September 05, 2026
Hindi Hindi

Login to your account

Username *
Password *
Remember Me
    Uncategorised

    Uncategorised (35382)

    अन्य ख़बर

    अन्य ख़बर (5877)

    धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
    क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।

    दुर्ग / शौर्यपथ / राज्य शासन द्वारा प्रदेश के चहुमुखी विकास के लिए महत्वपूर्ण योजनाएं संचालित की जा रही है। इन योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन होने से धरातल स्तर पर व्यापक परिणाम नजर आएंगे। गांव के साथ-साथ शहरी विकास के लिए राज्य की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए योजनाएं बनाई गई हैं। सभी अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि शासन द्वारा संचालित प्राथमिकता वाली योजनाओं का क्रियान्वयन सर्वोच्च प्राथमिकता से करते हुए योजना के उददेश्य को सफल बनाए। यह बात कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने समय-सीमा की बैठक में जिलाधिकारियों से कही। वे शासन द्वारा संचालित फ्लैगशीप योजनाओं के क्रियान्वयन के संबंध में समीक्षा कर रहे थे। कलेक्टर ने समय सीमा की बैठक में अधिकारियों से कहा कि शासन द्वारा राज्य की जनता की आवश्यकता और जरूरत को ध्यान में रखकर महत्वपूर्ण योजनाएं बनाई गई हैं। समय पर योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन होने से ही सार्थक परिणाम मिल सकेंगे।
    कलेक्टर ने मुख्यमंत्री सहित अन्य मंत्रीगणों के द्वारा अपने प्रवास और दौरे के दौरान किए गए घोषणाओं को समय पर पूर्ण कराने कहा है। मंत्रीगणों द्वारा जो घोषणाएं की जाती है वह उस क्षेत्र के विकास के लिए अहम होती है। क्षेत्र की जनता की अपेक्षाएं इन विकास कार्यों से जुड़ी हुई होती हैं, इनका समय में पूर्ण किया जाना आवश्यक होता है। जो घोषणाएं की जाती है इससे संबंधित अधिकारियों को स्वयं रूचि लेकर इसके लिए प्रोजेक्ट तैयार करने कहा है। बैठक में कलेक्टर ने नगरीय निकाय क्षेत्रों में शासकीय भूमि, शासकीय भूमि पर अतिक्रमण, नजूल के उपखंड एवं नजूल पर अतिक्रमण से संबंधित भूमि का चिन्हांकन कर प्रकरण तैयार करने कहा है। साथ ही लंबे अरसे से शासकीय भूमि पर काबिज व्यक्तियों का चिन्हांकन कर नियमानुसार राशि लेकर पट्टे का आबंटन करने के संबंध में शासन द्वारा जारी निर्देश का पालन करने कहा है। जिन पट्टों को निश्चित समय के लिए लीज पर दिया गया है, ऐसे पुराने पट्टों का नवीनीकरण की कार्यवाही में ही गति लाने कहा है।
    स्वच्छ भारत अभियान अंतर्गत आगामी समय में स्वच्छता सर्वेक्षण किया जाना निर्धारित किया गया है। इसे ध्यान में रखते हुए सभी नगरीय निकाय के अधिकारियों को अपने अपने निकाय क्षेत्रों में पूर्ण साफ-सफाई, सीवरेज सिस्टम, शौचालय की स्थिति के आधार पर आवश्यक कार्यवाही करते हुए व्यवस्था दुरूस्त करने कहा गया है। आम जनता की स्वास्थ्य सुविधा के लिए शासन द्वारा मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना संचालित किया गया है। जिसका उददेश्य आम नागरिकों को अपने घर के समीप स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराना है। इसका बेहतर क्रियान्वयन हो इसके लिए नियमित मॉनिटरिंग किया जाना आवश्यक है। मोबाइल मेडिकल यूनिट से क्रमवार वार्डों मंे शिविर लगाकर लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण करने और उनकी समस्या का समाधान करने भी कहा गया है।
    कलेक्टर ने कहा कि गोधन न्याय योजना शासन की अतिमहत्वकांक्षी योजनाओं में से एक है, इसके लिए संबंधित अधिकारियों की जवाबदारी है कि इसका बेहतर क्रियान्वयन कर इसे सफल बनाएं। योजनांतर्गत गोबर की खरीदी करने से लेकर कम्पोस्ट खाद बनाने और उसकी बिक्री का सुचारू संचालन करें। उन्होंने धान खरीदी की समीक्षा करते हुए सभी खरीदी केन्द्रों में व्यापक व्यवस्था बनाने कहा है। संबंधित अधिकारियों को खरीदी केन्द्र का नियमित निरीक्षण करने के साथ-साथ धान के उठाव में भी सार्थक पहल करने कहा है। धान विक्रय के लिए उपार्जन केन्द्र में आने वाले किसानों को किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो इस पर भी विशेष ध्यान देने कहा है।

    तेज बारिश और कडकड़ाती ठंड में भी बाइकर्स का जोश प्रशंसनीय
    देर रात तक जागकर लोग कर रहे पर्यटन रथ एवं बाईक रैली का आत्मीय स्वागत


    रायपुर / शौर्यपथ / राम वन गमन पथ 14 दिसम्बर से रवाना हुए पर्यटन रथ एवं बाईक रैली 17 दिसम्बर को उत्तर में शिवरीनारायण से और दक्षिण में राजिम से प्रारंभ होकर रायपुर जिले के चंदखुरी (आरंग) पहंुचेगी। पर्यटन रथ यात्रा रैली का समापन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के मुख्य आतिथ्य में शाम 4 बजे चंदखुरी में किया जाएगा। इस मौके पर रथ यात्रा में राम वन गमन पथ के मार्गो से लाई गई पवित्र मिट्टी का पूजन कर प्रथम चरण के चिन्हांकित 9 स्थलों के क्रियान्वयन के संकेत स्वरूप 9 पौधों का रोपण कौशल्या माता मंदिर परिसर में तैयार किए गए लैण्ड स्केप में किया जाएगा। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ शासन के मंत्रीगण एवं गणमान्य नागरिक, जनप्रतिनिधि, जनपद, नगर पंचायत अध्यक्ष एवं जिला प्रशासन के अधिकारी उपस्थित रहेंगे।
    राम वन गमन पथ में पर्यटन रथ एवं विराट बाईक रैली और यात्रा के तीसरे दिन 16 दिसम्बर 2020 को छत्तीसगढ़ के उत्तरी क्षेत्र रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ से जय सियाराम के जयघोष के साथ रवाना हुआ। इस मौके पर विधायक लालजीत राठिया, जनपद अध्यक्ष उमेश्वर सिंह बाज, जनपद अध्यक्ष पुनीत राठिया, जनपद उपाध्यक्ष रमेश अग्रवाल, नगर पंचायत अध्यक्ष श्याम साहू एवं एसडीएम, सीईओ जिला पंचायत, उपाध्यक्ष नगर पंचायत सहित बड़ी संख्या में नागरिक एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
    धरमजयगढ़ से रवाना हुई पर्यटन रथ एवं विराट बाईक रैली निर्धारित मार्गों से होते हुए लगभग 200 किलोमीटर की दूरी तय कर देर शाम जांजगीर चांपा जिले की शिवरीनारायण पहंुची। इस दौरान हाटी, एडू, रामझरना, रायगढ़ एवं छिंद में रामायण पाठ, भजन एवं जगह-जगह पर महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर रैली का पूरे हर्षोल्लास के साथ स्वागत एवं अभिनंदन किया।
    छत्तीसगढ़ के दक्षिणी क्षेत्र के केशकाल (कोण्डागांव) से पर्यटन रथ एवं बाईक रैली का फूलों की वर्षा के साथ उत्साहपूर्ण माहौल में रवाना किया गया। कोण्डागांव में नागरिकों द्वारा पर्यटन रथ में विराजमान प्रभु श्रीराम लक्ष्मण और माता सीता की प्रतिमा की पूजा अर्चना तथा आरती उतारकर छत्तीसगढ़ की सुख-समृद्धि एवं विकास की कामना की गई।
    केशकाल से रवाना हुई पर्यटन रथ एवं विराट बाईक रैली विभिन्न निर्धारित मार्गो से होते हुए लगभग 300 किलोमीटर की दूरी तय कर देर शाम गरियाबंद जिले के राजिम पहंुची। इन सभी स्थलों पर स्थानीय निवासियों का जन सैलाब अपने आराध्य प्रभु श्री राम की अगवानी के लिए उमड़ पड़ा। बाईक रैली में सवार जवानों के उत्साहवर्धन के लिए पुष्प वर्षा एवं आतिशबाजी के साथ भव्य स्वागत किया गया।

    अब तक 6.92 लाख किसानों ने बेचा धानमिलरों द्वारा 2.47 लाख मीट्रिक टन धान का उठाव रायपुर / शौर्यपथ / खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में 16 दिसम्बर 2020 तक 25…

    रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेशवासियों को विजय दिवस की शुभकामनाएं देते हुए देश के वीर जवानों को नमन किया है। मुख्यमंत्री  ने कहा है कि आज ही के दिन 1971 में भारतीय जवानों की जीत हुई और पाकिस्तान के हजारों सैनिकों ने आत्मसमर्पण किया। पाकिस्तान का विभाजन हुआ और विश्व मानचित्र पर बांग्लादेश का उदय हुआ। यह पूर्व प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी जी के दृढ़ निश्चय और पराक्रमी नेतृत्व का कमाल था। इंदिरा जी न डरीं, न सैनिकों का हौसला कम होने दिया। श्रीमती इंदिरा गांधी के निर्देशन और फील्ड मॉर्शल मॉनेक शॉ के नेतृत्व में भारतीय सेना ने शौर्य और बलिदान की सर्वोच्च परम्परा का निर्वाह करते हुए अदम्य साहस दिखाया। इस जीत ने हर भारतीय को गौरवान्वित किया। देश सदा इन वीर सपूतों का ऋणी रहेगा।

    मनोरंजन /शौर्यपथ / बॉलीवुड एक्टर कार्तिक आर्यन की फिल्में बॉक्स ऑफिस पर शानदार परफॉर्म करने के लिए जानी जाती हैं लेकिन फिल्म लव आज कल को कमर्शियली अच्छा रिस्पॉन्स नहीं मिला। फिल्म को क्रिटिक्स से मिली-जुली प्रतिक्रिया मिली थी। अब इस फिल्म की असफलता को लेकर कार्तिक आर्यन ने अपनी प्रतिक्रिया दी है।
    बॉम्बे टाइम्स के साथ इंटरव्यू के दौरान, कार्तिक आर्यन से पूछा गया कि फिल्म की खराब परफॉर्मेंस को उन्होंने कैसे हैंडल किया? इसपर उन्होंने कहा, ''मुझे नही लगता है कि मुझे किसी चीज को हैंडल करना पड़ा। जब मुझे 'लव आज कल' ऑफर हुई थी तो मैं इम्तियाज की लव स्टोरी फिल्म पर काम करने की प्रक्रिया को लेकर सबसे ज्यादा एक्साइटेड था।''
    उन्होंने आगे कहा, मैंने सेट पर कई सारी चीजें सीखीं और उस वक्त एनर्जी अलग ही लेवल का था। इसने एक एक्टर के तौर पर मुझे इतना कुछ दिया कि मैं रिजल्ट को लेकर परेशान नहीं हुआ। बॉक्स ऑफिस पर शानदार परफॉर्मेंस मिलना अच्छा है लेकिन औसत से कम होने पर भी मैं परेशान नहीं होता हूं। कम से कम अभी तक तो नहीं, बल्कि फिल्म में मेरी परफॉर्मेंस को बहुत पसंद किया गया, खासकर मेरे पसंदीदा फिल्ममेकर ने जो कि मेरे लिए काफी है।''
    बता दें कि इम्तियाज अली के निर्देशन में बनी इस फिल्म में कार्तिक के अपोजिट सारा अली खान ने काम किया था। बॉक्स ऑफिस पर 50 करोड़ की कमाई करने के बाद इस फिल्म की रफ्तार थम गई थी। 'जब हैरी मेट सेजल' के बाद यह इम्तियाज की दूसरी फिल्म थी जिसे बॉक्स ऑफिस कुछ खास रिस्पॉन्स नहीं मिला।

    सेहत /शौर्यपथ / हड्डियों को मजबूत बनाए रखने के लिए विटामिन डी बेहद जरूरी होता है। शरीर में मौजूद विटामिन डी इम्यूनिटी मजबूत बनाने रखने…
    शौर्यपथ / घर में खुशहाली और संपन्नता तभी आती है जब परिवार में मधुरता बनी रहे। अगर रिश्ते तनावमुक्त होते हैं तभी उन्नति के मार्ग…
    शौर्यपथ / कार्यक्षेत्र और व्यापार में बढ़ते काम के दबाव से काम में नीरसता आने लगती है। ऐसे में अपने आसपास सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह…
    धर्म संसार / शौर्यपथ / सूर्यदेव को अग्नि का स्वरूप एवं प्रत्यक्ष देवता माना गया है। वास्तु शास्त्र में सूर्य का विशेष महत्व है। ऊर्जा…

    रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के लिए बारदानों की कमी को देखते हुए किसानों के पुराने बारदानों का उपयोग खरीदी के लिए करने का निर्णय लिया है। इस संबंध में आज मंत्रालय महानदी भवन से खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा किसानों के पुराने जूट बारदानों में धान खरीदी करने के संबंध में आदेश जारी किया गया है।
    आदेश के अनुसार बेमेतरा, बीजापुर, बालोद समेत राज्य के विभिन्न जिलों से धान खरीदी के लिए पुरानों बारदानों की कमी होने के कारण विकल्प के रूप में किसानों के पास उपलब्ध पुराने बारदानों का उपयोग करने का अनुरोध किया गया है। इसे ध्यान में रखते हुए किसानों द्वारा उपलब्ध कराए गए केवल पुराने जूट बारदानों में ही धान खरीदी करने की अनुमति दी गई है। किसानों के बोरे का धान खरीदी में उपयोग होने पर उसे मिलिंग पश्चात किसानों को वापस किया जाएगा। बोरा उपयोग के लिए किसानों को भारत सरकार द्वारा निर्धारित उपयोगिता शुल्क देने के निर्देश दिए गए हैं। जिलों में किसानों के बारदाने के उपयोग करने की अनुमति प्रबंध संचालक, छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ मर्यादित द्वारा कलेक्टर से प्राप्त प्रस्ताव के आधार पर विशिष्ट समितियों हेतु आवश्यकता एवं परिस्थितियों को ध्यान में रखकर दी जा सकेगी। धान खरीदी के लिए किसान द्वारा उपलब्ध कराए गए पुराने बारदाने अच्छी अवस्था में एवं उपयोगी किस्म के होनी चाहिए, जिसमें 40 किलोग्राम धान की भरती हो सके।

    हमारा शौर्य

    हमारे बारे मे

    whatsapp-image-2020-06-03-at-11.08.16-pm.jpeg
     
    CHIEF EDITOR -  SHARAD PANSARI
    CONTECT NO.  -  8962936808
    EMAIL ID         -  shouryapath12@gmail.com
    Address           -  SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
    LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)
    © 2015 Shouryapath. All Rights Reserved. Designed By Global Vision