August 08, 2026
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       सेहत टिप्स /शौर्यपथ / आज के समय में अधिकतर लोग कब्ज जैसी समस्या से परेशान रहते हैं. इसकी वजह है लोगों की बिजी लाइफस्टाइल और खानपान. काम की जल्दी में अक्सर लोग घर में खाना बनाने की बजाय बाहर से खाना खाते हैं. वहीं लगातार कई घंटो तक एक ही जगह पर बैठकर काम करना. ये सभी कारण कब्ज जैसी समस्या का कारण बन सकते हैं. कई बार लोग इसको नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन लंबे समय तक ऐसा करने से आप कई दूसरे गंभीर रोगों की चपेट में भी आ सकते हैं. इसलिए बेहतरी इसी मे हैं कि सही समय पर इसका इलाज कर लिया जाए. वैसे तो बाजार में इस समस्या से छुटकारा दिलाने के लिए कई दवाइयां मिलती हैं, लेकिन इनसे से बीमारी जड़ से खत्म हो जाए ऐसा जरूरी नहीं होता है. इसलिए कई लोग घरेलू उपायों की तरफ आते हैं, जो इस समस्या को जड़ से खत्म करने में मदद कर सकते हैं. चलिए जानते हैं एक खास चाय के बारे में जिसका खाली पेट सेवन आपकी इस समस्या से फौरन राहत दिला सकता है.
    कब्ज के लिए मुलेठी
          मुलेठी का इस्तेमाल कई बीमारियों के इलाज में काफी पुराने समय से किया जा रहा है. आर्युवेद में इसे एक औषधि के तौर पर जाना जाता है. मुलेठी में कई ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो आपके पाचन में सुधार करने में मदद करते हैं और कब्ज से भी राहत दिलाते हैं. अगर आप मुलेठी से बनी चाय का सेवन रोजना करते हैं तो इससे आपको कब्ज से राहत मिल सकती है. तो आइए जानते हैं चाय बनाने और इसके सेवन करना का तरीका.
    मुलेठी की चाय बनाने और सेवन का तरीका
         मुलेठी की चाय बनाने के लिए इसके 3-4 टुकड़ें लें. एक पैन में दो कप पानी को उबलने के लिए रख दें और उसमें मुलेठी डाल दें. इस पानी को अच्छे से लगभग 5-10 मिनट उबलने दें. इसके बाद इस पानी को छानकर ठंडा होने के लिए रख दें. हल्का गुनगुना हो जाने पर इसमें एक चम्मच शहद को मिला कर इसका सेवन करें. इस चाय का सेवन करने के 10 मिनट बाद ही आपका पेट साफ हो सकता है और आपको कब्ज से भी राहत मिल सकती है.

       व्रत त्यौहार /शौर्यपथ /दिवाली में अधिकतर लोग जमकर खरीरदारी करना पसंद करते हैं. इसका कारण इस समय खरीदारी के बनने वाले खास योग होते हैं. लोगों को शुभ मुहुर्त में सामान खरीदकर घर लाना पसंद आता है. अगर आप भी इस दिवाली की खरीदारी शुरू करने का इंतजार कर रहे हैं तो आपके लिए अच्छी खबर है. इस वर्ष 12 नवंबर दिवाली के पहले कई शुभ संयोग बन रहे हैं. ये संयोग 1 नवंबर से शुरु हो जाएंगे और दिवाली के दिन तक रहेंगे. धनतेरस को खरीदारी का महामुहूर्त होता है. आइए जानते हैं दिवाली तक कौन-कौन से मुहुर्त आने वाले हैं.
    दिवाली की खरीदारी के शुभ मुहूर्त
    4 नवंबर को शनि पुष्य का योग
    ज्योतिष के अनुसार दिवाली से पहले 4 नवंबर को पुष्य नक्षत्र का संयोग बन रहा है. पुष्य नक्षत्र अगर शनिवार को होता है तो उसे शनि पुष्य नक्षत्र और रविवार को होने पर रवि पुष्य नक्षत्र कहते हैं. इस योग में खरीरदारी को बहुत शुभ और फलदायी माना जाता है. इस बार शनि पुष्य के साथ बुधादित्य योग भी बन रहा है. इसके एक दिन बाद 5 नवंबर को सर्वार्थ सिद्धि योग और पराक्रमी योग जैसे शुभ योग बन रहे हैं.
    दिवाली के पहले बन रहे हैं ये खास योग
    1 नवंबर, बुधवार को जीर्ण गृह प्रवेश और वाहन क्रय विक्रय योग
    3 नवंबर, शुक्रवार को वाहन क्रय विक्रय योग
    4 नवंबर, शनिवार को पुष्य योग इसमें जीर्ण गृह प्रवेश, नींव, नवीन व्यापार, क्रय विक्रय योग
    5 नवंबर, रविवार को सर्वार्थ सिद्धि योग, नवीन व्यापार
    9 नवंबर, गुरुवार को जीर्ण गृह प्रवेश और नवीन व्यापार
    10 नवंबर, शुक्रवार को धनतेरस के दिन महामुहूर्त को भूमि पूजन, नींव, गृह प्रवेश, व्यापार, आभूषण क्रय योग हैं
    11 नवंबर, शनिवार को सर्वार्थ सिद्धि योग, जीर्ध गृह प्रवेश, व्यापार और वाहन
    12 नवंबर को दिवाली

         व्रत त्यौहार /शौर्यपथ /दिवाली व धनतेरस को बनने वाले खास योग के कारण ये दिन खरीदारी के लिए बहुत शुभ माने जाते हैं. धनतेरस को तो खरीदारी का महामुहूर्त होता है. इस दिन की गई खरीदारी बहुत शुभ और फलदायी होती है. धनतेरस के दिन सोना-चांदी जैसी धातु को घर लाना बहुत शुभ कहा जाता है. इससे सालभर घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है. हालांकि, इस दिन कुछ खास वस्तुएं खरीदने पर धन की देवी लक्ष्मीप्रसन्न होती हैं और कृपा की बरसात कर देती हैं. आइए जानते हैं धनतेरस के दिन किन चीजों की खरीदारी करना शुभ माना जाता है.
    धनतेरस पर क्या खरीदना शुभ होता है
    पीतल के बर्तन
    धनतेरस के दिन धातु को घर लाना बहुत शुभ माना जाता है. आप खरीदारी के महामुहूर्त के दिन पीतल के बर्तन खरीद सकते हैं. इस दिन पीतल खरीदकर घर लाने से घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है.
    झाड़ू
    माता लक्ष्मी साफ-सफाई वाले घर में वास करती हैं. मान्यता है कि धनतेरस के दिन सफाई के लिए उपयोग में लाई जाने वाली झाड़ू खरीदने से बहुत लाभ होता है.
    गोमती चक्र
    मान्यता है कि माता लक्ष्मी को गोमती चक्र विशेष प्रिय हैं. धनतेरस के दिन घर में गोमती चक्र लाना चाहिए. इसका दिवाली की पूजा में उपयोग करना चाहिए.
    धनिया के दाने
    लक्ष्मी पूजन में साबुत धनिया का उपयोग किया जाता है. दिवाली की पूजा (Diwali Puja) के लिए धनिया के बीज धनतेरस के दिन घर ले आने चाहिए. माता की पूजा के बाद इन्हें गमले में बो देना चाहिए. इससे घर में कभी रुपए-पैसे की कमी नहीं रहेगी.
    लक्ष्मी गणेश की मूर्ति और अक्षत
    दिवाली की पूजा के लिए लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति धनतेरस के दिन ले आना चाहिए. धनतेरस के दिन लक्ष्मी गणेश की मूर्ति की स्थापना बहुत शुभ फल देने वाली होती है. पूजा के उपयोग किए जाने के लिए अक्षत की खरीदारी भी धनतेरस पर की जा सकती है.
    सोने या चांदी के सिक्के
    धनतेरस के दिन सोने या चांदी के सिक्के, मां लक्ष्मी की प्रतिमा या चित्र वाले सिक्के को घर लाना बहुत शुभ होता है. इससे माता लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं.

       ब्यूटी टिप्स /शौर्यपथ /दुनिया का हर इंसान खूबसूरत दिखना चाहता है। इसके लिए लोग तमाम तरह की ब्यूटी प्रोडक्ट्स का धड़ल्ले से इस्तेमाल करते हैं। इसमें कोई शक नहीं है कि केमिकल्स से भरे ब्यूटी प्रोडक्ट्स आपको चंद पलों के लिए खूबसूरत और जवां तो बना देते हैं लेकिन लंबे समय तक इनका इस्तेमाल त्वचा के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। वास्तव में ब्यूटी प्रोडक्ट्स त्वचा के ऊपर काम करते हैं लेकिन हकीकत यह है कि त्वचा को भीतर से जवां और खूबसूरत बनाना जरूरी है। यह काम कोलेजन करता है।
    कोलेजन एक प्रोटीन होता है। बॉडी का 30 फीसदी प्रोटीन कोलेजन बनाता है और कोलेजन आपकी स्किन, मसल्स, हड्डियों और कनेक्टिव टिश्यू को सपोर्ट, स्ट्रेंथ और स्ट्रक्चर प्रदान करता है। उम्र जैसे-जैसे बढ़ती जाती है आपकी बॉडी का कोलेजन टूटता रहता है और बॉडी की नया कोलेजन बनाने की टेंडेंसी भी धीरे-धीरे कम होती रहती है। इसलिए आपको अपनी डाइट का ध्यान रखना बहुत जरूरी है। डॉक्टर दीपिका राणा आपको बता रही हैं कि कोलेजन का उत्पादन बढ़ाने और त्वचा की बढ़ती उम्र को रोकने के लिए आपको कोलेजन से भरपूर किन-किन चीजों का सेवन करना चाहिए।
    अश्वगंधा
    आपको अपनी डाइट में अश्वगंधा को शामिल करना चाहिए। यह एक ऐसी आयुर्वेदिक जड़ी बूटी है, जिसके सेवन से बढती उम्र के लक्षणों को रोकने में मदद मिल सकती है।
    आंवला
    आंवला विटामिन सी का सबसे बढ़िया नैचुरल सोर्स है। आंवला शरीर के कोलेजन लेवल को नैचुरली बेहतर बनाने में मदद करता है। यह उम्र बढ़ने के लक्षण पैदा करने वाले फ्री रेडिकल्स से बचाता है। यह त्वचा को ग्लो करने के साथ डैमेज स्किन को रिपेयर भी करता है।
    तुलसी
    तुलसी में अनेक गुण पाए जाते हैं लेकिन उर्सोलिक एसिड, रोसमारिनिक एसिड और यूजेनॉल इसके सबसे पावरफुल एंटीऑक्सीडेंट हैं। इसमें फ्री रेडिकल्स से लड़ने की ताकत होती है। इसके सेवन से त्वचा में कोलेजन बढ़ता है।
    घी
    घी विटामिन ए, डी और ई से भरपूर होता है, जो स्वस्थ त्वचा के लिए आवश्यक है। विटामिन ए कोलेस्ट्रॉल के उत्पादन को बढ़ावा देने में मदद करता है, एक प्रोटीन जो त्वचा को स्वस्थ और सुंदर बनाता है। इसमें विटामिन होता है, जो उम्र बढ़ने के लक्षणों को कम करता है और समय से पहले बूढ़ा होने से रोकने में मदद करता है।
    ब्राह्मी
    ब्राह्मी ऐसा आयुर्वेदिक जड़ी बूटी है, जिसमें में एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-एजिंग गुण होते हैं जो सेल्स को बेहतर बनाते हैं और कोलेजन उत्पादन को बढ़ावा देते हैं। गर्भावस्था के बाद स्किन पिगमेंटेशन और स्ट्रेच मार्क को हल्का करने के लिए इसका उपयोग फार्मास्युटिकल और आयुर्वेदिक फॉर्मूलेशन में किया जाता है।

      सेहत टिप्स /शौर्यपथ /शिलाजीत सबसे शक्तिशाली और चमत्कारी आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों में से एक है। ऐसा माना जाता है कि शिलाजीत में यौन स्वास्थ्य से जुड़ी हर समस्या का इलाज करने की ताकत है। हालांकि यह चमत्कारी जड़ी-बूटी कई प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं को ठीक करने में मदद कर सकती है। इसका सेवन ज्यादातर पुरुषों की मर्दानगी और यौन क्षमता को बढ़ाने के लिए किया जाता है, क्योंकि यह शुक्राणुओं की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ टेस्टोस्टेरोन लेवल स्तर को बढ़ाने में मदद कर सकता है।
        शिलाजीत के फायदे क्या हैं? यह जड़ी-बूटी सर्दी-खांसी के साथ-साथ थकान और तनाव को भी कम करने में मदद करती है। इस प्रकार यह एक चमत्कारिक जड़ी बूटी है, जो कई स्वास्थ्य लाभ प्रदान कर सकती है। शिलाजीत का सेवन अक्सर गोलियों या पाउडर के रूप में किया जाता है और इसका सेवन पानी या दूध के साथ करना सबसे अच्छा होता है। नॉएडा के ई-260 सेक्टर 27 स्थित 'कपिल त्यागी आयुर्वेद क्लिनिक' के डायरेक्टर कपिल त्यागी के आपको बता रहे हैं कि कुछ खाद्य पदार्थों के साथ शिलाजीत को खाने से बचना चाहिए क्योंकि इससे कई समस्याएं हो सकती हैं।
    भारी भोजन के बाद न करें शिलाजीत का सेवन
          आयुर्वेद के अनुसार, शिलाजीत का सेवन करते समय भारी भोजन से दूर रहना चाहिए क्योंकि इससे सीने में जलन, गैस और एसिडिटी की समस्या हो सकती है। इसके अलावा, कुलथी दाल, चने और छोले (काले और सफेद चने) खाने से भी बचना चाहिए। अगर ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन किया जाए तो ये शिलाजीत के प्रभाव कम हो सकता है।
    शीलाजीत के फायदे
    मसालेदार भोजन
          मसालेदार खाना खाने का मजा तो है, लेकिन यह आपकी सेहत के लिए किसी भी तरह से अच्छा नहीं है, खासकर अगर आप शिलाजीत का सेवन कर रहे हैं। मसालेदार भोजन भी इस जड़ी बूटी के प्रभाव को कम कर सकता है। दरअसल, मसालेदार भोजन पित्त दोष को बढ़ा सकता है और इस असंतुलन के कारण शिलाजीत के फायदे कम हो सकते हैं।
    खट्टे फल
          जब कोई शिलाजीत का सेवन कर रहा हो तो उसे खट्टे फलों का सेवन करने से बचना चाहिए। भले ही खट्टे फल विटामिन सी से भरपूर होते हैं, लेकिन वे अपनी अम्लीय प्रकृति के लिए भी जाने जाते हैं। शिलाजीत और खट्टे फलों का एक साथ सेवन करने से अपच और एसिडिटी की समस्या हो सकती है, जिससे शरीर को दोनों का लाभ नहीं मिल पाता है।
    मांस और मछली
    अक्सर शिलाजीत के साथ मांस और मछली का सेवन न करने की सलाह दी जाती है। आयुर्वेद के अनुसार, शिलाजीत को पशु प्रोटीन के साथ मिलाने से इसके अवशोषण और प्रभाव में बाधा आ सकती है। आयुर्वेद पाचन को अनुकूलित करने और पोषक तत्वों को अवशोषित करने की शरीर की क्षमता को बढ़ाने के लिए उचित भोजन संयोजन बनाए रखने पर जोर देता है। इसलिए, शिलाजीत के लाभों का पूरी तरह से उपयोग करने के लिए, इसे मांस और मछली के साथ खाने से बचने का सुझाव दिया जाता है।
    शहद
         आयुर्वेद सुझाव देता है कि शिलाजीत के साथ शहद मिलाने से शिलाजीत के लाभकारी गुण संभावित रूप से बेअसर हो सकते हैं। शहद की गर्म तासीर और शिलाजीत की शक्ति एक-दूसरे पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है, जिससे उनकी ताकत कम हो सकती है। आयुर्वेदिक के अनुसार, इसके शक्तिशाली औषधीय गुणों को बचाने और इसे शरीर के भीतर बेहतर ढंग से काम करने के लिए शिलाजीत को अलग से लेने की सिफारिश की जाती है।

           सेहत टिप्स /शौर्यपथ /दिल्ली-एनसीआर की आबोहवा इन दिनों जहरीली बनी हुई है। तेजी से बढ़ रहे ऐयर पॉल्युशन के बीच खुली हवा में स्वस्थ्य ऑक्सीजन लेना बहुत ही मुश्किल है। वायु प्रदूषण से खांसी, अस्थमा के लक्षण, सांस की दिक्कत, आंखों में जलन जैसी कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बना हुआ है। वायु प्रदूषण की वजह से सांस में दिक्कत और ऑक्सीजन की कमी हो सकती है। हालांकि आंतरिक तौर पर शरीर में ऑक्सीजन के लेवल को बूस्ट करने के लिए अपने डाइट से लेकर लाइफस्टाइल में कुछ खास बातों का ध्यान रखा जा सकता है। कुछ ऐसे सुपरफूडस भी हैं, जो बॉडी में ऑक्सीजन बूस्टिंग का काम करते हैं। इनके बारे में Detoxpri की फाउंडर एंड होलिस्टिक न्यूट्रिशनिस्ट प्रियांशी भटनागर आपको बता रही हैं।
          हल्दी का सेवन स्वास्थ के लिए कई प्रकार से फायदेमंद हो सकता है। कैंसर जैसी बड़ी बीमारी में भी यह अपना चमत्कारी प्रभाव दिखाती है। हल्दी का सेवन हमारे शरीर में नाइट्रिक ऑक्साइड के स्तर को बढ़ा सकता है, जो रक्त वाहिकाओं में रक्त संचार को बढ़ाता है। इससे शरीर में ऑक्सीजन का स्तर भी बढ़ता है। आप कच्ची हल्दी का सेवन करें तो ज्यादा फायदेमंद है। आप हल्दी वाला दूध भी पी सकते हैं।
    लहसुन
         लहसुन खाने के कई स्वास्थ्य लाभ होते हैं। लहसुन में पाए जाने वाले एलिसिन शरीर के लिए फायदेमंद माइक्रोन्यूट्रिएंट्स हैं, जो शरीर में श्वसन क्रिया को बढ़ाता है। इसके अलावा लहसुन में लिपिड कम करने वाले एंटीमाइक्रोबियल और एंटीप्लेटलेट गुण होते हैं। इसका सेवन करने से आर्टरीज़ में बेसलाइन ऑक्सीजन के स्तर में सुधार हो सकता है। सुबह खाली पेट लहसुन की एक कली खाने से शरीर में ऑक्सीजन का लेवल बढ़ता है।
    एवोकाडो
        एवोकाडो एक सुपरफूड है जिसमें हेल्दी फैट्स, विटामिंस, मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट्स मौजूद होते हैं। एवोकाडो का सेवन रक्त प्रवाह में सुधार करता है और कोशिकाओं को ऑक्सीजन की निरंतर आपूर्ति प्रदान करता है। रक्त प्रवाह में सुधार करने के लिए, एवोकाडो में पोटेशियम की अच्छी मात्रा पायी जाती है, जो उच्च रक्तचाप को कम करने में भी मददगार है।
    अंगूर
          अंगूर एंटीऑक्सीडेंट का एक अच्छा स्रोत है और यह रक्त प्रवाह में सुधार करने में मदद करता है। जैसे-जैसे रक्त प्रवाह बढ़ता है, वैसे-वैसे रक्त ऊतकों तक अधिक ऑक्सीजन ले जाता है।अंगूर में नेचुरल एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं, जैसे कि विटामिन सी और विटामिन ई आदि। इसके अलावा अंगूर में कई एंजाइम भी पाए जाते हैं, जो हार्मोनल बैलेंस बनाए रखने में मदद करते हैं।
    अनार
         अनार में आयरन, विटामिन बी3 और बी6 और कोलीन अच्छी मात्रा में मौजूद होती है। यह शरीर में नाइट्रिक ऑक्साइड को बढ़ाकर रक्त प्रवाह को बढ़ाने में मदद करता है। यह ऊतकों तक ऑक्सीजन के प्रवाह को भी बढ़ाता है। अनार खाने के और भी कई स्वास्थ्य लाभ हैं।

        आस्था /शौर्यपथ /शनिदेव 4 नवंबर दिन शनिवार को अपनी ही राशि कुंभ में मार्गी अवस्था यानी सीधी दिशा में चलेंगे। कुंभ राशि शनिदेव की मूल त्रिकोण राशि है, इस राशि में शनिदेव सबसे ज्यादा मजबूत होते हैं और अब शनिदेव इसी राशि में सीधी चाल चलने वाले हैं। मकर और कुंभ राशि के स्वामी शनिदेव 30 साल बाद अपनी मूल त्रिकोण राशि कुंभ में हैं और 140 साल बाद शनि कुंभ राशि में मार्गी होने जा रहे हैं, जिसकी वजह से शनि की चाल ज्योतिष शास्त्र में बहुत महत्व रखती है। शनि की मार्गी यानी सीधी चाल कुछ राशियों के लिए बहुत शुभ मानी जा रही है, इन राशियों को साल 2024 में कई तरह के फायदे देखने को मिलेंगे। आने वाला साल इन राशियों कई नए सरप्राइज लेकर आएगा, जो आपको नई दिशा की तरफ लेकर जाएगा। आइए जानते हैं इन राशियों के बारे में जिनको शनि मार्गी से अच्छा लाभ होने वाला है....
    वृषभ राशि वालों पर शनि मार्गी का प्रभाव
    शनिदेव आपकी राशि से 10वें स्थान पर मार्गी होने वाले हैं। शनि की मार्गी अवस्था आपके लिए फायदेमंद रहेगी, हालांकि आपको कड़ी मेहनत करनी होगी, तभी आप वो सफलता प्राप्त कर सकेंगे, जिसकी आपको चाहत है। साथ ही निर्वाह योग्य आय के साधन भी बनंगे। शनि का पाया ताम्र होने से परिस्थितियों में सुधार आएगा और साल 2024 आपके लिए कई मौके लेकर आएगा। साल 2024 में आपके विचारों से कारोबार में सफलता मिलेगी और भाग्य का साथ मिलेगा। नौकरी पेशा जातकों की आमदनी में इजाफा होगा और कार्यक्षेत्र में अच्छा प्रदर्शन कर पाएंगे। आपके कड़े प्रयासों से करियर के क्षेत्र में जबरदस्त सफलता मिलेगी और पारिवारिक जीवन सुख शांति वाला रहेगा। पिता के साथ चल रही अनबन दूर होगी और उनकी मदद से कई कार्य पूरे होंगे।

    तुला राशि वालों पर शनि मार्गी का प्रभाव
          शनिदेव आपकी राशि से पांचवें स्थान पर मार्गी होंगे। साल 2024 में आपको स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से मुक्ति मिलेगी और आपकी आर्थिक स्थिति में मजबूत होगी। तुला राशि के स्वामी शुक्र ग्रह हैं और शनिदेव के शुक्र से संबंध भी अच्छे हैं, जिसका फायदा आपकी राशि को मिलेगा। अगर आप धन संबंध समस्या से परेशान हैं तो आपको उससे मुक्ति मिलेगी और आमदनी में अच्छा इजाफा होगा। आय बढ़ोतरी के लिए आपके द्वारा किए जा रहे प्रयास सफल होंगे और साल 2024 में आपकी आय के साधन बनते रहेंगे। धार्मिक कार्यों में आपकी रुचि बढ़ेगी और धर्म कर्म के कार्यों के प्रति लगाव भी रहेगा। इस राशि को शनि का पाया रजत होने से अच्छा धन लाभ होगा और आपके अटके कार्यों में गति मिलेगी। साल 2024 में आप भूमि व वाहन खरीद सकते हैं और आपको पारिवारिक सुखों की प्राप्ति होगी।

    वृश्चिक राशि वालों पर शनि मार्गी का प्रभाव

        शनिदेव आपकी राशि से चौथे स्थान पर मार्गी होने जा रहे हैं। शनि की सीधी अवस्था से आपको कई फायदे होंगे। इस दौरान शनि का पाया स्वर्ण अवस्था में होने से घरेलू समस्याओं से मुक्ति मिलेगी और पारिवारिक जीवन में सुख शांति बनी रहेगी। साल 2024 में आपको कई क्षेत्रों में फायदा होगा और पुराने विवादों से मुक्ति मिलेगी। अगर कोई कोर्ट केस चल रहा है तो आपको नए साल में उससे मुक्ति मिल सकती है। आर्थिक लाभ प्राप्त करने के लिए आपको कड़ी मेहनत करनी होगी, तभी शनिदेव की कृपा आपको मिलेगी। भाग्य का साथ मिलने से आपके अधूरे कार्य पूरे होंगे और अटके धन की भी प्राप्ति होगी। साल 2024 में नौकरीपेशा जातकों को कई लाभ होने वाले हैं, उनकी आमदनी में इजाफा होगा, कार्यक्षेत्र में प्रभाव बढ़ेगा और सहकर्मियों व अधिकारियों के साथ संबंध अच्छे बने रहेंगे।

    धनु राशि वालों पर शनि मार्गी का प्रभाव
           शनि देव आपकी राशि से तीसरे स्थान पर मार्गी होने जा रहे हैं। साल 2024 में आपकी सोची हुई योजनाओं में सफलता मिलेगी और इस समय आपकी राशि से साढ़ेसाती भी समाप्त हो जाएगी। शनि की साढ़ेसाती खत्म हो जाने की वजह से आपकी कई चिंताएं दूर होंगी और 2024 में योजनाओं का लाभ भी मिलना शुरू हो जाएगा। आपको भूमि व वाहन आदि का सुख प्राप्त होगा और सुख सुविधाओं में इजाफा होगा। हालांकि कुछ कार्यों में अड़चन आ सकती हैं लेकिन अपनी सूझबूझ से सभी स्थितियों से निपटने के लिए तैयार रहेंगे। साल 2024 आपके लिए कई फायदे लेकर आएगा, जिससे मन प्रसन्न रहेगा और काम में भी मन लगेगा। व्यापारियों को साल 2024 में अच्छा फायदा होगा और व्यापार में अच्छा मुनाफा प्राप्त कर पाएंगे। पारिवारिक और वैवाहिक जीवन सुखमय रहेगा और सभी सदस्यों का सहयोग मिलेगा।

    कुंभ राशि वालों पर शनि मार्गी का प्रभाव
           शनिदेव आपकी राशि के लग्न भाव अर्थात पहले स्थान पर मार्गी यानी सीधी अवस्था में चलने वाले हैं। शनि की इस अवस्था का सबसे ज्यादा फायदा कुंभ राशि वालों को मिलेगा। आपकी राशि पर चल रही साढ़ेसाती का शुभ प्रभाव आपको साल 2024 में तरक्की के कई नए मौके देगी। आपके आत्मविश्वास में वृद्धि होगी और आपके व्यक्तित्व में आकर्षण का भाव रहेगा। नौकरी पेशा जातक साल 2024 में अपना खुद का बिजनस शुरू कर सकते हैं और जीवनसाथी के साथ मिलकर नई संपत्ति भी खरीद सकते हैं। अगर आप किसी स्वास्थ्य संबंधी समस्या से परेशान हैं तो आपको उससे राहत मिलेगी। पारिवारिक जीवन बेहतर रहेगा और शनि की मार्गी अवस्था से पारिवारिक सदस्यों की उन्नति भी होगी। निवेश से अच्छा लाभ होगा और आर्थिक स्थिति में भी मजबूती आएगी।

       व्रत त्यौहार /शौर्यपथ /करवाचौथ आज पूरे देश में मनाया जा रहा है। इस अवसर पर महिलाएं अपने पति की लंबी आयु के लिए करवाचौथ का निर्जल व्रत रख रही हैं। इस बार का करवाचौथ वैसे भी ग्रह गोचर के लिहाज से बहुत ही खास माना जा रहा है। अबकी बार करवाचौथ पर शिव योग का संयोग बना हुआ है जो इसे और भी शुभ और उत्तम फलदायी बना रहा है। इसके अलावा और भी कई ऐसे संयोग इस बार करवाचौथ पर बने हैं जो सदियों में बनते हैं। आइए जानते हैं अबकी बार करवाचौथ पर कैसे-कैसे दु्र्लभ योग बने हैं जो व्रतियों को सुहाग, धन, ऐश्वर्य से संपन्न बनाने वाले हैं।
    करवाचौथ पर बुधादित्य योग- अबकी बार करवाचौथ के दिन सूर्य और बुध दोनों ही ग्रह शुक्र की राशि तुला में है। ग्रहों के राज सूर्य तुला राशि में बैठकर गुरु के समसप्तक योग बना रहे हैं जो धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष प्रदान करने वाला योग है। इसके साथ ही सूर्य बुध की युति तुला राशि में होने से बुधादित्य नामक योग बना है। जो वैवाहिक संबंधों और लव लाइफ में बुद्धि और चतुराई से समांज्य बनाए रखने वाला है। इस योग के प्रभाव से जिन पति पत्नी के संबंधों में तनाव है वह भी दूर होगा और प्रेम का संचार होगा।
    शुक्र और बुध का राशि परिवर्तन योग - अबकी बार करवाचौथ पर शुक्र कन्या राशि में गोचर कर रहे हैं और बुध का गोचर तुला राशि में हो रहा है। ऐसे में लव लाइफ और फैमिली लाइफ के लिहाज से यह योग बहुत ही शुभ फलदायी है। इस शुभ योग के प्रभाव से वृषभ, मिथुन, सिंह, कन्या, तुला राशि के जातकों की लव लाइफ पर शुभ प्रभाव दिखेगा। साथ ही इन राशि के जातकों के विवाह की बात चल रही है तो बात आगे बढेगी। लव लाइफ के लिहाज से भी यह योग शुभ फलदायी होगा।
    करवाचौथ पर बना है आदित्य मंगल योग - करवाचौथ पर इस पर मंगल तुला राशि में चल रहे हैं और साथ सही सूर्य भी तुला राशि में चल रहे हैं। तुला राशि में इन दो बड़े अग्नि तत्व के ग्रहों का साथ होगा। प्यार औऱ जज्बात को आंच देने वाला रहेगा। इसके प्रभाव से मेष राशि के जातक अपनी लव लाइफ के प्रति अति उत्साही होंगे। अगर रिश्ते की बात अब तक नहीं कर पाएं हैं तो रिश्ते को आ्रगे ले जाने की कसमें भी अबकी बार करवा चौथ पर लेंगे।
    करवा चौथ पर अबकी बार बना है शश योग - इस बार करवाचौथ के अवसर पर शनि महाराज अपनी मूलत्रिकोण राशि में गोचर करते हुए शश योग बना रहे हैं। इस योग के शुभ प्रभाव से कुंभ राशि के जातकों की लव लाइफ भी मधुर और रोमांटिक होगी। करवाचौथ पर बनने वाले इस शुभ योग के प्रभाव से करवा चौथ से कुंभ राशि के जातकों को प्रेम और भौतिक सुख साधन सहित उपहार की प्राप्ति हो सकती है।
    करवाचौथ पर शशि योग का शुभ संयोग - करवाचौथ आज 1 नवंबर को मनाया जा रहा है। और इस दिन सुबह से ही चंद्रमा अपनी उच्च राशि वृषभ में गोचर कर रहे हैं। उच्च राशि में चंद्रमा के होने से शशि नामक शुभ योग बना है। इस शुभ योग के प्रभाव से व्रतियों को प्रेम और वैवाहिक जीवन की तमान खुशियां मिलेंगी। जिन जातकों के वैवाहिक जीवन में तनाव चल रहा है वह इस शुभ योग में करवा चौथ का व्रत रखें तो उनके रिश्ते में प्रेम निश्चित रूप से बढेगा।

       ब्यूटी टिप्स /शौर्यपथ / बालों की देखरेख में हर छोटी-बड़ी बात पर ध्यान दिया जाता है. हेयर केयर रूटीन का सबसे जरूरी हिस्सा है बालों को शैंपू करना. लेकिन, शैंपू  करना जितना आसान लगता है उतनी ही गलतियां लोग तब करते हैं जब वे बालों को शैंपू कर रहे होते हैं. सही तरह से बाल शैंपू ना किए जाएं या कहें कि बाल सही तरह से ना धोएं जाएं तो बालों के रूखे होने से लेकर बालों के कमजोर होकर झड़ने तक की नौबत आ जाती है. इससे बाल रूखे और खुरदुरे भी हो सकते हैं और बालों का टेक्सचर भी खराब हो जाता है. यहां जानिए ये कौनसी गलतियां  हैं जिन्हें करने से बचना चाहिए.
    बाल धोने से जुड़ी इन गलतियों से करना चाहिए परहेज |
    सही शैंपू का इस्तेमाल ना करना
       हमें लगता है कि शैंपू का काम बालों को साफ करना होता है इसीलिए किसी भी तरह के शैंपू इस्तेमाल में लाए जा सकते हैं. लेकिन, ऐसा नहीं है. असल में आप किस तरह के शैंपू इस्तेमाल करती हैं इसका आपके बालों पर कही ज्यादा असर पड़ता है. अगर ड्राई बालों वाले शैंपू का इस्तेमाल करेंगे तो ऑयली बालों पर असल नहीं दिखेगा, वहीं ऑयली बालों वाले शैंपू को लगाने पर ड्राई बाल जरूरत से ज्यादा ड्राई हो सकते हैं.
    बहुत जल्दी-जल्दी शैंपू करना
       अगर आपके बाल पहले से ड्राई हैं और आप बहुत कम समय के अंतरात पर बालों को शैंपू करती हैं तो आपके स्कैल्प से नेचुरल ऑयल्स निकल सकते हैं. इससे बालों को नुकसान होता है और बालों के टेक्सचर पर भी फर्क पड़ता है.
    बिल्ड-अप जमने पर भी बाल ना धोना
       बाल कम अंतराल पर धोने के साथ ही बाल लंबे समय तक ना धोना भी बालों को नुकसान पहुंचाता है. बाल ना धोने और ड्राई शैंपू या अन्य हेयर प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते रहने से बालों पर बिल्ड-अप या कहें गदंगी जमने लगती है. इससे बाल चिपचिपे और ऑयली नजर आते हैं.
    गर्म पानी से बाल धोना
      सर्दियों का मौसम आते ही गर्म पानी से सिर धोना जरूरत बन जाता है. लेकिन, गर्म पानी से सिर धोने से बालों को नुकसान हो सकता है. इससे हेयर क्यूटिकल्स खुल जाते हैं और बाल कमजोर होकर गिरने लगते हैं.
    बालों के सिरों को रगड़ना
      सही तरह से बाल धोने के लिए जड़ों पर शैंपू लगाना जरूरी है बालों के सिरों पर नहीं. जब आप शैंपू करके बाल धोएंगी तो अपनेआप ही बालों के सिरों तक झाग वाला पानी पहुंचकर उन्हें साफ कर देगा. लेकिन बालों के किनारों को शैंपू से रगड़ने से बाल डैमेज  हो सकते हैं.

       ब्यूटी टिप्स /शौर्यपथ /त्वचा निखारने के लिए मुल्तानी मिट्टी को एक नहीं बल्कि कई तरीकों से चेहरे पर लगाया जा सकता है. दादी-नानी तक अपने समय में मुल्तानी मिट्टी का उबटन बनाकर लगाया करती थीं. इस मिट्टी को यूं तो सादा भी चेहरे पर लगा सकते हैं और इसके फेस पैक्स बनाए जा सकते हैं. मुल्तानी मिट्टी के फेस पैक्स स्किन से दाग-धब्बे हटाने से लेकर स्किन को चमकदार और निखरा हुआ बनाते हैं. ऑयली स्किन से एक्सेस ऑयल निकालने से लेकर ड्राई स्किन का रूखापन दूर करने में भी मुल्तानी मिट्टी  का असर दिख सकता है, बस जरूरत होती है सही चीजें मिलाकर फेस पैक्स बनाने की. यहां जानिए इंस्टेंट ग्लो के लिए कैसे बनाएं मुल्तानी मिट्टी के फेस पैक्स.
    निखरी त्वचा के लिए मुल्तानी मिट्टी के फेस पैक्स |
    मुल्तानी मिट्टी और दही
        चेहरे पर मुल्तानी मिट्टी को दही को साथ मिलाकर भी लगा सकते हैं. इस फेस पैक को बनाने के लिए आधा कप दही में 2 चम्मच मुल्तानी मिट्टी मिलाएं. इसे चेहरे पर आधा घंटा लगाकर रखें और फिर चेहरा धोकर साफ कर लें. चेहरे को नमी मिलती है और टैनिंग कम होती है.
    मुल्तानी मिट्टी और चंदन
       चेहरे से एक्सेस ऑयल हटाने के लिए इस फेस पैक को लगाकर देखें. इससे चेहरा निखरता है और ऑयली स्किन  से चिपचिपाहट हट जाती है. एक चम्मच चंदन पाउडर के साथ 2 चम्मच मुल्तानी मिट्टी मिलाएं और उसमें चुटकीभर हल्दी मिला लें. इस फेस पैक को 20 मिनट चेहरे पर लगाने के बाद धो सकते हैं. स्किन निखर जाती है और चमकदार दिखती है.
    मुल्तानी मिट्टी और एलोवेरा
      चेहरे को सूदिंग इफेक्ट्स देने के लिए मुल्तानी मिट्टी के इस फेस पैक को लगाकर देखें. फेस पैक बनाने के लिए आधा कप मुल्तानी मिट्टी में एक चम्मच ताजा एलोवेरा का गूदा और जरूरत के अनुसार दूध  मिलाकर पेस्ट बना लें. इस पेस्ट को चेहरे पर 15 से 20 मिनट लगाकर रखने के बाद चेहरा धो लें. स्किन खिल जाती है.
    मुल्तानी मिट्टी और पपीता
       धूप के कारण चेहरे पर हुई टैनिंग को हटाने के लिए मुल्तानी मिट्टी और पपीता से फेस पैक बनाकर लगाएं. इस फेस को बनाने के लिए बराबर मात्रा में मुल्तानी मिट्टी, पिसा पपीता और शहद  मिला लें. चेहरे पर लगाएं और इसके सूख जाने के बाद चेहरा धोकर साफ करें. हफ्ते में 1 से 2 बार इस फेस पैक को लगाया जा सकता है.

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