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अतिक्रमण की कार्रवाही से आम जनता को मिलेगी आवागमन में राहत
दुर्ग/शौर्यपथ /नगर पालिक निगम सीमा क्षेत्र अंतर्गत अवैध कब्जा को हटाने अभियान चलाया जा रहा है। कलेक्टर पुष्पेंद्र मीणा के द्वारा नगरीय निकाय के अधिकारियो की बैठक लेकर अवैध कब्जा के खिलाफ कार्रवाही के निर्देश दिये गये है। बुधवार से शुरू हुआ बेदखली अभियान तीसरे दिन शुक्रवार को भी जारी रहा।शुक्रवार डाटा सेंटर के पास बने चबूतरे को तोड़फोड़ कर ध्वस्त किया गया।कार्रवाही के दौरान सड़क किनारे पड़े कबाड़ ठेला,साइन बोर्ड,पोस्टर एवं अन्य सामग्री को जब्त किया गया। नगर निगम प्रशासन का दावा है कि यह कार्रवाई लगातार चलेगी तथा मानिटरिंग के साथ साथ मुनादी के माध्यम से कब्जाधारियों को सूचित किया जा रहा है कि वे अपना कब्जा हटा लें।डाटा सेंटर से लेकर पटेल चौक से होकर तहसील कार्यलय क्षेत्र,पुराना कोतवाली थाना के पीछे अवैध रूप से लगाई गई 32 से अधिक कब्जा को निगम ने हटाने की कार्रवाई की।नगर निगम अमला ने पुलिस की मौजूदगी मे यह अभियान चलाया। बॉस बल्ली के माध्यम से तंबू तानकर तथा दुकान के ऊपर सड़क सीमा में टीन सेट बनाकर रखने वाले टीनसेट को बुलडोजर से तोड़कर हटाया गया।बता दे कि क्षेत्र को कब्जामुक्त कराने के साथ ही अधिकारियों द्वारा अतिक्रमणकारियों को दोबारा कब्जा नहीं करने की हिदायत भी दी गई। इन कब्जाधारियों पर कार्यवाही से आम जनता को आवागमन में राहत मिलेगी।आयुक्त लोकेश चंद्राकर के निर्देश पर सीएसपी मणि शंकर चंद्रा,अतिक्रमण अधिकारी दुर्गेश गुप्ता, बाजार अधिकारी जावेद अली के नेतृत्व में निगम अमला ने पटेल चौक से तहसील कार्यलय क्षेत्रो पर स्थित तीन दर्जनों दुकानों के बांस, बल्ली व टीन शेड लगाकर किए गए कब्जे को भी हटाया। कुछ दुकानदारों द्वारा टीन शेड स्वयं हटा लेने एक दिन की मोहलत मांगी गई।कार्रवाही के दौरान दुर्ग थाना प्रभारी, सहायक बाजार अधिकारी थानसिंह यादव,राजू बक्शी,ईश्वर वर्मा,शशिकांत यादव,बलदाऊ पटेल के अलावा टीम अमला मौजूद रहे।
ब्यूटी टिप्स /शौर्यपथ /बालों की सेहत अच्छी रहती है तो बाल देखने में भी खूबसूरत नजर आते हैं. वहीं, बाल अगर अंदरूनी रूप से कमजोर होते हैं तो उनकी बाहरी सुंदरता पर भी असर पड़ता है. बाल कमजोर होकर टूटने लगते हैं, खुरदुरे हो जाते हैं, रूखे-सूखे नजर आते हैं और बालों को बढ़ने में भी दिक्कत होती है. ऐसे में विटामिन ई कैप्सूल का इस्तेमाल किया जा सकता है. विटामिन ई कैप्सूल बालों को बढ़ने में मदद करती है और बालों को घना बनाने में भी असरदार है. यहां जानिए किन-किन तरीकों से बालों पर विटामिन ई लगा सकते हैं और विटामिन ई के पूरे फायदे उठाए जा सकते हैं.
घने बालों के लिए विटामिन ई |
विटामिन ई एक पावरफुल एंटी-ऑक्सीडेंट है जो ब्लड सर्कुलेशन बेहतर करके हेयर ग्रोथ में मददगार है. इसे लगाने पर बालों का टूटना कम होता है और स्कैल्प से ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस कम हो जाता है. बालों पर विटामिन ई को कई तरह से लगाया जा सकता है.
नारियल तेल के साथ
विटामिन ई कैप्सूल इस्तेमाल करने का सबसे आसान तरीका है कि इसे किसी कैरियर ऑयल के साथ बालों पर लगा लिया जाए. इसके लिए एक कटोरी में नारियल का तेल या फिर ऑलिव ऑयल लें और उसमें विटामिन ई कैप्सूल मिला लें. इसे बालों की जड़ों से सिरों तक लगाएं और उंगलियों से सिर की अच्छे से मालिश करें. नहाने से 2 से 3 घंटे पहले इस तरह विटामिन ई लगाएं और फिर सिर धो लें. बालों पर अच्छा असर नजर आता है.
शैंपू के साथ
बालों पर विटामिन ई लगाने का एक तरीका यह भी है कि इस कैप्सूल को शैंपू या कंडीशनर के साथ मिक्स करके भी बालों पर लगाया जा सकता है. इससे बालों को एंटी-ऑक्सीडेंट्स मिलते हैं और बाल मजबूत भी बनते हैं.
दही के साथ
विटामिन ई को दही के साथ मिलाकर हेयर मास्क तैयार करें. इस हेयर मास्क को बालों पर स्कैल्प से सिरों तक लगाएं और एक घंटे बाद सिर धो लें. इस हेयर मास्क से बालों को चमक और नमी दोनों मिलते हैं.
हेयर जैल के साथ
एलोवेरा जैल या फिर हेयर जैल के साथ मिलाकर भी विटामिन ई को बालों पर लगाया जा सकता है. इससे बालों को पोषण तो मिलता ही है साथ ही बाल दिनभर संभले रहते हैं और देखने में खूबसूरत दिखते हैं.
टिप्स ट्रिक्स /शौर्यपथ /घर में आप भले ही कितनी ही सफाई क्यों न कर लें, लेकिन जब तक आपका बाथरूम साफ नहीं होता तब तक मन को चैन नहीं मिलता है. इतना ही नहीं जब कोई गेस्ट घर में आ जाए और गंदा बाथरूम देखे तो उनके ऊपर भी गलत इंप्रेशन पड़ता है. ऐसे में अगर आप भी चाहते हैं कि आपका बाथरूम चमचमाता रहे और इसके लिए आप बहुत सारे पैसे भी नहीं खर्च करना चाहते, तो घर में पड़ी छोटी सी फिटकरी का इस्तेमाल करके आप अपने बाथरूम को नीट एंड क्लीन कर सकते हैं.
वॉश बेसिन को साफ करने के लिए करें फिटकरी का इस्तेमाल
वॉश बेसिन में अक्सर पीले निशान बन जाते हैं, जो बहुत ही गंदे दिखते हैं. ऐसे में थोड़ी सी फिटकरी लें और इसे एक कटोरे पानी में मिक्स कर लें, इसे 20 मिनट के लिए छोड़ दें. जब फिटकरी पानी में घुल जाए तब फिटकरी के पानी में एक चम्मच बेकिंग सोडा डालें और इसे वॉश बेसिन में छिड़क कर ब्रश की मदद से रगड़े और आप देखेंगे कि वॉश बेसिन एकदम नए जैसा चमकने लगेगा.
ऐसेकरें बाथरूम के नलों की सफाई
बाथरूम के नल में अक्सर पानी के गंदे निशान या फिर जंग पड़ जाती है. ऐसे में इसे साफ करने के लिए एक कटोरी पानी में फिटकरी का पाउडर डालें. इसमें दो चम्मच सिरका मिलाएं और इसका एक गाढ़ा पेस्ट बना लें. इस पेस्ट को 20 मिनट के लिए नल पर लगाकर छोड़ दें, फिर एक स्क्रब या ब्रश की मदद से रगड़ते हुए नल को साफ कर लें.
सीवेज लाइन या नाली को ऐसे करें साफ
बाथरूम की नाली या सीवेज लाइन को साफ करने के लिए भी फिटकरी बहुत कारगर होती है. इसके लिए एक बाउल गर्म पानी करें, इसमें दो चम्मच फिटकरी का पाउडर मिक्स करें, इसमें आधा नींबू का रस मिलाएं और इसे बाथरूम की नाली के आसपास और अंदर भी डाल दें. इसे 10 मिनट के लिए ऐसे ही छोड़ दें, फिर एक ब्रश की मदद से साफ करें और पानी डालकर सीवेज लाइन को भी साफ कर लें.
टाइल्स को साफ करने का तरीका
फिटकरी से टाइल्स को साफ करने के लिए गर्म पानी में फिटकरी का पाउडर मिलाएं और इसे धीरे-धीरे अपने टाइल्स पर लगाकर रगड़ते हुए साफ कर लें.
सेहत टिप्स /शौर्यपथ / आजकल लोग जंक और फास्ट फूड पर बहुत निर्भर होते जा रहे हैं, जो उनकी बॉडी को अंदर से कमजोर और खोखला बना रहे हैं. यह फूड आपके शरीर को अंदर से दीमक की तरह खा रहे हैं. ऐसे में आपको जितना जल्दी हो इन फूड से दूरी बना लेनी चाहिए. आपको अपनी डाइट में हेल्दी फूड को शामिल करना चाहिए. इस आर्टिकल में हम आपको 4 ऐसी दाल को डाइट में शामिल करने के बारे में बताने जा रहे हैं, जो शरीर के बैड कोलेस्ट्रोल को नसों से निकालकर बाहर कर देगी. आप बस इस देसी नुस्खे को रूटीन में फॉलो कर लेते हैं तो फिर आपको कड़वी दवाईयां खाने की जरूरत नहीं पड़ेगी.
कोलेस्ट्रोल कंट्रोल करने के लिए कौन सी 4 दाल खाएं
मसूल दाल - यह दाल आपके बैड कोलेस्ट्रोल को कंट्रोल करने में बहुत मदद करेगी. इसमें कई ऐसे गुण होते हैं, जो आपको स्वाद के साथ सेहत भी प्रदान करते हैं. यह आपके एलडीएल कोलेस्ट्रोल जड़ से खत्म करने में मदद करते हैं.
उड़द दाल - यह दाल भी आपके कोलेस्ट्रोल को कंट्रोल करने में मदद करती है. आप हफ्ते में दो बार इसका सेवन करते हैं तो फिर शरीर का बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रोल झट से कंट्रोल हो सकता है.
हरी मूंग दाल - स्वाद के साथ यह दाल आपको सेहत भी देती है. यह शरीर में बैड कोलेस्ट्रोल जमा होने से रोकता है. आप हरी मूंग दाल को खिचड़ी में मिलाकर खा सकते हैं. आप इसे 3 से 4 बार भी खा सकते हैं.
चने की दाल- आप इसका भी सेवन कर सकते हैं. इसमें भी कोलेस्ट्रोल कंट्रोल करने का गुण होता है. फाइबर समेत कई ऐसे पोषक तत्व होते हैं जो एलडीएल को कंट्रोल करते हैं.
सेहत टिप्स /शौर्यपथ /हाई कॉलेस्ट्रोल की दिक्कत सेहत को अलग-अलग तरह से परेशान करती है. अनेक लोग हाई कॉलेस्ट्रोल से परेशान रहते हैं. खानपान में जरूरत से ज्यादा ऑयली, तली-भुनी और वसायुक्त चीजें शामिल करने पर कॉलेस्ट्रोल बढ़ सकता है. वहीं, जीवनशैली की बुरी आदतें भी हाई कॉलेस्ट्रोल की वजह बनती हैं. इसी वजह से अनेक लोग जो हाई कॉलेस्ट्रोल से परेशान रहते हैं समझ नहीं पाते कि स्नैक्स में आखिर क्या खाया जाए. आपकी इसी दिक्कत को दूर करने के लिए यहां कुछ ऐसे स्नैक्स का जिक्र किया जा रहा है जिन्हें हाई कॉलेस्ट्रोल डाइट का हिस्सा भी बनाया जा सकता है और जो कॉलेस्ट्रोल कम करने में भी मददगार साबित हो सकते हैं.
हाई कॉलेस्ट्रोल डाइट के लिए स्नैक्स |
सूखे मेवे
ऐसे कई सूखे मेवे हैं जिन्हें हाई कॉलेस्ट्रोल डाइट में शामिल किया जा सकता है. इन सूखे मेवों में अखरोट और बादाम शामिल हैं. सूखे मेवे खाने पर पेट लंबे समय तक भरा हुआ भी रहता है और शरीर में गुड कॉलेस्ट्रोल बढ़ने में भी मदद मिलती है.
फल और दही
हाई कॉलेस्ट्रोल से परेशान लोग दही में फल डालकर स्नैक्स की तरह खा सकते हैं. दही (Curd) में बेरीज जैसे स्ट्रॉबेरीज, ब्लूबेरीज और ब्लैकबेरीज वगैरह मिलाकर खा सकते हैं. इस तरह दही को स्नैक्स में शामिल करने पर हाई कॉलेस्ट्रोल कम होने में भी मदद मिलती है.
गोभी के बाइट्स
गोभी सुपरफूड्स की गिनती में आता है. इसमें पोषक तत्वों के साथ ही फाइबर की भी अच्छी मात्रा होती है और इसे खाने पर पेट लंबे समय तक भरा हुआ भी रहता है. गोभी पर हल्के मसाले डालकर उन्हें बेक करके खाया जा सकता है.
ओटमील
एक कटोरी ओटमील में दूध डालकर स्नैक्स की तरह खा सकते हैं. ओट्स फाइबर से भरपूर होते हैं इसीलिए कॉलेस्ट्रोल में खाने के लिए ये अच्छे स्नैक्स साबित होते हैं. दूध और ओटमील को मिलाकर इसमें फल डालकर भी खाए जा सकते हैं.
फलों की चाट
सेब, बेरीज, संतरा और नाशपाती ऐसे फल हैं जो कॉलेस्ट्रोल में खाने के लिए अच्छे हैं. इन्हें खाने पर शरीर को कई पोषक तत्व मिलते हैं और हाई कॉलेस्ट्रोल कम होता है सो अलग.
सेहत टिप्स /शौर्यपथ /पतला पेट पाना सबकी चाहत होती है, क्योंकि पेट की अतिरिक्त चर्बी न केवल आपके आत्मविश्वास को प्रभावित कर सकती है बल्कि स्वास्थ्य का जोखिम भी पैदा कर सकती है. वैसे तो जिम में कार्डियो, वेट ट्रेनिंग और संतुलित आहार के संयोजन से आपको वजन कम करने में मदद मिल सकती है. एनीटाइम फिटनेस के फिटनेस एक्सपर्ट कुशल पाल सिंह हमें 5 व्यायामों के बारे में बता रहे हैं जिन्हें रोजाना नियमित रूप से करने पर आपको मजबूत कोर और पतले पेट की सुन्दरता पाने में काफी मदद मिल सकती है. आइए जानते हैं उन 5 आसान एक्सरसाइज के बारे में.
पतले पेट के लिए आज से शुरू करें ये 5 एक्सरसाइज
1. प्लैंक
कुशल पाल सिंह प्लैंक एक्सरसाइज पर जोर देते हुए बताते हैं कि आपकी कोर मांसपेशियों को मजबूत करने और पोस्चर में सुधार करने के लिए प्लैंक सबसे प्रभावी व्यायामों में से एक है. पतला पेट पाने के लिए मजबूत कोर आवश्यक है. ये आपके पूरे कोर को संलग्न करती हैं जिससे आपके पेट की मांसपेशियों को टोन और कसने में मदद मिलती है.
2. लेग रेज
लेग रेज पेट के निचले हिस्से को टोन करने का एक शानदार तरीका है. लेग रेज मुश्किल जरूर हो सकता है, लेकिन पेट के निचले हिस्से को टोन करने के लिए और अच्छी बनावट पाने के लिए यह बहुत प्रभावी एक्सरसाइज हैं.
3. रशियन ट्विस्ट
रशियन ट्विस्ट एक गतिशील व्यायाम है जो आपके पेट के साइड की मांसपेशियों को मजबूत करता है. रशियन ट्विस्ट करने के लिए फर्श पर घुटनों को मोड़कर और पैरों को सपाट करके बैठें. अब अपनी पीठ को सीधा रखते हुए थोड़ा पीछे झुकें. अपने हाथों में एक डंबेल पकड़ें और डंबेल को दोनों तरफ फर्श से छूते हुए अपने धड़ को दाईं ओर फिर बाईं ओर मोड़ें.
4. साइकिल क्रंचेस
आपके पेट को लक्षित करने के लिए साइकिल क्रंचेस एक अच्छा व्यायाम है. यह व्यायाम आपके कोर में कई मांसपेशी समूहों को शामिल करता है और आपके पेट की समग्र शक्ति को बेहतर बनाने में मदद करता है.
5. कार्डियो वर्कआउट
कार्डियो वर्कआउट कैलोरी बर्न और आपके पेट के आसपास की चर्बी सहित पूरे शरीर के फैट को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. अपने मेटाबॉलिज्म को बढ़ावा देने और फैट लॉस में तेजी लाने के लिए अपनी दिनचर्या में दौड़ना, साइकिल चलाना या हाई इंटेंसिटी इंटरवल ट्रेनिंग जैसी गतिविधियों को शामिल करें.
ब्यूटी टिप्स /शौर्यपथ /करी पत्तों को अक्सर ही खानपान में इस्तेमाल किया जाता है. करी पत्ते खाने में तड़का लगाने के काम आते हैं और ज्यादा दक्षिण भारतीय डिशेज का स्वाद कई गुना बढ़ा देते हैं. लेकिन, करी पत्तोंका इस्तेमाल बालों की देखरेख में भी किया जा सकता है. करी पत्तों में एंटी-ऑक्सीडेंट्स और प्रोटीन की अच्छी मात्रा होती है जो स्कैल्प को नुकसान पहुंचाने वाले फ्री रेडिकल्स को दूर करते हैं. इसके अलावा, करी पत्तों में विटामिन बी, सेलेनियम, जिंक और आयरन भी होता है. करी पत्तों का बालों पर सही तरह से इस्तेमाल किया जाए तो बालों को जड़ों से सिरों तक पोषण मिलता है. जानिए किस-किस तरह से बालों पर करी पत्ते लगाएं जिससे बालों की ग्रोथ बेहतर तरीके हो और बालों को बढ़ने में मदद मिले.
बाल बढ़ाने के लिए करी पत्ते |
करी पत्ते का टॉनिक
बालों के लिए करी पत्तों का टॉनिक बनाया जा सकता है. इस टॉनिक को तैयार करने के लिए आपको करी पत्तों के साथ ही नारियल तेल की भी जरूरत होगी. नारियल तेल में फैटी एसिड्स और विटामिन की अच्छी मात्रा होती है जो बालों को हेल्दी बनाए रखने में कारगर है. एक कटोरी नारियल तेल में मुट्ठीभर करी पत्ते डालें और आंच पर डालकर पकाएं. जब करी पत्ते पककर काले हो जाएं तो उन्हें आंच से उतार लें. इस तेल को ठंडा करने के बाद बालों पर लगाएं. हफ्ते में 2 से 3 बार इस हेयर टॉनिक वाले तेल को बालों पर लगाया जा सकता है.
करी पत्ते और दही का हेयर मास्क
बालों पर करी पत्तों का हेयर मास्क बनाकर लगाया जा सकता है. यह हेयर मास्क बालों की ग्रोथ प्रोमोट करने में सहायक है. इस हेयर मास्क को बनाने के लिए एक कटोरी दही लेकर उसमें पिसे हुए करी पत्ते डाल दें. इस पेस्ट को मिलाएं और बालों पर आधा घंटा लगाकर रखने के बाद सिर धो लें. इस हेयर मास्क को हफ्ते में एक बार लगाया जा सकता है.
करी पत्ते और प्याज
बालों के बढ़ने की बात होती है तो प्याज का जिक्र जरूर आता है. प्याज बालों की लंबाई बढ़ाने में अच्छा असर दिखाता है. इसे करी पत्तों के साथ लगाने पर इसका असर बढ़ सकता है. 15 से 20 करी पत्तों को पीसकर पेस्ट बनाएं. इसमें एक प्याज का रस मिलाएं. इस हेयर मास्क को बालों पर 20 से 25 मिनट लगाए रखने के बाद धो लें.
शौर्यपथ /अगर कोई ऐसा मील है जिसका हमें दिन में सबसे ज्यादा इंतज़ार रहता है, तो वह है रात का खाना. व्यस्त दिन के बाद, हम अपनी टेस्ट बड को कुछ एक्साइटिंग देना चाहते हैं. हालांकि यहां बहुत सारे ऑप्शन हैं, लेकिन आम करी, सब्ज़ियां और ब्रेड भी हैं जो हमारे मेनू में लगातार बने रहते हैं. ऐसा ही एक मील है क्लासिक पूरी. सॉफ्ट और फ्लफी, यह डीप फ्राई गोल्डन ब्रेड कई प्रकार के व्यंजनों के साथ पूरी तरह से मेल खाती है. बेस्ट पार्ट? आप पूरी के साथ कई तरह के एक्सपेरिमेंट भी कर सकते हैं. उदाहरण के लिए, मसाला मेथी पुरी एक ऐसा वर्जन है जो आपका ध्यान आकर्षित करता है. इसे बनाना बेहद आसान है और यह हर बाइट में भरपूर फ्लेवर देने का वादा करता है. यह आपके डिनर मेनू में एक स्वादिष्ट डिश एड कर देगा. नीचे दी गई रेसिपी देखें:
क्या है मसाला मेथी पुरी-
जैसा कि नाम से पता चलता है, इस पूरी में मेन सामग्री मेथी है. पूरी के लिए आटा बनाने के लिए मेथी पत्तियों को धनिये की पत्तियों और स्वादिष्ट मसालों के साथ मिलाया जाता है. आटे में अदरक, लहसुन और हरी मिर्च का पेस्ट भी बनाकर डाल दिया जाता है. यह इसके पूरे टेस्ट को बढ़ाने में मदद करता है और इसे मसाले का फ्लेवर देता है. यह रेगुलर प्लेन पूड़ी से एक अच्छा बदलाव लाता है और उस समय के लिए बहुत अच्छा है जब आपको कुछ स्वादिष्ट खाने का मन हो. इसके स्वाद का पूरा आनंद लेने के लिए इसे आलू की सब्जी, फ्रेश रायता या अपनी पसंद के किसी भी अचार के साथ मिलाएं.
कैसे बनाएं मेथी पूरी रेसिपी |
मसाला मेथी पूरी की यह रेसिपी फूड ब्लॉगर पारुल ने अपने यूट्यूब चैनल 'कुक विद पारुल' पर शेयर की थी. इसे बनाने के लिए एक प्लेट में कटी हुई मेथी, हरा धनिया और नमक डालें. अच्छी तरह मिलाएं और एक तरफ रख दें. अब एक मिक्सर ग्राइंडर में लहसुन, अदरक, हरी मिर्च, जीरा, सौंफ और पानी डालें. एक चिकना पेस्ट बनाने के लिए अच्छी तरह ब्लेंड करें. इस पेस्ट को पत्तों के मिश्रण में मिलाएं और गेहूं का आटा, बेसन और सूजी के साथ सभी सूखे मसाले भी मिला दें. तेल छिड़कें और सभी चीजों को एक साथ मिलाकर आटा तैयार कर लें. इसे गीले कपड़े से ढककर 5-10 मिनट के लिए ऐसे ही छोड़ दें. इसे बराबर भागों में बांट लें और थोड़ा चपटा कर लें. इन्हें तेल से लपेटें और मीडियम मोटाई में बेल लें. लो-मीडियम आंच पर एक कढ़ाई में तेल गर्म करें और इन्हें गोल्डन ब्राउन और क्रंची होने तक फ्राई करें.गरमागरम सर्व करें और आनंद लें! आपकी मसाला मेथी पूरियां तैयार हैं!
शौर्यपथ /आजकल हैक्टिक शेड्यूल और स्ट्रेस के कारण शरीर और दिमाग दोनों ही बहुत ज्यादा थक जाते हैं. इससे राहत पाने के लिए कुछ लोग पिल्स का भी सेवन करते हैं, जिसके कई बार साइडइफेक्ट भी झेलने पड़ते हैं. ऐसे में आपको होम रेमेडी अपनानी चाहिए क्योंकि इसके साइडइफेक्ट के चांसेस कम होते हैं. हम यहां पर आपको एक ऐसे तेल के बारे में बताने जा रहे हैं, जिससे रोज रात में तलवे की मालिश करते हैं तो एक नहीं कई फायदे मिलते हैं.
रोज रात में तिल के तेल से तलवे की मालिश करने के फायदे |
1- अगर आप रोज रात में तिल के तेल से तलवेको मालिश करते हैं तो शरीर में ब्लड सर्कुलेशन अच्छा होता है. यह डायबिटीज और दिल के मरीजों के लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकता है.
3- आंख की कमजोरी भी दूर करने में तिल का तेल बहुत फायदेमंद होता है. इससे आंख की थकान, जलन और भारीपन की समस्या दूर हो सकती है. बस आपको तिल का तेल गरम करके 10 मिनट तक सर्कुलर मोशन में तलवे को मालिश करें. इससे आपकी आंख की रोशनी तेज होगी.
लाइफस्टाइल/शौर्यपथ /आज के समय में लगभग सभी अपने खराब लाइफस्टाइल को लेकर परेशान रहते हैं. बूरी बात ये है कि चाह कर भी वो कुछ कर नहीं पाते हैं. प्रदूषण ने इस समस्या में चारचांद लगाई है. इसके कारण स्किन और हेल्थ से जुड़ी बहुत सी परेशानी सामने आती है. वैसे तो बहुत से प्रोडक्टस स्किन केयर और स्वस्थ रखने का दावा करते हैं, लेकिन इनकी प्रमाणिकता पर सवाल रहता है. ऐसे में आप चुकंदर और आंवला से एक खास जूस बना सकते हैं जो हर तरह से आपके लिए फायदेमंद साबित होगा.
स्पेशल जूस बनाने की विधि
आंवला और चुकंदर का खास जूस बनाने के लिए सबसे पहले 1 चुकंदर, 1 आंवला, 3 चम्मच चिया सिड्स, एक कप पानी और 1 मुट्ठी धनिया लें.
सबसे पहले चुकंदर, आंवला और हरा धनिया को छोटे टुकड़ों में काट लें.
अब इन्हें चिया सीड्स के साथ मिलाकर मिक्सी में अच्छी तरह पीस लें और जूस बना लें. गाढ़ा होने पर इसमें थोड़ा पानी मिला सकते है.
नियमित रूप से 1 ग्लास इस जूस के सेवन से हफ्ते भर के अंदर आपको फर्क नजर आने लगेगा.
चुकंदर और आंवला जूस के फायदे
झुर्रियों को दूर करने के लिए
चुकंदर और आंवला से बने इस खास जूस को पीने से आपको झुर्रियों से राहत मिल सकती है. इसमें एंटीऑक्सीडेंट की अच्छी मात्रा मिलती हैं जो आपकी मदद करती है.
दाग-धब्बे दूर करने के लिए
इस जूस को नियमित रूप से पीने से चेहरे के सभी दाग-धब्बे कम हो जाते हैं और गायब भी हो सकते है. साथ ही इसे पीने से स्किन को हाइड्रेशन मिलती है.
स्किन को शाइन देने में मददगार
त्वचा को चमकदार और यंग बनाने के लिए भी चुकंदर और आंदला का जूस फायदेमंद होता है. ये खून को साफ करता है और बैक्टीरिया से लड़ने में स्किन की मदद करता है.
टिप्स ट्रिक्स /शौर्यपथ / मूंगफली एक बेहतरीन विंटर स्नैक्स है जो न केवल स्वादिष्ट है बल्कि सेहत के लिए बहुत फायदेमंद मानी जाती है. मूंगफली एक पौष्टिक नट्स है. इसमें कई जरूरी पोषक तत्व होते हैं जो सेहत के लिए बहुत अच्छे होते हैं. मूंगफली में मौजूद फैटी एसिड न सिर्फ हार्ट हेल्थ के लिए फायदेमंद है बल्कि ऑलओवर हेल्थ के लिए कमाल कर सकता है. सर्दियों में मूंगफली का खूब सेवन किया जाता है. हालांकि इसे किसी भी तरह खाया जा सकता है, लेकिन एक तरीका है जो लोगों को काफी पसंद आता है और स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद है.
सर्दियों में मूंगफली का सेवन कैसे करें?
विंटर सीजन में मूंगफली का सेवन करना फायदेमंद है. ये न सिर्फ शरीर को गर्म रखता है बल्कि कई जबरदस्त फायदे भी देता है. सर्दियों में मूंगफली खाने का सबसे अच्छा और पौष्टिक तरीका जो माना जाता है वह है इस भूनकर खाना.
भुनी हुई मूंगफली के फायदे |
1. हार्ट हेल्थ के लिए फायदेमंद
मूंगफली कोलेस्ट्रॉल लेवल को कम करके हार्ट डिजीज को रोकने में मदद कर सकती है. वे छोटे ब्लड क्लॉट्स को बनने से भी रोक सकते हैं और दिल का दौरा या स्ट्रोक होने के जोखिम को कम कर सकते हैं. हार्ट डिजीज के खतरे को कम करने के लिए आप मूंगफली या पीनट बटर का भी सेवन कर सकते हैं.
2. मोटापा रहेगा कंट्रोल
मूंगफली प्रोटीन का अच्छा स्रोत है और इसमें कैलोरी भी काफी कम होती है. वे बादाम के बाद प्रोटीन स्रोतों में दूसरे नंबर पर हैं जो उन्हें वेट मैनेजमेंट के लिए एक बढ़िया विकल्प बनाता है. अपनी डाइट में मूंगफली शामिल करने से वजन को कंट्रोल किया जा सकता है.
3. डायबिटीज का खतरा कम होता है
मूंगफली को लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाला नट माना जाता है, जिसका अर्थ है कि वे ब्लड शुगर लेवल को नहीं बढ़ाते हैं. लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले फूड्स वजन घटाने और ब्लड शुगर मैनेजमेंट में मदद कर सकते हैं और टाइप 2 डायबिटीज और हार्ट डिजीज के खतरे को भी कम कर सकते हैं.
4. कैंसर से बचाव
वृद्ध लोगों के लिए पीनट बटर खाने से गैस्ट्रिक नॉन-कार्डिया एडेनोकार्सिनोमा नामक एक प्रकार के पेट के कैंसर के रिस्क को कम करने में मदद मिल सकती है.
5. हेल्दी फैट
मूंगफली विटामिन बी3 और नियासिन से भरपूर होती है, जो झुर्रियों से छुटकारा दिलाते हैं और स्किन डिजीज को दूर रखते हैं. भुनी हुई मूंगफली पर चुटकी भर नमक डालकर खाने से फाइन लाइन्स, झुर्रियों और हाइपरपिगमेंटेड धब्बों को कम करने में भी मदद मिल सकती है.
सेहत टिप्स /शौर्यपथ /अलसी के बीज फाइबर ओमेगा-3 फैटी एसिड, जरूरी विटामिन और मिनरल से भरपूर होते हैं. छोटे अलसी के बीज के सेहत के लिए कई फायदे हैं. हमारी हार्ट हेल्थ को सुधारने से लेकर पाचन को बढ़ावा देने तक अलसी के बीज हमारी हेल्थ के लिए चमत्कार कर सकते हैं. अलसी को सही तरीके से खाने से इसके हेल्थ बेनिफिट्स और भी बढ़ जाते हैं. ये बच्चे, बड़े और बूढ़े लोगों के लिए भी बेहद फायदेमंद बीज हैं. यहां जानिए अलसी का सेवन करने के फायदे और सही तरीका.
अलसी के बीजों को खाने का सही तरीका |
अलसी को एक हेल्द स्नैक्स माना जाता है. इसे कभी भी कहीं भी खाया जा सकता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इन छोटे बीजों को खाने का सही तरीका क्या है? अगर नहीं तो आपको बता दें अलसी के बीजों को भिगोकर खाना सबसे ज्यादा हेल्दी और फायदेमंद होता है.
अलसी के बीज कैसे भिगोएं?
एक कटोरे में 1-2 बड़े चम्मच अलसी के बीज लें और उसमें पानी मिला लें.
कटोरे को ढक्कन से ढक दें.
इसे रात भर के लिए रख दें.
भीगे हुए अलसी के बीजों को रेफ्रिजरेटर में रखने पर एक हफ्ते से ज्यादा समय तक उपयोग किया जा सकता है.
भीगे हुए अलसी के बीज के फायदे |
1. पाचन तंत्र हेल्दी रहता है
अलसी के बीजों को खाने से पहले भिगोना एक अच्छा है, क्योंकि यह पाचन और पोषक तत्वों के एब्जॉर्प्शन में सुधार करने में मदद करते हैं. भिगोने की प्रक्रिया बीजों के कठोर बाहरी आवरण को तोड़ने में मदद करती है और उन्हें पचाने में आसान बनाती है.
2. शरीर की सूजन को कम करते हैं
अलसी के बीजों में सूजन-रोधी गुण होते हैं और इन्हें भिगोने से इन गुणों को छोड़ने में मदद मिल सकती है. इसके बाद ये गुण पूरे शरीर में सूजन को कम करने में मदद करते हैं.
3. कोलेस्ट्रॉल को कम करते हैं
भीगे हुए अलसी के बीजों में हाई फाइबर होते हैं, जो कोलेस्ट्रॉल लेवल को कम करने और हार्ट हेल्थ में सुधार करने में मदद कर सकते हैं.
4. स्किन के लिए फायदेमंद
अलसी में मौजूद ओमेगा-3 फैटी एसिड स्किन हेल्थ को बेहतर बनाने में मदद करते हैं. जब आप अलसी के बीजों को भिगोते हैं तो छोटे बीज त्वचा के लिए फायदेमंद पोषक तत्व छोड़ते हैं.
सेहत टिप्स /शौर्यपथ /रोटी भारतीय डाइट का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है. भारतीय मील दाल रोटी और चावल के बिना अधूरा माना जाता है. हर घर में लंच और डिनर में रोटी को पसंद किया जाता है. अगर आप भी अपने वजन को कम करना चाहते हैं. लेकिन रोटी को छोड़ना नहीं चाहते तो कोई बात नहीं. हमने आपको कवर किया है. आपको बस रोटी बनाने से पहले अपने आटे में इस एक चीज को मिला लेना है. इससे न सिर्फ वजन को तेजी से घटाने में मदद मिलेगी बल्कि, शरीर को कई अन्य लाभ भी मिलेंगे. हम बात कर रहे हैं डिडॉक्स रोटी की. तो चलिए जानते हैं क्या है ये रोटी और कैसे बनाते हैं.
क्या है डिटॉक्स रोटी-
डिटॉक्स रोटी आटा और सब्जी का कॉम्बिनेशन है. ऐसा करने से जब आप एक डिटॉक्स रोटी खा रहे होते हैं तो आप आधी रोटी के बराबर कैलोरी का सेवन कर रहे होते हैं. डिटॉक्स रोटी स्वाद और सेहत से भरपूर मानी जाती है. इस रोटी को बनाना भी बहुत आसान है.
कैसे बनाएं डिडॉक्स रोटी-
इस रोटी को बनाने के लिए आपको अपने आटे में लौकी की सब्जी को मिलाना है.आटा और लौकी को बराबर मात्रा में मिलाना है. फिर दोनों सामग्रियों को अच्छे से मिलाना है और बस आटा गूंथना है. फिर उस सब्जी के आटे से रोटियां बना लें. नमी से भरपूर लौकी आपके शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करती है. लौकी की रोटी बनाने के लिए एक कप प्यूरी की हुई लौकी और एक कप आटा लें. लौकी को आप ब्लेंडर में डालकर प्यूरी बना सकते हैं. दोनों की मदद से आटा गूंथ लें. क्योंकि लौकी में पानी की मात्रा अधिक होती है, इसलिए आपको सामान्य आटे में पानी डालने की भी जरूरत नहीं होगी. लौकी को सेहत के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है. इसमें कैलोरी और फैट न के बराबर पाया जाता है, जो वजन को कम करने में मददगार है.
व्रत त्यौहार /शौर्यपथ /पंचांग के अनुसार, हर महीने की त्रयोदशी तिथि पर प्रदोष व्रत रखा जाता है. एक प्रदोष व्रत त्रयोदशी तिथि पर कृष्ण पक्ष में रखा जाता है और दूसरा प्रदोष व्रत शुक्ल पक्ष में पड़ता है. प्रदोष व्रत की विशेष धार्मिक मान्यता भी है. माना जाता है कि प्रदोष व्रत रखने पर भगवान भोलेनाथ प्रसन्न हो जाते हैं और भक्तों पर अपनी कृपादृष्टि बनाए रखते हैं. इस दिन भोलेनाथ के साथ ही मां पार्वती की पूजा भी की जाती है. कहते हैं प्रदोष व्रत रखने पर जातक के परिवार में खुशियां आती है, रोग दूर होते हैं, परिवार के सदस्यों की दीर्घायु होती है और कष्टों से मुक्ति मिलती है. हिंदू कैलेंडर के अनुसार मार्गशीर्ष महीना लग चुका है. ऐसे में मार्गशीर्ष महीने का प्रदोष व्रत कब रखा जाएगा और किस मुहूर्त में प्रदोष व्रत की पूजा की जाएगी जानिए यहां.
प्रदोष व्रत की पूजा |
मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि इस महीने पंचांग के अनुसार 10 दिसंबर, रविवार की सुबह 7 बजकर 13 मिनट पर शुरू हो रही है और इस तिथि का समापन अगले दिन 11 दिसंबर, सोमवार सुबह 7 बजकर 10 मिनट पर हो जाएगा. इस चलते उदया तिथि के अनुसार मार्गशीर्ष माह का पहला प्रदोष व्रत 10 दिसंबर, रविवार के दिन रखा जाएगा.
प्रदोष व्रत में भगवान शिव की पूजा प्रदोष काल में की जाती है. प्रदोष काल में पूजा का शुभ मुहूर्त 10 दिसंबर, रविवार शाम 5 बजकर 25 मिनट से शुरू होकर रात 8 बजकर 8 मिनट तक रहेगा.
पूजा और उपाय
प्रदोष व्रत के दिन पूजा में शिवलिंग पर जलाभिषेक करना बेहद शुभ माना जाता है. कहते हैं थोड़ा जल बचाकर अपने घर लाना चाहिए और व्रत का पारण इस जल को ग्रहण करके करना चाहिए.
वैवाहिक जीवन को सुखमय बनाने के लिए मां पार्वती को श्रृंगार की सामग्री अर्पित करनी चाहिए.
इस दिन जरूरतमंदों को वस्त्र दान में देना भी शुभ माना जाता है.
शिवलिंग का पंचामृत से अभिषेक करना भी शुभ होता है.
प्रदोष व्रत के दिन शिवलिंग पर चढ़ाए जाने वाले जल को घर के मंदिर में भी रखा जा सकता है.
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
