा 14 अक्टूबर 2014 को सुपेला थाना में प्राथमिकी सूचना दर्ज करने का कष्ट करें का आवेदन दिया गया है, लेकिन हकीकत यह है कि पुलिस द्वारा इस मामले में धारा 154 के तहत एफआईआर दर्ज करना चाहिए लेकिन मजेदार बात है कि पुलिस ने धारा 155 के तहत मामला बताते हुए उल्टा न्यायालय जाने का हवाला दे दिया। मजेदार बात यह है कि इतने बडे मामले में न ही उसके बाद कोई निगम अधिकारी ध्यान दिया और न ही पुलिस ने।
    वैसे भी नगर निगम भिलाई फाईल गुमने और फाइर्ल जलने और चोरी होने के मामलों में हमेशा प्रदेश में नंबर वन रहा हैें लेकिन आज तक किसी भी मामले को न ही पुलिस ने ही भांडा फोड़ किया है और न ही निगम के अधिकारियों ने ऐसे मामले में कभी दिलचस्पी ली। इससे साफ जाहिर है कि निगम से फाईल चोरी होने और गुमने का कार्य नही होता है जान बूझकर उन फाईलों को गायब किया जाता है जिनसे निगम अधिकारियों कर्मचारियों को टेबल के नीचे से उपहार नही मिलता है या जिस मामले में निगम के अधिकारी और कर्मचारी फंसने वाले होते है, वहीं फाईल गायब कर दिया जाता है। उसका नतीजा चंद्रशेखर गंवई ही नही बल्कि सैकड़ों लोग अब तक भुगत रहे है।
    आखिर निगम अधिकारियों और कर्मचरियों की गलती बेचारे गंवई जैसे लोग क्यों भुगते। निगम अधिकारियों को इस ओर ध्यान देकर जिस भी अधिकारी से या कर्मचारी से फाईल गुमने का कार्य होता है, उसपर कठोर कानूनी कार्यवाही होनी चाहिए या जेल भेजना चाहिए। तब कहीं जाकर निगम से फाईल चोरी होने का मामला नही होगा। इस मामले मे ंपीडि़त चन्द्रशेखर गंवई कांग्रेस के नेता है और उन्होंने इस मामले में मुख्यमंत्री को भी पत्र लिखा है कि आखिर मेरी मूल नस्ती कहां गायब हो गई। और समय समय पर मैँ निगम अधिकारियेां से अपने भुगतान के लिए मिल मिल कर गुहार लगाता रहा हूं, लेकिन हमेेशा मुझे निराशा ही हाथ लगा। फाईन आर्टिस्ट एवं कांग्रेस नेता गंवई ने मुख्यमंत्री से अनुरोध करते हुए कहा कि मैं दस सालों से अपने भुगतान को लेकर प्रताडि़त हो रहा हंूं। मैँ अपने जीवन के 26 सालों से कांग्रेस से जुड़ा रहा। कांग्रेस पार्टी के निर्देसानुसार जो भी मुझे जिम्मेदारी दी गई मैँ उससे पूरी ईमानदारी से निर्वहन करता रहा और जब भाजपा की सरकार थाी तो भाजपा और निगम क्षेत्र की समस्याओं को लेकर भी सदा मैँ धरना प्रदर्शन करता रहा, हो सकता है कि निगम के अधिकारी कर्मचारी इससे कारण मेरा भुगतान रोक कर रखे हैँ और मुझे परेशान कर रहे हैँ।
    तात्कालीन भाजपा सरकार में कलेक्टर जनदर्शन 8 मई 2017 को टोकन क्रमांक 100217001894 निगम जनदर्शन 12 जून 2017 जिसका टोकन क्रमांक 17 महापौर आयुक्त 8 मई 2017 को भी अपने भुगतान के लिए शिकायत पत्र सौंपा हूं, लेकिन आज तक मुझे मेरे कार्य का भुगतान नही हो सका है। मुख्यमंत्री के ओएसडी मनीष बंछोर ने मुझे वर्तमान आयुक्त ऋतुराज रघुवंशी से मुलाकात करने के लिए मुझे कहा था, जब मैं आयुक्त रघुवंशी से मिला तो उन्होंने भी सीधा पल्ला झाड़ते हुए स्पष्ट कहा कि आपके मामले की फाईल नही मिल रही है, भुगतान नही कर सकता हूं। उस समय कौन अधिकारी थे और क्या हुआ, मै नही जानता? आप बिल व्हाउचर और भुगतान आर्डर को जाकर देखें। जिम्मेदार अधिकारी द्वारा इस प्रकार का जवाबद देने से कही न कहीं कांंग्रेस सरकार के मुखिया और कांग्रेस सरकार की छवि खराब हो ही रही है, और इस गंवईजैसे कलाकारों का मनोबल भी गिर रहा है, इसके कारण उनके परिवार के सामने लॉकडाउन और कोरोना के इस संकट की घड़ी में आर्थिक स्थितियों का बूरी तरह सामना करना पड़ रहा है। यदि निगम चाहे तो गंवई का भुगतान हो सकता है क्येांकि जब 1 लाख 88 हजार रूपये भुगतान कर चुका है तो बाकी का भी भुगतान हो सकता है, क्योंकि अब डिजीटल युग है और जब भी कोई कार्य इस तरह का निगम द्वारा कराया जाता है तो फोटोग्राफी कराई जाती है, तो इसका भी फोटोग्राफी कराई ही गई होगी। उस आधार पर और जिस आधार पर 1 लाख 88 हजार रूपये भुगतान किया गया है,उस आधार पर गंवई का बिल का भुगतान किया जा सकता है।

    दुर्ग / शौर्यपथ / प्रदेश में आज से घर पहुंच निशुल्क पौधा वितरण के लिए पौधा तुंहर द्वार योजना शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और वनमंत्री मंत्री मोहम्मद अकबर के निर्देशानुसार दुर्ग वन मंडल दुर्ग में योजना का शुभारंभ अरुण वोरा विधायक, द्वारा किया गया। घर पहुँच पौध वितरण के लिए वोरा ने आज हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। विधायक ने कहा पौधा तुँहर द्वार बहुत अच्छी योजना है। इसके माध्यम से नागरिकों को घर पहुंच सेवा दी जा रही है। उन्होंने कहा कि वृक्ष हमारे सच्चे साथी हैं हमें इनकी देखभाल करनी चाहिए।अपने लगाए पौधे को बड़ा होता देखना भी बहुत आनंदित करता है।उन्होंने नागरिकों से अपील की इस अभियान को पौधरोपण तक ही सीमित न रखें बल्कि उन पौधों के पेड़ बनने तक उनकी देखभाल की शपथ भी लें।
    महापौर धीरज बाकलीवाल ने कहा कि बच्चों को भी इस एक्टिविटी में शामिल करें।इस तरह की पहल से ही बच्चे पर्यावरण संतुलन में पौधों का महत्व समझेंगे। कलेक्टर डॉक्टर सर्वेश्वर भूरे ने कहा कि हम पूरी तरह वृक्षों पर ही निर्भर हैं। अपनी धरती को हरा भरा रखकर ही हम प्रकृति के प्रति अपना कर्ज उतार सकते हैं। इस अवसर पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय यादव सीईओ जिला पंचायत सच्चिदानंद आलोकएपर्यावरण मंडल स्थायी समिति की सभापति श्रीमती सत्यवती वर्मा पूर्व महापौर आर एन वर्मा सहित मेयर इन कौंसिल के सम्मानीय सदस्य भी शामिल हुए।
    अतिथियों को प्रतीक स्वरूप भेंट किया गया चंदन का पौधा.
    इस अवसर पर अरुण वोरा को प्रतीक के रूप में मुख्य वन संरक्षक श्रीमती शालिनी रैना ने चंदन का पौधा भेंट किया। डीएफओ के आर बढ़ाई ने कलेक्टर एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, सीईओ जिला पंचायत सहित सभी अतिथियों को चंदन का पौधा भेंट किया। डीएफओ के आर बढ़ाई ने बताया गया कि दुर्ग नगर निगम क्षेत्र में 50 हजार तथा संपूर्ण जिले में पौधा वितरण का लक्ष्य 3 लाख 50 हजार रखा गया। उन्होंने बताया कि पौधा प्रदाय योजना के नोडल अधिकारी कलीमुल्ला खान हैं। पौधा तुँहर द्वारा योजना के तहत दुर्ग.भिलाई के नागरिक वन विभाग द्वारा जारी मोबाइल नंबरों 9406091336 और 9754617573 पर सम्पर्क करके घर पर नि:शुल्क पौधे प्राप्त कर सकते हैं।
    ये पौधे हैं उपलब्ध.
    नर्सरियों में वर्तमान में अमरूद, हल्दू, जंगल जलेबी,गंगा इमली, नीमए, अर्जुन, करंज, सीबा पेंटेंड्रा,सफेद सेमल,मुनगा सहित 39 प्रजातियां उपलब्ध हैं। नागरिक इन पौधों को अपने घर आंगन, खेतखलिहान, खाली निजी भूमि लगा सकते हैं। दिए गए मोबाइल नम्बरों पर सम्पर्क करने पर घर पहुंच सेवा उपलब्ध कराई जाएगी।

    धमतरी ब्यूरो शौर्य पथ

    नरेश छेदैहा महासचिव श्री राम नव युवक परिषद नगरी ने बताया की "नगरीमें पारम्परिक माता पहुंचानी का आयोजन गुरुवार को किया। भक्त जनों को नईबस्ती माता सेवा दल व पुरानी बस्ती माता सेवा दल के भक्त जनों द्वारा शोभायात्रा निकालकर जसगीत व ढोल मंजीरे के करतल ध्वनि के साथ अगवानी करके माता देवालय पहुंचाये जाने की परम्परा है लेकिन इस वर्ष समय अनुकूल नहीं होने के कारण शोभायात्रा नहीं निकाली गई। भक्तों को अपनी सुविधा के अनुसार सीधे माता देवालय पहुंचने का अनुरोध आयोजक नगर व्यवस्था समिति ने किया था। लोग सोशल डिस्टेंस व सेनेटाइजर का उपयोग करते हुए माता देवालय पहुंचकर मन्नत की सामाग्री समर्पित किए । पुजारियों ने नीम की पत्ती से सिर पर दही का आचमन कर शांति कराई"
    इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष ललित प्रसाद शर्मा, उपाध्यक्ष माखन भरेवा, कोषाध्यक्ष श्रवण नाग,सचिव ज्वाला प्रसाद साहु, सहसचिव नोहर लाल साहु, पुजारी गण रमेश कश्यप,सुखु राम साहु, उत्तम गौर,अरुण सार्वा,तिहारू मरकाम,ईतवारी नेताम, प्रफुल्ल अमतिया,
    फुलमाली गेंदलाल पटेल,वीरकूमार हिरवानी,नोहरू साहू,श्री राम नव युवक परिषद नगरी के अध्यक्ष गजेन्द्र कंचन उपाध्यक्ष अशोक पटेल,मनोज साहु, कोषाध्यक्ष बृजलाल सार्वा,सचिव नरेश छेदैहा, सहसचिव भरत साहु,माता सेवा दल नई बस्ती नगरी के अध्यक्ष अश्विनी यादव,नव आनंद कला में मंदिर नगरी के उपाध्यक्ष सुरेश साहु, नगर पुरोहित पंडित ठकुरीधर शर्मा, झाड़ू राम यादव,डाक्टर सुरेश सार्वा,नन्द यादव ,हेमलाल सेन,परसादी राम चंद्रवंशी,दीपक शर्माकार्तिक पटेल,ओम प्रकाश सोम,शंभु मानिकपुरी, नारायण नागर्ची उपस्थित थे।

      धमतरी ब्यूरो /शौर्य पथ

     

    नशा केवल शराब और तम्बाकू का ही नहीं होता है बल्कि अफीम, चरस, गांजा, हेरोइन जैसे मादक पदार्थों का भी होता है जो लोगों को बुरी तरह प्रभावित करता है । नशीले पदार्थों का प्रयोग आज एक विश्वव्यापी समस्या बन चुकी है।देश में मादक पदार्थों के सेवन के प्रति युवा पीढ़ी ग्लैमर लाईफ स्टाइल की झूठी शान दिखाने के चक्कर में अंधी दौड में शामिल हो रही है । शहरी क्षेत्र ही नही बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी इसका असर देखने को मिल रहा है ।
    युवा पीढ़ी ज़्यादातर स्कूल-कालेजों के छात्र जीवन में अपने साथियों के कहने या मित्र मंण्डली के दबाव डालने पर या फिर मॉडर्न दिखने की चाह में इनका सेवन शुरु करते हैं। कुछ युवक मादक पदार्थों से होने वाली अनुभूति को अनुभव करने के लिए, तो कुछ रोमांचक अनुभवों के लिए तो कुछ ऐसे लोग होते है जो मानसिक तौर पर परेशानी या हताशा के हालात में इनका सेवन शुरू करते हैं। मानव जीवन की रक्षा के लिए बनाई जाने वाली कुछ दवाओं का उपयोग भी लोग अब तो नशा करने के लिए इस्तेमाल करने लगे हैं।
    जिला अस्पताल पंडरी में स्थित स्पर्श क्लीनिक के मनोचिकित्सक डॉ. अविनाश शुक्ला ने बताया कोई भी व्यक्ति एक दिन में नशे का आदी नहीं होता है । यह प्रक्रिया धीरे-धीरे होती है । शौक धीरे धीरे आदी बना देता है जब व्यक्ति नशे की गिरफ्त में आताहै।उससे पहले वह कुछ संकेत भी देता है । उन संकेतों को परिवार को समझना बहुत जरूरी होता है ।
    जून 26 को हर वर्ष अंतर्राष्ट्रीय मादक पदार्थ सेवन और तस्करी निरोध दिवसके रूप में मनाया जाता है।इस वर्ष की थीम ही "बेहतर देखभाल के लिए बेहतर ज्ञान" है ।
    आदी होने से पूर्व लक्षण जो देखे जाते है
    खेलकूद और रोजमर्रा के कामों में दिलचस्पी न लेना , भूख कम लगना, वजन कम हो जाना, शरीर में कंपकंपी छूटना, आंखें लालऔरसूजी हुई लगना, दिखाई कम देना, चक्कर आना, उल्टी दस्त आना, अत्यधिक पसीना आना, शरीर में दर्द लगना , नींद न आना की समस्या , चिड़चिड़ापन, सुस्ती, आलस्य, निराशा, गहरी चिन्ता, सुई के माध्यम से मादक पदार्थ को लेने वालों व्यक्ति को एड्स का खतरा भी रहता है।
    पदार्थ जिनका व्यसन होता है
    शराब,(बियर व्हिस्की रम हंडिया महुआ ठर्रा), तंबाकू उत्पाद (तंबाकू बीड़ी बीड़ी सिगरेट गुड़ाखू गुटका नसवार), गांजा चरस भांग,अफीम,भुक्की, डोडा, हेरोइन, ब्राउन शुगर, स्मैक फोर्टविन (पेंटाजोसिन) कोकिन, नींद की गोलियां, सांस के माध्यम से लिए जाने वाले पदार्थ जैसे गैस, पेंट, पेट्रोल, गोंद, डेन्ड्राइड व्हाइटनर ।
    डेन्ड्राइड और व्हाइटनर का उपयोगस्कूल के बच्चे, या सड़कों पर कचरा बिनने वाले बच्चे में ज्यादा देखने को मिलता है क्यूंकि ये आसानी से उपलब्ध होता है, और किसी को शक भी नहीं होता है ।
    मादक पदार्थ को कुछ भागों में बांट सकते है ।
    अपशामक, मतिभ्रम उत्पन्न करने वाले पदार्थ, निच्श्रेतक और दर्द निवारक मादक पदार्थ,उत्तेजक,भांग से निर्मित मादक पदार्थ,
    अपशामक - मस्तिष्क की सक्रियता कम कर देते हैं। ये पदार्थ हैं, अल्कोहल, सिकोनाल, नेमब्यूटाल, गाडेर्नाल, वैलियम, लिबियम, मैन्ड्रेक्स, डोरिडेन, N10, एलप्रेक्स, नाइट्रो सन, है।
    मतिभ्रम उत्पन्न करने वाले पदार्थ - हमारे देखने, सुनने और महसूस करने की क्षमता पर प्रभाव डालते हैं।
    निच्श्रेतक और दर्द निवारक मादक पदार्थ-अफीम, मॉर्फीन, कोकीन, हेरोइन, ब्राउन शूगर, मेथाजेन, पेथीडीन, मेप्राडीन है।
    उत्तेजक - मस्तिष्क के केन्द्रीय तंत्रिका तंत्रों की सक्रियता बढ़ा देते हैं। जैसे, बैंजोड्रिन, डैक्सेड्रिन, मैथेड्रिन, कोकीन, निकोटीन है ।
    भांग से निर्मित मादक पदार्थ - गांजा, हशीश, चरस
    नशीले पदार्थ और तस्करी के मामले भारत में नारकोटिक ड्रग्स एंड सायकोट्रॉपिक सब्सटनसीज एक्ट (NDPS एक्ट)2014 के अंतर्गत आतेहैं। जोलोग नशीले पदार्थों कीतस्करी अथवा व्यापार करते है, उनकेइस व्यापार/तस्करी से अर्जित की हुए संपत्ति भी सरकार जब्त कर सकती है और सज़ा के साथ साथ जुर्माने का प्रावधान भी किया गया है ।
    क्या कहते हैं आंकड़े
    राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य सर्वे 2015-16के अनुसार छत्तीसगढ़ में 29.86 % लोग तम्बाकू खाने के आदि है जबकि 7.14 % शराब पीने के ।

    धमतरी ब्यूरो/ शौर्य पथ

    छत्तीसगढ़ प्रदेश युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष श्री पूर्णचंद पाढ़ी औऱ धमतरी जिला प्रभारी मोहम्मद अजहर के निर्देशानुसार एवं सिहावा विधायक डॉ. लक्ष्मी ध्रुव की उपस्थिति में युवा कांग्रेस सिहावा विधानसभा के युवाओं के द्वारा केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ मे पेट्रोल डीजल के दामो मे लगातार मूल्यवृद्धि के विरोध मे एक दिवसीय धरना प्रदर्शन एवं एवं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन किया गया इस दौरान डॉ. ध्रुव ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार मे कच्चे तेल की कीमत मे लगातार गिरावट है इसके बावजूद केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा पेट्रोल डीजल के दामों मे लगातार मूल्यवृद्धि की जा रही है चूंकि डीजल का संबंध सीधे सीधे बाजार मे उपलब्ध सभी उपभोग की वस्तुओं पर पड़ता है लगातार डीज़ल के मूल्यवृद्धि होने से सभी  आवश्यक वस्तुओं का दाम बढ़ता जा रहा है एवं महंगाई दिनों दिन आसमान छू रही है मोदी सरकार द्वारा सिर्फ और सिर्फ पेट्रोलियम उत्पादों मे टैक्स ही बढ़ाया जा रहा है ,कोरोना महामारी के इस वैश्विक संकट के बीच पेट्रोल डीज़ल के दाम लगातार बढ़ाना केंद्र सरकार की तानाशाही रवैये को दर्शाता है केंद्र सरकार की खराब आर्थिक नीतियों के कारण देश की अर्थव्यवस्था दिनों दिन चौपट होते जा रही है।
    साथ ही इस कार्यक्रम मे विधायक प्रतिनिधि रुद्र्प्रताप नाग,माखन भरेवा,वार्ड क्र. 04 पार्षद जितेन्द्र ध्रुव, वार्ड 13 पार्षद सोहन चतुर्वेदी,एल्डरमैन भरत निर्मलकर, हासम मेमन,सचिन भंसाली, वीरेंद्र निर्मलकर,हेमू साहू,युवा कांग्रेस सिहावा विधानसभा अध्यक्ष  कुलदीप साहू, एनएसयूआई सिहावा विधानसभा अध्यक्ष आदित्य तिवारी,ब्लॉक अध्यक्ष युवा कांग्रेस भीष्म यादव,जिला महासचिव युवा कांग्रेस नदीम अली, युवा कांग्रेस सिहावा विधानसभा उपाध्यक्ष महेंद्र पांडे,सोहेल मंसूरी,मनोज मरकाम,ईशु अली,भरत लहरे,डिगेन्द्र चिन्डा,विनय चौहान,आत्मा राम नेताम,गीतेश साव, शेख रज़ा सोशल डिस्टेनसिंग का पालन करते शामिल हुवे

    धमतरी/ नगरी /शौर्य पथ

    पुलिस लाख दावे कर ले, लेकिन सट्टा या कहे मटका पर अंकुश लगाने में विफल रही है।
    पुलिस को ठेंगा दिखाते हुए नगरी सहीत पूरे जिले में अब इंटरनेट के माध्यम से वॉट्सएप पर यह कारोबार चल रहा है ।
    सट्टा रैकेट के सरगन एजेंट्स के वॉट्सएप ग्रुप बनाकर नया जाल बिछा दिया है।
    सट्टे के अड्डे पर आकर पर्चियां लगाने की जरुरत नहीं है सिर्फ एक मैसेज टाइप कर एजेंट्स को भेजा जाता है ।
    जिनके पास स्मार्ट फोन नहीं है वह साधारण मोबाइल से मैसेज के जरिए रैकेट से जुड़े हैं।
    पुलिस का झंझट और न बार-बार सट्टा अड्डे पर जाने की टेंशन।

    जांजगीर चाम्पा। शौर्यपथ। कलेक्टर यशवंत कुमार के मार्ग निर्देशन में जिले के प्रमुख नगरीय निकायों में 7500 वर्ग फीट तक की शासकीय रिक्त भूमि के आवंटन का प्रथम चरण प्रारंभ किया जा रहा है। भू- अभिलेख सहायक अधीक्षक ने बताया कि भूमि का आवंटन नीलामी के माध्यम से होगा। प्राप्त जानकारी के अनुसार नगर पालिका जांजगीर-नैला में 30 जून, नगर पालिका चांपा, सक्ती, नगर पंचायत डभरा तथा राहौद में 6 जुलाई की तिथि नीलामी के लिए निर्धारित की गई है। नीलामी प्रक्रिया में भाग लेने के इच्छुक व्यक्ति भूमि के बाजार मूल्य के 10 प्रतिशत की अमानत राशि चेक के माध्यम से संबंधित अनुविभागीय अधिकारी के नाम से अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय में जमा कर सकते हैं। यह राशि वापसी योग्य है। शासन के निर्देशानुसार नीलामी में भाग लेने के लिए आवेदकों के अतिरिक्त अन्य व्यक्ति भी जो निर्धारित अंतिम तिथि तक अमानत राशि का भुगतान कर नीलामी प्रक्रिया में भाग ले सकता है। नगरी क्षेत्रों के नीलामी हेतु भूमि का विस्तृत विवरण तथा नजरी नक्शा जिले की वेबसाइट www.janjgir-champa.gov.in पर अपलोड की गयी है। अधिक जानकारी के लिए कलेक्टर कार्यालय के भू- अभिलेख शाखा अथवा संबंधित एसडीएम कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है।

     शौर्य पथ /विशेष

    मेजर सरस त्रिपाठी एक सेवा निवृत्त रक्षा पदाधिकारी हैं जिन्होंने 6th मराठा लाइट इन्फेंट्री में रह कर कश्मीर के श्रीनगर, बडगाम एवं पुलवामा में कई ऑपरेशन्स चलाये, कितने ही अफ़ग़ान,पाकिस्तानी एवं कश्मीरी आतंकवादियों को मार गिराया ,कितनो को पकड़ा और पता नही कितने ही इनके अपने साथी भी इन ऑपरेशन्स में वीरगति को प्राप्त हुए , ये 1992 का वो दौर था जब आतंकवाद कश्मीर में चरम पर था ।


    मेजर त्रिपाठी इसके अलावा इंटरनेशनल बॉर्डर तथा LOC पर भी तैनात रहे तथा लगातार दुश्मनो के दांत खट्टे करते रहे।
    इनके सैन्य करियर का हाई-पॉइंट तब आया जब कारगिल युद्ध हुआ और इन्होंने उस युद्ध मे फ्रंट-लाइन पर रहते हुए लड़ाई लड़ी।
    मेजर त्रिपाठी ने कश्मीर एवं वहां के आतंकवाद पर 2 पुस्तकें भी लिखी हैं तथा इन्हें कश्मीर मामलों का स्पेशलिस्ट माना जाता है।
    मेजर त्रिपाठी मिनिस्ट्री ऑफ सोशल जस्टिस में एक डिप्टी सेक्रेटरी के रूप में भी कार्य कर चुके हैं , जो कि मूलतः एक IAS लेवल का पोस्ट है। मीडिया में आपके कई लेख छप चुके हैं , आल इंडिया रेडियो पर आपके कई प्रोग्राम प्रसारित हो चुके हैं , आप हिंदी,अंग्रेजी एवं संस्कृत तीनो भाषाओं में पारंगत हैं तथा सेवानिवृत्त होने के पश्चात आपने कई सारी डिग्रीयां भी प्राप्त की हैं , जिसमे MBA तथा मास्टर्स इन जर्नलिज्म प्रमुख हैं।

     धमतरी ब्यूरो /शौर्य पथ

     

    भारतीय जनता युवा मोर्चा के मंडल अध्यक्ष बलजी छाबड़ा ने राज्य सरकार से मांग की है कि आज ही के दिन सन 1975 में लगाए गए इमरजेंसी आपातकाल मे मीसा बंदियों रहे व उनके परिजन को रुकी हुई पेंशन जल्द से जल्द दें छाबड़ा ने बताया कि नगरी तहसील से दो लोग मीसाबंदी हुए थे जिन्हें छत्तीसगढ़ की रमन सिंह की सरकार सम्मान निधि के तौर पर पेंशन दिया करती थी जिसे कांग्रेस की भूपेश सरकार ने पद पर आसीन होते ही रोक लगा दी यह केंद्र सरकार द्वारा किया गया कृत्य मीसा बंदियों को दिया गया सम्मान का अपमान है सरकार किसी की भी हो किसी को भी सम्मान देने के बाद उसका अपमान केंद्र सरकार को करना शोभा नहीं देता नगरी नगर से मीसा बंदियों के परिजन विमला बाई सोम पति स्वर्गी भानु रामजी सोम व चरणजीत कौर छाबड़ा पति स्वर्गीय श्री सतनाम सिंह छाबड़ा मीसा बंदी रहे आपात काल के समय की याद दिलाते हुए कहा कि 25 जून 1975 की मध्यरात्रि इस देश की सबसे बडी काली अमावस्या है, जहां हमारी सारी लोकतांत्रिक मान्यताओं, सनातन के सारे संस्कारो को एक झटके में एक तानाशाही मनोवृत्ति की श्रीमती इंदिरा गांधी ने पद पर बनी रहने, इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा उनका चुनाव रद्ध किये जाने के निर्णय के बावजूद देश पर आपातकाल थोपा । देश में एक व्यक्ति बना रहे, इसके लिये बिना कोई कारण के आपातकाल लगाया, देश की भीतरी बाहरी स्वतंत्रता को गंभीर खतरों का झूठा वितान खींचा गया। देश पर संकट बताकर आपातकाल लगा दिया आज हम आपातकाल की 41 वीं वर्षी पर पहुँच गये हैं जिन लोगों ने लोकतंत्र के लिये 26 जून 1975 से संघर्ष किया जेल गये, जेल के बाहर लड़ते रहे, उनमें से आधे लोग हमारे बीच नहीं हैं जो जवानी में जेल गये थे। वे प्रौढ़ावस्था पार कर चुके हैं। पर हमारी छत्तीसगढ़ की सरकार ऐसे परिजनों का साधु लेना ही नहीं चाहती हैं। छाबड़ा ने कांग्रेस को आड़े हाथ लेते हुए कहां की*कांग्रेस द्वारा आपातकाल लगाकर देशवासियों पर किये गए बर्बरता और लोकतंत्र की हत्या के विरुद्ध "संकल्प दिवस" एक बुलंद आवाज है। लोकतंत्र लोकतंत्र एवं को आज भी जीवित करता के लिये कांग्रेस ने अभी तक देश से माफी नहीं माँगी है न उन्हें इसकी शर्मिंदगी है। इससे आने वाले दिन और चुनौतिपूर्ण है,

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