September 21, 2026
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    शौर्यपथ

    शौर्यपथ

    राष्ट्रीय संकल्प समारोह में युवाओं ने लिया नशे से दूर रहने का संकल्प; जागरूकता, स्वस्थ जीवनशैली और सकारात्मक भागीदारी का दिया संदेश

    नई दिल्ली, । ‘विकसित भारत के लिए नशा मुक्त युवा–100 सप्ताह नशा मुक्त युवा अभियान’ के तहत आयोजित राष्ट्रीय संकल्प समारोह में देशभर के युवाओं और नागरिकों ने नशामुक्त भारत के निर्माण का सामूहिक संकल्प लिया। देश के 1,000 से अधिक स्थानों पर आयोजित कार्यक्रमों में 4 लाख से अधिक युवाओं और नागरिकों ने भाग लेकर नशे के खिलाफ जनजागरूकता का संदेश दिया।

    देशव्यापी इस जनभागीदारी में युवाओं के साथ विभिन्न साझेदार संगठन और समुदाय भी जुड़े। कार्यक्रम का आयोजन 460 MY Bharat जिलों, MY Bharat के साझेदार संगठनों के 240 स्थानों तथा आध्यात्मिक संगठनों, उद्योग संघों और विश्वविद्यालय संघों द्वारा 300 से अधिक स्थानों पर किया गया।

    राष्ट्रीय संकल्प समारोह में प्रतिभागियों ने नशा-मुक्ति की शपथ लेने और हस्ताक्षर अभियान में भाग लिया। इसके अलावा युवाओं के नेतृत्व में संवाद, जागरूकता गतिविधियां और स्थानीय स्तर पर विभिन्न रचनात्मक कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन गतिविधियों का उद्देश्य युवाओं तक नशामुक्त और स्वस्थ जीवनशैली का संदेश प्रभावी ढंग से पहुंचाना रहा।

    अभियान के माध्यम से जागरूकता, रोकथाम, स्वास्थ्य, फिटनेस और जीवन कौशल को युवाओं की दिनचर्या का हिस्सा बनाने पर जोर दिया जा रहा है। इसके शुरुआती चरण में तीन प्रमुख विषयों—‘मेरा स्वास्थ्य, मेरा गौरव’, ‘फिट युवा, नशा मुक्त युवा’ और ‘जीवन कौशल माह’—के जरिए समुदाय आधारित और युवा-केंद्रित गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा।

    यह देशव्यापी कार्यक्रम 18 सितंबर को हुई जनभागीदारी के बाद आयोजित किया गया। दो दिनों की इन गतिविधियों में शपथ, हस्ताक्षर, संवाद और सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से युवाओं और नागरिकों को नशे के खिलाफ एकजुट किया गया।

    राष्ट्रीय संकल्प समारोह ने यह संदेश दिया कि नशामुक्त समाज का निर्माण केवल किसी एक संस्था की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि युवाओं, संस्थानों और समुदायों की निरंतर जागरूकता एवं सक्रिय भागीदारी से संभव होने वाला सामूहिक प्रयास है।

    युवा मामले और खेल मंत्रालय के अनुसार, ‘100 सप्ताह नशा मुक्त युवा अभियान’ के अंतर्गत युवाओं की भागीदारी को आगे भी लगातार बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि युवा सकारात्मक गतिविधियों से जुड़ें और नशे से दूर स्वस्थ एवं सक्रिय जीवनशैली को अपनाने के लिए प्रेरित हों।

    अहिवारा, मुंगेली और कांकेर में 7.29 करोड़ रुपये की लागत से विकसित होंगे उद्यान,8,732 पौधे लगाए जाएंगे

    रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ के नगरीय क्षेत्रों को स्वच्छ, सुंदर और हरित बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मिशन अमृत 2.0 के तहत अहिवारा, मुंगेली और कांकेर नगर पालिका क्षेत्रों में आधुनिक एवं सुविधायुक्त उद्यान विकसित किए जाएंगे। तीनों परियोजनाओं के लिए कुल 7 करोड़ 29 लाख 24 हजार रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इन उद्यानों में कुल 8,732 पौधों का रोपण किया जाएगा।

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन और उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव के निर्देशन में स्वीकृत इन परियोजनाओं का उद्देश्य शहरों में हरित क्षेत्र बढ़ाने के साथ नागरिकों को स्वस्थ, मनोरंजक और सुविधायुक्त सार्वजनिक स्थल उपलब्ध कराना है। उद्यानों में बच्चों से लेकर युवाओं, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों तक सभी आयु वर्ग की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

    बच्चों से बुजुर्गों तक सभी के लिए सुविधाएं

    प्रस्तावित उद्यानों में बच्चों के लिए प्ले-एरिया और खेल उपकरण, युवाओं एवं नागरिकों के लिए ओपन जिम, पैदल भ्रमण के लिए पाथवे, बैठने एवं विश्राम के लिए स्थान, गज़ेबो, टॉयलेट ब्लॉक तथा पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था विकसित की जाएगी। पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए वर्षा जल संचयन की व्यवस्था भी की जाएगी। कुछ स्थानों पर सोलर लाइट की सुविधा भी प्रस्तावित है।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि तेजी से विकसित हो रहे शहरों में अधोसंरचना के विस्तार के साथ पर्यावरण और नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता का ध्यान रखना जरूरी है। इन उद्यानों को केवल हरित क्षेत्र के रूप में नहीं, बल्कि नागरिकों के लिए उपयोगी सार्वजनिक स्थलों के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां लोग सुबह-शाम टहलने, व्यायाम करने, बच्चों को खेलने और परिवार के साथ समय बिताने का लाभ उठा सकेंगे।

    मुंगेली में सबसे बड़ा उद्यान

    मुंगेली में 3.52 करोड़ रुपये की लागत से पेंड्राकांपा स्थित महाराणा प्रताप वार्ड में 3.08 एकड़ क्षेत्र में उद्यान विकसित किया जाएगा। तीनों परियोजनाओं में क्षेत्रफल की दृष्टि से यह सबसे बड़ा उद्यान होगा। यहां करीब 4,453 पौधे लगाए जाएंगे।

    परिसर में बच्चों के लिए प्ले-एरिया, खेल उपकरण, ओपन जिम, बैठने की सुविधा और पैदल भ्रमण के लिए पाथवे तैयार किया जाएगा। इसके अलावा टॉयलेट ब्लॉक, गज़ेबो, प्रकाश व्यवस्था और रेन वाटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर भी विकसित किया जाएगा।

    अहिवारा में 2.07 करोड़ से होगा विकास

    अहिवारा नगर पालिका के वार्ड क्रमांक-1 स्थित शीतला मंदिर क्षेत्र में 0.52 एकड़ भूमि पर आधुनिक उद्यान विकसित किया जाएगा। इसके लिए 2 करोड़ 7 लाख 48 हजार रुपये स्वीकृत किए गए हैं। उद्यान परिसर में करीब 2,115 पौधे लगाए जाएंगे।

    यहां बच्चों के लिए खेल क्षेत्र, नागरिकों के लिए ओपन जिम, बैठने एवं विश्राम स्थल, पाथवे, सोलर लाइट, टॉयलेट ब्लॉक और गज़ेबो जैसी सुविधाएं विकसित होंगी। जल संरक्षण के लिए वर्षा जल संचयन की व्यवस्था भी की जाएगी।

    कांकेर में 1.69 करोड़ की लागत से बनेगा उद्यान

    कांकेर नगर पालिका के वार्ड क्रमांक-9 स्थित श्रीराम नगर में 0.72 एकड़ भूमि पर उद्यान विकसित किया जाएगा। इसके लिए 1 करोड़ 69 लाख 44 हजार रुपये की स्वीकृति मिली है। यहां करीब 2,164 पौधों का रोपण किया जाएगा।

    उद्यान में बच्चों के लिए प्ले-इक्विपमेंट, नागरिकों के लिए ओपन जिम, पाथवे और बैठने एवं विश्राम की सुविधा उपलब्ध होगी। इसके साथ सोलर लाइट, टॉयलेट ब्लॉक, गज़ेबो तथा रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम भी विकसित किया जाएगा।

    एक साल में निर्माण, पांच साल तक रख-रखाव

    इन सभी उद्यानों का निर्माण कार्य एक वर्ष के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। निर्माण के बाद पांच वर्षों तक उद्यानों का संचालन एवं संधारण चयनित एजेंसी द्वारा किया जाएगा। इससे पौधों, हरियाली, खेल उपकरणों और अन्य नागरिक सुविधाओं का नियमित रख-रखाव सुनिश्चित करने की व्यवस्था रहेगी।

    उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि नगरीय विकास केवल सड़कों और भवनों तक सीमित न रहे, बल्कि शहरों में ऐसे सार्वजनिक स्थल भी विकसित हों जहां नागरिकों को स्वच्छ वातावरण के साथ स्वास्थ्य, मनोरंजन और विश्राम की सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से तीनों शहरों में हरित क्षेत्र बढऩे के साथ नागरिक सुविधाओं का भी विस्तार होगा।

    नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने अधिकारियों को निर्माण कार्य निर्धारित मापदंडों के अनुरूप गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए हैं। मिशन अमृत 2.0 के तहत विकसित होने वाले ये उद्यान आने वाले समय में स्थानीय नागरिकों के लिए बेहतर हरित एवं सार्वजनिक स्थलों के रूप में उपयोगी होंगे।

    डिजिटल सुशासन की दिशा में पहल: ऑनलाइन आवेदन, ट्रैकिंग और प्रमाण पत्र से आसान हुई सेवा प्रक्रिया

    रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ शासन की 'सेवा सेतुÓ पहल के जरिए 900 से अधिक शासकीय सेवाएं एकीकृत डिजिटल मंच पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसका उद्देश्य नागरिकों को सरकारी कार्यालयों के बार-बार चक्कर लगाने से राहत दिलाते हुए सेवाएं सरल, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से घर अथवा नजदीकी सेवा केंद्र तक पहुंचाना है।

    सेवा सेतु के माध्यम से आय, जाति एवं निवास प्रमाण पत्र, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, विवाह पंजीयन, भू-अभिलेख एवं राजस्व सेवाएं, नाम संशोधन, सामाजिक सुरक्षा और श्रम विभाग से जुड़ी अनेक सेवाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है। नागरिक आवेदन की स्थिति भी डिजिटल माध्यम से देख सकते हैं। डिजिटल प्रमाण पत्रों में क्यूआर आधारित सत्यापन, एसएमएस और व्हाट्सऐप अलर्ट जैसी सुविधाएं प्रक्रिया को अधिक सुविधाजनक बना रही हैं।

    दस्तावेज की छोटी गलती, सेवा सेतु ने आसान किया समाधान

    अम्बिकापुर निवासी डॉली गंधर का मामला सेवा सेतु की उपयोगिता का उदाहरण है। आधार कार्ड में नाम संबंधी त्रुटि के कारण उन्हें बैंक खाता खुलवाने में परेशानी हो रही थी, जिससे छात्रवृत्ति की प्रक्रिया भी प्रभावित थी। उन्होंने सेवा सेतु केंद्र के माध्यम से आवेदन किया और आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद दस्तावेज संबंधी समस्या का निराकरण हुआ। इसके बाद बैंक खाता और छात्रवृत्ति से जुड़ी प्रक्रिया आगे बढ़ाने में उन्हें सुविधा हुई।

    गांवों तक पहुंच रही डिजिटल सुविधा

    सेवा सेतु का विस्तार ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों तक किया जा रहा है। ग्राम पंचायत स्तर पर विवाह प्रमाण पत्र, भवन अनुज्ञा, स्ट्रीट लाइट, साफ-सफाई और नाम परिवर्तन जैसी सेवाओं को ऑनलाइन उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा रहा है। पंचायत सचिवों, सेवा सेतु केंद्र संचालकों और संबंधित कर्मचारियों को प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।

    इस व्यवस्था से ग्रामीण नागरिकों को छोटी-छोटी सेवाओं के लिए जिला या तहसील मुख्यालय जाने की जरूरत कम होगी। ऑनलाइन आवेदन और ट्रैकिंग से समय, श्रम और आने-जाने के खर्च की बचत के साथ सेवा वितरण में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।

    2003 के ष्ट॥ह्रढ्ढष्टश्व से सेवा सेतु तक डिजिटल सफर

    छत्तीसगढ़ में नागरिक सेवाओं के डिजिटलीकरण की शुरुआत 2003 में ष्ट॥ह्रढ्ढष्टश्व के माध्यम से हुई थी, जबकि 2015 में ई-डिस्ट्रिक्ट के विस्तार के साथ यह प्रक्रिया आगे बढ़ी। सेवा सेतु विभिन्न विभागों की सेवाओं को एक मंच पर लाने की दिशा में इसी डिजिटल यात्रा का अगला चरण है।

    900 से अधिक सेवाओं का एक मंच पर उपलब्ध होना, ऑनलाइन आवेदन व ट्रैकिंग, डिजिटल प्रमाण पत्र और गांवों तक सेवाओं का विस्तार नागरिक-केंद्रित प्रशासन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है। इसका मूल उद्देश्य यही है कि नागरिक को सेवा लेने के लिए शासन तक जाने की आवश्यकता कम हो और शासकीय सेवाएं तकनीक के माध्यम से उसके और करीब पहुंचें।

    नई दिल्ली / पीआईबी / एशियाई खेल 2026 में महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में रजत पदक जीतने पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोनम उत्तम मस्कर, एलावेनिल वलारिवन और विदरसा के विनोद को बधाई दी। प्रधानमंत्री ने खिलाडिय़ों के शानदार प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि उनकी सफलता आने वाले समय में देश के कई एथलीटों को प्रेरित करेगी।
    प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट कर खिलाडिय़ों को बधाई दी। उन्होंने लिखा, "कड़ी मेहनत और टीम वर्क से ही शानदार परिणाम मिलते हैं!"
    उन्होंने आगे कहा, "सोनम उत्तम मस्कर, एलावेनिल वलारिवन और विदरसा के विनोद पर गर्व है, जिन्होंने एशियाई खेल 2026 में महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में रजत पदक जीता।"
    प्रधानमंत्री ने खिलाडिय़ों की उपलब्धि को प्रेरणादायी बताते हुए कहा कि उनकी सफलता आने वाले समय में कई एथलीटों को प्रेरित करेगी।

    भारतीय निशानेबाजों की इस उपलब्धि से खेल जगत में खुशी का माहौल है। महिला 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में रजत पदक ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारतीय निशानेबाजी की मौजूदगी को एक बार फिर रेखांकित किया है।

       दुर्ग / शौर्यपथ / प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष- सेवा, सुशासन, समर्पण और जनकल्याण के प्रति प्रतिबद्धता के रूप में उल्लेखित किए जाते हैं। प्रधानमंत्री की मंशानुरूप समाज के हर वर्ग के विकास और कल्याण के प्रयासों की इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में आम नागरिकों को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने का कार्य किया जा रहा है। इसी सेवा संकल्प के तहत संचालित Óप्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजनाÓ से दुर्ग जिले के ग्राम धनोरा निवासी वरुणी साहू के जीवन में भी बड़ा बदलाव आया है।
    दुर्ग जिले के ग्राम धनोरा में रहने वाली वरुणी साहू एक आम गृहिणी हैं। उनका परिवार काफी बड़ा है, और बड़े परिवार के साथ बिजली का बिल भी बड़ा ही आता था। वरुणी जी बताती हैं कि हर महीने आने वाला भारी-भरकम बिजली का बिल उनके घर के बजट पर एक बड़ा बोझ था। उनकी चिंता जायज थी, आखिर इतनी बिजली की खपत का खर्च उठाना किसी के लिए भी आसान नहीं होता। वरुणी जी को Óप्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजनाÓ के बारे में पता चला। यह योजना उन जैसे लाखों परिवारों के लिए एक उम्मीद की किरण बनकर आई है, जो बिजली के बढ़ते खर्च से परेशान हैं। बिना देर किए, उन्होंने इस योजना के तहत अपने घर की छत पर रूफ टॉप सोलर पैनल लगवाने का फैसला किया। जनवरी 2025 में यह सपना साकार हुआ और उनके घर की छत पर सूरज की रोशनी को बिजली में बदलने वाले पैनल स्थापित हो गए।
    सोलर पैनल लगने के बाद वरुणी जी के घर का बिजली का बिल लगभग आधा हो गया है। पहले जहां उन्हें पूरी बिजली के लिए भुगतान करना पड़ता था, अब तस्वीर बदल चुकी है। उन्होंने बताया कि उनके यहाँ कुल 2662 यूनिट बिजली की खपत हुई, जबकि उनके सोलर पैनल से 1283 यूनिट बिजली का उत्पादन हुआ। जिससे अब उन्हें केवल शेष 1379 यूनिट बिजली का ही भुगतान करना पड़ता है। 2.5 लाख रुपये की लागत से लगे इस सोलर पैनल के लिए उन्हें सरकार से 78 हजार रुपये की सब्सिडी भी मिली है, जिससे यह निवेश उनके लिए और भी आसान हो गया। वरुणी साहू कहती हैं, ÓÓयह मेरे लिए सिर्फ पैसों की बचत नहीं, बल्कि एक नई आजादी है। प्रधानमंत्री जी के 25 वर्षों के सेवा, सुशासन और समर्पण का ही नतीजा है कि आज हम जैसे साधारण परिवार भी सौर ऊर्जा से जुड़कर आत्मनिर्भर बन रहे हैं।ÓÓ Óप्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजनाÓ सिर्फ बिजली का बिल कम करने की योजना नहीं है, यह परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने और पर्यावरण को बचाने की दिशा में उठाया गया एक बड़ा कदम है। वरुणी जी प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री जी का आभार व्यक्त करते हुए कहती हैं कि इस योजना ने उनके जीवन में सचमुच रोशनी भर दी है।

    15 अक्टूबर तक राष्ट्रीय राजमार्गों सहित सभी क्षतिग्रस्त सड़कों-पुलों की मरम्मत के निर्देश, नए काम युद्धस्तर पर शुरू करने कहा

    रायपुर / शौर्यपथ / बारिश के दौरान प्रदेश में सड़कों की खराब स्थिति को लेकर उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने नाराजगी जताई है। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्गों सहित सभी क्षतिग्रस्त सड़कों और पुलों की मरम्मत का काम 15 अक्टूबर तक पूरा करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही जिन नए निर्माण कार्यों की निविदा प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, उन्हें 15 अक्टूबर से युद्धस्तर पर शुरू करने को कहा है।

    नवा रायपुर स्थित लोक निर्माण विभाग के मुख्यालय 'निर्माण भवनÓ में आयोजित बैठक में उप मुख्यमंत्री ने प्रदेशभर में सड़कों, पुलों और अन्य निर्माण कार्यों की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में सभी परिक्षेत्रों के मुख्य अभियंता, मंडलों के अधीक्षण अभियंता और संभागों के कार्यपालन अभियंता शामिल हुए। संभागों के कार्यपालन अभियंता वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक से जुड़े।

    बारिश के बाद तत्काल शुरू हो मरम्मत

    उप मुख्यमंत्री साव ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बरसात समाप्त होते ही क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत के लिए पुख्ता कार्ययोजना तैयार कर काम तत्काल शुरू किया जाए। उन्होंने कहा कि मरम्मत एवं संधारण के लिए आवश्यकता के अनुसार सभी संभागों को पर्याप्त राशि उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए तत्काल निविदा प्रक्रिया पूरी कर एजेंसी तय करने के निर्देश भी दिए गए।

    उन्होंने सभी कार्यपालन अभियंताओं को अगले दो-तीन दिनों में अपने-अपने कार्यक्षेत्र का दौरा कर सड़कों और पुलों की वास्तविक स्थिति का जायजा लेने को कहा। अधिकारियों को सप्ताह में कम से कम दो-तीन दिन फील्ड में रहकर निर्माण एवं मरम्मत कार्यों की निगरानी करने के निर्देश दिए गए।

    सड़कों के साथ डिवाइडर और पुल भी होंगे दुरुस्त

    उप मुख्यमंत्री ने सड़कों और पुलों की मरम्मत के साथ-साथ डिवाइडरों की मरम्मत, साफ-सफाई और रंगाई-पुताई सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने परफॉर्मेन्स गारंटी अवधि वाली सड़कों में खराबी पाए जाने पर संबंधित ठेकेदारों के माध्यम से तत्काल मरम्मत एवं संधारण कराने के निर्देश दिए।

    उन्होंने कहा कि सड़कों की गुणवत्ता और रख-रखाव में किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और समयसीमा का विशेष ध्यान रखते हुए ऐसे कार्य किए जाएं, जिससे विभाग की सकारात्मक छवि मजबूत हो।

    15 अक्टूबर से नए कामों को मिलेगी रफ्तार

    बैठक में उप मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन निर्माण कार्यों की प्रशासकीय स्वीकृति मिल चुकी है और निविदा प्रक्रिया पूरी हो गई है, उन्हें 15 अक्टूबर से पूरी गति के साथ शुरू किया जाए। निर्माण कार्यों के दौरान आम लोगों और यात्रियों को कम से कम परेशानी हो, इसके लिए आवश्यक वैकल्पिक एवं डायवर्टेड मार्ग उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।

    उन्होंने सभी निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन, पर्याप्त साइनेज और यातायात प्रबंधन सुनिश्चित करने को कहा, ताकि निर्माण कार्य के दौरान दुर्घटनाओं और यातायात संबंधी परेशानी को कम किया जा सके।

    विभागीय कार्यालयों में भी चलेगा स्वच्छता अभियान

    उप मुख्यमंत्री साव ने सेवा संकल्प अभियान के तहत 'स्वच्छता ही सेवाÓ अभियान के अंतर्गत लोक निर्माण विभाग के सभी कार्यालयों में विशेष स्वच्छता अभियान संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कार्यालय परिसरों को गंदगी, कबाड़ और कूड़े-करकट से मुक्त रखने तथा भवनों के बेहतर रख-रखाव पर जोर दिया।

    बैठक में लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार बंसल, प्रमुख अभियंता वी.के. भतपहरी, अपर सचिव एस.एन. श्रीवास्तव, छत्तीसगढ़ सड़क एवं अधोसंरचना विकास निगम के अतिरिक्त प्रबंध संचालक शशांक पाण्डेय सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं मुख्य अभियंता उपस्थित रहे।

    सेवा संकल्प अभियान में जल संरक्षण और जनभागीदारी का संदेश, 6,991 समूहों की 78,501 दीदियों के घर भी रोशन

    दुर्ग / शौर्यपथ / सेवा संकल्प अभियान के तहत जिले में जल संरक्षण, महिला सशक्तिकरण और जनभागीदारी का संदेश देते हुए 126 अमृत सरोवरों में 'आशीर्वाद का दीयाÓ जलाया गया। दुर्ग के 38, धमधा के 50 और पाटन के 38 अमृत सरोवरों में ग्रामीणों ने दीप प्रज्ज्वलित कर जलस्रोतों के संरक्षण और इनके सतत उपयोग का संकल्प लिया।

    अमृत सरोवरों के किनारे आयोजित कार्यक्रमों में ग्रामीणों ने दीप जलाकर जल परिसंपत्तियों को स्वच्छ रखने, पानी के सदुपयोग और जल संरक्षण को जन-अभियान बनाने का संदेश दिया। इस पहल में 6,991 स्व-सहायता समूहों से जुड़ी 78,501 दीदियों के घरों में भी 'आशीर्वाद के दीयेÓ जलाए गए, जिससे अभियान को महिला सहभागिता और सामुदायिक भागीदारी से जोड़ा गया।

    थनौद में भी जला आशीर्वाद का दीया

    ग्राम पंचायत थनौद, जनपद पंचायत दुर्ग में निर्मित अमृत सरोवर के किनारे भी दीप प्रज्ज्वलित किया गया। सरपंच मोनका देशमुख, सचिव रेखा साहू और पंच धनराज देवांगन की मौजूदगी में ग्रामीणों ने जल संरक्षण एवं अमृत सरोवर के सतत रख-रखाव का संकल्प लिया।

    ग्रामीणों ने कहा कि अमृत सरोवर गांव की महत्वपूर्ण जल परिसंपत्ति है। इसके संरक्षण से जल उपलब्धता बढ़ाने के साथ खेती और ग्रामीण आजीविका को भी सहारा मिलता है। दीप प्रज्ज्वलन के माध्यम से ग्रामीणों ने जलस्रोतों को स्वच्छ रखने और पानी के विवेकपूर्ण उपयोग का संदेश दिया।

    कार्यक्रम में उत्तम देवांगन, बैशखू देवांगन, श्यायलू देशमुख, पार्वती सिन्हा, चंदीका सिन्हा, लीला यादव, कुलेश्वरी ढीमर, टेकसिंग साहू, शकुन देशमुख, उषा साहू, मैना साहू, सुनीता साहू, कमलेश्वरी एवं गणेश राम देशमुख सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने सहभागिता की।

    अमृत सरोवरों में एक साथ दीप प्रज्ज्वलन के माध्यम से सेवा संकल्प अभियान ने जल संरक्षण को केवल सरकारी योजना तक सीमित न रखते हुए सामुदायिक जिम्मेदारी और जनभागीदारी से जोडऩे का संदेश दिया।

    'मेरे सपनों का भारतÓ थीम पर विद्यार्थियों ने दिखाई प्रतिभा, विजेताओं को मिले प्रमाण पत्र

    जीपीएम / शौर्यपथ / सेवा संकल्प अभियान के तहत गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के विभिन्न संकुलों में चित्रकला, रंगोली एवं भाषण प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। 'मेरे सपनों का भारत-चित्र सेवाÓ थीम पर आयोजित प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर अपनी रचनात्मक प्रतिभा और राष्ट्र निर्माण से जुड़े विचारों को अभिव्यक्त किया।

    शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नेवसा, गौरेला में आयोजित संकुल स्तरीय प्रतियोगिता में विभिन्न विद्यालयों के चयनित विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। पूर्व माध्यमिक एवं माध्यमिक स्तर की भाषण प्रतियोगिता में करण प्रथम, देवानंद द्वितीय और रीता तृतीय रहे। चित्रकला में पार्वती प्रथम, नेहा सारीवान द्वितीय और वीरेंद्र तृतीय स्थान पर रहे।

    हायर सेकेंडरी स्तर की भाषण प्रतियोगिता में साक्षी यादव प्रथम, आयुषी विश्वकर्मा द्वितीय और शिवानी तृतीय रहीं। चित्रकला में विकास कुमार प्रथम, अमित धुर्वे द्वितीय और पुष्पा परस्ते तृतीय रहीं। विजेता विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।

    कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला पंचायत सदस्य पवन पैकरा ने विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों की प्रतिभा निखारने के साथ उनमें सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्र सेवा की भावना को मजबूत करते हैं।

    सरकारी पारा स्कूल में हुआ न्योता भोज

    सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत हायर सेकेंडरी स्कूल सरकारी पारा, पेंड्रा में प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के तहत न्योता भोज का आयोजन भी किया गया। इसमें जिला पंचायत उपाध्यक्ष राजा उपेंद्र बहादुर सिंह सहित जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक शामिल हुए। कार्यक्रम ने विद्यार्थियों के साथ सामुदायिक सहभागिता और पोषण के महत्व को बढ़ावा दिया।

    जिले में आयोजित इन गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों की रचनात्मकता, सामाजिक जागरूकता और राष्ट्र निर्माण के प्रति सहभागिता को प्रोत्साहित किया गया।

    चार दिन बाद भी गिरफ्तारी नहीं, पीड़ितों के आरोप और चौकी प्रभारी के बयान में फर्क; मजदूरों में डर, पुलिस की कार्रवाई पर उठे सवाल

    दुर्ग ग्रामीण। अंजोरा चौकी क्षेत्र के महमरा में करीब चार दिन पहले हुई चाकूबाजी और कथित लूट की घटना ने क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया है, लेकिन वारदात में शामिल बताए जा रहे आरोपी की गिरफ्तारी अब तक नहीं हो सकी है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है—आखिर आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर क्यों है?

    पीड़ित पक्ष का आरोप है कि वारदात के दौरान बंदूक की नोक पर चाकूबाजी और लूटपाट की गई। पीड़ितों के मुताबिक मोबाइल, नगदी और बाइक की चाबी ले जाने की बात भी सामने आई है। दूसरी ओर अंजोरा चौकी प्रभारी चंद्रशेखर सोनी का कहना है कि पीड़ितों को शायद भ्रम हुआ हो और घटना में बंदूक नहीं बल्कि उंगली की नोक जैसी स्थिति रही होगी। बंदूक थी या नहीं, यह जांच का विषय है, लेकिन घटना में चाकूबाजी और कथित लूट के आरोपों की जांच पुलिस के सामने अहम चुनौती है।

    अनुभवी प्रभारी, फिर गिरफ्तारी में देरी क्यों?

    अंजोरा चौकी की जिम्मेदारी फिलहाल चंद्रशेखर सोनी संभाल रहे हैं। पुलिस विभाग में लंबे अनुभव के साथ वे क्राइम ब्रांच में भी सेवाएं दे चुके हैं। ऐसे में गंभीर घटना के चार दिन बाद भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने से पुलिस की कार्रवाई की गति पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

    सवाल यह भी है कि यदि पुलिस के पास घटना से संबंधित पर्याप्त जानकारी और सुराग हैं, तो आरोपी तक पहुंचने में आखिर इतनी देरी क्यों हो रही है? क्या पुलिस की जांच किसी खास बिंदु पर अटकी हुई है, या आरोपी की तलाश के लिए अलग-अलग स्तर पर कार्रवाई चल रही है?

    क्राइम ब्रांच की भूमिका भी सवालों के घेरे में

    घटना की गंभीरता को देखते हुए क्राइम ब्रांच की भूमिका को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। यदि वारदात में हथियार के इस्तेमाल और लूट के आरोप सामने आए हैं, तो आरोपी की पहचान और गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कार्रवाई कितनी तेजी से आगे बढ़ रही है—इसका जवाब क्षेत्र के लोग जानना चाहते हैं।

    मजदूरों में डर, शाम ढलते ही सुरक्षा की चिंता

    महमरा और आसपास के क्षेत्र में बड़ी संख्या में ऐसे मजदूर और गरीब परिवार हैं, जो रोज सुबह काम की तलाश में घर से निकलते हैं और देर शाम वापस लौटते हैं। ऐसे में चाकूबाजी और कथित लूट की घटना की चर्चा ने उनके बीच सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

    लोगों का सवाल सीधा है—जब आम आदमी रोजी-रोटी के लिए सुबह घर से निकलता है और देर रात लौटता है, तो उसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी है?

    अब पुलिस से तीन सीधे सवाल

    पहला— घटना के चार दिन बाद भी आरोपी की गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई?

    दूसरा— पीड़ितों के बंदूक के आरोप और चौकी प्रभारी के “भ्रम” वाले बयान की पुलिस जांच किस निष्कर्ष तक पहुंची?

    तीसरा— चाकूबाजी और कथित लूट की इस घटना का पुलिस खुलासा आखिर कब करेगी?

    फिलहाल बंदूक थी या नहीं, यह जांच का विषय है, लेकिन चाकूबाजी और कथित लूट की घटना ने क्षेत्र में डर जरूर पैदा किया है। अब निगाहें पुलिस की अगली कार्रवाई पर हैं। आरोपी कब पकड़ा जाएगा और मामले का पूरा सच कब सामने आएगा—यह सवाल महमरा के लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।

    दुर्ग । शहर को स्वच्छ, सुंदर और प्लास्टिक मुक्त बनाने के उद्देश्य से नगर निगम आयुक्त लीना कोसम के निर्देश पर प्रतिबंधित प्लास्टिक के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी गई है। निगम प्रशासन द्वारा जनजागरूकता के साथ बाजार क्षेत्रों में प्रतिबंधित प्लास्टिक एवं डिस्पोजल के उपयोग, बिक्री और भंडारण की जांच की जा रही है।

    इसी क्रम में निगम के अतिक्रमण विभाग एवं बाजार विभाग की संयुक्त टीम ने इंदिरा मार्केट क्षेत्र में दुकानों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान पांच दुकानों में प्रतिबंधित प्लास्टिक पाए जाने पर संबंधित संचालकों के खिलाफ चालानी कार्रवाई की गई।

    कार्रवाई के दौरान जैन प्लास्टिक पर ₹1,200, गोयल डिस्पोजल पर ₹1,000, संजय प्लास्टिक पर ₹1,000, हरिराम प्लास्टिक पर ₹700 तथा पंकज ट्रेडर्स पर ₹1,000 का जुर्माना लगाया गया। इस तरह पांच दुकानदारों से कुल ₹4,900 की जुर्माना राशि वसूल की गई।

    निगम की टीम ने दुकानदारों को प्रतिबंधित प्लास्टिक का उपयोग, बिक्री और भंडारण नहीं करने की समझाइश दी। साथ ही चेतावनी दी गई कि दोबारा उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई और जुर्माना लगाया जाएगा।

    निगम प्रशासन ने व्यापारियों एवं दुकानदारों से प्रतिबंधित प्लास्टिक और डिस्पोजल का उपयोग नहीं करने तथा स्वच्छता नियमों का पालन करने की अपील की है। निगम के अनुसार बाजार क्षेत्रों में निरीक्षण और चालानी कार्रवाई का अभियान आगे भी जारी रहेगा।

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