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June 03, 2026
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शौर्यपथ

शौर्यपथ

नई दिल्ली / शौर्यपथ / कोहिमा सरकार के साथ शांति वार्ता कर रहे नेशनलिस्ट सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नगालैंड (आईएम) ने सोमवार को कहा कि उसने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फरवरी में पत्र लिखा था और कहा था कि यदि "भारत में उसकी मौजूदगी का स्वागत नहीं है" तो विदेश में बातचीत की जानी चाहिए. आठ पन्ने के "गोपनीय" पत्र में वार्ताकारों, नागालैंड के गवर्नर आरएन रवि और गृह मंत्रालय की कड़ी आलोचना करते हुए समूह ने अलग झंडे और संविधान की भी मांग की है. संगठन का कहना है कि पत्र पर प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से कोई जवाब नहीं मिला है.
NSCN के बयान के मुताबिक, सात महीने पहले, संगठन के राष्ट्रीय महासचिव टी मुईवाह ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखा था. हमने अब तक चिट्ठी को सार्वजनिक नहीं किया था क्योंकि हमें उम्मीद थी कि प्रधानमंत्री मोदी सकारात्मक जवाब देंगे. आज, NSCN (IM) ने नागा लोगों के प्रति जवाबदेह होने के कारण भारतीय प्रधानमंत्री के कार्यालय की ओर से जवाब नहीं मिलने और देरी होने के बारे में जानकारी देने के लिए पत्र जारी किया."
समूह ने पत्र में आरोप लगाया है कि शीर्ष स्तर के राजनीतिक संवाद को कम करने की कोशिश की गई है.
टी मुईवाह ने चिट्ठी में लिखा था, "आज, हम आपके संज्ञान में गृह मंत्रालय (एमएचए) और उसकी एजेंसियों एनआईए और असम राइफल्स सहित अन्य की गतिविधियां लाना चाहते हैं, जो भी गंभीर चिंता का विषय है. जैसा की आप जानते हैं कि 22 साल से चल रही वार्ता शीर्ष स्तर से शुरू हुई थी. प्रधानमंत्री स्तर की वार्ता बिना किसी पूर्व शर्ष और भारत से बाहर किसी दूसरे देश में शुरू हुई थी. हम भारत सरकार के बुलावे पर भारत आए थे. हम पूरी तरह से हैरान और आश्चर्यचकित हैं कि दो दशक से अधिक की राजनीतिक वार्ता के बाद भी, गृह मंत्रालय और उसकी एजेंसियां का रुख निंदनीय है."
उन्होंने आगे कहा, "गृह मंत्रालय के हालिय घटनाक्रम ने हमारी दीमापुर में मौजूदगी पर सवाल उठाए हैं. हम नागालैंड में अपने लोगों से मिलने के लिए और शांति प्रक्रिया के लिए हैं... यदि हमारे भारत में रहने का अब स्वागत नहीं तो हमारे भारत छोड़ने के सभी जरूरी इंतेजाम किया जाए और राजनीतिक वार्ता किसी तीसरे देश में शुरू की जाए."
समूह ने दावा किया कि भारत सरकार की ओर से नागा मुद्दे को राजनीतिक मुद्दे के रूप में मान्यता देने और इसे आंतरिक कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं मानने के बाद ही 1997 में वार्ता के लिए उसने सहमति जताई थी.

नई दिल्ली / शौर्यपथ / Mp के धार जिले में सोमवार रात इंदौर-अहमदाबाद मार्ग पर दर्दनाक हादसे में छह मजदूरों की मौत हो गई. दुर्घटना के वक्त खेतों से कटाई कर टांडा लौट रहे मजदूर गाड़ी पंक्चर होने के बाद टायर बदल रहे थे, तभी तेज गति से आ रहे टैंकर ने उसमें जोरदार टक्कर मार दी. इस घटना में 20 से ज्यादा मजदूर घायल भी हुए हैं, जो पिकअप के अंदर बैठे थे. मरने वालों में तीन नाबालिग भी शामिल है.
जानकारी के मुताबिक, तिरला थानाक्षेत्र के अंतर्गत रात करीब 12.30 बजे इस हादसे के वक्त मजदूर पिकअप वाहन से केसूर से सोयाबीन कटाई कर अपने क्षेत्र टांडा जा रहे थे. तभी फोरलेन पर मजदूरों से भरा पिकअप पंक्चर हो गया. ड्राइवर और कुछ मजदूर उतरकर टायर बदल रहे थे, जबकि बाकी वाहन में ही बैठे थे. इस दौरान टैंकर ने जोरदार टक्कर मार दी. टक्कर इतनी तेज थी कि कुछ मजदूर कई मीटर दूर जाकर गिरे, पिकअप वाहन में महिलाएं और बच्चे भी थे.
हादसे में चार लोगों की मौके पर मौत हो गई. जबकि दो मजदूरों को जिला अस्पताल में मृत डॉक्टरों ने घोषित कर दिया. दुर्घटना के बाद दो एंबुलेंस सहित करीब छह से ज्यादा वाहनों से घायलों को जिला अस्पताल लाया गया. जबकि गंभीर हालत में वाले मरीजों को इंदौर भेजा गया. मृतकों में दो महिलाएं शामिल हैं. हादसे में मरने वाले सभी टांडा कोदी के हैं, इसमें तीन लड़के हैं.
अस्पताल की लापरवाही सामने आई
हादसे में धार के जिला अस्पताल की लापरवाही भी सामने आई. आरोप है कि घायलों को उचित समय पर उपचार नहीं मिल पाने से दो मरीजों की मौत हो गई. अस्पताल में धार एसपी और डीएसपी सहित पुलिस के कई अधिकारी भी पहुंचे परंतु जिला प्रशासन का अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा. कलेक्टर ने आर्थिक सहायता की घोषणा की.

भुवनेश्वर / शौर्यपथ / ओडिशा के भुवनेश्वर में रेडिमेड गारमेंट बेचने वाले बिजनेसमैन को दो बैंकों से 12 लाख की रकम लूटने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. पुलिस ने सोमवार को बताया कि 25 साल के इस शख्स ने लॉकडाउन के दौरान हुए घाटे की भरपाई के लिए ये योजना बनाई थी और इसके लिए उसने यूट्यूब पर वीडियोज़ देखकर आइडिया लिया था.
आरोपी की पहचान सौम्यरंजन जैन उर्फ तुलु के रूप में हुई है, वो शहर से लगे हुए गांव तंगीबंता में रहता है. पुलिस ने बताया कि उसने पिछले महीने टॉय गन के बल पर इंडियन ओवरसीज़ बैंक और बैंक ऑफ इंडिया में डाका डाला था.
मीडिया से बातचीत में भुवनेश्वर-कटक के पुलिस कमिश्नर एस सारंगी ने बताया कि आरोपी ने इन दोनों बैंकों से लोन लिया था और कोविड-19 के चलते लगे लॉकडाउन में आर्थिक घाटा सह रहा था.
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कमिश्नर ने बताया, 'वो घाटे की भरपाई करना चाहता था और इसके लिए भुवनेश्वर में उसने दो बैंकों से 12 लाख लूटे. उसने 7 सितंबर को इन्फोसिटी इलाके के पास स्थित इंडियन ओवरसीज़ बैंक को लूटा फिर उसने 28 सितंबर को मंचेश्वर के बरीमुंडा में बैंक ऑफ इंडिया के ब्रांच को लूटा. उसे चोरी का आइडिया यूट्यूब वीडियोज़ देखकर मिला था. उसने एक टॉय गन के सहारे लूट को अंजाम दिया था. पुलिस ने अब तक 10 लाख की रकम और अपराध में इस्तेमाल की गई गाड़ी और टॉय गन को जब्त किया है.'
कथित रूप से सौम्यरंजन जैन, जब बैंक में कम स्टाफ मौजूद था, तभी हेलमेट पहनकर बैंक में घुसा था और उसने कैश हैंडओवर करने की मांग की थी.
पुलिस कमिश्नर ने बताया कि 'आरोपी के दोनों बैंकों में अकाउंट हैं और उसने लगभग 19 लाख का लोन लिया था. उसने चोरी के बाद लगभग 6 लाख की रकम बैंक को चुका भी दी था. उसे तब पकड़ा गया, जब वो लूट के पैसों से 60,000 लेकर बैंक में फिर जमा कराने पहुंचा था. उसने सोचा था कि अगर वो थोड़ी-थोड़ी रकम करके लोन चुकाएगा, तो कोई उसपर शक नहीं करेगा.'

नई दिल्ली / शौर्यपथ / दिल्ली की एक विशेष अदालत ने मंगलवार को पूर्व केन्द्रीय मंत्री दिलीप रे को वर्ष 1999 में झारखंड में एक कोयला ब्लॉक आवंटन में अनियमितताओं से संबंधित कोयला घोटाले मामले में दोषी ठहराया. विशेष न्यायाधीश भारत पारसकर ने अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में राज्य मंत्री (कोयला) रहे रे को एक आपराधिक साजिश और अन्य अपराधों को लेकर दोषी ठहराया है. सजा पर सुनवाई 14 अक्टूबर को होगी.
अदालत ने कोयला मंत्रालय के तत्कालीन दो वरिष्ठ अधिकारी, प्रदीप कुमार बनर्जी और नित्या नंद गौतम, कैस्ट्रोन टेक्नोलॉजीज लिमिटेड (सीटीएल), इसके निदेशक महेंद्र कुमार अग्रवाल और कैस्ट्रॉन माइनिंग लिमिटेड (सीएमएल) को भी दोषी ठहराया. अदालत सजा के संबंध में 14 अक्टूबर को दलीलें सुनेगी. यह मामला 1999 में झारखंड के गिरिडीह में ‘ब्रह्मडीह कोयला ब्लॉक' के आवंटन से जुड़ा है.

नई दिल्ली / शौर्यपथ / बिहार विधानसभा चुनाव 2020 में बहुत ज्यादा वक्त नहीं रह गया है और वहां चुनावी मैदान की तस्वीर भी कुछ-कुछ साफ हो गई है. हालांकि, आखिरी तस्वीर थोड़ी अलग बन रही है. बात गठबंधन की हो रही है. एनडीए गठबंधन का चेहरा यहां थोड़ा टेढ़ा हो गया है. इसे लेकर कुमार विश्वास ने चुटकी ली है.
उन्होंने एक ट्वीट कर लिखा, 'भई ! राजनीति के मामलों में, मैं तो निरा अल्पबुद्धि हूं और भाई लोगों ने मेरी मूर्खता को सिद्ध भी कर दिया है, पर आप गुणी-ज्ञानी मित्रों को अगर कुछ समझ आ रहा हो तो मेरा भी मार्गदर्शन करें ताकि लोकतंत्र के एक नागरिक के नाते, मैं भी बिहार विधानसभा चुनाव के विषय में कुछ तो समझ सकूं.' इस ट्वीट के साथ उन्होंने एक तस्वीर भी शेयर की है, जिसमें एक ही स्विचबोर्ड में ढेर सारे केबल लगे हुए हैं और सबकुछ बिल्कुल उलझा हुआ है.
इसके पहले एक ट्वीट में उन्होंने लिखा, 'BJP और JDU मिलकर लड़ेंगे. LJP और BJP मिलकर लड़ेंगे. लेकिन LJP, JDU के ख़िलाफ़ लड़ेगी. लेकिन LJP, BJP के साथ गठबंधन में लड़ेगी. हालांकि चुनाव में LJP, JDU के ख़िलाफ़ लड़ेगी पर केंद्र में JDU व BJP के साथ रहेगी. LJP चुनाव बाद BJP और JDU या किसी के भी साथ सरकार बनाएगी. कुछ आया समझ?'
दरअसल, इस बार चुनावों में नीतीश कुमार की जनता दल यूनाइटेड फिर बीजेपी के साथ मैदान में उतर रही है, लेकिन चिराग पासवान की पार्टी लोकजनशक्ति पार्टी ने अकेले लड़ने का ऐलान कर दिया है. चिराग पासवान नीतीश के खिलाफ चुनाव में बिगुल बजा रहे हैं, लेकिन केंद्र में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए की सरकार में दोनों ही पार्टियां सहयोगी हैं. एलजेपी लगातार अपनी प्रतिबद्धता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ दिखाती रहती है लेकिन अब तो वो चुनाव अलग लड़ रही है. चिराग पासवान ने इसके पहले बीजेपी के साथ बैठकें भी की थीं.
उधर, जेडीयू का भी कहना है कि उसका गठबंधन बीजेपी के साथ था, एलजेपी के साथ नहीं. चिराग पासवान ने भी मंगलवार को कहा कि उनकी पार्टी मजबूरीवश जेडीयू के साथ गठबंधन में थी क्योंकि नीतीश कुमार 2017 में महागठबंधन छोड़कर वापस एनडीए में आ गए थे. वहीं, बीजेपी जेडीयू के साथ गठबंधन कर रही है लेकिन उसका एलजेपी को लेकर भी कोई सख्त रुख नहीं है. ऐसे में कुल मिलाकर कहें तो बिहार में महागठबंधन का पूरा घालमेल हो गया है.

नई दिल्ली / शौर्यपथ / लोक जनशक्ति पार्टी के अध्यक्ष चिराग पासवान ने बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए का हिस्सा बने रहते हुए ही अलग चुनाव लड़ने का ऐलान किया. हालांकि, चिराग पासवान लगातार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हए यह बात कह रहे हैं वो पीएम मोदी के प्रति समर्पित हैं. इस बीच, बीजेपी ने एलजेपी के चुनावी नारे और पीएम मोदी की तस्वीर के इस्तेमाल पर आपत्ति जताई है. सूत्रों ने यह जानकारी दी.
सूत्रों ने कहा कि बीजेपी चाहती है कि पीएम मोदी की तस्वीर का इस्तेमाल एलजेपी अपने पोस्टर और बैनर में न करे. बीजेपी को इस पर एतराज है. बीजेपी का मानना है कि लोजपा से गठबंधन दिल्ली में, पटना में नहीं. बिहार चुनाव के लिए बीजेपी का गठबंधन जेडीयू से है. भारतीय जनता पार्टी नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार विधानसभा का चुनाव लड़ेगी.
सूत्रों ने कहा कि बीजेपी को लोजपा का नारा 'मोदीजी से बैर नहीं, नीतीश आपकी ख़ैर नहीं' भी मंज़ूर नहीं है. आज दोपहर एक बजे पटना में प्रेस कॉंफ़्रेंस में बीजेपी जेडीयू गठबंधन का ऐलान होगा. इस दौरान बीजेपी, लोक जनशक्ति पार्टी को लेकर स्थिति स्पष्ट करेगी.
बिहार में विधानसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी और जनता दल यूनाइटेड का गठबंधन तय हो गया. जेडीयू 122 और बीजेपी 121 सीटों पर चुनाव लड़ेगी. बीजेपी अपने हिस्से में से वीआईपी पार्टी को सीटें देगी. आज पटना में गठबंधन, सीटों और उम्मीदवारों का ऐलान होना है.

नई दिल्ली / शौर्यपथ / कोरोना के बिना लक्षण वाले और मामूली लक्षण वाले मरीजों का आयुर्वेदिक इलाज भी होगा. उन्हें अश्वगंधा, काढ़ा और अन्य आयुर्वेदिक औषधि दी जा सकेंगी. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने नेशनल कोविड मैनेजमेंट प्रोटोकॉल में आयुष स्टैंडर्ड ट्रीटमेंट प्रोटोकॉल को शामिल कर इसे मंजूरी दी है.
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने कोरोना के आयुर्वेदिक इलाज से जुड़ा यह प्रोटोकॉल जारी किया. इसमें कोरोना के बिना लक्षण और हल्के लक्षण वाले मरीजों को अब औपचारिक रूप से आयुर्वेदिक ट्रीटमेंट दिया जाएगा. अभी कुछ आयुर्वेदिक दवाओं को अनौपचारिक तौर पर मरीजों को दिया जा रहा था. ट्रायल के अच्छे नतीजे मिलने के बाद इस पर मुहर लगी.
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि कोरोना काल में काढ़ा, अश्वगंधा और अन्य आयुर्वेदिक दवाओं के लिए ढेर सारे कॉल आते हैं, इन नौ महीने के बहुत से शोध और अध्ययन के साथ वैज्ञानिक प्रोटोकॉल बनाए गए हैं। दवाइयों के बहुत से लाभ भी सामने आए हैं. लिहाजा अश्वगंधा, काढ़ा, आयुष-64 और गुडूची को प्रोटोकॉल से शामिल किया गया है. इससे मरीजों को फायदा पहुंचेगा.
केंद्रीय मंत्री ने कहा, मैं मॉडर्न सिस्टम ऑफ़ मेडिसिन का डॉक्टर हूं, लेकिन आयुर्वेद और इस पद्धति की ताकत में मेरा अत्यंत विश्वास है. आज से 26 साल पहले मैंने दिल्ली सरकार का मंत्री रहते हुए सबसे पहले भारत में दिल्ली रिसर्च सेंटर फॉर मॉडर्नाइज प्रमोशन ऑफ आयुर्वेद स्थापित किया था. वैज्ञानिक पद्धति से आयुर्वेद की ताकत को वैज्ञानिक और उन्नत तरीकों से दुनिया के सामने प्रस्तुत करने का लक्ष्य रखा गया था. उम्मीद है कि अगले 6 से 8 महीने में देशवासियों को वैक्सीन उपलब्ध हो जाएगी. मगर उसके बाद सरकारों ने इसे महत्व नहीं दिया -
जानिए किस रोगी को किस तरह का आयुर्वेदिक इलाज
केस- 1 रोग निरोधी देखभाल ( हाई रिस्क पापुलेशन, प्राइमरी कांटेक्ट)
दवाएं- अश्वगंधा, गुडूची घन वटी और च्यवनप्राश
केस-2 कोरोना संक्रमित बिना लक्षण वाले व्यक्ति
(दवाओं से कोशिश- बीमारी को लक्षण में बदलने, गंभीर होने से रोकने और रिकवरी रेट में सुधार)
दवाएं- गुडूची घन वटी, गुडूची+पिपली, आयुष-64
केस-3 कोरोना संक्रमित हल्के लक्षण वाले लोग
दवाओं से कोशिश- बुखार, सिर दर्द, थकान, सूखी खांसी, गला दर्द, नाक बंद का इलाज
दवाएं- गुडूची+पिपली, आयुष-64
केस-4 - पोस्ट कोविड मैनेजमेंट (कोरोना से ठीक होने के बाद)
दवाओं से कोशिश- कोरोना के बाद फेफड़ों की समस्या, थकान और मानसिक स्वास्थ्य ठीक रखना
दवाएं- अश्वगंधा, च्यवनप्राश, रसायन चूर्ण
सामान्य शारीरिक उपाय भी आवश्यक
1. सोशल डिस्टेंसिंग, स्वच्छ सांस और हाथ, मास्क पहनें
2. हल्दी और नमक के डालकर गरम पानी सर गरारे
3. नाक में अनु तेल तेल या षड्बिंदु तेल डालें
4. दिन में एक बार यूकेलिप्टस के तेल या पुदीना या अजवाइन की भाप लें
5. 6 से 8 घंटे सोएं, मध्यम स्तर का व्यायाम करें, योग करें

नई दिल्ली / शौर्यपथ / इंटरनेशनल कम्पनियों के नाम की भारत में फर्जी कम्पनी बनाकर ICICI बैंक को लोन के नाम पर लाखों का चूना लगाने वाले शातिर ठग गिरफ्तार किया गया है. एक मोबाइल नम्बर पर दो व्यक्तियों आधार कार्डों का खुलासा हुआ है. ICICI बैंक स्टाफ की मिली भगत की आशंका जताई जा रही है. यह जो शख्स पुलिस के शिकंजे में आया है वह जालसाज राजेश शर्मा है, मगर यह प्रदीप शर्मा भी है. यह जालसाज किसी फ़िल्म की तरह एक होकर दो किरदार अलग अलग रूप से निभाकर ICICI बैंक को 97 लाख का चूना लगा चुका है. यह बैंकों से फ़र्ज़ीवाड़े का खेल 2017 से 2018 के बीच खेला है.
आरोपी ने विदेश की नामी कम्पनी के नाम पर UAI SERVICES व MINDTREE नाम की दिल्ली में दो कम्पनियों को बनाकर सिर्फ 5 कर्मचारी रखे. दोनों कम्पनियों के सैलरी रजिस्टर अलग अलग किन्तु दोनों कम्पनियों में कर्मचारी यही 5 रखे गए. एक कम्पनी में राजेश शर्मा को मालिक दिखाया गया और दूसरी कम्पनी के मालिक के रूप में प्रदीप शर्मा को दिखाया गया.
यह आरोपी अपने कर्मचारियों के नाम पर अलग अलग कम्पनियों की सैलरी सिलिप पर कार लोन और पर्सनल लोन निकलवाता था. लोन का 80% अपने पास रखता था और 20 प्रतिशत जिसके नाम से लोन लिया उस कर्मचारी को देता था. इस तरह इसने कर्मचारियों की पे सिलिप से 5 लक्जरी गाड़ियां, 4 पर्सनल लोन व 10 क्रेडिट कार्ड लोन लिए थे. जब बैंक लोन की किस्तों का भुगतान नहीं हुआ तो बैंक ने सेंट्रल दिल्ली पहाड़ गंज संगतराशन चौकी में 26 जून शिकायत दर्ज करवाई. इसके बाद 20 सितम्बर को FIR दर्ज करवाई.
जाहिर सी बात है कि जब मामला नामी बैंक का हो तो पुलिस के आलाधिकारी लाजमी तौर से केस पर तवज्जो देते हैं. इस केस मे पुलिस टीम ने जांच में पाया कि राजेश शर्मा और प्रदीप शर्मा एक ही व्यक्ति के दो अलग अलग नाम हैं. सबसे महत्वपूर्ण बात यह जांच में आई है कि राजेश शर्मा और प्रदीप शर्मा नाम के अलग अलग आधार कार्ड इसने एक मोबाइल नम्बर पर बनवाए हुए हैं. पेन कार्ड राजेश शर्मा व प्रदीप शर्मा के नाम से अलग अलग बना रखे हैं मगर उसपर मोबाइल नम्बर अपने नाम से न देकर दूसरे व्यक्ति के नाम का दिया हुआ था.
पुलिस ने कागजातों और मोबाइल नम्बर के आधार पर इसको तलाश किया तो सभी पते गलत निकले. पुलिस ने दिल्ली से सटे बड़े मार्गों पर लगे तकरीबन 1000 सीसीटीवी कैमरों को चैक किया. पुलिस लोन पर ली गई गाड़ियों को देखना चाहती थी कि वह किस रूट पर चल रही हैं. पुलिस को DND पर एक XUV गाड़ी का नम्बर लोन पर ली गई गाड़ी से मेल हो गया. यह XUV गाड़ी रोजाना नोएडा की सुपरटेक नाम की सोसाइटी में जाती थी.
पुलिस के सोसाइटी पहुंचने पर सुरक्षा गार्ड ने बताया बताया गया कि यह गाड़ी किसी नेता नाम के शख्स के पास है, मगर इसका मालिक कोई और है. जब इस गाड़ी के मालिक को तलाश करते हुए एक सोसायटी के फ्लैट पर पहुंची तो वहां यह जालसाज मिल गया जो राजेश शर्मा के नाम से रह रहा है. इसके पास से तीन कारें और बहुत से फ़र्जी दस्तावेज, क्रेडिट कार्ड बरामद किये गए हैं. पुलिस इसके पांचों कर्मचारियों की तलाश में जुटी है.
पुलिस को ताज्जुब इस बात का है कि एक मोबाइल नम्बर पर दो आधार कार्ड कैसे बनाये गए व आयकर विभाग ने किसी दूसरे व्यक्ति के मोबाइल नम्बर पर पेन कार्ड राजेश शर्मा व प्रदीप शर्मा को कैसे जारी कर दिए गए. ICICI बैंक के जिन कर्मचारियों ने इन फ़र्ज़ी कागजातों को वेरिफाई किया, उनकी मिलीभगत की भी जांच जारी है.

सेहत /शौर्यपथ / बेकिंग सोडा और बेकिंग पाउडर में यह है अंतर-
-सबसे पहले यह जान लें कि बेकिंग सोडा और बेकिंग पाउडर दोनों अलग अलग चीजें होती है। दोनों ही चीजों का इस्तेमाल भी अलग-अलग कामों के लिए किया जाता है।
-बेकिंग पाउडर चिकना मुलायम मैदे जैसा होता है, लेकिन बेकिंग सोडा दरदरा होता है।
-बेकिंग सोडा का इस्तेमाल खट्टी चीजों जैसे दही, छाछ और नींबू के रस में किया जाता है, लेकिन बेकिंग पाउडर का इस्तेमाल नमी वाली चीजों के लिए किया जाता है।
- कोई भी नान, भटूरा जैसी चीजों को बनाने के लिए बेकिंग सोडा का इस्तेमाल किया जाता है, वही केक और बेकरी जिन्हे तला नहीं जाता उनमें बेकिंग पाउडर का इस्तेमाल किया जाता है।
बेकिंग सोडा का इस्तेमाल खाने के अलावा इन जरूरी काम के लिए भी होता है-
-बेकिंग सोड़ा का इस्तेमाल कपड़े साफ करने के लिए भी किया जाता है। ज्यादा गंदे कपड़े हो तो उन्हे साफ करने के लिए बेकिंग सोड़ा का इस्तेमाल किया जा सकता है।
-घर की सफाई करते समय फ्लोर और टाइल्स को चमकाने के लिए भी बेकिंग सोडा का इस्तेमाल किया जाता है।
-खाना पकाते समय अगर बर्तन ज्यादा जल गए हैं तो बेकिंग सोडा का इस्तेमाल कर आप उन जले बर्तनों को साफ कर सकते हैं।

शौर्यपथ / विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) में आपातकालीन सेवाओं के प्रमुख ने कहा है कि विश्व भर में प्रत्येक दस में से एक व्यक्ति कोरोना संक्रमित हो सकता है। विशेषज्ञ पहले से ही कहते रहे हैं कि संक्रमण के जितने मामलों की संख्या बताई जा रही है, वास्तव में उससे अधिक लोग संक्रमण का शिकार हैं।
वैश्विक स्वास्थ्य निकाय में कोरोना महामारी पर सोमवार को हुई 34 सदस्यीय कार्यकारी बोर्ड की बैठक में आपातकालीन सेवाओं के प्रमुख डॉ. माइकल रायन ने कहा कि शहरी और ग्रामीण इलाकों में संख्या में परिवर्तन हो सकता है, लेकिन अंततः इसका अर्थ यही है कि ‘विश्व की बड़ी आबादी खतरे में है। अब हम मुश्किल समय की ओर जा रहे हैं।’
10 प्रतिशत आबादी चपेट में आने की आशंका-
डब्ल्यूएचओ के मुताबिक दुनिया की 10 प्रतिशत आबादी कोरोना संक्रमण की चपेट में आ चुकी है। अब भी बहुत बड़ी आबादी पर इसका खतरा मंडरा रहा है। डब्ल्यूएचओ के अनुसार, लोगों के संक्रमित होने के जो आंकड़े सामने आ रहे हैं, वे बस एक पहलू हैं क्योंकि इतने वृहद स्तर पर सटीक गिनती होने की संभावना कम है। डॉ. रायन ने कहा कि यह महामारी लगातार फैल रही है। दक्षिण पूर्वी एशिया के कुछ हिस्सों में संक्रमण तेजी से फैल रहा है और यूरोप तथा पूर्वी भूमध्यसागरीय क्षेत्रों में संक्रमण और मौत के मामले भी बढ़ रहे हैं।
कोरोना से मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं बाधित हुईं-
दुनियाभर में अन्य बीमारियों से ग्रसित मरीजों को कोरोना महामारी के कारण गहरा खामियाजा भुगतना पड़ा। डब्ल्यूएचओ द्वारा सोमवार को जारी एक नए सर्वेक्षण के अनुसार इससे 93 प्रतिशत देशों में मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं बाधित हुईं हैं। करीब 72% बच्चों और किशोरों, 70% बुजुर्गों तथा 61% गर्भवती महिलाओं मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल सकीं।
130 देशों में हुआ सर्वेक्षण-
डब्ल्यूएचओ ने जून से अगस्त के बीच 130 देशों में यह सर्वेक्षण किया और पता लगाया कि कोरोना महामारी के कारण मानसिक और न्यूरोलॉजिकल सेवाओं पर कितना प्रभाव पड़ा है। साथ ही देश इससे निपटने के लिए क्या तरीके अपना रहे हैं। सर्वेक्षण से पता चला है कि 67 प्रतिशत काउंसलिंग तथा साइकोथेरेपी सेवा में बाधा पहुंची और खुद को गहरी क्षति पहुंचाने वाले मरीजों को दी जाने वाली 65 प्रतिशत सेवाओं में व्यवधान आया।
10 अक्तूबर को वैश्विक कार्यक्रम होगा-
आगामी 10 अक्तूबर को मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दे पर डब्ल्यूएचओ द्वारा वैश्विक ऑनलाइन एडवोकेसी कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इसमें कोरोना के कारण मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं के मद में अधिक निवेश की जरूरत पर चर्चा होनी है।

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