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June 03, 2026
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शौर्यपथ

शौर्यपथ

टिप्स / शौर्यपथ / क्या आप नाश्ते में अंडे खाते हैं? अगर आपका जवाब हां है, तो अंडे खाने से भी बहुत-सी सावधानियां जुड़ी हुई हैं, जिनका ख्याल रखना बेहद जरूरी है। आहार विशेषज्ञों के अनुसार अगर अंडे का सेवन करते समय कुछ बातों का ध्यान न रखा जाए, तो अंडे फायदे की जगह नुकसान करने लगते हैं।
अंडे में होती है सबसे ज्यादा प्रोटीन की मात्रा
अंडा आपके लिए एक पूर्ण आहार है। दूध तथा मांस की भांति इससे प्रोटीन बहुत बड़ी मात्रा में प्राप्त होती है, इससे चर्बी तथा खनिज भी काफी मात्रा में प्राप्त होते हैं। इनके अतिरिक्त अंडे से शरीर को वह सभी पोषक तत्व प्राप्त हो जाते हैं, जिनसे शारीरिक वृद्धि होती है। इसमें 2 भाग खोल 58 भाग सफेदी और शेष जर्दी (योक) होती है। खोल में अधिकतर कैल्शियम कार्बोनेट होता है, सफेदी में पानी और प्रोटीन होते हैं, इसके साथ-साथ इसमें चर्बी भी होती है।
अंडे खाने से जुड़ी सावधानियां
अंडे को पूरी तरह पकाकर खाएं
अंडे को अच्छे से पकाकर खाना सबसे सुरक्षित माना जाता है। इस तरह से पकाया गया अंडा आसानी से पच जाता है। स्टडी के मुताबिक कच्चे अंडे में 51 फीसदी प्रोटीन पाया जाता है जबकि पकाए हुए अंडे में 91 फीसदी प्रोटीन पाया जाता है। तापमान की वजह से प्रोटीन में कई तरह के संरचनात्मक बदलाव आ जाते हैं।
कच्चे अंडे को नहीं पिएं
कच्चे अंडे में प्रोटीन अलग-अलग हिस्सों में होता है और इनकी बनावट ऐसी होती है कि ये आपस में मिल नहीं पाते हैं। वहीं जब अंडे को तापमान पर पकाया जाता है तो प्रोटीन की ये अलग-थलग बनावट टूट जाती है और ये सारे प्रोटीन एक साथ मिल जाते हैं। अंडे के इस प्रोटीन को शरीर के लिए पचाना आसान होता है।
ज्यादा देर तक न उबालें अंडा
ज्यादा तापमान से नुकसान- वैसे तो अंडे को पकाकर ही खाना सबसे सही है लेकिन तेज तापमान पर पकाने से इसके कई पोषक तत्व खत्म हो जाते हैं। एक स्टडी के मुताबिक, अंडे को देर तक पकाने से उसका विटामिन ए लगभग 17-20 फीसदी तक कम हो जाता है। अंडे के माइक्रोवेव करने, उबालने और फ्राई करने से इसके एंटीऑक्सीडेंट में 6 से 18 फीसदी तक की कमी आ जाती है।
इस तरह खाएंगे, तो बढ़ जाएगा दिल की बीमारी का खतरा
अंडे की जर्दी में बहुत सारा कोलेस्ट्रॉल पाया जाता है। एक बड़े अंडे में लगभग 212 मिलीग्राम कोलेस्ट्रॉल होता है। जब अंडे को ज्यादा तापमान पर पकाया जाता है तो ये कोलेस्ट्रॉल ऑक्सीकृत होकर ऑक्सीस्टेरोल में बदल जाता है। कई लोगों के लिए ये चिंता की बात है क्योंकि ऑक्सीस्टेरोल से दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।

सेहत / शौर्यपथ / बढ़ते तनाव और खराब लाइफस्टाइल की वजह से आज लोग सेहत से जुड़ी कई दिक्कतों का सामना कर रहे हैं। ओवरइटिंग, ज्यादा मसालेदार भोजन, समय पर खाना न खाने या फिर टेंशन ज्यादा लेने से अकसर लोगों को बदहजमी की शिकायत होने लगती है। इसके अलावा भोजन अच्छे से नहीं पचने की वजह से भी लोगों को बदहजमी होती हैं। इसकी वजह से व्यक्ति को खट्टी डकार आने लगती हैं जिसकी वजह पूरा दिन खराब हो जाता है। अगर आपको भी अकसर बदहजमी की शिकायत रहती है तो जल्द राहत दिलाएंगे ये देसी घरेलू नुस्खे।
बदहजमी से राहत दिलाएंगे ये 5 घरेलू उपाय-
हींग-
बदहजमी से राहत दिलाने में हींग बेहद कारगर उपाय है। यह गैस हो या खट्टी डकार की समस्या, इसका सेवन करने से जल्द फायदा मिलता है। इसके लिए हींग को पानी में घोलकर पीने से पेट का भारीपन और खट्टी डकार की समस्या दूर होती है।
मेथी-
अगर आपको खट्टी डकारों की समस्या है तो आप मेथी का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके लिए मेथी को रात भर पानी में भिगोकर सुबह इसका पानी खाली पेट पीने से खट्टी डकार की समस्या से छुटकारा मिलता है।

जीरा-
जीरा पेट की समस्यायों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। खट्टी डकार, गैस या बदहजमी होने पर जीरे को भूनकर खाने से आराम मिलता है।
इलायची-
खट्टी डकार की समस्या में इलायची का सेवन करने से गैस और खट्टी डकार जैसी दिक्कतों से छुटकारा मिलता है।
लौंग-
लौंग का इस्तेमाल करने से पाचन तंत्र अच्छा बना रहता है। खट्टी डकार की समस्या होने पर लौंग का पानी या लौंग का सेवन करने से फायदा मिलता है।

शौर्यपथ / बंद जगहों पर संक्रमण फैलने के बढ़े मामलों के कारण कोरोना वायरस ताकतवर होता जा रहा है। हॉर्वर्ड मेडिसन स्कूल की वैज्ञानिक नैंसी एनोरिया ने यह दावा किया है। उनका कहना है कि दुनियाभर की सरकारों को एरोसोल और एयरबोर्न संक्रमण के बारे में आम लोगों तक स्पष्ट तरीके से जरूरी जानकारी पहुंचानी चाहिए। अगर समय रहते लोगों को इनडोर संक्रमण के बारे में नहीं बताया गया तो यह वायरस और विकराल रूप ग्रहण कर लेगा।
एरोसोल : धुएं की तरह लंबे वक्त तक मौजूद रहता है वायरस
जिस तरह धूल और धुआं लंबे समय तक वातावरण में मौजूद रहते हैं, ठीक वैसे ही एरोसोल के गुण वाले वायरस लंबे वक्त तक हवा के साथ उड़ सकते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने माना है कि विशेष परिस्थितियों में कोविड-19 का वायरस एरोसोल संक्रमण फैला सकता है।
एयरबोर्न : इनडोर संक्रमण का मुख्य कारण
वायरस से संक्रमित नम बूंदें जब अपने छोटे आकार व हल्के वजन के कारण हवा में उड़ने लग जाती हैं तो इसे एयरबोर्न संक्रमण कहते हैं। ऐसा संक्रमण उन बंद जगहों पर ज्यादा फैलता है, जहां भीड़ मौजूद हो। रेस्टोरेंट, नाइट क्लब, सिनेमाहॉल और दफ्तरों में फैलने वाला संक्रमण इसका उदाहरण है।
ड्रॉपलेट : संक्रमण फैलने का मुख्य माध्यम
कोरोना वायरस फैलाने का यह सबसे मुख्य माध्यम माना जाता है, जिसमें किसी संक्रमित व्यक्ति के मुंह से निकली बूंदों या ड्रॉपलेट किसी दूसरे व्यक्ति की आंख, नाक या मुंह के जरिए उसके शरीर में प्रवेश कर जाती हैं। ड्रॉपलेट वजन में भारी होती हैं इसलिए वे ज्यादा देर तक हवा में मौजूद नहीं रह पातीं पर दो मीटर से कम दूरी पर खड़े व्यक्ति को संक्रमित कर सकती हैं।
सर्दी में इनडोर संक्रमण का खतरा ज्यादा
शोधकर्ता नैंसी कहती हैं कि अगर सरकारें एरोसोल और एयरबोर्न संक्रमण से बचाव के लिए जनता को जागरूक करने में कामयाब नहीं हुईं तो सर्दियों में बंद जगहों पर कोरोना संक्रमण बहुत ज्यादा फैलेगा क्योंकि लोग ज्यादातर समय अपने घरों में बंद होंगे।
बेहतर वेंटिलेशन से बचाव
शोधकर्ता नैंसी का सुझाव है कि कार्यक्षेत्र, रेस्टोरेंट, पब व अन्य बंद स्थानों पर अगर सही वेंटिलेशन हो तो इनडोर संक्रमण से बचा जा सकता है। सरकारों को बंद जगहों की हवा को स्वच्छ करने के लिए वेंटिलेशन की बेहतर तकनीक अपनानी होंगी। साथ ही इनडोर स्थानों पर मौजूद लोगों को शारीरिक दूरी बनाकर और मास्क पहनकर रहने के लिए प्रेरित करना होगा।

सेहत / शौर्यपथ / कोरोना संक्रमण ने रातों की नींद उड़ा दी है? कभी नौकरी जाने तो कभी वायरस की जद में आने के डर से पूरी रात करवटें बदलते गुजर जाती है? अगर हां तो सोने से 20 मिनट पहले पसंदीदा लेखक की किताब पढ़ें। आपकी आंखों में आधे घंटे के भीतर मीठी नींद भर जाएगी। ब्रिटेन स्थित ससेक्स यूनिवर्सिटी का हालिया अध्ययन तो कुछ यही बयां करता है।
शोधकर्ताओं के मुताबिक किताबें पढ़ना रोजमर्रा की चिंताओं से ध्यान भटकाने का बेहतरीन जरिया है। इससे स्ट्रेस हार्मोन ‘कॉर्टिसोल’ के स्त्राव में 68 फीसदी तक की गिरावट आती है। बिस्तर पर जाने से पहले पसंदीदा गाना सुनने, गुनगुना दूध पीने या फिर पार्क में चहलकदमी करने पर भी तनाव का स्तर इस कदर नहीं घटता है। इन तीनों ही गतिविधियों से ‘कॉर्टिसोल’ के उत्पादन में क्रमशः 61 फीसदी, 54 फीसदी और 42 फीसदी कमी दर्ज की गई है।
मुख्य शोधकर्ता डॉ. डेविड लुइस की मानें तो किताब के पन्ने पलटने से महज छह मिनट में तन और मन आराम की मुद्रा में आ जाते हैं। इससे मस्तिष्क को संकेत मिलता है कि अब सोने का समय आ गया है और वह स्लीप हार्मोन ‘मेलाटोनिन’ का उत्पादन करने लगता है। लुइस ने सिर्फ उन्हीं विषयों से जुड़ी किताबें पढ़ने की नसीहत दी, जो दिल को भाते हैं। ऐसा न करने पर मन फिर रोजमर्रा के तनाव में उलझ जाएगा और व्यक्ति सोने के लिए संघर्ष करेगा।
ई-बुक से परहेज करें-
-अध्ययन में किताबें पढ़ने के लिए स्मार्टफोन, टैबलेट या ई-बुक रीडर के इस्तेमाल से बचने की सलाह दी गई है। शोधकर्ताओं के मुताबिक स्क्रीन से निकलने वाली नीली रोशनी ‘मेलाटोनिन’ के उत्पादन में बाधा डालती है। इससे दिमाग आराम की मुद्रा में नहीं जा पाता और व्यक्ति को सोने में दिक्कत पेश आती है।
गुनगुने पानी से नहाएं-
-एक अन्य अध्ययन में सोने से पहले गुनगुने पानी में बाइकार्बोनेट सोडा मिलाकर नहाने की सलाह दी गई है। इससे त्वचा को डिटॉक्स करने में तो मदद मिलती ही है, साथ ही तन-मन पर थकान हावी होने से ‘मेलाटोनिन’ का उत्पादन तेज हो जाता है और व्यक्ति आसानी से नींद के आगोश में समा पाता है।
रूम फ्रेशनर भी कारगर-
-साउथैम्पटन यूनिवर्सिटी के शोध में लैवेंडर, चंदन, पीपरमिंट, मरुआ और बबूने के फूल की खुशबू को मांसपेशियों को सुकून पहुंचाने व हृदयगति को धीमा करने में कारगर पाया गया था। कमरे में ऐसे गंध वाले रूम फ्रेशनर का छिड़काव करने से व्यक्ति न सिर्फ गहरी नींद सोता है, बल्कि सुबह उठकर तरोताजा भी महसूस करता है।
शवासन आजमाएं-
-वहीं, कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के एक शोध में शवासन और शशांकासन जैसे योग आसन को अनिद्रा की शिकायत से निजात दिलाने में असरदार पाया गया था। शोधकर्ताओं के मुताबिक इन आसनों के अभ्यास से तंत्रिका तंत्र तो शांत होता ही है, साथ में रीढ़ की हड्डी भी शिथिल पड़ती है, जिससे व्यक्ति को अच्छी नींद आती है।

खाना खजाना / शौर्यपथ / रात की रोटियां अगले दिन खाने में स्वादिष्ट नहीं लगती लेकिन रोटियों को फेंकना भी समझदारी नहीं है। ऐसे में आप रात की रोटियों से टेस्टी नाश्ता बना सकते हैं। आज हम आपको बता रहे हैं बासी रोटियों से उपमा बनाने की रेसिपी-
सामग्री :
4 रोटियां
एक प्याज बारीक कटा हुआ
एक टमाटर बारीक कटा हुआ
2 हरी मिर्च बारीक कटी हुई
आधी शिमला मिर्च बारीक कटी हुई
आधी छोटी चम्मच राई
आधा कप मटर के दाने
एक बड़ी चम्मच मूंगफली दाने (भुने हुए)
एक चम्मच धनिया पाउडर
आधा छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर
एक छोटा चम्मच नींबू रस
स्वादानुसार नमक
तेल
विधि :
सबसे पहले को छोटे-छोटे टुकड़ों में तोड़ लें।
अब गैस पर पैन में तेल गर्म करें. इसमें राई का तड़का लगाएं।
जब राई चटकने लगे तो इसमें हरी मिर्च और प्याज डालकर मध्यम आंच पर पकाएं।
प्याज को सुनहरा होने तक पकाएं, फिर इसमें टमाटर मिर्च और मटर डालकर 3 मिनट तक पकाएं।
इसके बाद पैन में धनिया, लाल मिर्च पाउडर और मूंगफली दाने डालकर एक मिनट पकाएं।
अब रोटियों के टुकड़े और नमक डालकर मिक्स करें. इसे 2 मिनट तक पकाएं और गैस बंद कर दें।
लीजिए तैयार है बची हुई रोटी का इसे हरी धनिया पत्तियों से गार्निश करके गर्मागर्म सर्व करें।

खेल / शौर्यपथ /राजस्थान रॉयल्स के युवा बल्लेबाज रियान पराग ने सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ मैच में 26 गेंद पर नॉटआउट 42 रनों की पारी खेली और राहुल तेवतिया के साथ मिलकर टीम को पांच विकेट से शानदार जीत दिलाई। रियान ने 19.5 ओवर में छक्के के साथ टीम को जीत दिलाई और इसके बाद मैदान पर ही बीहू डांस करने लगे। बीहू असम का पारंपरिक डांस है और रियान भी असम से ही हैं।
रियान पराग के डांस का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है और इस डांस पर सनराइजर्स हैदराबाद के कप्तान डेविड वॉर्नर का रिऐक्शन भी काफी चर्चा में है। सनराइजर्स हैदराबाद की टीम काफी समय तक मैच में हावी थी। हाल ऐसा था कि राजस्थान रॉयल्स ने 12 ओवर में महज 78 रनों तक पांच विकेट गंवा दिए थे। बेन स्टोक्स, जोस बटलर, कप्तान स्टीव स्मिथ, संजू सैमसन और रॉबिन उथप्पा पवेलियन लौट चुके हैं। इसके बाद रियान और राहुल ने मिलकर 85 रनों की अटूट साझेदारी निभाई।
राहुल तेवतिया ने 28 गेंद पर 45 रनों की पारी खेली। सनराइजर्स हैदराबाद ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में चार विकेट पर 158 रन बनाए। मनीष पांडे ने 54 रनों की पारी खेली, जवाब में राजस्थान रॉयल्स ने 19.5 ओवर पांच विकेट पर 163 रन बनाकर मैच अपने नाम कर लिया। आखिरी ओवर में खलील अहमद और राहुल तेवतिया के बीच कुछ कहासुनी हुई थी। जिसके बाद बीच-बचाव के लिए वॉर्नर को बीच में आना पड़ा था। मैच के बाद वॉर्नर ने जाकर तेवतिया से बात भी की थी।

मनोरंजन / शौर्यपथ / अनीता हसनंदानी मां बनने वाली हैं। उन्होंने एक वीडियो शेयर कर अपनी प्रेग्नेंसी की खबर दी है। अब हाल ही में अनीता ने 39 की उम्र में मां बनने पर अपनी बात रखी है। ई टाइम्स को दिए इंटरव्यू में अनीता ने कहा, 'मेरे दिमाग में कभी उम्र को लेकर को बात नहीं आई। कई लोगों ने मुझे कहा कि यह बहुत ही मुश्किल होगा। लेकिन जैसे ही मैंने नैचुरल तरीके से कन्सीव किया तो मुझे एहसास हुआ की उम्र तो बस एक नंबर है।'

अनीता ने बताया, 'आपको बस मेंटली और फिजिकली फिट होना चाहिए। जो नसीब में लिखा होता है, वो तो होता ही है। आज मैं और रोहित मेंटली और आर्थिक रूप से सेटल हैं इसलिए हम बच्चे के लिए तैयार हो गए।'
अनीता ने आगे कहा, 'फिलहाल कोविड की सिचुएशन काफी सीरियस है, लेकिन भगवान ने अगर आपके लिए कुछ प्लान किया है तो सब अच्छा ही होगा। बस आप शांत रहें और सब आसानी से हो जाता है।'
इससे पहले एक इंटरव्यू में अनीता से पूछा गया कि आपको और रोहित को कैसे लगा कि ये परफेक्ट टाइम है पैरेंट्स बनने का? अनीता ने कहा, 'सच कहूं तो हम इसके प्लान कर ही रहे थे। हमने इस साल के शुरुआत से ही पता था कि 2020 ही सही समय है और मुझे लगता है कि ये सब सही समय पर हुआ। भगवान ने सब बहुत ही खूबसूरती से प्लान किया।'
अनीता से पूछा कि इस खबर को सुनने के बाद उनके परिवार का कैसा रिएक्शन था? अनीता ने कहा, 'वे सभी इमोशनल हो गए और साथ ही खुश भी। उनके मिक्स इमोशन्स थे, लेकिन खुश ज्यादा थे।'
अनीता ने आगे कहा, 'एक नई शुरुआत होने वाली है। हमें बहुत कुछ करना है। अभी तो बस शुरुआत है।'

 

मनोरंजन / शौर्यपथ /बॉलीवुड एक्टर रणबीर कपूर एक्टिंग के अलावा अपनी फिटनेस को लेकर काफी सजग रहते हैं। वह कभी भी अपना वर्कआउट सेशन मिस नहीं करते हैं। इस बीच रणबीर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। वीडियो में वह साइकलिंग करते हुए नजर आ रहे हैं।
वीडियो में देखा जा सकता है कि रणबीर मुंबई की सड़कों पर साइकलिंग का लुत्फ ले रहे हैं। इस दौरान उन्होंने कोरोना से बचाव के लिए चेहरे पर मास्क पहन रखा है। वीडियो में वह ग्रे कलर की फुल स्लीव्स टी-शर्ट और ब्लैक लोवर्स में नजर आ रहे हैं। रणबीर के फैन्स इस वीडियो को खूब लाइक कर रहे हैं।
हाल ही में रणबीर कपूर फैन्सी ऑटोमैटिक साइकिल चलाते हुए नजर आए थे। दरअसल, वह इस साइकिल से मुंबई के पाली हिल स्थित दादाजी के घर के बाहर स्पॉट हुए, जिसका रेनोवेशन का काम चल रहा है। इस दौरान मां नीतू कूपर भी उनके साथ थीं। घर के रेनोवेशन का काम देखने जहां रणबीर कपूर साइकिल से पहुंचे थे वहीं, नीतू कूपर कार से आई थीं।
रिपोर्ट के मुताबिक, रणबीर कपूर की यह साइकिल Copenhagen कंपनी की है। इस साइकिल को फोल्ड भी किया जा सकता है और इसकी कीमत 58 हजार रुपये बताई जा रही है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें देखा जा सकता है कि रणबीर और नीतू साथ में घर से बाहर निकलते हैं। दोनों फेस पर मास्क पहने हुए दिखाई दिए। इसके बाद रणबीर अपनी साइकिल से रवाना हो गए। वहीं, मां नीतू अपनी कार पर बैठकर चली जाती हैं।
वर्क फ्रंट की बात करें तो रणबीर कपूर अगली फिल्म ब्रह्मास्त्र में नजर आएंगे। इस सुपरहीरो फिल्म का निर्देशन अयान मुखर्जी कर रहे हैं। इसमें रणबीर के अपोजिट आलिया भट्ट नजर आएंगी। रणबीर और आलिया के अलावा अमिताभ बच्चन, मौनी रॉय, नागार्जुन भी इस फिल्म का अहम हिस्सा हैं।

 

शौर्य की बाते / मेरा बेटा निक्की उसका जन्म दिन १२ अगस्त को और मेरा जन्मदिन १२ अक्तूबर को किन्तु देखिये कैसा योग है बचपन में जो भूल हुई वही भूल जिन्दगी के कुछ साल इतनी ख़ुशी दे गया कि उस भूल को अपना सौभाग्य समझने लगा और आज वही भूल जिन्दगी भर का दर्द बन गयी जिन्दगी का हर गुजरा कल एक दर्द बनकर उभर जाता है . भूल कुछ यु हो गयी थी कि फ़ार्म में १२ अक्तूबर की जगह १२ अगस्त हो गया और इस तरह १२ अगस्त के दिन जन्मदिन सभी शासकीय दस्तावेज में अंकित हो गए और एक दिन ऐसा आया कि वही १२ अगस्त मेरी खुशियों का सबसे बड़ा दिन हो गया जब मेरा लाल १२ अगस्त २००६ को इस दुनिया में कदम रखा तब से १२ अगस्त और १२ अक्तूबर दो दिन अपने जन्मकी खुशिया मनाने लगा किन्तु आज जब भी इस दिन को याद करता हूँ तो १२ अगस्त याद आ जाता है और मेरा लाल फिर से मेरे सामने खडा हो जाता है एक जिन्दा अहसास की तरह . अब तू ही बता ऐ जिन्दगी मै अपने जन्मदिन की खुशिया कैसे मनाऊ क्या खुदगर्ज बन जाऊ और अपने लाल को भूल जाऊ जिसने मुझे १४ साल खुशिया दी साल में दो बार जन्मदिन मनाने का मौका दिया अब क्या साल में दो बार मौत को गले लगाऊ .
मै तो इतना कमजोर हूँ की वो भी नहीं कर सकता तभी तो मेरा लाल मुझसे दूर हुए २० माह हो गए अब भी जी रहा हूँ खूब मजे कर रहा हूँ दिनभर ऐश करता हूँ पाखंडी हूँ मै जो बेटे के लिए रोता हूँ पर उसके पास जाने से डरता हूँ और इंतज़ार करता हूँ कि कोई ले जाए . चलो आज एक कदम तो आगे बढ़ ही गया हूँ बेटे तक जाने के लिए . कहते है ना सबकी जिन्दगी का समय उपर वाले ने तय किया है और सब को बस तय समय के इंतज़ार में दिन काटना है तो बेटा आज मैंने भी अपनी जिन्दगी के एक साल और काट लिए अब तेरे और करीब आ गया हूँ बस तू कही मत जाना बेटा मेरा इंतज़ार करना मेरे लाल फिर हम एक साथ रहेंगे हमेशा हमेशा के लिए कभी दूर नहीं होंगे मम्मी और मै एक साथ आयेंगे रे . तेरी मम्मी की ख़ुशी तो सिर्फ छलावा है तू तो अच्छे से जानता है ना अब सब तेरे ऊपर है कब हमे अपने पास बुलाता है सिद्धि से तो तू बात करता है बेटा हमसे ही नाराज है जब आयेंगे तो फिर बताना तेरी सारी नाराजगी दूर कर देंगे और एक बार फिर १२ अगस्त और १२ अक्तूबर को खुशियों की बारिश होगी बस अब खुशियों के सावन का इंतज़ार है बेटा वो भी जल्दी ही आ जायेगा बस तू धैर्य रखना . लव यु निक्की ..

   दुर्ग / शौर्यपथ / यु तो सरकार ने ऐसे कई नियम बनाए है जिसके कारण निजी नर्सिंग होम में कोई उपद्रव हो तो कड़ी से कड़ी कानूनी कार्यवाही की जा सके . एक मायने में यह सही भी है कि चिकितस्क को समाज भगवान् का रूप समझता है जो उसके शारीर के हर कष्ट को दूर कर देता है किन्तु ऐसे चिकित्सको को क्या कहे जो चिकित्सा से ज्यादा जरुरी धन पर ध्यान देते है ऐसे कई मामले लगातार उजागर हो रहे है जिससे चिकित्सा जगत की छवि लगातार खराब हो रही है ऐसे ही एक मामले में एक निजी नर्सिंग होम द्वारा एक जरुरत मंद का इलाज ना करके ये तो दर्शा दिया कि उनके लिए चिकित्सा से ज्यादा जरुरी धन है आज भले ही बात सामने अ गयी और शासन ने कार्यवाही कर दी अर्थदंड भी दे दिया किन्तु क्या ऐसे कई मामले अंधेरो में गुम नहीं हो गए जिसमे ऐसे धनलोभी चिकित्सा क्षेत्रो से सम्बंधित लोगो के कारण जो मानव सेवा कर रहे वो भी बदनाम हो रहे है .
मामला है भिलाई के नेहरु नगर चौक स्थित पल्स हॉस्पिटल का जहा अस्पताल प्रबंधन के द्वारा एक 9 वर्षीय बच्ची का कोरोना वायरस कोविड- 19 रिपोर्ट नेगेटिव होने के बावजूद हॉस्पिटल प्रबंधन के द्वारा भर्ती नहीं किया गया। जिला प्रशासन को भी जानकारी नहीं दी गयी । साथ ही जांच दल को गुमराह करने की कोशिश की गई। जिसके कारण जांच अधिकारी द्वारा संबंधित चिकित्सकों तथा अस्पताल संचालक को नर्सिंग होम एक्ट का प्रथम बार उलंघन करने पर 20 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित करने का आदेश जारी किया गया है।
उल्लेखनीय है कि नर्सिंग होम एक्ट 2013 के तहत् बनाए गए अधिनियम के अनुसार प्रावधानों का उल्लंघन करते पाए जाने पर 20 हजार रूपए के जुर्माने से दंडित करने का प्रावधान है। अस्पताल प्रबंधन एवं वहां कार्यरत चिकित्सकों द्वारा मरीजों से अथवा मरीजों के परिजनों से शासन द्वारा कोविड-19 हेतु निर्धारित उपचार आदेशों और निर्देशों मापदंड के अनुरूप उपचार करने के लिए प्रबंधन जवाबदेही तथा व्यवस्था में सुधार करेगा अन्यथा भविष्य में संस्था के विरुद्ध शिकायत पाये जाने पर छत्तीसगढ़ राज्य नर्सिंग होम एक्ट 2013 में बने प्रावधान के अनुरूप दंड शुल्क, लाइसेंस निरस्तीकरण, लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं करना, अस्पताल सीलबंद एवं चिकित्सकों का पंजीयन निरस्त जैसी कार्यवाही की जाएगी।

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