July 08, 2026
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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।

रायपुर, / अंतर्राराष्ट्रीय योग दिवस केे अवसर पर आज लोकभवन के छत्तीसगढ़ मण्डपम में सामूहिक योगाभ्यास कराया गया। योगाभ्यास में राज्य की प्रथम महिला श्रीमती रानी डेका काकोटी, राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर.प्रसन्ना, विधिक सलाहकार श्रीमती सत्यभामा अजय दुबे, उप सचिव सुश्री निधि साहू सहित लोकभवन के अधिकारी, कर्मचारी शामिल हुए।

ईशा फाउंडेशन के योग प्रशिक्षक श्री रितेश प्रधान ने योग नमस्कार का अभ्यास कराया। वहीं योग आयोग के प्रशिक्षक श्री भोजराज साहू, श्री अशोक साहू, श्री धनश्री साहू, श्री दीनू राम साहू एवं श्री तुषार साहू ने योग के विभिन्न आसनों का अभ्यास कराया।

अंतर्राष्ट्रीय योग शिविर में शामिल हुए राज्यपाल

रायपुर, /  राज्यपाल श्री रमेन डेका आज इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर आयोजित योग शिविर में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। राज्यपाल ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के संदेश का वाचन किया एवं सामूहिक योगाभ्यास में भाग लिया।

अपने संबोधन में राज्यपाल ने बारहवें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दी और कहा कि यह हर्ष का विषय है कि पूरा छत्तीसगढ़ इस ऐतिहासिक अवसर पर सामूहिक योगाभ्यास के माध्यम से स्वास्थ्य, संतुलन और सकारात्मकता के संदेश को जन-जन तक पहुंचा रहा है। उन्होंने समस्त प्रदेशवासियों के स्वस्थ, सुखी और समृद्ध रहने की कामना की।

श्री डेका ने प्रदेशवासियों से कहा कि योग को जीवनशैली में शामिल करें, प्रतिदिन योगाभ्यास की आदत बनाए और बच्चों को भी इसकी आदत डाले जिससे उनका शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य अच्छा रहेगा और वे भविष्य में देश के अच्छे नागरिक बनेंगे। उन्होंने कहा कि योग केवल शरीर को ही नहीं बल्कि मन और भावनाओं को सुदृढ़ बनाकर व्यक्ति के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

इस अवसर पर श्री डेका ने विश्वविद्यालय परिसर में वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

योगाभ्यास कार्यक्रम में विधायकगण सर्वश्री पुरंदर मिश्रा, अनुज शर्मा, सुनील सोनी एवं अन्य जनप्रतिनिधिगण, मुख्य सचिव श्री विकास शील, पुलिस महानिदेशक श्री अरूण देव गौतम, राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना, पुलिस कमिश्नर रायपुर श्री संजीव शुक्ला, रायपुर कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह, विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल, सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी, दिव्यांगजन, वरिष्ठ नागरिक, महिलाएं, छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में शामिल हुए।

वन मंत्री केदार कश्यप ने किया योगाभ्यास, स्वस्थ जीवन के लिए नियमित योग अपनाने का दिया संदेश

रायपुर, / नारायणपुर जिले के कोटमहर गार्डन में 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन उत्साह और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप ने मुख्य अतिथि के रूप में सहभागिता करते हुए सामूहिक योगाभ्यास किया तथा जिलेवासियों को स्वस्थ जीवन के लिए नियमित योग अपनाने का संदेश दिया।

मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि योग भारत की प्राचीन एवं अमूल्य धरोहर है, जो शरीर, मन और आत्मा के संतुलन का माध्यम है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से योग को वैश्विक पहचान मिली है और आज विश्व के अनेक देशों में लोग योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि नियमित योगाभ्यास से व्यक्ति शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहता है। योग तनाव को कम करने, कार्यक्षमता बढ़ाने और सकारात्मक जीवनशैली विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने सभी नागरिकों से प्रतिदिन योग करने तथा अपने परिवार और समाज को भी इसके लिए प्रेरित करने की अपील की।

सामूहिक योगाभ्यास में बड़ी संख्या में शामिल हुए नागरिक

योग प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में प्रतिभागियों ने विभिन्न योगासन एवं प्राणायाम का अभ्यास किया। साथ ही योग के स्वास्थ्य लाभों और उसके महत्व की विस्तृत जानकारी भी दी गई।

जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी रहे उपस्थित

कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य सहकारिता लघु वनोपज संघ के अध्यक्ष श्री रूपसाय सलाम, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नारायण मरकाम, नगर पालिका अध्यक्ष श्री इंद्रप्रसाद बघेल, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री प्रताप सिंह मंडावी, पुलिस अधीक्षक श्री रॉबिंसन गुड़िया, जिला पंचायत सीईओ सुश्री आकांक्षा शिक्षा खलखो, डीएफओ डॉ. वेंकटेशा एम.जी., अपर कलेक्टर श्री बीरेंद्र बहादुर पंचभाई तथा एसडीएम श्री अभयजीत मंडावी सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कर्मचारी एवं नागरिक उपस्थित रहे।

योग को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प

योग दिवस के इस आयोजन ने जिलेवासियों को स्वास्थ्य, सकारात्मकता और अनुशासित जीवनशैली का संदेश दिया। उपस्थित सभी लोगों ने योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने तथा स्वस्थ एवं निरोग समाज के निर्माण में योगदान देने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रहित एवं जनकल्याण की कामना के साथ हुआ।

योग और नृत्य का अद्भुत संगम: सारंगढ़ में बच्चों ने संगीत की धुन पर योग मुद्राओं से मोहा मन

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा की मौजूदगी में 1,000 से अधिक लोगों ने किया योगाभ्यास

​रायपुर /

​अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर सारंगढ़ के कृषि उपज मंडी परिसर में जिला स्तरीय वृहद योग कार्यक्रम का गरिमामय आयोजन किया गया। इस वर्ष "योगा 365 डेज एम्ब्रेस योगा" और "बढ़ते उम्र के स्वास्थ्य के लिए योग" की थीम पर आधारित इस शिविर में प्रदेश के राजस्व एवं उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंक राम वर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक गरिमा के साथ भगवान श्री धनवंतरि और छत्तीसगढ़ महतारी के छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन कर किया गया।
​इस आयोजन में प्रशासनिक और राजनीतिक अमला एक मंच पर नजर आया। मुख्य अतिथि श्री टंकराम वर्मा के साथ कलेक्टर, एसपी, जिला पंचायत अध्यक्ष, पूर्व विधायक केराबाई मनहर, बरमकेला जनपद अध्यक्ष सहित अनेक स्थानीय जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, पत्रकारों और स्कूली बच्चों समेत लगभग 1,000 नागरिकों ने एक साथ बैठकर योग की विभिन्न विधाओं व प्राणायाम का अभ्यास किया।

​पीएम मोदी के संदेश का वाचन और हस्ताक्षर अभियान

​कार्यक्रम के दौरान राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के 'स्वस्थ राष्ट्र' बनाने के संदेश का वाचन किया। उन्होंने उपस्थित जनसमुदाय को बधाई देते हुए जीवन में नियमित योग अपनाने का संकल्प दिलाया। इस अवसर पर योग के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से एक विशेष हस्ताक्षर अभियान भी चलाया गया, जिसमें मंत्री, कलेक्टर, एसपी सहित जनप्रतिनिधियों और जागरूक नागरिकों ने अपने हस्ताक्षर किए।

​योग और नृत्य का अद्भुत संगम

​इस जिला स्तरीय योग दिवस का मुख्य आकर्षण बच्चों द्वारा नृत्य शैली में किया गया योग प्रदर्शन रहा। मुख्य सत्र के बाद, योग शिक्षिका (व्यायाम शिक्षिका) ममता साहू के मार्गदर्शन में सिम्मी योगा एंड फिटनेस सेंटर, योगाचार्य सुभाष पटेल की टीम और सरिया की योगिनी अकादमी के बच्चों ने 'श्रीरामचंद्र' सहित अन्य भक्ति गीतों पर सामूहिक योग मुद्राओं का विहंगम प्रदर्शन किया। इसके साथ ही, साक्षी पटेल ने एकल गीत पर योग की अत्यंत कठिन मुद्राओं को सहजता से प्रस्तुत कर मुख्य अतिथि और उपस्थित जनसमुदाय की खूब वाहवाही बटोरी।

​अनुशासित भागीदारी और प्रेरक पल

​आयोजन को सफल बनाने में भारत स्काउट, जूनियर रेडक्रॉस और एनएसएस (NSS) के सदस्यों ने सक्रिय भूमिका निभाई। स्कूल और कॉलेज के इन छात्र-छात्राओं की अनुशासित और ऊर्जावान भागीदारी ने योग के संदेश को समाज के हर वर्ग तक पहुँचाया।
​कार्यक्रम में एक भावुक और प्रेरक पल तब देखने को मिला जब मंच से हजार से अधिक नागरिकों को योग का अभ्यास करा रहीं मुख्य योग शिक्षिका ममता साहू के माता-पिता और रिश्तेदार भी इस शिविर में शामिल हुए। अपनी बेटी के इस बेहतरीन नेतृत्व और राज्य स्तर पर मिल रहे सम्मान को देखकर उनके माता-पिता भावविभोर हो उठे। यह अनूठा आयोजन सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के नागरिकों को स्वास्थ्य और एकजुटता का एक अमूल्य संदेश दे गया।

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर बलरामपुर में हजारों लोगों ने किया सामूहिक योगाभ्यास

नियमित योग, नशामुक्त जीवन और पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश

रायपुर / अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर बलरामपुर जिले में “स्वस्थ आयु के लिए योग” थीम के साथ व्यापक स्तर पर कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। जिला मुख्यालय स्थित स्वामी आत्मानंद हिंदी माध्यम स्कूल के हाई स्कूल मैदान में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में जिले की प्रभारी मंत्री एवं महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने सहभागिता करते हुए विभिन्न योगासनों एवं प्राणायाम का अभ्यास किया तथा नागरिकों को नियमित योग अपनाने का संदेश दिया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से भारत की प्राचीन योग परंपरा को वैश्विक पहचान मिली है। आज विश्व के अनेक देशों में योग को स्वास्थ्य, संतुलन और मानव कल्याण के प्रभावी माध्यम के रूप में अपनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर, मन और आत्मा के समन्वय का विज्ञान है। योग और अध्यात्म एक-दूसरे के पूरक हैं तथा यह व्यक्ति को स्वस्थ, अनुशासित और सकारात्मक जीवन की दिशा प्रदान करते हैं।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय की भागदौड़ भरी जीवनशैली में शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य बनाए रखना एक बड़ी चुनौती है। योग ऐसी प्राचीन भारतीय साधना है, जो तन, मन और आत्मा को संतुलित कर निरोग जीवन का मार्ग प्रशस्त करती है। योग व्यक्ति में आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच और नई ऊर्जा का संचार करता है। उन्होंने सभी नागरिकों से योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा बनाने का आह्वान करते हुए उपस्थित लोगों को नियमित योग एवं स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प दिलाया।

कार्यक्रम में रेडक्रॉस सोसायटी के अध्यक्ष श्री ओमप्रकाश जायसवाल, जनपद अध्यक्ष श्रीमती सुमित्रा चेरवा, नगर पालिका अध्यक्ष श्री लोधीराम एक्का, कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी, पुलिस अधीक्षक श्री वैभव बैंकर, जिला पंचायत सीईओ श्रीमती नयनतारा सिंह तोमर सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

इस अवसर पर प्रशिक्षकों द्वारा ताड़ासन, वृक्षासन, पादहस्तासन, अर्धचक्रासन, भद्रासन, वज्रासन, मकरासन सहित विभिन्न योगासनों के साथ भ्रामरी प्राणायाम एवं ध्यान का अभ्यास कराया गया। बड़ी संख्या में लोगों ने सामूहिक योगाभ्यास में भाग लेकर स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम के दौरान मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने स्काउट-गाइड, रोवर एवं रेंजर के विद्यार्थियों से संवाद कर उनके अनुभव जाने तथा अनुशासन, सेवा भावना और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका पर चर्चा की। इसके पश्चात उन्होंने “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत हाई स्कूल मैदान परिसर में मौलश्री का पौधा रोपित कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। अन्य जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने भी पौधरोपण कर हरित बलरामपुर के संकल्प को मजबूत किया।

जिला स्तरीय कार्यक्रम में कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी ने उपस्थित जनसमूह को नशामुक्त भारत के निर्माण का संकल्प दिलाया। उन्होंने कहा कि स्वस्थ और सशक्त समाज के निर्माण में योग तथा नशामुक्त जीवनशैली की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहकर योग को जीवन का हिस्सा बनाने और समाज में सकारात्मक परिवर्तन के वाहक बनने की अपील की।

जिले के सभी विकासखंडों, नगरीय निकायों, ग्राम पंचायतों, आंगनबाड़ी केंद्रों, वृद्धाश्रमों तथा विभिन्न ऐतिहासिक स्थलों पर भी सामूहिक योग कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर योग के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।

12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर सामूहिक योगाभ्यास, बच्चों के योगा नृत्य ने मोहा मन; नियमित योग करने की दिलाई शपथ

रिसाली। "योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि स्वस्थ, संतुलित और सकारात्मक जीवन जीने की कला है।" इसी संदेश के साथ नगर पालिक निगम रिसाली द्वारा 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का भव्य आयोजन किया गया। योग लंगर मैदान में आयोजित कार्यक्रम में लगभग 250 लोगों ने सामूहिक योगाभ्यास कर स्वास्थ्य और आत्मिक संतुलन का संकल्प लिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ महापौर शशि सिन्हा, सभापति केशव बंछोर, नेता प्रतिपक्ष शैलेन्द्र साहू एवं एमआईसी सदस्य सनीर साहू ने योग दिवस की शुभकामनाएं देकर किया। इसके पश्चात योगाचार्य अशोक महेश्वरी के मार्गदर्शन में उपस्थित नागरिकों ने विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास किया।


योग से निरोग जीवन का संदेश

अपने संबोधन में अतिथियों ने कहा कि वर्तमान भागदौड़ भरे जीवन में योग तनावमुक्त, स्वस्थ और ऊर्जावान जीवन के लिए अत्यंत आवश्यक है। योग न केवल शरीर को रोगों से बचाता है, बल्कि मानसिक शांति और आत्मविश्वास भी प्रदान करता है।


बच्चों के योगा नृत्य ने बटोरी खूब सराहना

कार्यक्रम का सबसे आकर्षक क्षण तब आया जब योग लंगर में नियमित अभ्यास करने वाले बच्चों ने योगा नृत्य की शानदार प्रस्तुति दी। लगभग 15 मिनट तक चली प्रस्तुति में बच्चों ने संगीत की धुन पर विभिन्न योग मुद्राओं और आसनों का सुंदर प्रदर्शन किया।

दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से बच्चों का उत्साहवर्धन किया। प्रस्तुति के बाद अतिथियों ने बच्चों को प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।


योग को जीवन का हिस्सा बनाने का संकल्प

कार्यक्रम के समापन अवसर पर उपस्थित सभी नागरिकों को नियमित योग करने की शपथ दिलाई गई। अतिथियों ने लोगों से अपील की कि वे योग को केवल एक दिवस तक सीमित न रखें, बल्कि इसे अपने दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाएं।


महापौर शशि सिन्हा ने कहा

"योग शरीर को स्वस्थ, मन को शांत और जीवन को सकारात्मक ऊर्जा से भरने का माध्यम है। यदि प्रत्येक व्यक्ति प्रतिदिन कुछ समय योग को दे, तो समाज और राष्ट्र दोनों अधिक स्वस्थ और सशक्त बन सकते हैं।"

     भिलाई। बीएसपी एम्पलाइज कोऑपरेटिव एंड वेलफेयर सोसाइटी लिमिटेड सेक्टर-4 ने एक गरिमामय समारोह में माह मई 2026 में भिलाई स्टील प्लांट की सेवा से निवृत्त हुए अपने सदस्य कर्मियों को ससम्मान विदाई दी। विदाई समारोह में रिटायर कर्मियों ने अपना सेवाकाल याद किया और सोसायटी की कार्यप्रणाली को सराहा। शुरुआत में सोसाइटी के अध्यक्ष पूरन लाल देवांगन ने सभी रिटायर कर्मियों को सम्मान पत्र, मिठाई, श्रीफल व अंतिम भुगतान का चेक प्रदान कर सम्मानित किया। अपने उद्बोधन में अध्यक्ष पूरनलाल  देवांगन ने कहा कि रिटायर कर्मियों का योगदान सोसाइटी परिवार हमेशा याद रखेगा।
इस दौरान रिटायर हुए कर्मियों ने भी अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। स्टोर्स से रिटायर रमाशंकर सिंह ने कहा कि सोसाइटी के सदस्यों-कर्मियों के व्यवहार ने हमेशा प्रभावित किया।  उन्होंने कहा कि सोसाइटी को संचालक गण आगे भी ऊंचाइयों तक लेकर जाएंगे। प्लेट मिल से रिटायर पंकज कुमार शर्मा ने बताया कि पहले उनके पिता भी इस सोसायटी के सदस्य थे, इसलिए उन्होंने बीएसपी ज्वाइन करते ही यहां की सदस्यता ले ली। इस सोसाइटी ने कभी निराश नहीं किया। प्लेट मिल से रिटायर निरंजन कुमार महाराणा ने कहा कि जब भी आकस्मिक जरूरत पड़ी तो यहां तत्काल ऋण मिल गया। शिक्षा विभाग से रिटायर हेलिना कुजूर ने बताया कि पहले उनके पिता इस सोसाइटी के सदस्य रहे हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें जब भी जरूरत पड़ी ऋण समय पर मिला। सीआरएम (ई) से रिटायर प्रमोद कुमार होता ने कहा कि पूरे सेवाकाल में उन्हें इस सोसाइटी के कामकाज को लेकर कभी कोई शिकायत नहीं रही। सिंटर प्लांट-3 से रिटायर दिलीप कुमार ने बताया कि उन्होंने बीएसपी ज्वाइन किया तो तत्काल कुछ जरूरत आ पड़ी, ऐसे में सेक्टर-4 सोसाइटी का सदस्य बना और यहां से ऋण मिलते ही समस्या हल हो गई। सिंटर प्लांट-2 से धर्मेंद्र कुमार सोरी ने कहा कि सोसाइटी से तमाम जरूरतों के लिए उन्होंने समय-समय पर ऋण लिया और इसकी वजह से परिवार में हमेशा खुशहाली रही। रिफ्रैक्ट्री इंजीनियरिंग विभाग-1 से रिटायर अजूराम कंवर ने कहा-सेक्टर-4 सोसाइटी का कामकाज हमेशा पारदर्शी रहा है।    
इसी तरह मेडिकल से सीएच विजया राव,रीना वर्गीस, प्लेट मिल से फरीदुद्दीन सिद्दीकी, डी. परदेशी, ट्रांसपोर्ट एंड डीजल आर्गनाइजेशन से सुंदर सिंह, संतोष कुमार अग्रवाल, फायर ब्रिगेड से रामानंद जांगड़े, वाटर मैनेजमेंट से के. रामचंद्रन, थान सिंह भौर्य, स्टील मेल्टिंग शॉप-2 से राम हेतु, आशीष कुमार दास, टाउनशिप इंजीनियरिंग विभाग (सिविल) से रवींद्रनाथ, मर्चेंट मिल से पीके श्रीकुमार, स्टील मेल्टिंग शॉप-3 से तमरास मंडावी, ब्लास्ट फर्नेस से राजेश कुमार नायक, आरएमपी-1 से उमाशंकर ने भी अपनी भावनाएं व्यक्त की। इन रिटायर कर्मियों ने सुझाव दिया कि आगे भी उन्हें सोसाइटी से जोड़ कर रखा जाए।इन वरिष्ठ सदस्यों ने कहा कि अपना सेवाकाल याद करते हुए बताया कि प्लॉट खरीदने, मकान बनाने, बच्चों की पढ़ाई, शादी सभी में सेक्टर-4 सोसाइटी ने आर्थिक रूप से हमेशा सहयोग किया। इस अवसर पर सोसाइटी परिवार से उपाध्यक्ष असमां परवीन, अशोक राठौर, संचालक मंडल सदस्य विपिन बंछोर, सतानंद चंद्राकर, शशिभूषण ठाकुर और नितिशा साहू तथा सोसायटी के कर्मियों में  मैनेजर सुदीप बनर्जी, पिजुष कर, नारायण साहू एवं सुरेश कुमार सहित अन्य लोग भी उपस्थित थे। मंच संचालन संचालक वेद प्रकाश सूर्यवंशी और आभार प्रदर्शन संचालक पुरुषोत्तम सिंह कंवर ने किया।
 

      भिलाई। छत्तीसगढ़ शासन संस्कृति विभाग के सहयोग से 10 दिवसीय लोक वाद्य कार्यशाला शिविर संग्रहालय परिसर कुहुकी कला ग्राम मरोदा सेक्टर मैत्री बाग चौक के बाजू में 14 जून से 23 जून तक जारी है। विगत 23 वर्ष से जारी इस शिविर में छत्तीसगढ़ अंचल के दूर-दराज से आए कलाकार न सिर्फ अपनी कलाकृतियों और वाद्य यंत्रों का निर्माण कर रहे हैं बल्कि एक दूसरे की कला को सीख भी रहे हैं। वहीं आगंतुक भी अपनी आंखों के सामने बनते वाद्य यंत्र व कलाकृतियां देख मंत्रमुग्ध है। यहां चिकारा, खंजेरी, तंबूरा, गतका, तुरही, चरहे, चिटकुली, कुहुकी और रूंजु सहित तमाम शिल्प से आगंतुक रूबरू हो रहे हैं।
 शिविर के संयोजक व प्रख्यात लोकवाद्य संग्राहक रिखी क्षत्रिय ने बताया कि उनके यहां वर्ष 2003 से यह 10 दिवसीय शिविर हर वर्ष मानसून आगमन के पहले गर्मियों में लगता रहा है। शुरूआती 4 वर्ष उन्होंने स्वयं की पहल से कलाकारों/शिल्पकारों को बुलाकर ऐसा शिविर आयोजित किया था लेकिन बाद में छत्तीसगढ़ शासन संस्कृति विभाग ने पहल की और तब से शिविर हर साल आयोजित हो रहा है।
रिखी ने बताया कि शिविर की वजह से शिल्पकारों को बाजार मिल रहा है, वहीं सभी को एक दूसरे की कला सीखने का अवसर भी मिल रहा है। इससे शिल्पकार अपनी-अपनी कला में निखार ला रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस वर्ष 14 जून से शुरू हुई कार्यशाला में रोजाना सुबह 7:00 बजे से 11:00 बजे तक और शाम 4:00 बजे से 7:30 बजे तक कार्य चलता है। पूरी तरह नि:शुल्क इस कार्यशाला में कलाप्रेमी पहुंच कर कलाकृतियां बनते हुए प्रत्यक्ष देख सकते हैं। वहीं समापन अवसर पर 23 जून की शाम रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होगा। उन्होंने बताया कि शिविर के व्यवस्थित संचालन के लिए टीम से भोजन व्यवस्था अन्नपूर्णा क्षत्रिय,भोज,जनसंपर्क में गायक कुलदीप सार्वा, अजय उमरे, दिनेश वर्मा, राजेश साहू,नवीन साहू, संजू,नेहा, जया और अनुराधा का विशिष्ट योगदान है।
तैयार हो रहे हैं परंपरागत व दुर्लभ वाद्य
शिविर में आसपास और दूर-दराज के अंचल के अलग-अलग गांव से पहुंचे शिल्पकार परंपरागत वाद्य यंत्र तैयार कर रहे हैं। कोलिहापुरी दुर्ग से आए मनहरण दास बंजारे चिकारा बजाने में प्रवीण है और खुद चिकारा बनाते भी हैं। ग्राम दहिकोंगा कोंडागांव से शिबू कश्यप बेल मेटल से तुरही बनाने का कार्य कर रहे हैं। बेल मेटल शिल्प को बनिया पारा कोंडागांव से शिबू कश्यप आकार दे रहे हैं। लौह शिल्प में ग्राम दहीकोंगा से रामदास, मिट्टी शिल्प में मरारपारा कोंडागांव से डमरु चक्रधारी, काष्ठ कला में दीपक तारम लोहारा, बिजेलाल, राजनांदगांव जिले से पन्ना लाल डोंगरगढ़ से, रुंझू के लिए गाड़ाडीह से नंद कुमार देवार, डोरे लाल, और तंबूरा निर्माण के लिए रामकुमार पाटिल रनचिरई से आकर यहां कार्यशाला में शामिल हुए हैं।

 
    भिलाई। लोकांगन, वैशाली नगर, भिलाई में पतंजलि योग समिति दुर्ग, पतंजलि युवा भारत एवं भारत स्वाभिमान न्यास के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित पांच दिवसीय निशुल्क योग स्वास्थ्य शिविर एवं 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का भव्य एवं सफलतापूर्वक समापन रविवार को हुआ। पिछले पांच दिनों से चल रहे इस शिविर में सैकड़ों नागरिकों ने योग, प्राणायाम, प्राकृतिक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य परामर्श का लाभ प्राप्त किया।

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर सुबह 6:30 बजे से 7:30 बजे तक सामूहिक योगाभ्यास किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में योग साधकों, युवाओं, महिलाओं एवं वरिष्ठ नागरिकों ने सहभागिता की। इस सत्र का संचालन नरेंद्र पटेल, शंभू प्रसाद कुशवाहा एवं शैली ने किया । उपस्थित साधकों को आयुष मंत्रालय द्वारा निर्धारित कॉमन योग प्रोटोकॉल के अनुसार योगाभ्यास कराया।
उद्घाटन सत्र में वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन, भारत स्वाभिमान न्यास छत्तीसगढ़ के राज्य प्रभारी अनूप बंसल तथा पतंजलि युवा भारत छत्तीसगढ़ के राज्य प्रभारी एवं योगासन स्पोर्ट्स एसोसिएशन छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष जयंत भारती की गरिमामयी उपस्थिति रही। सभी अतिथियों ने योग को स्वस्थ एवं समृद्ध समाज के निर्माण का प्रभावी माध्यम बताते हुए इसे जन-जन तक पहुँचाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर पतंजलि योगपीठ, हरिद्वार के आयुर्वेदाचार्य डॉ. सूर्या वैष्णव, थैरेपिस्ट मोहिनी साहू एवं डॉ. आशीष शर्मा का शॉल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मान किया गया। पिछले पाँच दिनों से उन्होंने निस्वार्थ भाव से स्वास्थ्य परामर्श, प्राकृतिक चिकित्सा एवं आयुर्वेदिक मार्गदर्शन प्रदान कर अनेक लोगों को लाभान्वित किया।
कार्यक्रम के दौरान राजेंद्र पाटिल, बलविंदर सिंह, तिजऊ राम साहू, उद्धव राम साहू, अनामिका पुरी, प्रीति त्रिपाठी, सुधा सोनी और मनोरमा पाण्डेय सहित अनेक कार्यकर्ताओं की सेवाओं की सराहना की गई, जिन्होंने शिविर को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
अपने उद्बोधन में जयंत भारती ने कहा कि योग केवल स्वास्थ्य का माध्यम नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का आधार है। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि अधिक से अधिक युवाओं को योगासन भारत से जोड़ा जाए तथा उन्हें योगासन खेलों के माध्यम से राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय मंचों तक पहुँचाने के लिए सामूहिक प्रयास किए जाएँ। उन्होंने कहा कि योग के प्रति जागरूक युवा ही स्वस्थ, सशक्त एवं संस्कारित भारत का निर्माण कर सकते हैं।
वहीं अनूप बंसल ने कार्यक्रम की सफलता के लिए विधायक रिकेश सेन का विशेष आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके सहयोग एवं सकारात्मक पहल के कारण यह विशाल योग शिविर आमजन तक पहुँच पाया। उन्होंने स्थानीय पार्षद स्मिता दोड़के के सतत सहयोग एवं जनसेवा भाव की भी सराहना की। कार्यक्रम के समापन अवसर पर उपस्थित सभी नागरिकों ने नियमित योगाभ्यास करने तथा अपने परिवार एवं समाज को भी योग से जोड़ने का संकल्प लिया। पाँच दिवसीय शिविर ने क्षेत्र में स्वास्थ्य जागरूकता, सकारात्मक जीवनशैली एवं योग संस्कृति के प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। "करें योग – रहें निरोग" तथा "योग युक्त, नशा मुक्त एवं स्वस्थ भारत" के संदेश के साथ कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन हुआ।

// विधानसभा अध्यक्ष ने हल्बा समाज की मांग पर राजनांदगांव के रेवाडीह में सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 10 लाख रूपए प्रदान करने की घोषणा की
// विधानसभा अध्यक्ष अखिल भारतीय हल्बा-हल्बी आदिवासी समाज केन्द्रीय कर्मचारी प्रकोष्ठ के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों के शपथ ग्रहण समारोह सह प्रथम सम्मेलन कार्यक्रम में हुए शामिल

     राजनांदगांव । विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह आज राजनांदगांव स्थित पद्मश्री गोविंदराम निर्मलकर ऑडिटोरियम में आयोजित अखिल भारतीय हल्बा-हल्बी आदिवासी समाज केन्द्रीय कर्मचारी प्रकोष्ठ के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों के शपथ ग्रहण समारोह सह प्रथम सम्मेलन कार्यक्रम में शामिल हुए। विधानसभा अध्यक्ष्य डॉ. सिंह की उपस्थिति में नव निर्वाचित पदाधिकारियों ने शपथ लिया। उन्होंने सभी पदाधिकारियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने हल्बा समाज की मांग पर राजनांदगांव के वार्ड क्रमांक 22 रेवाडीह में समाज के लिए उपलब्ध भूमि पर सामुदायिक भवन निर्माण हेतु 10 लाख रूपए प्रदान करने की घोषणा की। विधानसभा अध्यक्ष्य डॉ. सिंह ने कहा कि यह कार्यक्रम समाज की समृद्ध संस्कृति, परंपरा और सामाजिक चेतना के नवजागरण का उत्सव है। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सिंह ने कहा कि हल्बा समाज छत्तीसगढ़ के सबसे संगठित और जागरूक आदिवासी समुदायों में से एक है, जिसकी पहचान केवल छत्तीसगढ़ तक सीमित नहीं है, बल्कि महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश और ओडिशा सहित अन्य राज्यों में भी समाज के लोग विकास की मुख्यधारा से जुड़कर महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि समाज की राष्ट्रीय महासभा की संगठनात्मक संरचना की सराहना की। यह संगठन आदिवासी समाज की सशक्त आवाज बनकर कार्य कर रहा है।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि आदिवासी हल्बा समाज की वीरता और बलिदान की अनेक गाथाएं हैं। आदिवासी समाज ने न केवल स्वतंत्रता संग्राम में बल्कि राष्ट्र निर्माण की प्रत्येक यात्रा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। जल, जंगल और जमीन के संरक्षण का संदेश आदिवासी समाज सदियों से अपने जीवन में उतारकर चल रहा है, जो आज पूरी दुनिया के लिए प्रेरणा है। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आदिवासी समाज के सम्मान, अधिकार और विकास को नई दिशा मिली है। बिरसा मुंडा जयंती को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाने का निर्णय, एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों का विस्तार, वनधन विकास केंद्रों की स्थापना तथा विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों के लिए संचालित योजनाएं आदिवासी विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। उन्होंने कहा कि देश की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का नेतृत्व आदिवासी समाज के गौरव का प्रतीक है।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों से समाज के युवाओं को शिक्षा से जोडऩे, महिलाओं को सशक्त बनाने, सामाजिक एकता को मजबूत करने तथा समाज की गौरवशाली संस्कृति और परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने कहा। उन्होंने कहा कि समाज की सबसे बड़ी शक्ति उसकी परंपरा और प्रगति के बीच संतुलन बनाए रखने में है। इस अवसर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिल भारतीय हल्बा आदिवासी समाज राष्ट्रीय महासभा श्री मन्तूराम पवार, नवनियुक्त केन्द्रीय अध्यक्ष केन्द्रीय कर्मचारी प्रकोष्ठ श्री गोविंद राम चुरेन्द्र, पूर्व अध्यक्ष अखिल भारतीय हल्बा-हल्बी समाज केन्द्रीय कर्मचारी प्रकोष्ठ श्री पीआर नाईक, पूर्व अध्यक्ष अखिल भारतीय हल्बा-हल्बी आदिवासी समाज केन्द्रीय कर्मचारी प्रकोष्ठ श्री आरएस नायक ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। इस अवसर पर समाजसेवी श्री कोमल सिंह राजपूत, पूर्व अध्यक्ष अखिल भारतीय हल्बा-हल्बी आदिवासी समाज राष्ट्रीय महासभा श्री जीआर राना सहित समाज के वरिष्ठ पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित थे।

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