August 07, 2026
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    लाइफस्टाइल /शौर्यपथ / हर व्यक्ति अपने जीवन में सफलता चाहता है. सफलता से ही आर्थिक स्थिति बेहतर होती है और लोगों को खुशियां मिलती है. कुछ लोग जितनी मेहनत करते हैं उन्हें उतनी सफलता नहीं मिलती है. ऐसे में उनके मन में निराशा घर करने लगती है. ऐसे लोगों को अपने दिन की शुरुआत कुछ खास उपायों के साथ करने से सफलता मिल सकती है. ज्योतिष शास्त्र में कुछ ऐसे उपाय बताएं गए हैं, जिनसे अपने दिन की शुरुआत करने से जीवन में सकारात्मक बदलाव आता है. सुबह की अच्छी शुरुआत का असर पूरे दिन पर पड़ता है. आइए जानते हैं सुबह उठते ही क्या करना चाहिए जिससे सफलता के द्वार खुल सकते हैं.
    सफलता के द्वार खोलने के लिए सुबह उठते ही करें ये काम -
    हथेली का दर्शन
    सुबह आंख खुलते ही अपने दोनों हाथों को जोड़ कर देखें और इस मंत्र का जाप करें
    कराग्रे वसते लक्ष्मी
    करमध्ये सरस्वती
    करमूल स्थितो ब्रह्मा
    प्रभाते करदशनम्
    अराध्य का स्मरण
    इसके बाद शांत मन से अपने अराध्य को या करें और ध्यान लगाएं. उनसे अपने दिन को परिशानी से मुक्त रखने की प्रार्थना करें.
    सूर्य को अर्घ्य
    स्नान के बाद तांबे के जल से भगवान सूर्य को अर्घ्य दें और इस मंत्र का जाप करें
    ऊं सूर्याय नम:
    ऊं भानवे नम:
    ऊं खगाय नम:
    इस मंत्र के जाप से आर्थिक परेशानियां दूर हो जाती है.
    पूरेदिन की प्लानिंग
    इसके बाद आराम से पूरे दिन की प्लानिंग करें. कामों को उनके महत्व के अनुसार समय देने की कोशिश करें. पूरे दिन की प्लानिंग पहले से करने के बाद ऐन वक्त पर आपकों हड़बड़ाहट का सामना नहीं करना पड़ेगा.

    व्रत त्योहर /शौर्यपथ /महाशिवरात्रि का पर्व फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है. इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की विधिवत पूजा-अर्चना की जाती है. ऐसी मान्यता है कि इस दिन शिव जी की उपासना करने से जीवन के सारे कष्ट दूर होते हैं और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं. इसके अलावा प्रचलित मान्यता है कि महाशिवरात्रि के दिन कुंआरी लड़की अगर व्रत करती है तो मनचाहा वर मिलता है. ऐसे में यह व्रत कब रखा जाएगा, पूजा मुहूर्त, विधि, गृह प्रवेश का शुभ मुहूर्त क्या होगा इसकी डिटेल आर्टिकल में बताने वाले हैं.
    फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी तिथि का आरंभ 8 मार्च को 9 बजकर 57 मिनट से होगा जो अगले दिन यानि 9 मार्च को 6 बजकर 17 मिनट तक रहेगा.
    महाशिवरात्रि पूजा मुहूर्त
    महाशिवरात्रि का निशिता मुहूर्त देर रात 12 बजकर 7 मिनट से मध्यरात्रि 12 बजकर 56 मिनट तक रहेगा
    निशिता पूजा समय - 9 मार्च को सुबह 12 बजकर 12 मिनट से 1 बजकर 1 मिनट तक रहेगा.
    रात्रि पहला प्रहर पूजा समय- शाम 6 बजकर 29 मिनट से रात 9 बजकर 33 मिनट तक रहेगा.
    रात्रि तृतीय प्रहर पूजा समय - 9 मार्च को सुबह 12 बजकर 37 मिनट से 3 बजकर 40 मिनट तक रहेगा.
    रात्रि चतुर्थ प्रहर पूजा समय - 9 मार्च सुबह 3 बजकर 40 मिनट से 06 बजकर 44 मिनट तक रहेगा.
    पारण का समय
    महाशिवरात्रि के दिन पारण का समय 9 मार्च को 6 बजकर 44 मिनट से 6 बजकर 18 मिनट तक रहेगा.
    - महाशिवरात्रि की पूजा के समय शिवलिंग को जल चढ़ाना भी अत्यंत शुभ माना जाता है. ऊं नम: शिवाय: का जाप करते हुए शिवलिंग पर जल चढ़ाने से मानसिक परेशानियां दूर हो जाती है.
    - महाशिवरात्रि की पूजा के समय शिवलिंग को लाल केसर से तिलक लगाएं. इससे जीवन में सौम्यता आती है और मांगलिक दोष दूर हो जाते हैं.
    - महाशिवरात्रि की पूजा के समय शिवलिंग पर शहद का लेप करने से वाणि को मधुरता मिलती है. इससे जीवन में राग और द्वेष कम होते हैं.
    महत्व
    महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह संपन्न हुआ था. ऐसी मान्यता है कि इसी दिन कठोर तप के बाद माता पार्वती ने भगवान शिव को पति के रूप में प्राप्त किया था. इस दिन सुहागिन महिलाएं अखंड सौभाग्य के लिए महाशिवरात्रि का व्रत रखती हैं.
    शिवरात्रि के दिन वाहन खरीदने का शुभ मुहूर्त
    8 मार्च 2024, शुक्रवार, शुभ मुहूर्त समय: सुबह 06:38 से रात 09:57 बजे तक, नक्षत्र: श्रवण, धनिष्ठा
    महाशिवरात्रि मंत्र
    ध्याये नित्यं महेशं रजतगिरिनिभं चारूचंद्रां वतंसं। रत्नाकल्पोज्ज्वलांगं परशुमृगवराभीतिहस्तं प्रसन्नम।। पद्मासीनं समंतात् स्तुततममरगणैर्व्याघ्रकृत्तिं वसानं। विश्वाद्यं विश्वबद्यं निखिलभय हरं पञ्चवक्त्रं त्रिनेत्रम्।।
    ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्॥
    देवदेव महादेव नीलकंठ नमोस्तु ते। कुर्तमिच्छाम्यहं देव शिवरात्रिव्रतं तव।। तव प्रभावाद्धेवेश निर्विघ्नेन भवेदिति। कामाद्या: शत्रवो मां वै पीडां कुर्वन्तु नैव हि।।

    दुर्ग / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल रायपुर द्वारा आयोजित हाई स्कूल व हायर सेकेण्डरी परीक्षा 01 मार्च 2024 से प्रारंभ हो रही है। उक्त परीक्षा की सफल संचालन हेतु गोपनीय सामग्री का वितरण 24 एवं 25 फरवरी 2024 को स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ठ हिन्दी माध्यम जे.आर.डी.बहु.उ.मा.वि. दुर्ग में किया गया। गोपनीय सामग्री प्राप्त करने के लिए मुख्य परीक्षा केन्द्र के केन्द्राध्यक्ष व प्राचार्य उपस्थित थे। जिला शिक्षा अधिकारी से मिली जानकारी अनुसार प्रथम दिवस 24 फरवरी 2024 शनिवार को शासकीय/अशासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला रुट क्रमांक 1 थनौद, चन्दखुरी, अंजोरा ख, रसमड़ा, सेजस नगपुरा, बोरई, अण्डा, मतवारी तिरगा, बेलौदी, पुलगांव नया केन्द्र निकुम, रुट क्रमांक 2 में रिसाली, मरोदा टैंक, सेजस उतई, कन्या उतई, पुरई, उमरपोटी नया केन्द्र, डुन्डेरा, सेजस सेलूद, कन्या सेलूद, देवादा, कन्या तर्रा, मर्रा, मचान्दुर, पाउवारा, पंहडोर घुघवा, रुट क्रमांक 3 में जेवरा सिरसा, करंजा मिलाई, ननकट्ठी, मेड़ेसरा, खम्हरिया, खपरी, बोरी, नवागांव पुरदा लिटिया, टेमरी, हिरीं, चीचा, घोटवानी, रुट क्रमांक 4 में केसरा, सेजस पाटन, कन्या पाटन, तेलीगुंड़रा, सेमरी, भनसुली, तरीघाट, ओदरागहन, सेजस रानीतराई, बेल्हारी, सेजस जामगांव आर, बटरेल, कन्या रानीतराई, रुट क्रमांक 5 में कुगदा, सेजस कुम्हारी, पाहंदा, कपसदा, लिमतरा, जामगांव एम, झीट, अमलेश्वर, जमराव, सांकरा पाटन, रुट क्रमांक 6 में बालक धमघा, कन्या धमघा, पेन्ड्रावन, दारगाव, राजपुर, कन्हारपुरी, बरहापुर, घोंठा, देवरी, गोढ़ी, सेमरिया, सेजस अहिवारा, नंदनी खुंदनी, गिरहोला, माटरा कुल 79 केन्द्रों को प्रश्न पत्र वितरण किया गया। इसी तरह द्वितीय दिवस रविवार 25 फरवरी 2024 को शासकीय/अशासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला रुट क्रमांक 7 में सेजस जे.आर.डी.उ.मा.शा. दुर्ग, आदर्श कन्या दुर्ग, तिलक कन्या दुर्ग, महात्मा गांधी, महावीर जैन, बोरसी सरस्वती शिशु मंदिर कसारीडीह, दाउ ररु प्रसाद दुर्ग, तकियापारा, धनोरा नया केन्द्र, रुट क्रमांक 8 में तुलाराम आर्य कन्या, खालसा पब्लिक दुर्ग, सनसाईन, एल. एन. किल्ला दुर्ग, डी.ए.वी. दुर्ग, तितुरडीह दुर्ग. सेजस दीपक नगर, रुट क्रमांक 9 इंदिरा गांधी रामनगर, कन्या वैशाली नगर, कोहका, कोसानगर, बालक सुपेला, कन्या सुपेला प्रयास श्रवण विकलांग संस्था सुपेला, मुक्तिधाम मिलाई, हाऊसिंग बोर्ड, जामुल, ढौर, कुरूद, सुरडुंग, नारधा, सरस्वती बिहार अंग्रेजी मा हाउसिंग बोर्ड, ’अहेरी,  रुट क्रमांक 10 बी.एस.पी सेक्टर 02, सरस्वती शिशु मंदिर सेक्टर 04, शा.उ.मा.शा. सेक्टर 09, शास. हाई स्कूल सेक्टर 07 मिलाई, विवेकानंद सेक्टर 02, रुआबांधा, महर्षि दया. सेक्टर 06, रुट क्रमांक 11 शासकीय केम्प 1 मिलाई, छावनी, शासकीय जोन 2 सेक्टर 11, खुर्सीपार निर्मला रानी खुर्सीपार, पं ज.ला.ने. न्यू. खुर्सीपार, बी.एस.पी. कन्या उ.मा.वि. खुर्सीपार, रुट क्रमांक 12 कन्या भिलाई 03, पुरैना, चरोदा, जरवाय, सोमनी, औंधी, ज्योति चरीदा, देवबलोदा, जंजगीरी, उरला बी.एम.वाय. कुल 56 स्कूलों को प्रश्न पत्र वितरण किया किया। इस वर्ष जिले में कुल 135 परीक्षा केन्द्र बनाए गए हैं।

      सेहत टिप्स /शौर्यपथ / खट्टा मीठा स्वाद अंगूर का लोगों को खूब भाता है. साथ ही इसमें मौजूद पोषक तत्व इसको बहुत कीमती बना देते हैं. यह विटामान सी रिच सोर्च में से एक माना जाता है. जिन लोगों को स्किन और हेयर से जुड़ी परेशानी है उन्हें यह फल जरूर खाना चाहिए. लेकिन कुछ मेडिकल कंडीशन में अंगूर का सेवन नहीं करना चाहिए, तो आइए जानते हैं. चावल से तैयार ये डीआईवाई एंटी रिंकल क्रीम झु्र्रियों से दिलाएगी परमानेंट छुटकारा
    किन मेडिकल कंडीशन में अंगूर नहीं खाएं
     अगर आपको पेट से जुड़ी परेशानी है, तो फिर आपको अंगूर नहीं खाना चाहिए. रात में और खाली पेट अंगूर खाने से बचना चाहिए. वहीं, मीठे अंगूर वजन को तेजी से बढ़ाते हैं.
     इसके अलावा किडनी से जुड़ी परेशानी में इसका सेवन नहीं करना चाहिए. अगर आप दवाओं का सेवन कर रहे हैं तो इसको खाने से बचना चाहिए. डायबिटीज के मरीज को भी इसको नहीं खाना चाहिए.
    अंगूर के फायदे
     सर्द हवाएं बालों से नमी छीन लेती हैं. इससे डेड स्किन सेल्स की परत जमने लगती हैं. ऐसे में आप इससे मालिश करती हैं तो फिर आपके बाल में बल्ड सर्कुलेशन अच्छा होगा. आप 3 से 4 बूंद ग्रेप सीड ऑयल बालों में अप्लाई कर सकती हैं.
     अंगूर में रेस्वेराट्रोल जैसे पोषक तत्व होते हैं, जो ब्रेन में ब्लड फ्लो में सुधार कर सकते हैं, कॉग्नेटिव हेल्थ को बढ़ा सकते हैं और अल्जाइमर जैसी न्यूरोडीजेनेरेटिव बीमारियों से बचा सकते हैं.
     अंगूर में एंटीऑक्सिडेंट और पॉलीफेनॉल होते हैं कोलेस्ट्रॉल लेवल और ब्लड प्रेशर को कम करने, हेल्दी हार्ट को बढ़ावा देने और हार्ट डिजीज के जोखिम को कम करने के लिए जाना जाता है.

       सेहत टिप्स /शौर्यपथ / बहुत से लोगों को समय से पहले बालों के सफेद होने की दिक्कत सताने लगती है. ना सिर्फ बड़े बल्कि बच्चों को भी इस परेशानी से दोचार होना पड़ता है. बच्चों  के बाल सफेद होने का एक बड़ा कारण है पोषण की कमी. शरीर में कई पोषक तत्वों की कमी बालों के सफेद होने का कारण बन सकती है. इसके अलावा, सूरज की हानिकारण किरणें भी बालों को प्रभावित करती हैं. ऐसे में माता-पिता की यह चिंता रहती है कि कम उम्र में ही बच्चों के सारे बाल सफेद ना होने लगें. दिक्कत यह भी है कि बच्चों को डाई या मेहंदी नहीं लगाई जा सकती क्योंकि इससे उनके बालों पर असर पड़ेगा, बालों का टूटना शुरू हो सकता है या फिर मेहंदी से बाल लाल हो सकते हैं. ऐसे में यहां बताए फूड्स (Foods) दिक्कत को दूर कर देंगे. यहां खानपान की उन चीजों का जिक्र किया जा रहा है जिन्हें बच्चों को खिलाया जाए तो बच्चों के बाल समय से पहले सफेद नहीं होते हैं और अगर इक्के-दुक्के बाल सफेद पड़ गए हैं तो वो भी काले होने लगेंगे.
    बच्चों के बाल सफेद होने से बचाने वाले फूड्स |
    हरी पत्तेदार सब्जियां
    बच्चे चाहे हरी सब्जियां खाने से कितना ही मुंह बनाएं लेकिन हरी सब्जियां बच्चों को खिलाना बेहद जरूरी है. हरी सब्जियां  जैसे ब्रोकोली, गोभी, पालक, केल और पत्तागोभी आयरन, फोलेट, विटामिन, कैल्शियम और अन्य पोषक तत्वों से भरपूर होती हैं जिनसे बालों का सफेद होना रुकता है.
    अंडे
    प्रोटीन से भरपूर अंडे बालों की सेहत को अंदरूनी रूप से अच्छा रखते हैं. अंडों में विटामिन बी12 की अच्छी मात्रा होती है जो प्रीमेच्योर ग्रे हेयर यानी समय से पहले बालों को सफेद होने से रोकने में असरदार है. ध्यान रहे आपको बच्चों को पूरा अंडा खिलाना है सिर्फ उसका सफेद हिस्सा नहीं.
    सोयाबीन
    सोयाबीन प्लांट प्रोटीन का अच्छा स्त्रोत है. इसमें कई तरह के पोषक तत्व और एंटी-ऑक्सीडेंट्स होते हैं जो बालों को सफेद बनाने वाले तत्वों से लड़ते हैं और बालों की रंगत काली बनाए रखते हैं.
    मशरूम
    मशरूम  में कॉपर की भरपूर मात्रा होती है. मशरूम खाने पर मेलानिन का प्रोडक्शन अच्छा होता है. मेलानिन बालों की रंगत गहरी बनाए रखने में कारगर है.
    दालें
      दालों में विटामिन बी9 की अच्छी मात्रा होती है और सेहत को दुरुस्त रखने वाले तत्व भी. बच्चों को दालें खिलाने पर समय से पहले सफेद हो रहे बालों की दिक्कत दूर होती है. हफ्ते में 2 से 3 बार बच्चों को दाल खिलाई जा सकती है.

        खाना खजाना /शौर्यपथ /सुबहें आमतौर पर व्यस्त होती हैं. और वीकेंड पर, आपका बिस्तर से बाहर निकलने और किचन में घंटों बिताने का मन नहीं करता. हमारे साथ भी ऐसा ही है. लेकिन हम टेस्ट से समझौता नहीं करते! यही कारण है कि हम ऐसे डिशेज की लगातार तलाश में रहते हैं जो क्विक, सिंपल और स्वादिष्ट हों. हाल ही में, हमें एक ऐसी रेसिपी मिली जो इस कैटेगरी में बिल्कुल फिट बैठती है! यह हनी बटर टोस्ट है. यह सही है. यह बेसिक ब्रेड-एंड-बटर का अपग्रेड वर्जन है, जिसमें कुछ एक्स्ट्रा इंग्रीडिएंट शामिल हैं. चिंता न करें, इसमें कुछ भी लंबा नहीं है. इस यूनिक रेसिपी को शेफ कीर्ति भौटिका ने अपने ऑफिशियल इंस्टाग्राम हैंडल पर शेयर किया है. आइए आपको बताते हैं.
    कैसे बनाएं ब्रेड बटर टोस्ट-
    यह सिंपल है. सबसे पहले ब्रेड का एक पीस लें और किनारों को काट लें. फिर बटर, ब्राउन शुगर और शहद का उपयोग करके मिश्रण तैयार करें और इसे पूरी ब्रेड पर फैलाएं. इसे तवे पर टोस्ट करें और आनंद लें.
    कैसे बनाएं हनी बटर टोस्ट सैंडविच-
    अब, यदि आप अपने मील को फैंसियर बनाना चाहते हैं और इसे शानदार बनाना चाहते हैं, तो आप इसके साथ एक स्वादिष्ट सैंडविच तैयार कर सकते हैं. आपको बस ब्रेड के दो स्लाइस के बीच कुछ चॉकलेट-हेज़लनट स्प्रेड (यहां: न्यूटेला) फैलाना है. बेशक, स्लाइस के किनारों को पहले से काट लें. फिर, सैंडविच को बटर, ब्राउन शुगर और शहद से ढक दें और हर तरफ से अच्छी तरह से टोस्ट करें, जब तक कि सैंडविच क्रिस्पी और ब्राउन न हो जाए. सैंडविच को बीच से काटें और फ्रेश क्रीम और फ्रूट के साथ सर्व करें. आप इन कॉम्बो को अपनी पसंद के अनुसार कस्टूमाइज कर सकते हैं. बहुत सिंपल लगता है, है ना?
    बोनस टिप: घर पर कैसे बनाएं न्यूटेला-
    यदि आप चाहते हैं कि आपका हनी बटर टोस्ट सैंडविच और भी खास हो, तो यहां आपके लिए एक घरेलू नुटेला रेसिपी है जिसे आप ट्राई कर सकते हैं. यह बहुत आसान है. पहले से गरम ओवन में हेज़लनट्स को भूनने से शुरुआत करें और उन्हें ठंडा होने दें. अब, नट्स को एक प्रोसेसर में तब तक ब्लेंड करें जब तक वे चिकने और क्रीमी न हो जाएं. इसमें नारियल का तेल, चीनी, कोको पाउडर और वनिला एसेंस मिलाएं और क्रीमी स्प्रेड में ब्लेंड करें. अपने घर में बने न्यूटेला को एक कंटेनर में डालें और बाद में उपयोग के लिए ठंडी और सूखी जगह पर रखें.

      व्रत त्यौहार /शौर्यपथ / सनातन धर्म में भगवान शिव को अमर,अजर और अविनाशी कहा गया है. शिव अनन्त है और उनकी पूजा करके जातक की संपूर्ण मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं. भगवान शिव  और मां पार्वती के विवाह के पर्व को हर साल फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी के दिन महाशिवरात्रि के रूप में मनाया जाता है. इस साल यानी 2024 में महाशिवरात्रि  का महापर्व 8 मार्च को आ रहा है और इस दिन देश के मंदिरों में पूजा करने के लिए लोगों की भारी भीड़ होगी. इस दिन भगवान शिव और मां पार्वती की विधिवत पूजा की जाती है और शिवलिंग   को तरह-तरह से अभिषेक किए जाते हैं. लेकिन महाशिवरात्रि की पूजा के दौरान कुछ लोग अनजाने में गलतियां कर बैठते हैं. चलिए आपको बताते हैं कि महाशिवरात्रि पर भगवान शिव की पूजा करते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए, अन्यथा पूरी पूजा विफल मानी जाती है और आपके बने बनाए काम भी बिगड़ सकते हैं.
    महाशिवरात्रि की पूजा करते समय ना करें ये गलतियां-
        महाशिवरात्रि पर अगर आप शिवलिंग पर अभिषेक कर रहे हैं, तो इसे लोटे या कलश से करें. भगवान शिव की पूजा करते समय शंख का प्रयोग निषेध माना गया है. इस दौरान ना तो शंख बजाएं और ना ही शंख से शिवलिंग का अभिषेक करें.
        भगवान शिव की पूजा करते वक्त तुलसी दल अर्पित करना निषेध है. आपको बता दें कि आप भगवान शिव की पूजा कर रहे हैं या फिर पूरे शिव परिवार की, इस दौरान तुलसी दल अर्पित नहीं करना चाहिए. इसके अलावा महादेव की पूजा में कनेर और केतकी के फूलों को भी इस्तेमाल नहीं करना चाहिए.
        महाशिवरात्रि पर अक्सर लोग भगवान शिव की पूजा करने के बाद शिवलिंग की परिक्रमा करते हैं. आपको बता दें कि महाशिवरात्रि पर शिवलिंग की पूरी परिक्रमा नहीं करनी चाहिए. शास्त्रों में शिवलिंग की पूरी परिक्रमा वर्जित कही गई है. अर्ध चंद्रमा के आधार पर शिवलिंग की आधी परिक्रमा करनी चाहिए.
        महाशिवरात्रि पर शिवलिंग पर बेलपत्र अर्पित किए जाते हैं क्योंकि भगवान शिव को बेलपत्र काफी प्रिय हैं. लेकिन आपको इस बात का ध्यान रखना है कि पूजा में इस्तेमाल हो रहे बेलपत्र ताजे और साबुत होने चाहिए. टूटे फूटे, पुराने, सूखे बेलपत्र चढ़ाने से पूजा विफल हो जाती है.
        महाशिवरात्रि पर भोलेनाथ की पूजा करते समय रोली, कुमकुम या हल्दी अर्पित नहीं करनी चाहिए. ये सब स्त्री तत्व हैं और शिवलिंग पुरुष तत्व है. इसलिए आपको इन चीजों की बजाय पीला चंदन अर्पित करना चाहिए और उसका ही तिलक करना चाहिए.

    व्रत त्यौहार /शौर्यपथ / हिंदू धर्म में संकष्टी चतुर्थी का विशेष महत्व होता है. माना जाता है कि जो भक्त संकष्टी चतुर्थी का व्रत रखते हैं उनपर भगवान गणेश अपनी कृपादृष्टि बनाए रखते हैं. पंचांग के अनुसार, हर महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को संकष्टी चतुर्थी मनाई जाती है. फाल्गुन मास में पड़ने वाली संकष्टी चतुर्थी को द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी के नाम से जाना जाता है. माना जाता है कि शिव-पार्वती पुत्र गणेश भगवान की पूजा करने से घर में सिद्धि आती है. इससे पूजा करने वाले भक्त को शुभ फल की प्राप्ति होती है और बप्पा सदैव भक्तों पर अपना आशीर्वाद बनाए रखते हैं. जानिए इस माह किस दिन रखा जाएगा द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी का व्रत और कैसे की जा सकती है बप्पा की पूजा.
    द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी कब है |
    पंचांग के अनुसार, फाल्गुन मास की संकष्टी चतुर्थी तिथि का आरंभ 28 फरवरी की रात 1 बजकर 53 मिनट पर हो रहा है और इस तिथि का समापन अगले दिन यानी 29 फरवरी की सुबह 4 बजकर 18 मिनट पर हो जाएगा. इस चलते द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी का व्रत 28 फरवरी, बुधवार के दिन रखा जाएगा.
    द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी की पूजा विधि
    संकष्टी चतुर्थी के दिन पूजा करने के लिए सुबह के समय ब्रह्म मुहूर्त में उठना बेहद शुभ माना जाता है. इसके पश्चात स्नान किया जाता है, स्वच्छ वस्त्रों का धारण करते हैं और भगवान गणेश का पूजन किया जाता है. इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह होता है. पूजा करने के लिए चौकी पर लाल या पीले रंग का कपड़ा बिछाकर उसपर भगवान गणेश की प्रतिमा या मूर्ति विराजित की जाती है. इसके बाद गणपति बप्पा के समक्ष रोली, अक्षत, पंचामृत, दूर्वा, जनेऊ, सिंदूर और सुपारी आदि अर्पित किए जाते हैं. अब दीपक जलाकर बप्पा की आरती की जाती है, गणेश चालीसा का पाठ होता है और संकष्टी चतुर्थी की कथा पढ़ी जाती है. भक्त दिनभर व्रत रखते हैं और संध्याकाल में बप्पा की आरती के पश्चचात फलाहार किया जाता है. अगली सुबह पूजा करने के बाद ही व्रत का पारण होता है. कहते हैं इस व्रत को रखने पर बप्पा प्रसन्न हो जाते हैं.

    व्रत त्यौहार /शौर्यपथ /आज से हिंदू कैलेंडर का आखिरी दिन यानी 12वां महीना फाल्गुन मास रविवार से शुरू हो गया यह महीना आगामी 25 मार्च तक चलेगा. इस महीने का प्राकृतिक, वैज्ञानिक और धार्मिक रूप से खास महत्व माना जाता है. इस महीने में हिंदू धर्म के बड़े त्योहार जैसे महाशिवरात्रि , होली की धूम रहेगी और पूरे महीने फाग उत्सव मनाया जाएगा. साथ ही, फुलेरा दूज के 6 अबूझ सावे जिसमें शुभ विवाह मुहूर्त भी शामिल है. पुष्कर के ज्योतिषाचार्य अनीश व्यास के अनुसार, इस महीने की पूर्णिमा पर चंद्रमा फाल्गुनी नक्षत्र में होते हैं इस कारण इस महीने को फागुन कहा जाता है. इस महीने में व्रत ऊर्जा से भरपूर होते है.
    मार्च व्रत त्योहार की लिस्ट |
    ज्योतिषाचार्य अनीश व्यास के अनुसार, फागन महीने में शादी के लिए 6 शुभ मुहूर्त हैं. आगामी 2 और 3 मार्च को आठ रेखीय कर और पांच मार्च को सात रेखीय, 6 मार्च को भी आठ रेखीय और 12 मार्च को फुलेरा दूज पर अबूझ सावे हैं. इस दिन हिंदू धर्म मानने वाले लोगों के घर परिवार में शादी का माहौल रहेगा.
    17 मार्च से लगेगा होलाष्टक
    ज्योतिषाचार्य अनीश व्यास के अनुसार, 17 मार्च से होलाष्टक शुरू होगा. इस बीच शादी, विवाह, सगाई, और शुभ मुहूर्त सहित कोई भी शुभ कार्य नहीं किए जाएंगे. वहीं, 14 मार्च से लगेगा मलमास जो 15 अप्रैल तक रहेगा.
    पूरे महीने ये होंगे आयोजन
    1 मार्च यशोदा जयंती
    3 मार्च शबरी जयंती, भानु सप्तमी
    4 मार्च जानकी जयंती
    6 मार्च विजया एकादशी
    8 मार्च महाशिवरात्रि ,पंचक शुरू
    10 मार्च फाल्गुन अमावस्या
    12 मार्च फुलेरा दूज ,रामकृष्ण जयंती
    13 मार्च विनायक चतुर्थी
    14 मार्च मीन संक्रांति
    20 मार्च आमलकी एकादशी
    22 मार्च प्रदोष व्रत
    24 मार्च होलिका दहन, पूर्णिमा व्रत
    25 मार्च होली महाप्रभु जयंती ,चंद्र ग्रहण

    पर्यटन /शौर्यपथ /भारत दुनिया के सबसे जादुई देशों में से एक है, क्योंकि यह कई आश्चर्यजनक स्थलों से भरा हुआ है, जिन्होंने विश्व पर्यटन पर अपनी छाप छोड़ी है और हर साल लाखों ग्लोबट्रॉटर यहां आते हैं. यहां पर आप कदम-कदम पर अलग बोली भाषा, संस्कृति और व्यंजनों लुत्फ ले सकते हैं. ऐसे में हम आपको यहां पर कुछ ऐसे प्लेसेज के बारे में बताने जा रहे हैं जहां पर आपको एकबार जरूर घूम लेना चाहिए.
    युमथांग घाटी, सिक्किम
    युमथांग घाटी, जिसे सिक्किम की फूलों की घाटी भी कहा जाता है, प्रकृति का स्वर्ग है। यह स्थान प्राचीन नदियों, गर्म झरनों, सुंदर याक और हिमालयी सुंदरता से भरपूर है.
    उत्तरी सिक्किम जिले में स्थित, घाटी की ऊंचाई 3564 मीटर है और यह गंगटोक से लगभग 150 किमी दूर है.
    तुंगनाथ, उत्तराखंड
    भारत में एक धार्मिक और आध्यात्मिक केंद्र, तुंगनाथ उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में समुद्र तल से 12073 फीट की ऊंचाई पर स्थित है. यह भव्य स्थान दुनिया में भगवान शिव के सबसे पुराने और सबसे ऊंचे मंदिर के लिए जाना जाता है. यहां शिव भक्त एकबार जाने की इच्छा रखते हैं.
    एक बार जब आप यहां आ जाएंगे, तो आप इस जगह की प्राकृतिक सुंदरता को देखकर मंत्रमुग्ध हो जाएंगे. बर्फ से ढ़का मंदिर इसकी खूबसूरती में चार चांद लगा देता है.
    पहलगाम, कश्मीर
    कश्मीर निश्चित रूप से एक स्वर्ग है और इस राज्य का हर कोना सुंदर है. लेकिन फिर भी, कश्मीर में पहलगाम थोड़ा जादुई और अधिक सुंदर है.
    अनंतनाग जिले में स्थित, पूरा शहर बर्फ से ढके हिमालय और घने जंगलों वाले देवदार के जंगलों से घिरा हुआ है. यह जगह रोमांच और प्रकृति प्रेमियों के लिए एक सौगात है.
    नुब्रा घाटी, लद्दाख
    नुब्रा घाटी एक ऐतिहासिक और लद्दाख के सबसे खूबसूरत क्षेत्रों में से एक है. नुब्रा तिब्बती नाम डुमरा है, जिसका अर्थ है फूलों की घाटी. इस स्थान के कुछ आकर्षणों में टेगर और ज़म्सखांग पैलेस शामिल हैं, जो बेहद ही खूबसूरत हैं.
    मुन्नार, केरल
    केरल में मुन्नार के बिना यह लिस्ट पूरी नहीं होगी. अपनी प्राकृतिक सुंदरता के कारण इस सुरम्य हिल स्टेशन को अक्सर दक्षिण भारत का कश्मीर माना जाता है. मदुरै से लगभग चार घंटे की दूरी पर स्थित, मुन्नार के चाय बागानों बहुत खूबसूरत हैं.

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