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नई दिल्ली/ शौर्यपथ /गिरते जीडीपी ग्रोथ और कोरोनावायरस के मामलों में कोई राहत मिलने की स्थिति को लेकर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी हर रोज आंकड़ों के हवाले से केंद्र की मोदी सरकार पर हमले बोल रहे हैं. पिछले हफ्ते इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड की ओर से जीडीपी ग्रोथ के अनुमान को लेकर जारी आंकड़ों को लेकर राहुल गांधी लगातार मोदी सरकार की आलोचना कर रहे हैं. उनका आरोप है कि सरकार की अक्षम नीतियों ने दोनों ही स्थितियों में देश की हालत खराब की है.
राहुल ने सोमवार को एक ट्वीट में IMF के आंकड़ों को लेकर फिर सरकार पर हमला किया. इसमें कई देशों की 2020 की जीडीपी ग्रोथ और उसकी तुलना में कोविड-19 से हुई मौतों का आंकड़ा दिखाया गया है. राहुल ने अपने ट्वीट में लिखा, 'कैसे किसी अर्थव्यवस्था को बहुत तेजी के साथ बर्बाद करें और कोविड से ज्यादा से ज्यादा लोगों को संक्रमित करें.'
इस लिस्ट में बांग्लादेश 3.8% जीडीपी ग्रोथ और प्रति मिलियन पर 34 कोविड मौतों के साथ सबसे ऊपर है. वहीं भारत -10.3% जीडीपी ग्रोथ और 83 कोविड मौतों के साथ सबसे नीचे दिखाया गया है. IMF की इस रिपोर्ट में कहा गया था कि इस वित्तीय वर्ष में भारत के जीडीपी ग्रोथ में 10 फीसदी गिरावट का अनुमान तो जताया ही गया है, यह भी कहा गया है कि भारत की वृद्धि बांग्लादेश से भी कम रहने वाली है.
पिछले हफ्ते भी राहुल ने इसे लेकर केंद्र पर हमला बोला था. उन्होंने शुक्रवार को एक और चार्ट शेयर किया था, जिसमें कहा गया था कि अगले वित्त वर्ष में अफगानिस्तान के जीडीपी में 5 फीसदी और पाकिस्तान की जीडीपी में महज .40 फीसदी की गिरावट देखने को मिलेगी. राहुल ने ट्वीट में लिखा था, 'बीजेपी सरकार की एक और जबरदस्त उपलब्धि. पाकिस्तान और अफगानिस्तान ने भी हमसे बेहतर तरीके से कोविड को हैंडल किया.'
बता दें कि पिछले हफ्ते IMF- वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक ने अपनी रिपोर्ट जारी कर कहा था कि भारत दक्षिण एशिया में तीसरा सबसे गरीब देश बनने की ओर बढ़ रहा है. वहीं रिपोर्ट के मुताबिक, कुल जीडीपी के अनुमान के मामले में भारत से पीछे बस पाकिस्तान और नेपाल ही हैं, वहीं बांग्लादेश, भूटान, श्रीलंका और मालदीव जैसे देश भारत से आगे हैं. इसे लेकर विपक्षी पार्टी कांग्रेस लगातार मोदी सरकार पर हमलावर बनी हुई है.
नई दिल्ली / शौर्यपथ / फरीदाबाद में जीजा की पीट पीटकर बेरहमी से हत्या करने वाले आरोपी साले इमरान को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. साले ने जीजा के सिर में ईंट मार-मारकर उसकी हत्या की थी. पुलिस से बचने के लिए आरोपी अपना घर छोड़कर रेलवे प्लेटफार्म व पुल के नीचे छिपकर रह रहा था. क्राइम ब्रांच ने आरोपी को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया.
फरीदाबाद पुलिस की क्राइम ब्रांच DLF ने रविवार को अपने जीजा की हत्या के मामले में आरोपी इमरान खान को गिरफ्तार किया. पुलिस ने बताया कि आरोपी इमरान खान सीही गांव, फरीदाबाद का रहने वाला है जो करीब 6 साल पहले सीही गांव से अपनी सारी सम्पति बेचकर गाजियाबाद रहने चला गया था. वह करीब एक महीने पहले वापस डबुआ कॉलोनी फरीदाबाद में अपनी बहन और जीजा के पास रहने के लिए आया था.
आरोपी इमरान का जीजा लियाकत कारपेंटर का काम करता था परन्तु आमदनी बहुत कम थी. आरोपी और उसके जीजा का किसी बात को लेकर आपस में झगड़ा हो गया. लियाकत ने आरोपी इमरान को गालियां दीं और उस पर हाथ भी उठाया. इसके पश्चात आरोपी अपने जीजा से रंजिश रखने लगा.
पांच अक्टूबर की सुबह आरोपी इमरान काम की तलाश में लेबर चौक पर चला गया. उसके पीछे-पीछे उसका जीजा लियाकत भी लेबर चौक पर पहुंच गया और वहां पर दोनों में झगड़ा हो गया जो बाद में मारपीट में बदल गया. मारपीट के बाद इमरान लियाकत के घर आ गया. वह शाम को घर से बाहर गया तो लियाकत उसे डबुआ कॉलोनी में मणी की टाल पर मिल गया. वहां उसने लियाकत को पीटा और उसे पीटते हुए मोहन डेरी पर ले गया. वहां से फिर वह उसको उत्तम नगर में शमशान घाट के पीछे खाली मैदान में ले गया. वहां पर इमरान ने लियाकत के सिर में ईंट से 5-6 बार वार किए जिससे उसकी मौत हो गई. हत्या करने के बाद इमरान वहां से फरार हो गया.
आरोपी पर थाना डबुआ में मुकदमा दर्ज कर लिया गया. क्राइम ब्रांच ने तहकीकात करते हुए इमरान की तलाश आरम्भ कर दी. इमरान के पुराने फ़ोटो को काफ़ी लोगों को दिखाकर पूछताछ की गई. जब ओल्ड फरीदाबाद में लेबर चौक पर मौजूद लोगों को फोटो दिखाया गया तो पता चला कि वह यहां पर मजदूरी का काम करता है. रविवार को जब आरोपी सुबह काम करने के लिए लेबर चौक पर आया तो क्राइम ब्रांच ने उसे गिरफ्तार कर लिया.
आरोपी को गिरफ्तार करके एक दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया. उससे वारदात में प्रयोग खून से सने कपड़े व ईंट बरामद की गई. आरोपी को आज अदालत में पेश करके जेल भेज दिया गया.
नई दिल्ली / शौर्यपथ / राष्ट्रीय महिला आयोग ने मध्य प्रदेश सरकार की मंत्री इमरती देवी के खिलाफ पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ की ओर से कथित तौर पर ‘आइटम‘ वाली टिप्प्णी किए जाने के मामले में सोमवार को मुख्य चुनाव आयुक्त को पत्र लिखकर जरूरी कार्रवाई की मांग की. आयोग की ओर से जारी बयान के मुताबिक, इस मामले में कमलनाथ से जवाब मांगा गया है. बयान में कहा गया है, ‘‘खबरों के माध्यम से पता चला है कि कमलनाथ ने मध्य प्रदेश के डबरा में एक सभा के दौरान एक महिला मत्री के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी की. आयोग एक नेता की ओर से दिए गए इस गैरजिम्मेदाराना और अपमाजनक बयान की कड़ी निंदा करता है.''
महिला आयोग के मुताबिक, इस मामले में जरूरी कार्रवाई के लिए निर्वाचन आयोग को पत्र लिखा गया है. इससे पहले, महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने कहा था कि आयोग कमलनाथ को नोटिस भेज रहा है और चुनाव आयोग को भी पत्र लिख रहा है.
गौरतलब है कि इमरती देवी के खिलाफ डबरा विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रहे कांग्रेस प्रत्याशी सुरेश राजे के लिए चुनाव प्रचार करते हुए कमलनाथ ने रविवार को कहा था, ‘‘डबरा से सुरेश राजे जी हमारे उम्मीदवार हैं. सरल स्वभाव के, सीधे-सादे हैं. ये तो उसके जैसे नहीं हैं. क्या है उसका नाम?''
इसी बीच वहां मौजूद जनता जोर-जोर से ‘इमरती देवी', ‘इमरती देवी' कहने लगी. इसके बाद कमलनाथ ने हंसते हुए कहा, ‘‘मैं क्या उसका (डबरा की भाजपा प्रत्याशी का) नाम लूं. आप तो उसको मेरे से ज्यादा पहचानते हैं. आपको तो मुझे पहले ही सावधान कर देना चाहिए था. ये क्या आइटम है?''
गौतलब है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया के विश्वस्त 21 विधायकों ने मार्च में कांग्रेस और राज्य विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था. इन विधायकों में इमरती देवी भी शामिल हैं. इस घटनाक्रम के बाद मध्य प्रदेश में कमलनाथ के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार गिर गई थी.
मध्य प्रदेश की 28 विधानसभा सीटों पर हो रहे उपचुनाव में तीन नवंबर को मतदान होगा जबकि मतगणना 10 नवंबर को होगी.
नई दिल्ली / शौर्यपथ / केंद्र सरकार एयर इंडिया के विनिवेश के लिए समयसीमा बढ़ाकर 15 दिसंबर तक कर सकती है. सूत्रों ने कहा कि एयर इंडिया के परिसंपत्ति मूल्यांकन नियमों को आसान बनाते हुए बोलीदाताओं को उद्यम मूल्य के आधार पर पेशकश करने की इजाजत भी दी जा सकती है.
सूत्र ने मंगलवार को घाटे में चल रही सरकारी विमानन कंपनी के लिए आरंभिक अभिरुचि पत्र दाखिल करने की तिथि 15 दिसंबर तक बढ़ाई जा सकती है. सूत्र ने कहा कि उद्यम मूल्य के आधार पर बोली आमंत्रित की जाएगी, जो अधिग्रहण सौदों के लिए एक लोकप्रिय मूल्यांकन पद्धति है. उद्यम मूल्य (ईवी) कंपनी की कुल कीमत का मूल्यांकन करने का तरीका है. इसका इस्तेमाल अक्सर इक्विटी बाजार पूंजीकरण के व्यापक विकल्प के तौर पर होता है.
एयर इंडिया पर मार्च 2019 तक करीब 60 हजार करोड़ रुपये का घाटा है. इसमें करीब 23 हजार करोड़ रुपये खरीदने वाली कंपनी द्वारा वहन करने का प्रस्ताव है. सरकार लंबे समय से इसे बेचने की तैयारी कर रही है. बोली लगाने की मौजूदा समयसीमा 30 अक्टूबर को खत्म हो रही है. विनिवेश की तारीख बढ़ी तो यह पांचवा विस्तार होगा.
कर्ज अदायगी में भी दी जाएगी ढील
सूत्र ने कहा कि बोली लगाने वालों को पूरी कंपनी के लिए पेशकश करने के लिए कहा जाएगा. इसकी 85 फीसदी राशि कर्ज चुकाने में चली जाएगी और शेष राशि सरकार को मिलेगी.
नई दिल्ली/ शौर्यपथ / व्हाट्सएप पर महिला को अश्लील संदेश भेजकर उत्पीड़न करने के 28 वर्षीय आरोपी को पुलिस ने गुजरात के तापी से गिरफ्तार किया है. पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि प्रौद्योगिकी आधारित निगरानी से अश्लील संदेश भेजने वाले की पहचान गुजरात के तापी निवासी लाड आशीष के तौर पर हुई जो एक कार कंपनी में बिक्री कार्यकारी के तौर पर काम करता है.
पुलिस ने बताया कि मामला तीन जुलाई को उस समय सामने आया जब महिला ने हौज खास पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई और आरोप लगाया कि एक व्यक्ति व्हाट्सएप पर अश्लील संदेश भेज रहा है.
महिला की शिकायत पर पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा- 354 (महिला के सम्मान को ठेस पहुंचाने के इरादे से हमला या आपराधिक कृत्य) और धारा-354ए (यौन उत्पीड़न और यौन उत्पीड़न के लिए सजा) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की.
दक्षिण दिल्ली के पुलिस उपायुक्त अतुल कुमार ठाकुर ने बताया, ‘‘फोन कॉल का विश्लेषण करने पर पता चला कि मोबाइल नंबर मई के महीने से ही बंद है लेकिन नंबर पर व्हाइटएप का इस्तेमाल किया जा रहा है. उन्होंने कहा, ‘‘इस नंबर पर तकनीकी जानकारी हासिल करने के लिए व्हाट्सएप को नोटिस भेजा गया जिसके बाद कई लोगों की जांच की गई और पता चला कि इस फोन नंबर का संबंध गुजरात के तापी निवासी आशीष से है.''
ठाकुर ने कहा कि दिल्ली पुलिस की टीम गुजरात भेजी गई और लंबी पूछताछ के बाद आरोपी ने महिला को अश्लील संदेश भेजने की बात स्वीकार कर ली. उन्होंने कहा कि शुरुआत में वह शिकायतकर्ता का नाम नहीं जानता था लेकिन ट्रू कॉलर पर नाम देखने के बाद उसने महिला का उत्पीड़न शुरू कर दिया.
पुलिस ने कहा कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसके पास से वह मोबाइल फोन बरामद कर लिया गया है जिसके जरिये अश्लील संदेश भेजे गए. उन्होंने बताया कि आरोपी को दिल्ली लाया गया है और आगे की जांच जारी है.
मुंंबई / शौर्यपथ / मुंबई के श्वांस चिकित्सा विशेषज्ञ हैरान हैं. यहां ट्यूबरकुलोसिस (TB) के हॉटस्पॉट वार्ड में 8000 टीबी मरीज़ों में सिर्फ़ 8 को कोविड हुआ है. बृहनमुंबई म्युनिसिपल कार्पोरेशन के टीबी अस्पताल में टीबी+कोविड के मार्च से अब तक सिर्फ़ 135 मामले आए हैं. तो क्या टीबी मरीजों को कोरोना से बचा रहा है? इस बारे में शोध जारी है. मुंबई के सीवरी टीबी अस्पताल में कोरोना संक्रमित मरीज़ों के लिए अलग वार्ड में अब तक 135 मामले ही सामने आए हैं, इनमें भी 50 फ़ीसदी संदिग्ध हैं.अस्पताल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ ललितकुमार आनंदे भी इन आंकड़ों को लेकर हैरान हैं.
उन्होंने कहा, ‘'मैं वाकई चिंतित था क्योंकि टीबी मरीज़ों की प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) कम होती है, फेफड़े डैमेज होते हैं तो अगर कोविड का घातक निमोनिया इन्हें हुआ तो क्या ये बच पाएंगे? मुझे डर था कि मौतें बहुत ज़्यादा होंगीं. लेकिन जब कोविड ने मुंबई में ज़ोर पकड़ा तो वाकई हैरान रह गया क्योंकि बड़े पैमाने पर कोविड ने इन्हें नहीं छुआ, टीबी और कोविड के एक साथ वाले मामले हैं लेकिन बहुत कम.'' मुंबई के शिवाजी नगर, गोवंडी और मानखुर्द जैसे टीबी के हॉटस्पॉट क्षेत्रों में मरीजों का इलाज करने वाले National Tuberculosis Elimination Program, chest council of India से जुड़े श्वांस चिकित्सा विशेषज्ञ डॉक्टर विकास ओसवाल बताते हैं कि उनके टीबी हॉट्स्पाट वार्ड में 8,000 टीबी रोगियों में से केवल 8 को ही COVID हुआ.
डॉ. ओसवाल के अनुसा, ''इस इलाक़े वार्ड M की बात करें तो यहां कोविड के मामले बहुत ज़्यादा हैं लेकिन टीबी और कोविड के एक साथ बहुत कम केसेस देखे हैं. अगर फ़िगर में बताऊँ तो अगर 8,000 केसेस अगर यहाँ हैं तो इनमें मुश्किल से हमने 8 मामले कोविड और टीबी के देखे हैं. यानी सिर्फ़ 8 टीबी पेशेंट में कोविड है बाक़ी 7992 टीबी पेशेंट को कोविड नहीं हुआ है. इसका मतलब ये हुआ की टीबी पेशेंट के अंदर कोई इम्यून सिस्टम डेवलप होता है. जिसको हम 'होस्ट फ़ैक्टर' कहेंगे और ये दवा की वजह से नहीं है बल्कि, बीमारी के कारण शायद इम्यूनिटी डेवलप हो रही है. इस पर हम अभी रिसर्च कर रहे हैं. इधर, फ़ोर्टिस अस्पताल का मानना है कि कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने में में टीबी वैक्सीन बीसीजी (BCG) प्रभावी होता नज़र आ रहा है.
अस्पताल की डॉक्टर अनीता मैथ्यू कहती हैं, ‘'टीबी वैक्सीन की काफ़ी ट्रायल चल रही हैं, इसमें पता चल रहा है कि सिवियर फ़ॉर्म ऑफ़ कोविड से शायद बचा सकता है. वैसे केसेस में जहां हमारी ख़राब इम्यूनिटी की वजह से कोविड तकलीफ़ बढ़ाता है उस तकलीफ़ को बीसीजी कम कर सकता है.'' टीबी मरीज़ों में कोविड के कम मामलों पर मुंबई में तो शोध जारी है, वहीं एक सदी पुरानी टीबी की वैक्सीन पर ब्रिटेन में भी एक हजार लोगों पर परीक्षण होगा कि इससे कोविड से सुरक्षा मिलती है या नहीं.
नई दिल्ली / शौर्यपथ /सिलीगुड़ी/ भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा सोमवार को एक दिन के दौरे पर पश्चिम बंगाल पहुंचे. उन्होंने ममता सरकार पर फूट डालो-राज करो की नीति पर चलने का आरोप लगाते हुए ऐलान किया कि सत्ता में आते ही राज्य में उनकी पार्टी नागरिकता कानून लागू करके रहेगी.
नड्डा ने 2021 में होने वाले पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से जुड़ी संगठनात्मक तैयारियों का जायजा लिया और विभिन्न समुदाय के लोगों से चर्चा की.सिलीगुड़ी की एक रैली में उन्हें कहा, ‘भाजपा और पीएम मोदी की मूल नीति है- सबका साथ-सबका विकास-सबका विश्वास। लेकिन दूसरे दलों की नीति है- फूट डालो, समाज को बांटो, अलग-अलग करके रखो, अलग-अलग मांग करो और राज करो. तृणमूल सरकार भी पश्चिम बंगाल में यही कर रही है.
'बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि सबको साथ लेकर चलने की ताकत सिर्फ मोदी जी में है. भाजपा समाज को जोड़ती है जबकि वे लोग समाज को तोड़कर वोटबैंक की राजनीति करते हैं. गौरतलब है कि बंगाल में राजनीतिक हत्याओं को लेकर भी भाजपा और तृणमूल में सियासी टकराव चल रहा है. बीजेपी ने तृणमूल सरकार पर उसकी पार्टी के नेता-कार्यकर्ताओं की हत्याओं पर कोई कार्रवाई न करने का आरोप लगाया है.
किसानों और गरीबों की योजना लागू नहीं होने दी
बीजेपी प्रमुख नड्डा ने कहा कि तृणमूल सरकार ने किसान सम्मान निधि और आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं को राज्य में लागू नहीं होने दिया. लेकिन राज्य में भाजपा की सरकार बनते ही इन योजनाओं को लागू किया जाएगा. किसान सम्मान निधि से बंगाल के 76 लाख किसानों को वंचित रखा गया है. बंगाल के लोग पांच लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की आयुष्मान योजना के लाभ से भी वंचित हैं.
कालीबाड़ी मंदिर में पूजा की, विजयवर्गीय-मुकुल रॉय साथ
सिलीगुड़ी पहुंचने के बाद नड्डा ने आनंदमयी कालीबाड़ी मंदिर में पूजा की. उन्होंने नौका घाट पर समाज सुधारक ठाकुर पंचानन बर्मन की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और उन्हें श्रद्धांजलि दी. राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय और उपाध्यक्ष मुकुल रॉय जैसे पार्टी के वरिष्ठ नेता भी नड्डा के साथ थे. गौरतलब है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और नड्डा ने पिछले कुछ महीनों में बंगाल में कई डिजिटल रैलियों और पार्टी कार्यक्रमों को संबोधित किया है. मार्च में महामारी के प्रकोप के बढ़ने के बाद से नड्डा का यह पहला बंगाल दौरा है.
रायपुर/ शौर्यपथ / जिस रमन राज में अधिकारियों, राजनेताओं से लेकर पत्रकारों तक सब दहशत में थे, जिस रमन राज में हर भाजपाई गुंडागर्दी पर उतर आया था, जिस रमन राज में लोगों की प्रताडऩा और अत्याचार आम बात हो गई थी, उसी रमन राज के मुखिया डॉ. रमन सिंह अब भूपेश बघेल की सरकार में गुंडागर्दी ख़त्म करने के नारे लगा रहे हैं। कांग्रेस ने कहा है कि रमन सिंह अपने कार्यकाल के आंकड़े लेकर थोड़ा चिंतन कर लें तो उनका मानसिक तनाव कम हो जाएगा।
प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा है कि इतिहास गवाह है कि छत्तीसगढ़ को 15 वर्षों की रमन सरकार का हासिल सिर्फ हत्याएं फर्जी मुठभेड़, घोटाले, बलात्कार, दह्शत और साजिशें रहीं हैं। पूर्व मंत्रियों से लेकर पूर्व मुख्यमंत्री का परिवार तक तमाम अपराधिक घटनाओं में संलिप्त रहा है। यह कांग्रेस नहीं कहती है अदालतें कहती हैं, दस्तावेज कहते हैं। अफसोस इस बात का है कि जब प्रदेश की जनता सत्तापोषित गुंडागर्दी और वसूलीबाजी से निजात पाकर राहत की सांस ले रही है तो पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह नारा लगा रहे हैं कि भूपेश तेरी गुंडागर्दी नहीं चलेगी। ऐसा कहकर डॉ. रमन सिंह ने न केवल प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का अपमान किया है बल्कि उन लाखों किसानों, युवाओं का भी अपमान कर रहे हैं, जिन्होंने भाजपा के जंगलराज से मुक्ति पाने के लिए कांग्रेस को भारी मतों से विजयी बनाया था। विधानसभा चुनाव में पराजय से मिली चोट गहरी है यह तो हमें पता है। लेकिन अब इस चोट का संक्रमण डॉ. रमन सिंह के मस्तिष्क तक पहुँच गया है इसका अंदाजा हमें नहीं था। नहीं भुला जाना चाहिए कि वह डॉ. रमन सिंह की भाजपा के प्रदेश मुख्यालय में नंदकुमार साय को नेता प्रतिपक्ष बनाए जाने पर भाजपाइयों की गुंडई का शिकार खुद कई वरिष्ठ भाजपा नेता हुए थे।
स्वर्गीय लखीराम और गौरीशंकर जी की गाडिय़ां फूंक दी गई थी और महेश तिवारी समेत दर्जनों भाजपा नेताओं की जमकर पिटाई की गई थी बताएं रमन सिंह की भाजपा में बैठे गुंडों ने उस वक्त पर्यवेक्षक के तौर पर आये मौजूदा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ क्या किया था? बताएं डॉ. रमन सिंह कि पूर्व विधायक राजू क्षत्री और उनके बेटे ने टीआई के घर तोडफ़ोड़ कर उसको जान से मारने की धमकी दी थी वो गुंडई थी कि नहीं थी? बताएं रमन सिंह कि भाजपा सांसद कमलभान के बेटे देवेंद्रभान ने पत्रकार की पिटाई की थी वो गुंडई थी कि नहीं थी? बताएं रमन सिंह कि पूर्व मंत्री पुन्नुलाल मोहले के भतीजों ने पुलिस पर जानलेवा हमला किया था वो गुंडई थी कि नहीं थी?
रमन सिंह जी आपकी सरकार में तो गुंडागर्दी का शिकार भोले भाले आदिवासी, पत्रकार और किसान सभी हुए मगर आप खामोश थे। आपके विधानसभा क्षेत्र राजनांदगांव में विधानसभा चुनावों से ठीक पहले मंडल अध्यक्ष ने अपने साथियों के साथ मिलकर अनाज व्यापारी को जमकर पीटा था आज भी उसके घाव भरे नहीं हैं। हम नही भूल सकते कि भारी हार के बाद भाजपा कार्यालय में किस तरह से पत्रकार सुमन पाण्डेय की आपके जिलाध्यक्ष राजीव अग्रवाल और पार्टी के लोगों ने पिटाई की थी। वह आपकी सरकार थी जब पार्टी कार्यकर्ताओं की गुंडई सफल नहीं हो पाती थी आप पुलिस का इस्तेमाल करने लगते थे। तमाम फर्जी मुक़दमे गुंडई नहीं थी तो क्या थी? बिलासपुर में कांग्रेस दफ्तर में घुसकर निहत्थे कांग्रेस कार्यकर्ताओं की पिटाई की गई वो गुंडई नहीं तो क्या थी? डाक्टर साहब आपको आराम की सख्त जरुरत है।
हमें अच्छी तरह से पता है कि आपकी स्थिति पार्टी में ठीक नहीं है जिस गुंडागर्दी को आपने पार्टी में बढ़ावा दिया वही अब आपके खिलाफ खड़ी है? हमे डर है कि वो आपके खिलाफ भी इस्तेमाल की जा सकती है। आपको सख्त आराम की जरुरत है।
रायपुर / शौर्यपथ / राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान पखवाड़े में कोरोना काल में भी 1,271 महादानियों ने रक्तदान किया है । पखवाड़े के दौरान प्रदेश के 22 जिला अस्पतालों व मेडिकल कॉलेजों में रक्तदान शिविरों का आयोजन किया गया | इस दौरान वैश्विक स्वास्थ्य संकट कोरोना को ध्यान में रखते हुए सभी दिशानिर्देशों का पालन किया गया।
एक अक्टूबर से 15 अक्टूबर तक शिविर में एकत्रित रक्त को जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में संचित किया गया है । ब्लड बैंक से रक्त को जरुरतमंद लोगों की मदद के लिए उपयोग किया जाएगा । राज्य एड्स कंट्रोल सोसायटी से मिली जानकारी के अनुसार रायपुर में 20, बिलासपुर में 148, महासमुंद में 157, कोंडागांव में 102, दंतेवाड़ा में 33, जगदलपुर में 5, राजनांदगांव में 90, अंबिकापुर में 4, बालोद में 30, कांकेर में 30, कोरिया में 144, बलौदाबाजार में 77, मुंगेली में 34, कर्वधा में 138, कोरबा में 150, बेमेतरा में 3, जशपुर में 1, रायगढ़ में 20, सुकमा में 21 , जांजगीर चांपा में 1, गरियाबंद में 17 और बलरामपुर में 42 लोगों द्वारा स्वैच्छिक रक्तदान किया गया ।
एड्स कंट्रोल सोसायटी के अतिरिक्त परियोजना संचालक डॉ एसके बिंझवार ने बताया कोरोना संकट के बावजूद रक्तदाताओं ने रक्तदान पखवाड़े में रक्तदान किया। डॉ. बिंझवार ने कहा रक्तदान को समस्त विश्व में सबसे बड़ा दान माना गया है क्योंकि रक्तदान ही है, जो न केवल किसी जरूरतमंद का जीवन बचाता है बल्कि उसकी जिंदगी बचाकर उस परिवार के जीवन में खुशियों के ढ़ेरों रंग भी भरता है। कल्पना कीजिए कि कोई व्यक्ति रक्त के अभाव में जिंदगी और मौत की लड़ाई लड़ रहा है और आप एकाएक उम्मीद की किरण बनकर सामने आते हैं और आपके द्वारा किए गए रक्तदान से उसकी जिंदगी बच जाती है तो आपको कितनी खुशी होगी।
रक्तदान से आपात कालीन समय में रक्त के अभाव में असमय होने वाली मौतों के आंकड़ों को कम किया जा सकता है। डॉ. बिंझवार ने बताया, हर साल अक्टूबर महीने में दो सप्ताह तक सभी ब्लड बैंकों में रक्तदान शिविर आयोजित किए जाते है। वर्ष 2019 में स्वैच्छिक रक्तदान पखवाड़े के दौरान 2,400 यूनिट रक्त संग्रहित किए गए थे। इस वर्ष कोराना वायरस के बावजूद भी 1,271 यूनिट यानी लगभग 50 फीसदी से ज्यादा रक्त संग्रह हुआ है। जबकि वर्ष 2019 में अक्टूबर महीने में 8,555 यूनिट रक्त संग्रह किए गए थे। उन्होंने कहा दरअसल रक्तदान के महत्व को लेकर किए जा रहे प्रचार-प्रसार के बावजूद आज भी बहुत से लोगों में कुछ गलत धारणाएं विद्यमान हैं, जैसे रक्तदान करने से संक्रमण का खतरा रहता है, शरीर में कमजोरी आती है, बीमारियां शरीर को जकड़ सकती हैं ।
जांजगीर-चांपा जिले के पामगढ निवासी सामाजिक कार्यकर्ता और जनपद पंचायत सदस्य उमेश प्रधान अब तक 33 वें बार रक्तदान किए हैं। जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में रक्तदान करने के बाद उमेश ने कहा थोड़े से प्रयास से अगर किसी की जान बचती है। तो इससे अच्छा सहयोग और क्या होगा जिससे किसी जरुरतमंद परिवार की मुसिबत के घड़ी में चेहरे पर मुस्कान लौट जाए। उन्होंने कहा किसी की जीवन बचाने के लिए मानवता के खातिर रक्तदान करने के दौरान कोरोना संकट का डर नहीं लगता।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के आंकड़ों के अनुसार देश में प्रतिवर्ष एक करोड़ यूनिट रक्त की आवश्यकता पड़ती है। छत्तीसगढ राज्य की कुल जनसंख्या 2.55 करोड़ के आधार पर 1 प्रतिशत रक्त की आवश्यकता होती है अर्थात 2.55 लाख यूनिट रक्त की प्रतिवर्ष जरूरत पड़ती है। रक्त की आवश्यकता की पूर्ति राज्य के कुल 94 ब्लड बैंकों (31 शासकीय और 63 गैर शासकीय ब्लड बैंक) के माध्यम से किया जाता है | वर्ष 2019-20 में ब्लड बैंकों द्वारा 90 प्रतिशत रक्त यानि कुल 2,31,054 यूनिट रक्त संग्रहण किया गया। वहीं वर्ष 2020-21 (अप्रैल से अगस्त) तक ब्लड बैंकों द्वारा 30 प्रतिशत यानि कुल 67543 यूनिट रक्त संग्रहण किया गया है ।
रायपुर / शौर्यपथ / केंद्र सरकार बेटियों की सुरक्षा पर संवेदनहीन और उदासीन हो चुकी है। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी प्रदेश प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा कि ’बेटी बचाओ बेटी पढाओ’ अभियान सिर्फ खोखला नारा साबित हुआ है। सत्ता के लालच मे भारतीय जनता पार्टी बेटी बचाओ का नारा तो दिये लेकिन उसका मान नहीं रख पाये। भारतीय जनता पार्टी के नेताओं के द्वारा रेपिस्टों को संरक्षण देने का कार्य किया जाता है और केंद्र के मुखिया मूकदर्शक बन कर देख रही है। प्रधानमंत्री जी एवं उसके नेतागण एक तरफ तो बेटी बचाओ का नारा देती है जबकि उनके विधायक और सांसद उन घटनाओं में लिप्त होते है तो उसे बचाने झंडा लेकर निकल पडते है।
महिला सुरक्षा के मोर्चे पर केंद्र सरकार पूरी तरह से फेल हो गई। हाथरस कांड से भी योगी सरकार ने कोई सबक नहीं लिया। पालीटेक्निक कॉलेज के हॉस्टल में हुई सामूहिक दुष्कर्म की घटना बेहद दुखद है। इससे जाहिर होता है कि भाजपा शासित उत्तर प्रदेश में जंगलराज कायम है। कानून व्यवस्था की स्थिति लचर है। केन्द्र सरकार भी अनदेखी कर रही है। अपराधियों के हौसले बुलंद हो गये है। केन्द्र सरकार एवं योगी सरकार हर मोर्चे पर फेल हो चुकी है। पालीटेक्निक में सामूहिक दुष्कर्म एवं हाथरस की घटना सरकार की बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना का पोल खोल रही है।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
