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नई दिल्ली /शौर्यपथ / देश में आनुपातिक आधार पर सबसे बड़ी युवा आबादी वाले प्रांत बिहार के विधानसभा चुनाव में इस बार डिजिटल प्रचार निर्णायक साबित हो सकता है. राज्य में करीब एक चौथाई मतदाता 30 साल से कम उम्र के हैं. ऐसे में मनोरंजन से लेकर खबरों की थाह लेने के लिए छह से आठ घंटे स्मार्टफोन पर बिताने वाला युवा वोटर चुनावी पासे को किसी भी ओर पलट सकता है.
चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, राज्य में करीब 7.29 करोड़ मतदाता हैं. इसमें 24.5 फीसदी यानी करीब 1.77 करोड़ मतदाता 18 से 29 वर्ष के आयु वर्ग के हैं. जबकि तीन करोड़ 66 लाख मतदाताओं की उम्र 18 से 39 साल के बीच है. ऐसे में सियासी दलों की डिजिटल प्रचार की रणनीति बेहद मायने रखेगी. लोकसभा चुनाव के बाद बढ़े मतदाताओं की बात करें तो करीब सात लाख वोटर लोकसभा चुनाव के बाद पहली बार वोट डाल सकेंगे. राज्य के 7.29 करोड़ मतदाताओं में करीब 3.85 करोड़ पुरुष और 3.44 करोड़ महिलाएं हैं.
रैलियों और वाहनों के रेले पर रोक रहेगी
चुनाव प्रचार से जुड़े सोशल मीडिया विश्लेषकों का कहना है कि कोरोना काल में रैलियों और वाहनों के रेले पर रोक रहेगी. चुनाव आयोग के अंकुश के कारण रैलियों में इस बार जन सैलाब देखने को नहीं मिलेगा. सोशल डिस्टेंसिंग के कारण 5-10 कार्यकर्ताओं या वाहनों की टोली में ही प्रचार होगा, ऐसे में डिजिटल प्रचार की महत्वपूर्ण भूमिका होगी. खासकर युवा वोटरों पर इसका अहम प्रभाव देखने को मिलेगा. बिहार की 57 फीसदी आबादी 25 साल से कम उम्र की है.
गांवों में भी छाप छोड़ेगा ऑनलाइन कैंपेन
विश्लेषकों का कहना है कि राजनीतिक दल और उनके प्रत्याशी फेसबुक, व्हाट्सएप, यूट्यूब या लोकप्रिय वीडियो शेयरिंग ऐप का रुख कर सकते हैं. चुनाव प्रबंधन कंपनी डिजाइनबॉक्स्ड के निदेशक और डिजिटल कंपेन एक्सपर्ट नरेश अरोड़ा कहना है कि भले ही बिहार के शहरी इलाकों में ही सिर्फ 11 फीसदी आबादी हो, लेकिन ग्रामीण इलाकों में भी चुनाव प्रचार में इसका चलन बढ़ेगा. क्योंकि गांवों में लोग सूचनाएं पाने के लिए टीवी की बजाय स्मार्टफोन पर ज्यादा निर्भर रहने लगे हैं. ऐसे में चुनाव आयोग को भी गलत तरीके से डिजिटल माध्यमों पर चुनाव खर्च करने वालों की निगरानी बढ़ाने के लिए कदम उठाने होंगे.
दस गुना तक बढ़ेगा पिछले चुनाव के मुकाबले खर्च
अरोड़ा के मुताबिक, प्रत्याशियों और दलों का डिजिटल प्रचार का खर्च पिछले विधानसभा चुनाव के मुकाबले दस गुना तक बढ़ेगा. बीजेपी के अलावा युवाओं को रिझाने के लिए राजद भी डिजिटल कैंपेन पर ज्यादा फोकस कर रही है. जदयू इस मामले में थोड़ा पीछे है. ऑनलाइन प्रचार तो पहले से है, लेकिन कोरोना काल के बाद यह हिन्दी बेल्ट में और देश के दूसरे सबसे बड़ी आबादी वाले राज्य में डिजिटल कैंपेन नया ट्रेंड सेट करेगा.
सोशल मीडिया पर सक्रिय दो तिहाई युवा
स्टैस्टिटा की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, देश में करीब 29 करोड़ युवा फेसबुक और 20 करोड़ व्हाट्सएप का इस्तेमाल करते हैं. इसमें से 74 फीसदी 19 से 24 साल के युवा हैं, जो रोजाना करीब ढाई घंटे समाचार और सामाजिक गतिविधियों के लिए सोशल मीडिया पर बिताते हैं. अगर बिहार में भी कमोवेश यही ट्रेंड माना जाए तो कोई भी दल डिजिटल कंपेन की अनदेखी नहीं कर सकता.
भाजपा ने की थी डिजिटल रैली की पहल
वर्ष 2014 से ही धुआंधार डिजिटल प्रचार का लाभ उठा रही भाजपा ने कोरोना काल में भी देश भर में डिजिटल जनसंवाद रैलियां की थीं. गृह मंत्री अमित शाह ने सात जून को बिहार में ऐसी ही एक रैली को संबोधित किया था. पार्टी का दावा है कि रैली को डिजिटल मंचों से 14 लाख लोगों ने सुना और देखा. इसमें 1.5 लाख यूट्यूब और 64 हजार ट्विटर के जरिये लाइव रैली में शामिल हुए. चुनाव के दौरान पार्टी की ओर से ऐसी ही रैलियां देखने को मिल सकती हैं. स्टार प्रचारकों की इन रैलियों का खर्च भी प्रत्याशियों के खाते में नहीं जुड़ेगा.
बड़ा सवाल- मतदान प्रतिशत बढ़ेगा या नहीं
बिहार विधानसभा चुनाव 2015 में 58 फीसदी वोट पड़े थे. कोरोना काल में चुनाव आयोग ने मतदान का वक्त एक घंटे बढ़ा दिया है. 80 साल से ज्यादा उम्र के वोटरों को पोस्टल बैलेट का विकल्प भी दिया है. साथ ही 1500 की जगह एक हजार वोटर पर एक बूथ बनाने का निर्णय किया है. ऐसे में देखना होगा कि डिजिटल प्रचार वोटरों को किस कदर बूथ तक खींच पाता है.
नई दिल्ली /शौर्यपथ /ओस्लो / नॉर्वे की नोबेल समिति ने 2020 के नोबेल शांति पुरस्कार का ऐलान कर दिया है. 'वर्ल्ड फूड प्रोग्राम' को शांति पुरस्कार दिया गया है. 'वर्ल्ड फूड प्रोग्राम' को प्रभावित क्षेत्रों में भुखमरी से लड़ने व शांति कायम करने से जुड़े सराहनीय कार्यों के चलते शांति पुरस्कार दिया गया है. ओस्लो में यह घोषणा की गई. नोबेल समिति अपने पसंदीदा उम्मीदवार को लेकर पूरी गोपनीयता बरतती है. इसके बावजूद विजेता की घोषणा से पहले अटकलें लगती रहती हैं.
इस बार, अटकलें लगाई जा रही थीं कि इस साल का शांति पुरस्कार जलवायु कार्यकर्ता एवं स्वीडन की नागरिक ग्रेटा थनबर्ग, नर्व एजेंट हमले से उबर रहे रूस के नेता अलेक्सेई नवलनी और कोरोना वायरस संकट से निपटने में भूमिका के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन में से किसी को दिया जा सकता है. नवलनी ने अपने ऊपर हमले के लिए रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पर आरोप लगाया है.
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का भी मानना था कि उन्हें यह पुरस्कार दिया जाना चाहिए. इस पुरस्कार के लिए 318 उम्मीदवार थे, जिनमें से 211 व्यक्ति और 107 संगठन शामिल थे. नामांकन के लिए अंतिम समय सीमा 1 फरवरी, 2020 थी. इसका मतलब यह है कि मार्च में वैश्विक महामारी घोषित किए गए कोविड -19 से लड़ रहे योद्धाओं में से किसी को पुरस्कार मिलने की संभावना नहीं थी.
मुंबई / शौर्यपथ / पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस आईएसआई के लिए जासूसी करने के आरोप में एक शख्स की गिरफ्तारी की गई है. महाराष्ट्र ATS ने नासिक स्थित हिंदुस्तान ऐरोनॉटिक्स लिमिटेड कंपनी के एक कर्मचारी को अरेस्ट किया है. कर्मचारी पर आरोप है कि वो भारतीय लड़ाकू विमानों और कंपनी की गुप्त जानकारी पाकिस्तानी जासूसी एजेंसी आई एस आई को देता था. आरोपी का नाम दीपक बताया जा रहा है. एंटी टेररिस्ट स्क्वाड ने बयान में यह जानकारी दी.
भाषा की खबर के मुताबिक, महाराष्ट्र पुलिस ने शुक्रवार को बताया कि व्यक्ति भारतीय लड़ाकू विमान और उसकी विनिर्माण इकाई संबंधी खुफिया जानकारी आईएसआई को दे रहा था. एक पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘‘राज्य आतंकवाद रोधी दस्ते (एटीएस) की नासिक इकाई को व्यक्ति के बारे में विश्वसनीय खुफिया जानकारी मिली थी. व्यक्ति आईएसआई के लगातार संपर्क में था.''
अधिकारी ने बताया कि व्यक्ति भारतीय लड़ाकू विमान और उसकी संवेदनशील विस्तृत जानकारी संबंधी खुफिया सूचना के अलावा नासिक स्थित ओझर में एचएएल विमान विनिर्माण इकाई, वायुसेना अड्डे और विनिर्माण इकाई में प्रतिबंधित क्षेत्र संबंधी जानकारी दे रहा था.
नई दिल्ली / शौर्यपथ / लोकजनशक्ति पार्टी के नेता और केंद्र की नरेंद्र मोदी की नेतृत्व वाली एनडीए सरकार में उपभोक्ता मामलों के मंत्री का पद संभाल रहे राम विलास पासवान का गुरुवार को निधन हो गया. उनकी जगह पर शुक्रवार को पीयूष गोयल को नया उपभोक्ता मामलों का मंत्री बनाया गया है. राष्ट्रपति भवन की ओर से पीयूष गोयल को दिए जा रहे अतिरिक्त प्रभार की घोषणा की गई. गोयल के पास पहले ही रेलवे और वाणिज्य व उद्योग मंत्रालय की प्रोफाइल है.
शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई अन्य नेता दिल्ली में उनके घर उनके पार्थिव शरीर का दर्शन करने पहुंचे थे. पीएम के साथ बीजेपी के अध्यक्ष जेपी नड्डा सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता थे. पीएम ने गुरुवार को निधन की खबर आने के बाद एक ट्वीट कर कहा था कि 'मैंने एक दोस्त, एक बहुमूल्य सहयोगी को खो दिया है, जो हर गरीब को सम्मानजनक जीवन देने के प्रति अत्यधिक प्रतिबद्ध था.' पीयूष गोयल भी पूर्व केंद्रीय नेता के घर पर उनको अंतिम श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे.
बिहार की राजनीति के बड़े चेहरों में से एक पासवान का अंतिम संस्कार शनिवार को पटना में किया जाना है. इस मौके पर कानून व आईटी मिनिस्टर रविशंकर प्रसाद केंद्रीय सरकार और केंद्रीय कैबिनेट का प्रतिनिधित्व करेंगे.
रामविलास पासवान का निधन ऐसे वक्त में हुआ है, जब बिहार के विधानसभा चुनावों में महज कुछ दिन बचे हैं. ये चुनाव उनके बेटे चिराग पासवान के लिए बहुत अहम हैं क्योंकि उनकी पार्टी पहली बार उनकी अध्यक्षता में चुनाव लड़ रही है, वो भी अकेले. एलजेपी ने बिहार में इस बार एनडीए महागठबंधन से अलग हो गए हैं और उनका सीधा निशाना मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हैं.
धर्म संसार / शौर्यपथ / ज्योतिष में भगवान शिव की पूजा-अर्चना को चंद्रमा से जुड़े सभी दोषों या नकारात्मक योग से मुक्ति के लिए बहुत ही शुभ और रामबाण उपाय माना गया है। इसमें भी विशेष रूप से शिवलिंग का अभिषेक करना श्रेष्ठ और शीघ्र परिणाम देने वाला होता है। ज्योतिषाचार्य विभोर इंदुसुत के अनुसार अगर किसी व्यक्ति की कुंडली में चंद्रमा नीच राशि में हो, चंद्रमा-राहु की युति से चंद्रग्रहण योग बना हो, चंद्रमा-सूर्य की युति से अमावस्या योग बना हो, चंद्रमा-शनि की युति से विष योग बना हो, केमद्रुम योग बना हो या फिर कालसर्प यो, इन सभी दोषाों या नकारात्मक योग से व्यक्ति के जीवन में विशेष से मानसिक अशांति हमेशा बनी रहती है। मन कभी स्थिर नहीं हो पाता और व्यक्ति हमेशा नकारात्मक विचारों एवं अवसाद में डूबा रहता है। ऐसे लोगों के जीवन में संघर्ष एवं बाधाएं भी आती रहती हैं जिससे जीवन में उथल-पुथल बनी रहती है। ऐसा व्यक्ति मानसिक रूप से हमेशा परेशान ही रहता है।
अगर कुंडली में ये छह योग बने हों तो प्रतिदिन शिवलिंग का अभिषेक करने से इनका दुष्परिणाम क्षीण हो जाता है। इससे व्यक्ति बुरे परिणामों से बच जाता है। उसके जीवन में स्थिरता और शांति आने लगती है। विभोर इंदुसुत के मुताबिक जिन लोगों की कुंडली में ये योग बन रहे हों तो उन्हें भगवान शिव का प्रतिदिन अभिषेक अवश्य करना चाहिए। ऐसे लोग अपने घर में भी एक छोटा शिवलिंग रखते हुए उसका रोज अभिषेक कर सकते हैं। भगवान शिव के अभिषेक से चंद्रमा मजबूत होता है। चंद्रमा जल एवं दूध दोनों का कारक है। इसलिए जल और धूल के मिश्रण से भगवान शिव का अभिषेक करना चाहिए। जिन लोगों को तनाव, मानसिक अशांति, घबराहट, एकाग्रता की कमी और नकारात्मक विचारों की समस्या हो उनके लिए यह उपाय रामाबाण सिद्ध होता है।
खेल / शौर्यपथ /कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) ने इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के 13वें सीजन में पांच मैचों में से तीन में जीत दर्ज की है। 7 अक्टूबर को चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) के खिलाफ केकेआर ने 10 रनों से जीत दर्ज की और साथ ही प्वॉइंट टेबल में तीसरे पायदान पर पहुंच गया। इस जीत के बाद कप्तान दिनेश कार्तिक ने अपनी टीम की जमकर तारीफ की। दिनेश कार्तिक ने कहा कि उनकी टीम भरोसे पर खरी उतरी। राहुल त्रिपाठी ने केकेआर की ओर से इस मैच में शुभमन गिल के साथ पारी का आगाज किया और 81 रनों की शानदार पारी खेली। कप्तान दिनेश कार्तिक ने हालांकि राहुल से पहले सुनील नरेन की खूब तारीफ की।
उन्होंने कहा, 'हमारी टीम में कुछ अहम खिलाड़ी हैं। सुनील नरेन उनमें से एक हैं। हम कम से कम इतना तो कर सकते हैं कि उसका साथ दें। एक खिलाड़ी के रूप में मुझे उस पर काफी गर्व है। हमने सोचा कि राहुल को ऊपर भेजकर हम सुनील पर से दबाव कुछ कम कर सकते हैं।' उन्होंने कहा, 'हमारी बल्लेबाजी में काफी लचीलापन है। मैंने तीसरे नंबर से शुरुआत की, मैं अब सातवें नंबर पर खेल रहा हूं। यह अच्छी चीज है। हमने शुरुआत से जिस तरह की बल्लेबाजी की उसे देखते हुए उन्होंने (सीएसके ने) काफी अच्छा प्रदर्शन किया लेकिन मुझे सुनील और वरुण पर काफी यकीन था। यह भरोसा मेरे लिए काम कर गया।'
मैन ऑफ द मैच चुने गए राहुल त्रिपाठी ने कहा कि यह पल उनके लिए सपना साकार होने की तरह है। उन्होंने कहा, 'यह मेरे लिए सपना साकार होने की तरह है। मैं दोनों भूमिकाओं के लिए तैयार था। जब भी आपको मौका मिले तो आपको इसके लिए तैयार रहना चाहिए।' राहुल ने 51 गेंद पर 81 रनों की पारी खेली और मैन ऑफ द मैच चुने गए। सीएसके की ओर से ड्वेन ब्रावो ने तीन, जबकि सैम कुर्रन, शार्दुल ठाकुर और कर्ण शर्मा ने दो-दो विकेट लिए। सीएसके को 10 रनों से हार का सामना करना पड़ा। सीएसके की ओर से सबसे ज्यादा रन शेन वॉटसन ने बनाए, जो 40 गेंद पर 50 रन बनाकर आउट हुए। केकेआर की ओर से शिवम मावी, वरुण चक्रवर्ती, कमलेश नागरकोटी, सुनील नरेन और आंद्रे रसेल ने एक-एक विकेट लिया।
मनोरंजन /शौर्यपथ /'बिग बॉस-13' फेम देवोलिना भट्टाचार्जी ने निक्की तंबोली के बर्ताव और एटीट्यूड पर तंज कसने के साथ ही इशारों ही इशारों में शहनाज गिल पर निशाना साधा है। देवोलिना ने एक ट्वीट में लिखा-"निक्की तंबोली कॉपी कैट हैं और बिग बॉस-13 की मोस्ट इरिटेटिंग कंटेस्टेंट की याद दिलाती हैं। उफ्फ।"
दरअसल, निक्की तंबोली शो में सिद्धार्थ शुक्ला संग फ्लर्टिंग नेचर को लेकर चर्चा में हैं। हाल ही में एक टास्क के दौरान निक्की को सिद्धार्थ संग फ्लर्ट करते भी देखा गया। निक्की के यह बर्ताव सिद्धार्थ और शहनाज के फैन्स को पसंद नहीं आ रहा है। बिग बॉस के बीते सीजन में शहनाज ने सिद्धार्थ के लिए अपने प्यार का खुलकर इजहार किया था। इतना ही नहीं फैन्स को भी सिद्धार्थ और शहनाज के बीच की केमेस्ट्री खूब पसंद आई थी। यही कारण है कि उन्होंने दोनों को 'सिडनाज' नाम दिया था।
एक्टर अली गोनी ने भी निक्की पर साधा निशाना-
निक्की के सिद्धार्थ संग नजदीकियां बढ़ाने पर एक्टर अली गोनी ने नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने एक ट्वीट में लिखा कि पूरी दुनिया जानती है कि शहनाज, सिद्धार्थ को प्यार करती है। अली गोनी ने लिखा- 'और यह लड़की तंबोली। मुझे नहीं पता कि यह क्या साबित करना चाहती है। दुनिया जानती है कि शहनाज सिद्धार्थ से कितना प्यार करती है और मुझे लगता है कि वह भी उससे प्यार करता है। लेकिन एक बतौर एक्टर वह गेम खेल रहा है, इसलिए ही वह वहां है। कोई सेल्फ रिस्पेक्ट नाम की चीज होती है बहन।'
मनोरंजन /शौर्यपथ/बॉलीवुड एक्टर सैफ अली खान एक्टिंग के अलावा अपनी बात बेबाकी से रखने के लिए भी जाने जाते हैं। एक ताजा इंटरव्यू में सैफ ने कहा कि वह अब इंडियन अवॉर्ड शोज में विश्वास नहीं रखते हैं। उन्होंने खुद के राष्ट्रीय पुरस्कार के बारे में भी बात की जो उन्हें फिल्म 'हम तुम' के लिए मिला था। सैफ ने कहा कि कुछ लोगों को लगता था कि वह उसके योग्य नहीं थे।
बॉलीवुड हंगामा से बात करते हुए, सैफ ने कहा, "हां, मुझे अपने करियर में कुछ पुरस्कारों से सम्मानित किया गया, जिनमें से 'हम तुम' के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार भी शामिल है। लेकिन मुझे लगता है कि मैंने कुछ सालों में खुद को उम्मीद से ज्यादा बेहतर साबित किया है।"
सैफ ने आगे कहा कि वह अवॉर्ड शोज में विश्वास नहीं करते हैं और इसे 'होल बिग तमाशा' बताया। उन्होंने एक वाकये को याद किया जो उनके साथ कुछ साल पहले हुआ था। सैफ ने कहा, "ईमानदारी से कहूं तो मैं उन पर विश्वास नहीं करता। कुछ साल पहले मुझे एक अवार्ड फंक्शन के लिए बुलाया गया था। जब मैं वहां गया तो ऑर्गेनाइजेशन के किसी बड़े अधिकारी ने मुझसे कहा, 'हम आपको बेस्ट एक्टर का अवार्ड देना चाहते थे। लेकिन आप जानते हैं कि यह किस तरह से होता है। हम आपको कॉमिक रोल में बेस्ट एक्टर का अवॉर्ड देंगे।"
उन्होंने कहा कि अवार्ड शो को 'कमर्शियल अस्पेक्ट' के रूप में पेश करने के बाद यह "एक बड़े तमाशे" में बदल गया। सैफ का यह भी मानना है कि ये अवार्ड शो पैसा कमाने का एक बहाना है। उन्होंने कहा, "जैसा कि मैं देखता हूं कि अवॉर्ड शो परफॉर्मेंस कर पैसा कमाने का एक जरिया बन गया है। यदि आपके पास बुद्धि है, तो आप पैसे को अच्छी तरह से खर्च करते हैं।”
शौर्यपथ / अस्पताल में भर्ती रहे कोरोना संक्रमण के गंभीर मरीज अब मानसिक अस्थिरता से जूझने लगे हैं। शिकागो के नॉर्थ-वेस्टर्न विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक अध्ययन से पता लगा कि चालीस प्रतिशत गंभीर मरीजों के मस्तिष्क पर वायरस इतना गहरा असर कर रहा है कि वे मानसिक भ्रम से लेकर कोमा तक के खतरों जूझ रहे हैं।
कई वैज्ञानिक अध्ययनों से यह सिद्ध हो चुका है कि कोविड-19 का वायरस सिर्फ श्वसन तंत्र से जुड़ी बीमारी नहीं है बल्कि यह शरीर के सबसे महत्वपूर्ण हिस्से यानी मस्तिष्क समेत कई महत्वपूर्ण अंगों को क्षति पहुंचाता है। इसी क्रम में ताजा अध्ययन बताता है कि अस्पताल में भर्ती रहे एक-तिहाई संक्रमित मरीजों के मस्तिष्क में एन्सेफैलोपैथी बीमारी विकसित हो जाती है।
इस रोग में मस्तिष्क के उस हिस्से का पतन होने लगता है जिसके जरिए इंसान सोचता और शरीर को काम करने का निर्देश देता है। यह अध्ययन एन्नल्स ऑफ क्लीनिकल एंड ट्रांसजेशनल न्यूरोलॉजी में प्रकाशित हुआ।
कोमा तक का खतरा
नॉर्थ-वेस्टर्न यूनिवर्सिटी में न्यूरोलॉजी के प्रोफेसर डॉ. इगोर कोरालनिक ने 509 कोविड मरीजों पर अध्ययन किया। उन्होंने पाया कि 82.3 प्रतिशत मरीजों के मस्तिष्क पर इलाज के दौरान ही न्यूरोलॉजिकल असर दिखने लगता है। 31.8 प्रतिशत मरीजों में एन्सेफैलोपैथी की स्थिति दिखती है जो मरीज में मानसिक भ्रम से लेकर कोमा तक पहुंचा सकती है।
वह कहते हैं कि यह कोविड-19 का सबसे गंभीर न्यूरोलॉजिकल असर है। इसके अलावा 44.8 प्रतिशत मरीज मांसपेशियों का दर्द, 37.7 प्रतिशत मरीज सिरदर्द, 29.7 प्रतिशत मरीज थकावट, 15.9 प्रतिशत मरीज स्वादहीनता व 11.4 प्रतिशत मरीज गंधहीनता महसूस करने लगते हैं।
युवा मरीजों में खतरा ज्यादा
न्यूरोलॉजिकल लक्षणों को देखा जाए तो करीब 45% मरीजों में मांसपेशियों में दर्द, 38% मरीजों में सिरदर्द, करीब 30% मरीजों में चक्कर आने की शिकायत देखी गईं। जबकि, स्वाद या सूंघने की परेशानियों से जूझ रहे मरीजों की संख्या कम थी। स्टडी के मुताबिक, एंसेफेलोपैथी के अलावा युवाओं में न्यूरोलॉजिकल लक्षण होने की संभावना ज्यादा थी।
चीन और स्पेन से ज्यादा मामले
बदली हुई मानसिक स्थिति केवल न्यूरोलॉजिकल परेशानी नहीं है। कुल मिलाकर 82% भर्ती मरीजों में बीमारी के दौरान किसी न किसी मौके पर न्यूरोलॉजिकल लक्षण नजर आए थे। यह दर चीन और स्पेन में ज्यादा है।
खाना खजाना / शौर्यपथ / दक्षिण भारत का लोकप्रिय व्यंजन इडली अपने पौष्टिक गुणों की वजह से आज देशभर में बेहद पसंद किया जाता है। खास बात यह है कि लोग इस टेस्टी व्यंजन को अपना वजन घटाने के लिए भी नाश्ते में शामिल करते हैं। इसमें मौजूद प्रोटीन भूख लगने वाले हार्मोन घ्रेलिन को रेगुलेट करके व्यक्ति को लंबे समय तक तृप्त रखने में मदद करता है। आमतौर पर इडली बनाने के लिए इडली मेकर का इस्तेमाल किया जाता है। अगर आपके पास इडली मेकर मौजूद नहीं है तो भी आप इसे बड़ी आसानी से बिना इडली मेकर के बाजार जैसी इडली घर पर ही बना सकते हैं। जानिए कैसे।
ओट्स दाल इडली बनाने के लिए सामग्री-
-2 कप ओट्स
-500 ग्राम दही
-1 टी स्पून सरसों के दाने
-1 टी स्पून उड़द की दाल
-1/2 टी स्पून चने की दाल
-1/2 टी स्पून तेल
-2 टी स्पून हरी मिर्च, बारीक कटी हुई
-1 कप गाजर, कद्दूकस
- करी पत्ता-3-4 पत्ते
-2 टी स्पून धनिया, बारीक कटा हुआ
-1/2 हल्दी पाउडर
-2 टी स्पून नमक
-एक चुटकी बेकिंग सोडा
ओट्स दाल इडली बनाने का तरीका-
ओट्स दाल इडली बनाने के लिए सबसे पहले एक तवे पर ओट्स को हल्का भूरा होने तक भून लें। अब इन्हें मिक्सर में डालकर ओट्स का पाउडर बना लें। एक पैन में तेल, सरसों के दाने (तड़कने दें), उड़द की दाल और चना दाल को भूरा होने तक भूनें। अब इसमें कटा हुआ हरा धनिया, हरी मिर्च, कद्दूकस की हुई गाजर और हल्दी डालकर एक मिनट चला लें।
अब यह मिश्रण ओट्स पाउडर में नमक, बेकिंग सोडा और दही डालते हुए एक साथ मिलाएं। मिश्रण को बनाने के लिए पानी का इस्तेमाल जरूरत के अनुसार करें। इडली का मिश्रण बनकर तैयार है।
अब कटोरी में तेल लगाकर उसे चिकना कर लें, हर कटोरी में इडली का मिश्रण डालें। अब एक कड़ाही में पानी रखकर उसके ऊपर छन्नी रख दें। छन्नी के ऊपर इडली की कटोरी रखने के बाद कड़ाही को ढ़क दें। 15 मिनट तक इडली को भाप में पकाने के बाद उन्हें प्लेट में निकाल लें और प्याज की चटनी के साथ सर्व करें।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
