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June 03, 2026
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शौर्यपथ

शौर्यपथ

कोरोना संकट के समय युवाओं को रोजगार मिलने पर प्रभारी मंत्री ने की सराहना
कोविड-19 पॉजिटिव मरीज के होम आइसोलेशन एवं मिशो ऑनलाईन शॉपिंग कॉल सेंटर के लिए दी जा रही सेवाएं

राजनांदगांव / शौर्यपथ / परिवहन, विधि विधायी, आवास एवं पर्यावरण, वन मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री मोहम्मद अकबर ने आज टेडेसरा में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान स्थित आरोहण बीपीओ सेन्टर का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि यह खुशी की बात है कि कोरोना संकट के समय जिले के 242 युवाओं को रोजगार मिला है। इस अवसर पर उन्होंने मिशो ऑनलाईन शॉपिंग कॉल सेंटर का निरीक्षण किया, जहां 230 युवा कार्यरत है। उन्होंने कोविड-19 केयर कॉल सेंटर का भी अवलोकन किया जहां 12 युवाओं को रोजगार मिला है।
कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे। एसडीएम मुकेश रावटे ने बताया कि होम आइसोलेशन के लिए कॉल सेंटर की मदद ली जा रही है। जिसके अच्छे परिणाम रहे हैं और व्यवस्थित तरीके से कार्य किया जा रहा है। कॉल सेंटर से मरीज की वास्तविक स्थिति का पता लगाकर उन्हें दवाई पहुंचाने तथा एम्बुलेंस जैसी कारगर सेवाएं दी जा रही है। इसमें उपभोक्ताओं को आरोहण बीपीओ सेंटर का नंबर दिया गया है।
इस अवसर पर टेक्नोटॉस्क बिजनेस सोल्यूशन प्रायवेट लिमिटेड कंपनी के राहुल दीक्षित ने बताया कि मिशो ऑनलाईन शॉपिंग कॉल सेंटर में ग्राहकों की जिज्ञासाओं के समाधान फोन पर दिए जाते हैं इस कार्य में 230 युवा कार्यरत है। वहीं कोविड-19 टेस्ट के डाटा एन्ट्री के कार्य भी टेक्नोटॉस्क के द्वारा किया जा रहा है। जिसमें मरीजों की जानकारी को स्वास्थ्य विभाग के यूआरएल पर अपडेट किया जाता है। होम क्वारेंटाईन के मरीजों को कॉल सेंटर द्वारा सहायता एवं मदद दी जा रही है एवं ऐसे मरीज हॉस्पिटल जाना चाहते हैं उनके लिए स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय भी किया जा रहा है। इस अवसर पर अपर कलेक्टर सीएल मारकण्डेय, जिला पंचायत सीईओ श्रीमती तनुजा सलाम, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथलेश चौधरी, सीएसईबी के कार्यपालन अभियंता श्री आर के मूर्ति, एसडीएम मुकेश रावटे, डीपीएम गिरीश कुर्रे, ई-जिला प्रबंधक सौरभ मिश्रा एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

पटवारी को मुख्यालय में रहने तथा उनके कार्यों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए
खैरागढ़ एवं डोंगरगांव अनुविभाग में कार्य में निष्क्रियता बरतने के कारण वहां तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों को स्थानांतरित करने के निर्देश दिए

राजनांदगांव / शौर्यपथ / परिवहन, विधि विधायी, आवास एवं पर्यावरण, वन मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री मोहम्मद अकबर आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में कोविड-19, खनिज संस्थान न्यास निधि शासी परिषद (डीएमएफ) एवं विभागीय कार्यों की समीक्षा की। इस अवसर पर संसदीय सचिव श्री इन्द्रशाह मंडावी, अध्यक्ष अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण एवं डोंगरगांव विधायक दलेश्वर साहू, अध्यक्ष अनुसूचित जाति क्षेत्र विकास प्राधिकरण एवं डोंगरगढ़ विधायक भुनेश्वर बघेल, खैरागढ़ विधायक देवव्रत सिंह, विधायक प्रतिनिधि लीलाराम भोजवानी, महापौर श्रीमती हेमा देशमुख, कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा एवं पुलिस अधीक्षक डी श्रवण उपस्थित थे।
प्रभारी मंत्री मोहम्मद अकबर ने कोविड-19 के संबंध में की गई व्यवस्था की जानकारी ली। कलेक्टर श्री टोपेश्वर वर्मा ने बताया कि जिले में 4 मोबाईल मेडिकल यूनिट संचालित है। जिसमें बस में डॉक्टर, लैब टेक्नीशियन, फार्मास्टि एवं नर्स की टीम कोविड-19 के मरीजों का परीक्षण कर रही है। मंत्री मोहम्मद अकबर ने होम क्वारेंटाईन के संबंध में भी जानकारी ली।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथलेश चौधरी ने बताया कि जिले में कोविड-19 प्रकरणों में कुल कोरोना पॉजिटिव प्रकरण 10223, स्वस्थ होकर डिस्चार्ज, 8682, सक्रिय प्रकरण 1456 है तथा 85 लोगों की मृत्यु हो गई है। जिले में कोविड-19 संक्रमण से रोकथाम एवं बचाव के लिए एक युद्ध कोरोना के विरूद्ध, मुख्यमंत्री शहरी स्लम कार्यक्रम, कोरोना मुक्त ग्राम पंचायत एवं कोरोना मुक्त वार्ड का संचालन, कोरोना सघन सामुदायिक सर्वे अभियान तथा कोरोना सुरक्षा सप्ताह कार्यक्रम चलाया जा रहा है।
प्रभारी मंत्री ने कहा कि खनिज विभाग निर्माण कार्य एजेंसी को पत्र भी जारी करें, ताकि निर्माण कार्य शीघ्र आरंभ हो सके। एसडीएम श्री मुकेश रावटे ने डीएमएफ के तहत किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि डीएमएफ में अभी वर्तमान में 9 करोड़ रूपए की राशि है जिसे खनिज प्रभावित प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष क्षेत्रों के विकास के लिए कार्य किया जाना है। प्रभारी मंत्री अकबर ने खैरागढ़ एवं डोंगरगांव अनुविभाग में कार्य में निष्क्रियता बरतने के कारण वहां के तहसीलदारों एवं नायब तहसीलदारों को स्थानांतरित करने के निर्देश दिए। उन्होंने राजस्व विभाग के अविवादित नामांतरण, विवादित नामांतरण, अविवादित बंटवारा, विवादित बंटवारा, भुईयां साफ्टवेयर में राजस्व अभिलेखों का डिजिटलाईजेशन की समीक्षा की।
अपर कलेक्टर सीएल मारकण्डेय ने उन्हें राजस्व विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। प्रभारी मंत्री ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि पटवारी मुख्यालय में नहीं रहते उनकी शिकायतों को देखते हुए अधिकारियों को पटवारियों पर नियंत्रण रखने के लिए कहा और इनके कार्यों का सतत निरीक्षण करने कहा। उन्होंने कहा कि यह भी सुनिश्चित करें कि पटवारी मुख्यालय में रहें। सभी अनुविभागों में पटवारियों की नियुक्ति में साम्यता होनी चाहिए। इस अवसर पर वामपंथ उग्रवाद (नक्सल प्रभावित) क्षेत्रों के लिए स्वीकृत राशि की जानकारी दी गई। उन्होंने कहा कि राजनांदगांव जनपद पंचायत को पंचायतों में निर्माण कार्य के लिए राजनांदगांव अनुविभाग से अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं होगी। इस अवसर पर कोरोना सुरक्षा सप्ताह के तहत कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करने की शपथ ली गई। इस मौके पर वनमंडलाधिकारी राजनांदगांव बीपी सिंह, वनमंडलाधिकारी खैरागढ़ रामावतार दुबे, अपर कलेक्टर सीएल मारकण्डेय, सीईओ जिला पंचायत श्रीमती तनुजा सलाम, नगर निगम आयुक्त चंद्रकांत कौशिक, जिला स्तरीय अधिकारी एवं सभी अनुविभागों के एसडीएम उपस्थित थे।

भिलाईनगर/ शौर्यपथ / नगर पालिक निगम भिलाई क्षेत्र का एक ऐसा डंपिंग साइट जिसमें वर्ष 1995 से समस्त जोन क्षेत्र के कचरे को एकत्र कर निरंतर कचरा डाला जाता रहा है! यह डंपिंग साइट अब धीरे-धीरे समाप्ति की ओर है! भिलाई निगम के संपूर्ण क्षेत्र से निकलने वाला कचरा कुरूद के ट्रेंचिंग ग्राउंड में डाला जाता रहा है! वहां कचरा इस कदर जमा हो गया था कि 200-300 मीटर के क्षेत्र में बदबू का आलम हो गया था! रहवासी परेशान थे! साथ ही इस रास्ते से गुजरना मुमकिन नहीं था! कचरे का ढेर 25 फीट की ऊंचाई तक पहुंच गया था! इस स्थल पर वाहनों का आवागमन तो दूर व्यक्ति के खड़े होने की जगह नहीं बची थी! चारों ओर केवल कचरा ही कचरा नजर आता था!
कचरे के ढेर के ऊपर से हाईटेंशन तार गुजरने के कारण आए दिन कचरे में आग लगने की शिकायत प्राप्त होने लगी! उस दौरान 300 टन कचरा प्रतिदिन पूरे निगम क्षेत्र से निकलकर सीधे ट्रेंचिंग ग्राउंड में पहुंचता था! तब एक भी एसएलआरएम सेंटर निगम क्षेत्र में नहीं बना था, जिससे कचरे का निष्पादन किया जाता! इन परिस्थितियों को देखते हुए महापौर एवं भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव ने कुरूद स्थित ट्रेंचिंग ग्राउंड के डंपिंग साइट को पूर्ण रूप से समाप्त करने का फैसला लेते हुए अधिकारियों को कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए! वर्ष 2016 में निगम क्षेत्र में पहला एसएलआरएम सेंटर नेहरू नगर ऑक्सीडेशन पॉन्ड में तैयार किया गया! जिसके तैयार होने से कचरे के ढेर में कमी होने लगी! एक एसएलआरएम सेंटर होने के कारण कुरूद का कचरा डंपिंग साइट को पूर्ण रूप से समाप्त करना एक बड़ी चुनौती थी!
महापौर यादव के निर्देश पर वर्ष 2018 में डंपिंग साइट को पूर्णत: विलोपित करने का कार्य प्रारंभ किया गया! सिस्टम था बायोरेमेडीएशन जैसी आधुनिक तकनीक का! डंपिंग साइट समाप्त करने की कड़ी चुनौती को महापौर ने स्वीकार करते हुए कार्य प्रारंभ कराया और प्रतिदिन 10 टन कचरे की छनाई शुरू हुई, इसमें से 2 टन खाद के अलावा, पॉलिथीन तथा अन्य प्रकार के कचरे अलग अलग होते गए, कचरा का ढेर धीरे-धीरे समाप्त होने लगा! इसी बीच खुर्सीपार सहित अन्य क्षेत्रों में एसएलआर सेंटर का निर्माण हुआ! कुरूद स्थित ट्रेंचिंग ग्राउंड का कचरा धीरे-धीरे सिमटने लगा! ट्रेंचिंग ग्राउंड से निर्मित हुए खाद को विक्रय किया गया और अब तक 700 टन खाद तैयार होकर विक्रय हो चुका है, जिससे निगम को 15 लाख 40 हजार का राजस्व प्राप्त हुआ है!
आयुक्त रघुवंशी ने निगम की पदस्थापना के बाद से ही इस पर फोकस किया और लगातार फीडबैक लेते रहे अब स्थिति यह है कि कुरूद स्थित ट्रेंचिंग ग्राउंड का कचरे का ढेर 80 से 90% तक समाप्त किया जा चुका है! संबंधित ठेकेदार ने बताया कि बचे हुए कचरे को जल्द ही समाप्त कर दिया जाएगा!

रायपुर / शौर्यपथ / राज्य मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने और उसके सुनिश्चित क्रियांवयन के उद्देश्य से राज्य में पांचों संभाग में संभाग स्तरीय मानसिक स्वास्थ्य समीक्षा मंडल का गठन किया गया है। इसका प्रावधान मानसिक स्वास्थ्य देखभाल अधिनियम, 2017 की धारा 73 (3‌) के अनुसार है ।
मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम में गति लाने के उद्देश्य से राज्य में संभाग स्तरीय मानसिक स्वास्थ्य समीक्षा मंडल का गठन किया गया है । इस समीक्षा मंडल का मुख्य कार्य मानसिक रोग से पीड़ित लोगों को गुणवत्तापूर्ण मानसिक स्वास्थ्य सेवायें प्रदान करना है । इसके द्वारा मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत दी जाने वाली सेवाओं की समीक्षा भी सुनिश्चित की जायेगी । यह समीक्षा मंडल मानसिक स्वास्थ्य सेवायें प्रदान करने वाले केंद्रों का निरीक्षण करेगा और उनकी गुणवत्ता पर भी ध्यान देगा साथ ही मानव संसाधनों की समस्या का भी निराकरण करेगा । इसके अतिरिक्त सभी स्तरों पर उपलब्ध मानसिक स्वास्थ्य के उपचार की व्यवस्था भी देखेगा।
घरेलू हिंसा पीड़ितों, चिल्ड्रेन्स होम, वरिष्ठ नागरिक, डे-केयर शेल्टर होम्स के लिए मानसिक स्वास्थ्य उपचार की सुविधा प्रदान कराने में भी मदद करेगा जिससे । इसलिए यह कहा जा सकता है कि अब जरुरतमंद लोग अब मानसिक स्वास्थ्य से सम्बंधित रोगों का उपचार आसानी से करा सकेंगे ।
रायपुर में संभाग स्तरीय मानसिक स्वास्थ्य समीक्षा मंडल ज़िला न्यायधीश, अध्यक्ष होंगे,ज़िला मजिस्ट्रेट द्वारा मनोनित अधिकारी सदस्य होंगे, मंडल में डॉ.अविनाश शुक्ला,चिकित्सा अधिकारी,डॉ.सोनिया परियल, मनोचिकित्सक,डॉ. संजीव मेश्राम तथा ममता गिरी गोस्वामी और मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में कार्य करने वाले एनजीओ के सदस्य को सदस्य बनाया गया है।
वहीं दुर्ग संभाग में संभाग स्तरीय मानसिक स्वास्थ्य समीक्षा मंडल जिला न्यायधीश अध्यक्ष होंगे, डिप्टी कलेक्टर,, सिविल सर्जन सह अस्पताल अधीक्षक जिला दुर्ग, डॉ. आकांक्षा गुप्ता, मनोचिकित्सक, डॉ प्रमोद गुप्ता,निजी रोग विशेषज्ञ, मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में कार्य करने वाले एनजीओ के सदस्य इसमें मंडल मे सदस्य होंगे ।
बिलासपुर संभाग के समीक्षा मंडल में जिला न्यायधीश, अध्यक्ष होंगे, अपर कलेक्टर, जिला बिलासपुर डॉ.सतीश श्रीवास्तव, मनोरोग विशेषज्ञ,डॉ.प्रदीप सिहारे, शिशु रोग विशेषज्ञ, एस.पी चतुर्वेदी तथा प्रमोद वर्मा, मानसिक स्वास्थ्य क्षेत्र में कार्य करने वाले एनजीओ के सदस्य इस समिति में सदस्य होंगे ।
बस्तर संभाग के संभाग स्तरीय मानसिक स्वास्थ्य समीक्षा मंडल में जिला न्यायाधीश, अध्यक्ष होंगे, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी,बस्तर डॉ.वत्सला मरियम,मनोचिकित्सक, डॉ.ऋषभ साव, मेडिकल प्रेक्टिशनर और अर्शिल शिक्षण एवं प्रशिक्षण वेलफेयर सोसायटी तथा आशीर्वाद मेंटल रिहैबिलिटेशन सेंटर जिला बस्तर और मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में कार्य करने वाले एनजीओ के सदस्य इस समीक्षा मंडल में सदस्य होंगे ।
सरगुजा संभाग की संभाग स्तरीय मानसिक स्वास्थ्य समीक्षा मंडल में जिला न्यायधीश अध्यक्ष होंगे वही मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला सरगुजा डॉ. पीके सिन्हा, चर्म रोग विशेषज्ञ, डॉ. पी.संदीप मनोचिकित्सक, श्रीमती नीतू शर्मा एवं अन्नि लकड़ा, होली क्रॉस आशा निकुंज हैंडीक्राफ्ट सेंटर मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में कार्य करने वाले एनजीओ के सदस्य समीक्षा मंडल में सदस्य होंगे ।

लाइफस्टाइल /शौर्यपथ / क्या आप हर रात कुछ न कुछ सोचते रहते हैं और कई तरह के ख्याल आपकी नींद उड़ा देते हैं? अगर आपका जवाब हां है, तो आप मेडिटेशन के साथ अखरोट खाना शुरू कर दीजिए, इससे आपकी यह समस्या काफी हद तक कम हो जाएगी। आज हम आपको खाली पेट भिगाए हुए अखरोट खाने के फायदे बता रहे हैं।
सूखे अखरोट की बजाय खाएं भीगा हुआ अखरोट
अखरोट को कच्चा खाने की बजाए अगर भिगोकर खाया जाए, तो इसके फायदे कई गुणा बढ़ जाते हैं। इसके लिए रात में 2 अखरोट को भिगोकर रख दें और सुबह के समय खाली पेट इसे खा लें। यकीन मानिए भीगे हुए बादाम खाना जितना फायदेमंद है उतना ही फायदेमंद भीगे हुए अखरोट खाना भी है। भीगा हुआ अखरोट कई बीमारियों से निजात दिलाने में मदद करता है।
डायबिटीज का खतरा करता है कम
ब्लड शुगर और डायबिटीज से बचना चाहते हैं, तो भीगे हुए अखरोट का सेवन आपके लिए फायदेमंद हो सकता है। बहुत सी स्टडीज में यह बात सामने आयी है कि जो लोग रोजाना 2 से 3 चम्मच अखरोट का सेवन करते हैं, उनमें टाइप-2 डायबिटीज होने का खतरा कम हो जाता है। अखरोट ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने में मदद करता है जिससे डायबिटीज का खतरा कम हो जाता है।
पाचन शक्ति होती है बेहतर
अखरोट फाइबर से भरपूर होता है, जो आपकी पाचन प्रणाली को दुरुस्त रखता है। पेट सही रखने और कब्ज से बचने के लिए फाइबर युक्त चीजें खानी जरूरी है। ऐसे में अगर आप रोजाना अखरोट का सेवन करते हैं, तो आपका पेट भी सही रहेगा और कब्ज भी नहीं होगा। भीगे हुए अखरोट को पचाना भी आसान हो जाता है।
हड्डियों की मजबूती के लिए खाएं अखरोट
अखरोट में ऐसे कई घटक और प्रॉपर्टीज पाए जाते हैं जो आपकी हड्डियों और दांतों को मजबूत बनाते हैं। अखरोट में अल्फा-लिनोलेनिक ऐसिड पाया जाता है जो हड्डियों को मजबूत करने में मदद करता है। इसके अलावा, अखरोट में मौजूद ओमेगा-3 फैटी ऐसिड सूजन को भी दूर करता है।
तनाव को दूर करने में कारगर
अखरोट खाने से कई मायनों में आपका तनाव और स्ट्रेस कम होता है और आपको अच्छी नींद भी आती है। अखरोट में मेलाटोनिन होता है, जो बेहतर नींद लाने में मदद करता है। वहीं, ओमेगा-3 फैटी ऐसिड ब्लड प्रेशर को संतुलित कर तनाव से राहत दिलाता है। भीगे अखरोट खाने से आपका मूड भी अच्छा होता है और फिर ऑटोमैटिकली आपका स्ट्रेस कम हो जाता है।
वेट लॉस करके आपको फिट रखता है अखरोट
अखरोट वजन कम करने में अहम भूमिका निभाता है। ये बॉडी के मेटाबॉलिज्म को बढ़ाता है और आपकी बॉडी से एक्स्ट्राभ फैट कम करने में हेल्प करता है। इसमें भरपूर मात्रा में प्रोटीन व कैलरी होती है, जो वजन को नियंत्रित रखने में मदद करती है। शोध में भी यह बात साबित हो चुकी है कि अखरोट का सेवन न सिर्फ वजन कम करता है, बल्कि उसे कंट्रोल में रखने में भी मदद करता है।

खाना खजाना / शौर्यपथ / नवरात्रि में व्रत रखने के दौरान कई बार ऐसा होता है कि शरीर में कमजोरी हो जाती है जिसकी वजह से कभी-कभी चक्कर भी आने लगते हैं। ऐसे में बहुत जरूरी है कि अपने शरीर का भी ध्यान रखा जाए। आज हम आपको व्रत की ऐसी ही हेल्दी रेसिपी बता रहे हैं, जिसे व्रत के दौरान खाने से आपको कमजोरी और ज्यादा भूख भी नहीं लगेगी। रोजाना एक लड्डू के सेवन करने से आपकी इम्युनिटी भी बढ़ेगी।

 सिंघाड़े के आटे के फायदे
सिंघाड़े में प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, विटामिन बी व सी, आयरन, कैल्शियम, मैग्नीशियम, फॉस्फोरस जैसे मिनरल्स, रायबोफ्लेबिन जैसे तत्व पर्याप्त मात्रा में मिलते हैं। आयुर्वेद में कहा गया है कि सिंघाड़े में भैंस के दूध की तुलना में 22 प्रतिशत अधिक खनिज लवण और क्षार तत्व पाए जाते हैं। वैज्ञानिकों ने तो अमृत तुल्य बताते हुए इसे ताकतवर और पौष्टिक तत्वों का खजाना बताया है। इस फल में कई औषधीय गुण हैं, जिनसे शुगर, अल्सर, हृदय रोग, गठिया जैसे रोगों से बचाव हो सकता है। बुजुर्गों व गर्भवती महिलाओं के लिए तो यह काफी गुणकारी है।

सामग्री :
सिंघाड़े का आटा
गुड़
सोंठ पाउडर
देसी घी
काजू-बादाम

विधि :
सबसे पहले सिंघाड़े के आटे को छान लीजिए। अगर सिंघाड़े का आटा थोड़ा मोटा रहेगा तो लड्डू सोंधे बनेंगे।
गुड़ को अच्छी तरह से फोड़ लीजिए। गुड़ में एक भी गांठ नहीं रहनी चाहिए।
कटे हुए मेवे को तवे पर हल्का सा भून लीजिए।
कड़ाही में करीब 150 ग्राम घी गर्म कर लीजिए। आपका करीब 100 ग्राम घी बचा रहेगा, इसका बाद में इस्तेमाल करेंगे।
गैस की आंच मीडियम करके सिंघाड़े के आटे को अच्छी तरह से भून लीजिए। जब आटे से सोंधी खुशबू आने लगे और ये गुलाबी हो जाए तो समझिए की ये भून गया है।अब पिटे हुए गुड़ के ऊपर गरम-गरम सिंघाड़े के आटे को इस तरह से डालिए कि गुड़ पूरी तरह से ढक जाए। आटे की गर्मी से गुड़ नरम हो जाएगा और सिंघाड़े का लड्डू बनाने में आसानी होगी।आटे के ऊपर अब सोंठ, घी और मेवे डालकर चम्मच की मदद से अच्छी तरह मिला लीजिए। ध्यान रहे कि मिश्रण ठंडा होने से पहले ही आप इसे मिला लें।
जब मिश्रण इतना गरम रह जाए कि आप इसे हाथ से छू सकें, तब इसे एक बार हाथ से भी अच्छी तरह मिक्स कर लीजिए।
अब आपको फटाफट लड्डू बनाना है क्योंकि अगर मिश्रण ठंडा हो गया तो लड्डू बनाना मुश्किल हो जाएगा।
दोनों हाथ से लड्डू बनाने की कोशिश करें इससे ये मिश्रण के गर्म रहते ही

खाना खजाना / शौर्यपथ / नवरात्रि व्रत के दौरान कुछ लोग नौ दिन का व्रत रखते हैं, ऐसे में फलाहार से शरीर में कमजोरी आ सकती है। कोरोना महामारी के दौरान खाना-पीना छोड़ना परेशानी का कारण बन सकता है, ऐसे में आप व्रत के दौरान कुछ रेसिपी ट्राई कर सकते हैं। आइए, आज जानते हैं व्रत के लिए स्पेशल उत्तपम की रेसिपी-
सामग्री-
एक कप स्वांग के चावल
एक चम्मच जीरा
एक टमाटर
एक हरी मिर्च
आधा कप कटा हुए धनिए की पत्तियां
सेंधा नमक
पानी
विधि-
व्रत वाले चावल का आटा, जीरा, धनिए की पत्तियां, सेंधा नमक और पानी डालकर सबका एक मिक्सचर डालें।
तवा गर्म करके उसपर थोड़ा तेल फैलाएं।
अगर मिक्सचर ज्यादा ना फैले, तो उसे जबरदस्ती फैलाने की कोशिश ना करें।
जैसे ही मिक्सचर फैलाएं वैसे ही उस पर टमाटर और मिर्च डाल दें।
थोड़ा सा तेल उत्तपम के साइड और ऊपर छिडकें।
जब नीचे की तरफ से पक जाए तो दूसरे और से पकाएं।
जब टमाटर हल्का भूरा होने लगें तब उसे फिर पलट दें।
इसके बाद आपके उत्तपम हरी चटनी या नारियल की चटनी के साथ सर्व कर सकते हैं।

खाना खजाना / शौर्यपथ / नवरात्रि व्रत के दौरान कुछ लोग नौ दिन का व्रत रखते हैं, ऐसे में फलाहार से शरीर में कमजोरी आ सकती है। कोरोना महामारी के दौरान खाना-पीना छोड़ना परेशानी का कारण बन सकता है, ऐसे में आप व्रत के दौरान कुछ रेसिपी ट्राई कर सकते हैं। आइए, आज जानते हैं व्रत के लिए स्पेशल उत्तपम की रेसिपी-
सामग्री-
एक कप स्वांग के चावल
एक चम्मच जीरा
एक टमाटर
एक हरी मिर्च
आधा कप कटा हुए धनिए की पत्तियां
सेंधा नमक
पानी
विधि-
व्रत वाले चावल का आटा, जीरा, धनिए की पत्तियां, सेंधा नमक और पानी डालकर सबका एक मिक्सचर डालें।
तवा गर्म करके उसपर थोड़ा तेल फैलाएं।
अगर मिक्सचर ज्यादा ना फैले, तो उसे जबरदस्ती फैलाने की कोशिश ना करें।
जैसे ही मिक्सचर फैलाएं वैसे ही उस पर टमाटर और मिर्च डाल दें।
थोड़ा सा तेल उत्तपम के साइड और ऊपर छिडकें।
जब नीचे की तरफ से पक जाए तो दूसरे और से पकाएं।
जब टमाटर हल्का भूरा होने लगें तब उसे फिर पलट दें।
इसके बाद आपके उत्तपम हरी चटनी या नारियल की चटनी के साथ सर्व कर सकते हैं।

धर्म संसार /शौर्यपथ /मां भगवती को पूजने ,मनाने, एवं शुभ कृपा प्राप्त करने का सबसे उत्तम समय आश्विन शुक्ल पक्ष में प्रतिपदा से नवमी तक होता है। आश्विन मास में पड़ने वाले इस नवरात्र को शारदीय नवरात्र कहा जाता है। इस नवरात्र की विशेषता है कि हम घरों में कलश स्थापना के साथ-साथ पूजा पंडालों में भी स्थापित करके मां भगवती की आराधना करते हैं।
उत्थान ज्योतिष संस्थान के निदेशक ज्योतिर्विद पं दिवाकर त्रिपाठी पूर्वांचली ने बताया कि इस शारदीय नवरात्र आश्विन शुक्ल पक्ष की उदय कालिक प्रतिपदा तिथि 17 अक्टूबर दिन शनिवार से शुरू हो रहे हैं । प्रतिपदा तिथि को माता के प्रथम स्वरूप शैल पुत्री के साथ ही कलश स्थापना के लिए भी अति महत्त्वपूर्ण दिन होता है। कलश स्थापना या कोई भी शुभ कार्य शुभ समय एवं तिथि में किया जाना उत्तम होता है। इसलिए इस दिन कलश स्थापना के लिए शुभ मुहूर्त पर विचार किया जाना अत्यावश्यक है।
अभिजीत मुहूर्त सभी शुभ कार्यों के लिए अति उत्तम होता है। जो मध्यान्ह 11:36 से 12:24 तक होगा।
चूंकि चित्रा नक्षत्र में कलश स्थापना प्रशस्त नहीं माना गया है। अतः चित्रा नक्षत्र की समाप्ति दिन में 2:20 बजे के बाद किया जा सकेगा।
स्थिर लग्न कुम्भ दोपहर 2:30 से 3:55 तक होगा साथ ही शुभ चौघड़िया भी इस समय प्राप्त होगी अतः यह अवधि कलश स्थापना हेतु अतिउत्तम है।
दूसरा स्थिर लग्न वृष रात में 07:06 से 09:02 बजे तक होगा परंतु चौघड़िया 07:30 तक ही शुभ है अतः 07:08 से 07:30 बजे के बीच मे कलश स्थापना किया जा सकता है।

शौर्यपथ / दशहरा का त्योहार पूरे देश में धूमधाम के साथ मनाया जाता है। यह त्योहार बुराई पर अच्छाई और असत्य पर सत्य की जीत का प्रतीक है। दशहरा हर साल अश्विन मास की दशमी तिथि को मनाया जाता है। दशहरा को विजयादशमी के नाम से भी जानते हैं। विजयादशमी के दिन रावण फूंकने की भी परंपरा है। पौराणिक कथा के अनुसार, इस दिन मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम ने लंकापति रावण का वध किया था। भगवान राम के रावण पर विजय प्राप्त करने के कारण ही इस दिन को विजयादशमी कहा जाता है। इसके अलावा इस दिन मां दुर्गा ने महिषासुर का भी वध किया था। हालांकि इस साल दशहरा की तारीख को लेकर लोगों के बीच कंफ्यूजन है। ऐसे में जानिए दशहरा 2020 की सही तारीख और शुभ मुहूर्त-
जानिए कब है दशहरा-
हिंदू पंचांग के अनुसार, इस साल दशहरा का त्योहार 25 अक्टूबर को मनाया जाएगा। दशहरा, दिवाली से ठीक 20 दिन पहले मनाया जाता है। हालांकि इस साल नवरात्रि 9 दिन के न होकर 8 दिन में ही समाप्त हो रहे हैं। इसके पीछे का कारण है- अष्टमी और नवमी का एक ही दिन पड़ना। 24 अक्टूबर को सुबह 6 बजकर 58 मिनट तक ही अष्टमी है, उसके बाद नवमी लग जाएगी।
शुभ मुहूर्त-
दशमी तिथि प्रारंभ - 25 अक्टूबर को सुबह 07:41 मिनट से
विजय मुहूर्त - दोपहर 01:55 मिनट से 02 बजकर 40 तक।
अपराह्न पूजा मुहूर्त - 01:11 मिनट से 03:24 मिनट तक।
दशमी तिथि समाप्त - 26 अक्टूबर को सुबह 08:59 मिनट तक रहेगी।

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