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० कलेक्टर ने धान खरीदी के संबंध में समिति प्रबंधकों और कम्प्यूटर ऑपरेटरों की ली बैठक
० धान खरीदी प्रारंभ होने के पहले सभी तैयारी करने के दिए निर्देश
० धान खरीदी केन्द्र में कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करना अनिवार्य
० 31 अक्टूबर तक किसानों का पंजीयन शत प्रतिशत करने के दिए निर्देश
० जिले की सीमा पर निगरानी रखने के दिए निर्देश
राजनांदगांव / शौर्यपथ / कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा ने जिला पंचायत सभाकक्ष में धान खरीदी और किसान पंजीयन के संबंध में समिति प्रबंधकों और कम्प्यूटर ऑपरेटरों की बैठक ली। कलेक्टर श्री वर्मा ने धान खरीदी के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि धान खरीदी प्रारंभ होने से पहले सभी तैयारियां पूरी कर ली जाए। ताकि धान खरीदी में कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए। धान खरीदी केन्द्रों में कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करना अनिवार्य है। धान के पंजीयन का कार्य 31 अक्टूबर तक किया जाना है इस कार्य को समय-सीमा में शत प्रतिशत पूरा किया जाए। पंजीयन कार्य पूरा होने के बाद इसका दावा-आपत्ति भी होना चाहिए। जिससे किसानों को पंजीयन के बाद उनके रकबे की सही जानकारी रहे।
कलेक्टर ने कहा कि जिले के अधिकांश तहसील महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश सीमा से लगे हुए है। सीमा से लगे होने के कारण कोचियों द्वारा धान लाने की संभावना बनी रहती है। ऐसी स्थिति में आवागमन वाले सभी रास्तों पर कड़ी निगरानी रखनी होगी। वहीं सीमा से लगे धान केन्द्रों में कोचियों के माध्यम से धान खपाने की संभावना बनी होती है। समिति प्रबंधकों को धान खरीदी के समय सतर्कता रखनी होगी। धान खरीदी का कार्य पूरी सतर्कता से किया जाना चाहिए। कलेक्टर श्री वर्मा ने कहा कि केन्द्रों में सिर्फ खरीफ वर्ष का ही धान खरीदा जाएगा। कुछ लोगों द्वारा पुराने धान को मिलाकर बेचे जाने की शिकायत होती है इस पर भी कड़ी निगरानी रखी जाए।
कलेक्टर वर्मा ने कहा कि धान खरीदी केन्द्रों में बारदाने की व्यवस्था पहले ही कर ली जाए। केन्द्रों में किसानों के लिए पेयजल, छाया, बिजली एवं अन्य सभी व्यवस्थाएं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण टला नहीं है। धान खरीदी में कोरोना के प्रोटोकॉल का पालन किया जाना सुनिश्चित करें। धान खरीदी केन्द्रों के कर्मचारी सहित किसानों को मास्क लगाना अनिवार्य है। केन्द्रों में सोशल डिस्टेसिंग का पालन होना चाहिए इसका ध्यान रखा जाए। कोरोना संक्रमण से सुरक्षा के सभी उपाए पहले ही कर ली जाए। कलेक्टर श्री वर्मा ने कहा कि धान खरीदी पूरी सावधानी से गुणवत्तापूर्ण करनी है। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो। धान खरीदी में किसानों को कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए। शिकायत मिलने और सही पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर ने कहा कि जिले में लगातार गोबर की खरीदी की जा रही है और इसका भुगतान हर 15 दिन में हितग्राहियों के खाते में किया जा रहा है। शासन की यह महत्वपूर्ण योजना इसका प्रचार-प्रसार भी करना आवश्यक है। इस गोबर से वर्मी कम्पोस्ट का निर्माण किया जा रहा है जिसका विक्रय सोयायटी के माध्यम से किसानों को किया जाएगा। इस अवसर पर उप संचालक कृषि जीएस धु्रर्वे, जिला खाद्य अधिकारी केके सोमावार, सीईओ जिला केन्द्रीय सहकारी बैंक सुनील वर्मा, जिला विपणन अधिकारी सौरभ भारद्वाज, उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं जान खलखो सहित समिति प्रबंधक उपस्थित थे।
मुंबई / शौर्यपथ / डिजिटल लेनदेन के दौर में भुगतान के लिए चेक का इस्तेमाल बेहद कम हो गया है. आरबीआई के ताजा आंकड़े बताते हैं कि ऑनलाइन लेनदेन में चेक से भुगतान की हिस्सेदारी महज 3 फीसदी रह गई है, जो पांच साल पहले 15 फीसदी से ज्यादा थी. डिजिटल भुगतान को प्रोत्साहन की वजह से बीते वित्त वर्ष 2019-20 में चेक के जरिये खुदरा भुगतान का आंकड़ा काफी नीचे आ गया है.बीते वित्त वर्ष में कुल खुद भुगतान में चेक क्लियरिंग का हिस्सा घटकर मात्र 2.96 प्रतिशत रह गया. हालांकि मूल्य के हिसाब से यह 20.08 प्रतिशत रहा.
पांच वर्षों में डिजिटल लेनदेन कई गुना बढ़ा
वित्त वर्ष 2015-16 में नोटबंदी के बाद केंद्रीय बैंक ने डिजिटल भुगतान को काफी तेजी से आगे बढ़ाना शुरू किया था. उस समय खुदरा भुगतान में मात्रा के हिसाब से चेक का हिस्सा 15.81 प्रतिशत और मूल्य के हिसाब से 46.08 प्रतिशत था. 2015-16 में चेक के जरिये भुगतान मात्रा के हिसाब से 15.81 प्रतिशत और मूल्य के हिसाब से 46.08 प्रतिशत हिस्सा था. वित्त वर्ष 2016-17 में यह आंकड़ा घटकर क्रमश: 11.18 प्रतिशत और 36.79 प्रतिशत पर आ गया. 2017-18 में यह मूल्य के हिसाब से 7.49 प्रतिशत और मात्रा के हिसाब से 28.78 प्रतिशत पर आ गया. वहीं 2018-19 में यह और घटकर क्रमश 4.60 प्रतिशत और 22.65 प्रतिशत पर आ गया.
55 फीसदी की दर से बढ़ रहा डिजिटल भुगतान
रिजर्व बैंक के अनुसार वित्त वर्ष 2015-16 से 2019-20 के दौरान मात्रा के हिसाब से डिजिटल भुगतान सालाना आधार पर 55.1 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 593.61 करोड़ से 3,434.56 करोड़ पर पहुंच गया. मूल्य के हिसाब से यह 920.38 लाख करोड़ रुपये से 1,623.05 करोड़ रुपये पर पहुंच गया. इसमें सालाना आधार पर 15.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई.
वित्त वर्ष 2016-17 में डिजिटल भुगतान 593.61 करोड़ से 969.12 करोड़ पर पहुंच गया. मूल्य के हिसाब से यह इस दौरान 1,120.99 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया.
कोरोना काल में और बढ़ेगा डिजिटल लेनदेन
2017-18 में यह मात्रा के हिसाब से 1,459.01 करोड़ पर और मूल्य हिसाब से 1,369.86 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया। बाद में इसमें और तेज वृद्धि हुई और 2018-19 में यह मात्रा के हिसाब से 2,343.40 करोड़ और मात्रा के हिसाब से 1,638.52 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया.कोविड-19 महामारी की वजह से लागू लॉकडाउन के चलते मात्रा के हिसाब से आगे डिजिटल भुगतान का आंकड़ा कई गुना बढ़ सकता है.
मुंबई / शौर्यपथ / करीब 7 महीनो तक बंद रहने के बाद सोमवार से मुम्बई मेट्रो को एक बार फिर से आम आदमी के लिए शुरू किया जा रहा है. सोशल डिस्टेंसिंग के साथ ही कोरोना से बचाव के लिए कई नियम बनाए गए हैं जिसका पालन करना अनिवार्य होगा. जैसे अब मेट्रो में एक समय में 300 लोगों को ही सफर करने दिया जाएगा. जहां पहले करीब 1300 से 1500 लोग इसमें सफर किया करते थे.
मुम्बई मेट्रो के सीईओ अभय कुमार मिश्रा ने एनडीटीवी को बताया, "सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल रखते हुए हमने एक समय में केवल 300 लोगों को जाने की अनुमति दी है.. जैसे जैसे भीड़ बढ़ेगी, चीज़ो को बदला जाएगा. "
सुबह साढ़े आठ बजे से लेकर रात के साढ़े आठ बजे तक चलने वाली मेट्रो में हर रोज़ 200 गाडियां चलाई जाएंगी. पहले इसकी संख्या 450 थी. इसके अलावा लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल रखना होगा. AC का कम से कम उपयोग करने के लिए हर एक स्टेशन पर ज़्यादा समय के लिए दरवाज़े को खोला जाएगा ताकि हवा अंदर आ सके. लोगों के तापमान जांचे जाएंगे और साथ ही ऑनलाइन पेमेंट पर ज़्यादा ज़ोर दिया जाएगा.
मुंबई मेट्रो के सीईओ ने बताया, "पहले की तरह टोकन देने के बजाय लोगों को पेपर टिकट दिए जाएंगे ताकि खतरा सीमित हो, साथ ही ऑनलाइन पेमेंट की कई सुविधाएं मौजूद रहेंगी."
घाटकोपर से वर्सोवा की ओर चलने वाली मेट्रो का इस्तेमाल अधिकांश दफ्तर जाने वाले लोग करते हैं. लॉकडाउन के बाद से जहां सड़क पर ट्रैफिक के वजह से लोगों के कई घंटे बर्बाद हो रहे थे, तो वहीं मेट्रो के दोबारा शुरू होने से लोगों को राहत मिलने की उम्मीद की जा रही है
मुम्बई लोकल और मुंबई मेट्रो में एक बड़ा अंतर यह है कि लोकल में फिलहाल अत्यावश्यक सेवाओं से जुड़े लोगों को ही सफर करने दिया जा रहा है पर मेट्रो में हर कोई सफर कर सकता है, बशर्ते वो सभी नीयमों का पालन करें.
नई दिल्ली / शौर्यपथ / बीजिंग चीन में फ्रिज के बेहद ठंडे तापमान में रखे गए खाद्य पदार्थों पैकेट पर जिंदा कोरोना वायरस मिलने से वैज्ञानिक चौकन्ना हो गए हैं. अभी तक यही माना जाता था कि ठंडे खुले वातावरण में तो वायरस रह सकता है. लेकिन शून्य से काफी नीचे के तापमान में वायरस निष्क्रिय हो जाता है.
चीन के स्वास्थ्य प्रशासन ने कहा है कि क्विंगदाओ बंदरगाह शहर में आयात कर विशालकाय रेफ्रिजरेटर में रखी गई समुद्री मछली के पैकेट की बाहरी सतह पर जीवित कोरोना वायरस मिले हैं. चाइनीज सेंटर फोर डिसीज कंट्रोल एडं प्रिवेंशन ने शनिवार को एक बयान में कहा कि दुनिया में यह पहला मौका है जब प्रशीतित (रेफ्रिजरेटेड) खाद्य पैकेट की बाहरी सतह पर जिंदा कोरोना वायरस मिला है.
क्विंगदाओ में मिला था क्लस्टर
चीन के क्विंगदाओ शहर में हाल ही में कोविड-19 मामलों का एक ‘क्लस्टर' सामने आया। प्रशासन ने अपने सभी करीब 1.1 करोड़ नागरिकों की जांच कराई लेकिन कोई नया ऐसा झुंड नहीं पाया गया। जुलाई में चीन ने रेफ्रिजरेटेड (refrigerated) झींगे के आयात पर अस्थायी रोक लगा दी थी क्योंकि पैकेटों और कंटेनर के अंदरूनी हिस्सों में यह घातक वायरस पाया गया था.
मछली के पैकेट पर मिला वायरस
सीडीसी ने कहा कि क्विंगदाओ में आयातित कॉड मछली के पैकेट के बाहर जीवित वायरस मिला. शहर में हाल ही में संक्रमण सामने आने के बाद उसके स्रोत की जांच के दौरान यह खुलासा हुआ था. उससे यह साबित हो गया कि जीवित कोरोना वायरस से संक्रमित डिब्बों के संपर्क में आने से संक्रमण फैल सकता है. हालांकि यह नहीं बताया कि ये पैकेट किस देश से आए थे.
नई दिल्ली/ शौर्यपथ / केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉ हर्ष वर्धन ने संडे संवाद के छठे एपिसोड में सोशल मीडिया के उपयोगकर्ताओं के साथ विचार-विमर्श किया और उनके प्रश्नों के उत्तर दिए. नवरात्र के अवसर पर अपनी शुभकामनाएं देते हुए उन्होंने सोशल मीडिया के उपयोगकर्ताओं से आग्रह किया कि वे प्रधानमंत्री जी के जन-आंदोलन के आह्वान का सम्मान करें और अन्य लोगों के लिए एम्बेसडर बनकर कोविड अनुकूल व्यवहार का पूरी तरह पालन करें. उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति त्योहारों को पारम्परिक तरीके से अपने घरों में प्रियजनों के साथ मनाएं. केन्द्रीय मंत्री ने कहा, ‘इस त्योहारों के मौसम में आयोजन से बढ़कर उपकार पर जोर दिया जाना चाहिए. त्योहारों का मेरा आयोजन भी विश्व भर में हमें बचाने के लिए संघर्ष कर रहे लाखों कोरोना वारियर्स पर कोविड-19 के प्रभाव के कारण हल्का रहेगा.'
डॉ हर्ष वर्धन ने हाल ही में केरल में कोविड-19 के मामलों में आए उछाल को लेकर अपने विचार साझा किए. उन्होंने कहा कि 30 जनवरी से 3 मई के बीच केरल से कोविड-19 के केवल 499 मामलों का पता चला था और 2 मौतें हुई थीं. उन्होंने खेद व्यक्त करते हुए कहा कि केरल हाल ही में ओणम त्योहार के दौरान हुई घोर लापरवाही की कीमत भुगत रहा है, जब राज्य में अनलॉक अवधि के दौरान गतिविधियों जैसे कि व्यापार और पर्यटन के लिए अंतर्राज्यीय यात्रा को शुरू किया जा रहा था, तब राज्य के विभिन्न जिलों में कोविड-19 के मामलों में बढ़ोतरी हुई. केरल की कोविड-19 के बारे में तस्वीर पूरी तरह बदल गई और दैनिक मामले दोगुना हो गए. केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि इससे उन सभी राज्यों को सबक लेना चाहिए, जो त्योहारों के मौसम के दिशा-निर्देश जारी करने में लापरवाह रहते हैं.
चीन के इस दावे कि पिछले वर्ष कई देशों में एक साथ नोवेल कोरोना वायरस का फैलाव हुआ था, पर डॉ हर्ष वर्धन ने बताया, “इस बात का कोई प्रमाण नहीं है जिससे इस दावे की वैधता साबित हो सके कि नोवेल कोरोना वायरस का फैलाव विश्व के कई देशों में हुआ था.” उन्होंने कहा हालांकि चीन के वुहान को विश्व में कोरोना के पहले मामले की रिपोर्ट करने के लिए अब भी माना जाता है.
भारत के बाजारों में चीन द्वारा निर्मित ऑक्सीमीटर की भरमार होने के एक प्रश्न के उत्तर में डॉ हर्ष वर्धन ने बताया, “उपभोक्ताओं को बाजार से या ऑनलाइन विक्रेताओं से पल्स ऑक्सीमीटर खरीदते समय एफडीए/सीई स्वीकृत उत्पादों और उनके साथ आईएसओ/आईईसी विनिर्दिष्टताओं को देखना चाहिए.” यद्यपि उन्होंने स्पष्ट किया कि ऑक्सीजन स्तर में कमी कोविड-19 का लक्षण नहीं है, क्योंकि ऐसा कुछ अन्य चिकित्सीय स्थितियों के कारण भी हो सकता है.
डॉ हर्ष वर्धन ने भरोसा दिलाया कि अभी भारत में कोरोना वायरस में किसी परिवर्तन का पता नहीं चला है, जो कि अधिक प्रसार कुशलता का द्योतक है या रोगजनक है. पिछले एपिसोड के एक प्रश्न के अंतर्गत उनसे राज्यों को दूसरे चरण के अंतर्गत कोविड-19 से संबंधित अनुदान के बारे में पूछा गया था. इससे संबंधित एक प्रश्न का उत्तर देते हुए केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने पहले ही दूसरे चरण के अंतर्गत 33 राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों को कोविड पैकेज जारी कर दिया है. दूसरे पैकेज में जारी पैकेज की कुल राशि 1352 करोड़ रुपये है. दूसरे चरण के अंतर्गत अगस्त, सितंबर और अक्तूबर, 2020 के महीनों के दौरान किस्तों में राशि जारी की गई है.
डॉ हर्ष वर्धन ने इस बात पर संतोष व्यक्त किया कि उनका मंत्रालय महामारी के दौरान ऑनलाइन शिक्षा दिए जाने को लेकर पीछे नहीं है. भारत में मेडिकल कॉलेज और चिकित्सा संस्थान एमबीबीएस विद्यार्थियों के लिए ऑनलाइन कक्षाएं संचालित कर रहे हैं, जिनकी मंजूरी राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग ने दी है. स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने कोविड-19 के मद्देनजर स्नातकोत्तर चिकित्सा विद्यार्थियों के लिए पेशेवर प्रशिक्षण हेतु मानक संचालन प्रक्रियाएं जारी कर दी हैं.
एक प्रश्नकर्ता के सुबह की चाय के साथ समाचार पत्र पढ़ने का अवसर नहीं मिलने के कारण आनंद की अनुभूति नहीं होने से संबंधित एक सवाल पर डॉ हर्ष वर्धन ने भरोसा दिलाया कि कोई ऐसा वैज्ञानिक प्रमाण नहीं, जो साबित कर सके कि समाचार पत्रों से नोवेल कोरोना वायरस का प्रसार होता है. उन्होंने स्पष्ट किया कि समाचार पत्र पढ़ना कोविड-19 महामारी के दौरान भी पूरी तरह सुरक्षित है.
देश भर में कोविड-19 से हो रही मौतों की संख्या में विसंगतियों से संबंधित एक प्रश्न के उत्तर में डॉ हर्ष वर्धन ने बताया कि स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने सभी राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों के साथ कोविड-19 से हुई मौतों के सही स्पष्टीकरण का मुद्दा कई बार उठाया है. इसके अलावा सही तौर-तरीके से मौतों की सूचना देने की प्रक्रिया भी साझा की है, ताकि देश भर में कोविड-19 से संबंधित मौतों की सूचना एक समान मिलती रहे.
केन्द्रीय मंत्री ने भरोसा दिलाया कि देश में मेडिकल ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं है, भारत में वर्तमान में लगभग 6400 मीट्रिक टन प्रतिदिन उत्पादन हो रहा है, सरकार महामारी के कारण इसकी बढ़ती मांग को देखते हुए उत्पादन क्षमता को बढ़ाने के लिए तैयार है. गृह मंत्रालय द्वारा गठित अधिकार प्राप्त समूह देश भर में मेडिकल ऑक्सीजन की आवश्यकता पर भी नजर रखे हुए है. स्वास्थ्य मंत्रालय भी राज्यों के ऑक्सीजन के संबंधित नोडल अधिकारियों तथा प्रधान सचिवों या मिशन निदेशकों के साथ नियमित वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से क्षेत्रीय स्तर पर मेडिकल ऑक्सीजन की उपलब्धता और आपूर्ति पर नजर रखे हुए है; राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों को 1,02,400 मेडिकल ऑक्सीजन सिलेंडर दे दिए गए हैं. राष्ट्रीय फॉर्मास्यूटिकल मूल्य प्राधिकरण ने तरल मेडिकल ऑक्सीजन की कीमत तय कर दी है; कोविड-19 के प्रबंधन के लिए ऑक्सीजन के तर्कसंगत उपयोग को लेकर दिशा-निर्देश भी जारी किए गए हैं.
डॉ हर्ष वर्धन ने बताया कि हालांकि इस समय इंट्रानेज़ल (नाक में डालने के लिए) कोई कोविड-19 वैक्सीन परीक्षण के चरण में नहीं है, आने वाले महीनों में नियामक अनुमति मिलने के बाद सीरम इंडिया और भारत बायोटेक द्वारा देश में ऐसे वैक्सीन का नैदानिक परीक्षण करने की आशा है. उन्होंने स्पष्ट किया कि तीसरे चरण का नैदानिक परीक्षण आमतौर पर हजारों लोगों पर किया जाता है, कुछ मामलों में यह परीक्षण 30 से 40 हजार लोगों पर किया जाता है. यह संभव है कि किसी एक शहर या अस्पताल से परीक्षण के लिए कई सौ लोगों का चयन किया जाए, लेकिन सामान्य तौर पर तीसरे चरण में लोगों की संख्या बहुत अधिक रहती है.
नई दिल्ली / शौर्यपथ / बिहार विधान सभा चुनावों में सभी राजनीतिक पार्टियां समाज के विभिन्न वर्गों को अपनी तरफ लुभाने और लामबंद करने में जुटी हैं. विपक्षी महागठबंधन की अगुवाई कर रहे तेजस्वी यादव जहां पिता लालू यादव के परंपरागत वोट बैंक माय (मुस्लिम यादव) के अलावा नीतीश कुमार के परंपरागत वोट बैंक ईबीसी (अति पिछड़ी जातियों) में सेंधमारी कर नए सामाजिक समीकरण गढ़ने की फिराक में लगे हैं, वहीं नीतीश राजद के माय समीकरण में सेंधमारी की कोशिशों में जुटे हैं. तेजस्वी ने नए सियासी समीकरण को साधते हुए भाजपा के भी वोट बैंक में भी सेंधमारी की कोशिश की है. तेजस्वी की कोशिश है कि वह माय के अलावा एक नया वोट बैंक भी तैयार करें और उसे अपने पाले में करें.
इसी कोशिश में पहली बार राजद ने कुल 144 सीटों में से 24 सीटों पर अति पिछड़ी जाति (ईबीसी) और एक दर्जन सीटों पर उच्च जाति के उम्मीदवारों को टिकट दिया है. पिछले चुनावों में राजद ने ईबीसी को चार और उच्च जाति के दो उम्मीदवारों को ही टिकट दिया था. राजद ने 30 महिलाओं को भी टिकट दिया है. इसके अलावा राजद ने अपने परंपरागत वोट बैंक के दो वर्गों यादवों और मुस्लिमों को क्रमश: 58 और 17 टिकट दिए हैं.
उधर, नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू के लिए 2005 और 2010 के चुनावों से ही ईबीसी और महादलित परंपरागत वोट बैंक रहे हैं. पार्टी ने इस बार 19 ईबीसी, 15 कुशवाहा और 12 कुर्मी उम्मीदवारों को टिकट दिया है. नीतीश कुमार ने 17 अनुसूचित जाति के लोगों को भी चुनावी टिकट दिया है. जेडीयू ने 11 मुस्लिमों और 18 यादवों को टिकट देकर माय समीकरण में घुसपैठ की कोशिश की है.
राज्य में 26 फीसदी ओबीसी और 26 फीसदी ईबीसी का वोट बैंक है. ओबीसी में बड़ा हिस्सा यादवों का है जो 14 फीसदी के करीब है. यादवों को राजद का परंपरागत वोट बैंक समझा जाता है. इसके अलावा ओबीसी में 8 फीसदी कुशवाहा और 4 फीसदी कुर्मी वोट बैंक है. इन दोनों पर नीतीश कुमार का प्रभाव है. वैसे उपेंद्र कुशवाहा भी आठ फीसदी कुशवाहा समाज पर प्रभाव का दावा करते हैं. इनके अलावा 16 फीसदी वोट बैंक मुस्लिमों का है. मौजूदा सियासी समीकरण में इस वोट बैंक पर राजद का प्रभाव दिखता है लेकिन जेडीयू भी उसे अपने पाले में करने की कोशिशों में जुटी है. पहले भी माय समीकरण का बड़ा हिस्सा नीतीश को समर्थन दे चुका है.
बिहार में अति पिछड़ी जाति के मतदाताओं का हिस्सा 26 फीसदी के करीब है. इसमें लोहार, कहार, सुनार, कुम्हार, ततवा, बढ़ई, केवट, मलाह, धानुक, माली, नोनी आदि जातियां आती हैं. पिछले चुनावों में ये अलग-अलग दलों को वोट करते रहे हैं लेकिन 2005 के बाद से इनका बड़ा हिस्सा नीतीश के साथ रहा है. अब तेजस्वी इसे तोड़ने की कोशिश में जुटे हैं. 2014 और 2019 के चुनावों में इस समूह का झुकाव बीजेपी की तरफ था.
राज्य में दलितों का वोट परसेंट 16 फीसदी के करीब है. इनमें पांच फीसदी के करीब पासवान हैं बाकी महादलित जातियां (पासी, रविदास, धोबी, चमार, राजवंशी, मुसहर, डोम आदि) आती हैं, जिनका करीब 11 फीसदी वोट बैंक है. पासवान को छोड़कर अधिकांश महादलित जातियों का झुकाव भी 2010 के बाद से जेडीयू की तरफ रहा है. तेजस्वी इसे भी तोड़ने की कोशिश में लगे हैं. पासवान का झुकाव लोजपा की तरफ शुरू से ही रहा है.
राज्य में 15 फीसदी वोट बैंक उच्च जातियों (भूमिहार, राजपूत, ब्राह्मण और कायस्थ) का है. भाजपा और कांग्रेस का फोकस सवर्णों पर रहा है लेकिन पहली बार राजद ने इसमें भी सेंधमारी की कोशिश की है और दर्जन भर टिकट उच्च जाति के उम्मीदवारों को दिए हैं. जेडीयू ने भी 10 भूमिहार, 7 राजपूत और दो ब्राह्मणों को टिकट दिया है.उधर, भाजपा भी ईबीसी और यादवों को अधिक टिकट देकर रिझाने की कोशिशों में जुटी है. यानी सभी दल एक-दूसरे के परंपरागत वोट बैंक में सेंधमारी कर रहे हैं. ऐसे में जो दल मतदाताओं को लामबंद कर पाने में सफल रहेगा, जीत उसी की होगी.
खेल / शौर्यपथ / आईपीएल 2020 के 34वें मैच में दिल्ली कैपिटल्स की टीम ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए चेन्नई सुपर किंग्स की टीम को 5 विकेट से हराया। दिल्ली की इस जीत के हीरो रहे अनुभवी ओपनर बल्लेबाज शिखर धवन, जिन्होंने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 58 गेंदों में नॉटआउट 101 रनों की पारी खेली। शिखर ने अपने 13 साल के आईपीएल करियर में यह पहला शतक लगाया है। धवन ने शतकीय पारी के बावजूद एक शर्मनाक रिकॉर्ड को अपने नाम कर लिया है और इस लिस्ट में उनके बाद विराट कोहली का नाम दर्ज है।
दरअसल, शिखर धवन ने आईपीएल में पहला शतक लगाने के लिए सबसे ज्यादा पारियां ली हैं, उन्होंने 167वीं पारी में इंडियन प्रीमियर लीग की अपनी पहली सेंचरी लगाई है। इस लिस्ट में दूसरे नंबर पर आईपीएल में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले विराट कोहली का नाम है, उन्होंने आईपीएल में पहला शतक लगाने के लिए 120 पारियां ली थी। लिस्ट में तीसरे नंबर पर अंबाती रायुडू (119) और चौथे नंबर पर सुरेश रैना (88) का नाम दर्ज है। मनीष पांडे पहले भारतीय बल्लेबाज हैं, जिन्होंने आईपीएल 2009 में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर की तरफ से खेलते हुए शतक लगाया था।
धवन इस आईपीएल में अबतक बेहद अच्छी लय में नजर आए हैं, उन्होंने दिल्ली कैपटिल्स की तरफ से खेले 9 मैचों में 143.02 के स्ट्राइक रेट से 359 रन बनाए हैं। इस दौरान उनके बल्ले से एक शतक और दो अर्धशतकीय पारियां भी निकली हैं। चेन्नई के खिलाफ मिली जीत के साथ ही दिल्ली की टीम प्वॉइंट टेबल में 9 मैचों में 7 जीत के साथ पहले नंबर पर पहुंच गई है। टीम का अगला मैच मंगलवार (20 अक्टूबर) को दुबई में किंग्स इलेवन पंजाब से होगा।
मनोरंजन / शौर्यपथ / बिग बॉस 14 में निक्की तंबोली और जान कुमार सानू की जोड़ी को दर्शकों द्वारा काफी पसंद किया रहा है। यह जोड़ी अपनी दोस्ती, प्यार, तकरार से सभी दर्शकों का दिल जीत रही है। लेकिन अब उन दोनों के बीच दरार पड़ती नजर आ रही है। लेकिन शनिवार को जान और निक्की के बीच हुई बहस के बाद उन्हें 'डबल ढोकलीÓ कह डाला।
दरअसल, रुबीना नहीं चाहती हैं कि बिग बॉस के घर में निक्की के स्टेटस को 'कन्फर्मÓ किया जाए वह चाहती हैं कि उनके स्टेटस को 'टू बी कन्फम्र्डÓ किया जाए। उन्हें लगता है कि निक्की काफी घमंडी हैं और वह घर में रहने की हकदार नहीं हैं। इस बीच रुबीना घर के दूसरे सदस्यों के सामने निक्की के बारे में बात करते हुए कहती हैं कि वह घर में रहने की हकदार नहीं हैं और इतनी गलतियां गिनवाने के बाद भी हम डबल ढोकली को वोट क्यों दें?
इसके बाद रुबीना ने कैमरे की तरफ देखकर दर्शकों से अपील की कि वे एजाज को ही वोट दें।
बता दें कि बिग बॉस के घर में निक्की के स्टेटस कन्फर्म होने के बाद से ही उनके बर्ताव में बदलाव आया है। जब जान और निशांत ने यही बात उन्हें समझाने की कोशिश की तो निक्की उनसे यह कहते हुए लडऩे लगी कि वह उनके सच्चे दोस्त नहीं हैं और उन्हें उनकी गलतियों को बताना चाहिए था। उन्होंने कहा कि आप दोनों मेरे सच्चे दोस्त नहीं हैं। आपको अगर लगता था कि मेरी गलतियां हैं तो आपको मुझे बताना चाहिए था घर के अन्य सदस्यों के सामने नहीं।
जिसके बाद रुबीना, जान का साथ देते हुए कहती हैं कि उन्हें उनपर गर्व है कि वो निक्की के 'ईगोÓ के बारे में खुलकर बात कर रहे हैं। हालांकि अभी निक्की घर की कनफम्र्ड सदस्य हैं। बिग बॉस ने घरवालों की आम सहमति ना बनने के कारण निक्की के स्टेटस को 'कन्फर्मÓ ही रखा ।
बता दें, कि इससे पहले राहुल वैद्य और जान कुमार सानू के बीच एक म्यूजिकल कॉन्सर्ट होता है जिसमें गाने से खुश होकर निक्की जान को किस कर देती हैं।
मनोरंजन / शौर्यपथ / उदित नारायण के बेटे आदित्य नारायण गर्लफ्रेंड श्वेता से शादी करने वाले हैं। उदित ने हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान बेटे की शादी पर अपना रिएक्शन दिया है। उदित ने कहा, मैं श्वेता को कई साल से जानता हूं लेकिन सिर्फ बेटे की दोस्त के तौर पर। आदित्य एक दिन मेरे पास आया और उसने मुझे बताया कि वह श्वेता से शादी करना चाहता है। मैंने आदित्य को सिर्फ इतना कहा कि आगे चलकर कुछ हुआ तो मम्मी-पापा को दोष मत देना।
उदित ने आगे कहा, 'हम आदित्य की शादी धूम-धाम से करना चाहते थे लेकिन कोरोना ने हमारी सभी ख्वाहिशों पर पानी फेर दिया। कम लोगों के बीच ही मुंबई में शागी होगी। मैं तो चाहता था कि आदित्य की शादी का सेलिब्रेशन ग्रैंड तरीके से करूं और कई लोगों को बुलाऊं। लेकिन मैं सरकार के फैसले के खिलाफ नहीं जाऊंगा। उम्मीद करता हूं कि दिसंबर तक सिचुएशन ठीक हो जाए ताकि इकलौते बेटे की शादी को एंजॉय कर सकूं।Ó
इससे पहले आदित्य ने बताया था कि वह 1 दिसंबर को श्वेता से शादी करेंगे। कोविड 19 की वजह से वह सिर्फ परिवार और करीबी दोस्तों के बीच शादी करेंगे क्योंकि महाराष्ट्र में 50 से ज्यादा मेहमान की अनुमति नहीं है। आदित्य ने कहा, 'हम मंदिर में बहुत ही सिंपल तरीके शादी करेंगे। आगे सिचुएशन बेहतर होती है तो हम तब बड़ी रिस्पेशन पार्टी देंगे।Ó
श्वेता, आदित्य को समझती थीं वुमनाइजर
आदित्य ने बताया कि शुरुआत में श्वेता को वह वुमनाइजर लगते थे। श्वेता को लगता था आदित्य लड़कियां घुमाते हैं। लेकिन जब श्वेता ने आदित्य को अपने परिवार के साथ देखा तो तब उन्हें समझ आया कि आदित्य एक फैमिली मैन हैं। इसके बाद श्वेता को एहसास हो गया था कि मुझे भी रिश्तों की कद्र है।
श्वेता के साथ अपनी पहली डेट के बारे में बताते हुए आदित्य ने कहा था, हम दोनों फिल्म शापित के सेट पर मिले थे। एक दिन मैंने श्वेता को बोला कि साथ में लंच करते हैं, लेकिन उन्होंने मना कर दिया। फिर मेरी मां ने श्वेता को समझाया था कि हम दोनों साथ में काम कर रहे हैं तो हमें लंच पर जाना चाहिए। हम साथ में गए, लेकिन वह वहां मुंह फुलाए बैठी थी।
धर्म संसार / शौर्यपथ / नवरात्रि का दूसरा दिन मां ब्रह्मचारिणी को समर्पित होता है। नवरात्रि के 9 दिन मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है। कहते हैं कि मां ब्रह्मचारिणी को हरा रंग बेहद प्रिय होता है। माना जाता है कि मां ब्रह्मचारिणी को हरे रंग का भोग अर्पित करने से उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है। इसके साथ ही भक्त की मन की मुरादें भी पूरी होती हैं। मां ब्रह्मचारिणी की कृपा से सिद्धी की प्राप्ति होती है। तप, त्याग, वैराग्य, सदाचार और संयम पाने के लिए देवी ब्रह्मचारिणी की उपासना की जाती है।
इनका पूजन मंत्र है-
दधाना करपाद्माभ्याम, अक्षमालाकमण्डलु।
देवी प्रसीदतु मयि, ब्रह्मचारिण्यनुत्तमा।।
मां ब्रह्मचारिणी के पूजन में हरे वस्त्रों को धारण करें। हरा रंग आध्यात्मिक ज्ञान का प्रतीक है। हरा रंग प्रकृति, शांति और प्रगति का प्रतीक है। साथ ही साथ यह नई शुरुआत का भी प्रतीक है। सच्चे मन से मां ब्रह्मचारिणी का पूजन करें। मां सभी मनोकामनाएं पूर्ण करेंगी।
नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है। यहां ब्रह्म का अर्थ तपस्या से है। शास्त्रों के अनुसार ब्रह्मचारिणी का अर्थ तप की चारिणी यानि तप का आचरण करने
वाली बताया गया है। मां ब्रह्मचारिणी के एक हाथ में जप की माला है और बाएं हाथ में कमंडल है। नारद जी के आदेशानुसार भगवान शिव को पति के रूप में पाने के लिए देवी ने वर्षों तक कठिन तपस्या की। एक हजार वर्षों तक माता ने सिर्फ फल-फूल खाकर जावन यापन किया।
मां ब्रह्मचारिणी की पूजा आज, अपनों को माता की भक्ति से भरें भेजें ये इमेज और स्रूस्
नवरात्रि का त्योहार 17 अक्टूबर, 2020 से शुरू हो चुका है। आज नवरात्रि का दूसरा दिन है। नवरात्रि के दूसरे दिन मां दुर्गा के देवी ब्रह्मचारिणी स्वरूप की पूजा की जाती है। शास्त्रों के अनुसार, माता पार्वती ने भगवान शंकर को पति के रूप में प्राप्त करने के लिए कई हजार सालों तक ब्रह्मचारी रहकर घोर तपस्या की थी। उनकी इस कठिन तपस्या के कारण ही उनका नाम तपचारिणी यानी ब्रह्मचारिणी पड़ गया। नवरात्रि के पर्व की लोग अपनों को माता की भक्ति से भरे मैसेज और इमेज से बधाई देते हैं। हम आपको बता रहे हैं ऐसे कुछ स्रूस्, इमेज और मैसेज जिनसे आप नवरात्रि के दूसरे दिन की दे सकते हैं बधाई-
1. जब जब याद किया तुझे ए मां
तूने आंचल में अपने आसरा दिया.
कलयुगी इस जहां में, एक तूने ही सहारा दिया.
शुभ नवरात्रि।
2. जब जब याद किया तुझे ए मां
तूने आंचल में अपने आसरा दिया.
कलयुगी इस जहां में, एक तूने ही सहारा दिया.
शुभ नवरात्रि।
3. मां अम्बे आपको
सुख समृद्धि वैभव ख्याति प्रदान करें.
जय माता दी.
नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं।
4. लाल रंग की चुनरी से सजा मां का दरबार
हर्षित हुआ मन, पुलकित हुआ संसार
नन्हें-नन्हें कदमों से मां आए आपके द्वार
इस नवरात्रि यही हैं हमारी दुआ
जय माता दी.
हैप्पी नवरात्रि 2020
5. माता रानी वरदान ना देना हमें,
बस थोड़ा सा प्यार देना हमें,
तेरे चरणों में बीते ये जीवन सारा,
एक बस यही आशीर्वाद देना हमें
आप सभी को नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं
शुभ नवरात्रि 2020
6. जब दु:ख बढ़ जाता हैं,
हल कहीं नहीं मिल पाता हैं,
तब वो मां के दरबार आता हैं,
चेहरे पर मुस्कान लेकर जाता हैं।
हैप्पी नवरात्रि 2020
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
