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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।
150वीं जयंती वर्ष पर डोंडराही में भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा का अनावरण
बिरसा मुंडा चौक के रूप में मिलेगी नई पहचान, विभिन्न विकास कार्यों के लिए 37 लाख रुपये की घोषणा
रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज जशपुर जिले के विकासखंड बगीचा के ग्राम डोंडराही में धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती वर्ष के अवसर पर उनकी प्रतिमा का अनावरण किया। इस अवसर पर उन्होंने घोषणा की कि यह स्थल अब “बिरसा मुंडा चौक” के नाम से जाना जाएगा। मुख्यमंत्री ने भगवान बिरसा मुंडा को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका जीवन अन्याय, शोषण और अंग्रेजी शासन के विरुद्ध संघर्ष के साथ-साथ जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए समर्पित रहा। उन्होंने जनजातीय अस्मिता और स्वाभिमान की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा का जीवन आज भी जनजातीय समाज सहित पूरे देश को अपने अधिकारों, संस्कृति और परंपराओं की रक्षा के लिए प्रेरित करता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को ‘जनजातीय गौरव दिवस’ के रूप में मनाने का ऐतिहासिक निर्णय लेकर जनजातीय नायकों के योगदान को राष्ट्रीय पहचान दिलाने का कार्य किया है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने क्षेत्र के विकास एवं सामाजिक-सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न निर्माण कार्यों हेतु कुल 37 लाख रुपये की घोषणा की। उन्होंने बैगाटोली कर्मा में सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 15 लाख रुपये, कुदमुरा नांदो टोली में रंगमंच निर्माण हेतु 8 लाख रुपये, कुदमुरा पतराटोली (डिबा टोली) में सांस्कृतिक मंच निर्माण के लिए 7 लाख रुपये तथा केशव घर के समीप स्थित हनुमान मंदिर परिसर में मंच निर्माण के लिए 7 लाख रुपये स्वीकृत करने की घोषणा की।
जनजातीय विकास सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार जनजातीय समाज के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। पीएम जनमन योजना और धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना के माध्यम से जनजातीय क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ के 6,661 गांव इस योजना में शामिल हैं, जहां सड़क, पेयजल, आवास, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता दी जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर पहुंचना जनजातीय समाज के सम्मान और गौरव का प्रतीक है। उन्होंने जशपुर को जनजातीय संस्कृति और परंपरा का महत्वपूर्ण केंद्र बताते हुए कहा कि यहां स्थित अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम देशभर में जनजातीय समाज के उत्थान के लिए उल्लेखनीय कार्य कर रहा है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार ने मोदी की गारंटी के अधिकांश वादों को ढाई वर्षों के भीतर पूरा किया है। सरकार गठन के 24 घंटे के भीतर 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति प्रदान की गई थी, जिनमें से 10 लाख 60 हजार से अधिक आवास पूर्ण हो चुके हैं। किसानों को 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान का मूल्य दिया जा रहा है तथा 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान की खरीदी की जा रही है। किसानों को दो वर्षों का बकाया बोनस भी प्रदान किया गया है।उन्होंने कहा कि तेंदूपत्ता संग्रहण दर को 4,000 रुपये से बढ़ाकर 5,500 रुपये प्रति मानक बोरा किया गया है। चरण पादुका योजना को पुनः प्रारंभ किया गया है तथा रामलला दर्शन और मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा दर्शन योजनाओं से हजारों लोग लाभान्वित हो रहे हैं।
डिजिटल सेवाओं और जनसुविधाओं का विस्तार
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की 6,000 से अधिक ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सेवा केंद्र प्रारंभ हो चुके हैं, जहां आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र सहित विभिन्न नागरिक सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। भविष्य में प्रत्येक पंचायत में यह सुविधा उपलब्ध होगी।
उन्होंने कहा कि आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 प्रारंभ की गई है, जिसमें शिकायतों के समयबद्ध निराकरण की सतत निगरानी की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने बिजली उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए संचालित मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना की जानकारी देते हुए कहा कि बकाया बिजली बिलों पर अधिभार पूरी तरह माफ किया जा रहा है।
कार्यक्रम में अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के राष्ट्रीय महामंत्री श्री योगेश बापट ने भी भगवान बिरसा मुंडा के जीवन, संघर्ष और राष्ट्र के प्रति उनके योगदान पर प्रकाश डाला।
इस अवसर पर पद्मश्री जागेश्वर यादव, विधायक श्रीमती गोमती साय एवं श्रीमती रायमुनी भगत, छत्तीसगढ़ माटीकला बोर्ड के अध्यक्ष श्री शंभूनाथ चक्रवर्ती, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, नगर पालिका जशपुर के उपाध्यक्ष श्री यशप्रताप सिंह जूदेव, अन्य जनप्रतिनिधिगण, प्रशासनिक अधिकारी तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।
सुकमा में कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक ने किया दुर्गम क्षेत्रों का दौरा, स्कूलों और सुरक्षा व्यवस्थाओं का लिया जायजा
रायपुर, /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशानुरूप प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार सुकमा जिले के दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में विकास कार्यों तथा शासकीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन लगातार जमीनी स्तर पर सक्रिय है। इसी क्रम में कलेक्टर श्री अमित कुमार, पुलिस अधीक्षक श्री किरण चव्हाण, जिला पंचायत सीईओ तथा वनमंडलाधिकारी ने संयुक्त रूप से शासकीय प्राथमिक शाला दुरमा का निरीक्षण कर शिक्षा, पोषण और आधारभूत सुविधाओं की स्थिति का जायजा लिया।
बच्चों की शिक्षा और पोषण पर विशेष जोर
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने कक्षाओं में पहुंचकर विद्यार्थियों से संवाद किया और उनकी पढ़ाई-लिखाई की जानकारी ली। बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए खेलकूद गतिविधियों को बढ़ावा देने तथा मध्याह्न भोजन में पौष्टिक और प्रोटीन युक्त आहार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। प्रशासन का उद्देश्य दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चों को बेहतर शिक्षा, पोषण और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराकर उन्हें मुख्यधारा से जोड़ना है।
स्कूल अधोसंरचना को मिलेगा और अधिक सुदृढ़ स्वरूप
दौरे के दौरान शिक्षकों द्वारा स्कूल परिसर में बाउंड्री वॉल और मध्याह्न भोजन के लिए किचन शेड निर्माण की आवश्यकता बताई गई। इस पर कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक प्रस्ताव तैयार कर शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस पहल से विद्यार्थियों को सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
सुरक्षा व्यवस्थाओं की भी हुई समीक्षा
शिक्षा और विकास कार्यों के साथ-साथ जिले में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने गोलापल्ली थाना और सीआरपीएफ कैंप का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा की। अधिकारियों ने सुरक्षा बलों के जवानों से मुलाकात कर उनका उत्साहवर्धन किया तथा क्षेत्र की स्थिति और आवश्यक व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की।
विकास और विश्वास को मिल रही नई गति
जिला प्रशासन द्वारा शिक्षा, पोषण, आधारभूत संरचना और सुरक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे समन्वित प्रयासों से सुदूर वनांचल क्षेत्रों में विकास की नई संभावनाएं मजबूत हो रही हैं। ग्रामीणों और स्थानीय समुदायों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर प्रशासन विकास, विश्वास और जनसुविधाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की दिशा में लगातार कार्य कर रहा है।
त्वरित कार्रवाई से संभले हालात, क्षतिग्रस्त मकानों और सार्वजनिक संपत्तियों के पुनर्निर्माण का कार्य शुरू
रायपुर, / प्राकृतिक या मानव निर्मित आपदाओं से प्रभावित नागरिकों को राज्य आपदा मोचन निधि के तहत तत्काल अनुग्रह राशि और राहत सामग्री प्रदान की जाती है। जनहानि, गंभीर चोट, और घर या संपत्ति के नुकसान की स्थिति में प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता सीधे बैंक खाते में दी जाती है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशानुरूप प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार सुकमा जिले में हाल ही में आए भीषण आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली की घटना के बाद जिला प्रशासन ने संवेदनशीलता और तत्परता का परिचय देते हुए प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत पहुंचाई। प्राकृतिक आपदा की सूचना मिलते ही कलेक्टर श्री अमित कुमार के निर्देशन में प्रशासनिक अमला सक्रिय हो गया और प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिए गए।
प्रभावित परिवारों तक पहुंची त्वरित राहत
राजस्व पुस्तक परिपत्र (आरबीसी) 6-4 के प्रावधानों के तहत आपदा प्रभावित नागरिकों को शीघ्र आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई। प्रशासन द्वारा विशेष अभियान चलाकर जिले के 474 प्रभावित हितग्राहियों को कुल 69 लाख 32 हजार 700 रुपये की राहत राशि वितरित की गई। सबसे अधिक प्रभावित तोंगपाल क्षेत्र के परिवारों को प्राथमिकता देते हुए लगभग 36 लाख रुपये की तात्कालिक सहायता राशि प्रदान की गई, जिससे संकट की घड़ी में प्रभावित परिवारों को बड़ी राहत मिली।
पीड़ित परिवारों के साथ खड़ा रहा प्रशासन
आपदा से प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासनिक अधिकारियों ने लगातार भ्रमण कर प्रभावित परिवारों की स्थिति का जायजा लिया। जनहानि और पशुधन हानि से प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए उन्हें हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के प्रयास किए गए। प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया कि कोई भी जरूरतमंद परिवार राहत और सहायता से वंचित न रहे। प्रभावित लोगों को भरोसा दिलाया गया कि संकट की इस घड़ी में शासन और प्रशासन उनके साथ खड़ा है।
क्षतिग्रस्त मकानों के पुनर्निर्माण की दिशा में पहल
आंधी-तूफान से जिले में 1,407 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। प्रशासन द्वारा क्षति का सर्वेक्षण कर पुनर्निर्माण और मरम्मत की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। इसके साथ ही लगभग 2.5 करोड़ रुपये मूल्य की क्षतिग्रस्त सार्वजनिक संपत्तियों के सुधार और बहाली के लिए भी आवश्यक कार्यवाही की जा रही है।
तेजी से सामान्य हो रहा जनजीवन
प्रशासन की त्वरित कार्रवाई, सतत निगरानी और मानवीय दृष्टिकोण के कारण प्रभावित क्षेत्रों में जनजीवन तेजी से सामान्य हो रहा है। राहत, पुनर्वास और पुनर्निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है ताकि प्रभावित परिवार जल्द से जल्द सामान्य जीवन में लौट सकें। सुकमा जिला प्रशासन की यह पहल दर्शाती है कि आपदा की कठिन घड़ी में संवेदनशील शासन और त्वरित राहत व्यवस्था लोगों के लिए भरोसे और संबल का मजबूत आधार बन सकती है।
रायपुर, /केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जे.पी. नड्डा ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये नई दिल्ली से देश के सभी राज्यों के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रियों से टीबी मुक्त भारत अभियान को लेकर व्यापक चर्चा की। छत्तीसगढ़ से वीडियो कॉन्फ्रेंस से स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने भाग लिया और उन्होंने टीबी मुक्त भारत के तहत छत्तीसगढ़ शासन द्वारा किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने बताया कि छत्तीसगढ़ में तेजी से कई गांव एवं ग्राम पंचायतें टीबी मुक्त हुए है। वीडियो कॉन्फ्रेंस में मुख्य सचिव श्री विकासशील भी छत्तीसगढ़ से शामिल हुए। वीडियो कॉन्फ्रेंस में सभी राज्यों के मुख्य सचिव भी शामिल हुए।
श्री नड्डा ने कहा कि टीबी मुक्त भारत के लिए हम सभी केन्द्र एवं राज्यों की सरकारें आपसी समन्वय से कार्य कर रहे है। टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को सभी के सहयोग से पूरा कर लिया जाएगा। केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ने टीबी के मरीजों की तेजी से पहचान करने, इलाज में नियमिता, हाई रिस्क वाले क्षेत्रों में मरीजों की जांच एवं ईलाज तथा त्वरित स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना जरूरी है। इसी तरह से जनप्रतिनिधियों के सहयोग एवं जनसहभागिता से कार्य करने पर बल दिया है। वीडियो कॉन्फ्रेंस में केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के अधिकारी भी शामिल हुए।
91 करोड़ से अधिक की लागत से 34 एकड़ में बन रहा इंटिग्रेटेड स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स
18 खेलों के लिए होंगी सुविधाएं विकसित
रायपुर. / उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव ने आज अपने रायगढ़ प्रवास के दौरान पुसौर विकासखंड के ग्राम लोहरसिंग में बन रहे इंटिग्रेटेड स्पोर्ट्स स्टेडियम के स्थल का निरीक्षण किया। वहां कुछ दिनों पहले ही इंटिग्रेटेड स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के प्रशासनिक भवन, छात्रावास, स्टॉफ-रूम एवं पहुंच मार्ग का काम शुरू हुआ है। श्री साव ने कार्यों में तेजी लाते हुए निर्धारित समयावधि में पूर्ण गुणवत्ता के साथ इसका निर्माण पूर्ण करने के निर्देश दिए।
रायगढ़ में 91 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से 34 एकड़ में इंटिग्रेटेड स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनाया जा रहा है। यहां फुटबॉल, एथलेटिक्स, इनडोर स्टेडियम, स्विमिंग पूल, हॉकी और तीरंदाजी सहित 18 खेलों की सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कार्यस्थल के निरीक्षण के दौरान लोक निर्माण विभाग तथा खेल एवं युवा कल्याण विभाग के अधिकारियों को प्राक्कलन के अनुसार समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण कार्य संपादित करने के निर्देश दिए।
श्री साव ने रायगढ़ के खेल एवं युवा कल्याण विभाग की सहायक संचालक श्रीमती प्रतिमा सागर को जिले में खेल संघों का गठन कर इनके माध्यम से खिलाड़ियों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने समय-समय पर इंटिग्रेटेड स्पोर्ट्स स्टेडियम के निर्माण कार्यों का निरीक्षण करने को कहा। उन्होंने राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले रायगढ़ जिले के खिलाड़ियों को विशेष रूप से सहयोग प्रदान करने के भी निर्देश दिए।
उप मुख्यमंत्री श्री साव ने निरीक्षण के दौरान कहा कि यह आधुनिक खेल परिसर रायगढ़ और पूरे क्षेत्र के खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करेगा। हमारा लक्ष्य ऐसा विश्वस्तरीय खेल अधोसंरचना विकसित करना है, जहां राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताएं हो सके। यह सर्वसुविधायुक्त इंटिग्रेटेड स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स जिले में खेल गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बनेगा। कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी, रायगढ़ नगर निगम के आयुक्त श्री बृजेश सिंह छत्री और लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता श्री अमित कश्यप भी निर्माणाधीन इंटिग्रेटेड स्पोर्ट्स स्टेडियम के निरीक्षण के दौरान मौजूद थे।
आवास मेला-2025 में संपत्ति खरीदने वाले हितग्राहियों को कार सहित आकर्षक उपहार जीतने का अवसर
रायपुर, /छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल ने वर्ष 2025-26 में आवासीय एवं व्यावसायिक संपत्तियों के विक्रय के क्षेत्र में नया कीर्तिमान स्थापित किया है। मंडल द्वारा अप्रैल 2025 से मार्च 2026 के दौरान लगभग 5,145 संपत्तियों का विक्रय किया गया, जिसका कुल मूल्य 1,104 करोड़ रुपये से अधिक है। यह मंडल के इतिहास का अब तक का सर्वाधिक वार्षिक विक्रय है।
शासन द्वारा संचालित वन टाइम सेटलमेंट (OTS-2) योजना के अंतर्गत हितग्राहियों को 30 प्रतिशत तक की छूट प्रदान की गई, जिससे लगभग 1,533 संपत्तियों का विक्रय हुआ। इस योजना के माध्यम से लगभग 232.30 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियां विक्रय हुईं तथा बड़ी संख्या में मध्यम एवं निम्न आय वर्ग के परिवारों को लाभ मिला।
इसी क्रम में 23 से 26 नवम्बर 2025 तक रायपुर के बीटीआई ग्राउंड, शंकर नगर में आयोजित राज्य स्तरीय आवास मेला-2025 को नागरिकों का व्यापक प्रतिसाद प्राप्त हुआ। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने मेले का शुभारंभ किया था। आवास मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी के विशेष मार्गदर्शन तथा मंडल अध्यक्ष श्री अनुराग सिंह देव के नेतृत्व में आयोजित इस चार दिवसीय मेले में प्रदेशभर की आवासीय एवं व्यावसायिक योजनाओं की जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई गई।
मेले के दौरान मंडल द्वारा राज्य के 26 जिलों में लगभग 2,080 करोड़ रुपये लागत की 56 नई आवासीय योजनाओं का शुभारंभ किया गया। साथ ही लगभग 305 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियों का विक्रय भी हुआ, जिससे मंडल की योजनाओं के प्रति आमजन का विश्वास और मजबूत हुआ।
आवास मेला-2025 तथा उसके बाद 31 दिसम्बर 2025 तक मंडल की विभिन्न आवासीय एवं व्यावसायिक योजनाओं में पंजीयन कराकर भवन आबंटन प्राप्त करने वाले पात्र हितग्राहियों के लिए विशेष लक्की ड्रॉ आयोजित किया जा रहा है।
लक्की ड्रॉ के विजेताओं को मारुति स्विफ्ट कार, होंडा शाइन मोटरसाइकिल, एक्टिवा स्कूटी, वाशिंग मशीन, रेफ्रिजरेटर, टेलीविजन सहित अनेक आकर्षक उपहार प्रदान किए जाएंगे।
लक्की ड्रॉ का आयोजन 22 जून 2026 (सोमवार) को दोपहर 3 बजे छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल मुख्यालय, सेक्टर-19, नवा रायपुर अटल नगर में मंडल अध्यक्ष श्री अनुराग सिंह देव की उपस्थिति में किया जाएगा।
लॉटरी पद्धति से आयोजित होने वाली इस प्रक्रिया का पात्र हितग्राही स्वयं उपस्थित होकर अवलोकन कर सकते हैं। मंडल ने सभी पात्र आबंटियों से इस अवसर पर उपस्थित रहने की अपील की है।
रायपुर, / राज्यपाल श्री रमेन डेका से आज लोकभवन में सुप्रीम कोर्ट नई दिल्ली में छत्तीसगढ़ शासन की स्टैंडिंग काउंसिल के रूप में कार्यरत युवा अधिवक्ता सुश्री सुगंधा जैन ने सौजन्य भेंट की।
सुश्री सुगंधा जैन एनसीईआरटी अंतर्गत राष्ट्रीय शैक्षिक योजना और प्रशासन संस्थान में बाहरी पॉश प्रशिक्षक के रूप में भी कार्यरत है तथा वे वर्ष 2025 में ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय मूट कोर्ट प्रतियोगिता में भारत की ओर से जज की भूमिका निभाने वाली पहली भारतीय बनी थी। राज्यपाल ने उनके उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दी। भेंट के दौरान उनकी माता श्रीमती इंदिरा जैन भी उपस्थित थी।
मुख्यमंत्री ने दी बधाई, योग के प्रचार-प्रसार एवं जनजागरूकता के कार्यों के लिए शुभकामनाएं
रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में छत्तीसगढ़ योग आयोग के नवनियुक्त अध्यक्ष श्री संजय अग्रवाल ने सौजन्य मुलाकात की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने श्री संजय अग्रवाल को छत्तीसगढ़ योग आयोग के अध्यक्ष पद पर नियुक्ति के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि योग भारत की प्राचीन एवं गौरवशाली परंपरा का अभिन्न अंग है, जो शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक संतुलन स्थापित करने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने प्रदेश में योग को जन-जन तक पहुंचाने तथा युवाओं, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों को योग से जोड़ने के लिए विशेष प्रयास किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया।
मुलाकात के दौरान योग के संवर्धन तथा प्रदेश में योग संबंधी गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाने से संबंधित विभिन्न विषयों पर भी चर्चा हुई।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि छत्तीसगढ़ योग आयोग के नवनियुक्त अध्यक्ष श्री अग्रवाल के नेतृत्व में प्रदेश में योग के प्रचार-प्रसार, जनजागरूकता तथा स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने के प्रयासों को नई गति मिलेगी।
जांजगीर-///शौर्यपथ //माननीय उच्चतम न्यायालय के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जांजगीर एवं बोर्ड आफ विजिटर्स द्वारा आज जिला जेल जांजगीर खोखरा का निरीक्षण प्रधान जिला न्यायाधीश एवं सहअध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जांजगीर चांपा श्री जयदीप गर्ग, प्रथम जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश जांजगीर श्री शैलेंद्र चौहान, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट जांजगीर श्री प्रवीण मिश्रा, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जांजगीर श्री मनोज कुमार कुशवाहा, कलेक्टर श्री जन्मेजय महोबे, पुलिस अधीक्षक श्री विजय कुमार पांडेय की उपस्थिति में किया गया।
निरीक्षण के दौरान बंदियों को दी जाने वाली विधिक सहायता, लीगल एड क्लिनिक की व्यवस्थाओं, बंदियों के परिजनों के लिए मुलाकात हेल्प डेस्क, जेल में स्थापित वीसी कक्ष, जेल बिल्डिंग की व्यवस्था, बैरकों के निर्माण, मुलाकात कक्ष, बंदियों को प्रदत सुविधा, शौचालय की व्यवस्था, भोजन की गुणवत्ता, शिकायत पेटी, पेयजल की व्यवस्था, बंदियों की कपड़ा की दशा, प्राथमिक चिकित्सा व्यवस्था के साथ-साथ बंदियों के प्रकरण में आने वाली समस्याओं एवं जेल के अंतर्गत समस्त रजिस्टर एवं अन्य व्यवस्थाओं की संपूर्ण जानकारी ली गई। इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री उमेश कुमार कश्यप, सहायक जेल अधीक्षक श्री डी.डी. टोंडर, अशोक यादव अधिवक्ता लीगल एड डिफेंस काउंसिल, लक्ष्मी प्रसाद जायसवाल पैरालीगल वालंटियर सहित संबंधित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
’जांजगीर चांपा। शौर्यपथ।
ब्रिलियंट पब्लिक स्कूल, बनारी, जांजगीर में संस्था संचालक श्री आलोक अग्रवाल, डाॅ. गिरिराज गढ़ेवाल एवं संस्था प्राचार्या श्रीमती सोनाली सिंह जी के निर्देशन में दिनांक 18 जून 2026 को नवीन शैक्षणिक सत्र 2026-27 के शुभारंभ अवसर पर भव्य ’’शाला प्रवेशोत्सव’’ का आयोजन उत्साह एवं उल्लास के वातावरण में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय प्रार्थना प्रांगण में सरस्वती वंदना के साथ हुआ। विद्यालय की उप-प्राचार्या श्रीमती भिष्मिता साहू जी एवं विद्यालय के शिक्षकगण योगेश देवांगन, हन्ना बंजारे, मनदीप कौर, नीलम सिंह, स्वरूप रंजन करना, सीमा पाण्डेय, सोहम कुर्रे, अंकिता शुक्ला, प्रकाश पाण्डेय, सुनील गुप्ता इत्यादि शिक्षक-शिक्षिकाओं द्वारा स्वागत गीत प्रस्तुत कर नवागंतुक विद्यार्थियों का अभिनंदन किया गया। प्रार्थना सभा के पश्चात नर्सरी से कक्षा 12वीं तक के विद्यार्थियों का तिलक लगाकर एवं चॉकलेट प्रदान कर आत्मीय स्वागत किया गया। कक्षा शिक्षकों द्वारा विद्यार्थियों को नवीन शैक्षणिक सत्र से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी, विषयवार पाठ्यक्रम, वार्षिक गतिविधियों एवं शैक्षणिक योजनाओं से अवगत कराया गया। साथ ही विद्यार्थियों को आगामी सत्र में उत्कृष्ट उपलब्धियाँ प्राप्त करने हेतु प्रेरित किया गया। विद्यालय में विभिन्न कक्षाओं में रोचक एवं रचनात्मक गतिविधियों का आयोजन भी किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सत्र के प्रथम दिवस पर विद्यालय परिवार द्वारा किए गए आत्मीय स्वागत से विद्यार्थियों के चेहरे खुशी और उत्साह से खिल उठे। कार्यक्रम के सफल आयोजन में विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं, प्रशासनिक स्टाफ एवं सहयोगी कर्मचारियों का सराहनीय योगदान रहा।
जांजगीर // शौर्यपथ //श्री राकेश शर्मा, उप संचालक कृषि जिला जांजगीर-चाम्पा के अगुवाई में मेसर्स विकास टेडर्स खरौद, विकासखण्ड पामगढ़ जिला जांजगीर-चाम्पा के उर्वरक विक्रय परिसर में 17.जून को विकासखण्ड स्तरीय निरीक्षक के संयुक्त टीम के साथ मेसर्स के उर्वरक गोदाम एवं विक्रय प्रतिष्ठान का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान मेसर्स के यहाँ पास मशीन में दर्ज उर्वरक एवं भौतिक रूप से उपलब्ध उर्वरकों का सही मिलान ना होना, मूल्य सूची का यथोचित स्थान पर चस्पा, लायसेंस चस्पा एवं निर्धारित मूल्य बोर्ड नही पाये जाने पर मेसर्स के उर्वरक गोदाम में उपलब्ध उर्वरक सिंगल सुपर फाॅस्फेट (दानेदार) 52 बोरी, सिंगल सुपर फाॅस्फेट (पाउडर) 53 बोरी, ट्रिपल सुपर फाॅस्फेट 9 बोरी, एन.पी.के. (5ः15ः0ः10) 78 बोरी एवं यूरिया 21 बोरी कुल 213 बोरी उर्वरक को जब्ती करते हुए सीलबंद की कारवाई की गई। इसी क्रम में मेसर्स गायत्री कृषि सेवा केन्द्र राहौद, विकासखण्ड पामगढ़ में बिना स्त्रोत प्रमाण पत्र के बीज विक्रय किये जाने पर 76.75 क्विंटल बीज को विक्रय प्रतिबंध किया गया।
उप संचालक कृषि श्री राकेश शर्मा ने स्पष्ट किया गया है कि खरीफ सीजन में किसानों को खाद एवं बीज गुणवत्तायुक्त तथा शासकीय दर पर उपलब्ध कराने हेतु हर संभव प्रयास किया जा रहा है और विभाग द्वारा जिले के सभी निजी कृषि केन्द्रों का सतत् निरीक्षण किया जा रहा है, और अनियमितता पाये जाने पर लगातार कारवाई की जा रही है।
रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ विधानसभा सचिवालय ने राज्य की षष्ठम विधानसभा के दशम सत्र (मानसून सत्र) की अधिसूचना जारी कर दी है। विधानसभा सचिवालय द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार 13 जुलाई 2026 से 17 जुलाई 2026 तक चलने वाले इस सत्र में कुल 5 बैठकें आयोजित होंगी। सत्र के दौरान वित्तीय कार्यों के साथ-साथ अन्य महत्वपूर्ण शासकीय कार्य भी संपादित किए जाएंगे।
विधानसभा सचिवालय द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार सत्र की शुरुआत सोमवार, 13 जुलाई से होगी और शुक्रवार, 17 जुलाई को इसका समापन होगा। सभी पांच दिनों में प्रश्नोत्तर काल और शासकीय कार्य निर्धारित किए गए हैं, जबकि अंतिम दिन अशासकीय कार्य (Private Members' Business) के लिए भी समय रखा गया है।
क्या रहेगा सत्र का कार्यक्रम?
13 जुलाई (सोमवार) – प्रश्नोत्तर एवं शासकीय कार्य
14 जुलाई (मंगलवार) – प्रश्नोत्तर एवं शासकीय कार्य
15 जुलाई (बुधवार) – प्रश्नोत्तर एवं शासकीय कार्य
16 जुलाई (गुरुवार) – प्रश्नोत्तर एवं शासकीय कार्य
17 जुलाई (शुक्रवार) – प्रश्नोत्तर, शासकीय कार्य एवं अंतिम ढाई घंटे अशासकीय कार्य
राजनीतिक दृष्टि से क्यों महत्वपूर्ण है यह सत्र?
यह मानसून सत्र ऐसे समय आयोजित हो रहा है जब प्रदेश में कई महत्वपूर्ण मुद्दे चर्चा के केंद्र में हैं। किसानों, बिजली, पेयजल, कानून-व्यवस्था, बेरोजगारी, आदिवासी क्षेत्रों के विकास, सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और वित्तीय प्रबंधन जैसे विषयों पर सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस की संभावना है।
सत्र की अवधि केवल पांच बैठकें होने के कारण विपक्ष के पास सरकार को घेरने के लिए सीमित समय रहेगा, वहीं सरकार अपनी योजनाओं, उपलब्धियों और विकास कार्यों का पक्ष सदन में मजबूती से रखने की कोशिश करेगी।
विधानसभा सचिवालय ने जारी की अधिसूचना
विधानसभा सचिवालय के सचिव दिनेश शर्मा द्वारा 15 जून 2026 को जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि यह सत्र निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार संचालित होगा और इसमें वित्तीय एवं अन्य शासकीय कार्यों का निपटारा किया जाएगा।
विश्लेषण : सामान्यतः मानसून सत्र सरकार की जवाबदेही और जनहित के मुद्दों पर चर्चा का महत्वपूर्ण मंच माना जाता है। हालांकि इस बार सत्र केवल पांच दिनों का है, लेकिन इसकी राजनीतिक अहमियत कम नहीं होगी। आगामी महीनों की प्रशासनिक और राजनीतिक दिशा तय करने वाले कई मुद्दे इसी सत्र में सदन के पटल पर आ सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने 86.75 करोड़ रुपये की लागत से पूर्ण हुए 46 विकास कार्यों का लोकार्पण तथा 516.70 करोड़ रुपये की लागत वाले 30 नए विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से जिले के विकास को नई गति मिलेगी और आम लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार सुशासन के माध्यम से समाज के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। किसानों, महिलाओं, युवाओं, आदिवासियों और गरीब परिवारों के कल्याण के लिए सरकार लगातार काम कर रही है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना के तहत लगभग 757 करोड़ रुपये के बकाया बिजली बिलों में राहत दी जा रही है। वहीं प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के माध्यम से सौर ऊर्जा को बढ़ावा दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि राज्य में अब तक 26 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत हो चुके हैं, जिनमें से लगभग 19.70 लाख आवास पूर्ण किए जा चुके हैं। महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए संचालित महतारी वंदन योजना के तहत अब तक 18,165 करोड़ रुपये से अधिक की राशि हितग्राहियों के खातों में अंतरित की जा चुकी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी कर रही है। कृषक उन्नति योजना के तहत अंतर की राशि भी दी जा रही है। उन्होंने किसानों को आधुनिक खेती अपनाने और नैनो यूरिया के उपयोग के लिए प्रोत्साहित किया।
उन्होंने बताया कि तेंदूपत्ता संग्रहण पारिश्रमिक को 4 हजार रुपये से बढ़ाकर 5,500 रुपये प्रति मानक बोरा किया गया है, जिससे लाखों वनवासियों की आय बढ़ी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन तिहार के दौरान सुपेबेड़ा क्षेत्र की वर्षों पुरानी पेयजल समस्या के समाधान के लिए तेल नदी पर 7 करोड़ रुपये की लागत से एनीकट निर्माण को मंजूरी दी गई है, जिससे क्षेत्र में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गरियाबंद आदिवासी बहुल जिला है, जहां कमार और भुंजिया जैसी विशेष पिछड़ी जनजातियां निवास करती हैं। प्रधानमंत्री जनमन योजना और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के माध्यम से इन क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, आवास और आजीविका के क्षेत्र में व्यापक बदलाव लाए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने गरियाबंद की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान का उल्लेख करते हुए कहा कि राजिम, राजीव लोचन मंदिर और कुलेश्वर महादेव मंदिर जैसे आस्था केंद्रों पर श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए सुविधाओं का लगातार विस्तार किया जा रहा है।
कार्यक्रम में खाद्य मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री दयालदास बघेल, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, महासमुंद सांसद रूपकुमारी चौधरी, राजिम विधायक रोहित साहू, छत्तीसगढ़ राज्य भंडार गृह निगम के अध्यक्ष चंदूलाल साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष गौरीशंकर कश्यप सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और नागरिक उपस्थित रहे।
रायपुर /कोरिया जिले के सोनहत विकासखंड अंतर्गत ग्राम नागोई में 16-17 जून की रात हुए दोहरे हत्याकांड के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि घटना आपसी पुरानी रंजिश और क्षेत्रीय वर्चस्व को लेकर लंबे समय से चले आ रहे विवाद का परिणाम है। फिलहाल पूरे क्षेत्र में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में और शांतिपूर्ण है।
पुलिस से प्राप्त प्रारंभिक जानकारी में यह बात सामने आई है कि मृतक पक्ष और आरोपी पक्ष के बीच कई वर्षों से आपसी विवाद और वर्चस्व को लेकर तनाव बना हुआ था। इसी पुरानी रंजिश के चलते दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ, जिसने गंभीर रूप लेते हुए दोहरे हत्याकांड का रूप ले लिया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी तत्काल मौके पर पहुंचे तथा आवश्यक वैधानिक कार्रवाई शुरू की गई। मामले में थाना सोनहत में अपराध दर्ज कर विस्तृत विवेचना की जा रही है।
जिला प्रशासन ने बताया कि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घटना में संलिप्त चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। प्रकरण के सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है और दोषियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन के मुताबिक घटना के बाद कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी लगातार स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। साथ ही स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों से संवाद स्थापित कर शांति एवं सौहार्द बनाए रखने के प्रयास किए जा रहे हैं।
जिला प्रशासन ने कहा है कि वर्तमान में क्षेत्र की स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। आमजन से अपील की गई है कि किसी भी प्रकार की अपुष्ट या भ्रामक जानकारी पर विश्वास न करें और शांति एवं सामाजिक सौहार्द बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
