
CONTECT NO. - 8962936808
EMAIL ID - shouryapath12@gmail.com
Address - SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)
ब्यूटी टिप्स /शौर्यपथ /अधिकांश लोग बालों की सामान्य समस्याओं जैसे बालों का झड़ना, बेजान बाल और बालों के टूटना की प्रॉब्लम से परेशान हैं. कई बार बदलता मौसम, कोई बीमारी, प्रदूषण और पोषक तत्वों की कमी भी बालों के कमजोर होने और टूटने का कारण बनते हैं. बालों की सेहत में सुधार के लिए आप अपनी लाइफस्टाइल और डाइट हैबिट्स में कुछ बदलाव करें तो आपको असर नजर आएगा. विटामिन सी से भरपूर कुछ फल बालों के लिए बेहद फायदेमंद माने जाते हैं, जो बालों को मजबूत बनाते हैं और उनकी ग्रोथ में सहायक होते हैं. आइए इन फ्रूट्स के बारे में जानते हैं.
बालों को पोषण देने वाले 5 फल
बेरीज : बेरीज विटामिन सी और कोलेजन का एक समृद्ध स्रोत होते हैं, जो बालों को मजबूत बनाते हैं. विटामिन सी कोलेजन उत्पादन को बढ़ाता है और स्कैल्प के ब्लड सर्कुलेशन में सुधार करता है. विटामिन सी बालों के पोर्स को फ्री रेडिकल्स के ऑक्सीडेटिव नुकसान से बचाता है और बालों को पोषण देता है.
संतरा : संतरा यानी ऑरेंज भी विटामिन सी और सिट्रिक एसिड से भरपूर होता है जो स्कैल्प की प्रॉब्लम्स को कम करता है और बालों के ग्रोथ को बढ़ावा देता है. संतरे का रोजाना सेवन आपके बालों को सुंदर और चमकदार भी बनाते हैं.
कीवी : कीवी में विटामिन सी के साथ ही विटामिन ई भी भरपूर मात्रा में पाया जाता है, जो बालों की ग्रोथ के लिए बहुत अच्छा है और जरूरी भी है. ये बालों के टूटने को कम कर इसके विकास को बढ़ावा देता है. कीवी के सेवन से बालों को तो फायदा होता ही है, सेहत के लिहाज से भी ये बेहद फायदेमंद है. डायबिटीज के मरीजों के लिए ये बेहतरीन फ्रूट है.
स्ट्रॉबेरी : स्ट्रॉबेरी विटामिन सी और बायोटिन का बेहतरीन सोर्स है, जो बालों की सेहत के लिए बहुत अच्छे माने जाते हैं और इसकी ग्रोथ के लिए जरूरी हैं. स्ट्रॉबेरी को डाइट में शामिल करने से स्कैल्प में होने वाली समस्याएं खत्म होती है और बालों के टेक्सचर में सुधार होता है.
नींबू : नींबू विटामिन सी के साथ ही पोटेशियम और कैल्शियम से भरपूर होता है, जो स्कैल्प और बालों की सेहत के लिए बहुत अच्छा है. ये बालों को जड़ से टूटने से रोकता है, डैंड्रफ की समस्या का इलाज करता है और बालों की ग्रोथ को बढ़ावा देता है.
सेहत टिप्स /शौर्यपथ /अदरक एक ऐसा हर्ब है जिसे सेहत के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है. हममें से ज्यादातर लोग अदरक को आमतौर पर चाय में इस्तेमाल करते हैं. लेकिन क्या आप ये जानते हैं कि अदरक का जरूरत से ज्यादा सेवन फायदा की जगह नुकसान भी पहुंचा सकता है. अदरक को आवुर्येदिक जड़ी-बूटी के रूप में कई बीमारियों के इलाज के लिए इस्तेमाल किया जाता है. गले में खराश से लेकर शरीर के टॉक्सिन्स निकालने तक में अदरक जादुई काम कर सकता है. तो चलिए जानते हैं किन लोगों को नहीं करना चाहिए अदरक का सेवन और क्या हैं इसके नुकसान.
अदरक की चाय के नुकसान-
1. डायरिया-
अदरक की चाय का जरूरत से ज्यादा सेवन डायरिया के खतरे को बढ़ा सकता है. अदरक खाने को तेजी से पचाने का काम करता है, जिसके कारण बैचानी की समस्या हो सकती है.
2. अनिद्रा-
जिन लोगों को नींद कम आती है उन्हें अदरक की चाय का सेवन कम करना चाहिए. अदरक की चाय का अधिक सेवन करने से नींद उड़ सकती है. यानि अदरक की चाय का अधिक सेवन आपकी नींद में बाधा डाल सकती है.
3. पेट में जलन-
अदरक में पाया जानेवाला जिंजरोल पेट में ज्यादा एसिड पैदा कर सकता है. जो जलन का कारण बन सकता है. अदरक की चाय का ज्यादा सेवन करने से पेट में जलन हो सकती है.
4. बालों का झड़ना-
अदरक में जिंजरोल नामक तत्व पाया जाता है, जो बालों को बढ़ने से रोक सकता है. अदरक की चाय का अधिक सेवन करने से बाल झड़ने की समस्या हो सकती है.
5. ब्लड प्रेशर-
जिन लोगों का ब्लड प्रेशर सामान्य है, या कम है उनके लिए अदरक की चाय नुकसानदायक हो सकती है. इससे आपको चक्कर और कमजोरी की शिकायत हो सकती है. लेकिन अदरक की चाय उन लोगों के लिए लाभदायक मानी जाती है जिनका ब्लड प्रेशर हाई रहता है.
सेहत टिप्स /शौर्यपथ /वजन घटाना कई बार किसी मुसीबत से कम नहीं लगता है. चाहे कितनी ही कोशिश कर ली जाए लेकिन जब हर बार ही वजन जस का तस बना रहता है तो निराशा होती है. अक्सर सलाह दी जाती है कि डाइटिंग से वजन कम किया जा सकता है, लेकिन व्यस्त जीवनशैली हो और खुद के लिए डाइट वाला खाना बनाने का समय ना हो तो व्यक्ति चाह कर भी प्रोपर डाइट नहीं ले पाता है. लेकिन, बिना एक्सेसिव एक्सरसाइज और डाइट के भी वजन कम हो सकता है. वजन घटाने के लिए कुछ बेहद आसान से तरीके भी काम आते हैं. इन तरीकों को लाइफस्टाल में ढाल लिया जाए तो शरीर का वजन कम होने में असर नजर आने लगता है. आपको अलग से कुछ ज्यादा मेहनत भी नहीं करनी पड़ती है और शरीर फिट दिखता है सो अलग. यहां जानिए इन तरीकों के बारे में.
बिना डाइटिंग के कैसे घटाएं वजन |
घर का बना खाएं
अगर आप बाहर से कुछ भी हेल्दी समझकर खा लेते हैं तो गलती करते हैं. बाहर के खाने में या तो तेल ज्यादा होगा, या तो नमक, या फिर यह खाना प्रोसेस्ड होगा या फिर इसमें एडेड शुगर होगी. इसीलिए कोशिश करें कि घर का बना खाना ही खाएं. आपको अपने वजन में जरूर असर दिखेगा.
पोर्शन कंट्रोल पर दें ध्यान
घर का खाना खाकर भी वजन ना घट पाने की वजह आपका जरूरत से ज्यादा खाना भी हो सकता है. अपने पोर्शन कंट्रोल पर ध्यान दें. उतना खाएं जिसमें आपका पेट भर जाए, रोज-रोज मन भरने के लिए ना खाएं. पोर्शन कंट्रोल से आपको कम कैलोरी मिलेगी और एक्सेस फैट बर्न होने लगेगा.
गर्म पानी पीना
आपको दिनभर गर्म पानी नहीं पीते रहना है लेकिन सुबह उठकर खाली पेट गर्म पानी जरूर पिएं और उसके आधे से एक घंटे बाद ही कुछ खाएं. सुबह के गर्म पानी में जीरा या मेथी के दाने डालकर भी पी सकते हैं. यह पानी डिटॉक्स वॉटर की तरह काम करता है. इसके अलावा, दिन में जब कुछ खाते हैं उसके 20 मिनट बाद हल्का गर्म पानी जरूर पिएं. इससे तेजी से फैट बर्न होता है.
वॉक करना है जरूरी
तेजी से वेट लॉस हो इसके लिए कुछ भी खाने के बाद आधा घंटा वॉक किया जाता है. लेकिन, अगर आपको दिनभर में समय नहीं मिलता है तो रात के समय जब भी आप फ्री होते हैं एक घंटे वॉक जरूर करें. इससे वजन तो कम होगा ही साथ ही शरीर के इंचेस भी कम होंगे. आपको कमर, पेट, जांघ और शरीर का ऊपरी हिस्सा भी पतला होता दिखने लगेगा.
सेहत टिप्स /शौर्यपथ / शरीर को सेहतमंद रखने के लिए हमें कई तरह के विटामिन्स की जरूरत होती है. क्योंकि शरीर में किसी भी विटामिन की कमी सेहत के लिए अच्छा नहीं माना जाता है. विटामिन डी का सबसे अच्छा और नेचुरल सोर्स धूप है. लेकिन अगर आप धूप नहीं ले पा रहे हैं तो आप अपनी डाइट में हेल्दी चीजों को शामिल कर सकते हैं. आपको बता दें कि शरीर में विटामिन डी की कमी को पूरा करने के लिए आप अपनी डाइट में कई तरह की चीजों को शामिल कर सकते हैं. कई लोग तो इसकी कमी को पूरा करने के लिए सप्लीमेंट्स लेते हैं. लेकिन सप्लीमेंट्स के बिना भी आप इसकी पूर्ति कर सकते हैं. वो भी अपनी डाइट में कुछ चीजों को शामिल करके. तो चलिए जानते हैं विटामिन डी की कमी के लक्षण और इसकी पूर्ति के सोर्स.
विटामिन डी की कमी के लक्षण-
डिप्रेशन, एंजायटी
जल्दी-जल्दी बीमार पड़ना
हड्डियों में दर्द
थकान महसूस होना
विटामिन डी के सोर्स-
1. मशरूम-
अगर आप नॉनवेज नहीं खाते हैं और शरीर में विटामिन डी की कमी हो रही है तो आप मशरूम को डाइट में शामिल कर विटामिन डी की कमी को पूरा कर सकते हैं.
2. संतरा-
संतरे को विटामिन सी और विटामिन डी का अच्छा सोर्स माना जाता है. संतरे को फल के रूप में या जूस को रूप में डाइट शामिल कर इम्यूनिटी को मजबूत और विटामिन डी कमी को दूर कर सकते हैं.
3. मछली-
ट्यूना, मैकेरल और सालमन जैसी मछली की किस्म विटामिन डी के अच्छे सोर्स में से एक हैं. अगर आप नॉनवेजिटेरिन हैं तो अपनी डाइट में इन चीजों को शामिल कर विटामिन डी की कमी को दूर कर सकते हैं.
4. अंडा-
अंडे की जर्दी में विटामिन डी अच्छी मात्रा में पाया जाता है, जो शरीर में विटामिन डी की पूर्ति करता है. अगर आप विटामिन डी की कमी को दूर करना चाहते हैं तो अंडे को अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं.
सेहत टिप्स /शौर्यपथ / स्लिम, फिट रहना और दिखना भला किसे नहीं पसंद. मोटापा हमारी सुंदरता को कम करने का काम करता है. पेट की चर्बी (बढ़ा हुआ पेट) न सिर्फ हमारे व्यक्तित्व पर नकारात्मक प्रभाव डालता है. बल्कि कई बीमारियों का कारण भी बन सकता है. मोटापा से दिल की बीमारी, ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल जैसी कई बीमारियां हो सकती है. इसलिए शरीर को सेहतमंद रखने के लिए हेल्दी चीजों का सेवन और वजन को कंट्रोल करना बेहद जरूरी है. अगर आप भी अपने बढ़े हुए वजन को कम करना चाहते हैं और एकदम स्लिम और फिट दिखना चाहते हैं वो भी बिना एक्सरसाइज और डाइट के, तो आप बिल्कुल सही जगह पर हैं. आज हम आपको कुछ ऐसे घरेलू उपाय के बारे में बता रहे हैं जिससे वजन को तेजी से कम करने में मदद मिल सकती है. तो चलिए जानते हैं उनके बारे मे.
मोटापा कम करने के लिए घरेलू उपाय-
1. नींबू पानी-
रोजाना सुबह खाली पेट नींबू पानी पीने से वजन को कम करने में मदद मिल सकती है. आपको सुबह गुनगुने पानी में आधा नींबू मिलाना है और इसमें शहद डालकर पी लेना है. इससे मोटापा को कम करने में मदद मिल सकती है.
2. दालचीनी-
किचन में मौजूद दालचीनी एक ऐसा मसाला है जिसे कई तरह की डिशेज में स्वाद को बढ़ाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है. दालचीनी के सेवन से वजन को कंट्रोल करने में मदद मिल सकती है. दालचीनी के पाउडर को आप अपने खाने में इस्तेमाल कर सकते हैं. मोटापा ही नहीं दालचीनी के सेवन से पाचनतंत्र संबंधी परेशानियां भी ठीक हो सकती हैं.
3. ग्रीन टी-
पेट की चर्बी को कम करने के लिए रोज कम से कम 1-2 कप ग्रीन टी का सेवन करें, इसे आप खाना खाने से पहले इस्तेमाल करें, ग्रीन टी को हेल्थ के लिए लाभदायक माना जाता है.
लाइफस्टाइल /शौर्यपथ /वजन घटाना आज के समय में बहुत से लोगों की जरूरत बन चुका है. खराब लाइफस्टाइल और अनहेल्दी खानपान की आदतों के कारण, मोटापा एक आम समस्या बन गया है. मोटापा घटाने के उपाय, वजन कम करने के तरीके और पेट की चर्बी घटाने के उपाय जैसे सवालों के जवाबों की तलाश अक्सर लोगों को होती है. ऐसे में खीरा एक ऐसा फूड है जो वजन घटाने में न केवल सहायक सिद्ध होता है बल्कि इसे डाइट में कई तरीकों से भी शामिल किया जा सकता है. खीरे का सेवन वजन घटाने और खासकर पेट की चर्बी कम करने में मददगार हो सकता है. खीरा पानी से भरा होता है और इसमें कैलोरी कम होती है, जो इसे वजन घटाने के लिए एक काफी फायदेमंद बनाता है.गर्मियों में वजन कम करने वाले फूड में खीरा एक प्रभावी तरीका हो सकता है. आपको बस इसका सेवन करने का तरीका पता होना चाहिए. यहां कुछ तरीके दिए गए हैं जिनसे आप खीरे का सेवन करके अपने पेट की चर्बी कम कर सकते हैं.
पेट कम करने के लिए ऐसे करें खीरे का सेवन |
1. खीरा डिटॉक्स वाटर
डिटॉक्स वाटर बनाने के लिए खीरे को पतले स्लाइस में काटें और उसे पानी में डालें. इसमें पुदीना, नींबू और अदरक जैसी अन्य सामग्री भी मिलाएं. इसे कुछ घंटों के लिए फ्रिज में रखें ताकि पानी सभी स्वादों को सोख ले. यह डिटॉक्स वाटर न केवल हाइड्रेशन बढ़ाता है बल्कि मेटाबॉलिज़्म को भी तेज कर सकता है.
2. खीरे का सलाद
खीरे को काटकर ताजे हरे पत्तों, टमाटर, प्याज और ऑलिव ऑयल के साथ मिलाएं. इसे नमक, काली मिर्च और नींबू के रस के साथ सीजन करें. यह सलाद न केवल स्वादिष्ट होता है बल्कि पेट भरने वाला भी होता है और कैलोरी में कम होता है.
3. खीरे की स्मूदी
खीरे को आधा काटकर, उसे केला, पालक और दही के साथ ब्लेंडर में डालें. थोड़ा पानी या नारियल पानी मिलाकर एक स्मूथी बनाएं. यह स्मूदी न केवल पोषक तत्वों से भरपूर होती है बल्कि यह आपके शरीर को हाइड्रेट भी करती है.
4. खीरे के स्नैक्स
खीरे के स्लाइस पर हमस या दही का डिप लगाकर एक स्वस्थ स्नैक बनाएं. यह स्नैक न केवल प्रोटीन से भरपूर होता है बल्कि इसे खाने से आपको लंबे समय तक भूख नहीं लगेगी.
5. खीरे का रायता
दही में खीरे के स्लाइस, जीरा पाउडर, काला नमक और हरा धनिया मिलाकर खीरे का रायता तैयार करें. यह न केवल आपके भोजन के स्वाद को बढ़ाता है बल्कि पाचन में भी मदद करता है.
इन तरीकों को अपनाने के साथ-साथ, नियमित व्यायाम और बैलेंस डाइट का सेवन भी जरूरी है. वजन घटाने के लिए किसी भी एक फूड पर निर्भर रहने के बजाय, एक हेल्दी लाइफस्टाइल और बैलेंस डाइट अपनानी चाहिए.
सेहत टिप्स /शौर्यपथ /फिटनेस के प्रति सजग या रिस्ट्रिक्टेड डाइट फॉलो करने वाले लोग आमतौर पर शुगर खाना छोड़ देते हैं. शुगर आपकी ऑलओवर हेल्थ को प्रभावित करती है. शुगर आपकी सबसे बड़ी दुश्मन नहीं है. बहुत ज्यादा शुगर के सेवन से आपका वजन बढ़ सकता है, तेजी से उम्र बढ़ सकती है और कई हेल्थ कंडिशन का खतरा बढ़ सकता है. आप एक दिन में कितनी शुगर खा सकते हैं? चीनी का सबसे अच्छा रूप क्या है? क्या परहेज करना चाहिए? चलिए जानते हैं...
बहुत ज्यादा शुगर के सेवन से होने वाले दुष्प्रभावों पर नजर डालें:
ज्यादा शुगर का सेवन करने से आपका वजन बढ़ सकता है.
बहुत ज्यादा शुगर के सेवन से हार्ट डिजीज होने का खतरा ज्यादा होता है.
हाई-शुगर डाइट मुंहासे, तेजी से उम्र बढ़ने और अन्य स्किन प्रोब्लम्स से भी जुड़ा हुआ है.
टाइप-2 डायबिटीज होने का आपका रिस्क भी बढ़ जाता है.
हाई शुगर वाले फूड्स भी आपके एनर्जी लेवल को खत्म कर सकते हैं.
आपको कितनी शुगर का सेवन करना चाहिए?
एक इंस्टाग्राम वीडियो में, पोषण विशेषज्ञ नमामी अग्रवाल ने शुगर का सेवन करने के बारे में कुछ सवालों के जवाब दिए.
उन्होंने पोस्ट में कहा, "अपने डेली शुगर सेवन पर नजर रखें, कुछ हेल्दी फूड्स में छिपी शुगर के प्रति सचेत रहें और फलों और डार्क चॉकलेट जैसे हेल्दी ऑप्शन्स बनाएं"
उन्होंने आगे कहा कि महिलाओं को सलाह दी जाती है कि वे अपनी डेली शुगर की मात्रा 25 ग्राम से ज्यादा न रखें. पुरुषों को अपनी डेली शुगर की खपत 38 ग्राम से कम रखनी चाहिए.
उन्होंने कहा, "ये सिफारिशें बहुत ज्यादा शुगर के सेवन से जुड़ी हेल्थ प्रोब्लम्स जैसे मोटापा और डायबिटीज रिस्क को कम करने में मदद करती हैं."
हाइड शुगर से बचना चाहिए:
चीनी सिर्फ आपके किचन में मौजूद व्हाइट शुगर या आपकी पसंदीदा मिठाई नहीं है. कई प्रोसेस्ड फूड्स, खासतौर से सॉस, ड्रेसिंग और ड्रिंक्स में छिपी हुई शुगर हो सकती है. सोडा और पैक्ड जूस में भी लिक्विड शुगर से भरी होती है.
सेहत टिप्स /शौर्यपथ / महिलाओं में अक्सर पीरियड्स को लेकर कई तरह की समस्याएं होती हैं. कुछ महिलाओं के पीरियड रेगुलर नहीं होते हैं तो कुछ इससे जुड़ी बाकी चीजों से परेशान होती हैं. यही वजह है कि महिलाएं इस बात को लेकर काफी कंफ्यूज रहती हैं कि उन्हें हेल्दी पीरियड्स हो रहे हैं या फिर नहीं. कई बार दो महिलाओं को तारीख का ध्यान रखना पड़ता है, और अगर डेट को लेकर कंफ्यूजन हो जाए तो सेहत से जुड़ी टेंशन बढ़ने लगती है. ऐसे में आपके पीरियड्स हेल्दी है या नहीं, कोई प्रॉब्लम तो नहीं है बात का पता आप पीरियड्स के दौरान होने वाले लक्षणों से लगा सकते हैं. डॉक्टर्स भी ऐसा ही करने की सलाह देते हैं.
साइकिल नहीं बदलना
हेल्दी पीरियड्स का मलतब ये है कि आपको हर महीने एक फिक्स डेट पर पीरियड हो रहे हैं, ये एक या दो दिन आगे पीछे जरूर हो सकते हैं. लेकिन अगर ऐसा है तो आपको घबराने की जरूरत नहीं है. आमतौर पर साइकिल 21 से 35 दिनों के बीच का होता है. इसमें आपको ब्लीडिंग 2 से सात दिन तक हो सकती है. हालांकि अगर ज्यादा दिन पीरियड रहते हैं तो एक बार डॉक्टर को दिखा लें.
एक जैसी ब्लीडिंग
अब आप एक दूसरे तरीके से भी अपने हेल्दी पीरियड्स का पता लगा सकती हैं. अगर हर महीने आपको एक जैसी ब्लीडिंग हो रही है तो आपके पीरियड्स हेल्दी हैं. हेल्दी पीरियड्स में ब्लीडिंग बहुत तेज नहीं होती है, अगर ऐसा है तो आप कन्सीव करने के लिए भी बिल्कुल फिट हैं.
हो सकता है हल्का दर्द
पीरियड्स शुरू होने से पहले महिलाओं के पेट में हल्का दर्द होना सामान्य बात है, ये एक ऐंठन की तरह होता है क्योंकि गर्भाशय बाहर निकलने के लिए सिकुड़ जाता है. आप इससे राहत पाने के लिए हीटिंग पैड का इस्तेमाल कर सकती हैं. अगर दर्द ज्यादा नहीं है तो आपके पीरियड्स सामान्य हैं.
पीरियड्स शुरू होने से पहले महिलाओं में कई तरह के और भी लक्षण देखे जाते हैं, जिनमें हार्मोनल इनबैलेंस जैसी चीजें शामिल होती हैं. इस दौरान मूड स्विंग्स और ब्रेस्ट में हल्की सूजन दिख सकती है और ये सब सामान्य है. हेल्दी पीरियड्स होने पर महिलाएं एनर्जेटिक फील भी करती हैं.
सेहत टिप्स /शौर्यपथ /मेनोपॉज मेंट्रुअल साइकिल के अंत का प्रतीक है. यह आमतौर पर 50 साल की उम्र के आसपास होता है. यह एक प्राकृतिक प्रक्रिया है जिसमें शारीरिक और भावनात्मक दोनों तरह के लक्षण हो सकते हैं. हर महिला मेनोपॉज के लक्षणों को अलग-अलग तरह से अनुभव करती है. कुछ को भारी बदलाव का अनुभव हो सकता है जबकि कुछ को कोई बदलाव नजर भी नहीं आएगा. इरेगुलर पीरियड्स, वेजाइनल ड्राईनेस, मूड में बदलाव,हॉट फ्लैशेस, वजन बढ़ना, खराब मटाबॉलिज्म और नींद की समस्याएं मेनोपॉज के कुछ सामान्य लक्षण हैं. हालांकि, कुछ उपायों से इन लक्षणों के प्रभाव को कम कर सकते हैं और महिलाओं को इस इंफेक्शन से आसानी से निपटने में मदद कर सकते हैं. कुछ पोषक तत्व लक्षणों को कम करने में बड़ी भूमिका निभाते हैं.
मेनोपॉज के लक्षणों को मैनेज करने के लिए जरूरी पोषक तत्व |
1. फोलेट
फोलेट आपकी हेल्थ को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है और मेनोपॉज के दौरान आपके शरीर में होने वाले बदलाओं से निपटने में आपकी मदद कर सकता है. फोलेट हॉट फ्लैशेस और मूड स्विंग जैसे लक्षणों को सुधारने में भी मदद कर सकता है.
2. विटामिन बी12
विटामिन बी12 की कमी आम है, खासकर शाकाहारियों में. विटामिन बी12 एनर्जी बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभाता है और हेल्दी नर्व्स फंक्शन का भी सपोर्ट करता है. इसलिए अगर आप मेनोपॉज के दौरान या उससे ठीक पहले बहुत ज्यादा थकावट महसूस कर रहे हैं, तो अपनी डाइट में विटामिन बी12 शामिल करने का प्रयास करें.
3. मैग्नीशियम
नींद मेनोपॉज का एक सामान्य लक्षण है. पर्याप्त मात्रा में मैग्नीशियम से भरपूर फूड्स शामिल करने से हेल्दी स्लीप साइकिल बनाने में मदद मिल सकती है. मैग्नीशियम डिप्रेशन और मूड में बदलाव से निपटने और हार्ट हेल्थ को बढ़ावा देने में भी मदद कर सकता है.
4. कैल्शियम
मेनोपॉज के बाद महिलाओं में ऑस्टियोपोरोसिस विकसित होने का खतरा ज्यादा होता है. इसलिए अपनी हड्डियों के स्वास्थ्य पर ध्यान देना बहुत जरूरी है. अपनी डाइट में पर्याप्त कैल्शियम से भरपूर फूड्स शामिल करें और अपनी हड्डियों को सपोर्ट करें.
5. विटामिन डी
विटामिन डी शरीर में कैल्शियम एब्जॉर्प्शन का सपोर्ट करके हड्डियों के स्वास्थ्य को भी बढ़ाता है. यह अवसाद के लक्षणों को कम करने में भी मदद करता है और मूड को बढ़ावा देता है.
आस्था /शौर्यपथ / सनातन धर्म में पूजा पाठ के दौरान कपूर का इस्तेमाल बहुत किया जाता है, कहते हैं कि घर में कपूर जलाने से घर की नकारात्मकता दूर होती है और घर में पॉजिटिविटी आती है. इतना ही नहीं कपूर के औषधीय महत्व भी होते हैं, जिसे जलाने से घर में कीटों का नाश होता है. अगर आप कपूर के साथ लौंग को घर में जलाएंगे तो इससे आपको चमत्कारी फायदे घर में देखने को मिलेंगे. तो चलिए हम आपको बताते हैं कि किस समय घर में कपूर और लौंग जलाना चाहिए और इसका महत्व क्या है.
इस समय करें लौंग और कपूर की आरती
मान्यताओं के अनुसार, सुबह के समय अगर पूजा के दौरान आरती करते समय आप कपूर के साथ लौंग डालकर आरती करते हैं, तो इससे कई शुभ फल मिलते हैं और इससे घर का वातावरण शुद्ध हो जाता है. इतना ही नहीं अगर शाम के समय भी आप लौंग डालकर कपूर से आरती करते हैं, तो इससे आरोग्य बल मिलता है और घर से दुख और बीमारियों का नाश होता है. लौंग और कपूर को हमेशा पूजा के बाद जलाना शुभ माना जाता है.
इस तरह से जलाएं लौंग और कपूर
शाम के समय एक कटोरी में थोड़ा सा कपूर का टुकड़ा डालिए. इसमें 7 से 8 कलियां लौंग की डालें, इसके धुएं को पूरे घर में फैला दीजिए. कहते हैं ऐसा करने से घर से रोग दूर होते हैं और अगर घर में किसी की तबीयत खराब है तो वह भी ठीक हो जाती है.
इतना ही नहीं अगर आपके घर में शिवलिंग है और आप लगातार 40 दिन तक लौंग अर्पित करेंगे, तो इससे सारे पाप खत्म हो जाएंगे, आपके बिगड़े काम बनने लगेंगे. आप चाहे तो पान के पत्ते में लौंग, इलायची और सुपारी लपेटकर गणेश जी को भी अर्पित कर सकते हैं.
अगर आप परेशानियों से जूझ रहे हैं, घर पर या कार्यक्षेत्र में कुछ भी काम सही नहीं हो रहा, तो इससे छुटकारा पाने के लिए मंगलवार को हनुमान मंदिर में पांच लौंग और कपूर को एक साथ जलाएं, इससे आपकी दिक्कतें जल्द खत्म होगी.
व्रत त्यौहार /शौर्यपथ / हर साल होलिका दहन से पहले नरसिंह द्वादशी मनाई जाती है. इसे नरसिंह जयंती के नाम से भी जाना जाता है. नरसिंह द्वादशी का विशेष धार्मिक महत्व है और इसकी कथा होलिका दहन से जुड़ी है. पौराणिक कथा के अनुसार राजा हिरण्यकश्यप एक पापी राजा था जिसने अपने पुत्र को मारने के लिए अपनी बहन होलिका से उसे अग्नि में बैठने के लिए कहा था. लेकिन, भगवान विष्णु की कृपा से प्रह्लाद बच गया और होलिका जलकर राख हो गई. इस घटना के साथ ही हिरण्यकश्यप के पापों का घड़ा भर गया और भगवान विष्णु ने नरसिंह अवतार लेकर हिरण्यकश्यप का वध किया था. जानिए इस साल किस दिन मनाई जाएगी नरसिंह द्वादशी और किस तरह किया जाएगा भगवान नरसिंह का पूजन.
2024 में कब है नरसिंह द्वादशी |
पंचांग के अनुसार, हर साल फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि पर भगवान विष्णु के नरसिंह अवतार की पूजा की जाती है. इस दिन भगवान नरसिंह खंबे को चीरकर बाहर निकले थे और उन्होंने दैत्यों के राजा हिरण्यकश्यप का वध किया था. इस साल फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि 21 मार्च की देररात 2 बजकर 22 मिनट पर शुरू होगी और इस तिथि का समापन अगले दिन 22 मार्च सुबह 4 बजकर 44 मिनट पर होगा. इस चलते 21 मार्च के ही दिन नरसिंह द्वादशी मनाई जाएगी.
नरसिंह द्वादशी का शुभ मुहूर्त सुबह 6 बजकर 24 मिनट से लेकर सुबह 7 बजकर 55 मिनट तक है और दूसरा मूहूर्त सुबह 10 बजकर 57 मिनट से दोपहर 12 बजकर 28 मिनट तक है.
इस तरह की जाती है पूजा
नरसिंह द्वादशी के दिन सुबह ब्रह्म मूहूर्त में उठकर निवृत होकर स्नान किया जाता है और स्वच्छ वस्त्र धारण किए जाते हैं. इसके बाद भगवान नरसिंह की तस्वीर को समक्ष रखकर व्रत का संकल्प लिया जाता है. भक्त पूजा के समय नरसिंह भगवान को अबीर, चंदन, पीले अक्षत, पीले पुष्प, गुलाल, दीप, नारियल, पंचमेवा और फल आदि अर्पित करते हैं. भगवान की पूजा करते हुए ॐ उग्रं वीरं महाविष्णुं ज्वलन्तं सर्वतोमुखम्। नृसिंहं भीषणं भद्रं मृत्यु मृत्युं नमाम्यहम्॥ मंत्र का जाप किया जाता है. इस मंत्र का 108 बार जाप करना अत्यधिक शुभ होता है. इसके बाद भक्त प्रह्लाद और भगवान नरसिंह की कथा पढ़ी जाती है और भगवान विष्णु की आरती गाकर पूजा का समापन होता है.
ब्यूटी टिप्स /शौर्यपथ /शरीर के बाकी अंगों की तरह स्किन का खास ध्यान भी रखना जरुरी होता है. अगर आप अपनी स्किन का खास ख्याल नहीं रखती हैं तो ये डल लगने लगती है. आपका चेहरा मुरझाया हुआ सा लगता है. इसलिए स्किन का ध्यान रखना भी जरुरी होता है. जब हम बाहर निकलते हैं तो धूल-मिट्टी, गंदगी हमारे चेहरे पर छिपक जाती है जिसकी वजह से स्किन से संबंधित कई समस्याएं भी होने लगती हैं. आपकी स्किन में कोलेजन का लेवल भी कम हो जाता है. त्वचा को हेल्दी और निखरा हुआ रखने के लिए कोलेजन का लेवल बढ़ा हुआ होना जरुरी होता है. ये रिंकल्स, फाइन लाइंस को कम करने में मदद करता है. कोलेजन के लेवल को बढ़ाने के लिए कई महंगी क्रीम्स आती हैं मगर हम आज आपको एक ऐसी क्रीम के बारे में बताते हैं जो आप घर में भी बना सकती हैं साथ ही इसे बनाने में बहुत ही कम खर्चा आएगा.
घर पर कोलेजन बूस्टिंग क्रीम बनाने के लिए आपको ज्यादा सामान की जरुरत नहीं है. इसके लिए आपको बस एलोवेरा जेल, बादाम का तेल, विटामिन ई ऑयल, शहद और कोलेजन पाउडर की जरुरत होगी.
ऐसे बनाएं क्रीम
कोलेजन बूस्टिंग क्रीम बनाना ज्यादा मुश्किल नहीं है. इसे बनाने में मुश्किल से 10 मिनट लगेंगे. इसे बनाने के लिए सबसे पहले एक कटोरी में थोड़ा सा नारियल का तेल और 1 चम्मच बादाम का तेल डालकर उसे गर्म कर लें.
अब इसे ठंडा करने के लिए रख दें. जब ये ठंडा हो जाए तो इसमें 2 चम्मच एलोवेरा जेल, 1 चम्मच विटामिन ई
ऑयल और 1 चम्मच शहद डालकर अच्छी तरह से मिक्स कर लें.
इस पेस्ट को कम से कम 1-2 मिनट तक मिक्स करें. उसके बाद 1 चम्मच कोलेजन पाउडर डालकर इसे दोबारा हिलाएं.
अब इसे एक एयर टाइट बॉक्स में डालकर फ्रिज में रख दें. आपकी क्रीम तैयार है.
ऐसे लगाएं क्रीम
इस क्रीम को लगाने का सही समय रात को सोने से पहले का है. जब आप सोने वाली हों उससे पहले चेहरे को अच्छे से साफ कर लें. उसके बाद चेहरे को सुखा लें. अब इस क्रीम को चेहरे पर लगाकर कम से कम 2-3 मिनट तक मसाज करें. इसका असर आपको कुछ ही दिनों में दिखने लगेगा.
ब्यूटी टिप्स /शौर्यपथ /त्वचा की अच्छी देखरेख स्किन केयर प्रोडक्ट्स के बजाय हेल्दी डाइट से होती है. खानपान अच्छा होता है तो त्वचा अंदरूनी रूप से स्वथ्य बनती है जिसका असर बाहर भी नजर आता है. शरीर को अच्छे पोषक तत्व मिलते हैं तो चेहरे पर भी निखार नजर आने लगता है. यहां कुछ ऐसे ही हेल्दी जूस का जिक्र किया जा रहा है जो त्वचा को गुलाबी निखार देने में असरदार होते हैं. इन जूस को पीने पर शरीर डिटॉक्स होने लगता है यानी शरीर में जमे गंदे टॉक्सिंस बाहर निकलने लगते हैं, शरीर को हाइड्रेशन मिलता है और शरीर अंदर से साफ होता है सो अलग. इन सभी चीजों से सेहत और स्किन को अनेक फायदे मिलते हैं. यहां जानिए इन किन हेल्दी जूस को पीने पर निखर जाती है त्वचा.
निखरी त्वचा के लिए जूस |
संतरे का जूस
विटामिन सी से भरपूर संतरे के जूस से सेहत और स्किन को कई फायदे मिलते हैं. इससे इंफ्लेमेशन दूर होती है, ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस कम होता है और स्किन डैमेज से बचती है सो अलग. ऐसे में रोजाना एंटी-ऑक्सीडेंट्स से भरपूर संतरे के जूस को पिया जा सकता है.
तरबूज का जूस
स्किन के लिए फायदेमंद जूस में तरबूज का जूस भी शामिल है. तरबूज का जूस स्किन को हाइड्रेटेड बनाए रखता है और और स्किन के टेक्सचर को अच्छा करता है. इससे स्किन बाउंसी और मुलायम भी बनी रहती है. तरबूज के जूस में विटामिन बी6, विटामिन बी1 और विटामिन सी के साथ ही लाइकोपीन भी होता है. इससे स्किन के एजिंग साइंस कम होते हैं, टिशू डैमेज दूर होता है और फ्री रेडिकल्स कम होने लगते हैं.
अनार का जूस
कहते हैं हर बीमारी का तोड़ होता है अनार का जूस. अनार के जूस को पीने पर गाल भी अनार की ही तरह लाल नजर आने लगते हैं यानी त्वचा खिल जाती है. अनार के जूस में पौटेशियम, फॉस्फोरस, मैग्नीशियम, कैल्शियम, विटामिन के, विटामिन सी और फोलेट की अच्छी मात्रा होती है. इस जूस को पीने पर स्किन की पिग्मेंटेशन भी कम होती है और धूप से हुए डैमेज से भी त्वचा बचती है.
अंगूर का जूस
अंगूर एंटी-ऑक्सीडेंट्स से भरपूर होते हैं. अंगूर का जूस पीने पर शरीर को विटामिन के, विटामिन सी, फोलेट, फॉस्फोरस, पौटेशियम और कैल्शियम की अच्छी मात्रा मिलती है. इस जूस के सेवन से स्किन निखरने लगती है और त्वचा पर चमक भी नजर आती है.
सेहत टिप्स /शौर्यपथ / फलों को सेहत के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है और केला उन्हीं फलों में से एक है. असल में केला एक ऐसा फल है जो आसानी से मार्केट में आपको मिल जाएगा. केला हर मौसम में मिलने वाले फलों में से एक है. केले को सेहत के लिए बेहद गुणकारी माना जाता है. रोजाना केले का सेवन करने से शरीर को कई लाभ मिल सकते हैं. आपको बता दें कि केले में फाइबर, पोटैशियम, कैल्शियम,सोडियम, आयरन और विटामिन सी जैसे कई जरूरी तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर को कई समस्याओं से बचाने में मदद कर सकते हैं. तो चलिए जानते हैं रोजाना केले का सेवन करने से मिलने वाले लाभ.
केला खाने के फायदे-
1. डायबिटीज-
केला फाइबर, स्टार्च, विटामिन, खनिज, फाइटोकेमिकल्स और एंटीऑक्सीडेंट सहित कई बायोएक्टिव कंपाउंड का अनूठा मिश्रण होता है, जो टाइप 2 डायबिटीज से लड़ने का काम कर सकता है.
2. इम्यूनिटी-
कमजोर इम्यूनिटी को मजबूत बनाने के लिए आप केले का सेवन कर सकते हैं. केले में विटामिन सी पाया जाता है, विटामिन सी इम्यूनिटी को मजबूत बनाने में मददगार माना जाता है.
3. कब्ज-
अगर आपको कब्ज की समस्या है तो आपके लिए केले का सेवन फायदेमंद हो सकता है. केले में रेसिस्टेंट स्टार्च पाया जाता है. केले को डाइट में शामिल कर कब्ज की समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है.
4. हड्डियों-
केले में मौजूद मैग्नीशियम और कैल्शियम हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद कर सकते हैं. केले और दूध का रोजाना सेवन करने से कमजोर हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद मिल सकती है.
5. स्ट्रेस-
स्ट्रेस की समस्या से हैं परेशान तो केले का सेवन आपके लिए हो सकता है फायदेमंद. केले में पोटैशियम और विटामिन बी पाया जाता है, जो ब्लड प्रेशर को नियंत्रित कर तनाव से राहत दिलाने में मदद कर सकता है.
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
