January 22, 2026
Hindi Hindi
शौर्यपथ

शौर्यपथ

नई दिल्ली | 

पाकिस्तान की ओर से लगातार हो रही ड्रोन घुसपैठ की कोशिशों को भारतीय सेना और सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने निर्णायक कार्रवाई करते हुए पूरी तरह विफल कर दिया है। जनवरी 2026 के हालिया घटनाक्रमों से यह स्पष्ट हो गया है कि भारत की सीमाओं पर निगरानी और जवाबी क्षमता पहले से कहीं अधिक सशक्त हो चुकी है।

जम्मू-कश्मीर में ड्रोन गतिविधि, सेना सतर्क

11 से 15 जनवरी 2026 के बीच जम्मू-कश्मीर के राजौरी (नौशेरा, मंजकोट), पुंछ और सांबा (रामगढ़ सेक्टर) में कई संदिग्ध पाकिस्तानी ड्रोन देखे गए। भारतीय जवानों ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए मशीनगनों से फायरिंग की और एंटी-ड्रोन (Anti-UAS) सिस्टम सक्रिय किया, जिसके बाद सभी ड्रोन पाकिस्तान अधिकृत क्षेत्र (PoK) की ओर वापस भागने पर मजबूर हो गए।

हथियारों की खेप बरामद

सुरक्षा बलों ने सांबा जिले में ड्रोन के जरिए गिराई गई हथियारों की खेप बरामद की। इसमें:

  • दो पिस्तौल

  • तीन मैगजीन

  • 16 राउंड गोलियां

  • एक हैंड ग्रेनेड
    शामिल हैं। इसे आतंकियों तक हथियार पहुँचाने की साजिश माना जा रहा है।

सेना प्रमुख का सख्त संदेश

थल सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने 13 जनवरी 2026 को बताया कि 9 जनवरी से अब तक 10 से 12 ड्रोन घुसपैठ की कोशिशें नाकाम की जा चुकी हैं। भारत ने इस गंभीर मुद्दे को पाकिस्तान के DGMO स्तर पर उठाते हुए इसे स्पष्ट रूप से ‘अस्वीकार्य’ करार दिया है।

पंजाब बॉर्डर पर BSF की निर्णायक कार्रवाई

दिसंबर 2025 में BSF ने अमृतसर और फिरोजपुर सेक्टर में तीन पाकिस्तानी ड्रोन मार गिराए थे, जिनके जरिए लगभग 2 किलोग्राम हेरोइन की तस्करी की जा रही थी। यह ड्रोन नेटवर्क के जरिए आतंक और नशे के गठजोड़ को उजागर करता है।

ऑपरेशन सिंदूर के बाद बौखलाया पाकिस्तान

सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि ये गतिविधियाँ मई 2025 में हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद पाकिस्तान की हताश प्रतिक्रिया हैं। उस ऑपरेशन में भारत ने सीमा पार स्थित आतंकी ठिकानों और रडार केंद्रों को ध्वस्त कर दिया था।

ड्रोन घुसपैठ के पीछे की मंशा

सेना और सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, पाकिस्तान ड्रोन का इस्तेमाल मुख्य रूप से:

  • आतंकियों तक हथियार और ड्रग्स पहुँचाने,

  • भारतीय सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी और कमजोरियाँ तलाशने,

  • तथा 26 जनवरी (गणतंत्र दिवस) से पहले अशांति फैलाने
    के लिए कर रहा है।

हाई अलर्ट पर सीमाएँ

वर्तमान में जम्मू-कश्मीर से लेकर पंजाब तक सभी सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा बल हाई अलर्ट पर हैं। आधुनिक एंटी-ड्रोन तकनीक, इलेक्ट्रॉनिक जैमिंग और रियल-टाइम सर्विलांस के जरिए हर गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जा रही है।

ड्रोन युद्ध के इस नए दौर में भारत ने स्पष्ट संदेश दे दिया है—सीमा पर हर साजिश का जवाब तुरंत, सटीक और निर्णायक होगा।

वॉशिंगटन | 

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने 17 जनवरी 2025 को एक ऐतिहासिक और सर्वसम्मत (9-0) निर्णय में TikTok पर प्रतिबंध लगाने वाले संघीय कानून को संवैधानिक ठहराते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से ऊपर माना। यह फैसला न केवल अमेरिका की डिजिटल नीति में निर्णायक मोड़ साबित हुआ, बल्कि वैश्विक तकनीकी राजनीति पर भी इसका गहरा प्रभाव पड़ा।

कानून का उद्देश्य

यह मामला ‘प्रोटेक्टिंग अमेरिकन्स फ्रॉम फॉरेन एडवर्सरी कंट्रोल्ड एप्लीकेशन्स एक्ट’ से जुड़ा था, जिसके तहत TikTok की मूल कंपनी ByteDance (चीन) को निर्देश दिया गया था कि वह 19 जनवरी 2025 तक TikTok का अमेरिकी कारोबार किसी गैर-चीनी इकाई को बेचे, अन्यथा ऐप को अमेरिका में प्रतिबंधित कर दिया जाएगा। सरकार का तर्क था कि विदेशी नियंत्रण में मौजूद यह प्लेटफॉर्म अमेरिकी नागरिकों की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकता है।

सुप्रीम कोर्ट का स्पष्ट तर्क

सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि यद्यपि TikTok एक संचार और अभिव्यक्ति का माध्यम है, लेकिन राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी आशंकाएं First Amendment के दायरे में असीमित संरक्षण प्राप्त नहीं कर सकतीं
न्यायालय ने माना कि:

  • चीनी सरकार द्वारा यूज़र डेटा तक संभावित पहुंच,

  • तथा एल्गोरिदम के माध्यम से जनमत को प्रभावित करने की आशंका,
    अमेरिका के लिए एक गंभीर और वास्तविक सुरक्षा जोखिम है।

सर्वसम्मति का महत्व

फैसले की सबसे अहम विशेषता यह रही कि सभी नौ न्यायाधीशों ने एकमत होकर कानून के पक्ष में मतदान किया। इससे TikTok की वह कानूनी दलील पूरी तरह खारिज हो गई, जिसमें उसने कानून को असंवैधानिक और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के विरुद्ध बताया था।

17 जनवरी 2026: एक बदला हुआ परिदृश्य

आज, एक वर्ष बाद, यह स्पष्ट है कि इस निर्णय ने अमेरिका में TikTok के भविष्य की दिशा ही बदल दी है।
हालांकि 2025 में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पुनः कार्यभार संभालने के बाद प्रवर्तन और राजनीतिक स्तर पर कुछ चर्चाएं अवश्य हुईं, लेकिन कानूनी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट और अंतिम है
TikTok पर प्रतिबंध लगाने वाला कानून सुप्रीम कोर्ट द्वारा वैध ठहराया जा चुका है

यह फैसला संकेत देता है कि आने वाले समय में अमेरिका डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर राष्ट्रीय सुरक्षा के आधार पर सख्त रुख अपनाता रहेगा, चाहे वह निर्णय कितनी ही बड़ी तकनीकी कंपनियों को प्रभावित क्यों न करे।

दुर्ग।

प्रदेश में मुख्यमंत्री द्वारा सुशासन के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, लेकिन दुर्ग नगर पालिका निगम की ज़मीनी हकीकत इन दावों को चुनौती देती नजर आ रही है। निगम आयुक्त सुमित अग्रवाल का कार्यकाल अब प्रशासनिक अनुशासन से अधिक विवादों, आरोपों और कथित संरक्षण के आरोपों से जुड़ता जा रहा है।

निगम के ही कर्मचारी शुभम गोईर द्वारा लगाए गए गंभीर आरोप—कि उनसे निजी घरेलू कार्य कराए गए और आदेश न मानने पर नौकरी से बाहर करने की तैयारी की गई—अब माननीय उच्च न्यायालय के समक्ष विचाराधीन हैं। मामला न्यायालय में लंबित है, किंतु इस प्रकरण ने निगम आयुक्त की कार्यप्रणाली पर पहले से उठ रहे सवालों को और गहरा कर दिया है।

सड़क पर अवैध कब्जा, निगम की रहस्यमयी चुप्पी

शहर में अवैध अतिक्रमण अब छिपा नहीं, बल्कि खुलेआम और बेखौफ दिखाई दे रहा है। गणेश मंदिर के सामने मुख्य मार्ग पर स्थित राम रसोई द्वारा किए गए कथित अवैध कब्जे ने पूरे शहर में चर्चाओं को जन्म दिया है।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि जानकारी होने के बावजूद निगम प्रशासन द्वारा अब तक कोई ठोस कार्रवाई क्यों नहीं की गई?

शहर में यह चर्चा आम है कि यह अतिक्रमण यूं ही नहीं पनप रहा, बल्कि इसे कथित संरक्षण प्राप्त है। यही कारण है कि व्यंग्य में इसे अब “आदर्श अतिक्रमण मॉडल” कहा जाने लगा है—जहां सड़क पर कब्जा भी सुरक्षित है और कार्रवाई भी नदारद।

चुनिंदा कार्रवाई, बाकी शहर में मौन

आरोप यह भी है कि निगम आयुक्त द्वारा कपड़ा लाइन जैसे चुनिंदा इलाकों में तो नियमित कार्रवाई की जाती है, लेकिन चर्च मार्ग, घुमंतियों की फौज और अन्य व्यस्त क्षेत्रों में चल रहे अवैध बाजारों पर निगम की सख्ती अचानक गायब हो जाती है।

यह स्थिति महज प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि भेदभावपूर्ण नीति की ओर इशारा करती है।

कर्मचारी का आरोप: विवाद में आयुक्त बने बिचौलिया

निगम कर्मचारियों के बीच यह चर्चा भी तेज है कि एक कथित पत्रकार और निगम कर्मचारी के बीच हुए विवाद में आयुक्त सुमित अग्रवाल ने बिचौलिये की भूमिका निभाई।

आरोप है कि इस कथित मध्यस्थता के जरिए मामले को कानूनी प्रक्रिया तक पहुँचने से पहले ही दबाने का प्रयास किया गया।

सूत्रों के अनुसार, कर्मचारियों के पारिवारिक फोटो और निजी जानकारियों के माध्यम से दबाव बनाने और शिकायतों को कमजोर करने की कोशिशों की बातें भी सामने आ रही हैं। यदि ये आरोप सत्य पाए जाते हैं, तो यह न केवल प्रशासनिक मर्यादा का उल्लंघन होगा, बल्कि संवैधानिक पद की गरिमा पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न लगाएगा।

कथित चैटिंग से बढ़ा विवाद, जांच की मांग तेज

निगम कर्मचारियों और आयुक्त से जुड़ी कथित चैटिंग अब निगम परिसर से बाहर निकलकर शहर भर में चर्चा का विषय बन चुकी है।

कर्मचारियों का कहना है कि कुछ मामलों को “अर्जेंट” बताकर उठाना और अन्य गंभीर शिकायतों को नजरअंदाज करना, शासकीय पद के दुरुपयोग की ओर संकेत करता है।

इसी वजह से अब आम नागरिकों के साथ-साथ निगम कर्मचारी भी निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच की मांग कर रहे हैं।

स्थानांतरण होगा, लेकिन शहर भुगतेगा परिणाम

सूत्रों के अनुसार आयुक्त सुमित अग्रवाल का भविष्य में किसी अन्य जिले में स्थानांतरण संभव है, लेकिन उनके कार्यकाल में जिस तरह अवैध अतिक्रमण को मौन स्वीकृति मिलती दिखाई दे रही है, वह दुर्ग शहर के लिए दीर्घकालिक समस्या बन सकती है।

आज की निष्क्रियता, कल के बड़े विवाद का कारण बन सकती है।

सबसे बड़ा सवाल

अब सवाल केवल अदालत के निर्णय का नहीं है, सवाल यह है कि—

क्या दुर्ग नगर निगम में कानून सबके लिए समान है?

क्या सुशासन के दावे ज़मीनी हकीकत से मेल खाते हैं?

और क्या संवैधानिक पदों पर बैठे अधिकारी जवाबदेही से ऊपर हैं?

फिलहाल निगाहें माननीय उच्च न्यायालय पर टिकी हैं। लेकिन तब तक दुर्ग नगर निगम से जुड़ा यह पूरा घटनाक्रम, प्रदेश सरकार के सुशासन के दावों को लगातार आईना दिखाता रहेगा।

मुंबई / शौर्यपथ विशेष रिपोर्ट

महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाले ‘महायुति’ गठबंधन ने अपनी निर्णायक ताकत साबित कर दी है। 15 जनवरी 2026 को संपन्न हुए 29 नगर निगम (महानगर पालिका) चुनावों के नतीजे 16 और 17 जनवरी को सामने आए और परिणामों ने साफ कर दिया कि शहरी महाराष्ट्र पर अब निर्णायक रूप से भगवा छाया हुआ है।

इन चुनावों में महायुति (BJP + एकनाथ शिंदे की शिवसेना + अजित पवार की NCP) ने राज्य के 29 में से 25 नगर निगमों में जीत का दावा करते हुए विपक्षी महाविकास आघाड़ी (MVA) को करारी शिकस्त दी है।

मुंबई: 30 साल बाद ठाकरे युग का अंत

देश के सबसे बड़े नगर निगम बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) में यह चुनाव ऐतिहासिक साबित हुआ।

227 सीटों वाले BMC में

भाजपा–शिंदे शिवसेना गठबंधन: 118 सीटें

भाजपा: 89

शिवसेना (शिंदे): 29

शिवसेना (उद्धव ठाकरे – UBT): 65 सीटें

कांग्रेस: 24 सीटें

इस परिणाम के साथ ही ठाकरे परिवार का करीब तीन दशक पुराना वर्चस्व समाप्त हो गया, जिसे राजनीतिक गलियारों में शहरी महाराष्ट्र की सबसे बड़ी सत्ता परिवर्तन की घटना माना जा रहा है।

पुणे–ठाणे–नागपुर: भाजपा और शिंदे का दबदबा

पुणे महानगर पालिका (PMC):

165 में से 123 सीटें जीतकर भाजपा ने स्पष्ट बहुमत हासिल किया।

ठाणे महानगर पालिका (TMC):

मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के गढ़ में महायुति ने 103 सीटें जीतीं, जिनमें से 75 सीटें अकेले शिवसेना (शिंदे) ने हासिल कीं।

नागपुर महानगर पालिका (NMC):

भाजपा ने 151 में से 97 सीटें जीतकर अपनी सत्ता बरकरार रखी।

अन्य प्रमुख नगर निगमों में भी महायुति की बढ़त

नवी मुंबई, कल्याण-डोंबिवली, नासिक, पनवेल जैसे महत्वपूर्ण शहरी निकायों में भी महायुति ने विपक्ष को पीछे छोड़ते हुए मजबूत बढ़त दर्ज की।

पार्टी-वार कुल सीटें (29 नगर निगम)

भारतीय जनता पार्टी (BJP): ~1,370–1,400 सीटें

शिवसेना (एकनाथ शिंदे): 397 सीटें

कांग्रेस: 324 सीटें

NCP (अजित पवार): 160 सीटें

शिवसेना (UBT): 153 सीटें

AIMIM (असदुद्दीन ओवैसी): 126 सीटें (विशेषकर छत्रपति संभाजीनगर में प्रभावी प्रदर्शन)

राजनीतिक संदेश साफ

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, ये नतीजे केवल नगर निगम चुनाव नहीं हैं, बल्कि

BJP की शहरी राजनीति पर मजबूत पकड़,

मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की वैधता,

और अजित पवार के साथ बने नए सत्ता समीकरण पर जनता की मुहर माने जा रहे हैं।

वहीं दूसरी ओर, उद्धव ठाकरे (SS-UBT) और शरद पवार गुट (NCP-SP) के लिए ये नतीजे गंभीर आत्ममंथन का संकेत हैं।

महाराष्ट्र के नगर निगम चुनाव 2026 ने यह स्पष्ट कर दिया है कि

“शहरी महाराष्ट्र में सत्ता का केंद्र अब पूरी तरह महायुति के हाथों में है।”

ये परिणाम न केवल राज्य की नगर सरकारों की दिशा तय करेंगे, बल्कि 2029 के विधानसभा और लोकसभा चुनावों की राजनीतिक पटकथा भी यहीं से लिखी जाती दिख रही है।

शौर्यपथ /

धन लाभ, करियर उन्नति और व्यापार में सफलता के प्रबल योग

शनिवार का दिन न्यायप्रिय शनिदेव को समर्पित होता है। आज शनि की विशेष दृष्टि के कारण कई राशियों के लिए धन लाभ, करियर में तरक्की और सामाजिक मान-सम्मान के योग बन रहे हैं। विशेष रूप से सिंह राशि के जातकों के लिए आर्थिक मजबूती और व्यापारिक लाभ के संकेत स्पष्ट हैं। वहीं कुछ राशियों को स्वास्थ्य, खर्च और रिश्तों के मामलों में संयम और समझदारी से आगे बढ़ने की आवश्यकता है।


? भाग्यशाली राशियाँ – जिनकी किस्मत आज चमकेगी

मेष (Aries)

ऊर्जा और आत्मविश्वास से भरे रहेंगे। सामाजिक मेलजोल बढ़ेगा। रिश्तों में सुधार और करियर में सकारात्मक प्रगति संभव।

वृषभ (Taurus)

कला, कौशल और मेहनत का पूरा फल मिलेगा। धन लाभ का उत्तम योग बन रहा है। निवेश से लाभ संभव।

मिथुन (Gemini)

अप्रत्याशित संपर्क भविष्य के नए रास्ते खोल सकते हैं। सकारात्मक सोच आज आपकी सबसे बड़ी ताकत रहेगी।

सिंह (Leo)

आज का दिन विशेष फलदायी। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, व्यापार में लाभ, परिवार में सुख-शांति और सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि।

कर्क (Cancer)

भाग्य का साथ मिलेगा। घर-परिवार में सामंजस्य रहेगा। चौतरफा लाभ के संकेत।

कन्या (Virgo)

लंबे समय से चली आ रही उलझनें दूर होंगी। निर्णय क्षमता मजबूत होगी और भाग्य लाभ के योग बनेंगे।

तुला (Libra)

करियर और कारोबार में उन्नति। लक्ष्मी-नारायण योग का प्रभाव रहेगा। निर्णय लेते समय स्पष्टता बनाए रखें।

मकर (Capricorn)

एकाग्रता और स्थिरता से सफलता मिलेगी। अटके हुए कार्य पूरे होंगे और दीर्घकालिक अवसर लाभ देंगे।

कुंभ (Aquarius)

नए विचार और रचनात्मकता उभरकर आएगी। रिश्तों में मजबूती आएगी। आर्थिक फैसले सोच-समझकर लें।


⚠️ सावधान रहने वाली राशियाँ

वृश्चिक (Scorpio)

किसी बड़े बदलाव के संकेत मिल सकते हैं। जल्दबाज़ी से बचें, सतर्क निर्णय लाभकारी रहेंगे।

धनु (Sagittarius)

जिज्ञासा नए अनुभव दे सकती है, लेकिन रिश्तों में गलतफहमी संभव। सेहत पर ध्यान दें।

मीन (Pisces)

सूक्ष्म संकेतों को नज़रअंदाज़ न करें। अनावश्यक भागदौड़ से बचें। पाचन और हड्डियों से जुड़ी समस्या हो सकती है।


? आज के विशेष उपाय और सामान्य सलाह

  • शनिवार को शनि मंत्र का जाप करें –
    “ॐ शं शनैश्चराय नमः”

  • हनुमान चालीसा का पाठ करें या मंत्र जपें –
    “ॐ हंग हनुमते नमः”

  • धैर्य रखें, वाणी पर नियंत्रण रखें।

  • वित्तीय निर्णय सोच-समझकर लें, विशेषकर दीर्घकालिक योजनाओं में।

  • सामाजिक मेलजोल और रचनात्मक गतिविधियों से मन प्रसन्न रहेगा, लेकिन सेहत की अनदेखी न करें।


? शुभ अंक: 6, 5

? शुभ रंग: आसमानी

भिलाई।
वाहेगुरु जी का खालसा, वाहेगुरु जी दी फतेह।
मानव सेवा और सामाजिक उत्तरदायित्व का अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत करते हुए यूथ सिख सेवा समिति, भिलाई ने कुरूद में दिवंगत प्रेम सिंह के अंतिम संस्कार में सहयोग कर मानवता की मिसाल कायम की।

प्राप्त जानकारी के अनुसार खुर्सीपार निवासी प्रेम सिंह अपनी बहन के निवास पर कुरूद गए हुए थे, जहाँ अचानक उनका निधन हो गया। दिवंगत के परिजनों में केवल उनकी बहन एवं एक छोटी पुत्री होने के कारण अंतिम संस्कार की समस्त प्रक्रिया के लिए परिवार को सहयोग की अत्यंत आवश्यकता थी। इस संवेदनशील स्थिति की सूचना हेल्पलाइन नंबर के माध्यम से यूथ सिख सेवा समिति भिलाई को प्राप्त हुई।

सूचना मिलते ही समिति के अध्यक्ष श्री इंद्रजीत सिंह ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तत्काल संज्ञान लिया और निर्देश दिए कि शोकाकुल परिवार को हर संभव सहायता प्रदान की जाए। उनके मार्गदर्शन में समिति के सदस्य बिना विलंब किए कुरूद पहुँचे और परिवार के साथ खड़े रहकर अंतिम संस्कार की संपूर्ण प्रक्रिया में सक्रिय सहयोग किया।

यूथ सिख सेवा समिति के सदस्यों ने सेवा, समर्पण और करुणा के भाव से सामाजिक दायित्व का निर्वहन करते हुए यह संदेश दिया कि संकट की घड़ी में मानवता ही सबसे बड़ा धर्म है। इस सेवा कार्य में समिति के कोषाध्यक्ष श्री मलकित सिंह, डॉ. हरजींदर सिंह सहित अन्य सदस्य भी उपस्थित रहे।

स्थानीय नागरिकों एवं क्षेत्रवासियों ने यूथ सिख सेवा समिति भिलाई के इस मानवीय प्रयास की मुक्त कंठ से सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायी और अनुकरणीय बताया।

26 जनवरी को रायपुर में राज्यपाल तथा जगदलपुर में मुख्यमंत्री के आतिथ्य में विशेष कार्यक्रम

रायपुर /
छत्तीसगढ़ शासन के संस्कृति विभाग द्वारा राष्ट्रगीत वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में राज्यभर में चार चरणों में विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में द्वितीय चरण के कार्यक्रम 19 से 26 जनवरी 2026 तक राज्य के समस्त जिलों में व्यापक जनभागीदारी के साथ आयोजित किए जाएंगे।

गणतंत्र दिवस 26 जनवरी को रायपुर में राज्यपाल तथा जगदलपुर में मुख्यमंत्री के आतिथ्य में विशेष राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित होंगे। इसके अतिरिक्त राज्य के सभी जिला मुख्यालयों, जनपद एवं ब्लॉक मुख्यालयों, ग्राम पंचायतों, स्कूलों और महाविद्यालयों में ध्वजारोहण एवं राष्ट्रगान के पश्चात सामूहिक वंदे मातरम् गायन का आयोजन किया जाएगा। इन कार्यक्रमों में मंत्रीगण, सांसद, विधायक, अन्य जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, प्रबुद्धजन एवं नागरिकों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी।

द्वितीय चरण के अंतर्गत 19 से 26 जनवरी के दौरान राज्य के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में एनसीसी, एनएसएस, स्काउट एवं गाइड की सहभागिता से वंदे मातरम् से संबंधित संगीतमय प्रस्तुतियाँ, विशेष सभाएँ, निबंध प्रतियोगिता, वाद-विवाद, प्रश्नोत्तरी, पोस्टर निर्माण, रंगोली, चित्रकला तथा प्रदर्शनी जैसे विविध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके साथ ही राज्य पुलिस बैंड द्वारा सार्वजनिक स्थलों पर वंदे मातरम् एवं देशभक्ति गीतों पर आधारित विशेष प्रस्तुतियाँ दी जाएंगी।

सार्वजनिक एवं निजी सहभागिता को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से प्रदेश में वंदे मातरम् ऑडियो-वीडियो बूथ स्थापित किए जाएंगे, जहाँ नागरिक अपनी आवाज़ में वंदे मातरम् का गायन रिकॉर्ड कर अभियान के पोर्टल पर अपलोड कर सकेंगे। पोर्टल पर पूर्व रिकॉर्डेड धुन के साथ गायन की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।

उल्लेखनीय है कि प्रथम चरण का आयोजन 7 से 14 नवंबर 2025 के मध्य सफलतापूर्वक संपन्न किया जा चुका है। वहीं तृतीय चरण 7 से 15 अगस्त 2026 को हर घर तिरंगा अभियान के साथ संचालित किया जाएगा तथा चतुर्थ चरण का आयोजन 1 से 7 नवंबर 2026 के दौरान किया जाएगा।

भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप यह संपूर्ण आयोजन ग्राम पंचायत, जनपद, जिला एवं राज्य स्तर पर व्यापक जनभागीदारी के साथ संपन्न कराया जाएगा, जिसका मुख्य उद्देश्य नागरिकों में राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के प्रति भावनात्मक जुड़ाव तथा राष्ट्रभक्ति की भावना को और अधिक सुदृढ़ करना है।

जल जीवन मिशन से छत्तीसगढ़ में पेयजल व्यवस्था में ऐतिहासिक सुधार,32 लाख से अधिक ग्रामीण घरों तक पहुँचा नल से जल**

रायपुर /
छत्तीसगढ़ में जल जीवन मिशन के प्रभावी, पारदर्शी एवं गुणवत्ता-आधारित क्रियान्वयन से ग्रामीण क्षेत्रों की पेयजल व्यवस्था में ऐतिहासिक परिवर्तन आया है। उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने आज नवा रायपुर अटल नगर स्थित संवाद ऑडिटोरियम में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान यह जानकारी दी।

उपमुख्यमंत्री श्री साव ने बताया कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत राज्य में अब तक 40 लाख 87 हजार 27 घरेलू नल कनेक्शन (एफएचटीसी) प्रदान किए जा चुके हैं, जिसके माध्यम से 32 लाख से अधिक ग्रामीण परिवारों तक नल से शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित हुई है। उन्होंने बताया कि मिशन लागू होने से पूर्व प्रदेश में मात्र 3 लाख 19 हजार 741 घरेलू नल कनेक्शन उपलब्ध थे, जबकि वर्तमान सरकार के बीते दो वर्षों के कार्यकाल में इस संख्या में अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की गई है।

प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि राज्य सरकार का स्पष्ट और सर्वोच्च लक्ष्य है कि प्रत्येक ग्रामीण परिवार को सुरक्षित, शुद्ध एवं सतत पेयजल उपलब्ध कराया जाए तथा छत्तीसगढ़ को शीघ्र ही ‘हर घर जल’ राज्य के रूप में स्थापित किया जाए।

उन्होंने बताया कि वर्तमान में राज्य के 6,572 ग्रामों में शत-प्रतिशत घरेलू नल कनेक्शन पूर्ण हो चुके हैं। इनमें से 5,564 ग्रामों को ‘हर घर जल ग्राम’ घोषित किया गया है, जिनमें 4,544 ग्रामों का विधिवत प्रमाणीकरण भी किया जा चुका है। बीते दो वर्षों में हर घर जल प्रमाणित ग्रामों की संख्या में लगभग 750 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इसके साथ ही 5,088 ग्राम पंचायतों को जलापूर्ति व्यवस्थाओं का हस्तांतरण किया जा चुका है।

उपमुख्यमंत्री श्री साव ने जानकारी दी कि जल जीवन मिशन से पूर्व ग्रामीण क्षेत्रों में 3,08,287 हैंडपंप, 4,440 नलजल योजनाएं तथा 2,132 स्थल जल प्रदाय योजनाएं संचालित थीं। वर्तमान में 70 समूह जल प्रदाय योजनाएं प्रगतिरत हैं, जिनसे 3,208 ग्राम लाभान्वित हो रहे हैं तथा 9 लाख 85 हजार से अधिक घरेलू नल कनेक्शन इन योजनाओं से जुड़े हुए हैं।

जल गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में 77 जल परीक्षण प्रयोगशालाएं संचालित हैं, जिनमें से 47 प्रयोगशालाएं एनएबीएल मान्यता प्राप्त हैं। आम नागरिकों की सुविधा हेतु पेयजल संबंधी शिकायतों के त्वरित निराकरण के लिए टोल फ्री नंबर 1800-233-0008 भी प्रभावी रूप से संचालित किया जा रहा है।

उपमुख्यमंत्री श्री साव ने स्पष्ट किया कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जा रहा है। दोषपूर्ण कार्यों के कारण बीते दो वर्षों में 28 करोड़ 38 लाख रुपये से अधिक का अर्थदंड, 629 अनुबंधों का निरस्तीकरण तथा 11 फर्मों को ब्लैकलिस्ट किया गया है। इसके अतिरिक्त दोषी अधिकारियों एवं ठेकेदारों के विरुद्ध कठोर विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई भी सुनिश्चित की गई है।

आगामी कार्ययोजना की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि शेष बचे लगभग 8 लाख घरेलू नल कनेक्शन, 21 हजार से अधिक अधूरी योजनाओं को पूर्ण करना, 24 हजार से अधिक योजनाओं का ग्राम पंचायतों को हस्तांतरण तथा सभी प्रगतिरत समूह जल प्रदाय योजनाओं को समय-सीमा में पूर्ण करना सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है।

मानव संसाधन सुदृढ़ीकरण पर प्रकाश डालते हुए उपमुख्यमंत्री श्री साव ने बताया कि बीते दो वर्षों में विभाग में 403 रिक्त पदों का सृजन, 213 पदों पर नियुक्ति, 103 कर्मचारियों को पदोन्नति तथा 877 शासकीय सेवकों को समयमान एवं वेतनमान का लाभ प्रदान किया गया है।

प्रधानमंत्री की माताश्री हीराबेन मोदी की पुण्य स्मृति में आयोजित शिव महापुराण कथा में शामिल हुए मुख्यमंत्री

रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि सनातन परंपरा और आध्यात्मिक आयोजनों से समाज में नैतिकता, संस्कार और सामाजिक समरसता को बल मिलता है। वे आज रायगढ़ जिले के बरगढ़ खोला अंचल के ग्राम-खम्हार में आयोजित श्री शिव महापुराण कथा में को सम्बोधित कर रहे थे।

गौरतलब है कि इस कथा का आयोजन देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की माताश्री हीराबेन मोदी की पुण्य स्मृति में श्रद्धांजलि स्वरूप किया जा रहा है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने विधिवत पूजा-अर्चना कर भगवान शिव से प्रदेश की जनता के लिए सुख, समृद्धि के लिए कामना की। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त बाल कथा व्यास श्री कृष्णा दुबे महाराज से भेंटकर उनका आशीर्वाद लिया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि यह वही भूमि है जहां प्रभु श्रीराम ने अपने वनवास काल का अधिकांश समय व्यतीत किया। माता शबरी के जूठे बेरों की महिमा आज भी जीवंत है। उन्होंने कहा कि अयोध्या में प्रभु श्रीराम के भव्य मंदिर में प्राण-प्रतिष्ठा के अवसर पर छत्तीसगढ़ के सुगंधित चावल से बना प्रसाद अर्पित किया गया, जो राज्य के लिए गर्व का विषय है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा संचालित रामलला दर्शन योजना के तहत अब तक दो वर्षों में 40 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्या दर्शन कर चुके हैं। वहीं मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के अंतर्गत 19 चिन्हित तीर्थ स्थलों की यात्रा कराते हुए अब तक 5 हजार से अधिक वरिष्ठ नागरिकों को लाभान्वित किया गया है। कार्यक्रम को वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने भी संबोधित किया।

श्री शिव महापुराण कथा का वाचन अकोला (महाराष्ट्र) से पधारे अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त बाल कथा व्यास श्री कृष्णा दुबे महाराज द्वारा संगीतमय शैली में किया जा रहा है, जिसमें भगवान शिव, माता पार्वती सहित संपूर्ण शिव चरित्र का भावपूर्ण वर्णन किया जा रहा है।

कार्यक्रम में लोकसभा सांसद श्री राधेश्याम राठिया और श्रीमती कमलेश जांगड़े राज्यसभा सांसद श्री देवेंद्र प्रताप सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शिखा गबेल, रायगढ़ के महापौर श्री जीवर्धन चौहान, नगर पालिका अध्यक्ष खरसिया श्री कमल गर्ग सहित अनेक जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रद्धालुजन उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में पारदर्शी, जवाबदेह एवं किसान-हितैषी धान खरीदी व्यवस्था के लिए सरकार पूर्णतः प्रतिबद्ध

रायपुर /
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार राज्य में धान खरीदी व्यवस्था को पारदर्शी, अनुशासित एवं जवाबदेह बनाए रखने के लिए कठोरता के साथ कार्य कर रही है। सरकार की स्पष्ट नीति है कि धान खरीदी, भंडारण अथवा परिवहन प्रक्रिया के किसी भी स्तर पर अनियमितता, लापरवाही या गड़बड़ी को किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 के दौरान जिला बेमेतरा अंतर्गत धान संग्रहण केन्द्र सरदा-लेंजवारा में कुल 12,72,389.56 क्विंटल धान का भंडारण किया गया था। कलेक्टर बेमेतरा के निर्देशानुसार भंडारित धान के भौतिक सत्यापन एवं गुणवत्ता परीक्षण हेतु राजस्व, खाद्य, मार्कफेड, छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम, सहकारिता विभाग, कृषि उपज मंडी, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक दुर्ग सहित संबंधित विभागों का संयुक्त जांच दल गठित किया गया।

संयुक्त जांच दल द्वारा 31 दिसंबर 2025 को संग्रहण केन्द्र सरदा-लेंजवारा का भौतिक सत्यापन किया गया। जांच के दौरान यह पाया गया कि धान के स्टैक पूर्ण स्थिति में नहीं थे, बोरे अव्यवस्थित रूप से बिखरे हुए थे तथा ऑनलाइन स्टॉक विवरण और मौके पर उपलब्ध धान की मात्रा में गंभीर अंतर पाया गया।

जांच में धान मोटा 4,209.19 क्विंटल एवं धान सरना 49,430.03 क्विंटल, कुल 53,639.22 क्विंटल धान की कमी स्पष्ट रूप से पाई गई। इस संबंध में संयुक्त जांच दल द्वारा तैयार विस्तृत प्रतिवेदन शासन को आवश्यक कार्रवाई हेतु प्रेषित कर दिया गया है।

जांच प्रतिवेदन के आधार पर जिला विपणन अधिकारी, बेमेतरा द्वारा संग्रहण केन्द्र सरदा-लेंजवारा के प्रभारी श्री नितीश पाठक (क्षेत्र सहायक) को दिनांक 14 जनवरी 2026 से समस्त प्रभारों से मुक्त करते हुए उनके विरुद्ध निलंबन एवं विभागीय जांच संस्थित करने के आदेश जारी किए गए हैं।

प्रशासनिक व्यवस्था की निरंतरता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से श्री हेमंत कुमार देवांगन, क्षेत्र सहायक को आगामी आदेश पर्यन्त धान संग्रहण केन्द्र लेंजवारा (सरदा) एवं भंडारण केन्द्र बेमेतरा का प्रभारी नियुक्त किया गया है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है।

भौतिक सत्यापन के दौरान संग्रहण केन्द्र सरदा एवं लेंजवारा में कुल 11,648.62 क्विंटल धान भौतिक रूप से उपलब्ध पाया गया, जिसमें से 3,000 क्विंटल धान का उठाव किया जा चुका है। शेष धान के उठाव की प्रक्रिया नियमानुसार सतत रूप से जारी है।

जांच के दौरान यह भी पाया गया कि संग्रहण केन्द्रों में प्लास्टिक बोरों में धान का भंडारण किया गया, जो निर्धारित मानकों के विपरीत है। इस गंभीर अनियमितता को भी विभागीय जांच के दायरे में सम्मिलित किया गया है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार का स्पष्ट संदेश है—
“धान का हर दाना खरीदा जाएगा, किसानों को उनका पूरा भुगतान समय पर मिलेगा, लेकिन व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों पर कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।”

राज्य सरकार धान खरीदी व्यवस्था को पूरी पारदर्शिता, सख़्ती और संवेदनशीलता के साथ संचालित करते हुए किसानों के हितों की रक्षा के लिए पूर्णतः संकल्पित है।

Page 7 of 3058

हमारा शौर्य

हमारे बारे मे

whatsapp-image-2020-06-03-at-11.08.16-pm.jpeg
 
CHIEF EDITOR -  SHARAD PANSARI
CONTECT NO.  -  8962936808
EMAIL ID         -  shouryapath12@gmail.com
Address           -  SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)