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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।
राजनांदगांव / शौर्यपथ / कलेक्टर जितेन्द्र यादव ने आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आधार सक्षम बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली के संबंध में अधिकारियों-कर्मचारियों की बैठक ली। कलेक्टर ने कहा कि अधीनस्थ कार्यालयों में ई ऑफिस में ऑनबोर्डिंग हेतु नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। अधीनस्थ कार्यालयों में आधार सक्षम बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली आज से लागू हो रही है। इसके लिए ई-ऑफिस के लिए नियुक्त नोडल अधिकारी ही आधार सक्षम बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली के नोडल अधिकारी होंगे। इसके लिए सभी अधिकारी निरंतर अभ्यास जारी रखें। यह अभ्यास लोकेशन की प्रामाणिकता, ऐप इंस्टॉलेशन, प्रतिदिन उपस्थिति के तकनीकी पहलुओं, कार्य सत्यापन के साथ ही इसे सीखकर आधार सक्षम बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली में अपनी उपस्थिति देंगे। जिससे कार्य के प्रति विश्वनीयता और अनुशासन रहेगा। उन्होंने सभी अधिकारियों को इसके संबंध में आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उन्होंने कलेक्टोरेट में पदस्थ सभी अधिकारियों-कर्मचारियों को आधार सक्षम बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली में समय पर उपस्थिति देने के निर्देश दिए। इस दौरान सभी को प्रशिक्षण दिया गया। इस अवसर पर अपर कलेक्टर सीएल मार्कण्डेय, अपर कलेक्टर प्रेम प्रकाश शर्मा एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
राजनांदगांव / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ शासन द्वारा राज्य के किसानों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए एकीकृत किसान पोर्टल के माध्यम से पंजीयन एवं सत्यापन की प्रक्रिया संचालित की जा रही है। किसानों द्वारा एकीकृत किसान पोर्टल पर पंजीयन से संबंधित संशोधन एवं आवेदन किए गए हैं। किसानों को समयबद्ध लाभ प्रदान करने के उद्देश्य से यह प्रक्रिया सुचारू रूप से जारी है। राज्य शासन द्वारा प्राप्त आवेदनों के परीक्षण के उपरांत 7 जनवरी 2026 तक संबंधित राजस्व विभाग एवं अन्य अधिकृत विभागों के अधिकारियों एवं पटवारियों को भौतिक सत्यापन का कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए है। जिससे पात्र किसानों को योजना का लाभ बिना विलंब के प्रदान किया जा सकेगा। जिले के समस्त एसडीएम एवं तहसीलदारों को व्हीसी के माध्यम से प्रशिक्षण प्रदान कर आपसी समन्वय के साथ निर्धारित समय-सीमा में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने कहा गया है। साथ ही किसानों से सत्यापन प्रक्रिया में आवश्यक सहयोग प्रदान करने की अपील की गई है। जिला प्रशासन द्वारा किसानों के हित में पारदर्शी, तकनीक आधारित और समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध करायी जा रही है।
कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति ने आंगनबाड़ी केंद्रों का शुभारंभ कर बच्चों से किया आत्मीय संवाद
मोहला / शौर्यपथ / जिले में महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत बच्चों एवं महिलाओं के सर्वांगीण विकास को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए कुल 24 नवीन आंगनबाड़ी केंद्रों का शुभारंभ किया गया। इनमें मोहला परियोजना अंतर्गत 15 तथा मानपुर परियोजना अंतर्गत 9 आंगनबाड़ी केंद्र शामिल हैं।
शुभारंभ कार्यक्रम के दौरान जिले के 3 आंगनबाड़ी केंद्रों का विधिवत उद्घाटन कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा किया गया, जबकि शेष 21 आंगनबाड़ी केंद्रों का शुभारंभ स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा किया गया। कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर श्रीमती प्रजापति ने आंगनबाड़ी केंद्रों में उपस्थित बच्चों से आत्मीय संवाद किया। उन्होंने बच्चों से उनकी पढ़ाई, खेलकूद एवं पोषण से संबंधित जानकारी ली और उनका उत्साहवर्धन किया। साथ ही कलेक्टर ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं के कार्यों की सराहना करते हुए उनके योगदान को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया तथा निरंतर समर्पण के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित किया।
कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों के शारीरिक, मानसिक एवं बौद्धिक विकास की आधारशिला हैं। इन केंद्रों के माध्यम से गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं एवं 0 से 6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को पोषण आहार, स्वास्थ्य जांच, टीकाकरण, पूर्व-प्राथमिक शिक्षा एवं परामर्श जैसी आवश्यक सेवाएं प्रदान की जाती हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी सेवाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण रूप से सुनिश्चित किया जाए। नवीन आंगनबाड़ी केंद्रों के शुभारंभ से मोहला एवं मानपुर परियोजना क्षेत्रों के ग्रामीण एवं दूरस्थ अंचलों में निवासरत बच्चों एवं महिलाओं को अपने ही ग्राम में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इससे कुपोषण की रोकथाम, मातृ-शिशु स्वास्थ्य में सुधार एवं प्रारंभिक शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए इसे क्षेत्र के सामाजिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
इस अवसर पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष भोजेश शाह मांडवी, जनपद सदस्य मानपुर श्रीमती पुष्पा बाई, जनपद सदस्य मानपुर रेणु टांडिया, सीईओ जिला पंचायत श्रीमती भारती चंद्राकर, अपर कलेक्टर जीआर मरकाम, डिप्टी कलेक्टर डीआर ध्रुव, जनपद पंचायत सीईओ, जनप्रतिनिधि श्रीमति कंचन माला भूआर्य, हरी राम, जटा शंकर मिश्रा, मानू राम, संतोष कोटपारिया, नैयन सिंग सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं, पंचायत प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
नववर्ष पर जिले में प्रशासनिक सुदृढ़ता की दिशा में बड़ी पहल, आमजन को मिलेगी राहत
मोहला / शौर्यपथ / जिले में नववर्ष के अवसर पर मानपुर विकासखंड अंतर्गत खड़गाँव एवं सुदूर वनांचल क्षेत्र औंधी में नवनिर्मित तहसील कार्यालय भवनों का विधिवत शुभारंभ किया गया। इन नवीन तहसील कार्यालयों के प्रारंभ होने से न केवल आमजन को राजस्व संबंधी कार्यों में सुविधा मिलेगी, बल्कि जिले की प्रशासनिक व्यवस्था भी और अधिक सुदृढ़ होगी।
विशेष रूप से जिला मुख्यालय से दूर स्थित सुदूर वनांचल क्षेत्र औंधी के निवासियों के लिए तहसील कार्यालय का शुभारंभ एक बड़ी उपलब्धि है, जिससे क्षेत्रवासियों को सीधा लाभ मिलेगा।
नवीन तहसील कार्यालय खड़गाँव का उद्घाटन स्कूली छात्रा कुमारी नेहा द्वारा रिबन काटकर किया गया। इस अवसर पर खड़गाँव तहसील में 6 विद्यार्थियों के जाति प्रमाण पत्र संबंधी प्रकरणों का निराकरण करते हुए नवीन भवन से शासकीय कार्यों की औपचारिक शुरुआत की गई।
वहीं सुदूर वनांचल क्षेत्र औंधी में नवनिर्मित तहसील कार्यालय का शुभारंभ जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री भोजेश शाह मांडवी एवं जनप्रतिनिधि श्री दिलीप वर्मा द्वारा विधिवत पूजा-अर्चना एवं रिबन काटकर किया गया। शुभारंभ के अवसर पर औंधी तहसील कार्यालय में 7 विद्यार्थियों के जाति प्रमाण पत्र, 2 किसानों की ऋण पुस्तिका, 2 किसानों के फौत नामांतरण तथा धारा 115 के अंतर्गत लघु सुधार से संबंधित प्रकरणों का निराकरण किया गया। पहले ही दिन आमजन से जुड़े कई महत्वपूर्ण मामलों के समाधान से नवीन तहसील कार्यालयों की उपयोगिता स्पष्ट रूप से परिलक्षित हुई। नववर्ष के अवसर पर खड़गाँव एवं औंधी तहसील कार्यालय भवनों का शुभारंभ जिले में प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण एवं जनसेवाओं के विस्तार की दिशा में एक ऐतिहासिक एवं सराहनीय कदम माना जा रहा है।
इस अवसर पर नवनिर्मित तहसील कार्यालय भवन औंधी परिसर में कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति, एसपी यशपाल सिंह, सीईओ जिला पंचायत श्रीमती भारती चंद्राकर सहित विभागीय अधिकारियों ने पौध रोपण किया गया। कार्यक्रम में जनपद सदस्य मानपुर श्रीमती पुष्पा बाई, जनपद सदस्य मानपुर श्रीमती रेणु टांडिया, अपर कलेक्टर जी.आर. मरकाम, डिप्टी कलेक्टर डी.आर. ध्रुव, जनप्रतिनिधि श्रीमति कंचन माला भूआर्य, हरी राम, जटा शंकर मिश्रा, मानू राम, संतोष कोटपारिया, नैयन सिंग, संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में जनसामान्य उपस्थित रहे।
नवीन तहसील खड़गाँव एवं औंधी का राजस्व एवं प्रशासनिक विवरण
नवीन तहसील कार्यालय अंतर्गत तहसील खड़गाँव एवं औंधी से संबंधित प्रशासनिक एवं राजस्व विवरण इस प्रकार है। जिसमें तहसील खड़गाँव में 1 राजस्व निरीक्षक मंडल के अंतर्गत 7 पटवारी हल्के शामिल हैं। तहसील क्षेत्र में कुल 35 ग्राम एवं 15 ग्राम पंचायतें स्थित हैं। तहसील की कुल जनसंख्या 19,807 है तथा कुल रकबा 16,571.108 हेक्टेयर दर्ज किया गया है। तहसील क्षेत्र में कोई भी विरान अथवा डुबान ग्राम नहीं है। यहाँ 10 कोटवार, 21 पटेल एवं कुल 5,545 कृषक पंजीकृत हैं। इसी प्रकार तहसील औंधी में 1 राजस्व निरीक्षक मंडल के अंतर्गत 6 पटवारी हल्के शामिल हैं। तहसील क्षेत्र में कुल 50 ग्राम एवं 13 ग्राम पंचायतें आती हैं। तहसील की कुल जनसंख्या 21,349 है तथा कुल रकबा 20,802.669 हेक्टेयर है। तहसील क्षेत्र में 2 विरान ग्राम हैं, जबकि डुबान ग्राम की संख्या शून्य है। यहाँ 10 कोटवार, 22 पटेल एवं कुल 3,750 कृषक दर्ज हैं।
छत्तीसगढ़ में भिलाई इस्पात संयंत्र आधुनिकीकरण और लारा सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं को मिली नई गति : प्रगति प्लेटफार्म बना गेमचेंजर
दशकों से लंबित परियोजनाएँ अब समयबद्ध रूप से हो रही पूरी : प्रगति प्लेटफ़ॉर्म प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार की निर्णायक कार्यशैली का सशक्त प्रमाण - मुख्यमंत्री श्री साय
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में विकास की गति नई ऊँचाइयों पर पहुँची है। दशकों से लंबित महत्वपूर्ण अधोसंरचना एवं ऊर्जा परियोजनाएँ अब “प्रगति” प्लेटफ़ॉर्म के माध्यम से समयबद्ध ढंग से पूरी हो रही हैं। यह केंद्र सरकार की परिणामोन्मुख, जवाबदेह तथा निर्णायक कार्यशैली का सशक्त प्रमाण है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में “प्रगति” प्लेटफ़ॉर्म का प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। भिलाई इस्पात संयंत्र के आधुनिकीकरण से न केवल देश में रेल उत्पादन को नई गति मिली है, बल्कि इससे हजारों युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी सृजित हुए हैं। इससे आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को मजबूती मिली है और औद्योगिक विकास को नई दिशा प्राप्त हुई है।
इसी प्रकार एनटीपीसी की लारा सुपर थर्मल पावर परियोजना (1600 मेगावाट) से छत्तीसगढ़ सहित छह राज्यों को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित हो रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना से ऊर्जा सुरक्षा मजबूत हुई है तथा औद्योगिक और कृषि गतिविधियों को नई ऊर्जा प्राप्त हुई है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि “प्रगति” प्लेटफ़ॉर्म ने परियोजनाओं की निगरानी, निरंतर समीक्षा और बाधाओं के त्वरित समाधान की एक सशक्त प्रणाली विकसित की है। स्पष्ट लक्ष्य, तेज़ क्रियान्वयन और ठोस परिणाम—यही नए भारत की कार्यसंस्कृति है और यही “विकसित भारत @ 2047” के लक्ष्य को साकार करने का मार्ग है।
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित प्रगति (PRAGATI) की 50वीं बैठक ने न केवल राष्ट्रीय स्तर पर, बल्कि छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा को भी नई गति प्रदान की है। प्रगति सक्रिय शासन और समयबद्ध कार्यान्वयन के लिए विकसित एक आईसीटी आधारित प्लेटफॉर्म है, जिसने परियोजनाओं की निगरानी और समाधान की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाया है। पिछले दशक में प्रगति प्लेटफॉर्म के माध्यम से 85 लाख करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की परियोजनाओं की रफ्तार तेज हुई है। इससे देशभर में अवसंरचना, ऊर्जा, रेल, सड़क, कोयला और अन्य क्षेत्रों से जुड़े अनेक कार्यों को समयबद्ध प्रगति मिली है। इन परियोजनाओं में छत्तीसगढ़ से संबंधित कई महत्वपूर्ण परियोजनाएँ भी शामिल हैं।
बैठक में भिलाई इस्पात संयंत्र के आधुनिकीकरण और विस्तार कार्य का विशेष रूप से उल्लेख किया गया। इस परियोजना को वर्ष 2007 में स्वीकृति मिली थी। प्रगति बैठकों में नियमित समीक्षा और अंतर-एजेंसी समन्वय के कारण इस परियोजना को नई गति मिली, जिसके परिणामस्वरूप इसका कार्य तेज़ी से आगे बढ़ा और लक्षित प्रगति सुनिश्चित हुई।
भिलाई इस्पात संयंत्र के आधुनिकीकरण से उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ के औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन, सहायक उद्योगों के विस्तार और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी नई ऊर्जा प्राप्त हुई है। इससे राज्य को देश के प्रमुख इस्पात उत्पादन केंद्र के रूप में और अधिक मजबूती मिली है।
इसी प्रकार रायगढ़ में वर्ष 2009 में स्वीकृत लारा सुपर थर्मल पावर परियोजना की प्रगति प्लेटफॉर्म के अंतर्गत उच्च स्तरीय समीक्षाओं, समय-समय पर दिए गए आवश्यक दिशा-निर्देशों और निरंतर मॉनिटरिंग से तेज गति मिली और इसके क्रियान्वयन में ठोस प्रगति दर्ज की गई।
आज लारा सुपर थर्मल पावर परियोजना राष्ट्रीय ऊर्जा सुरक्षा को सुदृढ़ करने वाली प्रमुख परियोजनाओं में से एक बन चुकी है। इस परियोजना ने न केवल बिजली उत्पादन क्षमता बढ़ाई है, बल्कि छत्तीसगढ़ की पहचान को “पावर हब ऑफ इंडिया” के रूप में और अधिक मजबूत किया है। इससे राज्य और देश दोनों के ऊर्जा तंत्र को नई स्थिरता प्राप्त हुई है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने यह रेखांकित किया कि प्रगति प्लेटफॉर्म ने सहयोगी संघवाद को नई शक्ति दी है और केंद्र तथा राज्यों के संयुक्त प्रयासों से विकास कार्यों में गति और विश्वास दोनों बढ़ा है।
प्रगति से तेज़ होती छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा - मुख्यमंत्री साय
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रगति की 50वीं बैठक को देश और छत्तीसगढ़ के लिए दूरगामी महत्व का बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विकास परियोजनाओं को समयबद्ध रूप से पूरा करने की जो व्यवस्था स्थापित की गई है, उसका सीधा लाभ छत्तीसगढ़ को भी मिला है। उन्होंने कहा कि भिलाई इस्पात संयंत्र के आधुनिकीकरण तथा लारा सुपर थर्मल पावर परियोजना जैसी बड़ी परियोजनाओं को नई गति मिलना इस बात का प्रमाण है कि प्रगति प्लेटफॉर्म ने वास्तविक अर्थों में समाधान-उन्मुख शासन का मॉडल प्रस्तुत किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से प्रदेश के औद्योगिक विकास, ऊर्जा क्षमता, निवेश, रोज़गार और सहायक अर्थव्यवस्था में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रगति के माध्यम से परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग और जवाबदेही सुनिश्चित होने से छत्तीसगढ़ विकसित भारत @ 2047 के राष्ट्रीय लक्ष्य में अपनी निर्णायक भूमिका और मजबूती के साथ निभाता रहेगा।
छत्तीसगढ़ में हेल्थकेयर कौशल विकास को नई गति — मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में राज्य कौशल प्राधिकरण और सत्य साईं हेल्थ एंड एजुकेशन ट्रस्ट के बीच महत्वपूर्ण एमओयू
युवाओं के लिए नए रोजगार अवसर, गुणवत्ता आधारित प्रशिक्षण और आधुनिक चिकित्सा हेतु विशेषज्ञ मानव संसाधन तैयार करने की दिशा में बड़ा निर्णय
रायपुर । शौर्यपथ
नए वर्ष के पहले दिन छत्तीसगढ़ सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं और कौशल विकास को मजबूती देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। नवा रायपुर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में छत्तीसगढ़ राज्य कौशल विकास प्राधिकरण तथा सत्य साईं हेल्थ एंड एजुकेशन ट्रस्ट के बीच हेल्थकेयर क्षेत्र में कौशल उन्नयन के लिए महत्वपूर्ण एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए।
हेल्थकेयर क्षेत्र में व्यापक सुधार का रोडमैप
यह एमओयू राज्य में स्वास्थ्य क्षेत्र का दायरा बढ़ाने, रोजगार सृजन को गति देने और प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करने की दिशा में गेमचेंजर साबित होगा। इसके अंतर्गत स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े विविध व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे, जिनका उद्देश्य—
युवाओं को विशेषज्ञ कौशल उपलब्ध कराना
आधुनिक चिकित्सा जरूरतों के अनुरूप मानव संसाधन तैयार करना
प्रशिक्षण केंद्रों की स्थापना द्वारा दूरस्थ क्षेत्रों तक सेवाओं का विस्तार
प्रशिक्षण कार्यक्रम आवासीय एवं गैर-आवासीय दोनों स्वरूपों में पूर्णतः निःशुल्क होंगे।
चार प्रमुख कोर्सों में मिलेगा विशेषज्ञ प्रशिक्षण
एमओयू के तहत युवाओं को रोजगार उन्मुख प्रशिक्षण देने के लिए मेडिकल लेबोरेटरी टेक्नोलॉजी,कार्डियोलॉजी तकनीशियन , ईसीजी तकनीशियन,कार्डियक केयर तकनीशियन,इमरजेंसी मेडिकल तकनीशियन (EMT) से सम्बंधित स्वास्थ्य तकनीकी पाठ्यक्रम संचालित किए जाएंगे .ये कोर्स युवाओं को स्वास्थ्य संस्थानों, अस्पतालों और आपातकालीन सेवाओं में कार्य करने योग्य कुशल पेशेवर के रूप में तैयार करेंगे।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय — “कौशल विकास ही विकास की रीढ़”
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि—
“राज्य सरकार कौशल विकास को विकास की सबसे सशक्त नींव मानती है। विशेषकर हेल्थकेयर क्षेत्र में प्रशिक्षित और दक्ष मानव संसाधन तैयार करना समय की आवश्यकता है। यह एमओयू स्वास्थ्य सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के साथ युवाओं के लिए व्यापक रोजगार अवसर खोलेगा।”
उन्होंने यह भी कहा कि इस पहल से हेल्थकेयर सेवाओं का विस्तार राज्य के दूरस्थ अंचलों तक हो सकेगा और प्रशिक्षित युवा आधुनिक चिकित्सा तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा बनेंगे।
कार्यक्रम में प्रमुख हस्तियों की उपस्थिति
इस महत्वपूर्ण अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, कैबिनेट मंत्री गजेन्द्र यादव, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, सत्य साईं हेल्थ एंड एजुकेशन ट्रस्ट के अध्यक्ष सी. श्रीनिवास, ट्रस्ट के प्रतिनिधि और कौशल विकास विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
सिरपुर को विश्व धरोहर मानचित्र पर स्थापित करने केंद्र–राज्य मिलकर करेंगे कार्य
शौर्यपथ, महासमुन्द ब्यूरो / संतराम कुर्रे
भारत सरकार के संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने आज महासमुंद जिले के ऐतिहासिक एवं समृद्ध पुरातात्विक स्थल सिरपुर का दौरा किया। उनके साथ प्रदेश के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा तथा राज्य के संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल भी मौजूद रहे। हेलीपैड पर सांसद महासमुंद रूपकुमारी चौधरी, विधायक महासमुंद योगेश्वर राजू सिन्हा, कलेक्टर विनय कुमार लंगेह, पुलिस अधीक्षक प्रभास कुमार सहित जनप्रतिनिधियों ने पुष्पगुच्छ भेंट कर अतिथियों का स्वागत किया।
ऐतिहासिक धरोहरों का गहन अवलोकन
केंद्रीय मंत्री शेखावत ने सिरपुर पहुंचकर लक्ष्मण देवालय, आनंद प्रभु कुटी विहार, तिवरदेव विहार, सुरंग टीला तथा स्थानीय हाट बाजार का निरीक्षण किया। उन्होंने सिरपुर की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक व आध्यात्मिक महत्ता को रेखांकित करते हुए कहा—
“सिरपुर भारत की प्राचीन धरोहर का अद्वितीय केंद्र है, जिसे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई जाएगी।”
निरीक्षण के दौरान उन्होंने संरक्षण व विकास कार्यों की प्रगति की जानकारी ली और निर्देश दिया कि पुरातात्विक स्थलों की मूल संरचना को सुरक्षित रखते हुए सौंदर्य एवं सुविधाओं का विकास किया जाए।पर्यटकों की सुविधा हेतु सड़क, साइन बोर्ड, सूचना केंद्र, स्वच्छता, पार्किंग एवं मूलभूत सुविधाएं मजबूत की जाएं। सिरपुर में कनेक्टिविटी बढ़ाई जाए जिससे पर्यटन में तीव्र वृद्धि हो सके।उन्होंने कहा कि सिरपुर को विश्व धरोहर सूची में शामिल कराने के प्रयास जारी हैं।
गंधेश्वर महादेव का दर्शन
दौरे के दौरान केंद्रीय मंत्री गंधेश्वर मंदिर पहुंचे और गंधेश्वर महादेव का जलाभिषेक कर देश की समृद्धि और कल्याण की कामना की।
जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की मौजूदगी
कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल, सांसद रूपकुमारी चौधरी, विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा, राज्य बीज निगम अध्यक्ष चंद्रहास चंद्राकर, पूर्व मंत्री पूनम चंद्राकर, पूर्व विधायक डॉ. विमल चोपड़ा, जिला पंचायत उपाध्यक्ष भीखम ठाकुर, जनपद अध्यक्ष दिशा दीवान, नगर पालिका उपाध्यक्ष देवी चंद राठी सहित अनेक जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा—“राज्य सरकार सिरपुर के समग्र विकास के लिए केंद्र सरकार के साथ समन्वय कर रही है, ताकि पर्यटन के साथ रोजगार के नए अवसर भी सृजित हों।”उन्होंने बताया कि आज भोरमदेव कॉरिडोर का भी शुभारंभ होगा।
सिरपुर—प्राचीन श्रीपुर की धरोहर
सिरपुर, जिसका प्राचीन नाम श्रीपुर/श्रिपुरा है, महानदी तट पर बसा एक ऐतिहासिक नगर है। इसका इतिहास 5वीं से 12वीं सदी तक व्यापक रूप से फैला है। यह दक्षिण कोसल का प्रमुख राजनीतिक, धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र रहा है। यहां हिंदू, बौद्ध और जैन तीनों धर्मों के मठ, मंदिर और विहारों का अनूठा संगम मिलता है। खुदाई में यहां—22 शिव मंदिर ,5 विष्णु मंदिर ,10 बौद्ध विहार ,3 जैन विहार के अवशेष मिले हैं, जो इसे भारत के सबसे समृद्ध पुरातात्विक क्षेत्रों में शामिल करते हैं।
सिरपुर के प्रमुख स्थल — संक्षिप्त परिचय
लक्ष्मण देवालय (6वीं–7वीं सदी)
लाल ईंटों से निर्मित, भगवान विष्णु को समर्पित यह प्राचीन मंदिर महारानी वासटादेवी द्वारा अपने पति राजा हर्षगुप्त की स्मृति में निर्मित किया गया। इसे प्रेम और समर्पण का प्रतीक भी माना जाता है।
तिवरदेव विहार (7वीं–8वीं सदी)
बौद्ध धर्म का महत्वपूर्ण केंद्र, जहां ध्यान, शिक्षा और धार्मिक क्रियाएं संपन्न होती थीं। खुदाई में ईंटों से निर्मित विशाल परिसर के अवशेष मिले हैं।
आनंद प्रभु कुटी विहार
14 कक्षों वाला यह भव्य बौद्ध विहार भिक्षु आनंद प्रभु द्वारा स्थापित किया गया था। यहां बुद्ध की विशाल प्रतिमा सहित अनेक बौद्ध मूर्तियां पाई गई हैं।
सुरंग टीला (7वीं सदी)
विशिष्ट संरचना वाला यह पौराणिक स्थल पांच गर्भगृहों वाला मंदिर था, जिसमें शिवलिंग और गणेश प्रतिमा पाई गई हैं। इसकी वास्तुकला सिरपुर को अनूठी पहचान देती है।
सिरपुर—विश्व धरोहर की ओर
जनप्रतिनिधियों ने केंद्रीय मंत्री के समक्ष सिरपुर को विश्व पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने हेतु अपने सुझाव रखे। केंद्रीय मंत्री ने आश्वस्त किया कि संरक्षण, कनेक्टिविटी और पर्यटन विकास के माध्यम से सिरपुर को वैश्विक स्तर पर विशिष्ट पहचान दिलाई जाएगी।
शौर्यपथ महासमुन्द ब्यूरो संतराम कुर्रे
महासमुन्द खल्लारी विधानसभा एवं जिला पंचायत महासमुंद क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत भीमखोज के आश्रित ग्राम कमारपारा (जोरातराई) में क्षेत्रीय भ्रमण के दौरान भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना “विकसित भारत – रोजगार एवं आजीविका के लिए गारंटी मिशन (वीबीजी राम जी)” के अंतर्गत संचालित कार्यों का औचक निरीक्षण किया गया।
इस अवसर पर उपाध्यक्ष जिला पंचायत महासमुंद भीखम सिंह ठाकुर ने कहा कि हाल ही में संसद द्वारा पारित वीबीजी राम जी अधिनियम 2025 ग्रामीण भारत के लिए एक ऐतिहासिक एवं क्रांतिकारी कदम है। माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में इस अधिनियम के तहत रोजगार गारंटी की अवधि 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन कर दी गई है, जिससे ग्रामीण एवं मेहनतकश परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा।
उन्होंने बताया कि नए अधिनियम में राज्य सरकार को बुवाई एवं कटाई जैसी प्रमुख कृषि गतिविधियों हेतु कुल 60 दिनों की अवधि निर्धारित करने का प्रावधान किया गया है। इस अवधि में योजना के अंतर्गत कार्य नहीं होंगे, ताकि किसान बिना किसी बाधा के कृषि कार्य संपन्न कर सकें साथ ही, अधिनियम में प्रशासनिक मद की सीमा 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 9 प्रतिशत कर दी गई है, जिससे ग्राम रोजगार सहायक, फील्ड असिस्टेंट एवं तकनीकी सहायकों की सेवाएं सुरक्षित होंगी तथा उनके क्षमता विकास को भी बल मिलेगा। इससे योजना का क्रियान्वयन और अधिक प्रभावी होगा।
निरीक्षण के दौरान ग्राम कमारपारा (जोरातराई) में उपस्थित हितग्राहियों को योजना की विस्तृत जानकारी दी गई। इस अवसर पर जल सुरक्षा एवं संरक्षण, ग्रामीण आधारभूत संरचना विकास, तथा जलवायु परिवर्तन एवं प्रतिकूल मौसम से निपटने वाले कार्यों पर विशेष चर्चा हुई। ये सभी कार्य ग्रामीण विकास, सशक्तिकरण एवं स्थायी आजीविका का मजबूत आधार तैयार करेंगे।
कार्यक्रम में ग्राम के प्रमुख हितग्राही पुरन सबर, महेंद्र ध्रुव, लेखराज साहू, उमेश ध्रुव, रोशन साहू, खेमराज सांवरा, नरोत्तम पटेल, हरा पटेल, परदेसी सांवरा, प्रकाश पटेल, गिरिजा बाई साहू, हेमलाल साहू सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी, महिलाएं एवं पुरुष उपस्थित रहे।
दैनिक शौर्यपथ महासमुन्द ब्यूरो संतराम कुर्रे
शासकीय प्राथमिक शाला, पूर्व माध्यमिक शाला एवं ग्राम पंचायत छिन्दौली के संयुक्त तत्वाधान में विदाई समारोह का आयोजन किया गया। श्री दयाराम ठाकुर सेवानिवृत्ति प्रधान पाठक शासकीय प्राथमिक शाला छिन्दौली की अधिवर्षिकी की पूरा होने पर ससम्मान विदाई कार्यक्रम रखा गया। जिसमें बड़ी मात्रा में ग्रामीण जन जनप्रतिनिधि शिक्षक एवं छात्र-छात्राओं की उपस्थिति रही।
इस कार्यक्रम में बच्चों द्वारा मनमोहन सांस्कृतिक कार्यक्रम दिया गया। शिक्षक एवं ग्रामीण जनों द्वारा श्री ठाकुर सर जी के प्राथमिक शाला की 36 वर्षों की कार्यकाल को स्वर्णिम युग कहा गया। उनके द्वारा पढ़ाए छात्रों विभिन्न पदों एवं कार्यों पर अपना नाम रोशन कर रहे हैं। सहज सरल मिलनसार स्वभाव की धनी श्री ठाकुर सर निर्विघ्न अपना कर्तव्य करते हुए अपनी अधिवर्षिकी पूरा किये । शिक्षक सरपंच विद्यार्थी कैसे एवं ग्रामीण जनों द्वारा उन्हें भेंट किया गया। सरपंच द्वारा वृद्ध जनों को कंबल बांटा गया.
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में सरपंच श्रीमती देवकी टेकराम साहू ग्राम प्रमुख श्री लक्ष्मण साहू ग्राम विकास समिति के अध्यक्ष श्री ठाकुर जी लघु वन उपज समिति बुंदेली के अध्यक्ष श्री ईश्वर लाल साहू जी पूर्व सरपंच श्री इंदल मांझी ग्राम के वरिष्ठ जन श्री शशि भूषण नायक जीउपसरपंच देवन्तीन बरिहा एवं पंच ललित निषाद ऊखाबाई यादव रमाबाई यादव छविराम ठाकुर गिरधारी बरिहा धान भाई बरिहा तुलसी बाई ठाकुर रुक्मणी चौहान पुनाराम ठाकुर संकुल समन्वक बुंदेली श्री धनीराम सिदार पूर्व माध्यमिक शाला प्रधान पाठक श्री नरेंद्र पटेल, शिक्षक श्री मोहन चक्रधारी प्राथमिक शाला बोईरलामी के प्रधान पाठक श्री अभय राम सोना एवं पूर्व माध्यमिक शाला प्रधान पाठक श्री सुरेंद्र ठाकुर सर शिक्षक खरारी पटेल पूर्व माध्यमिक शाला लिलेश्वर के शिक्षक श्री नंदकुमार बरिहा छिन्दौली की पूर्व शिक्षक महा सिंह दीवान जी, शाला विकास समिति के सदस्य पूर्व छात्र छात्राएं एवं ग्रामीण जन उपस्थित रहे।
फ्री ब्लड टेस्ट का व्यापक लाभ — हर दिन सैकड़ों लोग करा रहे 31 पैरामीटर की जांच
भिलाई नगर / शौर्यपथ /
वैशाली नगर विधानसभा के रहवासियों के लिए नए वर्ष की शुरुआत बड़ी सौगात के साथ होने जा रही है। क्षेत्र के विधायक रिकेश सेन ने जीरो रोड, शांति नगर स्थित अपने विधायक कार्यालय में मात्र 1 रुपये में एक्स-रे सुविधा शुरू करने की घोषणा की है। यह सेवा 14 जनवरी से प्रतिदिन सुबह 8 से 11 बजे तक उपलब्ध रहेगी।
एक्स-रे सुविधा क्यों ज़रूरी?
कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर विधायक रिकेश सेन ने कहा कि एक्स-रे आधुनिक चिकित्सा पद्धति का मुख्य आधार है। यह—हड्डियों के फ्रैक्चर,मोच, गठिया एवं जोड़ों के विस्थापन ,निमोनिया, टीबी तथा सांस संबंधी संक्रमण ,पाचन तंत्र में समस्या या शरीर में फंसी वस्तुओं ,दंत समस्याओं ,स्तन कैंसर (मैमोग्राम) सहित विभिन्न ट्यूमर का तेज़, सुरक्षित और सटीक निदान प्रदान करता है, जिससे डॉक्टर उपचार की सही दिशा तय कर पाते हैं और गंभीर स्थितियों में मरीजों की जान बचाई जा सकती है।
पहले से मिल रही ब्लड टेस्ट सुविधा को मिल रही बड़ी प्रतिक्रिया
स्वास्थ्य सेवाओं को जनसुलभ बनाने के उद्देश्य से विधायक कार्यालय में पहले से चल रही निःशुल्क ब्लड टेस्ट सुविधा क्षेत्रवासियों के लिए बड़ी मदद साबित हो रही है। हर दिन सैकड़ों लोग आकर 31 प्रकार के ब्लड पैरामीटर की जांच करवा रहे हैं, जिसकी रिपोर्ट उन्हें वहीं उपलब्ध कराई जा रही है।
‘सभी को सहज स्वास्थ्य सुविधा’ — विधायक रिकेश सेन
विधायक रिकेश सेन ने कहा कि उनकी प्राथमिकता है कि वैशाली नगर विधानसभा का कोई भी व्यक्ति आर्थिक कारणों से स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित न रहे।
उन्होंने बताया कि — “एक्स-रे बेहद ज़रूरी चिकित्सा सुविधा है। हम चाहते हैं कि आम लोग महंगे इलाज और जांचों की चिंता किए बिना सही समय पर निदान करा सकें, ताकि गंभीर बीमारियों से बचाव संभव हो सके।”
14 जनवरी से शुरू होगी 1 रुपये वाली एक्स-रे सुविधा
वैशाली नगर क्षेत्र के सभी रहवासी विधायक कार्यालय में सिर्फ 1 रुपये की टोकन राशि देकर एक्स-रे करा सकेंगे। समय — प्रतिदिन सुबह 8:00 से 11:00 बजे तक
दंतेवाड़ा में आयोजित चैम्पियनशिप में टीम ने जीता तृतीय स्थान, कई वर्गों में स्वर्ण–रजत–कांस्य पदक
दंतेवाड़ा।शौर्यपथ खेल समाचार
दंतेवाड़ा जिले के पुराना मार्केट इनडोर स्टेडियम में हाल ही में आयोजित राज्य स्तरीय थाई बॉक्सिंग प्रतियोगिता में दुर्ग जिले की कारा-कु-जु-बो-काई काॅन कराते डो मार्शल आर्ट्स फुल कांटेक्ट कराते संस्था के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पहली बार भागीदारी में ही चैम्पियन ट्रॉफी हासिल कर तृतीय स्थान प्राप्त किया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में दंतेवाड़ा जिला कलेक्टर कुणाल दुदावत, विधायक चेतराम आतामी, महापौर श्रीमती पायल गुप्ता, तथा महिला आयोग की प्रदेश सदस्य श्रीमती मंडावी उपस्थित रहीं।
संस्था के डायरेक्टर व मुख्य प्रशिक्षक सेनसाई गिरी राव के मार्गदर्शन में आयोजित इस सहभागिता में टीम कोच जे. पी. राजू तथा टीम मैनेजर सुभाष सोनी के नेतृत्व में कुल 21 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया और उत्कृष्ट खेल भावना का परिचय दिया।
⭐ पदक विजेता खिलाड़ी
संस्था के 21 खिलाड़ियों में से कई खिलाड़ियों ने विभिन्न भार वर्गों में पदक हासिल कर जिले का नाम रोशन किया—
जे. हर्षिता (-22 किग्रा) – स्वर्ण , पार्थ दावड़ा (-36 किग्रा) – रजत , तृप्ति साहू (-49 किग्रा) – स्वर्ण , पूर्वी सिंह (-50 किग्रा) – कांस्य , अंशिका राय (-36 किग्रा) – कांस्य , वीणा देवांगन (-32 किग्रा) – कांस्य , तानिया वर्मा (-25 किग्रा) – स्वर्ण , कोमल देवांगन (-38 किग्रा) – रजत , विवेक पांडे (-32 किग्रा) – कांस्य , मुस्कान कुमारी (-38 किग्रा) – कांस्य ,अविश सिंह मनराल (-60 किग्रा) – कांस्य , रायन दावड़ा (-50 किग्रा) – रजत , चांदनी साहू (-60 किग्रा) – स्वर्ण , एल. सुजल (-57 किग्रा) – स्वर्ण , जी. श्रेयस (-75 किग्रा) – स्वर्ण , महक फातिमा (-54 किग्रा) – स्वर्ण,अनुज दहाते (-60 किग्रा) – स्वर्ण
इसके साथ ही विपिन दहाते, सोहन जोशी, आराध्या ताम्रकार और नूतन साहू ने भी सराहनीय प्रदर्शन कर टीम के कुल स्कोर में अहम योगदान दिया।
बधाई और सम्मान
संस्था के इस गौरवपूर्ण प्रदर्शन पर सीनियर एवं जूनियर खिलाड़ियों, अभिभावकों और वरिष्ठ सदस्यों—
अरविंद चंदेल, दीपक गुप्ता, जेपी राजू, रामकुमार पांडे, गांधी सोनी, सुभाष सोनी, लक्ष्मी तिवारी, मनोज नेताम, भरत लाल साहू, श्रवण साहू, विधि मिश्रा, काजल बेहरा, महक हुसैन, अमरकांत तिवारी—ने सभी विजेताओं को हार्दिक बधाई दी और उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
संस्था के डायरेक्टर सेनसाई गिरी राव ने खिलाड़ियों की मेहनत, अनुशासन और संघर्ष को प्रतियोगिता की वास्तविक उपलब्धि बताया तथा आने वाले नेशनल व इंटरनेशनल इवेंट्स में और बेहतर प्रदर्शन का विश्वास जताया।
लोक-संस्कृति का यह महोत्सव 10 जनवरी से 06 फरवरी तक चलेगा
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के दिशा निर्देश पर छत्तीसगढ़ के जनजातीय बहुल बस्तर संभाग की लोक-संस्कृति, परंपरा और विरासत को राष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए बस्तर पंडुम 2026 के आयोजन की तैयारियां शुरु कर दी गई है। छत्तीसगढ़ शासन के संस्कृति विभाग द्वारा वर्ष 2026 में “बस्तर पंडुम 2026” का आयोजन जनपद, जिला एवं संभाग स्तर पर प्रतियोगात्मक स्वरूप में किया जाएगा। यह आयोजन बस्तर अंचल की लोककला, शिल्प, नृत्य, गीत-संगीत, पारंपरिक व्यंजन, बोली-भाषा, वेश-भूषा, आभूषण, वाद्य यंत्र, नाट्य एवं जनजातीय जीवन-पद्धति के संरक्षण और संवर्धन का एक भव्य मंच बनेगा।
राज्य शासन ने बस्तर संभाग के सभी सात जिलों-बस्तर, दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर, कांकेर, कोण्डागांव एवं नारायणपुर-में इस उत्सव को व्यापक सहभागिता के साथ आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। इसके अंतर्गत बस्तर संभाग की 1885 ग्राम पंचायतों से जुड़े 32 जनपद मुख्यालयों में 12 विधाओं पर आधारित प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। ग्राम पंचायत स्तर से चयनित लोक कलाकारों और कला दलों को निःशुल्क ऑनलाइन एवं ऑफलाइन माध्यम से जनपद स्तरीय प्रतियोगिता में आमंत्रित किया जाएगा। पहले चरण में जनपद स्तरीय प्रतियोगिताएं 10 से 20 जनवरी 2026 के बीच आयोजित होंगी। प्रत्येक विधा से एक-एक विजेता दल का चयन किया जाएगा, जिन्हें 10 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। जनपद स्तर पर आयोजन के लिए प्रत्येक जनपद पंचायत को 5 लाख रुपये का बजट आबंटित किया गया है।
दूसरे चरण में जिला स्तरीय प्रतियोगिताएं 24 से 29 जनवरी 2026 तक आयोजित की जाएंगी। जिला स्तर पर प्रत्येक विधा के विजेता दल को 20 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इसके लिए प्रत्येक जिले को 10 लाख रुपये की राशि उपलब्ध कराई गई है। अंतिम और सबसे भव्य चरण के रूप में संभाग स्तरीय प्रतियोगिता 2 से 6 फरवरी 2026 तक जगदलपुर, जिला बस्तर में आयोजित होगी। इसमें सातों जिलों से चयनित 84 विजेता दल भाग लेंगे। संभाग स्तर पर प्रथम पुरस्कार 50 हजार रुपये, द्वितीय पुरस्कार 30 हजार रुपये, तृतीय पुरस्कार 20 हजार रुपये तथा शेष 48 प्रतिभागी दलों को 10 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी।
इस महोत्सव की विशेषता यह होगी कि इसमें केवल वही कलाकार भाग ले सकेंगे, जो बस्तर संभाग के वास्तविक मूल निवासी हैं और जनजातीय लोक कला विधाओं में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। साथ ही, गांवों और कस्बों में अपनी कला से पहचान बना चुके वरिष्ठ कलाकारों के साथ-साथ नवोदित कलाकारों को भी मंच प्रदान किया जाएगा।
प्रत्येक स्तर पर विजेता दलों को पुरस्कार राशि के साथ प्रमाण पत्र एवं स्मृति चिन्ह (फोटो फ्रेम) प्रदान कर सम्मानित किया जाएगा। आयोजन को जनउत्सव का स्वरूप देने के लिए समाज प्रमुखों, वरिष्ठ नागरिकों, आदिवासी मुखियाओं, जनप्रतिनिधियों एवं संस्कृति प्रेमियों को अतिथि के रूप में आमंत्रित किया जाएगा। व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित करने हेतु प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक एवं सोशल मीडिया के माध्यम से बड़े पैमाने पर प्रचार-प्रसार किया जाएगा।
इस संपूर्ण आयोजन के लिए संचालनालय, संस्कृति एवं राजभाषा विभाग को नोडल विभाग बनाया गया है। संस्कृति विभाग से श्री युगल तिवारी, नोडल अधिकारी एवं कार्यक्रम संयोजक (मोबाइलः 94063-98080) को आयोजन का दायित्व सौंपा गया है। समन्वय हेतु श्री प्रशांत दुबे (मोबाइलः 75093-62263) एवं श्री भाविन राठौर (मोबाइलः 99071-41307) को नामांकित किया गया है। सभी जिलों को अपने-अपने स्तर पर नोडल अधिकारी नियुक्त कर विभाग को सूचित करने के निर्देश दिए गए हैं।
राज्य शासन ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि “बस्तर पंडुम 2026” को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए समयबद्ध, सुव्यवस्थित और गरिमामय ढंग से आयोजित किया जाए, ताकि बस्तर की लोक-संस्कृति की असली पहचान को सहेजते हुए उसे नई पीढ़ी तक पहुंचाया जा सके।
भोरम देव कॉरिडोर विकास से छत्तीसगढ़ के पर्यटन को मिलेगी नई पहचान
धार्मिक-ऐतिहासिक विरासत को मिलेगा आधुनिक स्वरूप
रायपुर / शौर्यपथ /छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध धार्मिक एवं ऐतिहासिक पर्यटन स्थल भोरमदेव के लिए नया वर्ष 2026 एक ऐतिहासिक उपलब्धि के साथ प्रारंभ होने जा रहा है। लगभग 146 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाली ‘भोरमदेव कॉरिडोर विकास परियोजना’ का भूमिपूजन 01 जनवरी को संपन्न होगा। यह महत्वाकांक्षी परियोजना भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय की स्वदेश दर्शन योजना 2.0 के अंतर्गत स्वीकृत की गई है। यह अब तक की छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी केंद्रीय पर्यटन परियोजना मानी जा रही है।
इस परियोजना का भूमिपूजन 01 जनवरी को केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत के करकमलों से मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की गरिमामय उपस्थिति में होगा। कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा एवं श्री अरुण साव, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन, सांसद श्री संतोष पाण्डेय, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल श्री नीलू शर्मा सहित विधायकगण, निगम-मंडल-आयोगों के अध्यक्षगण एवं स्थानीय जनप्रतिनिधिगण उपस्थित रहेंगे।
‘छत्तीसगढ़ के खजुराहो’ के नाम से प्रसिद्ध भोरमदेव मंदिर अपनी प्राचीन स्थापत्य कला और धार्मिक आस्था के लिए देश-विदेश में विख्यात है। इस कॉरिडोर के विकास से श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जिससे क्षेत्र के आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक विकास को नई गति मिलेगी। हाल ही में मंदिर का केमिकल संरक्षण कार्य भी पूर्ण किया गया है, जिससे इस धरोहर की दीर्घकालीन सुरक्षा सुनिश्चित हुई है।
परियोजना के अंतर्गत मुख्य मंदिर परिसर, तालाब क्षेत्र, मड़वा महल, छेरकी महल, रामचुआ मंदिर, शिव प्लाजा, मेला ग्राउंड एवं सरोधा डैम में प्रवेश द्वार, प्लाजा, संग्रहालय, मंदिर परिसर का सौंदर्यीकरण, पार्क, ब्रिज, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, शौचालय, कैफेटेरिया, फूड कोर्ट, बोटिंग एवं वाटर स्पोर्ट्स जैसी सुविधाओं का विकास किया जाएगा। इस परियोजना से पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि के साथ-साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। भोरमदेव कॉरिडोर का भूमिपूजन छत्तीसगढ़ के पर्यटन इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज होगा।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
