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खाना खजाना /शौर्यपथ /बर्गर का नाम लेते ही हमारे मुंह में पानी जा आता है. अगर आप भी बर्गर खाने के शौकीन हैं और घर पर इसे बनाना चाहते हैं तो आप इस आलू टिक्की बर्गर को ट्राई कर सकते हैं. यकिन माने ये आपको निराश नहीं करेगी. असल में घर के बड़े हो या बच्चे सभी को बर्गर खाना पसंद होता है. कई बार तो बच्चे इतना जिद करने लगते हैं कि उन्हें बर्गर खाना है और अभी चाहिए. तब आप अगर उन्हें बाहर नहीं ले जाना चाहते हैं तो आप उनके लिए घर पर आसानी से इस बर्गर को बना सकते हैं. असल में आप इस बर्गर को घर में होने वाली गेदरिंग या छोटी पार्टी में भबी बना सकते हैं. तो चलिए बिना किसी देरी के रेसिपी पर चलते हैं.
घर पर कैसे बनाएं आलू टिक्की बर्गर-
सामग्री-
1 बर्गर बन
1/2 कप उबली मटर
1/2 कप उबला आलू
1 लेट्यूस पत्ता
1/4 कप मैदा सलरी
1/4 कप ब्रेड क्रम्बस
4-5 अनियन रिंग्स
4-5 टमाटर स्लाइस
2 टी स्पून टोमैटो सॉस
2 टी स्पून चिली सॉस
2 टी स्पून मेयोनेज
1 टी स्पून अदरक लहसुन का पेस्ट
1/2 टी स्पून लाल मिर्च पाउडर
1/2 टी स्पून जीरा पाउडर
1/2 टी स्पून धनिया पाउडर
स्वादानुसार नमक
1/4 टी स्पून कालीमिर्च
विधि-
एक बाउल में उबला आलू, मटर, नमक, काली मिर्च पाउडर, लाल मिर्च पाउडर, धनिया पाउडर, जीरा पाउडर, अदरक लहसुन का पेस्ट डालकर मिला लें.
सभी चीजों को मिलाकर टिक्की बनाएं और मैदा स्लरी में डिप करें.
फिर ब्रेड क्रम्ब में कोट करके पैन में गोल्डन फ्राई करें.
अब एक बाउल में मेयोनेज, चिली सॉस, टोमैटो सॉस को एक साथ मिलाएं.
फिर बर्गर बन लें दोनों हिस्सों पर मेयोनेज और कैअप का पेस्ट लगाएं.
इस पर लेट्यूस का पत्ता लगाएं. इसके बाद टिक्की रखें.
टिक्की पर सॉस मिक्स लगाएं और अनियन रिंग्स और टमाटर स्लाइस लगाएं.
बर्गर का दूसरा हिस्सा रखें और एंजॉय करें.
रसोई टिप्स /शौर्यपथ /स्नैकिंग का समय एक ऐसी चीज़ है जिसका हम हमेशा इंतज़ार करते हैं. हर स्नैक सीजन के बाद हमें एक निश्चित खुशी महसूस होती है. अक्सर, ये स्नैक्स अधिकतर फ्राईड हुए और ग्रीसी होते हैं. बेशक, कई हेल्दी ऑप्शन भी हैं, लेकिन उन डिलाइटफुल स्नैक्स की संतुष्टि की तुलना में कुछ भी नहीं है. ऐसा ही एक पॉपुलर स्नैक जो इस कैटेगरी में आता है वह है क्लासिक लेज़ चिप्स यह स्वादिष्ट डिश अक्सर कई व्यंजनों में अपना स्थान बनाता है. इस बार स्वादिष्ट चाट के रूप में! हमें हाल ही में एक ऐसी स्वादिष्ट रेसिपी मिली है जिसे आप निश्चित रूप से मना नहीं कर पाएंगे. इस चाट में पापड़ का उपयोग भी शामिल है और यह एक यूनिक प्रेजेंटेशन है. इसे अभी आज़माएं और अपने फ्रेंड और फैमिली को इसके अविश्वसनीय फ्लेवर से इंप्रेस करें.
पापड़ लेज़ चाट क्या है?
यह चाट दो सबसे पॉपुलर स्नैक्स: चाट और लेज़ चिप्स की गुडनेस को एक साथ लाती है. रेगुलर चाट के विपरीत, यह एक यूनिक पापड़ बाउल का उपयोग करके बनाया जाता है जिसमें टमाटर और प्याज के साथ क्रस्ड भुने हुए पापड़, लेज़ चिप्स का मसाला मिश्रण भरा होता है. नींबू का रस और चाट मसाला इस चाट में टैंगी फ्लेवर एड करने में मदद करता है. यह सिर्फ अविश्वसनीय स्वाद नहीं है, इसकी प्रेजेंटेशन निश्चित रूप से इसे आपकी अगली सेलिब्रेशन पार्टी में भी क्राउड प्लेजर बना देगी. यह कुछ ही मिनटों में घर पर बनाने के लिए एकदम परफेक्ट स्नैक है और निश्चित रूप से आपके गेस्ट के बीच पॉपुलर होगा.
पापड़ लेज चाट रेसिपी-
इस चाट को बनाने के लिए सबसे पहले पापड़ को गैस स्टोव पर भून लें. एक बार हो जाने के बाद, इसे तुरंत एक बाउल के ऊपर रखें और इसे बाउल का शेप देने के लिए अपने हाथों से धीरे से दबाएं. आप जितने पापड़ के बाउल बनाना चाहते हैं, उसके अनुसार प्रोसेस को दोहराएं. अब, एक लेज़ पैकेट लें और उसकी सामग्री को एक बड़े बाउल में खाली कर लें. इसमें क्रस्ड भुने पापड़, कटे हुए टमाटर, प्याज, हरी मिर्च, ताजा धनिया, नींबू का रस और चाट मसाला डालें. अच्छी तरह मिलाएं और इस मिश्रण को तैयार पापड़ के बाउल में डालें. इसके ऊपर हरा धनिया डालें और आपकी पापड़ लेज़ चाट स्वाद लेने के लिए तैयार है.
खाना खजाना /शौर्यपथ /ठंड ने दस्तक दे दी है, ऐसे में सबसे ज्यादा हमारी सेहत पर असर पड़ता है. अगर आप भी इस सीजन अपने आपको सेहतमंद रखना चाहते हैं, तो अभी से अपनी डाइट में कुछ चीजों को शामिल करना शुरू कर दें. असल में सर्दियों के मौसम की शुरूआत होते ही सबसे ज्यादा सर्दी-खांसी और जुकाम की समस्या परेशान करती है. कहने में तो ये आम समस्या में से एक है, लेकिन कई बार ये काफी मुश्किल खड़ी कर देती है. इसलिए सर्दियों के मौसम में शरीर को सेहतमंद रखने के लिए आप गर्म तासीर वाली चीजों को डाइट में शामिल करें. तो चलिए जानते हैं ऐसे ही एक हेल्दी सूप के बारे में. आज हम बात कर रहे हैं लहसुन से बने सूप के बारे में. आपको बता दें कि लहसुन की तासीर गर्म होती है, जो सर्दियों के मौसम में आपके शरीर को अंदर से गर्म रखने में मदद कर सकती है. लहसुन को सेहत के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है. तो बिना किसी देरी के रेसिपी पर चलते हैं.
गार्लिक सूप बनाने की रेसिपी-
सामग्री-
8-10 कली लहसुन
1 प्याज
1/2 कप फ्रेश क्रीम
1/2 छोटा चम्मच जीरा
1 चम्मच अजवाइन
1 छोटा चम्मच चिल्ली फ्लेक्स
स्वादानुसार नमक
2-3 चम्मच वर्जिन ऑलिव ऑयल
विधि-
गार्लिक सूप बनाने के लिए सबसे पहले एक बड़े बर्तन में ऑलिव ऑयल गरम करें.
जीरा डालें और चटकने दें.
जीरा हो जाने के बाद कटे हुए प्याज़ डालकर और एक मिनट के लिए भूनें.
मोटे तौर पर कटा हुआ लहसुन डालें और उन्हें एक मिनट के लिए और भूनें
अब इसमें 1-2 कप पानी डाल दें.
इसके बाद स्वाद अनुसार नमक डाल दें और बर्तन को ढक्कन से ढककर लगभग 15 से 20 मिनट तक पकने दें
अब सूप में फ्रेश क्रीम डालें और सामग्री के साथ अच्छी तरह मिला लें.
दो मिनट तक पकाएं और फिर गैस बंद कर दें.
अगले स्टेप में इंग्रीडिएंट्स को ब्लेंड करने के लिए एक ब्लेंडर का इस्तेमाल करें.
अब स्मूद ब्लेंडेड सूप को बाउल में निकाल लें.
अब स्वादानुसार पानी डालें और कंसिस्टेंसी को एडजस्ट कर लें.
सूप को एक बाउल में डालें, ओरिगेनो, चिली फ्लेक्स से गार्निश कर सर्व करें.
खाना खजाना /शौर्यपथ /सर्दियों का मौसम आते ही हम साग खाना पसंद होता है. इस मौसम में कई तरह के साग आपको मिल जाएंगे. मेथी साग , पालक साग , चना साग और सबसे खास सरसों का साग मक्के की रोटी . आपको बता दें कि सरसों का साग पंजाब का एक पॉपुलर फूड है. जिसे देश भर में खाया और पसंद किया जाता है. लेकिन क्या आप ये जानते हैं कि सरसों के साग को सेहत के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है. जी हां आपने बिल्कुल सही सुना. स्वाद बढ़ाने वाले सरसों के साग को गुणों का खजाना कहना गलत नहीं होगा. असल में सरसों के साग में विटामिन, मिनरल, फाइबर, प्रोटीन, कैल्शियम और पोटैशियम जैसे गुण पाए जाते हैं, जो शरीर को कई लाभ पहुंचाने में मदद कर सकते हैं. तो चलिए जानते हैं सरसों का साग बनाने की रेसिपी और सरसों का साग खाने के फायदे.
सरसों साग बनाने की रेसिपी-
सरसो का साग की सामग्री
1 1/2 किलो सरसों के पत्ते
250 ग्राम पालक
250 ग्राम बथुआ साग
50 ग्राम मकई का आटा
4 हरी मिर्च, कटी हुई
20 लहसुन कलियां
3 बड़ा प्याज
2 इंच अदरक
1 टी स्पून हल्दी
1 कप पानी
टेबल स्पून 4
सरसो का साग बनाने की विधि
1.सबसे पहले, साग को साफ करके काट लें और धो लें.
2.अब एक प्रेशर कुकर या पैन में मकई के आटे को छोड़कर सारी सामग्री डालकर इसे उबाल 6-7 मिनट के लिए इसे ढककर पकाएं.
3.अगर आप इसे बनाने के लिए कड़ाही का इस्तेमाल कर रहे है, तो इसे ढक दें और साग पूरी तरह पकने तक पकने दें. कभी-कभार बीच में चलाएं.
4.अब एक ब्लेंडर में साग के साथ मकई के आटा डालकर इसे ब्लेंड कर लें.
5.एक दूसरे पैन में, पका हुआ साग डालें और एक अच्छा 25-30 मिनट के लिए फिर से पकाएं.
तड़का बनाने के लिए:
1.एक छोटे पैन में घी गर्म करें.
2.इसमें कटी हुई प्याज डाले और लाइट ब्राउन होने तक फ्राई करें.
3.इसमें पका हुआ साग डालें. इसे पकने दें और बीच में चलाते भी रहे.
4.गरमागरम सरसों का साग कटी हुई प्याज, साबुत हरी मिर्च, मक्खन या देसी घी डालकर मक्की की रोटी के साथ सर्व करें.
सरसों के साग को आसानी से घर पर बनाया जा सकता है. इसे आमतौर पर मक्के की रोटी और घी के साथ खाया जाता है जिससे इसक स्वाद और बढ़ जाता है. सरसों के पत्ते, लहसुन, हरी मिर्च और अदरक जैसी सामग्री से मिलकर बना ये साग सेहत के लिए भी अच्छा माना जाता है.
सरसों का साग खाने के फायदेः
1. पाचन के लिए-
पाचन को बेहतर रखने के लिए सरसों के साग को काफी मददगार माना जाता है. इसमें पाए जाने वाले गुण पाचन तंत्र को बेहतर रखने में मदद कर सकते हैं.
2. हड्डियों के लिए-
सरसों के पत्तों में कैल्शियम की अच्छी मात्रा पाई जाती है, जो आपकी हड्डियों को मजबूत बनाने में मददगार है. हड्डियों को कमजोर होने से बचाने के लिए आप सर्दियों के मौसम में सरसों के साग का सेवन कर सकते हैं.
3. दिल की सेहत-
सरसों के साग के सेवन से शरीर में कोलेस्ट्रॉल के लेवल को कम किया जा सकता है. इससे कार्डियोवास्कुलर रोगों के खतरे से बचा जा सकता है.
व्रत त्यौहार /शौर्यपथ / दांपत्य जीवन को और मधुर बनाने के लिए और पति की लंबी उम्र के लिए पत्नियां हर साल कार्तिक मास की चतुर्थी के दिन करवा चौथ का व्रत रखती हैं जो इस बार 1 नवंबर 2023, बुधवार को मनाया जाएगा. करवा चौथ व्रत रखने के साथ इसकी पूजा का भी विशेष महत्व होता है. मिट्टी के करवा, गौरी माता की पूजा करने के साथ ही करवा चौथ की कथा पढ़ने क्यों जरूरी होता है और करवा चौथ की सही कथा कौन सी है, आइए हम आपको बताते हैं.
करवा चौथ की व्रत कथा |
ये कथा कहती है कि देवी करवा अपने पति के साथ तुंगभद्रा नदी के पास रहती थीं. एक दिन करवा के पति नदी में नहाने गए तो एक मगरमच्छ ने उनका पैर पकड़ लिया और उसे नदी में खींचने लगा. मौत को अपने सामने देखकर करवा के पति उन्हें पुकारने लगे, तब उनकी पत्नी दौड़कर उनके पास पहुंचीं और उन्हें बचाने के लिए एक कच्चा धागा लेकर मगरमच्छ को पेड़ से बांध दिया. करवा के धागे से मगरमच्छ ऐसा बांधा की टस से मस नहीं हो पाया. करवा ने यमराज को पुकारा और अपने पति को जीवन देने की गुहार लगाई, इतना ही नहीं करवा ने मगरमच्छ की जान बचाने की भी मदद मांगी. यमराज ने कहा कि मैं ऐसा नहीं कर सकता, क्योंकि मगरमच्छ की उम्र अभी बची है, लेकिन तुम्हारे पति की उम्र पूरी हो चुकी है. गुस्से में करवा ने यमराज से कहा अगर ऐसा नहीं किया तो मैं आपको श्राप दे दूंगी.
सती के श्राप से भयभीत होकर यमराज ने मगरमच्छ को यमलोक भेज दिया और करवा के पति को जीवन दान दे दिया. तब से लेकर आज तक करवा चौथ के व्रत में सुहागिन महिलाएं करवा माता से प्रार्थना करती हैं कि जैसे उन्होंने अपने पति को मौत के मुंह से बचाया था, उसी तरह से वो उनके सुहाग की रक्षा भी करें.
करवा चौथ को लेकर एक और प्रचलित कथा
मान्यताओं के अनुसार, करवा माता की तरह ही सावित्री ने भी कच्चे धागे से अपने पति को वट के पेड़ के नीचे लपेट कर रखा था. कच्चे धागे में लिपटा प्रेम और विश्वास ऐसा था कि यमराज सावित्री के पति को अपने साथ यमलोक नहीं ले जा सके और सावित्री के पति के प्राण को लौटना पड़ा. साथ ही सावित्री को वरदान देना पड़ा कि तुम्हारा सुहाग हमेशा बना रहे, इसके बाद दोनों लंबे समय तक साथ रहें.
व्रत त्यौहार /शौर्यपथ / दीवाली साल के सबसे बड़े त्योहारों में से एक है. हिंदू धर्म में दीपावली का विशेष महत्व है. इस दिन दीप जलाए जाते हैं और लक्ष्मी-गणेश की पूजा की जाती है. पंचांग के अनुसार, कार्तिक मास की अमावस्या तिथि पर दीवाली मनाई जाती है. इस साल दीवाली की सही तिथि को लेकर एकबार फिर लोगों में कंफ्यूजन की स्थिति बन रही है. किसी का कहना है कि दीवाली 12 नवंबर की है तो कोई 13 नवंबर को दीवाली का सही दिन समझ रहा है. यहां जानिए दीपावली की सही तारीख, कब है छोटी दीवाली या नरक चतुर्दशी और किस दिन की जाएगी गोवर्धन पूजा.
कब है 2023 में दीवाली |
दीवाली दशहरा से 20 दिन बाद मनाई जाती है. पौराणिक कथाओं के अनुसार, रावण का वध करने के पश्चात जब श्रीराम अयोध्या लौटे थे तो सभी ने घी के दीये जलाए थे और पूरे राज्य में हर्षोल्लास की लहर दौड़ पड़ी थी. इसी दिन से हर साल दीवाली मनाई जाने लगी. पंचांग के अनुसार, इस साल 10 नवंबर के दिन धनतेरस मनाया जाएगा. इसके बाद 11 नवंबर के दिन नरक चतुर्दशी है. इसी दिन को छोटी दीवाली भी कहतें हैं.
दीवाली या बड़ी दीवाली 12 नवंबर के दिन पड़ रही है. कार्तिक मास की अमावस्या तिथि 12 नवंबर दोपहर 2 बजकर 43 मिनट से शुरू होगी और इसका समापन अगले दिन 13 नवंबर 2 बजकर 55 मिनट पर हो जाएगा. इस चलते 12 नवंबर के दिन ही दीवाली मनाई जाएगी. मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा भी इसी दिन करने का शुभ मुहूर्त है.
अगले दिन ना होकर 14 नवंबर के दिन गोवर्धन पूजा की जाएगी. इसके अगले दिन 15 नवंबर को भैया दूज मनाया जाएगा.
दीवाली पूजा का शुभ मुहूर्त
इस साल दीपावली की पूजा 12 नवंबर की शाम की जाएगी. दीवाली की शाम 5 बजकर 40 मिनट से 7 बजकर 36 मिनट तक लक्ष्मी-गणेश की पूजा का शुभ मुहूर्त है. इस समय पूजा करने पर भक्तों को धनलाभ हो सकता है और सभी कष्टों की मुक्ति मिलती है.
व्रत त्यौहार /शौर्यपथ /अमृतसर में बीते दिन 30 अक्टूबर को गुरु नगरी अमृतसर को बसाने वाले और सिक्खों के चौथे गुरु रामदास जी का प्रकाश पर्व मनाया गया था. इस मौके पर स्वर्ण मंदिर करीब 20 टन फूलों और जगमगाती लड़ियों से सजाया गया था और शाम के समय आसमान में आतिशबाजी देखने को मिली. इस मौके पर लाखों श्रद्धालुओं ने मंदिर का रुख किया और स्वर्ण मंदिर में श्रद्धालुओं का सैलाब देखने को मिला. श्रद्धालुओं ने श्री दरबार साहिब में मत्था टेका और आस्था की पवित्र डुबकी लगाई.
सिक्खों के चौथे गुरु रामदास जी का जन्म 24 सिंतबर के दिन वाराणसी में हुआ था. उन्होंने सिक्ख समुदाय के लिए समृद्ध और सामर्थ्यपूर्ण संस्थानों की स्थापना की और धार्मिक व सामाजिक सुधारों में योगदान दिया. उन्होंने अमृत्सर में हरमिंदर साहिब, जोकि स्वर्ण मंदिर के रूप में प्रसिद्ध है, की नींव रखी थी और इसे सिक्ख समुदाय के सामाजिक और धार्मिक केन्द्र के रूप में स्थापित किया.
गुरु रामदास जी ने बचपन में ही सत्संगी लोगों के साथ ही गुरु अमरदास जी के दर्शन किए और उनकी सेवा में पहुंचे थे. गुरु रामदास जी से गुरु अमरदास जी ने अपनी बेटी का विवाह कराया था और शादी के बाद भी गुरु रामदास जी लोगों की सेवा में लगे रहे थे.
व्रत त्यौहार /शौर्यपथ / दिपावली के छह दिन बाद पड़ने वाला महापर्व छठ पूजा 19 नवंबर को मनाई जाएगी. इस साल कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि की शुरुआत 18 नवंबर दिन शनिवार को सुबह 09 बजकर 18 मिनट से हो रही है जिसका समापन अगले दिन 19 नवंबर दिन रविवार को सुबह 07 बजकर 23 मिनट पर होगा. उदयातिथि पड़ने के कारण छठ पूजा 19 नवंबर को की जाएगी. इस आर्टिकल में छठ पूजा में चढ़ाया जाने वाला प्रसाद ठेकुआ बनाने की आसान विधि बताने वाले हैं, तो चलिए जानते हैं बिना देरी किए.
ठेकुआ बनाने की सामग्री
- इसको बनाने के लिए आपको 300 ग्राम गेहूं का आटा, गुड़ 150 ग्राम, नारियल 1/2 कप कद्दूकस किया हुआ, तलने के लिए तेल, 2 टेबलस्पून घी और 5 कुटी हुई इलायची चाहिए.
बनाने की विधि - सबसे पहले आप गुड़ को आधा कप पानी में छोटे-छोटे टुकड़े करके गर्म कर लीजिए. एक उबाल जब आ जाए तो पैन में चमचा चलाकर देख लीजिए की पानी घुल गया है कि नहीं गुड़ में. अगर पानी अच्छे से घुल गया है तो फिर इस मिश्रण को छलनी से छान लीजिए. अब आप इस चाशनी में घी मिला लीजिए, फिर इसे ठंडा होने के लिए रख दीजिए.
इसके बाद आप एक बर्तन में आटा, कुटी इलायची और नारियल का बुरादा डालकर गुड़ मिश्रण डालकर टाइट आटा सान लीजिए. फिर आप आटे से लोई बना लीजिए. अब आप इस लोई को बेलन से बेलकर थोड़ा लंबा कर लीजिए, फिर इसे ठेकुआ वाले सांचे में रख दीजिए हल्का सा दबाव देकर. ऐसे ही आप सारे आटे की लोई बनाकर आप सांचे से ठेकुआ बना लीजिए. इसके बाद आप ठेकुआ कढ़ाई में देसी घी डालकर मीडियम आंच पर तलना शुरू कर लीजिए . ध्यान रखें आंच मीडियम रहे. इससे ठेकुआ कच्चा नहीं रह जाएगा, अंदर तक सिंक जाएगा. जब ठेकुआ सुनहरा भूरा हो जाए तो कढ़ाई से निकाल लीजिए. अब ठेकुआ प्रसाद के लिए तैयार है.
सेहत टिप्स /शौर्यपथ /वजन घटाने के लिए अक्सर लोग जिम जाना शुरू कर देते हैं या फिर किसी डाइट को फॉलो करते हैं. इसके चक्कर में वह अपनी सेहत को बिगाड़ लेते हैं. लेकिन क्या हो अगर आपको पता चले कि अब अपनी वजन को घटाना चुटकियों का खेल है. इसके लिए सिर्फ आपको 9- 1 का रूल ध्यान रखने की जरूरत है. तो चलिए जानते हैं क्या है 9- 1 का रूल जो पिछले कुछ समय में सोशल मीडिया पर काफी पॉप्युलर हो रहा होता जा रहा है और जिसे फॉलो करने से आपका वजन तुरंत से घटना शुरू हो जाएगा और कमर एक बार में पतली होने लगेगी.
सबसे तेजी से वजन कम कैसे होता है?
9- 1 रूल में 9 का मतलब है कि आपको दिन में कम से कम 9 हजार स्टेप चलने हैं. इससे आप खुद को फिट और अपने वजन को कंट्रोल कर सकते हैं.
आठ का मतलब है पूरे दिन में 8 क्लास पानी पीना जरूरी है. इससे वेट लूज में मदद मिलेगी.
9- 1 में 7 का मतलब है कि 7 घंटे की नींद से आप खुद को तरोताजा रख सकते हैं.
आपको बता दें की 9- 1 में 6 का मतलब है कि आपको दिन भर में 6 मिनट का मेडिटेशन करना चाहिए.
9- 1 रूल का पांचवा नियम है कि रोज पांच तरह के फल और सब्जियों का सेवन करना हमारे सेहत के लिए फायदेमंद हो सकता है.
9- 1 का चौथा नियम कहता है कि आपको 8 से 9 घंटे के वर्किंग आवर में चार छोटे-छोटे ब्रेक जरूर लेने चाहिए. ये ब्रेक आपकी प्रोडक्टिविटी को बढ़ाने का काम करेंगे.
9- 1 रूल का तीसरा नियम है कि तीन हेल्दी मिल्क यानी ब्रेकफास्ट लंच और डिनर में से किसी को भी बिल्कुल भी न स्किप ना करें.
इस रूल का दूसरा नियम कहता है कि रात के डिनर और सोने के बीच में 2 घंटे का गैप होना चाहिए. वजन घटाने के लिए और हेल्दी रखने के लिए जल्दी डिनर करना जरूरी है.
9- 1 रूल का आखिरी नियम कहता है की हर दिन कोई फिजिकल एक्टिविटी जरूर करें जैसे जॉगिंग, रनिंग, स्किप्पिंग.
सेहत टिप्स /शौर्यपथ / हमारे शरीर से जुड़ी सभी समस्याओं का जड़ है गलत लाइफस्टाइल और गलत खानपान. इन दो चीजों की वजह से बाल से लेकरस्किन पर बुरा असर पड़ता है. बाल उम्र से पहले सफेद होने शुरू हो जाते हैं. इससे छुटकारा पाने के लिए न जाने हम कितने महंगे क्रीम और प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते हैं. अगर आपके साथ भी ऐसा कुछ हो रहा है और आप नेचुरली अपने बालों को काला और घना करना चाहते हैं तो रात में इस तेल को अपनी नाभि में लगा लें. 4 से 5 दिन ऐसा करने से आपको हैरान करने वाले रिजल्ट देखने को मिलेंगे.
सफेद बालों को काला करने वाला तेल |
नारियल का तेल
नारियल का तेल न सिर्फ आपके बालों को मॉइश्चराइज करेगा बल्कि उन्हें ड्राई होने से भी बचाएगा. इसके नियमित इस्तेमाल से बाल काले लंबे और घने होने शुरू हो जाएंगे.
चंदन का तेल
सरसों का तेल तो आपने अपनी दादी- नानी को इस्तेमाल करते जरूर देखा होगा. स्क्रीन से लेकर हमारे बालों तक की ग्रोथ को बढ़ाने के लिए सरसों का तेल इस्तेमाल किया जाता है. इससे बाल चमकदार, मुलायम और मजबूत होते हैं.
बादाम का तेल
अब तक आपने कई महंगे प्रोडक्ट्स इस्तेमाल किए होंगे. लेकिन अब आप बादाम का तेल इस्तेमाल करके देखें. इसमें विटामिन ई पाया जाता है जो आपके बालों को घना और लंबा करने में मदद करेगा.
टिप्स ट्रिक्स /शौर्यपथ /प्याज के रस को इसके फायदे देखते हुए बालों पर लगाया जाता है. हेयर फॉलिकल्स को पोषण देने के साथ ही बालों पर प्याज का रस लगाने के कई फायदे नजर आते हैं. प्याज के रस को कोलाजन बूस्ट करने के लिए जाना जाता है. यह हेयर ग्रोथ को बूस्ट करता है, डैंड्रफ को हटाता है, स्कैल्प इंफेक्शंस कम करता है और बालों को मजबूत बनाने में सहायक है. प्याज के रस में कई एंटी-ऑक्सीडेंट्स भी पाए जाते हैं जो बालों को नुकसान पहुंचाने वाले फ्री रेडिकल्स की छुट्टी कर देते हैं. लेकिन, प्याज के रस को सादा लगाने के बजाय इसमें एलोवेरा मिलाकर इसके असर को बढ़ाया जा सकता है. यहां जानिए किस तरह एलोवेरा और प्याज के रस को साथ मिलाकर बालों पर लगाएं जिससे बालों को बढ़ने और मजबूत बनने में मदद मिले.
बालों के लिए प्याज का रस और एलोवेरा |
एलोवेरा बालों की एक नहीं बल्कि कई दिक्कतों को दूर करने में असरदार है. एलोवेरा में विटामिन ए, बी12, सी और विटामिन ई होता है जो हेयर फॉलिकल्स तक पहुंचकर बालों को मजबूती देते हैं और बालों का झड़ना रोकते हैं. ऑयली स्कैल्प से छुटकारा दिलाकर भी एलोवेरा स्कैल्प को ड्राई नहीं करता बल्कि पर्याप्त नमी देता है. इसके अलावा एलोवेरा जैल के अमीनो एसिड्स स्कैल्प को अच्छा रखते हैं और डैड्रफ जैसी दिक्कतों से छुटकारा दिलाते हैं.
प्याज के रस और एलोवेरा को बालों पर एकसाथ लगाने के लिए सबसे पहले एक प्याज लेकर उसका रस निकाल लें. इसके लिए प्याज को पहले घिसें और फिर मुट्ठी में लेकर निचोड़ें और रस को कटोरी में निकालें. इस रस में एलोवेरा जैल मिलाएं. एलोवेरा का ताजा गूदा इस्तेमाल करना ज्यादा अच्छा है.
अब इस तैयार मिश्रण को पूरे बालों में अच्छी तरह जड़ों से सिरों तक लगा लें. आधे से एक घंटे के बीच प्याज के रस और एलोवेरा के इस हेयर मास्क को बालों पर लगाए रखें और फिर सिर धो लें. हफ्ते में एकबार इस हेयर मास्क को लगाया जा सकता है. इसका असर बेहद अच्छा दिखता है और यह बालों को टूटने से बचाता है, बालों को बढ़ने में मदद करता है और इस मास्क से बालों को घना और खूबसूरत बनने में मदद मिलती है.
ब्यूटी टिप्स /शौर्यपथ /जिस तरह शरीर को स्वस्थ रहने के लिए एंटी-ऑक्सीडेंट्स की जरूरत होती है, उसी तरह त्वचा को भी फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचने के लिए एंटी-ऑक्सीडेंट्स की आवश्यक्त होती है. इसीलिए एंटी-ऑक्सीडेंट्स से भरपूर कॉफी त्वचा के लिए बेहद फायदेमंद है. कॉफी एजिंग साइंस को कम करती है, इससे त्वचा पर निखार आता है, यह स्किन को हेल्दी बनाए रखती है और डार्क सर्कल्स से छुटकारा दिलाती है सो अलग. कॉफी एक अच्छे एक्सफोलिएटर का काम भी करती है और त्वचा से डेड स्किन सेल्स को हटा देती है. यहां जानिए किन-किन तरीकों से कॉफी के फेस पैक्स बनाकर लगाए जा सकते हैं. इन फेस पैक्स का असर तुरंत दिखने लगता है इसीलिए कहीं शादी-पार्टी में जाना हो तो बस 15 मिनट पहले भी इन पैक्स को लगाया जा सकता है.
ग्लोइंग स्किन के लिए कॉफी के फेस पैक्स |
कॉफी और हल्दी
हल्दी और कॉफी दोनों ही एंटी-ऑक्सीडेंट्स के अच्छे स्त्रोत हैं. वहीं, हल्दी में एंटी-इंफ्लेमटरी और एंटी-माइक्रोबियल गुण पाए जाते हैं जो स्किन से दाग-धब्बे हटाने और झुर्रियों को कम करने में असर दिखाते हैं. फेस पैक बनाने के लिए एक चम्मच कॉफी में आधा चम्मच हल्दी और डेढ़ चम्मच कच्चा दूध डालकर पेस्ट बना लें. इस फेस पैक को चेहरे पर 10 से 15 मिनट लगाकर रखने के बाद चेहरा धो लें. स्किन निखर जाएगी.
कॉफी और बेसन
डेड स्किन सेल्स हटाने के लिए बेसन और कॉफी को मिलाकर फेस पैक बनाया जा सकता है. इस फेस पैक को बनाने के लिए 2 चम्मच कॉफी पाउडर में एक चम्मच बेसन और 3 चम्मच शहद के साथ 2 चम्मच एलोवेरा जैल मिला लें. इस फेस पैक को चेहरे पर 15 मिनट लगाए रखने के बाद चेहरा धोकर साफ कर लें. स्किन ग्लो करने लगेगी.
कॉफी और दही
एक चम्मच कॉफी पाउडर में एक चम्मच दही और एक चम्मच शहद मिला लें. इस फेस पैक को चेहरे पर 20 मिनट लगाए रखने के बाद चेहरा धो लें. यह फेस पैक स्किन पर कसावट लाने के लिए अच्छा है और इससे स्किन से टैनिंग कम होने लगती है.
कॉफी और नारियल तेल
नारियल के तेल और कॉफी को साथ मिलाकर बने इस फेस पैक से चेहरे को पर्याप्त नमी मिलती है और रूखापन दूर होता है. रूखी-सूखी स्किन पर खिंचावट महसूस होने लगती है जिसे दूर करने में इस फेस पैक का असर नजर आता है. फेस पैक बनाने के लिए एक चम्मच कॉफी में एक चम्मच नारियल का तेल मिला लें. फेस पैक को 15 से 20 मिनट चेहरे पर लगाएं और चेहरा धो लें. चेहरे पर निखार नजर आने लगेगा.
टिप्स ट्रिक्स /शौर्यपथ /ज्यादातर किचन में लहसुन को एक बेस मसाले के रूप में इस्तेमाल किया जाता है. किसी-किसी का तो खाना लहसुन के बिना अधुरा है. ऐसे में किचन में रोज लहसुन का बहुत सारा छिलका जमा हो जाता है. इसे हम कुड़े में ही डालते है. लेकिन इस छिलके के कई सारे फायदे हैं. इसे कई दूसरे कामों में इस्तेमाल में लिया जा सकता है. आइए आपको बताते हैं लहसुन के मामुली से छिलके से आप कितने सारे जरूरी काम कर सकते हैं.
इन चीजों के लिए यूज करें लहसुन के छिलके
कपड़ों की बदबू करें दूर
अलमारी में रखे गंदे और पुराने कपड़े अकसर बदबू फैलाते हैं. ऐसे में लहसुन के छिलके आपकी मदद कर सकते हैं. इसके लिए एक साफ सूती कपड़े में लहसुन के छिलके रखकर पोटली बनाकर कपड़े के पास रख दें. इससे छिलके सारी बदबू सोख लेते हैं.
कुकिंग में भी है यूज
खाना बनाते समय जो लहसुन का छिलका कचड़ा बन जाता है, उसे दोबारा आप किचन में इस्तेमाल कर सकते हैं. खाने से पहले सलाद की ड्रेसिंग करने के लिए आप विनेगर में इन छिलकों में मिला सकते हैं. कुछ नहीं तो आप छिलके को पीसकर नमक में मिलाकर रख सकते हैं.
गंदे बर्तन की सफाई
चाय के बर्तन, सब्जी वाली कढ़ाई, जैसे गंदे बर्तनों पर जिद्दी दाग जम जाते हैं जो साबुन से आसानी से नहीं जाते हैं. ऐसे में लहसुन के छिलके से सफाई करने से बर्तन अच्छी तरह साफ हो जाएंगे. इसके लिए पहले छिलके को अच्छी तरह ड्राई कर लें फिर इसकी मदद से बर्तन को स्क्रब करें.
खाद की क्वालिटी बढ़ाने के लिए
यदि आपके गार्डन में खाद है और आपको उसकी जरूरत है तो आप उसमें लहसुन के छिलके मिलाकर उसकी क्वासिटी बढ़ा सकते हैं. छिलके में मिलने वाले जरूरी पोषक तत्व खाद के साथ मिलकर इसकी क्वालिटी को दोगुना कर देते हैं.
टिप्स ट्रिक्स /शौर्यपथ /करवा चौथ आने वाला है और मार्केट से लेकर घरों में इसकी अभी से काफी तैयारी देखने को मिल रही है. करवा चौथ के दिन सुहागिन महिलाएं सजती संवरती हैं, सोलह श्रृंगार करती हैं और अपने पति की लंबी उम्र के लिए दिन भर निर्जला व्रत रखती हैं. शाम को चॉद देखने के बाद ही अपने व्रत को खोलती हैं. करवा चौथ से पहले हर सुहागिन के हाथों में आपको मेहंदी रची हुई नजर आएगी. अगर आप भी इस करवा चौथ अपने हांथों की मेहंदी के रंग को गाढ़ा करना चाहते हैं तो यहां जानें क्या करें और क्या नहीं.
मेहंदी के रंग को गाढ़ा करने के लिए क्या करें.-
1. लौंग-
मेहंदी के रंग को गाढ़ा करने के लिए आपको बस तीन से चार लौंग लेकर उसे तवे पर गरम करना है और जब भाप निकलने लगे तो उसी भाप से मेहंदी की सिंकाई करें.
2. बाम-
बाम आपके हाथों की मेहंदी का रंग भी गहरा कर सकता है. आप मेहंदी सूखने के बाद इसमें विक्स या बाम लगा सकती है.
3. नींबू चीनी-
मेहंदी को देर तक रखने के लिए आप नींबू और चीनी के घोल को मेहंदी के ऊपर लगा सकते हैं. इससे मेहंदी जल्दी नहीं छूटेगी.
मेहंदी के रंग को गाढ़ा करने के लिए क्या नहीं करें-
1. साबुन-
मेहंदी हटाने के बाद आप अपने हाथ को साबुन से ना धोएं. ऐसा करने से मेहंदी का रंग गाढ़ा नहीं होगा.
2. ब्लो ड्रायर-
कई लोग मेहंदी को जल्दी सूखाने के लिए ब्लो ड्रायर का इस्तेमाल करते हैं. इससे मेहंदी के रंग में फर्क पड़ सकता है. इसलिए ऐसा करने से बचें.
3. पानी ना डालें-
मेहंदी निकलने के बाद कोशिश करें, कि मेहंदी में कम से कम 6 घंटे पानी ना पड़े.
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
