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June 01, 2026
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सजगः राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर हुआ प्रेरक प्रयास, सरपंच ने सराहा

   राजनांदगांव / शौर्यपथ / ‘सजग’ आडियो कार्यक्रम की कड़ियां कोरोना महामारी के दौर में हिम्मत हारने के बजाय समझदारी के साथ हौसला बनाए रखकर जीने की सीख दे रहीं हैं, जो विशेषकर बच्चों के दिमाग में सकारात्मक प्रभाव डालने के दृष्टिकोण से लाभदायक हो सकता है। इस आडियो संदेश को गांव-गांव में न सिर्फ सुना जा रहा है, बल्कि लोग इससे प्रेरित भी हो रहे हैं। इन दिनों सजग के संक्षिप्त आडियो संदेशों की श्रृंखला की 29वीं कड़ी का प्रसारण किया जा रहा है, जो ‘अपनापन’ विषय पर केंद्रित है।
‘अपनापन’ की यह रोचक कहानी राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर राजनांदगांव ग्रामीण क्रमांक-1 परियोजना, बोरी सेक्टर के जोरातराई गांव में आंगनबाड़ी क्रमाक-3 में सुनाई गई। लोगों को सकारात्मक वातावरण देने के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता लीलेश्वरी साहू ने गांव की सरपंच ज्योति स्वामी को भी यह आडियो सुनने के लिए आमंत्रित किया। सरपंच के साथ ग्राम पंचायत के सभी पंच भी आंगनबाड़ी केंद्र पहुंचे और ‘अपनापन’ का संदेश सुना। जिसमें बताया गया है कि, चांदनी (काल्पनिक पात्र) को अमरूद बहुत अच्छे लगते हैं, सामने हों तो खाती ही रहे। मां कल बाजार से किलोभर लाईं तो 2 उठाकर बोली, इन्हें रिंकू (काल्पनिक पात्र) को दे आती हूं। मां ने बड़े प्यार से सर पर हाथ फेरकर हामी भर दी, जानती हैं आजकल रिंकू के यहां कठिन दिन चल रहे हैं, उसके पिता का काम छूट गया है, अब कभी काम होता है, कभी नहीं। गुजारा मुश्किल से होता है। खाना तक पूरा नहीं पड़ता। चांदनी जब से आई है, वो और रिंकू साथ खेले हैं। कई बार रिंकू ने बताया, कि रात को घर के सब लोग बिना खाना खाए ही सो गए थे। चांदनी पास बैठकर सुनती है, रिंकू को गले लगा लेती है। खाने को कुछ देती भी है पर रिंकू को उसका पास बैठना-चुपचाप बात सुनना ही ज्यादा शांति देता है। उसे ऐसा लगता है, वह अकेला नहीं है। इस मुश्किल समय में यह बड़ी बात लगती है। आडियो संदेश सुनकर सरपंच ज्योति स्वामी ने कहा यह वास्तव में रोचक है और ऐसा संदेश बच्चों को भी जरूर सुनाया जाना चाहिए।
दरअसल, समाजसेवी संस्था सेंटर फार लर्निंग रिसोर्सेस (सीएलआर) ने सजग नाम से पालकों को सुनाने के लिए संक्षिप्त आडियो संदेशों की श्रृंखला तैयार की है, इन आडियो संदेशों में माता-पिता के लिए सरल सुझाव दिए गए हैं, ताकि वह अपने बच्चों के लिए प्यार से अच्छी सेहत के लिए बेहतर वातावरण तैयार कर सकें। यह आडियो संदेश पालकों को सकारात्मक ऊर्जा तो प्रदान करते ही हैं, साथ ही उन्हें यह ज्ञान भी मिलता है कि बच्चों के समग्र विकास हेतु कठिन परिस्थितियों में भी वह क्या बेहतर कर सकते हैं। सजग आडियो कार्यक्रम का क्रियान्वयन महिला एवं बाल विकास विभाग तथा सीएलआर के द्वारा किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में यूनिसेफ और एचसीएल फाउंडेशन भी सहयोग कर रहे हैं। इस तरह यह प्रेरक आडियो संदेश सुदूर अंचल में रह रहे पालकों तक भी अब सहजता से पहुंचाए जा रहे हैं।
इस संबंध में महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी रेणु प्रकाश ने बताया, सजग नाम का यह आडियो क्लिप डायरेक्ट्रेट से प्रत्येक सोमवार की सुबह व्हाट्सएप के जरिए जिला अधिकारियों को भेजा जाता है। जिला अधिकारियों से परियोजना अधिकारी, परियोजना अधिकारी से सुपरवाइजर और सुपरवाइजर से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं तक पहुंचता है। इसके बाद आंगनबाड़ी कार्यकर्ता इन संदेशों को पालकों को सुनाती हैं। उन्होंने बताया, जिन पालकों के पास व्हाट्सएप या स्मार्ट फोन जैसी सुविधाएं नहीं हैं, उनके घर तक जाकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताएं पालकों को संदेश सुनाकर उनसे चर्चा भी करती हैं। इन दिनों आडियो संदेशों की 29वीं कड़ी का प्रसारण किया जा रहा है, जिससे गांव-गांव में यह प्रेरक आडियो संदेश सुना जा रहा है। वहीं सीएलआर की दुर्ग संभाग कार्यक्रम अधिकारी अमृता भोईर ने बताया, कोरोना संक्रमण जैसे कठिन समय में भी सजग कार्यक्रम पूरे छत्तीसगढ़ में क्रियान्वित किया जा रहा है। सजग के आडियो संदेशों की श्रृंखला पूरे 35,000 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के प्रयासों से लगभग 5 लाख परिवारों तक पहुंचाए जा रहे हैं। यह आडियो कार्यक्रम छोटे बच्चों की बेहतरी के लिए किए जा रहे विभिन्न प्रयासों का एक हिस्सा है। छत्तीसगढ़ के साथ ही बिहार, उत्तरप्रदेश व महाराष्ट्र जैसे राज्यों में भी क्षेत्रीय बोली-भाषा में तैयार किए गए इस एप को वाट्सएप के जरिए प्रसारित किया जा रहा है।

सेहत /शौर्यपथ /सर्दियों के मौसम में अक्सर ज्यादा और तला-भुना खाने की वजह से लोग वजन बढ़ने की शिकायत करने लगते हैं। अगर आपकी भी यही शिकायत है तो आप बड़ी आसानी से इस मौसम में अपने शरीर को डिटॉक्स करके सभी हानिकारक विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालकर बढ़ते वजन से छुटकारा पा सकते हैं। इसमें तुलसी-अजवाइन का ड्रिंक आपकी मदद कर सकता है। आइए जानते हैं कैसे।
तुलसी और अजवाइन का डिटॉक्स पानी डाइजेशन, मेटाबॉलिज्‍म और डिटॉक्सिफिकेशन को अच्छा करके शरीर को सभी जरूरी पोषक प्रदान करता है। इसकी वजह से व्यक्ति बहुत जल्द अपना वजन कम कर सकता है।
अजवाइन के फायदे-
अजवाइन गैस्ट्रिक रस को स्रावित करके डाइजेशन बढ़ाता है। अजवाइन में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट विषाक्त पदार्थों को शरीर से बाहर निकालकर वजन कम करने में मदद करते हैं।
तुलसी के फायदे-
तुलसी शरीर के लिए प्राकृतिक डिटॉक्स की तरह काम करती है। तुलसी शरीर से सभी हानिकारक विषाक्त पदार्थों को साफ करके वजन घटाने में मदद करती है। यह पाचन तंत्र के लिए भी बेहद फायदेमंद है।
तुलसी-अजवाइन का पानी बनाने का सही तरीका-
तुलसी-अजवाइन का पानी बनाने के लिए रात-भर एक चम्मच सूखी अजवाइन को एक गिलास पानी में भिगोकर रख दें। अगले दिन सुबह 4 से 5 तुलसी के पत्तों को अजवाइन के पानी के साथ उबालें। अब इस पानी को एक गिलास में छानकर गर्म या ठंडा करके पी लें। जल्दी फर्क के लिए आप रोजाना इस पानी को सुबह पिएं। लेकिन ध्यान रखें इस पानी का बहुत ज्‍यादा सेवन न करें।

खाना खजाना /शौर्यपथ / राष्ट्रीय पर्व के रूप में हर साल जनवरी महीने की 26 तारीख को मनाया जाता है। अगर आप भी इस दिन देशभक्ति के रंग में खुद को रंगना चाहते हैं तो उसकी शुरूआत अपनी किचन से कर सकते हैं। आइए जानें इस दिन को खास बनाने के लिए कैसे बना सकते है तिरंगा पनीर टिक्का।
तिरंगा पनीर टिक्का बनाने के लिए सामग्री-
-400 ग्राम पनीर (बड़े टुकड़ों में कटा हुआ)
- 2 टीस्पून लाल मिर्च पाउडर
- 1 टेबलस्पून बेसन
- 1-1 टीस्पून अदरक
- हरी मिर्च और लहसुन का पेस्ट
- थोड़ा-सा हरा धनिया (कटा हुआ)
- नींबू का रस
- गरम मसाला पाउडर
- जीरा पाउडर
- यलो पैपर पाउडर,
- कसूरी मेथी
- धनिया पाउडर और नमक स्वादानुसार
- 2-2 टेबलस्पून काजू पेस्ट
- फ्रेश क्रीम
- हरी चटनी और पालक प्यूरी
- 1 कप दही (पानी निथारा हुआ)
- थोड़ा-सा खोआ (मैश किया हुआ)
- थोड़ी-सी गुलाब की पंखुड़ियां
- थोड़े-से केसर फ्लेक्स (क्रश किए हुए)
- 1 टेबलस्पून तेल
तिरंगा पनीर टिक्का बनाने का तरीका-
सैफरन कलर के लिए मेरिनेशन: बाउल में थोड़ा-सा तेल, लाल मिर्च पाउडर, गुलाब की पंखुड़ियां, क्रश्ड किया हुआ केसर फ्लेक्स, धनिया पाउडर, गरम मसाला पाउडर, नमक, 1 टेबलस्पून दही, बेसन, थोड़ा-सा अदरक-लहसुन-हरी मिर्च का पेस्ट मिक्स करें। इस पेस्ट में 5-7 पनीर क्यूब्स को मेरिनेट करके 30 मिनट तक रखें।
व्हाइट कलर के लिए मेरिनेशन: बाउल में थोड़ा-सा तेल, फ्रेश क्रीम, काजू पेस्ट और खोआ मिलाएं। स्वादानुसार थोड़ा-सा गरम मसाला पाउडर, धनिया पाउडर, नमक, 1 टेबलस्पून दही, बेसन, थोड़ा-सा अदरक-हरीमिर्च-लहसुन का पेस्ट मिलाएं। 5-7 पनीर क्यूब्स को मेरिनेट करके 30 मिनट तक रखें।
ग्रीन कलर के लिए मेरिनेशन: बाउल में थोड़ा-सा तेल, पालक प्यूरी, थोड़ा-सा गरम मसाला पाउडर, धनिया पाउडर, नमक, कसूरी मेथी, 1 टेबलस्पून दही, बेसन, थोड़ा-सा अदरक-हरीमिर्च-लहसुन का पेस्ट मिलाएं। इस पेस्ट में 5-7 पनीर क्यूब्स को मेरिनेट करके 30 मिनट तक रखें।
टिक्का बनाने के लिए: सींक पर एक-एक सैफरन पनीर क्यूब्स, व्हाइट पनीर क्यूब्स और ग्रीन पनीर क्यबूस लगाकर तंदूर में सुनहरा होने तक रोस्ट करें। बीच-बीच में पलटते रहें। हरी चटनी के साथ सर्व करें।

धर्म संसार /शौर्यपथ / पौष मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत है। यह प्रदोष व्रत 26 जनवरी 2021 (मंगलवार) को है। मंगलवार को होने के कारण इसे भौम प्रदोष व्रत कहा जाता है। प्रदोष व्रत हर महीने एक बार शुक्ल पक्ष और एक बार कृष्ण पक्ष में आते हैं। इस दिन भगवान शिव की विधि-विधान से पूजा की जाती है। मान्यता है कि प्रदोष व्रत रखने से कलह, आर्थिक संकट और विवाह संबंधी परेशानियां दूर हो जाती हैं।

प्रदोष 2021 शुभ मुहूर्त-
त्रयोदशी तिथि का प्रारंभ- 25 जनवरी दिन सोमवार को देर रात 12 बजकर 24 मिनट पर।
त्रयोदशी तिथि समाप्त- 26 जनवरी को देर रात 01 बजकर 11 मिनट पर।
ऐसे में प्रदोष व्रत 26 जनवरी को रखा जाएगा।
पूजा का समय- शाम 05:56 से रात्रि 08:35 तक रहेगा
भौम प्रदोष व्रत के दिन चंद्रमा मिथुन राशि में गोचर कर रहा है। त्रयोदशी तिथि पर वैधृति योग का निर्माण हो रहा है। अभिजीत मुहूर्त- दोपहर 12:12:22 से 12:55:12 तक रहेगा। राहुकाल का समय- 15:14:27 से 16:34:47। शास्त्रों के अनुसार, राहुकाल के दौरान शुभ कार्य वर्जित होते हैं।

प्रदोष व्रत का महत्व-
मान्यता है कि प्रदोष व्रत रखने और भगवान शिव की पूजा करने से कष्टों से मुक्ति मिलती है। कहते हैं कि जिन कन्याओं के विवाह में दिक्कत आ रही है, इससे यह भी दूर होती है। साथ ही अशुभ ग्रहों की अशुभता भी दूर होती है।
प्रदोष व्रत पूजा विधि-
इस दिन ब्रह्म मूहूर्त में उठकर स्नान करें और स्वच्छ कपड़े पहनें।
पूजा स्थल को साफ करें। इसके बाद गंगाजल छिड़कर जगह को पवित्र करें।
अब सफेद रंग का कपड़ा बिछाकर चौकी के चारों ओर कलावा बांधें।
अब भगवान शिव की प्रतिमा को विराजित करें।
शिवजी के चरणों पर गंगाजल अर्पित करें और भगवान को फूल-माला अर्पित करें।
भगवान शिव को चंदन लगाएं।
शिव प्रदोष व्रत के दिन शिवलिंग का अभिषेक करें। शिवलिंग पर धतूरा और भांग चढ़ाएं। भांग-धतूरा न मिलने मौसमी फल भी चढ़ा सकते हैं।
भगवान शिव को धूप, दीप और अगरबत्ती जलाएं।
इसके बाद शिवजी की आरती करें।
अब भगवान शिव को भोग लगाएं।
प्रदोष व्रत कथा-
एक नगर में तीन मित्र राजकुमार, ब्राह्मण कुमार और तीसरा धनिक पुत्र रहते थे। राजकुमार और ब्राह्मण कुमार विवाहित थे, धनिक पुत्र का भी विवाह हो गया था, लेकिन गौना होना बाकी था। एक दिन तीनों मित्र स्त्रियों की चर्चा कर रहे थे। ब्राह्मण कुमार ने स्त्रियों की प्रशंसा करते हुए कहा- ‘नारीहीन घर भूतों का डेरा होता है।’ धनिक पुत्र ने यह सुना तो तुरन्त ही अपनी पत्‍नी को लाने का फैसला ले लिया। तब धनिक पुत्र के माता-पिता ने समझाया कि अभी शुक्र देवता डूबे हुए हैं, ऐसे में बहू-बेटियों को उनके घर से विदा करवा लाना शुभ नहीं माना जाता, लेकिन धनिक पुत्र ने एक नहीं सुनी और ससुराल पहुंच गया।
ससुराल में भी उसे मनाने की कोशिश की गई लेकिन वो नहीं माना। कन्या के माता-पिता को अपनी बेटी की विदाई करनी पड़ी। विदाई के बाद पति-पत्‍नी शहर से निकले ही थे कि बैलगाड़ी का पहिया निकल गया और बैल की टांग टूट गई। दोनों को चोट लगी लेकिन फिर भी वो चलते रहे। कुछ दूर जाने पर डाकू उनका धन लूटकर ले गए। दोनों घर पहुंचे. वहां धनिक पुत्र को सांप ने डस लिया। उसके पिता ने वैद्य को बुलाया तो वैद्य ने बताया कि वो तीन दिन में मर जाएगा। जब ब्राह्मण कुमार को यह खबर मिली तो वो धनिक पुत्र के घर पहुंचा और उसके माता-पिता को शुक्र प्रदोष व्रत करने की सलाह दी। और कहा कि इसे पत्‍नी सहित वापस ससुराल भेज दें। धनिक ने ब्राह्मण कुमार की बात मानी और ससुराल पहुंच गया। धीरे-धीरे उसकी हालात ठीक हो गई और धन-सपंदा में कोई कमी नहीं रही।

धर्म संसार /शौर्यपथ / इस साल महाशिवरात्रि 11 मार्च 2021 (गुरुवार) को है। मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव की विधि-विधान से पूजा करने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं। इस दिन महादेव और माता पार्वती की शुभ मुहूर्त में पूजा करना उत्तम माना जाता है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, महाशिवरात्रि के दिन महादेव की पूजा करते समय बिल्वपत्र, शहद, दूध, दही, शक्कर और गंगाजल से अभिषेक करना चाहिए। कहते हैं कि ऐसा करने से भगवान शिव की कृपा हमेशा बनी रहती है। जानिए महाशिवरात्रि के दिन क्या करना चाहिए और क्या नहीं-
महाशिवरात्रि व्रत शुभ मुहूर्त-
निशीथ काल पूजा मुहूर्त :24:06:41 से 24:55:14 तक।
अवधि :0 घंटे 48 मिनट।
महाशिवरात्रि पारणा मुहूर्त :06:36:06 से 15:04:32 तक।
महाशिवरात्रि के दिन करें ये काम-
1. महाशिवरात्रि के दिन व्रत या उपवास करना चाहिए।
2. सुबह जल्दी उठकर स्नान करने के बाद स्वच्छ कपड़ों को धारण करना चाहिए।
3. शुभ मुहूर्त में मंदिर जाकर महादेव को जल और दूध अर्पित करना चाहिए।
4. महाशिवरात्रि के दिन ओम नम: शिवाय का जाप करना चाहिए।
5. इस दिन व्रती को अनाज का सेवन नहीं करना चाहिए।
महाशिवरात्रि के दिन क्या न करें-
1. महाशिवरात्रि के दिन मांस-मदिरा का सेवन नहीं करना चाहिए।
2. महाशिवरात्रि के दिन देर रात तक नहीं सोना चाहिए।
3. महाशिवरात्रि के दिन दाल, चावल या गेहूं से बना अन्न नहीं ग्रहण करना चाहिए।
4. ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, महाशिवरात्रि के दिन काले वस्त्र धारण नहीं करने चाहिए।
5. कहा जाता है कि इस दिन भगवान शिव को अर्पित प्रसाद नहीं खाना चाहिए।

लाइफस्टाइल /शौर्यपथ /दिनभर की भागदौड़ के बाद जब आप अपने सपनों के घर में कदम रखते हैं तो आपकी थकान और टेंशन झट से गायब हो जाती है। लेकिन अगर घर अव्‍यवस्थित और छोटा दिखता हो तो यह टेंशन को कम नहीं बल्कि बड़ा देता है। घर का आकार उसकी सजावट पर बहुत ज्‍यादा निर्भर करता है। कमरे की दीवारों और सजावट के लिए चुने गए रंग और पैटर्न की मदद से आप छोटे से रूम को भी बड़ा दिखा सकते हैं। आइए जानते हैं कैसे।
ब्राइट लाइट्स का प्रयोग-
घर में ब्राइट लाइट्स का इस्तेमाल करने से कमरे का हर कोना हाईलाइट होता है, जिससे यह महसूस होता है कि कमरे में स्‍पेस ज्यादा है। वहीं छोटे घर में कम लाइट लगाने से घर का हर कमरा और भी छोटा दिखाई देता है।
लाइट शेड पेंट-
घर को लाइट शेड से पेंट करवाने से वो ज्‍यादा रौशनीदार और लंबा-चौड़ा दिखता है। इसके लिए बेडरूम की दीवारों को हल्के रंग जैसे कि सफेद, क्रीम, हल्का हरा, बेबी पिंक, हल्के नीले रंग से पेंट करवाएं।
फर्नीचर-
छोटे घर को बड़ा दिखाने के लिए कोशिश करें कि घर में कम से कम फर्नीचर रखा हुआ हो। इसके लिए घर में लो हाइट वाले फर्नीचर का इस्तेमाल करें।
मिरर का इस्तेमाल-
कमरे में मिरर का प्रयोग घर के उस कॉर्नर एरिया में करें जहां से धूप या रोशनी अन्‍य कमरों में जा सकती है। दरवाजों के ऑपोजिट में भी बड़े मिरर का प्रयोग किया जा सकता है। इससे घर का आकार बड़ा दिखेगा।
वॉलपेपर से सजाएं कमरा-
अगर आपके बेडरूम का आकार थोड़ा छोटा है तो कमरे की एक दीवार में वॉलपेपर का इस्तेमाल कर सकते हैं।आप चाहें तो स्काई वॉलपेपर जिसमें स्टार और मून हों वो आप कमरे की सीलिंग पर लगा सकते हैं।

सेहत /शौर्यपथ /अक्सर ऐसा होता है कि खाने बनाते समय जिन चीजों का इस्तेमाल स्वाद बढ़ाने के लिए किया जाता है, उनके गुणों के बारे में जानकारी नहीं होती। जैसे जीरा, धनिया, हींग, कस्तूरी मेथी का इस्तेमाल खाने का स्वाद बढ़ाने के लिए किया जाता है लेकिन इन छोटी-छोटी चीजों के गुण बड़े होते हैं। साथ ही इनका रोजाना सेवन करने से इम्युनिटी पावर भी मजबूत होती है। मेथी के पत्तों को सुखाकर कसूरी मेथी बनाई जाती है। आज हम आपको कस्तूरी मेथी के फायदे बता रहे हैं-
पेट के लिए फायदेमंद
पीरियड्स से लेकर मेनोपॉज तक, महिला के शरीर को कई बदलावों का सामना करना पड़ता है। चूंकि, इनमें से अधिकांश पेट से संबंधित हैं, इसलिए यह पाचन स्वास्थ्य को गड़बड़ा देता है। अपने भोजन में मेथी के सूखे पत्तों को शामिल करना एक अच्छा विकल्प है। कब्ज से राहत पाने के लिए कसूरी मेथी को पांच मिनट के लिए उबाल लें। इसे बिना छाने ठंडा होने दें और फिर थोड़ा शहद मिला दें। कब्ज से छुटकारा पाना है तो मिश्रण का सेवन दिन में दो बार करें।
संक्रमणों से लड़ता है
जिन लोगों के पेट में इंफेक्शन रहता है, उन्हें हर दिन कसूरी मेथी का सेवन करना चाहिए। इसके अलावा, कसूरी मेथी का रोजाना सेवन करने से दिल, गैस्ट्रिक और आंतों की समस्या नहीं होती है। अगर पेट की समस्या है, तो पत्तियों को सुखाकर पीस लें और इसमें कुछ बूंदें नींबू की मिलाएं। इसके बाद इसे उबले पानी के साथ लें।
एनीमिया का इलाज
भारत में हर 4 में से 3 महिलाएं एनीमिया से पीड़ित हैं। ऐसी स्थिति में महिलाओं के लिए मेथी का सेवन करना फायदेमंद होता है, क्योंकि इसमें बहुत अधिक मात्रा में आयरन होता है, जो शरीर में हीमोग्लोबिन के स्तर को बढ़ाता है। इसलिए, यदि एनीमिया से जूझ रहे हैं, तो आहार में मेथी के पत्तों को जरूर शामिल करना चाहिए।
वजन घटाने में मददगार
कसूरी मेथी के पत्तों को चबाकर बहुत ही कम समय के अंदर वजन को कम कर सकते हैं। इसका खाली पेट सेवन करें। इसमें मौजूद घुलनशील फाइबर से पेट जल्दी भर जाता है और बार-बार भूख नहीं लगती है।
ब्लड शुगर को नियंत्रित करती है
डायबिटीज से पीड़ित लोगों को अतिरिक्त देखभाल की आवश्यकता होती है। दिन के दौरान कुछ भी खाने से अक्सर शरीर में ब्लड शुगर का स्तर बढ़ जाता है। मेथी में एंटी-डायबिटीज गुण होते हैं जो कि ब्लड शुगर को नियंत्रित कर सकते हैं। यह टाइप-2 डायबिटीज होने की आशंका को भी कम करती है। यदि डायबिटीज के रोगी इसे नियमित रूप से खाते हैं, तो उनका ब्लड शुगर कंट्रोल में रहेगा।

शिक्षा /शौर्यपथ / भगवान शिव को देवों के देव महादेव कहा जाता है। कहते है कि भोलेनाथ अपने भक्तों में किसी तरह का कोई भेदभाव नहीं करते हैं। शास्त्रों के अनुसार, भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए किसी रत्न की जरूरत नहीं होती है। भोलेनाथ अपने भक्त को गुणों से प्रसन्न होकर उसपर अपनी कृपा दृष्टि बरसाते हैं। महात्मा विदुर ने आचार्य चाणक्य की भांति ही विदुर नीति में बताया है कि किन गुणों वाले व्यक्ति पर हमेशा भोले नाथ की कृपा बनी रहती है।
विदुर जी कहते हैं कि भगवान शिव की कृपा प्राप्त व्यक्ति साधारण जीवन जीना पसंद करता है। ऐसे व्यक्ति में दिखाना नहीं होता है। जिस व्यक्ति के ऊपर भगवान शिव की कृपा होती है, वह दूसरों को नीचा दिखाने का प्रयास नहीं करता है। न ही वह कटु वचनों को बोलता है। ऐसा व्यक्ति जानबूझकर किसी का भी अपमान नहीं करता है। विदुर जी के अनुसार, महादेव की कृपा प्राप्त व्यक्ति पशु प्रेमी होता है। ऐसा व्यक्ति किसी भी जानवर पर अत्याचार नहीं करता है।
अर्थम् महान्तमासाद्य विद्यामैश्र्वर्यमेव वा।
विचरत्यसमुन्नद्धों य: स पंडित उच्यते।।
इस श्लोक में विदुर जी कहते हैं, जो व्यक्ति धन-संपत्ति, ज्ञान, ऐश्वर्य और लक्ष्मी होने पर दिखावा या अहंकार नहीं करता है। दूसरों से विनम्रता से पेश आता है। ऐसे व्यक्ति पर भगवान शिव की कृपा बरसती है।
पिबन्ति नद्य: स्वयमेव नाम्भ: स्वयं न खादन्ति फलानि वृक्षा:।
नादन्ति सस्यं खलु वारिवाहा: परोपकाराय सतां विभृतय:।।
विदुर जी आगे कहते हैं कि जिस तरह से नदियां स्वयं जल नहीं पीतीं, पेड़ खुद फल नहीं खाते हैं। बादल खुद उगाया अनाज नहीं ग्रहण करते हैं। ठीक उसी तरह से महादेव की कृपा प्राप्त व्यक्ति परोपकार में जीवन बिताता है। ऐसा व्यक्ति हमेशा दूसरों की मदद के लिए तैयार रहता है।

धर्म संसार / शौर्यपथ / हिंदू धर्म में पूर्णिमा तिथि का विशेष महत्व होता है। हिंदू कैलेंडर के अनुसार, पौष माह में शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को पौष पूर्णिमा कहते हैं। इस साल पौष पूर्णिमा तिथि 28 जनवरी 2021 (गुरुवार) को है। पूर्णिमा के दिन शास्त्रों में दान, तप और स्नान का महत्व बताया गया है। पूर्णिमा की तिथि चंद्रमा को प्रिय होती है और इस दिन चंद्रमा अपने पूर्ण आकार में होता है। पौष पूर्णिमा के दिन काशी, प्रयागराज और हरिद्वार में गंगा स्नान का महत्व होता है।
पौष पूर्णिमा तिथि व मुहूर्त-
पूर्णिमा तिथि आरंभ- 28 जनवरी 2021 गुरुवार को 01 बजकर 18 मिनट से
पूर्णिमा तिथि समाप्त- 29 जनवरी 2021 शुक्रवार की रात 12 बजकर 47 मिनट तक।
पूर्णिमा के दिन क्या करना चाहिए और क्या नहीं-
1. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, पूर्णिमा के दिन चावल का दान करना शुभ होता है। चावल का संबंध चंद्रमा से होता है और पूर्णिमा के दिन चावल का दान करने से चंद्रमा की स्थिति कुंडली में मजबूत होती है।
2. पूर्णिमा के दिन पानी में गंगाजल मिलाकर कुश हाथ में लेकर स्नान करना चाहिए।
3. पूर्णिमा के दिन सत्यनारायण की कथा सुननी चाहिए। घर के मेनगेट पर आम के पत्तों की तोरण बांधनी चाहिए। कहते हैं कि ऐसा करने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं।
4. पूर्णिमा के दिन भगवान शिव की पूजा करने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है।
5. पूर्णिमा के दिन महालक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए पीपल के पेड़ की पूजा करनी चाहिए। कहते हैं कि पीपल में मां लक्ष्मी का वास होता है।

पूर्णिमा के दिन इन बातों का रखना चाहिए ध्यान-

1. पुराणों में पूर्णिमा का दिन बेहद पवित्र माना गया है। कहते हैं कि इस दिन लहसुन, प्याज, मांस-मदिरा आदि का सेवन नहीं करना चाहिए।
2. पूर्णिमा के दिन ब्रह्यचर्य का पालन करना चाहिए।
3. पूर्णिमा के दिन परिवार में सुख-शांति बनाकर रखनी चाहिए। किसी को इस दिन कटु वचन नहीं बोलने चाहिए।
4. इस दिन दरवाजे पर आने वाले गरीब या जरुरतमंद को अपनी सामर्थ्य के हिसाब से दान देना चाहिए।

मनोरंजन /शौर्यपथ / फिल्म इंडस्ट्री में ज्यादा उम्र होने पर एक्ट्रेस के लिए काम के मौके कम होने के सवाल पर अकसर चर्चा होती रहती है। अब इस पर एक्ट्रेस काजोल की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। बीते 29 सालों से फिल्म इंडस्ट्री का हिस्सा काजोल का कहना है कि यह बात कुछ हद तक सही है, लेकिन ऐसे उदाहरण भी देखने को मिलते हैं, जहां कोई भेदभाव नहीं हुआ है। पिछले दिनों यह मसला उठाते हुए एक्ट्रेस दीया मिर्जा ने कहा था कि 50 साल से ज्यादा उम्र के एक्टर्स का अपनी से आधी उम्र की लड़कियों के साथ रोमांस की एक्टिंग करना अजीब लगता है।
इस मसले पर बात करते हुए काजोल ने कुछ उदाहरण देते हुए कहा, 'सच्चाई यह है कि शर्मिला टैगोर, साधना, नरगिस दत्त जैसी एक्ट्रेस ने शादी के बाद भी लंबे समय तक काम किया है। इन एक्ट्रेस की उम्र 40 के करीब थी और इन्होंने इंडस्ट्री में काम किया था। हां, यह सही है कि आज लोग इस मसले को कुछ अलग नजरिए से देख रहे हैं। आज हम अचानक ही कुछ ऐसी चीजों के बारे में देख रहे हैं, जो पहले कभी नहीं हुई थीं। लेकिन ऐसा पहले भी हुआ था। यहां तक कि मेरी मां तनुजा ने भी काम करना बंद नहीं किया था।' काजोल ने कहा कि ऐसी कई फीमेल एक्टर्स हैं, जो लगातार नौकरी करती रही हैं।
अपना उदाहरण देते हुए काजोल ने कहा कि मैं यहां हूं और काम कर रही हूं। मुझे इस बात पर बहुत गर्व है। मैं बॉलीवुड में उम्र के मुद्दे को बहुत ज्यादा महत्व नहीं देती हूं। मैंने कभी ऐसा नहीं किया। बात सिर्फ इतनी है कि क्या आप खुद महसूस करती हैं कि आप की उम्र किसी काम को लेकर ज्यादा हो गई है। आखिर आमिर खान क्यों 40 साल की उम्र मे थ्री इडियट फिल्म में एक कॉलेज स्टूडेंट का रोल प्ले कर सकते हैं और मैं क्यों नहीं। वह मानते थे कि वह ऐसा कर सकते हैं और कुछ स्पेशल इफेक्ट्स के साथ उन्होंने ऐसा किया भी।
काजोल ने कहा कि बात यह है कि लोग आपके बारे में क्या सोचते हैं। यदि लोगों की धारणा है कि आप कोई काम कर सकती हैं तो ऐसा हो सकता है और यदि वे ऐसा नहीं सोचते हैं तो फिर आपको काम नहीं मिलेगा। हाल ही में रिलीज हुई फिल्म त्रिभंगा में काजोल एक ओडिसी डांसर के रोल में नजर आई थीं।

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