January 22, 2026
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शौर्यपथ

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व्यंगात्मक लेख

दुर्ग। नगर पालिका निगम में इन दिनों विकास, स्वच्छता या जनसमस्याओं की नहीं, बल्कि "चाय पहले क्यों नहीं आई" जैसे गूढ़ प्रशासनिक मुद्दे की चर्चा जोरों पर है। बताया जा रहा है कि मात्र चाय समय पर न पहुँचने की ‘गंभीर चूक’ पर एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को निलंबन और ट्रांसफर की धमकी दे दी गई। कर्मचारी भले निलंबित न हुआ हो, पर उसकी कुर्सी ज़रूर खिसका दी गई—और यही साबित करता है कि चाय हल्की हो सकती है, पर सत्ता की चुस्की भारी होती है।

नगर निगम में यह कोई पहला मामला नहीं है। हाल ही में आयुक्त द्वारा अधीनस्थ कर्मचारियों से घरेलू कार्य कराए जाने का मामला जब अदालत की दहलीज़ तक पहुँचा, तब प्रदेश भर में बहस छिड़ी। अब उसी बहस की आँच में यह पुराना किस्सा फिर से उबल पड़ा है—इस बार चाय के उबाल के साथ।

व्यंग्य यह है कि पाँच साल के लिए चुने गए जनप्रतिनिधि यदि चाय के कप से ही प्रशासनिक ताकत का प्रदर्शन करने लगें, तो शहर की दशा-दिशा का अंदाज़ा लगाना कठिन नहीं। सवाल यह नहीं कि चाय पहले क्यों नहीं आई, सवाल यह है कि अहंकार पहले क्यों आ गया?

नैतिकता की किताब में शायद यह अध्याय नहीं मिलता कि किसी चपरासी को ‘मेरी चाय’ के नाम पर धमकाया जाए। पर निगम की अनकही पाठ्यक्रम में यह अध्याय पढ़ाया जा रहा है—जहाँ हँसी-मज़ाक में कहा जाता है, “काम कर दे, नहीं तो नौकरी से निकलवा दूँगा।” मज़ाक की आड़ में यह वाक्य, कर्मचारियों के लिए डर का स्थायी पोस्टर बन जाता है।

चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी वैसे ही सत्ता के गलियारों में सहमे रहते हैं। ऐसे में यदि जनप्रतिनिधि अपने कार्यकाल को चाय-ट्रांसफर मॉडल से चलाएँ, तो प्रशासनिक अनुशासन नहीं, तानाशाही की सुगंध आती है—भले ही कप में इलायची पड़ी हो।

जिस कर्मचारी का ट्रांसफर हुआ, उसने प्रतिरोध नहीं किया। चुपचाप नई जगह काम संभाल लिया। शायद इसलिए कि उसे मालूम था—यह शहर है, यहाँ चाय ठंडी हो सकती है, पर सत्ता का मिज़ाज नहीं।

आज जब निगम और कर्मचारी के बीच के मामले अदालत तक पहुँच चुके हैं, तब यह किस्सा फिर से हँसी-मज़ाक में उछाला जा रहा है। पर हँसी के पीछे जो कड़वाहट है, वह यह सवाल छोड़ जाती है—

अगर चाय के लिए धमकी है, तो शहर के लिए क्या?

व्यंग्य यहीं खत्म होता है, जवाब शहर को देना है।

अवैध परिवहन, भंडारण व मिलिंग पर शासन सख़्त, कई जिलों में बड़ी जब्ती

रायपुर / शौर्यपथ।
छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष एवं किसान-हितैषी बनाए रखने के उद्देश्य से राज्य शासन द्वारा अवैध धान परिवहन, भंडारण, विक्रय एवं मिलिंग अनियमितताओं के विरुद्ध राज्यव्यापी सघन अभियान चलाया जा रहा है। शासन के स्पष्ट निर्देशों के अनुरूप राजस्व, खाद्य, मंडी एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीमें अंतर्राज्यीय सीमाओं, धान खरीदी केंद्रों एवं राइस मिलों पर सतत निगरानी रखते हुए कठोर कार्रवाई कर रही हैं।

खाद्य सचिव श्रीमती रीना कंगाले ने कहा कि शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि धान उपार्जन का लाभ केवल वास्तविक किसानों को ही मिले। उन्होंने स्पष्ट किया कि फर्जी टोकन, बिचौलियों, मिलावट, अंतर्राज्यीय अवैध परिवहन तथा कस्टम मिलिंग में गड़बड़ी करने वालों के विरुद्ध प्रारंभिक स्तर पर ही सख़्त कार्रवाई की जा रही है। नियमों के उल्लंघन पर छत्तीसगढ़ चावल उपार्जन आदेश 2016, आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 एवं अन्य प्रासंगिक कानूनों के तहत कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

इसी क्रम में महासमुंद जिले में सरायपाली क्षेत्र के रेहटीखोल में उड़ीसा से अवैध रूप से लाए जा रहे 694 बोरा (लगभग 319 क्विंटल) धान से भरे एक ट्रक को जब्त किया गया। आवश्यक दस्तावेज नहीं पाए जाने पर वाहन को थाना सिंघोड़ा के सुपुर्द किया गया। जिले में बीते दो दिनों में कुल 2986 कट्टा अवैध धान जब्त किया गया है।

धमतरी जिले में धान उपार्जन में गंभीर अनियमितता पाए जाने पर प्राथमिक कृषि सहकारी साख समिति मर्यादित मोहदी के समिति प्रबंधक एवं ऑपरेटर को सेवा से पृथक कर दिया गया। निरीक्षण में मिलावटयुक्त धान, टोकन दुरुपयोग एवं अवैध बिक्री के प्रकरण सामने आए थे।

बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के ग्राम बिलारी (सोनाखान) में संयुक्त टीम द्वारा 75 कट्टा धान सहित एक पिकअप वाहन जब्त किया गया, जबकि सरगुजा जिले में भौतिक सत्यापन के दौरान दो राइस मिलों में धान की भारी कमी पाए जाने पर वैधानिक कार्रवाई प्रारंभ की गई है।

सबसे बड़ी कार्रवाई बिलासपुर जिले में सामने आई, जहां धान उठाव में गंभीर अनियमितता पर अमरनाथ एग्रो प्रोडक्ट राइस मिल को सील कर संचालक के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की गई। मौके से 54 हजार क्विंटल से अधिक धान जब्त किया गया, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 16 करोड़ रुपये है। खाद्य विभाग के अनुसार जिले में अब तक 56 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य का धान जब्त किया जा चुका है।

राज्य शासन ने दो टूक कहा है कि धान खरीदी, परिवहन, भंडारण एवं मिलिंग में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति, संस्था अथवा मिल संचालक के विरुद्ध बिना किसी ढिलाई के कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

स्वामी आत्मानंद विद्यालय, नयापारा की छात्रा को दिल्ली आमंत्रण
राज्य में पंजीयन को लेकर उत्साहपूर्ण सहभागिता

    रायपुर / शौर्यपथ / परीक्षा पे चर्चा के नवें संस्करण में इस वर्ष भी विद्यार्थियों, पालकों एवं शिक्षकों में व्यापक उत्साह देखने को मिला। पंजीयन की अंतिम तिथि 11 जनवरी 2026 तक छत्तीसगढ़ राज्य से कुल 29.29 लाख प्रतिभागियों ने पोर्टल पर अपना पंजीयन कराया। यह आंकड़ा गत वर्ष की तुलना में 7.16 लाख अधिक है, जो कार्यक्रम के प्रति बढ़ती रुचि को दर्शाता है।
गत वर्ष पंजीयन के मामले में छत्तीसगढ़ देश में प्रथम स्थान पर रहा था, जबकि इस वर्ष अंडमान एवं निकोबार, चंडीगढ़ एवं लक्षद्वीप के बाद राज्य को चौथा स्थान प्राप्त हुआ है। विशेष रूप से उल्लेखनीय है कि इस वर्ष राज्य से 1.41 लाख पालकों द्वारा पंजीयन किया गया, जो पालकों की शिक्षा के प्रति बढ़ती जागरूकता का स्पष्ट संकेत है।

प्रथम चरण की चयन प्रक्रिया
प्रथम चरण में विद्यार्थियों के चयन हेतु जिलों से विद्यार्थियों द्वारा पूछे गए प्रश्नों से संबंधित वीडियो आमंत्रित किए गए थे। निर्धारित तिथि तक कुल 171 विद्यार्थियों के वीडियो प्राप्त हुए। गठित समिति द्वारा इन वीडियो का गहन परीक्षण किया गया, जिसके उपरांत 18 विद्यार्थियों का चयन कर उनका विवरण केंद्र को भेजा गया। चयनित विद्यार्थियों में पीएमश्री विद्यालय से 04, सेजस से 06, निजी विद्यालयों से 04, शासकीय विद्यालयों से 03 तथा केजीबीव्ही से 01 विद्यार्थी शामिल हैं।

कु. सृष्टि साहू का केंद्रीय स्तर पर चयन
केंद्र की समिति द्वारा महासमुंद जिले के स्वामी आत्मानंद विद्यालय, नयापारा की गणित संकाय की कक्षा 12वीं की छात्रा कु. सृष्टि साहू का चयन किया गया है। कु. सृष्टि साहू, पिता श्री नरेन्द्र कुमार साहू एवं माता श्रीमती दिनेश्वरी साहू को 21 जनवरी 2026 को दिल्ली में आयोजित परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम में सम्मिलित होने हेतु आमंत्रित किया गया है।

प्रशासन एवं शाला परिवार की प्रतिक्रिया
कु. सृष्टि साहू के चयन पर जिला कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगहे ने उनसे भेंट कर बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। शाला की प्राचार्या श्रीमती अमी रूफस ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बताया कि कु. सृष्टि एक अनुशासित, परिश्रमी एवं अध्ययनशील छात्रा है। उन्होंने यह भी बताया कि कु. सृष्टि बाल दिवस के अवसर पर शाला नायक की भूमिका में प्राचार्य की कुर्सी पर बैठकर नेतृत्व प्रदान कर चुकी है।

परिवार का गर्व और सहयोग
कु. सृष्टि साहू के पिता शासकीय विद्यालय में शिक्षक हैं तथा माता गृहणी हैं। दोनों ने अपनी पुत्री के चयन पर गर्व एवं प्रसन्नता व्यक्त की है और इसे परिवार के साथ-साथ जिले के लिए भी गौरव का विषय बताया है।

शाला एवं विभागीय प्रयासों की सराहना
शाला प्राचार्य के अनुसार विद्यालय के सभी शिक्षकों द्वारा परीक्षा पे चर्चा में विद्यार्थियों के पंजीयन हेतु विशेष प्रयास किए गए। विद्यालय में 100 प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित किया गया तथा विद्यार्थियों को नियमित अभ्यास भी कराया गया, जिसका सकारात्मक परिणाम सामने आया।
कु. सृष्टि साहू के चयन पर जिला शिक्षा अधिकारी श्री विजय कुमार लहरे एवं शिक्षा विभाग द्वारा हार्दिक बधाई दी गई। छात्रा के दिल्ली प्रवास से संबंधित आवश्यक व्यवस्थाएं समय-सीमा में पूर्ण कराने में जिला परियोजना समन्वयक श्री रेखराज शर्मा की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वहीं राज्य परियोजना कार्यालय, समग्र शिक्षा रायपुर द्वारा भी महासमुंद जिले को इस उपलब्धि पर शुभकामनाएं प्रेषित की गई हैं।

आगामी चरण की प्रतीक्षा
परीक्षा पे चर्चा 2026 के आगामी चरणों में और विद्यार्थियों के चयन की प्रक्रिया जारी है, जिसके परिणामों की प्रतीक्षा की जा रही है।

20 जनवरी से 5 फरवरी तक मेगा एक्सपो, प्रदेशभर के नागरिकों को मिलेगा सीधा लाभ

रायपुर / शौर्यपथ।
छत्तीसगढ़ के वाहन खरीदारों के लिए बड़ी सौगात के रूप में ऑटो एक्सपो–2026 का शुभारंभ 20 जनवरी से किया जा रहा है। परिवहन विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार रायपुर ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन के तत्वावधान में यह मेगा ऑटो एक्सपो 20 जनवरी से 5 फरवरी 2026 तक श्री राम बिजनेस पार्क, सड्डू, रायपुर में आयोजित होगा।

इस अवधि में एक्सपो के अंतर्गत विक्रय होने वाले वाहनों पर 50 प्रतिशत जीवनकाल आरटीओ टैक्स में छूट प्रदान की जा रही है, जिससे आम नागरिकों को वाहन खरीदी पर उल्लेखनीय आर्थिक राहत मिलेगी। एक्सपो की खास बात यह है कि इसका लाभ प्रदेश के सभी जिलों के नागरिक अपने-अपने क्षेत्र के पंजीकृत डीलरों के माध्यम से भी ले सकेंगे और वाहन का पंजीयन अपने गृह जिले के आरटीओ कार्यालय में करा सकेंगे।

मेगा ऑटो एक्सपो में रायपुर सहित अन्य जिलों के कुल 266 डीलर्स भाग ले रहे हैं। साथ ही देश के प्रमुख बैंक, फाइनेंस एवं इंश्योरेंस कंपनियां कम ब्याज दरों पर ऋण एवं बीमा सुविधा उपलब्ध करा रही हैं। इससे उपभोक्ताओं को एक ही मंच पर बेहतर विकल्प, नई तकनीक के वाहन और किफायती सौदे मिल सकेंगे।

 

दुर्ग / शौर्यपथ।
ग्राम चिंगरी में आयोजित शिव महापुराण कथा के षष्ठ एवं सप्तम दिवस (अंतिम दो दिवस) अत्यंत भव्य, भावविभोर एवं आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुए। मां अंबे दुर्गा उत्सव नवयुवक मंडल एवं सर्व समाज के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस पावन कथा श्रृंखला का समापन शिव-पार्वती विवाह, गणेश एवं कार्तिकेय जन्म-विवाह, पार्थिव शिवलिंग पूजन, तर्पण, हवन तथा महाप्रसाद वितरण के साथ श्रद्धा और दिव्यता के शिखर पर पहुंचा।

कथा व्यास पं. महेंद्र पांडेय जी ने अंतिम दो दिवसों में शिव-पार्वती विवाह की अमर लीला का अत्यंत रसपूर्ण, भावनात्मक एवं प्रेरणादायी वर्णन किया। सती के आत्मदाह के पश्चात माता पार्वती का हिमालय के घर जन्म, कठोर तपस्या द्वारा भगवान शिव को पुनः प्रसन्न करना तथा दिव्य विवाह का प्रसंग श्रोताओं को भाव-विभोर कर गया। विवाह अवसर पर हिमालय द्वारा कन्यादान, देवताओं की उपस्थिति और शिव-पार्वती के पावन मिलन ने प्रेम, तप और त्याग की अमर कथा को जीवंत कर दिया।

इसके पश्चात भगवान गणेश के जन्म की मार्मिक कथा सुनाई गई। माता पार्वती द्वारा उबटन से निर्मित पुत्र गणेश का द्वारपाल बनना, शिव द्वारा अनजाने में उनका मस्तक विच्छेदन और पश्चात हाथी का मस्तक धारण कर पुनर्जीवन — इस प्रसंग ने माता की ममता और शिव की करुणा को सजीव रूप में प्रस्तुत किया। गणेश के विघ्नहर्ता एवं प्रथम पूज्य बनने का प्रसंग श्रद्धालुओं के हृदय में गहराई तक उतर गया।

तत्पश्चात भगवान कार्तिकेय (स्कंद) के जन्म एवं विवाह की दिव्य कथा का वर्णन हुआ। तारकासुर के अत्याचार से पीड़ित देवताओं की प्रार्थना पर शिव-पार्वती के मिलन से उत्पन्न कार्तिकेय द्वारा तारकासुर वध और धर्म की विजय का प्रसंग शक्ति, साहस और धर्मरक्षा का प्रतीक बना।

समापन अवसर पर पार्थिव शिवलिंग का विधि-विधान से पूजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने जल, दूध, बिल्वपत्र, रुद्राक्ष आदि से भगवान शिव का अभिषेक किया। तदुपरांत तर्पण एवं हवन संपन्न हुआ, जिसमें पूर्वजों एवं पुण्यात्माओं की शांति के लिए आहुतियां अर्पित की गईं। कार्यक्रम के अंत में महाप्रसाद का वितरण हुआ, जिसे श्रद्धालुओं ने श्रद्धा एवं भक्ति भाव से ग्रहण किया।

यह संपूर्ण आयोजन देवी इशर गौरा-गौरी (माता पार्वती) की कृपा से संपन्न हुआ, जिसका उद्देश्य ग्रामवासियों की आत्मिक उन्नति, सुख-शांति एवं सामूहिक कल्याण रहा। अंतिम दो दिवसों में श्रद्धालुओं की संख्या हजारों में पहुंच गई और पूरा ग्राम ‘हर-हर महादेव’ तथा ‘जय माता दी’ के जयघोष से गुंजायमान हो उठा।

शिव महापुराण कथा की यह पावन श्रृंखला ग्राम चिंगरी के लिए एक ऐतिहासिक धार्मिक आयोजन सिद्ध हुई, जिसने जन-जन के हृदय में शिव-पार्वती भक्ति की अमिट छाप छोड़ दी।

   दुर्ग / शौर्यपथ / ग्राम चिंगरी में शिव महापुराण कथा का षष्ठ एवं सप्तम दिवस (अंतिम दो दिवस) अत्यंत भव्य, भावपूर्ण और समापन की दिव्यता से परिपूर्ण रहा। मां अंबे दुर्गा उत्सव नवयुवक मंडल एवं सर्व समाज द्वारा आयोजित इस पावन श्रृंखला का समापन शिव-पार्वती विवाह, गणेश जन्म, कार्तिकेय जन्म एवं विवाह, पार्थिव शिवलिंग पूजन, तर्पण, हवन तथा महाप्रसाद वितरण के साथ हुआ, जिससे पूरा ग्राम शिव-पार्वती की कृपा से आलोकित हो उठा।
कथा व्यास पं. महेंद्र पांडेय जी ने अंतिम दो दिवसों में शिव-पार्वती विवाह की महान लीला का रसपूर्ण वर्णन किया। सती के आत्मदाह के बाद माता पार्वती ने हिमालय के घर जन्म लिया और कठोर तप से भगवान शिव को पुनः प्रसन्न किया। विवाह अत्यंत भव्य रूप से संपन्न हुआ, जहां हिमालय ने कन्यादान किया, देवताओं ने उपस्थित होकर आशीर्वाद दिया और शिव ने पार्वती को अपनी अर्धांगिनी बनाया। यह कथा प्रेम, तपस्या और दिव्य मिलन की अमर गाथा है।
इसके पश्चात भगवान गणेश के जन्म की कथा सुनाई गई। माता पार्वती ने स्नान के समय अपने उबटन से एक बालक की रचना की और उसे अपना पुत्र घोषित किया। जब भगवान शिव आए तो गणेश ने माता की आज्ञा से द्वार रक्षक बने, जिससे क्रोधित होकर शिव ने उनका सिर काट दिया। बाद में हाथी का सिर लगाकर गणेश को पुनर्जीवित किया गया, और वे विघ्नहर्ता, प्रथम पूज्य बने। यह कथा माता की ममता और शिव की करुणा का प्रतीक है।
तत्पश्चात कार्तिकेय (स्कंद) के जन्म एवं विवाह की दिव्य कथा का वर्णन हुआ। तारकासुर के अत्याचार से व्यथित देवताओं की प्रार्थना पर शिव-पार्वती के मिलन से कार्तिकेय का जन्म हुआ। वे छह मुखों वाले, वीर योद्धा के रूप में प्रकट हुए और तारकासुर का संहार कर देवताओं की रक्षा की। बाद में उनका विवाह भी संपन्न हुआ, जो शक्ति और विजय का प्रतीक है।
समापन पर पार्थिव शिवलिंग का विधि-विधान से पूजन किया गया। श्रद्धालुओं ने जल, दूध, बिल्वपत्र, रुद्राक्ष आदि से लिंग पूजा की। इसके बाद तर्पण एवं हवन संपन्न हुआ, जिसमें पूर्वजों और पुण्यात्माओं की शांति के लिए आहुतियां दी गईं। पूजन पश्चात महाप्रसाद वितरित किया गया, जिसे ग्रामवासियों ने भक्ति-भाव से ग्रहण किया।
यह समस्त कार्यक्रम देवी इशर गौरा गौरी (माता पार्वती) की कृपा से संपन्न हुआ। इसका उद्देश्य ग्रामवासियों की आत्मोन्नति, सुख-शांति तथा पूर्वजों एवं पुण्यात्माओं की शांति प्राप्ति था। अंतिम दो दिवसों में श्रद्धालुओं की संख्या हजारों में पहुंच गई, और पूरा ग्राम 'हर हर महादेव' तथा 'जय माता दी' के जयकारों से गूंज उठा।
यह शिव महापुराण कथा श्रृंखला ग्राम चिंगरी के लिए एक ऐतिहासिक धार्मिक आयोजन सिद्ध हुई, जिससे सभी के हृदय में शिव-पार्वती की भक्ति स्थायी रूप से बस गई।

दुर्ग। शौर्यपथ विशेष रिपोर्ट ।

    पूर्व महापौर पर नियम विरुद्ध आवंटन और अनियमितताओं के आरोप लगाने वाली वर्तमान महापौर श्रीमती अलका बाघमार के सामने अब वही मामला निर्णायक मोड़ पर खड़ा है। बस स्टैंड जैसे अति-व्यस्त और बेशकीमती इलाके में संचालित राम रसोई का एक वर्ष का अस्थायी अनुबंध समाप्त हुए लगभग तीन महीने बीत चुके हैं, लेकिन न तो संस्था पर कोई कार्रवाई हुई और न ही अवैध कब्जों को हटाया गया। विभागीय जानकारी अनुसार अब राम रसोई के संचालकों द्वारा पुनः समय-सीमा बढ़ाने के लिए आवेदन प्रस्तुत कर दिया गया है, जिस पर अंतिम निर्णय नगर निगम की MIC (मेयर इन काउंसिल) को लेना है।

   गौरतलब है कि जिस राम रसोई को पूर्व कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में बिना पंजीकरण संस्था को अस्थायी स्थान दिया गया था, उसी अनियमितता के लिए वर्तमान महापौर ने पूर्व महापौर को सार्वजनिक रूप से जिम्मेदार ठहराया था। लेकिन आज जब अनुबंध खत्म हो चुका है और नियमों के उल्लंघन के बावजूद संस्था का संचालन जारी रहा, तब बाजार विभाग की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं। नियमों के अनुसार केवल पंजीकृत संस्थाओं को ही इस प्रकार की सुविधा दी जा सकती है, बावजूद इसके न तो समय पर कार्रवाई हुई और न ही अवैध अतिक्रमण हटाए गए।   

    स्थिति यह है कि राम रसोई की आड़ में बस स्टैंड की लगभग उतनी ही अतिरिक्त जमीन पर अन्य लोगों द्वारा कब्जा कर लिया गया है, जिससे यातायात दबाव, पार्किंग अव्यवस्था और आम नागरिकों की परेशानी बढ़ती जा रही है। इतना ही नहीं, गणेश मंदिर के सामने सड़क पर कथित रूप से किए गए अवैध निर्माण ने एक पुराने मंदिर को पूरी तरह ढक दिया है, लेकिन इस पर भी निगम प्रशासन सहित धर्म के रक्षक भी मौन है जो कही ना कही धनवानों के आगे नतमस्तक नजर आ रहे है की चुप्पी सवालों के घेरे में है।

    राजनीतिक और नैतिक प्रश्न तब और गहरे हो जाते हैं जब राम रसोई के संचालक(संरक्षक) चतुर्भुज राठी और शहरी सरकार की मुखिया श्रीमती अलका बाघमार का एक साथ मंच साझा करना सामने आता है। इससे यह संकेत मिलता है कि जिन अनियमितताओं पर पहले आरोप लगाए गए, उन्हीं मामलों में अब शहरी सरकार असहज या बेबस नजर आ रही है।
अब गेंद पूरी तरह MIC के पाले में है। परिषद के 12 सदस्य, जिन्हें शहरी सरकार के ‘मंत्री’ कहा जाता है, यह तय करेंगे कि क्या शासन के नियमों के विरुद्ध एक गैर-पंजीकृत संस्था को फिर से बस स्टैंड जैसी कीमती जमीन मुफ्त या रियायती रूप में दी जाएगी, या फिर जनहित, यातायात व्यवस्था और नियमों की मर्यादा को प्राथमिकता दी जाएगी।

   पुरानी सरकार पर आरोप लगाना आसान था, लेकिन अब जब फैसला वर्तमान शहरी सरकार के हाथ में है, तो जनता यह देखना चाहती है कि क्या महापौर और MIC जनहित में कठोर निर्णय लेंगे या फिर पूर्व सरकार की कथित गलतियों को दोहराते हुए हर चूक का ठीकरा एक बार फिर अतीत पर फोड़ा जाएगा।

परिषद की बैठक न सिर्फ राम रसोई के भविष्य का, बल्कि शहरी सरकार की नीयत और नीति का भी आईना साबित होगी।

चंद्रमा मकर राशि में, कर्म–अनुशासन से तय होगी सफलता

20 जनवरी 2026, मंगलवार।
आज माघ गुप्त नवरात्रि का दूसरा दिन है। चंद्रमा अपनी स्वराशि मकर में विराजमान हैं, जो कर्म, अनुशासन और जिम्मेदारी को मजबूती प्रदान करता है। आज सिद्धि योग और द्विपुष्कर योग का दुर्लभ संयोग बन रहा है, जो किए गए कार्यों में दीर्घकालीन सफलता और दोगुना फल देने वाला माना जाता है।


आज का पंचांग व ग्रह स्थिति

  • तिथि: माघ शुक्ल द्वितीया

  • नक्षत्र: श्रवण

  • योग: सिद्धि योग, द्विपुष्कर योग

  • चंद्र राशि: मकर (शनि की राशि)


राशिफल: जानिए किस राशि को क्या मिलेगा

♈ मेष राशि — करियर में उछाल

लाभ: निवेश से भविष्य में दोगुना लाभ, अधिकारियों से प्रशंसा।
सावधानी: वाणी पर संयम रखें, गोपनीय बातें साझा न करें।

♉ वृषभ राशि — सुख-समृद्धि का योग

लाभ: वाहन या संपत्ति खरीद के योग, प्रेम संबंध मजबूत होंगे।
सावधानी: फिजूलखर्ची से बचें।

♊ मिथुन राशि — मानसिक उतार-चढ़ाव

लाभ: विदेश या लंबी यात्रा के योग, रचनात्मक लोगों को मंच मिलेगा।
सावधानी: मानसिक तनाव से बचें, विवादों से दूरी रखें।

♋ कर्क राशि — व्यापारिक सूझबूझ

लाभ: साझेदारी में लाभ, जीवनसाथी के नाम निवेश शुभ।
सावधानी: पेट से जुड़ी परेशानी हो सकती है।

♌ सिंह राशि — शत्रुओं पर विजय

लाभ: कोर्ट-कचहरी में सफलता, कर्ज से राहत।
सावधानी: अहंकार से बचें, बुजुर्गों की सलाह मानें।

♍ कन्या राशि — संतान सुख

लाभ: विद्यार्थियों के लिए श्रेष्ठ दिन, शुभ समाचार मिल सकता है।
सावधानी: रिश्तों में संवाद बनाए रखें।

♎ तुला राशि — पारिवारिक चुनौतियां

लाभ: घर-सजावट, माता से आर्थिक सहयोग।
सावधानी: बीपी व तनाव से बचें, बहस न करें।

♏ वृश्चिक राशि — पराक्रम में वृद्धि

लाभ: साहस बढ़ेगा, मीडिया व मार्केटिंग से जुड़े लोगों को लाभ।
सावधानी: दस्तावेज बिना पढ़े साइन न करें।

♐ धनु राशि — धन संचय

लाभ: बैंक बैलेंस बढ़ेगा, पैतृक विवाद सुलझेगा।
सावधानी: खानपान में संयम रखें।

♑ मकर राशि — व्यक्तित्व में निखार

लाभ: रुके कार्य पूरे होंगे, सामाजिक मान-सम्मान बढ़ेगा।
सावधानी: जिद से रिश्तों में खटास आ सकती है।

♒ कुंभ राशि — खर्च व निवेश

लाभ: दान-पुण्य से मानसिक शांति, व्यापार में लाभ।
सावधानी: उधार देने से बचें, आंखों का ध्यान रखें।

♓ मीन राशि — आय के नए स्रोत

लाभ: आय में वृद्धि, मित्र या बड़े भाई से बड़ा अवसर।
सावधानी: सफलता का दिखावा न करें।


आज के विशेष उपाय

  • मंगलवार विशेष: हनुमान चालीसा का पाठ करें, चमेली तेल में सिंदूर अर्पित करें।

  • गुप्त नवरात्रि (द्वितीया): माँ ब्रह्मचारिणी की पूजा करें—संयम व तप की शक्ति मिलेगी।

  • दान: मूंग की दाल या लाल वस्त्र का दान शुभ।


शुभ रंग: लाल, गहरा नीला

शुभ अंक: 1, 8, 9

आजीविका डबरियों से मछली पालन, सिंचाई सुविधा, दलहन-तिलहन की खेती तथा उद्यानिकी गतिविधियों को मिलेगा बढ़ावा

रायपुर / आदिवासी बहुल एवं कृषि आधारित आजीविका वाले जिले मोहला मानपुर अम्बागढ़ चौकी की ग्राम पंचायत करमरी में सोमवार को वीबी जी राम जी (विकसित भारत गारंटी फ़ॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन- ग्रामीण) के अंतर्गत जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम ग्रामीणों द्वारा मानव श्रृंखला बनाकर 'आत्मनिर्भर गांव - विकसित भारत' का संदेश दिया गया। इस दौरान योजना के प्रति उत्साह और सामुदायिक सहभागिता स्पष्ट रूप से देखने को मिली।
कार्यक्रम के अंतर्गत कन्वर्जेंस आधारित आजीविका डबरी जैसे कृषि, मछली तालाब निर्माण कार्यों का अवलोकन किया गया। ये कार्य कृषि विभाग, उद्यानिकी विभाग, सीआरईडीए एवं वन विभाग के आपसी समन्वय से तैयार कार्ययोजना के अनुसार संचालित किए जा रहे हैं। इन आजीविका डबरियों से मछली पालन, सिंचाई सुविधा, दलहन-तिलहन की खेती तथा उद्यानिकी गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। इससे आदिवासी एवं सीमांत किसानों को स्थायी आजीविका, खाद्य सुरक्षा और अतिरिक्त आय के अवसर उपलब्ध होंगे।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नम्रता सिंह ने ग्रामीणों को वीबी-जीराम जी योजना के उद्देश्यों, स्थानीय रोजगार सृजन और कन्वर्जेंस मॉडल की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ग्राम स्तर पर सक्रिय सहभागिता, पारदर्शिता और सामुदायिक स्वामित्व के बिना किसी भी योजना की सफलता संभव नहीं है, वीबी-जी राम जी इन मूल सिद्धांतों पर आधारित है।
कार्यक्रम के दौरान हितग्राही श्री विनोद कुमार एवं श्री दलपत साई मेहरू राम को मछली जाल का वितरण किया गया। इससे मछली पालन गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलेगा और ग्रामीणों में स्वरोजगार के प्रति उत्साह बढ़ेगा। हितग्राहियों ने बताया कि योजना से प्राप्त सहयोग के माध्यम से वे मछली पालन के साथ-साथ दलहन-तिलहन की खेती भी करेंगे, जिससे उनकी आय में निरंतर वृद्धि होगी और परिवार की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ बनेगी।ग्रामीणों ने वीबी-जीराम जी योजना को आदिवासी बहुल, कृषि-आधारित जिले के लिए सर्वांगीण विकास और
आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया। गांव आत्मनिर्भर होंगे, तभी भारत विकसित बनेगा के संकल्प के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया।
कार्यक्रम में जिल पंचायत सीईओ श्रीमती भारती चंद्राकर,जनप्रतिनिधि श्री दिलीप वर्मा, पंचायत प्रतिनिधिगण, विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने सोशल मीडिया एक्स पर की प्रशंसा
करमरी के इस कार्यक्रम की प्रशंसा केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर पोस्ट द्वारा करते हुए कार्यक्रम के फोटोग्राफ्स और वीडियो को भी शेयर किया गया है।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में उत्कृष्ट क्रियान्वयन पर मिला राष्ट्रीय सम्मान

रायपुर ।
छत्तीसगढ़ ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी सशक्त पहचान स्थापित करते हुए कृषि क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना तथा पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना के उत्कृष्ट और प्रभावी क्रियान्वयन के लिए छत्तीसगढ़ को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य घोषित किया गया है। इस उपलब्धि के लिए उद्यानिकी एवं कृषि विभाग को संयुक्त रूप से प्रथम पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।

यह प्रतिष्ठित सम्मान बेंगलुरु (कर्नाटक) में 18-19 जनवरी 2026 को आयोजित 13वें नेशनल रिव्यू कांफ्रेंस के दौरान प्रदान किया गया। सम्मेलन में देशभर के राज्यों द्वारा फसल बीमा योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की गई, जिसमें छत्तीसगढ़ का प्रदर्शन सर्वश्रेष्ठ पाया गया।

राज्य सरकार की इस उल्लेखनीय सफलता पर मुख्यमंत्री एवं कृषि मंत्री ने उद्यानिकी एवं कृषि विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को हार्दिक बधाई देते हुए इसे राज्य के किसानों के लिए गर्व का क्षण बताया। उन्होंने कहा कि यह पुरस्कार छत्तीसगढ़ सरकार की किसान हितैषी नीतियों, पारदर्शी प्रशासन और जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन का प्रमाण है।

सम्मेलन में छत्तीसगढ़ की ओर से उद्यानिकी विभाग के प्रभारी संयुक्त संचालक श्री नीरज शाहा ने यह पुरस्कार ग्रहण किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के मार्गदर्शन और विभागीय टीम के सामूहिक प्रयासों से यह सफलता संभव हो सकी है।

यह राष्ट्रीय सम्मान न केवल राज्य सरकार की कृषि नीतियों की सफलता को दर्शाता है, बल्कि यह भी सिद्ध करता है कि छत्तीसगढ़ किसानों की सुरक्षा, जोखिम प्रबंधन और आय स्थिरता के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो चुका है।

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