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ज्योतिष शास्त्र/ शौर्यपथ /ज्योतिष शास्त्र में सूर्य का नक्षत्र परिवर्तन भी काफी महत्वपूर्ण माना गया है। हिंदू पंचांग के अनुसार, बीते 6 जुलाई 2021 को सूर्य पुनर्वसु नक्षत्र में गोचर कर रहे थे। इसके बाद 20 जुलाई को सूर्य ने पुष्य नक्षत्र में गोचर किया। सूर्य के इस नक्षत्र परिवर्तन का प्रभाव मेष से लेकर मीन राशि तक में प्रभाव पड़ा। अब सूर्य पुष्य नक्षत्र में 3 अगस्त तक रहेंगे। इसके बाद सूर्य अश्लेषा नक्षत्र में आ जाएंगे। सूर्य का गोचर 3 अगस्त की सुबह 3 बजकर 42 मिनट पर होगा। खास बात यह है कि इस नक्षत्र में पहले बुध गोचर करेंगे। जानिए सूर्य और बुध का संयोग किन राशियों पर डालेगा शुभ प्रभाव-
1. मेष- अश्लेषा नक्षत्र के प्रभाव में मेष राशि के जातकों को धन लाभ होने की संभावना है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, मेष राशि वालों के लिए अगस्त का महीना शुभ रहेगा। इस दौरान शिक्षा से जुड़े लोगों को शुभ परिणाम मिलेंगे। करियर में सफलता के योग बनेंगे।
2. मिथुन- ग्रहों की चाल में परिवर्तन से मिथुन राशि वालों की आर्थिक स्थिति बेहतर होगी। बुध के अश्लेषा नक्षत्र में गोचर से मिथुन राशि वालों की आय में वृद्धि हो सकती है। इस दौरान आपको निवेश का भी फायदा मिल सकता है। कारोबार में तरक्की के योग बनेंगे।
3. सिंह- सिंह राशि वालों का इस दौरान भाग्य साथ देगा। किसी काम को पूरी लगन से करने पर उसमें सफलता प्राप्त होगी। करियर में भी शुभ परिणाम देखने को मिलेंगे।
4. तुला- तुला राशि वालों के लिए बुध और सूर्य का यह गोचर अच्छे दिन लेकर आएगा। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, इस दौरान कोई भी नया काम शुरू करना शुभ रहेहा। संपत्ति में लाभ के योग बनेंगे। वाहन की सुख की प्राप्ति हो सकती है।
सेहत / शौर्यपथ / अगर आप भी उन लोगों में शामिल हैं, जिनके लिए चाय एक एनर्जी ड्रिंक का काम करती है या फिर जिनकी सुबह ही एक कप गर्म प्याली चाय के साथ होती है तो यह खबर आपके लिए ही है। जी हां क्या आप जानते हैं खाली पेट सुबह की चाय की गर्म चुस्की आपकी सेहत पर कितना बुरा असर डाल सकती है। आइए जानते हैं।
न्यूट्रिशनिस्ट और वैलनेस एक्सपर्ट वरुण कत्याल के अनुसार सुबह खाली पेट चाय पीने से पेट में अम्लीय और क्षारीय पदार्थों के असंतुलन की वजह से चयापचय प्रणाली बाधित हो सकती है। यह शरीर की नियमित चयापचय गतिविधि में हस्तक्षेप करके व्यक्ति को दिन भर परेशान रख सकता है।
वरुण कत्याल बताते हैं कि टी रिसर्च एसोसिएशन इन इंडिया द्वारा किए गए एक अध्ययन के अनुसार, जब दूध को चाय के साथ मिलाया जाता है, तो दूध में मौजूद वजन घटाने के लिए जिम्मेदार तत्वों का असर कम हो जाता है। इसके अलावा दूध से बनी चाय पेट के एसिड को बढ़ाकर आपके पाचन तंत्र पर भी बुरा असर डाल सकती है। जो कि वजन बढ़ने का एक मुख्य कारण हो सकता है।
अल्सर की समस्या
अक्सर आपने कई लोगों को यह कहते सुना होगा कि उन्हें सुबह उठते ही एकदम स्ट्रॉन्ग और गर्मागरम चाय पीना पसंद है। पर क्या आप जानते हैं सुबह-सुबह खाली पेट गर्म चाय पीने से पेट की अंदरूनी हिस्से पर चोट लग सकती है, जो आगे चलकर पेट के अल्सर का कारण भी बन सकता है।
मोटापे की समस्या
खाली पेट चाय पीने से उसमें घुली हुई चीनी शरीर में प्रवेश करती है, जिससे व्यक्ति का वजन बढ़ने के साथ मोटापा भी बढ़ता है।
हड्डियों के लिए बुरी है चाय-
खाली पेट लंबे समय तक रोज कई कप चाय के पीने से स्केलेटल फ्लोरोसिस जैसी बीमारी हो सकती है यह बीमारी हड्डियों को अंदर ही अंदर खोखला बना देती है। जिसकी वजह से कई गंभीर बीमारी भी हो सकती है।
थकान और चिड़चिड़ापन
ऐसा कहा जाता है कि चाय पीने से ताजगी आती है। हालांकि सच तो ये है कि सुबह दूध वाली चाय पीने से काम में थकान और चिड़चिड़ापन हो सकता है।
पाचन क्रिया पर बुरा असर-
सुबह उठते ही कई लोग खाली पेट चाय पीने लगते हैं। जिसकी वजह से उनके पेट में गैस बनने के साथ उनकी पाचन क्रिया भी धीमी हो जाती है। खाली पेट चाय पीने से पित्त की प्रक्रिया में भी बाधा आती है। जिसकी वजह से मिचली और बेचैनी महसूस हो सकती है।
तनाव बढ़ने का है कारण-
सुबह उठते ही फ्रेश और ऊर्जावान बने रहने के लिए लोग एक कप चाय पीना पसंद करते हैं। नतीजतन, ऐसे व्यक्तियों के शरीर में कैफीन की मात्रा काफी बढ़ जाती है और उन्हें नींद न आने के साथ तनाव और अवसाद जैसी समस्याएं घेर सकती हैं।
ह्रदय रोग का खतरा-
खाली पेट चाय पीने से इसमें मौजूद कैफीन तेजी से शरीर में घुलने लगता है। जो व्यक्ति के ब्लड प्रेशर को प्रभावित करके दिल की सेहत पर भी बुरा असर डालता है।
इस तरह से पिएं चाय
अगर आप चाय के शौकीन हैं तो हमेशा न ही ज्यादा गर्म और न ही अधिक ठंडी चाय पीएं। सुबह उठते ही चाय पीने की आदत है तो खाली पेट चाय पीने की जगह उसके साथ बिस्किट या स्नैक्स जरूर लें।
टिप्स ट्रिक्स / शौर्यपथ / बालों के लिए कई तरह के घरेलू उपायों को अपनाया जाता है। जिससे बाल न सिर्फ हेल्दी रहते हैं बल्कि इससे मदद से डैमेज बालों को भी हेल्दी बनाया जा साकता है।
शाइनी और हेल्दी हेयर के
शाइनी और हेल्दी हेयर हर कोई चाहता है, ऐसे में घर में मौजूद सामान से आप मास्क तैयार कर सकती हैं और इसके इस्तेमाल से आपके बालों में नैचुरल चमक आ जाती है।
सामग्री
2 बड़े चम्मच कोको पाउडर
2 चम्मच ऑलिव ऑयल
2 चम्मच दही
विधि
कटोरी में सभी सामान को अच्छे से मिक्स करें औऱ अपने बालों को हल्का गीला करें। इसके लिए आप स्प्रे बोतल की मदद ले सकते हैं। फिर इस मास्क को ब्रश की मदद से स्कैल्प और बालों में लगाएं। इसे लगाने के बाद करीबन एक घंटे के लिए छोड़ दें और बाद में शैम्पू से सिर धो लें।
मॉइस्चराइजिंग हेयर मास्क
अगर आपके बाल में डैंड्रफ और ड्राई हो रहे हैं, तो आप घर के बने मास्क का इस्तेमाल कर सकते है।
सामग्री
1 कप दही
1/4 कप को कोको पाउडर
3 चम्मच नारियल तेल
5 बूंदे रोजहिप ऑयल
3 बूंदे लैवेंडर एसेंशियल ऑयल
कैसे बनाएं
सभी चीजों को एक कटोरी में अच्छे से मिक्स करें और 10 से 15 मिनट के लिए ढक कर छोड़ दें। नहाने से पहले अपने बालों में अच्छी तरह इस हेयर मास्क को लगाएं और 1 घंटे के लिए लगा रहने दें। बाद मे शैम्पू करें। अच्छे रिजल्ट के लिए मास्क को हफ्ते में करीबन दो बार जरूर लगाएं।
ध्यान दें कोको पाउडर से बने ये मास्क नैचुरल हैं, लेकिन फिर भी अगर आपको किसी भी तरह की जलन या खुजली महसूस हो तो इसे लगाना छोड़ दें। कोशिश करें की पहले पैच टेस्ट लेने के बाद ही इसे पूरे सिर में लगाएं।
टिप्स ट्रिक्स / शौर्यपथ /इन दिनों किचन में चिमनी का प्रयोग किया जाता है। चिमनी लगाने के कई फायदे हैं। लेकिन कुछ नुकसान भी जिसमें से सबसे बड़ा प्वाइंट उसे साफ करना है। जहां एक तरफ चिमनी की मदद से घर में धुआं नहीं फैलता, तो वहीं इसी कारण से ये बहुत जल्दी गंदी भी हो जाती है। तो चलिए जानते हैं इसको साफ करने के आसान टिप्स के बारे में।
टिप 1
इसे साफ करना मुश्किल है। लेकिन अगर चिमनी ज्यादा गंदी न हो तो आप इसे डिटर्जन और बर्तन साफ करने वाले लिक्विड का इस्तेमाल कर सकती हैं। चिमनी के फिल्टर को निकाल कर डिटर्जन के घोल में डालें और ब्रश से साफ कर दें।
टिप 2
चिमनी साफ करने के लिए बैकिंग सोडा का इस्तेमाल करें। इसके लिए फिल्टर पर बैकिंग सोडा डालें और उस पर विनेगर, नमक और गर्म पानी डालें और थोड़ी देर के लिए छोड़ दें।
टिप 3
चिमनी बहुत गंदी नहीं है तो इसे विनेगर से भी साफ कर सकते हैं। इसके लिए चिमनी के फिल्टर्स को निकालें और एक बर्तन में विनेगर डालकर रख लें, और उसमें पेपर टॉवल को डूबा लें। अब उस पेपर से चिमनी को अच्छी तरह से साफ करें।
टिप 4
चिमनी के फिल्टर को निकालें और गर्म पानी और बाल्टी या टब में फिल्टर को डाल दें। अब गर्म पानी और कास्टिक सोडा डालकर एक घंटे के लिए छोड़ दें। एक घंटे बाद पानी में से निकालें और सर्फ या साबुन से अच्छी तरह साफ करें।
सेहत / शौर्यपथ / लम्बे समय तक भूखे रहने के बाद जब हम काफी मात्रा में खाना खा लेते हैं, तो फूड पॉयजनिंग का खतरा हो सकता है। ख़ासतौर पर व्रत रखने के बाद जब व्रत खोलने के लिए कुछ खाते हैं, तो पेट खराब होने के साथ फूड पॉयजनिंग का खतरा भी काफी बढ़ जाता है। इसका कारण यह है कि व्रत में लम्बे समय तक भूखे रहने के बाद तली-भुनी चीजें खाने से इसका असर पाचन शक्ति पर पड़ता है, जिससे एसिड बनने की समस्या हो जाती है। ऐसे में अगर आप सावन में व्रत रख रहे हैं, तो कुछ उपाय ऐसे हैं जिनसे फूड पॉयजनिंग के खतरे को कम किया जा सकता है।
फूड पॉयजनिंग क्या है
फूड पॉयजनिंग एक तरह का संक्रमण है, जो स्टैफिलोकोकस नामक बैक्टीरिया, वायरस या अन्य जीवाणु के कारण हो सकता है। जब स्टैफिलोकोकस बैक्टीरिया किसी खाद्य पदार्थ को खराब कर देता है, तो उसे खाने से फूड पॉइजनिंग हो सकती है। इस कारण उल्टी और डायरिया जैसी समस्या हो सकती है। इसके अलावा, फूड पाइजनिंग की समस्या कॉली बैक्टीरिया के कारण भी हो सकती है। यह गंदा पानी पीने से शरीर में आ सकता है।
फूड पॉयजनिंग से बचने के घरेलू उपाय-
-हाजमे को सुधारने के लिए अदरक विशेष रूप से फायदा पहुंचाता है। खाने के साथ अदरक के लच्छे पर जरा-सा काला नमक और नीबू डाल कर खाएं। अदरक की चाय पिएं।
-पेट की तकलीफ में दूध का सेवन नहीं करना चाहिए।
-शहद का सेवन भी पेट को आराम पहुंचाता है।
-भुने जीरे को पतली छाछ में मिलाकर पीने से पेट को राहत मिलती है। भूख लगने लगती है।
-फूड पॉयजनिंग होने पर तुलसी के पत्तों का रस अदरक में मिलाकर पीने से काफी लाभ मिलता है।
-पानी उबाल कर ही पिएं, क्योंकि उबालने से पानी हल्का हो जाता है।
इन बातों का रखें ध्यान
-खाना हमेशा साबुन से अच्छी तरह हाथ धोकर ही बनाएं।
-हमेशा साफ-सुथरे और अच्छी तरह धुले बर्तनों का ही इस्तेमाल करें।
-खाने की चीजें खरीदते समय कच्चे मांस, मछली या चिकन को फल और सब्जियों से अलग ही रखें, वरना क्रॉस कन्टेमिनेशन का खतरा बढ़ सकता है।
-खाना हमेशा अच्छी तरह पका कर खाएं, ताकि उच्च ताप से सभी हानिकारक जीव नष्ट हो जाएं
-खाना पकाने के बाद उसे देर तक बाहर या खुला न छोड़ें। आमतौर पर पके भोजन में भी करीब दो घंटे बाद बैक्टीरिया पनपने लगते हैं।
-यदि पके हुए भोजन का रंग या गंध बदली हुई लगे तो उसे बिल्कुल नहीं खाना चाहिए।
-बारिश के मौसम में अपच की समस्या भी बढ़ जाती है, इसलिए ज्यादा चटपटा या तला-भुना भोजन करने से बचना चाहिए।
-रसोई घर में इस्तेमाल होने वाले झाड़न को भी रोज गर्म पानी से धोना चाहिए। उनमें मौजूद ई-कोलाई बैक्टीरिया पेट में कई तरह की गड़बड़ियां कर सकता है।
-फल व सब्जियों को बहुत अच्छी तरह नल के बहते पानी में ही धोना चाहिए।
शौर्यपथ / हर साल अगस्त के पहले रविवार को फ्रेंडशिप डे मनाया जाता है। आज दोस्ती को सेलिब्रेट करने वाला दिन है लेकिन कोरोना महामारी के चलते हर दोस्त से मिलना मुमकिन नहीं है।साथ ही सेफ्टी के लिहाज से ग्रुप पार्टी करना भी अच्छा कदम नहीं होगा।ऐसे में आप अपने दोस्तों को मैसेज भेजकर विश कर सकते हैं।
क्यों मनाते हैं फ्रेंडशिप डे
कहा जाता है कि अमेरिकी सरकार ने 1935 में एक आदमी की हत्या कर दी थी। इसके बाद उस आदमी के दोस्त ने भी आत्महत्या कर ली थी। तब से अमेरिकी सरकार ने उस दिन को फ्रेंडशिप डे के रूप में मनाना शुरू किया। भारत में अगस्त के पहले रविवार को फ्रेंडशिप डे मनाया जाता है। ऐसा कहा जाता है कि रविवार को लगभग सबकी छुट्टी होती है, जिस वजह से भारत में रविवार को फ्रेंडशिप डे मनाया जाता है।
-सालों बाद न जाने क्या समां होगा न जाने कौन दोस्त कहां होगा फिर मिलना हुआ तो मिलेगें यादों में जैसे सूखे गुलाब मिलते हैं किताबों में। हैप्पी फ्रेंडशिप डे
दोस्तीं तो सिर्फ इत्तेफ़ाक़ है ये तो दिलों की मुलाकात है दोस्ती नहीं देखती दिन है या रात है ये तो डेरी मिल्क की मिठास.. और पानी पूरी सा तीखा है।
-दोस्ती कोई खोज नहीं होती, दोस्ती किसी से हर रोज नहीं होती, अपनी जिंदगी में हमारी मौजूदगी को बिना वजह न समझना, क्योंकि पलकें आखों पर कभी बोझ नहीं होतीं। हैप्पी फ्रेंडशिप डे
-दोस्त वो होता है जब आप रुकें तो वो आगे बढ़ाए जब आप अकेले हों तो बात करे जब आप कुछ खोज रहे हों तो आपका गाइड बने, और जब आप उदास हों तो आपको हंसाए। हैप्पी फ्रेंडशिप डे",
-आसमान से उतरी है तारों से सजाई है चांद की चांदनी से नहलाई हैं .. ए दोस्त संभाल के रखना यह दोस्ती यही तो हमारी जिंदगी भर की कमाई है मित्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं"
खाना खजाना / शौर्यपथ /सावन व्रत में खाने के लिए आप कई रेसिपी ट्राई कर चुके होंगे लेकिन क्या आप कच्चे केले की टिक्की ट्राई की है? अगर नहीं, तो देर किस बात की है आज हम आपको बता रहे हैं कच्चे केले की टिक्की-
सामग्री :
12 कच्चा केला, 1 चम्मच हरी मिर्च कटी हुई, 1 चम्मच लाल मिर्च का पाउडर, आधा चम्मच हल्दी पाउडर, आधा चम्मच धनिया पाउडर, आधा चम्मच गरम मसाला, 1 चम्मच नींबू का रस, आधा चम्मच तिल, सेंधा नमक स्वाद के मुताबिक।
कच्चे केले की टिक्की बनाने का तरीका
कच्चा केला को प्रेशर कुकर में 2 से 3 सीटी बजने तक उबालें, ठंडा होने के लिए उसे छोड़ दें, आलू से छिलका हटाएं और अच्छी तरह मसलें। केला को एक प्याले में लाल मिर्च पाउडर, नींबू जूस, कटी हुई धनिया पत्ती, धनिया पाउडर और गरम मसाला के साथ डालें, अच्छी तरह मिलाएं। अपनी हथेली पर तेल लगाएं, मिक्सचर को छोटे हिस्सों में कर लें और भरें। एक हिस्सा को अपनी हथेली पर लें और उसे धीरे से चपटा करें। कुट्टू के आटे में पहले उसे गोल करें, फिर उस पर तिल को छिड़कें, आहिस्ता से दबाएं और उसे किनारे कर दें। कड़ाही में एक चम्मच तेल को शामिल करें, उस पर टिक्की को रखें और टिक्की के आसपास थोड़ा और तेल फैलाएं, मध्यम आंच पर पकाएं, तलें यहां तक कि रंग में गोल्डन ब्राउन हो जाए।
ब्यूटी टिप्स / शौर्यपथ / बारिश के मौसम में स्किन से संबंधित कई तरह की परेशानियां सामने आती हैं। जिसके बाद स्किन में कई तरह के दाग-धब्बे हो जाते हैं। ऐसे में घरेलू उपायों से इन परेशानियों का हल मिल सकता है। तो चलिए जानते हैं कि घर में चावल के पानी और एलोवेरा जेल से कैसे पाएं फ्लॉलेस स्किन ।
चावल का पानी और एलोवेरा
एक बाउल में 1 चम्मच एलोवेरा जेल में आधा चम्मच चावल का पानी मिलाएं। इसे सोने से पहले चेहरे पर अच्छी तरह से लगाकर मसाज करें। सुबह अपने चेहरे को अच्छे से धो लें। आप चाहें तो इसे स्किन केयर में रोजाना शामिल करें। इससे आपको ग्लोइंग स्किन मिलेगी।
कैसे लगाएं एलोवेरा जेल
इसके लिए सबसे पहले अपने चेहरे को स्टीम दें। चेहरे पर स्टीम देने से पोर्स खुल जाएंगे। स्टीम लेने के बाद आप एलोवेरा जेल को लगाकर हल्के हाथ से मसाज करें।
खाना खाजना / शौर्यपथ / छोले-भटूरे की दोस्ती बहुत अच्छी है। गर्मागर्म मसालेदार छोले के साथ ताजे तले हुए और फूले-फूले भटूरे हर किसी को पसंद आते हैं। तो फिर देर किस बात की... इस मित्रता दिवस पर बनाएं लज्जतदार गरमा-गरम छोले-भटूरे और खुश करें अपने दोस्त को...
भटूरा सामग्री :
2 कप मैदा, 1 कप दही, अजवाइन, चुटकी भर बेकिंग पावडर, नमक।
भटूरा विधि :
2-3 घंटे पहले मैदे में अजवाइन, बेकिंग पाउडर, नमक व दही डालकर गूंथ लें। थोड़ी देर ढंककर रख दें। अब मैदे को थोड़ा-सा तेल लगाकर मथें। फिर मैदे से मध्यम आकार की लोई बनाकर पूरी से थोड़े बड़े आकार में बेल लें और गरम तेल में मध्यम आंच पर तलते जाएं।
छोले की सामग्री :
काबुली चने 250 ग्राम, मीठा सोडा, इमली का गाढ़ा पानी।
छोला मसाला सामग्री :
सोंठ, धनिया, दालचीनी, लौंग, बड़ी इलायची पावडर, हल्दी, लालमिर्च, जीरा, कालीमिर्च, इन सभी को आधा-आधा चम्मच तथा एक चुटकी हींग मिक्स करके छोला मसाला तैयार करें।
विधि : काबुली चने को मीठा सोडा मिलाकर 8 घंटे भिगोएं फिर कुकर में गलने तक पकाएं। जब चने गल जाएं तो उसमें नमक, इमली का गाढ़ा पानी व छोले का आधा मसाला मिलाकर 1 सीटी आने तक पकाएं।
अब 1 कड़ाही में 2 बड़े चम्मच तेल गरम करके राई-जीरे का तड़का लगाएं, 2 बारीक कटी हरी मिर्च डालें और तैयार छोले का मसाला डालकर भूनें। आवश्यकतानुसार छोले का रसा तैयार करें और उसमें उबले हुए छोले डाल दें। अच्छी तरह उबलने पर उसमें हरा धनिया बुरकें। लीजिए चटपटे छोले तैयार हैं। अब गरमा-गरम भटूरों के साथ चटपटे छोले और हरी चटनी पेश करें।
खेल / शौर्यपथ / श्रीलंकाई दौरे पर गई युवा भारतीय टीम को टी-20 सीरीज में हार का सामना करना पड़ा। श्रीलंका ने भारत को 3 टी-20 मैचों की सीरीज में 2-1 से हरा दिया। इस सीरीज में हार के बाद भी भारतीय टीम के लिए कई सकारात्मक बातें निकल कर आई हैं। पूरे दौरे पर पृथ्वी शॉ ने शानदार खेल दिखाया है। सूर्यकुमार यादव ने टीम में जगह बनाने के लिए अपनी दावेदारी मजबूती से पेश की है। दीपक चाहर ने बल्ले और गेंद दोनों से प्रभावित किया है जबकि उनके भाई राहुल चाहर ने भी अच्छे प्रदर्शन से चयनकर्ताओं के सामने अपना दावा पेश किया है। कुलदीप-चहल की जोड़ी ने एक बार फिर प्रभावित किया। इस सीरीज में हारने के बाद भी भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज आकाश चोपड़ा राहुल चाहर से काफी प्रभावित हुए हैं। उन्होंने कहा है कि राहुल उन्हें अफगानी स्पिनर राशिद खान की याद दिलाते हैं। राहुल ने तीसरे टी-20 मुकाबले में 3 विकेट चटकाए थे और श्रीलंकाई बल्लेबाजों को काफी परेशान किया था।
अपने यूट्यूब चैनल आकाशवाणी में चोपड़ा ने कहा, 'राहुल चाहर टीम इंडिया में हमेशा नहीं खेलते हैं क्योंकि टीम में युजवेंद्र चहल के रूप में नंबर 1 लेग स्पिनर मौजूद है। रविन्द्र जडेजा और वॉशिंगटन सुन्दर के रूप में भारतीय टीम में और भी स्पिन के विकल्प मौजूद हैं। वरुण चक्रवर्ती एक मिस्ट्री स्पिनर के रूप में अपना नाम बनाने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन चाहर ने हर मौकों को भुनाया है।' आकाश ने आगे कहा, 'चाहर काफी आत्मविश्वास से गेंदबाजी कर रहे हैं। उनके एक्शन से ऐसा लगता है कि वे गुगली डाल रहे हैं जबकि वो गेंद लेग स्पिन होती है। उनकी गेंदबाजी में यही मिस्ट्री है, जो मुझे राशिद खान की याद दिलाती है। अगर वे आईपीएल में अच्छा प्रदर्शन करते हैं तो चहल के साथ टी-20 वर्ल्ड कप में खेलने का मौका मिल सकता है।'
आकाश ने पिछले कुछ सालों से सीमित ओवरों में भारत की सबसे शानदार स्पिन जोड़ी कुलदीप-चहल को लेकर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा, 'कुल-चा को मात भूलिए। कुछ कारण थे तभी ये दोनों एक समय एक साथ भारतीय टीम के लिए खेलते थे। जब भी ये दोनों साथ खेले हैं इन्होंने अच्छा प्रदर्शन किया है। कुलदीप और चहल दोनों ने पहले दो वनडे मैचों में अच्छा प्रदर्शन किया था। कुलदीप को टी-20 मैचों में भी मौका मिला था और उन्होंने इसे जाने नहीं दिया। ये केकेआर के लिए एक सीख है, उन्हें कुलदीप को जरूर मौका देना चाहिए। इससे कुलदीप में आत्मविश्वास आएगा।'
मनोरंजन / शौर्यपथ / मशहूर अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी के पति और बिजनेसमैन राज कुंद्रा अश्लील फिल्में बनाने और उन्हें प्रसारित करने के मामले में पुलिस हिरासत में हैं। हालांकि इसी बीच शिल्पा शेट्टी का एक थ्रोबैक इंटरव्यू काफी चर्चा में है। इस इंटरव्यू शिल्पा शेट्टी ने खुलासा किया था कि वह कभी भी अपने पति राज कुंद्रा को फिल्मों में ब्रेक नहीं देंगी क्योंकि वह बहुत मंहगा और प्रोडक्शन हाउस उसे अफोर्ड नहीं सकता है।
शादी के बाद जब शिल्पा की हुई बॉलीवुड में वापसी
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि शिल्पा शेट्टी और राज कुंद्रा की शादी साल 2009 में हुई थी। शादी के बाद शिल्पा फिल्मों से गायब हो गई थीं। हालांकि साल 2012 में जब शिल्पा दोबारा बॉवीवुड में वापसी करने जा रही थी, तब उन्होंने Mid-Day को एक इंटरव्यू दिया और अपने एक प्रोडक्शन हाउस खोलने से लेकर फिल्म बनाने तक की बातें शेयर की थीं।
राज कुंद्रा को बतौर एक्टर लॉन्च वाली बात को शिल्पा ने किया रिजेक्ट
हालांकि जब शिल्पा से ये पूछा गया कि क्या वह अपने प्रोडक्शन हाउस से बनने वाली फिल्म में राज कुंद्रा को लॉन्च करेंगी? शिल्पा इस बात को सिरे खारिज करते हुए बोली थीं , राज बहुत महंगा है! हमारा प्रोडक्शन हाउस उसे अफोर्ड नहीं कर सकता। वह घर पर ही बड़ा स्टार हैं और इस तरह फेमस हो रहे हैं, ”। रिपोर्ट के अनुसार, 2014 में, एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में जब इस बारें मे राज से भी पूछा गया था कि क्या वह एक्टर बनने में दिलचस्पी रखते हैं ? तो राज ने कहा था, "सबसे पहले, मुझे कौन देखेगा? दूसरा मुझे कौन झेल पाएगा और एक व्यवसायी के रूप में, मैं बर्दाश्त नहीं कर सकता।"
पोर्नोग्राफी मामले में पुलिस कस्टडी में है राज कुंद्रा
राज कुंद्रा पर अश्लील फिल्में बनाने और उन्हें प्रसारित करने के आरोप लगे हैं। पुलिस के पास राज के खिलाफ पर्याप्त सबूत हैं। उन्हें मुख्य साजिशकर्ता माना जा रहा है। 19 जुलाई को राज की गिरफ्तारी हुई थी। इसके बाद से ही वह पुलिस की गिरफ्त में हैं। अगर वह दोषी पाए जाते हैं तो उन्हें लंबा समय जेल में गुजारना पड़ सकता है। पोर्नोग्राफी में IT एक्ट के साथ ही IPC की कई धाराओं के तहत मामला बनता है।
कोर्ट ने खारिज किया शिल्पा शेट्टी का मानहानी वाला केस
हाल ही में इस मामले में मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच की टीम राज को लेकर शिल्पा शेट्टी के घर पहुंची थी। इस दौरान कई मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया था कि जब राज और शिल्पा का आमना-सामना हुआ, तब एक्ट्रेस रोने लगी थीं। उन्होंने राज के सामने जमकर अपनी नाराजगी जाहिर की थी। इस तरह की कई रिपोर्टों को लेकर शिल्पा शेट्टी ने बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। शिल्पा ने उनकी छवि खराब करने के लिए मीडिया संस्थानों पर मानहानि का मुकदमा दायर किया था, जिसे बॉम्बे हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया।
टिप्स ट्रिक्स / शौर्यपथ / बढ़ती उम्र के साथ सफेद बाल होना एक आम बात है लेकिन अगर आपके बाल 25 की उम्र तक पहुंचते-पहुंचते ही सफेद होने लगे हैं, तो चिंता करना लाजिमी है। बाल सफेद होने के कई कारण हो सकते हैं। आमतौर पर पोषण की कमी और आनुवंशिक कारणों के चलते भी कई बार ऐसा होता है। लेकिन तंबाकू का अत्यधिक सेवन, धूम्रपान और भावनात्मक तनाव भी इसका कारण हो सकता है। सफेद बालों की समस्या से निजात पाने के कुछ घरेलू उपाय भी है, जिन्हें आप अपना सकते हैं।
आंवला
यह बालों का प्राकृतिक काला रंग बनाए रखने में मदद करता है।
तरीका : आंवले को मसल कर उसकी गुठली निकाल दें। अब इसका पेस्ट बनाएं और सिर पर लगा लें। इसके बाद इससे बालों की जड़ों पर मालिश करें।
नारियल तेल और नीबू रस
यह सिर की त्वचा का रक्त संचार बढ़ाता है। इस तेल में बायोटीन, नमी और दूसरे तत्व होते हैं, जो बालों को सफेद होने से रोकते हैं और उन्हें मुलायम बनाते हैं।
तरीका: इसमें दो भाग नारियल का तेल और एक भाग नीबू का रस मिलाएं। इस मिश्रण से सिर और बालों की मालिश करें।
करी पत्ता
यह बालों की जड़ों की मजबूती बढ़ाता है और बालों को जरूरी पोषक तत्व देता है।
तरीका: करी पत्ते को नारियल के तेल में डाल कर चटखने तक गर्म करें। इसके बाद इसे छान लें और इससे बालों की मालिश करें। करीब 30-45 मिनट बाद सिर धो लें। यह प्रक्रिया हफ्ते में दो बार अपनाएं।
चाय या कॉफी
ये बालों का प्राकृतिक रंग बनाए रखने में मदद करते हैं।
तरीका: पानी में चाय की पत्ती या कॉफी पाउडर डाल कर उसे 10 मिनट तक उबालें। बालों का रंग काला बनाए रखने के लिए चाय की पत्ती का प्रयोग कर लें और भूरा बनाए रखने के लिए कॉफी पाउडर का प्रयोग करें।
काला तिल
यह भी सफेद बालों को काला बनाने में काफी मददगार है।
तरीका: हर रोज खाली पेट कच्चे तिल के बीजों को पानी के साथ खाना फायदेमंद होगा।
प्याज का पेस्ट
इससे बालों को पोषण मिलता है।
तरीका: बालों पर प्याज का पेस्ट लगा लें। इसे एक घंटे बाद धो डालें। ऐसा करने से भी सफेद बाल काले हो जाएंगे।
मेहंदी और तेजपत्ता
ये दोनों ही वनस्पतियां बालों के रंग को गहरा करती हैं।
तरीका: आधा कप सूखी मेहंदी और तेजपत्ते में दो कप पानी मिला कर उबालें। इस मिश्रण को कुछ देर तक रखा रहने दें। अब इसे छान लें और बालों को शैंपू से धोने के बाद उन पर इसे अच्छी तरह लगा दें। 15-20 मिनट के बाद दोबारा बाल धो लें। हर हफ्ते ऐसा करें।
चौलाई
यह भी बालों का काला रंग वापस लाने में मदद करती है और साथ ही बालों के विकास में भी मदद करती है।
तरीका: चौलाई की पत्तियों को पीस लें और इसका पेस्ट अपने सिर पर लगा लें।
सेहत / शौर्यपथ / बढ़ता वजन इन दिनों लोगों के लिए समस्या बनता जा रहा है। वजन के बढ़ने से कई तरह की परेशानियां और बीमारियों हो जाती है। ऐसे में कई लोगों के लिए वजन कम करना मुश्किल हो जाता है। कई प्रयास करने के बाद भी लोग वजन कम करने में नाकामयाब रहते हैं। ऐसे में कई ऐसी चीजें हैं, जिसको आप अपनी डाइट के साथ शामिल कर सकते हैं। चीजों का पालन करने से पहले आपको कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है। सबसे पहली बात ध्यान में रखे कि बाहर का खाना खाने और तले हुए खाने से बचें।
1)रोजाना ग्रीन टी का सेवन करना स्वास्थ के लिए अच्छा माना जाता है। सुबह ग्रीन टी पीने से पेट साफ होता है। साथ ही इसे पीने से वजन कम करने में मदद मिलती है। आप अपनी डाइट में ग्रीन टी को शामिल कर सकते हैं। रोजाना ग्रीन टी पीने से वजन कंट्रोल होता है और पेट कम करने में मदद मिलती है। आप दिन में 2-3 बार ग्रीन टी पी सकते हैं।
2)एलोवेरा जूस उन लोगों के लिए मददगार है, जिनका मेटाबॉलिज्म कम है। ये जूस पाचन में मदद करता है। एलोवेरा पेट, त्वचा और बालों से जुड़ी समस्याओं के लिए बहुत फायदेमंद है।
3)एप्पल साइडर विनेगर का सेवन करें। इन दिनों लोग एप्पल साइडर विनेगर का सेवन पतले होने के लिए करते हैं। एप्पल साइडर विनेगर में मौजूद एसेटिक एसिड वजन कम करने में मदद करता है। रोजाना 2 चम्मच एप्पल साइडर विनेगर को गरम पानी मिलाएं और पीएं। इसमें आप शहद और नमक मिलाएं। रोजाना खाली पेट एप्पल साइडर विनेगर पीने लसे वजन कम करने में मदद मिलती है।
सेहत / शौर्यपथ /दो महीने के बच्चों के लिए यह वायरस एक चुनौती बना हुआ है। हालांकि यह संक्रमण आमतौर पर सर्दियों के मौसम में होने वाला यह रोग अब गर्मियों के मौसम में भी बच्चों को अपनी चपेट में ले रहा है। ऐसा आखिर क्यों है, यह डॉक्टरों के लिए भी एक सवाल बना हुआ है। इसका सबसे दुखद पहलू यह है कि इस बीमारी से ग्रसित हर साल करीब 35
लाख बच्चे अस्पताल में भर्ती होते हैं, जिनमें से करीब 5 प्रतिशत बच्चों की मौत हो जाती है।
ब्रिटेन के अस्पतालों में गंभीर श्वसन संक्रमण से पीड़ित बच्चों के मामले बढ़ रहे हैं। इसमें रेस्पिरेटरी सिनसिटियल वायरस (आरएसवी) नाम का संक्रमण शामिल है और ये वायरस दो माह के बच्चों में भी देखा गया।
इससे सांस की नली में सूजन (ब्रोंकियोलाइटिस) जैसे रोगों के लिए अस्पताल में भर्ती होने वाले बच्चों की संख्या बढ़ रही है जो फेफड़ों की सूजन यानी ब्रोंकाइटिस के जैसा है। आमतौर पर सर्दी की बीमारी माना जाने वाला आरएसवी गर्मी में क्यों बढ़ रहा है?
आरएसवी एक आम श्वसन रोगाणु है और हम में से लगभग सभी दो साल की उम्र तक इससे संक्रमित होते हैं। ज्यादातर लोगों में इस बीमारी के हल्के लक्षण- जुकाम, नाक बहना और खांसी होते हैं। ये लक्षण आमतौर पर एक या दो हफ्ते में बिना इलाज के ठीक हो जाते हैं। तकरीबन तीन में से एक बच्चे को आरएसवी के कारण ब्रोंकियोलाइटिस हो सकता है।
इससे श्वास की नली में सूजन आ जाती है, मरीजों का तापमान बढ़ जाता है और सांस लेने में दिक्कत होती है। कभी-कभी ये बहुत गंभीर बीमारी बन जाती है। अगर किसी युवा व्यक्ति को सांस लेने में बहुत दिक्कत होने लगती है तो ये लक्षण गंभीर हो सकते हैं, जिससे तापमान 38 सेल्सियस के पार जा सकता है, होंठ नीले पड़ सकते है और सांस लेना बहुत मुश्किल हो सकता है।
बच्चे बीमारी के कारण कुछ खाने से इनकार कर सकते हैं और उन्हें लंबे वक्त तक पेशाब नहीं आती। एक माह के बच्चों की श्वास नली बहुत छोटी होने के कारण उन्हें अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत पड़ती है। ज्यादातर मामलों को नियंत्रित किया जा सकता है, लेकिन कई बार ब्रोंकियोलाइटिस जानलेवा हो जाता है। हर साल तकरीबन 35 लाख बच्चे अस्पताल में भर्ती होते हैं और इनमें से करीब 5 प्रतिशत बच्चों की मौत हो जाती है।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
