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आस्था /शौर्यपथ /भगवान भोलेनाथ को समर्पित महाशिवरात्रि का पावन त्योहार इस बार 8 मार्च 2024, शुक्रवार के दिन मनाया जाएगा. इस दिन भगवान भोलेनाथऔर माता पार्वती का विधिवत विवाह कराया जाता है. इतना ही नहीं भगवान शिव के जयकारे लगाए जाते हैं, मंदिरों में रुद्राभिषेक किया जाता है. शिवलिंग पर भांग, धतूरा, बेलपत्र चढ़ाया जाता है. ऐसे में अगर शिवरात्रि के मौके पर आप अपने घर का माहौल भी भक्तिमय करना चाहते हैं, तो इस दिन भगवान शिव के ये 10 भजन सुनकर अपने मन को प्रसन्न कर सकते हैं.
महाशिवरात्रि के दिन भोले बाबा पर इस तरह करें बेलपत्र अर्पित, पूरी होगी मनोकामना और मिलेगा लाभ
टॉप 10 शिव भजन
1. ओम नमः शिवाय का जाप करो भाई- अजय जी
2. हे शिव शंकर- पंडित संजीव अभ्यंकर
3. बम बम भोले- अनुराधा पौडवाल
4. ओ मन मेरे शिव शिव जप लें- मनोज के
5. चलो भोले भंडारी- विनोद राठौड़
6. शिव शंकर को जिसने पूजा उसका बेड़ा पार हुआ- गुलशन कुमार
7. सुबह-सुबह ले शिव का नाम शिव आएंगे तेरे काम- गुलशन कुमार
8. शिव अमृतवाणी
9. सांसों की माला पे सिमरु में शिव का नाम
10. तेरे डमरू की धुन सुनके मैं काशी नगरी आई हूं- सपना विश्वकर्मा
ऐसे करें भगवान शिव की पूजा
महा शिवरात्रि के मौके पर भगवान शिव की पूजा अर्चना करने के लिए सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर सबसे पहले स्नान करें, अगर आप व्रत कर रहे हैं तो व्रत का संकल्प लें. शिवलिंग पर एक लोटा जल या दूध चढ़ाएं. इसके साथ ही आप शिवलिंग पर शहद, चीनी, दही और गंगाजल चढ़ाकर अभिषेक भी कर सकते हैं, चाहे तो रुद्राभिषेक भी कर सकते हैं. इस दौरान ओम नमः शिवाय का जाप करें, भगवान शिव को दूध से बने भोग अर्पित करें. शिवलिंग पर भांग, धतूरा, बेलपत्र चढ़ाएं और अपनी मनोकामना शिव जी के समक्ष रखें. कहते हैं सच्चे मन से महाशिवरात्रि पर पूजा अर्चना करने से भगवान शिव अपने जातकों को सुख समृद्धि का आशीर्वाद देते हैं.
सेहत टिप्स /शौर्यपथ / हेल्दी रहने और इम्यून सिस्टम को मजबूत रखने के लिए हेल्थ एक्सपर्ट ड्राई फ्रूट्स खाने की सलाह देते हैं. लेकिन काजू-बादाम जैसे हाई न्यूट्रिशनल वैल्यू वाले मेवे की कीमत ज्यादा होती है जिसे हर कोई खरीदकर नहीं खा सकता है. ऐसे में हम आपको यहां पर एक ऐसे मेवे का विकल्प दे रहे हैं, जो सस्ता होने के साथ पोषक तत्वों से भरपूर है. इससे आपको अनगिनत फायदे मिल सकते हैं, तो आइए जानते हैं.
मुनक्का खाने के फायदे
- मुनक्के में एंटीबैक्टीरियल गुण, बीटा कैरोटीन, कैलशियम, पोटैशियम, मैग्निशियम समेत कई पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो हमारे शरीर के लिए जरूरी होते हैं.
- मुनक्का और अंजीर साथ में खाते हैं, तो फिर आपके शरीर में खून की कमी कभी नहीं होगी. एनीमिया रोगियों को तो खासतौर से इन दोनों सूखे मेवों को खाना चाहिए.
- इसमें कैल्शियमकी मात्रा ज्यादा होती है जिसको खाने से आपकी हड्डियां मजबूत होती हैं. इससे गठिया बीमारी में भी आराम मिलता है. ग्लोइंग स्किन के लिए भी यह अच्छा होता है.
- वहीं, जो लोग वेटलॉस करना चाहते हैं, उनके लिए मुनक्का बेस्ट है. इसको भिगोकर खाने से तेजी से आपका वजन घट सकता है. आज से ही आप इसे डाइट का हिस्सा बनाइए. बालों के लिए भी मुनक्का बहुत अच्छा होता है. इससे आपका ब्लड प्रेशर भी कंट्रोल रहता है.
शौर्यपथ / भारत की राजधानी दिल्ली न केवल एक राजनीतिक और सांस्कृतिक केंद्र है, बल्कि आध्यात्मिकता का भी खजाना है. यह शहर कई मंदिरों से सुशोभित है, जो देश की समृद्ध धार्मिक विविधता और सांस्कृतिक विरासत के प्रमाण के रूप में खड़े हैं. आपको इन मंदिरों में प्राचीन से लेकर आधुनिक वास्तुकला देखने को मिलेगी. ऐसे में आपको यहां दिल्ली के 7 खूबसूरत और प्रसिद्ध मंदिरों के बारे में बताने जा रहे हैं, जो शहर के आध्यात्मिक ताने-बाने की झलक पेश करते हैं. इस बार ताज महोत्सव की क्या है थीम और क्यों मनाया जाता है यह फेस्टिवल, जानिए सबकुछ यहां
दिल्ली के फेमस मंदिर
अक्षरधाम मंदिर -
अक्षरधाम मंदिर की वास्तुकला देखने ना सिर्फ देश से बल्कि विदेशों से भी टूरिस्टों का मेला लगता है. यह मंदिर यमुना नदी के किनारे स्थित है. इस मंदिर तक पहुंचने के लिए निकटतम मेट्रो स्टेशन अक्षरधाम है.
लोटस टेंपल -
यह मंदिर अपनी कमल के आकार की संरचना के कारण लोगों के बीच बहुत फेमस है. यह मंदिर ध्यान और चिंतन का स्थान है. यह हर धर्म के लोगों को आकर्षित करता है. दक्षिण दिल्ली में स्थित इस मंदिर तक पहुंचने का सबसे नजदीकी मेट्रो स्टेशन कालकाजी है.
इस्कॉन मंदिर -
इस्कॉन मंदिर भक्ति और आध्यात्मिकता का जीवंत केंद्र है. भगवान कृष्ण को समर्पित, यह मंदिर सांस्कृतिक कार्यक्रमों, व्याख्यानों और आध्यात्मिक प्रवचनों की भी मेजबानी करता है, जो एकता और भक्ति की भावना बढ़ावा देता है. यह मंदिर दक्षिण दिल्ली के हरे कृष्णा हिल्स में स्थित है. यहां पहुंचने के लिए निकटतम मेट्रो स्टेशन नेहरू प्लेस है.
छतरपुर मंदिर -
छतरपुर मंदिर अपने आध्यात्मिक महत्व और विस्मयकारी वास्तुकला के लिए प्रसिद्ध है. देवी कात्यायनी को समर्पित, यह भारत का दूसरा सबसे बड़ा मंदिर परिसर है. इसकी आश्चर्यजनक संगमरमर वास्तुकला और शांत वातावरण लोगों को बहुत आकर्षित करता है. यह मंदिर छतरपुर मेट्रो स्टेशन के करीब है.
बिड़ला मंदिर -
बिड़ला मंदिर, जिसे लक्ष्मी नारायण मंदिर के नाम से भी जाना जाता है, भारतीय संस्कृति, कला और आध्यात्मिकता को समर्पित है. सफेद संगमरमर से निर्मित यह मंदिर भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी को समर्पित है. इसकी नक्काशी और आध्यात्मिक आभा भक्तों और पर्यटकों को समान रूप से आकर्षित करती है. यह मंदिर कनॉट प्लेस के पास स्थित है, इसका नियरेस्ट मेट्रो स्टेशन आर.के.आश्रम है.
प्राचीन हनुमान मंदिर -
प्राचीन हनुमान मंदिर बजरंगबली भक्तों के लिए एक पूजनीय स्थल है. यह प्राचीन मंदिर पांडवों द्वारा स्थापित पांच मंदिरों में से एक माना जाता है.
कालकाजी मंदिर -
कालकाजी मंदिर, देवी काली को समर्पित एक पवित्र मंदिर. नवरात्रि के दौरान यहां पर उत्सव का महौल होता है. यह मंदिर दक्षिण दिल्ली में स्थित है, जहां नेहरू प्लेस मेट्रो स्टेशन के माध्यम से पहुंचा जा सकता है.
खाना खजाना /शौर्यपथ /भारतीय व्यंजनों में तेज पत्ता एक आम मसाला है, जो औषधीय गुणों से भी भरपूर होता है. इसी तेज पत्ते के पानी को सुबह खाली पेट पीने के कई चमत्कारी फायदे होते हैं. तेज पत्ते का पानी पीने से जहां एक तरफ डाइजेशन सुधरता है वहीं आप ब्लड शुगर को कंट्रोल भी कर सकते हैं. यानी जो तेज पत्ता स्वाद का तड़का लगाता है, उसकी मदद से आप सेहतमंद भी बने रह सकते हैं. तो आइए, जानते हैं खाली पेट तेज पत्ते का पानी पीने के छह फायदे.
खाली पेट तेजपत्ता का पानी पीने के फायदे
पाचन में सुधार : तेज पत्ते का पानी अपने प्राकृतिक तत्वों, जैसे आवश्यक तेलों और एंजाइमों के कारण पाचन स्वास्थ्य में सुधार लाने में मदद करता है. माना जाता है कि यह अपच, पेट फूलना और गैस जैसी पाचन संबंधी समस्याओं को कम करके पाचन तंत्र को आराम पहुंचाता है.
ब्लड शुगर कंट्रोल करने में मदद: खाली पेट तेज पत्ते का पानी पीना ब्लड शुगर के लेवल को स्थिर करने और इंसुलिन की संवेदनशीलता को बढ़ाने में मदद करता है. यह डायबिटीज से पीड़ित लोगों या जिन्हें डायबिटीज होने का खतरा है, उनके लिए फायदेमंद है.
सूजन में देता है आराम : तेज पत्ते में सिनेओल और यूजेनॉल जैसे फाइटोन्यूट्रिएंट्स पाए जाते हैं, जिनमें सूजन-रोधी गुण होते हैं. खाली पेट तेज पत्ते का पानी पीने से शरीर में सूजन को कम करने में मदद मिलती है. ऐसे में पुरानी बीमारियों ंंमें सुधार के लिए भी तेजपत्ते का पानी पिया जा सकता है.
एंटीऑक्सिडेंट गुण : तेज पत्ते विटामिन सी और विटामिन ए सहित एंटीऑक्सिडेंट से भरपूर होते हैं. ये एंटीऑक्सिडेंट शरीर में हानिकारक फ्री रेडिकल्स को बेअसर करने में मदद करते हैं, कोशिकाओं को नुकसान से बचाते हैं, हृदय रोग और कैंसर जैसी बीमारियों के खतरे को कम करते हैं. ये भी पढ़ें : शहद और काली मिर्च मिलाकर खाने से होता है जादू, यहां जानें फायदे
तनाव और चिंता से मुक्ति: तेज पत्ते का पानी तनाव और चिंता को कम करने के लिए जाना जाता है. अरोमा थेरेपी में इसका इस्तेमाल होता है. इसकी सुगंध मन को शांत करती है और शरीर को आराम देती है. आप भी तनाव का सामना कर रहे हैं तो इस पानी का सेवन कर सकते हैं.
सेहत टिप्स /शौर्यपथ / अक्सर लोग खुद को फिट रखने और स्वस्थ रखने के लिए तमाम तरह के नुस्खे आजमाते हैं, कुछ लोग इसके लिए महंगी दवाओं का भी इस्तेमाल करते हैं. हालांकि फायदा काफी कम लोगों को ही मिल पाता है. ऐसे में हम उन तरीकों का इस्तेमाल कर सकते हैं, जो कई सालों से चले आ रहे हैं. आज हम आपको शहद और काली मिर्च के फायदों के बारे में बता रहे हैं. शहद के साथ अगर आप काली मिर्च खाते हैं तो ये आपको कई तरह के फायदे देगा और आपको फिट रखने में भी मदद करेगा.
शहद के साथ काली मिर्च के फायदे
इम्यूनिटी होगी स्ट्रांग
शहद को एंटीऑक्सीडेंट्स और एंटीबैक्टीरियल गुणों के लिए जाना जाता है. कई लोग रोजाना एक चम्मच शहद का सेवन करते हैं, जो उनकी इम्यूनिटी को भी बूस्ट करता है और उन्हें फिट रखने में भी मदद करता है. अब इसी शहद के साथ अगर आप काली मिर्च को मिला दें तो इसके फायदे दोगुने हो जाते हैं.
गले की खराश होगी दूर
अगर आपका गले में अक्सर खराब रहता है और खराश की दिक्कत रहती है तो ये आपके लिए सबसे बेहतर इलाज हो सकता है. आप रोजाना शहद में काली मिर्च मिलाकर खा सकते हैं. इससे आपके गले की हर समस्या दूर हो जाएगी. वहीं अगर आपके शरीर में किसी भी तरह की सूजन की दिक्कत है तो भी आप शहद के साथ काली मिर्च का सेवन कर सकते हैं. इससे शरीर की सूजन कम होने में मदद मिलती है.
स्ट्रेस से भी मिलेगा छुटकारा
आजकल की इस भागदौड़ भरी जिंदगी में स्ट्रेस और डिप्रेशन की समस्या आम हो गई है, इससे छुटकारा पाने के लोग तमाम तरह के उपाय करते हैं. आप रोजाना शहद और काली मिर्च खाकर इस समस्या को दूर कर सकते हैं. काली मिर्च में ऐसे गुण पाए जाते हैं, जो आपकी स्ट्रेस को कम करने में मदद करते हैं.
डाइजेशन में सुधार
अगर आपकी पाचन शक्ति कमजोर है तो भी आप शहद और काली मिर्च खा सकते हैं. वहीं अगर आप वजन बढ़ने की समस्या से परेशान हैं तो गर्म पानी के साथ शहद और काली मिर्च लेने से आप वजन पर भी कंट्रोल रख सकते हैं. इससे वजन कम करने में मदद मिलती है. इतना ही नहीं ये आपकी इम्यूनिटी को भी बूस्ट करेगा और डायबिटीज को भी कंट्रोल रखने में मदद करेगा.
सेहत टिप्स /शौर्यपथ / अगर आप थोड़ा भी अपनी सेहत को लेकर सजग हैं तो आपको ये जरूर पता होगा कि सुबह भिगोए हुए ड्राई फ्रूट्स का सेवन करना कितना फायदेमंद होता है. डॉक्टर और हेल्थ एक्सपर्ट्स भी रोज सुबह खाली पेट भीगे हुए नट्स खाने की सलाह देते हैं. हालांकि सुबह किस तरह की डाइट लेनी चाहिए यह एक बहुत बड़ा सवाल है. खासकर सुबह के वक्त हमारे शरीर की जरूरतों को ध्यान में रखकर डाइट को चुनना जरूरी है. ड्राई फ्रूट्स खाली पेट खाना बहुत हेल्दी और पौष्टिक माने जाते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि कुछ लोगों को सुबह ड्राई फ्रूट्स का सेवन नहीं करना चाहिए.
इन लोगों को नहीं करना चाहिए सुबह ड्राई फूड्स का सेवन:
1. पेट के रोगी
जिन लोगों को पेट संबंधी समस्याएं होती हैं जैसे कि एसिडिटी, पेट में गैस या पेट दर्द, उन्हें ड्राई फ्रूट्स का सेवन करने से बचना चाहिए. इनमें हाई फाइबर होता है जो पेट पर दबाव डाल सकते हैं.
2. डायबिटीज
डायबिटीज के मरीजों को भी खाली पेट ड्राई फ्रूट्स का सेवन करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए. इन ड्राई फ्रूट्स में शुगर की मात्रा होती है, जो डायबिटीज के मरीज के शुगर लेवल को बढ़ा सकती है.
3. एलर्जी
कुछ लोगों को नट्स और ड्राई फ्रूट्स से एलर्जी होती है. ऐसे लोगों को अपने खाने को अच्छे से सोच-समझकर इन्हें चुनना चाहिए और अपने डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए.
4. वजन बढ़ाने की कठिनाई
जिन लोगों को वजन बढ़ाने की समस्या होती है, उन्हें ड्राई फ्रूट्स के सेवन से परहेज करना चाहिए. इनमें हाई कैलोरी होती है जो उनके वजन बढ़ाने की कोशिश को रिस्ट्रिक्ट कर सकती है.
5. कमजोर पाचन
ड्राई फ्रूट्स में विटामिन्स, मिनरल्स और पोषक तत्वों की अच्छी मात्रा होती है, लेकिन इनमें काफी मात्रा में तेल भी होता है. इसलिए सुबह के समय ड्राई फ्रूट्स खाने से भोजन को पचाने में समस्या हो सकती है, क्योंकि इसमें बहुत ज्यादा मात्रा में तेल होने से पाचन तंत्र प्रभावित हो सकता है.
ड्राई फ्रूट्स की बजाय सुबह के समय फलों का सेवन करना बेहतर होता है. ये ताजगी और पोषण से भरपूर होते हैं और पाचन क्रिया को बढ़ावा देते हैं.
आस्था /शौर्यपथ /हिंदू धर्म में महाशिवरात्रि का बहुत महत्व है. इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा अर्चना की जाती है. वैसे तो हर माह में मासिक शिवरात्रि मनाई जाती है, लेकिन फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि का आने वाली महाशिवरात्रि विशेष है इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह का दिन माना जाता है. कुछ चीजें भगवान शिव को विशेष प्रिय हैं और महाशिवरात्रि के पहले उनकी प्रिय चीजों के दर्शन को अति शुभ माना जाता है. आइए जानते हैं कौन सी ऐसी चीजें हैं जिनका महाशिवरात्रि से पहले दर्शन होना अति शुभ माना गया है.
पांच पत्तों वाल बेलपत्र
भगवान शिव को बेलपत्र अत्यंत प्रिय है और उनकी पूजा में तीन पत्तियों वाला बेलपत्र जरूर चढ़ाया जाता है. लेकिन अगर आपकों पांच पत्तों वाला बेलपत्र मिल जाए तो यह आपके भाग्य के खुलने का संकेत हो सकता है. पांच पत्तों वाला बेलपत्र दुर्लभ होता है.
रुद्राक्ष
भगवान शिव को रुद्राक्ष भी अत्यंत प्रिय होते हैं. महाशिवरात्रि के पहले रूद्राक्ष मिलना भी अत्यंत शुभ संकेत है. इसे अपनी तिजोरी में रख देना चाहिए. इससे धन संपत्ति की तंगी हमेशा के लिए दूर हो सकती है.
सांप नजर आना
महाशिवरात्रि के पहले सांप का नजर आना भी बहुत शुभ संकेत देने वाला होता है. महाशिवरात्रि के पहले भगवान शिव के प्रिय नाग का दर्शन आपके भाग्य के खुलने का संकेत हो सकता है.
व्रत त्यौहार /शौर्यपथ / इस साल महाशिवरात्रि का पर्व 8 मार्च को है. इस दिन शिव भक्त उपवास रखेंगे साथ ही पूजा अर्चना करेंगे. इस दिन भक्त भोलेबाबा को प्रसन्न करने के लिए कई तरह के उपाय करते हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस तिथि में ही भगवान शंकर और देवी पार्वती का विवाह हुआ था. ऐसे में महाशिवरात्रि के दिन कुंआरी लड़कियां शिव जी जैसे वर की प्राप्ति के लिए उपवास भी रखती हैं. इसके अलावा महाशिवरात्रि के दिन रुद्राक्ष धारण भी करते हैं लोग. लेकिन इसको पहनते समय अनजाने में कुछ गलतियां कर बैठते हैं जिसके बारे में इस आर्टिकल में बताने वाले हैं, तो आइए जानते हैं.
रुद्राक्ष धारण करते समय किन बातों का रखें ख्याल
1- रुद्राक्ष को भगवान शिव का अंश माना गया है. इसको धारण करने का शुभ समय अमावस्या, पूर्णिमा, महाशिवरात्रि और सावन का सोमवार माना जाता है.
2- आप अगर नियमपूर्वक इसको धारण करते हैं तो फिर इसका शुभ फल प्राप्त होता है. रुद्राक्ष को गले और कलाई में धारण करना अच्छा माना जाता है. आपको बता दें कि रुद्राक्ष को दूध और सरसों के तेल में अच्छी तरह साफ करना चाहिए.
महाशिवरात्रि के पहले अगर आपको दिख जाएं ये चीजे तो समझ लीजिए भाग्योदय होने के हैं संकेत
3- इसको धारण करते समय अमोघ मंत्र का जाप करना चाहिए.अगर आप रुद्राक्ष हाथ में धारण कर रहे हैं, तो काले धागे में नहीं पहनना चाहिए.
4- वहीं, रुद्राक्ष कभी शमशान घाट पर पहनकर नहीं जाना चाहिए. इसके अलावा घर में नवजात के जन्म के दौरान भी इसको धारण करने से बचना चाहिए. वहीं, समय-समय पर रुद्राक्ष को गंगाजल से साफ करना चाहिए. इससे उसकी शुद्धता बनी रहती है.
सेहत टिप्स /शौर्यपथ / विटामिन बी12 यानी कोबलामिन शरीर के लिए एक जरूरी विटामिन है. इस विटामिन की कमी शरीर को एक नहीं बल्कि कई तरह से प्रभावित करती है. विटामिन बी12 शरीर की सेल्स में एनर्जी पैदा करता है. इस विटामिन की जरूरत शरीर को रेड ब्लड सेल्स बनाने, अनीमिया को दूर रखने, हड्डियों की सेहत दुरुस्त रखने, मूड अच्छा रखने, अवसाद को दूर रखने, आंखों की दिक्कतें दूर रखने और नाखून, स्किन और बालों की सेहत अच्छी रखने के लिए होती है. ऐसे में कहते हैं कि इस विटामिन की कमी होने पर शरीर अंदरूनी रूप से खोखला होने लगता है. यहां जानिए किस तरह विटामिन बी12 की कमी पूरी हो सकती है. यहां ऐसे कुछ फूड्स का जिक्र किया जा रहा है जो विटामिन बी12 से भरपूर होते हैं और शरीर को विटामिन बी12 की कमी से बचाते हैं.
विटामिन बी12 से भरपूर फूड्स |
शरीर में विटामिन बी12 की कमी होने पर मसल्स में दर्द रहना शुरू हो जाता है. हाथ-पैरों में झनझनाहट महसूस होती है और हाथ-पैर कभी भी सुन्न पड़ने लगते हैं. जी मितलाना महसूस होता है, दस्त लग जाते हैं, इरिटेशन होती है, जीभ मुलायम नजर आने लगती है, ऊर्जा कम महसूस होती है और कमजोरी हो जाती है. ऐसे में कुछ फूड्स इस विटामिन की कमी को दूर करने में अच्छा असर दिखाते हैं.
दूध और दुग्ध पदार्थ
विटामिन बी12 की कमी पूरी करने के लिए दूध, चीज, दही और दूध से बनने वाली अन्य चीजों को खाया-पिया जा सकता है. लगभग एक कप या 240ml दूध में 2.6 mg तक विटामिन बी12 होता है.
फलों में विटामिन बी12
डाइट में उन फलों को शामिल किया जा सकता है जिनमें विटामिन बी12 की अच्छी मात्रा होती है. इन फलों में केले, ब्लूबेरीज, ब्लैकबेरीज, संतरे, कीवी, अमरूद और अनार शामिल हैं.
अंडे
अंडे विटामिन बी12 से भरपूर होते हैं. अगर 2 बड़े अंडे भी एकसाथ खाए जाएं तो दिनभर की जरूरत का 46 फीसदी विटामिन बी12 शरीर को मिल जाता है. अंडे के पीले भाग में विटामिन बी12 की अधिक मात्रा होती है.
मछली
ओमेगा-3 फैटी एसिड्स से भरपूर मछली में विटामिन बी12 की भी भरपूर मात्रा होती है. मछली को खानपान का हिस्सा बनाने पर शरीर को अच्छी मात्रा में विटामिन बी12 मिलता है.
चिकन
डाइट में चिकन शामिल करने पर भी विटामिन बी12 की अच्छी मात्रा शरीर को मिल जाती है. चिकन का सेवन हड्डियों की मजबूती बनाए रखने में भी कारगर है और इससे शरीर को प्रोटीन की भी अच्छी मात्रा मिल जाती है.
पालक
प्लांट बेस्ड डाइट में पालक को शामिल किया जा सकता है. पालक विटामिन बी12 का अच्छा स्त्रोत है और इसे खाने पर शरीर को इस विटामिन की भरपूर मात्रा मिल जाती है.
व्रत त्यौहार /शौर्यपथ /फाल्गुन मास में होली का पर्व मनाया जाता है. होली साल के सबसे बड़े त्योहारों में से एक है. यह दो दिन का त्योहार है जिसमें पहले दिन होलिका दहन जलाई जाती है तो दूसरे दिन रंगों वाली होली खेलते हैं. इन दोनों ही दिनों का अपना महत्व होता है. हालांकि, हर साल की ही तरह इस साल भी लोगों में होली की सही तिथि को लेकर कंफ्यूजन देखने को मिल रहा है. ऐसे में यहां जानिए इस साल 24 या फिर 25 मार्च कब मनाया जाएगा होली का त्योहार और किस दिन होलिका दहन जलाई जाएगी.
होली 2024 की तिथि |
पंचांग के अनुसार, इस साल फाल्गुन मास की पूर्णिमा तिथि की शुरूआत 24 मार्च, की सुबह 9 बजकर 54 मिनट से हो जाएगी और इस तिथि का समापन अगले दिन दोपहर 12 बजकर 29 मिनट पर होगा. इस चलते होलिका दहन 24 मार्च, रविवार के दिन किया जाएगा. होलिका दहन का शुभ मुहूर्त देररात 11 बजकर 13 मिनट से शुरू होगा और 12 बजकर 27 मिनट तक रहेगा. यानी पूरे 1 घंटे और 14 मिनट तक होलिका जलाई जा सकेगी और होलिका दहन की पूजा संपन्न की जाएगी.
होलिका दहन 24 मार्च के दिन है इस चलते होली 25 मार्च, सोमवार के दिन खेली जाएगी. रंगों वाली होली की देशभर में धूम देखने को मिलती है. कहते हैं इस दिन पराए भी अपने हो जाते हैं और दुश्मन भी एकदूसरे को गले लगाकर होली की बधाई देते हैं.
होलिका दहन की पूजा
होलिका दहन करने के लिए हफ्ताभर पहले से ही गली के चौक पर या किसी मैदान में लकड़ियां, कंडे और झाड़ियां इकट्ठी करके होलिका तैयार की जाती है. इस लकड़ियों के ढेर को होलिका के रूप में होलिका दहन के दिन जलाया जाता है. होलिका का पूजन करने के लिए गाय के गोबर से होलिका और प्रह्लाद की प्रतिमाएं भी बनाई जाती हैं. पूजा सामग्री में रोली, फूल, कच्चा सूत, फूलों की माला, साबुत हल्दी, मूंग, गुलाल, नारियल, बताशे और 5 से 7 तरह के अनाज का इस्तेमाल होता है. इसके बाद विधि-विधान से होलिका की परिक्रमा की जाती है और होलिका दहन होता है.
ब्यूटी टिप्स /शौर्यपथ / अगर आपके बाल बहुत ज्यादा पतले हैं और आप उन्हें काले घने और मोटे करना चाहती हैं तो फिर आपको हम यहां पर कुछ ऐसे टिप्स बताने वाले हैं, जिससे आपके बाल की कायापलट हो सकती है. असल में हम आपको यहां पर कुछ गलतियों के बारे में बताने वाले हैं, जो हम हेयरवॉश करते समय कर बैठते हैं. जिसके कारण बाल की क्वालिटी खराब हो जाती है. तो बिना देर किए आइए जानते हैं.
बाल लंबे काले घने कैसे करें
- अगर आप अपने बालों को काला-घना रखना चाहती हैं, तो फिर आप केमिकल प्रोडक्ट के इस्तेमाल से बचें. यह बालों की चमक को कम कर देते हैं. इससे बाल डैमेज होते हैं.
- इसके अलावा आप बालों की ऑयलिंग करना न भूलें. स्कैल्प मसाज करने से ब्लड सर्कुलेशन अच्छा होता है. इससे बालों में वॉल्यूम बढ़ता है.
- वहीं, हेयरवॉश करने के बाद कंडीशनर जरूर लगाएं. इससे हेयर वॉल्यूम इंक्रीज होता है.इससे बालों का शाइन भी बढ़ेगा.
- इसके अलावा बालों को ज्यादा हेयरवॉश करने से बचें. इससे बालों की नमी गायब हो सकती है. ऐसे में इस बात का ख्याल रखें.
यह तरीका भी अपनाएं
आप आंवले का जूस पी सकते हैं या फिर इसके पाउडर का पेस्ट बनाकर बालों में अप्लाई कर सकते हैं. आप मेहंदी में भी इस पाउडर को मिक्स करके बाल को काला कर सकते हैं.
आंवले के पोषक तत्व
इसका जूस को पीने से आंखों की रोशनी मजबूत होती है. इसमें विटामिन ए , बी , सी और ई होता है, जो आंखकी सेहत के लिए अच्छा माना जाता है. जिन आई साइट वीक है उन्हें तो इसको जरूर पीना चाहिए. यह आपके ब्लड शुगर को भी कंट्रोल करता है. इससे हाई ब्लड प्रेशर को भी कंट्रोल किया जा सकता है. आंवले का जूस आपके चेहरे की सूजन को भी कम करता है. यह जूस आपके लिए एनर्जी बूस्टर की तरह काम करता है.
टिप्स ट्रिक्स /शौर्यपथ / गर्मी के मौसम में पपीता, खरबूज, लिची, तरबूज जैसे फलों का सेवन लोग खूब करते हैं. इन सारे फलों में पानी की मात्रा ज्यादा होती है. जिसके कारण इसको लोग ज्यादा खाते हैं क्योंकि इससे शरीर आसानी से हाइड्रेट रहती है. लेकिन हम इन फलों के छिलकों फेंक देते हैं जबकि इसके फल के साथ छिलके भी घर के कई काम आ सकते हैं. इस आर्टिकल में हम आपको वॉटरमिलन के छिलके को आप किस तरीके से इस्तेमाल कर सकते हैं उसके बारे में बताने वाले हैं. तो आइए बिना देर किए जानते हैं.
वॉटरमिलन के छिलके कैसे करें यूज
टाइल्स के दाग हटाए
तरबूज के छिलकों में एंटीऑक्सीडेंट्स गुण पाए जाते हैं. इसके लिए आप तरबूज के छिलकों को पीसकर पेस्ट बना लीजिए. अब इसमें एक चम्मच बर्तन धोने वाला लिक्विड मिक्स करिए. अब आप जहां दाग लगा है, वहां पर इस पेस्ट को लगा दीजिए और कुछ देर बाद पानी से क्लीन कर लीजिए. इससे फर्स एकबार में चमक जाएगा.
चिकनाई करे कम
वहीं, किचन में रखे डिब्बे पर धूल मिट्टी की गंदगी जमा हो जाती है. कई बार चिकनाहट भी देखी जाती है. ऐसे में आप पपीते के छिलके को पीसकर पेस्ट बनाइए और डिब्बे पर पेस्ट लगा लीजिए और फिर कपड़े से रगड़कर साफ कर दीजिए. इससे सारी चिकनाई दूर हो जाएगी. इससे बोतल बिना धोए चमक सकते हैं.
पौधों को करे हरा भरा
वहीं, आप इसका इस्तेमाल पौधों की पत्तियों को हरा भरा रखने के लिए भी कर सकते हैं. बस आपको एक गहरे बर्तन में पानी के छिलके को डूबोकर रख दीजिए. अब आप इसे 3 दिन के लिए अच्छे से ढककर छोड़ दीजिए. तीन दिनों के दौरान आप हर दिन एक बार पानी को ठंडे से मिला लेना है. अब आपको इस पानी को बोतल में भरकर रखना है पौधों पर स्प्रे करना है. इससे पौधे ताजे और हरे भरे रहते हैं.
रसोई टिप्स /शौर्यपथ / जब आप किचन में कुछ स्पेशल बनाने जा रहे हों, जैसे केक या फिर ढोकला या सूजी वाली इडली आदि तो अक्सर आपको इस बात को लेकर कंफ्यूजन होता है कि इसे फर्मेंट करने के लिए आपको बेकिंग सोडा मिलना है या फिर बेकिंग पाउडर. चूंकि दोनों के नाम से लेकर रंग और बनावट में काफी समानता होती है अक्सर लोग कंफ्यूज होते हैं. छाछ, दही, नींबू पानी बनानी हो या भटूरे और ढोकला कहीं बेकिंग पाउडर का इस्तेमाल होता है तो कहीं बेकिंग सोडा, लेकिन आप भी इनके बीच कंफ्यूज रहते हैं तो हम आपके सवाल का जवाब लेकर आए हैं.
बेकिंग सोडा और बेकिंग पाउडर का अंतर
बेकिंग पाउडर हो या फिर बेकिंग सोडा दोनों का काम ही खमीर उठाना यानी फर्मेंट करना होता है, लेकिन दोनों का तरीका अलग है. वहीं बनावट में थोड़ी सा अंतर होता है. बेकिंग सोडा थोड़ा दरदरा होता है और बेकिंग पाउडर एकदम चिकना होता है. बेकिंग सोडा को पानी में डालने पर कोई रिएक्शन नहीं होता जबकि बेकिंग पाउडर को गुनगुने पानी में डालें तो बुलबुले बनते हैं.
बेकिंग सोडा और बेकिंग पाउडर का कहां होता है इस्तेमाल
बेकिंग पाउडर का इस्तेमाल उन चीजों के लिए किया जाता जिसे फर्मेंट करने के लिए कुछ घंटों तक रखना है, जैसे दही, छाछ जैसी खट्टी चीजों के लिए या फिर भटूरे बनाने हो या फिर नान या पूरी बनानी हो तब इसका इस्तेमाल होता है.
वहीं बेकिंग सोडा उन चीजों मे करते हैं जिनमें इंस्टेंट फर्मेंटेशन चाहिए हो जैसे केक का बैटर, पकोड़े, ढोकला, सूजी वाली इडली या कोई भी गीली चीज जिसे इंस्टेंट फर्मेंटेशन चाहिए.
खाना खजाना /शुर्यपथ /सुबह ऑफिस जाने के पहले जल्दी-जल्दी खाना बनाना हो या फिर फटाफट से रात का डिनर तैयार करना हो, सब्जी, करी, पुलाव, बिरयानी हर रेसिपी के लिए अदरक-लहसुन के पेस्ट की जरूरत होती है. अब जल्दबाजी में हर बार अदरक-लहसुन का पेस्ट बनाना मुश्किल होता है, ऐसे में आपके पास रेडिमेड अदरक-लहसुन का पेस्ट हो तो काम बड़ा आसान हो जाता है. यूं तो बाजार में पैकेट वाला अदरक-लहसुन का पेस्ट मिलता है, लेकिन इसे घर पर फ्रेश तरीके से बिना किसी प्रिजर्वेटिव के बनाया जा सके तो ये सेहत के लिए भी फायदेमंद होगा और किफायती भी होगा.
अदरक लहसुन का पेस्ट एक ऐसी चीज़ है जिसका इस्तेमाल हम सभी नियमित रूप से करते हैं. घर पर बने अदरक-लहसुन के पेस्ट को रेफ्रिजरेटर में 10 दिनों तक रखकर यूज कर सकते हैं. आपको इस अदरक लहसुन के पेस्ट को टिकाऊ बनाना है तो आपको एक बात का ध्यान रखना होगा. बस आपको इस पेस्ट को बनाते वक्त पानी का इस्तेमाल नहीं करना है, तो आप इस पेस्ट को अधिक समय तक स्टोर करके रख सकते हैं, ये खराब नहीं होगा.
अदरक और लहसुन का पेस्ट बनाने के लिए
अदरक - 250 ग्राम
लहसुन - 250 ग्राम
तरीका:
1. लहसुन की कलियां और अदरक बराबर मात्रा में लें.
2. लहसुन की कलियों का छिलका उतार लें. अदरक का छिलका अच्छे से धोकर इसे छोटे टुकड़ों में काट लें.
3. दोनों सामग्रियों को बिना पानी डाले थोड़ा-थोड़ा करके बैचेस में पीस लें.
4. ताजा और घर का बना अदरक लहसुन का पेस्ट तैयार है.
5. आप इसे एक ग्लास के एयर टाइट कंटेनर में भरकर 10 दिनों तक फ्रिज में रख सकते हैं.
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
