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June 03, 2026
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शौर्यपथ

शौर्यपथ

रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ के महानिरीक्षक पंजीयन अधीक्षक एवं अधीक्षक मुद्रांक ने बताया है कि हाल ही में विभिन्न पंजीयन कार्यालयों में पंजीयन होने वाले दस्तावेजों की संख्या अधिक होने के कारण अपॉइंटमेंट प्राप्त होने में कठिनाई होने बाबत सूचना प्राप्त हुई है। विगत माह रायपुर पंजीयन कार्यालय में कुछ स्टाफ के कोविड-19 से संक्रमित होने के कारण पंजीयन कार्य बाधित हुआ था तथा नवरात्री के त्यौहार होने के कारण पंजीयन योग्य दस्तावेजों की संख्या अधिक होने के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई। यह भी पाया जाता है कि कुछ लोगों द्वारा एक ही दस्तावेज के लिए एक से अधिक बार अपॉइंटमेंट प्राप्त कर लिया जाता है। इस कारण से भी आम लोगों को अपॉइंटमेंट प्राप्त करने में असुविधा हुई है। इस समस्या के निराकरण हेतु ई-पंजीयन सिस्टम में सुधार कर ई-पंजीयन अपॉइंटमेंट की नई व्यवस्था की गई है।
ई-पंजीयन की नई व्यवस्था के अनुसार अब विक्रय पत्र मामले में अपॉइंटमेंट केवल प्रतिफल मूल्य के 5 प्रतिशत से अधिक मूल्य के ई-स्टेम्प के आधार पर ही दिया जाएगा। यदि पूर्व से ही किसी पक्षकार द्वारा प्रतिफल राशि के 5 प्रतिशत से कम मूल्य के ई-स्टेम्प के आधार पर अपॉइंटमेंट प्राप्त किया है, उन्हें 24 घंटा का समय देते हुए सूची भेजी जाएगी कि वे सही मूल्य के आधार पर अपॉइंटमेंट प्राप्त करें। यदि वे ऐसा करने में विफल रहते हैं तो उनका अपॉइंटमेंट निरस्त करते हुए अन्य लोगों के लिए खोल दिया जाएगा। यह भी व्यवस्था की गई है कि एक ही दस्तावेजों के लिए एक से अधिक अपॉइंटमेंट नहीं लिया जा सके इसके लिए यह व्यवस्था की गई है कि सिस्टम इस बात के लिए भी जांच करेगा कि लिए जा रहे अपॉइंटमेंट में उपयोग किए गए ई-स्टेम्प के द्वारा पूर्व में भी तो अपॉइंटमेंट तो प्राप्त नहीं किया गया है। यदि उसी ई-स्टेम्प में पहले भी अपॉइंटमेंट लिया जा चुका है, तो उन्हें अपॉइंटमेंट प्रदान नहीं किया जा सकेगा।
यदि अपॉइंटमेंट प्राप्त होने के कारण कोई पक्षकार अपना दस्तावेज पंजीयन हेतु निर्धारित तिथि और समय में प्रस्तुत करने में असफल रहता है, तो उसी दस्तावेज को पंजीयन हेतु अपॉइंटमेंट 15 दिवस पश्चात प्राप्त हो सकेगा। पक्षकार आसानी से अपॉइंटमेंट प्राप्त कर सके इसलिए आगामी 15 दिवस के लिए ऐसी व्यवस्था अपॉइंटमेंट पोर्टल में किया गया है। अपॉइंटमेंट प्राप्त करने के लिए पोर्टल प्रतिदिन सुबह 8 बजे से खुलेगा और यह तब तक जारी रहेगा जब तक आगामी 15 दिवस का अपॉइंटमेंट पूरा बुक न हो जाए।

राजधानी रायपुर में पंजीयन कार्यालय में दस्तावेजों की अधिकता होने के कारण यहां पांचवा उपपंजीयक कार्यालय खोलने की स्वीकृति दी गई है। इस अतिरिक्त पंजीयन कार्यालय में रायपुर एसआर5 के नाम से पंजीयन किया जा सकेगा। पक्षकार इसके लिए आगामी सोमवार 19 अक्टूबर 2020 अपॉइंटमेंट प्राप्त कर सकेंगे। अपॉइंटमेंट प्राप्त होने में किसी प्रकार की कठिनाई होने पर विभागीय हेल्पलाइन नंबर 07714912523,18002332488 में सम्पर्क किया जा सकता है। पंजीयन हेतु पंजीयन कार्यालय में उपस्थित होने वाले सभी पक्षकारों से अनुरोध किया गया है कि कोविड-19 की रोकथाम के लिए शासन द्वारा जारी गाइन-लाइन का पालन करें। पंजीयन कार्यालय में भौतिक दूरी बनाए रखने, मास्क लगाने, सेनेटाईजर इस्तेमाल करने बाबत दिए गए निर्देशों का पालन आवश्य किया जाए।

दुर्ग / शौर्यपथ / गृह एवं लोक निर्माण मंत्री ताम्रध्वज साहू 18 अक्टूबर रविवार को दुर्ग जिले के दुर्ग विकासखण्ड के विभिन्न गांवों का दौरा कर स्थानीय कार्यक्रमों में शामिल होंगे। मंत्री साहू सबेरे 10.30 बजे रायपुर से कार से प्रस्थान करेंगे और दोपहर 12 बजे ग्राम उमरपोटी, 12.45 बजे ग्राम पुरई, 1.30 बजे ग्राम खम्हरिया, 2.15 बजे ग्राम धनोरा, 3 बजे ग्राम हनोदा, 4 बजे ग्राम कोडि़या, 4.45 बजे ग्राम भानपुरी और 5.30 बजे ग्राम कोकड़ी में आयोजित स्थानीय कार्यक्रमों में शामिल होंगे। वे शाम 6 बजे कोकड़ी से प्रस्थान कर वापस रायपुर आएंगे।

रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अखिल भारतीय स्तर पर चिकित्सा स्नातक में राष्ट्रीय पात्रता एवं प्रवेश परीक्षा (नीट) में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा संचालित प्रयास आवासीय विद्यालय के विद्यार्थियों के शानदार प्रदर्शन पर प्रसन्नता जताई है। उन्होंने इस परीक्षा में सफल रहे विद्यार्थियों के उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। नीट परीक्षा में प्रयास आवासीय विद्यालयों के 166 विद्यार्थियों में सफलता प्राप्त की है। चिकित्सा स्नातक में राष्ट्रीय पात्रता एवं प्रवेश परीक्षा (नीट) का परिणाम 16 अक्टूबर को जारी हुआ। आदिम जाति कल्याण मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम, विभाग के सचिव डी.डी.सिंह और संचालक श्रीमती शम्मी आबिदी ने सभी सफल विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दी।
उल्लेखनीय है कि चिकित्सा स्नातक में राष्ट्रीय पात्रता एवं प्रवेश परीक्षा (नीट) में 367 विद्यार्थी शामिल हुए, इनमें से 166 विद्यार्थी सफल हुए हैं। सफल विद्यार्थियों में सर्वाधिक 38 बालिकाएं प्रयास कन्या आवासीय विद्यालय रायपुर की हैं। इसके अलावा प्रयास आवासीय विद्यालय दुर्ग के 33, प्रयास आवासीय विद्यालय बस्तर के 26, प्रयास आवासीय विद्यालय बिलासपुर के 24, प्रयास बालक आवासीय विद्यालय रायपुर के 19, प्रयास आवासीय विद्यालय अंबिकापुर के 17 और प्रयास आवासीय विद्यालय कांकेर के 9 विद्यार्थी परीक्षा में सफल हुए हैं।
इसके अतिरिक्त नक्सल प्रभावित क्षेत्र दंतेवाड़ा से 34 विद्यार्थियों और जशपुर में संकल्प विद्यालय के 15 विद्यार्थियों ने नीट की परीक्षा क्वालीफाई की है।

भिलाई / शौर्यपथ / सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र के बार एवं राॅड मिल में 17 अक्टूबर, 2020 को विभाग के कार्मिकांे को “कर्म शिरोमणि पुरस्कार” से सम्मानित किया गया। बार एवं राॅड मिल में आयोजित इस कार्यक्रम में महाप्रबंधक प्रभारी श्री संजय शर्मा ने श्री सुमेघ मानकर, श्री एस एस मीणा, श्री धनराज साहू एवं श्री मान सिंग मीणा को कर्म शिरोमणि पुरस्कार से सम्मानित किया।
इस रचनात्मक एवं स्वस्थ परम्परा को आगे बढ़ाते हुए संजय शर्मा ने महाप्रबंधक कक्ष मंे अनुभाग प्रभारियों, कार्मिक अधिकारी एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में कार्मिकांे को उत्कृष्टता प्रमाण-पत्र, स्मृति चिन्ह और उनके जीवनसाथी के लिए प्रशंसा-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। प्रबंधन द्वारा प्रारंभ किया गया यह सम्मान कर्मियों को एक आत्मिक खुशी देता है यह भावना कर्मियों के अभिव्यक्ति से स्पष्ट झलक रही थी।
इस अवसर पर उपस्थित महाप्रबंधकगण मुकेश गुप्ता, आशीष एवं संजय कुमार शर्मा ने पुरस्कृत कार्मिकांे के योगदान एवं व्यक्तिगत गुणों पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम का संचालन एवं संयोजन डाॅ जे एस बघेल, कार्मिक अधिकारी (मिल्स जोन-1) ने किया।

भिलाई / शौर्यपथ / कोविड-19 महामारी के मद्देनजर उत्पादन में प्रतिबंधों और रूकावटों के बावजूद, सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र ने वर्तमान वित्तवर्ष-2020-21 के अपै्रल से सितम्बर की अवधि के दौरान उत्पादन के विभिन्न क्षेत्रों में रिकाॅर्ड निष्पादन दर्ज किया है। साथ ही बीएसपी ने प्रथम तिमाही अपै्रल से जून की अवधि के मुकाबले दूसरे तिमाही जुलाई से सितम्बर की अवधि में उत्पादन में बेहतर वृद्धि दर्ज करने में सफलता प्राप्त किया है। विदित हो कि मार्च से जून-2020 के दौरान स्टील की माँग गिरने के पश्चात् फिर बढ़ोतरी की ओर है। सेल-बीएसपी बढ़ी हुई माँग का फायदा उठाने और प्रथम तिमाही मंें निष्पादन में कमी की भरपाई करने हेतु वर्तमान वित्तवर्ष की शेष अवधि में उत्पादन को अधिकतम करने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए प्रतिबद्ध है। ऐसा करते हुए संयत्र प्रबंधन सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है तथा कार्य स्थलों में सैनिटाइजेशन, लोगों को फेस मास्क पहनने के लिए संवेदनशील बनाना और सोशल डिस्टेंसिंग आदि को बनाए रखने पर जोर दे रही है ताकि कोविड-19 के खतरे से बचाव हो सके।
सेल-बीएसपी द्वारा निष्पादन गति में निरंतर श्रेष्ठ वृद्धि की कड़ी में जहाँ ब्लास्ट फर्नेस-8 ने प्रथम तिमाही अवधि के दौरान 11,84,660 टन हाॅट मेटल का सर्वश्रेष्ठ संचयी उत्पादन किया, वहीं सभी ब्लास्ट फर्नेसों ने संयुक्त रूप से प्रथम तिमाही के मुकाबले में द्वितीय तिमाही में कुल हाॅट मेटल के उत्पादन में 48.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की।
जहाँ संयंत्र के एसएमएस-3 ने प्रथम तिमाही की अवधि में 8,87,128 टन सर्वाधिक कास्ट स्टील उत्पादन का कीर्तिमान रचा, वहीं दोनों स्टील मेल्टिंग शाॅप्स, एसएमएस-2 एवं एसएमएस-3 ने प्रथम तिमाही की तुलना में द्वितीय तिमाही में कुल क्रूड स्टील उत्पादन में 47.3 प्रतिशत की बढ़त हासिल की। जिसमें प्रथम तिमाही की तुलना में द्वितीय तिमाही में एसएमएस-2 से 64 प्रतिशत और एसएमएस-3 से 33.7 प्रतिशत की बढ़ोतरी शामिल है।
संयंत्र ने यूनिवर्सल रेल मिल और रेल एवं स्ट्रक्चरल मिल दोनों से वित्तवर्ष 2019-20 के प्रथम छमाही (अपै्रल से सितम्बर) के 5,89,391 टन पिछले सर्वश्रेष्ठ के मुकाबले वर्तमान वित्तवर्ष 2020-21 के प्रथम छमाही में 5,94,983 टन प्राइम रेल्स का सर्वाधिक उत्पादन किया है। जबकि यूआरएम ने 2019-20 के प्रथम छमाही अवधि में 2,38,842 टन के पिछले सर्वश्रेष्ठ के मुकाबले वर्तमान वित्तवर्ष 2020-21 की इसी अवधि में 2,95,228 टन प्राइम रेल्स का सबसे अधिक उत्पादन दर्ज किया। यूआरएम और आरएसएम दोनांे ने संयुक्त रूप से प्रथम तिमाही की तुलना में द्वितीय तिमाही में यूटीएस 90 प्राइम रेल्स के कुल उत्पादन में 25.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की। जिसमें प्रथम तिमाही की तुलना मंें द्वितीय तिमाही में आरएसएम से 11.4 प्रतिशत और यूआरएम से 37 प्रतिशत की वृद्धि शामिल है।
संयंत्र के बार एवं रॉड मिल ने वर्तमान वित्तवर्ष के दौरान सेल सिक्योर टीएमटी उत्पादों के नए ग्रेड को विभिन्न मापदंडों में रोलिंग किया है। वर्ष 2019-20 के प्रथम छमाही में 40,503 टन की तुलना में वर्तमान वित्तवर्ष के प्रथम छमाही में 1,25,176 टन उच्चतम उत्पादन दर्ज किया है।
संयंत्र की अन्य फिनिशिंग मिल्स में, मर्चेंट मिल को प्रथम तिमाही के अपै्रल महीने में प्रचालित नहीं किया गया और वायर रॉड मिल को मई और जून-2020 में प्रचालित नहीं किया गया। मर्चेन्ट मिल ने प्रथम तिमाही की तुलना में द्वितीय तिमाही में 246.7 प्रतिशत का उत्पादन वृद्धि दर्ज किया। जबकि वायर राॅड मिल ने 140.3 प्रतिशत उत्पादन वृद्धि दर्ज की। दूसरी ओर प्लेट मिल जो प्रथम तिमाही के तीनों महीनों के दौरान प्रचालन से बाहर रही, प्रथम छमाही अवधि में 2,17,000 टन का उत्पादन किया।
संयंत्र ने वर्तमान वित्तवर्ष के प्रथम तिमाही के मुकाबले कुल फिनिश्ड इस्पात और विक्रेय योग्य इस्पात उत्पादन में क्रमशः 102.7 प्रतिशत और 58.3 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है।

राज्य के 97.80 प्रतिशत प्रवासी श्रमिकों को मिला राशन
शत-प्रतिशत श्रमिकों को मिली क्वारंटाइन सुविधा
श्रमिक परिवारों को एलपीजी कनेक्शन, नगद सहायता, कृषि ऋण,
मनरेगा में रोजगार सहित मिली कई सुविधाएं

रायपुर / शौर्यपथ / लॉकडाउन के दौरान लौटे प्रवासी श्रमिकों को सुविधाएं देने के मामले में छत्तीसगढ़ देश में अव्वल राज्य रहा है। यह निष्कर्ष इंटरफेरेंशियल सर्वे स्टेटिक्स एण्ड रिसर्च फाउंडेशन (आईएसएसआरएफ) द्वारा किए गए सर्वे में सामने आया है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की पहल पर राज्य में प्रवासी श्रमिकों को विभिन्न प्रकार की सुविधा देने के लिए तेजी से कदम उठाए और अनेक श्रमिक हितैषी निर्णय लिए गए।
इंटरफेरेंशियल सर्वे स्टेटिक्स एण्ड रिसर्च फाउंडेशन ने देश के छह प्रमुख प्रवासी श्रमिकों की वापसी वाले राज्यों छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड, ओडिशा, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में सर्वे किया। जो लॉकडाउन के दौरान प्रवासी श्रमिकों को उपलब्ध कराई गई आजीविका, शिक्षा, स्वास्थ्य सहित विभिन्न बुनियादी सुविधाओं पर केन्द्रित रहा।
छत्तीसगढ़ में लौटे शत-प्रतिशत प्रवासी श्रमिकों को क्वारेंटाईन की सुविधा उपलब्ध कराई गई, 97.80 प्रतिशत प्रवासी श्रमिकों को पात्रतानुसार निःशुल्क और रियायती दरों पर राशन दिया गया, इसी तरह श्रमिक परिवारों को एलपीजी कनेक्शन, नगद सहायता, कृषि और मनरेगा में रोजगार और कृषि ऋण जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई। छत्तीसगढ़ श्रमिकों को निःशुल्क एलपीजी कनेक्शन देने के मामले में सर्वेक्षित राज्यों में पहले स्थान पर है।
यह सर्वे बिलासपुर, दंतेवाड़ा, जशपुर, महासमुंद और राजनांदगांव की 99 ग्राम पंचायतों में किया गया। जिसमें पांच सौ से अधिक प्रवासी श्रमिकों को शामिल किया गया है। छत्तीसगढ़ में किए गए सर्वे में बिलासपुर जिले की 28, दंतेवाड़ा की 15, जशपुर की 20, महासमुंद की 19 और राजनांदगांव की 17 ग्राम पंचायतें शामिल हैं। इन ग्राम पंचायतों में 30 जून से 28 जुलाई के बीच सर्वेक्षण किया गया।
सर्वे के अनुसार छत्तीसगढ़ के श्रमिकों को दो श्रेणियों में विभाजित किया जा सकता है। पहली श्रेणी में गैर कृषि कार्य में संलग्न श्रमिक, जो 52.98 प्रतिशत स्किल्ड हैं और दूसरी श्रेणी में आयरन और वेल्डिंग, फेब्रीकेशन कार्यों में 40.43 प्रतिशत स्किल्ड हैं। कुशल श्रमिकों में छत्तीसगढ़ का योगदान एक तिहाई है। छत्तीसगढ़ से 63.94 प्रतिशत श्रमिक कंस्ट्रक्शन, पाइंप कटिंग वर्क में स्किल्ड हैं।
आईएसएसआरएफ द्वारा ‘ऑन माइग्रेन वर्कस‘ विषय पर किए गए सर्वे में शहरों से गांव में लौटने वाले प्रवासी श्रमिकों पर लॉकडाउन के दौरान उनकी आजीविका और उनकी स्थित पर पड़ने वाले प्रभावों का छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के 34 जिलों में अध्ययन किया गया।

दुर्ग / शौर्यपथ / सड़क दुर्घटना में क्षतिग्रस्त वाहन का बीमा दावा भुगतान करने से बीमा कंपनी ने इंकार कर दिया, इसे सेवा में निम्नता पाते हुए जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष लवकेश प्रताप सिंह बघेल, सदस्य राजेन्द्र पाध्ये व लता चंद्राकर ने यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड पर 2 लाख 31 हजार रुपये हर्जाना लगाया।

ग्राहक की शिकायत
टाटीबंध रायपुर निवासी रमाकांत यादव का ट्रक सड़क दुर्घटना में दिनांक 11 जनवरी 2018 क्षतिग्रस्त हो गया। जिसकी पुलिस में सूचना देने के बाद वाहन को रिपेयर करवाया गया एवं वाहन में आए खर्च संबंधी बिल व रसीदों को बीमा कंपनी में जमा कर क्लेम फॉर्म जमा कराया गया लेकिन बीमा कंपनी ने दावा राशि का भुगतान नहीं किया।

बीमा कंपनी जवाब
बीमा कंपनी ने फोरम के समक्ष उपस्थित होकर कहा कि परिवादी ने अपने वाहन को दुर्घटना दिनांक से काफी पहले रामेश्वर यादव नामक व्यक्ति को विक्रय कर कागजात सौंप दिए थे। परिवादी घटना दिनांक को क्षतिग्रस्त वाहन का ना तो स्वामी था, ना ही कब्जाधारी था। परिवादी ने वाहन का बीमा कराते समय इस तथ्य को छुपाया और वाहन के विक्रय की लिखित सूचना आरटीओ कार्यालय और बीमा कंपनी नहीं दी। घटना दिनांक को परिवादी का वाहन में बीमा हित नहीं होने के कारण उसे बीमा दावा राशि का भुगतान नहीं किया गया है। परिवादी के प्रति किसी प्रकार से सेवा में कोई कमी नहीं की गई है।


फोरम का फैसला
प्रकरण में प्रस्तुत दस्तावेजों एवं प्रमाणों के आधार पर जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष लवकेश प्रताप सिंह बघेल, सदस्य राजेन्द्र पाध्ये व लता चंद्राकर ने उपभोक्ता के प्रति बीमा कंपनी द्वारा सेवा में निम्नता का कृत्य किया जाना प्रमाणित पाया। आयोग ने विचारण के दौरान यह अभिनिर्धारित किया कि जिस व्यक्ति के नाम पर वाहन पंजीकृत है उसे ही मोटर व्हीकल एक्ट के प्रयोजनों के लिए वाहन का मालिक माना जाता है और पंजीकृत स्वामी के नाम पर ही बीमा करके बीमा पॉलिसी जारी की गई है इस कारण बीमा अवधि में हुई दुर्घटना से क्षति के परिणाम स्वरुप उत्पन्न दावे के लिए बीमा कंपनी उत्तरदायी है। बीमा कंपनी अपने दायित्व से बच नहीं सकती। परिवादी पंजीकृत वाहन स्वामी होने के साथ-साथ बीमा पालिसीधारक है, इसलिए वाहन में उसका बीमा हित विद्यमान है और वह बीमा दावा प्राप्त करने का अधिकारी है।


हर्जाना राशि
जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष लवकेश प्रताप सिंह बघेल, सदस्य राजेन्द्र पाध्ये व लता चंद्राकर ने संयुक्त रूप से फैसला सुनाते हुए यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड पर 2 लाख 31 हजार रुपये हर्जाना लगाया, जिसके तहत बीमा दावा राशि 210000 रुपये, मानसिक पीड़ा की क्षतिपूर्ति स्वरूप 20000 रुपये तथा वाद व्यय के रुप में 1000 रुपये देना होगा एवं दावा राशि पर 6 प्रतिशत वार्षिक दर से ब्याज भी देना होगा।

दुर्ग / शौर्यपथ / दुर्ग जिला प्रशासन द्वारा अवैध प्लाटिंग पर कार्यवाही प्रशासन की कार्यशैली का हिस्सा है किन्तु क्या यह कार्य शैली सरकार की नीतियों का विरोध नहीं कर रही है . भूपेश सरकार की नीतियों के अनुसार छोटे भूखंड के क्रय विक्रय की अनुमति २०१८ में दी गयी जिससे छोटे भूखंड जिसकी जितनी हैसियत उतनी जमीन खरीदने का सपना साकार हुआ इस फैसले से किसान को अपनी जमीन को टुकडो में बेचने पर कीमत भी ज्यादा मिलने लगी और बिल्डरों के मायाजाल से भी छुटकारा मिला वही इन सब खरीदी बिक्री के दस्तावेज का प्रमाणीकरण शासकीय कार्यालय द्वारा किये जाने रजिस्ट्री कार्यालय द्वारा किये जाने के बावजूद अब इस खरीदी बिक्री पर सरकार की कार्यवाही से ऐसे जमीन मालिक पेशोपेश में है जिनके पास बड़े बड़े भूखंड है जिसे वो भूपेश सरकार के नीतियों के अनुरूप छोटे छोटे भूखंड में बेच चुके है और साथ ही वो खरीददार भी असम्जाश में है जिन्होंने अपनी जिन्दगी भर की कमाई ऐसे छोटे छोटे भूखंड खरीदने में लगा दिए है ताकि उनके सपनो का आशियाना तैयार हो . जिला प्रशासन द्वारा अवैध प्लाटिंग के नाम पर कार्यवाही तो कर दी किन्तु अब तक प्रशासन क्यों मौन रही क्योकि हर खरीदी बिक्री के दस्तावेज उन अधिकारियों के टेबल से ही गुजरते थे जो आज कार्यवाही के लिए मैदान में है क्या आम जनता के मेहनत की कमाई और उनकी जमीन के छोटे से टुकड़े पर भी जिला प्रशासन अवैध प्लाटिंग के नाम पर बुलडोजर चलाने के फिराक में है जिस जमीन के क्रय विक्रय के समस्त दस्तावेजो का रजिस्ट्री शुल्क जिला प्रशासन ने लिया , जिनका नामांतरण जिला पंजीयन कार्यालय में हुआ , जिनका प्रमाणीकरण तहसील कार्यालय में हुआ तब क्यों नहीं प्रशासन की नींद खुली आज जब खरीदी बिक्री हो गयी वैध और अवैध का मामला सामने आ गया आखिर प्रशासन रजिस्ट्री करने के पहले ही यह तय क्यों नहीं करती कि वैध प्लाटिंग और अवैध प्लाटिंग के मापदंड क्या है अगर प्रशासन के नजर में छोटे छोटे भूखंडो का क्रय विक्रय अवैध है तो फिर भूपेश सरकार के फैसले को जिला प्रशासन को शून्य कर देना चाहिए या फिर ऐसे क्षेत्र को चिन्हांकित कर देना चाहिए कि फला स्थान की खरीदी बिक्री अवैध प्लाटिंग क्षेत्र मानी जायेगी और फला स्थान की प्लाटिंग वैध ताकि खरीदने वालो की पूंजी सुरक्षित रह सके साथ ही यह भी सुनिश्चित हो कि भूपेश सरकार के फैसले के अनुरूप किस क्षेत्र में छोटे छोटे भूखंडो की खरीदी बिक्री की जा सकती है और किस क्षेत्र में नहीं ताकि आम जनता के साथ किसी प्रकार की कोई जालसाजी ना हो सके .

क्या फैसला था भूपेश सरकार का सत्ता में आने के बाद
5 डिसमिल से कम रकबे की जमीन खरीदने वालों को भूपेश सरकार का तोहफा

      मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश पर छोटे भू-खण्ड धारकों को जमीन की खरीदी-बिक्री के पंजीयन में बड़ी राहत मिली है. बघेल ने छोटे भू-खण्डधारकों को रजिस्ट्री में आ रही दिक्कतों को देखते हुए राजस्व विभाग को इसका तत्काल निराकरण करने के निर्देश दिए गए थे. CM के निर्देश पर राजस्व विभाग द्वारा पूर्व में जारी आदेशों को स्थगित करते हुए २०१८ नया आदेश जारी किया गया है, जिसके अंतर्गत पांच डिसमिल से कम रकबे की खरीदी-बिक्री पर रोक हटा दी गई है. अब पांच डिसमिल से कम रकबे की भूमि का अब नामांतरण और पंजीयन आसान होगा. इससे हजारों निम्न और मध्यम वर्ग के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी.
बता दें घोषणा पत्र में कांग्रेस ने इस समस्या का त्वरित निराकरण का वादा किया गया था राजस्व विभाग द्वारा वाणिज्यिक-कर (पंजीयन) विभाग को पत्र जारी कर दिया गया है. इसके अनुसार रजिस्ट्री के लिए खसरा नंबर के नक्शा में अंकन की अनिवार्यता को स्थगित कर दी गई है. सचिव राजस्व विभाग द्वारा सचिव वाणिज्यिक-कर (पंजीयन) को जारी पत्र में कहा है कि पूर्व में छोटे भू-खण्डों का पंजीयन होने और उसका नक्शे में अंकन किए बिना खसरे में भूमि-स्वामी का नाम दर्ज किया गया है.

ऐसे खसरा नम्बरों का बिना विस्तृत सर्वेक्षण और गहन जांच के बिना नक्शे में अंकन संभव नहीं होने के कारण यदि कोई भूमि-स्वामी किसी खसरा नम्बर के धारित सम्पूर्ण भूमि को अंतरित करना चाहता है तो पंजीयन के लिए उस खसरा नम्बर के नक्शे में अंकन की अनिवार्यता को स्थगित की जाए. इसी तरह खसरा और नक्शा में आबादी भूमि के रूप में दर्ज भूमि में निवासरत व्यक्तियों द्वारा धारित भू-खण्डों का भूमि-स्वामीवार कोई भी भू-अभिलेख तथा नक्शा शासन द्वारा अभी तैयार नहीं कराया गया है.
इसलिए भूमि के रूप में अंकित खसरा नम्बर के अंदर यदि किसी व्यक्ति द्वारा विधिपूर्वक कब्जे की भूमि के विक्रय हेतु पंजीयन के लिए भू-अभिलेख एवं नक्शे की अनिवार्यता को समाप्त किया जाए. राजस्व विभाग द्वारा यह भी कहा गया है कि यदि ले-आऊट के आधार पर किसी भूमि-स्वामी द्वारा किसी भू-खण्ड का विक्रय किया जाता है तो ले-आऊट को पंजीयन का आवश्यक अंग मानते हुए बिना नक्शा बटांकन के पंजीयन की कार्रवाई की जाए. कुछ प्रकरणों में रायपुर विकास प्राधिकरण तथा छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल द्वारा अनुमोदित ले-आऊट भुंईया Software में अपलोड नहीं किया गया है. ऐसे प्रकरणों में संबंधित संस्थान द्वारा जारी अनापत्ति प्रमाण के आधार पर भू-खण्डों के पंजीयन की कार्रवाई की जाएगी.

छोटे भूखंडो की खरीदी बिक्री से बढ़ा राजस्व ...
भाजपा सरकार के शासन में छोटे भूखंडो की कह्रीदी बिक्री पर रोक लगाने के कारण छोटे व माध्यम वर्ग के लोगो के लिए अपने बजट के अनुसार छोटा भूखंड लेना मुश्किल हो गया था किन्तु भूपेश सरकार के फैसले के बाद ऐसे लोगो के लिए अपनी जमीन अपना घर का सपना पूरा होते दिखा . प्रदेश के हर क्षेत्र में सरकार के फैसले के बाद छोटे भूखंडो की रजिस्ट्री तीव्र गति से बड़ी इससे आम जनता के सपने भी साकार हुए वही रजिस्ट्री शुल्क से शासन को राजस्व की भी प्राप्ति हुई .

राज्य खेल प्रशिक्षण केन्द्र बिलासपुर को ‘स्टेट सेंटर ऑफ एक्सिलेंस‘ का दर्जा
छत्तीसगढ़ को पहली बार खेलों के विकास में मिली बड़ी उपलब्धियां
खेल सुविधाओं और खिलाडि़यों के प्रशिक्षण का बड़ा कदम
राज्य सरकार के साथ-साथ केन्द्र सरकार से भी इन केन्द्रों के विकास के लिए मिलेगी मदद
राज्य खेल प्रशिक्षण केन्द्र बिलासपुर को स्वीमिंग, कुश्ती और एथलेटिक खेलों
के लिए मिली मान्यता
लोकवाणी के कार्यक्रम में बच्चों के सवाल पर मुख्यमंत्री बघेल ने राज्य में शीघ्र ही खेल अकादमी खुलवाने का दिया था आश्वासन

रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ राज्य के खिलाडि़यों का सपना अब साकार होगा। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ की परिकल्पना को खेल के मैदानों में उतारते हुए राज्य में खेलों के विकास का नया अध्याय जोड़ा है। छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद पहली बार रायपुर में ’आवासीय हॉकी अकादमी’ प्रारंभ होने जा रही है। इसके साथ ही साथ बहतराई बिलासपुर में ’एक्सिलेंस सेन्टर’ प्रारंभ होने जा रहा है। खेल एवं युवा कल्याण विभाग के द्वारा खेलो इंडिया योजना के तहत रायपुर में आवासीय हॉकी अकादमी (बॉय एंड गर्ल्स) तथा बिलासपुर में एथलेटिक, कुश्ती एवं तैराकी के लिए ’एक्सिलेंस सेन्टर’ का प्रस्ताव भारतीय खेल प्राधिकरण को प्रेषित किया गया था, जिसकी स्वीकृति प्राप्त हो गई है।
राज्य के युवाओं की खेल प्रतिभाओं को निखारने और उन्हें उपयुक्त प्रशिक्षण की व्यवस्था के लिए ‘गढ़बो नवा छत्तीसगढ़‘ को खेल के क्षेत्र में साकार करने के प्रयास अब मूर्तरूप लेते जा रहे हैं। इसके पूर्व खेल एवं युवा कल्याण विभाग के द्वारा तीरंदाजी के लिए भारतीय खेल प्राधिकरण को प्रस्ताव भेजा गया था, जिसकी स्वीकृति भी प्राप्त हो गई है। वर्तमान में रायपुर में तीरंदाजी का प्रशिक्षण खिलाडियों को दिया जा रहा है। ’वन स्टेट वन गेम’ के तहत रायपुर में तीरंदाजी खेल के विकास की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है।
रायपुर में आवासीय हॉकी अकादमी तथा बिलासपुर में एथलेटिक, कुश्ती एवं तैराकी के लिए ’एक्सिलेंस सेन्टर’ की मान्यता मिलने पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और खेल मंत्री उमेश पटेल ने युवा खिलाडियों, खेल प्रशिक्षकों और राज्य के खेल और युवा कल्याण विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।
छत्तीसगढ़ राज्य में उपलब्ध खेल अधोसंरचनाओं के रख रखाव तथा आवासीय खेल अकादमियों के संचालन हेतु मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ खेल विकास प्राधिकरण का गठन किया है। प्राधिकरण के माध्यम से राज्य भर में खेलों का विकास किया जा रहा है। रायपुर में प्रारंभ होने वाले आवासीय हॉकी अकादमी के लिए चयन कार्यक्रम की योजना खेल और युवा कल्याण विभाग द्वारा तैयार की जा रही है। आवासीय अकादमी हेतु चयनित प्रशिक्षणार्थी खिलाडि़यों को छात्रावास, विद्यालय, किट, भोजन एवं आवासीय अकादमी से संबंधित सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
बहतराई बिलासपुर मंे प्रारंभ होने वाले एक्सिलेंस सेन्टर के लिए प्रारंभिक रुप से तीन खेलों एथलेटिक, तैराकी तथा कुश्ती का चयन किया गया है। खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा प्रदेश भर में प्रशिक्षकों के नए पदों के सृजन की कार्यवाही की जा रही है। एक्सिलेंस सेन्टर के माध्यम से राज्य में उपलब्ध खेल प्रतिभाओं तराशने का कार्य किया जाएगा। भारत सरकार की मान्यता मिलने से खेलों के विकास के लिए छत्तीसगढ़ के इन दोनों प्रमुख केन्द्रों के लिए केन्द्र सरकार द्वारा भी जरूरी संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। छत्तीसगढ़ हॉकी अकादमी रायपुर के लिए भारतीय खेल प्राधिकरण और राज्य सरकार के खेल और युवा कल्याण विभाग के मध्य जल्द ही एमओयू पर हस्ताक्षर किए जाएंगे।
ज्ञातव्य है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बिलासपुर के बहतराई स्थित एस्ट्रो टर्फ हॉकी स्टेडियम का 17 जून 2019 को लोकार्पण करते हुए इसका नामकरण पूर्व मंत्री स्वर्गीय बी. आर. यादव के नाम पर करने की घोषणा की थी। मुख्यमंत्री ने इस स्टेडियम में 9वीं हॉकी इंडिया राष्ट्रीय सब जूनियर हॉकी प्रतियोगिता का शुभारंभ किया गया था। जिसमें 22 राज्यों के टीमों ने हिस्सा लिया था। बिलासपुर में सर्वसुविधायुक्त स्पोटर््स कॉम्पलेक्स बनकर तैयार है। छत्तीसगढ़ हॉकी अकादमी रायपुर और राज्य खेल प्रशिक्षण केन्द्र बिलासपुर को ‘खेलो इंडिया स्टेट सेंटर ऑफ इक्सलेंस‘ को मान्यता मिलने से प्रदेश की खेल प्रतिभाओं को अपने खेल कौशल विकसित करने का अच्छा मौका मिलेगा। खिलाडि़यों को बेहतर खेल अधोसंरचना के साथ बेहतर सुविधाएं और अच्छे प्रशिक्षकों से प्रशिक्षण मिलेगा।
मुख्यमंत्री बघेल छत्तीसगढ़ की खेल प्रतिभाओं को बेहतर से बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं। मुख्यमंत्री ने इस वर्ष युवा महोत्सव के शुभारंभ के अवसर पर युवाओं को ‘खेलबो-जीतबो-गढ़बो नवा छत्तीसगढ़‘ का नया नारा देकर उन्हें खेलों के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया था।
उल्लेखनीय है कि राज्य गठन के बाद छत्तीसगढ़ में खेल अकादमी की स्थापना नहीं हो पाई थी। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की विशेष पहल पर रायपुर में छत्तीसगढ़ हॉकी अकादमी की स्थापना की गई, जिसमें बालक और बालिका हॉकी खिलाडि़यों को प्रशिक्षण के लिए आवासीय सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। राज्य सरकार द्वारा इस अकादमी की भारत सरकार से मान्यता के लगातार प्रयास किए जा रहे थे। रायपुर में अंतर्राष्ट्रीय स्तर के दो सर्वसुविधायुक्त हॉकी स्टेडियम पहले ही निर्मित किए जा चुके हैं। इस सिलसिले में भारतीय खेल प्राधिकरण और खेलो इंडिया के खेल विशेषज्ञों के दल ने रायपुर हॉकी अकादमी का भ्रमण कर वहां उपलब्ध खेल अधोसंरचना और सुविधाओं की जानकारी ली थी।

रायपुर / शौर्यपथ / राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके ने शारदीय नवरात्रि के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कामना की है कि मां दुर्गा की आराधना एवं उपासना का यह पर्व प्रदेश के सभी नागरिकों के जीवन में सुख, शांति एवं समृद्धि लेकर आए। राज्यपाल ने इस अवसर पर अपील की है कि इस कोरोना काल में शासन द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुरूप त्यौहार मनाएं और अपने और अपने परिवार का ध्यान रखें।

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