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June 12, 2026
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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।

CPA नॉर्थ ज़ोन सम्मेलन संपन्न, विकसित भारत-2047 के लिए चार अहम संकल्प पारित

जनभागीदारी, विधायकों के प्रशिक्षण, AI के उपयोग और विधायी निगरानी को मिलेगा बढ़ावा

चंडीगढ़/नई दिल्ली। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा है कि संसद और विधानसभाओं में लगातार होने वाले व्यवधान लोकतांत्रिक संस्थाओं के सामने गंभीर चुनौती बनते जा रहे हैं। इन चुनौतियों से निपटने के लिए जनप्रतिनिधियों को अपने आचरण, संवाद और सार्थक बहस के माध्यम से जनता का विश्वास मजबूत करना होगा।

कॉमनवेल्थ पार्लियामेंट्री एसोसिएशन (CPA) इंडिया रीजन ज़ोन-II (नॉर्थ ज़ोन) के दो दिवसीय सम्मेलन के समापन अवसर पर श्री बिरला ने कहा कि जनता ने अपने प्रतिनिधियों को लोकतांत्रिक संस्थाओं में भेजा है, इसलिए उनके व्यवहार और कार्यशैली का सीधा प्रभाव समाज पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि "जैसा नेतृत्व होगा, वैसा ही समाज का स्वरूप भी विकसित होगा।"

उन्होंने जोर देकर कहा कि विकसित भारत-2047 का लक्ष्य केवल मजबूत संसदीय और विधायी संस्थाओं के माध्यम से ही प्राप्त किया जा सकता है। इसके लिए नागरिकों की भागीदारी बढ़ाने, आधुनिक तकनीकों का उपयोग करने, विधायकों की क्षमता विकसित करने और संविधान के प्रति जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता है।

राज्यों के विकास से ही बनेगा विकसित भारत

लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि भारत के संघीय ढांचे में राज्यों और केंद्र सरकार का समन्वय अत्यंत महत्वपूर्ण है। राज्यों का समग्र विकास ही राष्ट्रीय विकास का आधार बनेगा। उन्होंने कहा कि नई चुनौतियों का समाधान नए विचारों और नवाचारों से ही संभव है तथा सम्मेलन में विभिन्न राज्यों से आए प्रतिनिधियों द्वारा दिए गए सुझाव इस दिशा में महत्वपूर्ण साबित होंगे।

उन्होंने युवाओं और महिलाओं की लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में अधिक भागीदारी पर बल देते हुए कहा कि छात्र जीवन से ही संविधान, लोकतंत्र और नागरिक कर्तव्यों के प्रति जागरूकता विकसित की जानी चाहिए।

12 राज्यों के प्रतिनिधियों ने की भागीदारी

8-9 जून को चंडीगढ़ में आयोजित इस सम्मेलन में हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और दिल्ली सहित 12 राज्यों की विधानसभाओं के पीठासीन अधिकारियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश, हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण तथा अन्य वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों ने भी अपने विचार रखे।

सम्मेलन में पारित हुए चार प्रमुख संकल्प

1. जन-जागरूकता और संवैधानिक मूल्यों को बढ़ावा

आउटरीच कार्यक्रमों के माध्यम से नागरिकों और विधायकों के बीच संवाद बढ़ाने तथा तकनीक के जिम्मेदार उपयोग के जरिए जागरूक और सशक्त समाज के निर्माण का संकल्प लिया गया।

2. विधायकों की क्षमता निर्माण

निरंतर प्रशिक्षण, आधुनिक तकनीकों के उपयोग, अनुसंधान सहयोग और श्रेष्ठ संसदीय परंपराओं के आदान-प्रदान के माध्यम से जनप्रतिनिधियों को अधिक सक्षम बनाने पर सहमति बनी।

3. विधायी निगरानी और जनविश्वास

नीति निर्माण और उसके क्रियान्वयन में नागरिकों की अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने तथा लोकतांत्रिक संस्थाओं में जनता का विश्वास मजबूत करने पर जोर दिया गया।

4. AI और डिजिटल तकनीकों का विस्तार

सार्वजनिक सेवाओं को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और सुलभ बनाने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), डिजिटल तकनीक और डेटा आधारित निर्णय प्रणाली को बढ़ावा देने का निर्णय लिया गया।

मुख्य संदेश

चंडीगढ़ सम्मेलन ने स्पष्ट संकेत दिया है कि विकसित भारत-2047 का मार्ग मजबूत लोकतांत्रिक संस्थाओं, जनभागीदारी, तकनीकी नवाचार और जवाबदेह शासन से होकर गुजरता है। सम्मेलन में पारित चारों संकल्प आने वाले वर्षों में देश की संसदीय और विधायी कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी, आधुनिक और जनोन्मुख बनाने की दिशा तय करेंगे।

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नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) भले ही कई राज्यों में मजबूत स्थिति में हो, लेकिन दक्षिण भारत के कई प्रमुख राज्यों में पार्टी अभी भी व्यापक जनाधार बनाने के लिए संघर्ष कर रही है। उपलब्ध विधानसभा आंकड़ों के अनुसार केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, पंजाब और झारखंड की कुल 971 विधानसभा सीटों में भाजपा के पास केवल 97 विधायक हैं, जो कुल सीटों का लगभग 10 प्रतिशत है।

केरल और तमिलनाडु में भाजपा का सीमित प्रभाव

आंकड़ों के अनुसार केरल की 140 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा के केवल 3 विधायक हैं, जबकि तमिलनाडु की 234 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा की उपस्थिति मात्र 1 विधायक तक सीमित है। यह दर्शाता है कि इन राज्यों में पार्टी अभी भी क्षेत्रीय और पारंपरिक दलों के मजबूत प्रभाव को चुनौती नहीं दे पाई है।

कर्नाटक बना सबसे बड़ा आधार

दक्षिण भारत में भाजपा का सबसे मजबूत प्रदर्शन कर्नाटक में दिखाई देता है। 224 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा के 62 विधायक हैं। हालांकि पार्टी सत्ता से बाहर है, लेकिन विपक्ष के रूप में उसकी स्थिति मजबूत बनी हुई है।

आंध्र प्रदेश में भी सीमित प्रतिनिधित्व

175 सीटों वाली आंध्र प्रदेश विधानसभा में भाजपा के केवल 8 विधायक हैं। राज्य की राजनीति में क्षेत्रीय दलों का दबदबा होने के कारण भाजपा को अभी लंबा राजनीतिक सफर तय करना है।

झारखंड और पंजाब में भी चुनौती

झारखंड की 81 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा के 21 विधायक हैं, जबकि पंजाब की 117 सीटों में भाजपा के केवल 2 विधायक हैं। पंजाब में आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के प्रभाव के बीच भाजपा का संगठन विस्तार अभी भी चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।

राज्यवार स्थिति

राज्य

कुल विधानसभा सीटें    भाजपा विधायक  केरल

140    3

तमिलनाडु  234      1

कर्नाटक  224

62

आंध्र प्रदेश   175

8

पंजाब  117

2

झारखंड   81

21

कुल    971

97

राजनीतिक विश्लेषण

इन छह राज्यों के आंकड़े बताते हैं कि भाजपा का राष्ट्रीय विस्तार होने के बावजूद कुछ क्षेत्रों में उसे अभी भी मजबूत क्षेत्रीय दलों, स्थानीय मुद्दों और सामाजिक समीकरणों का सामना करना पड़ रहा है। विशेष रूप से केरल, तमिलनाडु और पंजाब जैसे राज्यों में पार्टी का जनाधार सीमित है, जबकि कर्नाटक और झारखंड भाजपा के लिए अपेक्षाकृत मजबूत आधार बने हुए हैं।

 

दुर्ग संभाग के गंभीर शिशुओं के लिए संजीवनी बनी अत्याधुनिक एम्बुलेंस; चलती-फिरती आईसीयू (ICU) जैसी सुविधाओं से है लैस

दुर्ग:शौर्यपथ । 

दुर्ग संभाग के चिकित्सा इतिहास में आज का दिन एक मील का पत्थर साबित होने जा रहा है। ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के नवजात शिशुओं को बेहतर स्वास्थ्य लाभ देने और आपातकालीन स्थिति में उनकी जान बचाने के लिए जिला अस्पताल दुर्ग को पहली अत्याधुनिक 'नियोनेटल एम्बुलेंस' (Neonatal Ambulance) की सौगात मिली है।

यह विशेष और हाईटेक एम्बुलेंस पूरे दुर्ग संभाग में एक माह तक के गंभीर रूप से बीमार नवजात शिशुओं को बिना समय गंवाए उच्च चिकित्सा सुविधा केंद्रों तक सुरक्षित पहुंचाने में सबसे बड़ी मददगार साबित होगी।

एम्बुलेंस नहीं, यह है 'व्हील्स पर आईसीयू' (ICU on Wheels)

नवजात शिशुओं की नाजुक स्थिति को देखते हुए इस एम्बुलेंस को विशेष रूप से डिजाइन किया गया है। इसमें वे सभी जीवनरक्षक उपकरण मौजूद हैं जो किसी बड़े अस्पताल के आईसीयू में होते हैं:

हाई ऑक्सीजन सपोर्ट: सांस लेने में तकलीफ से जूझ रहे बच्चों के लिए त्वरित ऑक्सीजन की व्यवस्था।

मेडिकल वार्मर (Warmer): समय से पहले जन्मे (Pre-mature) बच्चों के शरीर के तापमान को नियंत्रित रखने के लिए आधुनिक वार्मर।

इन्फ्यूजन पंप (Infusion Pump): सफर के दौरान भी शिशु को अत्यंत सटीक मात्रा में दवाइयां और जरूरी तरल पदार्थ देने की सुविधा।

विशेष मानवीय पहल: इस अत्याधुनिक सेवा के तहत एक बेहद संवेदनशील और विशेष सुविधा जोड़ी गई है— यात्रा के दौरान गंभीर शिशु के साथ उसकी मां भी इस एम्बुलेंस में सफर कर सकेगी, ताकि बच्चे को मानसिक और शारीरिक संबल मिलता रहे।

आपातकाल में कैसे करें संपर्क? नोट करें ये जरूरी नंबर

स्वास्थ्य विभाग द्वारा इस सेवा को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए त्वरित हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं:

बुकिंग के लिए: एक माह तक के नवजात शिशु को इस एम्बुलेंस के जरिए अस्पताल में भर्ती कराने के लिए सीधे 108 सेवा पर कॉल किया जा सकता है। इसके अलावा डिस्ट्रिक्ट मैनेजर (108) के मोबाइल नंबर 7000085006 पर भी संपर्क साधा जा सकता है।

लोकेशन ट्रैकिंग के लिए: आपातकालीन स्थिति में एम्बुलेंस की लाइव लोकेशन और स्थिति जानने के लिए परिजन मोबाइल नंबर 6269002641 पर कॉल कर सकते हैं।

शिशु मृत्यु दर को कम करने में मिलेगी ऐतिहासिक कामयाबी

दुर्ग संभाग के ग्रामीण, आदिवासी और दूरस्थ अंचलों में कई बार सही समय पर इलाज न मिल पाने के कारण नवजात शिशुओं की स्थिति बिगड़ जाती थी। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि इस हाईटेक नियोनेटल एम्बुलेंस के सड़क पर उतरने से अब अस्पताल पहुंचने के दौरान (In-transit) भी बच्चों का इलाज जारी रहेगा। यह अनूठी पहल क्षेत्र में शिशु मृत्यु दर (Infant Mortality Rate) में प्रभावी कमी लाने में एक क्रांतिकारी कदम साबित होगी।

शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर अड़ी पार्टी, अगले शनिवार फिर जंतर-मंतर पर होगा शक्ति प्रदर्शन

नई दिल्ली, । जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने अपनी लड़ाई को और तेज करने का ऐलान कर दिया है। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने केंद्र सरकार को 7 दिनों का अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि यदि इस अवधि के भीतर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपना इस्तीफा नहीं देते, तो आंदोलन को देशव्यापी स्वरूप दिया जाएगा।

पार्टी का आरोप है कि नीट (NEET) परीक्षा में कथित पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में अनियमितताओं के कारण लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है। इसी मुद्दे को लेकर 6 जून को दिल्ली के जंतर-मंतर पर पांच घंटे तक प्रदर्शन किया गया था, जिसके बाद आंदोलनकारियों ने आगे की रणनीति की घोषणा की।

देशभर में होगा विरोध प्रदर्शन

CJP नेतृत्व का कहना है कि अब आंदोलन केवल सोशल मीडिया तक सीमित नहीं रहेगा। पार्टी अपने समर्थकों और कार्यकर्ताओं को देश के विभिन्न राज्यों में संगठित कर जिला एवं राज्य स्तर पर विरोध प्रदर्शन आयोजित करेगी। संगठन का दावा है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर करोड़ों समर्थकों की ताकत को अब जमीनी स्तर पर उतारा जाएगा।

अगले शनिवार फिर जंतर-मंतर में जुटेंगे समर्थक

प्रदर्शनकारियों ने घोषणा की है कि यदि सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक कदम नहीं उठाती, तो अगले शनिवार को एक बार फिर दिल्ली के जंतर-मंतर पर बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा। पार्टी का दावा है कि इस बार पहले से अधिक संख्या में छात्र, युवा और अभिभावक आंदोलन में भाग लेंगे।

डिजिटल सेना को जमीनी ताकत में बदलने की तैयारी

सोशल मीडिया अभियानों और राजनीतिक व्यंग्य के माध्यम से चर्चा में आई CJP अब अपनी ऑनलाइन लोकप्रियता को वास्तविक जनआंदोलन में बदलने की रणनीति पर काम कर रही है। पार्टी का मानना है कि शिक्षा और रोजगार जैसे मुद्दों पर युवाओं की भागीदारी बढ़ रही है, जिसका प्रभाव आगामी दिनों में राष्ट्रीय राजनीति पर भी दिखाई दे सकता है।

शौर्यपथ विश्लेषण

जंतर-मंतर का यह आंदोलन केवल एक मंत्री के इस्तीफे की मांग तक सीमित नहीं दिख रहा, बल्कि यह देश की परीक्षा प्रणाली, युवाओं के विश्वास और शिक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता को लेकर उठ रहे व्यापक सवालों का प्रतीक बनता जा रहा है। अब निगाहें सरकार की प्रतिक्रिया और अगले सात दिनों के घटनाक्रम पर टिकी हैं, जो इस आंदोलन की दिशा और प्रभाव तय करेंगे।

नई दिल्ली: 08 जून 2026 का दिन देश की राजनीति, अर्थव्यवस्था और सामाजिक मोर्चे पर भारी उठापटक का गवाह रहा। राजधानी दिल्ली में जहां एक तरफ विपक्षी खेमे ने अपनी सियासी बिसात बिछानी शुरू की, वहीं दूसरी तरफ आम जनता पर महंगाई का एक और बड़ा बोझ डाल दिया गया। आइए विस्तार से जानते हैं कल दिनभर की उन प्रमुख खबरों को, जो आज के अखबारों की मुख्य सुर्खियां बनी हैं:

1. दिल्ली में विपक्षी एकजुटता: 'इंडिया' गठबंधन की महाबैठक

आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए कल नई दिल्ली में विपक्षी एकजुटता का एक बड़ा नजारा देखने को मिला। देश की 23 प्रमुख विपक्षी पार्टियों के दिग्गज नेताओं ने एक मंच पर आकर 'इंडिया' गठबंधन की महत्वपूर्ण बैठक में हिस्सा लिया। इस हाई-प्रोफाइल बैठक में आने वाले चुनावों के मद्देनजर सीटों के तालमेल, साझा एजेंडे और सरकार को घेरने की रणनीतियों पर घंटों गहन मंथन किया गया।

2. रसोई का बजट बिगड़ा: एलपीजी सिलेंडर ₹29 महंगा

आम आदमी के घरेलू बजट को कल एक और करारा झटका लगा। देश में घरेलू रसोई गैस (LPG) सिलेंडर की कीमतों में ₹29 की सीधी बढ़ोतरी लागू कर दी गई है। इस नए इजाफे के बाद देश की राजधानी दिल्ली में 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर का दाम बढ़कर अब ₹942 के स्तर पर पहुंच गया है, जिससे गृहणियों की चिंताएं बढ़ गई हैं。

3. पंजाब में भड़का आक्रोश: 17 जिलों में किसानों का उग्र प्रदर्शन

अपनी लंबित मांगों को लेकर पंजाब में एक बार फिर किसान सड़कों पर उतर आए हैं। कल पंजाब के 17 जिलों में किसानों ने एक साथ मोर्चा खोलते हुए केंद्र और राज्य सरकारों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और उनके पुतले फूंके। किसानों की मुख्य नाराजगी भूमि अधिग्रहण की नीतियों और खेतों के लिए बेहद जरूरी यूरिया खाद की भारी किल्लत को लेकर है। किसान संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्याओं का जल्द समाधान नहीं हुआ, तो यह आंदोलन और उग्र रूप ले सकता है।

4. रेल यात्रियों और कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर: शुरू हुआ विशेष अभियान

रेलवे सेक्टर से एक सकारात्मक और बड़ी खबर सामने आई है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के कड़े निर्देशों के बाद, भारतीय रेलवे (Indian Railways) ने एक अभूतपूर्व और विशेष अभियान की शुरुआत की है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य रेलवे कर्मचारियों की विभागीय और व्यक्तिगत समस्याओं का महज 24 घंटे के भीतर निवारण करना है। इसके साथ ही, ट्रेनों के सफर को सुरक्षित बनाने के लिए 'कोच सुरक्षा' पर भी इस अभियान के तहत विशेष फोकस किया जा रहा है।

शौर्यपथ दैनिक समाचार विश्लेषण: कल की घटनाएं यह साफ संकेत देती हैं कि जहां एक ओर देश में चुनावी बिसात बिछने लगी है, वहीं दूसरी ओर बुनियादी जरूरतें (गैस, खाद और सुरक्षा) जनता और सरकार के बीच संवाद और संघर्ष का मुख्य केंद्र बिंदु बनी हुई हैं।

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♈ मेष राशि (Aries) बड़ी खुशखबरी: आज भाग्य पूरी तरह से आपके साथ है। कार्यक्षेत्र में आपकी किसी बड़ी योजना को मंजूरी मिल सकती है,…

   कोरिया/शौर्यपथ। सुशासन तिहार 2026 के तहत सोमवार को जनपद पंचायत बैकुण्ठपुर की ग्राम पंचायत तरगवां में आयोजित जिला स्तरीय समस्या निवारण शिविर में दिव्यांगजनों एवं वरिष्ठ नागरिकों को विभिन्न सहायक उपकरण वितरित किए गए। उपकरण मिलने से हितग्राहियों के चेहरों पर खुशी साफ झलकती नजर आई।

समाज कल्याण विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ शासन के आदिम जाति विकास, कृषि विकास एवं किसान कल्याण, जैव प्रौद्योगिकी, मछलीपालन तथा पशुधन विकास मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री रामविचार नेताम, विधायक भैया लाल राजवाड़े तथा कलेक्टर रोक्तिमा यादव ने हितग्राहियों को सहायक उपकरण प्रदान किए।

शिविर में ग्राम कसरा निवासी जगमोहन को आवागमन में सुविधा के लिए ट्राइसाइकिल प्रदान की गई। वहीं कुसुमदुगा के 72 वर्षीय बालकृष्ण एवं चेरवापारा के 80 वर्षीय धनसाय को व्हीलचेयर देकर लाभान्वित किया गया। इसके अलावा 6 वरिष्ठ नागरिकों को छड़ी सहित अन्य आवश्यक सहायक उपकरण वितरित किए गए।

सहायक उपकरण प्राप्त करने वाले दिव्यांगजनों और बुजुर्गों ने शासन की इस पहल की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इन उपकरणों से उनकी दैनिक गतिविधियां आसान होंगी और आत्मनिर्भरता बढ़ेगी।

कार्यक्रम में जिला पंचायत उपाध्यक्ष वंदना राजवाड़े, जिला पंचायत सदस्य गीता राजवाड़े, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी, एसडीएम सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

भिलाई/शौर्यपथ। भिलाई सहित सेल (SAIL) की विभिन्न टाउनशिपों में वर्षों से लंबित लीज नवीनीकरण के मुद्दे पर बड़ी राहत मिलने की खबर सामने आई है। सेल बोर्ड की 532वीं बैठक…
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