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भिलाई / शौर्यपथ / महापौर एवं भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव ने 250 छोटे-बड़े महत्वपूर्ण कार्यों को भिलाई निगम क्षेत्र में पूर्ण कराने के लिए शासन से 42 करोड़ 71 लाख राशि की स्वीकृति कराई है ! अब वार्ड क्षेत्रों में कई ऐसे लंबित कार्य जिसे लंबे समय से लोगों के द्वारा मांग किया जा रहा था वह पूर्ण होंगे! महापौर देवेंद्र यादव ने शहर विकास के लिए बड़ी राशि शासन से स्वीकृत कराई है, जिसमें एक लाख की लागत से लेकर 10 करोड़ तक के कार्य शामिल है! स्वीकृत राशि से होने वाले कार्यों की सूची काफी लंबी है परंतु बड़े कार्यों की बात करें तो जोन क्रमांक 01 अंतर्गत वार्ड 01 में खम्हरिया स्थित मुक्तिधाम मार्ग का सीसी रोड निर्माण कार्य लागत 35 लाख, खम्हरिया स्थित विभिन्न स्थानों में आरसीसी रोड एवं नाली निर्माण कार्य 52 लाख, वार्ड 03 के ब्लाक नम्बर 43 में सिवरेज लाईन लगाने का कार्य 27 लाख, वार्ड 70 हूडको क्षेत्र के पीछे वाली रोड को मुख्य रोड से जोडऩे हेतु सीसी रोड निर्माण कार्य 52 लाख, जोन क्रमांक-02 के अंतर्गत वार्ड 16 में चौबे गली का सीमेंटीकरण 51 लाख, वार्ड 17 में वृन्दा नगर, अर्जुन नगर, स्टील नगर, शिव मंदिर के पीछे, आर.के. बार के पीछे की नाली निर्माण कार्य 29 लाख, वार्ड 18 में स्थित 18 नं. रोड से मस्जिद होते हुए मुक्तिधाम पहुंच मार्ग तक रोड निर्माण कार्य 40 लाख, नेहरु नगर चौक से मानिक होटल तक सीसी रोड निर्माण कार्य 53.20 लाख, वार्ड 26 में बाबा सिद्धनाथ मंदिर, सांई मंदिर, कृष्णा मंदिर, 10 दुकान के पीछे एलआईजी एरिया में सीसी रोड निर्माण कार्य 01 करोड़, वार्ड 26 में पीली टंकी से एकता चौक होते हुए ताहिर खान के घर तक सड़क एवं नाली निर्माण कार्य 1 करोड़ 10 लाख, वार्ड 27 में विभिन्न स्थानों पर सीमेंटीकरण कार्य 51 लाख, जोन क्रमांक 03 के अंतर्गत वार्ड 23 में संत रविदान नगर के विभिन्न स्थानों पर आर.सी.सी. नाली एवं सीसी रोड निर्माण कार्य 52 लाख, वार्ड 25 में सुरेश किराना स्टोर्स से लेकर गौरव पथ तक, सिद्धार्थ स्कूल से लेकर सुनील किराना स्टोर्स एवं संतोषीपारा तक सीमेंटीकरण कार्य 55 लाख, चौहान आटा चक्की से लेकर गौरव पथ तक सीमेंटकरण कार्य 35 लाख, आदर्श अस्पताल से विवेकानंद नगर बड़ा नाला का निर्माण कार्य 64 लाख, जोन क्रमांक 04 के अंतर्गत जोन 01, 02, 03 में सिवरेज ट्रीटमेंट प्लांट निर्माण कार्य 10 करोड़, जोन क्रमांक 04 के अंतर्गत सोनिया गांधी नगर से पंचशील होते हुए सुभाष नगर सीएसईबी नगर तक स्थित नाले का चेनलाईजेशन कार्य 80 लाख, बापू नगर उडिय़ा बस्ती के पीछे से हास्पिटल रोड होते हुए रमा ताई स्कूल के सामने तक का चेनलाईजेशन कार्य 80 लाख, वार्ड 37 सुभाष नगर शास्त्री मार्केट, स्वीपर मोहल्ला, सड़क 2, 6, 8, अटल आवास, चन्द्रशेखर आजाद नगर, एवं सोनिया गांधी नगर में सीमेंटीकरण कार्य 25 लाख, वार्ड 38 स्थित एचएससीएल कालोनी, चर्च लाईन, प्राथमिक स्कूल के सामने, बस स्टैण्ड के पीछे पावर हाउस एवं विभिन्न स्थानों पर सीमेंटीकरण कार्य 25 लाख, जोन क्र. 04 के अंतर्गत विभिन्न स्थानों में सीमेंटीकरण एवं नाली निर्माण कार्य 52 लाख, जोन क्रमांक 05 के अंतर्गत वार्ड 54 सेक्टर-05 के विभिन्न सड़कों के किनारे पेवर ब्लाक एवं नाली निर्माण कार्य 70 लाख, वार्ड 55 सेक्टर-06 सड़क नं. 09, 10, 11, 12 व 13 में रोड किनारे पेवर ब्लाक लगाने का कार्य 28 लाख, वार्ड 55 सेक्टर-06 एचएससीएल कालोनी में सड़क निर्माण कार्य 70 लाख, वार्ड 56 सेक्टर-06 (मध्य) के सड़क 50 एवं सड़क 55 से लेकर 59 तक सीसी रोड निर्माण कार्य 28 लाख, वार्ड 65 सेक्टर-07 रेल्वे बस्ती एवं मनराखन बस्ती में सीमेंटीकरण कार्य 52 लाख, सेक्टर-07 सड़क एवेन्यू ए में पेवर ब्लाक लगाने का कार्य 25 लाख की स्वीकृति शासन से प्राप्त हुई है। इसके अतिरिक्त भी कई ऐसे महत्वपूर्ण कार्य है जो स्वीकृति के सूची में सम्मिलित है, जो शहर विकास के लिए अति महत्वपूर्ण कार्य है!
भिलाई / शौर्यपथ / शुक्रवार को आयोजित एक प्रेसवार्ता में एमजे स्कूल की डायरेक्टर श्रीलेखा विरुलकर ने बताया कि एमजे स्कूल मां जगदम्बे एजुकेशनल सोसाइटी का एक नया उपक्रम है। 5 एकड़ के परिसर में फैला यह स्कूल बेहतरीन अध्ययनकक्षों के अलावा इनडोर जिम, 2 एकड़ के गार्डन एरिया, प्ले ग्राउण्ड सहित अन्य सुविधाओं से लैस है। स्कूल में घुड़सवारी, तीरंदाजी सहित ऐसी अनेक सुविधाएं हैं जो बच्चों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करती हैं। एमजे एजुकेशनल सोसाइटी पिछले दो दशकों से शिक्षा के क्षेत्र में अपना योगदान दे रहा है। एमजे स्कूल में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संस्कृति एवं शिक्षण पद्धतियों का खूबसूरत तालमेल देखने को मिलेगा। वैश्वीकरण के इस युग मे इसकी नितांत आवश्यकता महसूस की जाती है। एमजे स्कूल में 500 वर्ग मीटर के क्लास रूम हैं जिसमें 2 विद्यार्थियों के बीच 6 मीटर की दूरी होगी। स्कूल में प्रत्येक विद्यार्थी पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। पाठ्यक्रम के अलावा अनेक गतिविधियां होंगी जिससे छात्र का सर्वांगीण विकास हो। इनमें भाषण, वाद-विवाद, अध्ययनयात्रा, कैंप, आदि का गतिविधियों का नियमित संचालन किया जाएगा। सुसज्जित विज्ञान प्रयोगशाला में नर्सरी से लेकर सभी क्लास के बच्चों की पहुंच होगी जहां वे खेल-खेल विज्ञान से जुड़ेंगे। यह बच्चों में वैज्ञानिक अभिरुचि उत्पन्न करने में सहायक सिद्ध होगी।एमजे स्कूल प्रत्येक विद्यार्थी की जिज्ञासा, प्रतिस्पर्धा एवं अवलोकन के स्तर को बनाए रखने के साथ-साथ उसमें उत्तरोत्तर प्रगति के लिए प्रतिबद्ध है। प्रत्येक क्लासरूम में रंग-बिरंगी रुचिकर बाल साहित्य से सजी लाइब्रेरी है जो बच्चों को पुस्तकों से जोड़ेगी और उन्हें अपनी रुचि के अनुसार कुछ पढऩे के लिए प्रेरित करेगी। इससे बच्चों का स्क्रीन टाइम (मोबाइल या टीवी पर बिताया जाने वाला समय) स्वयं ही कम हो जाएगा।
बच्चों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए प्रतिमाह हेल्थ चेकअप के साथ ही समयबद्ध टीकाकरण किए जाने का भी व्यवस्था की गई है। स्कूल द्वारा महीने में कम से कम दो बार बच्चों के पालकों के साथ परामर्श बैठकें की जाएंगी। हम बच्चों को पढऩे का उपयुक्त परिवेश देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। बच्चों के समुचित, संतुलित एवं पूर्ण शारीरिक विकास के लिए स्कूल में आंतरिक मिनी जिम की व्यवस्था है। इसका लाभ बच्चे के मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में भी मिलेगा। इसके अतिरिक्त बच्चों के लिए प्ले स्टेशन, हॉर्स राइडिंग (घुड़सवारी), आर्चरी (तीरंदाजी) एवं अन्य एडवेंचर स्पोट्र्स की भी व्यवस्था की गई है। एडवेंचर स्पोट्र्स के अन्य आकर्षणों में रॉक क्लाइंबिंग एवं रोप क्लाइंबिंग भी शामिल है जो बच्चों के कोर स्ट्रेंथ को विकसित करेगा।शाला परिसर में एक टॉय ट्रेन (छोटी रेलगाड़ी) है जो बगीचे के चक्कर लगाएगी। चारों तरफ हरियाली, विभिन्न प्रकार के पेड़ पौधे बच्चों को प्रकृति से जोड़ेगी। यहां बच्चों का परिचय लगभग सभी पालतू एवं जंगली जानवरों से होगा जिससे उन्हें प्रकृति को समझने में मदद मिलेगी।
बच्चों को यातायात के नियमों से परिचित कराने एवं उनमें ड्राइविंग स्किल्स विकसित करने के लिए बैटरी ऑपरेटेड कार, जीप एवं स्कूटी स्कूल में उपलब्ध है। शारीरिक एवं मानसिक संतुलन स्थापित करने तथा इसे एक्टिविटी से जोडऩे के लिए म्यूजिक एंड डांस स्टूडियो है। ड्राइंग एवं पेंटिंग के साथ-साथ बच्चे संगीत एवं नृत्य को भी बतौर हॉबी सीख पाएंगे।स्कूल में बच्चों की सुरक्षा के लिए अनेक उपाय किये गये हैं। पूरा स्कूल परिसर सीसी टीवी कैमेरा की निगरानी में रहेगी जिसकी मानीटरिंग मल्टी लेवल पर की जाएगी। इसके अलावा शाला परिसर में तीन फीट की ऊंचाई तक दीवारों की पैडिंग की गई है ताकि टकराने पर भी बच्चों को चोट न लगे। फर्नीचर्स की किनारियों पर भी सुरक्षा परत है। डोर सेफ्टी का भी ख्याल रखा गया है।श्रीमती विरुलकर ने बताया कि यह स्कूल इसी शिक्षा सत्र से शुरु होने था लेकिन कोरोना काल के कारण विलंब होने से यह सत्र आगामी वर्ष 2021-22 से शुरु होगा। इसकी सारी प्रक्रियाएं अपने अंतिम चरण में है। पत्रकारवार्ता के दौरान मुनमुन चटर्जी, श्वेता भाटिया, अर्चना त्रिपाठी, अमित सर, जुनेटों से हरिश शर्मा उपस्थित थे।
दुर्ग / शौर्यपथ / दुर्ग एनएसयूआई के तत्वावधान में दुर्ग निगम के बाजार और सडकों से वर्षाजल निकासी समस्या के समाधान के लिए दुर्ग के महापौर धीरज बाकलीवाल से मिलकर ज्ञापन सौंपा गया। एनएसयूआई दुर्ग जिला कार्यकारिणी अध्यक्ष सोनू साहू ने बताया कि दो रोज पूर्व सुबह तेज बारिश होने के कारण यातायात व्यवस्था से लेकर आम नागरिकों को कई तरह की परेशानियां का सामना करना पड़ा, जिससे नागरिकों के मन में नगर निगम के जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों के प्रति वादा करके भूल जाने जैसे व्यक्तव्य उत्पन्न हो रहा है। दुर्ग निगम के गैर जिम्मेदार अधिकारी व कर्मचारियों के द्वारा पूर्व में ही सतत निगरानी कर व्यवस्था को दुरूस्त कर लिया जाता तो यह स्थिति आज उत्पन्न नही होती। यह बात एनएसयूआई के पदाधिकारियों ने महापौर के संज्ञान में लेकर के आया और बताया कि मां शीतला सब्जी मार्केट सिविल लाईन दुर्ग में भी बारिश होने से पानी अंदर चले जाने के कारण वहां पानी का भराव हो गया है। इस कारण वहां के सब्जी व्यापारियों से ग्राहक सब्जी लेने बचते रहे जिसका सीधा असर उसदिन सब्जी व्यापारियों और छोटे व्यवसायी पर पड़ा और उनको अपना सामान पश्ुाओं को खिलाने और कचरे में फेंकने पर मजबूर हो गये जिसके कारण उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
दुर्ग एनएसयूआई ने महापौर से मांग की है कि वे दुर्ग निगम क्षेत्र के बाजार एवं सड़कों से वर्षाजल निकासी समस्या के समाधान के लिए निगम के अधिकारी और एनएसयूआई के पदाधिकारी के साथ स्थल निरीक्षण कर इस इसकी वास्तविक स्थिति से अवगत होकर इस समस्या से निजात दिलाने का कार्य करें।
दुर्ग / शौर्यपथ / दुर्ग निर्माणाधीन मकान से इलेक्ट्रॉनिक सामग्री चोरी करने वाले आरोपी को उतई पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया । यूपी के पास से चोरी किया गया इलेक्ट्रॉनिक सामान भी जप्त किया गया है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटले ने बताया कि पीडि़ता ने थाना आकर रिपोर्ट दर्ज कराए की उसका नवनिर्मित मकान ग्राम उमरपोटी में बन रहा है। 14 जून 2020 को इलेक्ट्रॉनिक फिटिंग सामान का खरीदारी कर उसे लगवाने हेतु अपने नवनिर्मित भवन में रखी थी । जिससे घटना दिनांक समय को किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा घर के अंदर घुस कर ताला तोड़कर चोरी कर ले गए जिस पर थाना उतई में अपराध क्रमांक 183 ऑब्लिक 2020 धारा 454 380 भा द वि पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया ।
घटना दिनांक समय को घर से निकलते समय पड़ोसी के द्वारा दो संदिग्धों का वीडियो बनाया गया था। उक्त वीडियो को पीडि़ता को दिखाने पर यह ज्ञात हुआ कि वह व्यक्ति पीडि़ता के निवास में काम करने वाला बिजली फिटर नारायण निवासी मडोदा है। जिसका पता तलाश करने हेतु तत्काल टीम भेजी गई जिससे पता चला की आरोपी घटना दिनांक से ही फरार चल रहा है तथा उसका एक अन्य रूपेंद्र पाटिल पिता गजानन पाटिल उम्र 30 साल निवासी तेलुगु पारा नेवाई को पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ किया जिसमें अपने एवं अपने दोस्त नारायण के साथ मिलकर चोरी करना स्वीकार किया तथा चोरी किए गए सामान को आधा-आधा बांटना बताएं जिस पर उक्त आरोपी से उसके हिस्से के सामान को विधिवत जप्त किया गया। जिसकी कीमती लगभग 15,500 है । मुख्य आरोपी नारायण घटना दिनांक से फरार है । आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया । उक्त कार्यवाही में थाना प्रभारी उपनिरीक्षक सतीश पुरिया ,प्रधान आरक्षक अश्वनी देशलहरे, आरक्षक कौशलेंद्र बघेल ,आरक्षक अजय ढीमर , की सराहनीय भूमिका रही*
रायपुर / शौर्यपथ / भारत सरकार के केबिनेट सचिव राजीव गौबा ने आज दिल्ली से देश के सभी राज्यों के मुख्य सचिवों से कोरोना वायरस (कोविड-19) के कारण जन स्वास्थ्य पर होने वाले प्रभाव को लेकर विस्तार से चर्चा की। केबिनेट सचिव ने राज्यवार कोविड-19 की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने कोरोना के प्रसार को रोकने के लिए समुचित कार्यवाही सुनिश्चित करने के लिए के निर्देश दिए। केबिनेट सचिव ने गृह मंत्रालय भारत सरकार द्वारा जारी नई गाईडलाईन का पालन सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए हैं। छत्तीसगढ़ से वीडियों कान्फ्रेंसिंग में भाग लेते हुए स्वास्थ्य विभाग की सचिव श्रीमती निकारिका बारिक सिंह ने केबिनेट सचिव को राज्य के 6 जिले जहां कोरोना के एक्टिव केश ज्यादा हैं की जानकारी दी। स्वास्थ्य सचिव ने केबिनेट सचिव से राज्य में टेस्टिंग सुविधा बढ़ाने के लिए राज्य के प्राईवेट अस्पतालों में ट्रूनाट टेस्टिंग मशीन की सुविधा उपलब्ध कराने का अनुरोध किया, इस पर केबिनेट सचिव श्री गौबा ने भारत शासन के डी जी आई सी एम.आर. को त्वरित कार्यवाही करने के निर्देश दिए है।
वीडियों कान्फ्रेंसिंग में खाद्य एवं परिवहन विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह भी शामिल हुए। केबिनेट सचिव ने सभी राज्यों में ज्यादा से ज्यादा कोरोना टेस्टिंग पर जोर दिया है और कोरोना पाजीटिव मरीजों के त्वरित इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। केबिनेट सचिव ने राज्यों में आई सी यू बेड और वैंटिलेटर की सुविधाओं की भी समीक्षा की। वीडियों कान्फ्रेंसिंग में भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, गृह एवं अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया
रायपुर / शौर्यपथ / कोरोना के कारण लगाये गये लॉकडाउन पीरियड में समाज के बुजुर्गो, दिव्यांगजनों और निराश्रितों को राहत पहंुचाने छत्तीसगढ़ सरकार ने विशेष प्रयास किये हैं। पूरे राज्य के साथ बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में भी नियमित पेंशन राशि समय पर उपलब्ध कराने के अलावा प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के अंतर्गत भी 44 हजार 978 हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया है। प्रति हितग्राही एक हजार रूपये के मान से 5-5 सौ रूपये दो किश्तों में लगभग 4 करोड़ 50 लाख रूपये हितग्राहियों के खाते में जमा किये गये हैं। समाज के संवेदनशील तबके से जुड़े होने की वजह से उन्हें नगद संगवारी के सहयेाग से उनके गांव एवं घर पर जाकर राशि मुहैया कराई गई है। लॉकडाउन अवधि में सहज तरीके से घर पहंुच पेंशन सेवा प्रदाय करने वाले जिले के नगद संगवारी परियोजना को काफी सराहना मिली है।
लॉकडाउन की अवधि में लोगों के लिए बैंक जा कर पैसा आहरण करना कठिन था। ऐसी स्थिति में नगद संगवारी पेंशनधारियों के लिए लाईफलाईन साबित हुए हैं। जिले में सक्रिय 320 नगद संगवारियों ने कोरोना संक्रमण की विषम परिस्थिति में भी पेंशनधारियों के घर-घर जाकर लगभग 5 करोड़ 60 लाख रू राशि का नगद भुगतान किया है। जिससे दिव्यांग एव बुर्जुग पंेशनधारियों को आवागमन में होने वाली परेशानियों तथा बैंको के बाहर लम्बी-लम्बी कतारो से छुटकरा मिला है।
कोरोना काल में समाज कल्याण विभाग के संरक्षण में जिले के दिव्यांग समूह भी जागरूकता फैलाने में समान रूप से सक्रिय रहे। संगी-साथी दिव्यांग समूह, लाहोद, अन्नपूर्णा दिव्यांगसमूह, लटुवा, सक्षम दिव्यांग समूह, ताराशिव ने कोरोना से बचाव के लिए ढेरों मास्क सिलाई कर तैयार किये। उन्होंने गांव में घर-घर, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, किराना दुकानदारों, सब्जीवालो, कोटवार आदि को लगभग 3 हजार 500 मास्क का निःशुल्क वितरण किया गया। विभाग की पहल पर मास्क की बेहतर क्वालिटी को देखते हुए सरकारी विभागों द्वारा दिव्यांग समूह से 17 हजार से अधिक मास्क की खरीददारी की गई है, जिससे समूहों का लगभग 1 लाख 90 हजार रूपये का व्यवसाय हुआ है। दिव्यांग समूह के संचालक श्री राम पटेल का कहना है कि प्रशासन के इस प्रकार सहयोग से दिव्यांग साथियों को लॉकडाउन अवधि में संकट के समय में स्वरोजगार के अवसर प्राप्त हुआ और आत्मनिर्भरता मिली है।
समाज कल्याण विभाग द्वारा स्थानीय निकायों एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों के सहयोग से 1लाख 70 हजार से अधिक निराश्रितों, जरूरतमंदों एवं प्रवासी श्रमिकों हेतु सूखा राशन सामग्री एवं भोजन पैकेट की व्यवस्था की गई। इनमें 212 दिव्यांगजन एवं 46 तृतीय लिंग समुदाय के लोग शामिल थे। इन्हें 15 किलो चॉवल, 02 किलो दाल,तेल,साबुन,मसाले और हरी सब्जी का पैकेट बना कर प्रदान किया गया। कोरोना अवधि में विभागीय योजनार्गत 67 परिवारो को राष्टीªय परिवार सहायता के तहत 13 लाख 40 हजार रू का बैंक खाते के माध्यम से वितरण किया गया। 11 दिव्यंाग नवदम्पत्ति को निःशक्त विवाह प्रोत्साहन अन्तर्गत 6 लाख रूपए की सहायता राशि प्रदाय की गई। नोवल कोरोना वायरस कोविड-19 का वृ़द्धजनो में तेजी से होने वाले संक्रमण को ध्यान मे रखते हुए वृद्धाश्रम मे विशेष सावधानी बरती गई हेै।
रायपुर / शौर्यपथ / राज्य शासन ने बिलासपुर जिले की दो सिंचाई योजनाओं के कार्यो के लिए 5 करोड़ 77 लाख 76 हजार रूपये स्वीकृत किये है। स्वीकृत कार्यो में जिले के फुटामड़ा जलाशय के नहर रिमाडलिंग पक्के कार्य एवं लाइनिंग कार्य के लिए दो करोड़ 88 लाख 18 हजार रूपए स्वीकृत किए है। इससे क्षेत्र के किसानों को 270 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिल सकेगी।
इसी तरह बिलासपुर जिले के धौरामुड़ा जलाशय के नहर रिमाडलिंग पक्के कार्य एवं लाईनिंग कार्य के लिए दो करोड़ 89 लाख 58 हजार रूपए प्रशासकीय स्वीकृति जारी किए है। इससे क्षेत्र में 135 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।
जल संसाधन विभाग मंत्रालय महानदी भवन से मुख्य अभियंता हसदेव कछार जल संसाधन विभाग रायपुर को सिंचाई योजनाओं के कार्य पूर्ण कराने के लिए प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई। सिंचाई योजनाओं के इन कार्यो को गुणवत्ता के साथ निर्धारित समयावधि में करने के निर्देश दिए गए है।
रायपुर / शौर्यपथ / हौसले और स्वावलंबन से शारीरिक अक्षमता को भी हराया जा सकता है। जगदलपुर के गंगानगर वार्ड निवासी निवासी दिव्यांग संतोष के इसी हौसले को मुख्यमंत्री युवा स्व-रोजगार का संबल मिला और अब उन्होंने दिव्यांगता को अपने हौसले के सामने विफल कर दिया है। दोनों पैरों से दिव्यांग संतोष कुमार शर्मा ने हिम्मत की और अपने वार्ड में ही किराना दुकान को अपनी आय का जरिया बनाया। छत्तीसगढ़ सरकार ने उन्हें मुख्यमंत्री युवा स्व-रोजगार योजना के तहत प्रशिक्षण और एक लाख का ऋण देकर उनके व्यवसाय को आगे बढ़ाने में सहयोग किया। इससे दिव्यांग संतोष का जीवन आत्मनिर्भर हो गया है। वह खुद के साथ अपने परिवार का भी पालन-पोषण करने में सक्षम बन गए हैं।
संतोष जन्म से एक वर्ष बाद से ही दोनों पैरों से चलने में असमर्थ हो गए। उनकेे पिता श्री रामजुलन मजदूरी कर परिवार का पूरे पालन-पोषण करते थे। उनके परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी। पैसों की तंगी देखते हुए श्री संतोष ने 12 वीं तक शिक्षा प्राप्त करने के बाद 06 हजार की जमा पूंजी से एक किराना दुकान शुरू किया। कम बजट के कारण व्यवसाय कम चलता था। इसी बीच संतोष शर्मा को जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र से संचालित मुख्यमंत्री युवा स्व-रोजगार योजना की जानकारी मिली, उन्होंने उद्योग केंद्र से संपर्क किया। उद्योग अधिकारियों ने उन्हें मार्गदर्शन दिया और उनके निवेदन पर किराना व्यवसाय के लिए ऋण प्रकरण तैयार कर बैंक को प्रेषित किया। बैंक से एक लाख का ऋण स्वीकृत किया गया।
जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र द्वारा संतोष को एक सप्ताह का उद्यमिता प्रशिक्षण भी दिया गया जिससे उन्हें व्यवसाय चलाने संबंधी नई जानकारियां मिली। प्रशिक्षण के बाद योजना के अनुसार उद्योग विभाग ने 15 हजार मार्जिन मनी अनुदान स्वीकृत किया। बैंक द्वारा फरवरी 2020 में उन्हें 01 लाख रूपए का ऋण दिया गया। एक लाख रूपये की लागत से उन्होंने किराना एवं डेली नीड्स का शहर के गीदम रोड़ में प्रारंभ किया। व्यवसाय से अब उन्हें पर्याप्त आय हो रही है। इससे वे बैंक को 26 सौ रूपए की ऋण की किश्त नियमित जमा करते हुए अपने परिवार का भरण पोषण भी कर रहे हैं। युवाओं हेतु स्वरोजगार योजना को लाभकारी बताते हुए श्री संतोष कहते है कि ’काम ढूंढने वाले नहीं, काम देने वाले बनें’।
रायपुर / शौर्यपथ / प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना पर छत्तीसगढ़ के एक भी जिले को ना शामिल करने पर प्रदेश कांग्रेस ने पलटवार करते हुए कहा कि डॉ रमन सिंह जी भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष है और 15 साल छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रहे है। रमन सिंह जी के 15 वर्षो के कार्यकाल में भ्रष्टाचार, कमीशनखोरी, कुशासन और जनविरोधी नीतियों के चलते छत्तीसगढ़ को गरीबी के मामले में देश में नंबर वन बनाया गया। अब फिर से भाजपा नेताओं का गरीब विरोधी चरित्र उजागर हो गया है। छत्तीसगढ़ के भाजपा नेताओं और सांसदों द्वारा छत्तीसगढ़ को गरीब कल्याण योजना से छत्तीसगढ़ के 5 लाख से मजदूरों को मोदी सरकार द्वारा भी वंचित करने को जायज ठहराने का षड्यंत्र रचा जा रहा है।
एन एस एस ओ के आंकड़ों के आधार पर छत्तीसगढ़ में गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वालों की संख्या 47.9प्रतिशत है और यह पूरे देश में सर्वाधिक है। गरीबी रेखा के नीचे रहने वालों का राष्ट्रीय औसत शहरी क्षेत्रों के लिए 13.7प्रतिशत और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए 25.7प्रतिशत है। गरीब कल्याण रोजगार योजना में शामिल किए गए राज्य उड़ीसा(45.9 प्रतिशत), मध्य प्रदेश(44.3 प्रतिशत), झारखंड(42.4 प्रतिशत) और बिहार(41.3 प्रतिशत) का गरीबी रेखा के मामले में नंबर क्रमश: 2, 3, 4 और 5 है।
गरीब कल्याण योजना में राजस्थान को भी शामिल किया गया है जहां गरीबी रेखा का आंकड़ा छत्तीसगढ़ के आधे से भी कम 21.7 प्रतिशत है, पर सर्वाधिक गरीबी रेखा प्रतिशत वाले राज्य छत्तीसगढ़ को दुर्भावना पूर्वक छोड़ दिया गया है! भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय मंत्री, 9 सांसद लोकसभा के, दो राज्यसभा सांसद, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और राष्ट्रीय महामंत्री बताए कि मोदी सरकार छत्तीसगढ़ की गरीब जनता से किस बात का बदला लेना चाहती है?
हाल ही में मोदी सरकार द्वारा जून के अंतिम सप्ताह में देश कि नवरत्न कंपनी "कोल इंडिया लिमिटेड" के 41 खदानों के निजीकरण की प्रक्रिया आरंभ की गई, जिनमें से 9 कोल खदाने छत्तीसगढ़ की है! जब मोदी सरकार को खदान बेचना होता है तो छत्तीसगढ़ की याद आती है पर गरीबों के कल्याण के लिए कोई योजना चालू करना होता है तो छत्तीसगढ़ की याद नहीं आती! छत्तीसगढ़ की जनता जानना चाहती है कि छत्तीसगढ़ के साथ गरीब कल्याण योजना में यह सौतेला व्यवहार क्यों?
कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि विधानसभा चुनाव में भाजपा की हार का बदला मोदी सरकार छत्तीसगढ़ की जनता और मजदूरों से ले रही है। भाजपा के रमनसिंह जैसे नेता और सांसद मजदूर विरोधी, गरीब विरोधी, किसान विरोधी और आम जनता विरोधी गतिविधियों में संलिप्त है। छत्तीसगढ़ की जनता कभी उनको माफ नहीं करेगी।
संचार विभाग अध्यक्ष ने कहा है कि यह दुख का विषय है कि केंद्र की भाजपा सरकार राज्य राज्य के हिसाब से मजदूरों में भेदभाव कर रही है। लॉकडाउन और लॉकडाउन में कुप्रबंधन के लिये जिम्मेदार मोदी सरकार को मानवता और नैतिकता के नाते भी छत्तीसगढ़ के इन 5 लाख से अधिक प्रवासी मजदूरों के प्रति इन मजदूरों को मदद करनी चाहिए थी। छत्तीसगढ़ के प्रवासी मजदूरों को मदद मोदी सरकार का फर्ज था और है। 1200 करोड़ रुपए से अधिक की मजदूरों की सिफ रोजी की राशि केंद्र की भाजपा सरकार पर मजदूरों का कर्ज है। इन मजदूरों के प्रति अपना फर्ज निभाने और अपने पर कर्ज चुकाने के बजाए मजदूर कल्याण योजना से मोदी सरकार ने छत्तीसगढ़ को बाहर कर दिया। मोदी सरकार के इस फैसले ने छत्तीसगढ़ के मजदूरों गरीबों और पूरे राज्य के जख्मों पर नमक छिड़कने का काम किया है।
गरीब कल्याण योजना में छत्तीसगढ़ को शामिल करने की मांग दोहराते हुए कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने मांग की है कि छत्तीसगढ़ के सभी प्रवासी मजदूरों को डायरेक्ट बेनिफिट योजना के अंतर्गत प्रवासी मजदूर ?25000 की राशि तत्काल दी जाये। केंद्र सरकार छत्तीसगढ़ के साथ सौतेला व्यवहार बंद करें। छत्तीसगढ़ के इन गरीब मजदूरों ने मोदी सरकार का क्या बिगाड़ा है? विधानसभा चुनाव में भाजपा की करारी हार रमन सिंह सरकार की जनविरोधी नीतियों की हार थी। भाजपा की करारी हार कमीशनखोरी, भ्रष्टाचार और जनहित की उपेक्षा की हार थी। विधानसभा चुनाव की हार का बदला छत्तीसगढ़ के मजदूरों से लिए जाने का कांग्रेस पार्टी विरोध करती है और मांग करती है कि गरीब कल्याण योजना में छत्तीसगढ़ को शामिल किया जाये।
कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने मांग की है कि छत्तीसगढ़ को पड़ोसी राज्यों मध्यप्रदेश, झारखंड की तरह ही गरीब कल्याण योजना में शामिल किया जाये। बड़ी संख्या में 5 लाख से अधिक प्रवासी मजदूर छत्तीसगढ़ में वापस लौटे हैं। छत्तीसगढ़ में प्रवासी मजदूरों ने लॉकडाउन के 60 दिनों में रोजी मजदूरी का बहुत बड़ा नुकसान उठाया है। मनरेगा की औसत मजदूरी ?200 प्रतिदिन की दर से भी जोड़ा जाए तो प्रति मजदूर ?12000 का नुकसान लाकडाउन के कारण हुआ है। छत्तीसगढ़ के मजदूरों की कुल मजदूरी का नुकसान ही 600 करोड़ से ज्यादा बैठता है। भूख प्यास रहने की जगह की समस्या इलाज की समस्या सब कुछ छत्तीसगढ़ के प्रवासी मजदूरों ने अपने प्रदेश से बाहर मजबूरी में झेली है। अपने घर अपने गांव अपने प्रदेश लौटने की बड़ी कीमत छत्तीसगढ़ के मजदूर भाइयों ने चुकाई है। छत्तीसगढ़ वापस लौटने के लिये पुणे, कोल्हापुर, कर्नाटक, तमिलनाडु तक फंसे मजदूर सैकड़ों किलोमीटर पैदल चले हैं। बसों में प्रति सवारी ?5000 से ?10000 तक का प्रति सदस्य किराया तक पूरे परिवार के सभी सदस्यों का मजदूरों को मजबूरी में देना पड़ा है। अपना गहना गुरिया गिरवी रखकर कर्जदार होकर छत्तीसगढ़ के प्रवासी मजदूर वापस लौटे। केन्द्र सरकार को अन्य राज्यों की तरह इन मजदूरों को राहत पहुंचाना था।
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने मजदूर कल्याण योजना में छत्तीसगढ़ को जानबूझकर छोड़े जाने के मामले में भाजपा के छत्तीसगढ़ के नेताओं और सांसदों की चुप्पी पर कड़ा ऐतराज जताया है। क्या छत्तीसगढ़ ने राज्य से 9 भाजपा सांसदों को चुन कर इसीलिए भेजा है कि वे दलीय प्रतिबद्धता के कारण जब राज्य के हितों की बात हो तो चुप्पी साध रखें। अब समय आ गया है कि भाजपा के सांसद राज्य की जनता के सामने स्पष्ट करें कि उनका छत्तीसगढ़ के हकों हितों से कोई सरोकार क्यों नहीं है?
संचार विभाग के अध्यक्ष ने कहा है कि मोदी सरकार छत्तीसगढ़ के कोयला, आयरन ओर बाक्साइट जैसे खनिज संसाधनों पर अपना हक जमा सकती है लेकिन राज्य के लोगो के लिए जब राहत देने की बात आती तब भाजपा की केंद्र सरकार मुंह मोड़ लेती है। राज्य के भाजपा के बड़े नेता मोदी सरकार के सौतेले व्यवहार को सही ठहराने के लिये तर्क देने लगते है। मुख्यमंत्री ने जब राज्य के लिए कोरोना संकट से निपटने 30,000 करोड़ की सहायता मांगी तब भी रमन सिंह सहित लगभग हर भाजपा नेता ने इसका ऐसे विरोध किया था, जैसे यह पैसा किसी के व्यक्तिगत हित के लिये मांगा गया था। 2500 रू. में धान खरीदी के समय केंद्र की अड़ंगेबाजी पर भी छत्तीसगढ़ में भाजपा नेताओं और सांसदों ने किसानों का साथ देने के बजाय मोदी सरकार के अन्याय का साथ दिया था।
त्रिवेदी ने पूछा है कि बात-बात में बड़े-बड़े बयान देने वाले पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह जो भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भी है राज्य के मजदूरों के हित में मोदी सरकार के समक्ष आपत्ति दर्ज कराने का साहस क्यो नही दिखा रहे हैं? सरोज पांडे, धरम लाल कौशिक, रामविचार नेताम, विष्णुदेव साय की बोलती अब क्यो बन्द है? छोटी-छोटी बातों पर बचकाने बयान जारी करने वाले सांसद सुनील सोनी अब कहाँ छुप गए हैं? छत्तीसगढ़ हित की बात करने से भाजपा सांसदों को किसने रोका है?
छत्तीसगढ़ में दीगर राज्यो से 5 लाख से अधिक प्रवासी मजदूर वापस आये है राज्य के क्वारन्टीन सेंटरों से घर वापसी के बाद इन सबके रोजगार की व्यवस्था करने के छत्तीसगढ़ सरकार ने बहुत अच्छा काम किया है। मनरेगा में भूपेश बघेल सरकार की उपलब्धि राष्ट्रीय स्तर पर सबसे बेहतर है। यदि केंद्र सरकार गरीब कल्याण रोजगार अभियान कार्यक्रम से छत्तीसगढ़ को भी जोड़ती तो राज्य के 5 लाख से अधिक मजदूरो के हित में और अच्छा काम हो सकता था।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
