August 08, 2026
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      टिप्स ट्रिक्स /शौर्यपथ/ हर इंसान को जीवन जीने के लिए पानी सबसे जरूरी है. इसके बिना कुछ घंटे भले ही रहा जा सकता है, लेकिन कुछ दिन अगर पानी ना मिले तो मरने की नौबत आ सकती है. लेकिन इतने जरूरी चीज को हम सब बड़ी आसानी से कभी एक ही घूंट में पी जाते हैं, कभी चलते-चलते पी लेते हैं, तो कभी पीना ही भूल जाते हैं. आयुर्वेद पानी को पीने भी बहुत जरूरी गतिविधि मानता है. कुछ ऐसी बातें हैं जिनका आपको पानी पीते समय खयाल रखना बहुत जरूरी हैं.
    ये हैं पानी पीने का सही तरीका
    1. इतना पानी रोज पीना है जरूरी
    आयुर्वेद की माने तो हर किसी को दिन में 7 से 8 ग्लास पानी जरूर पीना चाहिए. अपने शरीर को अच्छी तरह हाइड्रेट रखना बहुत जरूरी है. पानी की कमी होने से आपको कई सारी बीमारियां घेर सकती है.
    2. गुनगुना करके पिएं
    लोगों को ठंड के मौसम में सिर्फ गुनगुने पानी की याद आती हैं. लेकिन फायदे के हिसाब से आपको पूरे साल हल्का गुनगुना पानी ही पीना चाहिए. फ्रीज का ठंडा पानी आपके हड्डियों के लिए बहुत बुरा होता है. गुनगुने पानी से शरीर अच्छी तरह डिटॉक्स हो जाता है और आपका पाचन सही रहता है.
    3. खड़े होकर कभी ना पिएं पानी
    बचपन से हमें सिखाया जाता हैं कि कभी भी खड़े होकर पानी नहीं पीना चाहिए. इसके पीछे वैज्ञानिक कारण भी हैं. असल में खड़े होकर पानी पीने से शरीर में मौजूद तरल चीजों का संतुलन बिगड़ जाता है. इससे गठिया जैसी गंभीर बीमारी भी हो सकती है.
    4. एक घूंट में ना करें खत्म
    अकसर लोगों की आदत होती हैं एक ही घूंट में पानी गटक जाने की. लेकिन ये शरीर के लिए बहुत बुरा होता है. इससे अंदर के पार्ट्स को चोट लग सकता है. घूंट-घूंट करके पानी पीने से शरीर उसमें मौजूद पोषक तत्वों को अच्छी तरह प्रोसेस कर पाता है.
    5. खाने के साथ ना पिएं पानी
    आयर्वेद मानता हैं कि खाने के साथ पानी पीना अच्छा नहीं होता है. इससे खाने का पाचन रुक जाता है. इसलिए खाने के 1 घंटे पहले या 1 घंटे बाद अच्छी तरह पानी पी लें.

       टिप्स /शौर्यपथ / इलायची अपने शानदार सुगंधित स्वाद के लिए जानी जाती है. ये सिर्फ एक मसाला नहीं है बल्कि स्वास्थ्य लाभों का एक खजाना है. बहुत से लोग अक्सर इसको हल्के में ले लेते हैं. इलायची के शक्ति के बारे में बहुत कम लोगों की पता होता है. इलायची के स्वास्थ्य लाभों को अंगुली पर गिनाना मुश्किल है. पाचन के लिए इलायची के फायदे सभी जानते हैं लेकिन क्या आप जानते हैं कि इलायची सूजन के लिए भी लाभकारी मानी जाती है. इम्यूनिटी के लिए इलायची के फायदे जबरदस्त हैं. ब्लड प्रेशर कंट्रोल करने के लिए इलायची के लिए सबसे ज्यादा पॉपुलर सुपरफूड मानी जाती है. ऐसे कई अन्य स्वास्थ्य समस्याएं भी हैं जिनसे राहत पाने के लिए इलायची को घरेलू नुस्खे के रूप में इस्तेमाल किया जाता है.
    इलायची का सेवन करने से मिलने वाले फायदे | Benefits of Consuming Cardamom
    1. डायजेशन हेल्थ को बढ़ावा देता है
    हेल्दी डायजेशन हमारी ऑलओवर हेल्थ को बढ़ावा देता है. यह तय करता है कि हमारा शरीर कितनी कुशलता से पोषक तत्वों को अवशोषित करता है और इलायची इस सिस्टम को सपोर्ट करने में बड़ी भूमिका निभाती है.
    2. डायजेशन डिसऑर्डर
    इस मसाले में प्राकृतिक पाचन गुण होते हैं जो अपच, सूजन और गैस जैसी समस्याओं को कम करने में मदद कर सकते हैं. इसका कार्मिनेटिव प्रभाव गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ट्रैक्ट को शांत करता है, जिससे पाचन को बढ़ावा मिलता है.
    3. आंत को बढ़ावा देती है
    इलायची आंत को बढ़ावा देने में बड़ी भूमिका निभाती है. इलायची का सेवन आपके पाचन तंत्र में लाभकारी बैक्टीरिया के संतुलन को बढ़ा सकता है. इलायची एक प्रीबायोटिक के रूप में भी काम करती है.
    4. इम्यून सिस्टम को मजबूत करना
    एक स्ट्रॉन्ग इम्यूनिटी आपके शरीर को बीमारियों से बचाती है. इलायची में कई ऐसे जरूरी कॉम्पोनेंट होते हैं जो आपके इम्यून सिस्टम को बढ़ावा दे सकती है.
    5. एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर
    एंटीऑक्सीडेंट हानिकारक फ्री रेडिकल्स को बेअसर करते हैं. वर्ना ये फ्री रेडिकल्स आपकी कोशिकाओं को नुकसान पहुंचा सकते हैं और आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली को कमजोर कर सकते हैं.
    6. सूजन रोधी गुण
    हार्ट डिजीज और कैंसर सहित कई बीमारियों में पुरानी सूजन होती है. इलायची में सूजन-रोधी गुण होते हैं, जो इसे ऐसी कंडिशन के रिस्क को कम करने में एक शक्तिशाली सुपरफूड है.
    7. ब्लड प्रेशर कंट्रोल
    हार्ट को हेल्दी बनाए रखने के लिए ब्लड प्रेशर एक बड़ा कारक है. आपके ब्लड प्रेशर को हेल्दी लेवल में रखने में इलायची की बड़ी भूमिका हो सकती है.
    8. कोलेस्ट्रॉल मैनेजमेंट
    बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल लेवल कई व्यक्तियों के लिए एक बड़ी चिंता का विषय हो सकता है. इलायची इस समस्या का प्राकृतिक और स्वादिष्ट समाधान हो सकती है.
    9. वजन कम करने में मददगार
    मोटापा कई लोगों के लिए एक चिंता का विषय है. अगर आप वजन घटाने का प्रयास कर रहे हैं तो इलायची आपकी मदद कर सकती है.

      सेहत टिप्स /शौर्यपथ / चिया बीज चमकदार और चिकनी बनावट के साथ छोटे, चपटे और अंडाकार आकार के होते हैं. इनका रंग सफेद से लेकर भूरा या काला होता है. यह बीज कई तरीके से सेवन किया जा सकता है. इन्हें भिगोया जा सकता है और दलिया में मिलाया जा सकता है, हलवा बनाया जा सकता है, या बस सलाद या दही के ऊपर छिड़का जा सकता है. चिया बीज में प्रति औंस (28 ग्राम) 138 कैलोरी होती है. इनमें 6% पानी, 46% कार्बोहाइड्रेट, 34% वसा और 19% प्रोटीन होता है. तो चलिए आपको बताते हैं यह छोटा सा बीज किन किन बीमारियों में लाभ पहुंचा सकता है.
    चिया सीड्स खाने के क्या हैं फायदे
    1- अगर आप चिया सीड्स का सेवन करते हैं तो आपका ब्लड शुगर कंट्रोल में रहेगा. यह टाइप 2 मधुमेह रोगियों के लक्षणों को भी कम करता है. चिया सीड्स आपके वजन को भी बढ़ने नहीं देता है. यह बॉडी में हेल्दी फैट को बढ़ावा देता है. इससे आपके दिल की भी सेहत दुरुस्त रहती है.
    2- चिया सीड्स आपकी हड्डियों के लिए भी अच्छा रहता है. इसमें मैग्नीसियम, फास्फोरस, केल्शियम और पोटैशियम जैसे खनिज होते हैं. जिन लोगों को जोड़ो में दर्द रहता है चलने - फिरने में परेशानी होती है उनके लिए तो ये सीड बहुत फायदेमंद होता है.
    3- आंतों की सेहत के लिए भी यह सीड बहुत अच्छा होता है. कब्ज से भी निजात दिलाने में यह बीज रामबाण साबित होता है. क्योंकि इस बीज में घुलनशील और अघुलनशील फाइबर होते हैं. रोजाना इस बीज का सेवन करने से आपकी ओवरऑल हेल्थ अच्छी रहेगी.
    4- चिया सीड्स को सब्जी में मिक्स करके खा सकते हैं. इनका सेवन आप भूनकर भी कर सकते हैं. आप अपना वेट लॉस करना चाहते हैं तो फिर इसको सलाद के रूप में भी खा सकते हैं. यह आपके भूख को भी शांत करता है. आप इसको स्टोर करके एक डिब्बे में स्टोर कर लीजिए फिर जब इच्छा हो आप इसका सेवन कर लीजिए.

       खाना खजाना/शौर्यपथ/ पहले के समय से ही लहसुन के गुण लोगों को पता थे इसलिए इसे खाने में यूज किया जाने लगा. सर्दी और खासी होने पर लहसुन का सेवन बहुत फायदेमंद माना जाता है. अपने औषधिय गुणों के कारण इसे कई बार दवा बनाने में भी इस्तेमाल किया जाता है. लहसुन में एंटी ऑक्सीडेंट गुण भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं. ये आपके शरीर के रोग-प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मदद करता है. वैसे इसका सेवन कई लोग सीधे भी कर लेते हैं, लेकिन बच्चों को लहसुन खाना पसंद नहीं होता हैं. ऐसे में आप उनके लिए लहसुन वाला लच्छा पराठा बना सकते हैं. ये सुबह के नास्ते का एक अच्छा विकल्प हो सकता है. आइए जानते हैं कि इसे कैसे बनाते हैं.
    लहसुन लच्छा पराठा बनाने के लिए जरूरी सामग्री
    आटा - 2 कप
    लहसुन की कलियां - 8 से 10
    देसी घी - 3 चम्मच
    काली मिर्च पाउडर - आधा चम्मच
    कटी हरी मिर्च - 3 छोटी कटी
    अजवाइन - आधा चम्मच
    मक्खन - 1 चम्मच
    नमक - स्वादानुसार
    लहसुन वाला लच्छा पराठा बनाने की विधि
    सबसे पहले एक बाउल में लहसुन की 8-10 कलियां अच्छी तरह छीलकर बारीक काट लें.
    अब इस बाउल में 2 कप आटा और 1 चम्मच मक्खन ढालकर मिला लें.
    अपने अंदाज के हिसाब से इस मिक्स में पानी डालकर इसे मुलायम होने तक अच्छी तरह गूंथ लें.
    गूंथने के बाद इस आटे को 10 मिनट के लिए छोड़ दें. अब इसकी छोटी लोइयां काटकर रख लें.
    अब एक नॉन स्टिक तवा लें और इसे देसी घी से अच्छी तरह ग्रीस कर लें. ऐसा करने से आपका पराठा तवे पर चिपकेगा नहीं.
    पराठे को अच्छी तरह पकाने के बाद इसे चटनी, अचार या सब्जी के साथ गर्म परोसे.

        रसोई टिप्स /शौर्यपथ /प्याज की लगातार बढ़ती कीमतों ने लोगों को परेशानी में डाल दिया है. हर कोई यही सोच रहा है कि अब कैसे खाने में स्वाद लाएं, क्योंकि बिना प्याज के तो सब अधूरा ही लगता है. दिल्ली में प्याज की कीमत 70 से 80 रुपए किलो हो गई है, जिस वजह से कई डिशो में प्याज का इस्तेमाल धीरे-धीरे कम होता जा रहा है. नतीजतन घर पर खाना बनाने से पहले भी एक अलग परेशानी है कि आखिर ऐसा क्या बनाएं जो बिना प्याज के भी वैसा ही स्वाद ले आए और सबको पसंद आए. प्याज किसी भी डिश का एक मेन इंग्रीडिएंट होता है, जो न केवर करी को गाढ़ा करता है बल्कि एक अलग स्वाद भी देता है. खासतौर से पनीर और चिकन जैसी डिश में. लेकिन अगर हम आपको कहें कि आप बिना प्याज के भी अपनी सब्जी में वैसा ही स्वाद ला सकते हैं, तो क्या आपको यकीन होगा? अगर नहीं, तो हम आपको बता दें कि आपके ही किचन में कुछ ऐसी चीजें मौजूद हैं जो प्याज को रिप्लेस कर के आपके खाने को उसके बिना ही स्वादिष्ट बना सकती हैं. तो आइए जानते हैं क्या हैं वो चीजें, जिनकों आप प्याज की जगह पर इस्तेमाल कर सकते हैं.
    बिना प्याज के ग्रेवी को थिक और टेस्टी बनाने के तरीके
    1. मलाईदार दही और क्रीम
       आप दही और क्रीम के साथ भी अपनी डिश के स्वाद को बढ़ा सकते हैं और इसके लिए आपको प्याज की जरूरत भी नहीं पड़ेगी. टेस्ट से समझौता किए बिना अपनी ग्रेवी को बेहतरीन टेस्ट देने में ये दोनों ही आपकी मदद करेंगे. क्रीम और दही दोनों ही आपकी ग्रेवी में एक थिकनेस के साथ एक रिच टेस्ट भी जोड़ती हैं.
    2. मूंगफली पेस्ट
       प्याज का कुरकुरापन याद आ रहा है? कोई चिंता नहीं! अपनी ग्रेवी को गाढ़ा करने के लिए कुछ मूंगफली लें और उन्हें पीसकर मुलायम पेस्ट बना लें और अपनी डिश में एक स्वादिष्ट पौष्टिक स्वाद जोड़ें. मूंगफली का पेस्ट किसी भी ग्रेवी में एक अलग सा नटी फ्लेवर जोड़ देता है जो खाने में बेहद स्वादिष्ट लगता है.
    3. काजू पेस्ट
        मूंगफली नहीं मिल रही? कोई बात नहीं! इसकी जगह आप काजू के पेस्ट का इस्तेमाल भी कर सकते हैं. काजू पेस्ट किसी भी ग्रेवी में एक रिचनेस और स्मूदीनेस जोड़ता है, इसके साथ ही इसका स्वाद किसी भी ग्रेवी को बढ़ाने में मदद करता है. अगर आपके पास काजू नहीं है, तो आप बादाम के पेस्ट का इस्तेमाल भी कर सकते हैं.

      सेहत टिप्स /शौर्यपथ / जब भी आप डेली स्टेप काउंट के बारे में सर्च करेंगे तो हर दिन 10,000 कदम चलने की सिफारिश की जाएगी, लेकिन क्या ये सही आंकड़ा है? क्या एक दिन में सिर्फ दस हजार कदम चलना काफी है? ये सवाल बहुत से लोगों के जहन में होता है कि एक दिन में कितने कदम चलने चाहिए. कहा ये भी जाता है कि हर दिन 10 हजार कदम चलने का कॉन्सेप्ट तब पैदा हुआ जब एक जापानी कंपनी ने 'मैनपो-केई' नामक एक पेडोमीटर बनाया, जिसका अर्थ है '10,000 कदम मीटर'. यह विचार विज्ञान से नहीं बल्कि मार्केटिंग से प्रेरित माना जाता है. अब सवाल उठता है कि क्या अपनी फिटनेस बनाए रखने के लिए रोज कितना चलें. यहां सही जवाब बताया गया है, चलिए जानते हैं.
    ​एक्सपर्ट क्या सलाह देते हैं?
       कहा जाता है कि किसी को अपनी दौड़ को किलोमीटर के बजाय मिनटों में गिनना चाहिए. यह सरल लग सकता है लेकिन यह आपके खुद को ट्रेंड करने के तरीके में जरूरी बदलाव है. उदाहरण के लिए केवल पांच किलोमीटर चलने पर फोकस करेंगे से बेहतर है आप 45 मिनट तक दौड़ते रहे, ये एक लंबी और उपयोगी कसरत मानी जाएगी. ध्यान पैरों के समय पर होना चाहिए न कि गति और दूरी पर.
     क्या कहते हैं अध्ययन?
        साइंटिफिक रिपोर्ट्स जर्नल में प्रकाशित 2018 के एक अध्ययन के अनुसार, यही सोच चलने पर भी लागू की जानी चाहिए, जो प्रति दिन 10,000 कदम चलने के लोकप्रिय विचार को खारिज कर देती है.
    आम धारणा के विपरीत हर दिन 10,000 कदम चलना एक आदर्श बेंचमार्क नहीं है और न ही फिजिकल हेल्थ का सटीक संकेतक है.
           हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से एसोसिएट ब्रिघम द्वारा किए गए और जेएएमए इंटरनल मेडिसिन जर्नल में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार, आपको मृत्यु के जोखिम को काफी कम करने के लिए हर दिन केवल 4,400 कदम चलने की जरूरत है. कदमों की संख्या में बढ़ोत्तरी के साथ मृत्यु का जोखिम कम होता रहा, लेकिन प्रति दिन लगभग 7,500 कदम पर स्थिर रहा. इससे भी जरूरी बात यह है कि आप अपनी सैर के साथ-साथ ज्यादा इंटेंस व्यायाम भी कर रहे हैं.
    हेल्दी और फिट रहने के लिए सैर के साथ-साथ हर दिन कम से कम 20 मिनट व्यायाम करने का भी टारगेट होना चाहिए.

      सेहत टिप्स/शौर्यपथ / सर्दियां आते ही ग्रीन टी पीने वालों की संख्या भी बढ़ जाती है. वैसे तो इसे हर सीजन में ग्रीन पीने की रिफारिश की जाती है लेकिन ठंड का मौसम इसके लिए ज्यादा अनुकूल होता है. ग्रीन टी एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होती है. इसमें रेगुलर चाय के मुकाबले कैफीन का लेवल कम होता है और ग्रीन टी में एंटऑक्सीडेंट्स की मात्रा काफी ज्यादा होती है. इसे हेल्दी चाय के रूप में माना जाता है, लेकिन ग्रीन टी को क्या खास बनाता है और हेल्थ के लिए एक दिन में कितनी मात्रा में ग्रीन टी का सेवन करना ठीक है? यहां जान लीजिए सब कुछ.
    ग्रीन टी का सेवन क्यों करना चाहिए? |
    1. हाई ब्लड प्रेशर को कम करता है
         यूरोपियन जर्नल ऑफ न्यूट्रिशन में प्रकाशित 2014 के एक अध्ययन के अनुसार, ग्रीन टी के कैटेचिन ब्लड प्रेशर को कम करने में प्रभाव डाल सकते हैं. इसलिए माना जाता है कि ग्रीन टी का सेवन ब्लड प्रेश को कंट्रोल करने में मदद कर सकता है.
    2. ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल
       कई शोध से पता चलता है कि ग्रीन टी ब्लड शुगर लेवल को मैनेज करने में मदद कर सकती है और इंसुलिन सेंसिटिविटी को बढ़ा सकती है. इसलिए डायबिटीज रोगियों को भी ग्रीन टी पीने की सलाह दी जाती है.
    3. मूड को बेहतर बनाती है
      ग्रीन टी में पाया जाने वाला एल-थेनाइन रिलेक्स और कॉग्नेटिव हेल्थ को बढ़ावा देता है. माना ये भी जाता है कि ग्रीन टी पीने से चिंता को कंट्रोल किया जा सकता है, याददाश्त में सुधार के साथ-साथ ध्यान फोकस बढ़ाने में मदद मिल सकती है.
    एक दिन में कितनी ग्रीन टी पीनी चाहिए?
       ग्रीन टी के सेवन से कई फायदे हैं, लेकिन यह ध्यान रखना जरूरी है कि दिन में 2 या 3 कप से ज्यादा सेवन न किया जाए. ग्रीन का ज्यादा सेवन करने से भी पेट खराब होना, लिवर टॉक्सिटी, अनिद्रा, त्वचा पर चकत्ते और ब्लड प्रेशर बढ़ना जैसे दुष्प्रभाव हो सकते हैं.

        ब्यूटी टिप्स /शौर्यपथ /जब भी स्किन केयर की बात आती है तो हम सभी महंगे-महंगे प्रोडक्ट्स चुनते हैं, लेकिन ग्लोइंग स्किन पाने के लिए घरेलू नुस्खे भी काफी कारगर हैं. उन्हें न सिर्फ आजमाना आसान है बल्कि वे बिना साइडइफेक्टस के चेहरे को चमकदार बनाने के लिए भी कमाल हैं. ऐसे बहुत से घरेलू उपाय हैं जो चेहरे से झाइयां और झुर्रियां गायब कर सकते हैं. बशर्ते आपको उनको इस्तेमाल करने का तरीका पता हो. आजकल प्रदूषण, धूल मिट्टी और केमिकल वाले स्किन केयर प्रोडक्ट्स का ज्यादा इस्तेमाल से आपके चेहरे की नेचुरल चमक ही गायब हो गई है. फेस पर पिगमेंटेशन के साथ कम उम्र में ही बुढ़ापे के लक्षण नजर आने लगते हैं. अगर आप भी जवां दिखना चाहते हैं और ग्लोइंग स्किन के नेचुरल उपाय तलाश रहे हैं तो एलोवेरा आपके लिए कमाल कर सकता है. जान लीजिए फेस पर इंस्टेंट ग्लो लाने के लिए इसका इस्तेमाल कैसे करें.
    फेस पर ग्लो लाने का घरेलू नुस्खा |
        चेहरे पर तुरंत चमक पाने के लिए हमेशा महंगे प्रोडक्ट्स या कठिन स्किन केयर रूटीन की जरूरत नहीं होती है. प्रकृति ने हमें चमकती त्वचा के लिए प्राकृतिक घरेलू उपचारों का खजाना दिया है जो स्किन को जवां बना रखने के लिए असरदार हैं. यहां एक आसान नुस्खा है जो त्वचा का गजब का निखार देने के लिए जाना जाता है.
    चेहरे के लिए एलोवेरा जेल और हल्दी
          एलोवेरा जेल आपकी त्वचा के लिए बेहद अच्छा है. यह त्वचा को लाभ पहुंचाने वाले गुणों से भरपूर है. एलोवेरा जेल और हल्दी का कॉम्बिनेशन आपकी त्वचा के लिए अद्भुत काम कर सकता है. थोड़ा सा एलोवेरा जेल लें और उसमें दो से तीन चुटकी हल्दी पाउडर मिलाएं. गाढ़ा पेस्ट बनाने के लिए आप इसमें बेसन या मुल्तानी मिट्टी मिला सकते हैं. अब इस पेस्ट को अपने चेहरे पर लगाएं और कुछ देर तक ऐसे ही रहने दें. इसी तरह सूखने पर इसे पानी से धो लें. इस उपाय का प्रयोग हफ्ते में एक या दो बार करें.

       व्रत त्योहर /शौर्यपथ / हर साल कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को अहोई अष्टमी या अहोई आठे के नाम से जाना जाता है. ये व्रत सभी माताएं अपने संतान के लिए रखती हैं. इस दिन व्रत करने की विधि बिल्कुल करवा चौथ जैसी होती है लेकिन इस दिन चांद को अर्घ्य ना देकर तारों को अर्घ्य दिया जाता है. महिलाएं पूरे दिन अपने संतान की लंबी उम्र की कामना करते हुए व्रत रखती हैं और रात को अर्घ्य देने के बाद पारण करती हैं. इस साल अहोई अष्टमी के दिन दो शुभ योग बन रहे हैं. आइए जानते हैं इन शुभ योगों के बारे में, साथ ही इस व्रत की सही तिथि और मुहूर्त.
    अहोई अष्टमी 2023 तिथि और शुभ मुहूर्त
        इस साल कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि 5 नवंबर 2023, रविवार को है. इस दिन महिलाएं अपनी संतान के लिए अहोई अष्टमी का व्रत रख सकती है. अगर बात करें शुभ मुहूर्त कि तो अष्टमी तिथि की शुरुआत 4 नवंबर 2023 को रात 12:59 बजे से हो रही हैं. और इस तिथि का समापन 5 नवंबर 2023 को रात 3:18 बजे होगा. ऐसे में आप 5 नवंबर को आराम से इस व्रत को कर सकती हैं.
    अहोई अष्टमी शुभ योग
       अहोई अष्टमी के दिन व्रती महिलाओं के लिए अर्घ्य देकर व्रत खोलने के लिए तारों को देखने का समय शाम 05 बजकर 58 मिनट से शुरू होगा. इस साल अहोई अष्टमी के दिन दो शुभ योग बन रहे हैं. सबसे पहले रवि पुष्य योग और दूसरा सर्वार्थ सिद्धि योग. इनमें किसी भी काम को करना बहुत शुभ माना जाता है. बल्कि इसमें व्रत करने से उससे मिलने वाला लाभ बढ़ जाता है.
    पूजन विधि और मान्यताएं
         अहोई अष्टमी का हिन्दू ग्रंथों में बहुत महत्तव बताया गया है. इस व्रत को करने से संतान की उम्र लंबी होती है और उसके सफलता के रास्ते खुलते हैं. इस दिन मां पार्वती, महादेव और पूरे शिव परिवार की पूजा की जाती है. इस दिन व्रत के कथा को सुनते समय अपने हाथों में 7 अलग प्रकार के अनाज रखने चाहिए. भगवान को लगाएं भोग को पूजा करने और अर्घ्य देने के बाद सबसे पहले अपने बच्चे को खिलाएं.

    व्रत त्यौहार /शौर्यपथ / हिन्दू धर्म में एकादशी तिथि का बहुत बड़ा महत्तव है. इस तिथि को भगवान विष्णु का दिन माना जाता है. एकादशी के दिन व्रत और पूजा करने से विष्णु भगवान खुश होते हैं और सारी मनोकामना पूरी करते हैं. अगर बात करें रमा एकादशी की तो इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा का विशेष महत्तव है. एकादशी के दिन व्रत और पूजा करते समय कुछ खास नियमों का पालन करना भी बहुत जरूरी हैं. लेकिन इससे पहले आइए जानते हैं इस साल रमा एकादशी कब की हैं और क्या है इसका सही मुहूर्त.
    रमा एकादशी 2023 तिथि
        रमा एकादशी का व्रत हर साल कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को रखा जाता है. इस साल ये व्रत 9 नवंबर 2023, गुरुवार को रखा जाएगा. ये दिवाली से कुछ दिन पहले आती है और करवा चौथ के ठीक बाद. धन और ऐश्वर्य की प्राप्ति के लिए ये व्रत सबसे ज्यादा असरदार है.
    रमा एकादशी शुभ मुहूर्त
         इस साल कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि 8 नवंबर 2023 को सुबह 8:23 बजे से शुरू होगी और अगले दिन 9 नवंबर 2023 को सुबह 10:41 बजे खत्म होगी. वहीं अगर बात की जाएं पूजा मुहूर्त की तो 9 नवंबर को सुबह 06:39 बजे से लेकर सुबह 08:00 तक शुभ समय है. व्रत के पारण का शुभ मुहूर्त 10 नवंबर 2023 को सुबह 06:39 बजे से सुबह 08:50 बजे तक है.
    रमा एकादशी पूजा में ध्यान देने वाली बातें
    चावल का सेवन है वर्जित
       एकादशी के दिन चावल खाना सही नहीं माना जाता है. पुरानी हिन्दू मान्यताओं की मानें तो इस दिन चावल के सेवन से इंसान को किसी रेंगने वली जीव की यौनी में जन्म मिलता है.
    तुलसी में जल ना दें
       इस दिन कई जगहों पर माता तुलसी और भगवान की विष्णु की पूजा की जाती है. मान्यताओं के अनुसार इस दिन मां तुलसी विष्णु भगवान के लिए निर्जला व्रत करती हैं. ऐसे में अगर आप उन्हें जल अर्पित करेंगे तो आप पाप के भागी बन जाएंगे.
    तन-मन रखें शुद्ध
         वैसे तो पूजा-पाठ करने से पहले हम अपना तन शुद्ध कर लेते हैं, लेकिन मन को भी शुद्ध होना उतना ही जरूरी है. रमा एकादशी के दिन व्रत या पूजा के दौरान आपको अपना मन साफ रख कर सिर्फ भगवान विष्णु का स्मरण करना चाहिए. बुरे ख्याल, झूठ बोलने, बुरा बोलने, से बचना चाहिए.

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