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June 01, 2026
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आस्था / शौर्यपथ /देशभर में हनुमानजी के कई चमत्कारिक मंदिर है और लगभग सभी मंदिर जागृत हैं। प्रत्येक मंदिर से कुछ ना कुछ इतिहास जुड़ा हुआ है। हनुमानजी परम ब्रह्मचारी और ईश्वरतुल्य हैं। हनुमानजी के चमत्कारिक सिद्धपीठों की संख्‍या सैकड़ों में है। उन सभी स्थानों पर हनुमान के मंदिर बने हैं, जहां वे गए थे या जहां वे बहुत काल तक रहे थे या जहां उनका जन्म हुआ। कुछ मंदिर उनके जीवन की खास घटनाओं से जुड़े हैं और कुछ का संबंध चमत्कार से है। उन्हीं में से एक है छत्तीसगढ़ के रतनपुर में स्थित गिरजाबंध हनुमान मंदिर।
गिरजाबंध हनुमान मंदिर, रतनपुर (छत्तीसगढ़) :
1. छत्तीसगढ़ के बिलासपुर से 25 किलोमीटर दूर रतनपुर में मां महामाया देवी और गिरजाबंध हनुमानजी का मंदिर है।
2. रतनपुर को महामाया नगरी भी कहते हैं। यहां स्थित मंदिर की खास बात यह है कि यहां हनुमान नारी स्वरूप में स्थित हैं। इसके मंदिर की पीछे कई तरह की किंवदंतियां प्रचलित हैं।
3. वैसे हनुमान जी के स्‍त्री स्वरूप की पूजा करने के पीछे की कहानी को दस हजार साल पुराना बताया जाता है। किंवदंति अनुसार 10 हजार वर्ष पूर्व रतनपुर के राजा पृथ्वी देवजू ने ये मंदिर बनवाया। कथा के अनुसार राजा कोढ़ के रोगी थे और इस वजह से परेशान रहते थे। एक बार सपने में हनुमान जी ने राजा को नारी रूप में दर्शन देकर सारी तकलीफ दूर करने को कहा और कहा कि मंदिर निर्माण करवाकर और उसमें उनकी प्रतिमा स्‍थापित करो।
4. राजा ने मंदिर तो बनवा दिया परंतु मूर्ति कहां से लाएं इस संबंध में विचार करने लगे। तब हनुमानजी के एक बार फिर सपना देकर कहा कि महामाया के कुंड में मूर्ति है। हालांकि अगले दिन वहां मूर्ति नहीं मिली। फिर राजा ने पुन: सपना देखा और सपने में मूर्ति भी नजर आए और पता चला कि घाट के पास वह मूर्ति है। अंतत: राजा को हूबहू वही मूर्ति घाट के पास मिली जिन्हें उन्होंने सपने में देखा था।
5. इस दक्षिण मुखी हनुमान जी की मूर्ति में पाताल लोक का चित्रण हैं। यह मूर्ति अष्ट श्र‍ृंगार से युक्त है जिसके बाएं कंधे पर भगवान राम और दाएं कंधे पर लक्ष्मण जी विराजमान हैं। वहीं बाएं पैर के नीचे अहिरावण और दाएं पैर के नीचे कसाई दबा है। एक हाथ में माला और दूसरे हाथ में लड्डू से भरी थाली है। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से लगभग 84 किलोमीटर दूर रमई पाट में भी एक ऐसी ही मूर्ति स्थापित है। राजा को मिली मूर्ति और रमई पाट की इस मूर्ति में अनेक विशेष समानताएं हैं। जय श्रीराम।
6. यहां हनुमानजी की देवी रूप में पूजा होती है और वह भक्त को सुंदरता का वरदान देते हैं और सभी तरह की मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं। यहां आज भी कुंष्ठ रोग से पीड़ित रोग आकर कुंड में डुबकी लगाते हैं।

पंचाग / शौर्यपथ / फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को आमलकी एकादशी का व्रत रखा जाता है। इस साल आमलकी एकादशी 25 मार्च 2021, दिन गुरुवार को है। मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु की विधि-विधान से पूजा करने से भक्त की मनोकामनाएं पूरी होती हैं। इसके साथ ही व्रती को मोक्ष प्राप्ति होने की भी मान्यता है। आमलकी एकादशी के दिन शुभ मुहूर्त में भगवान विष्णु की पूजा का विशेष महत्व होता है। एकादशी के दिन भगवान विष्णु की विधि-विधान से पूजा करने से उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है। जानिए आमलकी एकादशी के दिन विधि-विधान के साथ कैसे करें भगवान विष्णु की पूजा-

आमलकी एकादशी पूजा विधि-

1. आमलकी एकादशी व्रत के पहले दिन यानी दशमी तिथि को व्रती को एकादशी व्रत के साथ भगवान विष्णु का ध्यान करते हुए सोना चाहिए।
2. इसके बाद आमलकी एकादशी के दिन सुबह स्नान करके भगवान विष्णु की प्रतिमा के समक्ष हाथ में तिल, कुश, मुद्रा और जल लेकर व्रत का संकल्प करना चाहिए।
3. संकल्प के दौरान व्रती को कहना चाहिए कि मैं भगवान विष्णु की प्रसन्नता एवं मोक्ष की कामना से आमलकी एकादशी का व्रत रखता हूं। मेरा यह व्रत सफलतापूर्वक पूरा हो इसके लिए श्रीहरि मुझे अपनी शरण में रखें।
4. इसके बाद नीच बताए गए मंत्र से संकल्प लेने के पश्चात षोड्षोपचार सहित भगवान की पूजा करें।

मम कायिकवाचिकमानसिक सांसर्गिकपातकोपपातकदुरित क्षयपूर्वक
श्रुतिस्मृतिपुराणोक्त फल प्राप्तयै श्री परमेश्वरप्रीति
कामनायै आमलकी एकादशी व्रतमहं करिष्ये

5. अब भगवान विष्णु की पूजा के बाद पूजन सामग्री लेकर आंवले के वृक्ष की पूजा करनी चाहिए।
6. सबसे पहले आंवले के वृक्ष के चारों की भूमि को साफ करें। अब पेड़ की जड़ में एक वेदी बनाकर उस पर कलश स्थापित करें।
7. इस कलश में देवताओं, तीर्थों एवं सागर को आमंत्रित करें। कलश में सुगंधी और पंच रत्न रखें। इसके ऊपर पंच पल्लव रखें फिर दीप जलाकर रखें।
8. कलश पर श्रीखंड चंदन का लेप करें और वस्त्र पहनाएं। अंत में कलश के ऊपर श्री विष्णु के छठे अवतार परशुराम की स्वर्ण मूर्ति स्थापित करें और विधिवत रूप से परशुरामजी की पूजा करें।
9. आमलकी एकादशी के दिन रात्रि में भगवत कथा व भजन-कीर्तन करते हुए प्रभु का स्मरण करें।
10. द्वादशी के दिन सुबह ब्राह्मण को भोजन करवा कर दक्षिणा दें और परशुराम की मूर्ति सहित कलश ब्राह्मण को भेंट करना चाहिए।
11. इसके बाद व्रत का पारण कर अन्न जल ग्रहण करें।

भिलाई / शौर्यपथ /मर्चेन्ट मिल में अजय बेदी मुख्य महाप्रबंधक म.मिल व वा.रा.मिल व आर जी दलाल महाप्रबंधक मर्चेन्ट मिल की उपस्थिति में कर्मचारियों को शिरोमणी पुरस्कार योजना के अन्र्तगत सृजनशील व कर्मठ कार्मिको को पाली व कर्म शिरोमणी पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
संतोष कुमार साहू सहायक प्रबंधक को माह अक्टूबर 2020 से दिसंबर 2020 के लिए पाली शिरोमणी एवं अनुराग मिश्रा को माह जनवरी 2021 के लिए कर्म शिरोमणी पुरस्कार से नवाज़ा गया।
मुख्य अतिथि के आसंदी से अजय बेदी जी ने सर्वप्रथम सम्मानित अधिकारी एवं कर्मी को बधाई देते हुए कहा कि शिरोमणी पुरस्कार ऐसा प्रोत्साहन व अनुकरणीय प्रभावकारी होता है, जिसके कारण अन्य कार्मिक साथी भी प्रेरित होकर अपनी क्षमता व कार्यकुशलता में वृद्धि करते हैं जिससे प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से उत्पादन एवं उत्पादकता में प्रभाव देखा जा सकता हैं।
कारखाना प्रबंधक आर जी दलाल ने अपने उद्बोधन में कहा कि शिरोमणी पुरस्कार के लिए पुरस्कृत होने वाले कर्मचारी को उसके द्वारा किया जाने वाला नवाचार, उपलब्ध संसाधनो का बेहतर उपयोग, सुरक्षा मानको का पालन करने तथा करवाने वाले आयामो को ध्यान में रखकर चयनित कर विशेष पहचान देकर सम्मानित किया जाता हैं ।
इस कार्यक्रम में विभाग के महाप्रबंधक प्रचालन एस के हरिरमानी, महाप्रबंधक विद्युत श्री एस के पाठक, सहायक महाप्रबंधक यॉंत्रिकी श्री बिरेन्द्र कुमार विशेष रूप से उपस्थित थे ।
सहा.प्रबंधक कार्मिक मिल्स् जोन-1 डॉं जे.एस.बघेल ने कार्यक्रम का संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन प्रेषित किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में अति. श्रम कल्याण अधिकारी राजेश कुमार पांडे एवं आशीष राव काले का सराहनीय योगदान रहा ।

भिलाई। शौर्यपथ । भिलाई इस्पात संयंत्र के कोक ओवन व कोल केमिकल विभाग में स्वच्छता और सुरक्षा जागरूकता सप्ताह का उद्घाटन ईडी वक्र्स राजीव सहगल द्वारा किया गया। इस अवसर पर जी ए राव, मुख्य महाप्रबंधक सीओ-सीसीडी,जी पी सिंह, कार्यकारी मुख्य महाप्रबंधक सुरक्षा व अग्निशमन सेवाएं, एल जे बेंजामिन, महाप्रबंधक प्रभारी ऑपरेशन, बी नाग, महाप्रबंधक प्रभारी सीसीडी, राजीव श्रीवास्तव, महाप्रबंधक प्रभारी सीआरजी, बीजू पासवान, महाप्रबंधक मेंटनेंस विशेष रूप से उपस्थित थे।
इसके अतिरिक्त ए के मित्तल, डीएसओ, बीसी मंडल, डीएसओ, अरुण श्रीवास्तव, एजीएम कार्मिक-सीओ सीसीडी, सुश्री अंजलि पटेल, उपप्रबंधक कार्मिक-सीओ सीसीडी, एस के बघेल, अध्यक्ष, इंटक, संजय साहू (इंटक), वरिष्ठ अधिकारी व कर्मचारी सहित विभाग के ठेका श्रमिक भी मौजूद रहे।
कार्यक्रम कोक ओवन और कोल केमिकल विभाग द्वारा आयोजित सुरक्षा प्रदर्शनी का उद्घाटन ईडी राजीव सहगल ने किया। गैस सुरक्षा, व्यवहार सुरक्षा, बचाव मार्ग और कोविड-19 महामारी जैसे विषयों पर कर्मचारियों, ठेका श्रमिकों और उनके परिवार के सदस्यों द्वारा पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता की प्रविष्टियों का प्रदर्शन किया गया।
चेन कन्वेयर और कोक लोडिंग पर सीओ सीसीडी की क्यूसी टीम शौर्य द्वारा दो मॉडल भी प्रदर्शित किए गए थे। शौर्य टीम का नेतृत्व व मार्गदर्शन चेतन फुटाने, उप प्रबंधक (सीओ सीसीडी), पी शशिकांत, उपमहाप्रबंधक और राकेश जोशी, महाप्रबंधक ने किया।
इस अवसर पर हीटिंग और रेगुलेशन के संशोधित एसओपीस् पर एक प्रशिक्षण पुस्तिका जारी की गयी। कबाड़ का प्रयोग करते हुए कोक ओवन टीम ने गांधी जी के चरखे और चश्मे का निर्माण कर प्रदर्शित किया जो स्वच्छ भारत अभियान का लोगो है।
ÓकवचÓ शीर्षक से एक सुरक्षा पर आधारित एक नुक्कड़ नाटक का प्रदर्शन किया गया जिसके कलाकार थे- श्री राजेश कुमार, थानेश्वर प्रसाद ठाकुर, लाल बहादुर चंद्रा, जगजीवन सिन्हा, ओमवीर करण, हेमराज और संतोष गोस्वामी। इस अवसर पर बड़ी संख्या में कार्मिक व अधिकारी उपस्थित थे।

दुर्ग / शौर्यपथ / जैसी शिक्षा व वैसी परीक्षा को लेकर एनएसयूआई विगत कई दिनों से प्रदेश में हर विश्वविद्यालय,महाविद्यालय में विभिन्न कार्यक्रमो के तहत छात्रों से चर्चा करके ऑनलाईन परीक्षा कराने की मांग को लेकर के छत्तीसगढ़ सरकार से मांग की थी इसी तरह दुर्ग में सुराना कॉलेज, गर्ल्स कॉलेज, साइंस कॉलेज, महिला कॉलेज, कल्याण कॉलेज जैसे सभी महाविद्यालय के छात्रों के साथ मिलकर दुर्ग कलेक्टर के माध्यम से प्रदेश सरकार से ऑनलाइन परीक्षा कराने की मांग को भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव जी एनएसयूआई छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष आकाश शर्मा जी दुर्ग जिला कार्यकारिणी अध्यक्ष सोनू साहू जी एवं दुर्ग शहर अध्यक्ष हितेश सिन्हा ने ऑनलाइन परीक्षा के संदर्भ में एक मांग पत्र छात्रों की ओर से प्रेषित किया था .
जिसे आज छत्तीसगढ़ सरकार ने ऑनलाइन परीक्षा कराने की अनुमति पूरे प्रदेश में दे दिए दूसरी तरफ जहां छत्तीसगढ़ में कोरोना का संक्रमण लगातार बढ़ रहा है छात्रों की सुरक्षा को देखते हुए माननीय मुख्यमंत्री जी ने दो दिवस पूर्व में ही कहा था कि छात्र हित में फैसला लिया जाएगा आज छत्तीसगढ़ शासन ने ऑनलाइन परीक्षा के संदर्भ में कुलपतियों से चर्चा करने के पश्चात इसे लागू करने को कहा है। मैं दुर्ग एनएसयूआई एवं सभी महाविद्यालयों के छात्राओं के तरफ से माननीय मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल जी एवं समस्त दुर्ग एनएसयूआई के सदस्यो उन सभी छात्र छात्राओं के तरफ से आभार व्यक्त करता हूं। छात्रों के जीत में उनसे चर्चा करके समय समय पर उनके साथ खड़े रहने में दुर्ग जिला कार्यकारिणी अध्यक्ष सोनू साहू,शहर अध्यक्ष हितेश सिन्हा,जिला संयोजक गोल्डी कोसरे,हरीश देवांगन,विकाश,सोनू,वसीम, आदि कार्यकर्ता हमेशा उनके साथ खड़े रहे।

सेहत /शौर्यपथ /आहार विशेषज्ञ दिन में कम से कम दो लीटर पानी पीने की सलाह देते हैं लेकिन रोजाना दो लीटर पानी पीना सभी लोगों के लिए मुमकिन नहीं है। इस वजह यह है कि किसी को प्यास ज्यादा लगती है तो किसी को कम।ऐसे में जाहिर सी बात है कि कम प्यास लगने वाले लोग पानी भी कम पीते होंगे।ऐसे में आपको अपनी डाइट में कुछ ऐसी चीजें जोड़नी चाहिए जिससे कि शरीर में पानी की कमी की पूर्ति हो सके।आइए, जानते हैं कुछ ऐसे ही आहार-
दही
डिहाइड्रेशन की समस्या से दूर रखने में दही सबसे अच्छा विकल्प साबित हो सकता है। इसमें पानी की मात्रा 85 प्रतिशत होती है और शरीर के लिए जरूरी प्रोबायोटिक भी पर्याप्त मात्रा में मौजूद होते हैं।यह गर्मी की एलर्जी से बचाव के लिए भी शरीर का खूब साथ देता है। यह प्रोटीन, विटामिन बी और कैल्शियम का अच्छा स्त्रोत है।
ब्रोकली
ब्रोकली में 89 प्रतिशत तक पानी होता है और यह न्यूट्रिशन से भरपूर होती है। इसकी प्रकृति एंटी इनफ्लेमेटरी होती है, जिस कारण यह गर्मी में होने वाली एलर्जी से बचाव करती है। इसे आप सलाद में कच्चा ही खा सकते हैं और टोस्ट के साथ हल्का तल कर भी इसका भरपूर लाभ उठा सकते हैं। काफी संख्या में लोग इसकी सब्जी भी बनाते हैं।
सेब
एक कहावत है कि डॉंक्टर को खुद से दूर रखने के लिए रोजाना एक सेब खाएं। अनेक तरह से फायदेमंद सेब में 86 प्रतिशत पानी होता है। फाइबर, विटामिन सी आदि का तो यह अच्छा स्त्रोत है ही।
सलाद
सलाद के पत्ते में जल तत्व 95 प्रतिशत होता है। सैंडविच में इसका अच्छा इस्तेमाल होता है। प्रोटीन और ओमेगा 3 से भरपूर सलाद पत्ते में फैट भी नहीं होता और कैलोरी भी बहुत कम होती है।
चावल
पके हुए चावल भी गर्मी में आपके लिए काफी फायदेमंद हैं। इनमें 70 प्रतिशत जल तत्व होता है। इनमें पर्याप्त मात्रा में आयरन, कार्बोहाइड्रेट आदि भी होते हैं। आपको दिन मेें एक कटोरी चावल जरूर खानेे चाहिए।

खाना खजाना /शौर्यपथ / गर्मियों में आइसक्रीम सभी को पसंद होती है लेकिन अगर आप आइसक्रीम की जगह कोई और देसी ऑप्शन तलाश रहे हैं, तो हम आपको बता रहे हैं लौकी की खीर, जिसे आप फ्रिज में ठंडा करके भी खा सकते हैं। हैदराबाद में लौकी की खीर काफी मशहूर है।
सामग्री :
250 ग्राम लौकी
1 लीटर दूध
1/2 कप चीनी
1/4 कप साबूदाना
1/4 टीस्पून इलायची पाउडर
2 टीस्पून चिरौंजी
एक चुटकी ग्रीन फूड कलर
2 टेबलस्पून काजू का पेस्ट
2 टेबलस्पून बादाम कटे हुए
2 टेबलस्पून घी
विधि :
सबसे पहले एक बर्तन में पानी डालकर साबूदाना 1 घंटे के लिए भिगोकर रख दें।
मीडियम आंच पर पैन में दूध गरम करने के लिए रख दें।
जब दूध में उबाल आ जाए तब गैस को धीमा कर दूध को गाढ़ा होने तक पकाएं।
इस बीच लौकी को छीलकर चारों ओर से कद्दूकस कर लें और इसका अंदर का मुलायम भाग अलग कर दें।
दूसरी तरफ मीडियम आंच पर पैन में 2 चम्मच घी गरम करने के लिए रखें।
इसमें लौकी डालकर चलाते हुए 5 मिनट तक भून लें।
लौकी के नरम होने पर गैस बंद कर दें।
दूध के गाढ़ा होने पर इसमें साबूदाना डालकर 10 मिनट पकाएं।
बीच-बीच में चलाते रहें।
तय समय के बाद दूध में भुनी हुई लौकी और काजू का पेस्ट डालकर मिक्स करें और 10-12 मिनट तक पकाएं।
ध्यान रहे बीच-बीच में खीर को चलाते रहें ताकि यह बर्तन के तले पर न लग जाए।
10 मिनट बाद खीर में इलायची पाउडर, कटे हुए बादाम, चिरौंजी, ग्रीन फूड कलर और चीनी मिलाकर इसके घुलने तक पकाएं।
जब चीनी अचछी तरह से घुल जाए तब गैस बंद कर खीर को 2-3 मिनट के लिए ढककर रख दें।
तैयार है लौकी की खीर

सेहत /शौर्यपथ / दूध को कैल्शियम से भरपूर माना जाता है लेकिन कई लोग ऐसे हैं जिन्हें दूध पसंद नहीं होता। इस वजह से वे दूध से दूरी बनाए रखते हैं लेकिन आपको बता दें कि दूध न पीने की आदत का खामियाजा आपको उम्र बढ़ने के साथ उठाना पड़ सकता है। कैल्शियम की पूर्ति के लिए ऐसी कई चीजें हैं, जिनका सेवन विकल्प के तौर पर किया जा सकता है। आइए, जानते हैं उन खाद्य पदार्थों के बारे में-
हड्डियों और जोड़ों में दर्द
कैल्शियम से भरपूर खाना हड्डियों और जोड़ों को हेल्दी बनाए रखने में अहम रोल निभाता है। यही नहीं, इसके साथ ही यह दातों को मजबूत बनाता है और रक्त कोशिकाओं को स्ट्रॉन्ग बनाता है। ब्लड को नियंत्रित करने और डायबिटीज़ से बचाने में भी कैल्शियम महत्वपूर्ण रोल निभाता है। ऐसा कुछ फिक्स नहीं है कि एक व्यक्ति को एक दिन में कितना कैल्शियम लेना चाहिए। यह अलग-अलग देश में अलग-अलग होता है, यहां तक कि व्यक्ति-व्यक्ति पर निर्भर करता है। यह शरीर के विकास और मसल बनाने में भी सहायक होता है।
ओटमील
ओटमील में कैल्शियम की मात्रा ज्यादा नहीं होती लेकिन दूसरी चीजों को इसके साथ मिलाकर खाने से कैल्शियम की मात्रा को बढ़ाया जा सकता है।वहीं, दूध न पीने पर यह ऑप्शन बेहतरीन रहेगा।
बादाम का दूध
आपको अगर दूध में टेस्ट नहीं आता या इसकी महक अच्छी नहीं लगती, तो आप बादाम का दूध भी पी सकते हैं।इसमें कैल्शियम के अलावा विटामिन-ई, प्रोटीन और फाइबर मिलता है।
बीन्स
बीन्स में कैल्शियम ही नहीं प्रोटीन की मात्रा भी बहुत ज्यादा होती है।बीन्स को खाने का सबसे बेस्ट ऑप्शन यह है कि आप इसे स्टीम करके सलाद के रूप में खा सकते हैं।
संतरा
संतरे को विटामिन-सी का सबसे बेस्ट ऑप्शन माना जाता है।संतरे में विटामिन सी ही नहीं बल्कि कैल्शियम की मात्रा भी अन्य फलों की तुलना में बहुत ज्यादा होती है।
सफेद तिल
सफेद तिल के लड्डू स्वाद में ही नहीं बल्कि हेल्थ के लिए भी बहुत अच्छे होते हैं।आपको जानकर हैरानी होगी कि अगर आप रोजाना दो लड्डू खा लेते हैं, तो आपके शरीर में कैल्शियम की पूर्ति हो जाती है।
सोया मिल्क
सोया मिल्क में गाय या भैंस के दूध से कहीं ज्यादा कैल्शियम होता है।ऐसे में अगर आपको भैंस या गाय के दूध से एलर्जी है, तो आप सोया मिल्क को पीने के साथ इससे दही, लस्सी बनाकर भी इसका इस्तेमाल कर सकते हैं।
हरे पत्तेदार सब्जियां
हरे पत्तेदार सब्जियों को सेहत के लिहाज से सबसे बेस्ट माना जाता है।आपको अगर हरे पत्तेदार सब्जियां अच्छी नहीं भी लगती, तो कोशिश करें कि मसालों या पनीर का इस्तेमाल करके इन्हें ज्यादा से ज्यादा मात्रा में खाएं।

टिप्स ट्रिक्स /शौर्यपथ अधिकतर लोग बालों को सुलझाने के लिए प्लास्टिक और मेटल की कंघी का इस्तेमाल करते है। लेकिन क्या आप जानते हैं लकड़ी की कंघी के इस्तेमाल से बालों को बहुत फायदा मिलता है। जी हां स्कैल्प और बालों के लिए लकड़ी की कंघी बहुत उपयोगी होती है।
आइए जानते हैं लड़की की कंघी के इस्तेमाल से बालों को कितना फायदा मिलता हैं।
1 बेहतर ब्लड सर्क्युलेशन -
लकड़ी की कंघी का इस्तेमाल आप स्कैल्प पर चुभने के डर के बिना कर सकते है। जब इनसे बालों को संवारते है तब स्कैल्प पर दबाव बनता है जिससे स्कैल्प में मौजूद ऐक्युपंक्चर पॉइंट्स उत्तेजित होते है और स्कैल्प में ब्लड सर्क्युलेशन बेहतर होता है।
2 बालों की मजबूत जड़े -
स्कैल्प में ब्लड सर्क्युलेशन बेहतर होने से बालों की जड़े भी मजबूत बनती है और बालों को भी मजबूती मिलती है।
3 बालों को मिलता है पोषण -
लकड़ी की कंघी के इस्तेमाल से स्कैल्प में मौजूद नैचरल ऑइल आपके बालों में समान रूप से वितरित हो जाता है। ऐसा होने से बालों के टूटने, झड़ने व तैलीय और चिकना स्कैल्प होने की समस्या खत्म होती है।
4 बाल टूटने की समस्या कम -
लकड़ी की कंघी का इस्तेमाल करने से बालों के टूटने और झड़ने की समस्या कम होती है क्योंकि चौड़े दांत होने की वजह से ये बालों में स्मूथली चलती है और उलझे बालों को आसानी से सुलझाती है।
5 स्कैल्प ऐलर्जी होगी दूर -
जिन लोगों का स्कैल्प सेसेंटिव होता है, उनके लिए भी लकड़ी की कंघी बेहतर है क्योंकि ये नैचरल वुड से बनी होती हैं, कई बार इनमें प्रोटेक्टिव कोटिंग भी होती है जिससे स्कैल्प में ऐलर्जी या खुजली जैसे समस्या नहीं होती।

टिप्स ट्रिक्स /शौर्यपथ /अधिकतर लोग घर की साफ-सफाई पर ध्यान देते हैं। घर को संवारकर रखना पसंद करते हैं जिससे कि घर बिलकुल परफेक्ट और साफ नजर आए। लेकिन घर के किचन की चिपचिपी टाइल्स इसे अधूरा कर देती है। यदि आपके भी किचन की टाइल्स चिपचिपी और गंदी है तो यह आपके घर की शोभा को बिगाड़ सकती है। तो ऐसे में क्या करना चाहिए? यदि आप भी चाहती हैं किचन की टाइल्स को आसान तरीके से साफ़ करना तो इस लेख में हम आपको बता रहे हैं कुछ आसान और बेहतरीन टिप्स
सांद्रता वाला ब्लीच का घोल तैयार करें। इसे इस्तेमाल करने से पहले ग्लव्स पहन लें। इस घोल से टाइल्स को अच्छी तरह रगड़कर धोएं।
सिरके के घोल से करें टाइल्स को साफ
इसके लिए आप पानी में सिरका, नमक और बैकिंग सोडा मिलाकर घोल तैयार करें। इस घोल से अपने किचन की टाइल्स को साफ करें। इस घोल से आपकी टाइल्स चमक उठेगी।
पानी में डिटर्जेंट मिलाकर दाग साफ़ करने से आपको अच्छे परिणाम मिल सकते हैं और टाइल्स चमक सकती हैं। इस घोल से आप ब्रश की मदद से अपने किचन की टाइल्स को साफ करें।

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