July 25, 2026
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    धमतरी शौर्यपथ

    भारत एक कृषि प्रधान देश है इसलिए बारिश की सटीक भविष्यवाणी बेहद महत्वपूर्ण होती है। वैज्ञानिक तो अपने अनुमानों के आधार पर वर्षा की भविष्यवाणी करते ही हैं, लेकिन ज्योतिष शास्त्र भी मौसम के पल-पल बदलते रंग के बारे में ग्रह-नक्षत्रों के आधार पर सटीक परिणाम बताता है। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों के किसान आज भी पशु-पक्षी, कीट-पतंगों और खास प्रकार के पेड़-पौधों का व्यवहार देखकर बारिश का अनुमान लगाते हैं।
    *ज्योति शास्त्र में बारिश का अंदाजा लगाने के रोचक तरीकों*
    *अच्छी वर्षा का संकेत*
    आकाश में सारस का झुंड यदि गोलाकार परावलय बनाकर उड़ता दिखे, तो यह शीघ्र वर्षा का संकेत माना जाता है। भारतीय किसान इन्हें देखकर अपने खेतों मे बीज बोने की तैयारियों में लग जाते हैं।
    पेड़ों पर दीमक तेजी से घर बनाने लगें तो इसे अच्छी वर्षा का संकेत माना जाता है।
    मोरों का नाचना, मेंढक का टर्राना और उल्लू का चीखना तो पूरे भारत में वर्षा का संकेत माना ही जाता है।
    बारिश के मामले में चींटी की गतिविधि देखकर सबसे पहले अंदाजा लगाया जा सकता है। अगर चींटियां भारी मात्रा में अपने समूह के साथ अंडे लेकर घर बदलती दिखाई दें, तो माना जाता है कि बारिश का मौसम अब शुरू होने ही वाला है।
    अगर नीम का पेड़ फूलों से भर जाए, तो इसे बहुत अच्छी बारिश का संकेत माना जाता है।
    *इस साल मॉनसून सामान्य रहेगा, 100% बारिश होगी*
    मौसम विभाग मुताबिक इस साल मॉनसून सामान्य रहेगा। बारिश का दीर्घावधि औसत 100% रहेगा।
    इस बार वर्षा ऋतु की शुरूआत 22 जून से होने का अनुमान  है।

    धमतरी शौर्यपथ

    भारत एक कृषि प्रधान देश है इसलिए बारिश की सटीक भविष्यवाणी बेहद महत्वपूर्ण होती है। वैज्ञानिक तो अपने अनुमानों के आधार पर वर्षा की भविष्यवाणी करते ही हैं, लेकिन ज्योतिष शास्त्र भी मौसम के पल-पल बदलते रंग के बारे में ग्रह-नक्षत्रों के आधार पर सटीक परिणाम बताता है। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों के किसान आज भी पशु-पक्षी, कीट-पतंगों और खास प्रकार के पेड़-पौधों का व्यवहार देखकर बारिश का अनुमान लगाते हैं।
    *ज्योति शास्त्र में बारिश का अंदाजा लगाने के रोचक तरीकों*
    *अच्छी वर्षा का संकेत*
    आकाश में सारस का झुंड यदि गोलाकार परावलय बनाकर उड़ता दिखे, तो यह शीघ्र वर्षा का संकेत माना जाता है। भारतीय किसान इन्हें देखकर अपने खेतों मे बीज बोने की तैयारियों में लग जाते हैं।
    पेड़ों पर दीमक तेजी से घर बनाने लगें तो इसे अच्छी वर्षा का संकेत माना जाता है।
    मोरों का नाचना, मेंढक का टर्राना और उल्लू का चीखना तो पूरे भारत में वर्षा का संकेत माना ही जाता है।
    बारिश के मामले में चींटी की गतिविधि देखकर सबसे पहले अंदाजा लगाया जा सकता है। अगर चींटियां भारी मात्रा में अपने समूह के साथ अंडे लेकर घर बदलती दिखाई दें, तो माना जाता है कि बारिश का मौसम अब शुरू होने ही वाला है।
    अगर नीम का पेड़ फूलों से भर जाए, तो इसे बहुत अच्छी बारिश का संकेत माना जाता है।
    *इस साल मॉनसून सामान्य रहेगा, 100% बारिश होगी*
    मौसम विभाग मुताबिक इस साल मॉनसून सामान्य रहेगा। बारिश का दीर्घावधि औसत 100% रहेगा।
    इस बार वर्षा ऋतु की शुरूआत 22 जून से होने का अनुमान  है।

    रायपुर: रमज़ान शरीफ के पवित्र महीने में ईद की खरीदारी करने की बजाय गरीबों को इमदाद सदका-जकात की रकम मदद करने के लिए छत्तीसगढ़ में ज़कात फाउंडेशन ने प्रदेश के मुस्लिम भाई बहनों से अपील की.

    राज शेखर नायर

    रायपुर शौर्पपथ।

    भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विक्रम उसेण्डी ने प्रवासी मजदूरों की वापसी के लिए श्रमिक स्पेशल ट्रेनों को अनुमति नहीं देने के लिए प्रदेश सरकार की आलोचना की है।
    विक्रम उसेण्डी ने कहा कि प्रवासी मजदूरों के प्रति प्रदेश सरकार की यह दुर्भावना हैरत भरी है क्योंकि इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कुछ दिनों पहले तक न केवल राजनीति की अपितु श्रमिकों की निःशुल्क वापसी के नाम पर केन्द्र सरकार के साथ सौदेबाजी जैसा कृत्य भी किया था।

     

    दुर्ग / शौर्यपथ / कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम और नियंत्रण के लिए जारी लाक डाउन में छूट देने के बाद अनेक शहरों से प्रवासी मजदूर अपने गांव और घर वापस आ  रहे हैं  । ऐसे प्रवासी मजदूर हैदराबाद मुंबई नागपुर आदि जगहों से नगर निगम दुर्ग सीमा से होकर अंजोरा बायपास से वे अपने गंतव्य की ओर जा रहे हैं लाकडाउन के दौरान उन प्रवासी मजदूरों को शासन एवं जिला प्रशासन के निर्देशानुसार वाहन की व्यवस्था और खाने पीने की सुविधा नगर पालिक निगम दुर्ग द्वारा सुविधा प्रदान की जा रही है ।   
           निगम आयुक्त इंद्रजीत बर्मन के निर्देशानुसार प्रवासी मजदूरों के लिए पुलगांव में टेंट लगवा कर उनके लिए पीने का पानी और खाने के लिए चना मुर्रा का पैकेट की व्यवस्था कराई गई थी क्योंकि बाहर से आने वाले प्रवासी मजदूर दुर्ग जिले के बाहर के भी हैं जो अंजोरा बायपास से होकर जा रहे हैं रोज 1000--1200 मजदूर यहां से गुजर रहे हैं । जिसे देखते हुए पुलगांव से टेंट हटाकर अंजोरा बायपास में टेंट लगवाया गया है यहां पर बैठने के लिए 50 कुर्सी और निगम कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है इसके साथ ही आज 1332 मजदूरों के लिए खाने हेतु चना मुर्रा का पैकेट तैयार कर भिजवाया गया ।   

       रायपुर  / रायपुर / लाँकडाउन के चलते छत्तीसगढ़ में फंसे पश्चिम बंगाल के लगभग 250 लोगों की सकुशल घर वापसी कराई गई।प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष गिरीश देवांगन प्रभारी संगठन महामंत्री चंद्रशेखर शुक्ला शहर अध्यक्ष गिरीश दुबे अरूण भद्रा इम्तियाज हैदर सहित वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति में 3 बसो को रायपुर से पश्चिम बंगाल के लिए रवाना किया गया। राजधानी रायपुर के आश्रय स्थल में अब तक मजदूर एवं यात्री रुके हुए थे। बंगाली समाज द्वारा भी इन लोगों की म दद की जा रही थी। इनके भोजन की व्यवस्था शहर जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा कराई गई।छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी एवं पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के समन्वय से इन मजदूरों एवं यात्रियों को भेजा गया। पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के 100 लोग मुशिदाबाद जिला के 50 लोग मेदिनीपुर 50 लोग कोलकाता के  50 लोग शामिल थे।जिन बसों से इन मजदूरों को भेजा गया वापसी में उन्हीं बसों से छत्तीसगढ़ के लोगों को लाया जाएगा।

       दुर्ग ( जामुल )/ शौर्यपथ / जामुल नगर पालिका अध्यक्ष सरोजनी चन्द्राकर ने अपने जारी बयान में बताया कि वार्ड 05 के पार्षद सिर्फ विरोध की राजनीति एवं अपने निष्क्रियता को छुपाने अनर्गल प्रलाप कर रहें है। जिस तालाब में वाहन धोने की बात कर रहें है। उस तालाब में तो मोटर साइकिल तक उतारने का जगह नहीं है। तो भारी वाहन कैसे जा सकता है। जिस तालाब का वो सौंदर्यीकरण की बात कर रहें हैं वह कितने वर्ष पूर्व हुआ था, इसकी विधिवत जानकारी ले ले।
    गौरतलब हो कि उक्त तालाब नगर पंचायत गठन सन 2000 के पश्चात सौंदर्यीकरण हुआ है। तो उसकी गुणवत्ता के लिए तत्कालीन जनप्रतिनिधि ही होंगे मेरे कार्यकाल में ऐसा कोई कार्य नहीं हुआ है। जिससे किसी की उपेक्षा हो। पहले जब राम मंदिर तालाब में पानी भरा जाता था, तो अब क्या हुआ? उक्त पार्षद में इतना भी काबिलियत नहीं है कि उसमें पानी भरवा सके। यह स्वाभाविक प्रक्रिया है कि ग्रीष्म ऋतु में भूमिगत जल स्रोत नीचे चला जाता है। नलों में प्रेशर कम होता है। लेकिन अन्य माध्यम जैसे टैंकर से जलापूर्ति करके आम जनता को पेयजल उपलब्ध कराया जाता है। लगता है पार्षद दीपक गुप्ता को सपना आया है कि आधा गर्मी निकल जाने के बाद जल संकट नजर आ रहा है। हमारे नगर के तालाबों में पर्याप्त जल संग्रहण हो चुका है और हमारे जामुल के जागरूक जनता के सहयोग से सभी को निस्तारी एवं पेयजल हेतु पर्याप्त पानी मिल रहा है और किसी को किसी प्रकार की मूलभूत समस्या नहीं है। रही बात दैनिक कार्यो की तो वह रूटीन कार्य है। जो हमेशा चलता रहेगा। हमारी प्राथमिकता सभी आम जनता को सुविधा प्रदान करना है।

     दुर्ग / शौर्यपथ / भिलाई इस्पात संयंत्र के नगर सेवाएँ विभाग के अन्तर्गत संचालित जनस्वास्थ्य विभाग के समर्पित टीम ने डेंगु और कोरोना संक्रमण के रोकथाम और नियंत्रण के लिए संयंत्र के भीतर विभिन्न विभागों एवं टाउनशिप के विभिन्न सेक्टरों में सैनिटाइजेशनएफोगिंग तथा कीटनाशक दवाओं का निरंतर छि?कावए मलेरिया आयल का स्प्रे तथा टेमिफोस दवा का वितरण किया जा रहा है।विगत वर्षों की तरह इस वर्ष भी जनस्वास्थ्य विभाग ने डेंगु के रोकथाम हेतु अभियान का आगाज किया है।  नगर सेवाएँ विभाग के मुख्य महाप्रबंधक पी के घोष के नेतृत्व में सम्पूर्ण अभियान प्रारंभ किया गया है।
    डेंगु से बचाव हेतु टेमिफोस का वितरण
          बीएसपी के जनस्वास्थ्य विभाग ने कोरोना के साथ.साथ अब डेंगु के खिलाफ भी  जंग छेड़ दिया है द्य डेंगू नियंत्रण और रोकथाम के लिए हॉस्पिटल सेक्टर में फोगिंग किया जा रहा हैद्य दिन में रुआबाँधा सेक्टर्स में जाम पानी में मलेरिया आयल डाला गया द्य डेंगू नियंत्रण और रोकथाम के लिए आज   सेक्टर.1 में थर्मल फोगिंग व कोल्ड फोगिंग किया जा रहा है। आज टाउनशिप के सेक्टर.1 से लेकर सेक्टर 10 तक एवं रिसाली, रुआबाँधा, मरोदा व हॉस्पिटल सेक्टर में टेमिफोस दवा का वितरण शुरू कर दिया गया है। अब तक करीब 2000 घरों में टेमिफोस वितरित किया जा चुका है।  घर घर टेमिफोस दवा के वितरण हेतु विशेष अभियान चलाया जा रहा है। 30 मई तक टाउनशिप के सभी पच्चीस हजार आवास, बाजार व अवैध बस्तियों, झुग्गियों में टेमिफोस दवा का वितरण का कार्य को पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। मच्छर नहीं पनपने के लिए बैक.लाईन में दवा का छिड़काव किया जा रहा है।
     डेंगु व कोरोना के प्रति किया जागरूक
           संयंत्र के पीएचडी विभाग ने नागरिकों से अपील किया है कि टेमिफोस दवा का घोल जो उन्हें दिया जा रहा है प्रत्येक चार दिनों में एक दक्कन टेमिफोस दवा कूलर में डाल दे ताकि लार्वा नहीं पनपे।प्रति सप्ताह कूलर्स के पानी की सफाई करेंद्य साथ ही जनसामान्य को जागरूक करने हेतु पैम्फलेट वितरित किया जा रहा है। आज जनस्वास्थ्य विभाग के समर्पित अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा डेंगु और कोरोना संक्रमण के रोकथाम और नियंत्रण के लिए संयंत्र के भीतर विभिन्न विभागों एवं टाउनशिप के विभिन्न सेक्टरों में सैनिटाइजेशनएफोगिंग तथा कीटनाशक दवाओं का निरंतर छि?कावए टेमिफोस दवा का वितरण किया जा रहा है।
     कोविड.19 के रोकथाम हेतु सेनीटाइजेशन
          पीएचडी विभाग द्वारा डेंगु नियंत्रण और रोकथाम के साथ साथ संयंत्र के भीतर कोविड.19 के रोकथाम का हर संभव प्रयास कर रहा है। कोरोना संक्रमण के रोकथाम और नियंत्रण के साथ.साथ संयंत्र के विभागों में प्रचालन कार्य सुचारू गति से संचालित होएइसके मद्देनजर संयंत्र के स्टील मेल्टिंग शाप.2 एवं3एरेल एवं स्ट्रक्चरल मिल, एयुआरएम, ब्लास्ट फर्नेस.1 ओर 6 व 8, वायर राड मिल,सिंटर संयंत्र.,पावर एवं ब्लोइंग स्टेशन,कोक ओवंस एवं अन्य विभागों में सेनीटाइजेशन किया गया। इस कार्य को उप महाप्रबंधक पीएचडी, के के यादव के देखरेख में पीएचडी की यह टीम निरंतर काम कर रही है। जनस्वास्थ्य विभाग द्वारा इस कार्य में स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जा रहा है द्य
     समर्पित टीम के सदस्य हैं
          शहर को डेंगु और कोरोना से बचाने में योगदान दे रहे इस टीम के समर्पित सदस्य है उप महाप्रबंधक पीएचडी के के यादव, वरिष्ठ प्रबंधक जनस्वास्थ्य विभाग बी के दास, प्रबंधक द्वय व्ही के भोंडेकर,श्री ए के बंजारे, सहित सर्व  डी के मिश्रा,रत्नाकर दलई,नागराजू, एस एस सिन्हा शरद दीप,सिम्मैयाए,गणेश, जगन्नाथ, अंकुश देवांगन आदि। आज जनस्वास्थ्य विभाग के समर्पित कार्मिकों द्वारा डेंगु एवं कोरोना संक्रमण के रोकथाम और नियंत्रण के लिए निरंतर समग्र प्रयास किया जा रहा है।संयत्र प्रबन्धन द्वारा डेंगु और कोरोना से बचाव  हेतु संयत्र द्वारा किये जा रहे प्रयासों में सहयोग करने की अपील की है .
           दुर्ग / शौर्यपथ / भीषम गर्मी में दुर्ग निगम क्षेत्र में निरंतर जलस्तर कम होते जा रहा है। वहीं दूसरी तरफ तालाब के आस-पास रहने वाले जनता के समक्ष निस्तारी की समस्या बढ़ती जा रही थी। कोरोना वायरस के लॉकडाउन के चलते अमृत मिशन के कार्य विलंब होने से अभी भी शहर टैंकर मुक्त नहीं हो पाया है। तालाबों की सूखने की शिकायत निरंतर मिल रही है। निगम क्षेत्रांतर्गत 24 तालाबों व ठगड़ाबांध का जल स्तर कम होने से शहर की आधी आबादी के सामने निस्तारी की समस्या व बोर सूखने लगे थे।
          सिंचाई विभाग से विधायक अरुण वोरा व महापौर धीरज बाकलीवाल ने संपर्क कर तांदुला जलाशय से पानी छोडऩे के साथ-साथ नहरों की मॉनिटरिंग कर साफ-सफाई व मरम्मत कार्य पर ध्यान देने कहा था। अब तालाबों व 70 साल पुराने ठगड़ाबांध में तेजी से पानी पहुंचना प्रारंभ हो गया है। विधायक वोरा ने सिंचाई विभाग व निगम अधिकारियों से कहा कि शहर के सभी तालाबों को भरे व निस्तारी के लिए तालाबों में आस-पास से मिलने वाले नालियों का गंदा पानी सिवरेज के माध्यम से तालाबों में ना पहुंचे इसकी सतकर्ता बरते। महापौर बाकलीवाल ने कहा कि जनता को पानी के लिए भटकना ना पड़े, जिन क्षेत्रों में पाइप लाइन का कार्य पूर्ण हो गया है वहां अविलंब घर- घर पेयजल हेतु कनेक्शन देने का कार्य जल्द पूर्ण करें।

    हमारा शौर्य

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