
CONTECT NO. - 8962936808
EMAIL ID - shouryapath12@gmail.com
Address - SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)
छेरा पहरा की पावन परंपरा का निर्वहन कर दिया सेवा, समर्पण और विनम्रता का संदेश
रायपुर / मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज जशपुर जिले के कांसाबेल विकासखंड स्थित ग्राम दोकड़ा में आयोजित ऐतिहासिक श्री जगन्नाथ रथयात्रा महोत्सव-2026 में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय के साथ परंपरागत गजपति महाराजा की भूमिका का निर्वहन करते हुए भगवान श्री जगन्नाथ, भगवान बलभद्र एवं देवी सुभद्रा की विधिवत पूजा-अर्चना की तथा प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि, खुशहाली और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की।
मुख्यमंत्री साय ने छेरा पहरा की पावन परंपरा का निर्वहन करते हुए सोने की झाड़ू से भगवान के रथ के आगे मार्ग का प्रतीकात्मक रूप से मार्जन किया तथा चंदन मिश्रित पवित्र जल का छिड़काव किया। इसके बाद उन्होंने हजारों श्रद्धालुओं के साथ भगवान श्री जगन्नाथ के रथ की रस्सी खींचकर रथयात्रा का शुभारंभ किया। पूरे दोकड़ा क्षेत्र में "जय जगन्नाथ" के जयघोष, शंखध्वनि, भजन-कीर्तन और हरिनाम संकीर्तन से वातावरण भक्तिमय हो उठा।
मुख्यमंत्री साय ने सभी श्रद्धालुओं को रथयात्रा की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि दोकड़ा की ऐतिहासिक रथयात्रा आस्था, संस्कृति और सनातन परंपराओं का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने कहा कि वर्ष 1942 से चली आ रही यह गौरवशाली परंपरा आज भी जनआस्था को नई ऊर्जा प्रदान कर रही है। जनसहयोग से मंदिर का जीर्णोद्धार हुआ और वर्ष 2025 में प्राण-प्रतिष्ठा के बाद यह दूसरी भव्य रथयात्रा आयोजित हो रही है। उन्होंने गजपति महाराजा की परंपरा निभाने का अवसर देने के लिए दोकड़ावासियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ का भगवान श्री जगन्नाथ से प्राचीन और आत्मीय संबंध रहा है। देवभोग का चावल आज भी पुरी के महाप्रसाद में उपयोग किया जाता है, जो इस सांस्कृतिक संबंध का जीवंत प्रमाण है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी पहलों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री की गारंटी के अनुरूप प्रदेश में 11 लाख से अधिक प्रधानमंत्री आवास पूर्ण किए जा चुके हैं। महतारी वंदन योजना की 29 किस्तें जारी की जा चुकी हैं तथा रामलला दर्शन और मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा योजना के माध्यम से हजारों श्रद्धालु लाभान्वित हुए हैं। राज्य के प्रमुख धार्मिक स्थलों के विकास को भी प्राथमिकता दी जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिजली उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए सरचार्ज माफी योजना की अवधि तीन माह बढ़ाई गई है। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 के माध्यम से चौबीसों घंटे नागरिकों की समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जा रहा है। वहीं अटल डिजिटल सेवा केंद्रों के माध्यम से ग्रामीणों को बैंकिंग सुविधाओं सहित 520 से अधिक शासकीय सेवाएँ उनके गाँव में ही उपलब्ध कराई जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि जशपुर जिले को शीघ्र ही रेल नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य हो रहे हैं।धरमजयगढ़-लोहरदगा रेल परियोजना को स्वीकृति मिल चुकी है। साथ ही जशपुर जिले में मेडिकल कॉलेज की स्वीकृति से स्वास्थ्य और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में नई संभावनाएँ विकसित होंगी।
रथयात्रा के दौरान ओडिशा की प्रसिद्ध कीर्तन मंडलियों ने भजन एवं संकीर्तन प्रस्तुत कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। ढोल, मृदंग, झांझ और शंखध्वनि के बीच श्रद्धालु भगवान के जयघोष लगाते हुए रथयात्रा में शामिल हुए। महिलाओं, युवाओं, बच्चों और बुजुर्गों सहित हजारों श्रद्धालुओं की सहभागिता ने इस आयोजन को आस्था और लोक संस्कृति के विराट उत्सव में बदल दिया।
इस अवसर पर पद्मश्री जागेश्वर यादव, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, कमिश्नर नरेंद्र दुग्गा, आईजी दीपक कुमार झा सहित श्री जगन्नाथ मंदिर आयोजन समिति के सदस्य तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।
16 जुलाई को केंद्र सरकार ने ऊर्जा, कृषि और बुनियादी ढांचे से जुड़े कई अहम फैसले लिए। ईंधन निर्यात कर में बदलाव, यूरिया उत्पादन बढ़ाने की नई नीति और झारखंड-ओडिशा में रेल नेटवर्क विस्तार को मंजूरी दी गई।
नई दिल्ली । केंद्र सरकार ने गुरुवार को देश की ऊर्जा सुरक्षा, कृषि आत्मनिर्भरता और बुनियादी ढांचे को मजबूती देने की दिशा में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए। इन फैसलों का उद्देश्य ईंधन निर्यात व्यवस्था को संतुलित करना, उर्वरक उत्पादन बढ़ाना और रेल संपर्क का विस्तार करना है।
सरकार ने पेट्रोल, डीजल और विमानन ईंधन (ATF) के निर्यात पर लगने वाले विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (विंडफॉल टैक्स) में संशोधन किया है। इस कदम का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय बाजार की परिस्थितियों और घरेलू आवश्यकताओं के अनुरूप कर व्यवस्था को संतुलित बनाए रखना है।
कृषि क्षेत्र को बड़ी राहत देते हुए केंद्रीय मंत्रिमंडल ने ‘राष्ट्रीय यूरिया निवेश नीति’ को मंजूरी दी। इस नीति के माध्यम से देश में घरेलू यूरिया उत्पादन बढ़ाने, आयात पर निर्भरता कम करने और किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जाएगा।
इसी क्रम में बुनियादी ढांचे के विकास को गति देते हुए झारखंड और ओडिशा में लगभग ₹397 करोड़ लागत की दो नई रेल परियोजनाओं को भी मंजूरी दी गई। इन परियोजनाओं से दोनों राज्यों में रेल संपर्क बेहतर होगा, माल परिवहन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद है।
16 जुलाई को सर्वोच्च न्यायालय ने नागरिकता, मध्यस्थता और लंबित मामलों के त्वरित निपटारे से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर सुनवाई करते हुए निष्पक्ष न्यायिक प्रक्रिया और समयबद्ध न्याय पर जोर दिया।
नई दिल्ली / शौर्यपथ / सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को नागरिकता निर्धारण, वाणिज्यिक मध्यस्थता (Arbitration) और वर्षों से लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे से जुड़े महत्वपूर्ण मामलों पर सुनवाई हुई। अदालत ने कई अहम कानूनी सिद्धांतों को स्पष्ट करते हुए न्यायिक प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया।
नागरिकता से जुड़े एक मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि फॉरेनर्स एक्ट, 1946 की धारा 9 के तहत भारतीय नागरिकता साबित करने का दायित्व संबंधित व्यक्ति पर होता है। हालांकि, अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी व्यक्ति को विदेशी घोषित करने जैसा गंभीर निर्णय बिना उचित जांच, पर्याप्त सुनवाई और निष्पक्ष प्रक्रिया अपनाए नहीं किया जा सकता। ट्रिब्यूनल को एकतरफा (एक्स-पार्टी) कार्रवाई से बचते हुए प्रत्येक मामले में तर्कसंगत और न्यायसंगत प्रक्रिया का पालन करना होगा।
मध्यस्थता (Arbitration) से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में सुप्रीम कोर्ट ने गुवाहाटी हाईकोर्ट के उस आदेश को निरस्त कर दिया, जिसमें गैर-हस्ताक्षरकर्ता कंपनियों के विरुद्ध मध्यस्थता कार्यवाही पर रोक लगाई गई थी। अदालत ने स्पष्ट किया कि मध्यस्थता न्यायाधिकरण (Tribunal) के क्षेत्राधिकार से संबंधित आदेशों को सीधे संविधान के अनुच्छेद 227 के तहत चुनौती नहीं दी जा सकती। ऐसे मामलों में अंतिम मध्यस्थता निर्णय आने के बाद ही उपयुक्त कानूनी उपाय अपनाए जा सकते हैं।
इसके अलावा, सर्वोच्च न्यायालय ने वर्षों से लंबित लगभग 800 पुराने सिविल और आपराधिक मामलों के शीघ्र निपटारे की दिशा में भी महत्वपूर्ण पहल की। इन मामलों की सुनवाई के लिए विशेष रोस्टर और विशेष पीठों (Special Benches) के गठन की प्रक्रिया पर चर्चा हुई, ताकि लंबित मामलों का तेजी से निस्तारण सुनिश्चित किया जा सके।
मानसून सत्र के चौथे दिन सदन में तीखी बहस और हंगामे के बीच 63 से अधिक ध्यानाकर्षण प्रस्तावों पर चर्चा हुई। कांग्रेस ने 1,000 से अधिक प्रश्नों के जरिए साय सरकार को कानून-व्यवस्था, किसानों, बिजली, खनन और प्रशासनिक मामलों पर घेरा।
रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के चौथे दिन सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। कानून-व्यवस्था, नवा रायपुर के नकटी गांव में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई, हसदेव अरण्य में पेड़ों की कटाई, अवैध उत्खनन, स्मार्ट बिजली मीटर और किसानों को खाद वितरण जैसे मुद्दों पर विपक्ष ने सरकार को घेरते हुए जवाब मांगा।
सदन में 63 से अधिक ध्यानाकर्षण प्रस्तावों पर चर्चा हुई, जबकि कांग्रेस ने 1,000 से अधिक प्रश्नों के माध्यम से विभिन्न जनहित के विषय उठाए। प्रश्नकाल के दौरान नवा रायपुर के सेवाग्राम से जुड़े वित्तीय और प्रशासनिक मामलों पर विधायक अजय चंद्राकर और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बीच तीखी बहस ने सदन का माहौल गर्मा दिया।
विपक्ष ने राज्य में बढ़ते अपराध, बिगड़ती कानून-व्यवस्था, अवैध रेत उत्खनन, हसदेव अरण्य में पेड़ों की कटाई तथा नकटी गांव में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर सरकार पर गंभीर सवाल उठाए। बस्तर क्षेत्र में फर्जी ग्राम सभाओं के आधार पर उद्योगों की स्थापना के आरोप भी सदन में गूंजे और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की गई।
किसानों से जुड़े मुद्दों में उर्वरक वितरण में कमी, सहकारी और निजी संस्थाओं द्वारा लक्ष्य के अनुरूप खाद उपलब्ध नहीं कराने तथा मछली पालन के पट्टा आवंटन की प्रक्रिया पर भी विस्तृत चर्चा हुई। वहीं, स्मार्ट बिजली मीटर योजना और बिजली आपूर्ति की पारदर्शिता को लेकर विपक्ष ने सरकार से जवाब तलब किया।
विधायी कार्यों के तहत सरकार ने कई महत्वपूर्ण संशोधन विधेयकों पर चर्चा आगे बढ़ाई। इनमें छत्तीसगढ़ जीएसटी (संशोधन) विधेयक-2026, वैट (संशोधन) विधेयक-2026, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस विधेयक-2026 तथा निजी विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक-2026 प्रमुख रहे। इन विधेयकों का उद्देश्य कर प्रणाली को सरल बनाना, निवेश और उद्योगों को बढ़ावा देना तथा उच्च शिक्षा क्षेत्र में आवश्यक सुधार करना बताया गया।
सदन के भीतर और बाहर राजनीतिक हलचल भी तेज रही। विपक्ष ने बढ़ते अपराध, कर्मचारियों की हड़ताल और विभिन्न प्रशासनिक मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की संभावनाओं पर भी चर्चा तेज कर दी।
रायपुर / शौर्यपथ / बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और गैर-कृषि आजीविका के नए अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। विकासखंड बलौदाबाजार के ग्राम लाहौद में स्व-सहायता समूह की 40 महिलाओं को धान एवं पैरा (पुआल) आर्ट का विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को धान और पैरा से आकर्षक हस्तशिल्प, 3डी चित्र, महापुरुषों तथा देवी-देवताओं के कलात्मक पोर्ट्रेट तैयार करने की तकनीक सिखाई गई। यह कला कृषि अवशेषों के उपयोग को बढ़ावा देने के साथ पर्यावरण संरक्षण का भी प्रभावी माध्यम बन रही है।
प्रशिक्षण पूर्ण होने पर जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) ने प्रतिभागी महिलाओं को प्रमाण-पत्र वितरित किए। उन्होंने महिलाओं द्वारा तैयार की गई कलाकृतियों का अवलोकन कर उनके कौशल की सराहना की और इस कला को स्वरोजगार का मजबूत माध्यम बनाने के लिए प्रोत्साहित किया।
जिला पंचायत के अनुसार, बिहान की पहल से जिले में गैर-कृषि आजीविका गतिविधियों को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी उद्देश्य से छत्तीसगढ़ महतारी संकुल संगठन, लाहौद के माध्यम से महिलाओं को यह प्रशिक्षण दिया गया, ताकि वे स्थानीय स्तर पर उपलब्ध पैरा और धान जैसे कृषि अवशेषों से उपयोगी एवं आकर्षक उत्पाद तैयार कर अतिरिक्त आय अर्जित कर सकें।
यह पहल न केवल महिलाओं की आय बढ़ाने में सहायक होगी, बल्कि कृषि अवशेषों के बेहतर उपयोग, पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण हस्तशिल्प को नई पहचान दिलाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
शिकायत दर्ज होते ही सक्रिय हुआ प्रशासन, समयबद्ध कार्रवाई से परिवार को मिला योजनाओं का लाभ
दुर्ग/शौर्यपथ। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित सीएम हेल्पलाइन 1076 प्रदेश के नागरिकों की समस्याओं के त्वरित, पारदर्शी और प्रभावी समाधान का भरोसेमंद माध्यम बनकर सामने आ रही है। दुर्ग जिले के पाटन विकासखंड के ग्राम ओरी निवासी अभिषेक चतुर्वेदी और उनके परिवार की कहानी इस व्यवस्था की प्रभावशीलता का प्रेरक उदाहरण है।
अभिषेक चतुर्वेदी अपनी पत्नी श्रीमती शीतल चतुर्वेदी के नाम से राशन कार्ड बनवाने के लिए लंबे समय से प्रयासरत थे। संबंधित विभाग में आवश्यक आवेदन प्रस्तुत करने के बावजूद विभिन्न कारणों से राशन कार्ड जारी नहीं हो पा रहा था। इसके कारण परिवार सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत मिलने वाले खाद्यान्न सहित अन्य शासकीय योजनाओं और सुविधाओं से वंचित था।
जब लगातार प्रयासों के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हुआ, तब अभिषेक चतुर्वेदी ने सीएम हेल्पलाइन 1076 पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत प्राप्त होते ही संबंधित विभाग ने मामले को प्राथमिकता से लेते हुए आवश्यक प्रक्रिया पूरी की और कुछ ही दिनों में आवेदन स्वीकृत कर श्रीमती शीतल चतुर्वेदी के नाम से राशन कार्ड जारी कर दिया।
राशन कार्ड मिलने के बाद चतुर्वेदी परिवार ने खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि उनकी समस्या का इतनी शीघ्र समाधान हो जाएगा। उन्होंने बताया कि सीएम हेल्पलाइन के माध्यम से उनकी शिकायत पर समयबद्ध कार्रवाई हुई और बिना किसी अतिरिक्त परेशानी के उन्हें आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध हो गया।
अभिषेक चतुर्वेदी और उनकी पत्नी शीतल चतुर्वेदी ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय तथा दुर्ग जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सीएम हेल्पलाइन 1076 आम नागरिकों के लिए वास्तव में उम्मीद की किरण बनकर उभरी है, जो लोगों की समस्याओं का त्वरित, पारदर्शी और प्रभावी समाधान सुनिश्चित कर रही है।
यह उदाहरण दर्शाता है कि शासन की शिकायत निवारण प्रणाली यदि संवेदनशीलता और समयबद्धता के साथ कार्य करे, तो आम नागरिकों को न केवल राहत मिलती है बल्कि शासन के प्रति उनका विश्वास भी मजबूत होता है।
कोतवाली हत्याकांड में लाइन अटैच की कार्रवाई का फिर हो रहा उल्लेख, विभागीय जांच के बीच अगले प्रशासनिक निर्णय पर निगाहें
दुर्ग, शौर्यपथ। कुंदरापारा में हुए चर्चित गैंगवार और लेखराम कोठारी हत्याकांड के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली प्रशासनिक समीक्षा के दायरे में आ गई है। नगर पुलिस अधीक्षक (सीएसपी) हर्षित मेहर(आईपीएस) ने पद्मनाभपुर थाना प्रभारी प्रमोद रूसिया को कर्तव्य निर्वहन में कथित लापरवाही के संबंध में कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नोटिस में घटना से पहले और बाद की पुलिस कार्रवाई से जुड़े कई बिंदुओं पर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
सीएसपी कार्यालय से जारी नोटिस के अनुसार, हत्या की सूचना समय पर वरिष्ठ अधिकारियों तक नहीं पहुंचाई गई। साथ ही, थाना प्रभारी के तत्काल घटनास्थल पर नहीं पहुंचने के कारण घटनास्थल का निरीक्षण और शव को मर्च्युरी भेजने जैसी प्रारंभिक कार्रवाई वरिष्ठ अधिकारियों को स्वयं करनी पड़ी। नोटिस में यह भी उल्लेख है कि गैंगवार के बाद अस्पताल ले जाए गए आरोपियों में से एक आरोपी लक्ष्मी चेलक पुलिस अभिरक्षा से फरार हो गया था, जिसे बाद में एसीसीयू टीम ने गिरफ्तार किया।
विभागीय नोटिस में सबसे महत्वपूर्ण बिंदु 12 जुलाई की सुबह करीब 4 बजे हुई प्रारंभिक हिंसक झड़प को माना गया है। उल्लेख किया गया है कि दोनों पक्ष थाना पहुंचे थे, लेकिन तत्काल गंभीर धाराओं में अपराध दर्ज करने के बजाय केवल प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई। विभाग का मानना है कि यदि उस समय उपलब्ध तथ्यों के आधार पर प्रभावी कानूनी कार्रवाई की जाती और वरिष्ठ अधिकारियों को समय पर जानकारी दी जाती, तो बाद में हुई गंभीर घटना की संभावना कम हो सकती थी। यह विभागीय जांच का विषय है।
इसी घटनाक्रम के बीच वर्ष 2025 के संतोष आचार्य हत्याकांड का मामला भी पुलिस महकमे में चर्चा का विषय बना हुआ है। उस समय सिटी कोतवाली थाना प्रभारी तापेश्वर सिंह नेताम को प्रशासनिक जवाबदेही तय करते हुए तत्काल प्रभाव से लाइन अटैच कर रक्षित केंद्र भेज दिया गया था। हालांकि, उसी मामले में कोतवाली पुलिस ने देर रात हुई घटना के चंद घंटो में ही 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था ।वही गिरफ्तारी के तीन से चार घंटो के भीतर ही कोतवाली प्रभारी के लाइन अटैच के आदेश तब शहर में चर्चा का विषय बना हुआ था . यहाँ यह बताना अत्यंत आवश्यक है कि गत नवरात्री में देर रात तक चली चुनरी यात्रा भी निर्विवाद रूप से सराहनीय चर्चा का विषय रही जिसके बाद तात्कालिक कोतवाली प्रभारी सहित नगर पुलिस अधीक्षक एवं जिले के कप्तान की आम जनता ने खुले मन से प्रशंसा की थी .
पुलिस विभाग के जानकारों का कहना है कि अलग-अलग मामलों में प्रशासनिक कार्रवाई संबंधित परिस्थितियों, उपलब्ध तथ्यों और विभागीय जांच के निष्कर्षों के आधार पर तय की जाती है। ऐसे में वर्तमान मामले में भी अंतिम निर्णय विभागीय जांच और वरिष्ठ अधिकारियों के परीक्षण के बाद ही लिया जाएगा।
फिलहाल पद्मनाभपुर थाना प्रभारी से कारण बताओ नोटिस का जवाब मांगा गया है। इसके बाद जांच प्रतिवेदन और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आगे की प्रशासनिक कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा। इस कारण पुलिस महकमे और शहरवासियों की निगाहें अब दुर्ग पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल के आगामी निर्णय पर टिकी हुई हैं।
नोट: समाचार लिखे जाने तक वर्तमान में पद्मनाभपुर थाना प्रभारी के विरुद्ध केवल कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। उनके विरुद्ध किसी अन्य प्रशासनिक कार्रवाई का निर्णय अभी विभागीय जांच पूर्ण होने के बाद ही लिया जाएगा।
रायपुर/दुर्ग, शौर्यपथ। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में दुर्ग जिले के अंजोरा स्थित दाऊ वासुदेव चंद्राकर कामधेनु विश्वविद्यालय में तकनीकी उपकरणों की खरीदी का मामला जोरदार ढंग से उठा। प्रश्नकाल के दौरान दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर ने खरीदी प्रक्रिया की पारदर्शिता, उपकरणों के मूल्य निर्धारण तथा क्रय समिति की कार्यप्रणाली पर सरकार से जवाब मांगा।
विधायक ललित चंद्राकर ने सदन में कहा कि विश्वविद्यालय की परियोजना सूची में क्रमांक 1 से 6 तक विभिन्न तकनीकी उपकरणों की कीमत समान दर्शाई गई है, जो प्रथम दृष्टया संदेह उत्पन्न करती है। उन्होंने सरकार से प्रत्येक उपकरण का वास्तविक क्रय मूल्य, उसकी वारंटी अवधि, तकनीकी विनिर्देश तथा संपूर्ण खरीद प्रक्रिया का विस्तृत विवरण सदन के पटल पर रखने की मांग की।
उन्होंने यह भी कहा कि पूर्व में दिए गए उत्तर से उन्हें संतोष नहीं मिला था, इसलिए इस बार पूरी जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए ताकि खरीदी प्रक्रिया की पारदर्शिता स्पष्ट हो सके।
इस पर पशुधन विकास मंत्री रामविचार नेताम ने जवाब देते हुए बताया कि वर्ष 2024 से 25 जून 2026 के बीच विश्वविद्यालय द्वारा कुल 9 तकनीकी उपकरणों की खरीदी की गई है। सभी खरीद सरकारी ई-मार्केटप्लेस (GeM) पोर्टल तथा राज्य शासन के निर्धारित वित्तीय एवं खरीद नियमों के अनुरूप की गई। उन्होंने कहा कि उपकरणों के चयन और खरीदी के लिए गठित क्रय समिति में तकनीकी विशेषज्ञों को शामिल किया गया था तथा पूरी प्रक्रिया नियमानुसार संपन्न हुई।
हालांकि, विधायक ललित चंद्राकर ने उपकरणों के मूल्य निर्धारण और समान कीमत दर्शाए जाने के बिंदु पर विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराने की मांग दोहराई।
गौरतलब है कि दाऊ वासुदेव चंद्राकर कामधेनु विश्वविद्यालय छत्तीसगढ़ का प्रमुख पशु चिकित्सा, डेयरी विज्ञान एवं पशुपालन शिक्षा संस्थान है। विधानसभा में मामला उठने के बाद विश्वविद्यालय में तकनीकी उपकरणों की खरीदी और उससे जुड़ी प्रक्रियाएं एक बार फिर सार्वजनिक चर्चा के केंद्र में आ गई हैं।
*मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ट्री एटीएम को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना*
*वन विभाग की अभिनव पहल से निःशुल्क पौधों का होगा वितरण, पर्यावरण संरक्षण का दिया जाएगा संदेश*
रायपुर / आमतौर पर एटीएम का नाम सुनते ही लोगों के मन में पैसे निकालने वाली मशीन की तस्वीर उभरती है, लेकिन जशपुर वन विभाग ने पर्यावरण संरक्षण को जन-जन का अभियान बनाने की दिशा में एक अभिनव पहल करते हुए 'ट्री एटीएम' की शुरुआत की है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बगिया हेलीपैड परिसर में इस अनूठे मोबाइल ट्री एटीएम को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह पहल आम नागरिकों तक पौधों की सहज उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण एवं जनजागरूकता को नई गति प्रदान करेगी।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर स्वयं ट्री एटीएम से आंवला का पौधा प्राप्त किया तथा उपस्थित लोगों को भी पौधों का वितरण किया। उन्होंने कहा कि यह मोबाइल ट्री एटीएम जिले के विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचकर आम नागरिकों को निःशुल्क पौधे उपलब्ध कराएगा। इससे अधिक से अधिक लोग पौधरोपण से जुड़ेंगे और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनभागीदारी को नया विस्तार मिलेगा।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जशपुर वन विभाग की इस अभिनव पहल की सराहना करते हुए कहा कि 'ट्री एटीएम' लोगों को सहज और सरल तरीके से पौधे उपलब्ध कराने का एक सराहनीय प्रयास है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में वर्षा ऋतु पौधरोपण के लिए सबसे उपयुक्त समय है। ऐसे समय में यह पहल लोगों को विभिन्न प्रजातियों के पौधे आसानी से उपलब्ध कराएगी, जिससे व्यापक स्तर पर पौधरोपण को बढ़ावा मिलेगा और पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों को नई मजबूती मिलेगी।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रारंभ किए गए 'एक पेड़ मां के नाम' महाअभियान ने पूरे देश में पर्यावरण संरक्षण के प्रति नई चेतना का संचार किया है। इसी अभियान से प्रेरणा लेकर छत्तीसगढ़ में भी व्यापक स्तर पर पौधरोपण किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है। यदि प्रत्येक व्यक्ति एक पौधा लगाकर उसके वृक्ष बनने तक उसकी देखभाल का संकल्प ले, तो आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, हरित और सुरक्षित पर्यावरण सुनिश्चित किया जा सकता है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अधिक से अधिक पौधरोपण कर 'एक पेड़ मां के नाम' महाअभियान से जुड़ने का आह्वान किया।
*'आज का पौधा, आने वाली पीढ़ियों की छांव' के संदेश के साथ शुरू हुई अनूठी पहल*
उल्लेखनीय है कि 'एक पेड़ मां के नाम' महाअभियान के अंतर्गत प्रारंभ किए गए ट्री एटीएम को 'आज का पौधा, आने वाली पीढ़ियों की छांव' के प्रेरक संदेश के साथ रवाना किया गया। इस अभिनव पहल के तहत केवल निःशुल्क पौधों का वितरण ही नहीं किया जाएगा, बल्कि पौधा प्राप्त करने वाले प्रत्येक व्यक्ति को पौधरोपण की वैज्ञानिक एवं सही विधि, नियमित देखभाल, संरक्षण तथा पौधे को वृक्ष बनने तक सुरक्षित रखने के उपायों की भी जानकारी दी जाएगी। इसका उद्देश्य केवल पौधे लगाना नहीं, बल्कि उनके संरक्षण और जीवित रहने की दर को बढ़ाना है, ताकि पर्यावरण संरक्षण का यह अभियान दीर्घकालिक और प्रभावी बन सके।
*छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड की पहल से पर्यटन उद्योग को मिलेगा नया आयाम, भ्रमण के दौरान सरगुजा की पर्यटन संभावनाओं पर हुई सार्थक चर्चा*
रायपुर। छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड द्वारा सरगुजा संभाग के पर्यटन को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने की दिशा में आयोजित फेम ट्रिप से एक दिन पूर्व अम्बिकापुर में विशेष होटल भ्रमण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य आमंत्रित टूर ऑपरेटर्स एवं ट्रैवल एजेंट्स को सरगुजा में उपलब्ध उत्कृष्ट आवासीय सुविधाओं, आतिथ्य परंपरा तथा पर्यटन के अनुकूल अधोसंरचना से परिचित कराना था, ताकि वे भविष्य में अधिक से अधिक पर्यटकों को इस क्षेत्र की ओर आकर्षित कर सकें।
कार्यक्रम के अंतर्गत देश के विभिन्न क्षेत्रों से आमंत्रित टूर ऑपरेटर्स एवं ट्रैवल एजेंट्स का होटल पर्पल आर्किड, अम्बिकापुर में पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ तिलक लगाकर एवं स्वागत पेय के माध्यम से आत्मीय स्वागत किया गया। स्वागत के पश्चात अतिथियों को होटल की आधुनिक आवासीय व्यवस्था, स्वादिष्ट भोजन की सुविधाएं, बैंक्वेट हॉल तथा अन्य अतिथि सेवाओं का विस्तृत निरीक्षण कराया गया। होटल प्रबंधन ने अपने आतिथ्य और सेवाओं के माध्यम से सरगुजा की मेहमाननवाजी की समृद्ध परंपरा से सभी को परिचित कराया।
दोपहर के भोजन के उपरांत सभी अतिथियों को अम्बिकापुर के प्रतिष्ठित होटल माखन विहार ले जाया गया, जहां होटल प्रबंधन ने उन्हें उपलब्ध आधुनिक सुविधाओं, आवासीय व्यवस्थाओं तथा अन्य सेवाओं का अवलोकन कराया। भ्रमण के दौरान अतिथियों ने होटल की गुणवत्ता, स्वच्छता और पर्यटकों के लिए उपलब्ध सुविधाओं की सराहना की।
होटल भ्रमण के बाद होटल संचालक द्वारा निशुल्क उच्च स्तरीय हाई-टी का आयोजन किया गया। इस दौरान सरगुजा संभाग के प्रमुख पर्यटन स्थलों, प्राकृतिक सौंदर्य, धार्मिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों, जनजातीय संस्कृति तथा पर्यटन विकास की संभावनाओं पर विस्तृत और सार्थक चर्चा हुई। टूर ऑपरेटर्स एवं ट्रैवल एजेंट्स ने क्षेत्र में पर्यटन विकास की व्यापक संभावनाओं पर अपने सुझाव भी साझा किए।
कार्यक्रम के अंत में सभी टूर ऑपरेटर्स एवं ट्रैवल एजेंट्स ने अम्बिकापुर के होटलों में उपलब्ध उत्कृष्ट सुविधाओं और आत्मीय आतिथ्य की सराहना करते हुए कहा कि सरगुजा संभाग प्रकृति, संस्कृति और विरासत का अनूठा संगम है तथा यहां पर्यटन की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रकार के परिचयात्मक भ्रमण से सरगुजा राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर और अधिक सशक्त रूप से उभरेगा तथा वे भविष्य में अधिक से अधिक देशी-विदेशी पर्यटकों को इस क्षेत्र की यात्रा के लिए प्रेरित करेंगे।
छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड की यह पहल सरगुजा संभाग को एक आकर्षक पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। ऐसे कार्यक्रम पर्यटन उद्योग, स्थानीय होटल व्यवसाय, रोजगार सृजन और क्षेत्रीय आर्थिक विकास को नई गति प्रदान करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
