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आस्था /शौर्यपथ /लगभग हर घर में तुलसीका पौधा जरूर होता है और रोज सुबह नहा धोकर सबसे पहले लोग तुलसी के पौधे पर जल चढ़ाते हैं. यह एक चमत्कारी पौधा होता है, जिसे देवी लक्ष्मी का रूप भी माना जाता है. जी हां, मान्यता है कि यदि तुलसी के पौधे की नियमित रूप से पूजा की जाए तो उससे धन की कमी घर में कभी नहीं आती है और घर में सुख, शांति और बरकत बनी रहती है. तो लिए आज हम आपको बताते हैं तुलसी से जुड़े पांच उपाय जिसे करने से आपके घर में सुख शांति और समृद्धि आती है.
तुलसी पर चढ़ाई ये पांच चीजें
घी का दीपक
मान्यताओं के अनुसार, शाम के समय तुलसी के पौधे के पास घी का दीपक जलाने से तुलसी माता खुश होती है और घर में लक्ष्मी का वास होता है. लक्ष्मी का वास होने से घर में धन की कमी दूर होती है और गृह शांति बनी रहती है.
सुहाग का सामान
हिंदू मान्यताओं के अनुसार, हर महीने में आने वाली एकादशी तिथि पर अगर तुलसी के पौधे पर सुहाग की चीजें जैसे- चूड़ी, बिंदी, लाल चुनरी, सिंदूर, कुमकुम आदि चढ़ाया जाए तो ऐसा करने से लक्ष्मी माता खुश होती हैं और जातकों की सभी मनोकामना पूर्ण करती हैं.
गन्ने का रस
हर महीने की पंचम तिथि को तुलसी के पौधे पर अगर जल के साथ-साथ गन्ने का रस चढ़ाया जाए तो ऐसा करने से घर में हमेशा धन और सुख शांति बनी रहती है और जिंदगी में खुशहाली आती है.
रोजाना शुद्ध जल चढ़ाएं
तुलसी के पौधे पर कभी भी हमें अशुद्ध जल नहीं चढ़ाना चाहिए, हमें तुलसी पर हमेशा नहा धोकर विधि-विधान से पूजा करने के बाद शुद्ध जल लोटे से चढ़ाना चाहिए. इससे तुलसी का पौधा ना सिर्फ हरा-भरा रहता है बल्कि घर में सुख शांति और समृद्धि भी आती है.
तुलसी पर कच्चा दूध करें अर्पित
गुरुवार और शुक्रवार के दिन अगर तुलसी के पौधे पर कच्चा दूध चढ़ाया जाए, तो ऐसा करना बहुत शुभ माना जाता है. इतना ही नहीं एकादशी की तिथि पर भी तुलसी के पौधे पर दूध चढ़ाना काफी फलदाई माना जाता है. कच्चा दूध चढ़ाने के अलावा तुलसी पर एक लाल रंग का कलावा भी बांधना चाहिए.
ज्योतिषशास्त्र/शौर्यपथ / ज्योतिषशास्त्र के अनुसार ग्रह समय-समय पर गोचर करते रहते हैं. ग्रहों के इन्हीं गोचर का असर राशि पर भी पड़ता है और इसके शुभ और अशुभ प्रभाव दोनों होते हैं. इस समय शुक्र कन्या राशि में नीच का है, तो वहीं सूर्य तुला राशि में नीच पर बैठा हैं, जिससे नीचभंग राजयोग बन रहा है. ये राजयोग तीन राशि के जातकों के लिए बहुत फायदेमंद माना जा रहा है, इससे आकस्मिक धन लाभ और तरक्की के योग बन रहे हैं, आइए जानते हैं वो तीन राशियां कौन सी है जिसको इस नीचभंग राजयोग का फल मिलने वाला है.
मकर राशि - मकर राशि के जातकों के लिए सूर्य और शुक्र का नीचभंग राजयोग बहुत महत्वपूर्ण माना जा रहा है. मकर राशि के जातकों के लिए ये बहुत शुभ होगा, क्योंकि शुक्र आपकी राशि में नवम भाव में, तो सूर्य दशम भाव में घूम रहे हैं. इसलिए आपकी किस्मत का ताला खुल सकता है, कारोबार में तरक्की मिल सकती है, आपकी इच्छाओं की पूर्ति हो सकती है, वहीं घर में कोई नई गाड़ी आ सकती है या आप कोई नई जमीन या घर खरीद सकते हैं. मकर राशि के जातकों के लिए इस समय देश-विदेश की यात्रा करने का योग भी बन रहा है.
कन्या राशि - कन्या राशि के जातकों के लिए भी नीचभंग राजयोग बहुत अनुकूल माना जा रहा है, क्योंकि शुक्र इस राशि में लग्न भाव में तो वहीं सूर्य धन भाव पर भ्रमण कर रहा है. इसलिए ये समय बहुत उत्तम माना जा रहा है. ज्योतिषों के अनुसार कन्या राशि के जातकों के लिए यह समय आत्मविश्वास में वृद्धि करने वाला होगा. समय-समय पर आकस्मिक धन लाभ होगा, बस आपको अपने बुजुर्गों और गुरुओं का आशीर्वाद लेना है. भाग्य खुलने के साथ ही आपके अधूरे काम भी पूरे हो जाएंगे और कहीं से अटका हुआ पैसा भी आपको मिल सकता है.
कर्क राशि - कर्क राशि के जातकों के लिए भी सूर्य और शुक्र का नीचभंग राजयोग बहुत फलदायी माना जा रहा है, क्योंकि शुक्र आपकी राशि में तीसरे भाव में तो वहीं सूर्य चतुर्थ भाव में घूम रहे हैं. इसलिए इस समय आपके व्यक्तित्व में साहस और पराक्रम झलकेगा. अगर आपका बिजनेस विदेश से जुड़ा हुआ है, तो अच्छा लाभ आपको मिल सकता है. प्रॉपर्टी और वाहन खरीदने के लिए ये समय अति उत्तम माना जा रहा है. कन्या राशि के जातकों के लिए सुख सुविधाओं में वृद्धि के आसार नजर आ रहे हैं. वैवाहिक जीवन सुखद रहेगा और जॉब करने वाले लोगों को वर्कप्लेस में कोई नई जिम्मेदारी भी मिल सकती है.
व्रत त्यौहार /शौर्यपथ / दीपावली हिंदुओं का प्रसिद्ध त्योहार है जिसे बेहद धूमधाम से मनाया जाता है. दीपावली दीपों का पर्व है और दीपावली का पूरा हफ्ता ही रंगों, जगमगाती लड़ियों और दीयों से सजा होता है. दीवाली को आमतौर पर बड़ी दीवाली कहा जाता है और दीवाली से पहले छोटी दीवाली मनाई जाती है. कार्तिक मास में पड़ने वाली छोटी दीवाली के ही दिन नरक चतुर्दशी मनाई जाती है. जानिए इस दिन का महत्व, मुहूर्त और पूजा से जुड़ी कुछ जरूरी बातों के बारे में.
छोटी दीवाली और नरक चतुर्दशी |
पंचांग के अनुसार, कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर छोटी दीवाली और नरक चतुर्दशी मनाई जाती है. इस साल 11 नवंबर, शनिवार के दिन नरक चतुर्दशी और छोटी दीवाली मनाई जा रही है.
नरक चतुर्दशी की पौराणिक कथा श्रीकृष्ण और नरकासुर से जुड़ी है. माना जाता है कि प्राचीन काल में असुर राजा नरकासुर हुआ करता था जो अपनी शक्तियों का गलत इस्तेमाल करता था और उसमें देवताओं और ऋषिमुनियों के साथ 16 हजार एक सौ सुंदर कन्याओं को बंधक बना लिया था. नरकासुर को स्त्री के हाथों मरने का श्राप मिला था जिस चलते श्रीकृष्ण ने अपनी पत्नी सत्यभामा की सहायता से कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर नरकासुर का वध किया था और उसकी कैद से उन सभी कन्याओं को मुक्त किया था. इस चलते हर साल से इस दिन को नरक चतुर्दशी के रूप में मनाया जाने लगा.
पूजा और मूहूर्त
नरक चतुर्दशी के दिन दीपदान करना बेहद शुभ माना जाता है. इस दिन शाम 5 बजकर 29 मिनट से 8 बजकर 7 मिनट के बीच दीपदान का शुभ मुहूर्त पड़ रहा है. दीपदान करने के अलावा नरक चतुर्थी पर घर की अच्छी तरह सफाई की जाती है.
इस दिन सुबह स्नान पश्चात स्वच्छ वस्त्र धारण किए जाते हैं. इसके बाद भगवान कृष्ण और मां काली की चालीसा का पाठ करना बेहद शुभ मानते हैं. मंदिर में फूल, दीप, और पंचमेवे आदि रखे जाते हैं और मां काली की आरती करने के बाद सभी में प्रसाद बांटा जाता है.
व्रत त्यौहार /शौर्यपथ /सनातन धर्म में कार्तिक माह को काफी पुण्यकारी कहा गया है. हर साल कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को धनतेरस का त्योहार मनाया जाता है. इस बार धनतेरस का त्योहार जिस तिथि को मनाया जा रहा है, उसे लेकर लोगों में काफी भ्रम है. कुछ जगह कहा जा रहा है कि धनतेरस 9 नवंबर की है जबकि कुछ जगह कहा जा रहा है कि धनतेरस 10 नवंबर को मनाया जाएगा. इसलिए लोग धनतेरस की तिथि को लेकर काफी कंफ्यूज हो रहे हैं. यहां हम आपको बता रहे हैं कि हिंदू पंचाग के अनुसार धनतेरस किस तिथि को मनाया जाएगा.
9 या 10, किस दिन है धनतेरस
हिंदू पंचाग में किसी भी पर्व को मनाने के लिए उदया तिथि को महत्वपूर्ण माना जाता है. त्रयोदशी तिथि 10 नवंबर को दोपहर 12.25 से आरंभ हो रही है और ये त्रयोदशी तिथि अगले दिन 11 नवंबर को दोपहर एक बजकर 57 मिनट तक रहेगी. उदया तिथि के अनुसार देखे तो धनतेसर का त्योहार शुक्रवार यानी 10 नवंबर को ही मनाया जाएगा. आपको बता दें कि इस बार धनतेरस के त्योहार पर नक्षत्रों के काफी शुभ योग बन रहे हैं. इस पावन पर्व पर हस्त नक्षत्र लग रहा है. ये नक्षत्र खरीदारी के लिए बहुत ही शुभ माना जाता है. इस दिन आम जनता से लेकर व्यापारी तक शुभ लाभ और फल के लिए जमकर खरीदारी करते हैं. साथ ही इसी दिन चंद्रमा और शुक्र की युति से शशि योग भी बन रहा है. इसके अलावा इसी दिन से शनि कुंभ में मार्गी होने जा रहे हैं. ऐसे में ये दिन काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
कैसे करें धनतेरस का पूजन
धनतेरस पर भगवान धंवन्तरि के साथ साथ मां लक्ष्मी और धन और वैभव के देवता कुबेर की भी पूजा की जाती है. इस दिन प्रदोष काल में की गई धनतेरस की पूजा काफी फलदायी मानी जाती है. मान्यता है कि धनतेरस की पूजा को विधि विधान से करने पर घर में सुख संपत्ति और वैभव का आगमन होता है. एक साफ चौकी पर लाल रंग का कपड़ा बिछाकर इसे गंगाजल से शुद्ध कर लें. अब इस चौकी पर मां लक्ष्मी, कुबेर और धंवन्तरि की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें. अब कलश स्थापित करें औऱ पूजा का संकल्प लें. अब भगवान को लाल फूल अर्पित करें और चंदन से तिलक करें. अब घी का दीपक जलाकर धूप दीप और नैवेद्य अर्पित करें. अब लक्ष्मी स्त्रोत्र का पाठ करें और कुबेर यंत्र की भी पूजा करें. इसके बाद कुबेर स्त्रोत्र का पाठ करें. अब घर में दीपक जलाएं. इस दिन सोना चांदी और अन्य वस्तुओं की खरीद का काफी शुभ फल मिलता है. इस दिन झाड़ू, नमक, धनिया आदि चीजों को खरीदने से घर में सुख संपत्ति और वैभव आता है और परिवार में खुशहाली बनी रहती है.
शौर्यपथ / हर भारतीय किचन में काला चना आसानी से देखने को मिल जाता है. इसे कई लोग सब्जी बनाकर खाते हैं तो कई इसे स्प्राउट्स की तरह खाते हैं. इन काले चनों में प्रोटीन की भारी मात्रा मिलती है. बल्कि जिम करने वालों की डाइट में ये जरूर शामिल रहता है. इसे सेहत के लिए बहुत अच्छा माना जाता है. रोज सुबह काले चने को अंकुरित करके खाने से शरीर में बहुत से बीमारियां नहीं होती हैं. काले चने से ये जरूरी फायदे होते हैं.
अंकुरित चने के 8 बड़े फायदे
कॉलेस्ट्रॉल कंट्रोल
काले चने को रोज सुबह अंकुरित करके खाने से आपका कॉलेस्ट्रॉल लेवल कंट्रोल में रहेगा. इस चने में शरीर में घुलने वाले फाइबर मिलते हैं. ये फाइबर कॉलेक्ट्रॉल को कम करने या कंट्रोल में असरदार होते हैं.
बेहतर पाचन
चना खाने से पेट का पाचन सही रहता है. अंकुरित चना खाने से कब्ज और गैस की दिक्कत हमेशा के लिए दूर हो सकती है. नियमित रूप से सुबह अंकुरित चना खाएं.
बीपी कंट्रोल
हाई ब्लड प्रेशर वालों के लिए अंकुरित चना रामबाण हैं. इसमें पोटैशियम की भी अच्छी मात्रा मिलती है. पोटैशियम शरीर में बढ़े हुए ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में मदद करता है.
इम्यूनिटी बूस्टर
अंकुरित चना नेचुरल इम्यूनिटी बूस्टर के रूप में काम करता है. इसमें विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट्स भी मिलते हैं. ये मुख्य रूप से इम्यूनिटी बूस्टर के रूप में काम करते हैं और शरीर में रोग-प्रतिरोधक क्षमाता को बढ़ाते हैं.
वजन करता है कम
काले चने को अंकुरित करके खाने से वजन कम होता है. प्रोटीन होने के कारण ये वजन घटाने में भी भूमिका निभाते हैं. प्रोटीन के सेवन से आपका पेट लंबे समय तक भरा हुआ महसूस होगा.
हड्डियों की मजबूती
इन चनों में मौजूद कैल्शियम और दूसरे मिनरल्स के गुण हड्डियों को मजबूती देते हैं. अंकुरित चना खाने से आपको जोड़ों के दर्द से राहत मिल सकती है.
एनीमिया के खतरे को रखता है दूर
काले चने में आयरन की भी कुछ मात्रा होती हैं. ये आयरन शरीर में एनीमियाको घुसने नहीं देता हैं और आपको पूरी तरह से हेल्दी रखता है.
एनर्जी बूस्टर
रोज के काम से होने वाली थकान से अंकुरित चना राहत दिला सकता है. इनमें प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट होने के कारण शरीर में एनर्जी बूस्ट होता है. इससे आप लंबे समय तक फ्रेश फिल करते हैं.
सेहत तपस/शौर्यपथ / इंडियन किचन में ऐसी कई चीजें मौजूद हैं जो सेहत से भरपूर मानी जाती हैं. दालचीनी, लौंग, जीरा और धनिया का उपयोग आमतौर पर मसाले के रूप में खाने के स्वाद को बढ़ाने के लिए किया जाता है. लेकिन क्या आप ये जानते हैं कि इन चीजों को आयुर्वेद में औषधी के रूप में इस्तेमाल किया जाता है. असल में इन चीजों में कई ऐसे पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर को कई समस्याओं से बचाने में मदद कर सकते हैं. सर्दी के मौसम में संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है. ऐसे में अपनी सेहत का खास ख्याल रखने की जरूरत है. अगर आप दालचीनी, लौंग, जीरा और धनिया को मिलाकर काढ़ा बनाते हैं, तो इससे इम्यूनिटी को मजबूत बनाने में मदद मिल सकती है.
दालचीनी, लौंग, जीरा और धनिया का साथ में इस्तेमाल करने के फायदे-
1. कब्ज-
कब्ज की समस्या से रहते हैं परेशान तो रात को सोने से पहले आप दालचीनी, लौंग, जीरा और धनिया वाला गर्म पानी पी सकते हैं. इससे मल को त्याग करने में आसानी और पाचन से राहत मिल सकती है.
2. डिटॉक्स-
शरीर को डिटॉक्स करना भी बेहद जरूरी माना जाता है. अगर आप रोजाना दालचीनी, लौंग, जीरा और धनिया का गर्म पानी पीते हैं, तो इससे शरीर के सारे खराब पदार्थ को बाहर निकालने में मदद मिल सकती है.
3. मोटापा-
अगर आप वजन को कम करने की सोच रहे हैं तो आप बिल्कुल सही जगह पर हैं. रोजाना सुबह खाली पेट दालचीनी, लौंग, जीरा और धनिया वाला गर्म पानी पीने से बॉडी के फैट को पिघलाने में मदद मिल सकती है.
4. इम्यूनिटी-
इम्यूनिटी को मजबूत बनाने के लिए आप इस देसी ड्रिंक का सेवन कर सकते हैं. दालचीनी, लौंग, जीरा और धनिया वाले गर्म पानी में कई ऐसे तत्व पाए जाते हैं, जो इम्यूनिटी को मजबूत बनाने में मदद कर सकते हैं.
5. सर्दी-खासी-
सर्दी के मौसम में सर्दी-खांसी की समस्या एक आम समस्या में से एक है. अगर आप इस समस्या से दूर रहना चाहते हैं, तो आप रोजाना दालचीनी, लौंग, जीरा और धनिया से बने काढ़े का सेवन कर सकते हैं.
सेहत टिप्स /शौर्यपथ / भंडारे में आपने कद्दू की सब्जी खूब खाई होगी. इसका स्वाद इतना लाजवाब होता है कि कोई भी इसको खाने से नहीं चूकता है. यह सब्जी आपकी सेहत के लिए भी बहुत लाभकारी होता है. आज हम इस सब्जी के जूस के बारे में बताने वाले हैं जिसको पीने से आपकी आयु भी लंबी होगी और आपको और भी कई फायदे मिलेंगे तो चलिए जानते हैं उनके बारे में.
कद्दू का जूस पीने के कितने फायदे हैं
1- अगर आप अपना वजन कम करना चाहते हैं, तो फिर आप इस सब्जी का जूस बनाकर पी सकते हैं. आप इस जूस में नींबू का रस, काली मिर्च पाउडर और काला नमक मिलाकर पीजिए. आप इसमे छोटी इलायची का पाउडर बनाकर मिला दें इससे स्वाद और बढ़ जाएगा.
2- इस जूस को पीने से बॉडी अच्छे से डिटॉक्स होती है. एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर यह जूस आपकी बॉडी को डिटॉक्स करने में पूरी मदद करता है. सफेद कद्दू में फाइबर उच्च मात्रा में होती है, जो पाचन को दुरुस्त रखती है.
3- बॉडी को हाइड्रेट रखने में भी यह जूस बहुत फायदेमंद होता है. इससे आपकी बॉडी को ठंडक मिलती है. इससे बैड कोलेस्ट्रोल भी कंट्रोल में रहता है. सफेद कद्दू में एंटी इंफ्लेमटरी गुण होते हैं जो अस्थमा और गठिया रोग में लाभकारी होता है. आपको बता दें कि कद्दू का जूस पेट में होने वाले अल्सर को भी ठीक करने में मदद करता है.
4- कद्दू में अल्फा हाइड्रॉक्सी एसिड पाया जाता है, जो स्किन के लिए लाभदायी है. इसमें विटामिन ए, विटामिन सी, बीटा कैरोटीन, मैग्नीशियम, जिंक, विटामिन ई, ओमेगा -3 फैटी एसिड पाए जाते हैं.
कैसे बनाएं कद्दू का जूस-
कद्दू का जूस बनाने के लिए सबसे पहले कद्दू को छीलकर पीसेस में काट कर धो लें.
अब एक ग्राइंडर में कद्दू के पीसेस, पुदीना के पत्ते डालकर ग्राइंड कर लें.
अगर लगे कि ये बहुत गाढ़ा है तो इसमें थोड़ा पानी मिलाएं.
अब इसे एक गिलास में छलनी की मदद से छान लें.
अगर आप स्वाद बढ़ाना चाहते हैं तो इसमें काला नमक और नींबू का रस एड कर सकते हैं.
कद्दू का जूस बनकर तैयार है सर्व करें.
रसोई टिप्स /शौर्यपथ / फ्रेश खाना सेहत के लिए अच्छा माना जाता है ये तो हम सभी जानते हैं. ताजे खाने का स्वाद ही अलग होता है. इतना ही नहीं रखा हुआ खाना सेहत के लिए हानिकारक भी माना जाता है. इसलिए हममें से ज्यादातर लोग फ्रेश खाना ही बनाते और खाते हैं. लेकिन कई बार आटा ज्यादा गूंथ जाता है. जिसके चलते उसे हमें स्टोर करके रखना पड़ता है. लेकिन स्टोर करके आटा रखने से कई बार आटा काला पड़ जाता है. और तो और गूंथा आटा रखने के बाद इस्तेमाल करने पर रोटियां टाइट हो जाती हैं. अगर आपके साथ भी ऐसी ही समस्या होती है, तो हम आपके लिए लेकर आए हैं ऐसे बेहतरीन टिप्स जिनकी मदद से आप आटे को लंबे समय तक फ्रेश रख सकते हैं. तो चलिए बिना देर किए हुए जानते हैं उन आसान टिप्स के बारे में.
आटे को लंबे समय तक फ्रेश रखने के उपाय-
1. ज्यादा गीला आटा न रखें-
अगर आटे को लंबे समय तक फ्रेश रखने के लिए स्टोर कर रहे हैं, तो आप आटे को गूंथते समय ज्यादा पानी का इस्तेमाल न करें. ज्यादा पानी से आटा जल्दी खराब हो सकता है.
2. घी लगा कर-
अगर आप आटे को लंबे समय तक स्टोर करके रखना चाहते हैं. तो आप आटे में घी लगा कर रख सकते हैं. इससे आटा फ्रेश रहेगा.
3. एयर-टाइट कंटेनर-
आटे को लंबे समय तक स्टोर करके रखने के लिए आप एयर-टाइट कंटेनर का इस्तेमाल कर सकते हैं. एक एयर टाइट कंटेनर में बचे हुए आटे को बंद करके फ्रीज में रख सकते हैं. इससे आटा फ्रेश बना रहेगा.
4. फॉइल पेपर-
आटे को लंबे समय तक फ्रेश रखने के लिए आप फॉइल पेपर का इस्तेमाल कर सकते हैं. अगर आप आटे को फॉइल पेपर में लपेट कर फ्रीज में रखते हैं तो इससे वो जल्दी खराब नहीं होगा.
सेहत टिप्स /शौर्यपथ /क्या आप उन लोगों में हैं जो वेट लॉस की कोशिश कर रहे हैं? अगर हां, तो आप जानते होंगे कि पेट की जिद्दी चर्बी से छुटकारा पाना कितना मुश्किल होता है. चाहे आप कितनी भी कोशिश कर लें, इससे छुटकारा पाना बेहद मुश्किल काम होता है. वेट लॉस में कई लोग आपको खाने को लेकर के कई सुझाव देते हैं. आप अपनी डाइट में कुछ फूड आइटम्स, स्पाइसेज और ड्रिंक्स को शामिल कर सकते हैं. जैसा कि आप सभी जानते हैं कि भारतीय घरों में हल्दी और मेथी का इस्तेमाल काफी मात्रा में किया जाता है. ये दोनों मसाले हमारे खाने में एक अलग ही स्वाद जोड़ते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये पेट की चर्बी घटाने में भी आपकी मदद कर सकते हैं? इसे ध्यान में रखते हुए, हम आपके लिए मेथी और हल्दी चाय की रेसिपी शेयर कर रहे हैं. लेकिन इसके पहले जान लीजिए कि ये दोनों वजन कम करने में कैसे मदद करते हैं.
क्या मेथी पेट की चर्बी कम कर सकती है? मेथी के बीज के फायदे
अपनी डेली डाइट में मेथी को शामिल करने से पेट की चर्बी को कम करने में मदद मिल सकती है. मेथी के बीजों के साथ इसके बीज के पाउडर का सेवन भी किया जा सकता है. आप इसको कैसे भी खाएं, रिजल्ट एक जैसे ही मिलते हैं. न्यूट्रिशनिस्ट मनप्रीत कालरा के अनुसार, "मेथी में हाई फाइबर पाया जाता है, जो फैट को बर्न करने में मदद करता है." इसके अलावा, मेथी में गैलेक्टोमैनन नाम का एक यौगिक पाया जाता है, जो भूख को कम करने में मदद कर सकता है.
क्या हल्दी वजन घटाने के लिए अच्छी है? हल्दी पेट की चर्बी को कम करने में कैसे मदद करती है
आंसर है, हाँ! हममें से अधिकतर लोग हल्दी को केवल रंग जोड़ने के लिए इस्तेमाल करते हैं. लेकिन यह सुनहरा मसाला वजन घटाने के लिए भी काफी फायदेमंद हो सकता है. न्यूट्रिशनिस्ट रूपाली दत्ता बताती हैं, "हल्दी में करक्यूमिन नामक एक यौगिक होता है, जिसमें मोटापा कम करने और सूजन-रोधी गुण पाए जाते हैं. यह शरीर में फैट टिश्यू को रोकने में मदद करता है और सूजन को भी कम करने में मदद करता है."
मेथी-हल्दी की चाय की रेसिपी
एक पैन लें और उसमें एक कप पानी डालकर उबलने के लिए रख दें.
अब इसमें मेथी पाउडर या बीज मिलाकर पानी को कुछ देर उबलने दें.
अब इसमें हल्दी मिलाकर आंच को धीमा करें, इसके बाद आंच को तेज करके एक उबाल आने दें और इसे छानकर कप में निकाल लें.
मिठास के लिए इसमें थोड़ी सा शहद या गुड़ मिलाएं और हल्का गर्म होने पर इसको पिएं.
अब जब आपका नुस्खा तैयार हो गया है, तो हमारा सजेशन है कि आप घर पर ही ड्रिंक तैयार करें और पेट की चर्बी कम करने के लिए इसे अपनी डाइट में शामिल करें.
रसोई टिप्स /शौर्यपथ /अक्सर किचन में लाल चींटियों को हूजुम नजर आ जाता है. जिन्हें देख कर हम परेशान हो जाते हैं कि इन्हें कैसे दूर करें. वैसे देखा जाएं तो वास्तु के अनुसार चींटियों का घर में आना शुभ और अशुभ दोनों तरह के संकेत देता है. माना जाता है कि जब घर पर काली चींटियां आती हैं तो वो सुख-शांति का प्रतीक मानी जाती हैं, तो वहीं लाल चींटियों का आना अशुभ माना जाता है. अगर आपके घर का किचन में लाल चींटियां आ रही हैं और उनसे परेशान हो गए हैं और चाहते हैं कि इन्हें नुकसान पहुंचाए बिना घर से बाहर निकाले तो यहां पर हमने आपको कवर किया है. आप किचन में मौजूद इन चीजों से लाल चींटियों को बाहर भगा सकते हैं.
लाल चींटियों को भगाने के उपाय-
1. काली मिर्च-
काली मिर्च सिर्फ सेहत ही नहीं चींटियों को भगाने में भी मददगार हैं. आपको बस इतना करना है जिस रास्ते से चींटियां घर में आ रही हैं वहां पर काली मिर्च और पानी का घोल बना कर डाल दें इससे चींटिया वापस नहीं आएंगी.
2. आटा-
चींटियों को आटा-चीनी खिलाना अच्छा माना जाता है. लेकिन चींटियां आटा देखकर भी भागती हैं. इसलिए आपको जहां चींटियां और उनका अड्डा दिखे वहां आटा छिड़क सकते हैं. इससे वो वापस नहीं आएंगी.
3. नमक-
चींटियों के रास्ते पर नमक डालकर उनको घर में आने स रोका जा सकता है. माना जाता है कि नमक से बनाई हुए लक्षमण रेखा चींटियां पार करने में डरती हैं. अगर आपके किचन में चींटियां आ रही हैं तो आप नमक से उन्हें रोक सकते हैं.
4. संतरे के छिलके-
संतरे को सेहत के लिए बेहद फायदेमंद फल माना जाता है. किचन में चींटियां आ रही हैं तो आप संतरे के छिलके रख दें. इसकी महक से चींटियां नहीं आएंगी. क्योंकि उन्हें इसकी महक पसंद नहीं होती है.
व्रत त्यौहार /शौर्यपथ / हिंदू धर्म में धनतेरस का त्योहार विशेष महत्व रखता है. धनतेरस के दिन बाजार से धातू के बर्तन या सामान खरीदने बेहद शुभ माने जाते हैं. अपनी श्रद्धानुसार लोग सोना, चांदी, पीतल, स्टील या फिर तांबे की वस्तुएं घर लेकर आते हैं. पंचांग के अनुसार, धनत्रयोदशी या कार्तिक मास में कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर धनतेरस मनाया जाता है. इस साल 10 नवंबर, शुक्रवार के दिन धनतेरस पड़ रहा है. धनतेरस पर शुक्र चंद्रमा कन्या राशि में होंगे. इसके अलावा, शुभ नक्षत्र भी रहने वाला है. जानिए इस साल धनतेरस पर कौन-कौनसे योग बन रहे हैं और किस तरह इस दिन धनतेरस की पूजा की जा सकती है.
धनतेरस पर बन रहे हैं शुभ योग
पंचांग के अनुसार, कार्तिक मास की त्रयोदशी तिथि 10 नवंबर, शुक्रवार की दोपहर 12 बजकर 35 मिनट पर शुरू हो रही है और इस तिथि का समापन अगले दिन 11 नवंबर दोपहर 1 बजकर 57 मिनट पर हो जाएगा. इस चलते धनतेरस 10 नवंबर के दिन ही मनाया जाएगा. धनतेरस के दिन इस बार कई योग बन रहे हैं. इस दिन अपार धन लाभ दिलाने वाला हस्त नक्षत्र रहेगा. हस्त नक्षत्र के स्वामी चंद्र देव हैं और शुक्र चंद्रमा कन्या राशि में होंगे. हस्त नक्षत्र में खरीदारी करना बेहद शुभ माना जाता है. इसके अलावा शनि भी मार्गी अवस्था में धनतेरस पर अपनी मूल त्रिकोण राशि कुंभ में होंगे.
धनतेरस पूजा का शुभ मुहूर्त
धनतेरस के दिन मां लक्ष्मी और धनाध्यक्ष कुबेर की पूजा की जाती है. इस दिन धन्वंतरि जयंती भी होती है. पूजा करने के लिए दीप दलाए जाते हैं. शाम को आटे या मिट्टी के दीपक में तेल डालकर उसमें चार बत्तियां लगाई जाती हैं और घर के मुख्यद्वार पर रखते हैं. इस दिन दीपदान भी किया जाता है. धनतेरस की पूजा खरीदारी के बाद संपन्न की जाती है और खरीदारी में बर्तन, चांदी, सोना, वाहन, उपकरण, वस्त्र, झाड़ू और प्रोपर्टी आदि खरीदी जा सकती है.
धनतेरस के दिन खरीदारी 10 नंवबर दोपहर 12 बजकर 35 मिनट के बाद कर सकते हैं. इस दिन प्रदोष व्रत भी पड़ रहा है. शुक्र प्रदोष व्रत होने के चलते मां लक्ष्मी के साथ ही भगवान शिव का पूजन भी किया जा सकता है. प्रदोष काल का अति शुभ मुहूर्त भी खरीदारी के लिए अच्छा है और इस मुहूर्त में धनतेरस की पूजा भी की जा सकती है. यह मुहूर्त शाम 5 बजकर 16 मिनट से शाम 7 बजकर 54 मिनट तक रहेगा.
धनतेरस के अगले दिन 11 नवंबर को नरक चतुर्दशी या छोटी दिवाली और हनुमान जयंती है, 12 नवंबर को दीपावली है और 12 नवंबर को गोवर्धन पूजा की जाएगी.
व्रत त्यौहार /शौर्यपथ / धनतेरस और दीवाली के शुभ संयोग पर खरीदारी को बहुत अच्छा माना जाता है. मान्यता है कि इस समय सोना-चांदी, घर-मकान, वाहन और वस्त्र खरीदना शुभ होता है और इससे घर में समृद्धि बढ़ती है. इसीलिए लोग दीवाली पर जमकर खरीदारी करते हैं. वैसे एक और उपाय है जो इससे भी ज्यादा लाभ प्रदान करने वाला माना जाता है. धनतेरस और दीवाली पर13 दिया जलाने से बहुत लाभ होता है. आइए जानते हैं क्या है 13 दीया जलाने का उपाय और दीये किसके-किसके लिए जलाना है जरूरी.
दीपावली पर 13 दीये जलाना
यम देव
धनतेरस का पहला दिया यमदेव के लिए जलाया जाता है इससे परिवार को अकाल मृत्यु के दोष से मुक्ति मिल जाती है. धनतेरस के दिन यमदेव के लिए आटे से चार मुख वाला दिया तैयार कर रात में सोने के पहले घर के दक्षिण छोर पर रख देना चाहिए.
पूजा स्थल
धनतेरस के दिन दूसरा दिया जलाकर घर के पूजा स्थल पर रखना चाहिए. इससे आपकी हर कामना पूरी हो सकती है.
देवी मां लक्ष्मी
तीसरा दीया धन की देवी माता लक्ष्मी को स्मरण कर उनके सामने जलाएं. इससे घर में धन संपति में वूद्धि होगी.
तुलसी
चौथा दिया घर में लगी तुलसी माता के सामने जलाएं. इससे घर में शांति और खुशहाली का वास होगा और पारिवारिक जीवन में सुख बढ़ेगा.
मुख्य दरवाजा
पांचवां दीया घर के मुख्य दरवाजे के सामने जलाएं. इससे नकारात्मक शक्तियां घर से दूर रहेंगी.
पीपल के नीचे
छठा दीया पीपल के पेड़ के नीचे रखना चाहिए. इस दीये को सरसों के तेल से जलाना चाहिए. इससे धन और सेहत की परेशानी दूर होती है.
मंदिर
सातवां दीया घर के पास के किसी मंदिर या वहां जलाएं जहां आप नियमित रूप से पूजा करने जाते हैं. यह घर में खुशियां लाएगा.
कूड़ादान
आठवां दीया कूड़ेदान के पास जलाएं. इससे नकारात्मक शक्तियां घर से दूर रहेंगी और घर में स्वच्छता रहेगी.
बाथरूम
नौवां दिया घर में बाथरूम में रखें. इससे जीवन में सकारात्मकता आएगी.
छत
दसवां दीया घर की छत पर जलाएं. यह बुरी शक्तियों से आपके घर की रक्षा करेगा.
खिड़की
ग्यारहवां दीया घर की किसी खिड़की पर जलाएं. इससे नारात्मकता घर में प्रवेश नहीं कर पाएगी.
सबसे ऊंची जगह
बारहवां दिया घर की सबसे ऊंची जगह पर जलाएं. यह सेहत प्रदान करेगा.
चौराहा
तेरहवां दिया घर के पास के चौराहे पर जलाएं. यह सुख और समृद्धि को आपके घर की राह दिखाएगा.
व्रत त्यौहार /शौर्यपथ /हिंदू धर्म में आक के फूल और पेड़ को बहुत शुभ माना गया है. आक के फूल भगवान शिव और धन की देवी लक्ष्मी को अत्यंत प्रिय हैं. भगवान शिव और धन की देवी मां लक्ष्मी पर आक के फूल चढ़ाना बहुत फलदाई होता है. दीवाली पर माता लक्ष्मी की पूजा में आक का फूल चढ़ाना बहुत शुभ फल देने वाला साबित हो सकता है. आक के उपाय आर्थिक तंगी, रोग, कलेश और कर्ज से भी छुटकारा दिलाने में मदद करते हैं. आइए जानते हैं आक के उपाय.
मां लक्ष्मी के समक्ष अर्पित करें आक के फूल
धन की देवी लक्ष्मी को आक के फूल अत्यंत प्रिय हैं. अगर काफी मेहनत के बाद भी आप आर्थिक संकट में घिरे हुए हैं तो इस दीवाली पर धन की देवी लक्ष्मी पर आक के फूल चढ़ाने से लाभ हो सकता है.
धन की समस्या
धन की समस्या और आर्थिक तंगी दूर करने के लिए घर के मुख्य दरवाजे पर आक की जड़ को काले कपड़े में बांध कर लटका देना चाहिए.
मां लक्ष्मी होंगी प्रसन्न
लक्ष्मी जी के लिए जलाए गए दीये में आक के पौधे की रूई की बत्ती लगाने से धन की देवी प्रसन्न होती हैं और धन संपत्ति की परेशानी दूर हो जाती है.
कलेश
घर से लड़ाई-झगड़ा और कलेश दूर करने के लिए आक के पौधे की जड़ को लाल रंग के कपड़े मे बांधकर घर में रख देना चाहिए.
सेहत
घर में अगर कोई बच्चा लंबे समय से बीमार चल रहा हो तो आक के 11 फूलों की माला तैयार कर बच्चे के गले में पहना देना चाहिए. इससे शीघ्र स्वास्थ्य लाभ हो सकता है.
टिप्स ट्रिक्स /शौर्यपथ / अगर आपके बढ़ते वजन ने आपको परेशान कर दिया है और आप उसे कम करना चाहते हैं तो फिर अपनी डाइट में बदलाव करिए. आप योगा और जिम करने के अलावा अपने आहार में 5 आटों की रोटियों को शामिल करिए. ये चपाती आपके बढ़ते वजन पर लगाम लगाने में पूरी मदद करेंगी. तो चलिए जानते हैं उसके बारे में.
कौन सी रोटी खाने से घटता है वजन |
1- मसूर दाल की रोटी खाने से भी आपका वजन तेजी से घटेगा. इसमें प्रोटीन, फाइबर,विटामिन और मिनरल्स की मात्रा अधिक होती है. ये सारे तत्व आपके वजन को कम करने में कारगर होते हैं.
2- आप ओट्स की रोटीका भी सेवन कर सकते हैं. यह भी आपके वजन को घटाने में कारगर होता है. इससे आपका पेट काफी देर तक भरा रहता है जिससे आप ओवरईटिंग से बच जाते हैं.
3- क्विनोआ रोटी भी प्रोटीन का अच्छा स्त्रोत होता है, जो कई तरह के पोषक तत्वों से भरपूर होता है. यह भी आपके बढ़ते वजन पर लगाम लगाता है.
4- सोया के आटे की रोटी भी हाई प्रोटीन होती है. इसमें लगभग 50 प्रतिशत प्रोटीन होता है जिससे वजन तेजी से घटता है. इससे मसल्स भी बनती हैं.
5- चने की रोटी भी आपके बढ़ते वजन को कंट्रोल कर सकती है. इसमें प्रोटीन की मात्रा अधिक होती है. यह तेजी से फैट लॉस करता है.
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
