November 07, 2026
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    धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
    क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।

    2030 तक 15 हजार मेगावाट हरित ऊर्जा उत्पादन का लक्ष्य, सौर, ताप विद्युत, पंप स्टोरेज और बैटरी परियोजनाओं में खुलेंगे निवेश के बड़े अवसर; वैश्विक मंच पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने निवेशकों को दिया आमंत्रण

    नई दिल्ली, शौर्यपथ। ऊर्जा उत्पादन और औद्योगिक विकास के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ अपनी नई पहचान बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रदेश सरकार ने ऊर्जा क्षेत्र में अगले पांच वर्षों के दौरान लगभग 5.60 लाख करोड़ रुपये के निवेश की संभावनाओं का रोडमैप वैश्विक मंच पर प्रस्तुत किया है। वर्ष 2030 तक राज्य की हरित ऊर्जा क्षमता को वर्तमान 3 हजार मेगावाट से बढ़ाकर 15 हजार मेगावाट करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस महत्वाकांक्षी योजना के माध्यम से छत्तीसगढ़ को पारंपरिक बिजली उत्पादन के साथ नवीकरणीय ऊर्जा और आधुनिक ऊर्जा भंडारण के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की तैयारी है।

    नई दिल्ली के भारत मंडपम में 2 से 5 नवंबर तक आयोजित भारत नवीकरणीय ऊर्जा शिखर सम्मेलन एवं एक्सपो 2026 का शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया। इस वैश्विक सम्मेलन में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने उच्चस्तरीय गोलमेज बैठक में हिस्सा लेते हुए देश-विदेश के निवेशकों और उद्योग प्रतिनिधियों को छत्तीसगढ़ में निवेश के लिए आमंत्रित किया। सम्मेलन में 130 से अधिक देशों के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं।

    नवीकरणीय और ताप विद्युत परियोजनाओं में बड़े निवेश की योजना

    मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में 23,923 मेगावाट क्षमता की नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के लिए लगभग 1.33 लाख करोड़ रुपये तथा ताप विद्युत उत्पादन क्षमता के विस्तार के लिए लगभग 3.27 लाख करोड़ रुपये के निवेश की योजना है। इसके अतिरिक्त ऊर्जा क्षेत्र की अन्य परियोजनाओं सहित कुल निवेश संभावनाएं लगभग 5.60 लाख करोड़ रुपये आंकी गई हैं।

    उन्होंने कहा कि राज्य की बिजली मांग में हरित ऊर्जा की हिस्सेदारी वर्तमान 15 प्रतिशत से बढ़ाकर 45 प्रतिशत से अधिक करने का लक्ष्य है। छत्तीसगढ़ में पहले से 28 हजार मेगावाट से अधिक कोयला आधारित ताप विद्युत उत्पादन क्षमता है। अब सौर, जल विद्युत, बायोमास और ऊर्जा भंडारण परियोजनाओं के संतुलित विस्तार पर जोर दिया जा रहा है।

    12,300 मेगावाट की पंप स्टोरेज परियोजनाएं होंगी विकसित

    ऊर्जा भंडारण के क्षेत्र में 12,300 मेगावाट क्षमता की 10 पंप स्टोरेज जल विद्युत परियोजनाओं की पहचान की गई है। इनमें लगभग 65 हजार करोड़ रुपये के निवेश की संभावना है। इसके अलावा अगले दो वर्षों में 10 हजार मेगावाट-घंटे क्षमता की बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली स्थापित करने की योजना है। राजनांदगांव में 100 मेगावाट की सौर परियोजना के साथ 40 मेगावाट क्षमता और 120 मेगावाट-घंटे भंडारण वाली बैटरी प्रणाली पहले से संचालित है।

    सौर ऊर्जा से गांवों और किसानों को जोड़ने की पहल

    मुख्यमंत्री ने राजनांदगांव जिले के खैरा गांव का उदाहरण देते हुए बताया कि यह प्रदेश का पहला पूर्ण सौर ऊर्जा संचालित गांव बना है। यहां 141 घरों की छतों पर दो-दो किलोवाट के सोलर पैनल लगाए गए हैं, जिनसे कुल 282 किलोवाट बिजली का उत्पादन हो रहा है। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत प्रदेश में लगभग 1.26 लाख सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं। वहीं 1.66 लाख सौर सिंचाई पंपों से करीब 1.94 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि में सिंचाई हो रही है।

    बायोगैस, ग्रीन हाइड्रोजन और परमाणु ऊर्जा में भी निवेश की तैयारी

    प्रदेश में कृषि अवशेष, गोबर और जैविक संसाधनों के उपयोग से कंप्रेस्ड बायोगैस, बायो-एथेनॉल और ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। आठ कंप्रेस्ड बायोगैस संयंत्रों की स्थापना के लिए लगभग 800 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। इसके अतिरिक्त निजी निवेशकों से लगभग 6 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों पर प्रक्रिया जारी है। मुख्यमंत्री ने लगभग 4,200 मेगावाट क्षमता के परमाणु ऊर्जा संयंत्रों सहित विभिन्न ऊर्जा परियोजनाओं में करीब 1.60 लाख करोड़ रुपये के निवेश की परिकल्पना भी प्रस्तुत की।

    वैश्विक निवेशकों के सामने छत्तीसगढ़ की ऊर्जा क्षमता का प्रदर्शन

    सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ के स्टॉल का अवलोकन कर ऊर्जा परियोजनाओं और निवेश की संभावनाओं की जानकारी ली। उन्होंने निवेशकों को राज्य की औद्योगिक नीतियों, उपलब्ध प्राकृतिक संसाधनों और निवेश अनुकूल वातावरण से अवगत कराया।

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य सरकार ऊर्जा सुरक्षा, औद्योगिक विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाकर आगे बढ़ रही है। ऊर्जा क्षेत्र में निवेश से नए उद्योगों की स्थापना, अधोसंरचना के विस्तार और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा मिलेगा।

    130 से अधिक देशों की भागीदारी वाला यह वैश्विक सम्मेलन छत्तीसगढ़ के लिए अपनी पारंपरिक ऊर्जा क्षमता के साथ हरित ऊर्जा और आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में निवेश आकर्षित करने का महत्वपूर्ण अवसर बन रहा है।

    जगदलपुर में युवा संवाद कार्यक्रम आयोजित, केंद्रीय मंत्री ने युवाओं से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी का किया आह्वान

    रायपुर, शौर्यपथ। केंद्रीय श्रम एवं रोजगार तथा युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में वर्तमान युवा पीढ़ी की निर्णायक भूमिका होगी। जब देश स्वतंत्रता की शताब्दी मनाएगा, तब विकसित और सशक्त भारत की जिम्मेदारी आज की अमृत पीढ़ी के हाथों में होगी। उन्होंने युवाओं से राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने और देश के सर्वांगीण विकास में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।

    डॉ. मांडविया सोमवार को जगदलपुर के कुम्हरावण्ड स्थित शासकीय कृषि महाविद्यालय के सभागार में आयोजित युवा संवाद कार्यक्रम को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने विद्यार्थियों से सीधे संवाद करते हुए लोकतंत्र, रोजगार, नवाचार और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका पर चर्चा की।

    माय भारत प्लेटफॉर्म से मिलेंगे नए अवसर

    केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किया गया ‘माय भारत’ डिजिटल प्लेटफॉर्म युवाओं को नवाचार, मार्गदर्शन, स्वयंसेवा और करियर के नए अवसर उपलब्ध कराने का सशक्त माध्यम बन रहा है। इसके जरिए देशभर में एक लाख युवा नेतृत्वकर्ता तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है, जो भविष्य में नीति निर्माण और जनसेवा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

    उन्होंने प्रधानमंत्री के पंच प्रण—विकसित भारत का संकल्प, गुलामी की मानसिकता से मुक्ति, अपनी विरासत पर गर्व, एकता एवं एकजुटता तथा नागरिक कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक पालन—को जीवन में अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि युवा शिक्षा, प्रशासन, उद्यमिता या किसी भी क्षेत्र में आगे बढ़ें, लेकिन राष्ट्रहित हमेशा सर्वोपरि रहना चाहिए।

    लोकतंत्र और बस्तर के पर्यटन पर भी हुई चर्चा

    संवाद के दौरान डॉ. मांडविया ने छात्र प्रांजल से मतदाता सूची पुनरीक्षण की प्रक्रिया पर चर्चा की। उन्होंने लोकतंत्र की मजबूती के लिए पारदर्शी एवं त्रुटिरहित मतदाता सूची और निष्पक्ष मतदान को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि युवाओं की लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भागीदारी बढ़ाने के लिए देश के शैक्षणिक संस्थानों में युवा संवाद कार्यक्रमों की श्रृंखला जारी रहेगी।

    बस्तर की प्राकृतिक सुंदरता की सराहना करते हुए उन्होंने विश्व प्रसिद्ध चित्रकोट जलप्रपात का उल्लेख किया और क्षेत्र में पर्यटन विकास की व्यापक संभावनाओं पर प्रकाश डाला।

    कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रदेश के वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि बस्तर के युवा लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा और विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने उपस्थित युवाओं को राष्ट्र सेवा की शपथ भी दिलाई।

    इस अवसर पर बस्तर सांसद महेश कश्यप और जगदलपुर विधायक किरण देव सिंह ने भी युवाओं को संबोधित किया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों तथा विभिन्न महाविद्यालयों के बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं की उपस्थिति रही।

    उप मुख्यमंत्री ने बिलासपुर में जिला स्तरीय राज्योत्सव का किया शुभारंभ, विकास प्रदर्शनी का अवलोकन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का लिया आनंद

       बिलासपुर, शौर्यपथ। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने बिलासपुर के पुलिस परेड मैदान में जिला स्तरीय राज्योत्सव का शुभारंभ करते हुए प्रदेशवासियों को राज्य स्थापना दिवस की बधाई दी। उन्होंने कहा कि सशक्त महिलाओं और हुनरमंद युवाओं की भागीदारी से विकसित छत्तीसगढ़ का संकल्प पूरा होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सरकार जनकल्याण, अधोसंरचना विकास और रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।
    श्री साव ने छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माता पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी को नमन करते हुए कहा कि उन्होंने प्रदेशवासियों की भावनाओं को समझकर पृथक छत्तीसगढ़ राज्य की सौगात दी। उनके सपनों के अनुरूप समृद्ध और विकसित प्रदेश बनाना सरकार का लक्ष्य है।
    उन्होंने कहा कि राज्योत्सव की थीम ‘सशक्त नारी, युवा उड़ान’ सरकार की प्राथमिकताओं को दर्शाती है। महतारी वंदन योजना और बिहान के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा रहा है, वहीं युवाओं के लिए शिक्षा, कौशल विकास और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के अवसर बढ़ाए जा रहे हैं। प्रत्येक जिले में नालंदा परिसर निर्माण की पहल इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
    उप मुख्यमंत्री ने खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए खेल सुविधाओं के विस्तार और खेल अलंकरण सम्मान दोबारा शुरू किए जाने का उल्लेख किया। उन्होंने छत्तीसगढ़ हॉकी लीग में ग्रामीण खिलाड़ियों के प्रदर्शन तथा बहतराई खेल प्रशिक्षण केंद्र की बेटियों की उपलब्धियों की सराहना की।
    श्री साव ने कहा कि मोदी की गारंटियों को पूरा करते हुए प्रदेश में विकास कार्यों को गति दी जा रही है। बिलासपुर में सड़कों और अधोसंरचना का विस्तार हो रहा है। बेहतर औद्योगिक नीति के कारण निवेशक छत्तीसगढ़ में रुचि दिखा रहे हैं। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद के विरुद्ध मिल रही सफलता से प्रदेश में विकास के नए रास्ते खुल रहे हैं।
    महापौर पूजा विधानी ने भी राज्य गठन के बाद छत्तीसगढ़ की प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य की ओर आगे बढ़ रहा है।
    इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ने व्यसनमुक्ति और समाजसेवा में योगदान के लिए स्वाति दीदी को सम्मानित किया तथा विभिन्न विभागों की विकास प्रदर्शनी का अवलोकन कर योजनाओं और उपलब्धियों की जानकारी ली। समारोह में रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने देर रात तक दर्शकों का मनोरंजन किया।
    कार्यक्रम में विधायक सुशांत शुक्ला, जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी, पाठ्यपुस्तक निगम अध्यक्ष राजा पाण्डेय, सहकारी बैंक अध्यक्ष रजनीश सिंह सहित संभागायुक्त सुनील जैन, पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग, कलेक्टर संजय अग्रवाल, अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी और नागरिक उपस्थित रहे।

    छत्तीसगढ़ की पहली हॉकी लीग में सबसे कम उम्र के खिलाड़ी के रूप में दर्ज कराई उपस्थिति, गोलकीपर की चुनौतीपूर्ण भूमिका निभाकर चैंपियन टीम का बने हिस्सा — खेल के…

    संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने की पुरस्कारों की घोषणा, दुर्ग जिले की साधना यादव, दुर्गा प्रसाद पारकर और चेतन लाल देवांगन सहित कई प्रतिभाओं का चयन

    रायपुर । छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित राज्योत्सव-2026 में प्रदेश की 36 श्रेणियों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली विभूतियों एवं संस्थाओं को प्रतिष्ठित राज्य अलंकरण से सम्मानित किया जाएगा। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने राजधानी रायपुर स्थित महंत घासीदास स्मारक संग्रहालय परिसर में आयोजित पत्रकार वार्ता में पुरस्कारों की घोषणा की। इन सम्मानों के माध्यम से आदिवासी उत्थान, समाजसेवा, महिला सशक्तिकरण, कला-संस्कृति, साहित्य, पत्रकारिता, खेल, कृषि, चिकित्सा और लोक परंपराओं के संरक्षण में उल्लेखनीय योगदान देने वालों को सम्मानित किया जाएगा।

    मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि राज्य अलंकरण प्रदेश की प्रतिभाओं की विशिष्ट उपलब्धियों और समाज एवं राज्य के विकास में उनके योगदान के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है। ऐसे सम्मान न केवल उत्कृष्ट कार्य करने वालों का उत्साह बढ़ाते हैं, बल्कि नई पीढ़ी को भी अपनी प्रतिभा और क्षमता के माध्यम से समाज तथा प्रदेश के विकास में योगदान देने की प्रेरणा देते हैं।

    एक से 30 नवंबर तक पत्रकारों और मीडिया कर्मियों से मांगे गए सुझाव, जनसंपर्क विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध होगा प्रस्तावित प्रारूप

    रायपुर, 1 नवंबर। छत्तीसगढ़ में कार्यरत पत्रकारों एवं मीडिया कर्मियों को स्वास्थ्य और दुर्घटना बीमा सुरक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में राज्य शासन ने महत्वपूर्ण पहल की है। शासन द्वारा ‘छत्तीसगढ़ मीडिया कर्मी स्वास्थ्य एवं दुर्घटना समूह बीमा योजना-2026’ का प्रारूप तैयार किया गया है। योजना को प्रभावी और उपयोगी बनाने के उद्देश्य से इसके प्रावधानों एवं क्रियान्वयन को लेकर प्रदेशभर के मीडिया कर्मियों से सुझाव आमंत्रित किए गए हैं।

    जनसंपर्क विभाग के अनुसार, योजना के प्रारूप पर 1 नवंबर से 30 नवंबर 2026 तक सुझाव भेजे जा सकेंगे। इसके लिए विभाग की आधिकारिक वेबसाइट www.dprcg.gov.in⁠ पर प्रस्तावित प्रारूप प्रकाशित किया गया है। पत्रकार एवं मीडिया कर्मी योजना के प्रावधानों, पात्रता तथा क्रियान्वयन से संबंधित अपने सुझाव ईमेल के माध्यम से This email address is being protected from spambots. You need JavaScript enabled to view it. पर भेज सकते हैं।

    उप मुख्यमंत्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद लोक निर्माण विभाग ने जारी की प्रशासकीय स्वीकृति, 14.95 किलोमीटर सड़क निर्माण से आवागमन होगा सुगम

    रायपुर । मुंगेली जिले में सड़क अधोसंरचना को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद लोक निर्माण विभाग ने जिले में सात सड़कों के निर्माण के लिए कुल 20 करोड़ 30 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की है। इन निर्माण कार्यों से ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में आवागमन अधिक सुगम और सुरक्षित होने के साथ स्थानीय लोगों को बेहतर सड़क सुविधा मिल सकेगी।

    स्वीकृत कार्यों में मुंगेली जिला मुख्य मार्ग नवरंगपुर से डी-3 हेडपुल तक 1.10 किलोमीटर सड़क के लिए 1.21 करोड़ रुपये, रेहुंटा से लाखासार तक 2.40 किलोमीटर सड़क के लिए 3.07 करोड़ रुपये, डिंडौरी गौठान से सूरजपुरा सरहद तक एक किलोमीटर सड़क के लिए 2.31 करोड़ रुपये तथा मुंगेली जिला मुख्य मार्ग से सुकली बस्ती तक 0.75 किलोमीटर सड़क के लिए 1.34 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

    महीनों से फरार जीजा-साला रायपुर में गिरफ्तार, नागपुर से पुणे तक पुलिस ने खंगाले ठिकाने

    राजनांदगांव/शौर्यपथ /पूर्व महापौर सुदेश देशमुख के भाई सत्यजीत देशमुख की हत्या के मामले में फरार चल रहे दो मुख्य आरोपियों को चिखली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। महीनों से पुलिस को चकमा दे रहे प्रफुल्ल साहू उर्फ विक्की और मुकेश साहू को रायपुर के बसंत विहार इलाके से घेराबंदी कर दबोचा गया। दोनों आरोपी रिश्ते में जीजा-साला बताए जा रहे हैं। पुलिस की इस कार्रवाई से बहुचर्चित हत्याकांड में फरार मुख्य आरोपियों की तलाश पूरी हो गई है।

    0 घर में घुसकर की थी हत्या, अस्पताल में शव छोड़कर हुए थे फरार

    पुलिस के मुताबिक, 16 अगस्त 2026 की रात प्रफुल्ल साहू, मुकेश साहू, बबलू साहू उर्फ बल्ला और एक विधि से संघर्षरत बालक ने सत्यजीत देशमुख के घर में घुसकर उनके साथ मारपीट की थी। इस दौरान उनकी हत्या कर दी गई। वारदात के बाद आरोपियों ने पुलिस को गुमराह करने के उद्देश्य से शव को जिला अस्पताल में उपचार के लिए छोड़ दिया था। मामले में 17 अगस्त को शिकायत के आधार पर चौकी चिखली में हत्या सहित विभिन्न धाराओं में अपराध दर्ज किया गया था।

    0 कई राज्यों में तलाश, रायपुर में मिली सफलता

    घटना के बाद पुलिस ने बबलू साहू उर्फ बल्ला और विधि से संघर्षरत बालक को गिरफ्तार कर लिया था, जबकि प्रफुल्ल और मुकेश फरार हो गए थे। उनकी गिरफ्तारी के लिए गठित टीम लगातार तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर तलाश कर रही थी। पुलिस ने नागपुर, चंद्रपुर, अकोला, पुणे और शिर्डी सहित कई स्थानों पर दबिश दी। आखिरकार दोनों के रायपुर में छिपे होने की सूचना मिली, जिसके बाद पुलिस टीम ने बसंत विहार में घेराबंदी कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

    0 महाराष्ट्र में भी दर्ज हैं कई अपराध

    पुलिस पूछताछ में दोनों आरोपियों ने पूर्व में गिरफ्तार आरोपियों के साथ मिलकर हत्या करना स्वीकार किया। प्रफुल्ल साहू के विरुद्ध महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले के गोंडपिपरी और दुर्गापुर थाना क्षेत्रों में कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। वहीं मुकेश साहू के खिलाफ भी पूर्व में कई अपराध दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया।

    कार्रवाई में चौकी प्रभारी उप निरीक्षक कैलाश चंद्र मरई प्रधान आरक्षक अरुण नेताम, आरक्षक आदित्य सोलंकी, सुनील बैरागी, चंद्रकपूर आयाम, अमित सोनी, रंजित चौरसिया तथा साइबर सेल के आरक्षक हेमंत एवं आदित्य सिंह सहित चौकी चिखली स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

    राज्य स्थापना दिवस पर प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं, अटल बिहारी वाजपेयी के सपनों का विकसित छत्तीसगढ़ बनाने का संकल्प दोहराया
    2047 तक समृद्ध, सशक्त और विकसित राज्य बनाने के लिए जनभागीदारी का किया आह्वान
    रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए राज्य के 26 वर्षों के सफर को गौरव और नए संकल्पों का अवसर बताया। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी के दूरदर्शी नेतृत्व और दृढ़ संकल्प से पृथक छत्तीसगढ़ राज्य का सपना साकार हुआ, जिसने प्रदेश की आकांक्षाओं को नई पहचान और विकास की नई संभावनाएं प्रदान कीं।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष का राज्योत्सव विशेष महत्व रखता है, क्योंकि छत्तीसगढ़ लाल आतंक से मुक्त होकर शांति, विश्वास और विकास के नए युग की ओर अग्रसर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के दृढ़ संकल्प तथा डबल इंजन सरकार के प्रयासों से यह उपलब्धि संभव हुई है। इसमें सुरक्षा बलों के जवानों के अदम्य साहस, शौर्य और बलिदान का महत्वपूर्ण योगदान रहा है, जिसे प्रदेश सदैव याद रखेगा।
    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य प्रदेश के प्रत्येक गांव में खुशहाली लाना, युवाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराना और विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, प्राकृतिक संसाधन और जनशक्ति प्रदेश की प्रगति के प्रमुख आधार हैं।
    उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि राज्य स्थापना दिवस को उपलब्धियों पर गर्व करने के साथ भविष्य के नए संकल्प लेने के अवसर के रूप में मनाएं और सभी मिलकर वर्ष 2047 तक समृद्ध, सशक्त एवं विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाएं।

    रोड शो में 30 पर्यटन हितधारकों और 148 टूर-ट्रैवल ऑपरेटरों की भागीदारी, पर्यटन पैकेज, निवेश और व्यावसायिक साझेदारी बढ़ाने पर हुई चर्चा

    रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता, धार्मिक आस्था, ऐतिहासिक धरोहरों और समृद्ध लोकसंस्कृति को राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान दिलाने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड ने गुजरात के अहमदाबाद में पर्यटन रोड शो आयोजित किया। फिक्की के सहयोग से होटल हयात रीजेंसी में आयोजित इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के 30 पर्यटन हितधारकों और गुजरात के 148 टूर एवं ट्रैवल ऑपरेटरों ने हिस्सा लिया। रोड शो के जरिए दोनों राज्यों के बीच पर्यटन कारोबार, निवेश और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने की संभावनाओं पर चर्चा हुई।

    कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के अध्यक्ष नीलू शर्मा, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, बोर्ड के प्रबंध संचालक सौमिल रंजन चौबे तथा गुजरात पर्यटन निगम की प्रतिनिधि अंकिता परमार विशेष रूप से उपस्थित रहे।

    चंपारण बनेगा धार्मिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र

    रोड शो का प्रमुख आकर्षण महाप्रभु वल्लभाचार्य की जन्मभूमि चंपारण को गुजरात और छत्तीसगढ़ के बीच पर्यटन का महत्वपूर्ण सेतु बनाने की रणनीति रही। गुजरात से बड़ी संख्या में श्रद्धालु चंपारण पहुंचते हैं। इसी धार्मिक जुड़ाव को व्यापक पर्यटन अवसर में बदलने के लिए टूर ऑपरेटरों को चंपारण के साथ सिरपुर, राजिम, बस्तर और विश्वप्रसिद्ध चित्रकोट जलप्रपात को जोड़कर विशेष पर्यटन पैकेज तैयार करने की संभावनाओं से अवगत कराया गया।

    प्रबंध संचालक सौमिल रंजन चौबे ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से बताया कि गुजरात से आने वाले श्रद्धालुओं की यात्रा को केवल चंपारण तक सीमित न रखते हुए प्रदेश के अन्य धार्मिक, ऐतिहासिक और प्राकृतिक पर्यटन स्थलों से भी जोड़ा जा सकता है। इससे पर्यटकों का प्रवास बढ़ने के साथ होटल, परिवहन, हस्तशिल्प और स्थानीय पर्यटन व्यवसाय को भी लाभ मिल सकेगा।

    पर्यटन कारोबार और निवेश पर बनी सहमति की संभावनाएं

    रोड शो के दौरान दोनों राज्यों के पर्यटन व्यवसायियों के बीच व्यावसायिक बैठकें हुईं। इनमें संयुक्त पर्यटन पैकेज तैयार करने, नए यात्रा मार्ग विकसित करने, पर्यटकों की आवाजाही बढ़ाने और पर्यटन सेवाओं के विस्तार पर चर्चा की गई। साथ ही गुजरात के संभावित निवेशकों के साथ छत्तीसगढ़ में पर्यटन अधोसंरचना के विकास और निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाने के अवसरों पर भी संवाद हुआ।

    कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ की लोककला और सांस्कृतिक परंपराओं पर आधारित प्रस्तुतियों ने गुजरात के अतिथियों का मन मोह लिया। मीडिया संवाद के माध्यम से प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों और नई पर्यटन पहलों का प्रचार-प्रसार भी किया गया।

    अहमदाबाद रोड शो को छत्तीसगढ़ के पर्यटन को राष्ट्रीय बाजार से जोड़ने की महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। चंपारण के धार्मिक महत्व को आधार बनाकर गुजरात के पर्यटकों को सिरपुर, राजिम और बस्तर जैसे गंतव्यों तक आकर्षित करने की यह रणनीति प्रदेश में पर्यटन कारोबार, स्थानीय रोजगार और निवेश के नए अवसर विकसित करने में सहायक हो सकती है।

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