
CONTECT NO. - 8962936808
EMAIL ID - shouryapath12@gmail.com
Address - SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)
धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।
दुर्ग / शौर्यपथ / राज्य शासन द्वारा प्रदेश के चहुमुखी विकास के लिए महत्वपूर्ण योजनाएं संचालित की जा रही है। इन योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन होने से धरातल स्तर पर व्यापक परिणाम नजर आएंगे। गांव के साथ-साथ शहरी विकास के लिए राज्य की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए योजनाएं बनाई गई हैं। सभी अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि शासन द्वारा संचालित प्राथमिकता वाली योजनाओं का क्रियान्वयन सर्वोच्च प्राथमिकता से करते हुए योजना के उददेश्य को सफल बनाए। यह बात कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने समय-सीमा की बैठक में जिलाधिकारियों से कही। वे शासन द्वारा संचालित फ्लैगशीप योजनाओं के क्रियान्वयन के संबंध में समीक्षा कर रहे थे। कलेक्टर ने समय सीमा की बैठक में अधिकारियों से कहा कि शासन द्वारा राज्य की जनता की आवश्यकता और जरूरत को ध्यान में रखकर महत्वपूर्ण योजनाएं बनाई गई हैं। समय पर योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन होने से ही सार्थक परिणाम मिल सकेंगे।
कलेक्टर ने मुख्यमंत्री सहित अन्य मंत्रीगणों के द्वारा अपने प्रवास और दौरे के दौरान किए गए घोषणाओं को समय पर पूर्ण कराने कहा है। मंत्रीगणों द्वारा जो घोषणाएं की जाती है वह उस क्षेत्र के विकास के लिए अहम होती है। क्षेत्र की जनता की अपेक्षाएं इन विकास कार्यों से जुड़ी हुई होती हैं, इनका समय में पूर्ण किया जाना आवश्यक होता है। जो घोषणाएं की जाती है इससे संबंधित अधिकारियों को स्वयं रूचि लेकर इसके लिए प्रोजेक्ट तैयार करने कहा है। बैठक में कलेक्टर ने नगरीय निकाय क्षेत्रों में शासकीय भूमि, शासकीय भूमि पर अतिक्रमण, नजूल के उपखंड एवं नजूल पर अतिक्रमण से संबंधित भूमि का चिन्हांकन कर प्रकरण तैयार करने कहा है। साथ ही लंबे अरसे से शासकीय भूमि पर काबिज व्यक्तियों का चिन्हांकन कर नियमानुसार राशि लेकर पट्टे का आबंटन करने के संबंध में शासन द्वारा जारी निर्देश का पालन करने कहा है। जिन पट्टों को निश्चित समय के लिए लीज पर दिया गया है, ऐसे पुराने पट्टों का नवीनीकरण की कार्यवाही में ही गति लाने कहा है।
स्वच्छ भारत अभियान अंतर्गत आगामी समय में स्वच्छता सर्वेक्षण किया जाना निर्धारित किया गया है। इसे ध्यान में रखते हुए सभी नगरीय निकाय के अधिकारियों को अपने अपने निकाय क्षेत्रों में पूर्ण साफ-सफाई, सीवरेज सिस्टम, शौचालय की स्थिति के आधार पर आवश्यक कार्यवाही करते हुए व्यवस्था दुरूस्त करने कहा गया है। आम जनता की स्वास्थ्य सुविधा के लिए शासन द्वारा मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना संचालित किया गया है। जिसका उददेश्य आम नागरिकों को अपने घर के समीप स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराना है। इसका बेहतर क्रियान्वयन हो इसके लिए नियमित मॉनिटरिंग किया जाना आवश्यक है। मोबाइल मेडिकल यूनिट से क्रमवार वार्डों मंे शिविर लगाकर लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण करने और उनकी समस्या का समाधान करने भी कहा गया है।
कलेक्टर ने कहा कि गोधन न्याय योजना शासन की अतिमहत्वकांक्षी योजनाओं में से एक है, इसके लिए संबंधित अधिकारियों की जवाबदारी है कि इसका बेहतर क्रियान्वयन कर इसे सफल बनाएं। योजनांतर्गत गोबर की खरीदी करने से लेकर कम्पोस्ट खाद बनाने और उसकी बिक्री का सुचारू संचालन करें। उन्होंने धान खरीदी की समीक्षा करते हुए सभी खरीदी केन्द्रों में व्यापक व्यवस्था बनाने कहा है। संबंधित अधिकारियों को खरीदी केन्द्र का नियमित निरीक्षण करने के साथ-साथ धान के उठाव में भी सार्थक पहल करने कहा है। धान विक्रय के लिए उपार्जन केन्द्र में आने वाले किसानों को किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो इस पर भी विशेष ध्यान देने कहा है।
तेज बारिश और कडकड़ाती ठंड में भी बाइकर्स का जोश प्रशंसनीय
देर रात तक जागकर लोग कर रहे पर्यटन रथ एवं बाईक रैली का आत्मीय स्वागत
रायपुर / शौर्यपथ / राम वन गमन पथ 14 दिसम्बर से रवाना हुए पर्यटन रथ एवं बाईक रैली 17 दिसम्बर को उत्तर में शिवरीनारायण से और दक्षिण में राजिम से प्रारंभ होकर रायपुर जिले के चंदखुरी (आरंग) पहंुचेगी। पर्यटन रथ यात्रा रैली का समापन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के मुख्य आतिथ्य में शाम 4 बजे चंदखुरी में किया जाएगा। इस मौके पर रथ यात्रा में राम वन गमन पथ के मार्गो से लाई गई पवित्र मिट्टी का पूजन कर प्रथम चरण के चिन्हांकित 9 स्थलों के क्रियान्वयन के संकेत स्वरूप 9 पौधों का रोपण कौशल्या माता मंदिर परिसर में तैयार किए गए लैण्ड स्केप में किया जाएगा। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ शासन के मंत्रीगण एवं गणमान्य नागरिक, जनप्रतिनिधि, जनपद, नगर पंचायत अध्यक्ष एवं जिला प्रशासन के अधिकारी उपस्थित रहेंगे।
राम वन गमन पथ में पर्यटन रथ एवं विराट बाईक रैली और यात्रा के तीसरे दिन 16 दिसम्बर 2020 को छत्तीसगढ़ के उत्तरी क्षेत्र रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ से जय सियाराम के जयघोष के साथ रवाना हुआ। इस मौके पर विधायक लालजीत राठिया, जनपद अध्यक्ष उमेश्वर सिंह बाज, जनपद अध्यक्ष पुनीत राठिया, जनपद उपाध्यक्ष रमेश अग्रवाल, नगर पंचायत अध्यक्ष श्याम साहू एवं एसडीएम, सीईओ जिला पंचायत, उपाध्यक्ष नगर पंचायत सहित बड़ी संख्या में नागरिक एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
धरमजयगढ़ से रवाना हुई पर्यटन रथ एवं विराट बाईक रैली निर्धारित मार्गों से होते हुए लगभग 200 किलोमीटर की दूरी तय कर देर शाम जांजगीर चांपा जिले की शिवरीनारायण पहंुची। इस दौरान हाटी, एडू, रामझरना, रायगढ़ एवं छिंद में रामायण पाठ, भजन एवं जगह-जगह पर महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर रैली का पूरे हर्षोल्लास के साथ स्वागत एवं अभिनंदन किया।
छत्तीसगढ़ के दक्षिणी क्षेत्र के केशकाल (कोण्डागांव) से पर्यटन रथ एवं बाईक रैली का फूलों की वर्षा के साथ उत्साहपूर्ण माहौल में रवाना किया गया। कोण्डागांव में नागरिकों द्वारा पर्यटन रथ में विराजमान प्रभु श्रीराम लक्ष्मण और माता सीता की प्रतिमा की पूजा अर्चना तथा आरती उतारकर छत्तीसगढ़ की सुख-समृद्धि एवं विकास की कामना की गई।
केशकाल से रवाना हुई पर्यटन रथ एवं विराट बाईक रैली विभिन्न निर्धारित मार्गो से होते हुए लगभग 300 किलोमीटर की दूरी तय कर देर शाम गरियाबंद जिले के राजिम पहंुची। इन सभी स्थलों पर स्थानीय निवासियों का जन सैलाब अपने आराध्य प्रभु श्री राम की अगवानी के लिए उमड़ पड़ा। बाईक रैली में सवार जवानों के उत्साहवर्धन के लिए पुष्प वर्षा एवं आतिशबाजी के साथ भव्य स्वागत किया गया।
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेशवासियों को विजय दिवस की शुभकामनाएं देते हुए देश के वीर जवानों को नमन किया है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि आज ही के दिन 1971 में भारतीय जवानों की जीत हुई और पाकिस्तान के हजारों सैनिकों ने आत्मसमर्पण किया। पाकिस्तान का विभाजन हुआ और विश्व मानचित्र पर बांग्लादेश का उदय हुआ। यह पूर्व प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी जी के दृढ़ निश्चय और पराक्रमी नेतृत्व का कमाल था। इंदिरा जी न डरीं, न सैनिकों का हौसला कम होने दिया। श्रीमती इंदिरा गांधी के निर्देशन और फील्ड मॉर्शल मॉनेक शॉ के नेतृत्व में भारतीय सेना ने शौर्य और बलिदान की सर्वोच्च परम्परा का निर्वाह करते हुए अदम्य साहस दिखाया। इस जीत ने हर भारतीय को गौरवान्वित किया। देश सदा इन वीर सपूतों का ऋणी रहेगा।
मनोरंजन /शौर्यपथ / बॉलीवुड एक्टर कार्तिक आर्यन की फिल्में बॉक्स ऑफिस पर शानदार परफॉर्म करने के लिए जानी जाती हैं लेकिन फिल्म लव आज कल को कमर्शियली अच्छा रिस्पॉन्स नहीं मिला। फिल्म को क्रिटिक्स से मिली-जुली प्रतिक्रिया मिली थी। अब इस फिल्म की असफलता को लेकर कार्तिक आर्यन ने अपनी प्रतिक्रिया दी है।
बॉम्बे टाइम्स के साथ इंटरव्यू के दौरान, कार्तिक आर्यन से पूछा गया कि फिल्म की खराब परफॉर्मेंस को उन्होंने कैसे हैंडल किया? इसपर उन्होंने कहा, ''मुझे नही लगता है कि मुझे किसी चीज को हैंडल करना पड़ा। जब मुझे 'लव आज कल' ऑफर हुई थी तो मैं इम्तियाज की लव स्टोरी फिल्म पर काम करने की प्रक्रिया को लेकर सबसे ज्यादा एक्साइटेड था।''
उन्होंने आगे कहा, मैंने सेट पर कई सारी चीजें सीखीं और उस वक्त एनर्जी अलग ही लेवल का था। इसने एक एक्टर के तौर पर मुझे इतना कुछ दिया कि मैं रिजल्ट को लेकर परेशान नहीं हुआ। बॉक्स ऑफिस पर शानदार परफॉर्मेंस मिलना अच्छा है लेकिन औसत से कम होने पर भी मैं परेशान नहीं होता हूं। कम से कम अभी तक तो नहीं, बल्कि फिल्म में मेरी परफॉर्मेंस को बहुत पसंद किया गया, खासकर मेरे पसंदीदा फिल्ममेकर ने जो कि मेरे लिए काफी है।''
बता दें कि इम्तियाज अली के निर्देशन में बनी इस फिल्म में कार्तिक के अपोजिट सारा अली खान ने काम किया था। बॉक्स ऑफिस पर 50 करोड़ की कमाई करने के बाद इस फिल्म की रफ्तार थम गई थी। 'जब हैरी मेट सेजल' के बाद यह इम्तियाज की दूसरी फिल्म थी जिसे बॉक्स ऑफिस कुछ खास रिस्पॉन्स नहीं मिला।
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के लिए बारदानों की कमी को देखते हुए किसानों के पुराने बारदानों का उपयोग खरीदी के लिए करने का निर्णय लिया है। इस संबंध में आज मंत्रालय महानदी भवन से खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा किसानों के पुराने जूट बारदानों में धान खरीदी करने के संबंध में आदेश जारी किया गया है।
आदेश के अनुसार बेमेतरा, बीजापुर, बालोद समेत राज्य के विभिन्न जिलों से धान खरीदी के लिए पुरानों बारदानों की कमी होने के कारण विकल्प के रूप में किसानों के पास उपलब्ध पुराने बारदानों का उपयोग करने का अनुरोध किया गया है। इसे ध्यान में रखते हुए किसानों द्वारा उपलब्ध कराए गए केवल पुराने जूट बारदानों में ही धान खरीदी करने की अनुमति दी गई है। किसानों के बोरे का धान खरीदी में उपयोग होने पर उसे मिलिंग पश्चात किसानों को वापस किया जाएगा। बोरा उपयोग के लिए किसानों को भारत सरकार द्वारा निर्धारित उपयोगिता शुल्क देने के निर्देश दिए गए हैं। जिलों में किसानों के बारदाने के उपयोग करने की अनुमति प्रबंध संचालक, छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ मर्यादित द्वारा कलेक्टर से प्राप्त प्रस्ताव के आधार पर विशिष्ट समितियों हेतु आवश्यकता एवं परिस्थितियों को ध्यान में रखकर दी जा सकेगी। धान खरीदी के लिए किसान द्वारा उपलब्ध कराए गए पुराने बारदाने अच्छी अवस्था में एवं उपयोगी किस्म के होनी चाहिए, जिसमें 40 किलोग्राम धान की भरती हो सके।
रायपुर / शौर्यपथ / महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री तथा कबीरधाम जिले की प्रभारी मंत्री श्रीमती अनिला भेंड़िया ने मंगलवार को कवर्धा के सर्किट आउस में में प्रेस वार्ता लेकर छत्तीसगढ़ सरकार के दो वर्ष की उपलब्धियां बताई। श्रीमती अनिला भेंड़िया ने कहा कि प्रदेश में नई सरकार बनने के बाद छत्तीसगढ़ राज्य का चहुमुखी विकास हो रहा है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में हम गड़बो नवा छत्तीसगढ़ के संकल्प के साथ काम कर रहे है। इन दो वर्षों में हमने 24 बड़े-बड़े वायदे पूरे किए हैं। आने वाले वर्षों में सभी वायदे पूरे किए जाएंगे। इस अवसर पर पंडरिया विधायक श्रीमती ममता चन्द्राकर, कवर्धा नगर पालिका अध्यक्ष ऋषि शर्मा, बोड़ला नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सावित्री साहू, कलेक्टर रमेश कुमार शर्मा भी उपस्थित थे।
श्रीमती भेंड़िया ने कहा कि प्रदेश की जनता से किए वायदे पर हमारी सरकार ने पहले दिन से ही अमल करना शुरू कर दिया है। शपथ ग्रहण के तत्काल बाद ही किसानों की कर्ज माफी और 2500 रूपए में धान खरीदी के निर्णय लिए गए। राज्य सरकार द्वारा पिछले दो वर्षों में गांव, गरीब, किसान, मजदूर, वनआश्रितों, महिलाओं, बच्चों, युवाओं सहित प्रदेश के सभी वर्गो के विकास के लिए कदम उठाए गए हैं। उन्होंने बताया कि सभी जिलों को उनकी विशेषता के अनुरूप विकास की नई दिशा दी जा रही है। उन्होने कहा कि राज्य सरकार ने धान से बायो एथेनॉल उत्पादन के क्षेत्र में निवेश को प्रोत्साहित करने का निर्णय लिया है। नवीन औद्यौगिक नीति के तहत उच्च प्राथमिकता सूची में जैव ईधन शामिल है। इस नीति के तहत कबीरधाम जिले के भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना में एथेनॉल उत्पादन आने वाले समय किया जा सकेगा। इससे कबीरधाम जिले के युवाओं के लिए एक नए रोजगार का द्वार खुलेगा। कबीरधाम जिले मे रोजगार सृजन के साथ-साथ पर्यटन विकास को विशेष जोर दिया जा रहा है।
श्रीमती भेंड़िया ने बताया कि प्रदेश के 18 लाख किसानों का करीब 9 हजार करोड़ रूपए अल्पकालीन कृषि ऋण माफ, जल कर के रूप में 17 लाख किसानों का 244 करोड़ रुपए बकाया माफ किया गया है। बस्तर जिले में किसानों की 1764.61 हेक्टेयर अधिग्रहित भूमि वापस की गई है। किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य दिलाने तथा फसल उत्पादकता में वृद्धि के उद्देश्य से प्रदेश में राजीव गांधी किसान न्याय योजना शुरू की गई है इससे 19 लाख से अधिक किसानों को 5750 करोड़ रुपए की आदान सहायता चार किश्तों में प्रदान किया जा रहा है। किसानों को तीन किश्तों में 4500 करोड़ रूपए का भुगतान किया जा चुका है अंतिम किश्त आगामी मार्च महीने में दी जाएगी। हमारी सरकार ने देश में अपने तरह की पहली अनूठी योजना-गोधन न्याय योजना शुरू की है, जिसके तहत 2 रुपए किलो की दर से गोठानों में गोबर की खरीदी की जा रही। इस योजना के माध्यम से जैविक खेती, पशुओं की देखभाल के साथ फसलों की सुरक्षा सुनिश्चित हुई है। यह किसानों की अतिरिक्त आय का यह जरिया साबित हुई है। गोधन न्याय योजना के तहत अब 1.36 लाख गोबर विक्रेताओं को 59 करोड़ रुपए का भुगतान किया जा चुका है। राज्य सरकार ने गोठानों में निर्मित वर्मी कम्पोस्ट की न्यूनतम विक्रय दर को 8 रूपए से बढ़ाकर 10 रूपए कर दिया है।
प्रदेश के सभी छोटे-बड़े नालों को पुनर्जीवित करने एवं जल संरक्षण तथा भू-जल संवर्धन के लिए सभी जिलों में नरवा विकास कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इसके अंतर्गत 1028 नालों का चयन कर संवर्धन की योजना बनाई गई है। देशव्यापी लॉकडाउन के बावजूद छत्तीसगढ़ के कृषि सहित सभी क्षेत्रों में आर्थिक तेजी रही। रिजर्व बैंक सहित अनेक राष्ट्रीय एजेंसियों ने इसे सराहा है। लाख की खेती के लिए किसानों को अब सहकारी समितियों से अन्य फसलों की तरह अल्पकालीन ऋण सुविधा दी गई है। कृषि पंप ऊर्जीकरण के लिए विद्युत लाइनों के विस्तार हेतु प्रति पंप एक लाख रुपए का अनुदान। दो वर्षों में 57 हजार से अधिकपंपों का ऊर्जीकरण किया गया है। 3 हार्स पावर तक कृषि पंपों में 6000 यूनिट प्रतिवर्ष एवं 03 से 05 हार्स पावर के कृषि पंपों में 7500 यूनिट प्रति वर्ष छूट का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा फ्लेट रेट में बिजली प्राप्त करने का भी विकल्प है। अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के किसानों के लिए विद्युत खपत की कोई सीमा नहीं पूरी बिजली निःशुल्क है। विद्युत पहुंच विहीन क्षेत्रों में दो वर्षों में 25000 से अधिक सोलर पंपों की स्थापना की गयी है। विभिन्न योजनाओं के लिए किसानों की भूमि के अधिग्रहण पर मुआवजा राशि 2 गुना से बढ़ाकर अब 4 गुना कर दिया गया है। 57 नवीन पशु औषधालयों की स्थापना की गई और 29 पशु औषधालयों, कृत्रिम गर्भाधान केंद्रों का पशु चिकित्सालयों में उन्नयन किया गया। इंद्रावती नदी पर 22 हजार 653 करोड़ रुपए की बोधघाट बहुदेशीय परियोजना का काम आगे बढ़ा है। बस्तर संभाग के दंतेवाड़ा, सुकमा और बीजापुर जिले में 03 लाख 66 हजार हेक्टेयर में नयी सिंचाई क्षमता निर्मित होगी। मनरेगा से इस वर्ष अब तक करीब 27 लाख परिवारों के करीब 51 लाख श्रमिकों को काम दिया गया। इसके तहत साढ़े दस करोड़ मानव दिवस रोजगार का सृजन कर 2305 करोड़ रूपए की मजदूरी का भुगतान किया गया। प्रदेश में इस साल 1.28 लाख परिवारों को 100 दिनों का रोजगार दिया गया है। वन अधिकार पट्टाधारी 21 हजार से अधिक परिवारों को भी 100 दिनों से अधिक का रोजगार दिया गया है। मनरेगा अभिसरण से धान उपार्जन केंद्रों में 6692 पक्के चबूतरों का निर्माण किया गया है। दो वर्ष पूरे होने पर 16 हजार 278 शिक्षाकर्मियों का संविलयन किया गया है। 14 हजार 580 नियमित शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया जारी है। इसके साथ ही श्रीमती भेंड़िया ने विभागवार दो वर्ष की उलब्धियां भी बर्ताइं।
रायपुर / शौर्यपथ / खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में 15 दिसम्बर 2020 तक 23 लाख 10 हजार मीट्रिक धान की खरीदी की गई है। अब तक राज्य के 6 लाख 34 हजार किसानों ने समर्थन मूल्य पर धान बेचा। राज्य के मिलरों को 5 लाख 54 हजार 349 मीट्रिक टन धान का डी.ओ. जारी किया गया है। जिसके विरूद्ध मिलरों द्वारा अब तक एक लाख हजार 93 हजार मीट्रिक टन धान का उठाव कर लिया गया है।
खरीफ वर्ष 2020-21 में 15 दिसम्बर 2020 तक राज्य के महासमुंद जिले में एक लाख 64 हजार 250 मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई है। इसी प्रकार बस्तर जिले में 26 हजार 138 मीट्रिक टन, बीजापुर जिले में 7 हजार 60 मीट्रिक टन, दंतेवाड़ा जिले में एक हजार 412 मीट्रिक टन, कांकेर जिले में 75 हजार 222 मीट्रिक टन, कोण्डागांव जिले में 36 हजार 440 मीट्रिक टन, नारायणपुर जिले में 3 हजार 171 मीट्रिक टन, सुकमा जिले में 5 हजार 233 मीट्रिक टन, बिलासपुर जिले में एक लाख 16 हजार 267 मीट्रिक टन, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही 16 हजार 98 मीट्रिक टन, जांजगीर-चांपा जिले में एक लाख 87 हजार 139 मीट्रिक टन, कोरबा जिले में 21 हजार 605 मीट्रिक टन, मुंगेली जिले में 91 हजार 137 मीट्रिक टन खरीदी की गई है।
इसी तरह रायगढ़ जिले में एक लाख 40 हजार 299 मीट्रिक टन, बालोद जिले में एक लाख 54 हजार 381 मीट्रिक टन, बेमेतरा जिले में एक लाख 57 हजार 95 मीट्रिक टन, दुर्ग जिले में एक लाख 18 हजार 18 मीट्रिक टन, कवर्धा जिले में एक लाख 17 हजार 920 मीट्रिक टन, राजनांदगांव जिले में दो लाख 7 हजार 459 मीट्रिक टन, बलौदाबाजार जिले में एक लाख 45 हजार 842 मीट्रिक टन, धमतरी जिले में एक लाख 19 हजार 529 मीट्रिक टन, गरियाबंद जिले में 92 हजार 124 मीट्रिक टन, रायपुर जिले में एक लाख 49 हजार 126 मीट्रिक टन, बलरामपुर जिले में 28 हजार 208 मीट्रिक टन, जशपुर जिले में 21 हजार 772 मीट्रिक टन, कोरिया जिले में 19 हजार 748 मीट्रिक टन, सरगुजा जिले में 38 हजार 534 मीट्रिक टन और सूरजपुर जिले में 48 हजार 570 मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई है।
दंतेवाड़ा / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले के गीदम धान खरीदी केन्द्र में किसानों की शिकायत पर धान खरीदी केन्द्र के प्रभारी के विरूद्ध सख्त कार्यवाही की गई है। गीदम धान खरीदी केन्द्र के प्रभारी श्री विजेन्द्र ठाकुर को अपने पदीय कर्तव्य में लापरवाही पाए जाने पर छत्तीसगढ़ सहकारी समिति सेवा नियम के उल्लंघन के कारण उनकी सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई है। इस आशय का आदेश आदिम जाति कृषक सेवा सहकारी समिति गीदम के प्राधिकृत अधिकारी ने जारी कर दिया है। जांच दल द्वारा धान खरीदी केन्द्र में कृषि उपज के मालिक शुभम् राय का 6.31 क्विंटल 12 बोरा धान को जप्त किया गया।
किसानों की शिकायतो को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर दंतेवाड़ा के निर्देश पर धान खरीदी केन्द्र का खाद्य निरीक्षक गीदम, मंडी उप निरीक्षक और राजस्व निरीक्षक द्वारा लैम्पस प्रबंधक, ऑपरेटर और किसानों की उपस्थिति में निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि धान विक्रय के लिए आज कुल 14 किसानों से 564.80 क्विंटल अनुमानित धान के लिए टोकन जारी किया गया था। टोकन क्रमांक 61001401202100117 किसान कोड एफसी610140180593 किसान श्री लालजीध्फागू द्वारा टोकन में अनुमानित धान 77.60 क्विंटल धान विक्रय के लिए खरीदी केन्द्र लाया गया। खरीदी केन्द्र प्रभारी की अनुपस्थिति में कृषक श्री लालजी के सुपुत्र दशरथ साहू द्वारा ढेरी लगाकर हमालों की उपस्थिति में धान का कांटा कराया गया। तौल करने के दौरान हमालों द्वारा प्रति बोरा 41-42 किलो धान की भर्ती की जा रही थी, जो कि शासन द्वारा निर्धारित 40.700 किलोग्राम (बोरा सहित) से अधिक है। कृषक श्री लालजी द्वारा तौल कराए गए 90 धान की बोरियों में निर्धारित मानक 40.700 किलोग्राम से अधिक भरकर तौल किया गया।
रायपुर / शौर्यपथ / राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके से राजभवन में सहकार भारती की राष्ट्रीय महिला प्रमुख श्रीमती शताब्दी सुबोध पाण्डेय के नेतृत्व में प्रतिनिधिमण्डल ने सौजन्य भेंट की। प्रतिनिधिमण्डल ने राज्यपाल को बस्तर के महिला स्वसहायता समूह द्वारा बनाए गए कपड़ों के बैग तथा उत्पाद भेंट स्वरूप दी। राज्यपाल ने कहा कि समाज सेवा को कार्य करने का माध्यम बनाएं, क्योंकि यही वो माध्यम है जिससे व्यक्ति मन से जुड़ता है। जिन्हें जोड़ना चाहते हैं, उनकी मूलभूत आवश्यकताओं को समझिए और समाधान करने का प्रयास कीजिए, वे अवश्य जुड़ेंगी। महिलाओं को छोटे-छोटे लघु उद्योगों को स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित कीजिए, इसके लिए खादी ग्रामोद्योग आयोग तथा शासन के अन्य योजनाओं की जानकारी दीजिए और जोड़िए। राज्यपाल ने कहा कि कोरोनाकाल में परिस्थितियां बदली है। अतः आत्मनिर्भर भारत अभियान को आधार बनाकर कार्य कीजिए। इसके लिए ‘वोकल फॉर लोकल’ को बढ़ावा दीजिए। स्थानीय संसाधनों पर आधारित उत्पादों को प्रोत्साहित करें। राज्यपाल ने महिलाओं की क्षमता वृद्धि और उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रोत्साहित करने का आह्वान किया।
प्रतिनिधिमण्डल ने राज्यपाल को कोरोनाकाल के दौरान विभिन्न विषयों पर आधारित सर्वे का प्रतिवेदन सौंपा। साथ ही उन्हें बताया कि राष्ट्रसेविका समिति की स्वालंबन प्रकल्प द्वारा किए गए कार्यों से कोरोनाकाल में महिलाएं अपने पारंपरिक स्वरोजगार से जुड़ी हैं। इसमें बस्तर के महिला समूह द्वारा कपड़ों का बैग, साड़ी कव्हर तथा अन्य वस्तुओं का घर पर ही निर्माण किया गया है। प्रतिनिधिमण्डल में श्रीमती मीना नशीने, सुश्री प्राची पाटिल, श्रीमती अजिता गनोदवाले, श्रीमती चन्द्रकांती वर्मा, श्रीमती बानीश्री चन्द्रवंशी, सुश्री प्रगति यादव, सुश्री श्रद्धा गनोदवाले, सुश्री निधि निषाद उपस्थित थीं।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
