September 05, 2026
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    धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
    क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।

    1470 कैंप में 75 हजार से अधिक मरीजों ने कराया इलाज

    मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना का लोग उठा रहे हैं लाभ 

          रायपुर / शौर्यपथ /  रायपुर लाखे नगर क्षेत्र की श्रीमती जाहिदा बेगम को पिछले कुछ दिनों से कमजोरी महसूस हो रही थी। श्रीमती रिजवाना मेमन को पैर में दर्द था। पापड़ पैकिंग का काम करने वाली श्रीमती रामकोर को भी दर्द महसूस हो रहा था। ये सभी महिलाएं अपने उपचार के लिए अस्पताल तो जाना चाहती थी, लेकिन कार्य की व्यस्तता की वजह से नहीं जा पा रही थी। इनके घर के पास जब मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत संचालित मोबाइल मेडिकल यूनिट पहुंची तो इन सभी की बीमारी मानों दूर ही हो गई। मोबाइल मेडिकल यूनिट में मौजूद चिकित्सक और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने श्रीमती जाहिदा, रिजवाना सहित आसपास की महिलाओं का स्वास्थ्य जांच कर उन्हें दवाइयां दी तो सभी को बीमारी से राहत मिली। पहले छोटी-छोटी बीमारी के इलाज के लिए अस्पताल न जा पाने वाली इन महिलाओं ने कई बार निजी अस्पताल का चक्कर भी काटा और अपने पैसे भी खर्च किए। अब जबकि इन्हें घर के पास ही मोबाइल मेडिकल यूनिट की टीम से इलाज मिल गया है और ठीक भी हो गए हैं तो वे सरकार का आभार जताना नहीं भूलती। 

          मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल और नगरीय प्रशासन तथा श्रम मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया की पहल से शहरी क्षेत्र के स्लम इलाकों में रहने वाले गरीब परिवारों के निःशुल्क उपचार की व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना के माध्यम से मोबाइल मेडिकल यूनिट प्रदेश के 14 नगर निगम क्षेत्र के अलग-अलग वार्डों में पहुंच कर लोगों का इलाज कर रही है। इस योजना के तहत स्लम क्षेत्र के निवासियों के स्वास्थ्य की जांच, उपचार, दवा वितरण एवं स्वास्थ्य परामर्श सुविधा निःशुल्क दिया जा रहा है। यूनिट में ओपीडी, प्रयोगशाला जांच के साथ दवा वितरण और लैब में 41 प्रकार के स्वास्थ्य जांच की सुविधा उपलब्ध है। दाई-दीदी क्लीनिक के माध्यम से भी मोबाइल मेडिकल टीम रायपुर, बिलासपुर और भिलाई नगर निगम क्षेत्र में पहुचकर लोगों का निःशुल्क उपचार कर रही है। दाई-दीदी क्लीनिक में महिलाओं के प्राथमिक उपचार के साथ-साथ महिला चिकित्सक द्वारा स्तन कैंसर की जांच, हितग्राहियों को स्व स्तन जांच का प्रशिक्षण, गर्भवती महिलाओं की नियमित एवं विशेष जांच आदि की अतिरिक्त सुविधा प्रदान की गई है। प्रदेश के 14 नगर निगमों में अभी तक 1470 स्थानों पर मोबाइल मेडिकल यूनिट ने कैंप लगाई है। इन कैंपों के माध्यम से 75 हजार 227 मरीजों का स्वास्थ्य जांच, 18082 मरीजों का लैब टेस्ट, 65 हजार मरीजों को दवा का वितरण, किया गया है। सबसे अधिक कैंप रायपुर नगर निगम में 474, बिलासपुर में 136, राजनांदगांव में 135 और दुर्ग में 127 कैंप लगाया गया है। 

    सबसे अधिक बिलासपुर के लोगों ने उठाए लाभ

        मोबाइल मेडिकल यूनिट (एमएमयू )द्वारा अभी तक लगाए गए 1470 कैंप में सबसे अधिक कैंप रायपुर नगर निगम में लगाया गया है। यहां 22965 मरीज लाभान्वित हुए हैं। यदि औसत देखा जाए तो एक एमएमयू में सर्वाधिक बिलासपुर में 70 मरीजों को लाभ मिला है। बिलासपुर में 136 कैंप में 9497 मरीज लाभान्वित हुए हैं। दुर्ग में 6738, कोरबा में 5832, राजनांदगांव में 5756 मरीज और भिलाई में 4853, रायगढ़ में 4576 मरीज लाभान्वित हुए हैं।

    दाई-दीदी क्लीनिक में 3305 महिलाएं हुई लाभान्वित

        नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा 19 नवंबर को मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल एवं विभागीय मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया ने प्रदेश के तीन नगर निगम रायपुर, बिलासपुर और भिलाई नगर निगम के लिए दाई-दीदी क्लीनिक का शुभारंभ करते हुए स्पेशल मोबाइल मेडिकल यूनिट का शुभारंभ किया था। दाई-दीदी क्लीनिक का तीनों नगर निगम में अच्छा रिस्पांस मिल रहा है। विगत 25 दिनों में 59 कैंपों में 3306 महिलाएं इससे लााभन्वित हुई है। लगभग 1061 मरीजों का लैब टेस्ट, 3044 मरीजों को दवा वितरित किया गया है। इस योजना का सबसे अधिक लाभ बिलासपुर नगर निगम क्षेत्र की 1360 महिलाओं ने उठाया है।

    82 करोड़ रूपए लागत के अम्बिकापुर-दरिमा-नवानगर 36 किलोमीटर सड़क मार्ग और43 करोड़ रूपए लागत से अम्बिकापुर-दरिमा मार्ग चौड़ीकरण-उन्नयन कार्य का भूमिपूजनलगभग 26 करोड़ रूपए की लागत से 124 बसाहटों में…

    बालोद / शौर्यपथ / कलेक्टर जनमेजय महोबे ने कहा कि जिले में शासन से प्राप्त लक्ष्य के अनुरूप कोरोना वायरस (कोविड-19) की जाॅच शतप्रतिशत हो। श्री महोबे आज शाम संयुक्त जिला कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित स्वास्थ्य विभाग की बैठक में निर्देशित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को या उसके परिवार के अन्य सदस्यों को सर्दी, खांसी, बुखार, श्वास लेने में कठिनाई, स्वाद या गंध नहीं आने पर तत्काल कोरोना जाॅच कराना चाहिए। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस से बचाव हेतु मास्क का उपयोग और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन जरूरी है। कलेक्टर ने कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव हेतु जनजागरूकता लाने प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए।
    कलेक्टर ने कोविड-19 अस्पताल और कोविड केयर सेंटर्स में साफ-सफाई की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि नियमित साफ-सफाई, समय पर भोजन और दवाईयों की उपलब्धता सुनिश्चित हो। कलेक्टर ने जिले में कोविड-19 टीकाकरण की तैयारी के संबंध में चर्चा कर आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने नियंत्रण कक्ष की स्थापना, वैक्सीनेशन प्लान, प्रशिक्षण आदि पर विस्तारपूर्वक चर्चा की। बैठक में कोविड-19 टीकाकरण के जिला स्तरीय नोडल अधिकारी व डिप्टी कलेक्टर अभिषेक दीवान, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. जे.पी.मेश्राम, जिला कार्यक्रम प्रबंधक डाॅ. भूमिका वर्मा सहित खण्ड चिकित्सा अधिकारी आदि मौजूद थे।

    राजनांदगांव / शौर्यपथ / आज डोंगरगढ़ विधायक अध्यक्ष अनुसूचित जाति प्राधिकरण भुनेश्वर बघेल के निर्देशानुसार धान खरीदी केन्द्र पदुमतरा का निरीक्षण क्षेत्रीय जनपद सदस्य व सभापाति ओमप्रकाश साहू व युवा कांग्रेस अध्यक्ष सौरभ वैष्णव पहंुचे।
    जनपद सभापति ओमप्रकाश साहू ने किसानों से मुलाकात किये धान खरीदी की व्यवस्था देखा व अधिकारी-कर्मचारियों व हमालों से बातचीत किये व बेहतर व्यवस्था रखने की बात कही व किसानों को किसी प्रकार परेशानी न हो इस पर विशेष ध्यान रखने कहा गया।
    युवा कांग्रेस अध्यक्ष सौरभ वैष्णव ने कहा छत्तीसगढ़ सरकार किसानों की सरकार है किसानो की धान खरीदी व्यवस्था का ध्यान देने की बात कही।

    ० एनीमिक गर्भवती माता श्रीमती गोमती सिन्हा ने स्वस्थ शिशु को दिया जन्म
    ० आंगनबाड़ी केन्द्र में पौष्टिक भोजन, अंडा एवं मूंगफल्ली की चिक्की से स्वास्थ्य हुआ अच्छा


    राजनांदगांव / शौर्यपथ /  मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान अंतर्गत राजनांदगांव की एकीकृत बाल विकास सेवा परियोजना (शहरी) के तहत आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा कुपोषण की रोकथाम के लिए एनीमिक गर्भवती माताओं को घर-घर जाकर पौष्टिक आहार दिया जा रहा है और उन्हें गर्भावस्था के दौरान संपूर्ण देखभाल की जानकारी दी जा रही है। आंगनबाड़ी केन्द्र बलराम दास वार्ड नंबर 15 केन्द्र क्रमांक 2 की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती लता सोनटिया ने वजन पंजीयन के दौरान देखा कि गर्भवती महिला श्रीमती गोमती सिन्हा का वजन 50 किलोग्राम था और उनका हिमोग्लोबिन 9.5 ग्राम था। मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के तहत उन्हें लगातार आंगनबाड़ी केन्द्र में सप्ताह में तीन दिन अंडा, मूंगफल्ली की चिक्की एवं प्रतिदिन गर्म भोजन दिया गया। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने गृह भेंट के दौरान पौष्टिक भोजन के साथ ही आयरन, फॉलिक एसिड की गोली, टीकाकरण, नियमित जाँच की सतत निगरानी की। जिसके फलस्वरूप गर्भवती महिला श्रीमती गोमती सिन्हा का हिमोग्लोबिन 12 ग्राम हो गया और उन्होंने एक स्वस्थ्य शिशु को जन्म दिया, जिसका वजन 3 किलोग्राम था।
    मार्च 2020 से कोविड-19 के कारण आंगनबाड़ी बंद हो जाने के कारण आंगनबाड़ी कार्यकर्ता द्वारा घर-घर जाकर एनीमिक गर्भवती महिलाओं को सूखा राशन वितरण किया गया और सतत निगरानी की गई। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता द्वारा परिवार एवं समुदाय के बीच एनिमिया और कुपोषण की कमी हेतु उपलब्ध इ-ईला के विडियो और विभिन्न चार्ट, पोस्टरों के माध्यम से जागरूकता लाने का कार्य कर रही हैं। स्वच्छता और कोविड-19 से बचाव हेतु गृह भेंट कर सभी बच्चों के पालकों, गर्भवती महिलाओं एवं परिवार को लगातार मार्गदर्शन दे रही हैं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मितानिन, एएनएम एवं पर्यवेक्षक के आपसी समन्वय से शीघ्र से शीघ्र गर्भवती महिलाओं का पंजीयन, शत प्रतिशत संस्थागत प्रसव, जन्म के तुरन्त बाद या 1 घण्टे के अंदर स्तनपान, टीकाकरण, कुपोषित बच्चों को पर्याप्त ऊपरी पौष्टिक आहार, वजन, कृमिनाशक गोली, आयरन सिरप का वितरण एवं बच्चों और महिलाओं के लिए स्वास्थ्य जाँच शिविर का आयोजन करवा रही हैं। ताकि बच्चों और महिलाओं में कुपोषण और एनीमिया की दर में कमी आ सके।

    ० खाद्य सामग्रियों की प्रदर्शनी लगाकर बताए फायदे
    ० शहरी क्षेत्र के गौरी नगर में हुआ पोषण जागरुकता कार्यक्रम

    राजनांदगांव / शौर्यपथ / बच्चों और महिलाओं को सुपोषित बनाने के लिए जिले में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इन सभी कार्यक्रमों का उद्देश्य कुपोषण को मिटाना है। इसी कड़ी में राजनांदगांव शहरी क्षेत्र के गौरीनगर में महिला एवं बाल विकास विभाग के कर्मचारियों और क्षेत्रीय आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिका व मितानिन ने विशेषकर गर्भवती महिलाओं और शिशुवती माताओं के स्वास्थ्य से संबंधित कई कार्यक्रम किए।
    इस अवसर पर मौजूद लाभार्थियों को सुपोषण के प्रति प्रेरित करने का प्रयास किया गया। कुपोषण मुक्ति के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग के सहयोग से यहां विभिन्न प्रकार की खाद्य सामग्रियों की प्रदर्शनी भी लगाई गई। प्रदर्शनी में प्रमुख रूप से मूंगफली, केला, कुंदरू, कद्दू, अंडे, पपीता, सोया बड़ी, चना, उड़द, अरहर दाल, बटरा, पापड़, प्याज, आलू, मुनगा भाजी, कांदा भाजी, पोई भाजी और मीठा नीम जैसी विभिन्न प्रजातियों को रखा गया। साथ ही महिलाओं को इसके सेवन से होने वाले फायदे भी बताए गए। वहीं आंगनवाड़ी कार्यकर्ता-सहायिका व मितानिन ने गर्भवती महिलाओं व शिशुवती माताओं को कम वजन के नवजात शिशुओं को कंगारू मदर केयर देने की जानकारी दी। साथ ही संक्रमण से बचाव हेतु साफ सफाई बरतने, मां द्वारा शिशु को कम से कम 6 माह तक सिर्फ स्तनपान कराने तथा माता को स्वयं मौसमी फलों, हरी सब्जियों और रेडी-टू-ईट का उपयोग करने हेतु समझाइश दी।
    आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिका व मितानिन ने महिलाओं को जागरूक करते हुए कहा, सही पोषण ही बेहतर विकास की नींव मानी जाती है, इसलिए जो चीजें हमारे आसपास ही मौजूद हैं, उसका भरपूर उपयोग करें। शिशु व स्वयं के स्वास्थ्य के प्रति गंभीर लाभार्थी महिलाएं सजगता के साथ समय-समय पर जरूरी सलाह लेती रहेंगी तो कुपोषण के खिलाफ जारी लड़ाई जीतने में निश्चित तौर पर बड़ी मदद मिलेगी। उन्होंने महिलाओं से अपील करते हुए कहा कि, बच्चों को कुपोषित होने से बचाना है तो आंगनबाड़ी केन्द्र में होने वाली गतिविधियों से जरूर जुड़ें। आंगनबाड़ी के लाभ को अपनाएं। इसके साथ-साथ रेडी-टू-ईट, हरी सब्जियों, अंडा और खासकर मुनगा जैसी चीजों को अपने दैनिक जीवन में अपनाएं और कुपोषण से मुक्ति पाएं।
    आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अमृता ठाकुर ने बताया, महिलाओं और शिशुओं में सुपोषण के लिए गोद भराई, उचित पोषण आहार, रेडी-टू-ईट या वजन जांचने जैसे क्रिया-कलाप क्षेत्र में लगातार किए जा रहे हैं और इससे महिलाएं लाभान्वित भी हो रही हैं। इस संबंध में महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी रेणु प्रकाश ने बताया, सुपोषण के लिए जिले में किए जा रहे प्रयासों के सकारात्मक परिणाम भी सामने आ रहे हैं। मुख्यमंत्री बाल संदर्भ योजनांतर्गत इस वर्ष अब तक 9,093 बच्चों की स्वास्थ्य जांच की गई एवं 4,281 गंभीर कुपोषित बच्चों को निःशुल्क दवा वितरण किया गया है। जिले में 6 पोषण पुनर्वास केन्द्र संचालित हैं, जिसमें नियमित रूप से बच्चों को लाभ देने का प्रयास किया जा रहा है। वर्ष 2019-20 में माह फरवरी 2020 तक कुल 960 अति गंभीर कुपोषित बच्चों को पोषण पुनर्वास केन्द्र का लाभ दिया गया। पोषण पुनर्वास केन्द्र में 14 दिवस लाभ लेने के बाद घर पर बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण पर विशेष ध्यान देने के लिए अभिभावकों की काउंसलिंग स्वास्थ्य विभाग एवं महिला बाल विकास विभाग द्वारा संयुक्त रूप से की जा रही है।
    उन्होंने बताया, कुपोषण मुक्ति के लिए स्थानीय पौष्टिक आहार को प्रमुखता, बाड़ी, किचन गार्डन को बढ़ावा और अधिक से अधिक जन समुदाय की सहभागिता जैसे कई प्रयास एक साथ और लगातार किए जा रहे हैं। इसके अलावा बच्चे का नियमित टीकाकरण हो, यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है और इसी कड़ी में गौरी नगर क्षेत्र में पोषण से संबंधित जागरुकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

    जांजगीर-चांपा / शौर्यपथ / त्रिस्तरीय पंचायतीराज संस्थाओं के नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों को आधारभूत, अभिमुखीकरण तीन दिवसीय प्रशिक्षण विगत दिनों ऑनलाइन माध्यम से राज्य स्तरीय प्रशिक्षकों ने दिया। जिसमें पंचायतीराज व्यवस्थाओं की बारीकियों के बारे में विस्तार से जनप्रतिनिधियों को जानकारी दी गई।
    जिला पंचायत संसाधन केन्द्र में 7 से 10 दिसम्बर तक ऑनलाइन प्रशिक्षण जिला पंचायत अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं सदस्यों को दिया गया। जिसमें वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से 7 दिसम्बर को उद्घाटन सत्र का शुभारंभ मुख्यमंत्री भूपेश बघेल व पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री टी.एस.सिंहदेव के द्वारा किया गया। इसके पश्चात ठाकुर प्यारेलाल राज्य पंचायत एवं ग्रामीण विकास संस्थान निमोरा रायपुर से संचालित ऑन लाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम में 8 से 10 दिसम्बर तक राज्य स्तर के प्रशिक्षकों द्वारा दिया गया। जिसमें अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं सदस्यों को 73 वॉ संविधान संशोधन अधिनियम एवं छत्तीसगढ़ में पंचायतीराज व्यवस्था एवं प्रमुख धाराओं से अवगत कराया गया।
    इसके बाद पंचायतीराज व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए आयोजित बैठकों एवं कामकाज से अवगत कराया गया। अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं सदस्यों के कार्य दायित्व, अधिकार एवं सामान्य सभा के बैठकों में लाये जाने वाले मुद्दों से अवगत कराया गया। इसके अलावा जिला पंचायत समितियों की बैठक एवं कामकाज के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। प्रशिक्षण में पंचायत संचालनालय एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं जैसे मुख्यमंत्री समग्र विकास, 15 वें वित्त, मूलभूत, प्रधानमंत्री आवास, स्वच्छ भारत मिशन, महात्मा गांधी नरेगा आदि के बारे में जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के अंतिम दिवस नरवा, गरवा, घुरवा, बाड़ी विकास में पंचायतों की भूमिका तथा ग्राम गोठान प्रबंधन समिति के संबंध में जानकारी दी गई। वहीं अन्य विभागीय योजनाओं के बारे में प्रशिक्षण में बताया गया। प्रशिक्षण प्राप्त करने के उपरांत जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी तीर्थराज अग्रवाल ने अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं सदस्यों को प्रमाण पत्र का वितरण किया गया। प्रशिक्षण के दौरान अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं उपसंचालक अभिमन्यु साहू एवं लेखाधिकारी जी.एस.सिदार, संकाय सदस्य चंद्रहास जायसवाल, अजय सिंह सहित आदि उपस्थित थे।

    राजशेखर नायर/धमतरी/शौर्यपथ

    पुलिस अंजोर रथ के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को भी जागरूक कर रही है। अपराधों से बचने उपाय बताये जा रहें हैं। ज्ञात हो कि जिले में साइबर अपराधों के मामले सामने आ रहे, इसके अलावा महिला व बच्चों सम्बन्धी अपराध भी सामने आते रहते है। जिसकी रोकथाम को लेकर एसपी बीपी राजभानू और एएसपी मनीषा ठाकुर के निर्देशन में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। जहां शहर के वार्डों में जाकर लोगों को पुलिस जागरूक कर रही। वहीं अंजोर रथ के माध्यम से जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है। सोमवार को अंजोर रथ ग्राम कुकरेल पहुंचा था। जहां प्रशिक्षु डीएसपी रागिनी तिवारी ने लोगों को जागरूक करते हुये कहा कि पुलिस हमेशा जनसुरक्षा को लेकर तत्पर रहती है।

    नई दिल्ली /शौर्यपथ / सुप्रीम कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश एस ए बोबडे की अध्यक्षता वाली पीठ दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण के मामले पर गुरुवार को सुनवाई करेगी. केंद्र सरकार ने सुप्रीम…
    नई दिल्ली / शौर्यपथ / भारतीय राजदूतों के समूह ने किसान आंदोलन पर कनाडा के रुख को 'वोटबैंक की राजनीति' बताते हुए खुला पत्र लिखा है. इस पत्र पर 22…

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