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रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ शासन के उच्च शिक्षा विभाग ने प्रदेश के शासकीय महाविद्यालयों में कार्यरत पदोन्नत प्राध्यापकों की अंतिम संशोधित वरिष्ठता सूची जारी कर दी है। यह सूची उच्च न्यायालय बिलासपुर के निर्णयों तथा शासन द्वारा जारी पदोन्नति आदेशों के परिपालन में प्रकाशित की गई है।
उच्च शिक्षा संचालनालय, इन्द्रावती भवन, नवा रायपुर द्वारा जारी आदेश के अनुसार पदोन्नत प्राध्यापकों की वरिष्ठता का निर्धारण 01 अप्रैल 2017 एवं 01 अप्रैल 2023 की स्थिति के आधार पर किया गया है। वरिष्ठता निर्धारण के लिए लोक सेवा आयोग से चयन, विषयवार नियुक्ति, कार्यभार ग्रहण की तिथि, संविलियन तथा नियमितीकरण की तिथि जैसे महत्वपूर्ण मापदंडों को शामिल किया गया है।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि समान आदेश तिथि की स्थिति में कार्यभार ग्रहण करने की तिथि को वरिष्ठता का आधार माना गया है। वहीं संविलियन अथवा नियमित नियुक्ति वाले प्राध्यापकों की वरिष्ठता शासन द्वारा निर्धारित नियमानुसार तिथि के आधार पर तय की गई है।
जारी आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि यदि किसी पदोन्नत प्राध्यापक को अंतिम वरिष्ठता सूची पर आपत्ति हो, तो वे 20 जनवरी 2026 तक निर्धारित प्रारूप में अपनी आपत्ति प्रस्तुत कर सकते हैं। निर्धारित समय-सीमा के बाद प्राप्त आपत्तियों पर किसी प्रकार का विचार नहीं किया जाएगा।
उच्च शिक्षा विभाग ने प्रदेश के सभी शासकीय महाविद्यालयों के प्राचार्यों को निर्देशित किया है कि वे वर्ष 2017 एवं 2023 की अंतिम वरिष्ठता सूची का विधिवत प्रकाशन सुनिश्चित करें तथा संबंधित प्राध्यापकों को इसकी जानकारी अवगत कराएं।
साहू समाज का सामूहिक विवाह कार्यक्रम सामाजिक उत्थान की मिसाल — मुख्यमंत्री साय
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय भक्त माता राजिम जयंती महोत्सव में हुए शामिल
रायपुर / शौर्यपथ / राजिम भक्तिन माता एवं माता कर्मा के बताए संदेश मानव समाज के लिए कल्याणकारी है, हमें उनके संदेशों का अनुसरण करना चाहिए। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज राजिम के त्रिवेणी संगम में आयोजित भक्त माता राजिम जयंती महोत्सव को सम्बोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने भगवान श्री राजीव लोचन एवं भक्त माता राजिम की पूजा अर्चना कर प्रदेश और समाज की सुख समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने साहू सृजन पत्रिका का विमोचन किया। साहू समाज द्वारा मुख्यमंत्री का गजमाला पहनाकर स्वागत किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने राजिम माता भक्ति जयंती की बधाई देते हुए कहा कि साहू समाज समृद्ध और शिक्षित समाज है जो हर दृष्टिकोण से समृद्ध रहा है। साहू समाज का इतिहास भी समृद्ध रहा है। हम सबको दानवीर भामाशाह,बाबा सत्यनारायण जी का आशीर्वाद मिल रहा है। यह समाज निरंतर विकास करें। यही कामना है। जब समाज एक जुट होगा तो केवल समाज ही नहीं प्रदेश और देश भी शक्तिशाली और समृद्ध बनता है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने साहू समाज के सामूहिक विवाह को अनुकरणीय पहल बताते हुए कहा कि राजिम माता ने जिस साहू समाज को अपनी मेहनत और त्याग से संगठित किया, आज वह समाज शिक्षा, कृषि व व्यवसाय सहित सभी क्षेत्रों में आगे बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम राजिम माता के आशीर्वाद से हर गारंटी को पूरा कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ खनिज, वन, उर्वरा से भरपूर है। अब नक्सलवाद से जवान पूरी ताकत से लड़ रहे हैं। हम सबका संकल्प है कि 31 मार्च तक बस्तर को नक्सल मुक्त कर देंगे। राज्य के विकास में बाधक नक्सलवाद अब खत्मा की ओर है। राज्य को हम सब समृद्धि की दिशा में लेकर जाएंगे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज सिरकट्टी आश्रम में भव्य राम जानकी मंदिर में धर्म ध्वजा की स्थापना की गई। इस पुण्य अवसर पर हमें शामिल होने का सौभाग्य मिला। जैसे अयोध्या धाम में धर्म ध्वजा स्थापना किए हैं, उसी तर्ज पर यहां कुटेना में भी धर्म ध्वजा स्थापित किया गया है। मेरा सौभाग्य है कि एक साल पहले भी इस अवसर पर शामिल होने का अवसर मिला था।
उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव ने कहा कि साहू समाज एक संगठित समाज के रूप में जाना जाता है। आज हम सभी राजिम माता की जयंती मनाने आये हैं। उन्होंने कहा कि त्रिवेणी संगम के इस पावन धरती से प्रेरणा लेकर जाएंगे और मिलकर समाज के विकास के लिए काम करेंगे। केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने कहा कि माता राजिम भक्तीन की महिमा का बखान करते हुए कहा कि राजिम त्याग, भूमि तपस्या, साधना और श्रम की भूमि है। भगवान को खिचड़ी खिलाने वाले समाज से हमारा समाज का नाता है। हम अपने पुरखों के योगदान को याद करके समाज को आगे ले जा सकते हैं। शिक्षा और संस्कार भी जरूरी है।
इस अवसर पर साहू समाज के प्रतिनिधिगण सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
अपार आईडी के माध्यम से विद्यार्थियों को मिल रही स्थायी डिजिटल शैक्षणिक पहचान
रायपुर / shouryapath / भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत विद्यार्थियों की शैक्षणिक पहचान को सुदृढ़ करने हेतु लागू की गई APAAR (Automated Permanent Academic Account Registry) व्यवस्था के अंतर्गत राज्य में अपार-आईडी निर्माण की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है।
दिनांक 7 जनवरी 2026 तक उपलब्ध आँकड़ों के अनुसार, राज्य के 57,045 विद्यालयों में अध्ययनरत 57,10,207 विद्यार्थियों में से 50,60,941 विद्यार्थियों की अपार-आईडी सफलतापूर्वक जनरेट की जा चुकी है, जो कि 88.63 प्रतिशत है तथा बड़े राज्यों में प्रतिशत के आधार पर सर्वाधिक है। यह डिजिटल शैक्षणिक संरचना की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
छत्तीसगढ़ में बेमेतरा (96.40 प्रतिशत) तथा राजनांदगांव (96.38 प्रतिशत) जिले में सर्वाधिक विद्यार्थियों के अपार-आईडी तैयार किए गए हैं, जबकि रायगढ़, कोरिया, रायपुर, कोरबा, धमतरी, दुर्ग तथा बलौदाबाजार जिलों में 93 प्रतिशत से अधिक विद्यार्थियों के अपार-आईडी तैयार किए जा चुके हैं। 5 जिले—नारायणपुर, बीजापुर, सुकमा, बलरामपुर तथा दंतेवाड़ा—को छोड़कर शेष जिलों में 80 प्रतिशत से अधिक विद्यार्थियों के अपार-आईडी तैयार किए जा चुके हैं। सभी जिलों में शेष विद्यार्थियों के अपार-आईडी निर्माण का कार्य प्रगति पर है।
भारत सरकार ने 31 जनवरी 2026 तक सभी विद्यार्थियों के अपार-आईडी तैयार करने के लिए निर्देश दिए हैं। उल्लेखनीय है कि अपार-आईडी प्रणाली के माध्यम से प्रत्येक विद्यार्थी को एक स्थायी डिजिटल शैक्षणिक पहचान प्रदान की जा रही है, जिससे उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों, प्रमाण-पत्रों एवं क्रेडिट्स का सुरक्षित डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होगा। यह व्यवस्था विद्यार्थियों की शैक्षणिक निरंतरता, पारदर्शिता तथा राष्ट्रीय स्तर पर मोबिलिटी को सशक्त बनाएगी। राज्य शासन के निर्देश पर शिक्षकों के द्वारा शेष विद्यार्थियों की अपार-आईडी निर्माण हेतु निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि सभी छात्रों को इस राष्ट्रीय डिजिटल शैक्षणिक पहल का लाभ मिल सके।
रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज पूरे दिन प्रशासनिक, जनसंपर्क एवं आधिकारिक कार्यक्रमों में व्यस्त रहेंगे। उनका दिन सुबह रायपुर में शासकीय कार्यक्रमों से शुरू होकर शाम को गोवा प्रवास के साथ संपन्न होगा।
मुख्यमंत्री श्री साय सुबह 8.45 बजे मुख्यमंत्री निवास, सिविल लाइन रायपुर से प्रस्थान करेंगे। इसके पश्चात वे पुलिस ग्राउंड हेलीपैड रायपुर पहुंचेंगे और विभिन्न शासकीय व प्रशिक्षण संबंधी कार्यक्रमों में शामिल होंगे। सुबह के दौरान वे पी.टी.एस. ग्राउंड जोरा तथा एफ.टी.एस. प्रशिक्षण कार्यक्रम में सहभागिता करेंगे।
इसके बाद मुख्यमंत्री अम्बिकापुर प्रवास पर रहेंगे, जहां पुलिस एवं प्रशासनिक गतिविधियों से जुड़े कार्यक्रमों में शामिल होने के उपरांत वे पुनः रायपुर लौटेंगे। पूर्वाह्न 11.45 बजे मुख्यमंत्री निवास पहुंचने के बाद उनका दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक जनदर्शन कार्यक्रम निर्धारित है, जिसमें वे आम नागरिकों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनेंगे।
शाम को मुख्यमंत्री श्री साय रायपुर से गोवा के लिए रवाना होंगे। वे स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट रायपुर से इंडिगो की उड़ान द्वारा प्रस्थान कर डाबोलिम अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट, दक्षिण गोवा पहुंचेंगे। वहां से वे होटल द ललित रिजॉर्ट, राज बागा, पलोलेम (कनाकाना) के लिए प्रस्थान करेंगे, जहां उनका रात्रि विश्राम रहेगा।
उल्लेखनीय है कि 9 जनवरी 2026 को मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय गोवा के कनाकाना क्षेत्र में आयोजित “आदि लोकोत्सव 2025” कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री का यह दौरा प्रशासनिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
भारत स्काउट-गाइड जंबूरी से पहले सियासी भूचाल
रायपुर । शौर्यपथ ।
प्रदेश भाजपा सरकार के कार्यकाल में बालोद में प्रस्तावित भारत स्काउट एंड गाइड की राष्ट्रीय जंबूरी से पहले संगठन के भीतर गुटबाजी,अव्यवस्था और आपसी मतभेद जहां चरम पर हैं,वहीं अब यह आयोजन भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों के घेरे में आ गया है। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव पर भारत स्काउट एंड गाइड में रहते हुए जमीन खरीदी में बड़े घोटाले का आरोप लगाकर प्रदेश की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है।
प्रदेश कांग्रेस का कहना है कि यह मामला रमन सिंह सरकार के कार्यकाल (2018-19) का है, जब गजेंद्र यादव भारत स्काउट एंड गाइड के राज्य मुख्य आयुक्त (अध्यक्ष) थे।
70 लाख की जमीन, वही खरीदार–वही विक्रेता!
कांग्रेस द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों के अनुसार भारत स्काउट एंड गाइड ने 22 एवं 24 जनवरी 2019 को राज्य कार्यालय के लिए अभनपुर क्षेत्र में दो रजिस्ट्री करवाईं।
ये दोनों रजिस्ट्री भारत स्काउट एंड गाइड के नाम पर की गईं और जमीन श्री राजेश अग्रवाल (पिता: ओमप्रकाश अग्रवाल) से खरीदी गई।
कांग्रेस का आरोप है कि —
श्री राजेश अग्रवाल उस समय भारत स्काउट एंड गाइड, छत्तीसगढ़ के कोषाध्यक्ष थे.जमीन की कुल कीमत 56.93 लाख + 13.07 लाख = 70 लाख रुपये दर्शाई गई.यानी संस्था के कोषाध्यक्ष ने स्वयं से ही संस्था को जमीन बेची.इस भुगतान से जुड़े चेक पर तत्कालीन अध्यक्ष गजेंद्र यादव के हस्ताक्षर भी मौजूद हैं
वास्तविक कीमत से कहीं अधिक भुगतान का आरोप
प्रदेश कांग्रेस का दावा है कि जिस जमीन को 70 लाख रुपये में खरीदा गया, उसकी वास्तविक बाजार कीमत इससे काफी कम थी।
कांग्रेस का सवाल है कि —
आखिर इसी जमीन को खरीदने का फैसला क्यों लिया गया? जब शासकीय संस्थाओं को नया रायपुर में जमीन आवंटन का प्रावधान है, तो वहां मांग क्यों नहीं की गई? क्या इसलिए नया रायपुर नहीं चुना गया क्योंकि वहां कीमत बढ़ाकर घोटाला करना संभव नहीं था? कांग्रेस के अनुसार इस पूरे सौदे से कोषाध्यक्ष और अध्यक्ष—दोनों को प्रत्यक्ष लाभ पहुंचा।
आरएसएस कनेक्शन और ‘छूट’ का आरोप
प्रदेश कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, आरएसएस के पूर्व प्रदेश प्रमुख बिसराराम यादव के पुत्र हैं, इसी कारण उन्हें “असीमित भ्रष्टाचार की छूट” मिली हुई है और वर्तमान भाजपा सरकार इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं कर रही है।
जंबूरी तत्काल स्थगित करने की मांग
कांग्रेस पार्टी ने मांग की है कि “भारत स्काउट एंड गाइड की राष्ट्रीय जंबूरी का आयोजन तत्काल स्थगित किया जाए, क्योंकि इसमें भारी भ्रष्टाचार के प्रमाण सामने आ रहे हैं और आयोजन निष्पक्ष नहीं रह गया है।”
कांग्रेस के पत्रकार वार्ता में ये रहे मौजूद
इस मामले को लेकर आयोजित पत्रकार वार्ता में वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर,नितिन भंसाली,सत्य प्रकाश सिंह उपस्थित रहे।यह जानकारी सुशील आनंद शुक्ला,अध्यक्षकांग्रेस संचार विभाग,छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा जारी की गई।
दुर्ग / शौर्यपथ समाचार
नगर पालिका निगम दुर्ग के अधीन संचालित एक शासकीय विद्यालय परिसर में बिना अनुमति अवैध रूप से चल रही शासकीय राशन दुकान अब केवल नियमों का उल्लंघन नहीं, बल्कि मासूम बच्चों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय बन चुकी है। इसके बावजूद नगर निगम प्रशासन की चुप्पी और निष्क्रियता ने निगम आयुक्त सुमित अग्रवाल की कार्यप्रणाली पर कई गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं।
मामला वार्ड क्रमांक 35, दुर्ग नगर क्षेत्र का है, जहां नगर पालिका निगम दुर्ग के अधीन संचालित बाल मंदिर स्कूल के परिसर में लगभग 40 छोटे बच्चे प्रारंभिक शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इसी स्कूल परिसर के भीतर शासकीय राशन दुकान का अवैध संचालन लंबे समय से जारी है। आश्चर्यजनक तथ्य यह है कि यह सब निगम आयुक्त की जानकारी में होने और स्थानीय पार्षद द्वारा बार-बार शिकायत किए जाने के बावजूद हो रहा है।
पार्षद की शिकायतें, पर कार्रवाई शून्य
वार्ड के पार्षद प्रतिनिधि सुरेश गुप्ता का कहना है कि उन्होंने इस अवैध रूप से बिना अनुमति के संचालित राशन दुकान को लेकर कई बार महापौर और निगम आयुक्त कार्यालय में शिकायतें की हैं। हर बार केवल आश्वासन मिला कि “कार्यवाही की जाएगी”, लेकिन आज तक ज़मीनी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
यह स्थिति तब और गंभीर हो जाती है, जब यह स्कूल उसी विधानसभा क्षेत्र में स्थित है, जहां से प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री एवं स्थानीय विधायक गजेंद्र यादव आते हैं। मंत्री कार्यालय से महज़ 100–200 मीटर की दूरी पर स्थित स्कूल परिसर में इस तरह की लापरवाही न केवल निगम प्रशासन, बल्कि सरकार के ‘स्कूल सुरक्षा’ के दावों पर भी सवाल खड़े करती है।
छोटे कर्मचारियों पर सख्ती, बड़े मामलों पर चुप्पी?
निगम आयुक्त सुमित अग्रवाल की कार्यशैली पर सवाल इसलिए भी उठ रहे हैं, क्योंकि एक ओर वे निगम कार्यालय में एक कमरे से दूसरे कमरे में बिना अनुमति कंप्यूटर या सामग्री ले जाने जैसे मामलों में कर्मचारियों को नोटिस थमाने, प्लेसमेंट कर्मचारियों को निलंबित करने जैसी कड़ी कार्रवाई करते नज़र आते हैं, वहीं दूसरी ओर निगम के अधीन चल रहे स्कूल परिसर में खुलेआम अवैध गतिविधि पर कार्रवाई करने से बचते दिख रहे हैं।
यह दोहरा रवैया यह संकेत देता है कि दिखावटी प्रशासनिक सख्ती तो मौजूद है, लेकिन संवेदनशील और जिम्मेदारी वाले मामलों में निर्णय लेने का साहस कहीं न कहीं गायब है।
बच्चों की सुरक्षा या प्रशासनिक उदासीनता?
प्रदेश सरकार लगातार यह दावा करती रही है कि स्कूलों की सुरक्षा, बच्चों की संरक्षा और शैक्षणिक वातावरण को सुरक्षित बनाने के लिए कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। बावजूद इसके, स्कूल परिसर में राशन दुकान जैसी भीड़भाड़ वाली और असुरक्षित गतिविधि का संचालन अपने आप में गंभीर प्रशासनिक विफलता को दर्शाता है।
देश और प्रदेश में स्कूल परिसरों में घट चुकी कई दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं के बाद भी यदि निगम प्रशासन इस तरह के मामलों को हल्के में ले रहा है, तो यह भविष्य की किसी बड़ी दुर्घटना को न्योता देने जैसा है।
सबसे बड़ा सवाल — जिम्मेदारी कौन लेगा?
अब सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि:क्या निगम आयुक्त सुमित अग्रवाल मासूम बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए तत्काल ठोस कार्रवाई करेंगे? या फिर किसी अप्रिय घटना, स्कूल परिसर में तालाबंदी या दुर्घटना के बाद ही प्रशासन जागेगा? और यदि कोई घटना घटती है, तो उसकी नैतिक और प्रशासनिक जिम्मेदारी कौन लेगा?
यह मामला केवल एक अवैध राशन दुकान का नहीं, बल्कि निगम प्रशासन की प्राथमिकताओं, जवाबदेही और संवेदनशीलता की कसौटी है।शहर की जनता और अभिभावक अब जवाब चाहते हैं, आश्वासन नहीं।
शौर्यपथ लेख।
प्यार को अक्सर उम्र के तराजू पर तौला जाता है—जैसे भावनाएँ केवल जवानी की जागीर हों। लेकिन सच इससे कहीं ज़्यादा गहरा है। बड़ी उम्र की औरत का प्यार कोई क्षणिक आकर्षण नहीं, बल्कि अनुभव, समझ और आत्मिक स्थिरता से उपजा हुआ भाव होता है। यह प्यार दिखावे से दूर, भीतर तक उतरने वाला होता है—जो न सिर्फ़ रिश्ते को, बल्कि इंसान को भी संवार देता है।
अनुभव से उपजा भरोसा
ज़िंदगी के उतार-चढ़ाव देख चुकी औरत जानती है कि रिश्ते शब्दों से नहीं, व्यवहार से टिकते हैं। वह जल्दबाज़ी नहीं करती, न ही हर बात पर शक का बोझ डालती है। उसका भरोसा आँख मूँदकर नहीं, बल्कि समझदारी से दिया गया होता है—और इसी वजह से वह भरोसा मज़बूत भी होता है।
देखभाल जो दिखती नहीं, महसूस होती है
उसका प्यार बड़े-बड़े वादों में नहीं, रोज़मर्रा की छोटी-छोटी बातों में दिखता है—समय पर पूछा गया हाल, थकान में दिया गया सुकून, और मुश्किल वक्त में बिना शोर किए खड़ा रहना। वह जानती है कि साथ निभाना क्या होता है, इसलिए उसका सहारा दिखावे का नहीं, स्थायी होता है।
भावनात्मक समझ की गहराई
बड़ी उम्र की औरत को हर बात कहने की ज़रूरत नहीं पड़ती। वह आँखों की भाषा, खामोशी की आवाज़ और व्यवहार के उतार-चढ़ाव को पढ़ लेती है। बिना टोके, बिना जज किए—सिर्फ़ समझना और साथ देना—यही उसकी सबसे बड़ी खूबी है।
सम्मान और स्वीकृति
वह सामने वाले को बदलने की कोशिश नहीं करती। न उसे अपने साँचे में ढालना चाहती है, न ही तुलना के बोझ तले दबाती है। जैसा है, वैसा स्वीकार करना—यह उसकी परिपक्वता का सबसे सुंदर रूप है। ऐसे रिश्ते में इंसान को खुद होने की आज़ादी मिलती है।
स्थिरता जो समय के साथ बढ़ती है
उसका प्यार तेज़ हवा का झोंका नहीं, बल्कि धीमी बहती नदी की तरह होता है—जो समय के साथ और गहरी, और शांत होती जाती है। उसमें ड्रामा नहीं, भरोसा होता है; दिखावा नहीं, अपनापन होता है; और डर नहीं, सुरक्षा होती है।
कुल मिलाकर, बड़ी उम्र की औरत का प्यार शोरगुल वाला नहीं होता—वह सुकून देता है। यह ऐसा प्यार है जो रिश्ते को नहीं, इंसान को मज़बूत बनाता है। जो समय के साथ कम नहीं, बल्कि और निखरता जाता है।
ऐसा प्यार मिल जाए, तो उम्र मायने नहीं रखती—क्योंकि वहाँ दिल पूरी ईमानदारी से जुड़ता है।
बिलासपुर नगर निगम एवं आसपास के क्षेत्रों के विकास को लेकर मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित
न्यायधानी बिलासपुर के समग्र विकास और मूलभूत सुविधाओं के विस्तार को लेकर हुई व्यापक चर्चा
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में बिलासपुर नगर निगम एवं आसपास के क्षेत्रों के विकास को लेकर एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में बिलासपुर शहर तथा बाह्य क्षेत्रों में संचालित एवं प्रस्तावित विकास कार्यों, मूलभूत सुविधाओं के विस्तार और निर्माणाधीन परियोजनाओं की प्रगति पर विस्तृत चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि न्यायधानी बिलासपुर प्रदेश का दूसरा सबसे बड़ा शहर है और बढ़ते शहरीकरण को ध्यान में रखते हुए यहां संतुलित, समावेशी और योजनाबद्ध विकास आवश्यक है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ तेजी से विकास की ओर अग्रसर है और इसी के अनुरूप शहरी अधोसंरचना को मजबूत किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी प्रगतिरत योजनाओं को तय समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण किया जाए। उन्होंने विशेष रूप से स्वच्छ एवं नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने और इससे जुड़ी परियोजनाओं पर गंभीरता से कार्य करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिलासपुर को उद्योग एवं पर्यटन की दृष्टि से प्राथमिकता में रखते हुए विकास की योजनाएं तैयार की जाएं। श्री साय ने बताया कि पिछले दो वर्षों में सरकार द्वारा निरंतर नए विकास कार्यों को स्वीकृति दी गई है। साथ ही आने वाला बजट भी अत्यंत महत्वपूर्ण होगा और इसके माध्यम से “विकसित छत्तीसगढ़” की संकल्पना भी साकार होगी। उन्होंने कहा कि विभागों के आपसी समन्वय से ही बेहतर परिणाम सामने आएंगे और गांवों के साथ-साथ शहरों के विकास में किसी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी।
बैठक में सड़क, पुल-पुलिया, पेयजल, ड्रेनेज, प्रदूषण मुक्त शहर, यातायात व्यवस्था, शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल एवं युवा कल्याण, आवास, ई-बस सेवा, हवाई यातायात, ट्रांसपोर्ट नगर, उद्योग एवं व्यापार, पर्यटन तथा अरपा विशेष क्षेत्र विकास परियोजना (अरपा साडा) से जुड़े विषयों पर बिंदुवार मंथन किया गया और विभिन्न विषयों पर सहमति भी बनी। इसमें सिम्स के नए अस्पताल भवन के लिए एएस जारी करने की प्रक्रिया में तेजी लाने तथा सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल को पीपीपी मोड पर संचालित करने का निर्णय लिया गया। बिलासपुर एयरपोर्ट के विस्तार हेतु डिफेंस को राशि हस्तांतरित किए जाने की जानकारी दी गई, जिस पर जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। साथ ही एयरपोर्ट के अन्य विकास कार्यों एवं नाइट लैंडिंग सुविधा को शीघ्र शुरू करने के निर्देश दिए गए। ट्रांसपोर्ट नगर सिलपहरी के विकास का कार्य सीएसआईडीसी द्वारा किए जाने तथा भूमि हेतु आवेदन प्रस्तुत करने पर सहमति बनी। उसलापुर रेलवे ओवरब्रिज के लिए भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में तेजी लाने और इसे आगामी बजट में शामिल करने का निर्णय लिया गया।
इसके अतिरिक्त बिलासपुर के राजीव गांधी चौक, नेहरू चौक, महामाया चौक (वाय आकार) - रतनपुर मार्ग तक 305 करोड़ की लागत से फ्लाई ओवर ब्रिज निर्माण, पुराना बस स्टैंड चौक पर सीएमडी चौक-इमलीपारा रोड-टैगोर चौक-जगमल चौक तक 115 करोड़ की लागत से फ्लाई ओवर का निर्माण, एफसीआई गोडाउन व्यापार विहार क्षेत्र को सिरगिट्टी-महमंद बायपास से जोड़ने हेतु 320 करोड़ की लागत से तारबहार फोरलेन रेलवे ओवरब्रिज निर्माण के डीपीआर तैयार करने के निर्देश दिए गए। इसी प्रकार शहर के यातायात दबाव को कम करने हेतु 950 करोड़ की लागत से फोरलेन बिलासपुर रिंग रोड निर्माण के लिए एनएचएआई की सहमति के आधार पर लोक निर्माण विभाग द्वारा प्रस्ताव भेजने पर सहमति बनी। खारंग जलाशय में पाराघाट व्यपवर्तन योजना के लिए 328 करोड़ रुपये, नगर निगम क्षेत्र में अरपा नदी के एसटीपी एवं ड्रेनेज कार्यों के लिए 252 करोड़ रुपये तथा बिलासपुर शहर की जलभराव समस्या के समाधान हेतु आपदा प्रबंधन निधि से 150 करोड़ रुपये दिए जाने की सहमति बनी। बिलासपुर में कैंसर अस्पताल के लिए टाटा मेमोरियल अस्पताल से चर्चा करने, कानन पेंडारी के सामने अंडरपास निर्माण, कोनी से बिरकोना–खमतराई–बहतराई मार्ग के निर्माण, 24×7 जल आपूर्ति योजना हेतु डीपीआर तैयार करने तथा अरपा साडा क्षेत्र के विकास के लिए टीएनसीपी एवं जिला अधिकारियों की बैठक कर पूर्व योजनाओं पर चर्चा तथा इसे आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया।
बैठक में केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री अरुण साव, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, विधायक अमर अग्रवाल, विधायक सुशांत शुक्ला, विधायक धरमलाल कौशिक, महापौर श्रीमती पूजा विधानी, मुख्य सचिव विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह तथा विभिन्न विभागों के सचिव एवं वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।
नई दिल्ली / शौर्यपथ / प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंगलवार को कई अहम गतिविधियाँ और बयान चर्चा में रहे। उन्होंने आंध्र प्रदेश स्थित हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) की विशाख रिफाइनरी में ‘रेसिड्यू अपग्रेडेशन फैसिलिटी’ (RUF) के सफल कमीशनिंग की सराहना करते हुए इसे भारत की ऊर्जा सुरक्षा और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा और निर्णायक कदम बताया। प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसी आधुनिक परियोजनाएँ देश की ईंधन जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ आयात पर निर्भरता कम करने में सहायक होंगी।
इसी क्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने सार्वजनिक जीवन में संवाद की मर्यादा पर बल देते हुए एक सुभाषितम साझा किया और ‘मधुर वाणी’ यानी सौम्य एवं संयमित भाषा के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने संकेत दिया कि सकारात्मक और शालीन संवाद न केवल व्यक्तिगत संबंधों को सुदृढ़ करता है, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों को भी मजबूती प्रदान करता है।
इस बीच सरकारी गलियारों में आठवें वेतन आयोग के गठन को लेकर भी हलचल तेज रही। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इससे संबंधित फाइलों पर चर्चा आगे बढ़ी है, जिससे केंद्र सरकार के एक करोड़ से अधिक कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को भविष्य में लाभ मिलने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, इस संबंध में अभी कोई औपचारिक घोषणा नहीं की गई है।
प्रधानमंत्री के आगामी कार्यक्रमों को लेकर भी तैयारियाँ शुरू हो गई हैं। जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री जनवरी के अंत में पश्चिम बंगाल का दौरा कर सकते हैं, वहीं इसी माह असम में काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर की आधारशिला रखने का कार्यक्रम भी प्रस्तावित है, जिसे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और वन्यजीव संरक्षण के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
नई दिल्ली / एजेंसी / वेनेजुएला के अपदस्थ राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को 5 जनवरी, 2026 को न्यूयॉर्क की एक संघीय अदालत में पेश किया गया, जिससे अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल तेज हो गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर चलाए गए ‘ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व’ के तहत 3 जनवरी को अमेरिकी विशेष बलों ने मादुरो और उनकी पत्नी सीलिया फ्लोर्स को वेनेजुएला की राजधानी काराकास स्थित उनके आवास से हिरासत में लिया था। इस कार्रवाई के बाद दोनों को अमेरिका लाया गया।
सोमवार दोपहर मैनहट्टन के फेडरल कोर्ट में जज एल्विन हेलरस्टीन के समक्ष पेशी के दौरान मादुरो को बेड़ियों में देखा गया। अदालत में उन्होंने स्वयं को ‘युद्ध बंदी’ बताते हुए कहा कि उनका अपहरण किया गया है। अमेरिकी अभियोजन पक्ष ने मादुरो पर नारको-टेररिज्म और कोकीन तस्करी जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। अभियोग के अनुसार, मादुरो पर दशकों तक अंतरराष्ट्रीय ड्रग कार्टेल के साथ मिलकर मादक पदार्थों की तस्करी को संरक्षण देने का आरोप है।
अदालत में मादुरो ने खुद को निर्दोष बताते हुए कहा, “मैं निर्दोष हूँ, मैं अपने देश का राष्ट्रपति हूँ और मुझे जबरन लाया गया है।” उनके वकीलों ने यह दलील दी कि एक संप्रभु राष्ट्र के प्रमुख होने के नाते उन्हें संप्रभु प्रतिरक्षा (sovereign immunity) प्राप्त है। हालांकि, कोर्ट ने इस स्तर पर जमानत देने से इनकार कर दिया और मादुरो व उनकी पत्नी को ब्रुकलिन स्थित मेट्रोपॉलिटन डिटेंशन सेंटर (MDC) में रखने का आदेश दिया। मामले की अगली सुनवाई 17 मार्च, 2026 को निर्धारित की गई है।
इस घटनाक्रम के बाद वेनेजुएला में सत्ता परिवर्तन की प्रक्रिया तेज हो गई है। देश में डेल्सी रोड्रिग्ज ने अंतरिम राष्ट्रपति के रूप में शपथ ले ली है। मादुरो की गिरफ्तारी और अमेरिका में चल रही कानूनी कार्रवाई को लेकर वेनेजुएला सहित वैश्विक राजनीति में तीखी प्रतिक्रियाएँ सामने आ रही हैं।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
