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वास्तु /शौर्यपथ /घर में मौजूद ऊर्जा का असर हमारे सपनों पर भी पड़ता है। नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव अधिक होने से सपने भी नकारात्मकता दर्शाते हुए नजर आते हैं। माना जाता है कि मनुष्य अपने कर्मों के अनुसार ही अच्छे या बुरे स्वपन देखता है। अशुभ सपने अगर लगातार आ रहे हैं तो घर का वास्तु ठीक करना आवश्यक हो जाता है। वास्तु में कुछ आसान से उपाय बताए गए हैं, जिन्हें अपनाने से सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ाया जा सकता है और डरावने स्वपन से मुक्ति भी मिल सकती है।
हनुमान जी सभी प्रकार का अनिष्ट दूर करने वाले हैं। अगर लगातार डरावने स्वपन आते हैं तो हनुमानजी को याद करें। घर में सुंदरकांड का पाठ करें। रोजाना हनुमान चालीसा का पाठ करें। भयानक स्वप्न आए तो ॐ नमः शिवाय का जप करते हुए सो जाएं। लगातार बुरे स्वपन आएं तो प्रातः उठकर बिना किसी से कुछ बोले तुलसी के पौधे से पूरा स्वप्न कह डालें। बच्चों को अगर डरावने स्वप्न परेशान करते हैं तो उनके सिरहाने पर चाकू रख लें। यह भी माना जाता है कि बेड के सिरहाने पर जूते या चप्पल रखे हों तो भी डरावने स्वप्न आ सकते हैं। गहरे रंग की चादर न ओढ़ें। रात में झूठा मुंह कर सोने से भी डरावने सपने आते हैं। सपने में नदी, झरना या पानी दिखाई दे तो यह पितृ दोष की वजह से हो सकता है। घर में नियमित गंगाजल का छिड़काव करें। अगर बुरा स्वप्न देखकर नींद खुल जाए तो फिर से सो जाना चाहिए। घर में हवन करने के बाद इससे मुक्ति पाई जा सकती है। बुरे स्वप्न किसी को नहीं बताने चाहिए। नियमित रूप से अगर सूर्यदेव की आराधना की जाए तो भी बुरे स्वप्न से निजात पाई जा सकती है। बुरे स्वप्नों से मुक्ति पाने के लिए सुबह उठने के बाद गायत्री मंत्र का जाप करें। जरूरतमंद व्यक्ति को दान दें।
वास्तु टिप्स /शौर्यपथ / घर में बेडरूम की अपनी एक खास जगह होती है। जहां व्यक्ति आराम करने के साथ ही विचार-विमर्श करता है। व्यक्ति के दिन की शुरुआत और अंत बेडरूम से होती है। कहते हैं कि अगर बेडरूम से खुशी मन से बाहर आते हैं तो पूरा दिन अच्छा निकलता है। जबकि बेडरूम से चिंतित मन से निकलेंगे तो दिन खराब हो जाता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, बेडरूम सिर्फ व्यक्ति के जीवन में सुख-शांति नहीं लाता है बल्कि यह आर्थिक स्थिति भी मजबूत करता है। कहते हैं कि बेडरूम हमेशा सही होना चाहिए क्योंकि इसका आपके जीवन पर काफी प्रभाव पड़ता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, अगर बेडरूम का वास्तु ठीक नहीं होता तो व्यक्ति के पास पैसा नहीं टिकता है।
1. वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर के उत्तर दिशा में गृह स्वामी का बेडरूम नहीं होना चाहिए। कहते हैं कि कमरे में किसी भी मृत व्यक्ति की तस्वीर नहीं लगानी चाहिए। ऐसा करने से धन हानि और मान-सम्मान में कमी आती है। घर के अन्य सदस्यों के लिए इस दिशा में बेडरूम उत्तम रहता है।
2. वास्तु शास्त्र के अनुसार, पूर्व दिशा में पति-पत्नी का बेडरूम होना अशुभ माना जाता है। कहते हैं कि इस स्थान पर बेडरूम होने से अशुभ फलों की प्राप्ति होती है।
3. पूर्व-दक्षिण दिशा को आग्नेय कोण कहा जाता है। कहा जाता है कि इस दिशा में बेडरूम नहीं होना चाहिए। वास्तु शास्त्र के अनुसार, इस दिशा में बेडरूम होने से अनिंद्रा और व्यक्ति क्रोधी हो जाता है। मानसिक शांति भी नहीं मिलती है। इतना ही नहीं धन संबंधी लिए गए फैसले गलत साबित होते हैं।
4. वास्तु शास्त्र के अनुसार, दक्षिण दिशा में गृह स्वामी का बेड होना शुभ माना जाता है। कहते हैं कि इस स्थान में चुंबकीय शक्ति अनुकूल होने के कारण तन और मन दोनों स्वस्थ होते हैं। ध्यान रहे कि इस दिशा में सोएं उस वक्त सिर दक्षिण और पैर उत्तर दिशा में होना शुभ होता है। इससे धन लाभ होने की मान्यता है।
5. पश्चिम दिशा में बच्चों के लिए बेडरूम शुभ माना गया है। सिर्फ घर के मुखिया का बेडरूम इस दिशा में नहीं होना चाहिए। कहते हैं कि बच्चों का इस दिशा में बेडरूम होने से पढ़ाई में मन लगता है और नींद अच्छी आती है।
शौर्यपथ / साल 2021 में राहु ग्रह का राशि परिवर्तन नहीं है, लेकिन राहु देव नक्षत्र परिवर्तन से सभी जातकों को प्रभावित करेंगे। नए साल की शुरुआत में मृगशिरा और 27 जनवरी को रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। साल के अंत में राहु कृतिका में विराजमान होंगे। जानिए इस राहु ग्रह के नक्षत्र परिवर्तन से किन राशियों को होगा महालाभ-
1. मेष- राहु के नक्षत्र परिवर्तन के दौरान आपको अचानक धन प्राप्ति हो सकती है। प्रॉपर्टी और जमीन की खरीदारी के लिए यह साल शुभ है। इस साल आपके आय के साधन भी बढ़ेंगे। पारिवारिक जीवन सुखद रहेगा।
2. कर्क- राहु के नक्षत्र परिवर्तन के समय आपकी आमदनी में वृद्धि हो सकती है। व्यापार से जुड़े लोगों को आर्थिक लाभ हो सकता है। वैवाहिक जीवन सुखमय होगा। पार्टनर के साथ अच्छा समय बिताने का मौका मिलेगा। संतान की ओर सुखद समाचार मिल सकता है।
3. वृश्चिक- इस राशि वालों को आर्थिक लेन-देन में सावधानी बरतनी होगी। दांपत्य जीवन में मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। व्यापार के लिए यह साल उत्तम रहेगा। कार्यक्षेत्र में सफलता हासिल हो सकती है।
4. कुंभ- कुंभ राशि के जातकों की राहु के रोहिणी नक्षत्र में जाने से स्थिति सामान्य होगी। कार्यक्षेत्र में तरक्की मिल सकती है। कानूनी केस का फैसला आपके हित में आ सकता है। इस दौरान पैसों के लेन-देन में सावधानी बरतें।
5. मीन- इस राशि के जातकों के साहस और पराक्रम में वृद्धि होगी। आप शत्रुओं पर विजय प्राप्त करेंगे। यात्रा पर जाने के योग बन सकते हैं। यात्राओं का लाभ उठाने में भी सफल होंगे। लव लाइफ भी आपके अनुकूल रहेगी।
शिक्षा /शौर्यपथ / जब श्रीकृष्ण महाभारत के युद्ध के बाद लौटे तो रुक्मिणी ने रोष में उनसे पूछा कि युद्ध में सब ठीक था कि लेकिन उन्होंने द्रोणाचार्य और भीष्म पितामह जैसे धर्मपरायण लोगों के वध में क्यों साथ दिया? इसपर श्री कृष्ण ने उत्तर दिया कि देवी ये सही है कि वे दोनों धर्मपरायण थे और दोनों ने ही पूरे जीवन धर्म का पालन किया लेकिन उनके किए एक पाप ने उनके सारे पुण्यों पर पानी फेर दिया।
ये सुनकर रुमणि चौंक गईं और पूछा कि उन दोनों ने कौन से पाप किए थे? श्री कृष्ण ने कहा, जब भरी सभा में द्रौपदी का चीर हरण हो रहा था तब ये दोनों भी वहां उपस्थित थे और बड़े होने के नाते ये दुशासन को ऐसा न करने की आज्ञा दे सकते थे, किंतु दोनों ही उस वक्त चुप रहे और अंजाने में ही अधर्म का साथ दिया। उनके इस एक पाप के आगे, धर्मनिष्ठता छोटी पड़ गई और मुझे भी धर्म का पालन करते हुए उनके वध में पांडवों का साथ देना पड़ा।
इसके बाद रुक्मिणी ने श्री कृष्ण से पुछा कि उन्होंने कर्ण के वध में क्यों साथ दिया जबकि वह तो अपनी दानवीरता के लिए प्रसिद्ध था। कोई कभी भी उसके द्वार से खाली हाथ नहीं गया उसकी क्या गलती थी?
श्री कृष्ण ने कहा, वस्तुत: वो अपनी दानवीरता के लिए विख्यात था और उसने कभी किसी को न नहीं कहा, किन्तु जब अभिमन्यु सभी युद्धवीरों को धूल चटाने के बाद युद्धक्षेत्र में आहत हुआ भूमि पर पड़ा था तो उसने कर्ण से, जो उसके पास खड़ा था, पानी मांगा। कर्ण जहां खड़ा था उसके पास पानी का एक गड्ढा था किंतु कर्ण ने मरते हुए अभिमन्यु को पानी नहीं दिया, इसलिये उसका जीवन भर दानवीरता से कमाया हुआ पुण्य नष्ट हो गया। बाद में उसी गड्ढे में उसके रथ का पहिया फंस गया और वो मारा गया।
शिक्षा: अक्सर ऐसा होता है की हमारे आसपास कुछ गलत हो रहा होता है और हम कुछ नहीं करते। हम सोचते हैं की इस पाप के भागी हम नहीं हैं किंतु मदद करने की स्थिति में होते हुए भी कुछ न करने से हम भी उस पाप के बराबर के ही हिस्सेदार हो जाते हैं। हमारे अधर्म का एक क्षण सारे जीवन के कमाये हुए पुण्य को नष्ट कर सकता है।
सरकारी खर्च पर करेंगे एमबीबीएस की पढ़ाई: जेएनयू इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस एण्ड रिसर्च सेंटर जयपुर में दिलाया गया प्रवेश
मुख्यमंत्री के निर्देश पर जिला प्रशासन दंतेवाड़ा ने निजी मेडिकल कॉलेज में प्रवेश के लिए
जमा कराई एक करोड़ 36 लाख 74 हजार रूपए की फीस
तीन विद्यार्थियों के एमबीबीएस कोर्स के लिए कुल 3 करोड़ 32 लाख 25 हजार रूपए का आएगा खर्च
नीट क्वालिफाई करने के बाद भी तकनीकी कारणों से नहीं मिल पाया
था एमबीबीएस कोर्स में प्रवेश
अब साकार होगा डॉक्टर बनने का सपना
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की संवेदनशील पहल से प्रदेश के सुदूर अंचल दंतेवाड़ा के तीन प्रतिभावान विद्यार्थियों का डॉक्टर बनने का सपना अब साकार हो सकेगा। पी.ई.टी. तथा पी.एम.टी की कोचिंग हेतु संचालित बालक आवासीय विद्यालय बालूद एवं कन्या आवासीय विद्यालय कारली, दन्तेवाड़ा के इन तीनों छात्र-छात्राओं को जयपुर केे निजी मेडिकल कॉलेज जेएनयू इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस एण्ड रिचर्स सेंटर में सरकारी खर्चे पर प्रवेश दिलाया गया है। इन तीनों छात्र-छात्राओं के प्रवेश के लिए एक करोड़ 36 लाख 74 हजार रूपए फीस जिला प्रशासन दंतेवाड़ा द्वारा जमा करा दी गई है। छत्तीसगढ़ राज्य के इतिहास में यह पहली बार है कि कोई सरकार सुदूर अंचलों के छात्र-छात्राओं को निजी कॉलेज में सरकारी खर्चे पर MBBS की पढ़ाई पूरी कराने जा रही है।
ज्ञातव्य है कि जिला प्रशासन द्वारा पी.ई.टी. तथा पी.एम.टी की कोचिंग हेतु संचालित बालक आवासीय विद्यालय बालूद एवं कन्या आवासीय विद्यालय कारली, दन्तेवाड़ा से छम्म्ज् 2020 क्वालिफाई कर चुके इन छात्र-छात्राओं का तकनीकी त्रुटि के कारण एमबीबीएस कोर्स हेतु स्टेट काउंसिलिंग में रजिस्ट्रेशन नहीं हो पाने के कारण ये छात्र-छात्राएं मेडिकल कॉलेज में प्रवेश लेने से वंचित रह गये थे। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के संज्ञान में जैसे ही यह जानकारी आई, तो उन्होंने संवेदनशील पहल करते हुए छात्र-छात्राओं को निजी मेडिकल कॉलेजों में सरकारी खर्चे पर प्रवेश दिलाने के निर्देश जिला प्रशासन दंतेवाड़ा को दिए। मुख्यमंत्री के निर्देश के परिपालन में जिला प्रशासन द्वारा कार्यवाही करते हुए तीन विद्यार्थियों श्री सुधीर कुमार रजक, श्री जयंत कुमार और कुमारी ऐश्वर्या नाग को निजी कॉलेजों में प्रवेश दिलाने की कार्यवाही सुनिश्चित की गयी। इन तीनों छात्र-छात्राओं के निजी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस कोर्स की फीस 3 करोड़ 32 लाख 25 हजार रूपए में से कुल 1 करोड़ 36 लाख 74 हजार रूपए की राशि जमा करा दी गई है।
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल 9 जनवरी को नारायणपुर जिले के प्रवास के दौरान नारायणपुर में आयोजित कार्यक्रम में जिलेवासियों को 85.91 करोड़ रूपये से अधिक लागत के विकास कार्यों की सौगात देंगे। मुख्यमंत्री इनमें से 77.80 करोड़ रूपए की लागत से 26 कार्यों का भूमिपूजन और 8.11 करोड़ रूपए की लागत से 14 कार्यों का लोकर्पण शामिल है। मुख्यमंत्री इस अवसर पर हितग्राहीमूलक योजनाओं के अंतर्गत 935 स्व-सहायता समूहों एवं 15 60 कृषकों को हाइब्रिड सब्जी बीज मिनीकिट और 148 हितग्राहियों को धागाकरण मशीन सहित विभिन्न विभागों की योजनाओं में सामग्री और आर्थिक सहायता का चेक भी वितरण करेंगे।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जिला मुख्यालय नारायणपुर के हाईस्कूल मैदान में आयोजित आमसभा में एक करोड़ 70 लाख 40 हजार की लागत से 30 ग्रामों में सोलर ड्यूल पंप और टेंक 5000 लीटर स्थापित टेंक, एक करोड़ 28 लाख 10 हजार की लागत से 30 स्थलों में क्रेडा की विशेष योजनान्तर्गत स्थापित सोलर हाई मास्ट संयंत्र, 95 लाख 40 हजार रूपए की लागत से बनने वाले ग्राम गढ़बेंगाल विकासखण्ड नारायणपुर में निर्मित शास.उ.मा.वि. भवन, एक करोड़ की लागत से बनने वाले कुकड़ाझोर में नव निर्मित थाना और एक करोड़ की लागत से एड़का में नव निर्मित थाना सहित कुल 8.11 करोड़ रूपए की लागत की 14 विकास कार्यों का लोकार्पण करेंगें।
मुख्यमंत्री बघेल एक करोड़ 14 लाख की लागत से बनने वाले ट्रांजिट हॉस्टल, 10 करोड़ 70 लाख रूपए की लागत से प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत बनने वाली राजनांदगांव बारसूर रोड से माहका तक सड़क, 4 करोड़ 20 लाख रूपए की लागत से बनने वाले नारायणपुर-ओरछा में सामुदायिक शौचालय, 13 करोड़ 74 लाख रूपए की लागत से बनने वाले नारायणपुर-गारपा मार्ग, 15 किलोमीटर से आकाबेड़ा (कोडोली से झारावाही) सड़क और 18 करोड़ 70 लाख 10 हजार रूपए की लागत से बनने वाले ब्रेहबेड़ा (नारायणपुर) से कंदाड़ी-कीहकाड़-मुरनार-बेचा मार्ग सहित कुल 77.80 करोड़ रूपए की लागत की 26 कार्यों का भूमिपूजन करेंगे।
टिप्स ट्रिक्स /शौर्यपथ /जीमेल पर कई ऐसे फीचर्स हैं, जिनके बारे में काफी लोगों को नहीं पता है। उनमें से ही एक है कॉन्फिडेंशियल मोड । अगर आप कोई ऐसा ई-मेल भेजना चाहते हैं, जिसके एक्सेस पर केवल आपका अधिकार हो तो यह मोड आपको उसकी सुविधा देता है। कॉन्फिडेंशियल मोड में हम किसी को मेल करते हैं, लेकिन उस ई-मेल का एक्सेस हमेशा के लिए उसके पास नहीं रहता है। कुछ समय के लिए ही वह उस मेल को देख या पढ़ सकता है। इस फीचर में हम अपने ईमेल के एक्सपायर होने की डेट लगा सकते हैं। इस सेटिंग को लगाने के बाद उस ईमेल को फॉरवर्ड, कॉपी, प्रिंट या डाउनलोड नहीं किया जा सकता है।
हम आपको बता रहे हैं कि आप अपने भेजे हुए ईमेल में कैसे कॉन्फिडेंशियल मोड लगा सकते हैं:
1. सबसे पहले Gmail ओपन करें।
2. ईमेल भेजने के लिए कंपोज पर क्लिक करें।
3. कॉन्फिडेंशियल बनाने के लिए, कंपोज बॉक्स में नीचे की ओर एक क्लॉक-लॉक जैसे आइकॉन पर क्लिक करें।
4. इसके बाद ईमेल के एक्सपायर होने की एक डेट सेलेक्ट करें और उसमें पासकोड लगाएं।
5. पासकोड के लिए आपको 2 ऑप्शन दिए जाएंगे:- 'SMS पासकोड के बगैर' और 'SMS पासकोड' के साथ।
6. 'नो SMS पासकोड' वाले ऑप्शन में ईमेल मिलने वाला शख्स बगैर किसी पासवर्ड के उस ईमेल को देख पाएगा। वहीं SMS पासकोड वाले ऑप्शन से आपको उस एमेल पर पासवर्ड लगाना होगा जो टेक्स्ट मैसेज के माध्यम से उसके पास जाएगा। बस याद रखिए कि आप पासकोड डालते समय नंबर उसका भेजें जिसे आप ईमेल भेजी रहे हैं।
7. आखिर में सेव पर क्लिक कर दें।
अब अगर आप मोबाइल से किसी को कॉन्फिडेंशियल ईमेल भेजना चाहते हैं तो उसके लिए आपको ये करना होगा:
1. सबसे पहले Gmail ओपन करें।
2. ईमेल भेजने के लिए कंपोज बॉक्स पर जाएं।
3. ऊपर की तरफ More ऑप्शन पर जाएं और वहां कॉन्फिडेंशियल मोड पर क्लिक करें।
4. कॉन्फिडेंशियल मोड ऑन करें।
5. एक्सपायर होने की डेट, पासकोड और दूसरी चीजें डालें।
6. उस ईमेल को डन करें।
ध्यान रहे कि कॉन्फिडेंशियल मोड में जिसे ईमेल भेजा जा रहा है वह उसको प्रिंट, फॉरवर्ड या कॉपी नहीं कर सकता है। लेकिन, उसका स्क्रीनशॉट या उस ईमेल के फोटोज लिए जा सकते हैं।
खाना खजाना /शौर्यपथ / ढाबे वाला पालक पनीर पसंद तो हम सभी को आता है, पर अकसर जब हम उसे घर पर बनाते हैं तो उसमें ढाबे जैसा स्मोकी फ्लेवर नहीं आता। ऐसे में हम आपको बता रहे हैं पालक पनीर बनाने का देसी फ्लेवर-
सामग्री
पालक- 1 गुच्छा
पनीर- 150 ग्राम
बारीक कटा प्याज- 2
बारीक कटी मिर्च- 2
जीरा- 1/2 चम्मच
नीबू का रस- 2 चम्मच
बारीक कटा लहसुन- 4 कलियां
धनिया पाउडर- 11/2 चम्मच
लाल मिर्च पाउडर- 1 चम्मच
बटर+तेल- आवश्यकतानुसार
घी- 1 चम्मच
नमक- स्वादानुसार
विधि
पालक की पत्तियों को अच्छी तरह से धो लें। एक बर्तन में उबालने के लिए पानी रखें और उसमें चुटकी भर नमक और बेकिंग सोडा डालें। जब पानी उबलने लगे तो उसमें पालक की पत्तियों को 20 सेकेंड के लिए डालें और तुरंत निकालकर ठंडे पानी में डाल दें। पालक की पत्तियों की प्यूरी बना लें। पैन में बटर और तेल के मिश्रण को गर्म करें और उसमें प्याज को सुनहरा होने तक भूनें। अब पैन में लहसुन डालें। लाल मिर्च पाउडर, धनिया पाउडर और नमक डालकर अच्छी तरह से मिलाएं। पैन को थोड़ा टेढ़ा करके तेल को एक किनारे करें और पैन के ऊपर हल्का-सा पानी छिड़कें। ऐसा करने से पैन में कुछ सेकेंड के लिए आग लग जाएगी और आपकी डिश में ढाबा स्टाइल वाला स्मोकी फ्लेवर आ जाएगा।
पनीर के टुकड़ों को पैन में डालें और हल्के हाथों से मिलाएं। दो-तीन मिनट पकाएं। अब पालक की प्यूरी को पैन में डालें और एक उबाल आने के बाद गैस ऑफ कर दें। ग्रेवी को ज्यादा न उबालें वर्ना उसका प्राकृतिक हरा रंग गायब हो जाएगा। नीबू का रस डालकर मिलाएं। एक दूसरे पैन में घी गर्म करें और उसमें जीरा डालें। जब जीरा पकने लगे तो पैन में हरी मिर्च डालें और उसे तुरंत तैयार पालक पनीर में डाल दें। नान, परांठा या जीरा राइस के साथ सर्व करें।
शौर्यपथ / सर्दियों के मौसम में खुद को फिट रखना सबसे बड़ी चुनौती होती है क्योंकि ठंड में कई बीमारियों का खतरा बना रहता है। ऐसे में कुछ चीजें ऐसी हैं, जिनके खाने से न सिर्फ आप फिट रहते हैं बल्कि आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता भी मजबूत बनती है। जैसे, ठंड में पालक का सेवन काफी सेहतमंद माना जाता है। आइए , आज हम आपको बता रहे हैं पालक की कढ़ी खाने के फायदे और रेसिपी-
गुणों से भरपूर पालक कढ़ी
पालक में विटामिन-ए, विटामिन बी 2, सी, ई, के, कैल्शियम, सेलेनियम, प्रोटीन फास्फोरस, जस्ता, मैग्नीशियम, मैंगनीज, फाइबर और फोलेट होता है। इससे इम्यूनिटी सिस्टम मजबूत होता है। वहीं, बेसन साथ ही आप वजन कम कर सकते हैं। वहीं, बेसन में कई अन्य पोषक तत्व होते है, जिनमें मैग्नीशियम, तम्बा, फोलेट और मैग्नीज आदि शामिल है, साथ इसमें आयरन, जिंक, फास्फोरस, कैल्शियम और पोटेशियम भी उपस्थित होता है। पालक और बेसन में जब दही और छाछ मिलाकर कढ़ी बनाई जाती है, तो इसका स्वाद और भी बढ़ जाता है। दही में प्रोटीन, कैल्शियम, राइबोफ्लेविन, विटामिन B6 और विटामिन B12 जैसे पोषक तत्वों से समृद्ध होता है।
वजन घटाने के लिए
पालक कढ़ी एक कम कैलोरी वाला खाद्य पदार्थ है, जिसे आहार में शामिल कर आप अपने बढ़ते वजन को नियंत्रित करने का काम कर सकते हैं। एक अन्य वैज्ञानिक अध्ययन के अनुसार यह बताया गया कि पालक का सेवन स्वस्थ वजन बनाए रखने के लिए भी किया जा सकता है।
कैंसर के लिए फायदेमंद
कैंसर के लिए भी पालक की कढ़ी का प्रयोग फायदेमंद साबित हो सकता है। पालक बीटा कैरोटीन और विटामिन-सी से समृद्ध होता है और ये दोनों पोषक तत्व विकसित हो रही कैंसर कोशिकाओं से सुरक्षा प्रदान कर सकते है।
आंखों की रोशनी बढ़ती है
आंखों की समस्या से बचे रहने के लिए भी आपको पालक के फायदे लाभ पहुंचा सकते हैं। पालक में विटामिन-ए और विटामिन-सी पाया जाता है।
खून की कमी को करता है दूर
एनीमिया के जोखिम को कम करने के लिए आयरन की भरपूर मात्रा की आवश्यकता होती है, जो पालक के जरिए पूरी की जा सकती है।
ऐसे बनाएं पालक की कढ़ी
सामग्री :
2 कप पालक, कटी हुई
2 कप खट्टी छाछ या दही
2 कप बेसन
2 हरी मिर्च
1/4 चम्मच हल्दी पाउडर
स्वादानुसार लाल मिर्च पाउडर
आधा चम्मच जीरा
आधा चम्मच मेथी दाना
एक चुटकी हींग
स्वादानुसार नमक
तेल
विधि :
-पालक को अच्छी तरह धोकर साफ कर लें।
- अगर आप दही इस्तेमाल कर रहें है, तो इसमें एक कप पानी डालकर मथनी से अच्छी तरह मथ लें।
- फिर दही या छाछ में बेसन डालकर अच्छी तरह घोल लें, ध्यान रहे बेसन के गुलठे न पड़ें।
- अब गैस पर कड़ाही में तेल गर्म करें। इसमें जीरा और मेथी दाना डालकर मध्यम आंच पर फ्राई करें।
- जब मेथी दाने, जीरे का रंग बदल जाए, तो इसमें हरी मिर्च, हल्दी पाउडर और हींग डालकर 15 सेकंड तक चलाते हुए पकाएं।
- इसके बाद कड़ाही में पालक डालकर अच्छी तरह मिलाएं।
- फिर पालक में आधा कप पानी डालकर इसे ढक दें और 5 से 6 मिनट तक मध्यम आंच पर पकाएं।
- अब कड़ाही से ढक्कन हटाकर छाछ-बेसन का घोल, लाल मिर्च पाउडर और नमक पालक में डालकर इसे लगातार चलाते रहें।
- जब कढ़ी में उबाल आ जाए, तो इसे चलाना बंद कर दें और धीमी आंच पर कढ़ी को पकने दें।
- कढ़ी ज्यादा गाढ़ी लग रही हो तो इसमें थोड़ा और पानी मिलाकर पकाएं।
- कढ़ी को 20 से 25 मिनट तक धीमी आंच पर पकाएं और इसे बीच-बीच में चलाते रहें।
- यह अच्छी तरह पक जाए तो गैस बंद कर दें। तैयार है पालक की कढ़ी। इसे धनिया पत्तियों से गार्निश करके चावल और रोटी के साथ सर्व करें।
सेहत /शौर्यपथ /गुड़ का इस्तेमाल सर्दियों में सबसे ज्यादा किया जाता है। चीनी की जगह गुड़ का इस्तेमाल करने से खांसी-जुकाम से बचाव होने के साथ रोग प्रतिरोधक क्षमता में बढ़ोत्तरी होती है। सेहत के लिए गुड़ बहुत गुणकारी होता है। वहीं, क्या आप जानते हैं कि खाना खाने के बाद एक टुकड़ा गुड़ खाने से न सिर्फ आपका खाना आसानी से पच जाता है बल्कि इससे आपका वजन भी कंट्रोल में रहता है। ऐसा लम्बे समय तक करने से आपके पेट की चर्बी भी नहीं बढ़ती। आइए, जानते हैं गुड़ के फायदे-
इन गुणों से भरा है गुड़
गुड में विटामिन -A और विटामिन -B, सुक्रोज, ग्लूकोज, आयरन, कैल्शियम, फास्फोरस, पोटेशियम, जस्ता, मैग्नेशियम तत्व पाए जाते हैं। फास्फोरस की मात्रा अधिक रहती है। गुड़ में कई तरह के आवश्यक मिनरल्स और विटामिन होते है। जो त्वचा के लिए प्राकृतिक क्लींजर का काम करते है। ये शरीर को अंदर से साफ रखते है, जो त्वचा के ग्लो करने के लिए बहुत आवश्यक होता है शरीर के तापमान को नियंत्रित रखने में गुड़ सहायक होता है। गुनगुने पानी या फिर चाय में शक्कर की जगह गुड़ पीना चाहिए, इससे सेहत और सुंदरता दोनों बनी रहती हैं।
कंट्रोल रहेगा ब्लड प्रेशर
गुड़ ब्लरड प्रेशर को कंट्रोल करने का काम भी करता है। खासतौर पर हाई ब्लड प्रेशर से परेशान लोगों को रोजाना गुड़ खाने की सलाह दी जाती है।
शरीर बनेगा मजबूत और एक्टिव
गुड़ शरीर को मजबूत और एक्टिव बनाए रखता है। शरीरिक कमजोरी दूर करने के लिए दूध के साथ गुड़ का सेवन करने से ताकत आती है और शरीर ऊर्जावान बना रहता है। अगर आपको दूध नहीं पसंद है तो एक कप पानी में पांच ग्राम गुड़, थोड़ा सा नींबू का रस और काला नमक मिलाकर सेवन करने से आपको थकान महसूस नहीं होगी।
आंखों के लिए फायदेमंद
गुड़ का सेवन आंखों के लिए बहुत फायदेमंद है। गुड़ खाने से आंखों की कमजोरी दूर होती है। यही नहीं गुड़ आंखों की रोशनी बढ़ाए रखने में बहुत मददगार है।
दिमाग के लिए गुणकारी
गुड़ आपके मूड को अच्छान बनाने का काम भी करता है। यही नहीं अगर आपको माइग्रेन की शिकायत है तो रोजाना गुड़ खाने से बहुत फायदा होगा। नियमित रूप से गुड़ खाने से आपका दिमाग मजबूत बना रहेगा और याद्दाश्तम भी अच्छीे रहेगी।
सर्दी-जुकाम में कारगर
गुड़ सर्दी-जुकाम भगाने में काफी असरदार है। काली मिर्च और अदरक के साथ गुड़ खाने से सर्दी-जुकाम में आराम मिलत है। अगर किसी को खांसी की शिकायत है तो उसे चीनी के बजाए गुड़ खाना चाहिए। गुड़ को अदरक के साथ गर्म कर खाने से गले की खराश और जलन में राहत मिलती है।
हड्डियां रहेंगी मजबूत
गुड़ में भरपूर मात्रा में कैल्शिायम और फास्फो्रस पाया जाता है। यह दोनों तत्व् हड्डियों को मजबूती देने में बेहद मददगार हैं। गुड़ के साथ अदरक खाने से जोड़ों के दर्द से छुटकारा मिलता है।
शौर्यपथ / वास्तु शास्त्र की तरह की फेंगशुई शास्त्र में धन और तरक्की संबंधी कई उपायों को बताया गया है। धन लाभ और तरक्की के लिए लोग कई तरह के उपाय करते हैं। फेंगशुई शास्त्र में ऊंट का शो-पीस लाइफ के मुश्किल समय को काटने में मदद करता है। फेंगशुई शास्त्र के अनुसार, अगर बिजनेस में लाभ नहीं हो रहा या कर्मचारी काम करने से जी चुराते हैं तो व्यापार में लाभ और प्रोड्क्टिविटी को बढ़ाने के लिए ऊंट को लगाना शुभ होता है।
इसी तरह फेंगशुई के अनुसार, अगर व्यक्ति को करियर में लगातार असफलताओं का सामना करना पड़ रहा है या कड़ी मेहनत के बावजूद भी अपेक्षित रिजल्ट की प्राप्ति नहीं हो रही है। मान्यता है कि इस स्थिति में अपने स्टडीरूम या ऑफिस में ऊंट की मूर्ति को लगाने से शुभ लाभ मिलते हैं। कहा जाता है कि ऊंट की मूर्ति लगाने के बाद आप जो भी काम करते हैं, उनमें आपका फोकस बढ़ जाता है और करियर संबंधी दिक्कतें दूर हो जाती हैं।
मान्यता है कि अगर घर में धन संबंधी दिक्कत है तो ऊंट के जोड़े को घर में लाकर रखने से धन का आगमन तेजी से होता है। कहते हैं कि ऐसा करने से धीरे-धीरे आर्थिक स्थिति सुधरने लगती है। घर में पॉजिटिव और खुशनुमा माहौल रखने के लिए एक, दो या कई ऊंट की तस्वीर या ऊंट के जोड़ों की मूर्ति को घर पर उत्तर-पश्चिम दिशा में लगाना चाहिए। कहते हैं कि ऐसा करने से घर के सदस्यों को मानसिक तौर पर शांति मिलती है।
फेंगशुई के अनुसार, जीवन में आ रही मुश्किलों से बचने के लिए भी ऊंट की मूर्ति रखना शुभ माना जाता है। कहते हैं कि ऊंट की मूर्ति व्यक्ति की सहन-शक्ति बढ़ाती है। जिससे व्यक्ति सही निर्णय लेने में सफल होता है।
धर्म संसार / शौर्यपथ / महात्मा विदुर महाभारत के प्रमुख पात्रों में से एक हैं। उनकी बुद्धिमत्ता और नीतियों को आज भी पूजा जाता है। महात्मा विदुर को दूरदर्शी और महान ज्ञाता माना जाता है। आज भी विदुर जी की नीतियों को अपना कर लोग जीवन में आगे बढ़ते हैं। महात्मा विदुर ने ऐसी 6 चीजों के बारे में बताया है, जिनके होने से व्यक्ति संसार के सभी सुखों को भोग पाता है। कहा जाता है कि यह 6 चीजें जिन व्यक्तियों के पास होती हैं, वह काफी भाग्यशाली होते हैं। जानिए व्यक्ति की उन चीजों के बारे में जिनसे चमकता है उसका भाग्य-
1. विदुर नीति के अनुसार, जो स्त्री-पुरुष मीठा बोलते हैं। उनके पर मां सरस्वती और मां लक्ष्मी का आशीर्वाद बना रहता है। शास्त्रों के अनुसार, वाणी में मां सरस्वती का वास होता है। कहते हैं कि बुरा और कटु बोलने वाले लोगों का स्वभाव उनकी भाषा की तरह ही बुरा हो जाता है। विदुर जी के अनुसार, मधुर वाणी वाले व्यक्ति का भाग्य भी पूरा साथ देता है।
2. विदुर जी कहते हैं कि हर माता-पिता की चाह होती है कि उसका पुत्र आज्ञाकारी हो। उसके कुल का नाम रोशन करे। विदुर नीति के अनुसार, अगर संतान आज्ञाकारी नहीं होती है तो वह कुल का नाश कर देती है। ऐसे में जिनकी संतान आज्ञाकारी होती है वह सुखी और भाग्यशाली होते हैं।
3. विदुर जी कहते हैं कि रोगों से शरीर कमजोर पड़ जाता है। बीमार व्यक्ति की मानसिक और शारीरिक क्षमता नष्ट होने लगती है। वह कोई भी काम अच्छे से नहीं कर पाता है। बार-बार बीमार होने के कारण वह धन भी संचित नहीं कर पाता है। अगर व्यक्ति निरोगी होता है, तो वह भाग्यशाली माना जाता है।
4. विदुर जी के अनुसार, मनुष्य के पास ज्ञान ही एक मात्र ऐसा धन है, जिसे कोई चोरी नहीं कर सकता है। शास्त्रों के अनुसार, ज्ञान ही इंसान ही सबसे बड़ी ताकत है। विदुर जी कहते हैं कि ज्ञान मुश्किल समय में व्यक्ति का हमेशा साथ निभाता है। वर्तमान समय में ज्ञान ही आय का सबसे बड़ा साधन है।
5. विदुर जी के अनुसार, व्यक्ति को अपनी जरुरतों को पूरा करने के लिए आय के साधन को जुटाना पड़ता है। जिस व्यक्ति के पास आय के साधन नहीं होते हैं, उसे दुर्भाग्यशाली मानते हैं। धनहीन व्यक्ति को अपनी जरुरतों को पूरा करने के लिए दूसरों के सामने हाथ फैलाने पड़ते हैं। विदुर जी कहते हैं कि जिन लोगों के पास आय के साधन होते हैं, उन्हें खुद को भाग्यशाली मानना चाहिए।
6. विदुर जी कहते हैं कि एक सफल इंसान के पीछे एक स्त्री का हाथ होता है। कहा जाता है कि एक स्त्री चाहे तो घर को स्वर्ग या नर्क में बदल सकती है। विदुर जी कहते हैं कि जिस व्यक्ति के पास अच्छे स्वभाव और अच्छे आचरण वाली स्त्री होती है, वह व्यक्ति वास्तव में भाग्यशाली होता है।
भिलाई / शौर्यपथ / शिरोमणि पुरस्कार योजना के अंतर्गत पाली शिरोमणि एव कर्म शिरोमणि पुरस्कार का सम्मान समारोह का आयोजन रेल मिल विभाग के सभागार में किया गया। इस सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में रेल मिल एवं रोल टर्निंग शॉप के विभाग प्रमुख एम एम गद्रे, मुख्य महाप्रबंधक,(आरएसएम, आरटीएस एवं आरपीडीबी) उपस्थित थे। भिलाई इस्पात संयंत्र के शिरोमणि पुरस्कार योजना के तहत उत्कृष्ट एवं अनुकरणीय कार्य निष्पादन के लिए संयंत्र के रेल मिल एवं रोल टर्निंग शॉप के इन्दिवार अवस्थी,(प्रबंधक) तथा मंगेश कुमार,(सहायक प्रबंधक)को पाली शिरोमणि पुरस्कार एवं श्रीप्रवीण कुमार मेहता (मास्टर ओपेरटर-रोल टर्निंग), खेमलाल निषादराज (ओसीटी), ओम प्रकाश(ओसीटी), श्री अमोली राम देव्हारी(क्रेन ओपेरटर), रमेश कुमार द्विवेदी (मास्टर ओसीटी ),. चोवा राम (आपरेटिव सा), अलोक प्रसन्ना (अस्सिटेंट रोलर), मोहम्मद आफताब आलम (सीनियर ओसीटी), रंजित कुमार नायक (सीनियर कंट्रोलमैन), पुरुषोत्तम प्रसाद कश्यप, (तकनीशियन-विद्युत), जी आनंद राओ,(सीनियर ऑपरेटिव–फर्नेस), गुलशन कुमार केशव मरकम(एसीटी), प्रेमनाथ (सीनियर तकनीशियन-यांत्रिकी), नवीन चंद्र बोस(एसीटी), मोहम्मद आसिम (मेनिपुलेटर), अरुण कुमार सोनी(सीनियर ओसीटी), को कर्म शिरोमणि पुरस्कार हेतु चयन हुआ ।
कर्म शिरोमणि पुरस्कार एवं पाली शिरोमणि का मुख्य उद्धेश्य अपने कार्यस्थल में नवीनता, बेहतर संसाधनों का उपयोग एवं संगठनात्मक उद्देश्यों को पूरा करने, सुरक्षा के मानक मापदण्डों के साथ विभाग में उल्लेखनीय प्रदर्शन करने वाले कर्मठ एवं सृजनशील कार्मिको को विशेष पहचान प्रदान कर सम्मानित करना है । समारोह में चयनित कार्मिको को एम एम गद्रे,मुख्य महाप्रबंधक,(आरएसएम, आर टीएस एवं आरपीडीबी) द्वारा स्मृती चिन्ह ,प्रशस्ति पत्र,उनके जीवनसाथी को प्रशंसा पत्र तथा एक मिठाई का कूपन देकर सम्मानित किया गया ।
पुरस्कृत कार्मिको ने अपने उदगार व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह के पुरस्कार से उनका मनोबल बढ़ा है एवं उन्हें और बेहतर कार्य करने की प्रेरणा मिली है । कार्यक्रम का संचालन नरेन्द्र इंगले, वरि. प्रबंधक (कार्मिक) ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन सुश्री समायला अंसारी,सहायक प्रबंधक (कार्मिक) ने किया ।
भिलाई / शौर्यपथ / भिलाई इस्पात संयंत्र ने कोरोना संकटकाल में भी अपनी सृजनशीलता को नई उड़ान देने में कामयाबी हासिल की है। क्वालिटी कंसेप्ट्स के नेशनल कन्वेंशन प्रतियोगिता में पार-एक्सीलेंस एवार्ड जीतने का एक नया रिकार्ड कायम किया है। क्वालिटी सर्कल फोरम आफ इंडिया (क्यूसीएफआई) द्वारा आयोजित नेशनल क्वालिटी कंसेप्ट्स कन्वेंशन-2020 (एनसीक्यूसी-2020) के प्रतियोगिता परिणाम घोषित किए गए। इस प्रतियोगिता में बीएसपी की 61 टीमों ने भाग लिया, जो अब तक का सर्वश्रेष्ठ रिकार्ड है। संकटकाल में भी सभी 61 टीमों ने पुरस्कार जीत कर राष्ट्रीय स्तर पर भिलाई के सृजन का झंडा बुलंद किया। व्यावसायिक उत्कृष्टता विभाग द्वारा दिए गए मार्गदर्शन व प्रशिक्षण ने इस रिकार्ड तोड़ परफार्मेंस में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बीई विभाग के विभागाध्यक्ष व महाप्रबंधक मनोज दुबे के नेतृत्व में सहायक महाप्रबंधक प्रकाश कुमार साहू, उप प्रबंधक रवि कुमार तथा सुनील कुमार देशमुख ने योगदान दिया। बीएसपी की कुल 61 टीमों ने अपने-अपने विभाग के लिए किए गए माडिफिकेशन, क्रियान्वयन और कार्यों के बेहतर पद्घति विकास में किए गए सृजनशील कार्यों को लिखित रूप में प्रस्तुत किया। जिसमें से 36 टीमों के रचनात्मक कार्यों को पार एक्सीलेंस एवार्ड से नवाजा गया। यह अब तक का सर्वाधिक पार एक्सीलेंस एवार्ड जीतने का एक नया रिकार्ड है।
36 पार-एक्सीलेंस एवार्ड जीतकर बनाया एक नया रिकार्ड
टाउनशिप में निगम क्षेत्र का कचरा डंप, अब बीएसपी प्रबंधन करेगा ऐसी कार्रवाई
इस प्रतियोगिता में 61 टीमों ने अपने-अपने विभागों में किए गए सृजनशील कार्यों पर केस स्टडी लिखकर जमा किया। इन केस स्टडीज का मूल्यांकन विशेषज्ञ जजों के माध्यम से कराया गया। कोरोना महामारी को देखते हुए इस वर्ष क्यूसीएफआई ने प्रत्यक्ष प्रस्तुतियां पर रोक लगा दी थी। अत: इस वर्ष लिखित प्रस्तुत केस स्टडी का मूल्यांकन और नालेज टेस्ट कर सीधे परिणाम की घोषणा की गई। बीएसपी की टीमों ने अपना परचम लहराते हुए 36 टीमों ने पार-एक्सीलेंस एवार्ड और 21 टीमों ने एक्सीलेंस एवार्ड, चार टीमों ने डिस्टिंग्विश एवार्ड प्राप्त कर भिलाई का नाम रोशन किया है।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
