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रायपुर/शौर्यपथ / रसोई गैस के लिए जनता परेशान और भाजपा के नेता मोदी की चाटुकारिता में धृतराष्ट्र बने हुए है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि प्रदेश की कोई ऐसी एजेंसी नहीं है जहां सुचारू रूप से गैस मिल रहा हो। भाजपा के हर बड़े-छोटे नेता बड़ी बेशर्मीपूर्वक गैस के संकट को नकार रहे है। भाजपा नेता, जनता के जले पर नमक छिड़क रहे है। एक तरफ सरकार जनता को गैस नहीं दिला पा रही, दूसरी ओर झूठ बोल कर जनता का मजाक बना रहे है।
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि गैस एजेंसियों में लगी कतारें यदि भाजपा नेताओं को नहीं दिख रही तो उनको अपने नजर और नजरिये दोनों का इलाज कराने की जरूरत है। जब कोई राजनैतिक दल जनता की समस्या से इस प्रकार मुंह मोड़कर जनता को झूठा ठहराने लगती है तो उसकी विदाई तय हो जाती है। कुछ ऐसी ही स्थिति भाजपा की हो गयी है।
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि लोगों के घर में गैस नहीं होने के कारण चूल्हे नहीं जल रहे और भाजपा कहती है अफवाहों पर ध्यान मत दे। सरकार ने अचानक से कमर्शियल गैस की सप्लाई क्यों बंद कर दिया? अचानक से कमर्शियल गैस की सप्लाई अघोषित तौर पर रोक देने से घरेलू गैस सिलेंडरों का दुरुपयोग हो रहा कालाबाजारी होगी और होटल व्यवसाईयों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा, जिससे कुक्ड फूड के दाम भी प्रभावित हो रहे है। प्रदेश के लगभग आधे रेस्टोरेंट गैस की किल्लत के कारण बंद होने की स्थिति में है।
राजनांदगांव / शौर्यपथ / प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के अंतर्गत आरडीसी रोड से बाकल तक 2.45 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया गया है। विभाग की सतत निगरानी और गुणवत्ता मानकों के कड़ाई से पालन के चलते यह कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप संपन्न हुआ।
निर्माण कार्य के दौरान विभाग द्वारा गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई। वर्तमान में पूरे मार्ग का डामरीकरण कार्य पूर्ण हो चुका है तथा परीक्षण में सड़क की गुणवत्ता संतोषजनक पाई गई है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि पीएमजीएसवाई के तहत सड़कों की मजबूती और दीर्घकालिक टिकाऊपन सुनिश्चित करना ही प्रमुख उद्देश्य है।
अधीक्षण अभियंता, दुर्ग संभाग श्री बी.एस. पटेल ने स्थल का निरीक्षण कर कार्य की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान पूर्व में बिछाए गए ओवरहीट मटेरियल और उसके स्थान पर किए गए सुधार कार्य का जायजा लिया गया। उन्होंने सुधार कार्य को मानक अनुरूप बताते हुए संतोष व्यक्त किया।
कार्यपालन अभियंता ने जानकारी दी कि डामरीकरण के दौरान ठेकेदार लेखराम साहू के प्लांट में तकनीकी खराबी के कारण डामर मिश्रण ओवरहीट हो गया था, जो उपयोग के लिए अनुपयुक्त था। निरीक्षण के बाद ऐसे मटेरियल को तत्काल हटाकर पुनः मानक के अनुरूप डामरीकरण कराया गया।
इसके बाद पुनः प्लांट में आई खराबी के चलते प्रभावित हिस्सों में बिछाए गए मटेरियल को ग्रेडर से हटवाकर अगले ही दिन उच्च गुणवत्ता के साथ कार्य पूर्ण कराया गया। तकनीकी अधिकारियों की उपस्थिति में पूरे हिस्से का पुनर्निर्माण सुनिश्चित किया गया।
विभाग ने कार्य में लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए संबंधित ठेकेदार के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। साथ ही चेतावनी दी गई है कि भविष्य में किसी भी प्रकार की तकनीकी त्रुटि या गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
रायपुर/शौर्यपथ / प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा कि प्रीमियम पेट्रोल के दाम 2.5 रू. और औद्योगिक डीजल के दाम 22 रू. जनता पर अत्याचार है। औद्योगिक डीजल के दाम बढ़ाने से औद्योगिक उत्पादों के रेट बढ़ेगे और महंगाई और बढ़ोगी। सरकार ने तथा पेट्रोलियम कंपनियो पिछले 8 सालो में पेट्रोलियम पदार्थो पर बेतहाशा मुनाफा कमाया है। पेट्रोलियम कंपनिया 32 लाख करोड़ रू. क्रूड आयल के दाम जब सस्ते हुये थे, तब अतिरिक्त कमाई की थी। पूरी दुनिया में जब क्रूड आयल का दाम 116 रू. से घटकर 75 रू. हुआ था, तब भी पेट्रोल डीजल के दाम कम नहीं किया गया था। आज जब वैश्विक संकट की स्थिति है तो केन्द्र सरकार और पेट्रोलियम कंपनियों को अपने जमा किये गये अतिरिक्त मुनाफे से जनता को राहत दे।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा कि ने कहा कि केन्द्र सरकार पेट्रोल डीजल पर बेतहाशा एक्साइज ड्यूटी वसूल रही है। करोनाकाल में मोदी सरकार ने युक्तीयुक्त करण के नाम पर जो एक्साईज ड्यूटी बढ़ाकर बेतहाशा कमाई की थी, अब समय आ गया है कि जनता को उस कमाई से राहत दिया जाये।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा कि ने कहा कि अभी केवल प्रीमियम पेट्रोल और औद्योगिक डीजल के दाम बढ़ाये गये है। लेकिन सरकार को जो रवैया है वह ठीक नही है। सरकार बहुत जल्दी सामान्य पेट्रोल-डीजल के भी रेट बढ़ायेगी। रसोई गैस के कारण जनता परेशान तो है आने वाले समय में पेट्रोल भी जनता की परेशानी का कारण बनेगी।
दुर्ग । शौर्यपथ । छत्तीसगढ़ प्रदेश के एकमात्र A+ शासकीय महाविद्यालय साइंस कॉलेज दुर्ग में जमीन को लेकर एनएसयूआई के प्रदेश महासचिव आदित्य नारंग के नेतृत्व में तथा एनएसयूआई के पदाधिकारीयो एवं छात्र-छात्राओं द्वारा दो दिवसीय उपवास सत्याग्रह का आयोजन महाविद्यालय के मुख्य द्वार के सामने किया गया।
एनएसयूआई की मांग जो कि कॉलेज में पार्किंग की असुविधा को लेकर प्राचार्य महोदय को ज्ञापन के द्वारा पूर्व में अवगत कराया गया था। जिसे कॉलेज प्रशासन द्वारा पूर्ण नहीं किया अतः पार्किंग की जमीन को अन्य विभाग को आबंटित कर दिया गया। जिसके विरोध मे पदाधिकारियों एवं छात्र-छात्राओं द्वारा दो दिवसीय सत्याग्रह उपवास किया। छात्रो की मांग है कॉलेज पार्किंग को कॉलेज को वापस सौंप दिया जाए।
साथ ही कॉलेज का एकमात्र ग्राउंड जो की फुटबॉल ग्राउंड बनाया जा रहा है, जिससे एनसीसी का कैंप एवं भर्ती प्रक्रिया अन्य महाविद्यालय के खेल का आयोजन किया जाता था तथा अन्य खेल जैसे की क्रिकेट, गोला फेक, जैवलिन थ्रो, तथा अन्य खेल का आयोजन नहीं हो पाएगा !
इन्हीं दो मुद्दों को लेकर एनएसयूआई के पदाधिकारी एवं छात्र-छात्राओं ने उपवास सत्याग्रह का कार्यक्रम किया !
जिससे कॉलेज का अस्तित्व बचाया जा सके !
इस मुद्दे को लेकर कलेक्टर महोदय एवं प्राचार्य महोदय जी को ज्ञापन सौंपा गया !
इस कार्यक्रम को समर्थन देने के लिए मुख्य रूप से दुर्ग शहर के पूर्व महापौर एवं शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष धीरज बाकलीवाल जी, दक्षिण ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गुरदीप भाटिया, कर्मचारी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष श्री अभिषेक बोरकर, एनएसयूआई के उपाध्यक्ष सोनू साहू, छात्र नेता उस्मान रजा, युवा तिरुपति चंद्राकर, चैतन्य बंछोर, पियुष सिन्हा, मृदुल सिंह, तुषार कुमार, आयुष शर्मा, लक्ष्य शर्मा, कर्तिक विश्वकर्मा, भानुप्रताप कोरेटी, चेतनलाल निषाद, लीलेश्वर पोहाई, देवानंद कोड़ापे, खुशांन कुमार यादव, विपुल साहू, गितेश कुमार साहू, तरुण देव, मोहित कुमार, विवेक सिंह, मयंक देशमुख, दीपेश बंजारे, योगेश सिन्हा एवं महाविद्यालय के सैकड़ो छात्र उपस्थित रहे।
दुर्ग - शौर्यपथ / प्रदेश के एकमात्र स्थान दुर्ग के गंजपारा स्थित श्री सत्तीचौरा माँ दुर्गा मंदिर में चैत्र नवरात्र पर्व एवं मंदिर का 16 वाँ वार्षिकोत्सव के अवसर पर पूरे 9 दिवस कराया जाता है कन्या भोज जिसमें प्रतिदिन लगभग 151 कन्या माताओं का पूजन करके कन्या भोज कराया जाता है|
समिति के सुरेश गुप्ता सुजल शर्मा ने बताया कि चैत्र नवरात्र पर्व एवं 16 वे वार्षिक उत्सव के अवसर पर श्री सत्तीचौरा मां दुर्गा मंदिर दुर्ग में दिनांक 19 मार्च से 27 मार्च तक प्रतिदिन दोपहर 12 बजे कन्या पूजन एवं कन्या भोज का आयोजन होता है, मंदिर परिसर में प्रातः 9 बजे से माता जी का अभिषेक उसके पश्चात दोपहर 12 बजे दुर्गा मंदिर परिसर में लगभग 150 से अधिक कन्या माताओं का पूजन करके कन्या भोज कराया जाता है|
समित्ति के सुजल शर्मा ने बताया कि मंदिर में रोजाना दोपहर 12 बजे कन्या पूजन किया जा रहा है। जिसमें प्रतिदिन अलग अलग सरकारी स्कूलों एवं अलग अलग वार्ड के से पूरे बाजे गाजे के साथ कन्या माताओं को माता की 108 फिट लंबी चुनरी के नीचे कन्या माताओं को माता की चुनरी में सजा के दुर्गा मंदिर लाया जाता है। जहा इन बेटियों का पूजन कर भोज कराया जा रहा है उसके बाद उन्हें पायल जैन महिला कैट अध्यक्ष के द्वारा सभी कन्या माताओं को भेंट में शिक्षण सामग्री एवं घर उपयोग की सामग्री जिसमें बैग वाटर बॉटल टिफिन सेंट ड्राइंग बुक जैसे पेंसिल रबर शॉपनर कॉपी पेन बॉक्स और साथ में 9 प्रकार के फल आदि दिए जा रहे हैं ताकि वे शिक्षा की ओर बढ़ें और स्वस्थ रहे। समिति के लोगों का मानना है कि बेटियां अगर शिक्षित होंगी तो समाज भी शिक्षित होगा।
सत्तीचौरा में माता जी का प्रतिदिन हो रहा है अभिषेक एवं मंदिर परिसर में प्रतिदिन कन्या भोज.
शहर के ऐतिहासिक सत्तीचौरा माँ दुर्गा मंदिर, गंजपारा में 16वां वार्षिकोत्सव एवं चैत्र नवरात्र पर्व का आयोजन भव्यता के साथ किया जा रहा है। मंदिर की स्थापना वर्ष 2010 में हुई थी और यह दुर्ग का एकमात्र ऐसा मंदिर है जहां साल में चारों नवरात्रों में नियमित कन्या पूजन और कन्या भोज का आयोजन किया जाता है एवं प्रतिदिन अलग अलग धर्मप्रेमियों द्वारा सपरिवार माता जी एक अभिषेक किया जाता है
"रविवार को शोभायात्रा के साथ माता जी पालकी में बैठकर निकलेगी नगर भ्रमण को"
22 मार्च रविवार को को शाम 4 बजे माँ दुर्गा की भव्य पालकी यात्रा निकाली जाएगी, जो शहरभर में भ्रमण करते हुए मंदिर प्रांगण में समापन करेगी, दुर्ग के धर्मप्रेमियों के लिए यह पहला और एकमात्र अवसर रहता है जिसमें धर्मप्रेमी अपने परिवार के साथ माता जी की पालकी अपने कंधे में उठाकर माता जी को नगर भ्रमण करवाते है, विभिन्न स्थानों में शहर के विभिन्न समाज एवं संगठनों द्वारा माता जी की पालकी यात्रा का स्वागत एवं फूलों की वर्षा की जाती है, शहर में पालकी यात्रा को लेकर लोगो में उत्साह है सभी अपनी पलके बिछाए माता के स्वागत का इंतजार कर रहे है
शोभायात्रा में छत्तीसगढ़ी संस्कृति से सजी झांकियाँ डीजे, बैंड पार्टी घोड़ा-बग्गी रथ और माता की सजीव झांकी शामिल होंगी। समिति के सदस्य शहर के धर्मप्रेमी और विभिन्न समाज के लोग आयोजन में अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं।
यात्रा मार्ग दुर्गा मंदिर जीई रोड गंजपारा शनिचरी बाजार गांधी चौक सदर बाजार इंदिरा मार्केट तमेरपारा कंकालिन चौक चंडी चौक शिवपारा सिद्धार्थ नगर सत्तीचौरा दुर्गा मंदिर आयेगी..
इस वर्ष मंदिर की पूजा अर्चना में यजमान प्रज्ञा राहुल शर्मा हैं, एवं प्रतिदिन अलग अलग धर्मप्रेमियों द्वारा पूरे परिवार के साथ उपस्थित होकर माता जी का अभिषेक किया जा रहा है, पूजन कार्य मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित सुनील पांडेय, आचार्य डॉ विक्रांत दुबे एवं आचार्य डॉ आकाश दुबे के मार्गदर्शन में हो रहे हैं।
प्रतिदिन के इस आयोजन में अजय शर्मा महेश टावरी राजेश शर्मा अशोक राठी प्रवीण भूतड़ा कुलेश्वर साहू दीपक चावड़ा पिंकी गुप्ता मनोज गुप्ता ललित शर्मा नरेंद्र गुप्ता गुड्डू कश्यप डब्बू चंद्रवंशी मनीष सेन मनोज गुप्ता लाला योगेन्द्र शर्मा बंटी अर्जित शुक्ला सोनल सेन हर्षद पारख बसंत शर्मा प्रकाश सिन्हा रमेश बावनकर लक्की अग्रवाल भूपेंद्र सेन नमन खंडेलवाल सुयश गुप्ता मोहित पुरोहित ऋषि गुप्ता वासु शर्मा दुर्गा कश्यप प्रशांत कश्यप चिंटू शर्मा एवं अन्य उपस्थित थे..
नई दिल्ली ।
देश में सड़क सुरक्षा को जनआंदोलन बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत सड़क सुरक्षा सम्मेलन 2026 का आयोजन दिल्ली के विवेकानंद स्कूल आनंद विहार में सफलतापूर्वक किया गया। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के तत्वावधान में आयोजित इस सम्मेलन में नीति-निर्माताओं, शिक्षकों, छात्रों और नागरिक समाज के प्रतिनिधियों ने भाग लेकर सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता को व्यवहारिक कार्रवाई में बदलने का संकल्प लिया।
सम्मेलन में कक्षा 3 से 12 तक के लगभग 4,000 छात्रों और करीब 100 स्कूलों के 500 से अधिक शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम में पोस्टर निर्माण, नुक्कड़ नाटक, भूमिका-निर्वाह, पैनल चर्चा, वृत्तचित्र निर्माण और नवाचार प्रतियोगिताओं जैसी गतिविधियों के माध्यम से छात्रों को सड़क सुरक्षा राजदूत बनने के लिए प्रेरित किया गया।
इस अवसर पर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में विधायक ओम प्रकाश शर्मा सहित स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भी उपस्थिति रही।
अपने संबोधन में मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने कहा कि नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और नितिन गडकरी के मार्गदर्शन में देश में राजमार्ग विकास में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। उन्होंने बताया कि भारत में आज लगभग 1.46 लाख किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क विकसित हो चुका है, जो विश्व के सबसे बड़े सड़क नेटवर्क में से एक है।
उन्होंने यह भी कहा कि सड़क सुरक्षा केवल नियमों का पालन नहीं, बल्कि जिम्मेदार नागरिकता का प्रतीक है। हेलमेट पहनना, सीट बेल्ट लगाना और मोबाइल फोन से ध्यान भटकाने से बचना जैसी आदतें हजारों जीवन बचा सकती हैं।
सरकार द्वारा सड़क सुरक्षा के लिए अपनाई गई 4E रणनीति—
—को प्रभावी रूप से लागू किया जा रहा है। मोटर वाहन (संशोधन) अधिनियम 2019 के माध्यम से कड़े दंड प्रावधान लागू कर प्रवर्तन को मजबूत किया गया है।
मंत्री ने बताया कि दुर्घटना पीड़ितों की सहायता के लिए 1.5 लाख रुपये तक की नकद सहायता उपलब्ध कराने वाली योजनाएं लागू की गई हैं। इसके साथ ही—
जैसी तकनीकों से सड़क सुरक्षा को मजबूत किया जा रहा है।
सम्मेलन में स्कूल स्तर पर सड़क सुरक्षा क्लब स्थापित करने, गेट सुरक्षा गश्ती प्रणाली लागू करने और डेटा-आधारित निर्णयों को बढ़ावा देने पर विशेष बल दिया गया। छात्रों ने कार्यक्रम के अंत में यातायात नियमों का पालन करने और दूसरों को भी जागरूक करने का सामूहिक संकल्प लिया।
निष्कर्ष:
सड़क सुरक्षा सम्मेलन-2026 ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि सुरक्षित सड़कें केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक का कर्तव्य हैं। छात्रों और शिक्षकों की बड़ी भागीदारी ने यह संकेत दिया है कि जागरूकता और जिम्मेदारी के माध्यम से ही “सुरक्षित सड़कें, सुरक्षित भारत” का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
नई दिल्ली ।
पश्चिम एशिया में चल रहे घटनाक्रमों और होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े हालात को देखते हुए भारत सरकार ने ईंधन आपूर्ति, समुद्री सुरक्षा और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए व्यापक कदम उठाए हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की उपलब्धता पर्याप्त है तथा नागरिकों को घबराकर खरीदारी न करने की सलाह दी गई है।
सरकार के अनुसार सभी तेल शोधन कारखाने पूरी क्षमता से कार्य कर रहे हैं और कच्चे तेल के पर्याप्त भंडार उपलब्ध हैं। देशभर में पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है तथा एलपीजी का उत्पादन भी बढ़ाया गया है। तेल विपणन कंपनियों ने किसी भी पेट्रोल पंप पर ईंधन की कमी की सूचना नहीं दी है।
सरकार ने सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (सीजीडी) कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे होटल, रेस्तरां और कैंटीन जैसे वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों को पीएनजी कनेक्शन प्राथमिकता से दें। प्रमुख शहरों में वाणिज्यिक एलपीजी उपभोक्ताओं को एलपीजी के स्थान पर पीएनजी अपनाने का परामर्श दिया गया है।
राज्यों और मंत्रालयों को सीजीडी नेटवर्क के विस्तार और अनुमोदन प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही सभी सरकारी कार्यालयों और कैंटीनों को भी जहां संभव हो पीएनजी का उपयोग शुरू करने की सलाह दी गई है।
सरकार ने राज्यों को 20 प्रतिशत अतिरिक्त वाणिज्यिक एलपीजी स्वीकृत की है, जिससे कुल आवंटन अब 50 प्रतिशत हो गया है। यह अतिरिक्त गैस मुख्य रूप से—
जैसे क्षेत्रों को प्राथमिकता के आधार पर दी जाएगी।
सरकार ने एलपीजी की जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए कई राज्यों में बड़े पैमाने पर छापेमारी शुरू की है। अब तक 3,500 से अधिक छापे मारे जा चुके हैं और लगभग 1,400 सिलेंडर जब्त किए गए हैं।
इसके अलावा देशभर में 32 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में नियंत्रण कक्ष और जिला स्तरीय निगरानी समितियां स्थापित की गई हैं।
सरकार ने बताया कि भारत का समुद्री क्षेत्र सामान्य रूप से कार्य कर रहा है और किसी भी बंदरगाह पर भीड़भाड़ की सूचना नहीं है। पश्चिमी फारस की खाड़ी क्षेत्र में भारतीय ध्वज वाले 22 जहाज और 611 भारतीय नाविक मौजूद हैं, जिनकी सुरक्षा पर लगातार नजर रखी जा रही है।
अब तक 534 से अधिक भारतीय नाविकों को सुरक्षित स्वदेश वापस लाया जा चुका है।
विदेश मंत्रालय ने बताया कि पश्चिम एशिया में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और कल्याण सर्वोच्च प्राथमिकता है। क्षेत्र में भारतीय दूतावास 24×7 हेल्पलाइन और सहायता सेवाएं संचालित कर रहे हैं।
इस बीच, नरेन्द्र मोदी ने मसूद पेज़ेशकियान तथा हामद बिन ईसा अल खलीफा से बातचीत कर क्षेत्रीय स्थिति पर चर्चा की और समुद्री मार्गों की सुरक्षा पर जोर दिया।
एक सकारात्मक घटनाक्रम में एमटी सेफसी विष्णु जहाज के 15 भारतीय चालक दल सदस्य इराक से सुरक्षित स्वदेश लौट आए हैं।
सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि—
निष्कर्ष:
पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति के बावजूद भारत सरकार ने ईंधन आपूर्ति, समुद्री सुरक्षा और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए व्यापक और बहु-स्तरीय व्यवस्था की है। सरकार का कहना है कि स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और आवश्यकतानुसार अतिरिक्त कदम उठाए जाएंगे। ⚡?
नई दिल्ली ।
भारत सरकार के प्रमुख अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन प्रकृति 2026 का शुभारंभ नई दिल्ली में केंद्रीय ऊर्जा एवं आवास-शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने किया। इस अवसर पर भारतीय कार्बन बाजार पोर्टल का भी शुभारंभ किया गया, जो देश में कार्बन बाजार के संचालन और प्रशासन के लिए केंद्रीय डिजिटल मंच के रूप में कार्य करेगा।
यह सम्मेलन ऊर्जा दक्षता ब्यूरो द्वारा विद्युत मंत्रालय तथा पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के संरक्षण में आयोजित किया जा रहा है। यह आयोजन भारत विद्युत शिखर सम्मेलन 2026 के अंतर्गत हो रहा है, जिसमें देश-विदेश के विशेषज्ञ, नीति-निर्माता और उद्योग जगत के प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं।
कार्यक्रम के दौरान लॉन्च किया गया भारतीय कार्बन बाजार पोर्टल देश के कार्बन क्रेडिट तंत्र को पारदर्शी और प्रभावी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि भारत ने यह सिद्ध कर दिया है कि जलवायु उत्तरदायित्व और आर्थिक विकास साथ-साथ चल सकते हैं।
उन्होंने बताया कि भारत में कार्बन क्रेडिट ट्रेडिंग स्कीम (CCTS) के तहत अब तक 9 अधिसूचित पद्धतियां तैयार की जा चुकी हैं और बायोगैस, हाइड्रोजन तथा वानिकी क्षेत्रों में 40 से अधिक संस्थाएं पंजीकृत हैं। साथ ही 7 ऊर्जा-गहन क्षेत्रों की लगभग 490 संस्थाओं के लिए उत्सर्जन लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं।
कार्यक्रम में केंद्रीय विद्युत राज्य मंत्री श्रीपद नाइक ने कार्बन बाजारों को मजबूत बनाने के लिए तीन प्रमुख स्तंभ—विश्वसनीयता, पूंजी और सहयोग—पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि भारत नवीकरणीय ऊर्जा और ऊर्जा दक्षता के क्षेत्र में तेजी से वैश्विक नेतृत्व की ओर बढ़ रहा है।
दो दिवसीय इस सम्मेलन में कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की जाएगी, जिनमें—
विशेषज्ञों का मानना है कि कार्बन बाजार न केवल उत्सर्जन कम करने में मदद करेंगे, बल्कि नवाचार, निवेश और उद्यमिता के नए अवसर भी पैदा करेंगे।
प्रकृति-2026 सम्मेलन भारत के हरित विकास और जलवायु प्रतिबद्धताओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। पारदर्शी और विश्वसनीय कार्बन बाजार ढांचा तैयार कर भारत न केवल अपने घरेलू हरित परिवर्तन को गति दे रहा है, बल्कि वैश्विक स्तर पर सतत विकास की दिशा में भी अग्रणी भूमिका निभाने की ओर बढ़ रहा है। ??
निष्कर्ष:
‘प्रकृति-2026’ और भारतीय कार्बन बाजार पोर्टल का शुभारंभ भारत के जलवायु लक्ष्यों को गति देने, उद्योगों को हरित दिशा में प्रेरित करने तथा किसानों और उद्यमियों के लिए नए आर्थिक अवसर सृजित करने की दिशा में एक निर्णायक पहल साबित हो रही है।
मुंबई ।
भारत के उभरते तकनीकी नवाचारों को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए भारत इनोवेट्स डीप-टेक प्री-समिट का उद्घाटन मुंबई स्थित आईआईटी बॉम्बे परिसर के एस्पायर–आईआईटी बॉम्बे रिसर्च पार्क फाउंडेशन में किया गया। यह दो दिवसीय राष्ट्रीय आयोजन देश के सर्वश्रेष्ठ डीप-टेक स्टार्टअप्स को वैश्विक मंच तक पहुंचाने की तैयारी का अहम चरण माना जा रहा है।
कार्यक्रम का उद्घाटन भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार प्रो. अजय कुमार सूद ने किया। इस अवसर पर उच्च शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. विनीत जोशी, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव प्रो. अभय करंदीकर, आईआईटी बॉम्बे बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष डॉ. के. राधाकृष्णन तथा आईआईटी बॉम्बे के निदेशक प्रो. शिरीष केदारे सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
देशभर से प्राप्त 3,000 से अधिक स्टार्टअप आवेदनों में से बहु-स्तरीय चयन प्रक्रिया के बाद 13 प्रमुख तकनीकी क्षेत्रों में 137 उत्कृष्ट डीप-टेक स्टार्टअप्स का चयन किया गया है। इनमें एडवांस्ड कंप्यूटिंग, हेल्थकेयर एवं मेडटेक, स्पेस एवं डिफेंस, सेमीकंडक्टर, बायोटेक्नोलॉजी, स्मार्ट सिटीज, एग्री-फूड टेक्नोलॉजी, ऊर्जा, आपदा प्रबंधन और इंडस्ट्री 4.0 जैसे क्षेत्र शामिल हैं।
उद्घाटन के बाद 70 से अधिक स्टार्टअप्स ने पिच सत्रों में अपने नवाचार प्रस्तुत किए, वहीं निवेशकों और उद्योग प्रतिनिधियों ने रिवर्स पिच के माध्यम से तकनीकी आवश्यकताओं और निवेश प्राथमिकताओं पर चर्चा की।
अपने संबोधन में प्रो. अभय करंदीकर ने बताया कि भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है, जहां लगभग 2 लाख स्टार्टअप और करीब 125 यूनिकॉर्न कंपनियां सक्रिय हैं। उन्होंने कहा कि डीप-टेक क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए केंद्र सरकार ने जुलाई 2025 में 1 लाख करोड़ रुपये के अनुसंधान, विकास एवं नवाचार (RDI) कोष को मंजूरी दी है, जिससे निजी क्षेत्र और स्टार्टअप्स को दीर्घकालिक वित्तीय सहयोग मिलेगा।
प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार प्रो. अजय कुमार सूद ने कहा कि भारत की वैश्विक प्रतिस्पर्धा में तकनीकी नेतृत्व स्थापित करने के लिए डीप-टेक नवाचार अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने शैक्षणिक संस्थानों, शोध संगठनों और स्टार्टअप्स की भूमिका को देश के भविष्य के लिए निर्णायक बताया।
उच्च शिक्षा सचिव डॉ. विनीत जोशी ने कहा कि भारत इनोवेट्स 2026 एक “पूरे सरकार का प्रयास” है, जो शिक्षा, विज्ञान, रक्षा और अंतरिक्ष जैसे क्षेत्रों को एक साझा मंच पर लाता है। उन्होंने निवेशकों से महानगरों के साथ-साथ छोटे शहरों के स्टार्टअप्स को भी पहचानने का आह्वान किया।
यह प्री-समिट भारत इनोवेट्स 2026 अभियान का प्रारंभिक चरण है, जिसका भव्य समापन जून 2026 में फ्रांस के नीस शहर में आयोजित वैश्विक नवाचार प्रस्तुतीकरण के साथ होगा। यह आयोजन भारत-फ्रांस नवाचार वर्ष 2026 का हिस्सा है।
कार्यक्रम का दूसरा दिन 22 मार्च 2026 को आयोजित होगा, जिसमें अतिरिक्त स्टार्टअप पिच सत्र, नीति चर्चा, निवेशक सहभागिता तथा ग्रैंड फिनाले और पुरस्कार समारोह आयोजित किए जाएंगे। इसमें सर्वश्रेष्ठ स्टार्टअप प्रस्तुतियों को सम्मानित किया जाएगा।
निष्कर्ष:
‘भारत इनोवेट्स डीप-टेक प्री-समिट’ भारत के नवाचार इकोसिस्टम को नई गति देने के साथ देश के स्टार्टअप्स को वैश्विक मंच पर स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो रही है। यह आयोजन भारत को तकनीकी नेतृत्व की दिशा में आगे बढ़ाने वाला एक सशक्त कदम माना जा रहा है।
'कैद में देखभाल: चिड़ियाघरों की सर्वोत्तम प्रथाओं को प्रदर्शित करने वाला एक संकलन' शीर्षक से एक प्रकाशन भी जारी किया गया
नई दिल्ली / शौर्यपथ /
केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव ने आज देहरादून स्थित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी में आयोजित केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण की 45 वीं बैठक की अध्यक्षता की। बैठक के दौरान चिड़ियाघरों के प्रभावी प्रबंधन मूल्यांकन के दूसरे चरण के प्रगति की समीक्षा की गई।
बैठक में निम्नलिखित निर्णय लिए गए, जिनका विवरण नीचे दिया गया है:
' मेरा चिड़ियाघर ' की अवधारणा पर एक समिति का गठन किया जाए ताकि विभिन्न क्षेत्रों के प्रमुख व्यक्तियों को चिड़ियाघरों से जोड़ा जा सके।
केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण की आगामी बैठकों में चिड़ियाघरों द्वारा प्रति बैठक 2 से 3 प्रजातियों के संरक्षण प्रजनन पर हुई प्रगति को प्रस्तुत किया जाएगा।
मानव-तेंदुआ नकारात्मक अंतःक्रियाओं में शामिल तेंदुओं को उन चिड़ियाघरों में स्थानांतरित करने के संबंध में अद्यतन जानकारी दी जानी चाहिए , जिन चिड़ियाघरों ने उनके दीर्घकालिक देखभाल के लिए दूर क्षेत्रों में सुविधाओं की उपलब्धता की सूचना दी हो और जो उचित आवास, रखरखाव और स्वास्थ्य देखभाल सुनिश्चित करती हों।
नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय चिड़ियाघर के आधुनिकीकरण की अवधारणा को अन्य चिड़ियाघरों के लाभ के लिए साझा किया जा सकता है।
चिड़ियाघर के पशु चिकित्सकों के लिए बंदी पशुओं के पोषण पर एक क्षमता निर्माण कार्यशाला का आयोजन किया जाए।
आगामी बैठकों में नीतिगत मामलों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण की अगली बैठक में चिड़ियाघर निदेशक द्वारा एक प्रस्तुति को शामिल किया जाए।
बैठक के दौरान 'कैद में देखभाल: चिड़ियाघरों की सर्वोत्तम प्रथाओं को प्रदर्शित करने वाला संकलन' शीर्षक से एक प्रकाशन जारी किया गया। यह संकलन पशु कल्याण, संरक्षण प्रजनन, अनुसंधान और शिक्षा पर ध्यान केंद्रित करते हुए चिड़ियाघर प्रबंधन के प्रति भारत के विकसित होते दृष्टिकोण को उजागर करता है।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
