August 08, 2026
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      सेहत टिप्स /शौर्यपथ /बढ़ा हुआ वजन ना सिर्फ हमारे शरीर के लिए घातक होता है बल्कि इससे और भी कई परेशान हो सकती हैं. वजन  बढ़ने की मुख्य वजह हमारा गलत खान-पान और लाइफस्टाइल है. लेकिन सही डाइट और लाइफस्टाइल में कुछ बदलाव करके हम वजन को आसानी से कम कर सकते हैं. असल में वजन को घटाना इतना आसान नहीं लेकिन ये मुश्किल भी नहीं. इसके लिए आपको बैलेंस डाइट  और एक्सरसाइज की जरूरत है. लेकिन इन सबसे अलावा भी कई चीजें ऐसी हैं जिनकी मदद से हम कम समय में वजन के तेजी से घटा  सकते हैं. वजन को कम करने के लिए किचन में मौजूद कुछ मसालों   का इस्तेमाल कर सकते हैं. तो चलिए बिना किसी देरी के जाने हैं उन मसालों के बारे में.
    वजन घटाने के लिए इन चीजों का करें सेवन-  
    1. त्रिफला-
      त्रिफला तीन जड़ी-बूटियों- हरीतकी, आमलकी और विभीतकी को मिलाकर बनाया जाता है. रोज एक चम्मच त्रिफला चूर्ण का सेवन गुनगुने पानी के साथ करने से शरीर में मजा फैट को कम करने में मदद मिल सकती है. इससे ना सिर्फ वजन बल्कि पाचन को भी बेहतर रखने में मदद मिल सकती है.
    2. मेथी-
      किचन में मौजूद मेथी एक ऐसा मसाला है, जो ना केवल खाने को बेहतरीन बनाने में मददगार है बल्कि, सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद है. खाली पेट मेथी के पानी का सेवन करने से वजन को कम करने में मदद मिल सकती है. इतना ही नहीं ये पाचन और पेट संबंधी समस्याओं के लिए भी बेहद फायदेमंद है.
    3. जीरा-
         जीरा को आमतौर पर खाने में तड़ते के लिए इस्तेमाल किया जाता है. लेकिन क्या आप जानते हैं खाली पेट जीरे वाला पानी पीने से वजन को तेजी से कम करने में मदद मिल सकती है.
    4. दालचीनी-
       दालचीनी को सेहत के लिए बहुत गुणकारी माना जाता है. दालचीनी को चाय, पानी और दूध के साथ सेवन किया जा सकता है. आप दालचीनी के पानी का सेवन कर वजन को आसानी से कम कर सकते हैं.

     व्रत त्यौहार /शौर्यपथ / कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को हर साल करवा चौथ व्रत रखा जाता है. इस साल करवा चौथ 1 नवंबर 2023, बुधवार को रखा जाएगा. करवा चौथ  एक ऐसा फेस्टिवल है, जिसमें सुहागनें महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए प्रार्थना करती हैं. करवा चौथ के दिन महिलाएं सुबह से लेकर शाम चांद निकलने तक निर्जला व्रत रखती हैं. फिर शाम में सज संवर कर सौलह श्रृंगार  करके करवा माता की पूजा  करने और चांद निकलने के बाद ही वह अपना व्रत खोलती हैं. करवा चौथ में कई जगहों पर सरगी  खाने की भी परंपरा है. सरगी वो खाना है जिसे सूर्योदय से पहले खाया जाता है.
    करवा चौथ व्रत से पहले क्या खाएं-
        करवा चौथ व्रत रखने वाली महिलाएं व्रत रखने से पहले क्या खाएं. असल मेें कई जगह पर सरगी खाने की प्रथा है.अगर आप सरी खा रही हैं तो अपनी सरगी में ड्राई फ्रूट्स, नारियल पानी, मिठाई, मौसमी फल, दूध, दही, पनीर, जैसी हल्की और एर्नजी से भरी चीजों को शामिल करें.
    करवा चौथ व्रत से पहले क्या ना खाएं-
      करवा चौथ व्रत से पहले ज्यादा तेल मसाले और हैवी चीजों का सेवन करने से बचें. क्योंकि तेल से बनी चीजों का ज्यादा सेवन करने से आपको व्रत में प्याल लग सकती हैं.
    करवा चौथ व्रत के बाद क्या खाएं-  
       करवा चौथ व्रत की पूजा करने और चांद देखने के बाद पति के हाथ से पानी पीने के बाद आप कुछ मीठी खाएं. इससे आपको एनर्जी मिलेगी.
    करवा चौथ व्रत के बाद क्या ना खाएं-
        करवा चौथ व्रत के बाद कई चीजें ऐसी हैं जिनका सेवन नहीं करना चाहिए. व्रत के बाद मांस, शराब जैसी चीजों का सेवन बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए.

       खाना खजाना /शौर्यपथ /इस त्यौहारी सीजन मीठे  में अगर आप कुछ हेल्दी बनाना चाहते हैं, तो आप रेगुलर मिठाई से हटकर कुछ टेस्टी और हेल्दी बना सकते हैं. अब आप सोच रहे होंगे कि ऐसा क्या बनाया जाए जो सेहत के लिए भी अच्छा हो और मीठा भी. परेशानी किस बात की हमने आपको कवर किया है. आज हम आपके लिए लेकर आए हैं पोषण से भरपूर रागी बर्फी की रेसिपी. जो स्वाद और सेहत से भरपूर है. रागी को सेहत के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है. रागी एक मोटा अनाज है. आपको बता दें कि रागी में आयरन, मैगनीज, मैग्नीशियम, फास्फोरस, जिंक, विटामिन बी1, बी3, बी5 और बी6 जैसे गुण पाए जाते हैं, जो शरीर को कई लाभ पहुंचाने में मदद कर सकते हैं. रागी की चिक्की के सेवन से खून की कमी को दूर करने में मदद मिल सकती है. इतना ही नहीं ये पाचन से भी भरपूर हैं. सर्दियों के मौसम में रागी से बनी चिक्की Ragi Chikki Recipe) का सेवन करने से हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद मिल सकती हैं. और सबसे अच्छी बात ये कि इसे शुगर फ्री रखने से ये डायबिटीज रोगियों के लिए भी फायदेमंद है.
    कैसे बनाएं रागी बर्फी-
    सामग्री-
        रागी आटा
        बेसन
        कप गुड़
        घी
        मिल्क पाउडर
        काजू, कद्दूकस किया हुआ
        इलायची पाउडर
        दूध
        ड्राई फ्रूट्स
    विधि-
        रागी की बर्फी बनाने के लिए आपको बसे पहले एक पैन में घी गरम करना है.
        फिर इसमें बेसन को अच्छी तरह से भूनना है.  
        इसके बाद रागी आटा, गुड़ (या चीनी), दूध, और मिल्क पाउडर को बेसन के साथ मिलाएं.
        अब, काजू, इलायची पाउडर और दूध डालें.
        बर्फी मिश्रण को पकने तक मिलाते रहें.
        अब बर्फी मिश्रण को एक थाली में डालने से पहले इसमें घी से ग्रीस कर लें.
        फिर ड्राई फ्रूट्स से गार्निश करें.
        बर्फी के मिश्रण को बर्फी के शेप में काट लें.
        बर्फी बनकर तैयार है सर्व करें.

      ब्यूटी टिप्स /शौर्यपथ / सर्दियों के मौसम   की जैसे ही शुरूआत होती है हमारे शरीर को खास केयर करने की जरूरत है. शरीर के साथ-साथ हमारी स्किन और बालों  को भी एक्स्ट्रा केयर की जरूरत होती है. इस मौसम डैंड्रफ एक सदाबहार समस्या जैसी है.  सफेद परत बालों पर जमने लगती है. रूसी से निपटने के लिए कई लोग एंटी-डैंड्रफ शैंपू,  हेयर मास्क और महंगे हेयर ट्रीटमेंट का सहारा लेते हैं, लेकिन ये सब चीजें कुछ ही समय तरह असर कहती हैं. क्योंकि हमारे बालों को बाहर नहीं अंदर के पोषण की जरूरत होती हैं. तो अगर आप भी इस सर्दी अपने बालों को डैंड्रफ से बचाना चाहते हैं तो इन फूड्स को डाइट Foods For  में शामिल कर सकते हैं. ये चीजें ना केवल रूसी बल्कि, बालों को मजबूत, घना और लंबा बनाने में भी मददगार हैं. तो चलिए बिना किसी देरी के जानते हैं उन फूड्स के बारे में.
    रूसी को खत्म करने के लिए खाएं ये चीजें-
    1. लहसुन
      किचन में मौजूद लहसुन को सेहत के लिए तो फायदेमंद माना ही ज्यादा है लेकिन ये आपकी सुंदरता को बढ़ाने में मदद कर सकती है. जी हां आपके बालों की समस्या को दूर करने में मददगार है लहसुन. डैंड्रफ की समस्या को खत्म करने का एक हर्बल इलाज है लहसुन. आपको बता दें कि लहसुन में एक प्राकृतिक एंटीफंगल कंपाउंड मौजूद होता है, जो डैंड्रफ की समस्या से निजात दिलाने में मदद कर सकता है. लहसुन को आप अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं. इसके अलावा लहसुन का पेस्ट बनाकर स्कैल्प पर लगाने से भी डैंड्रफ कम हो सकता है. कच्चे लहसुन को क्रश करके इसका रस स्कैल्प पर लगाने से रूसी से निजात मिल सकती हैं.
    2. सनफ्लॉवर सीड-
       सनफ्लॉवर सीड जिंक और विटामिन बी 6 का बहुत अच्छा स्रोत है. इसे डैंड्रफ के लिए सबसे अच्छे नेचुरल ट्रीटमेंट्स माना जाता है. इसका प्रभाव देखने के लिए इसे अपने आहार में शामिल करें. ये बीज कई जरूरी पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं जो आपको हेल्दी स्कैल्प देने में मदद कर सकते हैं.
    3. केला-  
        केले में विटामिन बी 6, विटामिन ए, सी, ई, जिंक, पोटैशियम और आयरन जैसे मिनरल्स होते हैं, जो डैंड्रफ के ट्रीटमेंट में काफी मदद कर सकते हैं. केला को डाइट में शामिल कर डैंड्रफ की समस्या से राहत पा सकते हैं. इसके अलावा आप केले को दही और एवोकाडो के साथ मिलाकर अपने स्कैल्प में लगा सकते हैं. 

     ज्योतिष शास्त्र /शौर्यपथ / पूजा-पाठ में कपूर  का बहुत महत्व होता है. ज्योतिष शास्त्र  के अनुसार कपूर घर में सुख समृद्धि बढ़ाने वाला माना गया है. ज्योतिष शास्त्र में घर से नकारात्मकता  दूर करने और सुख-समृद्धि बढ़ाने के लिए कई उपाय बताए गए हैं. इनमें कपूर के उपाय भी शामिल हैं. पूजा के समय कपूर जलाने से कई फायदे होते हैं. आइए जानते हैं घर में सकारात्मकता और सुख-समृद्धि बढ़ाने के लिए कपूर जलाने के उपाय.
    कपूर जलाने का सही समय
      शास्त्रों के अनुसार ब्रह्म मुहूर्त में कपूर जलाना सबसे उत्तम माना गया है. इस समय कपूर जलाने से बहुत फायदा होता है. शाम की पूजा के बाद आरती के दौरान भी कपूर जलाना लाभकारी प्रभाव वाला होता है. हालांकि, ध्यान रखना चाहिए कि सुबह घर में पूजा के बाद कपूर नहीं जलाना चाहिए. सुबह की पूजा के बाद घी से दीये जलाने चाहिए.
    किस में जलाएं कपूर
         कपूर  को जलाने का फायदा तभी होगा जब उसे ठीक से जलाया जाए. इसके लिए उचित पात्र का उपयोग करना जरूरी होता है. कपूर को हमेशा पीतल के पात्र या दीपक में जलाना चाहिए.
    किसमें न जलाएं कपूर
       कपूर को कभी भी मिट्टी के दीये या पात्र में नहीं जलाना चाहिए. मान्यता है कि कपूर को मिट्टी के दीये में केवल तांत्रिक पूजा के लिए जलाया जाता है.
    कपूर के उपाय
      शाम को मां दुर्गा की पूजा करने के बाद गुलाब के फूल पर कपूर का टुकड़ा रखकर जलाने से धन की प्राप्ति के योग बनने लगते हैं. अपने घर-परिवार के लोगों की तरक्की के लिए कपूर जलाएं, इसके लिए पहले कपूर को घी में डुबोएं और सुबह-शाम जलाएं. किसी अटके हुए काम को पूरा करने क लिए रोजाना चांदी की कटोरी में लौंग और कपूर जलाई जा सकती है.

      व्रत त्यौहार /शौर्यपथ /हिंदू कैलेंडर के अनुसार 29 अक्टूबर से कार्तिक मास की शुरूआत हो चुकी है. कार्तिक मास में अनेक व्रत और त्योहार पड़ते हैं. इस महीने की शुरूआत ही करवाचौथ से हो रही है और महीने के अंत तक दीवाली, भाई दूज, प्रदोष व्रत, एकादशी, छठ पूजा  और तुलसी विवाह आदि पर्व और व्रत पड़ रहे हैं. इस महीने में सबसे अधिक व्रत आदि पड़ते हैं जिस चलते इस माह को धार्मिक दृष्टि से बेहद खास माना जाता है. यहां देखिए किस तारीख पर कौनसा त्योहार मनाया जाएगा.
    नवंबर 2023 में पड़ने वाले त्योहार |
    करवा चौथ
      नवंबर महीने की शुरूआत करवा चौथ से हो रही है. इस साल 1 नवंबर, बुधवार के दिन करवा चौथ पड़ रहा है. करवा चौथ पर महिलाएं अपने पति की लंबी आयु के लिए व्रत रखती हैं.
    गोपाष्टमी, अहोई अष्टमी
      5 नवंबर, रविवार के दिन गोपाष्टमी और अहोई अष्टमी मनाए जा रहे हैं. गोपाष्टमी पर भगवान श्रीकृष्ण की पूजा होती है. अहोई अष्टमी पर महिलाएं संतान के लिए व्रत रखती हैं.
    रंभा एकादशी
     9 नवबंर, गुरुवार के दिन रंभा एकादशी मनाई जा रही है. कार्तिक मास में पड़ने वाली एकादशी को रंभा एकादशी कहा जाता है.
    धनतेरस और प्रदोष व्रत
       10 नवंबर, शुक्रवार के दिन इस साल धनतेरस मनाया जाएगा. धनतेरस पर धातू की वस्तुएं घर लाना शुभ माना जाता है. वहीं, शुक्रवार के दिन पड़ने के चलते इस दिन शुक्र प्रदोष व्रत रखा जाएगा.
    दीवाली
     12 नवंबर, रविवार के दिन इस साल दीपावली मनाई जा रही है. दीवाली (Diwali) दीपों का त्योहार है और इस दिन मान्यतानुसार सभी दीप जलाकर माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा करते हैं.
    सोमवती अमावस्या
      13 नवंबर, सोमवार के दिन सोमवती अमावस्या मनाई जा रही है. पितरों के पूजन, दान और स्नान के लिए अमावस्या का विशेष महत्व है.
    गोवर्धन पूजा
     गोवर्धन पूजा इस साल 14 नवंबर, मंगलवार के दिन होगी. इस दिन गोबर से भगवान की प्रतिमा बनाकर पूजा की जाती है.
    कार्तिक विनायक चतुर्थी
      16 नवंबर, गुरुवार के दिन कार्तिक विनायक चतुर्थी है. इस दिन मान्यतानुसार भगवान गणेश की पूजा की जाती है.
    नहाय खाय, खरना, छठ पूजा
      छठ का पर्व इस साल 17 नवंबर से शुरू होकर 20 नवंबर तक रहने वाला है. नहाय खाय 17 नवंबर, खरना 18 नवंबर और छठ पूजा का प्रथम और दूसरा दिन 19 और 20 नवंबर को पड़ रहे हैं.
    अक्षय नवमी
     21 नवंबर, मंगलवार के दिन अक्षय नवमी की पूजा की जाएगी. इस दिन आंवले की पूजा का खास महत्व होता है.
    देवोत्थान एकादशी
     23 नंवबर, गुरुवार के दिन देवोत्थान एकादशी पड़ रही है. हर माह 2 एकादशी (Ekadashi) पड़ती हैं. नवंबर माह की दूसरी एकादशी देवोत्थान एकादशी है. इस दिन श्रीहरि की पूजा की जाती है.
    तुलसी विवाह और प्रदोष व्रत
      24 नवंबर के दिन तुलसी विवाह और महीने का दूसरा प्रदोष व्रत पड़ रहे हैं. तुलसी विवाह में तुलसी की पूजा की जाती है और प्रदोष व्रत में महादेव का पूजन होता है.
    अन्य व्रत
     बैकुंठ चतुर्दशी इस साल 25 नवंबर, शनिवार के दिन मनाई जाएगी. मणिकर्णिका स्नान 26 नवंबर रविवार के दिन पड़ रहा है. कार्तिक पूर्णिमा और पुष्कर स्नान इस साल 27 नवंबर, सोमवार के दिन हैं.

       वास्तु शास्त्र /शौर्यपथ /हिंदू धर्म में तुलसी को बहुत शुभ माना जाता है. किसी भी शुभ मौके पर या त्योहार में बिना तुलसी के कोई पूजा नहीं होती. ऐसे में तुलसी के कुछ उपाय भी है जो करने से जीवन की सारी मुसीबतें दूर हो सकती हैं. अगर आप 4 से 5 दिनों तक तुलसी के पत्ते को अपने पर्स में रखते हैं तो आपको ऐसे चमत्कारिक बदलाव देखने को मिलेंगे जिससे आपके जीवन में बहुत फायदा होगा. तो इसलिए जानते हैं पर्स में तुलसी के पत्ते के रखने के पांच अनोखे फायदे जो कर देंगे आपको हैरान.
    तुलसी का पत्ता पर्स में रखने से क्या होता है?
    आर्थिक तंगी दूर करें
    अगर आप आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं तो पर्स में तुलसी के पत्ते को किसी लाल कपड़े में बांधकर रखें इससे आर्थिक तंगी की परेशानी दूर हो जाएगी.
    कर्ज से मिलेगा छुटकारा
    जो लोग कर्ज के तले दबे हुए हैं वो भी इस उपाय से मुक्ति पा सकते हैं. मान्यता है कि पर्स में तुलसी का पत्ता रखने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती है और उनकी कृपा बनी रहती है.
    सकारात्मक ऊर्जा का होगा संचार
    पर्स में तुलसी का पत्ता रखने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और हमारे आसपास सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है. ऐसे में इस उपाय को जरूर करके देखें.
    बाधाएं होंगी दूर
    ऐसा कई बार होता है जब हम किसी काम को करना चाहते हैं लेकिन उसके सामने कई बाधाएं आती हैं. अगर आपके साथ भी कुछ ऐसा हो रहा है तो कुछ दिनों तक पर्स में तुलसी के पत्ते को रखें आपकी सारी बढ़ाएं दूर हो जाएंगी.

     आस्था /शौर्यपथ/ ऐसा कई बार देखने को मिला है जब लोग शादी के लिए तैयार होते हैं लेकिन किसी कारण वर्ष बार-बार शादी रुक जाती है. ऐसा कई कारणों से हो सकता है. कई बार राशि में होने वाले उलट- फेर भी इसके लिए जिम्मेदार होते हैं. अगर आप भी अपनी बेटी की शादी करना चाहते हैं लेकिन अड़चनों का सामना करना पड़ रहा और किसी न किसी वजह से शादी रुक जा रही है, शादी का योग्य नहीं बन रहा तो वर्षों से चले आ रहे इस उपाय को अपनाकर देखिए.
    कार्तिक माह में तुलसी पूजा का महत्व |
    सनातन धर्म में तुलसी का विशेष महत्व है. ऐसा माना जाता है कि तुलसी के विधि- विधान से पूजा अर्चना करने से सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है और धन की प्राप्ति होती है.
    29 अक्टूबर 2023 से कार्तिक मास का शुभारंभ हो रहा है जो 27 नवंबर 2023 यानी कार्तिक पूर्णिमा के दिन समाप्त होगा. ऐसा माना जाता है कि कार्तिक मास में तुलसी विवाह केरने से कुंवारी कन्याओं के शादी का योग्य बनता है और उन्हें सुयोग्य वर की प्राप्ति होती है. ठीक इसी तरह अगर कुंवारे वर को भी सुयोग्य कन्या मिलती है.
    इसलिए अगर कन्याओं की शादी में किसी भी तरह की कोई दिक्कत आ रही है तो उन्हें सुबह शाम कार्तिक के महीने में गई का दीपक जलाकर तुलसी के पौधे का पूजन करना चाहिए. इससे भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी प्रसन्न होते हैं. ऐसा इसलिए कहा जाता है क्योंकि कार्तिक महीने में ही शालिग्राम और माता तुलसी का विवाह हुआ था.

        सेहत टिप्स /शौर्यपथ / किसी भी प्रकार के फल को शरीर के लिए फायदेमंद ही माना जाता हैं. हर तरह की चिकीत्सा फलों को शरीर के लिए जरूरी डाइट मानती हैं. डॉक्टर हर समय मरिजों को फल खाने की सलाह जरूर देते हैं. सेब, पपिता, अंगूर, संतरा, जैसे फल सभी को आसानी से मिल जाते हैं और पोषक गुणों भरपूर होते हैं. लेकिन एक ऐसा फल है जो बाकि सभी के मुकाबले काफी सस्ता है लेकिन इसके बारे में या इसके फायदों के बारे में काफी कम लोगों को पता हैं. जी हां, हम बात कर रहे हैं बड़हल के फल की. बड़हल, मंकी फ्रूट, आर्टोकार्पस लकूचा, धेउ, लकुच और दाहे जैसे अलग-अलग नामों से लोग इस चमतकारी फल को जानते हैं. कटहल की फैमिली के इस फल का कोई निश्चित आकार नहीं होता है. एक्सपर्ट इसके 6 कमाल के फायदों के बारे में बताते हैं.
    बड़हल फल के 6 फायदे
    1. पाचन तंत्र सुधारने में उपयोगी
    बड़हल का फल आपके पाचन के लिए असरदार हो सकता है. बारिश के समय लोगों को अपच की दिक्कत सबसे ज्यादा होती हैं. ऐसे में ये फल आपका पाचन सुधार देगा. इसके लिए इस फल के बीज को अच्छी तरह पीसकर पाउडर बना लें. अपच होने पर इस पाउडर का सेवन करें.
    2. हेल्दी लिवर
    बाहर का ज्यादा खाने-पीने से लिवर के सेहत पर बहुत बुरा असर पड़ता है. इससे बचने के लिए और लिवर को सही रखने के लिए बड़हल फल बेस्ट है. इस फल में भारी मात्रा में एंटीइंफ्लेमेटरी और एंटी बैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं.
    3. स्कीन के लिए
    बड़हल के फल के साथ इसके पेड़ का छाल भी बहुत उपयोगी है. बढ़ती उम्र के साथ ढलती हुई स्कीन को जवां बनाए रखने में ये आपकी मदद कर सकता है. बड़हल एंटी ऑक्सीडेंट गुणों से भरपूर होता है. इसे यूज करने के लिए पेड़ की छाल को पीसकर उसे अपने स्कीन पर लगाएं.
    4. सही ब्लड लेवल के लिए
    अगर आपके शरीर में खून की कमी है तो बड़हल फल आपकी मदद कर सकता है. एक्सपर्ट की माने तो ये फल आयरन और दूसरे पोषक तत्वों से भरपूर होता है. शरीर में हीमोग्लोबिन की कमी को दूर करने के लिए बड़हल के फल का नियमित सेवन करें.
    5. तनाव दूर करने के लिए
    रोज की जिंदगी में लोगों को तनाव और चिंता से बहुत परेशानी होती है. इसे खाने से शरीर में खून का संचार बैलेंस होता है जिससे टेंशन और तनाव दूर रहता है. इससे दिमाग को ठंडक मिलती है और स्ट्रेस लेवल भी कम होता है.

    6. आंखों की रौशनी बढ़ाने के लिए
    मंकी फ्रूट या बड़हल का सेवन आपकी आंखों की रौशनी बढ़ाने में मदद कर सकता है. इसमें विटामिन ए की भी भरपूर मात्रा मिलती हैं. इस फल को खाने से आपके कमजोर आंख फिर से बेहतर हो सकते हैं.

     

      रसोई टिप्स /शौर्यपथ /शरीर को फिट एंड फाइन रखने के लिए डॉक्टर हमेशा हरी सब्जी खाने की सलाह देते हैं. हरी सब्जियों में शरीर के लिए सभी जरूरी पोषक तत्व मिलते है. ऐसा ही एक हरा सब्जी करेला है. स्वास्थ्य के लिए करेला सबसे ज्यादा लाभकारी माना जाता है. इसमें वे सभी पोषक तत्व मिल जाते हैं जो एक स्वस्थ शरीर को जरूरत होती हैं. ज्यादातर करेले का जूस या इसकी सब्जी बनाकर लोग खाते हैं. लेकिन इसके पत्ते तक में बहुत सारे गुण होते हैं. आइए जानते हैं कि करेले के पत्ते के सेवन से किन बीमारियों से दूर रहा जा सकता है.
    इन 4 परेशानियों से राहत दिला सकता है करेले का पत्ता
    1. हर प्रकार के संक्रमण को रखेगा दूर
         करेले का पत्ता कई प्रकार के स्कीन से जुड़े और शरीर के संक्रमण को आपके पास आने से रोक सकता हैं. इसमें मिलने वाले पोषक तत्व पेट की दिक्कत नहीं होने देते हैं. दाद-खुजली, -सिरदर्द, जैसी परेशानियों को भी ये दूर कर सकता है. इसका सेवन करने के लिए इन पत्तों को उबालकर इसका पानी पीएं.
    2. डायबिटीज में फायदेमंद
       डायबिटीज के मरिजों के लिए करेला रामबाण होता है. लेकिन अगर आपको किसी कारण से ये उपलब्ध नहीं हैं तो आप इसके पत्ते का सेवन भी कर सकते है. इन पत्तियों के सेवन से शुगर लेवल कंट्रोल में रहेगा.
    3. तलवों के जलन को कम करने में उपयोगी
         कई लोगों के खून में गंदगी होती हैं. ऐसे में उन्हें पैरों के तलवे में जलन और शरीर के अलग-अलग हिस्सों में जलन की शिकायत रहती हैं. ऐसे में करेले का पत्ता आपकी मदद कर सकता है. इसमें भारी मात्रा में एंटी फंगल गुण मिलते हैं. साथ ही करेले के सेवन से आपका खून साफ होता है.
    4. पीरियड्स के दर्द से आराम
        महिलाओं को उनके पीरियड्स के समय बहुत ज्यादा असहनीय दर्द से गुजरना पड़ता हैं. इस दर्द को करेले के पत्ते का सेवन करके आराम से कम किया जा सकता है. इसके लिए 10-15 करेले के पत्ते का रस निकाल कर, उसमें काली मिर्च पाउडर और पीपल का चूर्ण और सौंफ मिलाकर पी लें.

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