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महिला स्वसहायता समूह से जुड़कर मिला आत्मनिर्भरता का अवसर
आरएफ-सीआईएफ और बैंक ऋण से शुरू किया चिकन स्टोर
रायपुर, / गांव की महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता केवल एक सपना नहीं, बल्कि सही अवसर, मार्गदर्शन और मेहनत के साथ हासिल की जा सकने वाली उपलब्धि है। मरवाही विकासखंड के ग्राम पंचायत मंझगवा की श्रीमती कमलेश यादव ने इसे अपनी मेहनत और लगन से साबित कर दिखाया है। कभी छोटे व्यवसाय को आगे बढ़ाने का सपना देखने वाली कमलेश आज अपनी मेहनत, हुनर और शासकीय योजनाओं से मिले सहयोग के बल पर ‘लखपति दीदी’ के रूप में नई पहचान बना रही हैं।
कमलेश यादव वंदना महिला स्वसहायता समूह से जुड़ीं और समूह की अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालते हुए आर्थिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए सक्रिय प्रयास शुरू किए। स्वसहायता समूह से जुड़ने के बाद उन्हें आरएफ (रिवॉल्विंग फंड), सीआईएफ (कम्युनिटी इन्वेस्टमेंट फंड) और बैंक ऋण के माध्यम से आर्थिक सहयोग प्राप्त हुआ। उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए कमलेश ने अपने गांव में चिकन स्टोर का व्यवसाय शुरू किया। व्यवसाय के संचालन के साथ उन्होंने अपनी आय बढ़ाने के लिए सिलाई कार्य को भी जारी रखा।
दो आय के साधनों से मजबूत हुई परिवार की आर्थिक स्थिति
कमलेश ने एक ही आय के साधन पर निर्भर रहने के बजाय अपने हुनर और उपलब्ध अवसरों का बेहतर उपयोग किया। चिकन स्टोर के व्यवसाय के साथ सिलाई कार्य से होने वाली आय ने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। निरंतर मेहनत, व्यवसाय के प्रति लगन और आय के विविध साधनों के कारण उनकी वार्षिक आय एक लाख रुपये से अधिक हो गई।
यह उपलब्धि कमलेश के लिए केवल आर्थिक सफलता नहीं, बल्कि उनके आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की नई शुरुआत भी है। आज वे अपने परिवार की आर्थिक जरूरतों में योगदान देने के साथ-साथ गांव की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन रही हैं।
समूह से जुड़ना बना बदलाव का महत्वपूर्ण पड़ाव
कमलेश यादव बताती हैं कि महिला स्वसहायता समूह से जुड़ना उनके जीवन में बदलाव का महत्वपूर्ण पड़ाव रहा। समूह के माध्यम से उन्हें आर्थिक सहयोग और आगे बढ़ने का अवसर मिला। उन्होंने उपलब्ध वित्तीय संसाधनों का उपयोग अपने व्यवसाय को खड़ा करने में किया और अपने हुनर को आय के साधन में बदलने का प्रयास किया।
उनका कहना है कि स्वसहायता समूह ने उन्हें केवल आर्थिक सहयोग ही नहीं दिया, बल्कि आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का अवसर भी दिया। आज अपनी मेहनत से अर्जित आय के कारण वे स्वयं को अधिक आत्मनिर्भर महसूस करती हैं और भविष्य में अपने व्यवसाय को और आगे बढ़ाने के लिए उत्साहित हैं।
सरकारी सहयोग से ग्रामीण महिलाओं को मिल रही नई उड़ान
ग्रामीण क्षेत्रों में महिला स्वसहायता समूह महिलाओं को संगठित कर उन्हें आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने और आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। समूहों के माध्यम से उपलब्ध वित्तीय संसाधनों, बैंक ऋण और आजीविका संबंधी अवसरों का लाभ लेकर महिलाएं छोटे-छोटे व्यवसाय शुरू कर रही हैं और उन्हें आगे बढ़ाकर अपनी आय में वृद्धि कर रही हैं।
कमलेश यादव की कहानी इसी बदलाव की एक प्रेरणादायी मिसाल है। उन्होंने सरकारी सहयोग को अपनी मेहनत और हुनर के साथ जोड़कर एक छोटे व्यवसाय को आय का स्थायी साधन बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि अवसर मिलने पर ग्रामीण महिलाएं अपनी मेहनत और प्रतिभा के बल पर परिवार की आर्थिक स्थिति बदलने के साथ-साथ आत्मनिर्भरता की नई पहचान भी बना सकती हैं।
‘लखपति दीदी’ बनकर दूसरी महिलाओं के लिए बनीं प्रेरणा
एक समय अपने छोटे व्यवसाय को आगे बढ़ाने का सपना देखने वाली कमलेश यादव आज एक सफल ग्रामीण महिला उद्यमी के रूप में अपनी पहचान बना रही हैं। उनकी वार्षिक आय एक लाख रुपये से अधिक होना उनके निरंतर प्रयासों का परिणाम है। ‘लखपति दीदी’ बनने के बाद उनका आत्मविश्वास बढ़ा है और वे गांव की अन्य महिलाओं को भी स्वसहायता समूहों से जुड़कर आर्थिक गतिविधियां शुरू करने के लिए प्रेरित कर रही हैं।
अपनी सफलता के लिए कमलेश यादव ने प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए मिल रहा सहयोग उनके जैसे अनेक परिवारों के लिए नई उम्मीद और बेहतर भविष्य का रास्ता तैयार कर रहा है।
कमलेश यादव की सफलता की कहानी यह बताती है कि जब महिला की मेहनत को समूह का साथ, शासन का सहयोग और अपने हुनर को आगे बढ़ाने का अवसर मिलता है, तो वह न केवल अपने परिवार की आर्थिक तस्वीर बदल सकती है, बल्कि पूरे समाज के लिए प्रेरणा बन सकती है।
रायपुर / शौर्यपथ / रक्षाबंधन के पावन अवसर पर कोपल वाणी के श्रवण बाधित दिव्यांग बच्चों तथा मिनी मार्वेल्स स्कूल के नन्हे-मुन्ने बच्चों ने आज लोक भवन पहुंचकर राज्यपाल श्री रमेन डेका को अपने हाथों से बनाई गई राखियां बांधीं। बच्चों ने रक्षा सूत्र बांधकर राज्यपाल के स्वस्थ, सुखी एवं दीर्घायु जीवन की कामना की और उन्हें अपने हाथों से तैयार की गई राखियों की विशेषता भी बताई। इसके बाद बच्चों ने राज्यपाल का मुंह मीठा कराया।
मासूम हाथों से बनाई गई राखियां जब राज्यपाल श्री डेका की कलाई पर सजीं तो रक्षाबंधन का यह अवसर आत्मीयता और भावनाओं से भर उठा। राज्यपाल ने बच्चों के स्नेह को सहर्ष स्वीकार करते हुए उन्हें आशीर्वाद दिया तथा उपहार भेंट कर उनका उत्साहवर्धन किया।
लोक भवन पहुंचकर बच्चों के चेहरे पर खुशी और उत्साह देखते ही बन रहा था। विशेष रूप से कोपल वाणी के दिव्यांग बच्चों के लिए यह अवसर सम्मान, आत्मविश्वास और गौरव से भरा रहा। अपने हाथों से राखियां तैयार कर उन्हें राज्यपाल की कलाई पर बांधना बच्चों की रचनात्मकता, कौशल और आत्मनिर्भरता का सुंदर उदाहरण रहा। इस अवसर ने यह संदेश भी दिया कि दिव्यांग बच्चे समाज की मुख्यधारा का अभिन्न हिस्सा हैं और उन्हें समान अवसर एवं प्रोत्साहन मिलना चाहिए।
राज्यपाल श्री डेका ने बच्चों की प्रतिभा और उत्साह की सराहना करते हुए कहा कि रक्षाबंधन प्रेम, स्नेह और पारस्परिक विश्वास का पर्व है। बच्चों का यह आत्मीय स्नेह मन को छू लेने वाला है। उन्होंने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि समाज को दिव्यांग बच्चों की प्रतिभा को प्रोत्साहित करने और उन्हें आगे बढ़ने के समान अवसर प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयास करना चाहिए।
इस अवसर पर कोपल वाणी की संस्थापिका श्रीमती पदमा शर्मा, श्रद्धा साहू एवं सोनिया दामनी उपस्थित रहीं। मिनी मार्वेल्स स्कूल की डायरेक्टर श्रीमती अनुभूति श्रीवास्तव सहित शिक्षकगण भी उपस्थित थे।
रायपुर / शौर्यपथ / बस्तर अंचल में महिला स्व-सहायता समूह की सदस्यों ने अपनी लगन और नवाचार के दम पर स्वरोजगार एवं उद्यमिता की एक प्रेरक मिसाल पेश की है। बस्तर वनमंडल (जिला यूनियन जगदलपुर) के अंतर्गत संचालित वन धन विकास केंद्र, बकावंड की धारणी करीन स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने स्थानीय वनोपज का मूल्य-संवर्धन करते हुए बस्तर के ऑर्गेनिक काजू और शुद्ध ऑर्गेनिक गुड़ के अनूठे मेल से बिना शक्कर की स्वास्थ्यवर्धक बस्तर काजू-कतली तैयार की है। वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने काजू-कतली के स्वाद और महिलाओं की उद्यमशील सोच की भूरि-भूरि प्रशंसा की।
ऋण से शुरुआत और नवाचार की सफलता
समूह की महिलाओं ने मुख्य वन संरक्षक कार्यालय जगदलपुर के रिवाल्विंग फण्ड से ऋण लेकर बाजार दर पर कच्चे काजू की खरीदी शुरू की थी। प्रसंस्करण के बाद इसे खुले बाजार में बेचकर लाभ कमाने के बाद महिलाओं ने नया प्रयोग करते हुए शक्कर-रहित काजू-कतली बनाई। आधा किलो और एक किलोग्राम की आकर्षक पैकेजिंग में तैयार इस मिठाई को बाजार में ग्राहकों का जबरदस्त प्रतिसाद मिल रहा है।
वन मंत्री से मुलाकात और आगामी योजना
स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने सर्किट हाउस जगदलपुर में प्रदेश के वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप से सौजन्य भेंट कर उन्हें प्रथम चरण में तैयार की गई बस्तर काजू-कतली भेंट की। महिलाओं ने बताया कि आगामी ऐतिहासिक बस्तर दशहरा और दीपावली के अवसर पर आम नागरिकों के लिए विभागीय आउटलेट श्संजीवनीश् के माध्यम से इसकी पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने काजू-कतली के स्वाद और महिलाओं की उद्यमशील सोच की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने मुख्य वन संरक्षक जगदलपुर सुश्री स्टाइलो मंडावी, मुख्य वन संरक्षक (वन्य प्राणी) श्री उत्तम कुमार गुप्ता और वनमंडलाधिकारी बस्तर श्री दीपेश कपिल को समूह को आवश्यकतानुसार हरसंभव विभागीय सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए।
आपदा के बीच छत्तीसगढ़ सरकार ने नागरिकों की सहायता के लिए बढ़ाए कदम
रायपुर / शौर्यपथ / नेपाल में आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन की आपदा के बीच छत्तीसगढ़ सरकार ने वहां मौजूद प्रदेश के नागरिकों की सुरक्षा और सहायता के लिए तत्परता से कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर राज्य सरकार प्रदेश के सभी जिलों से नेपाल गए नागरिकों की जानकारी एकत्रित कर स्थिति की लगातार निगरानी कर रही है।
रायपुर की मोनिका यादव लापता, तलाश जारी
प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार रायपुर जिले के महादेव घाट (थाना डी.डी. नगर) की निवासी सुश्री मोनिका यादव के नेपाल में बाढ़ के बाद से लापता होने की सूचना मिली है। वे 22 अगस्त 2026 से नेपाल प्रवास पर थीं और वर्तमान में परिजनों से उनका संपर्क टूट गया है। राज्य सरकार संबंधित अधिकारियों एवं केंद्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर उनकी सुरक्षित खोजबीन के प्रयास कर रही है।
सरकार की परिजनों से अपील और हेल्पलाइन नंबर जारी
संकट की इस घड़ी में छत्तीसगढ़ राज्य सरकार ने नागरिकों से सहयोग की अपील की है। सरकार का कहना है कि नेपाल गए या वहां रह रहे प्रदेश के नागरिकों के संबंध में यदि किसी के पास भी कोई जानकारी हो, तो उसे तुरंत प्रशासन से साझा करें।
सहायता और सूचना के लिए जारी हेल्पलाइन नंबर
टोल फ्री नंबर 1070, कंट्रोल रूम नंबर 0771-2223471 छत्तीसगढ़ सरकार ने आश्वस्त किया है कि वह प्रभावित नागरिकों और उनके परिजनों की मदद के लिए पूरी संवेदनशीलता के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर राज्य सरकार नेपाल में प्रभावित छत्तीसगढ़ के नागरिकों के संबंध में लगातार जानकारी जुटा रही है तथा उनके परिजनों को आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने के लिए तत्पर है।
“राखी के धागे में विश्वास अपार, बहनों के साथ विष्णु भैया की सरकार।”
महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त से मिली 1,000 रुपए की राशि, राखी-मिठाई की खरीदारी से आसान हुई त्योहार की तैयारियां
रायपुर / शौर्यपथ / भाई-बहन के अटूट प्रेम, स्नेह और विश्वास का पर्व रक्षाबंधन इस बार सरगुजा जिले की महिलाओं के लिए आर्थिक संबल की नई खुशी लेकर आया है। महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त की राशि त्योहार से पहले मिलने से महिलाओं को रक्षाबंधन की तैयारियां करने में सहूलियत मिली है। लखनपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत पुहपुटरा निवासी श्रीमती कुसुम शुक्ला के लिए भी समय पर मिली यह राशि त्योहार की खुशियों को दोगुना करने वाली साबित हुई है।
कुसुम शुक्ला ने बताया कि महतारी वंदन योजना के तहत मिलने वाली राशि से वे अपने भाइयों के लिए राखी और मिठाई खरीद रही हैं। रक्षाबंधन से पहले राशि मिलने से इस बार वे बिना किसी अतिरिक्त आर्थिक चिंता के अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधने और परिवार के साथ पर्व मनाने की तैयारी कर पा रही हैं।
रक्षाबंधन से पहले मिला संबल, चेहरे पर आई खुशी
कुसुम शुक्ला ने कहा कि महतारी वंदन योजना की राशि समय पर मिलने से उन्हें बहुत खुशी हुई है। उन्होंने कहा, “राखी बांधने से पहले राशि मिल गई है। इससे राखी और मिठाई लेने में मदद मिलेगी। मैं बहुत खुश हूं। दीदी-बहनों की तरफ से विष्णु भैया को बहुत-बहुत बधाई और शुभकामनाएं।” उन्होंने बताया कि नियमित रूप से मिलने वाली आर्थिक सहायता से महिलाओं को अपनी छोटी-बड़ी जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलती है। त्योहारों के अवसर पर इस राशि का महत्व और बढ़ जाता है, क्योंकि महिलाएं अपनी पसंद और जरूरत के अनुसार खरीदारी कर परिवार की खुशियों में सहभागी बन पाती हैं।
महिलाओं के आर्थिक आत्मविश्वास को मिल रहा बल
महतारी वंदन योजना महिलाओं के लिए नियमित आर्थिक संबल का माध्यम बन रही है। योजना की सहायता राशि से महिलाएं घरेलू आवश्यकताओं की पूर्ति के साथ बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, बचत और पारिवारिक आयोजनों में भी आर्थिक योगदान दे पा रही हैं।
कुसुम शुक्ला की कहानी इसी बदलाव की एक तस्वीर है। उनके लिए योजना की राशि केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि भाई-बहन के प्रेम के पर्व को खुशी और आत्मविश्वास के साथ मनाने का अवसर भी है। समय पर मिली राशि ने उन्हें राखी और मिठाई की खरीदारी करने में मदद दी और त्योहार की तैयारियों को सहज बनाया।
विष्णु भैया के प्रति जताया आभार
कुसुम शुक्ला ने रक्षाबंधन से पहले महतारी वंदन योजना की राशि मिलने पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि योजना के माध्यम से महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता मिल रही है, जिससे वे अपनी जरूरतों को पूरा करने के साथ परिवार और त्योहारों की खुशियों में भी अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर पा रही हैं।
कुसुम के लिए इस बार रक्षाबंधन का पर्व सिर्फ राखी और मिठाई की खरीदारी तक सीमित नहीं है। महतारी वंदन की राशि ने उनके भीतर यह विश्वास भी मजबूत किया है कि वे अपनी छोटी-छोटी खुशियों और पारिवारिक जिम्मेदारियों में आर्थिक रूप से अपना योगदान दे सकती हैं।
राखी के धागे में भाई-बहन के प्रेम के साथ आर्थिक संबल का विश्वास जुड़ गया है। महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त ने कुसुम शुक्ला जैसी महिलाओं के लिए रक्षाबंधन की तैयारियों को आसान बनाया है और त्योहार की खुशियों को नई आत्मीयता दी है।
विष्णु भैया की सौगात से सजा रक्षाबंधन, खाते में पहुंची राशि से बढ़ी त्योहार की खुशियां
रायपुर / शौर्यपथ / रक्षाबंधन का पर्व भाई-बहन के स्नेह, विश्वास और अपनत्व का प्रतीक है। इस बार जांजगीर-चांपा जिले के नवागढ़ विकासखंड के ग्राम खोखरा निवासी श्रीमती सुवासिनी सूर्यवंशी के लिए यह पर्व एक विशेष खुशी लेकर आया। महतारी वंदन योजना के तहत खाते में पहुंची 1,000 रुपये की राशि ने उनके लिए त्योहार की खुशियों को और बढ़ा दिया। सुवासिनी इसे मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की ओर से बहनों के लिए मिले भाई के उपहार के रूप में देखती हैं।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से महतारी वंदन योजना संचालित की जा रही है। योजना के तहत पात्र महिलाओं को प्रतिमाह 1,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। नियमित रूप से मिलने वाली यह राशि महिलाओं की व्यक्तिगत और घरेलू जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण सहारा बन रही है।
श्रीमती सुवासिनी सूर्यवंशी के लिए महतारी वंदन योजना केवल आर्थिक सहायता का माध्यम नहीं, बल्कि हर महीने मिलने वाली नई उम्मीद और आत्मविश्वास का आधार बन गई है। वे बताती हैं कि योजना से मिलने वाली राशि का वे सोच-समझकर उपयोग करती हैं। घर की आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ वे कुछ राशि बचाकर भविष्य की बड़ी जरूरतों के लिए भी सुरक्षित रखती हैं।
रक्षाबंधन से पहले खाते में 1,000 रुपये की राशि पहुंचने से उनकी खुशी दोगुनी हो गई। उन्होंने कहा, “इस बार रक्षाबंधन के पहले ही विष्णु भैया ने हमारे खाते में एक हजार रुपये भेजकर त्योहार की खुशी और बढ़ा दी। अब इन पैसों से अपने लिए साड़ी और राखी खरीदेंगे। हमारे लिए यह रक्षाबंधन पर भाई की ओर से मिला उपहार है।”
सुवासिनी बताती हैं कि नियमित आर्थिक सहायता मिलने से उन्हें अपनी छोटी-बड़ी जरूरतों के लिए दूसरों पर निर्भरता कम हुई है। वे अपनी आवश्यकताओं को लेकर स्वयं निर्णय ले पा रही हैं और परिवार की जरूरतों में भी योगदान कर रही हैं। उनके लिए यह राशि आत्मनिर्भरता की दिशा में एक छोटा, लेकिन महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने महतारी वंदन योजना के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि योजना से मिलने वाली सहायता ने उनके जैसे परिवारों को आर्थिक सहारा दिया है। “रक्षाबंधन के समय मिली यह राशि हमारे लिए बहुत खास है। इससे त्योहार की खुशी बढ़ी है और यह एहसास भी हुआ है कि विष्णु भैया अपनी बहनों के साथ खड़े हैं।”
महतारी वंदन योजना के माध्यम से प्रदेश की महिलाओं को नियमित आर्थिक संबल मिलने के साथ उनमें आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की भावना मजबूत हो रही है। सुवासिनी सूर्यवंशी की कहानी इस बात की मिसाल है कि आर्थिक सहायता का छोटा-सा संबल भी महिलाओं के जीवन में बड़ी खुशियां और भविष्य के लिए नया भरोसा ला सकता है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू एवं सतीश चंद्र दुबे सहित केंद्र एवं राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी होंगे शामिल
1 सितंबर को नीलाम किए गए प्रमुख खनिज ब्लॉक्स के संचालन की होगी समीक्षा, माइन विजिट भी प्रस्तावित
रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ में खनिज क्षेत्र में निवेश, अन्वेषण और महत्वपूर्ण खनिज संसाधनों के विकास को बढ़ावा देने की दिशा में 31 अगस्त को नवा रायपुर स्थित मेफेयर लेक रिजॉर्ट में क्रिटिकल एवं स्ट्रेटेजिक मिनरल ब्लॉक्स की नीलामी की 8वीं किश्त को लेकर रोड शो आयोजित किया जाएगा। भारत सरकार के खान मंत्रालय द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू एवं श्री सतीश चंद्र दुबे, सीएमडीसी अध्यक्ष श्री सौरभ सिंह सहित केंद्र एवं राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, खनन क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञ और उद्योग प्रतिनिधि शामिल होंगे।
केंद्र सरकार द्वारा क्रिटिकल एवं स्ट्रेटेजिक मिनरल्स की 8वीं किश्त में 20 खनिज ब्लॉक्स को नीलामी के लिए शामिल किया गया है। इनमें 3 माइनिंग लीज और 17 कंपोजिट लाइसेंस ब्लॉक्स हैं। इन ब्लॉक्स में ग्रेफाइट, रेयर अर्थ एलिमेंट्स, रेयर मेटल्स, वैनेडियम, गैलियम, टाइटेनियम, मोलिब्डेनम, टंगस्टन सहित अन्य महत्वपूर्ण खनिज शामिल हैं। इन खनिजों की उपलब्धता बढ़ाना देश की खनिज सुरक्षा और रणनीतिक जरूरतों की दृष्टि से महत्वपूर्ण है।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सुबह 10:30 बजे पंजीयन एवं चाय के साथ कार्यक्रम की शुरुआत होगी। दोपहर 12 बजे मुख्य अतिथि के आगमन एवं दीप प्रज्ज्वलन के बाद वंदे मातरम् एवं राष्ट्रगान होगा। इसके पश्चात छत्तीसगढ़ शासन के खनिज संसाधन विभाग के सचिव स्वागत उद्बोधन देंगे। कार्यक्रम में खान मंत्रालय, भारत सरकार के संयुक्त सचिव, छत्तीसगढ़ शासन के मुख्य सचिव तथा सीएमडीसी के अध्यक्ष भी संबोधित करेंगे। केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू एवं कोयला और खान मंत्रालय के राज्य मंत्री श्री सतीश चंद्र दुबे के संबोधन के बाद मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय कार्यक्रम को संबोधित करेंगे।
टिन पोर्टल और ई-रेत सांगवारी पोर्टल का होगा शुभारंभ
रोड शो के दौरान संचालक, भूविज्ञान एवं खनन विभाग द्वारा खनिज क्षेत्र से संबंधित विभिन्न विषयों पर प्रस्तुतीकरण दिया जाएगा। इस अवसर पर टिन पोर्टल एवं ई-रेत सांगवारी पोर्टल का शुभारंभ किया जाएगा। साथ ही कोरन्डम कटिंग-पॉलिशिंग के प्रशिक्षण के लिए पीटीआरएसयू के साथ एमओयू का आदान-प्रदान होगा। कार्यक्रम में माइनर मिनरल्स पर प्रकाशित पुस्तक का विमोचन तथा तीन लाइमस्टोन माइनिंग लीज ब्लॉक्स के लिए एनआईटी जारी करने की प्रक्रिया भी प्रस्तावित है।
तकनीकी सत्र में नीलामी प्रक्रिया और खनिज ब्लॉक्स पर होगी चर्चा
दोपहर 2 बजे से तकनीकी सत्र आयोजित किया जाएगा। इसमें एमईसीएल द्वारा ट्रेंच-VIII के तहत नीलामी के लिए रखे गए खनिज ब्लॉक्स पर प्रस्तुतीकरण दिया जाएगा। एसबीआई कैप्स द्वारा मिनरल ऑक्शन प्रोसेस एवं टेंडर डॉक्यूमेंट तथा एमएसटीसी द्वारा मिनरल ई-ऑक्शन प्रक्रिया की जानकारी दी जाएगी।
इसके अलावा कंपोजिट लाइसेंस धारकों के लिए अन्वेषण व्यय की आंशिक प्रतिपूर्ति से संबंधित एनएमईडीटी योजना पर भी प्रस्तुतीकरण होगा। तकनीकी सत्र के बाद ओपन हाउस डिस्कशन आयोजित किया जाएगा, जिसमें खनिज ब्लॉक्स की संभावनाओं, नीलामी प्रक्रिया, निवेश के अवसर और खनन क्षेत्र में निजी भागीदारी से जुड़े विषयों पर चर्चा होगी। खान मंत्रालय के निदेशक द्वारा आभार प्रदर्शन के साथ रोड शो का समापन होगा।
नीलाम खनिज ब्लॉक्स के संचालन की होगी समीक्षा
रोड शो के बाद मेफेयर लेक रिजॉर्ट, नवा रायपुर में समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी। नीलाम किए गए प्रमुख खनिज ब्लॉक्स के ऑपरेशनलाइजेशन और उनके संचालन की प्रगति की समीक्षा की जाएगी। इसके बाद माइन विजिट प्रस्तावित है।
रोड शो और समीक्षा बैठक के माध्यम से महत्वपूर्ण एवं रणनीतिक खनिजों के अन्वेषण, नीलामी और खनन को गति देने के साथ केंद्र एवं राज्य सरकार, उद्योग जगत और अन्य हितधारकों के बीच समन्वय को मजबूत किया जाएगा। इससे छत्तीसगढ़ में खनिज क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं को बढ़ावा देने और महत्वपूर्ण खनिज संसाधनों के प्रभावी दोहन की दिशा में नए अवसर विकसित होने की उम्मीद है।
रायुपर / /बिलासपुर जिले के मस्तूरी विकासखंड के ग्राम ओखर स्थित गौधाम में पशुओं की मृत्यु के मामले में पशु चिकित्सा विभाग ने अपनी जांच रिपोर्ट बिलासपुर कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल को सौंप दी है। जांच प्रतिवेदन के अनुसार, गौधाम में पिछले तीन दिनों के दौरान कुल 6 पशुओं की मृत्यु हुई है, जिनमें से 4 की मौत वृद्धावस्था के कारण और 2 की मृत्यु अन्य कारणों से हुई है।
कलेक्टर के निर्देश पर टीम ने किया निरीक्षण
मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने तत्काल वस्तुस्थिति की जांच के आदेश दिए थे। इसके बाद संयुक्त संचालक (पशु चिकित्सा सेवाएं) डॉ. गोपाल शरण सिंह के नेतृत्व में डॉक्टरों की टीम ने ओखर स्थित गौधाम का मैदानी निरीक्षण किया। टीम ने मृत पशुओं का पोस्टमार्टम किया और मौके का जायजा लेकर विस्तृत प्रतिवेदन तैयार किया।
जलभराव और सुरक्षा उपाय
जांच रिपोर्ट में यह बात सामने आई कि हाल ही में हुई अत्यधिक बारिश के कारण गौधाम परिसर में जलभराव की स्थिति निर्मित हो गई थी। गौधाम में 21 अगस्त 2026 को पशुओं को विस्थापित किया गया था और वर्तमान में वहां ग्राम पंचायत ओखर के लगभग 300 पशु मौजूद हैं।
सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने का निर्णय
पशुओं की सुरक्षा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए, ग्राम पंचायत ओखर के सरपंच की सहमति से गौधाम के सभी 300 पशुओं को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करने और उन्हें चराने के लिए बाहर ले जाने के निर्देश दिए गए हैं। जिला प्रशासन द्वारा पशुओं के स्वास्थ्य पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
पीयूष गोयल ने पेश की चार स्तंभों वाली रूपरेखा, करीब 40 प्रमुख जापानी कंपनियां शामिल; ्रढ्ढ, सेमीकंडक्टर, रक्षा और डीप-टेक में निवेश पर जोर
टोक्यो/नई दिल्ली( पीआईबी )
भारत और जापान ने स्टार्टअप, डीप-टेक, नवाचार और एमएसएमई के क्षेत्र में सहयोग को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई है। टोक्यो में आयोजित भारत-जापान स्टार्टअप गोलमेज सम्मेलन में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भारत के तेजी से बढ़ते स्टार्टअप इकोसिस्टम की क्षमता को जापानी तकनीक, निवेश और विनिर्माण विशेषज्ञता के साथ जोडऩे पर जोर दिया। सम्मेलन में करीब 40 प्रमुख जापानी कंपनियों के प्रतिनिधियों सहित निवेशक, उद्योग जगत के दिग्गज, स्टार्टअप और दोनों देशों के वरिष्ठ सरकारी अधिकारी शामिल हुए। केन्द्रीय मंत्री गोयल ने कहा कि भारत अब दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है और पिछले एक दशक में करीब 2.50 लाख स्टार्टअप शुरू हुए हैं। उन्होंने भारत के विशाल घरेलू बाजार, स्ञ्जश्वरू क्षेत्र में उपलब्ध कुशल प्रतिभा, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और तेजी से विकसित हो रहे नवाचार तंत्र को जापानी कंपनियों के लिए निवेश एवं तकनीकी साझेदारी का बड़ा अवसर बताया।
सहयोग के लिए चार स्तंभों की रूपरेखा
केंद्रीय मंत्री ने भारत-जापान स्टार्टअप सहयोग के अगले चरण के लिए चार प्रमुख स्तंभों वाली रूपरेखा सामने रखी। इसमें जापान-भारत डीप-टेक कैपिटल कॉरिडोर, दोनों देशों के विश्वविद्यालयों, इनक्यूबेटरों, क्र&ष्ठ संस्थानों, प्रयोगशालाओं और परीक्षण सुविधाओं को जोडऩे वाला द्विपक्षीय इनोवेशन ब्रिज, भारत की विनिर्माण क्षमता और इंजीनियरिंग प्रतिभा को जापान की सटीक इंजीनियरिंग एवं तकनीकी क्षमता से जोडऩा तथा भारतीय संस्थापकों, जापानी कंपनियों और निवेशकों के बीच नियमित संवाद के लिए संयुक्त स्टार्टअप पिचिंग प्लेटफॉर्म शामिल हैं। गोयल ने भारत सरकार के करीब 1 अरब अमेरिकी डॉलर के प्रस्तावित दूसरे 'फंड ऑफ फंड्सÓ का भी उल्लेख किया, जिसका उद्देश्य डीप-टेक कंपनियों को समर्थन देना है। उन्होंने जापानी निवेशकों से इस फंड में अधिक भागीदारी का आह्वान किया।
65 भारतीय स्टार्टअप्स को 100 जापानी कंपनियों से जोड़ा
भारत में जापान की राजदूत नगमा मोहम्मद मलिक ने दोनों देशों के बीच बढ़ते स्टार्टअप सहयोग पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि इंडिया-जापान पिचिंग सीरीज के माध्यम से अब तक 65 भारतीय स्टार्टअप्स को करीब 100 जापानी कंपनियों से जोड़ा जा चुका है और इससे 30 से अधिक व्यावसायिक साझेदारियां विकसित हुई हैं। 222 सदस्यीय भारतीय व्यापार प्रतिनिधिमंडल की भागीदारी को भी दोनों देशों के नवाचार इकोसिस्टम के बीच दीर्घकालिक साझेदारी के लिए महत्वपूर्ण बताया गया।
्रढ्ढ से अंतरिक्ष और सेमीकंडक्टर तक निवेश की संभावनाएं
संयुक्त उद्यम पूंजी निवेशकों ने भविष्य के भारत-जापान निवेश सहयोग के लिए ्रढ्ढ, सेमीकंडक्टर, स्वास्थ्य सेवा, अंतरिक्ष, रक्षा, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग और डीप-टेक जैसे क्षेत्रों को प्रमुखता दी। चर्चा में यह भी सामने आया कि भारत का स्टार्टअप इकोसिस्टम अब केवल इंटरनेट और सॉफ्टवेयर आधारित कारोबार तक सीमित नहीं है, बल्कि तेजी से विनिर्माण और प्रौद्योगिकी आधारित उद्यमों की ओर बढ़ रहा है।
भारतीय स्टार्टअप्स ने एयरोस्पेस एवं रक्षा, ड्रोन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्वास्थ्य सेवा, कृत्रिम अंग, रोबोटिक्स, वेयरहाउस ऑटोमेशन, मोबिलिटी और डिजिटल हेल्थ जैसे क्षेत्रों में अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन किया। कंपनियों ने जापानी भागीदारों के साथ तकनीकी सत्यापन, सटीक विनिर्माण, निवेश, बाजार पहुंच और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में शामिल होने की संभावनाओं पर चर्चा की।
भारत की प्रतिभा और जापान की तकनीक का मेल
छ्वढ्ढष्ट्र के वरिष्ठ उपाध्यक्ष शोहेई हारा ने भारत और जापान की पूरक क्षमताओं पर जोर दिया। जापानी पक्ष ने भारत के बड़े बाजार और स्टार्टअप इकोसिस्टम में मौजूद अवसरों के प्रति रुचि दिखाई। छ्वढ्ढष्ट्र ने जापानी स्टार्टअप्स को भारतीय बाजार के अवसरों से अधिक से अधिक जोडऩे की इच्छा भी जताई।
सम्मेलन में टोक्यो मेट्रोपॉलिटन सरकार और छ्वश्वञ्जक्रह्र के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी भाग लिया। उद्योग प्रतिनिधियों ने स्टार्टअप और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं के साथ एमएसएमई को जोडऩे तथा भारत में विनिर्माण और विस्तार की इच्छुक कंपनियों के लिए प्लग-एंड-प्ले इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने की जरूरत बताई।
गोलमेज सम्मेलन में इस बात पर जोर रहा कि भारत की प्रतिभा, डिजिटल क्षमता, विशाल बाजार और उद्यमशीलता को जापान की उन्नत तकनीक, दीर्घकालिक पूंजी, सटीक इंजीनियरिंग और विनिर्माण उत्कृष्टता के साथ जोड़कर विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी उद्यम विकसित किए जा सकते हैं। बैठक का समापन भारत-जापान स्टार्टअप सहयोग को नियमित निवेश संवाद, सह-निवेश, तकनीकी साझेदारी तथा विश्वविद्यालयों, अनुसंधान संस्थानों, इनक्यूबेटरों और उद्योगों के बीच मजबूत संस्थागत संबंधों के माध्यम से नई ऊंचाई देने के संकल्प के साथ हुआ।
बाढ़-भूस्खलन में जनहानि पर मुख्यमंत्री ने व्यक्त की संवेदना, कहा—संकट की घड़ी में हर नागरिक के साथ खड़ी है राज्य सरकार
रायपुर / शौर्यपथ / नेपाल में भीषण बाढ़ एवं भूस्खलन से हुई जनहानि पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने दिवंगत लोगों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए कहा कि इस कठिन आपदा की घड़ी में पूरा भारत एकजुटता के साथ नेपाल के पीडि़तों के साथ खड़ा है। मुख्यमंत्री ने भगवान पशुपतिनाथ से दिवंगत आत्माओं की शांति, शोकाकुल परिवारों को इस अपार दु:ख को सहने की शक्ति देने तथा लापता लोगों के सकुशल होने की प्रार्थना की।
नेपाल में फंसे छत्तीसगढ़वासियों के लिए हेल्पलाइन
नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन के कारण फंसे छत्तीसगढ़ के नागरिकों की सहायता एवं सुरक्षित वापसी के लिए राज्य सरकार ने हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। मुख्यमंत्री साय के निर्देश पर राज्य प्रशासन प्रभावित नागरिकों और उनके परिजनों से समन्वय कर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने में जुटा है।
प्रदेश के नागरिक अथवा उनके परिजन सहायता और आवश्यक जानकारी के लिए आपदा प्रबंधन हेल्पलाइन 1070 तथा दूरभाष +91-771-2223471 पर संपर्क कर सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि संकट की इस घड़ी में राज्य सरकार अपने प्रत्येक नागरिक के साथ खड़ी है। नेपाल में फंसे छत्तीसगढ़वासियों की सुरक्षित वापसी और उन्हें हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए सरकार पूरी तत्परता से कार्य कर रही है।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
