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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।
प्लॉट का कब्जा नहीं देने और बिना सूचना बुकिंग निरस्त करने पर कार्रवाई; 15.09 लाख मूल राशि के साथ 18.61 लाख रुपये ब्याज भुगतान के निर्देश
रायपुर / शौर्यपथ। छत्तीसगढ़ भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (CGRERA) ने आबंटी के हित में महत्वपूर्ण आदेश पारित करते हुए सेजबहार, रायपुर स्थित वत्सल्य डेवलपर्स को जमा राशि ब्याज सहित वापस करने के निर्देश दिए हैं। प्राधिकरण ने प्रमोटर को आबंटी द्वारा जमा की गई 15 लाख 9 हजार 300 रुपये की मूल राशि के साथ 18 लाख 60 हजार 956 रुपये ब्याज, यानी कुल 33 लाख 70 हजार 256 रुपये का भुगतान करने का आदेश दिया है।
प्रकरण के अनुसार आबंटी ने वर्ष 2012 में प्रमोटर के साथ अनुबंध कर आवासीय प्लॉट बुक किया था। वर्ष 2012 से 2015 के बीच अनुबंध के अनुसार आबंटी ने कुल 15 लाख 9 हजार 300 रुपये का भुगतान कर दिया था। इसके बावजूद उसे निर्धारित प्लॉट का कब्जा नहीं दिया गया।
बिना पूर्व सूचना बुकिंग निरस्त करने का आरोप
आबंटी के अनुसार, पूरी राशि का भुगतान किए जाने के बाद भी प्लॉट का कब्जा नहीं मिला और प्रमोटर द्वारा बिना पूर्व सूचना उसकी बुकिंग निरस्त कर दी गई। इसके बाद जमा राशि की वापसी और अपने हितों की सुरक्षा के लिए आबंटी ने CGRERA में आवेदन प्रस्तुत किया।
प्राधिकरण ने मामले में प्रस्तुत दस्तावेजों और उपलब्ध अभिलेखों का परीक्षण करने के बाद आबंटी के पक्ष में आदेश जारी किया। आदेश के तहत प्रमोटर को मूल जमा राशि के साथ निर्धारित ब्याज का भुगतान करना होगा। इस प्रकार आबंटी को कुल 33,70,256 रुपये वापस मिलेंगे।
आबंटियों के अधिकारों को मिला संरक्षण
CGRERA का यह आदेश रियल एस्टेट क्षेत्र में आबंटियों के हितों की सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आदेश से यह स्पष्ट होता है कि प्रमोटरों को आबंटियों के साथ किए गए अनुबंधों और अपने वैधानिक दायित्वों का पालन करना आवश्यक है। राशि प्राप्त करने के बाद प्लॉट का कब्जा नहीं देना अथवा आबंटी के हितों के प्रतिकूल कार्रवाई करना विवाद की स्थिति में नियामक प्राधिकरण के समक्ष चुनौती का आधार बन सकता है।
यह आदेश उन आबंटियों के लिए भी महत्वपूर्ण संदेश है, जो परियोजनाओं में राशि जमा करने के बावजूद समय पर कब्जा अथवा अनुबंधित लाभ प्राप्त नहीं कर पाते हैं।
मोहला-मानपुर के ग्रामीण क्षेत्रों में राजस्व मंत्री ने योजनाओं का जाना जमीनी असर, हितग्राहियों से किया सीधा संवाद
रायपुर / शौर्यपथ। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंच रहा है। इसी क्रम में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के ग्रामीण क्षेत्रों का दौरा कर योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति का जायजा लिया और हितग्राहियों से संवाद किया।
मंत्री श्री वर्मा ने ग्राम पंचायत माड़िंग पिड़िंग भूर्सा, जनपद पंचायत मोहला में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत निर्माणाधीन आवास का निरीक्षण किया। उन्होंने हितग्राही इन्द्र कुमार पिता मदन लाल के आवास का अवलोकन किया। वर्ष 2025-26 में स्वीकृत इस पक्के आवास के लिए 1 लाख 20 हजार रुपये की सहायता के साथ परिवार को 90 दिनों का मनरेगा रोजगार भी उपलब्ध कराया जा रहा है।
हितग्राही परिवार की श्रीमती हेमेश्वरी ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना से उन्हें सुरक्षित पक्का घर मिल रहा है। उज्ज्वला योजना से रसोई गैस, जल जीवन मिशन से घर में नल के माध्यम से स्वच्छ पेयजल और महतारी वंदन योजना से मिलने वाली मासिक आर्थिक सहायता ने परिवार के जीवन को आसान बनाया है। उन्होंने योजनाओं के लाभ के लिए सरकार के प्रति आभार जताया।
हितग्राहियों के अनुभव सुनकर मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास’ के मूलमंत्र के साथ काम कर रही है। उन्होंने कहा कि समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास और सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब उनका लाभ पात्र परिवारों तक पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ पहुंचे।
इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
धमतरी / शौर्यपथ। जिला कार्यालय धमतरी में पदस्थ एक महिला स्टेनोटायपिस्ट द्वारा कलेक्टर के निजी सहायक के खिलाफ लगाए गए गंभीर आरोपों ने प्रशासनिक महकमे में चर्चा तेज कर दी है। महिला कर्मचारी ने कथित दुर्व्यवहार, मानसिक प्रताड़ना, अनुचित व्यवहार तथा पदोन्नति की प्रक्रिया में बाधा उत्पन्न करने संबंधी शिकायत की है। सूत्रों के अनुसार, शिकायत सामने आने के बाद प्रशासन द्वारा मामले की आंतरिक जांच की तैयारी किए जाने की जानकारी सामने आ रही है। हालांकि, इस संबंध में प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक जांच रिपोर्ट अथवा विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
अवकाश के दिन कार्यालय बुलाने का आरोप
सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता महिला कर्मचारी ने अपने आवेदन में कलेक्टर के निजी सहायक धनेश कुमार साहू पर अनुचित व्यवहार एवं कथित छेड़खानी के आरोप लगाए हैं। महिला का आरोप है कि संबंधित कर्मचारी द्वारा उसे कथित तौर पर मानसिक रूप से परेशान किया जाता था। शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि अवकाश के दिनों में अर्जेंट शासकीय कार्य का हवाला देकर उसे कार्यालय बुलाया जाता था और उस दौरान कथित रूप से अनर्गल एवं अनुचित बातचीत की जाती थी।
इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है। ऐसे में मामले की वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
पदोन्नति में बाधा डालने का भी आरोप
महिला कर्मचारी ने शिकायत में अपनी पदोन्नति को लेकर भी गंभीर आपत्ति दर्ज कराई है। बताया गया है कि स्टेनोग्राफर-3 के पद पर पदोन्नति की प्रक्रिया में कथित रूप से अड़चन पैदा करने तथा वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष उसके संबंध में आपत्तिजनक बातें रखे जाने का आरोप लगाया गया है।
शिकायतकर्ता ने प्रशासन से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, कार्यस्थल पर सुरक्षित एवं सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराने तथा दोष सिद्ध होने की स्थिति में संबंधित कर्मचारी के विरुद्ध नियमानुसार विभागीय कार्रवाई किए जाने की मांग की है। साथ ही शिकायत में पुलिस कार्रवाई और FIR दर्ज कराने की अनुशंसा किए जाने का भी उल्लेख बताया जा रहा है।
पूर्व आरोपों की भी चर्चा, कार्रवाई पर सवाल
मामले के बीच कलेक्टर के निजी सहायक को लेकर पूर्व में लगाए गए कुछ अन्य आरोपों की भी चर्चा प्रशासनिक गलियारों में होने लगी है। सूत्रों के अनुसार, पूर्व में भी उन पर कलेक्टर के निजी सहायक पद का प्रभाव इस्तेमाल करते हुए अधीनस्थ अधिकारियों को कथित रूप से डराने-धमकाने तथा जबरन धन वसूली जैसे आरोप लगाए जाने की बातें सामने आई थीं। हालांकि, इन पूर्व आरोपों की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और न ही उनके संबंध में किसी कार्रवाई का आधिकारिक रिकॉर्ड इस समय सार्वजनिक रूप से सामने है।
शिकायतकर्ता महिला के पति के धमतरी जिले में ही राजस्व निरीक्षक के पद पर कार्यरत होने की जानकारी भी सामने आई है। ऐसे में पूरे मामले को लेकर प्रशासनिक स्तर पर निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ जांच किए जाने की मांग और महत्वपूर्ण हो जाती है।
प्रशासन की चुप्पी पर टिकी निगाहें
फिलहाल जिला कलेक्ट्रेट के वरिष्ठ अधिकारियों की ओर से मामले को लेकर सार्वजनिक रूप से कोई विस्तृत बयान सामने नहीं आया है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि शिकायत पर प्रशासन किस स्तर की जांच कराता है और जांच की प्रक्रिया में शिकायतकर्ता तथा आरोपित पक्ष के बयानों एवं उपलब्ध साक्ष्यों का किस प्रकार परीक्षण किया जाता है।
मामला यदि औपचारिक जांच के दायरे में आता है तो शिकायत में लगाए गए आरोपों की सत्यता, पदोन्नति संबंधी प्रक्रिया में किसी प्रकार की अनियमितता हुई या नहीं तथा कार्यस्थल पर आचरण से जुड़े नियमों का पालन हुआ या नहीं—इन सभी पहलुओं की जांच महत्वपूर्ण होगी। जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
लंबित पदोन्नति, समयमान वेतनमान, पेंशन और सेवानिवृत्ति स्वत्वों के शीघ्र निराकरण की मांग; 15 दिवसीय विशेष अभियान चलाने का आग्रह
दुर्ग / शौर्यपथ। जिला परामर्शदात्री समिति की बैठकों में कर्मचारियों की सेवा संबंधी समस्याओं के निराकरण के लिए लिए गए निर्णयों के बावजूद लंबित प्रकरणों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने से छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ, जिला दुर्ग ने नाराजगी जताई है। संघ ने कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी, दुर्ग को ज्ञापन सौंपकर विभिन्न विभागों में लंबित कर्मचारियों के सेवा स्वत्वों और सेवानिवृत्ति संबंधी मामलों का समयबद्ध निराकरण कराने के लिए संबंधित अधिकारियों को तत्काल निर्देश जारी करने की मांग की है।
संघ के प्रांतीय महामंत्री विजय लहरे, वरिष्ठ प्रांतीय उपाध्यक्ष प्रदीप बाबा चौहान, जिलाध्यक्ष भानु प्रताप यादव एवं जिला सचिव शिवदयाल घृतलहरे ने कहा कि जिला परामर्शदात्री समिति की बैठकों में कर्मचारियों की समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए जाते हैं, लेकिन विभागीय स्तर पर उन निर्णयों का प्रभावी पालन नहीं हो रहा है। इसके चलते कर्मचारियों के पदोन्नति, वेतनमान, पेंशन तथा सेवानिवृत्ति स्वत्वों से जुड़े महत्वपूर्ण प्रकरण लंबे समय से लंबित हैं।
पदोन्नति के अवसर से वंचित हो रहे पात्र कर्मचारी
संघ ने बताया कि जिले के विभिन्न विभागों में पद रिक्त होने के बावजूद विभागीय पदोन्नति समितियों की बैठकें समय पर आयोजित नहीं की जा रही हैं। इसका प्रतिकूल प्रभाव पात्र कर्मचारियों पर पड़ रहा है और कई कर्मचारी पदोन्नति का लाभ प्राप्त किए बिना ही सेवानिवृत्त हो रहे हैं। संघ ने रिक्त पदों के विरुद्ध पात्र कर्मचारियों की पदोन्नति प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने की मांग की है।
इसी तरह समयमान वेतनमान से संबंधित अनेक प्रकरण विभागों और कोषालय स्तर पर लंबित होने का आरोप लगाते हुए संघ ने इन मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण करने की मांग की है, ताकि पात्र कर्मचारियों को उनके वैधानिक वित्तीय लाभ समय पर मिल सकें।
पेंशन और सेवानिवृत्ति स्वत्वों में देरी पर सवाल
सेवानिवृत्त कर्मचारियों के पेंशन, ग्रेच्युटी, अर्जित अवकाश नगदीकरण तथा समूह बीमा योजना से संबंधित भुगतान में विलंब को लेकर भी संघ ने चिंता जताई है। संघ का कहना है कि सेवानिवृत्ति के बाद कर्मचारियों को उनके देय स्वत्वों के लिए लंबे समय तक कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। ऐसे प्रकरणों का निर्धारित समय-सीमा के भीतर निराकरण सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
संघ ने सेवापुस्तिकाओं के समय पर संधारण एवं सत्यापन की व्यवस्था को भी दुरुस्त करने की मांग की है। संगठन के अनुसार सेवापुस्तिका में आवश्यक प्रविष्टियों और सत्यापन में देरी के कारण अंतिम भुगतान सहित सेवानिवृत्ति स्वत्वों के प्रकरणों के निराकरण में अनावश्यक बाधाएं उत्पन्न होती हैं।
15 दिवसीय विशेष अभियान और निगरानी समिति की मांग
कर्मचारी संघ ने जिले के सभी विभागाध्यक्षों को निर्देशित कर लंबित पदोन्नति, समयमान वेतनमान, पेंशन एवं सेवानिवृत्ति स्वत्वों के प्रकरणों के निराकरण के लिए 15 दिवसीय विशेष अभियान चलाने की मांग की है। संघ का सुझाव है कि इस अभियान के दौरान विभागवार लंबित मामलों की सूची तैयार कर उनके निराकरण की स्पष्ट समय-सीमा निर्धारित की जाए।
इसके साथ ही जिला परामर्शदात्री समिति में लिए गए निर्णयों के पालन की नियमित समीक्षा के लिए निगरानी समिति गठित करने का सुझाव दिया गया है। संघ का कहना है कि विभागवार समीक्षा से यह स्पष्ट हो सकेगा कि समिति के निर्णयों पर कितना अमल हुआ और किन मामलों में अब भी कार्रवाई लंबित है।
समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन की चेतावनी
संघ ने स्पष्ट किया है कि कर्मचारियों की समस्याओं का निर्धारित समयावधि में ठोस समाधान नहीं होने की स्थिति में संगठन चरणबद्ध आंदोलन, धरना-प्रदर्शन जैसे कार्यक्रम आयोजित करने के लिए बाध्य होगा। संघ ने इसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होने की बात कही है।
ज्ञापन के माध्यम से कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी, दुर्ग से जिला परामर्शदात्री समिति के निर्णयों का प्रभावी पालन सुनिश्चित कराने तथा संबंधित विभागीय अधिकारियों को लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण के लिए आवश्यक निर्देश जारी करने का आग्रह किया गया है।
परिजनों ने मुख्यमंत्री और महिला आयोग से लगाई न्याय की गुहार, कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन ने एएसपी को सौंपा ज्ञापन; मजिस्ट्रियल जांच की मांग
कोंडागांव / शौर्यपथ। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सिंगनपुर में पदस्थ रहे व्याख्याता स्व. मोहनलाल मरकाम की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मृत्यु का मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। मृत्यु के ठोस कारणों और घटनाक्रम की स्पष्ट जानकारी अब तक सामने नहीं आने तथा परिजनों की ओर से लगाए गए आरोपों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने का मुद्दा उठाते हुए परिवार ने मुख्यमंत्री एवं महिला आयोग से न्याय की गुहार लगाई है। वहीं छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन, कोंडागांव ने भी मामले की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक चंद्रा को ज्ञापन सौंपा है।
फेडरेशन को प्राप्त आवेदन के आधार पर स्व. मरकाम की पत्नी श्रीमती क्रांति मरकाम की शिकायत को लेकर पदाधिकारियों ने एएसपी से मुलाकात कर मामले की पुनः जांच कराने तथा दोषियों की भूमिका सामने लाने का आग्रह किया। फेडरेशन का कहना है कि मृत्यु की परिस्थितियों को लेकर अभी भी कई महत्वपूर्ण सवाल स्पष्ट नहीं हुए हैं, ऐसे में निष्पक्ष जांच के बिना परिवार को न्याय मिलना कठिन है।
स्कूल में विवाद के बाद बिगड़ी थी तबीयत
परिजनों एवं उपलब्ध जानकारी के अनुसार घटना वाले दिन स्व. मोहनलाल मरकाम स्वस्थ अवस्था में विद्यालय पहुंचे थे और उन्होंने नियमित रूप से अध्यापन कार्य भी कराया था। इसके बाद विद्यालय की एक महिला शिक्षिका के साथ कथित बहस होने और इसके पश्चात उनके सीने में दर्द की शिकायत की बात सामने आई है। उन्हें उपचार के लिए केशकाल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाने की जानकारी दी गई है।
मामले में घटनाक्रम को लेकर भी अलग-अलग बातें सामने आने का दावा किया जा रहा है। कहीं मृत्यु रास्ते में, कहीं विद्यालय में और कहीं अस्पताल में होने की बात कही जा रही है। मृत्यु वास्तव में कब, कहां और किन परिस्थितियों में हुई, इसे लेकर स्पष्टता नहीं होने से परिजनों के संदेह और गहरे हो गए हैं।
महिला शिक्षिका की पदस्थापना को लेकर भी सवाल
परिजनों एवं फेडरेशन के समक्ष प्रस्तुत शिकायत में विद्यालय की एक महिला शिक्षिका की पदस्थापना एवं उपस्थिति से जुड़े कुछ तथ्यों पर भी सवाल उठाए गए हैं। शिकायत के अनुसार संबंधित शिक्षिका अतिशेष होने के बावजूद तत्कालीन खंड शिक्षा अधिकारी केशकाल के मौखिक आदेश पर अपने मूल विद्यालय से सिंगनपुर पहुंची थीं। यह भी आरोप है कि उनकी उपस्थिति नियमित शिक्षकों के मूल उपस्थिति रजिस्टर के बजाय अन्य पंजी में दर्ज की जाती थी।
हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में संबंधित दस्तावेजों, पदस्थापना आदेश, उपस्थिति रजिस्टर और घटना दिवस के पूरे घटनाक्रम की जांच आवश्यक मानी जा रही है।
फेडरेशन ने की मजिस्ट्रियल जांच की मांग
फेडरेशन पदाधिकारियों का कहना है कि मामले में मृत्यु के वास्तविक कारण, घटनास्थल, उपचार के दौरान की स्थिति तथा घटना से जुड़े सभी व्यक्तियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच जरूरी है। उन्होंने मांग की है कि मामले की मजिस्ट्रेट स्तर से जांच कराई जाए, ताकि किसी भी प्रकार के संदेह की गुंजाइश न रहे और वास्तविक तथ्य सामने आ सकें।
ज्ञापन सौंपने वालों में कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन कोंडागांव के उप संयोजक निर्मल कुमार शार्दूल, महामंत्री कंवल साय मरकाम, सचिव हीरा नेताम एवं संगठन मंत्री चमन वर्मा सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
परिजनों की मांग है कि स्व. मोहनलाल मरकाम की मृत्यु की परिस्थितियों की निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच कराई जाए और यदि जांच में किसी की लापरवाही अथवा दोष सामने आता है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए। अब देखना होगा कि शासन और प्रशासन इस मामले में मजिस्ट्रियल जांच की मांग पर क्या कदम उठाता है और मृत्यु के अनसुलझे सवालों का जवाब कब तक सामने आता है।
जगदलपुर, 7 अक्टूबर 2026 / शौर्यपथ। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत जगदलपुर के धरमपुरा स्थित क्रीड़ा परिसर में आयोजित तीन दिवसीय संभाग स्तरीय दिव्यांग शिविर का बुधवार को बस्तर संभाग के कमिश्नर डोमन सिंह ने अवलोकन किया। उन्होंने शिविर में दिव्यांगजनों के पंजीयन, स्वास्थ्य परीक्षण तथा उनकी आवश्यकता के अनुसार कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण उपलब्ध कराने की प्रक्रिया की जानकारी ली और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
कमिश्नर ने शिविर में लाभान्वित हुए दिव्यांगजनों से सीधे संवाद कर उनकी आवश्यकताओं और अनुभवों की जानकारी ली। उन्होंने दिव्यांगजनों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने जरूरतमंद दिव्यांगजनों को योजनाओं के माध्यम से हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया।
चार जिलों के दिव्यांगजनों को मिल रहा लाभ
धरमपुरा क्रीड़ा परिसर में 5 से 7 अक्टूबर तक आयोजित इस शिविर में बस्तर, कोंडागांव, नारायणपुर और कांकेर जिले के दिव्यांगजनों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप कृत्रिम अंग एवं विभिन्न सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
शिविर का आयोजन स्वयंसेवी संस्था भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति एवं एनएसई फाउंडेशन के सहयोग से जिला प्रशासन द्वारा किया गया। शिविर में दिव्यांगजनों का परीक्षण कर उनकी जरूरत के अनुरूप उपकरण उपलब्ध कराने की प्रक्रिया अपनाई गई, जिससे उन्हें दैनिक जीवन में अधिक सुविधा मिल सके।
आत्मनिर्भरता और सामाजिक सहभागिता पर जोर
सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित शिविर का उद्देश्य दिव्यांगजनों को केवल सहायक उपकरण उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनाने और समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए आवश्यक सहयोग प्रदान करना है। प्रशासन द्वारा ऐसे प्रयासों के माध्यम से दिव्यांगजनों के जीवन को अधिक सुगम बनाने और उन्हें सम्मानजनक एवं आत्मनिर्भर जीवन के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
बोले-हर गांव की खेल प्रतिभा पहुंचे मैदान तक, इस बार दोगुने पंजीयन का लक्ष्य
जगदलपुर, 7 अक्टूबर 2026 / शौर्यपथ। बस्तर ओलंपिक 2026 को लेकर युवाओं में खेल भावना और सहभागिता बढ़ाने के उद्देश्य से वन मंत्री केदार कश्यप ने बुधवार को जगदलपुर के धरमपुरा स्थित खेल परिसर में स्वयं अपना पंजीयन कराया। इस दौरान उन्होंने बस्तर ओलंपिक के शुभंकर के साथ फोटो भी खिंचवाई और अधिक से अधिक युवाओं, महिलाओं एवं खेल प्रतिभाओं को प्रतियोगिता से जोड़ने का आह्वान किया।
वन मंत्री कश्यप ने कहा कि बस्तर ओलंपिक गांव-गांव में छिपी खेल प्रतिभाओं को सामने लाने का बड़ा मंच है। इसका उद्देश्य केवल प्रतियोगिता आयोजित करना नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को अपनी क्षमता प्रदर्शित करने का अवसर उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि बस्तर के प्रत्येक गांव से प्रतिभाएं खेल मैदान तक पहुंचे, इसके लिए जनप्रतिनिधियों, प्रशासन और समाज को मिलकर प्रयास करना होगा।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 में 3 लाख 91 हजार 289 खिलाड़ियों ने पंजीयन कराया था। बस्तर ओलंपिक 2026 में इस संख्या को दोगुना करने का लक्ष्य रखा गया है। इस लक्ष्य की पूर्ति के लिए अधिकाधिक खिलाड़ियों की भागीदारी सुनिश्चित करना आवश्यक है।
‘नया बस्तर’ की पहचान बनेंगे प्रतिभाशाली युवा
मंत्री कश्यप ने जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों से अपील की कि वे अपने-अपने क्षेत्रों के अधिक से अधिक खिलाड़ियों को बस्तर ओलंपिक से जोड़ने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि ‘नया बस्तर’ की पहचान यहां के प्रतिभाशाली युवाओं और उनकी उपलब्धियों से बनेगी। खेल युवाओं को सकारात्मक दिशा देने के साथ उनकी प्रतिभा को राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का माध्यम भी है।
इस अवसर पर चित्रकोट विधायक विनायक गोयल सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
मकान क्षति के लिए 8.78 करोड़ वितरित, पुनर्वास और स्वास्थ्य सुरक्षा के कार्य युद्धस्तर पर जारी
जगदलपुर, 7 अक्टूबर 2026 / शौर्यपथ। चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के प्रभाव से हुई मूसलाधार बारिश और ओडिशा के खातीगुड़ा व मुरान बांधों से छोड़े गए पानी के कारण बस्तर अंचल में उत्पन्न बाढ़ की स्थिति के बीच जिला प्रशासन द्वारा राहत एवं पुनर्वास कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। प्रभावित परिवारों को तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए अब तक 9 करोड़ 39 लाख 29 हजार 898 रुपये की राहत राशि सीधे उनके बैंक खातों में हस्तांतरित की जा चुकी है।
प्रशासन के अनुसार राहत राशि में सर्वाधिक 8 करोड़ 78 लाख 15 हजार 398 रुपये मकान क्षति के मुआवजे के रूप में वितरित किए गए हैं। इसमें पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त मकानों के लिए 8 करोड़ 2 लाख 23 हजार 391 रुपये तथा आंशिक क्षति वाले मकानों के लिए 75 लाख 92 हजार 7 रुपये की सहायता शामिल है। इसके अलावा घरेलू बर्तनों एवं अन्य सामग्री के नुकसान के लिए 52 लाख 45 हजार रुपये, जनहानि के मामलों में आश्रितों को 8 लाख रुपये तथा पशुहानि के लिए 69 हजार 500 रुपये की राहत राशि प्रदान की गई है।
लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण के निर्देश
राज्य शासन के निर्देशों के अनुरूप राजस्व अधिकारी एवं मैदानी कर्मचारी लगातार सक्रिय रहकर प्रभावित परिवारों के प्रकरणों का निराकरण कर रहे हैं। कलेक्टर आकाश छिकारा ने समीक्षा बैठक में निर्देश दिए हैं कि पूर्ण एवं आंशिक मकान क्षति के शेष सभी प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निराकरण किया जाए, ताकि कोई भी प्रभावित परिवार सहायता से वंचित न रहे।
पुनर्वास और स्वास्थ्य सुरक्षा पर भी जोर
आर्थिक सहायता के साथ प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए भी प्रशासन द्वारा तेजी से कार्य किया जा रहा है। जिन परिवारों के मकान पूरी तरह नष्ट हो गए हैं, उनके अस्थायी आश्रय के लिए बांस, बल्ली और तिरपाल जैसी आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है।
बाढ़ के बाद जलजनित एवं संक्रामक बीमारियों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा पेयजल स्रोतों का क्लोरीनेशन तथा प्रभावित गांवों में ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव किया जा रहा है।
बस्तर संभाग के कमिश्नर डोमन सिंह एवं कलेक्टर आकाश छिकारा स्वयं बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों और राहत शिविरों का लगातार निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि प्रभावित परिवारों को राहत, पुनर्वास और आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने का अभियान तब तक जारी रहेगा, जब तक अंतिम प्रभावित व्यक्ति तक सहायता नहीं पहुंच जाती।
नवरात्रि पर्व को लेकर यातायात मुख्यालय में समीक्षा बैठक, भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त बल और प्रभावी निगरानी के निर्देश
भिलाई / शौर्यपथ। आगामी नवरात्रि एवं त्योहारी सीजन को देखते हुए दुर्ग जिला के डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने यातायात मुख्यालय नेहरू नगर में अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने कहा कि सुचारू एवं सुरक्षित यातायात व्यवस्था जिले की प्रशासनिक कार्यक्षमता का महत्वपूर्ण आईना है। पर्व के दौरान नागरिकों को आवागमन में किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए यातायात पुलिस को पूर्व तैयारी के साथ कार्य करना होगा।
बैठक में धार्मिक स्थलों, प्रमुख बाजारों तथा अन्य भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में यातायात प्रबंधन की विस्तृत समीक्षा की गई। एसएसपी ने आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त बल की तैनाती, चेकिंग पॉइंट स्थापित करने तथा संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए। साथ ही प्रमुख मार्गों पर यातायात दबाव के अनुरूप वैकल्पिक व्यवस्था एवं आवश्यक डायवर्शन की तैयारी रखने पर भी जोर दिया गया।
दुर्घटना संभावित क्षेत्रों पर विशेष निगरानी
एसएसपी विजय अग्रवाल ने सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए दुर्घटना संभावित एवं बार-बार दुर्घटनाएं होने वाले स्थानों का चिन्हांकन करने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर सड़क की कमियों, संकेतकों, प्रकाश व्यवस्था एवं अन्य आवश्यक सुधारात्मक कार्यों पर कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
उन्होंने यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध नियमानुसार प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। विशेष रूप से नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने, शराब के नशे में वाहन संचालन, तेज रफ्तार, ओवरलोडिंग, मालवाहक वाहनों में सवारी बैठाने तथा वाहनों में ब्लैक फिल्म के उपयोग के मामलों में लगातार कार्रवाई करने पर जोर दिया गया।
कार्रवाई के साथ जागरूकता पर भी जोर
बैठक में एसएसपी ने कहा कि यातायात व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए केवल चालानी एवं प्रवर्तन कार्रवाई पर्याप्त नहीं है। आम नागरिकों में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी जरूरी है। इसके लिए हेलमेट एवं सीट बेल्ट के उपयोग, सुरक्षित वाहन चालन तथा नशे में वाहन नहीं चलाने को लेकर निरंतर जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए।
बैठक में यातायात विभाग के अधिकारियों ने जिले की वर्तमान यातायात व्यवस्था, सड़क सुरक्षा, दुर्घटना संभावित क्षेत्रों और नवरात्रि के दौरान यातायात प्रबंधन की तैयारियों की जानकारी दी। अधिकारियों को पर्व के दौरान व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कार्यवाही समयबद्ध रूप से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
दुर्ग पुलिस की अपील
दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि नवरात्रि एवं आगामी त्योहारी सीजन के दौरान यातायात नियमों का अनिवार्य रूप से पालन करें। दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट और चारपहिया वाहन में सीट बेल्ट का उपयोग करें। शराब पीकर अथवा तेज गति से वाहन न चलाएं तथा नाबालिगों को वाहन चलाने की अनुमति न दें। पुलिस ने नागरिकों से सुरक्षित एवं व्यवस्थित यातायात व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग की अपील की है।
जुनवानी में निगम की टीम ने अस्थायी मार्ग ध्वस्त किया, नगर तथा ग्राम निवेश विभाग और राजस्व प्रशासन को भी दी सूचना
भिलाई / शौर्यपथ। नगर पालिक निगम भिलाई क्षेत्र के ग्राम जुनवानी में शासकीय भूमि से होकर निजी भूमि तक अनधिकृत पहुंच मार्ग बनाए जाने की सूचना पर निगम प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई की। निगम आयुक्त सुरुचि सिंह के निर्देश पर जोन क्रमांक-01 एवं भवन अनुज्ञा शाखा की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर शासकीय भूमि पर तैयार किए जा रहे अस्थायी पहुंच मार्ग को ध्वस्त कर दिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम जुनवानी स्थित खसरा क्रमांक 199 शासकीय भूमि के रूप में दर्ज है। इसी भूमि से लगी खसरा क्रमांक 130 एवं 140 के कुछ हिस्सों तक आवागमन के लिए मेसर्स अंजनी डेवलपर्स द्वारा पेड़ों की कटाई कर अस्थायी पहुंच मार्ग तैयार किए जाने की सूचना निगम प्रशासन को मिली थी। सूचना मिलते ही आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों को स्थल निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
निगम की टीम सुबह करीब 10 बजे मौके पर पहुंची और शासकीय भूमि पर बनाए जा रहे अनधिकृत अस्थायी पहुंच मार्ग को ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के माध्यम से शासकीय भूमि पर बिना अनुमति मार्ग अथवा अन्य निर्माण किए जाने की कोशिश को तत्काल रोक दिया गया।
भूईयां पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार खसरा क्रमांक 130 एवं 140 के संबंधित हिस्सों के भू-स्वामी मेसर्स अंजनी डेवलपर्स बताए गए हैं। प्रथम दृष्टया शासकीय भूमि से होकर निजी भूमि तक पहुंच मार्ग बनाए जाने का प्रयास प्रतीत होने पर निगम द्वारा संबंधित संस्था को सूचना प्रेषित की गई है।
संबंधित विभागों से मांगी गई जानकारी
मामले की स्थिति स्पष्ट करने के लिए निगम प्रशासन ने नगर तथा ग्राम निवेश विभाग, दुर्ग से भी पत्राचार किया है। विभाग से यह जानकारी मांगी गई है कि शासकीय भूमि से लगी निजी भूमि के संबंध में किसी संस्था अथवा व्यक्ति को विकास अनुज्ञा प्रदान की गई है या नहीं तथा यदि अनुमति दी गई है तो उससे संबंधित अभिलेख उपलब्ध कराए जाएं।
इसके साथ ही शासकीय भूमि के संरक्षण एवं आवश्यक राजस्व कार्रवाई के लिए अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, दुर्ग को भी मामले की सूचना दी गई है।
निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शासकीय भूमि पर बिना अनुमति अतिक्रमण, निर्माण अथवा अनधिकृत पहुंच मार्ग बनाने की किसी भी कोशिश को स्वीकार नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में स्थल की स्थिति एवं उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
वार्ड 31 से 40 तक के नागरिकों को एक ही स्थान पर मिली योजनाओं की जानकारी और सेवाओं का लाभ
भिलाई-चरौदा / शौर्यपथ। नगर पालिक निगम भिलाई-चरौदा प्रशासन द्वारा सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत मंगलवार को वार्ड क्रमांक 38 सोमनी स्थित सामुदायिक भवन में सेवा संकल्प शिविर का आयोजन किया गया। शिविर के माध्यम से वार्ड क्रमांक 31 से 40 तक के नागरिकों को विभिन्न शासकीय योजनाओं एवं जनकल्याणकारी सेवाओं की जानकारी उपलब्ध कराने के साथ आवश्यक सेवाओं का लाभ प्रदान किया गया।
शिविर में नगर निगम सहित संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी निर्धारित काउंटरों पर उपस्थित रहे। नागरिकों को शासन की विभिन्न योजनाओं, पात्रता एवं आवेदन प्रक्रिया की जानकारी दी गई तथा आवश्यकतानुसार आवेदन तैयार करने और संबंधित प्रक्रियाओं में सहयोग प्रदान किया गया। इससे नागरिकों को अलग-अलग कार्यालयों में जाने के बजाय एक ही स्थान पर विभिन्न सेवाओं से संबंधित जानकारी और सुविधा प्राप्त हुई।
इस अवसर पर स्वच्छता एवं सफाई व्यवस्था से जुड़े विषयों पर भी नागरिकों से सुझाव एवं शिकायतें प्राप्त की गईं। इसके अतिरिक्त वार्डवासियों द्वारा विभिन्न नागरिक सुविधाओं एवं स्थानीय समस्याओं से संबंधित आवेदन अधिकारियों को सौंपे गए। प्राप्त आवेदनों को संबंधित शाखाओं एवं विभागों को आवश्यक कार्रवाई के लिए प्रेषित किया गया।
नगर निगम प्रशासन द्वारा शिविर में प्राप्त आवेदनों पर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया गया। अधिकारियों ने नागरिकों से शासन की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने तथा अपनी समस्याओं एवं मांगों से संबंधित आवेदन शिविरों के माध्यम से प्रस्तुत करने की अपील की।
जनसेवा को सुगम बनाने की दिशा में पहल
सेवा संकल्प अभियान का उद्देश्य शासकीय योजनाओं एवं नागरिक सेवाओं को अधिक प्रभावी एवं सुगम तरीके से आमजन तक पहुंचाना तथा उनकी समस्याओं के निराकरण के लिए प्रशासन को नागरिकों के निकट लाना है। निगम प्रशासन के अनुसार ऐसे शिविरों के माध्यम से शासकीय सेवाओं की सहज उपलब्धता, जनभागीदारी और प्रशासनिक जवाबदेही को बढ़ावा मिलता है।
शिविर में बड़ी संख्या में नागरिकों ने सहभागिता करते हुए विभिन्न सेवाओं की जानकारी प्राप्त की और अपनी समस्याओं से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए। अधिकारियों एवं कर्मचारियों की मौजूदगी में नागरिकों को आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया गया।
प्रतिमा चंद्राकर ने पिछली ‘अनदेखी’ पर जताई नाराजगी, भूपेश बघेल ने दिया भरोसा; 40 वार्डों में राय को महत्व देने का संकेत
रिसाली / शौर्यपथ। नगर निगम चुनाव की आहट के साथ रिसाली कांग्रेस में सियासी हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस की संगठनात्मक बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, पूर्व गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू, पूर्व विधायक प्रतिमा चंद्राकर, छाया सांसद राजेंद्र साहू और पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष हेमंत बंजारे सहित वरिष्ठ नेता एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। बैठक में टिकट वितरण, वार्डवार राजनीतिक समीकरण और महापौर पद को लेकर रणनीति पर गंभीर मंथन हुआ।
बैठक में पूर्व विधायक प्रतिमा चंद्राकर ने पिछला निगम चुनाव याद करते हुए अपनी नाराजगी खुलकर रखी। उन्होंने कहा कि पिछले चुनाव के दौरान उनकी पर्याप्त पूछपरख नहीं हुई और निर्णय प्रक्रिया में उनसे अपेक्षित राय-मशविरा नहीं किया गया। उनकी यह बात सामने आने के बाद बैठक का राजनीतिक तापमान बढ़ा और संगठन के भीतर वरिष्ठ नेताओं की भूमिका को लेकर चर्चा शुरू हुई।
बताया जाता है कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रतिमा चंद्राकर को भरोसा दिलाया कि इस बार परिस्थितियां अलग होंगी। 40 वार्डों में प्रत्याशी चयन और चुनावी रणनीति तैयार करने में उनकी राय और अनुभव को महत्व दिए जाने का संकेत दिया गया। इससे यह संदेश गया कि कांग्रेस इस बार स्थानीय संगठन और वरिष्ठ नेताओं के अनुभव को साथ लेकर चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी कर रही है।
टिकट में गुटबाजी नहीं, जीतने वाले चेहरे पर जोर
बैठक में टिकट वितरण को लेकर भी स्पष्ट संदेश देने की कोशिश हुई। छाया सांसद राजेंद्र साहू ने कहा कि वार्डवार स्थिति और दावेदारों की जीत की संभावना को देखते हुए सामूहिक रूप से निर्णय लिया जाना चाहिए। वहीं पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष हेमंत बंजारे ने भी गुटबाजी और चाटुकारिता से दूर रहते हुए जीतने की क्षमता रखने वाले उम्मीदवारों को प्राथमिकता देने की बात कही।
चर्चा में यह भी सामने आया कि जिन वार्डों में पार्टी के पास केवल एक मजबूत दावेदार होगा, वहां सर्वसम्मति से नाम तय करने का रास्ता अपनाया जा सकता है। इससे टिकट की लंबी खींचतान को कम करने की रणनीति के संकेत मिलते हैं।
महापौर पद पर ‘स्थानीय चेहरे’ की मांग
रिसाली महापौर पद को लेकर भी बैठक में स्थानीय चेहरे की पैरवी सामने आई। कार्यकर्ताओं के एक वर्ग का मानना है कि यदि भाजपा स्थानीय व्यक्ति को महापौर पद के लिए आगे करती है तो कांग्रेस को भी स्थानीय नेतृत्व और स्थानीय राजनीतिक समीकरणों को प्राथमिकता देनी चाहिए। हालांकि इस संबंध में अंतिम निर्णय संगठन स्तर पर होना बाकी है।
कुल मिलाकर बैठक से यह संकेत जरूर मिला कि कांग्रेस इस बार रिसाली के चुनाव को केवल वार्डवार मुकाबले के रूप में नहीं, बल्कि संगठनात्मक एकजुटता, स्थानीय नेतृत्व और सही प्रत्याशी चयन के आधार पर लड़ने की तैयारी कर रही है। पिछली बार की ‘अनदेखी’ की शिकायत को दूर करने का भरोसा भले ही दिया गया हो, लेकिन असली राजनीतिक परीक्षा अब 40 वार्डों में टिकट वितरण और महापौर पद के चेहरे के चयन के समय होगी।
सेवा ज्योति यात्रा में उमड़ा उत्साह, मंत्री गजेन्द्र यादव सहित भाजपा के दिग्गज नेता, कार्यकर्ता, विद्यार्थी और नागरिक हुए शामिल
दुर्ग / शौर्यपथ। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत दुर्ग के पंडित रविशंकर शुक्ल स्टेडियम में ‘सेवा के रंग, राष्ट्र के संग’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री गजेन्द्र यादव सहित भाजपा के वरिष्ठ पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, कार्यकर्ता, स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थी और बड़ी संख्या में नागरिक शामिल हुए। इस दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन एवं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्र के नाम लाइव संबोधन को उपस्थितजनों ने सुना।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण के संकल्प को दोहराते हुए ‘We Will Do It’ का विश्वासपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए निरंतर प्रयास, दृढ़ इच्छाशक्ति तथा व्यापक जनभागीदारी को आवश्यक बताया। प्रधानमंत्री के संबोधन के दौरान कार्यक्रम स्थल पर मौजूद लोगों में उत्साह दिखाई दिया।
विकसित भारत के निर्माण की दिलाई शपथ
कार्यक्रम के दौरान कैबिनेट मंत्री गजेन्द्र यादव ने उपस्थित नागरिकों, भाजपा कार्यकर्ताओं एवं विद्यार्थियों को वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में अपनी भूमिका निभाने की शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए प्रत्येक व्यक्ति को सेवा, समर्पण और जिम्मेदारी की भावना के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करना चाहिए।
मंत्री यादव ने कहा कि विकसित भारत का संकल्प केवल सरकार का संकल्प नहीं है, बल्कि देश के प्रत्येक नागरिक की सहभागिता से पूरा होने वाला राष्ट्रीय अभियान है। यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने कार्यक्षेत्र में ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रहित की भावना के साथ योगदान दे तो भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य निश्चित रूप से हासिल किया जा सकता है।
सेवा ज्योति यात्रा में दिखा राष्ट्रसेवा का उत्साह
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन एवं जनसेवा के अवसर पर जिला भाजपा द्वारा ‘सेवा ज्योति यात्रा’ का आयोजन भी किया गया। पंडित रविशंकर शुक्ल स्टेडियम से प्रारंभ हुई यात्रा बस स्टैंड, गांधी चौक होते हुए पटेल चौक तक पहुंची। यात्रा में भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ विद्यार्थियों और आम नागरिकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
यात्रा के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में सेवा, सुशासन एवं राष्ट्रनिर्माण से जुड़े कार्यों को जन-जन तक पहुंचाने का संदेश दिया गया। साथ ही वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में प्रत्येक नागरिक की भूमिका को रेखांकित किया गया।
सेवा से राष्ट्रनिर्माण तक पहुंचा संदेश
‘सेवा के रंग, राष्ट्र के संग’ कार्यक्रम और सेवा ज्योति यात्रा के माध्यम से सेवा, समर्पण और राष्ट्रप्रथम की भावना को मजबूत करने का प्रयास किया गया। कार्यक्रम में युवाओं एवं नागरिकों को राष्ट्र के विकास में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया गया।
आयोजन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन में किए गए कार्यों और राष्ट्रनिर्माण की दिशा में उनके योगदान को स्मरण किया गया। उपस्थितजनों ने विकसित भारत के लक्ष्य में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।
भाजपा के वरिष्ठ नेताओं की रही मौजूदगी
कार्यक्रम में विधायक ललित चंद्राकर, विधायक रिकेश सेन, दुर्ग जिलाध्यक्ष सुरेंद्र कौशिक, भिलाई जिलाध्यक्ष पुरुषोत्तम देवांगन, महापौर श्रीमती अलका बाघमार, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष प्रेमप्रकाश पाण्डेय, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सरस्वती बंजारे, तेलघानी बोर्ड अध्यक्ष जितेन्द्र साहू, पर्यटन मंडल अध्यक्ष नीलू शर्मा, जिला सहकारी बैंक अध्यक्ष प्रीतपाल बेलचंदन, पूर्व विधायक लाभचंद बाफना एवं पूर्व विधायक सांवला राम डाहरे सहित जिला भाजपा के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
इसके अलावा बड़ी संख्या में स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थी एवं दुर्गवासी कार्यक्रम और सेवा ज्योति यात्रा का हिस्सा बने। नागरिकों की सक्रिय सहभागिता से आयोजन को व्यापक जनभागीदारी का स्वरूप मिला।
राष्ट्रनिर्माण में प्रत्येक नागरिक की भूमिका जरूरी
कैबिनेट मंत्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य देश के सामने रखा है। इस लक्ष्य की पूर्ति के लिए सरकार के प्रयासों के साथ समाज के प्रत्येक वर्ग और प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी जरूरी है।
उन्होंने कहा कि सेवा संकल्प अभियान का उद्देश्य सेवा की भावना को मजबूत करते हुए राष्ट्रनिर्माण के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाना है। दुर्ग में आयोजित यह कार्यक्रम और सेवा ज्योति यात्रा इसी भावना का प्रतीक है कि सेवा से राष्ट्रसेवा और राष्ट्रसेवा से विकसित भारत के निर्माण की दिशा में सभी नागरिक अपनी भूमिका निभाएं।
जनता के पैसे के एक-एक रुपये का हिसाब सार्वजनिक करने की मांग, करीब 16.85 लाख की वित्तीय अनियमितता के आकलन पर उठे सवाल
भिलाई / शौर्यपथ। नगर निगम भिलाई में पेवर ब्लॉक कार्यों को लेकर प्रस्तुत जांच रिपोर्ट का स्वागत करते हुए संतोष मौर्य ने कहा कि कलेक्टर द्वारा मामले की जांच कराना महत्वपूर्ण कदम है, लेकिन रिपोर्ट में कई तकनीकी, वित्तीय और प्रक्रियागत बिंदुओं पर अभी भी स्पष्टता नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि जांच हुई है तो उसे पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाना चाहिए और जनता के पैसे के एक-एक रुपये का हिसाब सामने आना चाहिए।
मौर्य ने जांच समिति द्वारा सामने लाई गई करीब 16 लाख 85 हजार 457 रुपये की राशि के आकलन पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि यह राशि माप पुस्तिका में दर्ज विभिन्न कार्यों और मौके पर किए गए वास्तविक कार्यों की तुलना में कम प्रतीत होती है। उनका कहना है कि केवल पेवर ब्लॉक ही नहीं, बल्कि खुदाई, फिलिंग, बेस कंक्रीट, ट्रांसपोर्टिंग सहित सभी मदों का समग्र वित्तीय परीक्षण जरूरी है।
उन्होंने जांच रिपोर्ट के आधार पर प्रमुख सवाल उठाते हुए कहा कि स्थल निरीक्षण के दौरान स्थानीय पंचनामा क्यों नहीं बनाया गया? खुदाई, फिलिंग और बेस कंक्रीट की वास्तविक मात्रा व गुणवत्ता का भौतिक सत्यापन किस तरह हुआ? Building SOR में 80 MM पेवर ब्लॉक का आइटम नहीं होने के बावजूद उसका भुगतान किस स्वीकृत दर अथवा SOR के आधार पर किया गया? SOR में बदलाव हुआ तो उसकी सक्षम स्वीकृति कहां है?
मौर्य ने स्वीकृत स्थलों से अलग स्थानों पर कार्य कराने, स्थल परिवर्तन की वैधानिक प्रक्रिया, अस्पष्ट माप पुस्तिका के आधार पर कार्यस्थलों की पहचान तथा पूर्व में किए गए कार्यों के तुलनात्मक परीक्षण पर भी सवाल उठाए। विशेष रूप से BSP क्षेत्र में कार्य के लिए BSP की NOC और पत्राचार को जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए उन्होंने इसकी जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की।
उन्होंने यह भी पूछा कि स्वीकृत Non-SOR कार्य नहीं कराने की अनुमति किस अधिकारी ने दी और इससे निगम को आर्थिक नुकसान हुआ या किसी अन्य को लाभ मिला, इसकी जांच क्यों नहीं की गई।
संतोष मौर्य ने कहा कि जांच केवल एक-दो आइटम तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। माप पुस्तिका में दर्ज सभी मदों का तकनीकी एवं वित्तीय मिलान, स्थलवार सत्यापन और भुगतान की जांच कर वास्तविक अनियमितता की राशि निर्धारित की जानी चाहिए। उन्होंने जांच समिति और नगर निगम प्रशासन से सभी 14 बिंदुओं पर स्पष्ट जवाब सार्वजनिक करने की मांग की।
उन्होंने मामले को जांच तक पहुंचाने में सहयोग के लिए सांसद विजय बघेल, जिला संगठन प्रभारी रामजी भारती, पूर्व जिला अध्यक्ष एवं वरिष्ठ पार्षद महेश वर्मा, जिला अध्यक्ष पुरुषोत्तम देवांगन सहित भाजपा संगठन और पार्षद दल का आभार जताया।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
