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रायपुर / शौर्यपथ / सरगुजा जिले के पहाड़ी कोरवा बाहुल्य ग्राम रामनगर की श्रीमती संगीता पहाड़ी कोरवा कहती हैं कि हमारे मुख्यमंत्री श्री विष्णु भईया हर महीने एक हजार रूपये हमारे बैंक खाते में भेजते हैं। महतारी वंदन योजना के तहत मिले पैसों से काफी मदद हो जाती है। इन रुपयों को घर के छोटे-मोटे खर्चे, बच्चों के पढ़ाई-लिखाई के समान खरीदने में खर्च करते हैं।
इसी तरह ग्राम रामनगर (बरपारा) निवासी श्रीमती गुलाबी भी महतारी वंदन योजना की हितग्राही हैं। वे कहती हैं कि महतारी वंदन योजना के अंतर्गत हर महीना एक हजार रुपए की राशि सीधे खाते में मिल जाती हैं। इस पैसे से घरेलू खर्चे में काफी मदद हो जाती है और हाथ में पैसा हो तो आत्मविश्वास रहता है।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने 2 सितंबर को महतारी वंदन योजना के सातवीं किस्त की राशि के रूप में 01-01 हजार रुपए डीबीटी के माध्यम से महिलाओं के खाते में अंतरित किये। सरगुजा जिले में 7वीं किश्त में जिले की 2 लाख 32 हजार 840 महिलाओं के खाते में 21 करोड़ 48 लाख रुपए अंतरित किए गए हैं। प्रदेश में महिलाओ के आर्थिक स्वावलंबन तथा उनके स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर मे सतत सुधार तथा परिवार मे उनकी निर्णायक भूमिका सुदृढ़ करने हेतु महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से “महतारी वंदन योजना” लागू किए जाने का निर्णय लिया गया। जिसके अंतर्गत राज्य की विवाहित, विधवा परित्यक्ता और तलाकशुदा जिनकी उम्र 21 वर्ष से अधिक हो ऐसी महिलाओं को प्रतिमाह 1000 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने बटन दबाकर प्रथम किश्त की राशि जारी की थी। योजना के तहत पहले चरण में राज्य के करीब 70 लाख से अधिक महिलाओं को लाभार्थी के तौर पर चुना गया है, जिनके बैंक खाते में योजना की 7वीं किश्त ट्रांसफर कर दी गई हैं।
नौकरी के साथ ही पहाड़ी कोरवा सागर की सज गई नई उम्मीदें
पहले रोजी-मजदूरी करता था, अब शिक्षक के रूप में निभा रहे जिम्मेदारी
रायपुर / शौर्यपथ / पहाड़ी कोरबा सागर कुछ माह पहले तक एक मजदूर था। हाथ में कुछ काम नहीं होने की वजह से वह गाँव में एक ठेकेदार के पास जाकर ईंट ढोने का काम किया करता था। इससे उन्हें जी भर के परिश्रम करनी पड़ती थी और पैसे भी कम मिलते थे। घर में माता-पिता की जिम्मेदारी उठाने और अपना खर्च निकालने के लिए सागर को यह काम हर हाल में तब भी करना पड़ता था जब कभी उसे शारीरिक थकावट महसूस होती थी। वह चाहकर भी ऐसी नौकरी नहीं कर पा रहा था, जिससे उसका ईंट ढोने के कार्य से पीछा छूटे।
विशेष पिछड़ी जनजाति के पहाड़ी कोरवा सागर के लिए रोजी-रोटी की व्यवस्था एक बड़ी चुनौती बन गई थी, क्योंकि उनके हाथों को हर दिन काम मिल जाए यह भी जरूरी नहीं था। इसी बीच मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर जिला प्रशासन द्वारा जब जिले के विशेष पिछड़ी जनजाति वर्ग के योग्य बेरोजगार युवकों को नौकरी देने की शुरुआत की गई तो पहाड़ी कोरवा सागर ने भी अपना आवेदन जमा किया। पहाड़ी कोरवा सागर के दस्तावेजों की जाँच के पश्चात उसका चयन कर लिया गया। विषम परिस्थितियों में रहकर गरीबी के बीच मजदूरी करने वाला पहाड़ी कोरवा सागर के हाथ से अब कोई ईंट नहीं उठता बल्कि इन्हीं परिश्रमी हाथों को चाक और किताबों का साथ मिल गया है। पहाड़ी कोरवा सागर अब प्राथमिक शाला के विद्यार्थियों को शिक्षा देकर आगे बढ़ने का संदेश दे रहा है।
कोरबा ब्लॉक के ग्राम चीतापाली में पदस्थ पहाड़ी कोरवा सागर ने बहुत संघर्षों से बारहवीं पास किया। इस बीच कोई काम नहीं होने की वजह से वह अपने पिता की तरह मजदूरी का काम करने लगा। जंगल से निकलकर पहले पढ़ाई फिर मजदूरी करना और घर का खर्च उठाना यह सब उसके संघर्षमय जीवन की कहानी थी। सागर ने बताया कि पिताजी सहित उनके परिवार के अधिकांश सदस्य बहुत गरीब है और उन्होंने कभी सोचा भी नहीं था कि वह बारहवीं तक की पढ़ाई कर पायेगा। सागर ने बताया कि 2022 में 12वीं पास करने के बाद उन्हें मजदूरी करनी पड़ती थी। इस बीच ट्रैक्टर में ईंट उठाकर डालने और उसे ढो कर उतारने का काम करना पड़ता था। इस बीच शरीर में दर्द होने के बाद भी काम करना पड़ता था। सागर ने बताया कि उन्हें यकीन नहीं होता कि वह शिक्षक बन गया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर जिला प्रशासन द्वारा हम पहाड़ी कोरवाओं को नौकरी देकर बहुत बड़ा उपकार किया गया है। उन्होंने बताया कि नौकरी लगने से घर-परिवार से लेकर रिश्तेदारों और समाज में खुशी का वातावरण है। पहाड़ी कोरवा सागर का कहना है कि अब उसकी पूरी दिनचर्या बदल गयी है। स्कूल में पढ़ाने के साथ ही बहुत कुछ सीखने को भी मिल रहा है जो आने वाले समय में अपने बच्चों को सिखाने के काम आएंगे। स्कूल में टाइम के अनुसार उन्हें पढ़ाना होता है। इस कार्य से उसे बहुत खुशी महसूस हो रही है। वह कहता है कि नौकरी भले ही उन्हें डीएमएफ से मानदेय आधार पर मिली है लेकिन यह उसकी खुशियों की वह सीढ़ी है जिससे आने वाले कल का नया भविष्य तैयार हो पायेगा और आर्थिक स्थिति भी मजबूत बन पाएगी।
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सुशासन की सरकार और संवेदनशील सरकार ने आवासहीन परिवारों को पक्की छत देने के लिए कृत संकल्पित है। यह योजना न केवल लोगों के जीवन स्तर को ऊपर उठाने में सहायक है, बल्कि उन्हें एक सुरक्षित और स्थिर आवास भी प्रदान करती है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की गारंटी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन में गरीब परिवारों को उनका खुद का पक्का मकान मिल रहा है। बलरामपुर जिला के सुरजन कोरवा ने पक्के आवास के लिए प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया है। वे बताते हैं जिले के विकासखण्ड राजपुर के ग्राम पचायत सरगढ़ी के ग्राम गोविन्दपुर के निवासी है। पक्के मकान से पहले वो लकड़ियों और पैरा से बनाए गए झोपड़ी में रहने को मजबूर थे। उनके परिवार में पत्नी और बेटा रहते थे। बेटे की असामायिक मृत्यु हो जाने से घर की हालात और भी खराब हो गई। एक तरफ बेटे के जाने का दुःख और दूसरे तरफ घर की परिस्थितियां उनके मन को चिंतित कर रही थी। लकड़ी और पैरा से बने घर में उन्हें काफी तकलीफों का सामना करना पड़ रहा था, जहां एक तरफ जीव-जन्तु का डर वहीं दूसरी ओर मौसम की मार पेरशानियों को कम नहीं कर रही थी। आगे वे बताते हैं कि मजदूरी कर वह अपना जीवन यापन करते हैं। ऐसे में घर बनाने के लिए असहाय थे। तब पीएम जनमन के तहत उनको पक्का आवास मिला।
सुरजन ने जनमन अभियान से हुए परिवर्तन के बारे में बताया कि आज उनका खुद का पक्का आवास है। वे कहते हैं हम जैसे आदिवासी जनजातियों के लिए प्रधानमंत्री संवेदनशीलता दिखाते हुए प्राथमिकता से कार्य कर रहे हैं। श्री सुरजन के पास आज आधार कार्ड भी है जिसके माध्यम से अन्य शासकीय योजनाओं का लाभ उठाने में सक्षम है और जनमन शिविरों में भी जाकर योजनाओं की जानकारी लेते हैं। ताकि शासन की योजना का लाभ उठा सकें।
राज्य शासन के द्वारा प्रधानमंत्री जनमन योजना के माध्यम से जिले में विशेष पिछड़ी जनजाति समुदाय के परिवारों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराते हुए उनके सामाजिक और आर्थिक विकास में सहयोग प्रदान की जा रही है। जिससे वो विकास के पथ पर अग्रसर हो रहे है। बलरामपुर जिले में पहाड़ी कोरवा समुदाय का एक विशेष स्थान है। जहां शासन-प्रशासन के प्रयासों से विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (पीवीटीजी) परिवारों को बेहतर जीवन शैली के लिए मुख्य धारा से जोड़ने का प्रयास जारी है। वैसे तो एक तरह से देखा जा सकता है कि पीवीटीजी परिवारों की स्थितियों में सुधार के लिए कई पहल किए गए हैं। लेकिन जब से मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का सुशासन आया तब से पहाड़ी कोरवा परिवारों के जीवन स्तर में सुधार लाने मुख्यमंत्री के नेतृत्व में पीवीटीजी बसाहटों में पहल तेज हुई है।जहां पीवीटीजी समुदाय के लोगों के उत्थान के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। इन्ही प्रयासों का नतीजा है कि प्रधानमंत्री न्याय महाभियान अंतर्गत पहाड़ी कोरवा सदस्यों को शासन की योजनाओं जैसे प्रधानमंत्री जनमन आवास, आयुष्मान कार्ड, आधार कार्ड, राशनकार्ड, आदि महत्वपूर्ण योजनाओं से लाभान्वित हो रहे हैं।
संवेदनशील मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने हीराकुंड बांध के डुबान क्षेत्रों में बाढ़ विपदा की आशंका को देखते हुए ओडिसा के मुख्यमंत्री से की चर्चा
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के अनुरोध पर ओडिसा के मुख्यमंत्री ने हीराकुंड बांध से आवश्यक मात्रा में पानी छोड़ने के दिए निर्देश
ओडिसा के मुख्यमंत्री की बाढ़ रोकने की पहल के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया आभार प्रकट
पहली बार दोनो राज्यों की जनहितैषी सरकारों के मध्य अपूर्व सामंजस्य से लोकहित में लिया गया त्वरित निर्णय
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विगत कुछ दिनों से हो रही लगातार बारिश की वजह से हीराकुंड बांध के डुबान क्षेत्रों के अंतर्गत रायगढ़ के गांवों में बाढ़ की आशंका के मद्देनजर त्वरित गति से पहल करते हुए ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी से गत रात्रि चर्चा कर हीराकुंड बांध से पानी छोड़ने का अनुरोध किया जिससे बाढ़ की संभावित आपदा से बचाव हो सके।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर ओडिसा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने दोनों प्रदेशों के हितों को ध्यान में रखते हुए तत्काल हीराकुंड बांध से आवश्यक मात्रा में पानी छोड़ने का आदेश दिया जिससे दो दर्जन से ज्यादा गांवों में होने वाली जन-धन की संभावित हानि से ग्रामवासियों का बचाव हो सके ।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी की इस संवेदनशील पहल के लिए उन्हें हृदय से आभार व्यक्त किया है।
उल्लेखनीय है कि इसके पूर्व प्रतिवर्ष भारी बारिश की वजह से हीराकुड बांध के डुबान क्षेत्र में आने के कारण छत्तीसगढ़ के लगभग दो दर्जन से ज्यादा गांवों को बाढ़ की विपदा झेलनी पड़ती थी। इस वर्ष छत्तीसगढ़ और ओडिशा दोनो राज्यों में जनकल्याण को प्राथमिकता देने वाली जनहितैषी सरकारों के रहने से पहली बार दोनो राज्यों के मध्य अपूर्व सामंजस्य के साथ त्वरित निर्णय लेकर लोकहित में कार्य किए जा रहे हैं। दोनो राज्यों की सरकारों के मध्य ऐसा सामंजस्य पहली बार देखा जा रहा है जिसका यह सुपरिणाम है की अब दोनो राज्यों में प्रत्येक वर्ष भीषण रूप से बाढ़ग्रस्त रहने वाले क्षेत्र वर्तमान में बाढ़ की विपदा से ग्रस्त नही है।
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर अनुसूचित और गैर अनुसूचित क्षेत्रों में तैनात डाक्टरों के वेतन में 46 फीसदी तक की बढ़ोतरी की गई है। स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल और स्वास्थ्य विभाग ने उठाया बड़ा कदम उठाया है। शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों के सीनियर रेसीडेंट से लेकर प्राध्यापकों के वेतन में हुई ऐतिहासिक वृद्धि की गई है।
प्राध्यापक को अब अनुसूचित क्षेत्र में 2 लाख 25 हजार तथा गैर अनुसूचित क्षेत्र में मिलेगा 1 लाख 90 हजार रूपए वेतन अनुसूचित क्षेत्र में लगभग 46 फीसदी तथा गैर अनुसूचित क्षेत्र में लगभग 23 फीसदी की वेतन वृद्धि की गई है।
मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया बनी लोगों का आशा का केंद्र
समस्या सुनते ही आधी रात की गई त्वरित निराकरण
मुख्यमंत्री साय का जताया आभार
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आम नागरिकों की समस्याओं को लेकर बेहद ही संवेदनशील है, यही वजह है कि लोक कल्याण के कार्यों में तेजी आई है तथा तत्काल समय पर समाधान भी मिल जाता है। आमजनों की समस्याओं के त्वरित निराकरण होने से लोगों में बहुत उत्साह है।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर सरकारी अमला आम आदमी को राहत पहुंचाने पूरी तरह से सक्रिय है। दिन हो या रात समय की परवाह किए बिना समस्या का त्वरित गति से निराकरण किया जाता है। बिजली की समस्या से जूझ रहे पत्थलगांव क्षेत्र के कुछ ग्रामीण इलाकों को आधी रात को भी मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में भेजे एक व्हाट्सऐप मैसेज से राहत मिल गई।
पत्थलगांव के सुरेशपुर, बहनाटांगर, सुसडेगा, मुड़ेकेला ग्रामीण क्षेत्र में बिजली समस्या से जूझ रहे ग्रामीणों द्वारा गुरुवार की दरमियानी रात को मुख्यमंत्री कार्यालय में व्हाट्सअप मेसेज के जरिये बिजली गुल रहने सम्बन्धी समस्या की जानकारी दी गयी। कैंप कार्यालय के निर्देश पर आधी रात को बिजली कर्मचारियों द्वारा क्षेत्र में बिजली सुधार कार्य करवाकर बिजली को सुचारू रूप से चालु किया गया। बगिया स्थित सीएम कैम्प कार्यालय के माध्यम से एक व्हाट्सअप मेसेज पर समाधान मिलने पर नागरिकों ने प्रसन्नता जाहिर करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार जताया है।
बगिया स्थित सीएम कैम्प कार्यालय में अब तक जशपुर सहित अन्य जिलों के बिजली व्यवस्था, राशन व्यवस्था, स्वास्थ्य लाभ, दिव्यांग व बुजुर्ग पेंशन संबंधित एव अन्य समस्त समस्याओं के समाधान की आस लेकर पहुंचने वाले हजारों लोगों को अब तक तत्काल राहत पहुंचाई जा चुकी है। गौरतलब है की मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राज्य के नागरिकों को बेहतर सुविधा मुहैया कराने के लिए ऐसी व्यवस्था बनाई है की आम नागरिक अपनी समस्या के समाधान के लिए सीएम कैम्प कार्यालय के टोल फ्री नंबर 07764-250061, 07764-250062, 07764-250068 पर घर बैठे कॉल कर सकते हैं। कॉल करने पर उनकी समस्या का समाधान के लिए तत्काल कार्यवाही की जाती है।
पहाड़ी कोरवा बस्ती में जनमन शिविर का आयोजन
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा परिवारों की आर्थिक और सामाजिक स्थिति को सुधारने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इन परिवारों के लिए आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड और आधार कार्ड बनवाने के साथ-साथ उनकी स्वास्थ्य और शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसी क्रम में जशपुर जिले के बगीचा विकास खंड के ग्राम पंचायत बालादरपाठ में जनमन शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें इन परिवारों की समस्याओं का समाधान किया गया।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा परिवारों के आर्थिक-सामाजिक स्थिति में सुधार लाने के लिए हमारी सरकार द्वारा निरंतर प्रयास किया जा रहा है और विभिन्न योजनाओं को क्रियान्वित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बच्चों और युवाओं के लिए शिक्षा और कौशल विकास के माध्यम से व्यावसायिक प्रशिक्षण की व्यवस्था की जा रही है। इसके साथ ही, स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता को बढ़ाकर उनके स्वास्थ्य में सुधार के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके अलावा, आजीविका के नए अवसरों के सृजन के लिए कृषि और अन्य छोटे व्यवसायों के लिए सहायता और प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है, जिससे इन परिवारों की आय में वृद्धि हो रही है।
मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में राज्य सरकार पहाड़ी कोरवा परिवारों को विभिन्न सरकारी योजनाओं के माध्यम से सामाजिक सुरक्षा और वित्तीय सहायता प्रदान कर रही है। साथ ही, इनकी सांस्कृतिक और पारंपरिक धरोहर को संजोने और उसे बढ़ावा देने के प्रयास भी किए जा रहे हैं।
प्रथम चरण में 189.43 किमी की 51 सड़कों का निर्माण शुरू
द्वितीय चरण में केन्द्र सरकार को 40 नवीन सड़कों के निर्माण का भेजा गया प्रस्ताव
रायपुर / शौर्यपथ / केन्द्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत पहुंचविहीन पीवीटीजी बसाहटों को पक्की संपर्क सड़कों के जरिए मुख्य रास्तों से जोड़ा जा रहा है। पीएम जनमन के अंतर्गत प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के माध्यम से पक्की सड़कों का निर्माण कर विशेष रूप से कमजोर जनजाति समूहों वाले बसाहटों के 100 या अधिक की आबादी वाली प्रत्येक बसाहट के लिए सड़क कनेक्टिविटी के माध्यम से मजबूत किया जा रहा है। इन सड़कों से आवागमन सुलभ होने के साथ-साथ स्वास्थ्य सुविधाओं, शिक्षा, दैनिक कामकाज के लिए गांव से शहर आवागमन की बेहतर सुविधा लोगों को मिलेगी।
इसी कड़ी में प्रधानमंत्री जनमन योजना के माध्यम से प्रथम चरण में जिला सरगुजा में 189.43 किमी कुल लंबाई की 51 सड़कों की स्वीकृति प्राप्त हुई है, जिसमें से 47 सड़कों का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। सड़क निर्माण हेतु की कुल स्वीकृत राशि 157.17 करोड़ रुपए है। प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महा अभियान (पीएम जनमन) के द्वारा ये सड़कें जिले के विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा की 54 बसाहटों से जुड़ेंगी, जिसकी स्वीकृति छत्तीसगढ़ ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत प्रदान की गई है।
कार्यपालन अभियंता पीएमजीएसवाई ने बताया कि द्वितीय चरण में 148.99 किमी लंबाई की 40 नवीन सड़कों के निर्माण का प्रस्ताव भारत सरकार को भेजा गया है। इसमें प्रमुख रूप से उदयपुर विकासखंड में बकोई से भेलवाडांड 10.15 किमी, टी 01 भकुरमा रोड से बुले केदमा 9.82 किमी की सड़क को प्रस्ताव में शामिल किया गया है। अंबिकापुर में राम नगर से लुकुम घुटरा 4.92 किमी, मोहनपुर से कोरवा पारा 2.81 किमी, पंपापुर से हर्राघाट 3.42 किमी, लुण्ड्रा विकासखंड में डकई से डकई बेवरा 4.33 किमी, जरकेला से चेउरपानी 4.02 किमी, चित्तपुर से चेउरपानी 3.60 किमी, अजिरमाकला से मांझा बेवरा 3.50 किमी सड़क निर्माण किया जाना है।
इसी तरह सीतापुर विकासखंड में रजपुरी से बिजली चट्टान 5.90 किमी, बंशीपुर से अमगोड़हा 3.83 किमी, बतौली में टीरंग से इमलीटीकरा 7.00 किमी, घोघरा से परसाढाब 6.80 किमी, बांसाझाल से कदमहुआ 6.60 किमी, नकना से पहाड़पारा 6.30 किमी, बांसाझाल से आमपानी 5.50 किमी, टीरंग से खूंटापानी 5.30 किमी सड़क निर्माण का प्रस्ताव किया गया है। इसी प्रकार सरमना से कोईलारढोंढी 4.00 किमी, विकासखंड लखनपुर में बेलदगी से मुड़ापारा 1.22 किमी तथा विकासखंड मैनपाट में कतकालो से लोटापानी 8.13 किमी, सुपलगा से हसियाखार 4.23 किमी, कदनई से सेमिडीह 4.20 किमी, पेंट से डाहुझरिया 3.00 किमी, कोट से गटीकोना 4.00 किमी सहित पूरे जिले में सड़क निर्माण कार्य प्रगति पर है।
रायपुर / शौर्यपथ / राजनांदगांव जिले के बागतराई गांव के सभी घरों में अब नल के जरिए शुद्ध पेयजल पहुंचने लगा है। इससे गांवों की महिलाओं ने खुशी का माहौल है। पानी की व्यवस्था के लिए न उन्हें अब हैण्डपंप चलाने की झंझट रही, न ही कुंए से पानी निकालने की मशक्कत। बागतराई के ग्रामीण परिवारों को यह सुविधा जल जीवन मिशन के माध्यम से सुलभ हुई है।
यहां यह उल्लेखनीय है कि जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीण इलाकों के प्रत्येक घर में नल से जल पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है। बागतराई के हर घर में नल से जल पहुंचाने के लिए 240 मीटर डिस्ट्रीब्यूशन एवं 4600 मीटर राइजिंग मेन पाइप लाइन बिछायी गई है। इससे गांव के 242 परिवारों को नल कनेक्शन से शुद्ध पेयजल उपलब्ध होने लगा है।
बागतराई निवासी श्रीमती रश्मि राजपूत अपने घर में नल से जल की आपूर्ति पर प्रसन्नता जताते हुए कहा कि सरकार ने हम ग्रामीणों को बहुत बड़ी सुविधा उपलब्ध करा दी है। अब गांव के सभी घरों में नल से पानी आने लगा है। श्रीमती रश्मि ने बताया कि उनके विवाह को 11 वर्ष हो चुका है। उन्होंने यह नहीं सोचा था कि कभी उनके घर में नल लगेगा और पानी आएगा। लेकिन यह आज हकीकत बन गया है। श्रीमती रश्मि ने बताया कि पूर्व में कुएं, हैंडपंप और तालाब से पानी भरना पड़ता था, जिसमें मेहनत और काफी समय लगता था। सरकार ने जल जीवन मिशन के तहत घर-घर नल लगाकर पेय जल की समस्या का स्थायी निदान कर दिया है। उन्होंने गांव के प्रत्येक घर में नल से शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेद्र मोदी और प्रदेश के मुखिया श्री विष्णु देव साय को धन्यवाद दिया है।
124 नए ट्रांसफार्मर लगाए गए
आवेदन पर तत्काल निराकरण की कार्यवाही कर रहा है विद्युत विभाग
लोगों ने मुख्यमंत्री सहित शासन-प्रशासन को दिया धन्यवाद
जशपुरनगर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मंशानुरूप जिले में विकास कार्यों की रूपरेखा बना कर योजनाबद्ध तरीके से क्रियान्यवन किया जा रहा है। आम लोगों के जीवन से जुड़ी सुविधाएं एवं समस्याओं के निराकरण के लिए सरकार प्रतिबद्ध हैं। मुख्यमंत्री के गृह निवास बगिया में मुख्यमंत्री कार्यालय कैंप की स्थापना इसी दिशा में उठाया गया कदम हैं। जहां लोगों की समस्याओं का तत्काल निराकरण किया जाता है।
जशपुर जिला हाथी विचरण क्षेत्र हैं। जिले के दूरस्थ अंचलों में भी बिजली की संचालन निर्बाध रूप से हो इसके लिए विद्युत विभाग दिन हो या रात लगातार कार्य कर रहा है। आम लोगांे के आवेदन पर विभाग का अमला तत्कार संज्ञान लेकर काम में जुट जाता है। विद्युत विभाग बारिश हो या अंधड़, पेड़ का बिजली के तारों या खंभों में गिरने जैसी चुनौतियों का लगातार सामना करते हुए बिजली की सुविधा उपलब्ध करा रही है। विभाग के द्वारा पिछले लगभग 9 महीने में जशपुर जिलें में 578 ट्रांसफार्मर बदले गए हैं और 124 नया ट्रांसफार्मर नया लगाया गया है। इसके साथ ही विभाग द्वारा नई लाईन बिछाने, केबल, ग्रिप चेंज आदि कार्य भी सतत रूप से किया जा रहा है।
विद्युत विभाग के द्वारा जिलें के विकासखंडों सहित इसके अंतर्गत आने वाले गांवों में विद्युतिकरण कार्य एवं इसके संचालन में आने वाले बाधाओं को तत्काल निराकरण किया जा रहा है। विभाग के द्वारा बिजली की लोड केपिसिटी के हिसाब से 578 ट्रांसफार्मर बदले गए हैं। जिनमें बगीचा विकासखंड में 42 ट्रांसफार्मर बदले गए हैं। इसी तरह दुलदुला विकासखंड में 45, जशपुर विकासखंड में 50, कुनकुरी विकासखंड में 106, मनोरा में 29, सन्ना में 42, पत्थलगांव में 144, कांसांबेल में 55 एवं फरसाबहार में 65 ट्रांसफार्मर बदले गए हैं।
इसी तरह जिले के आठों विकासखंड में 124 नए ट्रांसफार्मर लगाए गए हैं। जिसमें 100 केव्हीए का 16 ट्रांसफार्मर, 63 केव्हीए का 77 ट्रांसफार्मर और 25 केव्हीए का 31 ट्रांसफार्मर लगाया गया है। शहरों के साथ ही दूरस्थ क्षेत्रों में विद्युत व्यवस्था के निर्बाध रूप से संचालन से लोगों ने प्रसन्नता जाहिर करते हुए मुख्यमंत्री सहित शासन-प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त कर रहे हैं।
स्वाभिमानी और स्वावलंबी युवाओं से भारत बनेगा ग्लोबल पावर: वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी
रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी ने आज यहां नवा रायपुर स्थित आईटीएम यूनिवर्सिटी में एरीज एग्रो लिमिटेड के सहयोग से स्थापित आईटीएम ड्रोन ट्रेनिंग एकादमी का उद्घाटन किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि स्वाभिमानी और स्वावलंबी युवाओं से भारत ग्लोबल पावर बनेगा।
वित्त मंत्री चौधरी ने ड्रोन एकादमी के पहले बैच में प्रशिक्षण ले रहे ड्रोन दीदी और ड्रोन पायलट को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में भारत सरकार के हाल के बजट में इंटर्नशिप के लिए विशेष प्रावधान किये गए हैं ताकि देश के एक करोड़ से ज्यादा यूथ इंटर्नशिप लेकर देश में मैनपावर की कमी दूर कर सके। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि दुनिया का 20 प्रतिशत युवा भारत में हैं और दुनिया को काम करने वालों की जरुरत है। यहाँ सात दिन की ड्रोन ट्रेनिंग कैरियर के लिए ज्यादा कारगर हो सकता है। उन्होंने जनकल्याणकारी योजनाओं के दीर्घकालीन सफलता में प्राइवेट सेक्टर की हिस्सेदारी पर जोर दिया।
आईटीएम ड्रोन ट्रेनिंग एकादमी को छत्तीसगढ़ प्रदेश का पहले ड्रोन ट्रेनिंग एकादमी बनने का गौरव प्राप्त हुआ है जो महज सात दिनों के प्रशिक्षण में ड्रोन दीदी और ड्रोन पायलट तैयार करेगा जो डीजीसीए सर्टिफाइड पायलट कहलाएंगे। आईटीएम यूनिवर्सिटी कैंपस में उद्घाटन समारोह में डायरेक्टर जनरल सुश्री लक्ष्मी मूर्ति ने मुख्य अतिथि वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी और विशेष अतिथि के रूप में मौजूद एरीज एग्रो लिमिटेड के चेयरमैन एंड मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. राहुल मीरचंदानी का पुष्पगुच्छ भेंटकर स्वागत किया।
डायरेक्टर जनरल सुश्री लक्ष्मी मूर्ति ने कहा कि आईटीएम यूनिवर्सिटी सर्टिफिकेशन के अलावा ड्रोन टेक्नोलॉजी में विशेषज्ञता लाने बहुत जल्द डिग्री एवं मास्टर प्रोग्राम भी प्रारंभ करेगा ताकि प्रदेश के युवाओं को इसका हरसंभव लाभ मिल सकें। एरीज एग्रो लिमिटेड के चेयरमैन एंड मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. राहुल मीरचंदानी ने कहाकि ड्रोन तकनीकों का कृषि में इस्तेमाल करने से किसानों की कई समस्याएं दूर होंगी। समय और मजदूर काम लगने के साथ ड्रोन से पानी की भी बचत होगी और फसलों की पैदावार दोगुनी होगी।
इसके पश्चात ड्रोन अकादमी में ड्रोन अकादमी के डायरेक्टर निलेश कोकाटे ने वित्त मंत्री सहित सभी अतिथियों को अत्याधुनिक ड्रोन से जुड़ी तकनीकी जानकारी दीं। इस कार्यक्रम में एरीज एग्रो लिमिटेड के वाइस प्रेसिडेंट डी. के. तिवारी, कार्यक्रम संयोजक मितुल कोठारी, छत्तीसगढ़ स्टेट इंचार्ज रवि मिश्रा, कामर्शियल मैनेजर अनुपम पांडेय, मार्केटिंग मैनेजर उमेश कुमार मिश्रा, दिवेश कुमार यादव, रजिस्ट्रार सौरव चटर्जी सहित अन्य मौजूद थे।
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा माओवादी प्रभावित क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाएं और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए शुरू की गई ‘नियद नेल्लानार योजना’ (आपका अच्छा गांव योजना) के तहत नारायणपुर जिला प्रशासन ने पहली बार सुदूरवर्ती ग्राम मोहंदी में शिविर का आयोजन किया। इस योजना के अंतर्गत माओवादी प्रभावित क्षेत्रों में 14 नए सुरक्षा कैंप स्थापित किए गए हैं, जिनके पांच किलोमीटर की परिधि में बसे गांवों में 25 से अधिक मूलभूत सुविधाएं और 32 व्यक्ति मूलक योजनाओं का लाभ ग्रामीणों को दिलाया जा रहा है।
नारायणपुर जिले के ओरछा विकासखंड में ग्राम पंचायत कुतुल के आश्रित ग्राम मोहंदी में आयोजित राजस्व पखवाड़ा शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया। शिविर में जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, जन्म प्रमाण पत्र, मृत्यु प्रमाण पत्र और वृद्धा पेंशन योजना वन अधिकार पत्र जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेजों का वितरण किया गया और आवेदन लिया गया। शिविर में 12 जाति प्रमाण पत्र, 15 निवास प्रमाण पत्र, 12 आय प्रमाण पत्र, 16 जन्म प्रमाण पत्र और 26 आधार कार्ड हेतु आवेदन प्राप्त हुए साथ ही शिविर में 16 जन्म प्रमाण पत्र, एक मृत्यु प्रमाण पत्र और 3 वृद्धा पेंशन योजना के प्रमाण पत्र वितरित किए गए। इस अवसर पर जिला प्रशासन एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। यह नियद नेल्लानार योजना माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में सरकारी योजनाओं से लोगों को लाभ पहुंचाने के मुख्यमंत्री के संकल्प को साकार करने का एक महत्वपूर्ण कदम है। शासन का यह प्रयास सुदूर वनांचल के ग्रामीणों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रहा है।
रायपुर / शौर्यपथ / जनसमुदाय तक स्वास्थ्य पोषण एवं स्वच्छता संबंधित व्यापक प्रचार प्रसार एवं प्रभावी व्यवहार परिवर्तन हेतु जनआंदोलन के रूप में प्रतिवर्ष के भाँति इस वर्ष भी ‘‘राष्ट्रीय पोषण माह‘‘ का अयोजन 01 से 30 सितम्बर 2024 तक किया जाना है। महिला एवं बाल विकास विभाग की संचालक सुश्री तुलिका प्रजापति ने समस्त कलेक्टर एवं जिला कार्यक्रम अधिकारियों को पत्र लिखकर ‘‘राष्ट्रीय पोषण माह 2024‘‘ के सफल आयोजन के लिए निर्देशित किया है।
राज्य द्वारा राष्ट्रीय पोषण माह 2024 के दौरान मुख्य रूप से एनीमिया, वृद्धि निगरानी, पूरक आहार, पोषण भी पढ़ाई भी, बेहतर प्रशासन, पारदर्शिता और कुशल सेवा वितरण के लिए प्रौद्योगिकी, समग्र पोषण के थीम पर विभिन्न गतिविधियाँ आयोजित की जानी है। सुश्री प्रजापति ने पोषण माह के प्रभावी सुचारू एवं परिणाम मूलक आयोजन एवं गतिविधियों के आयोजन में सम्मानीय जनप्रतिनिधियों, पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों, स्थानीय निकाय के प्रतिनिधि, सहयोगी विभागों, स्वयं सेवी संस्थाओं, सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्रों की सक्रिय भागीदारी, महिला स्व-सहायता समूहों, महिला मण्डली, नेहरू युवा केन्द्रों, नेशनल कैडिट कोर, राष्ट्रीय सेवा योजना आदि की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए है। पूर्व वर्षों में राज्य में आयोजित पोषण माह, पोषण पखवाड़ा में विभिन्न सहयोगी विभागों एवं डेव्हलेपमेंट संस्थाओं का सक्रिय एवं परिणाममूलक सहयोग प्राप्त होता रहा है। इस वर्ष भी विभिन्न सहयोगी विभागों के मैदानी अमले के मध्य प्रभावी समन्वय स्थापित करते हुए जिला, विकासखण्ड, ग्राम स्तर एवं प्रत्येक केन्द्र स्तर पर पोषण माह का आयोजन किया जाना है। पोषण माह 2024 का मुख्य उद्देश्य पोषण पंचायतों को सक्रिय करना है, इस हेतु ग्राम स्तर पर सरपंच एवं ग्राम पंचायतों को गतिविधियों का आधार बनाते हुए जनआंदोलन को जनभागीदारी के रूप में परिवर्तित करना है।
राष्ट्रीय पोषण माह 2024 अंतर्गत 01 सितम्बर से 30 सितम्बर 2024 तक प्रतिदिन आयोजित किए जाने वाले गतिविधि कैलेण्डर एवं सहयोगी विभागों की कार्य दायित्व की कार्ययोजना तैयार की गयी है। पोषण माह के दौरान की जाने वाली समस्त गतिविधियों को जन आंदोलन के डैशबोर्ड पोर्टल पर अनिवार्यतः प्रतिदिन प्रविष्ठी किया जायेगा।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने केन्द्रीय कैबिनेट की बैठक में 1360 करोड़ रूपए की लागत के भालुमुड़ा-सारडेगा रेल परियोजना की स्वीकृति मिलने पर प्रदेशवासियों को दी बधाई
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज केन्द्रीय कैबिनेट की बैठक में 1360 करोड़ रूपए लागत की भालुमुड़ा-सारडेगा रेल परियोजना की मंजूरी मिलने पर छत्तीसगढ़वासियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में स्थित भालुमुड़ा से ओड़िसा के सारडेगा तक 37 किलोमीटर नई दोहरी रेल लाइन की मंजूरी दिए जाने से छत्तीसगढ़ में मौजूदा रेल नेटवर्क का विस्तार होने के साथ ही बड़ी संख्या में प्रदेशवासियों की देश के अन्य क्षेत्रों से कनेक्टिविटी बढ़ेगी और आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र का विकास होगा।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के भालुमुड़ा से ओडिसा के सारडेगा तक 37 किलोमीटर नई दोहरी रेल लाइन परियोजना से 25 लाख मानव दिवस का रोजगार सृजन होगा और 84 करोड़ किलोग्राम कार्बन डाइऑक्साइड के उत्सर्जन में कमी आएगी जो 3.4 करोड़ वृक्षों के रोपण के तुल्य है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह मार्ग कृषि उत्पादों, उर्वरक, कोयला, लौह अयस्क, इस्पात, सीमेंट, चूना पत्थर आदि जैसी वस्तुओं के परिवहन में महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगी। उन्होंने कहा कि नई रेल लाइन की स्वीकृति से छत्तीसगढ की देश के अन्य राज्यों से सीधी कनेक्टिविटी बनेगी, आवागमन में सुधार होगा तथा भारतीय रेलवे की दक्षता और सेवा संबंधी विश्वसनीयता भी बढ़ेगी।
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडल समिति (सीसीईए) ने आज रेल मंत्रालय की लगभग 6,456 करोड़ रुपये की कुल अनुमानित लागत वाली तीन परियोजनाओं को मंजूरी दी है। ओडिशा, झारखंड, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ जैसे 4 राज्यों के 7 जिलों में लागू की जाने वाली तीन परियोजनाएं भारतीय रेलवे के मौजूदा नेटवर्क को लगभग 300 किलोमीटर तक बढ़ा देंगी। इन परियोजनाओं से दूर-दराज़ के इलाकों को आपस में जोड़कर लॉजिस्टिक्स दक्षता में सुधार लाने, मौजूदा लाइन क्षमता बढ़ाने और परिवहन नेटवर्क का विस्तार करने के साथ-साथ आपूर्ति श्रृंखला को सुव्यवस्थित किया जा सकेगा जिससे तेजी से आर्थिक विकास होगा। मल्टी-ट्रैकिंग प्रस्ताव परिचालन को आसान बनाएगा और भीड़भाड़ को कम करेगा, जिससे भारतीय रेलवे के सबसे व्यस्त खंडों पर बेहद जरूरी बुनियादी ढांचे का विकास होगा।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
